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युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा- योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह डॉन बन सके

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के एक गांव के 20 वर्षीय युवक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी है। यह घटना तब सामने आई जब युवक ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस विभाग का फोन नंबर प्राप्त कर उसे कॉल किया। युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह “डॉन” बन सके युवक ने कैसे दी धमकी? युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि मेरी योगी आदित्यनाथ से बात करवा दीजिए।” जब अधिकारियों ने पूछा कि वह ऐसा क्यों करना चाहता है, तो उसने जवाब दिया, “मैं उन्हें मारकर डॉन बनना चाहता हूं।” उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कार्रवाई इस धमकी की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एसटीएफ की दो टीमों को मुरैना भेजा। मंगलवार देर शाम जब टीम युवक के गांव पहुंची, तो उसके घर पर ताला लगा मिला। करीब 10 घंटे की तलाश के बाद युवक को पकड़ लिया गया। युवक की सफाई युवक ने पूछताछ में बताया कि उसने यह सब सिर्फ मजाक में किया था। उसने कहा कि उसे यह फोन नंबर सोशल मीडिया पर मिला था और वह मोबाइल चलाते समय उसे कॉल करने का विचार आया। उसने आगे बताया कि वह अक्सर फोन पर धमकियां देता है और कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। आरोपी पहुंचा थाने दिलचस्प बात यह है कि आरोपी खुद ही सिविल लाइन थाने पहुंच गया और मुरैना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। थाने के टीआई ने यूपी एसटीएफ के अधिकारियों को सूचित किया कि जिस युवक की तलाश थी, वह अब थाने में मौजूद है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि कुछ ग्रामीणों ने बताया कि युवक अक्सर ऐसे फोन कॉल करता है। इस मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है, और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं।  

वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे, सीएम योगी ने विपक्ष पर कसा तंज

लखनऊ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अंत्योदय की सोच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन के खोखले नारों पर विपक्ष को घेरा, साथ ही सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार करने वालों पर भी करारा प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि जीवन भर वीवीआईपी ट्रीटमेंट लेने वाले लोग आज महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार में जुटे हैं। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पंडित उपाध्याय के आदर्शों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण और विकास पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार पंडित उपाध्याय के सपनों को पूरा कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का यह मत था कि किसी भी देश की प्रगति का मापदंड ऊंचे पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि से नहीं बल्कि सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर से किया जाना चाहिए। उनकी इसी सोच को केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा दिया। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी हटाने के बड़े-बड़े नारे दिए, लेकिन गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती रही। वहीं, मोदी सरकार ने बीते 11 वर्षों में गरीबों को सशक्त बनाने का कार्य किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि अब तक 4 करोड़ गरीबों को मकान मिल चुके हैं, 12 करोड़ शौचालय बने हैं, 10 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ये सभी योजनाएं अंत्योदय के मंत्र को साकार कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष द्वारा महाकुंभ को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 29 दिन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है, जो एक ऐतिहासिक घटना है। भारत और चीन के बाद दुनिया के किसी देश की आबादी 45 करोड़ नहीं है, एक अस्थाई शहर में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आकर डुबकी लगाए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे वीआईपी स्नान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच यह है कि महाकुंभ समरसता और आस्था का संगम है, जहां जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के भेदभाव को खत्म करके सभी श्रद्धालु एक साथ जुड़ते हैं। लेकिन ये नकारात्मकता फैलाने वाले कौन लोग हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने जीवन भर सरकार से वीवीआईपी ट्रीटमेंट लिया है और अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक रास्ता खोलने का प्रयास किया था। ये वही लोग हैं जो नकारात्मकता पैदा करके भारत और सनातन के विरोध में सदैव खड़े रहते हैं और दुष्प्रचार करने में मशगूल रहते हैं। सीएम योगी ने विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने वाले लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब भी कोई नई योजना शुरू होती है, तो कुछ लोगों को केवल कमियां निकालने की आदत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘जब पाइपलाइन बिछाई जाती है, तो सड़क खुदाई के कारण खराब हो जाती हैं, लेकिन जब वह कार्य पूरा होता है, तो लोगों को सुविधा मिलती है।’ उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम 4 करोड़ लोगों को आवास देते हैं तो वे कहते हैं कि अभी बहुत लोग बाकी हैं। उनको बताना चाहता हूं कि 3 करोड़ आवास और स्वीकृत किए जा चुके हैं। जो लोग पहले केवल वीआईपी सुविधाएं भोगते थे, वही आज आम जनता को मिल रही सुविधाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ गरीबी हटाने के नारे देती रहीं, लेकिन हकीकत में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीबी उन्मूलन का वास्तविक कार्य किया। सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय की बात करने वाले ज्योतिपुंज थे। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के कल्याण को राजनीतिक चिंतन का एजेंडा बनाया था। उनके इस चिंतन का आज असर दिखता है। आज एकात्म मानववाद की ताकत दुनिया देख रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने समाज को साथ लेकर चलने का विचार दिया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति सिर्फ पास-पास होता है लेकिन साथ नहीं होता, तो अकेलापन और डिप्रेशन जन्म लेता है। यही स्थिति समाज के साथ भी होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को अपनाकर इसी सोच को धरातल पर उतारा है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए संकल्पित है।  

मुख्यमंत्री योगी 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे के चलते कल भतीजी की शादी में होंगे शामिल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर जाएंगे। वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए पौड़ी जिले के अपने पैतृक गांव पंचूर जा रहे हैं। शादी समारोह में भाग लेने के बाद वह अपने गांव के पास आयोजित कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम 5 बजे पंचूर पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। 6 फरवरी को यमकेश्वर ब्लॉक के बनास तल्ला गांव का दौरा करेंगे CM योगी मिली जानकारी के मुताबिक, 6 फरवरी को वह यमकेश्वर ब्लॉक के बनास तल्ला गांव का दौरा करेंगे। जहां वह यमकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करेंगे, और इसके बाद पौड़ी जिले के विथ्याणी गांव स्थित गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित किसान मेले में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाविद्यालय में 100 फीट ऊंचे तिरंगे का उद्घाटन भी करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 8 फरवरी की शाम लखनऊ लौटने का कार्यक्रम है। 2022 में उन्होंने अपनी मां से आशीर्वाद लिया था, लेकिन कोविड महामारी के कारण वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। 5 जून 1972 को पौड़ी के पंचूर गांव में हुआ था सीएम योगी का जन्म योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को पौड़ी के पंचूर गांव में हुआ था। उनका असली नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चामकोटखाल के स्कूल से प्राप्त की थी और फिर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक की डिग्री पूरी की। योगी आदित्यनाथ ने 1990 के दशक में अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में शामिल होने के बाद संन्यास ले लिया था और गोरखपुर स्थित गुरु गोरक्षनाथ मठ में निवास करने लगे। CM के 7 भाई-बहन हैं, जिनमें 3 बहनें और 4 भाई शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 7 भाई-बहन हैं। उनकी तीन बहनें और चार भाई हैं। उनके बड़े भाई मानवेंद्र मोहन सरकारी कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि शैलेंद्र मोहन भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं और महेंद्र मोहन एक स्कूल में कार्यरत हैं। यह दौरा योगी आदित्यनाथ के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अपने पैतृक गांव में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के बाद परिवार और राज्य के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

महाकुंभ भगदड़ पर अखिलेश के एक-एक वार पर सीएम योगी का पलटवार, कहा- सनातन धर्म के खिलाफ ली गई है सुपारी

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ और मौतों को लेकर विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खूब बरसे। अखिलेश यादव के एक-एक वार पर पलटवार किया। सीएम योगी ने यहां तक कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेकर सीएम योगी ने जबरदस्त हमला किया। अखिलेश यादव ने सरकार पर भगदड़ के बाद हुई मौतों का आंकड़ा छिपाने, शाही स्नान की परंपरा टूटने, बिना स्नान ही महाकुंभ से लाखों लोगों के लौटने जैसे आरोप लगाए थे। इन आरोपों का सीएम योगी ने एक-एक कर जवाब दिया। प्रयागराज में मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान न केवल इनके सनातन विरोधी चरित्र को उजागर करता है बल्कि इनकी उस गिद्ध दृष्टि की ओर भी सभी का ध्यान आकर्षित करता है जो लगातार महाकुंभ को लेकर पहले दिन से दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनका यह बयान न केवल सनातन धर्म पर प्रहार है बल्कि निंदनीय भी है और शर्मनाक भी है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह कहना कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हजारों लोग मर गए, इस पर अफसोस होता है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वह मर्यादित बयान संसद में रखें। इतना गुमराह करने वाला बयान और झूठ पर झूठ बोले गए। इसी तरह सपा अध्यक्ष का बयान है। दोनों दलों के बीच झूठ बोलने की प्रतिस्पर्धा चल रही है। सीएम योगी ने कहा कि यह कहना कि आंकड़े नहीं दिए गए की सच्चाई सभी को पता है। यहां के प्रशासन ने आंकड़े दिए। उन आंकड़ों को मैंने भी सभी के सामने रखा है। घटना दुखद थी। हर व्यक्ति दुखी था। लेकिन जितने क्विक रिस्पांस से मेला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस सभी ने मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया है। यह अपने आप में एक मिसाल है। सीएम योगी ने कहा कि करोड़ों लोग उस दिन प्रयागराज में उपस्थित थे। दोनों दल और सनातन विरोधी चाहते थे कि महाकुंभ में बड़ा हादसा हो जाए। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि किसी भी स्थिति में इसको हम जीरो हादसे तक लेकर जाएं। इसके बाद भी कुछ लोग हादसे का शिकार हुए। हम लोगों ने घायलों का प्रापर इलाज कराया। कहा कि आज भी कुछ घायल मेडिकल कॉलेज में हैं। कई अपने परिजनों के साथ चले गए हैं। सभी घायलों से हम लोगों ने मुलाकात की है। सभी ने कहा कि व्यवस्था में खामी नहीं थी। हमारी किस्मत है कि ऐसी स्थिति पैदा हुई। सीएम योगी ने कहा कि उनसे बात के बाद सभी पहलुओं को लेकर सरकार जांच करा रही है। इसके लिए न्यायिक आयोग गठित किया गया। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि जो आठ से नौ करोड़ लोग प्रयागराज में उपस्थित थे, उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित भेजना। इन दोनों दलों और सनातन धर्म विरोधी लोगों के बयान कि लाखों लोगों ने स्नान नहीं किया और शाही स्नान नहीं हुआ, कहना गुमराह करने वाला बयान है। यह सनातन धर्म की अवमानना ही नहीं उसे बदनाम करने का एक हिस्सा है। सीएम योगी ने कहा कि कोई परंपरा बाधित नहीं हुई है। मौनी अमावस्या का स्नान पहले दिन शाम साढ़े सात बजे से प्रारंभ हो गया था। अगले दिन पूरे दिन भर देर शाम तक मौनी अमावस्या का मुर्हूत था। स्वाभाविक रूप से अखाड़ों ने मेला प्रशासन से बातचीत करके अपने शाही स्नान को कुछ देर के लिए स्थगित किया था। दोपहर में मेरी बात हुई तो उसके बाद सभी ने परंपरागत तरीके से स्नान किए। तीनों शाही स्नान हुए और सभी अखाड़े उसमें शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष का यह बयान कि सरकार ने सौ करोड़ लोगों के आने की घोषणा की थी, हास्यास्पद है। इन्हें बयान थोड़ा पढ़ना चाहिए। यह लोग 12 बजे सोकर उठते हैं। कार्यालय स्टाफ जिस तरह का नोट बनाकर देता है, उसे पढ़ देते हैं। यह लोग एक लीडर की जगह एक रीडर की तरह उसे पढ़कर अपनी जगहंसाई कराते हैं। मैने बार-बार कहा कि 40 से 45 करोड़ लोग इस महाकुंभ में भागीदार बनेंगे। पिछले 22 दिन के अंदर 38 करोड़ श्रद्धालु यहां आ चुके हैं। कल बसंत पंचमी पर अंतिम शाही स्नान संपन्न हुआ है। पूरी दुनिया यहां आ रही है लेकिन जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर साजिश कर रहे हैं, इनकी साजिश कामयाब नहीं होगी। 29 जनवरी की साजिश की तह तक जाएंगे। साजिश करने वालों को बेनकाब करेंगे। साजिश करने वालों को सजा कैसे दिलाई जाती है, सब ने पहले भी देखा होगा। आगे भी सभी देखेंगे।

‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी, बड़ी सौगात

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी। ‘हर घर तक नल’ पहुंचाने में पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिए जाने की योजना थी, लेकिन योगी सरकार ने तय किया है कि इस राशि का बोझ आमजन पर न पड़े। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि यूपी में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 40,951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71,714.68 और राज्यांश 71,714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। योगी सरकार की तरफ से 2024-25 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 2,32,95,697 परिवारों को मिलेगा। ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें निर्माण लागत के सापेक्ष सामुदायिक अंशदान की व्यवस्था थी। सामुदायिक अंशदान के तहत एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी व अन्य गांवों में 10 प्रतिशत भाग आमजन से लिया जाना तय था। लेकिन, सरकार ने आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने को लोक कल्याणकारी दायित्व के रूप में मानते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। वर्तमान में हरियाणा, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक अंशदान वहन किया जा रहा है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राज्य सरकार द्वारा विचाराधीन है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर जल के लिए सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। ग्रामीणों को सिर्फ रखरखाव के लिए 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) अपनी ग्राम पंचायत को देने होंगे। नमामि गंगे व जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों पर बोझ न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में सामुदायिक अंशदान का वहन सरकार द्वारा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने को संकल्पित है। हर घर नल में बुंदेलखंड की प्रगति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत महोबा – 1,39,621 – 99.71 झांसी – 2,49,100 – 99.15 ललितपुर – 2,05,865 – 99.46 चित्रकूट – 1,63,698 – 99.83 बांदा – 2,67,198 – 99.34 जालौन – 2,03,309 – 95.87 हमीरपुर – 1,85,261 – 99.32 विंध्य क्षेत्र में प्रगति की स्थिति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत मिर्जापुर – 3,49,292 – 98.34 सोनभद्र – 2,53,938 – 80.83  

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है, शीतलहर चल रही है, सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े। महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।  

मनरेगा श्रमिकों का बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो, योगी सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ योगी सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों का उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड (BOCW) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो। जिससे कई भी श्रमिक बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ पंजीकरण योगी सरकार का यह कदम न केवल श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस दिशा में, मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास मुख्यालय स्तर से जनपदों के अधिकारियों को पंजीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इसी बकायदा मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्र कराने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया की हो रही नियमित समीक्षा योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत चलाई जा रही योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना शामिल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। कन्या विवाह सहायता योजना गरीब श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद प्रदान करती है। संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि अटल आवासीय विद्यालय योजना उन्हें बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करती है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। महात्मा गांधी पेंशन योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को नियमित पेंशन सुविधा प्रदान करती है। आपदा राहत सहायता योजना प्राकृतिक आपदाओं में श्रमिकों को राहत प्रदान करती है, और गंभीर बीमारी सहायता योजना श्रमिकों को इलाज के लिए वित्तीय सहायता देती है। इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए विशेष सहायता प्रदान करती है। श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिक अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से अवगत हों। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह पहल न केवल श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बनाएगी। श्रमिक पंजीकरण और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की यह रणनीति प्रदेश में समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है।

देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहीद का बलिदान कौम की जिंदगी होती है। देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष का लक्ष्य रखते हुए कहा कि देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना है। उन्होंने पंच प्रण की बात कही। इसमें मुख्यतः गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति, सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान करना है। उन्होंने सोमवार को होटल ताज में आयोजित ‘शौर्य सम्मान-2025’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों सहित उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि जवान सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। इस समय भी जब माइनस 20, 25, 10 तापमान है, तब देश की सीमाओं पर भारत मां के जवान दिन-रात खड़े होकर, पुलिस बल के जवान निरंतर पेट्रोलिंग में रहकर आमजन के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करते हैं। यदि समाज आर्मी, पैरामिलिट्री, पुलिस बल के जवानों का सम्मान नहीं करेगा या शहीद परिवारों के बारे में नहीं सोचेगा तो इसका मतलब हम राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां 1965-1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में भागीदार, शहीदों के परिजनों, भारतीय सेना के जवानों, देश के अंदर विभिन्न ऑपरेशन में भाग लेने वाले स्मृतिशेष जवानों के परिजनों का सम्मान हुआ। सुरक्षा के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। स्वतंत्रता का अहसास हो, लेकिन हमारी स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता में बाधा न बने। बाबा साहेब ने जो संविधान दिया, उसके अनुसार सुरक्षा की पहली शर्त सुशासन है। सुशासन की स्थापना के लिए जो जवान दिन-रात लगे रहते हैं, उन्हें सम्मान देना राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन जैसा है। सीएम योगी ने 2017 के पहले और अब के उत्तर प्रदेश का अंतर बताते हुए कहा कि 2017 के पहले कोई सुरक्षित नहीं था। नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ होता था। उनके पास नौकरी और रोजगार नहीं था। यूपी की पहचान दंगाग्रस्त और अराजक प्रदेश के रूप में थी। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित है। स्वत:स्फूर्त भाव के साथ प्रदेश में सभी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। तंत्र वही है, बस सरकार का चेहरा बदल गया। यह वही प्रदेश है, जहां पहले कोई निवेश नहीं करता था। 2017 के पहले हर परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते थे। प्रत्येक सप्ताह दो से तीन बड़े दंगे होते थे, लेकिन आज प्रदेश दंगामुक्त है। सर्वाधिक निवेश को आमंत्रित करने वाला प्रदेश है। बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी-निजी क्षेत्र में नौकरी और रोजगार की गारंटी देने वाला प्रदेश है। सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रदेश में 40 हजार करोड़ का निवेश नहीं आता था, उस प्रदेश में आज 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 1.25 करोड़ नौकरी की गारंटी मिली। बदली परिस्थितियों की नींव में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति है। इसके लिए हमने अपने जवान भी खोए हैं। 2017 में प्रदेश सरकार ने पॉलिसी बनाई कि कोई जवान (सेना, अर्धसेना, पुलिस बल) शहीद होता है तो उसके परिवार की जिम्मेदारी सरकार की होगी। हमने 1.50 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के खाली पदों को भरा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले पुलिस भागती थी, अपराधी दौड़ाता था। आज अपराधी हांफते-हांफते मर रहा है। पुलिस, अपराधी और उनके आकाओं को सही जगह पहुंचा रही है। यह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का बदला स्वरूप है। यहां सुरक्षा, सम्मान, पहचान भी है। इस साल के अंत तक जब गंगा एक्सप्रेसवे बन जाएगा तो देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास होगा। सबसे अधिक रेलवे नेटवर्क, एयरपोर्ट, मेट्रो संचालित, सर्वाधिक नगर निकाय, आस्था को गौरव के साथ आगे बढ़ाने वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश होगा। सीएम ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ-2025 होने जा रहा है। यह मुहूर्त 144 वर्ष बाद आया है। महाकुंभ के बहाने प्रयागराज और आसपास के शहरों का भी कायाकल्प हुआ है। 200 से अधिक सड़कों को सिंगल से डबल, डबल से फोरलेन, फोरलेन से सिक्सलेन बनाया गया। एक वर्ष में एक शहर में 14 नए फ्लाईओवर बनकर तैयार हुए। रेलवे स्टेशनों का पुनरुद्धार हुआ, एयरपोर्ट नए सिरे से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अक्षयवट, सरस्वती देवी, बड़े हनुमान, महर्षि भारद्वाज, श्रृंगवेरपुर, पातालपुरी कॉरिडोर आदि पहली बार देखने को मिलेंगे। दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी के बराबर श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। एक दिन में 10 करोड़ श्रद्धालु भी आ गए तो आसानी से स्नान कर पुण्य प्राप्त करेंगे। ‘स्वच्छ महाकुंभ’ के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था है। 1.50 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस सदी का महाकुंभ ‘डिजिटल महाकुंभ’ के रूप में जाना जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ आस्था और आधुनिकता का संगम होगा। अयोध्या, काशी, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, लखनऊ, श्रृंगवेरपुर आदि आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति के समागम में सभी को आमंत्रित किया।  

सीएम योगी करेंगे 11 जनवरी को 11 बजे रामलला का अभिषेक, भजन भी होगा लॉन्च, 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन

अयोध्या भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के एक वर्ष पूरे होने पर अयोध्या में 11 से 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन होगा। 11 जनवरी को पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे गर्भगृह में श्रीरामलला का अभिषेक करेंगे। उसके बाद अंगद टीला पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन कर श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। उसी दिन सोनू निगम, शंकर महादेवन और मालिनी अवस्थी समेत कई मशहूर कलाकारों द्वारा गाया गया भजन भी रिलीज किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के अधिष्ठाता मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी के जन्म स्थान अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर की स्थापना का एक वर्ष 11 जनवरी को संपन्न हो रहा है। इस दौरान 13 जनवरी तक उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 जनवरी को रामलला का अभिषेक करेंगे। महोत्सव के मद्देनजर नगर के प्रमुख चौराहों लता चौक, जन्मभूमि पथ, श्रृंगार हाट, राम की पैड़ी, सुग्रीव किला, छोटी देवकाली समेत अन्य स्थलों पर कीर्तन भी होगा। इसमें युवा कलाकार वाद्य यंत्रों से नगरी को मंत्रमुग्ध कर देंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस अवसर पर तीन दिवसीय श्रीराम राग-सेवा का कार्यक्रम मंदिर परिसर में गर्भगृह के निकट मंडप में संपन्न होगा। इसमें प्रभु श्रीराम की भक्ति के प्रति विनीत भाव से संगीत, नृत्य और वादन से उन्हें सेवा प्रदान करने का उपक्रम होगा। अनुष्ठान के परिकल्पनाकार और समन्वयक अयोध्या के कलाविद् यतीन्द्र मिश्र हैं। इस कार्य में उनका सहयोग संगीत नाटक अकादमी कर रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी संतों को बुलाया गया है। अयोध्या से बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ में गए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि तीन दिन के कार्यक्रम में एक दिन लोग अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हों। पहला दिन : 11 जनवरी को लता मंगेशकर की बहन व प्रख्यात गायिका उषा मंगेशकर और मयूरेश पई भगवान के सम्मुख भजन से राग-सेवा का आरंभ करेंगी। इसके बाद साहित्य नाहर सितार व संतोष नाहर वायलिन की जुगलबंदी से भक्ति का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन का समापन डॉ. आनंदा शंकर जयंत के भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति से होगा। दूसरा दिन : 12 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत राग सेवा प्रसिद्ध लोक गायिका शैलेश श्रीवास्तव के बधावा, सोहर गायन से होगी। इसके बाद प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली श्री राम भजन व निर्गुण गायन से राग-सेवा प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समापन विश्वविख्यात बांसुरी वादक राकेश चौरसिया के बांसुरी वादन से होगा। तीसरा दिन : तीसरे व अंतिम दिन 13 जनवरी को राग-सेवा का आरंभ आरती अंकलिकर के शास्त्रीय गायन से होगा, जिसके बाद प्रख्यात कथक नृत्यांगना शोभना नारायण की कथक प्रस्तुति होगी। अंत में दक्षिण के गायक श्रीकृष्ण मोहन एवं श्रीराम मोहन त्रिचूर ब्रदर्स के शास्त्रीय गायन व श्रीराम भजन से कार्यक्रम संपन्न होगा।

24 जनवरी को योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे, बिना ब्याज के मिलेगा लोन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त लोन दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत हर वर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। पहले चरण में 25,000 लाभार्थियों को लोन उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई विभाग की तरफ से युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए पंजीकरण व आवेदन की ऑनलाइन सुविधा विभाग की वेबसाइट (https://msme.up.gov.in) पर उपलब्ध कराई गई है। वेबसाइट पर उद्योग शुरू करने के लिए 400 परियोजना रिपोर्ट और लगभग 600 बिजनेस आइडिया भी विभिन्न फार्मेट में दिए गए हैं। 21 से 40 साल तक के युवा कर सकते हैं आवेदन एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यह अभियान प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत उन्हीं युवाओं का चयन किया जाएगा जो न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हों और 21 से 40 आयु वर्ष के हों। 5 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाएगी योगी सरकार मार्च 2025 तक गाजियाबाद के दो हजार युवाओं को उद्यमी बनाया जाएगा। युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त लोन मिलेगा। शासन के आदेश पर जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र को शुरुआत में 15 जनवरी तक जिले से 100 युवाओं का चयन करना है। इससे जिले में रोजगार को गति मिलेगी। प्रदेश में योगी सरकार युवाओं को बनाएगी उद्यमी बता दें कि प्रदेश में रोजगार का स्तर बढ़ाने के लिए युवाओं को उद्यमी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के उद्योग विभाग मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत युवाओं को उद्यमी बनाना है। 50 हजार रुपये का मिलेगा अनुदान आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही कौशल विकास मिशन, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के डिग्रीधारियों को लोन दिया जाएगा। आवेदक करने वाले की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें 50 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।

सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर, इस दौरान नये साल के पहले जनता दर्शन में दिया न्याय का भरोसा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद नए साल के पहले जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं संतुष्टिपरक समाधान का भरोसा दिया। दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर है। आज दौरे के दूसरे दिन हमेशा की तरह सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद जनता दर्शन किया। जनता दर्शन में योगी ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी खुद लोगों के पास गए और सबकी समस्या सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि हर पीड़ित की समस्या पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री योगी के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि कोई किसी की भूमि पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसे कानून सम्मत सबक सिखाया जाए।  

‘निक्षय मित्र’ वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन’ के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवानिवृत्त हो चुके आईएएस, आईपीएस, पूर्व कुलपतियों/शिक्षाविदों व अन्य वरिष्ठ नागरिकों को‘निक्षय मित्र’ की बड़ी जिम्मेदारी दी है।‘निक्षय मित्र’ के रूप में यह वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन’ के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी के साथ बैठक की और टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव हैः योगी विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पूर्व कुलपतियों को प्रधानमंत्री मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव है और जब भारत समर्थ होगा तभी शक्तिशाली होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक विश्व को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे मिशन मोड में लेते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे अधिक टीबी रोगी भारत मे हैं और भारत को टीबी मुक्त करने के लिए सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में टीबी रोगियों की जाँच पहले के मुकाबले चार गुना हो गई है। नैट एवं एक्सरे मशीनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में टीबी उपचार की सफलता दर पिछले चार वर्षों में 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। ‘प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया’ टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जनभागीदारी के महत्व पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि अब तक 45 हजार से अधिक नि:क्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को गोद लिया गया है और प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी ने लंबे समय तक समाज के बीच कार्य किया है। सभी सुदीर्घ अनुभव रखते हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद आप सभी इस राष्ट्रीय मिशन में सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सबका साझा दायित्व है कि कोई भी टीबी का रोगी छूटने न पाये और जिनको भी टीबी से ग्रसित पाया जाये, उनको तत्काल सही और निरंतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाये। उनको अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जाए और कोई न कोई नि:क्षय मित्र उनसे जुड़कर उनका सहारा बने। इसके साथ ही उनके परिवार के शेष सदस्यों की भी जांच कराकर उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए। ‘टीबी रोगी को सम्मान प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता’ मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी रोगी समाज का अंग हैं, समाज में उनको सम्मान प्रदान कराया जाना, हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। निक्षय मित्र के रूप में सभी सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस और पूर्व कुलपतियों टीबी मरीजों को गोद लें, उन्हें उपचार के बारे में जानकारी दें और समुचित सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के लापता रोगियों को खोजना, टीबी की मृत्यु दर को कम करना एवं स्वस्थ व्यक्तियों को टीबी के संक्रमण से बचाना है। प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी अति आवश्यक है।

मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी: योगी

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ मेला में मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी. प्रयागराज में महाकुंभ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेला लगभग आकार ले चुका है और 7,000 से अधिक संस्थाएं यहां आ चुकी हैं. डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है. देश-दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुंभ में आने के लिए उत्सुक हैं. 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं भाजपा सरकार द्वारा यहां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुंभ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने 2019 के कुंभ में प्रस्तुत किया, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा, “महाकुंभ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है. सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को चौबीस घंटे और सातों दिन सक्रिय रहना होगा. महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया. उन्होंने सभी रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो रिक्शा चालकों और ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये. फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के निर्देश उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं जिन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए. मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए और महाकुंभ के लिए चलाई जाने वाली करीब 550 शटल बसों को पांच जनवरी से चलाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज दौरे पर मां गंगा का अभिषेक और पूजन किया. उन्होंने बड़े हनुमान जी का भी दर्शन-पूजन किया. इससे पूर्व उन्होंने नैनी के अरैल में बायो सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन किया.  

याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड (यूपीआईएफ) को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी को इनोवेशन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन सेंटर बनाए जाएं, जहां पर बच्चों को स्टार्टअप से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल और लोकल मार्केट की मैपिंग कराने के निर्देश दिए ताकि वर्तमान की आवश्यकता के अनुसार छात्र इनोवेशन को विकसित कर सकें। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान में तेजी के साथ टेक्नोलॉजी बदल रही है। ऐसे में बदलती हुई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मार्केट के अनुसार इनोवेशन को विकसित किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि नए इनोवेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए। साथ ही सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन की आवश्यकता के अनुसार सेंटर की स्थापना की जाए। इसके लिए सरकार द्वारा उन्हें फंड उपलब्ध कराया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है। वहीं, युवाओं के पास इनोवेशन तो हैं, लेकिन फंड की कमी है। ऐसे में यूनिवर्सिटी के माध्यम से छात्रों को फंड उपलब्ध कराया जाए। इससे आने वाले समय में नए-नए इनोवेशन सामने आएंगे। इससे जहां प्रदेश का युवा ग्रोथ करेगा, वहीं प्रदेश का भी नाम रौशन होगा। इसके लिए सीएम ने अधिकारियों को एक प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्लोबल मैपिंग के बाद उसकी आवश्यकता के अनुसार ट्रेड तैयार करने को कहा। उन्होंने वर्तमान आवश्यकता के अनुसार पुरानी ट्रेडों को आधुनिकीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को इकोसिस्टम से जोड़ना होगा। इसके लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के लिए भी स्पेस दिया जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार ट्रेड चुन करके छात्रों को इनोवेशन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को भी प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके लिए यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से फ्रीडम दी जाए, तभी नए इनोवेशन सामने आएंगे। उन्होंने इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को आईआईटी से जोड़ने के निर्देश दिए।  

दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी :CM योगी

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है. सीएम योगी ने अयोध्या में कहा,’विश्व मानव सभ्यता को बचाना है तो सनातन का सम्मान करना होगा. हमारे ऋषि-मनीषियों ने हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही. दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी है.’ सीएम योगी ने आगे कहा,’क्या कभी ऐसा हिंदुओं के साथ हुआ है? क्या हुआ बांग्लादेश में, उससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्या हुआ था! कभी काशी विश्वनाथ धाम, कभी अयोध्या में, कभी संभल में कल्कि अवतार की हरिहर भूमि तो कभी भोजपुर में. हर समय हिंदुओ के मंदिरों को तोड़ा गया.’ रिक्शा चला रहा था औरंगजेब का खानदान औरंगजेब पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा,’ औरंगजेब का खानदान पता चला कोलकाता के पास रिक्शा चला रहा था. कभी उसने ईश्वर की दुर्गति नहीं की होती तो उसकी औलादों को ये दिन न देखना पड़ता.’ ‘हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे’ बता दें कि मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर सीएम योगी पहले से ही मुखर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने संभल हिंसा को लेकर कहा था कि संभल में 1947 से लेकर अबतक 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई. जो लोग आज संभल में मारे गए लोगों के लिए घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने इन हिंदुओं के लिए कभी दो शब्द नहीं कहे. उन्होंने कहा कि संभल हिंसा में शामिल एक भी दोषी नहीं बचेगा. सीएम ने इस दौरान संभल में अबतक हुए दंगों का पूरा इतिहास भी याद दिलाया था. बहराइच हिंसा पर भी बोले थे CM योगी सीएम योगी ने बहराइच में शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जिस निर्दोष रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या हुई, उसकी हत्या घर में अंदर ले जाकर हुई. अंदर से फायरिंग की गई. हिंदू मोहल्ले से अगर मुस्लिम जुलूस निकल सकता है तो मुस्लिम मोहल्ले से हिंदू शोभा यात्रा क्यों नहीं निकल सकती. मुस्लिम पर्व त्योहार के जुलूस हिंदू इलाकों से निकल सकते हैं तो हिंदू पर्व त्योहार के जुलूस मुस्लिम इलाके से क्यों नहीं निकल सकती.  

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