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परिषद के 66वें स्थापना दिवस की अनंत बधाइयाँ प्रिय आत्मीय जन

Heartfelt congratulations on the 66th Foundation Day of the Council, dear dear people. अखिल भारतीय पंचायत पंचायत परिषद { All India Panchayat Parishad} का 66वाँ स्थापना दिवस है।12अप्रैल 1958 में परिषद की स्थापना देव घर जसीडीह में तत्कालीन बिहार सम्प्रति झारखंड में हुई थी।आज परिषद के 66 बसंत पूर्ण हुए। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्नों को साकार करने के लिए अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने 7.5लाख गाँवों के गण राज्य की स्थापना के लिए अनवरत संघर्ष किया और सफलताएँ प्राप्त की हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार तो मिले लेकिन अभी वह अधिकार आधे -अधूरे हैं।अभी संघर्ष शेष है।अमर शहीद बलवंत राय मेहता ,लोकनायक जय प्रकाश नारायण के द्वारा स्थापित परंपराओं एवं मापदंडों ,पदचिन्हों पर चलने के लिए हम लोग संकल्प बद्ध हैं। देश के 22 प्रदेशों में परिषद से सम्बद्ध प्रदेश / राज्य पंचायत परिषदें , त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएँ देश में तीसरी सरकार पंचायती राज की स्थापना करने के लिए प्रयत्न शील हैं।इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रेमियों तथा परिषद कार्य समिति , महा समिति के मा० सदस्यों , मा०पदाधिकारियों एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों को परिषद एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन की ओर से अनंत हार्दिक बधाई देता हूँ।वर्तमान में अखिल भारतीयपंचायत परिषद की स्थिति पर मात्र इतना ही कहूँगा-बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाक़ी है।पंचायती राज क़ायम हो , यही अरमान बाक़ी है।चलो इस बे वफ़ा दुनिया में फिर से वफ़ा ढूँढें।ज़माना ढूँढ न पाया जिसे हम वो ख़ुदा ढूँढें॥मंज़िल मिले न मिले इसका ग़म नहीं।मंज़िल की जुस्तजू में मेरा कारवाँ तो है। जयपंचायती राजशीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीअखिल भारतीय पंचायत परिषदएवंन्यासी सचिवबलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं,ये लोकतंत्र बचाओ रैली है, INDIA गठबंधन

This is not a rally to save a particular person, this is a rally to save democracy, INDIAतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी दल बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। रैली में I.N.D.I.A गुट के 28 दलों के नेता शामिल हुए। रैली में सभी का ध्यान अरविंद केजरीवाली की पत्नी सुनीता केजरीवाल के संबोधन पर था। INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, क्या प्रधानमंत्री ने ये सही किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति हैं? उन्होंने जनता से पूछा कि क्या केजरीवाल जी को इस्तीफा देना चाहिए? सुनीता केजरीवाल ने आगे कहा कि कि अरविंद केजरीवाल शेर हैं और वे ज्यादा दिन के लिए जेल में नहीं रहेंगे। रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’ देश मुश्किल हालात से गुजर रहा – महबूबा मुफ्तीमहारैली’ को संबोधित करते हुए PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। देश में ऐसा हाल है कि ना कोई वकील, ना कोई दलील, ना कोई कार्रवाई, सीधा जेल। शायद कलयुग का अमृत काल इसी को कहते हैं कि आप बिना कुछ पूछे लोगों को जेल में डाल देते हैं। हमने जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल तक यही देखा है, जब आप संविधान और कानून का उल्लंघन करते हैं तो वो देशहित में नहीं होता, बल्कि देशद्रोह होता है। ये लोकतंत्र बचाओ रैली ,कांग्रेसकांग्रेस ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ का उद्देश्य किसी व्यक्ति की रक्षा करना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना है। इस महारैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे। इनके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख (UBT) उद्धव ठाकरे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रेयन, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी (पवार) शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हुए। व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं ,कांग्रेस इधर कांग्रेस की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि रामलीला मैदान में आज होने वाली संयुक्त मेगा रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए की गई है। वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने कहा है कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के 140 भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं। रैली में शामिल होंगे ये विपक्षी नेताआज रामलीला मैदान में होने वाली संयुक्त विपक्ष रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे से लेकर तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल होंगे। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस रैली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ सकती है। मोदी सरकार के खिलाफ इससे पहले विपक्षी दलों ने संयुक्त रैली 17 मार्च को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी। देश तानाशाही की ओर जा रहा – उद्धव ठाकरेरैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल, आप दोनों चिंता मत करो, सिर्फ हम ही नहीं पूरा देश आपके साथ है। कुछ दिन पहले आशंका थी कि क्या हमारा देश तानाशाही की ओर चल रहा है? लेकिन अब ये आशंका नहीं, सच्चाई है। भाजपा को लग रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने से लोग डर जाएंगे लेकिन उन्होंने अपने देशवासियों को कभी पहचाना नहीं। लोकतंत्र व संविधान बचाने की लड़ाईकांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को कहा कि रैली में विपक्षी गठबंधन के सभी 28 घटक दल भाग लेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है, इसलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ नाम दिया गया है। यह रैली एक पार्टी की रैली नहीं है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी रामलीली मैदान में होने वाली रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्ष का जमावड़ा बता रही है।

कर्नाटक के विधायक और खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी BJP में शामिल

Karnataka MLA and mining businessman Janardhan Reddy joins BJP रेड्डी पर 9 CBI मामले चल रहे हैं. 2008 से 2013 के बीच हुए अवैध खनन से जुड़े इन मामलों में CBI ने उन्हें आरोपी बनाया है. रेड्डी गंगावती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. 2022 में उन्होंने बीजेपी से अलग होकर KRPP पार्टी बनाई थी.

कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण , देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ascension to the post of Acharya in Kundalpur, flood of devotees will come from India and abroad दमोह जिले के कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के लिए 11 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। दमोह ! कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश और विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों और देश भर से आमंत्रित अतिथियों के रुकने, भोजन जैसी व्यवस्थाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। सबसे खास यहां बन रहा मुख्य पंडाल, जो 11 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। जो अब तक का सबसे बड़ा पंडाल बताया जा रहा है। कुंडलपुर में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इसमें एक साथ 80 हजार से एक लाख लोगों तक के बैठने की व्यवस्था की गई है। 16 अप्रैल को करीब तीन लाख लोगों के आने की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं यहां की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में मंचीय व्यवस्था भी अलग-अलग रहेगी। आचार्य संघ के करीब 400 मुनि, आर्यिकाओंके लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग नजर आएगा। इसके अलावा बतौर अतिथि पहुंचने वाले हिंदू संतों के लिए भी एक मंच बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने देश के ख्याति प्राप्त लोगों के लिए अलग मंच रहेगा। इसके अलावा दो और मंच इस पंडाल में होंगे। जहां से सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रावक श्रेष्ठियों के लिए मंच व्यवस्था रहेगी। दस हजार लोग एक साथ कर सकेंगे भोजनतीन बड़ी भोजन शालाएं यहां बनाई जा रही हैं, जिसमें वीआईपी से लेकर आम तक भोजन करेंगे। यह भोजनशालाएं भी आधुनिक होगी, जिसमें भोजन तैयार करने के सिस्टम से लेकर मेन्यू तक अलग होंगे। एक बार में 10 हजार लोग तक भोजन कर सकेंगे। वीआईपी आवास व्यवस्था पंडाल के सामने तालाब की ओर की गई है। एलईडी, साउंड के साथ कूलिंग की व्यवस्थामहोत्सव प्रभारी वीरेश सेठ ने बताया कि मुख्य पंडाल की छटा अपने आप में अलग होगी। इसमें 80 हजार से एक लाख लोग बैठकर महोत्सव देख सकेंगे। पंडाल में 50 से अधिक बड़ी एलईडी और साउंड भी लगाए जा रही है, जिससे दूर के लोगों को भी कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई और सुनाई दे। इसके अलावा गर्मी को ध्यान रखते हुए भी पंडाल में व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके अलावा पानी, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं मुख्य पंडाल में होंगी। कमिश्नर ने बैठक कर ली जानकारीकुंडलपुर महोत्सव की व्यवस्था देखने के लिए सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक शुश्रकीर्ति सोमवंशी पहुंचे थे। कमिश्नर ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पदारोहण महोत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आयेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में जाकर उनसे मुलाकात की और कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार्य करते हुए आने की सहमति दी। इसके साथ ही लगातार मुनि संघ कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे हैं।

मुफ्त रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: क्या 2024 लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर?

Hearing in Supreme Court today on free revadi culture: Will it affect the 2024 Lok Sabha elections? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार, 21 मार्च को राजनीतिक दलों द्वारा चुनावों के दौरान ‘मुफ्त’ रेवड़ियां देने की प्रथा के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। यह एक अहम सुनवाई है, क्योंकि 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र भी सामने आने लगे हैं, जिनमें तमाम दावे किए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। पीठ में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएयाचिका में कहा गया है कि मतदाताओं से अनुचित राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संविधान का उल्लंघन करते हैं। चुनाव आयोग को भी उचित उपाय करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वकील और पीआईएल याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया की दलीलों पर ध्यान दिया कि याचिका पर लोकसभा चुनाव से पहले सुनवाई की जरूरत है। अन्य महत्वपूर्ण बातें याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह घोषित करने का आग्रह किया है कि चुनाव से पहले निजी वस्तुओं या सेवाओं का वादा या वितरण, जो सार्वजनिक धन से सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए नहीं हैं, संविधान के अनुच्छेद 14 सहित कई अनुच्छेदों का उल्लंघन है।

सीएए लागू करने पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Supreme Court notice to Center on implementation of CAA याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सीएए) लागू करने की अधिसूचना जारी करने के बाद इसका विरोध जारी है। ताजा खबर यह है कि सीएए के खिलाफ दायर 230 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की। बता दें, याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है।याचिकाओं की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की गई, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं।पिछले हफ्ते वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केरल स्थित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर एक याचिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि सीएए को लागू करने का केंद्र का कदम संदिग्ध था क्योंकि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है।

Union Finance Minister Nirmala Sitharaman is presenting the country’s budget for the sixth consecutive time today.  नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ बच्चों के लिए काफी ज्यादा उम्मीद लगाई जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गई है। केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत नए वित्त वर्ष में 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है। बजट में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। खुद निर्मला सीतारमण ने बनाया रिकॉर्ड केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है। निर्मला सीतारमण ऐसी दूसरी वित्त मंत्री बन गई है, जो सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास था। वहीं सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम ही है। मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, अरुण जेटली और यशवंत सिन्हा ने 5 बजट पेश किए हैं।

सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ थे गॉधी

Gandhi was the “Mahatma” of goodwill and tolerance. राष्ट्रपिता की 76वीं पुण्यतिथि पर विशेष शहीद दिवस डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) महात्मा गॉधी ने अपने जीवन में अहिंसा का पालन कर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़े शक्तिशाली युद्ध हैं। उनका यह उपदेश हमें आत्म-नियंत्रण, सद्भावना और सहिष्णुता की ओर प्रवृत्त करता है। उनके सिद्धांतों ने हमें बताया कि समस्त मानव जाति को एक परिवार की भावना के साथ जीना चाहिए। सभी को समानता और न्याय का अधिकार है। शहीद दिवस पर करते हैं महात्मा गॉधी का पुण्य स्मरण। 30 जनवरी को महात्मा गॉंधी की 76वीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाकर पूरा देश आज बापू का पुण्य स्मरण कर रहा है। भारत सदियों से वीरों की भूमि रहा है। देश में अनेक वीर-सपूतों ने जन्म लिया और अपनी शहादत से वतन की मिट्टी को पावन कर दिया। वीर-शहीदों की याद में ही हर वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में विभिन्न तिथियों में शहीद दिवस मनाने की परंपरा है। जनवरी, मार्च और नवंबर महीने में शहीद दिवस की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन इन दिवसों की भावना एक ही है। हम जांबाज क्रांतिकारियों को याद कर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने यह दिवस मनाते हैं। आज का शहीद दिवस गांधी जी की अहिंसात्मक सोच और उनके बलिदान के स्मरण का प्रतीक है। 1948 को इस दिन ही नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गॉधी, जिन्हें कोई बापू कहता है तो कोई देश का राष्ट्रपिता। दोनों का अर्थ एक ही है। वे एक ऐसे महान आत्मा थे जो अपने आदर्शों और अनूठी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आजादी की जंग लड़ी और देशवासियों का भी मार्गदर्शन किया।अहिंसा परमो धर्मः…. धर्म हिंसा तथैव चः … अर्थात अहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म है और जब धर्म पर संकट आए तो उसकी रक्षा करने के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है। बावजूद इसके अहिंसा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने वाले गॉधी ने इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार में उतारा। अहिंसा परमो धर्मः को ही जीवन में अपनाया। हालांकि भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी की अंहिसा की धारणाएं अलग-अलग थीं फिर भी वेद, महावीर और बु़द्ध की अहिंसा से महात्मा गाँधी प्रेरित थे।महात्मा गाँधी ने अपने जीवन को भारतीय समाज के लिए समर्पित किया और अपने आदर्शों का पालन करते हुए आजादी के लिए संघर्ष किया। महात्मा गाँधी की शहादत ने यह सिखाने का मौका दिया कि हमें अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे जैसी भी परिस्थिति हो। उनका संदेश था कि सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पालन करते हुए हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। महात्मा गॉधी का मानना था कि एक मात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है वह है अहिंसा। व्यक्ति हिंसक है तो वह पशुवत है। मानव होने या बनने के लिए अहिंसा का भाव होना आवश्यक है। गॉधी जी की सोच थी कि हमारा समाजवाद अथवा साम्यवाद अहिंसा पर आधारित होना चाहिए। जिसमें मालिक, मजदूर एवं जमींदार, किसान के मध्य परस्पर सद्भाव पूर्ण सहयोग हो। निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी। सच्ची अहिंसा मृत्यु शैया पर भी मुस्कराती रहेगी। बहादुरी, निर्भिकता, स्पष्टता, सत्यनिष्ठा इस हद तक बढ़ा लेना कि तीर-तलवार उसके आगे तुच्छ जान पड़ें। यह अहिंसा की साधना है। शरीर की नश्वरता को समझते हुए उसके न रहने का अवसर आने पर विचलित न होना अहिंसा है। उनकी इसी सोच ने महात्मा गॉधी को देश का सबसे ज्यादा प्रभावशाली नेता बना दिया।जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रहों को एक मात्र हथियार बनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी सार्वजनिक भूमिका का परिणाम ऐसा था कि उनके विचारों और आंदोलनों पर अमेरिकी और यूरोपीय समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और रेडियों पर चर्चा होने लगी थी। उनके काम को दुनियाभर के शीर्ष राजनेताओं द्वारा उत्सुकता से अनुसरण किया जाने लगा। जबकि अहिंसा या अहिंसा का दर्शन गॉधी का पर्याय बन गया था। अहिंसा का उनका अभ्यास अन्य धर्मां के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का विस्तार था। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें शांति का वैश्विक प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना दिया। अहिंसक विरोध आज गॉधीवादी विरासत की प्राथमिक अभिव्यक्ति है। गॉधी जी के अनुसार अहिंसा केवल एक दर्शन ही नहीं बल्कि कार्य करने की एक बेहतर पद्धति है। मानव के हृदय परिवर्तन का एक साधन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी भी अहिंसा को व्यक्तिक आचरण तक ही सीमित न रखकर उसे मानव जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में लागू किया। उनका मानना था कि सत्य सर्वोच्च कानून है। तो अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। आत्म-समर्पण और सत्य के माध्यम से ही हम अद्वितीय भारत की ऊँचाइयों को छू सकते हैं। महात्मा गांधी ने दिखाया कि एक व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने मौलिक आदर्शों पर कैसे कड़ाई से अड़े रह सकता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।उनकी महानता को समझने का यह एक अद्वितीय अवसर है, जो हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में प्रेरित कर सकता है। क्योंकि सत्य की तरह ही अहिंसा की शक्ति भी कम नहीं है। वह भी असीम है। इसी सोच ने उन्हें सत्य और अहिंसा का पुजारी बना दिया। वे देश ही नहीं दुनिया में अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ बन गए। सत्य, प्रेम और अहिंसा के ऐसे महात्मा को हमारा शत्-शत् नमन्।

दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

भारत ने जीता दूसरा टेस्ट, सीरीज 1-1 से बराबर

India won the second test, series level 1-1 भारत ने जीता दूसरा टेस्ट, सीरीज 1-1 से बराबर, केपटाउन में टीम इंडिया की पहली जीत पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका की टीम मात्र 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में भारत ने 153 रन बनाए थे। एजेंसी, केपटाउन ! भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 7 विकेट से जीत हासिल की। केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर टीम की पहली जीत है। इसी के साथ दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म हुई। भारतीय टीम को दूसरी पारी में 79 रन का लक्ष्य मिला था। जिससे 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। टूटा 27 साल पुराना रिकॉर्डदक्षिण अफ्रीका टीम 55 रनों पर सिमट गई। इससे पहले दोनों टीमों के बीच टेस्ट मैच की एक पारी का सबसे कम स्कोर 66 रन था, जो टीम इंडिया ने 1996 में डर्बन में बनाया था। अफ्रीका का सबसे कम स्कोर 79 था, जो नागपुर में 2015 में बनाया था। केप टाउन में 55 रनों की पारी अब टेस्ट की सबसे कम स्कोर की पारी बन गई। बता दें सीरीज का पहला मैच साउथ अफ्रीका ने जीत लिया है।

भारत में कोरोना वायरस के एक्टिव केस बढ़कर 3420 हुए.

The active cases of coronavirus in India have increased to 3,420. Corona virus spreading rapidly नई दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के ताजा मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित मरीजों की सबसे अधिक संख्या केरल में दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 423 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 266 केरल से और 70 पड़ोसी राज्य कर्नाटक से हैं। इस बीच केरल में कोरोना संक्रमण के कारण दो लोगों की मौत की भी खबर है। देश में फिलहाल कुल संक्रमित 3420केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3,420 दर्ज की गई। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के कारण बढ़ती चिंता बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है। पूरी दुनिया में बढ़ रहे कोरोना केसभारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल ताजा वेरिएंट JN.1 के एनालिसिस के लिए डाटा उपलब्ध नहीं हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल कहा है कि यह वेरिएंट BA.2.86 वेरिएंट से अलग है। वैश्विक स्तर पर कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने JN.1 से स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं जताई गई है। 4 सप्ताह में 52 फीसदी की बढ़ोतरीWHO ने कहा कि बीते 4 हफ्तों के दौरान नए कोविड ​​​​मामलों की संख्या में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें 850,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। WHO ने कहा है कि COVID-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 17 दिसंबर तक वैश्विक स्तर पर 772 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 70 लाख लोगों की मौत हुई है।

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. वहीं खबर है कि कार्यक्रम में मंदिर बनाने वाले श्रमिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

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