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प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग हो गई दोगुनी, 2024-25 में बढ़कर 267 तक पहुंची

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को मजबूत आधार देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई मिसाल कायम की है। प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। साल 2016-17 में जहां केवल 150 बीज नर्सरियों का संचालन हो रहा था, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 267 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश की चीनी मिलों के प्रक्षेत्र का प्रभावी उपयोग कर संभव हुई है। इतना ही नहीं, वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 4.4 करोड़ नवीन किस्मों के सिंगल बड का वितरण किया गया है, जो कि देश में किसी भी शोध संस्था द्वारा उत्पादित बीजों की तुलना में सर्वाधिक है। इस वितरण से गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बीज उत्पादन और वितरण में इस प्रगति ने उत्तर प्रदेश को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत अभिजनक बीजों (ब्रीडर सीड) का प्रमाणन वैज्ञानिक टीम द्वारा किया जाता है। बीज उत्पादकता के निरीक्षण का विस्तृत शेड्यूल निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार, बुवाई के समय, अंकुरण के बाद (45-60 दिन), टिल्लरिंग अवस्था में (100-120 दिन), मिल योग्य गन्ने के निर्माण की अवस्था में (180-200 दिन) और कटाई से 15-20 दिन पूर्व निरीक्षण किया जाता है। इस वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रक्रिया के चलते किसानों को प्रमाणित, गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार हो रहा है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर विपक्ष पर कड़ी निंदा की

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर विपक्ष पर कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव को वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वे हकदार थे। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने संकल्प लिया था कि महाराजा सुहेलदेव की विरासत को सम्मान मिलेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीति को आगे बढ़ाते हुए उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। महाराजा सुहेलदेव की स्मृति को सम्मान सीएम ने बताया कि बहराइच के मेडिकल कॉलेज का नाम भी महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया है, साथ ही आजमगढ़ के विश्वविद्यालय का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। यह कार्यक्रम महापुरुषों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन बंद होना चाहिए और देश के राष्ट्र नायकों का सम्मान होना चाहिए। 1000 साल पहले महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता महमूद गजनी को रोका था। उस समय गजनी 3 लाख सैनिकों के साथ भारत पर हमला करने आया था। महाराजा सुहेलदेव की बहादुरी सीएम ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव ने अपनी कूटनीति और शौर्य के बल पर महमूद गजनी की सेना को मथुरा से लेकर बहराइच तक हराया। आक्रांता की सेना आधी तक खत्म हो चुकी थी, जब वे महाराजा के सामने पहुंचे। महाराजा ने 20 से 25 हजार सैनिकों के साथ गजनी की सेना को पूरी तरह पराजित किया। साथ ही, सालार मसूद को भी पकड़कर उसकी सजा दी गई, जो इस्लाम के अनुसार जहन्नुम की सजा मानी जाती है। विपक्ष पर निशाना सीएम योगी ने कहा कि इतिहास में महाराजा सुहेलदेव के साथ नाइंसाफी हुई है, लेकिन अब डबल इंजन सरकार इस नाइंसाफी को खत्म करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के चलते महाराजा सुहेलदेव को उचित सम्मान नहीं दिया। ये पार्टियां विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ बोलने से भी डरती थीं ताकि उनका मुस्लिम वोट बैंक न प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि जो लोग जिन्ना का महिमामंडन करते हैं, वे महाराजा सुहेलदेव जैसे महान योद्धाओं को नीचा दिखाते हैं। जब भाजपा सरदार पटेल की जयंती मनाती है, तब समाजवादी पार्टी जिन्ना का गुणगान करती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने खुशी जताई कि गाजी मियां के नाम पर होने वाले आयोजनों को बंद करा दिया गया है। राम मंदिर और अन्य विरासतों पर भी दिया जोर सीएम योगी ने विपक्ष पर अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है और राजा राम का दरबार भी वहीं सजा है। उन्होंने बताया कि बिजली पासी जैसे शूरवीरों के नाम पर स्मारक बनाए जाएंगे और 1857 की क्रांति की वीरांगनाओं को भी सम्मान मिलेगा जिन्होंने अंग्रेजों को मात दी थी।

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए सीएम योगी के निर्देश पर जल्द पूरे होंगे 20 विभागों से जुड़े 95 बड़े प्रोजेक्ट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार प्रदेश में बड़े स्तर पर सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की जरूरतों के अनुसार निर्मित करने पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए 20 विभागों से संबंधित बड़े निर्माण कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस विषय में एक खाका तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत भवन सेल द्वारा 95 निर्माण कार्यों को 18767 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया जाएगा। इसमें विभागों के कार्यालयों समेत विभिन्न प्रकार के आवासीय-अनावासीय अवसंरचनाओं का निर्माण शामिल है। कार्ययोजना के अनुसार गृह विभाग के सर्वाधिक 35 कार्यों को 6550 करोड़ की लागत से पूरा करने का लक्ष्य है। जबकि, चिकित्सा शिक्षा, कारागार व उच्च शिक्षा विभाग के भी कई बड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। उल्लेखनीय है कि इन 95 निर्माण कार्यों में से 26 की प्रगति 76 से 99 प्रतिशत है, जबकि 10 कार्यों की प्रगति 51 से 75 प्रतिशत के बीच है। बड़ी बात यह है कि 17 कार्यों को रिकॉर्ड समय में पूरा भी कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार, गृह विभाग के बाद ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) मोड पर दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कार्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें कुल 5357 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के 6 निर्माण कार्यों को 773 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। कारागार विभाग के कुल 7 निर्माण कार्यों को भी 1334 करोड़ रुपए से पूरा करने की तैयारी है। इसी प्रकार, न्याय विभाग के कुल 3 कार्यों को 1227 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 3 कार्यों को 312 करोड़ की लागत से पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए 324 करोड़ रुपए की लागत से 3 निर्माण कार्यों को पूरा किया जाएगा। कार्ययोजना के अनुसार, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिए 229 करोड़ की लागत से 2 कार्य, राजस्व एवं आपदा विभाग के लिए 350 करोड़ से 2 कार्य, श्रम विभाग के लिए 149 करोड़ की लागत से 2 कार्य तथा राज्य संपत्ति विभाग के लिए 2 निर्माण कार्यों को 182 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार, आयुष विभाग के लिए 267 करोड़ रुपए, माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 153 करोड़ रुपए, खेल विभाग के लिए 388 करोड़, नागरिक उड्डयन विभाग के लिए 103 करोड़, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के लिए 95 करोड़, वित्त विभाग के लिए 187 करोड़, पशुधन विभाग के लिए 277 करोड़, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के लिए 434 करोड़ तथा धर्मार्थ कार्य विभाग के लिए 65 करोड़ की लागत से एक-एक कार्य को पूरा किया जाना प्रस्तावित है। लोकनिर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार भवन सेल द्वारा जिन 20 विभागों के 95 कार्यों को पूरा किया जाना है उनकी प्रगति भी उल्लेखनीय है। खास बात यह है कि इनमें से 17 कार्यों को रिकॉर्ड समय के अंदर पूरा किया जा चुका है। वहीं, अन्य कार्यों को भी पूरा करने पर तेज गति से कार्य हो रहा है। 95 निर्धारित कार्यों में से 26 की निर्माण प्रगति 76 से 99 प्रतिशत के बीच है। इसी प्रकार, 50 से 75 प्रतिशत निर्माण प्रगति वाले कार्यों की संख्या 10 है, जबकि 5 कार्य ऐसे हैं जिनकी पूर्ति प्रगति 26 से 50 प्रतिशत के बीच है और इनमें से 4 कार्य कारागार विभाग से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के 21 निर्धारित कार्यों में से 9 पूरे हो चुके हैं जबकि 6 कार्यों की प्रगति 76 से 99 प्रतिशत तथा 1 कार्य की प्रगति 50 से 75 प्रतिशत के बीच है। इसी प्रकार, गृह विभाग के 35 में से 2 कार्य पूरे हो चुके हैं जबकि 12 कार्यों की प्रगति 76 से 99 प्रतिशत के बीच है।

कैंटीन में श्रमिकों को पांच से 10 रुपये में मिले चाय, नाश्ता और भोजन, परिवार को बीमा सुरक्षा: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब श्रम कानूनों को प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दोनों दृष्टियों से संतुलित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम कानूनों का सरलीकरण इस प्रकार किया जाए जिससे उद्योगों को सुविधा मिले, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि श्रमिकों के शोषण या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की कोई संभावना न रहे। सीएम योगी शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी। सीएम योगी ने इस दौरान श्रमिकों और उनके परिवार को बीमा सुरक्षा दिए जाने का अफसरों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त करना होगा। उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा श्रमिक-हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बनकर उभरे। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। यह 99% की वृद्धि है। अधिकारियों ने आगे बताया कि भारत सरकार के बीआरएपी रिकमेंडेशन के क्रियान्वयन में श्रम विभाग को अचीवर स्टेट का दर्जा प्राप्त हुआ है। इन उपलब्धियों की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इसे अभूतपूर्व बताया। बाल श्रमिकों के पुनर्वास को दें गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जाए। यह न केवल सामाजिक दायित्व है बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का दायित्व भी है। मॉडल के तौर श्रमिक अड्डों को करें विकसित मुख्यमंत्री ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहां डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कैंटीन में श्रमिकों को 5-10 रुपये में चाय, नाश्ता और भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर न्यूनतम मानदेय की गारंटी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह असंगठित कार्यबल को संगठित श्रम शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। विदेश में रोजगार के लिए भाषायी प्रशिक्षण अनिवार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार हेतु जाने वाले निर्माण श्रमिकों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, बल्कि गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। यह उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। निजी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को सीएसआईसी और ईएसआईएस से जोड़ा जाए। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। अटल आवासीय विद्यालय बनें गुणवत्ता का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अटल आवासीय विद्यालय को देशभर में मॉडल के रूप में उभरे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इनकी निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 5,97,625 आवेदनों में से 5,90,881 को एनओसी दी जा चुकी है। शेष शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।  

ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन पर उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद एवं जनता की ओर से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेनाओं के प्रति धन्यवाद जताते हुए अभिनंदन प्रस्ताव को पास किया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के प्रति उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद एवं जनता की ओर से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ अडिग रुख को प्रदर्शित किया है। मंत्रिपरिषद भारतीय सेना के शौर्य, साहस और प्रतिबद्धता को नमन करते हुए उनका ह्रदय से अभिनंदन करती है। राष्ट्र की रक्षा में समर्पित हमारे वीर सैनिकों पर पूरे उत्तर प्रदेश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन हेतु मंत्रिपरिषद राष्ट्र को यशस्वी नेतृत्व प्रदान करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करती है। संपूर्ण राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। ये ऑपरेशन हमारी शक्ति, एकात्मकता और देश की रक्षा करने के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। लेकिन यह तभी संभव हो पाया है जब प्रधानमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट ने सेना को खुली छूट दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के अतिरिक्त सभी राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों स्वतंत्र प्रभार को आमंत्रित किया गया और उनकी मौजूदगी में ये प्रस्ताव सबसे पहले नंबर पर मंत्रिपरिषद ने पास किया। प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और ”ऑपरेशन सिंदूर हमारी ताकत और एकता तथा देश की रक्षा के लिए हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया जिसके तहत में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। पाकिस्तानी कार्रवाइयों का भारतीय पक्ष ने कड़ा जवाब दिया। भारतीय सेना ने 26 सैन्य ठिकानों पर हमला करने के पाकिस्तान के प्रयासों के जवाब में 10 मई को मिसाइलों और अन्य लंबी दूरी के हथियारों से आठ पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों पक्षों ने 10 मई को अपराह्न में सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति की घोषणा की थी।

सीएम योगी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा- ‘सेना की वर्दी ‘जातिवादी चश्मे’ से नहीं देखी जाती

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव को विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर दिए गए विवादित बयान पर घेरते हुए कहा कि सेना की वर्दी ‘जातिवादी चश्मे’ से नहीं देखी जाती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा एक वीरांगना बेटी को जाति की परिधि में बांधना न केवल उनकी पार्टी की संकुचित सोच का प्रदर्शन है, बल्कि सेना के शौर्य और देश की अस्मिता का भी घोर अपमान है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सेना की वर्दी ‘जातिवादी चश्मे’ से नहीं देखी जाती है। भारतीय सेना का प्रत्येक सैनिक ‘राष्ट्रधर्म’ निभाता है, न कि किसी जाति या मजहब का प्रतिनिधि होता है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा एक वीरांगना बेटी को जाति की परिधि में बांधना न केवल उनकी पार्टी की संकुचित सोच का प्रदर्शन है, बल्कि सेना के शौर्य और देश की अस्मिता का भी घोर अपमान है।” उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “यह वही मानसिकता है, जो तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में राष्ट्रभक्ति तक को बांटने का दुस्साहस करती है। इस विकृत जातिवादी सोच को जनता फिर जवाब देगी।” दूसरी तरफ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी सपा महासचिव रामगोपाल पर वार करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, ”जाति व धर्म से परे होती है सेना। सेना का एक ही धर्म होता है ‘देश की रक्षा’। इसलिए सेना में जाति व धर्म देखना ‘ओछी मानसिकता’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना में भी महिला सशक्तीकरण पर खासा जोर दिया है। सबको उन पर भरोसा करना चाहिए।” दरअसल, मुरादाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में नियमित रूप से ब्रीफिंग करने वाली वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने सेना के अन्य अधिकारियों की जातियां भी बताईं। रामगोपाल यादव ने अपनी टिप्पणी में व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी सहित अन्य सैन्य अधिकारियों की जाति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “युद्ध एक मुसलमान, एक जाटव और एक यादव ने लड़ा। ये तीनों पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग से आते हैं। ऐसे में भाजपा इस अभियान का श्रेय कैसे ले सकती है।”

ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत आपने ऑपरेशन सिंदूर में देखी होगी, अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान वालों से पूछ लो : CM योगी

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस इंड्यूटियल कॉरिडोर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का वर्जुअली उद्घाटन किया. इस दौरान कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल थे. इस यूनिट को हर साल 80 से 100 मिसाइलों के प्रोडक्शन के लिए डिजाइन किया गया है. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होगी. उसको उसी भाषा में जवाब देना होगा. हमने ब्रह्मोस मिसाइल के लिए दो सौ एकड़ जमीन दी. अब यहां ब्रह्मोस बनना शुरू होगा. ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत आपने ऑपरेशन सिंदूर में देखी होगी, अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान वालों से पूछ लो कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत क्या है? उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि कोई भी आतंक घटना अब युद्ध मानी जाएगी और याद रखना आतंकवाद को जब तक हम पूरी तरह कुचलेंगे नहीं, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा. अब समय आ गया है इसको कुचलने के लिए हम सभी को एक स्वर से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे भारत को पूरे उत्तर प्रदेश को मिलकर अभियान के साथ जुड़ना होगा.   उन्होंने कहा कि आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होने वाली. जो प्यार की भाषा मानने वाले नहीं हैं, उनको उनकी भाषा में जवाब देने के लिए तैयार होना होगा. इस दिशा में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया को एक संदेश दे दिया है. लखनऊ में शुरू की गई एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी से हर साल 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन किया जाएगा. इसके अलावा हर साल 100 से 150 Next Generation की ब्रह्मोस मिसाइलों का भी निर्माण किया जाएगा. ये मिसाइलें एक साल के अंदर तैयार कर दी जाएंगी. अभी तक सुखोई जैसे लड़ाकू विमान सिर्फ एक ब्रह्मोस मिसाइल ही ले जा सकते हैं, लेकिन अब वे Next Generation की तीन ब्रह्मोस मिसाइलें ले जा सकेंगे. Next Generation की ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 300 किलोमीटर से अधिक होगी और इसका वजन 1,290 किलोग्राम होगा, जबकि वर्तमान ब्रह्मोस मिसाइल का वजन 2,900 किलोग्राम है. लखनऊ में 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोडक्शन यूनिट ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण करेगी, जिसकी मारक क्षमता 290 से 400 किलोमीटर है और इसकी अधिकतम गति मैक 2.8 है. भारत और रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस मिसाइल को जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है. यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ गाइडेंस सिस्टम को फॉलो करती है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 के वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर पहल के हिस्से के रूप में प्रोडक्शन यूनिट की घोषणा की गई थी. इसके बाद साल 2021 में इसकी आधारशिला रखी गई थी. ब्रह्मोस मिसाइलें भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई हैं और इन्हें भारत के डिफेंस सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कार्यक्रम में टाइटेनियम और सुपर अलॉयज मैटीरियल प्लांट (स्ट्रैटेजिक मैटीरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स) का भी शुभारंभ किया गया. इसमें एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का प्रोडक्शन जाएगा. इसके अलावा रक्षा परीक्षण अवसंरचना सिस्टम (डीटीआईएस) की आधारशिला रखी गई. डीटीआईएस का उपयोग रक्षा उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन के लिए किया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई 80 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित ब्रह्मोस प्रोडक्शन यूनिट साढ़े तीन वर्षों में पूरी हुई. यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में छह नोड हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी और चित्रकूट शामिल है. इसका उद्देश्य प्रमुख रक्षा निवेशों को आकर्षित करना है. तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश ऐसा कॉरिडोर स्थापित करने वाला दूसरा राज्य है.  

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सभी मातृ दिवस की बधाई दी, मदर्स डे पर पोस्ट किया मां के साथ तस्वीरों का वीडियो

नई दिल्ली आज मदर्स डे है। इस मौके पर देश और दुनिया भर में बेटे-बेटियां अपनी मां को प्यार भरे संदेश दे रहे हैं। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सभी मातृ दिवस की बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी माताजी के साथ खुद की तस्वीरों का एक वीडियो भी पोस्ट किया। वीडियो के जरिए उन्होंने मातृ दिवस के अवसर पर सभी मातृ शक्ति का वंदन-अभिनंदन किया। मां के साथ सीएम योगी की पहली तस्वीर पर लिखा है- ‘मां परिवार की एकता एवं सुमति की सेतु।’ अलग-अलग अवसरों पर ली गईं सीएम योगी और उनकी माताजी सावित्री देवी अगली तस्वीरों पर कोटेशन में मां को संस्कारों की प्रथम शिल्पकार और हमारी जीवनदायिनी बताते हुए मां के आशीष को सुरक्षा कवच और मां के सानिध्य को सर्वोत्तम वरदान बताया गया है। सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा-‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै।। नमस्तस्यै।। नमस्तस्यै नमो नमः।। मातृ दिवस की समूची मातृशक्ति एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! परिवार की एकता एवं सुमति की सेतु मां, संस्कारों की प्रथम शिल्पकार होती है। मां हमें जीवन देने के साथ ही उसे अर्थमय भी बनाती है। समस्त मातृशक्ति का वंदन-अभिनंदन!’ बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गाँव में हुआ था। इनके पिता आनन्द सिंह बिष्ट का 20 अप्रैल 2020 को निधन हो गया था। सीएम योगी की माताजी का नाम सावित्री देवी है। सीएम योगी अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों और एक बड़े भाई के बाद पांचवें थे। इनसे और दो छोटे भाई हैं। पिछले साल अक्टूबर महीने में सीएम योगी की माताजी को तबीयत खराब होने के बाद देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब मां से मिलने सीएम योगी ने देहरादून पहुंचे थे।  

543 नवचयनित शिक्षकों को योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र, 23 मिनी स्टेडियमों की रखी नींव

लखनऊ गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 543 नवचयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस अवसर पर उन्होंने चयनित सभी अभ्यर्थियों को स्वयं अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे. नियुक्त होने वालों में 494 सहायक अध्यापक और 49 प्रवक्ता शामिल थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के विज्ञापन वर्ष 2018 और 2020 के अंतर्गत चयनित किया गया है. 543 शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र कुल 543 नवचयनित शिक्षकों में से 494 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया, जिनमें 258 महिलाएं और 236 पुरुष शामिल हैं. इसके अलावा, प्रवक्ता पद के लिए चयनित 49 अभ्यर्थियों में 15 महिला और 34 पुरुष उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए. सीएम योगी ने बताया कि अकेले माध्यमिक शिक्षा में 40 हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं. इनमें 32 हजार शिक्षक एडेड कॉलेजों में और करीब 8 हजार माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं. वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग में 1.23 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति सरकार ने की है. उन्होंने कहा कि पहले माध्यमिक शिक्षा बदनाम हो चुकी थी और बेसिक शिक्षा विभाग वीरान पड़ा था, लेकिन सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है. सीएम ने कहा कि पहले नकल के लिए कुछ जिले बदनाम थे और परीक्षा में ‘प्रॉक्सी’ (दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना) का धंधा चलता था, जिसे अब सख्ती से बंद कराया गया है. सीएम योगी ने यह भी कहा कि अब यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता नहीं है, बल्कि पूरे भारत में उत्तर प्रदेश को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में नई पहचान मिली है. उन्होंने नए शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा के उन्नयन में योगदान दें और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को पूरा करने में तकनीक का सहारा लें. चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी- सीएम योगी इसके साथ ही कार्यक्रम में ITC लैब से सुसज्जित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और राजकीय इंटर कॉलेजों में बनने वाले 23 मिनी स्टेडियमों का शिलान्यास भी किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश को जगह नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि ‘मिशन रोजगार’ के तहत प्रदेश के युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. सीएम योगी ने यह आश्वस्त किया कि राज्य में शिक्षकों की कमी को तेजी से दूर किया जा रहा है और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.

CM योगी ने कहा पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या वाकई SP के नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं ……..

देवरिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को देवरिया में थे. सीएम योगी ने पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया और विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जाति के मुद्दे पर भी सपा को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि यह लोग ्जाति की बात करते हैं, लेकिन जब सत्ता में आते हैं तब तुष्टिकरण की नीति की पराकाष्ठा को पार करते हुए केवल अपने परिवार के हित की बात करते हैं. सीएम योगी कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ था. उन्होंने कहा कि इसे लेकर समाजवादी पार्टी के लोग कैसे-कैसे बयान दे रहे हैं. सीएम योगी ने कहा कि कभी-कभी तो यह पता लगा पाना भी कठिन हो जा रहा है कि ये समाजवादी पार्टी का नेता बयान दे रहा है या पाकिस्तान का कोई प्रवक्ता. उन्होंने कहा कि कानपुर का एक नौजवान पहलगाम गया था अपने परिवार के साथ शुभम द्विवेदी. आतंकियों ने शुभम द्विवेदी की निर्मम हत्या कर दी. इस हमले में कानपुर के एक युवा शुभम द्विवेदी की जान चली गई थी. सीएम योगी ने कहा कि सपा के अध्यक्ष से जब पत्रकारों ने पूछा कि कानपुर का जो नौजवान मरा है, आप उसके घर जाएंगे? तो वह (सपा के अध्यक्ष) बोलते हैं कि हमारी पार्टी का थोड़ी था. यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बयान है. सीएम योगी ने आगे कहा कि अपने नागरिकों के साथ देश की संवेदना होनी चाहिए. पूरा देश पार्टी लाइन से ऊपर उठकर के एक स्वर से घटना की निंदा कर रहा है और समाजवादी पार्टी के लोग इस प्रकार के दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं. उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना को लेकर सपा का एक राष्ट्रीय महासचिव बयान देता है कि हिंदू ने ही हिंदू को मारा है. यानी पाकिस्तान को क्लीनचिट देने की कुत्सित चेष्टा. सीएम योगी ने कहा कि उनका एक सांसद उससे भी निचले स्तर का बयान देता है. सीएम योगी ने कहा कि जब भी विभाजन की, जातिवाद की राजनीति होगी, तुष्टिकरण की पराकाष्ठा को पार करते हुए वे ऐसे ही आपकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने का प्रयास करेंगे, जैसा आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेता कर रहे हैं. आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई 140 करोड़ लोगों को एकसाथ लड़ना चाहिए. इससे पहले, सीएम योगी ने देवरिया में 501 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. देवरिया को विकास परियोजनाओं की सौगात देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित जनसमूह संबोधित कर रहे थे.  

मंगेतर के सामने युवती से हैवानियत, युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया भी बनाया, की गैंगरेप, योगी ने लिया संज्ञान

कासगंज उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मंगेतर के साथ झाल के पुल पर घूमने आई युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं हैवानों ने मंगेतर के सामने युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया बना ली। अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस वारदात का संज्ञान लिया और पीड़िता को आर्थिक मदद करने के निर्देश दिए। पीड़िता को दी पांच लाख की सहायता सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद डीएम मेधा रूपम, एसपी अंकिता शर्मा ने उसके घर जाकर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इस दौरान डीएम व एसपी ने घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया। डीएम ने बताया कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य विधिक कार्रवाई तेजी से संचालित हैं। जानिए पूरा मामला बीते शुक्रवार शाम 4 बजे आस-पास एक युवती अपने मंगेतर के साथ पिकनिक प्वाइंट झाल के पुल पर घूमने के लिए गई थी। इस दौरान दोनों एकांत में बैठे हुए थे तभी अचानक से 8 लोग मिलकर उनके पास पहुंच गए और दोनों को लोकर गंदे-गंदे शब्द बोलने लगे। थोड़े ही देर बाद मंगेतर पकड़कर मारपीट करने लगे। तभी कुछ आरोपी युवती को घसीटते हुए सुनसान जगह पर ले गए और आठों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। यह सिलसिला लगभग 2 घंटे तक चला। जब सबका मन भर गया तो दोनों को छोड़कर चले गए। दोनों जैसे तैसे घर आ गए लेकिन बेइज्जती की वजह से घटना को छुपाने की कोशिश करने लगे। लेकिन युवती की तबियत खराब हो गई। डरी सहमी युवती ने खुद पर बीती घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन युवती को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। जहां 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। परिजनों की सुरक्षा के किए इंतजाम इस घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए। एसपी अंकिता शर्मा ने पीड़िता के परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान कराई। जिससे कोई भी उन्हें भयभीत न कर सके। इसके अलावा पीड़िता के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।

सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में लिखा, सकल सौभाग्यप्रद सर्वतोभद्र-निधि, सर्व, सर्वेश, सर्वाभिरामं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में श्री राम लला के ललाट पर सूर्य तिलक के दृश्य को सनातन राष्ट्र की आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खास पल को लेकर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने इसे भारत की संस्कृति और परंपराओं की दिव्यता की अभिव्यक्ति करार दिया। सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “सकल सौभाग्यप्रद सर्वतोभद्र-निधि, सर्व, सर्वेश, सर्वाभिरामं। शर्व-हृदि-कंज-मकरंद-मधुकर रुचिर-रूप, भूपालमणि नौमि रामं॥ सूर्यकुलभूषण प्रभु श्री रामलला के भव्य भाल पर अंकित यह स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ सनातन राष्ट्र के हृदय में आस्था का अमर दीप प्रज्वलित कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि यह सूर्य तिलक पूरे भारत को आत्मगौरव के प्रकाश से आलोकित कर रहा है और यह हमारी संस्कृति की पवित्रता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह दिव्य क्षण ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के हर संकल्प को अपनी आभा से प्रकाशित करेगा। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय जय श्री राम!” लिखकर अपनी भक्ति और उत्साह को व्यक्त किया। बता दें कि रामनवमी के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त पर श्री राम लला के ललाट पर सूर्य तिलक हुआ। करीब चार मिनट तक यह दुर्लभ संयोग रहा। दुनिया इस अभूतपूर्व पल की साक्षी बनी। सूर्य तिलक के साथ ही मंदिर में आरती की गई। इससे पहले कुछ देर के लिए मंदिर के पट बंद किए गए। गर्भग्रह की लाइट बंद कर दी गई, ताकि सूर्य तिलक स्पष्ट नजर आए। सूर्य तिलक को लेकर शनिवार को आखिरी ट्रायल किया गया था। आठ मिनट तक चले इस ट्रायल के दौरान इसरो के साथ-साथ आईआईटी रुड़की और आईआईटी चेन्नई के एक्सपर्ट भी मौजूद रहे थे। रामनवमी पर दूसरी बार रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक किया गया है। इसका सीधा प्रसारण देश-दुनिया के लोगों ने देखा। रामनवमी के अवसर पर बीते साल भी रामलला का सूर्य तिलक किया गया था। ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि अगले बीस साल तक लगातार सूर्य तिलक होता रहेगा।

अब वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीनों पर कोई डकैती नहीं डाल सकता है. लूट-खसोट नहीं हो सकती है: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने की सराहना करते हुए कहा कि अब कोई भी वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन नहीं लूट सकेगा और सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग स्कूल, कॉलेज, अस्पताल या गरीबों के लिए आवास बनाने के लिए होगा. उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारों के पास अपने परिवार का पेट भरने के अलावा किसी चीज के लिए फुर्सत ही नहीं थी. जमीन लुटवाने से फुर्सत मिलती तब तो विकास करते. देश की संसद ने वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम पारित किया है. अब वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीनों पर कोई डकैती नहीं डाल सकता है. लूट-खसोट नहीं हो सकती है.’ योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘अब चौराहे की जमीनों पर कोई कब्जा नहीं कर सकता है. अब जो भी सार्वजनिक जमीन होगी, राजस्व की जमीन होगी, उसका उपयोग विद्यालय बनाने में, चिकित्सालय बनाने में, महाविद्यालय बनाने में गरीबों के लिए आवास बनाने में होगा. केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड के नाम पर होने वाली लूट-खसोट पर हमेशा के लिए लगाम लगाने का काम किया है.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. क्योंकि उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड के नाम पर लाखों एकड़ लैंड पर नाजायज कब्जा करने का काम किया गया था. इसमें किसी गरीब का कल्याण नहीं हो रहा था बल्कि चंद लोगों के लिए लूट का एक माध्यम बन गया था. इस लूट पर अब सख्ती से लगाम लगेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महराजगंज जिले के रतनपुर में 654 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने उपरोक्त टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था बन गया है. दो वर्ष के अंदर तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. हर घर बिजली के बाद अब हर घर नल-जल योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है. यूपी के सीएम ने कहा कि महराजगंज अब पिछड़ा जिला नहीं है. विकास व विरासत का समन्वय कैसे होना चाहिए काशी व अयोध्या इसके उदाहरण हैं. महाकुंभ का आयोजन देखकर तो पूरी दुनिया भौचक्की रह गई. सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में कोई भूखा नहीं मरता है. नौजवाओं के लिए शिक्षा, बेटी की सुरक्षा, व्यापारियों का सम्मान व अन्नदाता की खुशहली के लिए सरकार कार्य कर रही है. रोहिन बैराज इसका उदाहरण है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, सिसवां विधायक प्रेम सागर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.  

सीएम योगी बने शिक्षक: विद्यालय के लोकार्पण पर बच्चों को अनुशासन और मेहनत की दी सीख, सेल्फी भी ली

बरेली नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना स्थित अटल आवासीय विद्यालय के लोकार्पण पर सीएम योगी का अलग अंदाज दिखा। वह स्कूली बच्चों से घुल-मिल गए। उन्हें अनुशासन और मेहनत की सीख दी। बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना में 73 करोड़ की लागत से तैयार अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को इन विद्यालयों से राष्ट्रवाद की शिक्षा मिलेगी। ये विद्यालय राष्ट्रभक्त तैयार करने के साथ ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आवासीय विद्यालय में कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक बन गए। उन्होंने बच्चों से सवाल किए। जवाब सुनकर मुस्कुराए और पुरस्कार में टॉफी दी। बच्चों को दुलारते हुए मेहनत करने की सीख दी। मंच पर पांच बच्चों को शैक्षिक किट दी। अभिभावकों को भी नसीहत दी। सीएम ने बच्चों संग सेल्फी भी ली।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 100 अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण की योजना शुरू की थी। 16 विद्यालय बनकर शुरू हो गए हैं। बरेली में 17वां विद्यालय बनकर तैयार है। यहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा मिलेगी। अभी तक यहां के बच्चे लखनऊ में पढ़ रहे थे। इस वर्ष से छठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चे यहां पढ़ने आ गए हैं। जो बच्चे छठवीं से सातवीं और नौवीं से दसवीं में गए हैं, उनको 15 अप्रैल को यहां शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों-अभिभावकों से दोतरफा संवाद किया। बरेली की नौवीं कक्षा की दुर्गेश कुमारी से सीएम ने पहले नाम पूछा, फिर बोले- अच्छे से पढ़ाई करना। दुर्गेश ने अपने जवाब से सीएम को आश्वस्त किया। बदायूं के अंशदेव गौतम ने सीएम से कहा कि उन्हें यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगा। बदायूं के ही शिवांश ने बताया कि सीएम ने नाम-पता पूछने के साथ ही कक्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि सरकार पर विश्वास रखें। बच्चों को बार-बार घर न बुलाएं। बच्चों से कहा कि अनुशासन में रहिएगा। समय पर जागिए, भोजन लीजिए, खेलकूद और पढ़ाई कीजिए। इसके अलावा कोई और एजेंडा नहीं होना चाहिए।   सीएम ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा अटल आवासीय विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। विद्यालय प्रांगण में मित्रवन, वेटलैंड संरक्षण वन, विरासत वन, मियावाकी पद्धति का प्रचार करने के लिए वन विभाग ने प्रदर्शनी भी लगाई।  

CM योगी ने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को किया खारिज, ‘सड़कें नमाज के लिए नहीं यातायात के लिए हैं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ मुसलमानों को प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का बचाव करते हुए कहा है कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं। आदित्यनाथ ने मुसलमानों से यह भी कहा कि वे हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जो विशाल महाकुंभ मेले में शामिल हुए लेकिन इस दौरान अपराध, तोड़-फोड़ या उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई। CM योगी ने वक्फ विधेयक के आलोचकों पर भी साधा निशाना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक न्यूज एजेंसी से एक विशेष साक्षात्कार के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ ‘‘लूट खसोट” के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है। योगी आदित्यनाथ ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है? उन्होंने कहा कि देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है। वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है। ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ये व्यक्तिगत स्वार्थ के अड्डे बने हुए हैं। चंद लोगों की लूट- खसोट के अड्डे बने हुए हैं। यह (वक्फ) किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बना हुआ है और सुधार इस समय की मांग है तथा हर सुधार का विरोध होता है। देश, काल और परिस्थिति के अनुसार हमें उसके लिए तैयार होना चाहिए और मुझे लगता है कि इसका लाभ मुस्लिम समाज को भी होगा। योगी एवं नेता आदित्यनाथ हिंदुत्व को लेकर अपने कट्टर विचारों और अपराधियों के खिलाफ सख्त प्रशासक की छवि के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। CM योगी ने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को किया खारिज उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी में मुसलमानों की संख्या 20 प्रतिशत है लेकिन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35 से 40 प्रतिशत है। आदित्यनाथ ने कहा कि वह न तो भेदभाव में विश्वास करते हैं और न ही तुष्टीकरण में। उन्होंने कहा कि हम तुष्टीकरण से अपने आपको हमेशा अलग रखते हैं और उस हर जरूरतमंद को, जो भारत का नागरिक है, शासन की हर सुविधा का लाभ मिलना चाहिए।” त्वरित न्याय के तौर पर उनके ‘‘बुलडोजर मॉडल” को अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, हालांकि इसकी वैधता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।   आदित्यनाथ ने इस मामले में एजेंसी से कहा कि वह इस मॉडल को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमने उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है। उन्होंने दावा किया कि ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशा-निर्देशों की सराहना की है। जानिए, मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने की चेतावनी पर क्या बोले CM योगी? मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ उनके प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी पर उठे विवाद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने सरकार के कदम का दृढ़ता से बचाव करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क चलने के लिए होती है और जो लोग (इस फैसले के खिलाफ) बोल रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। कुल 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं, कहीं कोई आगजनी नहीं, कहीं कोई छेड़खानी नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यह होता है अनुशासन… यह है धार्मिक अनुशासन… अगर आपको सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन को भी मानना सीखिए।  

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