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एलन मस्क राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया

वाशिंगटन   दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पिछले सप्ताह की गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनकी पोस्ट ” बात बहुत आगे बढ़ गई”।एलन मस्क ने लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखी गई अपनी कुछ पोस्टों पर खेद है। बात बहुत आगे निकल गईं।” क्या थी विवाद की वजह?  एलॉन मस्क और ट्रंप के बीच विवाद तब गहरा गया जब मस्क ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मस्क ने ट्रंप के खर्च और टैक्स कटौती वाले विधेयक जिसे ट्रंप ‘One Big Beautiful Bill’ कह रहे हैं, उसकी कड़ी आलोचना की. इस पर ट्रंप ने मस्क को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने एलॉन को इस बिल के बारे में बताया था, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी में कटौती की बात, लेकिन एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बिल उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया. इतना ही नहीं, मस्क ने X पर ट्रंप के इंपीचमेंट (महाभियोग) का समर्थन करते हुए एक पोस्ट किया था, हालांकि उसे बाद में डिलीट कर दिया. बात इतनी बढ़ गई थी कि एलॉन ने ट्रंप के जेफरी एपस्टीन से पुराने संबंधों का भी ज़िक्र किया, जिसे ट्रंप ने पुराना और झूठा मुद्दा बताया. सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने की धमकी  Elon Musk से विवाद बढ़ा तो ट्रंप ने खुली धमकी दी कि वे मस्क की कंपनियों विशेष रूप से SpaceX के साथ सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने पर विचार कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है एलॉन बहुत दुखी और निराश महसूस कर रहे हैं. NBC न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में तो ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि मुझे लगता है अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया है.  ‘डेमोक्रेट्स को फंड न दें मस्क’  ट्रंप ने मस्क को ये भी धमकी दी कि अगर एलॉन मस्क डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को फंडिंग करते हैं, खासकर उन उम्मीदवारों को जो रिपब्लिकन पार्टी के टैक्स बिल का विरोध कर रहे हैं, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे परिणाम क्या होंगे. मस्क को ट्रंप से दिक्कत क्या है?  डोनाल्ड ट्रंप सरकार के खर्च और टैक्स कटौती वाले बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है. अमेरिका की पिछली बाइडेन सरकार नई EV खरीदने पर 7500 डॉलर की टैक्स छूट देती थी. ट्रंप इसे खत्म करने जा रहे हैं. इस बिल में प्रावधान है कि जो कंपनियां 2009 से 2025 के बीच दो लाख EV बेच चुकी हैं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी. यह सीधेतौर पर एलॉन मस्क की टेस्ला के लिए झटका है.  एक दूसरी वजह ये भी है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में एलॉन मस्क अपने भरोसेमंद जेरेड इसाकमैन को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में नियुक्त करवाना चाहते थे, लेकिन ट्रंप ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया. मस्क का मानना था कि अगर इसाकमैन NASA में एडमिनिस्ट्रेटर बनते हैं, तो इससे उनकी कंपनी SpaceX को भी फायदा होगा.

स्टारलिंक भारत में हाई स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट देगी, ₹840 में महीनेभर अनलिमिटेड डेटा

मुंबई Elon Musk की Starlink को भारत में सर्विस शुरू करने की दिशा में एक और कामयाबी मिल गई है. SpaceX की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस Starlink को भारत में जरूरी लाइसेंस मिल गया है. इस लाइसेंस के बाद कंपनी अपनी सर्विस को भारत में शुरू कर पाएगी. Starlink कब लॉन्च होगी, इसके बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है. मगर इसकी लॉन्चिंग में अब ज्यादा वक्त नहीं है. इसके बाद सवाल आता है कि भारत में Starlink के आने से क्या बदल जाएगा, जो अब तक नहीं हुआ है. इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस भारत में ऑपरेट करने के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट का लाइसेंस मिल गया है।अब उसे सिर्फ इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर यानी, IN-SPACe के अप्रूवल का इंतजार है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है।स्टारलिंक तीसरी कंपनी है जिसे भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस ऑपरेट करने का लाइसेंस मिला है। इससे पहले वनवेब और रिलायंस जियो को मंजूरी मिली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टारलिंक भारत में 840 रुपए में महीनेभर अनलिमिटेड डेटा देगा। आधिकारिक तौर पर मस्क की कंपनी ने इसकी जानकारी नहीं दी है। क्या बदल देगा Starlink? बात सिर्फ स्टारलिंक की नहीं है, बल्कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की है. भारत में अभी सैटेलाइट इंटरनेट शुरू नहीं हुआ है. जियो और एयरटेल भी इस रेस में शामिल होंगे और स्टारलिंक की एंट्री से इस कंपटीशन में एक इंटरनेशनल प्लेयर आएगा. इससे कंज्यूमर्स को बेहतर सर्विस मिलेगी. हालांकि, स्टारलिंग या फिर दूसरे सैटेलाइट इंटरनेट के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. सवाल है कि Starlink का क्या फायदा होगा. ये एक सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है, जिसकी मदद से दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है. ऐसी जगहे जहां टावर लगाना या ऑप्टिकल फाइबर बिछाना संभव नहीं है, वहां सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है. हाल में Starlink पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, ‘Starlink सैटेलाइट सर्विस टेलीकम्युनिकेशन के बुके में नए फूल की तरह है. पहले सिर्फ फिक्स्ड लाइन्स हुआ करती थी और उन्हें मैन्युअली लोगों तक पहुंचाना पड़ता था. आज हमारे पास ब्रॉडबैंड के साथ मोबाइल कनेक्टिविटी भी है.’ उन्होंने बताया, ‘ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी भी एस्टेब्लिश हो गई है. सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी बहुत जरूरी है. रिमोट एरिया में तार नहीं बिछाए जा सकते हैं या टावर नहीं लग सकते हैं. ऐसी जगहों पर कनेक्टिविटी को सैटेलाइट की मदद से बेहतर किया जा सकता है.’ कितने रुपये करने होंगे खर्च? रिपोर्ट्स की मानें, तो Starlink की शुरुआत अर्बन एरिया से होगी. यहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर को आसानी से एस्टेब्लिश किया जा सकता है और टेस्टिंग भी आसानी से हो सकती है. कंपनी भारत में अपनी सर्विस को फेज मैनर में लॉन्च कर सकती है. शुरुआत में Starlink की सर्विस चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी. वैसे Starlink की सर्विस कॉस्ट को लेकर कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स जरूर आई हैं, जिसमें दावा किया रहा है कि कंपनी प्रमोशनल ऑफर के साथ अपनी सर्विस को इंट्रोड्यूस कर सकती है. Starlink 10 डॉलर (लगभग 850 रुपये) का मंथली प्लान भारत में लॉन्च कर सकती है. संभव है कि Starlink का ये प्लान एक प्रमोशनल ऑफर हो. स्टारलिंक की सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए आपको हार्डवेयर किट भी खरीदनी होगी. इस सर्विस का रेजिडेंशियल लाइट प्लान अमेरिका में 80 डॉलर (लगभग 6862 रुपये) से शुरू होता है. भारत में स्टारलिंक का स्टैंडर्ड हार्डवेयर किट लगभग 30 हजार रुपये में लॉन्च हो सकता है. सैटेलाइट्स से आप तक कैसे पहुंचेगा इंटरनेट?     सैटेलाइट धरती के किसी भी हिस्से से बीम इंटरनेट कवरेज को संभव बनाती है। सैटेलाइट के नेटवर्क से यूजर्स को हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी इंटरनेट कवरेज मिलता है। लेटेंसी का मतलब उस समय से होता है जो डेटा को एक पॉइंट से दूसरे तक पहुंचाने में लगता है।     स्टारलिंक किट में स्टारलिंक डिश, एक वाई-फाई राउटर, पॉवर सप्लाई केबल्स और माउंटिंग ट्राइपॉड होता है। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखना होगा। iOS और एंड्रॉइड पर स्टारलिंक का ऐप मौजूद है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग करता है। जून 2020 में सरकार ने IN-SPACe स्थापित किया था डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने जून 2020 में IN-SPACe को स्थापित किया था। यह स्पेस एक्टिविटीज में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को रेगुलेट करने और उसे सुविधाजनक बनाने के लिए सिंगल-विंडो एजेंसी के रूप में काम करती है। IN-SPACe नॉन-गवर्नमेंटल एंटिटीज के लिए लाइसेंसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग और स्पेस बेस्ड स‌र्विसेज को बढ़ावा देने का काम भी करती है। कितने देशों में है स्‍टारलिंक कुछ वीडियोज और कुछ रिपोर्ट्स को देखने के बाद हमें कुछ आंकड़ें मिले हैं जिनसे अलग-अलग देशों में अलग-अलग डाटा प्‍लान की दरों का पता लगता है. स्‍टारलिंक की वेबसाइट के अनुसार कंपनी अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस, स्‍पेन, स्विट्जरलैंड समेत यूरोप के तमाम देशों में मौजूद है. मार्च 2025 तक स्टारलिंक ने 18 अफ्रीकी देशों में आधिकारिक तौर पर लोकल सर्विसेज शुरू कर दी है.    कहां पर कितने का प्‍लान   यूएसए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार यूके में स्‍टारलिंक रेजीडेंशियल प्‍लान पर अनलिमिटेड डेटा देता है.  वहीं वेबसाइट https://taun-tech.co.uk/ की रिपोर्ट के अनुसार स्टारलिंक यूके में तीन मुख्य टैरिफ प्लान देता है जो इंटरनेट, बिजनेस (प्रीमियम) और आरवी (एंटरटेनमेंट कैरियर्स) हैं. इंटरनेट प्लान की लागत 75 पौंड प्रति माह है जिसमें डिवाइस की कॉस्‍ट 460 पौंड है. जबकि बिजनेस (प्रीमियम) प्लान की लागत 150 पौंड प्रति माह है, जिसमें डिवाइस की कॉस्‍ट 2410 पौंड है. आरवी प्लान  95 पौंड प्रति माह पर मिलता है जिसमें डिवाइस की कॉस्‍ट 460 पौंड है. हार्डवेयर, शिपिंग और हैंडलिंग शुल्क और टैक्‍स के लिए एक्‍स्‍ट्रा 40 पौंड का भुगतान करना होता है. जबकि जो भी डिवाइस इंस्‍टॉल होती है, वह कनेक्‍शन कट करवाते समय यूजर वापस कर सकता है. अब अमेरिका की बात करते हैं तो यहां पर भी स्टारलिंक मुश्किल जोन में लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट के जरिये अनलिमिटेड सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइड करने का दावा करता है. अपने घर, आरवी, कैंपर यहां तक कि वहां पर लोग नाव के लिए भी वाई-फाई की सुविधा ले सकते हैं. हाइकर्स और यात्रियों के लिए स्टारलिंक मिनी मौजूद है. यूएसए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार स्टारलिंक प्राइसिंग … Read more

‘मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता Musk.. ट्रंप के ‘टैक्स बिल’ को लेकर भड़के, कह दी ये बड़ी बात

वाशिंगटन एलन मस्क ने ट्रंप के विशाल कर और खर्च बिल (Massive Tax and Spending bill) को ‘घृणित घृणा’ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे घाटा 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा और अमेरिकियों पर भारी, अस्थिर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा। मंगलवार को, अरबपति ने ट्रंप प्रशासन के नवीनतम कर और खर्च बिल के खिलाफ़ तीखी आलोचना की। ‘मुझे खेद है, लेकिन मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता,’ मस्क ने एक्स के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किया, कांग्रेस द्वारा व्यापक रिपब्लिकन समर्थन के साथ पारित बिल पर नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस कानून को अपनी आर्थिक योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं, लेकिन राजकोषीय रूढ़िवादियों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। एलन मस्क की कठोर आलोचना विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि यह सरकार को खर्च सुधारों पर सलाह देने की अल्पकालिक भूमिका समाप्त करने के कुछ ही दिनों बाद आई थी। मस्क ने पिछले सप्ताह सरकारी दक्षता विभाग (DoGE) के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया, जिसे संघीय खर्च में कटौती करने का काम सौंपा गया था। 2.5 ट्रिलियन डॉलर घाटे की चेतावनी मस्क ने आगाह किया कि ये विधेयक अमेरिका के पहले से ही विशाल बजट घाटे को बढ़ाकर 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा देगा, जिससे देश पर अस्थिर कर्ज़ का बोझ और गहराएगा. ट्रंप की टीम से अलग हुए मस्क कुछ ही दिन पहले एलन मस्क ने ‘गवर्नमेंट एफिशिएंसी विभाग’ (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी जिम्मेदारी थी संघीय खर्च को कम करना. उन्होंने इस विवादित विधेयक से खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है.  ट्रंप इस बिल पर कायमः व्हाइट हाउस व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एलन मस्क की आलोचना को हल्के में लेते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले से जानते थे कि एलन मस्क इस बिल को लेकर क्या सोचते हैं, लेकिन एलन मस्क का ये कदम उनका (ट्रंप) नजरिया नहीं बदलेगा. यह बिग ब्यूटीफुल बिल है और राष्ट्रपति इसके साथ खड़े हैं. बता दें कि इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीति की रीढ़ बताया है, जबकि मस्क इसे अनियंत्रित खर्च का प्रतीक मान रहे हैं. मस्क ने ट्रंप को दी थी 250 मिलियन डॉलर की मदद एलन मस्क ने 2024 में ट्रंप के चुनावी अभियान के लिए 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का दान दिया था. इसके बाद उन्होंने ‘Deficit Optimization and Government Efficiency (DOGE)’ नामक पहल को भी लीड किया, लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया है. इसका उद्देश्य सरकारी अपव्यय को जड़ से खत्म करना था. राजनीतिक प्रतिक्रिया केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने एलन मस्क का समर्थन करते हुए कहा कि वह सही हैं. जवाब में मस्क ने दो शब्दों में जवाब दिया- ‘Simple math’. बिल को समझ नहीं पा रहे मस्क: हाउस स्पीकर जॉनसन हालांकि, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने मस्क की आलोचना को बहुत निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने एलन मस्क से सोमवार को 20 मिनट तक बात की थी और समझाने की कोशिश की थी कि यह बिल भारी टैक्स में कटौती और चुनावी वादों की पूर्ति की दिशा में पहला मजबूत कदम है. लेकिन एलन इसे समझ नहीं पा रहे हैं.

‘आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला’, एलन मस्क को TED प्रमुख क्रिस एंडरसन ने लिखा पत्र

वाशिंगटन। सोशल मीडिया एक्स के मालिक और दिग्गज अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क को लेकर टेड के प्रमुख क्रिस एंडरसन ने एक पत्र लिखा है। ये पत्र उनकी तरफ से सोशल साइट एक्स पर भी एक पोस्ट में साझा किया गया। जिसमें लिखा, मैं एक ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा कर रहा हूं, जो अभी मुझे चिंतित कर रहा है। क्रिस एंडरसन ने साथ ही ये भी बताया है कि उनका यह पत्र रचनात्मक भावना से पेश किया गया है। पत्र की शुरुआत में क्रिस एंडरसन ने लिखा, प्रिय एलन, आज सुबह मेरे मन में एक विचार आया। प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में आपकी सभी उपलब्धियों के अलावा, आप इस सदी के सबसे प्रभावशाली लेखक बन गए हैं। आपके पास एक शक्तिशाली मंच पर 200 मिलियन से अधिक फॉलोवर हैं, जिसे आप स्वयं नियंत्रित करते हैं। आपके लिखे गए शब्द केवल उन फॉलोवर्स से आगे बढ़कर एक्स के लगभग हर यूजर तक पहुंचते हैं और यह व्यापक मीडिया कवरेज की सौजन्यता से कहीं आगे। इसने रूपर्ट मर्डोक को भी अप्रांसंगिक बना दिया है। ‘इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी’ क्रिस एंडरसन ने आगे लिखा- यह रोमांचक लग रहा होगा। आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला और ऐसा लगता है कि यह इतना सफल रहा कि आप इसका इस्तेमाल दुनिया को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं, जिसमें सरकारें बदलना भी शामिल है। आप मानते हैं कि एक्स मुख्य धारा के अधिकांश मीडिया की जगह ले सकता है। यह नागरिक पत्रकारिता के लिए नया मंच है और आप नागरिक नंबर 1 हैं। आपको संपादकों और तथ्य-जांचकर्ताओं की परेशानी की जरूरत नहीं है। आपकी तरफ से पोस्ट की गई हर एक चीज को लाखों लाइक और रीपोस्ट मिलते हैं। आप एक पल में वैश्विक बातचीत को बदल सकते हैं। इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी। पत्रकारिता की मुझे बहुत परवाह है- क्रिस एंडरसन इसलिए यहां बहुत कुछ दांव पर लगा है और जैसा कि होता है, पत्रकारिता एक ऐसी चीज है जिसकी मुझे बहुत परवाह है। मैंने एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया क्योंकि मेरा मानना था कि लोकतंत्र के स्वस्थ कामकाज के लिए अच्छी पत्रकारिता जरूरी है। आज मैं चिंतित हूं – वास्तव में बहुत चिंतित हूं – कि वैश्विक बातचीत पर आपके विजयी कब्जे में, पत्रकारिता के कुछ मूल सिद्धांत भुला दिए जा रहे हैं। उनके बिना, मुझे लगता है कि एक्स को नागरिक पत्रकारिता का सम्मानित घर बनाने के आपके प्रयास विफल हो जाएंगे। कई पत्रकारिता सिद्धांत हैं जो मायने रखते हैं – ग्रोक उन्हें बहुत अच्छी तरह से संक्षेप में बता सकते हैं। लेकिन एक बात मुझे खास तौर पर परेशान कर रही है। यह निष्पक्षता सिद्धांत है। यह सिद्धांत कहता है कि किसी व्यक्ति या संस्था के बारे में बेहद आलोचनात्मक दावे प्रकाशित करने से पहले, आपको उनसे कहानी का उनका पक्ष जानना चाहिए। आखिरकार, हो सकता है कि आप एक या दो महत्वपूर्ण तथ्य भूल गए हों, जो लोगों के आकलन के तरीके को बदल सकते हैं। हो सकता है कि आपके स्रोत उस व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित थे। हो सकता है कि जो हुआ उसके लिए कोई वैकल्पिक व्याख्या हो। ‘आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर लिखे’ तो, उदाहरण के लिए, जब आप करोड़ों लोगों से कहते हैं कि मानवता के खिलाफ जघन्य अपराधों के लिए किसी को फांसी या जेल में डाल दिया जाना चाहिए, तो हो सकता है कि आपको पहले यह पता लगाना चाहिए कि जो लोग उन लोगों को अच्छी तरह से जानते हैं, वे उनके बारे में क्या कहेंगे। आपकी कुछ हालिया पोस्ट सचमुच किसी की जान ले सकती हैं। क्या आप वाकई ऐसा जोखिम उठाना चाहते हैं? यह कैसे संभव है कि आप ठीक उसी समय ऐसा कर सकते हैं जब आप लोगों से एक्स को और अधिक सकारात्मक, और अधिक सुंदर बनाने का आह्वान कर रहे हैं? आप कहते हैं कि आप एक्स पर बिना किसी पछतावे के यूजर-सेकंड को अधिकतम करना चाहते हैं। ऐसा करने का सबसे सरल तरीका, एलन, बस यह है कि आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर संपादित करें। मुझे लगता है कि आपकी नजर में आप जिन मुद्दों की वकालत कर रहे हैं, वे अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण हैं और अत्यधिक प्रयासों के योग्य हैं। लेकिन जिस तरह से आप उन्हें प्रस्तुत कर रहे हैं, वह नागरिक पत्रकारिता नहीं है। यह भद्दा और क्रूर भी है, और इसलिए यह उतना प्रभावी नहीं है जितना हो सकता था। आप अपने सबसे वफादार फॉलोवर्स की जय-जयकार सुन रहे हैं, लेकिन इस तथ्य को भूल रहे हैं कि आप खुद को उन लोगों के बीच हंसी का पात्र बना रहे हैं जिन्हें आप वास्तव में अपने पक्ष में चाहते हैं। लंबे समय में यह एक्स, आपके अन्य व्यवसायों और वास्तव में मानवता के लिए आपके दीर्घकालिक सपनों को नुकसान पहुंचाने वाला है। ‘आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने का आग्रह है’ मुझे पुराने एलन की याद आती है। आप मजेदार, दिलचस्प, व्यावहारिक और प्रेरक हो सकते हैं। आपने जो बनाया है, उसके लिए आपने अविश्वसनीय रूप से कड़ी लड़ाई लड़ी है। और आपको लग सकता है कि आप इसके साथ जो चाहें करने के हकदार हैं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि आप सत्ता की अंगूठी को बहुत कसकर पकड़ने के खतरे को समझते हैं, कैसे यह किसी के निर्णय को विकृत कर सकता है और उन्हें बदसूरत बना सकता है। मुझे उम्मीद है कि आप उस अंगूठी को थोड़ा ढीला कर सकते हैं। मानवता के प्रति आपके प्रेम के लिए, मैं वास्तव में आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने और एक्स का बेहतर चेहरा दिखाने का आग्रह करता हूं। सुनने के लिए धन्यवाद। क्रिस “”With a certain amount of trepidation, I’m posting this open letter to @elonmusk, someone I have admired, but who, right now, is causing me concern. I know I’m not alone in thinking these thoughts. Please like or repost if you’re willing… And Elon, if you’re listening, please…””” — Chris Anderson (@TEDchris) January 7, 2025  

यूएस: एच-1 बी वीजा, डोनाल्ड ट्रंप का बना सर दर्द , एलन मस्क ने किया समर्थन

US: H-1B visa, Donald Trump’s headache, Elon Musk supported अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर बहस जारी है। ट्रंप समर्थक इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं, वहीं ट्रंप के करीबी उद्योगपति एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया है। अब इस बहस में अमेरिका के वरिष्ठ और प्रभावशाली सांसद बर्नी सैंडर्स भी शामिल हो गए हैं। बर्नी सैंडर्स ने मस्क पर आरोप लगाया है कि वह एच-1बी वीजा का समर्थन सिर्फ विदेशों से सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए कर रहे हैं। एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशों से कुशल कर्मचारियों को नौकरी पर रख सकते हैं। ‘श्रम लागत कम करना चाहते हैं मस्क’ बर्नी सैंडर्स लंबे समय से कर्मचारियों के अधिकारों के समर्थक रहे हैं। गुरुवार को एक बयान में कहा कि एच-1बी वीजा कुशल कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए नहीं है बल्कि सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने और श्रम लागत कम करने के लिए है। बर्नी सैंडर्स ने दावा किया कि इस वीजा के जरिए अमेरिकी अरबपतियों को फायदा हो रहा है और टेस्ला जैसी कंपनियां कुशल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशों, जैसे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी दे रही हैं। बर्नी सैंडर्स ने मांग की कि एच-1बी वीजा में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि अमेरिकी कर्मचारियों को इसका नुकसान न झेलना पड़े। अमेरिकी सांसद ने कहा कि मस्क की कंपनी में बीते साल करीब साढ़े सात हजार अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया, जबकि एच-1बी वीजा धारक कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला गया। एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का किया था समर्थन गौरतलब है कि एलन मस्क एच-1बी वीजा के समर्थक हैं और उन्होंने इसका समर्थन करते हुए कहा था कि अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है और इस कमी को पूरा करने के लिए एच-1बी वीजा जरूरी है। मस्क ने कहा कि कई इंजीनियर्स इस वीजा के जरिए अमेरिका आए और उन्होंने अमेरिका के विकास में अहम योगदान दिया। मस्क के इस दावे पर भी बर्नी सैंडर्स ने पलटवार किया और कहा कि टेस्ला में कई एच-1बी वीजा धारक अकाउंटेंट और मैकेनिकल इंजीनियर हैं और ये उच्च प्रशिक्षित कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आते हैं। ट्रंप समर्थक भी कर चुके हैं इसका विरोध उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ट्रंप समर्थक लॉरा लूमर और स्टीव बैनन आदि ने एच-1बी वीजा का विरोध किया था और दावा किया कि इससे अमेरिकी लोगों की नौकरियां छिन रही हैं। इस पर मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया। डोनाल्ड ट्रंप ने भी मस्क का समर्थन करते हुए एच-1बी वीजा को जारी रखने की बात कही थी।

डेलावेयर की एक अदालत ने एक बार फिर टेस्ला के सीईओ के 101.4 अरब डॉलर के सैलरी पैकेज को किया खारिज

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क इन दिनों अपनी सैलरी पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। डेलावेयर की एक अदालत ने एक बार फिर टेस्ला के सीईओ के 101.4 अरब डॉलर के सैलरी पैकेज को खारिज कर दिया है। आपको बता दें कि यह पैकेज 2018 में तय हुआ था। टेस्ला के स्टॉक की जबरदस्त बढ़त के चलते इसकी वैल्यू कई गुना बढ़ गई। कोर्ट के फैसले के बाद एलन मस्क को इस पे पैकेज तक पहुंचने से रोक दिया गया है। चांसलर कैथलीन एसजे मैककॉर्मिक ने अपने 103 पन्नों के निर्णय में कहा कि टेस्ला के बोर्ड ने 2018 में यह पैकेज एलन मस्क के प्रभाव में आकर मंजूर किया गया था। उन्होंने टेस्ला की कानूनी टीम के तर्कों को खारिज करते हुए उन्हें त्रुटिपूर्ण और कानून गलत बताया। उन्होंने कहा, “बोर्ड के पास एलन मस्क को उचित वेतन देने के कई विकल्प थे, लेकिन उन्होंने मस्क की शर्तों के आगे झुकने का फैसला किया।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शेयरधारकों के वोट के जरिए किसी न्यायिक निर्णय को पलटा नहीं जा सकता है।अदालत ने शेयरधारक रिचर्ड टॉरनेटा के वकीलों को 345 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया। उन्होंने एलन मस्क के पे पैकेज को चुनौती दी थी। हालांकि उनके वकीलों ने 10 अरब डॉलर की मांग की थी। कोर्ट के फैसले पर क्या बोले एलन मस्क? एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए इस फैसले को पूरी तरह भ्रष्टाचार से लिप्त कहा। उन्होंने दोहराया कि कंपनी के फैसलों पर जजों के बजाय शेयरधारकों का नियंत्रण होना चाहिए। एलन मस्क पहले भी यह दलील दे चुके हैं कि टेस्ला में उनकी बड़ी हिस्सेदारी कंपनी की दिशा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में इसके विस्तार के लिए जरूरी है। टेस्ला की अपील टेस्ला के बोर्ड ने इस फैसले को डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। अपील की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, जिससे अंतिम नतीजे में देर हो सकती है। एलन मस्क की कितनी है सैलरी? 2018 का पे पैकेज मस्क टेस्ला के स्टॉक की कीमत से जुड़ा था। एलन मस्क को 12 हिस्सों में स्टॉक विकल्प मिल सकते थे, जिनमें से हर एक कंपनी के 1% स्टॉक के बराबर था। टेस्ला के मार्केट कैप में 50 अरब डॉलर की वृद्धि, राजस्व में तेजी और EBITDA ग्रोथ के कारण से उनकी सैलरी बढ़ाई गई थी।

ऑस्ट्रेलिया के PM ने दिया सख्त जवाब, बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाने के खिलाफ एलन मस्क

कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बन गया है। यह कदम सोशल मीडिया के युवाओं की मानसिक सेहत पर पड़ने वाले असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया। वहीं, दिग्गज टेक कारोबारी एलन मस्क ने इसकी आलोचना की है, जिस पर ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज भड़क गए है। उन्होंने मस्क पर पलटवार करते हुए कहा कि मस्क द्वारा इस निर्णय की आलोचना करना, एक्स के मालिक द्वारा अपने एजेंडे को बढ़ाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इस निर्णय के बारे में किसी से भी बात करने को तैयार हैं। 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध दरअसल,  लंबी और भावनात्मक बहस के बाद गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया ने बाद बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध को मंजूरी दे दी थी। ऑस्ट्रेलिया के इस निर्णय ने दुनिया भर के न्यायालयों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया। हालांकि यह निर्णय उसके प्रमुख सहयोगी अमेरिका के साथ उसके रिश्तों को भी खराब कर सकता है। अमेरिका में इसका विरोध तब शुरू हुआ जब दिग्गज टेक कारोबारी और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के कैबिनेट में शामिल एलन मस्क ने एक पोस्ट में इसकी आलोचना की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह निर्णय सभी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की इंटरनेट तक पहुंच को नियंत्रित करने का एक रास्ता प्रतीत होता है। हम किसी से भी बात करेंगे- अल्बनीज इस नियम को लागू करने को लेकर रविवार को जब अल्बनीज से पूछा गया कि क्या वह सोशल मीडिया प्रतिबंध के बारे में मस्क से बात करने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने कहा कि हम किसी से भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि एलन मस्क एक्स के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। इतने करोड़ डॉलर लगेगा जुर्माना यह कानून इंस्टाग्राम और फेसबुक के मालिक मेटा से लेकर टिकटॉक तक की दिग्गज टेक कंपनियों को नाबालिगों को लॉग इन करने से रोकने के लिए बाध्य करता है। इसके तहत टिकटॉक, फेसबुक, स्नैपचैट, रेडिट, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर छोटे बच्चों के खातों पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही अगर ये मंच ऐसा करने में नाकाम रहे तो पांच करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (3.3 करोड़ डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कानून जनवरी में अगले साल प्रभावी हो जाएगा। अल्बनीज को मिला देश की  77 फीसदी आबादी का साथ ऑस्ट्रेलिया के सरकारी यू गवर्नमेंट सर्वेक्षण के मुताबिक, 77 फीसदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के कदम का समर्थन किया। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय में राजनीति और सार्वजनिक नीति के प्रोफेसर रोड्रिगो प्रेनो के मुताबिक, देश में  2025 की शुरुआत में संघीय चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम एंथनी अल्बनीज सहित संघीय सरकार ने माना कि यह एक ऐसी परेशानी है जिसका पूरे देश के लिए समाधान होना चाहिए।

भारत में चुनाव की काउंनटिंग को लेकर एलन मस्क हुए फैन, कस दिया अमेरिका पर तंज

वाशिंगटन. टेस्ला के सीईओ और डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक एलन मस्क भी भारत के वोटिंग सिस्टम के फैन हो गए हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारत ने एक दिन में ही 64 करोड़ वोट गिन डाले और कैलिफोर्निया में चुनाव के 15 दिन बाद अब भी काउंटिंग हो रही है। एक्स पर एक यूजर ने कहा था कि ट्रंप ने अपने विभागों का बंटवारा कर दिया है और कैलिफोर्निया में अब तक गिनती ही की जा रही है। इसके बाद एक अन्य यूजर ने कहा कि भारत में धोखाधड़ी करना चुनाव का पहला लक्ष्य नहीं है। इसीलिए एक दिन में ही 640 मिलियन वोट गिन लिए। अमेरिका में 5 नवंबर को चुनाव करवाए गए थे। ऐसे में चुनाव को 18 दिन हो गए हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कैलिफोर्निया में अब भी 2 लाख से ज्यादा वोटों की गिनती बाकी है। अमेरिका के चुनावों के बाद रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप को विजयी घोषित किया गया है। रिपब्लिकन पार्टी ने 312 इलेक्टोरल वोट्स हासिल कर लिए हैं। जबकि बहुमत के लिए 270 ही इलेक्टोरल वोट्स की जरूरत थी। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के 266 इलेक्टोरल वोट हािल हुए थे। फिलहाल जो बाइडेन ही अमेरिका के राष्ट्रपति हैं। 20 जनवरी को कैपिटल हिल पर सत्ता का हस्तांतरण किया जाएगा और डोनाल्ड ट्रंप वाइट हाउस में प्रवेश करेंगे। एलन मस्क की यह टिप्पणी मायने इसलिए भी रखती है क्योंकि वह अमेरिका के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के साथ थे। वहीं कुछ दिन पहले ही उन्होंने ईवीएम पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दावा किया था कि कंप्यूटर प्रोग्राम पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता। चुनाव बैलेट पेपर्स से ही होने चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक करना आसान होता है। चुनाव आयोग ने बताया था कि इस बार लोकसभा चुनाव में 64.2 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले थे। चुनाव आयोग ने बताया कि यह विश्व रिकॉर्ड था। सभी जी7 देशों के मतदाताओं का 1.5 गना और ईयू के 27 देशों के मतदाताओं के ढाई गुना मतदाताओं ने भारत में मतदान किया था।

अरबपति कारोबारी ने दी गजब प्रतिक्रिया, ब्राजील की प्रथम महिला ने एलन मस्क को दी गाली

रियो डी जेनेरियो. ब्राजील की प्रथम महिला यानी कि ब्राजील के राष्ट्रपति की पत्नी जानजा लुला डा सिल्वा ने एक कार्यक्रम के दौरान अरबपति कारोबारी एलन मस्क के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। जानजा लुला डा सिल्वा का मस्क को अपशब्द कहते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यहां तक कि एलन मस्क ने भी इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल ब्राजील जी20 सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसके तहत ब्राजील की सरकार जी20 के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ऐसे ही एक कार्यक्रम में ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा की पत्नी जानजा लुला डा सिल्वा भी शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने एलन मस्क की आलोचना की और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। दरअसल ब्राजील में मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स विवादों के घेरे में हैं। वहीं ब्राजील की प्रथम महिला की इस वीडियो पर एलन मस्क ने जोर से मुस्कुराते हुए इमोजी पोस्ट की। एक अन्य पोस्ट में मस्क ने ब्राजील के राष्ट्रपति को लेकर कहा कि वे अगला चुनाव हारने जा रहे हैं। ब्राजील में विवादों में है मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ब्राजील में विवादों में है। इस साल तो ब्राजील में एक्स को एक महीने के लिए निलंबित भी कर दिया गया था। दरअसल एक्स पर ब्राजील के कानूनों का पालन न करने, कानूनी प्रतिनिधी की नियुक्ति न करने और फर्जी खबरें फैलाने वाले अकाउंट्स पर रोक लगाने वाले अदालत के आदेश की अवहेलना के भी आरोप हैं। ब्राजील की प्रथम महिला जानजा का सोशल मीडिया अकाउंट बीते साल हैक हो गया था, जिसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया कंपनी एक्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी थी। वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा ने भी अपनी पत्नी के बयान की आलोचना की और कहा कि हमें किसी को भी इस तरह बेइज्जत नहीं करना चाहिए। जानजा ने अभी तक अपने बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ट्रंप एलन मस्क की नजदीकी से हुए परेशान ! बोले- पीछा नहीं छुड़ा पा रहा..वो घर ही नहीं जाते

वाशिंगटन अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबी साथी एलन मस्क के बीच हाल ही की घटनाओं में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले हैं। MSNBC के लॉरेंस ओ’डॉनेल ने बताया कि एलन मस्क को ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से मजाक का पात्र बनाया, जब उन्होंने रिपब्लिकन हाउस सदस्यों के सामने मजाक में कहा, “एलन घर ही नहीं जाते। मैं उनसे पीछा नहीं छुड़ा पा रहा हूँ।” इस टिप्पणी के जरिए ट्रंप ने यह दर्शाया कि मस्क का लगातार मौजूद रहना उनके और उनकी टीम के लिए असुविधाजनक हो रहा है। ट्रंप ने हाल ही में एलन मस्क को विवेक रामास्वामी के साथ मिलकर “सरकारी दक्षता विभाग” का सह-प्रमुख बनाने की घोषणा की। इस नई जिम्मेदारी के जरिए मस्क और ट्रंप के बीच की नजदीकी को और भी मजबूती मिली। हालांकि, ट्रंप की टीम में मस्क के प्रति कुछ असंतोष भी उभरने लगा है। उनके टीम के कई सदस्यों का मानना है कि मस्क, ट्रंप के प्रशासन में अपनी भूमिका को जरूरत से ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मस्क चुनाव परिणाम आने के बाद से लगातार फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में मौजूद हैं। उनकी उपस्थिति इतनी ज्यादा रही है कि ट्रंप के कई करीबी साथी इस बात से असहज हो रहे हैं। इन सूत्रों के अनुसार, मस्क ने ट्रंप के विभिन्न महत्वपूर्ण कॉल और बैठकों में भी हिस्सा लिया है, जिनमें से एक कॉल यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ भी था। इस स्थिति को लेकर एक व्यक्ति ने कहा, “वो ऐसे बर्ताव कर रहे हैं मानो वो सह-राष्ट्रपति हों, और हर किसी को यह बताना चाहते हैं कि उनका ट्रंप प्रशासन में कितना योगदान है।” हालांकि मस्क ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का मानना है कि वो ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी लगातार उपस्थिति और हर मुद्दे पर उनकी राय देना इस बात का संकेत है कि वो खुद को ट्रंप प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। सूत्रों का कहना है कि मस्क ट्रंप के राष्ट्रपति बनने में अपनी भूमिका का बखान करते हुए हर किसी से अपनी ‘अमेरिका पीएसी’ और ‘एक्स’ जैसी योजनाओं की चर्चा करते रहे हैं। उन्होंने खुद को ट्रंप के लिए आवश्यक और अपरिहार्य दिखाने का प्रयास किया है, हालांकि ट्रंप को “किसी का कर्जदार” नहीं बनना पसंद है। एक स्रोत ने बताया, “मस्क हर मुद्दे पर अपनी राय देने के लिए तत्पर रहते हैं और इतनी जोर से अपनी बातें रखते हैं कि उन्होंने ट्रंप के कई करीबियों को चिढ़ाना शुरू कर दिया है। वो हर फैसले में अपनी मौजूदगी को दिखाना चाहते हैं, भले ही उनका कोई सीधा योगदान न हो।” हालांकि मस्क की इस बढ़ी हुई उपस्थिति के कारण ट्रंप के करीबी हलकों में नाराजगी है, फिर भी ट्रंप की ट्रांज़िशन टीम ने आधिकारिक बयान में मस्क की सराहना की। ट्रंप-वांस ट्रांज़िशन की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा, “एलन मस्क और राष्ट्रपति ट्रंप महान दोस्त और कुशल नेता हैं, जो मिलकर अमेरिका को महान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एलन मस्क एक असाधारण बिजनेस लीडर हैं, और उनका सरकारी प्रक्रियाओं में योगदान निश्चित रूप से हमारे ब्यूरोक्रेसी में सुधार लाएगा।”एक अन्य प्रवक्ता एना केली ने भी मस्क को “प्रतिभाशाली और नवाचारी” बताया और कहा कि मस्क ने अपने विचारों और अनुभव से अमेरिका के भविष्य को सुधारने का संकल्प लिया है।  

मंगल और धरती के बीच रियल टाइम में डाटा और इमेज भेजने में आसानी करेगी मस्क की कंपनी

न्यूयॉर्क एलन मस्क की कंपनी अब मंगल ग्रह से संपर्क में अहम भूमिका निभाने जा रही है। इसको लेकर एक अहम बैठक भी हुई। इसके मुताबिक यह स्टारलिंक की तर्ज पर तैयार किया जाएगा और नासा के मंगल मिशन में मदद करेगा। मीटिंग को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक स्पेसएक्स मंगल की ऑरबिट में कई सैटेलाइट लगाएगा। इन सैटेलाइट्स की मदद से जमीन से मंगल की सतह तक निगरानी बेहद आसान हो जाएगी। यह मंगल के राज खोलने में काफी मददगार होगा। इतना ही नहीं, स्टारलिंक धरती और मंगल के बीच कम्यूनिकेशन और तेजी से डाटा ट्रांसफर के लिए एडवांस सिस्टम भी तैयार करेगा। हाई-स्पीड डेटा रिले सिस्टम 1.5 खगोलीय इकाइयों में 4 एमबीपीएस या उससे अधिक कम्यूनिकेट करने में सक्षम होगा, जो धरती और मंगल के बीच की दूरी है। इस नेटवर्क के जरिए मंगल और धरती के बीच रियल टाइम में डाटा और इमेज भेजने में आसानी होगी। इसके अलावा मंगल ग्रह पर भविष्य में चलने वाले मिशन के लिए भी यह इस्तेमाल किया जा सकेगा। एलन मस्क ने खुद एक्स पर इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहाकि इसका असली मकसद इस तरह के काफी दूर स्थित ग्रहों पर डाटा ट्रांसफर की स्पीड को बढ़ाना है। उन्होंने लिखा कि वास्तव में यह पहला कदम है। धरती और मंगल के बीच ट्रांसफर की रफ्तार बढ़ाने के लिए और ज्यादा स्पीड की जरूरत होगी। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसकी काफी तारीफ की है। लोगों ने इसे किसी साई-फाई मूवी जैसा बताया है।

मस्क का बड़ा बयान: कनाडा के अगले चुनाव में ट्रूडो की विदाई तय, उनकी सरकार पर बढ़ा दबाव

वाशिंगटन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इन दिनों चर्चा में हैं. खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाने के बाद से वह विवादों में हैं. इस बीच टेस्ला के सीईओ और अरबपति एलन मस्क ने ट्रूडो को लेकर बड़ा बयान दिया है. एलन मस्क ने जस्टिन ट्रूडो के राजनीतिक करिअर को लेकर बड़ा कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा है कि कनाडा में अगले साल होने जा रहे चुनाव में उनकी विदाई तय है. सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर एक शख्स ने मस्क से मदद मांगते हुए कहा था कि वह ट्रूडो से पीछा छुड़ाने में उनकी मदद करें.   दरअसल जर्मनी की समाजवादी सरकार के गिरने के बाद इस शख्स ने कनाडा का ट्रूडो से पीछा छुड़ाने के लिए मस्क से गुहार लगाई थी, जिस पर मस्क ने यह कटाक्ष किया. बता दें कि कनाडा में अगले साल चुनाव होने जा रहे हैं. फिलहाल अल्पमत की सरकार चला रहे ट्रूडो पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले चुनावों में उनका जाना तय है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के करीबी एलन मस्क की इस तरह की टिप्पणी कई मायनों में अहम भी माना जा रही है. इससे ट्रंप की राष्ट्रपत पद संभालने के बाद उनकी भावी योजनाओं और एजेंडे के संकेत मिल रहे हैं. ट्रूडो ने पिछले साल संसद में पहली बार लगाए थे भारत पर आरोप पिछले साल संसद में बोलते हुए जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम भारत पर लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था. तब से ही भारत और कनाडा के बीच रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. भारत ने भी ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था. इसी साल जनवरी में कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोडी थॉमस ने कहा था कि भारत निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग कर रहा है. पिछले साल हुई थी निज्जर की हत्या पिछले साल जून में कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी. निज्जर खालिस्तानी आतंकी था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. वह बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा दे रहा था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, निज्जर भारतीय जांच एजेंसियों के लिए पिछले एक साल में इसलिए और भी ज्यादा बड़ा सिरदर्द बन गया था क्योंकि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को विदेशों में लॉजिस्टिक और पैसा मुहैया करवाना शुरू कर दिया था. ट्रूडो जब 2018 में भारत दौरे पर आए थे. उस समय उन्हें पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खालिस्तानी आतंकियों की एक सूची सौंपी थी, जिसमें निज्जर का भी नाम शामिल था. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 2020 में निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया था. 2010 में पटियाला के एक मंदिर के बाहर हुए बम विस्फोट में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उस पर हिंसा भड़काने, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई मामलों में पुलिस को तलाश थी. भारत ने हरदीप सिंह निज्जर को डेजिग्नेटिड टेरेरिस्ट यानी आतंकवादी घोषित किया था. NIA ने उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था.  

एलन मस्क एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा छुआ

नई दिल्ली टेक अरबपति एलन मस्क गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बन गए। उन्होंने अक्टूबर 2022 में 44 बिलियन डॉलर में इसका अध‍िग्रहण किया था। एक्स के मालिक को 131.9 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और 113.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ प्रसिद्ध फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो फॉलो करते हैं। लोकप्रिय गायक जस्टिन बीबर 110.3 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे स्थान पर हैं और रिहाना 108.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवें स्थान पर हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दुनिया में 100 मिलियन का आंकड़ा पार किया है। जिसकी मस्क ने सराहना की थी। अब उनके 102.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं। मस्क ने हाल ही में कहा कि एक्स के अब 600 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता (एमएयू) और लगभग 300 मिलियन दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता (डीएयू) हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्क के अधिकांश फॉलोअर्स नकली हैं और लाखों नए निष्क्रिय अकाउंट्स की वजह से यह संख्या बढ़ गई है। हालांकि, दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक के मुताबिक, एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पृथ्वी के लिए एक ग्रुप चैट बन गया है, जिस पर दुनिया भर से सबसे ज्यादा ट्रैफिक आता है। मस्क ने पोस्ट किया था, “एक्स पृथ्वी के लिए ग्रुप चैट है।” टेक अरबपति का लक्ष्य इसे एक “एवरीथिंग ऐप” बनाना है, जहां लोग फिल्में और टीवी शो पोस्ट कर सकें और डिजिटल भुगतान भी कर सकें। मस्क ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में एक्स का उपयोग अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, वैश्विक निवेश फर्म फिडेलिटी ने मस्क द्वारा संचालित एक्स (पूर्व में ट्विटर) में अपनी हिस्सेदारी के मूल्य में 78.7 प्रतिशत की कटौती की। इसका अर्थ है कि एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का मूल्य केवल 9.4 बिलियन डॉलर होने की संभावना है।  

ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप

राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव: एलन मस्क मस्क बोले अगर ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव होगा और इसके बाद देश में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप वॉशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी गरमाने लगी है। खास बात यह है कि अब अमेरिकी सियासत में भारत की तरह चुनावी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। टेस्ला के मालिक एलन मस्क खुलकर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगर ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव होगा और इसके बाद देश में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर को जवाब देते हुए मस्क ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप को सत्ता में लाना ही लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र तरीका है। मस्क ने आरोप लगाया कि जो बाइडेन की सरकार अवैध प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता देकर स्विंग स्टेट्स में चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। मस्क के मुताबिक अगर यह प्रक्रिया जारी रहती है, तो अमेरिका एक दलीय राज्य बन जाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। मस्क ने बाइडेन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शरण चाहने वालों को स्विंग स्टेट्स जैसे पेन्सिलवेनिया, ओहायो, विस्कॉन्सिन और एरिजोना में भेजा जा रहा है। यह हर चुनाव जीतने की एक निश्चित रणनीति है, जिससे अमेरिका एक पार्टी के नियंत्रण में आ जाएगा और लोकतंत्र का अंत हो जाएगा। एलन मस्क ने इसके साथ ही 1986 में कैलिफोर्निया के आम माफी का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे उस समय भी बड़े पैमाने पर प्रवासियों को वैध मतदाता बनाकर डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत हासिल की थी। मस्क ने चेतावनी दी कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही, तो अमेरिका की हर जगह स्थिति वैसी ही हो जाएगी जैसी सैन फ्रांसिस्को में है, जो अत्यधिक समाजवादी नीतियों के लिए जाना जाता है। मस्क ट्रंप के मुखर समर्थक रहे हैं और इससे पहले भी ट्रंप के समर्थन में अपनी राय दे चुके हैं। ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले और आपराधिक प्रवृत्ति वाले अप्रवासियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ऐसे अप्रवासियों के खिलाफ कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है और खासतौर पर उन लोगों की कड़ी आलोचना की है जो महिलाओं के साथ हुए अपराधों में शामिल थे। ट्रंप ने इसके साथ ही डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के खिलाफ भी निजी टिप्पणियां की है। चुनावी राज्य विस्कॉन्सिन में एक जनसभा में ट्रंप ने कमला हैरिस को मानसिक रूप से विकलांग और अस्थिर कहा है। हैरिस ने शुक्रवार को अपने 2024 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान पहली बार अमेरिका-मेक्सिको सीमा का दौरा किया था। ट्रंप के भाषण अवैध प्रवासियों पर केंद्रित था। उन्होंने हिंसक अपराध करने वाले प्रवासियों को राक्षस, पत्थर दिल हत्यारे और जानवर कहा। ट्रंप और हैरिस के बीच पांच नवंबर के चुनाव से पहले कांटे की टक्कर देखी जा रही है। जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक वोटर्स के लिए इमिग्रेशन और साउथ बॉर्डर कई बड़े मुद्दों में से एक है। ट्रम्प ने हैरिस और डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडन पर अवैध प्रवासियों को अमेरिका में एंट्री की परमिशन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रवासी अमेरिकी नागरिकों के साथ दुष्कर्म उन्हें लूटने, चोरी करने और उनकी हत्या करने की मंशा रखते हैं। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि यह एक अंधकारमय भाषण है। ट्रंप का यह भाषण विस्कॉन्सिन के छोटे शहर प्रेयरी डू चीएन में हुआ, जहां सितंबर में एक वेनेजुएलाई व्यक्ति को अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने और एक महिला के साथ यौन शोषण और उसकी बेटी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाइडन प्रशासन के दौरान करीब 70 लाख प्रवासियों को अमेरिका-मेक्सिको सीमा पार करते समय गिरफ्तार किया गया है, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। इसके कारण ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने हैरिस और बाइडन की आलोचना की है।    

Elon Musk फिर बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, नेटवर्थ में आए जोरदार उछाल

मुंबई दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों (Top-10 Billionaires) की लिस्ट में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है और टेस्ला व स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने बादशाहत फिर से वापस पा ली है. जी हां, एलन मस्क एक बार फिर दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं और उन्होंने अमेजन के जेफ बेजोस (Jeff Bezos) को पीछे छोड़ते हुए World Richest Person की कुर्सी पर फिर कब्जा जमा लिया है. एक दिन में इतनी बढ़ी नेटवर्थ Elon Musk की नेटवर्थ में बीते 24 घंटों में जोरदार उछाल आया है और एक झटके में उनकी संपत्ति (Elon Musk Net Worth) 6.74 अरब डॉलर बढ़ गई है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक, इस ताजा इजाफे के चलते उनकी नेटवर्थ अब 210 अरब डॉलर हो गई है और वे दुनिया के नंबर एक अमीर बन गए हैं. मस्क ने अपना खोया हुआ ताज अमेजन के जेफ बेजोस को पछाड़ते हुए पाया है, जिनकी नेटवर्थ (Jeff Bezos Net Worth) 207 अरब डॉलर है. 200 अरब डॉलर क्लब में टॉप-3 अमीर    ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में शीर्ष तीन अरबपति 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हैं. एलन मस्क 210 अरब डॉलर, तो जेफ बेजोस 207 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं. वहीं 200 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ फ्रांसीसी अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट ( Bernard Arnault) तीसरे सबसे अमीर इंसान हैं. जुकरबर्ग की नेटवर्थ में बढ़ोतरी जारी अमीरों की इस लिस्ट में फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग का दबदबा भी लगातार बढ़ रहा है और उनकी संपत्ति में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है. फिलहाल, Mark Zukerberg 180 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं. इसके बाद लैरी पेज 158 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ पांचवें पायदान पर, जबकि माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स (Bill Gates) 157 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ छठे नंबर पर मौजूद हैं. Top-10 में शामिल हैं ये अरबपति दुनिया के सबसे रईस लोगों की लिस्ट में शामिल अन्य अरबपतियों की बात करें, तो सातवें पायदान पर 154 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ स्टीव बाल्मर का नाम आता है. वहीं दुनिया के आठवें सबसे अमीर इंसान 153 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ लैरी एलिसन हैं. सर्गेई ब्रिन 148 अरब डॉलर की नेटवर्थ लेकर नौंवे सबसे अमीर व्यक्ति हैं और लिस्ट में दसवें पायदान पर दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) का नाम शामिल है, उनकी नेटवर्थ 135 अरब डॉलर है. अडानी-अंबानी इस पायदान पर काबिज अब बात करें इस लिस्ट में शामिल भारतीय अरबपतियों की, तो एशिया के सबसे अमीर इंसान (Asia’s Richest) रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) 13वें सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं. उनकी नेटवर्थ 113 अरब डॉलर है और इस साल 2024 में अब तक उन्होंने अपनी संपत्ति में 16.2 अरब डॉलर जोड़े हैं. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) 107 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ 14वें पायदान पर काबिज हैं. कमाई के मामले में अडानी ने भी तमाम दिग्गजों को पीछे छोड़ा है और इस साल अब तक उनकी नेटवर्थ 22.3 अरब डॉलर बढ़ी है.  

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