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डिप्टी CM शिंदे पहुंचे एयरपोर्ट, पायलट ने कह दी ऐसी बात, हर तरफ मची खलबली, हाथ जोड़ते नजर आए मंत्री

जलगांव हाराष्ट्र के जलगांव एयरपोर्ट पर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का विमान टेक्निकल वजहों से करीब दो घंटे देर हो गई. उनका विमान शुक्रवार को दोपहर 3 बजकर 45 बजे पहुंचना था, लेकिन वे शाम 6 बजकर 15 बजे ही जलगांव एयरपोर्ट पर उतर सके. फिर उन्होंने जलगांव से मुक्ताईनगर सड़क के रास्ते से जाना पड़ा, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया और मंदिर में दर्शन किए. देरी से लौटने पर पायलट ने उड़ान भरने से किया इनकार रात 9 बजकर 15 बजे जब वे वापस जलगांव एयरपोर्ट पहुंचे, तो विमान के पायलट ने विमान उड़ाने से मना कर दिया. पायलट ने ड्यूटी के घंटों का हवाला देते हुए कहा कि मैं उड़ान नहीं भर सकता हूं.  पहले तकनीकी समस्याओं के कारण और बाद में उनके विमान के पायलट ने ड्यूटी घंटे की सीमाओं और खराब हेल्थ का हवाला देकर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया.  एकनाथ शिंदे को जलगांव में 3.45 बजे पहुंचना था, मगर तकनीकी कारणों से वे लगभग ढाई घंटे देर से पहुंचे. लैंडिंग के बाद वे सड़क मार्ग से मुक्ताईनगर गए, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया. उनके साथ मंत्री गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटिल और कई प्रशासनिक अधिकारी भी थे. दो बार हुई देरी यात्रा पूरी करने के बाद जब वे रात करीब 9.15 बजे जलगांव एयरपोर्ट लौटे तो फिर से उड़ान में देरी हुई. एकनाथ शिंदे के निजी विमान के पायलट ने उड़ान भरने से इनकार कर दिया. यह कहते हुए कि उनका ड्यूटी आवर खत्म हो चुका है. साथ विमान उड़ाने के लिए नई मंजूरी लेनी होगी. पायलट ने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया और कहा कि वह अभी उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है. पायलट क्यों कर रहा था इनकार वहीं, News18 मराठी के अनुसार, पायलट पहले ही लगातार 12 घंटे उड़ान भर चुका था. वह अपनी स्थिति और तकनीकी नियमों के कारण आगे उड़ान भरने की स्थिति में नहीं था. एकनाथ शिंदे की टीम पायलट को मनाने में लगी थी. स्थिति को सुलझाने के प्रयास में महाजन, पाटिल और अन्य अधिकारी करीब 45 मिनट पायलट को मनाते रहे. इतने देर तक एकनाथ शिंदे एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे. महाजन ने एयरलाइन अधिकारियों से आवश्यक अनुमतियों के लिए भी संपर्क किया. कैसे तैयार हुआ पायलट लोकमत टाइम्स के अनुसार, विमान के पायलट की स्थिति की जांच के लिए एक डॉक्टर को भी बुलाया गया. मेडिकल जांच और आवश्यक अनुमतियों के बाद पायलट ने आखिरकार विमान उड़ाने पर अपनी सहमति जताई और तब जाकर विमान मुंबई के लिए रवाना हुआ. वजह सामने आई पत्रकारों से बात करते हुए गिरीश महाजन ने कहा, ‘पायलट को स्वास्थ्य संबंधी चिंता और समय की समस्या थी. कुछ तकनीकी कठिनाइयां भी थीं. हमने एयरलाइन कंपनी से बात की, और उन्होंने अपनी तरह से पायलट को स्थिति समझाई. यह एक मामूली मुद्दा था.’ एकनाथ शिंदे ने दिखाया बड़ा दिल वापसी की उड़ान के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की टीम ने एक महिला की मदद की, जिसे किडनी सर्जरी के लिए तुरंत मुंबई जाना था. एनडीटीवी के अनुसार, शीतल पाटिल नामक महिला और उनके पति अपनी फ्लाइट मिस कर चुके थे. जब उनकी स्थिति के बारे में एनकाथ शिंदे की टीम को पता चला तो महाजन ने उस कपल को शिंदे के विमान में सवार होने की व्यवस्था की. मुंबई एयरपोर्ट पर महिला को तुरंत सर्जरी के लिए ट्रांसफर करने के लिए एम्बुलेंस सेवाएं तैयार रखी गई थीं. वहीं, गुलाबराव पाटिल ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने आज भी अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भुलाया है. उन्होंने आम आदमी के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है.

कामरा को लेकर शिंदे पहली बार बोले- ‘सुपारी ली… तो क्रिया की प्रतिक्रिया होगी

मुंबई कॉमेडियन कुणाल कामरा की तरफ से किए गए जोक पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि बोलने की आजादी है, लेकिन हर चीज की एक सीमा होनी चाहिए। मुंबई में आयोजित एक शो के दौरान कामरा ने बगैर नाम लिए शिवसेना प्रमुख पर ‘गद्दार’ और ‘ठाणे का रिक्शा’ जैसे तंज कसे थे। खबर है कि कामरा को मुंबई पुलिस ने तलब किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिंदे ने कहा, ‘बोलने की आजादी हैं यहां। हम व्यंग भी समझते हैं, लेकिन एक सीमा भी होनी चाहिए।’ वहीं, शिवसेना के कई नेता पहले ही कामरा के जोक पर आपत्ति जता चुके हैं और धमकी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘यह ऐसा लग रहा है कि किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी ली गई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरे व्यक्ति को एक स्तर बनाए रखना चाहिए, नहीं तो एक्शन का रिएक्शन होता है।’ डिप्टी सीएम ने कहा, ‘यह वही व्यक्ति है, जिसने भारत के सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की है। यह बोलने की स्वतंत्रता नहीं है। यह किसी और के लिए काम कर रहे हैं।’ क्या था जोक शो के दौरान कामरा ने कहा, ‘जो इन्होंने महाराष्ट्र के इलेक्शन में किया है…। बोलना पड़ेगा पहले शिवसेना बीजेपी से बाहर आ गई फिर शिवसेना शिवसेना से बाहर आ गई…। एनसीपी एनसीपी से बाहर आ गई…। एक वोटर को 9 बटन दे दिए। सब कंफ्यूज हो गए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘चालू एक जन ने किया था। वह मुंबई में एक बहुत बढ़िया एक डिस्ट्रिक्ट है ठाणे वहां से आते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय। ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय। एक झलक दिखलाए कभी गुवाहाटी में छिप जाए। मेरी नजर से तुम देखो गद्दार नजर वो आए। मंत्री नहीं वो दल बदलू है और कहा क्या जाए। जिस थाली में खाए उसमें ही छेद कर जाए। मंत्रालय से ज्यादा फडणवीस की गोदी में मिल जाए। तीर कमान मिला है इसको बाप मेरा यह चाहे।’ कामरा ने किया माफी मांगने से इनकार कामरा ने कहा है कि वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में उस स्थान पर तोड़फोड़ किए जाने की आलोचना की, जहां ‘कॉमेडी शो’ रिकॉर्ड किया गया था। कामरा ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए बयान में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया पर उनका नंबर लीक करने में व्यस्त हैं या उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि सभी अज्ञात फोन कॉल उनके वॉयसमेल पर जा रही हैं और उन्हें ‘‘वही गाना’’ सुनाई देगा जिससे वे नफरत करते हैं। कामरा ने लिखा, ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा… मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इसके शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने जो कहा, वह बिलकुल वैसा ही है जैसा कि अजित पवार (उपमुख्यमंत्री) ने एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था।’ ‘कॉमेडियन’ ने ‘‘उन्हें सबक सिखाने की धमकी देने वाले नेताओं’’ की निंदा करते हुए भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘किसी शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति पर किया गया मजाक सहने में आपकी असमर्थता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मज़ाक उड़ाना कानून के विरुद्ध नहीं है। हालांकि, मैं अपने खिलाफ किसी भी वैध कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करने को तैयार हूं।’’ कामरा ने कहा, ‘‘लेकिन क्या कानून उन लोगों के खिलाफ भी निष्पक्ष और समान रूप से लागू किया जाएगा जिन्होंने यह तय किया है कि मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ करना उचित प्रतिक्रिया है?’’ शिवसैनिक भड़के शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई में खार क्षेत्र स्थित ‘हैबिटेट कॉमेडी क्लब’ में कथित रूप से तोड़फोड़ की थी, जहां कामरा का कार्यक्रम शूट किया गया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने शिंदे पर ‘‘गद्दार’’ शब्द के जरिये कटाक्ष किया था। बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता रविवार रात ‘होटल यूनिकॉन्टिनेंटल’ के बाहर एकत्र हुए जहां संबंधित क्लब स्थित है। उन्होंने क्लब और होटल परिसर में तोड़फोड़ की। ‘हैबिटैट क्लब’ वही स्थान है जहां विवादास्पद ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो को शूट किया गया था।

बीजेपी को सीएम पोस्ट के बदले देनी पड़ेगी बड़ी कुर्बानी! अजित-शिंदे को देने होंगे ये बड़े मंत्रालय

मुंबई महाराष्ट्र में चुनाव नतीजे सामने आने के के बाद से चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो चुका है। इससे राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंगलवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस बैठक में नई सरकार के गठन के लिए एक अस्थायी व्यवस्था तय की गई। आपको बता दें कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को होगा। इससे पहले आज भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। फडणवीस और शिंदे ने अस्थायी रूप से विभागों और कैबिनेट में हिस्सेदारी के मुद्दों को टालने का फैसला किया है ताकि गुरुवार को नई सरकार कार्यभार संभाल सके। इन मुद्दों को सरकार बनने के बाद सुलझाया जाएगा। महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा इसपर से सस्पेंस खत्म हो गया है, सर्व सम्मति से देवेंद्र फडणवीस के नाम पर सहमति बन गई है,  कोर कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया,  देवेंद्र फडणवीस आज दोपहर 3:30 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक मुंबई के आजाद मैदान में कल 5 दिसंबर को शपथ समारोह होगा जिसमें देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कल ही एकनाथ शिंदे और अजीत पवार उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, कल केवल ये तीन ही शपथ होंगी। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक केंद्रीय पर्यवेक्षकों केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार देवेंद्र फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और सभी विधायक नाम पर मुहर लगाएंगे। सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाले नारायण सिंह चौरा का है लंबा आपराधिक रिकॉर्ड, खालिस्तानी आतंकी और चंडीगढ़ जेल ब्रेक का आरोपी कल 5 दिसंबर को आजाद मैदान में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पांच दिसंबर यानि कल शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में हिस्सा लेंगे। तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे देवेंद्र फडणवीस आपको बता दें कि देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पहली बार 2014 में मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया था लेकिन 2019 में वे केवल 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। अब वे 5 दिसंबर को एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। 30 से अधिक विधायक लेंगे शपथ महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी) के 30 से अधिक विधायकों को मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। हालांकि, चुनाव परिणाम घोषित होने के 10 दिन बाद भी महायुति के तीनों सहयोगी दल कैबिनेट में हिस्सेदारी और विभागों के आवंटन को लेकर सहमति नहीं बना सके हैं। एकनाथ शिंदे की मांगें एकनाथ शिंदे शिवसेना के शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुख्यमंत्री पद बीजेपी को सौंप चुके हैं। उन्होंने डिप्टी सीएम और गृह मंत्रालय की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने कुछ अन्य प्रमुख विभागों और विधानसभा अध्यक्ष का पद भी मांगा है। हालांकि बीजेपी गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद देने को तैयार नहीं है, लेकिन अन्य विभागों पर बातचीत करने को तैयार है। बातचीत से टूटा गतिरोध सोमवार को बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने ठाणे स्थित एकनाथ शिंदे के आवास पर उनसे मुलाकात की। इसके बाद मंगलवार को मुंबई के ‘वर्षा’ निवास पर शिंदे और फडणवीस के बीच करीब 30 मिनट की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने शपथ ग्रहण में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों की संख्या तय कर ली है। शिवसेना और एनसीपी की मांगें एनसीपी प्रमुख अजीत पवार ने सात कैबिनेट और चार राज्य मंत्री पद, केंद्र में एक कैबिनेट मंत्री और राज्यपाल का पद मांगा है। वहीं, शिवसेना ने गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद मांगा है। वहीं, बीजेपी ने संकेत दिया है कि शिवसेना को 11-12 मंत्री पद और एनसीपी को 9-10 मंत्री पद दिए जा सकते हैं, जबकि बीजेपी 22-23 मंत्री पद अपने पास रखेगी। बीजेपी के सामने चुनौती बीजेपी शिंदे को इस तरह नाराज नहीं करना चाहती जिससे यह लगे कि पार्टी ने शिवसेना को तोड़ने के बाद उन्हें किनारे कर दिया। साथ ही मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में आगामी नगर निगम चुनावों में शिंदे की अहम भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शिंदे अपने समर्थकों और पार्टी में अपनी साख बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग की मांग पर अड़े हैं। अजित पवार गुट ने किया बीजेपी का समर्थन  मुंबई में बीजेपी की बैठक से पहले नई सरकार में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी कोटे से कितने-कितने मंत्री होंगे, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. 23 नवंबर 2024 को आए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद महायुति के भीतर नई सरकार में हिस्सेदारी को लेकर काफी बवाल हो रहा है. इसे लेकर देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, अजित पवार कई बार दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि अजित पवार के गुट ने सीएम पद को लेकर बीजेपी का समर्थन किया, जिसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) कमजोर पड़ गई. ऐसे में अब शिवसेना का पूरा फोकस बड़े मंत्रालयों पर है. इस बार महाराष्ट्र चुनाव में महायुति को प्रचंड बहुमत मिली है. बीजेपी महायुति से किसी भी तरह मनमुटाव नहीं चाहने के साथ-साथ यह भी संदेश देना चाहती है कि सीएम पद और मंत्रालयों का बंटवारा अपनी सहमति से हुआ है. हालांकि एकनाथ शिंदे और अजित पवार यह कह चुके हैं कि वे बीजेपी हाईकमान के फैसले के साथ हैं. बीजेपी को देनी होगी कुर्बानियां बताया जा रहा है कि नई सरकार में बीजेपी करीब 22 मंत्रालय का दावा कर रही है. बीजेपी गृह मंत्रालय भी अपने पास रखना चाहती है. वहीं शिवसेना 12 मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है. पिछली सरकार में जब … Read more

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, एकनाथ शिंदे ने दिया इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच रहे हैं। सीएम शिंदे ने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। इसी बीच शिंदे की एक पोस्ट ने भी चर्चाएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, शिंदे ने अपने समर्थकों से आवास के बाहर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। कहा जा रहा है कि महायुति की जीत के बाद सीएम पद की रेस में सबसे आगे फडणवीस चल रहे हैं। इधर, शिवसेना भी शिंदे का नाम आगे बढ़ा रही है। शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राज्य में एक बार फिर हमारी सरकार बनेगी। हमने एक महागठबंधन के रूप में मिलकर चुनाव लड़ा और हम आज भी साथ हैं।’ उन्होंने अपने समर्थकों से ‘वर्षा’ के बाहर या उनके समर्थन में किसी अन्य स्थान पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘मेरे प्रति प्रेम के कारण कुछ लोगों ने सभी से मुंबई आने और एकत्र होने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी मेरे समर्थन में इस तरह से एकत्र नहीं हो।’ नहीं बनी सहमति 23 नवंबर शनिवार को नतीजों के ऐलान के बाद महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। तब 132 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। वहीं, शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या NCP ने 41 सीटें अपने नाम की थीं। फडणवीस दिल्ली पहुंचे फडणवीस अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के लिए सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। फडणवीस यहां एक होटल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि के विवाह से संबंधित प्रीति भोज में शामिल हुए। फडणवीस के साथ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन की रूपरेखा पर चर्चा के लिए फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।

महाराष्ट्र में खुशखबरी…दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी बंपर बढ़ोतरी !

मुंबई निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा से चंद मिनट पहले, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस की घोषणा की. उन्होंने बीएमसी (बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन) कर्मचारियों को भी 29 हजार रुपये बोनस देने की घोषणा की है. यह पिछले साल से तीन हजार रुपये ज्यादा है. किंडरगार्टन शिक्षकों और आशा वर्कर्स को भी बोनस मिलेगा. भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया. चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे. बता दें कि कुछ दिन पहले राज्यसभा सांसद रामदास आठवले की अध्यक्षता वाले नगर मजदूर संघ ने बीएमसी के कर्मचारियों के लिए 40,000 रुपये के दिवाली बोनस की मांग की थी. यूनियन ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नगर निगम आयुक्त से कर्मचारियों को एक्स ग्रेसिया बोनस देने का अनुरोध किया था. पिछले साल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 8 नवंबर को, बीएमसी कर्मचारियों के लिए 26,000 रुपये के दिवाली बोनस की घोषणा की थी. कर्मचारियों के खाते में सरकार देगी तोहफा  केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. केंद्र की मोदी सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के ऐलान से पहले कर्मचारियों को दिवाली बोनस का तोहफा दिया है. वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एड हॉक बोनस) का ऐलान किया है. इसके तहत ग्रुप बी और ग्रुप सी कैटेगरी के कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर पैसा मिलेगा.     वित्त मंत्रालय के खर्च विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पात्र कर्मचारियों में ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘बी’ के गैर-राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं, जो किसी उत्पादकता से जुड़े बोनस योजना का हिस्सा नहीं हैं. बोनस की गणना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अधिकतम मासिक सैलरी 7,000 रुपये तय की गई है. इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा. साथ ही यह बोनस उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2024 तक सेवा में रहे हैं. और साल 2023-24 के दौरान कम से कम 6 महीने काम किया है. दूसरे शब्दों में कहें तो वे कार्मिक जो 31 मार्च से पहले चिकित्सा आधार पर अशक्त होकर सेवानिवृत्त हो गए हैं या उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह महीने तक नियमित ड्यूटी की है, उन्हें एडहॉक बोनस के लिए पात्र माना जाएगा. सभी भुगतान निकटतम रुपए में पूर्णांकित किए जाएंगे और खर्च संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा उनके स्वीकृत बजट के भीतर वहन किए जाएंगे. ऐसे होगी बोनस की गणना एडहॉक बोनस के तहत दी जाने वाली राशि निर्धारित करने के लिए एक नियम बनाया गया है. बोनस राशि की गणना औसत परिलब्धियों को 30.4 से विभाजित करके, फिर उसे 30 दिनों से गुणा करके की जाएगी. उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन 7,000 रुपए है, तो उनका बोनस लगभग (7000 x 30/30.4 + 6907.89/- रुपए) 6,908 रुपए होगा. लगातार तीन वर्षों तक एक वर्ष में कम से कम 240 दिन काम करने वाले कैजुअल मजदूर भी इस बोनस के पात्र होंगे, जिसकी गणना 1,200 रुपए प्रति माह के आधार पर की जाएगी. इस निर्णय से लाखों केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को लाभ होगा.

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