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डीजीपी ने कहा मध्य प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराध, नशा और यातायात दुर्घटना गंभीर चुनौती

भोपाल  मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम का मामला बढ़ता जा रहा है. इस बीच प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नए साल पर पुलिस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को एमपी में बढ़ रहे साइबर अपराध, नशा और यातायात दुर्घटना को गंभीर चुनौती बताते हुए साल 2025 में इन पर रोक लगाने की अपील की है. डीजीपी का संदेश सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाणा ने साल 2025 के शुभकामना संदेश में मध्य प्रदेश पुलिस की दिशा तय करने के संकेत दे दिए हैं. डीजीपी ने अपने संदेश में कहा, “साल 2024 मध्य प्रदेश पुलिस के लिए चुनौती पूर्ण रहा है लेकिन कई उल्लेखनीय उपलब्धियां भी पुलिस ने हासिल की हैं. मध्य प्रदेश में साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है”. डीजीपी साल 2025 को लेकर पुलिस को टास्क भी दिया है. डीजीपी ने कहा है कि मध्य प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराध, नशा और यातायात दुर्घटना गंभीर चुनौती है. इन पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस की और अधिक सक्रियता जरूरी है. इसके अलावा आम लोगों में इसके बचाव हेतु “जागरूकता अभियान” भी निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है. अपराधों में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए- डीजीपी डीजीपी ने पुलिस विभाग को दिए अपने संदेश में कहा है कि पुलिस कर्मियों को अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है. इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा योग और ध्यान केंद्र के कार्यक्रम चलाए जाने की योजना है. डीजीपी कैलाश मकवाणा ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है, “मेरी अपेक्षा है कि महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरुद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए”. बता दें, हाल के दिनों में साइबर क्राइम की कई घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा था. जिसके बाद डीजीपी का यह कदम अहम माना जा रहा है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नए डीजीपी के लिए तीन पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नए डीजीपी के लिए तीन पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं. राज्य सरकार ने दूसरी बार नाम भेजे हैं. माना जा रहा है कि आने वाले एक दो दिनों में केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है. बता दें कि जो प्रस्ताव पहले भेजा गया था, उसमें कुछ जानकारियों का आभाव होने की वजह से प्रस्ताव को लौटा दिया गया था, ऐसे में अब फिर से केंद्र सरकार को नया प्रस्ताव भेजा गया है. वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल फरवरी 2025 में खत्म हो जाएगा, ऐसे में राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति होनी है. साय सरकार ने भेजे यह तीन नाम विष्णुदेव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए तीन पुलिस अधिकारियों के नाम भेजे हैं, उनमें पवन देव, अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता का नाम शामिल है. वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा के बाद पवन देव सबसे ज्यादा सीनियर हैं, उनके बाद 92 बैच के आईपीएस अरुणदेव गौतम हैं, जबकि 94 बैच के हिमांशु गुप्ता है. पहले इस बात की चर्चा भी तेज थी कि वर्तमान डीजीपी का कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन नए डीजीपी की तलाश के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अब फरवरी 2025 तक नए डीजीपी की नियुक्ति पर मुहर लग जाएगी. अशोक जुनेजा को एक बार मिला एक्सटेंशन वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा को एक बार एक्सटेंशन मिल चुका है, राज्य सरकार की तरफ से उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था, उस हिसाब से ही उनका कार्यकाल 5 फरवरी को खत्म हो रहा है. यही वजह है कि नए डीजीपी की तलाश अब तेज हो गई है. बता दें कि 11 नवंबर 2021 को तत्कालीन डीजीपी डीएम अवस्थी को हटाकर अशोक जुनेजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी डीजीपी बनाया गया था, इसके बाद कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने उन्हें 5 अगस्त 2022 को पूर्णकालिक डीजीपी बना दिया गया था. वह अगस्त में रिटायर होने वाले थे, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दे दिया था. ऐसे में राज्य सरकार की तरफ से जो तीन नाम भेजे हैं गए हैं इन्हीं तीन अफसरों के परफार्मेंस और विभिन्न मापदंडों के आधार पर उनमें से किसी एक नाम का चयन किया जाएगा. ऐसे माना जा रहा है कि नए साल में छत्तीसगढ़ पुलिस को नया मुखिया मिल जाएगा. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के पैनल में वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर बदलाव किए जाने की संभावना है, माना जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच बैठक के बाद ही कोई एक नाम फाइनल हो सकता है. 

‘अपराध होते ही पूरे शहर की सीमाएं करें लॉक’, यूपी DGP ने सभी पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश

लखनऊ. यूपी के डीजीपी ने अपराधियों की धरपकड़ और गश्त व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत करने के लिए नाकाबंदी योजना लागू करने के निर्देश दिए है। इसके तहत हर प्रमुख स्थानों व सीमाओं पर नाकाबंदी कर समय समय पर चेकिंग की जाएगी। अगर कहीं कोई घटना हो जाती है तो अपराधियों के पकड़ने के लिए इस योजना के तहत त्रिस्तरीय चेकिंग की जाएगी। सीमा पर निकास व प्रवेश मार्गों के साथ बैरियर प्वाइन्ट सीसी कैमरे की निगरानी में रहेंगे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस संबंध में सभी आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर व कप्तानों को नाकाबंदी योजना बनाकर देने को कहा है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि सभी चिन्हित बिन्दुओं, हॉट स्पाटस पर सूचना मिलते ही चेकिंग शुरू कराने के लिए सभी जरूरी संसाधन जुटा लिए जाए। बैरियर, बूथ को सही कर लिया जाए। ये सभी स्थान आपरेशन त्रिनेत्र व्यवस्था के तहत सीसी कैमरों की जद में कर लिए जाए। सभी पुलिस अधिकारी अपने अधीन थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज को इस बारे में ब्रीफ कर दे। साथ ही यूपी-112 के वाहनों व कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल कर लिया जाए। डीजीपी ने मातहतों को निर्देश दिया है कि इस योजना को शुरू करने से पहले शहर की यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा कर ली जाए। यह ध्यान रखा जाए कि नाकाबंदी की कार्रवाई पर कहीं भी यातायात व्यवस्था बाधित न हो। चेकिंग के समय सुरक्षा उपकरण साथ रहे। डीजीपी ने चेताया कि चेकिंग के समय पुलिसकर्मी सभी तरह के सुरक्षा उपकरणों से लैस रहे। उनके पास बॉडीवार्न कैमरे, डण्डा, सर्विस रिवाल्वर-पिस्टल जरूर रहे। पुलिसकर्मियों को इसमें पारंगत करने के लिए मॉक ड्रिल करा ली जाए।

ईमानदार और साफ़ छवि है जिनकी पहचान, यह है MP पुलिस के नये कप्तान

भोपाल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने शनिवार देर रात जारी किया। मकवाना 1 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण करेंगे और वे 32वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तेजतर्रार अफसरों में होती है मकवाना की गिनती कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। शिवराज सरकार के दौरान मकवाना लोकायुक्त के डीजी भी रहे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम कदम उठाए और लंबित जांचों को तेज किया।   एसीआर विवाद के बाद सरकार ने लिया निर्णय मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी।   2026 तक रहेंगे डीजीपी जानकारी के अनुसार, नए डीजीपी कैलाश मकवाना का रिटारमेंट 2025 में है, लेकिन डीजीपी बनने के बाद उन्हें 2 साल का कार्यकाल मिलेगा। ऐसे में वह 30 November 2026 तक डीजीपी रहेंगे। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   बीते दिनों दिल्ली में यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी थी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से कैलाश मकवाना के नाम पर मोहर लगा दी है। आपको बता दें कि मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सक्सेना को 4 मार्च 2020 को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कैलाश मकवाना इस पद को संभालेंगे। ये तीन नाम किए गए थे तय नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई थी। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  थे।   ऐसे हैं MP पुलिस के नए मुखिया मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उनके नाम को मंजूरी दी। मकवाना अपने तेजतर्रार और बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए भी जाने जाते हैं। उज्जैन के रहने वाले हैं मकवाना जानकारी के अनुसार, कैलाश मकवाना मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं। मकवाना ने भोपाल स्थित मैनिट (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से पढ़ाई की है। वे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के साथ-साथ लोकायुक्त संगठन में डीजी और स्पेशल डीजी (सीआईडी और इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।   ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी मकवाना को उनकी ईमानदार और साफ छवि के लिए जाना जाता है। एक कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में, उनकी नियुक्ति से राज्य की कानून व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में अपने शुरुआती कार्यकाल में विभिन्न जिलों में एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी ने उन्हें तेजी से पहचान दिलाई।   लोकायुक्त में डीजी शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में मकवाना को लोकायुक्त संगठन में पुलिस महानिदेशक (डीजी) नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों को तेज किया और कई लंबित मामलों की जांच फिर से शुरू की। हालांकि, वे इस पद पर केवल छह महीने तक रहे। लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उन्होंने कई लंबित जांच फाइलों को फिर से खोला और उन पर तेजी से कार्रवाई शुरू की। एनके गुप्ता से विवाद आया था चर्चा में 2022 में कैलाश मकवाना को लोकायुक्त का डीजी बनाया गया था, लेकिन 6 माह के अंदर उन्हें पद से हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा था कि मकवाना और लोकायुक्त जस्टिस रहे एनके गुप्ता के बीच कई विषयों को लेकर मतभेद थे, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया था। एसीआर विवाद मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन वर्तमान में, मकवाना मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पुलिस आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम किया।   साढ़े तीन साल में हुए सात बार तबादले कैलाश मकवाना का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साढ़े तीन साल के भीतर उनका सात बार तबादला हुआ। खासकर, कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनकी पोस्टिंग बदली गई।  उनके करियर में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण साढ़े तीन वर्षों में सात बार स्थानांतरण हुआ। इसके बावजूद वे अपने कार्यों में प्रतिबद्ध रहे।

मध्य प्रदेश के अगले डीजीपी के लिए कैलाश मकवाना का नाम आगे, आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चयन को लेकर आज, गुरुवार को दिल्ली में बैठक हुई। शाम 4:30 बजे DGP के लिए तीन नामों के पैनल पर पीएससी ने मोहर लगा दी है। इस तीन आईपीएस अफसरों में अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से एक नाम पर मोहर लगाएंगे। आपको बता दें कि सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ये तीन नाम तय किए नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई है। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। डीजी-आईजी कांफ्रेंस और महत्वपूर्ण निर्णय बता दें कि 28 से 30 नवंबर तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में डीजी-आईजी कान्फ्रेंस भी आयोजित होगी। इस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मौजूदा DGP सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त होंगे। माना जा रहा है कि OSD के रूप में कार्यरत अधिकारी इस कांफ्रेंस में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश जाएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। 24 से 30 नवंबर तक उनका ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा प्रस्तावित है। 23 नवंबर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में OSD (Officer on Special Duty) कौन होगा, इसकी घोषणा करके ही मुख्यमंत्री जाएंगे, ताकि 30 नवंबर को वर्तमान DGP सुधीर कुमार सक्सेना की विदाई और नए DGP की कुर्सी संभालने की रस्म पूरी हो सके। अब MP DGP की रेस में सबसे आगे हैं IPS कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश के ईमानदार पुलिस अफसरों में शुमार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश पुलिस के नए मुखिया यानि डीजीपी बनने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मध्य प्रदेश के नए डीजीपी पद के लिए तीन आईपीएस अफसरों के पैनल पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें कैलाश मकवाना का नाम शामिल है। अन्य दो नामों में डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा का नाम है। सीएम पर टिकी है निगाहें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन कैलाश मकवाना और ईओडब्ल्यू के अजय शर्मा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख रही है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर टिक गई हैं, नए डीजीपी के नाम का ऐलान वे ही करेंगे। तीन नाम हुए हैं फाइनल मध्य प्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा था। 21 नवंबर को देर शाम यूपीएससी दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें 9 में से 3 नाम फाइनल किए गए। मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 1 दिसंबर को नए डीजीपी कार्य करना शुरू कर देंगे। रेस में कैलाश मकवाना सबसे आगे कैलाश मकवाना का नाम सबसे उपर इसलिए दिख रहा है क्योंकि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बिगड़ी सीआर को सुधारा था। बताया जाता है कि उन्हें तब 10 में 10 अंक दिए गए। इससे पहले सीआर खराब होने की स्थिति में वह डीजीपी की दावेदारी से बाहर हो रहे थे। साढ़े तीन साल में हुआ था सात बार तबादला मकवाना ने अपनी एसीआर( गोपनीय चरित्रावली) सुधरवाने के लिए मप्र शासन से 9 महीने पहले अपील की थी। उन्होंने रिप्रेजेंटेशन भेजते हुए सरकार से कहा था कि लोकायुक्त संगठन में डीजी रहने के 6 महीने के दौरान उनकी एसीआर खराब कर दी गई। कमल नाथ सरकार में महज एक साल में उनका तीन बार तबादला किया गया था। साढ़े 3 साल में उनका 7 बार तबादला किया गया था। लोकायुक्त का बनाया गया था महानिदेशक मकवाना को वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था। वे यहां इमानदारी से काम कर रहे थे, भी उन्होंने महाकाल लोक की एक फाइल खोल ली। इसके बाद तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में चेयरमैन बना दिया था। तब शिवराज के ओएसडी योगेश चौधरी को एडीजी विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त पदस्थ किया गया था। तब उनकी सीआर कम कर दी गई थी। क्या है महाकाल कॉरिडोर ‘घोटाला’ उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर के प्रथम चरण के कामों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची थी। लोकायुक्त संगठन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने शिकायत की है कि तीन आईएएस अफसरों के अलावा 15 अफसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। लोकायुक्त के नोटिस में तीन आईएएस उज्जैन कलेक्टर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आशीष सिंह, स्मार्ट सिटी उज्जैन के तत्कालीन कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता शामिल थे। शिकायर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए एसओआर की दरें और आइटम को बदला गया है।

सीएम यादव के विदेश दौरे से पहले नए DGP के नाम का ऐलान होगा, दिल्ली में मंथन जारी !

नईदिल्ली  मध्यप्रदेश के नए DGP को लेकर दिल्ली (Delhi) में बैठक का दौरा जारी है. पिछले कई दिनों से सरकार में अलग-अलग स्तर पर नए डीजीपी (MP New DGP) के नाम को लेकर मंथन हो चुका है. अब बारी दिल्ली की है, नए डीजीपी के नाम किस अधिकारी पर मोहर लगती है, ये देखना अभी बाकी है. सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के विदेश दौरे पर जाने से पहले नए अधिकारी के नाम का ऐलान होना है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन दिनो में ये नाम सामने आ जाएगा. 9 नामों में से होगा एक नाम राज्य सरकार ने केंद्र सरकार (डीओपीटी) को 9 नामों का पैनल भेजा था. जिसमें डीजी ईओडब्ल्यू अजय कुमार शर्मा, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र मकवाना, डीजी जेल जीपी सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी उपेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजी वरुण कपूर, स्पेशल डीजी आलोक रंजन, डीजी महिल सेल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी योगेश मुद्ग़ल के नाम शामिल है. मध्य प्रदेश के नए डीजीपी का नाम इन्हीं नामों में से चुना जाएगा. रेस में शर्मा सबसे आगे डीजीपी की दौड़ में सीनियर अफसर अजय शर्मा का नाम सबसे आगे है. 1989 बैच के IPS अफसर अजय शर्मा हाल के दिनों में डीजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अगस्त 2026 में रिटारयर होंगे. दूसरा नाम 1988 बैच के IPS अफसर कैलाश मकवाना का है, मकवाना हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. मोहन सरकार ने जिन अफसरों के नाम केंद्र को भेजे है, उन सभी अधिकारियों ने अपनी 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है. 30 को रिटायर होंगे सक्सेना प्रदेश के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर के रिटायर हो रहे है. सक्सेना मार्च 2022 से इस पद पर है,  नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल से हुई थी करीब ढ़ाई साल तक प्रदेश के डीजीपी पद रहकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. अगले तीन दिनों में सामने होगा नाम डीजीपी का नाम अगले तीन दिनो में सामने आ जाएगा. सीएम मोहन यादव 24 नवंबर से विदेश दौरे पर जा रहे है, ऐसे में नए डीजीपी का नाम उससे पहले तय होने की पूरी संभावना है.ऐसे में 30 नवंबर से पहले से नए डीजीपी वर्तमान डीजीपी के ओएसडी के रूप में काम करेंगे. इन 6 IPS अधिकारियों के नाम की चर्चा जोरों पर डीजीपी पद के प्रबल दावेदार कौन? इस पद के प्रबल दावेदारों में होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना के नाम सबसे आगे हैं। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी 1988 और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से एक को डीजीपी बनाया जाएगा। जबकि अन्य अधिकारियों का नाम रेस में नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। बेटी संभालेगी परेड की कमान बता दें कि डीजीपी सक्सेना के लिए 30 नवंबर को एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। उनकी बेटी और आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी परेड की कमान संभालेंगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहली बार होगा कि किसी डीजीपी को उनकी बेटी द्वारा विदाई परेड की कमान सौंपी जाएगी। इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी जोरों पर है। नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां गौरतलब है कि राज्य को अक्टूबर में अनुराग जैन को मुख्य सचिव का पद मिला था। अब नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में नए चेहरों शामिल हो जाएंगे। यह बदलाव राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां होंगी। देखना होगा कि नवनियुक्त डीजीपी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और राज्य की जनता की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं।  DGP पिता की विदाई परेड में DCP बेटी देगी सलामी  मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि डीजीपी पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनके विदाई परेड में सलामी की जिम्मेदारी उनकी डीसीपी बेटी को मिली है. विदाई परेड मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी. दरअसल, 32 महीने के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. खास बात यह है कि उनकी विदाई परेड की जिम्मेदारी उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सोनाक्षी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही परेड कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी. उनकी पहली तैनाती इंदौर में की गई थी. दो साल पहले बने डीजीपी प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सुधीर कुमार सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर काबिज हुए थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 30 नवंबर को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में होने वाली परेड को लेकर पुलिस का अभ्यास कार्यक्रम जल्द शुरू होगा. सलामी देने वाली टीम सोमवार से नेहरू नगर स्टेडियम में अभ्यास करेगी. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. आईपीएस अरविंद कुमार, आईपीएस कैलाश मकवाना और आईपीएस पवन श्रीवास्तव सहित कई नामों पर चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जिसके नाम पर मुहर लगेगी, वह प्रदेश का नया डीजीपी होगा.

मध्य प्रदेश के नए डीजीपी के लिए ये नाम हुए फाइनल! कौन है रेस में सबसे आगे?

भोपाल  मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (New DGP Appointment) को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं, क्योंकि वर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं. प्रदेश में नए डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए कई दावेदारों के नाम चर्चाओं में हैं, इनमें अरविंद कुमार रेस में सबसे आगे हैं. राज्य के 30वें डीजीपी के तौर पर सुधीर सक्सेना का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है. 30 नवबर को सुधीर सक्सेना की विदाई तय है. लगभग ढाई साल से डीजीपी पद पर तैनात रहे सक्सेना के विदा होने के बाद प्रदेश का नया डीजीपी कौन होगा, इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं.  रेस में आगे हैं अरविंद कुमार और कैलाश मकवाना गौरतलब है सेवानिवृत हो रहे पुलिस महानिदेशक सक्सेना का स्थान लेने वालों में कई नाम चर्चा में हैं. इनमें सबसे ऊपर होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना का नाम है. इसके अलावा ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में है. 1988 और 1989 बैच के आईपीएस ही बन सकेंगे डीजीपी डीजीपी के रेस में शामिल सभी अधिकारी वर्ष 1988 और 1989 बैच के आईपीएस है. माना जा रहा है कि वरिष्ठता के आधार पर उनमें से कोई एक ही डीजीपी बनेगा, लेकिन शेष के सपने अधूरे रहने की संभावना ज्यादा है, ऐसा इसलिए क्योंकि सभी का सेवाकाल उस अवधि में पूरा हो जाएगा. राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. सक्सेना की विदाई परेड की कमांडर होगी डीजीपी की बेटी मौजूदी डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर होंगे. इस मौके पर होने वाली परेड की कमांडर सक्सेना की पुत्री आईपीएस सोनाक्षी होंगी. संभवत मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहला ऐसा मौका होगा जब डीजीपी को विदाई देने वाली परेड की कमांडर उनकी ही बेटी होगी. इस आयोजन को भव्य रूप दिए जाने की तैयारी जारी है. अक्टूबर महीने में मध्य प्रदेश को मिला नया मुख्य सचिव उल्लेखनीय है राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमपी की मोहन सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को नौ नामों का पैनल भेजा है. इसमें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष से लेकर एडीजी लेवल के अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इन नामों में से केंद्र सरकार तीन नामों को फाइनल करेगी. फिर उन तीन नामों में से एक नाम को राज्य सरकार डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी.

डीजीपी ने सभी जिला प्रभारियों के कसे पेच, दिए बैरियर व सीसीटीवी की निगरानी बढ़ाने के निर्देश

देहरादून. अल्मोड़ा जिले में ओवरलोड के कारण बस हादसा व देहरादून में ओवरस्पीड इनोवा कार हादसे को देखते हुए पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बैरियर चेकिंग व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों के सापेक्ष सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण शराब पीकर नशे में वाहन चलाना, वाहन चालकों की ओर से अन्य वाहनों से प्रतिस्पर्धा करना, वाहन चालकों की ओर से मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाना है। पुलिस की सक्रियता से दुर्घटनाओं पर पाया जा सकता है नियंत्रण डीजीपी ने कहा कि इन दुर्घटनाओं पर पुलिस की सक्रियता से नियंत्रण पाया जा सकता है। ऐसे में पुलिस की ओर से समय-समय पर बैरियर चेकिंग, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा देर रात तक चलने वाले बार व पब के लाइसेंस चेक कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें, सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने व पिलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें, पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा उनका रखरखाव भी नियमित रूप से किया जाए। निर्देशित किया कि पुलिस कंट्रोल रूम पर सीसीटीवी कैमरे से नियमित मॉनिटरिंग की जाए व सड़क पर पर्याप्त साइन बोर्ड एव उचित निगरानी की जाए। सड़क हादसे रोकने के लिए जांच में लाएं तेजी डीजीपी ने कहा कि नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की जांच के लिए चेक पोस्ट व बैरियरों पर एवं यातायात पुलिस को पर्याप्त एल्कोमीटर उपलब्ध कराए जाएं। चालक नशे में पाया जाता है तो वाहन तत्काल सीज किया जाए। स्पीडोमीटर व रडार गन की मदद से ओवर स्पीड वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की, सवारी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी पाए जाने व नाबालिग की ओर से वाहन चलाते हुए पाए जाने पर वाहन स्वामी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करें। होटल, पब व रेस्टोरेंट प्रबंधकों की भी फिक्स करें जिम्मेदारी डीजीपी ने बार लाइसेंसधारक होटल, पब व रेस्टोरेंट प्रबंधक की जिम्मेदारी फिक्स करने के भी निर्देश दिए हैं। कहा कि नशे वाले व्यक्ति को प्रस्थान करने पर वाहन चलाने से रोकते हुए उसके स्वजन को सूचित कर उनके सुपुर्द किया जाएगा। स्वजनों से संपर्क न होने पर बार संचालक ऐसे व्यक्ति की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में देंगे। यदि कोई होटल, पब व रेस्टोरेंट प्रबंधक निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

IPS संजय वर्मा कौन? महाराष्ट्र के नए DGP, जानें उनके बारे में

मुंबई महाराष्ट्र के वरिष्ठ IPS अधिकारी संजय वर्मा को प्रदेश पुलिस का नया डीजीपी बनाया गया है. आईपीएस संजय वर्मा को केंद्रीय चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया है. महाराष्ट्र चुनाव 2024 से एक पखवाड़े पहले चुनाव आयोग ने राज्य कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले की शिकायत मिलने के बाद पिछली डीजीपी रश्मि शुक्ला के तबादले का आदेश दिया था. डीजीपी रश्मि शुक्ला को हटाए जाने के बाद ईसीआई ने राज्य सरकार से महाराष्ट्र कैडर के तीन सबसे वरिष्ठ आईपीएस के नाम मांगे थे, जिनमें वर्मा एक हैं. अन्य दो वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार सिंघल और उनके बैचमेट रितेश कुमार इस रेस में शामिल थे. इससे पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीजीपी रश्मि शुक्ला को हटा दिया था। जिसके बाद मुंबई के पुलिस कमिश्नर विवेक फनसालकर को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी अतिरिक्त तौर पर सौंपी गई थी। बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को चुनाव होने हैं। रश्मि शुक्ला प्रदेश की पहली महिला डीजीपी थीं। जिनके खिलाफ कांग्रेस समेत कई दलों ने चुनाव आयोग को शिकायत दी थी।

गैंगस्टर लक्की पटियाल और 4 बदमाशों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया, पंजाब में टली बड़ी वारदात: DGP

मोगा मोगा पुलिस ने गैंगस्टर लक्की पटियाल और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 4 बदमाशों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। आरोपियों  से 6 अवैध हथियार बरामद हुए हैं। इस संबंधित सोशल मीडिया पर  जानकारी देते हुए डी. जी. पी. गौरव यादव ने बताया कि आरोपी मोगा में एक व्यापारी से पैसे वसूलने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। डी. जी. पी. गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 2 अलग-अलग गिरोह से जुड़े हैं। इस मामले में 2 अलग-अलग एफ. आई. आर. दर्ज की गई है।   पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी लक्की पटियाला के सीधे संपर्क में था जबकि दूसरा आरोपी का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है। ये दोनों गैंग एक दूसरे के खिलाफ हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों के पास हथियार कहां से आए।

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