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अजय सोलंकी होंगे आमला नगर कांग्रेस अध्यक्ष।

Ajay Solanki will be the Amla Nagar Congress President. प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश, जिला अध्यक्ष की अनुशंसा पर जिले में सात नगर अध्यक्षों की हुई नियुक्ति।दिखा कांग्रेस कार्यकर्ताओ में खुशी का माहौल। हरिप्रसाद गोहेआमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुये जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा की अनुशंसा पर बैतूल जिले में 7 नए नगर अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई है। जिसमे आमला नगर अध्यक्ष के रूप में अजय सोलंकी को मनोनित किया गया हे उनकी नियुक्ति पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है। गौरतलब हो की अजय का राजनीतिक सफर कुछ इस तरह रहा है वे युवा कांग्रेस विधानसभा के दो बार निर्वाचित अध्यक्ष और एनएसयूआई के निर्वाचित ब्लाक अध्यक्ष एवं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय प्रभारी रह चुके हैं। सोलंकी के पिता तोरसिंह सोलंकी भी कांग्रेस के स्वक्ष छबि वाले कद्दावर नेता हैं।सोलंकी के नगर अध्यक्ष बनते ही बिखरे हुए कांग्रेसियों की उम्मीद जगी एवं कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, युवाओ सहित समाजसेवको ने सोलंकी को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।कांग्रेस संगठन द्वारा जारी सूची के अनुसार इन नियुक्तियों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की पकड़ मजबूत करना है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे और आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।

आधी रात खुला विधानसभा सचिवालय: जीतू पटवारी व पीसी शर्मा ने दतिया विधायक के मुद्दे पर भाजपा को घेरा, कही ये बात

Assembly Secretariat opened at midnight: Jitu Patwari and PC Sharma surrounded the BJP on the issue of Datia MLA, said this भोपाल ! विधानसभा सचिवालय को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया के लिए देर रात विधानसभा सचिवालय खोला गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई भाजपा के इशारे पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। पीसी शर्मा के साथ पहुंचे विधानसभामामले की जानकारी मिलते ही जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ विधानसभा पहुंचे और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि रात में सचिवालय खोलना कई सवाल खड़े करता है। पटवारी ने कहा कि विधानसभा सचिवालय एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, लेकिन जिस तरह से रात में काम किया गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक गुंडागर्दी और सत्ता का दुरुपयोग बताया है। राजेंद्र भारती की सदस्यता पर घमासानकांग्रेस का दावा है कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। पार्टी ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर वह पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी। फिलहाल इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। क्या है भारती का मामला? यहां जानेंयह पूरा मामला वर्ष 1998 का है, जब श्याम सुंदर संस्थान की ओर से बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई गई थी। आरोप है कि राजेंद्र भारती ने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर की और एफडी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी।बताया जाता है कि वर्ष 1999 से 2011 के बीच करीब 13.5 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर हर साल लगभग 1.35 लाख रुपये निकाले जाते रहे। साल 2011 में जब भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक के अध्यक्ष बने, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। जांच के दौरान एफडी पर ऑडिट आपत्ति भी दर्ज की गई। इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिल सकी। अंततः वर्ष 2015 में इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया और अब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी है।

महंगाई, गैस संकट और बढ़ती बिजली दरों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

Congress protests against inflation, gas crisis and rising electricity rates खंडवा ! जिले के पुनासा में बढ़ती महंगाई और मूलभूत सुविधाओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ के विरोध में जिला ग्रामीण कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कार्यकर्ताओं ने एलपीजी गैस की किल्लत, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और 1 अप्रैल से लागू नई बिजली दरों के खिलाफ आवाज उठाई। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आम जनता को महंगाई के बोझ तले दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की कि बिजली दरों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए, साथ ही पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में राहत दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही जनता को राहत नहीं दी, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने साफ संदेश दिया कि वह जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

असम चुनाव से पहले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा, क्या है वजह?

गुवाहाटी   असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लिया है. असम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. प्रद्युत बोरदोलोई असम के कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के काफी करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा. उनके इस्तीफे वाले पत्र में लिखा है कि वह बहुत दुख के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. वहीं, असम के लिए कांग्रेस के प्रभारी का कहना है कि वह कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा. उन्होंने इस्तीफे में लिखा, ‘आज बहुत दुख के साथ मैं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राइमरी मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहा हूं.’ पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी से अलविदा कहा। बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी. डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने की संभावना काफी मजबूत है। भाजपा में शामिल होने की अटकलें वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। प्रद्युत बोरदोलोई लंबे समय से कांग्रेस के वफादार नेता रहे हैं. वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। अलग राह की वजह क्या हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में असम में कांग्रेस की लगातार हार और 2021 विधानसभा चुनाव में महज 29 सीटों पर सिमटने से पार्टी के कई नेताओं में असंतोष बढ़ा था. बोरदोलोई ने भी पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर असहमति जताई थी. इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत असंतोष के अलावा असम की बदलती राजनीतिक हवा और भाजपा की बढ़ती ताकत को भी कारण माना जा रहा है। भाजपा 2026 से सत्ता में भाजपा 2016 से लगातार असम की सत्ता में है और 2024 लोकसभा चुनाव में राज्य की 14 में से 9 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को महज 3 सीटें मिली थीं. ऐसे में बोरदोलोई जैसे प्रभावशाली नेता का भाजपा में जाना पार्टी को डिब्रूगढ़ और ऊपरी असम में और मजबूती दे सकता है। असम में कब वोटिंग और रिजल्ट बता दें कि असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।

कांग्रेस को डर, क्या राज्यसभा की तीसरी सीट होगी हाथ से निकाली? हॉर्स ट्रेडिंग का खतरा

भोपाल   विजयपुर विधानसभा मामले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को अब डर सता रहा है कि भाजपा उनसे राज्यसभा सीट छीन सकती है। दरअसल, मध्य प्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं। प्रदेश में विधायकों की संख्या के हिसाब से सत्ताधारी बीजेपी को 2 सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है। लेकिन इस तीसरी सीट पर पेंच सकता है। आरोप है कि भाजपा अभी से जोड़तोड़ की नीति से तीसरी सीट हत्थियाने की चाल रही है। कांग्रेस को अपना डर अब सच होता दिख रहा है। क्योंकि विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक मुकेश मल्होत्रा पर विधायकी रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। लेकिन इसी बीच राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एमपी के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर राज्यसभा सीट के लिए जोड़तोड़ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राज्यसभा सीट लेने के लिए बीजेपी सबकुछ कर रही है। बीजेपी हर मामले में जोड़तोड़ का प्रयास करती है। लेकिन, उन्हें वो प्रयास करने दीजिए। इसलिए एक-एक वोट की जरुरत है.इतना ही कांग्रेस के महासचिव Rakesh Singh Yadav ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम का असर पार्टी की राज्यसभा सीट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की सलाह दी है। कांग्रेस नेता Rakesh Singh Yadav ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम का असर पार्टी की राज्यसभा सीट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की सलाह दी है। राकेश सिंह यादव ने कहा कि पार्टी को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और संगठन स्तर पर मजबूत रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस को राज्यसभा सीट के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ी और तीसरी वजह राजनीतिक गणित है। कांग्रेसियों के आरोपों के मुताबिक, बीजेपी की ओर से विधायकों को अगले इलेक्शन की टिकट और अन्य कुछ ऑफर दिए जा रहे हैं। यदि 6 विधायक इधर से उधर हुए तो ये सीट कांग्रेस के हाथ से जा सकती है। फिलहाल इस मामले को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।

असम में किसकी बनेगी सरकार? चुनाव ऐलान के साथ ओपिनियन पोल ने खोले पत्ते

गुवाहाटी पांच राज्यों में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पहला ओपिनियन पोल भी आ चुका है। असम के लिए जो ओपिनियन पोल जारी हुआ है, उसमें भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। मार्टिज-आईएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस को दिखाया गया है। अनुमान के मुताबिक कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिल सकती हैं। किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए मार्टिज-आईएएनएस के ओपिनियन पोल में भाजपा को 96 से 98, कांग्रेस को 26 से 28, एआईयूडडीएफ को 1 से 5 और अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में नौ अप्रैल को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जायेगा। चुनाव आयोग ने यहां रविवार को संवाददाता सम्मेलन में राज्य के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 16 मार्च 2026 को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन दाखिल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी के लिए 26 मार्च तक का समय दिया गया है। आदर्श आचार संहिता लागू इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। कुल 126 सीटों में से 09 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य की वर्तमान विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल 21 मई 2021 को प्रारंभ हुआ था, जो आगामी 20 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। राज्य में कुल 2,35,01,164 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या 2,34,40,296 दर्ज की गई है, जबकि सर्विस वोटर्स की संख्या 60,868 है। चुनाव आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदान प्रक्रिया में 476 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कितने युवा मतदाता असम में इस बार 3,82,341 युवा मतदाता (18-19 वर्ष) पहली बार लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होकर अपना पहला वोट डालेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य में 1,59,335 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 1,20,538 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हैं। इन सभी वरिष्ठ मतदाताओं के लिए आयोग ने घर से मतदान करने हेतु वैकल्पिक डाक मतपत्र की विशेष सुविधा सुनिश्चित की है। मतदान की सुगमता के लिए बुनियादी ढांचे में विस्तार करते हुए आयोग ने असम में कुल 28,205 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। आयोग ने प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या लगभग 831 रखी है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुविधाजनक तरीके से संपन्न हो सके।  

कार्यकर्ताओं में जोश भरने पहुंचे जीतू पटवारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील

Jitu Patwari reached to energize the workers, appealed to strengthen the organization till the booth level. इंदौर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देपालपुर विधानसभा के बेटमा ब्लॉक में आयोजित ‘ब्लॉक स्तरीय पंचायत समिति कार्यकर्ता सम्मेलन’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आगामी राजनीतिक कार्ययोजना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर जिला (ग्रामीण) अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, विधानसभा प्रभारी मनोज सिंह गौतम, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष जीतू ठाकुर, मनीष पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए।

महंगी गैस पर कांग्रेस का विरोध: खाली सिलिंडर लेकर किया प्रदर्शन, फूंका सरकार का पुतला

जयपुर देशभर में लोग एलपीजी गैस सिलिंडर की कमी से परेशान हैं। ईरान–इस्राइल युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चा के बीच कई जगह गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को कांग्रेस ने पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। इसी क्रम में जयपुर के चांदपोल इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला भी जलाया। साथ ही गैस सिलिंडर की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई।  अजमेर में चूल्हा जलाकर जताया विरोध अजमेर में भी रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता खाली गैस सिलिंडर ठेले पर रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्हें सड़क पर रखकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। वहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर प्रतीकात्मक रूप से खाना बनाते हुए महंगाई और गैस सिलिंडर की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से गैस सिलिंडर की कीमतों में कमी करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। इस मौके पर राजस्थान सरकार के पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से थाली और ताली बजाने की अपील की थी, लेकिन अब जनता को गैस सिलिंडर के लिए फिर से लाइनों में लगना पड़ रहा है। यह सरकार की नीतियों की विफलता को दिखाता है। वहीं किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक डॉ. विकास चौधरी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई कम करने का वादा करके सत्ता में आए थे, लेकिन इसके बावजूद महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी की हालत बहुत खराब हो चुकी है और घरेलू गैस सिलिंडर के लिए भी लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।   श्रीगंगानगर में भी जोरदार विरोध श्रीगंगानगर में भी गैस सिलिंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और युवा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा कि 56 इंच की छाती वाले प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं। इसका नतीजा अब देश में गैस सिलिंडर की भारी कमी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, लेकिन लोग गैस सिलिंडर के लिए परेशान हैं और गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देशभर में यह संकट पैदा हुआ है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को चेतावनी देने के लिए किया गया है। अगर जल्द ही राजस्थान और देश में गैस की कीमतों और किल्लत को कम नहीं किया गया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ईशानवीर सिंह मान, पूर्व विधायक राजकुमार, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

आदिवासी विधायक को हटाना पूरे समाज का अपमान” — जीतू पटवारी का भाजपा पर बड़ा हमला

“Removing the tribal MLA is an insult to the entire society” – Jitu Patwari’s big attack on the BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर आदिवासी मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर दलित और आदिवासी विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ पूरी भाजपा एकजुट होकर खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा चुने गए एक आदिवासी विधायक को पद से हटाने की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और आदिवासी समाज के सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।

कर्ज के पहाड़ तले मध्यप्रदेश! मोहन सरकार फिर ले रही 5800 करोड़ का नया कर्ज, कांग्रेस ने घेरा”

Madhya Pradesh under a mountain of debt! The Mohan government is taking on another 5,800 crore rupees in new loans, and Congress is attacking it. भोपाल। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। प्रदेश सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने की तैयारी में है। इससे पहले होली से ठीक पहले सरकार 6,300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च (मंगलवार) को सरकार तीन अलग-अलग किस्तों में यह कर्ज लेगी। इसमें 1,900 करोड़, 1,700 करोड़ और 2,200 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि प्रदेश में विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। खासतौर पर इस धनराशि का उपयोग पूंजीगत कार्यों और अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगर हाल ही में लिए गए कर्ज को भी जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश द्वारा लिए गए कुल कर्ज की राशि लगभग 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर करीब 5.66 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है। इधर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लेकर मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल रही है और आने वाली पीढ़ियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लिया जा रहा कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के दायरे में है और इसका उपयोग केवल विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कर्ज का यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है, जहां विपक्ष सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाएगा।

भारत ने की थी 100 करोड़ की मदद, कांग्रेस ने याद दिलाया इराक हमले का वाकया

नई दिल्ली. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की ओर से मांग की जा रही है कि सरकार को ईरान के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। इन दलों का कहना है कि ईरान पर हमला और अयातुल्लाह खामेनेई के कत्ल पर भारत सरकार को सख्त रुख दिखाना चाहिए। ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए। इसी को लेकर चर्चा की मांग भी विपक्ष कर रहा है। इस बीच कांग्रेस ने 2003 में संसद में लाए गए प्रस्ताव की याद दिलाई है, जब अमेरिका ने ही इराक पर हमला किया था। तब इराक को 100 करोड़ रुपये की मदद की गई थी। इसमें नकद राशि और राशन आदि शामिल था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उस प्रस्ताव की प्रति को एक्स पर शेयर किया है। जयराम रमेश ने जो प्रस्ताव शेयर किया, उसमें लिखा था कि हम इराक के खिलाफ अमेरिका की लीडरशिप में हुए हमले की निंदा करते हैं। इराक में सत्ता परिवर्तन के लिए की गई सैनिक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। युद्ध के फलस्वरूप में इराक के मासूम लोगों, महिलाओं और बच्चों की वेदनाएं एक गंभीर मानवीय मसला है। यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष मंजूरी के बिना की गई है और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है। अत: यह सदन इराक के लोगों के लिए गंभीर संताप और गहन सहानुभूति प्रकट करता है। इसी प्रस्ताव में आगे जानकारी दी गई थी कि नकद और सामग्री के माध्यम से 100 करोड़ रुपये की सहायता देने का फैसला लिया गया है। इसमें विश्व खाद्य कार्यक्रम के लिए 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं देना भी शामिल है। यह भी हम विश्वास दिलाते हैं कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्यसभा के प्रस्ताव की प्रति भी जयराम रमेश ने शेयर की है। इसमें लिखा था कि यह सदन तत्काल युद्ध समाप्ति का आह्वान करता है और गठबंधन सेनाओं की शीघ्र वापसी की मांग करता है। यह सदन संयुक्त राष्ट्र से इस बात की भी मांग करता है कि वह इराक की प्रभुसत्ता की रक्षा करे। यह सुनिश्चित करे कि इराक का पुनर्निर्माण संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में हो। ईरानी प्रतिनिधि से मिलकर आए थे कांग्रेस के कई नेता गौरतलब है कि ईरान के मसले पर कांग्रेस नेता ऐक्टिव हैं। सांसद इमरान मसूद ने दिल्ली में स्थित ईरान के शीर्ष नेता के प्रतिनिधि से मुलाकात की थी और संवेदनाएं प्रकट की थीं। इसके अलावा ईरानी दूतावास में भी एक श्रद्धांजलि आयोजन हुआ था। इसमें भी कई नेता पहुंचे थे। वरिष्ठ वकील और राज्यसभा के सांसद कपिल सिब्बल भी इस आयोजन में गए थे।

कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है।

कांग्रेस नेत्री ने हनी ट्रैप से लूटा 8 तोला सोना, MP में गिरफ्तारी, राजस्थान के व्यापारी को बनाया था निशाना

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हनी ट्रैप के जरिए कोटा के ऑटो पार्ट्स व्यापारी और रामलीला के कलाकार भरत भूटानी से 12 लाख के सोने के गहने लूटने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान कांग्रेस नेत्री रीता आर्य, उनके पति राजेंद्र बुंदेला, बेटी निधि आर्य और दामाद विशाल आर्य के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों को कांच मिल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार राजस्थान निवासी भरत भूटानी को गांधीनगर स्थित आई-82 स्थित घर पर बुलाया गया था। यहां रीता आर्य ने अपने पति, बेटी और दामाद के साथ मिलकर पहले से उसे फंसाने की योजना बना रखी थी। पुलिस पूछताछ में रीता आर्य ने बताया कि भरत भूटानी से उनकी दोस्ती इंदौर निवासी सहेली नेहा ने करवाई थी। भरत इन दिनों रामलीला में काम करने के लिए ग्वालियर आए हुए थे। मेहमान की तरह स्वागत कर बनाया था शिकार भरत भूटानी रीता के घर पहुंचे, तो रीता और उनकी बेटी निधि ने उन्हें मेहमान की तरह बैठाया और बाद में रीता उन्हें कमरे में ले गई। इसी दौरान रसोई में छिपे राजेंद्र और विशाल मुंह पर कपड़ा बांधकर कमरे में घुस आए। दोनों ने मोबाइल में रिकॉर्डिंग चालू कर भरत पर आरोप लगाए और उसे जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने भरत के हाथ से अंगूठी, कड़ा और गले से सोने की चेन छीन ली। ग्वालियर में पति, बेटी और दामाद के साथ कांग्रेस नेत्री गिरफ्तार, हनी ट्रैप के जरिए लूटा था 8 लाख का सोना लूटा था 12 लाख रुपए की कीमत का 8 तोला सोना मामले की जानकारी देते हुए पड़ाव थाना पर प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने कहा है कि कोटा के ऑटो पार्ट्स कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर उससे 12 लाख रुपए की कीमत के 8 तोला सोने के जेवर ठगने वाली गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गैंग की मास्टरमाइंड एक महिला बताई जा रही है। जिसके साथ उसका पति, बेटी और दामाद भी इस वारदात में शामिल थे। वहीं पुलिस ने चारों को दबोचकर उनके पास से कारोबारी से ठगे गए सोने के जेवर भी बरामद कर लिए हैं और अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। व्यापारी ने पुलिस को बताई थी लूट की कहानी भार्गव ने आगे बताया कि वारदात के बाद कारोबारी भरत भूटानी ने शुरुआत में लूट की कहानी बताई थी, लेकिन जांच के दौरान जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, तो उसमें राजेंद्र और विशाल चेहरा छिपाकर भागते दिखाई दिए। कुछ देर बाद रीता और निधि भी उनके ठिकाने पर पहुंचती नजर आईं। जिसके बाद पुलिस ने लोकेशन के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से व्यापारी भरत भूटानी से लूटे गए सोने के गहने भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

2028 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की नई रणनीति, दिग्गज नेता के बयान से मचा राजनीतिक भूचाल

सरगुजा छत्तीसगढ़ की राजनीति में कभी “जय-वीरू” के नाम से चर्चित भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी अब पुराने अंदाज में शायद नजर न आए। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इशारों-इशारों में कहा है कि राजनीति की नई फिल्म में नए किरदार भी सामने आ सकते हैं। दरअसल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी को कांग्रेस की जीत का बड़ा कारण माना गया था। उस समय दोनों नेताओं को “जय-वीरू” की जोड़ी कहा जाता था। अब सिंहदेव ने इस पर बयान देते हुए कहा कि एक फिल्म हिट होने के बाद उसी तरह की फिल्म बार-बार नहीं बनती। जैसे शोले एक सुपरहिट फिल्म थी, लेकिन उसकी कई सीक्वल नहीं बनीं। आगे नई फिल्म बनेगी, जिसमें पुराने कलाकार भी हो सकते हैं और नए चेहरे भी नजर आ सकते हैं। सिंहदेव ने यह भी कहा कि उस समय सिर्फ दो नाम ज्यादा चर्चा में थे क्योंकि भूपेश बघेल पीसीसी अध्यक्ष थे और वे नेता प्रतिपक्ष थे, लेकिन असल में पूरी टीम ने मिलकर काम किया था। सिंहदेव के इस बयान को कांग्रेस के भीतर बदलते सियासी समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह किसी मतभेद की वजह से नहीं बल्कि समय और परिस्थितियों के बदलने की वजह से है। अब 2028 के चुनावी मैदान में कांग्रेस की “नई फिल्म” में मुख्य किरदार कौन निभाएगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

चुनाव 2028 की तैयारी: सोशल मीडिया के जरिए जनता तक मुद्दे पहुंचाने की कांग्रेस की बड़ी योजना

भोपाल संगठन सृजन अभियान के साथ ही जन-जन तक पहुंच बढ़ाने के लिए कांग्रेस नए-नए प्रयोग कर रही है। इसमें तकनीक के बदलते दौर की दृष्टि से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति है। इसके लिए बड़ा प्रयास यह कि पार्टी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों का सहयोग लेने जा रही है। इनकी संख्या हजारों में होगी। शुरुआत में लगभग 250 को चिह्नित भी कर लिया गया है। यह ऐसे लोग हैं जिनके सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में फालोअर्स हैं। लेखन अच्छा है, कांग्रेस विचारधारा की ओर झुकाव है। ये इंफ्लूएंसर अपने वाल, हैंडल आदि पर लिखेंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, बड़े आयोजन, चुनाव, पार्टी की रीति नीति, त्वरित मुद्दों पर लिखेंगे। पार्टी ने ऐसे लोगों को खोजने के लिए कई महीने तक उनके सोशल मीडिया पोस्ट देखे। इसमें सामने आया कि उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं आती हैं। हर जिले में रहेगी इंफ्लूएंसरों की टीम समसामयिक विषयों और राजनीति की समझ भी अच्छी है। यह भी पता चला कि उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ है, ऐसा नहीं है तो भी भाजपा विरोधी हैं। इसके बाद पार्टी ने इन लोगों से संपर्क किया और तैयार किया। हर जिले के लिए पांच से 10 इंफ्लूएंसरों की टीम रहेगी। विधानसभा चुनाव के पहले तक इनकी संख्या बढ़ाने का भी लगातार प्रयास किया जाएगा। प्रदेश संगठन इनके सतत संपर्क में रहेगा। कोशिश की जाएगी की सभी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात पोस्ट करें। कांग्रेस में पहली बार इस तरह का प्रयोग हो रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया का नेटवर्क तैयार कर रही है। 25 सदस्यों वाली पंचायत समितियां में एक व्यक्ति सोशल मीडिया के लिए भी काम करेगा। उसके पास बूथ स्तर तक सभी मतदाताओं का डाटा रहेगा। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्तर तक भी सोशल मीडिया का प्रभारी बनाया जाएगा। भाजपा भी इंफ्लुएंसरों को जोड़ रही भाजपा भी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को अपने साथ जोड़ रही है। हाल ही में भोपाल में पार्टी के सभी विधायकों के सोशल मीडिया हैंडलर्स का प्रशिक्षण हुआ था। इसमें उन्हें कहा गया था कि विधानसभा क्षेत्र, तहसील, मंडल से लेकर गांव-गांव तक जो छोटे-छोटे इंफ्लुएंसर हैं उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाए, जिससे पार्टी की गतिविधियां निचले स्तर तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त पार्टी के आइटी विभाग का अपना अलग नेटवर्क है।

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