LATEST NEWS

कार्यकर्ताओं में जोश भरने पहुंचे जीतू पटवारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील

jitu patwari

Jitu Patwari reached to energize the workers, appealed to strengthen the organization till the booth level. इंदौर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देपालपुर विधानसभा के बेटमा ब्लॉक में आयोजित ‘ब्लॉक स्तरीय पंचायत समिति कार्यकर्ता सम्मेलन’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आगामी राजनीतिक कार्ययोजना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर जिला (ग्रामीण) अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, विधानसभा प्रभारी मनोज सिंह गौतम, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष जीतू ठाकुर, मनीष पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए।

आदिवासी विधायक को हटाना पूरे समाज का अपमान” — जीतू पटवारी का भाजपा पर बड़ा हमला

Screenshot 2026 03 10 141303

“Removing the tribal MLA is an insult to the entire society” – Jitu Patwari’s big attack on the BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर आदिवासी मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर दलित और आदिवासी विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ पूरी भाजपा एकजुट होकर खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा चुने गए एक आदिवासी विधायक को पद से हटाने की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और आदिवासी समाज के सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।

कर्ज के पहाड़ तले मध्यप्रदेश! मोहन सरकार फिर ले रही 5800 करोड़ का नया कर्ज, कांग्रेस ने घेरा”

Untitled 1 copy

Madhya Pradesh under a mountain of debt! The Mohan government is taking on another 5,800 crore rupees in new loans, and Congress is attacking it. भोपाल। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। प्रदेश सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने की तैयारी में है। इससे पहले होली से ठीक पहले सरकार 6,300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च (मंगलवार) को सरकार तीन अलग-अलग किस्तों में यह कर्ज लेगी। इसमें 1,900 करोड़, 1,700 करोड़ और 2,200 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि प्रदेश में विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। खासतौर पर इस धनराशि का उपयोग पूंजीगत कार्यों और अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगर हाल ही में लिए गए कर्ज को भी जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश द्वारा लिए गए कुल कर्ज की राशि लगभग 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर करीब 5.66 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है। इधर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लेकर मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल रही है और आने वाली पीढ़ियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लिया जा रहा कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के दायरे में है और इसका उपयोग केवल विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कर्ज का यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है, जहां विपक्ष सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाएगा।

कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

Screenshot 2026 03 09 154503

gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है।

चुनाव 2028 की तैयारी: सोशल मीडिया के जरिए जनता तक मुद्दे पहुंचाने की कांग्रेस की बड़ी योजना

congress1

भोपाल संगठन सृजन अभियान के साथ ही जन-जन तक पहुंच बढ़ाने के लिए कांग्रेस नए-नए प्रयोग कर रही है। इसमें तकनीक के बदलते दौर की दृष्टि से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति है। इसके लिए बड़ा प्रयास यह कि पार्टी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों का सहयोग लेने जा रही है। इनकी संख्या हजारों में होगी। शुरुआत में लगभग 250 को चिह्नित भी कर लिया गया है। यह ऐसे लोग हैं जिनके सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में फालोअर्स हैं। लेखन अच्छा है, कांग्रेस विचारधारा की ओर झुकाव है। ये इंफ्लूएंसर अपने वाल, हैंडल आदि पर लिखेंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, बड़े आयोजन, चुनाव, पार्टी की रीति नीति, त्वरित मुद्दों पर लिखेंगे। पार्टी ने ऐसे लोगों को खोजने के लिए कई महीने तक उनके सोशल मीडिया पोस्ट देखे। इसमें सामने आया कि उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं आती हैं। हर जिले में रहेगी इंफ्लूएंसरों की टीम समसामयिक विषयों और राजनीति की समझ भी अच्छी है। यह भी पता चला कि उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ है, ऐसा नहीं है तो भी भाजपा विरोधी हैं। इसके बाद पार्टी ने इन लोगों से संपर्क किया और तैयार किया। हर जिले के लिए पांच से 10 इंफ्लूएंसरों की टीम रहेगी। विधानसभा चुनाव के पहले तक इनकी संख्या बढ़ाने का भी लगातार प्रयास किया जाएगा। प्रदेश संगठन इनके सतत संपर्क में रहेगा। कोशिश की जाएगी की सभी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात पोस्ट करें। कांग्रेस में पहली बार इस तरह का प्रयोग हो रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया का नेटवर्क तैयार कर रही है। 25 सदस्यों वाली पंचायत समितियां में एक व्यक्ति सोशल मीडिया के लिए भी काम करेगा। उसके पास बूथ स्तर तक सभी मतदाताओं का डाटा रहेगा। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्तर तक भी सोशल मीडिया का प्रभारी बनाया जाएगा। भाजपा भी इंफ्लुएंसरों को जोड़ रही भाजपा भी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को अपने साथ जोड़ रही है। हाल ही में भोपाल में पार्टी के सभी विधायकों के सोशल मीडिया हैंडलर्स का प्रशिक्षण हुआ था। इसमें उन्हें कहा गया था कि विधानसभा क्षेत्र, तहसील, मंडल से लेकर गांव-गांव तक जो छोटे-छोटे इंफ्लुएंसर हैं उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाए, जिससे पार्टी की गतिविधियां निचले स्तर तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त पार्टी के आइटी विभाग का अपना अलग नेटवर्क है।

जिला कांग्रेस ने मनाई सिवनी , भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि

1 12

सिवनी कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी इंदिरा भवन सिवनी में मनायी गई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी के छायाचित्र के समक्ष संगठन महाससचिव हनीफ खान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्चात उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेपीएस तिवारी, मोहनसिंह चंदेल, सुरेन्द्र करोसिया, शिव सनोडिया, आजम दिवान अली, नन्दू यादव, रंजीत यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, अशोक नरेती, नितिन डेहरिया, शुभम डेहरिया, श्रीमती पवनरेखा रिनायत, शिवदीप डहेरिया, सोनू हुसैन, श्यामसिंह माली, सतेन्द्र बघेल की उपस्थिति रही।

तीन मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस ने किया पुतला दहन, दोषियों पर की कार्यवाही की मांग।

IMG 20260220 WA0067

Congress burnt effigies of three ministers and demanded action against the culprits. हरिप्रसाद गोहे आमला। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आज नगर के जनपद चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के खिलाफ पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच खींचतान देखने को मिली, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर केनन का उपयोग किया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मालवे एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजेंद्र भावसार ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कप सिरप से हुई मौतों के मामले में मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सेना और महिलाओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ नाराजगी जताई गई। इसके अलावा इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख, गणेश ढोमने, नीरज सोनी, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, नपा अध्यक्ष नितिन गाडरे, उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, पार्षद पद्मनी भूमरकर, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष यशवंत हुड़े, विजय पारधी, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनीष नागले सहित कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रदेश कांग्रेस में सियासी हलचल, दिग्गज नेता पर नजर AICC महासचिव के लिए

रायपुर: कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi 20 अगस्त से सभी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में उनका छत्तीसगढ़ दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि 20 से 31 अगस्त के बीच का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर भेजा जाए। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी और खरगे के दौरे की तिथि तय की जाएगी। संगठन में बदलाव की अटकलें तेज दिल्ली से लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि बैठक में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, बघेल को ओबीसी चेहरे के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जबकि सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सिंहदेव ने इन अटकलों पर कहा कि दिल्ली में केवल चुनावी हार के कारणों पर चर्चा हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू ने भी स्पष्ट किया कि संगठनात्मक बदलाव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभियान की तैयारी शुरू दिल्ली में सभी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को जाति जनगणना अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली से लौटने के बाद बैठक लेकर जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे जनता के बीच जाति जनगणना को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकें। ओडिशा में हाल ही में पूरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी संभावित बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर हाईकमान के फैसले पर टिकी है। 

MP कांग्रेस का नया कदम, प्रवक्ता के लिए टैलेंट हंट, योग्य उम्मीदवार को ही मिलेगा अवसर

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ता, शोध कोऑर्डिनेटर और प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के लिए 28 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे। कांग्रेस ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के माध्यम से युवाओं को मौके देगी। जीतू पटवारी ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे ऊर्जावान, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और शोधपरक सोच रखने वाले साथियों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें। जीतू पटवारी ने कहा कि ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता एवं स्पष्ट वैचारिक समझ, समसामयिक मुद्दों पर गहन अध्ययन एवं शोध क्षमता, प्रभावशाली संवाद कौशल एवं वाक्पटुता, साथ ही मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक प्रस्तुति की क्षमता के अलावा संगठनात्मक अनुशासन एवं जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता रखते हों। बताया गया है कि पार्टी में प्रवक्ता, ‘शोध कोऑर्डिनेटर’ और ‘प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर’ का चयन किया जाना है। युवाओं को मौका देगी कांग्रेस यह टैलेंट हंट कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर तक होगा और प्रतिभाशाली युवाओं को पार्टी मौका देगी। यह आवेदन 28 फरवरी तक जमा होंगे। इसके तहत संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन इंटरव्यू में एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। अंतिम निर्णय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) द्वारा लिया जाएगा। योग्यता को मिलेगा मौका जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों का आंदोलन है। यह टैलेंट हंट कार्यक्रम उसी परिवर्तन की शुरुआत है, जहां अवसर सिफारिश से नहीं, योग्यता से मिलेगा। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पहल प्रदेश की राजनीति में वैचारिक मजबूती और तथ्याधारित विपक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस ऐसे युवाओं को मंच दे रही है जो पढ़ें, शोध करें और तथ्यों के साथ जनता की आवाज बनें। यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा और सरकार के दावों की तथ्य प्रदान समीक्षा सुनिश्चित करेगा। 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन होगा मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि इस टैलेंट हंट प्रक्रिया के माध्यम से सीमित एवं गुणवत्ता-आधारित चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से केवल 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा और कुछ मीडिया पैनलिस्ट, संभाग एवं जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट तथा एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा।

कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

  नई दिल्ली असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की अपील की है.  X पर एक पोस्ट में, खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “चुनाव वाले राज्य हमेशा आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मणिपुर को “छोड़ा नहीं जाना चाहिए. राज्य 2023 से जल रहा है, और अब फिर से जल रहा है.” खेड़ा ने दोनों राज्यों के बीच कम दूरी की तरफ इशारा करते हुए लिखा, “आप आज असम में हैं. मणिपुर यहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है. कृपया वहां भी जाइए. प्रधानमंत्री की उपस्थिति मणिपुर के लोगों को आश्वस्त करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है.”  ‘मेरे पास आपका नंबर नहीं था…’: कांग्रेस नेता ने फ्लाइट टिकट की फोटो साझा करते हुए लिखा, “आपकी आसानी के लिए हमने गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया है, आपको बस विमान में सवार होना है. चूंकि मेरे पास आपका नंबर नहीं था, इसलिए मैं टिकट यहीं साझा कर रहा हूं.” उन्होंने केंद्र के ‘PM CARES’ फंड पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया कि प्रधानमंत्री वहां जाकर दिखाएं कि वह वाकई मणिपुर की परवाह करते हैं. मणिपुर में 2023 से जारी हिंसा और बीच-बीच में भड़कती घटनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि शांति बहाली के प्रयास जारी हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इस अनूठे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं.

दिल्ली के आदेश पर MP कांग्रेस ने किया बड़ा एक्शन, कई पदाधिकारी हटाए और जिलों की कार्यकारिणी भंग

WhatsApp Image 2026 02 17 at 15.20.17

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक सख्ती दिखाते हुए चार जिलों की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश के बाद लिया गया है। अब नई गाइडलाइन के अनुसार दोबारा कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। AICC ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छोटे जिलों में अधिकतम 31 और बड़े जिलों में 51 से ज्यादा सदस्य कार्यकारिणी में शामिल नहीं किए जाएं। इसी निर्देश के पालन में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने छिंदवाड़ा, सागर, मऊगंज और झाबुआ जिलों में घोषित पदाधिकारियों से जिम्मेदारियां वापस ले ली हैं। कितने सदस्य कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे? अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) और जिला अध्यक्षों को भेजे गए पत्र में जिला कार्यकारिणी का नया स्वरूप तय किया गया है. निर्देश के अनुसार, बड़े जिलों में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में 31 सदस्य ही कार्यकारिणी में शामिल किए जा सकेंगे. इससे अधिक सदस्यों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी. इसी मानक के आधार पर अब सभी जिलों में पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. दरअसल, जिला अध्यक्षों ने करीब तीन महीने की मशक्कत के बाद कार्यकारिणी की सूची तैयार कर पीसीसी को भेजी थी. पीसीसी स्तर पर परीक्षण के बाद चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित भी कर दी गई थी, जबकि शेष जिलों की घोषणा 15 फरवरी तक करने की तैयारी थी. इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व का नया फरमान आ गया, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ी. नाम काटना संगठन के सामने बनेगा चुनौती नई सीमा लागू होने के बाद जिला अध्यक्षों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से घोषित या प्रस्तावित नामों में कटौती की है. जिन नेताओं के नाम कार्यकारिणी से हटाए जाएंगे, उनकी नाराजगी स्वाभाविक मानी जा रही है. वहीं, पीसीसी को भी सभी जिलों की संशोधित सूचियों का दोबारा परीक्षण करना होगा, जिसके बाद ही अंतिम घोषणा संभव होगी. कमलनाथ के जिले में बनी जंबो कार्यकारिणी प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले ने पुष्टि करते हुए कहा कि सभी जिलों की कार्यकारिणी नए सिरे से बनाई जाएगी. प्रयास है कि फरवरी माह के भीतर सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित कर दी जाए. वहीं छिंदवाड़ा जिले की कार्यकारिणी सबसे बड़ी थी, जिसमें कुल 261 सदस्य शामिल थे. इसमें 73 महामंत्री, 68 सचिव, 62 आमंत्रित सदस्य और अन्य पदाधिकारी थे. सूत्रों के अनुसार, इसी तरह की भारी-भरकम कार्यकारिणियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने आकार सीमित करने का निर्णय लिया है, ताकि संगठन अधिक चुस्त-दुरुस्त और सक्रिय बने तथा पदाधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके. गौरतलब है कि AICC के निर्देश जारी होने से मात्र दो दिन पहले ही इन चारों जिलों में नई कार्यकारिणी घोषित की गई थी। उस दौरान बड़े पैमाने पर पद बांटे गए थे। खासकर छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस ने 250 से अधिक पदाधिकारियों की घोषणा कर दी थी, जिसे लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा तेज हो गई थी। अब पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में संतुलन और अनुशासन बनाए रखने के लिए तय मानकों के अनुसार ही नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। 

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

mp news

Farmers in debt: Every farmer family in Madhya Pradesh has a debt of Rs 74,420. Umang Singhar questions government भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज और किसानों की घटती आय को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। Umang Singhar questions government ने कहा कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, फिर भी आज एमपी का किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसानों का कर्ज़ घटाने के लिए क्या ठोस योजना है, किसानों को फसल का सही मूल्य कब मिलेगा और किसान आत्मनिर्भर कब बनेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं बल्कि देश के अन्नदाता हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उमंग सिंघार ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को घेराUmang Singhar questions government मध्य प्रदेश के किसान परिवारों पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के तमाम वादों और दावों के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि उनपर कर्ज बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यही ह्लडबल इंजन सरकारह्व की किसान नीति है। उन्होंने पूछा कि जब देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, तब भी राज्य के किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में क्यों शामिल हैं। मुख्यमंत्री से किए सवालनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं कि उनके पास कर्ज घटाने की क्या ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा और आत्मनिर्भर किसान कब बनेगा। उमंग सिंघार ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है और लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। बता दें कि एमपी सरकार ने प्रदेश के बजट सत्र से ठीक पहले 5,000 करोड़ का नया कर्ज लिया है, जो पिछले एक हफ्ते में दूसरी बार लिया गया बड़ा कर्ज है। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 36 बार कर्ज लिया जा चुका है, और इसकी कुल राशि 67,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

महिला सशक्तिकरण को भूली सरकार, अब उनका रोजगार भी छीनने की तैयारी: संगीता शर्मा

WhatsApp Image 2026 02 12 at 21.50.38

The government has forgotten women’s empowerment and is now preparing to take away their jobs: Sangeeta Sharma भोपाल। प्रदेश में 1166 करोड़ रुपये के पोषण आहार कार्य को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत तथा लाखों महिलाओं की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया है।सुश्री शर्मा ने कहा कि वर्षों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित पोषण आहार प्लांट न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार प्रदान कर रहे थे, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण सामग्री की नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद इन समूहों ने गुणवत्तापूर्ण कार्य कर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की थी। ऐसे में इस संपूर्ण कार्य को निजी कंपनियों को सौंपना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की भावना के प्रतिकूल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है, उन्हें ऋण उपलब्ध कराकर प्लांट स्थापित करवाती है, वहीं दूसरी ओर नीतिगत निर्णयों के माध्यम से उन्हीं इकाइयों को बंद करने की स्थिति पैदा कर देती है। इससे हजारों परिवारों की आय का स्रोत प्रभावित हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब महिला स्व-सहायता समूहों का मॉडल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा था, तो उसे समाप्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि इतने बड़े वित्तीय कार्य को निजी हाथों में सौंपने से पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों के पोषण जैसे संवेदनशील विषय को लाभ-हानि के व्यापार में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार, सम्मानजनक आय और निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी महिला स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी।

जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में आज होगा ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान समारोह

mp congress

The block presidents’ felicitation ceremony will be held today at the District Congress Office, Baidhan. सिंगरौली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त सिंगरौली जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मान में कल13 फरवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जिसमें जिले भर के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान कर संगठन को और मजबूत बनाना है।जिला संगठन महामंत्री संकठा सिंह चौहान ‘बबलू’ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई, आईटी सेल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

कांग्रेस ने तय किया, बंगाल में ममता के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन एजेंडा क्या रहेगा?

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं. लेकिन, अभी से ही संकेत मिलने लगे हैं कि बंगाल की लड़ाई भी लगभग दिल्ली और बिहार जैसी ही हो सकती है – बंगाल में भी कांग्रेस करीब करीब उसी भूमिका में नजर आ सकती है, जैसा कांग्रेस का रवैया दिल्ली और बिहार में देखा जा चुका है. पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी मुहिम को धार देने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली में हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिल चुकी हैं, और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने अपने केस की पैरवी भी कर चुकी हैं. साथ ही, ममता बनर्जी चाहती हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस संसद में महाभियोग का प्रस्ताव लाए, और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उसको सपोर्ट करें – लेकिन, सपोर्ट के बदले में वो कुछ भी शेयर नहीं करना चाहती हैं.  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर रखा है. अब तो कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है – ऐसी सूरत में बंगाल के चुनाव नतीजे दिल्ली और बिहार से कितने अलग होंगे, देखना महत्वपूर्ण होगा. पश्चिम बंगाल की संभावित चुनावी जंग ये तो अब पूरी तरह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को चुनावी लड़ाई सिर्फ बीजेपी के खिलाफ नहीं लड़ना है. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुत ज्यादा सीटें तो नहीं जीत पाई थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल तो बन ही गई. कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुल पाया था.  मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के मुद्दे पर विपक्ष का साथ चाह रहीं ममता बनर्जी से दिल्ली में जब कांग्रेस के बारे पूछा गया तो उनका जवाब था कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के चुनावी गठबंधन की संभावना को नकारते हुए ममता बनर्जी पहले भी कह चुकी हैं, तृणमूल कांग्रेस की रणनीति साफ है, जबकि बाकी पार्टियां टीएमसी के खिलाफ लड़ने की रणनीति बनाती हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अब कांग्रेस का रुख भी सामने आ गया है. कांग्रेस का कहना है, प्रदेश संगठन और कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग रही है कि पार्टी राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरे. पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने आलाकमान के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल कांग्रेस की भावनाओं का सम्मान किया और अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को मंजूरी दी. बंगाल कांग्रेस की तरफ से एक बयान में कहा गया है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, सांसद ईशा खान चौधरी सहित सूबे के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में व्यापक विमर्श हुआ – और तय हुआ कि पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी. बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी की लड़ाई में कांग्रेस की ही तरह एक और मोर्चा खड़ा हो रहा है. सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने हाल ही में टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर से मुलाकात की थी. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने की घोषणा करके चर्चा में आए हुमायूं कबीर ने जनता उन्नयन पार्टी बनाई है, और ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का दावा कर रहे हैं.  बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका 2025 के शुरू में दिल्ली विधानसभा चुनाव और आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव में तो राहुल गांधी की भूमिका रस्मअदायगी जैसी थी. राहुल गांधी एक दिन के लिए पश्चिम बंगाल में कैंपेन करने गए थे, और कोविड के कारण आगे के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे.  2025 के पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका का अंदाजा कैसे लगाया जाए? क्या राहुल गांधी दिल्ली और बिहार की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को चुनाव लड़ाने वाले हैं या 2021 की ही तरह रस्मअदायगी निभाने की तैयारी है?  दिल्ली में हुई कांग्रेस की मीटिंग में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी अधीर रंजन चौधरी भी शामिल थे, जो 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से हाशिये पर भेजे जा चुके हैं. और, ये भी ममता बनर्जी के फेवर में ही जाता है. 2024 के चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी ने घोषणा कर डाली थी कि वो अकेले चुनाव लड़ेंगी. पहले तो सुनने में आया था कि वो कांग्रेस को दो सीटें गठबंधन के तहत देने के तैयार भी थीं, लेकिन बाद में मना कर दिया. और, भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल में प्रवेश की पूर्व संध्या पर ही ‘एकला चलो रे’ घोषणा कर दी थी. फिर कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से ममता बनर्जी के प्रति बयानों में सम्मान के भाव ही प्रकट किए जा रहे थे.  दिल्ली और बिहार चुनावों में राहुल गांधी के तेवर को देखें तो अंदाज बिल्कुल अलग था. दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राहुल गांधी उतने ही आक्रामक नजर आते थे, जितना बीजेपी के नेता. शीशमहल से लेकर दिल्ली शराब घोटाले तक, राहुल गांधी ने एक एक मामला गिनाकर अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा कर दिया था.  ये भी था कि अरविंद केजरीवाल का भी कांग्रेस के प्रति ममता बनर्जी जैसा ही रवैया था. ममता बनर्जी ने तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में रहते हुए भी अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. मतलब, कांग्रेस के खिलाफ. जैसे समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने चुनाव कैंपेन भी किया था.  बिहार चुनाव राहुल गांधी दिल्ली की तरह तो नहीं लड़ रहे थे, लेकिन कोई कमी भी नहीं छोड़ी थी. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा करते हुए उनको मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बताया. तेजस्वी यादव के बड़े भाई और प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता देने के बाद भी. बाद में जो हुआ, न होता तो भी नतीजे शायद ही अलग होते.  तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet