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कोरोना के नए वैरिएंट से राज्य में पहली मौत, इन जिलों में सबसे ज्यादा आ रहे हैं केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ में कोविड अब जानलेवा होता जा रहा है। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, राज्य में कोरोना वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है। राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग की राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग और निगम अमले की मौजूदगी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत कन्हारपुरी स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के 7 लोग रहे मौजूद जब कोविड संक्रमण व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया तो इस दौरान परिवार के सिर्फ सात लोग ही मौजूद रहे। इस मामले के बाद परिवार के सभी सदस्यों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी और उनके सैंपल कोविड-19 जांच के लिए भेजे जाएंगे। 14 जून को हुए थे भर्ती राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ के चलते 14 जून को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी थी कि वह कोरोना से संक्रमित थीं। परिवार के सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि वह होम क्वारंटीन हैं। जांच रिपोर्ट में पेशेंट कोविड पॉजिटिव आया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओवरऑल अब तक प्रदेश में कोविड के 118 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 42 पिछले पांच दिनों में मिले हैं। सोमवार को दस नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर के 3, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 और सरगुजा-महासमुंद से एक-एक मरीज शामिल हैं। 24 मई को पहला मरीज मिला, 23 दिन में आंकड़ा 100 पार हालांकि एक्टिव मरीजों की संख्या 51 है, वहीं 66 रिकवर हो चुके हैं। इनमें 41 होम आइसोलेशन में हैं। 9 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, वहीं 1 मरीज ICU में है। प्रदेश में 24 मई को प्रदेश में पहला कोविड पेशेंट रायपुर में मिला था। 23 दिन में आंकड़ा सैकड़ा का अंक पार गया है। इस लिहाज से प्रदेश में रोज 5 मरीज मिल रहे हैं। अगले दस दिन में 50 और नए मरीज मिल सकते हैं अच्छी बात ये है कि 3 मरीज रोज ठीक भी हो रहे हैं। कुछ और डेप्थ कैलकुलेशन करें तो जो डिजिट सामने आते हैं उसके मुताबिक कोविड की डेली ग्रोथ रेट 23.1% है, वहीं रिकवरी रेट 56.41% है। यानी रिकवरी रेट +33% हैं। इस लिहाज से अगले 10 दिनों का प्रोजेक्शन सेट करें तो प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या 167 हो जाएगी। लेकिन इनमें 96 रिकवर भी हो चुके होंगे। कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं छत्तीसगढ़ में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलो के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल भी की थी। राज्य में कोविड में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर और बिलासपुर में आ रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि राहत की बात ये है कि मरीज जल्दी से रिकवर हो रहे हैं। 6 मई को सबसे ज्यादा मरीज सामने आए इस महीने कोविड के सबसे ज्यादा मरीज बीते शुक्रवार यानी 6 मई को मिले थे। एक ही दिन में रायपुर में 11, बिलासपुर में 5 और बालोद में 1 मरीज के साथ कुल 17 मरीज मिले थे। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा था। सैंपल कलेक्शन से लेकर कोविड मरीज के इलाज तक की ट्रेनिंग स्टाफ को दी जा रही है। साथ ही इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए मॉकड्रिल भी कराई गई है। ओवर ऑल बात करें तो प्रदेश में अब तक रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बालोद, बस्तर, सरगुजा महासमंद और बेमेतरा समेत कुल 9 जिलों में कोविड के पेशेंट मिल चुके हैं। होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे मरीज मेकाहारा के डॉ. आर के पांडा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटाइन में ही ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उन मरीजों को ज्यादा खतरा है, जिन्हें पहले से दूसरी या एक से ज्यादा बीमारियां हैं। खासकर डायबिटीज पेशेंट और चेन स्मोकर्स नए वैरिएंट के चपेट में जल्दी आ सकते हैं। देशभर में कोविड से 108 मौतें वहीं, अगर देशभर की बात करें तो 9 राज्यों को छोड़कर बाकी स्टेट्स में कोविड का नया वैरिएंट JN.1 फैल चुका है। अभी 7 हजार 264 मरीज रिकवर एक्टिव केस हैं। वहीं 13 हजार 604 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 108 मौतें हो चुकी हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि नया वैरिएंट पहले की तुलना में कम खतरनाक हैं, फैटेलिटी रेट सिर्फ 2% है। ऑक्सीजन प्लांट्स बंद, बिगड़ सकती व्यवस्था रायपुर में कोविड के बढ़ते केस के बीच सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन प्लांट को लेकर दिखती है। लास्ट कोविड वेव के दौरान पीएम केयर फंड से सरकारी अस्पताल DKS, आयुर्वेदिक कॉलेज और अंबेडकर अस्पताल में अपना ऑक्सीजन प्लांट खड़ा किया गया था, जिससे मरीजों को वक्त पर सप्लाई मिल सके। अस्पताल परिसर में लगे ये ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हैं। DKS में बीते 2 सालों में अस्पताल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पर करीब 3.84 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। हर महीने करीब 16 लाख रुपए का बिल सिर्फ सिलेंडर खरीदने में जा रहा है।

देश में 24 घंटे में कोविड-19 से 11 मौतें, सक्रिय मामले घटकर 7,264 रह गई

नई दिल्ली/मुंबई/बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम भारत में कोविड-19 संक्रमण को लेकर फिलहाल राहत की खबर है। देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 जून को सुबह 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,264 रह गई है। बीते 24 घंटों में 119 एक्टिव केस कम हुए हैं, जो संक्रमण की स्थिति में सुधार का संकेत है। केरल में सबसे ज्यादा संक्रमण मामले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केरल, जो संक्रमण के मामलों में सबसे आगे रहा है, वहां एक्टिव केस घटकर 1,920 रह गए हैं। अकेले केरल में 87 सक्रिय मामले कम हुए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में 38, दिल्ली में 33, तमिलनाडु में 23, गुजरात और हरियाणा में 8-8, पंजाब में 7, आंध्र प्रदेश में 6, असम में 4, उत्तराखंड में 3, जम्मू-कश्मीर में 2, और पुडुचेरी में 1 एक्टिव केस में गिरावट आई है। इन राज्यों में संकमण के नए केस हालांकि कुछ राज्यों में संक्रमण के नए मामले भी सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में 37, राजस्थान में 30, कर्नाटक में 18, मणिपुर में 5, झारखंड और मध्य प्रदेश में 4-4, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में एक-एक नए मरीज मिले हैं। उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या अब 275 तक पहुंच गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केरल में संक्रमण के 87 केस घटे हैं। उसके अलावा महाराष्ट्र में 38, दिल्ली में 33, तमिलनाडु में 23, गुजरात-हरियाणा में 8-8, पंजाब में 7, आंध्र प्रदेश में 6, असम में 4, उत्तराखंड में 3, जम्मू-कश्मीर में 2, पुडुचेरी में एक की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान में कोविड संक्रमण के 30, कर्नाटक में 18, मणिपुर में 5, झारखंड और मध्य प्रदेश में 4-4, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में एक-एक मरीज मिले हैं। नए आंकड़ों के बाद केरल में सबसे ज्यादा कुल एक्टिव केस 1920 हैं, जबकि गुजरात में 1433, दिल्ली में 649, महाराष्ट्र में 540 हैं। इसके अलावा देशभर में एक दिन में ही कोविड संक्रमण से 11 लोगों की जान गई है। लगातार दूसरा दिन है, जब नए वैरिएंट से मरने वालों की संख्या 10 से ज्यादा रही है। 15 जून को भी देशभर में कोविड से संक्रमित 10 लोगों की जान गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में पूरे देश में सबसे ज्यादा 7 मौतें केरल में हुई हैं। बाकी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में एक-एक मरीज की जान गई है। 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत गंभीर चिंता का विषय यह है कि बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से 11 मरीजों की मौत हुई है। यह लगातार दूसरा दिन है, जब कोविड से 10 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। इससे पहले 15 जून को 10 मरीजों की मृत्यु हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन 11 मौतों में से सबसे अधिक 7 मौतें केरल में हुई हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में एक-एक मरीज की मृत्यु हुई है। देश में संक्रमण की स्थिति अभी नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नई वैरिएंट्स और मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और टीकाकरण को अपडेट रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके। राज्यों से कोरोना अपडेट…     उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है। प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी अस्पतालों को जरूरी दवाएं, पीपीई किट, जांच सुविधाएं, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं को तैयार रखने को कहा है।     महाराष्ट्र: राज्य में शनिवार को कोरोना के 53 नए केस मिले। वहीं, 2 मरीजों की मौत हो गई। 1 जनवरी से अब तक 21067 कोविड-19 टेस्ट किए गए हैं। इस दौरान 1967 पॉजिटिव केस सामने आए।     केरल: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज करते समय जून 2023 में जारी की गई कोविड गाइडलाइन पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है। साथ ही ​​​​​​जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों का कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।     कर्नाटक: गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने में 25 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया है। इनमें से पांच-पांच बेड ICU (वेंटिलेटर समेत), हाई डिपेंडेंसी यूनिट और पांच प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए हैं। बाकी 10 नॉर्मल बेड हैं। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं, लोगों को चिंता नहीं, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी … Read more

जबलपुर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, मचा हड़कंप

जबलपुर  मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में एक 27 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। महिला ने दो दिन पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक बच्चे को जन्म दिया था। इस दौरान सांस लेने में समस्या होने पर उसकी जांच कराई गई थी, जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रविवार को महिला ने दम तोड़ दिया।     सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मृतक महिला मंडला जिले के नारायणगंज की रहने वाली थी। उसे शुक्रवार को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद महिला को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिस पर डॉक्टरों ने उसका कोरोना टेस्ट कराया गया। शनिवार को आई रिपोर्ट में वह संक्रमित पाई गई। महिला को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया, इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। डिलीवरी के बाद बढ़ी फेफड़ों की समस्या डॉ. मिश्रा ने बताया, ‘महिला शुक्रवार को प्रसव के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आई थी. शनिवार को उसने बच्चे को जन्म दिया. बाद में उसे फेफड़ों में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद कोरोना जांच कराई गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई.’ एक हफ्ते में कोरोना के तीन केस रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महिला को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी मौत हो गई. डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि अस्पताल में इस समय 70 साल के एक बुजुर्ग का कोरोना संक्रमण का इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते में जबलपुर में तीन कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिनमें एक व्यक्ति कटनी जिले का निवासी था और एक यह मृतक महिला थी. कोरोना के दो मरीज डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में जबलपुर में दो कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इनमें एक जबलपुर और एक कटनी का रहने वाला है। मंडला निवासी महिला की मौत हो गई है। यह जबलपुर में कोरोना संक्रमित किसी मरीज की इस साल पहली मौत है। 

भारत में कोरोना केस 7 हजार के पार, पंजाब ने जारी की नई एडवाइजरी

नई दिल्ली देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब पंजाब सरकार ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नई एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है. पंजाब सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. इसके अलावा लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है. वहीं अगर किसी को खांसी या बुखार जैसी शिकायत हो तो वह स्वयं आइसोलेशन में रहकर इलाज कराए और दूसरों से संपर्क से बचे. पंजाब सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं और मास्क व सैनिटाइजर का नियमित प्रयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है, साथ ही लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, हाथों को बार-बार धोने और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. हालांकि राज्य सरकार ने अभी किसी प्रकार की पाबंदी या लॉकडाउन जैसे उपाय नहीं अपनाए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात ही बचाव है. इसलिए आमजन से सहयोग की अपील की जा रही है. देश में 7400 कोरोना मामले एक्टिव देशभर में कोरोना संक्रमण के मामलों में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है. संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों की टेंशन बढ़ गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 7400 पहुंच गए हैं. देश में कुल एक्टिव केस 7400 हैं. कोरोना मामलों को लेकर राज्यों में क्या हैं हालात? इसके अलावा राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा एक्टिव केस इस समय गुजरात में हैं, यहां यह आंकड़ा 1437 है. वहीं दिल्ली में 672 केस एक्टिव हैं. इसके अलावा केरल में 2109 और महाराष्ट्र में 613 कोरोना केस एक्टिव हैं. राजस्थान में 180, तमिलनाडु में 232, उत्तर प्रदेश में 248, पश्चिम बंगाल में 747, कर्नाटक में 527, मध्य प्रदेश में 120, हरियाणा में 97 और आंध्र प्रदेश में 102 केस एक्टिव हैं.

मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले, अब तक तीन की मौत; इंदौर में सबसे ज्यादा संक्रमित

भोपाल / ग्वालियर / जबलपुर  मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें इंदौर और दमोह और भोपाल के मामले शामिल हैं। बढ़ते कोरोना मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन राहत की बात ये है कि ज्यादातर मरीजों में JN.1. सबवेरिएंट के हल्के लक्षण देखने को मिले हैँ। कई मरीज अस्पतालों में इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर भी पहुंचे हैं इंदौर में 52 साल की महिला की मौत एक दिन पहले ही इंदौर में 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जबलपुर में पहला कोरोना केस मिला। गुरुवार को इंदौर में भर्ती रतलाम की कोरोना संक्रमित 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला 8 जून को टीबी के इलाज के लिए भर्ती हुई थी, जिसे बाद में एमआरटीबी शिफ्ट किया गया। सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे के अनुसार, महिला को पहले से गंभीर बीमारियां थीं। टीबी, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी, जिससे उनकी हालत और जटिल हो गई थी। जबलपुर में मिला एक और मरीज मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर थम नहीं रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहर कोरोना संक्रमण की चपेट में है। रोज-रोज नए एक्टिव केस सामने आ रहे हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल और ग्वालियर के बाद अब जबलपुर में कोरोना का एक और मरीज मिला है। अब जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या दो हो गई है।  जानकारी के अनुसार नए कोरोना मरीज को उसके ही घर में आइसोलेट किया गया है। कोरोना पॉजिटिव युवक किसी अन्य शहर से यात्रा (ट्रैवल हिस्टी) करके लौटा था। इसके पहले मंगलवार को कोरोना का पहला मरीज मिला था। 80 साल के एक बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव हुए थे। सभी निजी अस्पतालों को भी कोरोना के इलाज के लिए तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल में भी सेपरेट वार्ड बनाया गया है। पहले से गंभीर समस्या 6 दिन पहले खरगोन से इंदौर रेफर 44 वर्षीय महिला की कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मौत हो गई थी। इससे पहले कोरोना संक्रमित 74 वर्षीय महिला की अरबिंदो अस्पताल में मौत हुई थी। दोनों को गंभीर समस्याएं थीं। इसकी पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड पर की गई है, जिसमें बताया गया कि प्रदेश में कोरोना से एक और महिला की जान गई है। मृतक 52 वर्षीय महिला थीं, जिन्हें ब्रोंकियल अस्थमा था। उन्हें 25 साल पहले टीबी हो चुकी थी और वे मधुमेह (HbA1C 7.4%) से भी पीड़ित थीं। एमपी में 11 जून को कुल 21 कस दर्ज किए गए। जो इस साल एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या एमपी में 123 हो गई है। इनमें 86 केस एक्टिव हैं और 34 मरीज रिकवर होकर घर जा चुके हैं। इन तीन जिलो में हुई मौत     – रतलाम में 52 साल की महिला की मौत हुी है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी महिला।     – खरगोन में 44 साल की महिला की मौत हुई है, महिला ने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में शिशु को जन्म दिया था।     – इंदौर में 74 साल की महिला को किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रेल को अरबिंदो अस्पताल में कोरोना के इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई थी। राजधानी भोपाल में 13 मरीज राजधानी भोपाल में कोरोना के अब तक 13 मरीज सामने आए हैं। सरकारी अस्पतालों में RT-PCR जांच के लिए किट तक उपलब्ध नहीं है यहां मरीज निजी लैबों के भरोसे हैं। बता दें कि बीते दिन गुरुवार 12 जून को भोपाल के नए सीएमएचओ डॉ. मनीश शर्मा ने जेपी अस्पताल का दौरा किया। औचक निरीक्षण में सामने आया कि वहां पीएस प्लांट ही ठीक नहीं है। इसके बाद जल्द ही प्लांट को ठीक करने के निर्देश भी दिए। इंदौर में 51 से ज्यादा एक्टिव केस अकेले इंदौर में अब तक 88 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 76 इंदौर के शेष सभी बाहर के नागरिक हैं। इन सभी की हिस्ट्री चेक की जा रही है। 11 जून को 12 नए मामले 11 जून को भी 12 नए कोरोना मरीज सामने आए। इनमें सभी इंदौर के ही रहवासी हैं। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। एक्टिव केस 51 से ज्यादा हैं। जानें क्या है सब वेरिएंट JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे पिरोला भी कहा जाता है। अगस्त 2023 में इस वेरिएंट का पहला मामला सामने आया था। इसमें भी करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। JN.1 के लक्षण -सिरदर्द -बुखार -सूखी खासी -आंखों में जलन -स्वाद न आना -गंध न आना देशभर में जनवरी से अब तक करीब 77 मौतें जबकि देश की बात करें तो जनवरी 2025 से अब तक करीब 77 मौतों की पुष्टि हुई है। इनमें एमपी की 3 मौतों को शामिल किया गया है। 

मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और मौत, अब तक तीन लोगों ने गंवाई जान, 86 एक्टिव केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हुई है। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में कोविड के अब तक 123 मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस है। 11 जून को 21 नए मामले आए सामने भारत में कोरोना की नई लहर में एक्टिव केसों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। रोजोना सैकड़ों नए केस सामने आ रहे हैं। प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। जो इस साल एक दिन में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस हैं। इन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, महिला रतलाम की रहने वाली थीं और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें 8 जून को सांस लेने में तकलीफ होने पर भर्ती किया गया था। 10 जून को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रेफर किया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने नहीं जारी किए जिलेवार आंकड़े प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) द्वारा अब जिलेवार आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्य अभी भी रोजाना हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहे हैं। IDSP के प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का। साल 2020 में महामारी शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अधिकारी कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। एक दिन में 21 नए केस, अब तक 123 संक्रमित प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। यह इस साल एक दिन में दर्ज सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें से 86 एक्टिव केस हैं और 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। इन 3 जिलों की महिलाओं की हुई मौत     रतलाम: 52 वर्षीय महिला, जिन्हें टीबी, ब्रोंकाइटिस और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां थीं। मौत 11 जून को इंदौर में इलाज के दौरान हुई।     खरगोन: 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई।     इंदौर: 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। 3 की हो चुकी हैं मौत वहीं प्रदेश में अब तक 3 मौतें हुई हैं। 11 जून को रतलाम जिले की रहने वाली 52 वर्षीय महिला की इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को ब्रोंकियल अस्थमा था। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। इससे पहले खरगोन जिले की 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई थी। वहीं इंदौर की 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। कमजोर इम्यूनिटी वाले, गर्भवती महिलाएं रहें अलर्ट भारत में फिलहाल कोरोना का JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक देखा जा रहा है। जांच में आधे से ज्यादा सैंपल में यही वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनज (20%) के मामले मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ माना है, यानी इस पर निगरानी बनाए रखने की जरूरत है। भोपाल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव के अनुसार, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, पुराने रोगियों और गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से संबंधित सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। भोपाल और इंदौर में नए केस     भोपाल: अब तक कुल 13 केस सामने आए हैं, जिनमें से 2 नए केस बुधवार को मिले।     इंदौर: अब तक कुल 81 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 12 नए मामले बुधवार को सामने आए।

देशभर में कोरोना की बढ़ रही रफ्तार, अबतक 74 मौत…इस नए वेरिएंट की हुई एंट्री

नई दिल्ली  देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को कर्नाटक में कोरोना से 3 मौतों के बाद देश में कुल मृतकों की संख्या 71 हो गई है। इसी के साथ एक्टिव मरीजों की संख्या 7121 पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में 306 नए मामले और 6 लोगों की मौत हुई है। इनमें कर्नाटक के दो, केरल और दिल्ली में 1 मरीज ने संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है। महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें कोरोना से अब तक महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 19 मौतें हुई हैं। इसके बाद केरल में 19, दिल्ली में 8 और कर्नाटक में 11 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है।  इसके साथ ही गुजरात में 114 और कर्नाटक में 100 नए मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 10 दिन में 3000 से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इस दौरान 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। केरल में कोरोना के सर्वाधिक मामले देश में कोरोना वायरस से केरल के हालात सबसे ज्यादा नाजुक बने हुए हैं। केरल में एक्टिव मरीजों की संख्या 2941 से ज्यादा हो चुकी है। राज्य में बढ़ते मामलों के बीच सरकार और स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो चुका है। मीडिया को संबोधित करते हुए केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से मास्क का इस्तेमाल और सैनिटाइजर का उपयोग करने की अपील की है। कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर पर तैयारी चालू देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न राज्यों में कोरोना के मरीजों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड का निर्माण किया जा रहा है। ऑक्सीजन और अन्य दवाओं की पूर्ति के लिए अस्पताल और प्रशासन तैयारी कर रहा है। PM से मिलने के पहले कराना होगा RT-PCR टेस्ट कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आदेश जारी किया गया है कि मंत्रियों और अन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट कराने के बाद ही मंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पाएंगे। आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही अधिकारी और मंत्री पीएम मोदी से मुलाकात कर पाएंगे। क्या है RT-PCR टेस्ट? जानकारी के लिए बता दें कि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) टेस्ट कोरोना का का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए कोरोना संक्रमण के आनुवंशिक पदार्थ (RNA) का पता लगाने के लिए नाक-गले से स्वाब नमूने लेते हैं। आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए 4 स 5 घंटों के भीतर ही इस बात की जानकारी मिल जाती है कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं। कोरोना के 4 नए वैरिएंट का डर भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस के 4 नए वैरिएंट देखें जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में कोविड-19 के ओमिक्रोन की सब‑वैकिएंट XFG, LF.7, JN.1, NB.1.8.1 के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना के इन नए वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, थकान शामिल हैं । कोरोना से बचाव के उपाय कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए उपायों को अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं इसके बारे में।     भीड़भाड़ वाले क्षेत्र जैसे बाजार और मॉल में जाने से बचें।     सार्वजनिक स्थान और वाहन का इस्तेमाल करते समय मास्क लगाएं।     बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोए।     अगर आपके पास पानी मौजूद नहीं है तो सैनेटाइजर का उपयोग करें।     खांसी और छींकते समय नैपकिन या कोहनी मुंह के पास रखें। अगर आपको स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाएं। टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर से सलाह लें।

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस, एक्टिव मामलों की संख्या 6815 के पार, नए XFG वैरिएंट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली  देशभर में कोराना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या मंगलवार सुबह तक 6815 पहुंच गयी और पिछले 24 घंटों के दौरान इसके संक्रमण से तीन और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 68 पहुंच गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार आज सुबह आठ बजे तक 324 नए संक्रमण के मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय मामलों की संख्या 6,815 हो गई और इस बीमारी के संक्रमण से 7644 मरीज स्वस्थ हो गये हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से तीन और मरीजों की जान जाने से मृतकों की संख्या 68 हो गयी है। इस अवधि में राष्ट्रीय राजधानी, केरल और झारखंड से एक-एक मरीज की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मामले केरल में दर्ज किए गए हैं। देश में 30 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में कोरोना सक्रिय मामलों में वृद्धि हुई है। जिनमें से केरल, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य कोरोना संक्रमण के मामले में केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य है, जहां आज सुबह तक 96 सक्रिय मामले बढ़ने के साथ इसका आंकड़ा दो हजार पार कर 2053 तक पहुंच गया और दिल्ली में लगभग 37 मामलों के घटने से संक्रमितों की कुल संख्या 691 रह गई। इसके अलावा गुजरात में 1109, पश्चिम बंगाल में 747, महाराष्ट्र में 613, कर्नाटक में 559, तमिलनाडु में 207, उत्तर प्रदेश में 225, राजस्थान में 124, हरियाणा में 108, आंध्र प्रदेश में 86, पुड्डुचेरी में नाै, सिक्किम में 36, मध्य प्रदेश में 52, छत्तीसगढ में 44, बिहार में 48, ओडिशा में 39, पंजाब मेें 30, जम्मू-कश्मीर में नौ, झारखंड में छह, असम में तीन, गोवा में पांच, तेलंगाना में 10, उत्तराखंड में छह, हिमाचल प्रदेश तीन, चंड़ीगढ़ में दो और त्रिपुरा में एक सक्रिय मामले हैं। मिजोरम और अरुणाचल कोरोना का कोई मामला नहीं मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण को कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में कोविड मामलों में मौजूदा उछाल ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट जैसे कि जेएन.1, एनबी.1.8.1, एलएफ.7 और एक्सएफसी के कारण है। इनमें संक्रमण की संभावना अधिक है, लेकिन इनमें लक्षण हल्के हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन्हें वर्तमान में निगरानी में रखे गए वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है – अभी तक चिंता का विषय नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस बीच, कोरान के लिए जिम्मेदार वायरस सार्स-सीओवी-2 खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह अब अप्रत्याशित आपातकाल की तरह व्यवहार नहीं करता है – बल्कि, यह फ्लू की तरह बीमारियों के आवर्ती चक्र का हिस्सा बन गया है। कोरोना के मामलों में वृद्धि के जवाब में, केंद्र सरकार ने अस्पतालों की तैयारी और ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न राज्यों में मॉक ड्रिल शुरू की है। XFG वैरिएंट क्या है? द लैंसेट जर्नल के अनुसार, XFG वैरिएंट ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट का वंशज है, जिसे सबसे पहले कनाडा में पाया गया था. LF.7 और LP.8.1.2 से उत्पन्न हुआ XFG वैरिएंट में चार मुख्य स्पाइक म्यूटेशन (His445Arg, Asn487Asp, Gln493Glu, और Thr572Ile) हैं. रिसर्च में कहा गया है कि यह तेजी से विश्व भर में फैल गया है. XFG वैरिएंट में मजबूत इम्यूनिटी से भी बचने की क्षमता है जो वायरस को जिंदा रहने और फैलने का रास्ता देती है क्योंकि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब हो सकता है. भारत में XFG कहां पाया गया है? INSACOG के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार: महाराष्ट्र में सबसे अधिक XFG मामले (89) दर्ज किए गए हैं, इसके बाद तमिलनाडु (16), केरल (15), गुजरात (11), तथा आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल (6-6) मामले हैं. इनमें से अधिकांश मामले (159) मई 2024 में सामने आए, जबकि अप्रैल और जून में 2-2 मामले सामने आए. XFG वैरिएंट पिछले वेरिएंट्स से कैसे अलग है? भारतीय वैज्ञानिक XFG पर करीबी नजर रख रहे हैं क्योंकि इसके स्पाइक प्रोटीन में कुछ म्यूटेशन हुए हैं. यह वायरस का वह भाग है जो इसे मानव कोशिकाओं से जुड़ने और उनमें प्रवेश करने में मदद करता है. ये म्यूटेशन इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि वायरस कितनी आसानी से मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कितनी तेजी से फैलता है. जबकि कुछ म्यूटेशन वायरस की मानव कोशिकाओं से जुड़ने की क्षमता को कम कर देते हैं (जिसे विशेषज्ञ ACE2 रिसेप्टर बाइंडिंग में कमी कहते हैं), अन्य म्यूटेशन इसे इम्यून रिस्पांस से बचने में मदद करते हैं, जिसका अर्थ है कि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टाम या वैक्सीन से बच सकता है. इस कॉम्बिनेशन का मतलब यह है कि XFG पहले के वैरिएंट्स जितना संक्रामक तो नहीं है लेकिन फिर भी इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता शरीर को संक्रमण से बचने की ताकत को कठिन बना देती है. खासकर उम्रदराज, पुरानी बीमारी से पीड़ित और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में. कितनी जोखिम हो सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जो दिखाए कि XFG के कारण अधिक गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति बन रही है. हालांकि इस XYG में इम्यूनिटी को चकमा देकर चुपचाप फैलने की इसकी क्षमता यदि और बढ़ती है तो चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि यदि इन वैरिएंट पर अभी बारीकी से नजर नहीं रखी गई तो ये आगे चलकर जोखिम पैदा कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जितने भी वैरिएंट सामने आ रहे हैं ये सभी ओमिक्रॉन वैरिएंट और सब-वैरिएंट हैं. भारत में इनकी वृद्धि कम है और मृत्यु दर भी काफी कम है. इन वैरिएंट से जुड़ा कोई बड़ा खतरा नहीं है. हालांकि अभी देश में डबल सीजन (गर्मी) की वजह से मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़ गए हैं और इस कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है. वहीं फ्लू और कोविड दोनों के लक्षण भी लगभग समान ही हैं इसलिए लोग अधिक परेशान हो रहे हैं. लेकिन फिलहाल डरने की कोई जरूरत नहीं है.

छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में कोविड के 9 नए मरीज, रायपुर में सबसे अधिक एक्टिव मरीज

 रायपुर कोरोना के मरीजों की संख्या छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रही है, पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ में कोरोना के 9 नए मरीज मिले हैं, जिनमें 5 मरीज राजधानी रायपुर और 4 मरीज बिलासपुर में मिले हैं. नए वैरिएंट के बाद यह छत्तीसगढ़ में एक दिन में मिलने वाले मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, जबकि सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. राजधानी रायपुर में फिलहाल कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज है, जबकि बिलासपुर दूसरे नंबर पर है. इसके अलावा दुर्ग और बस्तर में भी मरीज मिले हैं. छत्तीसगढ़ में फिलहाल 28 कोरोना मरीज छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 30 कोरोना मरीज मिले हैं, जिनमें से 2 मरीज रिकवर हो गए हैं, जबकि 28 एक्टिव मरीज हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 18 मरीज रायपुर में फिर बिलासपुर में 6 मरीज है. इसके अलावा दुर्ग में 3 और बस्तर में 1 कोरोना मरीज की पुष्टि हुई है, लगातार मिल रहे मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है और जेएन-1 वेरियंट को लेकर अलर्ट पर है. लगातार संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग भी हो रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की बात कही है. हालांकि अस्पताल में फिलहाल एक ही मरीज को भर्ती किया गया है, बाकि के मरीजों को क्वारंटाइन किया गया है. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल कोरोना के जो मरीज मिले हैं, उनमें ज्यादातर की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जबकि अधिकतर मरीजों में सामान्य ही लक्षण पाए गए हैं, ऐसे में ज्यादातर मरीजों को सावधानी बरतने के साथ-साथ घर पर ही इलाज लेने की बात कही गई है. फिलहाल सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. वहीं सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई हैं, खास बात यह है कि ज्यादातर मरीजों में एक जैसे लक्षण मिले हैं, जिसमें सर्दी जुखाम, बुखार और खांसी शामिल है. सावधानी बरतने की सलाह छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भी डॉक्टरों को अलर्ट रहने की सलाह दी है, जबकि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के हिसाब से तैयारियां की गई हैं, जरूरत के हिसाब से जीनोम सीक्वेंसिंग के सैंपल रायपुर एम्स भी भेजे जा रहे हैं. बता दें कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 9 नए मरीज छत्तीसगढ़ में मिले थे. 

एमपी में 24 घंटे में 9 नए कोरोना मामले दर्ज हुए, स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की

भोपाल / इंदौर मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है. बीते 24 घंटे में प्रदेश में कुल 9 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. इनमें इंदौर से 5, भोपाल और ग्वालियर से 2-2 मरीजों की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को कुल 17 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अधिकांश मामले शहरी क्षेत्रों से हैं. इस समय प्रदेश में कुल 36 एक्टिव केस हैं, जबकि 13 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. राजधानी भोपाल में फिलहाल तीन एक्टिव मरीज हैं. इंदौर एक बार फिर हॉटस्पॉट के रूप में उभरता दिख रहा है. तेजी से फैल सकता है संक्रमण विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और लापरवाही के चलते संक्रमण तेजी से फैल सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की है. साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द लगवाने की सलाह दी गई है. राज्य सरकार ने फिलहाल किसी तरह की पाबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. वायरस के दो नए सब-वैरिएंट की हो चुकी पुष्टि बता दें दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो नए सब-वैरिएंट XFG और LF.7.9 की पुष्टि हुई थी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर द्वारा भेजे गए सात सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में की गई थी, जिसमें यह जानकारी सामने आई. इंदौर शहर में  पिछले पांच दिनों में 18 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन अभी भी जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के अस्पतालों में स्थित ऑक्सीजन प्लांट की अभी तक माकड्रिल नहीं हुई है। वर्ष 2023 में इन्हें आखिरी बार चलाकर देखा गया था। जांच को लेकर अव्यवस्था का आलम यह है कि एकमात्र एमआरटीबी अस्पताल में ही मरीजों को कोरोना जांच की सुविधा मिल रही है, लेकिन सिर्फ दो बजे के पहले तक। इसके बाद यहां जांच करने वाला स्टाफ ही नहीं रहता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही अभी तक मेडिकल कालेज में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी शुरू नहीं हो पाई है। जांच के लिए सैंपल भोपाल ही भेज रहे हैं। अभी शहर में कोरोना को लेकर कहीं कोई जागरूकता नजर नहीं आ रही है। बाजारों में भीड़ नजर आ रही है, लेकिन कोई मास्क नहीं लगा रहा है। सिंगापुर से आए दोस्त से मिली महिला पॉजिटिव अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मिले मरीजों में 47 वर्षीय महिला सिंगापुर से आए दोस्त और 13 वर्षीय बच्ची बद्रीनाथ से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आई थी। वहीं पुणे से लौटी 34 वर्षीय महिला के अलावा 62 वर्षीय और 30 वर्षीय पुरुष पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें होम आइसोलेशन में ही रखा है। इंदौर में अब तक 38 मरीज मिले इंदौर में अब तक कुल 38 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 30 इंदौर के और बाकी अन्य जिलों के हैं। इंदौर में अभी 20 सक्रिय मरीज हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतते हुए भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को सर्दी-खांसी है तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

देश में कोरोना के मामले तोड़ रहे रिकॉर्ड, कोविड मरीजों की संख्या 4000 पार; केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा

नई दिल्ली भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कम से कम 276 कोविड-19 मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 4,302 हो गई, जिसमें केरल में सबसे अधिक 1,373 संक्रमण के मामले हैं। महाराष्ट्र में 510 मामले, गुजरात में 461 और पश्चिम बंगाल में 432 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 457 कोविड-19 संक्रमण दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक कुल 44 कोविड से संबंधित मौतें हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। पिछले 24 घंटों में कम से कम सात मौतें हुईं, जिनमें से चार महाराष्ट्र में हुईं। गुजरात और दिल्ली में भी इस दौरान कोविड से संबंधित एक-एक मौत हुई। DGHS नें कोविड को लेकर की समीक्षा बैठक भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट के मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने 2 और 3 जून को कोरोना की वर्तमान स्थिति और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, एमरजैंसी मैनेजमेंट रिस्पांस, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विस लांस प्रोग्राम (IDSP), दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि कोरोना के वर्तमान मरीजों में हल्के लक्षण हैं और ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी राज्यों को आक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डा. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो और तीन जून को तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। भारत में कोरोना के मरीज हुए चार हजार से अधिक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबरों की माने तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में इस समय कोविड-19 के 4,300 से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के लक्षण हल्के हैं और उनका इलाज घर पर ही हो रहा है.  यह बयान दो दिन की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें देश की तैयारियों का जायजा लिया गया. सूत्रों ने बताया, 1 जनवरी 2025 से अब तक 44 लोगों से अधिक की कोविड-19 से मौत हुई है, लेकिन ये ज्यादातर वे लोग थे, जिन्हें पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियां थीं. आइए, पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों से समझते हैं कि भारत में कोरोना के हालात क्या सच में इतने गंभीर है, क्या वाकई चौथी लहर का खतरा है. कोरोना केस बढ़ने की रफ्तार में कमी 30 मई को देश में 2710 एक्टिव केस थे, जो 31 मई को 25% बढ़कर 3395 हो गए. लेकिन 1 जून को यह बढ़ोतरी घटकर 11% और 4 जून को सिर्फ 7% रह गई. यानी, नए मामलों की रफ्तार धीमी पड़ रही है, जो राहत की बात है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है. केरल में सबसे ज्यादा मामले, केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. 2 जून को यहां 1435 मामले थे, जो 4 जून को घटकर 1373 हो गए. 31 मई को केरल में केस 16% से ज्यादा बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 5% से कम हो गई और 4 जून को निगेटिव ग्रोथ देखी गई. यानी नए मामले कम हो रहे हैं. लेकिन 24 घंटे में मामले बढ़े और संख्या 1487 पहुंच गई. महाराष्ट्र में भी स्थिति नियंत्रण में महाराष्ट्र में 526 एक्टिव केस हैं. 31 मई को यहां मामले 10% बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 4% से कम और 4 जून को 3% रह गई. यह दिखाता है कि महाराष्ट्र में भी स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रही है. गुजरात में रफ्तार ज्यादा, फिर भी कमी गुजरात में 508 एक्टिव केस हैं. यहां 31 मई को मामले 19% और 1 जून को 21% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर घटकर 16% हो गई. हालांकि, यह देश के औसत से ज्यादा है, फिर भी रफ्तार कम होना एक दिल्ली में उतार-चढ़ाव दिल्ली में 2 जून को 483 एक्टिव केस थे, जो 3 जून को घटकर 393 हुए, लेकिन 4 जून को फिर बढ़कर 457 हो गए. 31 मई को यहां मामले 27% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर 16% रह गई. दिल्ली में स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है. लेकिन पिछले 24 घंटे में 105 केस बढ़े और 2 मरीजों की जान गई है. जिसमें एक 5 महीने बच्चे का बच्चा और 87 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है. राज्यों को तैयारी पूरी करने का निर्देश DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वो अपने यहां ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिसिन की तैयारी पूरी रखें. बैठक में सभी को जानकारी दी गईं कि आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयाँ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं. दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती एसएआरआई मामलों और 5% आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की गईं है. वहीं, पॉजिटिव एसएआरआई सैंपल को ICMR वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है. 4 और 5 जून को होगा मॉक ड्रिल सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों (पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइन) का आकलन करने के लिए 2 जून को एक मॉक ड्रिल की गईं थीं. लेकिन दोबारा तैयारियों को देखने के लिए 4 और 5 जून को एक और मॉक ड्रिल किया जाएगा. कोरोना से बचाव को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी इस बैठक में देश भर में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की गई ताकि लोग इस महामारी से बचाव कर सकें. पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और … Read more

कोविड-19 ने बढ़ाई चिंता, इंदौर में फिर मिले कोरोना वायरस से संक्रमित 7 मरीज

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर में सात नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में से तीन हाल ही में मथुरा, केरल और बद्रीनाथ की यात्रा से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लगातार सामने आ रहे नए मरीज शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। बुधवार को जिन सात मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें से कई हाल ही में विभिन्न राज्यों से यात्रा करके लौटे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संक्रमितों में महिलाएं और पुरुष, सभी होम आइसोलेशन में अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से लौटी 43 वर्षीय महिला, केरल से लौटी 69 वर्षीय महिला, बद्रीनाथ से लौटी 48 वर्षीय महिला, ओडिशा से लौटे 29 वर्षीय पुरुष और रायपुर से लौटे 36 वर्षीय पुरुष समेत इंदौर के दो पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद जांच करवाई गई। सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में अब तक 33 मामले, सीएमएचओ ने दी सतर्कता की सलाह इस वर्ष अब तक इंदौर में कोरोना के कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 मरीज इंदौर के और आठ अन्य जिलों के हैं। फिलहाल शहर में 17 सक्रिय मरीज हैं जो सभी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि हाल ही में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट की सब-लाइनिज की पुष्टि हुई है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और लक्षण दिखने पर संपर्क में न आने की सलाह दी गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बुधवार को विशेषज्ञों की बैठक कर छह बेड वाले आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। कोरोना वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम तैनात रहेगी और मरीजों को समय पर जांच व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।  

फिर बढ़ने लगा कोरोना का प्रकोप, एक्टिव मामले 7000 से, 24 घंटे में कोरोना के कितने केस बढ़े

नई दिल्ली कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर देश के कई हिस्सों में मंडराने लगा है. देशभर में कोविड-19 संक्रमण के कुल एक्टिव केस 4302 पर पहुंच गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 276 नए मरीज मिले हैं. वहीं इस दौरान कोविड-19 से संक्रमित 7 लोगों की जान चली गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दिल्ली और गुजरात में कोविड-19 के 64-64 नए मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में 63 और पश्चिम बंगाल में 60 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अगर अब तक सामने आए कुल मामलों की बात करें तो केरल इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां अब तक 1,373 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है, जहां 510 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं दिल्ली में 457 और उत्तर प्रदेश में 201 संक्रमितों की जानकारी सामने आई है. देशभर में कोविड-19 से अब तक कुल 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से सात मौतें बीते 24 घंटे में दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र में मंगलवार को संक्रमण से दो और मौतें दर्ज की गईं, जिससे राज्य में इस साल यानी जनवरी 2025 से अब तक मौतों का कुल आंकड़ा 14 पहुंच गया है. हालिया मौतें चंद्रपुर और मिराज में दर्ज की गईं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में से एक व्यक्ति को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और दिल की धड़कनों की अनियमितता जैसी पुरानी बीमारियां थीं. अब तक दर्ज 14 मौतों में से अधिकतर मरीज सह-रुग्णता से जूझ रहे थे. हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश सक्रिय मामलों में संक्रमण की गंभीरता हल्की ही पाई गई है. राज्य में इस साल अब तक कुल 12,880 कोविड टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 959 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. इनमें से 435 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 जून तक महाराष्ट्र में 510 केस अब भी सक्रिय हैं. सिर्फ मंगलवार को ही राज्य भर में कोविड-19 के 86 नए मामले दर्ज किए गए. स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है. बीते एक दिन में पश्चिम बंगाल में 60 नए मामले मिले हैं। इसके अलावा यूपी में 63 और दिल्ली 64 केस मिले हैं। इससे पहले 65 नए केस मिले थे और कुल आंकड़ा 4,026 हो गया था। दिल्ली में सोमवार को 47 नए केस मिले थे और केरल में 35 केस पाए थे। इसके चलते हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कोरोना के ऐक्टिव केसों में इजाफा तो हो रहा है, लेकिन मामले इतने गंभीर नहीं हैं कि अस्पताल में एडमिट करना पड़े। इस बीच पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में कोरोना का पहला ऐक्टिव केस मंगलवार को मिला। यह मामला हमीरपुर के नाहन में मिला है। इसके अलावा गुजरात में 108 नए कोरोना केस मिले हैं। इनमें से एक की मौत भी हो गई है। फिलहाल देश के सभी राज्यों में हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। चिंता की बात यह भी है कि भारत के अलावा भी सिंगापुर जैसे कई देशों में कोरोना के केसों में इजाफा हुआ है। ऐसे में संक्रमण की वापसी का डर भी है, लेकिन अब तक कोरोना की इस नई लहर में मृत्यु की दर काफी कम है।  

एम्स भोपाल ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कसी कमर, 20 बेड का वार्ड तैयार,टास्क फोर्स का किया गठन

भोपाल देश में कोरोना के दो नए वैरिएंट के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक इंदौर में 6 मामले ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थाओं को सारी तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। एम्स भोपाल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक एम्स में 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं वेंटीलेटर से युक्त एक आईसीयू भी कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जबकि जिला अस्पताल जेपी और हमीदिया में किसी तरह की तैयारी नहीं दिख रही है। लोगों को जागरूक होना जरूरी कोरोन के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट (जेएन. 1) के दो सब-वैरिएंट (एनबी. 1.8.1 और आईएफ 7) एक्टिव हैं। एमपी में अभी तक इंदौर में 6 मरीज मिले हैं। जिसमें से एक वृद्धा की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को जागरूक होना जरूरी है। जो लोग विदेश से यात्रा कर लौटे हैं, उन्हें एहतियातन जांच कराना चाहिए। यदि सर्दी-जुकाम या वायरल से पीड़ित होते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं। चार साल में धूल खा रही मशीन हमीदिया अस्पताल में कोरोना के वैरिएंट की जांच करने वाली जीनोम सिक्वेसिंग मशीन धूल खा रही है। गौरतलब है कि चार साल पहले कोरोना लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में पांच करोड़ रुपए की लागत से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित की थी। लेकिन तब से अब तक इस मशीन से एक भी टेस्ट नहीं हो सका। यही नहीं जीएमसी की वायरोलॉजी लैब की हालत भी खराब है। यहां कोरोना टेस्ट के लिए रिएजेंट तक नहीं है।  नए वेरिएंट से डर नहीं बचाव है जरूरी एक बार फिर कोरोनावायरस (Coronavirus in Madhya Pradesh) ने अपना डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत के भी 20 राज्यों में Covid-19 मरीजों की बड़ी संख्या सामने आ रही है. कोविड-19 के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के असर से मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है. इंदौर और उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. अब कोविड के नए रूप के बीच एमपी और राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल है और खुद को कैसे बचाना है, भोपाल के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेशचंद्र शर्मा से जानिए. कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के बढ़ते असर के बीच भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल में एडिशनल सुपरीटेंडेंट वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए वायरस का राजधानी भोपाल में अब तक तो कोई खास असर नहीं दिखा है, हां बस वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन वो कोविड नहीं है. कोरोना का ये वेरिएंट जरूर नया है, पर हमें अपनी वही पुरानी आदत जैसे- मास्क लगाना और लगातार हाथ धुलने की आदत को अपनाना होगा. कोरोना के खिलाफ एक ही ब्रह्मास्त्र कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के भारत में केस मिलने के बाद पब्लिक में डर को लेकर डॉ शर्मा ने कहा कि इस वायरस से डरने की नहीं बल्कि हमें वही अपनी पुरानी आदतों को अपनाना होगा. इसके साथ ही कोरोना के खिलाफ हमें सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र यानी सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करना है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अभी जाने से बचना है. बाकी इस बीमारी में डर नहीं बस सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य प्रदेश कोविड से लड़ाई को कितना तैयार? दुनियाभर के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते केस का डर भारत में भी दिखने लगा है. जिसके चलते केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारें भी स्वास्थ सुविधाओं को पुख्ता करने में जुट गई हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. जिसके बाद राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सीएमएचओ समेत बड़े अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. भोपाल के सीनियर डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने तैयारियों को लेकर कहा कि भोपाल पूरी तरह से कोरोना के इस नए हमले से लड़ने को तैयार है. नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। एम्स पूरी तरह तैयार है। समय पर जांच, बेहतर इलाज और सही जानकारी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को सही जानकारी मिले और डर की जगह सतर्कता बरती जाए। संस्थान ने तेज जांच और इलाज के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया है।  

छत्तीसगढ़ कोरोना फिर पाँव पसार रहा, रायपुर और दुर्ग में आए 2 नए केस

रायपुर भारत सहित दुनिया के कई देशों में एक बार फिर कोरोना का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। छत्तीसगढ़ के दो जिलों में COVID-19 पॉजिटिव दो मरीज मिले हैं, जिसमें एक रायपुर और एक दुर्ग जिला शामिल है। प्रदेश में अब कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मरीज को सिंगल वार्ड में रखा गया है और इलाज की अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पॉजिटिव मरीज के परिजनों का सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही हाल के दिनों में मरीज़ के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर में लगभग 50 वर्षीय एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह महिला अवंति विहार इलाके की रहने वाली है। जांच में पाया गया कि महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे संक्रमण का स्रोत अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। संक्रमित महिला का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं ​दुर्ग जिले में मिले कोरोना मरीज में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्ग सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि कोरोना टेस्ट किए जाने पर मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। मरीज का भिलाई के निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए भिलाई के सीएम मेडिकल कॉलेज और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। कोरोना मरीज की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। 24 मई को रायपुर में मिला पहला पॉजिटिव मरीज बता दें कि इससे पहले 24 मई को रायपुर के पचपेड़ी नाका निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उक्त मरीज सर्दी-खांसी का रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा था। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को कोरोना की आशंका हुई, जिसके बाद उसका सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद तुरंत उसे आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया। संक्रमित मरीज को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि संक्रमित मरीज का किसी दूसरे राज्य की यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। कोविड नियमों का पालन करें, अस्पताल भी जाएं कोरोना कंट्रोल सेंटर के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानियां बरतें। मास्क का उपयोग करें, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथों को बार-बार धोते रहें। यदि किसी भी तरह के लक्षण महसूस होते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य की जांच कराएं। कोरोना संक्रमण को लेकर डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। इधर देश में कोरोना के दो नए वेरिएंट्स को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई, वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद तेज कर दी गई हैं।

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