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धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘कर्ज का हिसाब बराबर करते हैं’, कुबेरेश्वर धाम में दिया बड़ा बयान

सीहोर धर्म और आस्था की नगरी सीहोर उस समय ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी जब कुबेरेश्वर धाम में चल रही शिव महापुराण कथा के बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन हुआ। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने बागेश्वर सरकार के स्वागत में उत्साह का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। कथा स्थल पर उपस्थित संतों और भक्तों को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने चिरपरिचित चुटीले अंदाज में कहा कि उन्होंने “महाराज जी का कर्ज उतार दिया है।’ उनका इशारा कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा महाराज जी बागेश्वर धाम आए थे, अब हम यहां आ गए हैं। हम किसी का कर्ज उधार नहीं रखते, आज हिसाब बराबर हो गया, उनके इस वक्तव्य पर पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा, उन्होंने आगे कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा उनसे वरिष्ठ हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। महाराज जी जैसा करते हैं, वैसा ही हम भी करते हैं, कहते हुए उन्होंने आपसी स्नेह और संत परंपरा की मर्यादा को रेखांकित किया। मंच से उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह डबरा से आए हैं तो अब हम डबरा जा रहे हैं, जिससे श्रोताओं के बीच सहज हंसी और आनंद का वातावरण बन गया। यह पहला अवसर था जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर सीहोर की पावन धरा पर पहुंचे। कुबेरेश्वर धाम समिति के प्रवक्ता मनोज दीक्षित के अनुसार पंडित शास्त्री ने व्यासपीठ पर पहुंचकर विधिवत नमन किया और संत परंपरा का सम्मान किया। दो प्रखर सनातनी संतों के इस मिलन को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे थे, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। कथा स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और धाम समिति द्वारा भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्थाओं की सराहना भी की गई। सीहोर में इन दोनों संतों का यह मिलन श्रद्धालुओं के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मंच से दिए गए संदेशों में आपसी सम्मान, धर्म के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण बताया।

कोलंबो में भारत की शानदार जीत, पाकिस्तान 61 रन से हारा; धीरेंद्र शास्त्री ने जीत पर जताई खुशी

छतरपुर  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) में भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत के बाद बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जैसे ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने दुश्मनों को जवाब दिया था, वैसे ही अब क्रिकेट के मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. बागेश्वर महाराज ने कहा, ‘आखिर बाप तो बाप होता है.’  भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर-8 में जगह बना ली. इस हाई-वोल्टेज मैच में ईशान किशन की विस्फोटक बल्लेबाजी और जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी जीत की सबसे बड़ी वजह रही. भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए. मुश्किल पिच पर ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने तिलक वर्मा (11) के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रन जोड़े. ईशान ने 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और पाकिस्तानी स्पिनरों की जमकर धुनाई की. हालांकि 15वें ओवर में सैम अयूब ने उन्हें बोल्ड कर भारत को बड़ा झटका दिया. बाद के ओवरों में तिलक (25), हार्दिक पांड्या (0) जल्दी आउट हो गए, जिससे स्कोर 126/2 से 126/4 हो गया. कप्तान सूर्यकुमार यादव (32) और शिवम दुबे (27) ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को 150 के पार पहुंचाया. अंतिम ओवर में शाहीन अफरीदी के खिलाफ दुबे और रिंकू सिंह ने 15 रन बटोरकर भारत को 175 तक पहुंचाया. पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में आई 176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई. हार्दिक पांड्या ने पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान को आउट किया. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने सैम अयूब और सलमान अली आगा को पवेलियन भेज दिया. बाबर आजम भी अक्षर पटेल की गेंद पर आउट हो गए. पावरप्ले में पाकिस्तान 38/4 पर सिमट गया, जबकि भारत ने 52/1 बनाए थे. बीच के ओवरों में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, तिलक वर्मा और वरुण चक्रवर्ती ने कसकर गेंदबाजी की. पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवर में 114 रन पर ढेर हो गई. बुमराह (2/17) और हार्दिक (2/16) सबसे सफल गेंदबाज रहे. टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर यह 9 मैचों में 8वीं जीत है. इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बरकरार रखा.

धीरेंद्र शास्त्री बोले, धर्म की रक्षा के लिए मठों से सक्रिय होना होगा, माला और भाला साथ रखना जरूरी

छतरपुर  बागेश्वर धाम में 301 कन्या विवाह महोत्सव के दौरान  सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ किया जा रहा है। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सीताराम-सीताराम करने भर से धर्म नहीं बचेगा, बल्कि माला और भाला रखना होगा।  उन्होंने कहा- 12 देशों के बाद अब अमेरिका में भी बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल बनेगा। इस साल यूरोप के 8 देशों में भी बनाएंगे। सुंदर कांड मंडल बनाने के बाद हम शस्त्र और शास्त्र का भी प्रशिक्षण देंगे। बेटियों को जूडो कराटे सिखाएंगे। दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह हो जाएगा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- हम दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह हो जाएगा। हम एक जाप कर रहे हैं। एक टाइम फलाहार और दूसरे टाइम दवा कर खा रहे हैं। बेटियों का विवाह बहुत ही पुण्य का काम है। हमारी समिति और शिष्यमंडल ने ये जिम्मेदारी उठाई है। यूपी के मऊ से भी पाठ के लिए 300 सदस्य पहुंचे हैं हनुमान चालीसा पाठ के लिए उत्तर प्रदेश के मऊ से श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के 300 सदस्य पहुंचे हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि 7100 सदस्यों की ओर से 21 बार पाठ होना है। इसमें राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक मोहम्मद फैज खान भी शामिल हैं। 15 फरवरी को सात फेरे, बारात और विदाई होगी शुक्रवार से मेहंदी और हल्दी रस्म होना है। दूसरे दिन संगीत होगा। 15 फरवरी को सात फेरे, बारात और विदाई होगी। इससे पहले, सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सुंदर कांड पाठ किया गया था। दोपहर 12 बजे से सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। पाठ से पहले पूजन किया गया। शाम को भागवत कथा होगी और रात में हवन किया जाएगा। सेवादार कमल अवस्थी ने बताया कि ऑनलाइन हवन में करीब 5 लाख लोगों के जुड़ने की उम्मीद है। कल मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव मंडप कार्यक्रम में बेटियों को आशीर्वाद देने आएंगे।

सनातन धर्म पर बड़ा बयान, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा—संतों की आपसी लड़ाई से नुकसान

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि संतों के विवाद पर बोलने की हैसियत हमारी नहीं है, लेकिन साधु आपस में लड़कर जो निंदा कर रहे हैं, वह सनातन के लिए घातक है। सोमवार को इंदौर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हम अब तक संत नहीं बन पाए हैं क्योंकि हम आचरण से संत बनना चाहते हैं। ऐसी बात से हमारी ही हंसी होती है। दूसरों की निंदा करने की बजाय सनातनियों को स्वयं में सुधार करने की आवश्यकता है। सनातन परंपरा अमिट रहेगी और इसे कोई मिटा नहीं सकता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक दिवसीय प्रवचन में शामिल होने के लिए मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पहुंचे थे। इंदौर में मीडिया के सवालों का जवाब देते कहा कि आज नए मंदिर तो खूब बनाए जा रहे, लेकिन पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार नहीं किया जा रहा। पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार कर इनका वैभव लौटाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बलि प्रथा को दूर करने की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि हमारे तीर्थ, देवालय आस्था का केंद्र बनने के बजाये पिकनिक स्पॉट बन रहे हैं। यह उचित नहीं है।

बागेश्वरधाम में युवतियों के लिए भव्य आयोजन, नेपाल की बेटी समेत 300 शामिल, शर्तों की घोषणा

छतरपुर  हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इस बार का महोत्सव इसलिए खास है क्योंकि यह सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है। नेपाल की भी एक बेटी का विवाह धाम से हो रहा है। रविवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री भेंट की। वहीं उन्हें समझ्या कि अंतरराष्ट्रीय विवाह सम्मेलन में उन्हें कैसे आना है, क्या पहनकर आना है। क्या सुविधाएं मिलेंगी और क्या घर से करना होगा? सामूहिक विवाह का खर्च बागेश्वर धाम की दानपेटी से पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया “यह 7वां सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव होगा. आयोजन में पूरा खर्च धाम की दानपेटी से करते हैं. बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाला सामूहिक विवाह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन बेटियों के लिए जीवन बदल देने वाला अवसर होता है, जिनके परिवार आर्थिक कारणों से विवाह नहीं कर पाते. इस बार बागेश्वर धाम की ओर से 300 बेटियों के हाथ पीले कर विदाई कराने का लक्ष्य रखा गया है. आयोजन में देशभर के वर-वधु शामिल होते हैं.” बाबा बागेश्वर ने लिस्ट जारी की इस बार होने वाले सामूहिक आयोजन में बेटियों की बाबा बागेश्वर ने लिस्ट जारी कर नामों की घोषणा की. बाबा बागेश्वर खुद आयोजन की देखरेख करते है. लिस्ट बनाने में समिति को करीब 2 माह का समय लगा है. फार्म जमा होना, टीम का घर-घर जाना, परीक्षण होना, 30 हजार किलामीटर 40 से ज्यादा लोगों ने यात्रा कर सूची बनाई है. इस आयोजन में देशभर की बेटियों के हाथ पीली किये जा रहे हैं. मध्य प्रदेश, यूपी, बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित देशभर की गरीब निर्धन बेटियों के विवाह होंगे.  समधियों को दी समझाइश उन्होंने सभी समधियों को समझाइश दी कि वे बहू को बेटी की तरह रखें, किसी भी प्रकार की कोई शिकायत न आए। शास्त्री ने कुछ समधियों को बुलाकर उनसे हंसी मजाक करते उन्हें गुलाल भी लगाया। धीरेंद्र शास्त्री ने ट्वीट कर दी विवाह महोत्सव की पूरी जानकारी। यहां सुन लें आप भी… वर-वधू के नाम से होगी संयुक्त एफडी पं. शास्त्री ने बताया, इस बार वर-वधू के नाम से संयुक्त रूप से 30 हजार की एफडी कराई जाएगी। यह एफडी 5 वर्ष से पहले नहीं तोड़ी जा सकेगी। बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को सप्तम कन्या विवाह महोत्सव आयोजित हो रहा है।  300 बेटियों का गठबंधन मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में होने वाले इस सामूहिक विवाह महोत्सव में 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। पं. शास्त्री ने कहा जो बेटियां दूर से आने वाली हैं, वे 14 फरवरी को आ जाएं। रविवार को वर और वधू पक्ष को बुलाकर शुरुआती सामग्री भेंट की गई। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने विवाह महोत्सव में शामिल होने वाले वर वधू पक्ष को बताया क्या होंगी व्यवस्थाएं, क्या हैं नियम… वर-वधु पक्ष के लिए यह रहेगी व्यवस्था वर एवं वधू पक्ष को जो महत्वपूर्ण पास दिए गए हैं, उनमें वधू पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं वधू के लिए एक कार्ड दिया गया है। इसी तरह वर पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं उपहार ले जाने के लिए एक उपहार वाहन पास दिया गया है। साथ ही वर के लिए कार्ड दिया गया है। वर तथा वधु पक्ष के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन के कूपन भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे आसानी से भोजन प्राप्त कर सकें। महाराज ने वरवधु मंडप भोजन हेतु अलग से भोजन की व्यवस्था की है। पिछले साल 251 विवाह हुए थे साल 2025 में हुए कन्या विवाह में 108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया था. राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू ने बागेश्वर धाम आकर न केवल बेटियों को आशीर्वाद दिया था बल्कि अपनी ओर से उपहार भी भेंट किये थे. इसके अलावा देशभर से साधु-संतों ने भी वर-वधू को शीर्वाद दिया था. शास्त्री बोले- बहू को अपनी बेटी की तरह रखें सामग्री वितरण के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर पक्ष के अभिभावकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा, “घर आने वाली बहू को अपनी बेटी की तरह रखें। समाज में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए जिससे धाम की मर्यादा पर आंच आए।” उन्होंने बताया कि 500 से अधिक आवेदनों में से सर्वे टीम ने उन बेटियों को चुना है जो अत्यंत गरीब हैं या जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। मेहमानों और व्यवस्थाओं की खास तैयारी आयोजन को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और धाम के सेवादारों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वाहनों के लिए पास: वर और वधू पक्ष को अलग-अलग वाहन पास जारी किए गए हैं ताकि यातायात में परेशानी न हो। भोजन व्यवस्था: दोनों पक्षों के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन कूपन दिए गए हैं। साथ ही वर-वधू और मंडप में मौजूद लोगों के लिए अलग से विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है। विशिष्ट अतिथि: इस भव्य महोत्सव में देशभर के बड़े संत, महात्मा और राजनैतिक जगत की हस्तियां शामिल होंगी। 14 फरवरी तक पहुंचेंगी बेटियां दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली बेटियों को 14 फरवरी तक धाम पहुंचने का निर्देश दिया गया है। महाराज ने इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी सर्वे टीम और सेवादारों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि धाम की वर्तमान क्षमता के अनुसार श्रेष्ठ व्यवस्थाएं की जा रही हैं।  

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा ठंड लगी तो जैकेट पहनी, लोगों के पेट में दर्द क्यों

छतरपुर   बागेश्वर धाम के पं.धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों कथा सुनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड की यात्रा पर. वहां वह भक्तों को कथा का रसपान करवा रहे हैं. इसके साथ ही सनातन की अलख जगा रहे हैं. यात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर पानी वाले जहाज पर बैठे और इसे चलाया भी. इस दौरान वह महंगा चश्मा, जैकेट पहने दिखे. इस प्रकार की तस्वीरें वायरल होते ही भारत में लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए तो गुस्साए ट्रोल करने वालों ने सोशल मीडिया पर लिखा “बाबा Gucci का चश्मा लगाकर और The North Face की जैकेट पहन कर स्वदेशी अपनाने का लुत्फ़ लेते हुए.” कुछ लोगो ने लिखा “मजे तो बाबा के हैं.” जब बाबा बागेश्वर ने इन पोस्ट को देखा तो भड़क गए. बााबा बागेश्वर ने विदेश की धरती से ही कथा के दौरान ट्रोल करने वालों की भी ठठरी बारना शुरू कर दिया. चेतवानी दे डाली “अब डालना हमारे वीडियो फ़ोटो अब हम और भी महंगा पहनेंगे.” ठंड लगी तो जैकेट पहनी, लोगों के पेट में दर्द क्यों धीरेंद्र शास्त्री ने कहा “भारत के एक बड़े ही फेमस व्यक्ति ने हमारे ऊपर एक वीडियो बनाया. ऑस्ट्रेलिया में हमको बहुत ठंड लगी तो एक बच्ची ने महंगी सी जैकेट दी. पता चला कि वह जैकेट 60 से 65 हजार की. इस पर लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट कर कहा बाबा के जलवा देखो. 60 हजार की जैकेट. जब हम जहाज में गए तो चश्मा लगा लिया. चश्मा भी बड़ा महंगा था. भारत मे हमारी बहुत पोस्ट वायरल हो रही हैं. अगर महात्मा 60 हजार की पहन लें तो लोगों के पेट में दर्द होने लगता है.” झील की सैर के दौरान बाबा बागेश्वर का नया अंदाज  बता दें कि बाबा बागेश्वर 3 जून से 26 जून तक ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं. इस दौरान वह कथा सुना रहे हैं. धीरेन्द्र शास्त्री अगले माह जुलाई में भी विदेश यात्रा करेंगे. वह जुलाई में यूके, ओमान, UAE की यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान भी वह सनातन धर्म का प्रचार करेंगे. 

भारतीय चीन के बनाए चार्जर पर विश्वास नहीं करते, पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन पर विश्वास कर लिया: धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर  बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यूं तो हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अब एक बार फिर वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। फिलहाल वह बिहार के मुजफ्फरपुर में कथा कह रहे हैं। मंगलवार रात उन्होंने दिव्य दरबार लगाया। जातिवाद की चर्चा पर क्या बोले उन्होंने कहा कि देश में जातिवाद के नाम पर चर्चा हो रही है, हमें जातिगत जनगणना से दिक्कत नहीं है। हम चाहते हैं कि भारत की जातियों की गिनती के बजाए ये गिनती की जाए, अमीर कितने हैं, गरीब कितने हैं, ताकि गरीबों के लिए कुछ किया जाए। कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से जुड़ी जाति नहीं होती। आगे उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो गरीब का भला होगा, क्षेत्र का विकास होगा, प्रदेश का विकास होगा, देश का विकास होगा, तब भारत विश्वगुरु होगा। पहलगाम हमले पर भी खूब बोले बाबा ने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया। धर्म विरोधियों के, बिगड़ैल औलाद के रूप में पाकिस्तान ने अपना बुरा चेहरा दिखाया। ये 1965, 1971 का भारत नहीं है। ये 2025 का भारत है, जिसने घर में घुसकर मारा। हमारी माताओं के सुहाग को उजाड़ा। हमें गर्व है, भारत की आर्मी पर, सेना पर, जिसने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर घर में घुसकर मारा। हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते बाबा बागेश्वर ने कहा कि एक दिन मैं घर पर टीवी देख रहा था, जब भारत की सेना पाकिस्तान पर मिसाइल छोड़ रही थी, तब मैं हंस रहा था और बोल रहा था कि सिंदूर तो झांकी है, हल्दी, मेहंदी बाकी है। पाकिस्तान कितना पागल है, हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते, वे चाइना के मिसाइल पर भरोसा कर रहे हैं। देश की बहनों ने घर में घुसकर मारा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश की बहनें काफी ताकतवर हैं। पाकिस्तान में घुसकर मारा। जिस देश की बेटियां इतनी खतरनाक हैं, उस देश के बेटों से फंस जाएगा तो क्या होगा। मुझे सबसे अच्छा बिहार लगता है, मेरा बस नहीं चलता नहीं तो यहीं मठ बना लेता। बिहार वालों चिंता मत करो, जब तक रहेंगे तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेंगे। दिव्य दरबार में बाबा ने कई भक्तों की अर्जियां सुनीं और उनकी समस्याओं का समाधान किया. उन्होंने भीड़ से सीतामढ़ी के राजकुमार, शिवम नाम के एक भक्त, दो महिलाओं और एक संत के छोटे बेटे को मंच पर बुलाया. खास बात यह रही कि बाबा ने भक्तों की समस्याएं बिना पूछे पहले ही पर्चे पर लिख दीं और फिर उन्हें मंच पर बुलाकर समाधान बताया. सीतामढ़ी के एक संत ने बताया कि वह और उनका बेटा पूजा-पाठ के साथ श्रद्धा से दरबार में आए थे. बेटे की जिद पर उसे साथ लाए, और आश्चर्यजनक रूप से बेटे की अर्जी स्वीकार हुई, जिसके कारण उन्हें भी बाबा से मिलने का मौका मिला. संत ने अपनी पारिवारिक परेशानियों का जिक्र किया, जिसे बाबा ने पहले ही पर्चे पर लिख लिया था. इसी तरह, छपरा से अपनी मां के साथ आई एक युवती की पर्ची भी निकाली गई. बाबा ने उसकी समस्या को बिना पूछे लिख लिया और फिर उसे मंच पर बुलाकर समाधान का आशीर्वाद दिया. दरबार में भक्तों ने सामूहिक अर्जी लगाने या दिव्य दरबार आयोजित करने का विकल्प चुना, जिसके बाद बाबा ने दिव्य दरबार लगाया. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में पहलगाम हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “धर्म पूछकर मारा गया, धर्म विरोधियों ने. पाकिस्तान ने अपना चेहरा दिखाया. ये पुराना भारत नहीं, 2025 का भारत है, जो घर में घुसकर मारता है.” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ा, हमने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. ये तो झांकी है, हल्दी-मेहंदी अभी बाकी है.” जातीय जनगणना पर भी बाबा ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “हमें जातीय जनगणना चाहिए, लेकिन अमीर और गरीब की गणना होनी चाहिए, ताकि पता चले कि गरीब कितने हैं. कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से बड़ी जाति नहीं होती.” उन्होंने भक्तों से अपील की, “आप लोग साथ दो, भारत को हिंदू राष्ट्र बना देंगे.”

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘हम मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहते हैं, रामराज से भरा हिंदुस्तान चाहते

छतरपुर /गोपालगंज गोपालगंज के राम जानकी मठ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा का आज यानी शनिवार को तीसरा दिन है। आज बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार भी लग रहा है।दिव्य दरबार में पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर्ची के जरिए भक्तों को उनकी समस्या का समाधान बताएंगे। दिव्य दरबार के लिए बिहार के अलावे यूपी और नेपाल से भी लोग पहुंच रहे हैंं। 50 हजार से ज्यादा लोग अभी ही पंडाल में मौजूद हैं। विदेशी श्रद्धालुओं में यूक्रेन और यूएसएस के भी लोग कथा में पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे से दिव्य दरबार लगेगा। हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा वहीं  हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ‘हिंदू अकेला होगा तो भागना पड़ेगा, लेकिन सभी हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को यहां से भागना पड़ेगा।’ उन्होंने हिंदुओं को एकजुट करते हुए एकता का महत्व समझाते हुए मधुमक्खी और कुत्ते का उदाहरण दिया। कहा कि ‘एक कुत्ता अकेला होने पर भाग जाता है, लेकिन मधुमक्खियां झुंड में होने के कारण इंसान को भागना पड़ता है।’ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘हम मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहते हैं, रामराज से भरा हिंदुस्तान चाहते हैं। जात-पात को छोड़कर जब सारे सनातनी एक होंगे, तभी भारत हिंदू राष्ट्र कहलाएगा।’ उन्होंने कहा कि ‘लोग बोलते हैं, मैं संविधान के खिलाफ बोलता हूं। मैं संविधान के खिलाफ नहीं हूं। एक हाथ में संविधान, दूसरे में भगवान लिए चलता हूं।’ कथा के बीच भावुक हुए धीरेंद्र शास्त्री कथा के बीच में धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। अपने पुराने दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे पिता जी को कोई शादी में नहीं बुलाता था। परिवार वाले अपनी शादी के कार्ड में पिताजी का नाम तक नहीं लिखते थे, क्योंकि हम गरीब थे। फटे कपड़े पहनकर चले जाएंगे तो उनकी इज्जत चली जाएगी, लेकिन हमारी मां कहती थीं, ‘तुम राम को कभी मत छोड़ना, हमारे दिन भी आएंगे।’ इस दौरान उन्होंने एक शायरी भी सुनाई- ‘मुझे कौन पूछता था तेरी बंदगी से पहले, मैं खुद को ढूंढता था, इस जिंदगी से पहले।’ ‘ए ठठरी टिन शेड न तोड़ दियो’ धीरेंद्र शास्त्री को देखने के लिए भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। कई लोग उन्हें देखने के लिए टीन शेड पर खड़े हो गए। ये देखकर बाबा ने कहा, ‘ओह, पगला, ठठरी… टीन शेड ना तोड़ दिओ…आराम से कथा सुनो। बड़ा गरीबी से टीन शेड लगवाया है।’ 100 KM दूर से पहुंचे भक्त धीरेंद्र शास्त्री की कथा में आज करीब 40 से 50 हजार भीड़ जुटी। बाबा का कथा सुनने के लिए 100 KM दूर छपरा, सीवान से भक्त यहां पहुंचे। इस दौरान विदेशी लोग भी कथा का आनंद ले रहे थे।  बाबा बागेश्वर के दर्शन के लिए कई दिग्गज नेता पहुंचे। केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण निषाद ने बाबा के दर्शन किए। लोकसभा सांसद मनोज तिवारी भी मौजूद रहे। बिहार सरकार के मंत्री हरि साहनी और जीवेश मिश्रा ने भी बाबा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी और गायक रितेश मिश्रा भी मौजूद रहे।

बाबा बागेश्वर महाशिवरात्रि पर 251 गरीब कन्याओं का विवाह कराएंगे, नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल

छतरपुर करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर देश की गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा. 26 फरवरी को आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी. जिन बेटियों को विवाह के लिए चयनित किया गया है. उनकी सूची बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के समक्ष जारी की है. आदिवासी समाज से 108 बेटियां चयनित इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने वाली 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, तो 143 बेटियां अन्य सभी समाजों से हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “इन चयनित बेटियों को धर्मपीठ, राजपीठ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग सुखी जीवन का आशीर्वाद देंगे.” आगे उन्होंने कहा कि “मंदिरों में लाखों-करोड़ों रुपए का दान हिंदू देते हैं, इसलिए मिलने वाला दान हिंदू बेटियों के घर बसाने में उपयोग किया जाना चाहिए. इसके अलावा बागेश्वर सरकार ने मंदिरों को सरकार के अधिग्रहण से बाहर निकलने की मांग की.” महाराज ने अपने चुटीले अंदाज में कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी “ठठरी बांध देंगे” यानी उनकी परवाह नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे खुद वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मिलेंगे और उन्हें फिर से यात्रा शुरू करने के लिए कहेंगे। हिंदू बेटियों के लिए बड़ा आयोजन बागेश्वर धाम में इस साल भी महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 251 गरीब और जरूरतमंद बेटियों का विवाह धूमधाम से होगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद इस सूची को जारी किया। इसमें 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, जबकि 143 बेटियां अन्य समाजों से चुनी गई हैं। महाराज का कहना है कि मंदिरों में करोड़ों रुपये का दान हिंदू समाज देता है, तो यह पैसा हिंदू बेटियों के घर बसाने में भी लगना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर निकाला जाए, ताकि यह पैसा सही जगह इस्तेमाल हो सके। कैसे चुनी गईं 251 बेटियां इस आयोजन के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आए थे। इसके बाद एक टीम ने देशभर में 22 से 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर 251 बेटियों को चुना। 60 लोगों की टीम ने एक महीने तक इन परिवारों की जांच की। गांवों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से बात कर यह तय किया कि कौन सी बेटियां इस मदद के लिए योग्य हैं। इन 251 बेटियों में 54 अनाथ हैं, 94 बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, 12 बेटियां मात्रहीन हैं और 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं। इनमें से कई बेटियों के माता-पिता गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। एक बेटी के पिता कैंसर पीड़ित हैं और उनका सपना था कि बेटी का विवाह बागेश्वर धाम से हो। महाराज ने इस बेटी को भी इस पवित्र आयोजन में शामिल किया है। नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल इन बेटियों का चयन सिर्फ मध्यप्रदेश से ही नहीं, बल्कि नौ अलग-अलग राज्यों से किया गया है। सबसे ज्यादा 209 बेटियां मध्यप्रदेश से हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से भी बेटियों का चयन किया गया है। दिव्यांग 4, अनाथ 54, पितृहीन 94 बेटियां विवाह के लिए चयनित कन्याओं में से 4 ऐसी बेटियां हैं जो दिव्यांग है. वहीं 54 बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है. इनमें से 94 बेटियों के पिता नहीं है और 12 बेटियों की माता नहीं है. 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं, इनमें से कई बेटियों के माता-पिता या तो गंभीर बीमारी से पीड़ित है या फिर वह कुछ करने में सक्षम नहीं है. 24 फरवरी को ग्रेट खली की एंट्री इस विवाह समारोह को खास बनाने के लिए मशहूर रेसलर द ग्रेट खली भी बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने महाराज का आशीर्वाद लिया और बताया कि 24 फरवरी को धाम में जबरदस्त कुश्ती प्रतियोगिता होगी। यह आयोजन युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है। खली ने कहा कि महाराज ने जिस तरह युवाओं को नशे से दूर रखा है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो वे देश की प्रगति में योगदान देंगे। बागेश्वर धाम में इस बार महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सपना है कि कोई भी बेटी खुद को अनाथ और असहाय महसूस न करे। वहीं, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर उठे विवाद को लेकर भी उन्होंने दो टूक जवाब दिया है

‘बाबा बागेश्वर’ संजय दत्त के घर पहुंचे, गुरु को देख खुशी से गदगद हो गए स्टार, खुद दिखाई फोटो

मुंबई बॉलीवुड स्टार संजय दत्त बागेश्वर धाम के पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के शिष्य हैं। बाबा बागेश्वर के नाम से पहचाने जाने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में संजय दत्त के घर की विजिट की है। यहां पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री ने बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त से मुलाकात की। संजय दत्त ने खुद इसकी फोटो शेयर कर जानकारी दी है। संजय दत्त ने धीरेंद्र शास्त्री के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘ये मेरे लिए एक सौभाग्य की बात रही कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का मेरे घर आगमन हुआ। गुरुजी के दर्शन कर मन प्रसन्न हो गया। मेरे और मेरे परिवार को आर्शीवाद देने वाले धीरेंद्र शास्त्री मेरे परिवार के सदस्य और भाई जैसे हैं।’ बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में भी शामिल हुए थे संजय दत्त बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त भगवान में काफी आस्था रखते हैं। संजय दत्त का बागेश्वर धाम से भी गहरा नाता है। बागेश्वर धाम के पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के साथ संजय दत्त की अच्छी दोस्ती भी है। बीते साल 25 नवंबर को धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा  निकाली थी। इस पदयात्रा में भी संजय दत्त हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस पदयात्रा में संजय दत्त ने साधारण श्रद्धालुओं के साथ सड़क पर चाय की चुस्की भी ली थी। साथ ही बागेश्वर बाबा के साथ इस यात्रा में शामिल होकर गौरव बढ़ाया था। धीरेंद्र शास्त्री की जमकर तारीफ की संजय दत्त ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में हिस्सा लेने के बाद इंडिया टीवी से भी एक्सक्लूसिव बातचीत की थी। जिसमें संजय दत्त ने कहा था कि ‘बाबा बहुत बड़े सुपरस्टार हैं। मैं इन्हें अपने परिवार के सदस्य और भाई की तरह मानता हूं। बाबा देश से जातपात हटाने के लिए संदेश दे रहे हैं। मैं इसे आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास करूंगा। भारत को एक करने के लिए कुछ करना मंजूर रहता है।’ बाबा बागेश्वर की इस यात्रा में संजय दत्त के साथ खली भी शामिल हुए थे। इस यात्रा में लोगों का लंबा हुजूम देखने को मिला था। अब संजय दत्त एक बार फिर अपने बाबा से मिलकर काफी खुश हैं।  संजय दत्त भी आ चुके बागेश्वरधाम बता दें की फिल्म अभिनेता संजय दत्त छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम पीठ बागेश्वर बालाजी के अनन्य भक्त हैं और बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के भी भक्त हैं। इसके पहले भी संजय दत्त बागेश्वर धाम आ चुके हैं। सनातन हिन्दू यात्रा में भी हुए थे शामिल इतना ही नहीं हाल ही में बाबा बागेश्वर द्वारा निकाली गई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में भी अभिनेता संजय दत्त शामिल होने पहुंचे थे और बाबा के साथ पैदल यात्रा की थी। वह मुंबई से सीधे खजुराहो प्लेन से पहुंचे और फिर बाय रोड बाबा बागेश्वर की यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बाबा बागेश्वर के साथ सनातन हिंदू पदयात्रा में पैदल यात्रा की थी।

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से कहा यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा,सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं

छतरपुर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का बुधवार को 7 वा  दिन है। यह यात्रा आज झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंचे । पदयात्रा में शामिल लोगों में उत्साह बना हुआ है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। जिनमें संभल हिंसा, बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात और मुस्लिम आबादी का मुद्दा शामिल है। धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के हिंदुओं को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम अपने लिए नहीं लड़ रहे। बल्कि तुम्हारे भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर तुम नहीं जागोगे। तो तुम्हारे मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल दिए जाएंगे।” बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार की खबरें सामने आई हैं। इस बीच, चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास, जिन्हें चिन्मय प्रभु के नाम से जाना जाता है, को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिन्मय प्रभु ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी। शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली को संबोधित किया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि उनकी रैली में देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस मामले पर धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश के हिंदू सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। अपनी संस्कृति और अपने रक्षकों की रक्षा करें। यदि वे ऐसा नहीं करेंगे, तो उनके मंदिर खत्म हो जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो मारी जाएंगी या जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। भारत के हिंदुओं को भी इस बात को समझना होगा कि यह लड़ाई सबके भविष्य के लिए है।”  

हिंदू एकता यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री पर हमला, मोबाइल फेंक कर मारा, गाल पर लगी चोट

झांसी एक दिन पहले मध्य प्रदेश से झांसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा मंगलवार को आगे बढ़ी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर यात्रा के दौरान ही किसी ने मोबाइल फेंक दिया. इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. बाबा बागेश्वर पर झांसी में फेंका गया मोबाइल बागेश्वर धाम से शुरू हुई यात्रा: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 160 किलोमीटर लंबी ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा निकाल रहे हैं. 21 नवंबर को यह पदयात्रा बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी, जो 29 नवंबर को मध्य प्रदेश के ओरछा धाम पहुंचेगी. यहां पर यात्रा का समापन हो जाएगा. झांसी में सोमवार को हिंदू एकता यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जुगलबंदी देखने को मिली थी. यात्रा में अभिनेता संजय दत्त शामिल हुए थे. यहां संजय दत्त और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाथ में हाथ मिलाए, कंधे पर हाथ रखकर साथ-साथ चलते दिखाई दिए. झांसी में संजय दत्त के साथ धीरेंद्र शास्त्री. संजय दत्त भी हुए थे शामिल: संजय दत्त ने कहा था कि बाबा मेरे गुरु और छोटे भाई हैं. मैं उनके साथ हमेशा हूं. वो जहां ले चलेंगे मैं उनके साथ जाऊंगा. यहां तक कि ऊपर भी साथ जाऊंगा. इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संभल जामा मस्जिद सर्वे को लेकर कहा कि जो सच है, वो सामने आना चाहिए. ऐसे उपद्रवियों को रोकने के लिए ऐसी यात्राएं होती हैं. झांसी में यात्रा में शामिल हुए खली. शास्त्री बोले- हिंदू सड़क पर, लेकिन पत्थर नहीं फेंक रहे: धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का यूपी में आज दूसरा दिन है. सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा मंगलवार को 17km चलेगी. सुबह 9 बजे धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर अपने लाखों अनुयाइयों के साथ यात्रा शुरू की. यात्रा की शुरुआत राष्ट्र ध्वज फैरा कर राष्ट्रगान के साथ हुई. यात्रा के दौरान झांसी में किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर हमला किया. फेंके मोबाइल को हाथ में लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसने भी फूलों के साथ इसे मुझ पर फेंका है, वह मोबाइल अब मेरे हाथ में है. हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. कहा कि कई राज्यों में तो आगामी समय में गृहयुद्ध से काफी नुकसान होने वाला है. 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा: इस यात्रा से अगर किसी को दर्द हो रहा है तो होने दो. उनकी यात्रा देश के 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा है. जिसमें वह अपने हिन्दू भाइयों को संस्कृति से जोड़ने और सनातन धर्म के साथ चलने का आग्रह करने के लिए सड़क पर निकले हैं. ऐसी यात्राएं नहीं होंगी तो देश में हालत और बिगड़ते जाएंगे और हमारी संस्कृति पर हमला होता रहेगा. बुलडोजर से बरसाए गए फूल: शाम तक यह पद यात्रा झांसी के घुघसी गांव में पहुंचेगी. यहीं वह रात्रि विश्राम रहेगा. सोमवार को बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए थे. बुलडोजर पर सवार होकर लोगों ने फूल बरसाए थे. यात्रा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, द ग्रेट खली ने शामिल होकर हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था.

हमें हर हिंदू को अपने बैनर तले एकजुट करना होगा और हर वर्ग को समान रूप से सिखाना होगा कि हम सब एक हैं : धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को अपने एक बयान में चुनावी प्रक्रिया को ‘महायज्ञ’ करार देते हुए हिंदू समाज को एकजुट होने की अपील की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव एक महायज्ञ के समान होता है, जिसमें वोट आहुति के रूप में दिया जाता है और जो उम्मीदवार ज्यादा मत प्राप्त करता है, वह विजयी होता है। बाबा बागेश्वर ने हिंदू समाज के भीतर जातिवाद और अन्य विकृतियों को लेकर चिंता जताई और कहा, “हिंदू समाज में एकता की कमी का मुख्य कारण जातिवाद और दूरी है। हमें हर हिंदू को एक साथ लाकर एक नई दिशा दिखानी होगी। हर हिंदू को अपने बैनर तले एकजुट करना होगा और हर वर्ग को समान रूप से सिखाना होगा कि हम सब एक हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज में अलग-अलग नेता या संगठन अपने-अपने तरीके से काम कर रहे हैं, लेकिन इस सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए- हिंदू एकता और हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार। बताया किन्हें करना चाहिए समर्थन आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, “हिंदू समाज में जो भी विकृतियां और दूरी हैं, उन सबको खत्म करना होगा। अगर हमें भारत को विश्व गुरु बनाना है तो हम सबको एकजुट होना होगा। 29 तारीख को राम राजा ओरछा में हम सामूहिक संकल्प लेंगे और यह संकल्प केवल भारत को एक करने का नहीं, बल्कि हिंदू समाज को भी एकजुट करने का होगा।” बाबा बागेश्वर ने चुनावों को लेकर कहा, “हमारे लिए जो भी काम हिंदू समाज के भले के लिए हो और जो हिंदुत्व के कार्य करें, हमें उनका समर्थन करना चाहिए। लोकतंत्र में जीत केवल उस व्यक्ति की होती है, जिसे ज्यादा वोट मिलते हैं।” “टी राजा जैसे लोग हिंदू समाज के लिए जरूरी” टी राजा का जिक्र करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, “टी राजा जैसे लोग हिंदू समाज के लिए जरूरी हैं। वह अकेले धर्म विरोधियों से लड़ते हैं और उनकी जमीनों को वापस दिलवाते हैं। हमें टी राजा जैसे फायरब्रांड नेताओं की जरूरत है, जो हिंदू समाज के लिए खड़े हों और अपनी आवाज बुलंद करें।” उन्होंने अंत में हिंदू समाज को संबल देते हुए यह भी कहा, “जो लोग हिंदू धर्म के खिलाफ उंगली उठाते हैं, उन्हें उस उंगली को काट दिया जाएगा। हिंदू समाज अब जाग चुका है और वह एक नया इतिहास लिखने जा रहा है।”

पंडित धीरेंद्र शास्त्री हिंदुओं को करेंगे जागरूक, निकालेंगे 160 किमी की पदयात्रा, 8 जगहों पर हो सकती मुलाकात, जानें

छतरपुर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सुप्रसिद्ध बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जल्द एक और पदयात्रा शुरू करने वाले हैं। इसे लेकर जोरो शोरों से तैयारियां की जा रही हैं। यह पदयात्रा सनातन के जागरण और हिंदुओं को आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है। यह यात्रा 160 किमी की होने वाली है। जो 21 नवंबर 2024 से आरंभ होगी। बागेश्वर धाम से शुरू होकर यह भव्य पदयात्रा ओरछा धाम पहुंचेगी। इस दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कई स्थानों पर रुककर भव्य भजन संध्या जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। आठ दिन चलने के बाद 29 नवंबर 2024 को इस यात्रा का समापन होगा। इन जगहों पर रुकेंगे बाबा बागेश्वर पहले दिन यह यात्रा बागेश्वर धाम से शुरू होगी। इसके बाद फोर लोन रोड से होते हुए पैदल चलकर बागेश्वर बाबा पहला स्टॉप कदारी गांव में लेंगे। दूसरे दिन 17 से 18 किमी चलकर यात्रा छतरपुर जिले के पेप्टेक टाउन पहुंचेगी। इसके बाद 23 तारीख को यह यात्रा नौगांव में विराम लेगी। चौथे दिन यहां से शुरू होकर देवरी डेम नामक स्थान पर विराम लेगी। इसके बाद पांचवे दिन यात्रा मऊरानीपुर पर विश्राम लेगी। 6वें दिन यात्रा निवाड़ी में विश्राम लेगी। इसके बाद अंतिम में यादव ढाबा होते हुए ओरछा धाम में यात्रा का समापन होगा। यात्रा के दौरान हर दिन चलेंगे पैदल 20 किमी पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि ‘हिंदुओं को एकजुट करने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए 21 से 29 नवंबर तक पदयात्रा करेंगे.’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री 21 नवंबर को बागेश्वर धाम तीर्थ से अपनी यात्रा शुरू करेंगे. यह यात्रा प्रतिदिन 20 किलोमीटर चलेंगे. वह 30 नवंबर को ओरछा पहुंचकर यात्रा का समापन करेंगे. रजिस्ट्रेशन के बाद ही यात्रा में शामिल हो सकेंगे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पदयात्रा में शामिल होने वाले अनुयायियों से अपील है कि वे पहले रजिस्ट्रेशन करवा लें. जिससे भोजन प्रसादी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अभी से इंतजाम किया जा सके. धीरेंद्र शास्त्री ने ये भी कहा कि जो अनुयायी 8 दिनों तक यात्रा में साथ चलेंगे. वे अपने साथ कंबल, बिस्तर और थाली लेकर जरूर आएं. जो अनुयाई रजिस्ट्रेशन कराएंगे. इसी रजिस्ट्रेशन के आधार पर उनकी व्यवस्था की जाएगी. 21 नवंबर से शुरू होगा यात्रा पंडित धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म को बढ़ावा देना और हिंदू एकता को मजबूत करना है. नवंबर में निकलने वाली यात्रा का पड़ाव गांव मेंरहेगा. कार्यक्रम को लेकर बताया गया कि यात्रा में सबसे आगे बागेश्वर धाम से केसरिया ध्वज निकलेगा. जो कि समापन अवसर पर ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर में विधि विधान के साथ चढ़ाया जाएगा. राम राजा सरकार के दर्शन करेंगे पं. धीरेंद्र शास्त्री ओरछा पहुंचने के बाद यहां भव्य भजन संध्या का आयोजन और अन्य कार्यक्रम किए जाएंगे। फिर बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ओरछा के फेमस भगवान राम राजा सरकार के दर्शन करने के लिए जाएंगे। दर्शन के बाद उनके साथ भक्तों का सैलाब वापस बागेश्वर धाम की ओर वापसी करेगी।

प्रयागराज : महाकुंभ में मुस्लिमों की एंट्री हो बैन, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की मांग

भोपाल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रयागराज महाकुंभ में मुसलमानों की दुकानों और गैर हिंदुओं की एंट्री बैन करने की बात का समर्थन किया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब उन्हें राम से कोई काम नहीं है तो राम के काम से क्या काम। इसलिए गैर हिंदुओं को महाकुंभ में प्रवेश वर्जित कर देना चाहिए। बागेश्वर बाबा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिन्हें सनातन संस्कृति का ज्ञान हो, हिंदू धर्म के बारे में पता हो, देवी-देवताओं के बारे में पता हो, पूजन पद्धति के बारे में पता हो, पूजन की सामग्री का कितना सम्मान किया जाए इस बारे में पता हो उसी को यह कार्य दिया जाए, तो ही उत्तम है। उन्होंने आगे कहा कि अब जिन्हें इस बारे में पता ही नहीं है, वो अगर विक्रय करेंगे तो निश्चित रूप से नाश ही करेंगे। उल्टा ही करेंगे। कहीं थूक कांड मिले, फलों के ऊपर गंदगी चिपकाते मिले, एक जगह पेशाब कांड मिला। इससे यह सिद्ध होता है कि कुछ षडयंत्रकारी, हम यह नहीं कहते कि ये वो लोग हो सकते हैं, कोई भी हो सकता है। इसलिए गैर हिंदुओं को महाकुंभ में प्रवेश वर्जित कर देना चाहिए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम, वहां पर त्रिवेणी है, संगम है, महाकुंभ है, संतों का दर्शन है। तुम्हें कथा से कुछ लेना-देना नहीं, तुम्हें हिन्दुत्व से लेना-देना नहीं, तुम्हें सनातन से लेना-देना नहीं। तुम्हें राम से लेना-देना नहीं। जब तुम्हें राम से कोई काम नहीं है तो राम के काम से तुम्हारा क्या काम। बता दें कि, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले साल आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 को भव्य बनाने के लिए योगी सरकार तैयारी तेज कर दी है। महाकुंभ से 45 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगा रोजगार वार्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है और आगामी महाकुंभ इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। सूत्रों ने कहा कि अनुमान है कि इस भव्य आयोजन से जुड़े प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों से 45,000 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। गौरतलब है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के कौशल को बढ़ाना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे महाकुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हों। मौजूदा व्यवसायों को समर्थन देने के अलावा, इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विभिन्न धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास रोजगार के नए स्रोत पैदा होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में और योगदान मिलेगा। योगी सरकार ने यूपी में पर्यटन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए कई पहल की हैं, जिसमें नई पर्यटन नीति-2022 को मंजूरी देना भी शामिल है, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिला है। नीति का लक्ष्य 20,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजित करना है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन उद्योग में सेवा प्रदाताओं को कौशल विकास और प्रबंधन प्रशिक्षण से जोड़ना है। प्रयागराज महाकुंभ इस प्रयास के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य कर रहा है।

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