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चीन और तुर्किए ने पाकिस्तान का समर्थन करने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया इस बात को देख रही

भोपाल पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह करने के भारतीय सेना के पराक्रम की हर कोई तारीफ कर रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए ये भी कहा कि अब ये साबित हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता है. एएनआई से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “पहलगाम में जो हमला हुआ उसमें जांच की जा रही है कि क्या कारण रहे कि वहां सुरक्षा नहीं थी, लेकिन अब भारतीय सेना ने चिन्हित करके बिना नागरिकों को निशाना बनाए जो आतंकी ठिकानों पर हमला किया है उसके लिए हम सेना को बधाई देते हैं. हमें हमारी सेना पर गर्व है.” ‘पाकिस्तान का आतंकवाद को समर्थन’ उन्होंने आगे कहा, “आतंकवादियों के जो अड्डे थे वहां आतंकी अजहर मसूद के परिवार के लोग मारे गए और उनके जनाजे में सेना और पुलिस के शामिल थे, इससे ये साबित होता है कि आतंकवादियों के समर्थन में वो लोग खड़े हुए थे.” चीन और तुर्किए द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया इस बात को देख रही है. दिग्विजय सिंह के अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने कहा, “सीमा पर हमारे जवान पाकिस्तान को जवाब दे रहे हैं. पहलगाम में जो हमला किया गया देश का एक-एक नागरिक उसके खिलाफ है. इसके बाद पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया को ये समझ आ गया कि हिंदुस्तान की जो हिंदु, मुस्लिम, सिख, इसाई की जो मूल भावना है वो इस घटना से पूरी दुनिया ने देखी है.” ‘देश का हर नागरिक सेना के साथ’ उन्होंने कहा, देश का हर एक नागरिक वो किसी भी धर्म, जाति और संप्रदाय का हो वो सेना के साथ खड़ा है इससे यही मैसेज गया है कि यही भारत की विशेषता और प्राचीन सभ्यता है. कांग्रेस पूरी तरह से सरकार और सेना के साथ खड़ी है. हमारी तिरंगा यात्रा सेना की हौसला अफजाई के लिए है.

पूर्व सीएम सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी आतंकवाद से समझौता नहीं किया

सीहोर राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीहोर में एक बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय सिंह ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कि पहलगाम हमले के बाद कश्मीर के लोगों ने एकजुट होकर आतंकवाद का विरोध किया है। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर प्रकाश डाला। पूर्व सीएम सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी आतंकवाद से समझौता नहीं किया। पार्टी ने इस लड़ाई में अपने दो प्रधानमंत्री खोए हैं। दिग्विजय सिंह भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित टोल टैक्स के पास एक विवाह समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान वैवाहिक कार्यक्रम में पूर्व सीएम के साथ में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओम दीप, पवन राठौर आदि शामिल हुए। कांग्रेस ने दिए पीएम को सारे अधिकार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरे अधिकार दे दिए हैं। वो देश हित में जो भी निर्णय लेना चाहें, ले सकते हैं। बता दें 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने टूरिस्टों पर हमला किया था, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जबकि कई टूरिस्ट घायल हुए थे। इस तरह से हिन्दुओं का दमन कर आंतक फैलाने को लेकर भारत ने पाक सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। रोजाना हो रहा आतंकवाद का विरोध पहलगाम हमले के बाद से समूचा भारत आतंकवाद को लेकर आग की तरह तप रहा है। भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दल के नेता भी आतंकवाद को लेकर पुरजोर विरोध कर रहे हैं। कोई आंतकवाद का पुतला जला रहा है, कोई शांति मार्च निकाल रहा है। आतंकवाद को लेकर जिले के मुस्लिम भी पीछे नहीं है। मुस्लिम समाज के लोग भी आंतकवाद का पुतला दहन कर अपना विरोध जता रहे हैं। गांव-गांव, शहर-शहर आंतकवाद को खत्म करने लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। सभी का कहना है आतंकवाद खत्म होना चाहिए।  

दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया:मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें दिग्विजय सिंह बाबरी मस्जिद के गिरने के बाद हुए दंगे के बारे में बात कर रहे थे। 1 मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में पूर्व सीएम कह रहे हैं ऐसे अनेक मेरे पास उदाहरण हैं, जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, भोपाल शहर में 1947 में भी दंगा नहीं हुआ लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा हुआ। लगभग दो हफ्ते तक मैंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में रात बिताई। मैं घर नहीं जाता था। लेकिन हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबरी मस्जिद के संदर्भ में आगे कहा कि भोपाल में एक काजी कैम्प है, जहां सलामत सिद्दीकी नामक पार्षद ने उन्हें बताया था कि पुलिस की वर्दी में लोग रात के समय उनके घर आए थे। गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं बुधवार को शाजापुर में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने शाजापुर शहर के चोबदारवाड़ी में मुस्लिम समुदाय के सद्भावना सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करती है, वहीं दूसरी तरफ झूठी शिकायतें दर्ज की जाती हैं। जब लोगों पर अत्याचार बढ़ जाता है, तो गुस्से के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।” दिग्विजय ने आगे कहा, “दंगे में गरीबों के बच्चे शामिल होते हैं, बड़े नेताओं के बच्चे नहीं। पुलिस के डंडे चलते हैं, गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं।” कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया इस वीडियो को शेयर करते हुए खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया। वह स्वयं कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शहीद हुई और उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए दंगा फसाद कराया।” सारंग ने आगे कहा, “यह बयान साफ करता है कि कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया है। दिग्विजय सिंह ने खुद कबूल किया है कि दंगे उन्होंने कराए थे।” दिग्विजय बोले- बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और बीजेपी इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि जब प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव था, तब मैंने 15 दिन कांग्रेस के पीसीसी दफ्तर में रहकर हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच समन्वय की कोशिश की थी ताकि दंगा-फसाद न हो।” साथ ही दिग्विजय ने बाबरी मस्जिद के गिरने को लेकर कहा, “अगर आप जबरन किसी धार्मिक स्थल को गिराएंगे, तो लोग क्या कहेंगे? जो सच है, वही बोला।”

सरला मिश्रा केस की फाइल 28 साल बाद फिर खुलेगी, पुलिस की खात्मा रिपोर्ट खारिज, दिग्विजय सिंह की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? जानें मामला

भोपाल मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में से एक कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत का मामला 28 साल बाद फिर से खुलने जा रहा है. 1997 में भोपाल स्थित सरकारी आवास में जलने से उनकी मौत हो गई थी. इस मामले में सरला मिश्रा के भाई ने एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. भोपाल कोर्ट के आदेश के बाद सरला मिश्रा की मौत का मामला फिर से खुलने जा रहा है.  अनुराग ने कहा, सियासी अदावत में बहन की हत्या हुई। सरला की मौत की जांच पर शुरू से अंगुलियां उठती रही हैं। आरोप लगे कि भोपाल की टीटी नगर पुलिस की हत्या को आत्महत्या बताया। पीएम करने वाले डॉक्टर पर आरोप लगे। अब अनुराग ने कहा, उम्मीद है, अब न्याय मिलेगा। जांच के नाम पर कागजी घोड़े : पुलिस ने 7 मार्च 1997 को बयान लिया। एक अन्य बयान 15 फरवरी 2010 को लिया। जांच के आदेश के कोर्ट ने लिखा- पुलिस ने जांच न कर कागजी घोड़े दौड़ाए। सरला जल रही थी, दरवाजे खुले थे: जांच में कहा गया था, जब साक्षी राजीव दुबे घटनास्थल पर पहुंचे तो सरला जल रही है। मकान के दरवाजे खुले थे। कोर्ट ने लिखा है, यह असंभव है। सरला के भाई ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए इस मामले में सरला के भाई ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल का बहुचर्चित कांड सरला मिश्रा सुर्खियों में रहा है। सरला के भाई अनुराग मिश्रा का कहना है कि उनकी बहन सरला मिश्रा 14 फरवरी 1997 को संदिग्ध अवस्था में जली हुई पाई गई थीं। इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया था पुलिस ने उस समय इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया था, जबकि वो मामला हत्या का था। इसी मामले में दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का नाम भी सामने आया था। ऐसे आरोप थे कि सरला की हत्या राजनीतिक साजिश के तहत की गई थी। जब सरला मिश्रा का 1997 को निधन हुआ था, तब मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। सरला मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी सरला मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में भोपाल के टीटी नगर थाने की ओर से पेश खात्मा रिपोर्ट को न्यायालय ने नामंजूर कर दिया है। सरला के भाई अनुराग मिश्रा की आपत्तियों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने टीटी नगर पुलिस को मामले की पुन: जांच कर आरोप-पत्र संबंधित न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। मामला करीब 28 वर्ष पुराना है। 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थीं। उन्हें इलाज के लिए पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली ले जाया गया था, जहां 19 फरवरी 1997 को उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में कई गंभीर खामियां भोपाल कोर्ट की न्यायाधीश पलक राय ने अपने आदेश में कहा कि मृतका के मृत्यु पूर्व बयान की मेडिकल पुष्टि नहीं की गई। बयान के समर्थन में जो कागज के टुकड़े मिले, उनकी भी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। घटनास्थल से कोई फिंगरप्रिंट भी नहीं लिया गया। परिवार ने इसे हत्या बताया था और कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए थे। साल 2000 में पुलिस ने केस की फाइल बंद कर दी थी। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए। भाई ने कहा- हत्या हुई, पुलिस ने माना सुसाइड अनुराग मिश्रा ने बताया- सरला दीदी मेरी सगी बड़ी बहन थी। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनकी हत्या हुई है। पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में जला मानकर 309 में केस दर्ज कर लिया और कहा था कि इन्होंने आत्महत्या की है। हम उसी समय के जांच अधिकारी से कहते रहे कि इसमें हत्या हुई है। हमनें लिखकर दिया फिर भी उसकी जांच नहीं हुई। घटना स्थल पर सबसे पहले मेरे माता-पिता पहुंचे थे। उन्हें घटना वाले मकान से बाहर करके ताला लगा दिया था। पुलिस ने माता-पिता और मेरी एक और सगी बड़ी बहन के बयान नहीं लिए। जलते हुए कोई कैसे फोन कर सकता है? अनुराग कहते हैं दीदी के पड़ोसी राजीव दुबे का बयान था कि सरला का मेरे घर फोन आया था कि मैं जल रही हूं। आप आकर मुझे बचाओ। उसी समय तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास से राजीव दुबे और योगीराज शर्मा को फोन पहुंचता है कि सरला मिश्रा का इलाज कराओ। ये दोनों दो घंटे तक उनको लेकर बैठे रहे। अस्पताल लेकर क्यों नहीं गए? डॉ. योगीराज शर्मा का पुलिस रिकॉर्ड में बयान है कि जब मैं घटना वाले घर पहुंचा तो मकान धुला और पोछा हुआ था। उसकी पुलिस ने जांच क्यों नहीं की। लैंडलाइन फोन की जांच और जब्ती क्यों नहीं की अनुराग मिश्रा ने कहा- बहन के लैंडलाइन की कॉल डिटेल, वह फोन जब्त क्यों नहीं किया? डॉ. सत्पथी ने सारी बातें लिख दीं लेकिन, टेलीफोन का जिक्र ही नहीं किया। पुलिस डायरी में जैसा लिखा कि तत्कालीन एसपी के मौखिक आदेश पर डॉ. सत्पथी घटना की फोरेंसिक जांच के लिए पहुंच गए थे। ये क्यों नहीं बताया कि मौखिक आदेश में क्या कहा गया था। क्या रिपोर्ट बनाना है? बेड पर मिले कागज की जांच क्यों नहीं की भाई का आरोप है कि घटना के बाद हर्ष शर्मा पहुंचे थे उन्होंने अभिमत दिया था कि सरला मिश्रा के बेड पर एक कागज मिला था। उसकी राइटिंग की जांच इसलिए नहीं की क्योंकि मृत्यु पूर्व बयानों में हस्ताक्षर अलग हो जाते। इसलिए पुलिस ने उनके अभिमत को भी नहीं माना। उस समय विधानसभा सत्र में भाजपा के विधायकों ने इस मामले को उठाया था और सीबीआई जांच की मांग की। उसके बाद हम हाईकोर्ट भी गए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में एक रिट याचिका … Read more

दिग्विजय सिंह के आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर पर हंगामा, लगे आपत्तिजनक पोस्ट

भोपाल/इंदौर वक्फ कानून में बदलाव का विरोध करने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल व इंदौर में पोस्टर लगाए गए हैं। जिनमें उन्हें वतन का, धर्म का और पूर्वजों का गद्दार बताया गया है। अब इन पोस्टरों को लेकर विवाद छिड़ गया है और कांग्रेस पार्टी ने इन पोस्टरों को लेकर अपनी आपत्ति भी जताई है। शुक्रवार को इस बारे में पुलिस से शिकायत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वह इन पोस्टरों को लगाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। दरअसल दिग्विजय सिंह के खिलाफ जो पोस्टर लगाए हैं, उनमें छपा है – ‘वक्फ बिल का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह’। पोस्टर में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर एक सील से ठप्पा भी लगाया गया है जिस पर छपा है- ‘वतन के, धर्म के, पूर्वजों के गद्दार।’ इंदौर में लगे इन पोस्टर के नीचे छपवाने वाले के रूप में ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा, इंदौर महानगर’ का नाम छपा है। जबकि भोपाल में छापने वाले के बारे में नहीं लिखा गया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने इस मामले को लेकर बताया कि महू नाका चौराहा पर लगाए गए इस पोस्टर के खिलाफ उन्होंने छत्रीपुरा पुलिस थाने में शिकायत की है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस को दिग्विजय सिंह के खिलाफ ऐसे आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’ भारतीय जनता युवा मोर्चा की शहर इकाई के अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने कहा,‘वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025, देश का ऐतिहासिक कानून है। इस विषय में दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के दूसरे नेताओं के रुख को लेकर आम लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है क्योंकि ये नेता राष्ट्रहित की कभी बात नहीं करते हैं।’

मुझे निर्देश दिए गए थे कि मैं आरएसएस के खिलाफ न बोलूं, क्योंकि इससे हिंदू नाराज हो सकते हैं:दिग्विजय सिंह

भोपाल कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पर्दे के पीछे से भाजपा का समर्थन करने वाले कांग्रेस नेताओं पर राहुल गांधी द्वारा एक दिन पहले की गई सख्त टिप्पणी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें हिंदुओं के नाराज होने के डर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कुछ नहीं बोलने को कहा गया था। अहमदाबाद में  कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा था कि पार्टी का पहला काम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के दो समूहों को अलग करना है – पहला जो पार्टी की विचारधारा को अपने दिल में रखते हैं और जनता के साथ खड़े हैं और दूसरे वो जो जनता से कटे हुए हैं, ‘जिनमें से आधे भाजपा के साथ हैं।’ उन्होंने ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की छंटनी करने की आवश्यकता पर बल दिया था तथा सख्त कार्रवाई यहां तक ​​कि निष्कासन की भी चेतावनी दी थी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने गांधी को उनके बयान के लिए बधाई दी और कहा, “मुझे याद है कि जब मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव प्रचार करने गुजरात गया था, तब मुझे निर्देश दिए गए थे कि मैं आरएसएस के खिलाफ न बोलूं, क्योंकि इससे हिंदू नाराज हो सकते हैं।” दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस के नेतृत्व वाला संघ परिवार हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने कहा कि वह केवल धर्म के नाम पर समुदाय को गुमराह करता है और उनका शोषण करता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, “हिंदू धर्म गुरु शंकराचार्य जी की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है और यह आज भी चलन में है। उनमें से कौन सा शंकराचार्य आज भाजपा, आरएसएस का समर्थक है? भाजपा शोषक तत्वों का एक समूह है जिसका एकमात्र उद्देश्य धर्म के नाम पर लोगों को लूटना और सत्ता हासिल करना है।”

प्रयागराज महाकुंभ में स्नान को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच एक बार फिर दिग्विजय सिंह और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आमने-सामने

इंदौर  प्रयागराज महाकुंभ में स्नान को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच एक बार फिर दिग्विजय सिंह और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आमने-सामने हैं. दरअसल दिग्विजय सिंह द्वारा महाकुंभ को आस्था का इवेंट बनाने संबंधी बयान पर कैलाश विजयवर्गीय ने पलटवार किया है. बुधवार को इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”दिग्विजय सिंह प्रयागराज में स्नान करने गए यह बड़ी और खुशी की बात है. लेकिन गंगा नदी से निकलते ही उन्होंने फिर वैसा ही बयान दिया. ऐसे बयान देने वाले लोगों के बारे में कहा गया है कि ऐसे लोगों पर कितनी ही गंगा नदी डाल दो उन पर कोई असर नहीं होने वाला. कम से कम गंगा से निकलकर तो कुछ अच्छा बोलना चाहिए.” इतनी भीड़ आएगी अंदाजा नहीं था विजयवर्गीय ने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर कहा कि, ”वहां व्यवस्थाएं जबरदस्त हैं. लेकिन इतनी जनता आ जाएगी इसका अंदाजा किसी को नहीं था.” उन्होंने कहा, ”अनुमान के मुताबिक, 20 से 25 करोड़ लोग आने का अनुमान सबको था. लेकिन अब तक वहां 50 करोड़ से ज्यादा लोग स्नान कर चुके हैं. यह विश्व का सबसे बड़ा सनातन समागम है. इसकी खूबियां भी लोगों को दिखाई देना चाहिए. क्योंकि विश्व में इतना बड़ा मानव समूह कहीं भी दिखाई नहीं देता.”         आज प्रयागराज में मेरे पिता दिग्विजय सिंह जी के साथ महाकुंभ माघ पूर्णिमा के पावन दिन पर त्रिवेणी संगम में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। माँ गंगा यमुना सरस्वती, सूर्यदेव भगवान, हमारे पितरों व देवी देवताओं का आशीर्वाद और असीम कृपा सदैव बनी रहे। सज्जन सिंह पर बोले कैलाश विजयवर्गीय गौरतलब है कि, दिग्विजय सिंह माघ पूर्णिमा के दिन अपने पुत्र जयवर्धन सिंह के साथ प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने पहुंचे थे. जहां उन्होंने कहा था कि, ”भाजपा को महाकुंभ जैसे आस्था के विषय को इवेंट नहीं बनना चाहिए.” इधर कैलाश विजयवर्गीय ने सिख दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस नेता सज्जन सिंह मामले में कहा सिखों के खिलाफ हिंसा के कारण ही उस दौरान सिख समाज को हिंदू धर्म से अलग करने का प्रयास किया गया. लिहाजा ऐसे मामले के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना चाहिए.”

मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का दिग्विजय सिंह ने लगाया आरोप

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना में हो रही व्यापक अनियमितता से अवगत कराया। साथ ही इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यालय द्वारा शनिवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता की गई है, जो कि भारत सरकार के राजपत्रित अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि व्यवस्था के अनुसार मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों में व्यय की दृष्टि से श्रम सामग्री का अनुपात 60-40 जनपद स्तर पर रखे जाने का प्रावधान है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि अधिनियम में 60 प्रतिशत मजदूरी का प्रावधान इसलिए किया गया था कि गांव में रहते हुए मजदूरों को अधिकतम कार्य मिल सके और पलायन रुक सके, मध्यप्रदेश में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात का जिक्र करते तो उन्होने कहा वर्ष 2022-23 में 21 जिलों में, 2023-24 में 16 जिलों में एवं इसके अतिरिक्त 2024-25 में प्रदेश के 25 जिलों में इस प्रावधान का खुला उल्लंघन हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए लिखा कि इस वजह से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिल रहा है और सामग्री के फर्जी बिल वाउचर पर भुगतान हो रहा है। इस तरह की अनियमितता से मजदूरों के अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है। यह एक अत्यंत गंभीर प्रकरण है जो कि अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के विरुद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करें, जिससे मजदूरों के हितों की रक्षा हो सके।  

विजयपुर और बुधनी में मतदान सम्पन्न, दिग्विजय सिंह ने शुरू की राजनीती, जाने क्या बोला

भोपाल मध्य प्रदेश में दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव खत्म होते ही राजनीति तेज हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कई लोगों को मतदान नहीं करने दिया गया है. आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनाव को लेकर पत्रकार वार्ता बुलाई है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वीडियो वायरल करते हुए विजयपुर विधानसभा सीट पर बूथ क्रमांक 195 के अनुसूचित जाति के मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का आरोप लगाया है. बीजेपी के पक्ष में मतदान करने का दबाव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कई दबंगों ने विजयपुर और बुधनी में मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने से रोका. उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज की जाएगी? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधनी विधानसभा सीट पर भी मतदान प्रक्रिया को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि बूथ क्रमांक 136 और 137 पर सरकार की योजनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं पर आशा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया. चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने किया पलटवार वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता हार के डर से गलत बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होता है, वहां पर निर्वाचन आयोग का हस्तक्षेप होता है. ऐसी स्थिति में अगर कोई असंतुष्टि है तो निर्वाचन आयोग से उन्हें शिकायत करनी चाहिए.

दिग्विजय सिंह ने कहा- जब अंग्रेजों के राज में हिंदू खत्म नहीं हुआ तो अब मोदी राज में हिदुओं को खतरा क्यों?

इंदौर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विजयदशमी की इंदौर, मप्र और देशवासियों को शुभकामनाएं दी। इंदौर में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रभु राम ने रावण का वध किया उसी तरह देश में सद्भाव अन्याय और अहिंसा के लिए काम करने वालों को भगवान राम का आशीर्वाद मिले। दुर्गाअष्टमी पर कन्या पूजन को लेकर कहा कि हमने तो पहले भी कन्या पूजन किया है। आपने ध्यान नहीं दिया। शस्त्र पूजन क्षत्रिय करते रहे हैं। जो अहिंसा करे वह आज का रावण है। वहीं मोहन भागवत के बयान को लेकर कहा कि देश सभी का संविधान सभी का है, पूरे देशवासियों को एक रहने को क्यों नहीं कहते आरएसएस या मोहन भागवत। वे सनातन की बात करते हैं तो पूरा विश्व हमारा है, हमारा एक ही नारा है हम पहले भारतीय है। भारतीय संविधान और सनातन एक ही है। जब मुगलों का राज था जब अंग्रेजी का राज था तब हिंदू खत्म नहीं हुआ तो अब हिंदू सम्राट मोदी के राज में हिंदू संकट में कैसे हो सकता है। वहीं एक गरबा में गैर हिंदू की नो एंट्री को लेकर कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी को आमंत्रित करना चाहिए, हम ईद मिलन और होली मिलन में जाते है। गरबा गुजरात से आई संस्कृति है इसमें सभी जाए एक जुटता नजर आए। भोपाल ड्रग्स कांड को लेकर कहा कि हमारे लिए यह युवाओं के लिए खतरे को घंटी है। देश के युवाओं को तीन चीजें बिगाड़ रही है ड्रग्स, नासिक से कैप्सूल चलता है, ऑनलाइन गेमिंग से युवा बहुत अधिक लुट रहे हैं। हर कोई करोड़ पति बनाना चाहता है। इसे बंद करना चाहिए।  तीसरा शराब है इसे भी बंद होना चाहिए। सरकार की नाक के नीचे ड्रग्स बांट रहा है आप कुछ नहीं कर पा रहे। एनसीबी गुजरात की पुलिस 15 दिन से वहां थी। भोपाल पुलिस कमिश्नर को कोई जानकारी नहीं है। यह हमारे लिए बड़ा कलंक है, हमारी राजधानी में सरकार की नाक के नीचे ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी। इसमें गुजरात पुलिस को एमपी पुलिस पर भरोसा नहीं था, उन्हें एमपी पुलिस पर मिलीभगत का शक था। थाने में शस्त्र पूजन पर कहा कि थाने में शस्त्र पूजा पर आपत्ति नहीं है, लेकिन वहां किसी एक धर्म का आयोजन होगा तो आपत्ति है। नरेला विधायक पर भ्रष्टाचार का आरोप है, उसकी एफआईआर करवाने थाने जाने कर भाजपा द्वारा सुंदर काण्ड करवा दिया जाता है। थानों में धार्मिक अनुष्ठान हो कोई आपत्ति नहीं है न्याय सभी को मिलना चाहिए हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सबको।  

मुंह में सिगरेट डाली, महिला अधिकारी से हुज्जत..! दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य की दबंगई, FIR हुई दर्ज

गुना पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य विक्रम सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि आदित्य विक्रम सिंह महिला सीओ और टीआई के मुंह पर सिगरेट का धुआं उड़ाता हुआ नजर आ रहा है. इसके बाद बहस भी करता है और पुलिस अधिकारियों से कहता है कि बेटा मामला अब गरम हो गया है. पुलिस ने इस मामले में आदित्य विक्रम सिंह के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस टीम से धक्का-मुक्की करने और गाली-गलौज करने का केस दर्ज किया है. राघौगढ़ में ‘मैं हूं अभिमन्यु’ अभियान चल रहा है. इस कार्यक्रम के तहत स्कूल-कॉलेज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित कई जगहों पर आम लोगों को जागरूक करने के लिए रैली और नाटक किए जा रहे हैं. शुक्रवार को केनरा बैंक तिराहे पर कॉलेज स्टूडेंट्स नुक्कड़ नाटक कर रहे थे, तभी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह का बेटा आदित्य विक्रम सिंह वहां आ गया. उसने कार्यक्रम को रोकने की बात कही. इसी को लेकर वहां मौजूद पुलिस से उसकी बहस हो गई. आदित्य सिंह, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह के बेटे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें आदित्य सिंह एक महिला पुलिसकर्मी सहित सरकारी कर्मचारियों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं और उनके हाथ में एक सिगरेट भी है। आदित्य, राघौगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बीजेपी नेताओं ने ट्वीट कर निशाना साधा जैसे ही ये वीडियो सामने आया, बीजेपी नेताओं ने भी आदित्य विक्रम सिंह के बहाने दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों ले लिया. बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ‘X’ पर लिखा कि, “सिगरेट के ‘धुएं का छल्ला’ बनाकर महिला अधिकारियों पर ‘रंगदारी’ दिखाता दिग्विजय सिंह का भतीजा! देखिये… कांग्रेस के मुख्य परिवरों के बेटों का ‘चाल, चेहरा और चरित्र’!” “ये हैं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भतीजे और वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह के बेटे आदित्य विक्रम सिंह, जो पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं. महिला अधिकारी पर कांग्रेस के विशेष परिवार से होने का धौंस दिखाने के साथ-साथ इनकी आपत्तिजनक भाषा शैली और व्यवहार कांग्रेस के नेताओं के अपराधी और महिला विरोधी चरित्र को बता रहे हैं.” “सोचिए, अभ्रदता की सीमा पार कर चुके ये कांग्रेसी नेता, विपक्ष में होने के बाद ऐसी शर्मनाक हरकत कर रहे हैं तो सत्ता में रहकर क्या करते? मध्य प्रदेश की जनता विवेकवान है और इन्हें भलिभांति जानती है! फिलहाल दिग्विजय सिंह के भतीजे पर FIR हो चुकी है. पुत्र चाहे नेता का हो या अभिनेता का, जो भी गलत काम करेगा, भाजपा की ‘मोहन सरकार’ में नहीं बचेगा” आदित्य के ड्राइवर ने भी अधिकारियों पर जमाया रौब अभिमन्यु अभियान के नुक्कड़ नाटक में मौजूद थाना प्रभारी जुबेर खान ने जब आदित्य विक्रम को समझाने की कोशिश की तो उन्होंने टीआई को धक्का दे दिया. इसके बाद सिगरेट का धुआं उड़ाते हुए टीआई के ऊपर एश (ASH) फेंक दी. घटनास्थल पर एसडीओपी दीपा डुडवे भी पहुंच गईं. एसडीओपी और आदित्य विक्रम सिंह के बीच भी बहसबाजी हो गई. आदित्य विक्रम सिंह ने एसडीओपी से कह दिया कि आप सुप्रीम कोर्ट से बड़ी नहीं हो…आदित्य विक्रम के ड्राइवर ने भी पुलिस अधिकारियों पर रौब जमाते हुए कहा की राघौगढ़ आदित्य विक्रम का ही है. फिलहाल पुलिस ने पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने की FIR दर्ज की है. आपको बता दें कि कुछ समय पहले विधायक जयवर्धन सिंह ने भी राघौगढ़ थाना प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोला था. उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला था.

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

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Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

आसान नही है राघोगढ़ की राह,

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The path to Raghogarh is not easy. साकिब कबीरभोपाल, दिग्विजय सिंह के प्रभुत्व और कांग्रेस के लिए सॉफ्ट माने जाने वाली राधौगढ़ सीट इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है।दरअसल इस बार भाजपा की ओर से अब तक दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र की लगातार जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हीरेन्द्र सिंह बंटी बना मैदान में हैं।बंटी खुद भी जिला जनपद सदस्य रह चुके है जबकि उनके पिता मूलसिंह दादा भाई दो बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं जिनके दिग्विजय सिंह परिवार से नज़दीकी रिश्ते रहें हैं।लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बंटी उनके साथ भाजपा में चले गए।माना जा रहा है कि दादा भाई और बंटी एक समय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह का प्रतिनिधित्व करते थे। इलाके के लोग भी अपनी समस्याएं इनके माध्यम से ही दिग्विजय सिंह तक पहुंचते थे जिसकी वजह से इनका सीधा संबन्ध लोगों से है।यही वजह है कि इस बार राधौगढ़ की राह आसान नही है।यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

‘भाजपा में इन दिनों गुटबाजी हावी, इसे ढकने कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का कर रही प्रचार-प्रसार

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These days, there is factionalism prevalent in the BJP, which Congress leaders are promoting as false news among themselves,” said Digvijaya Singh. कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए कर रहे हैं काम Udit Narayan भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राज्य में हलचल बढ़ी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ किसी तरह की मतभेद की बातों से इनकार किया है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि ऐसी बातें बीजेपी फैला रही है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि कई अखबारों ने यह दावा किया है कि नाराजगी की वजह से वो झाबुआ और खातेगांव नहीं गए। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीजेपी में इन दिनों गुटबाजी काफी बढ़ी हुई है। इसे ढकने के लिए बीजेपी, कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का प्रचार-प्रसार कर रही है। खासकर मेरे और कमलनाथ के बीच। कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं।’राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि झाबुआ और खातेगांव का दौरा उन्होंने इसलिए रद्द किया क्योंकि कांग्रेस महासचिव उनसे संगठन और चुनाव को लेकर कुछ अहम चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हालांकि, बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खुलेआम मतभेद है। इस सबूत है उनके बीच में हुई बातचीत का वीडियो। अग्रवाल ने कहा कि हाल के विवाद से यह साफ है कि कमलनाथ और समर्थक चुनावी कैंपेन से दिग्विजय सिंह को दूर रखना चाहते हैं और उन्हें साइडलाइन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे के बाद जब पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी तब कमलनाथ ने खुलेआम दिग्विजय के कपड़े फाड़ने के बारे में कहा था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने टिकट बंटवारे के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि इलेक्ट्रॉल फॉर्म पर कमलनाथ ने हस्ताक्षर किए थे जो कि राज्य में पार्टी के चीफ हैं। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ी दूरियों को बताने के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। सुरजेवाला के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा उनके बयान से यह साबित होता है कि दिग्विजय सिंह औऱ कमलनाथ जय और वीरू के उस छलिया कैरेक्टर जैसे हैं जो जेल से भाग गए थे। इससे पहले इसी महीने कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था उसमें उन्होंने शिवपुरी में किसी पार्टी नेता को टिकट नहीं दिए जाने पर पार्टी के लोगों से कहा था कि वो दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़े।

कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

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In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

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