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पीएफ खाताधारकों को ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकालने की मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार PAN 2.0 की तर्ज पर EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म आपको अपने पीएफ अकाउंट से मोबाइल के जरिए पैसे निकालने की सुविधा देगा। इससे यूजर्स ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकाल सकेंगे।यह नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा । संभावना है कि जून महीने में इसे लॉन्च किया जा सकता है।इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा। ATM से कैसे होगी PF फंड की निकासी ?     खबर है कि EPFO 3.0 प्रोग्राम के तहत ईपीएफओ जल्द अपने सदस्यों के लिए ATM से विड्रॉल की सुविधा देगा। इसमें ATM कार्ड बिल्कुल डेबिट कार्ड की तरह काम करेगा। पैसे निकालने के लिए आपको पहले अपना UAN लिंक करना होगा, OTP वेरीफाई करना होगा और फिर कैश निकालना होगा।     पैसे की क्लेमिंग ऑनलाइन होगी और 3 दिनों के अंदर कार्ड में अमाउंट क्रेडिट हो जाएगा, जिसे फिर ATM से निकाला जा सकेगा। PF अकाउंट को आपके UPI ID या लिंक्ड बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा।एक बार क्लेम करने पर पैसा सीधे आपके UPI वॉलेट में आ जाएगा।इसके बाद आप QR कोड स्कैन करके कहीं भी भुगतान कर सकेंगे।     यूजर्स अपने अकाउंट की डिटेल्स, नॉमिनी या अन्य बदलाव मोबाइल से ही OTP के ज़रिए कर सकेंगे। इस कार्ड के जरिए वे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की तरह ही बैलेंस चेक, कैश विड्रॉल जैसी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।हालांकि, एटीएम और यूपीआई के जरिए केवल 1 लाख रुपये तक की ही निकासी की जा सकेगी। अकाउंट डिटेल में भी कर सकेंगे करेक्शन     खास बात ये है कि ईपीएफओ 3.0 के साथ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए नाम, जन्मतिथि, लिंग, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, और नौकरी शुरू करने की तारीख जैसे विवरण ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यानी सदस्यों को किसी भी अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

EPFO के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए Good news, 8.25% ब्याज दर को सरकार ने किया मंजूर, अब खातों में आएगा पैसा

 नयी दिल्ली  सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी है। इससे ईपीएफओ अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के भविष्य निधि पर वार्षिक ब्याज जमा कर सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है।  बता दें, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है। तय किए ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंजूरी दी EPFO ने 28 फरवरी को ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया था। इसे मंजूरी के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा गया था। बताया जाता है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, “फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फिस्कल ईयर 2024-25 के लिए होगा। इस फैसले के बारे में लेबर मिनिस्ट्री ने ईपीएफओ को 22 मई को सूचित कर दिया।” ईपीएफओ के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा सरकार के इस फैसले के बाद ईपीएफ के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 फरवरी को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक हुई थी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में FY25 के लिए इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने के प्रस्ताव पर फैसला हुआ था। फरवरी 2024 में इंटरेस्ट बढ़ाने का फैसला ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में ईपीएफ के डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला किया था। उसने इसे 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया था। यह वृद्धि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के डिपॉजिट के लिए की गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इंटरेस्ट रेट 8.15 फीसदी था। मार्च 2022 में ईपीएफओ ने इंटरेस्ट रेट को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 4 दशक से ज्यादा समय में सबसे कम इंटरेस्ट रेट था। ईपीएफ अकाउंट का मतलब प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ की स्कीम के तहत आते हैं। इसमें हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का 12 फीसदी (बेसिक प्लस डीए) उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने डिपॉजिट करता है। ईपीएफ अकाउंट के दो हिस्से होते हैं-ईपीएफ और ईपीएस। एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हर महीने ईपीएस में जमा होता है। एंप्लॉयी के रिटायर होने पर ईपीएफ अकाउंट में जमा पूरा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। ईपीएफ में जमा पैसे पर उसे हर महीने पेंशन मिलती है। 7 करोड़ खातों में आएगा ब्याज का पैसा लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर देने पर सहमति दे दी है और श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को ईपीएफओ को इस संबंध में सूचना दे दी है।” अब वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत दर के अनुसार ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 28 फरवरी को नयी दिल्ली में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 237वीं बैठक में ब्याज दर पर निर्णय लिया गया था। बीते कुछ सालों में ब्याज दरों में हुई है कटौती ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को मामूली बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था जो 2022-23-में 8.15 प्रतिशत था। वहीं, मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को घटाकर चार दशक से अधिक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था। यह 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था।

बिजली कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर ब्याज दर फाइनल

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर वार्षिक ब्याज दर तय कर दी गयी हैं। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत/दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कार्मिकों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस सहमति बनी। न्यास की 91वीं बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया गया। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास की बैठक में इस मुद्दे पर व्यापक विचार विमर्श के बाद फैसला लिया गया। शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान न्यास पदाधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते की शेष राशि पर 9.50 प्रतिशत (साढ़े नौ प्रतिशत) वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधिक रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा। आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कर्मचारी भविष्य निधि न्यास के आदेश में इसके लिए पात्र कर्मचारी, अधिकारी भी रेखांकित किए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेवारत, दिवंगत अथवा सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों को यह लाभ दिया जाएगा।

EPFO मेंबर्स के लिए सरकार ने किया बड़ा काम, अब सिर्फ फेस वेरिफिकेशन से हो जाएगा ये बड़ा काम

नई दिल्ली  एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू की है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारी उमंग ऐप (Umang App) इस्तेमाल कर आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से खुद अपना UAN बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नियोक्ता अपने नए कर्मचारी का UAN इस तरह खुद इसी प्रोसेस से बना सकता है। मांडविया ने बताया कि जिन पुराने सदस्यों का UAN एक्टिवेट नहीं हुआ है, वे भी उमंग ऐप से इसे एक्टिवेट कर सकते हैं। मांडविया ने बताया, ‘EPFO जल्दी ही जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) को भी फेस ऑथंटिकेशन के जरिए प्रमोट करेगा, जिससे पेंशनधारकों को घर पर सेवाएं मिल सकेगी मांडविया ने कहा, UAN जेनरेट करने के लिए आमतौर पर एंप्लॉयर कर्मचारी का डेटा EPFO को भेजता था और डेटा आधार से वेरिफाई किया जाता था, लेकिन पिता का नाम, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी में कई बार गलतियां हो जाती थी, जिससे कर्मचारियों को क्लेम या दूसरे बेनेफिट के लिए बाद में डेटा अपडेट कराना पड़ता था। कई मामलों में कर्मचारी का मोबाइल नंबर गलत होने या उसकी जानकारी ही नहीं दिए जाने के चलते EPFO उनसे संपर्क नहीं कर पाता था। लेकिन फेस ऑर्थोटिकेशन टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से ऐसी दिक्कतें नहीं होंगी और करोड़ों कर्मचारियों को कॉन्टैक्टलेस और सुरक्षित सेवा मिलेगी।’ इसके अलावा EPFO मेंबर पोर्टल पर आधार ओटीपी वैलिडेशन के जरिए UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया है, जिसे मेंबर को पूरा करना होता है। इसमें भी कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। मांडविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 1,26,56,127 UAN जनरेट हुए, लेकिन 44,68,236 यानी करीब 35% ही एक्टिवेट हुए। इस तरह खुद जेनरेट करें UAN     प्लेस्टोर से उमंग ऐप (Umang App) डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।     AadhaarFaceRD App भी डाउनलोड करे और इंस्टॉल करे।     उमंग ऐप खोलें और UAN अलॉटमेंट एंड एक्टिवेशन पर जाएं।     आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें।     कंसेट देने के लिए चेकबॉक्स पर टिक करें और OTP वेरिफाई करें।     इसके बाद कैमरा ऑन होगा, लाइव फोटो लें।     जब बॉर्डर हरे रंग में बदल जाए, तो फोटो कैप्चर पूरा होगा, जैसे डिजियात्रा ऐप में होता है।     फोटो आधार डेटाबेस से मिलाया जाएगा सफल मैचिंग के बाद UAN SMS से भेजा जाएगा।     UAN जेनरेट होते ही ऑटो एक्टिव हो जाएगा। उमंग ऐप या मेबर पोर्टल से UAN कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

ईपीएफओ ने 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया, एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया

नई दिल्ली   ईपीएफओ ने एक बार फिर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के लिए ईपीएफओ के बोर्ड ने 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया है। इस फैसले का असर 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स पर सीधा पड़ेगा। बता दें, पहले से ही बात की चर्चा जोरों पर थी कि ब्याज दरों को ईपीएफओ बोर्ड बरकरार रख सकता है। सूत्रों ने बताया कि “ईपीएफओ से जुड़ा फैसले करने वाली सर्वोच्च संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने 2024-25 के लिए ईपीएफ ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय किया है। शुक्रवार की मीटिंग में यह फैसला हुआ है।” सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के फैसले को अब वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। जिसपर अंतिम मुहर लगेगी। 2024 में बोर्ड ने ब्याज दरों को बढ़ाया था पिछले साल फरवरी के महीने में ईपीएफओ ने ब्याज दरो में इजाफा किया था। तब ब्याज ब्याज दर बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था। वित्त वर्ष 2022-23 में ईपीएफओ की तरफ से ब्याज दर 8.15 प्रतिशत तय किया गया था। कब कितना रहा है ब्याज दर? ईपीएफ ब्याज दर 2018-19 में 8.65 प्रतिशत था। 2019-20 में 8.5 प्रतिशत था। 2021-22 में यह घटकर 8.10 प्रतिशत हो गया। बता दें, हाल के वर्षों में ईपीएफओ ने 2015-16 में सबसे अधिक ब्याज 8.8 प्रतिशत ब्याज दिया था। वहीं, 2013-14 और 2014-15 में यह 8.75 प्रतिशत था। EPFO ने 2024-25 में 50.8 मिलियव क्लेम को प्रोसेस किया था। जो 2.05 लाख करोड़ रुपये का रहा है। 2023-24 में इस संस्था ने 44.5 मिलियन क्लेम को प्रोसेस किया था। जोकि 1.82 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। यानी सालाना आधार पर देखें तो क्लेम में इजाफा हुआ है। जोकि सब्सक्राइबर्स के नजरिए से अच्छी बात है।

करोड़ों EPFO के सब्सक्राइबर्स को लगेगा तगड़ा झटका! इंटरेस्ट रेट पर चल सकती है कैंची

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों लोगों को झटका लग सकता है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की आज  मीटिंग होगी जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए पीएफ पर इंटरेस्ट रेट का फैसला होगा। बिजनस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएफ के लिए ब्याज दर में कटौती की जा सकती है। इसकी वजह यह है कि स्टॉक मार्केट और बॉन्ड यील्ड से ईपीएफओ की कमाई में गिरावट आई है। साथ ही ज्यादा दावों का सेटलमेंट किया गया है। पिछली बार इसे बढ़ाकर 8.25% किया गया था। उससे पहले 2022-23 में पीएफ सब्सक्राइबर्स को 8.15% ब्याज दिया गया था। ईपीएफओ के बोर्ड की इनवेस्टमेंट कमेटी की पिछले हफ्ते बैठक हुई थी। इसमें ईपीएफओ के इनकम और एक्सपेंडीचर प्रोफाइल पर चर्चा हुई ताकि बोर्ड को ईपीएफ इंटरेस्ट रेट की सिफारिश की जा सके। बोर्ड में शामिल कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इस साल इंटरेस्ट रेट पिछले साल के मुकाबले कम हो सकता है। इसकी वजह यह है कि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ट में गिरावट आई है। ऐसे में अगर ज्यादा ब्याज दिया जाता है तो फिर ईपीएफओ के पास कोई सरप्लस नहीं रह जाएगा। कब मिला सबसे ज्यादा ब्याज प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ खाते के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफओ के करीब सात करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक EPFO ने 2024-25 में 5.08 करोड़ से ज्यादा क्लेम निपटाए हैं। इन क्लेम की कुल राशि ₹2.05 लाख करोड़ है। 2023-24 में 4.45 मिलियन क्लेम निपटाए गए थे, जिनकी कुल वैल्यू ₹1.82 लाख करोड़ थी। मतलब इस साल लोगों ने अपने PF अकाउंट से पैसा ज्यादा पैसा निकाला है। साथ ही स्टॉक मार्केट और बॉन्ड से ईपीएफओ को कम कमाई हुई है। 1952-53 में ईपीएफओ की ब्याज दर 3% थी। धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1989-90 में यह 12% तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे ज्यादा ब्याज दर थी। साल 2000-01 तक यही ब्याज दर रही। उसके बाद 2001-02 में यह घटकर 9.5% हो गई। साल 2005-06 में यह और गिरकर 8.5% पर आ गई। फिर 2010-11 में ब्याज दर को बढ़ाकर 9.50% किया गया। लेकिन 2011-12 में इसे फिर से घटाकर 8.25% कर दिया गया। 2021-22 में यह सबसे कम 8.10% तक पहुंच गई थी।

EPFO :15 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है। ईएलआई योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए यूएएन एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है, अब कर्मचारी 15 फरवरी 2025 तक ये काम पूरा कर सकते है। ध्यान रहे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ उठाने के लिए EPFO मेंबर्स को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करना और बैंक अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी है।EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले नियोक्ता ध्यान दें!ELI योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए UAN एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है।कर्मचारियों को सुचारू लाभ के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें! क्या है ईएलआई स्कीम     केन्द्र सरकार ने बजट-2024 में ELI स्कीम की घोषणा की थी, इस स्कीम में 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं, A, B और C। तीनों ही योजनाओं का मकसद एंप्लायमेंट जेनरेशन को बढ़ावा देना और नए कर्मचारियों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है।     EPFO के प्रत्येक सब्सक्राइबर के पास आधार से जुड़ा UAN होना आवश्यक है, जिसे सदस्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय करना होगा ताकि सिंगल विंडो से कई सुविधाएं प्राप्त की जा सकें।     वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में रोजगार से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 3 योजना ए,बी और सी की घोषणा की गई थी।ELI  का मुख्य उद्देश्य नई नौकरियां बढ़ाना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं को मदद देना है।     इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और दूसरे मौके पैदा करने का टार्गेट रखा गया है।ईएलआई स्कीम का टार्गेट 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा जॉब्स पैदा करना है।     योजना के तहत जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सैलरी तीन किश्तों में दी जाएगी। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगा।     इस योजना में नियोक्ता और नए कर्मचारियों को EPFO योगदान पर 4 साल तक इंसेंटिव मिलेगा।इसमें हर नए कर्मचारी पर सरकार नियोक्ता को 3,000 रुपए प्रति माह देगी।यह मदद दो साल तक मिलेगी। नियोक्ता ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख सकेंगे। 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं। UAN नंबर कैसे एक्टिवेट करें     सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।      सर्विसेंज सेक्शन में For Employees पर क्लिक करें।     सर्विसेज कॉलम में दूसरे स्थान पर नजर आ रहे Member UAN Online Service OCS OTCP पर क्लिक करें।     इसके बाद Activate UAN पर क्लिक करें।     अब 12 डिजिट वाला UAN और आधार नंबर, नाम, डेट ऑफ बर्थ, आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड आदि भरें।     नीचे दिए गए डिक्लेयरेशन के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।     Get Authorization Pin बटन पर क्लिक करें।     अब ओटीपी को भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।     इस तरह से आपका UAN एक्टिवेट हो गया है।

EPFO नया सिस्‍टम बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी, वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा

नईदिल्ली ईपीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऐलान किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस साल जून तक अपना नया सॉफ्टवेयर सिस्टम, EPFO 3.0 शुरू करने के लिए तैयार है.  पत्रकारों से बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि नया सिस्‍टम देश में बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी. साथ ही वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि EPFO 3.0 के लॉन्च के बाद ईपीएफओ अपने सदस्यों को ATM कार्ड जारी करेगा. उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट और सिस्टम में सुधार के शुरुआती चरण को जनवरी 2025 के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा. EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सदस्यों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार है. इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर अधिक कंट्रोल देने के लिए नई सुविधाएं पेश करना है. कबसे निकाल सकेंगे एटीएम से पैसा? नए EPF विड्रॉल दिशा-निर्देशों के साथ कर्मचारियों को जल्द ही ATM कार्ड का उपयोग करके अपनी EPF सेविंग तक तेजी से पहुंचने की क्षमता मिल सकती है. इससे वे फाइनेंशियल इमरजेंसी या अप्रत्याशित खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकेंगे. पिछले महीने श्रम सचिव सुमिता डावरा ने घोषणा की थी कि EPFO के कस्‍टमर्स साल 2025 तक ATM के माध्यम से अपने PF की निकासी कर सकेंगे. डावरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय वर्तमान में ईपीएफओ से संबद्ध भारत के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईटी सेवाओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है. कितना निकाल सकते हैं पैसा? डावरा के अनुसार, सभी सदस्‍य और बीमित व्यक्ति एटीएम के माध्यम से अपने भविष्य निधि (PF) को निकाल सकेंगे. हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाभार्थी के खाते में कुल शेष राशि के 50% तक निकासी सीमित होगी. इसी तरह, ईपीएफओ पेंशन कंट्रीब्‍यूशन में अधिक लचीलापन पेश करने के लिए एक नई योजना लागू करने पर विचार कर रहा है. इस प्रस्ताव के तहत, कर्मचारियों के पास कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में मौजूदा 12 प्रतिशत सीमा से अधिक या कम अंशदान करने का विकल्प होगा. मोबाइल ऐप की भी होगी सुविधा मोबाइल बैंकिंग की तरह ईपीएफ खातों के लिए एक विशेष ऐप भी तैयार हो रहा है जिसके जरिए सदस्य अपने खाते में आने वाले मासिक योगदान, पेंशन फंड से लेकर पूर्व की नौकरियों के कंट्रीब्‍यूशन आदि चीजें देख सकते हैं. इतना ही नहीं वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने पीएफ अकाउंट को मॉनिटर भी कर सकते हैं. अभी कितना है कंट्रीब्‍यूशन? वर्तमान में, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ही कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ते और किसी भी रिटेनिंग भत्ते का 12 प्रतिशत EPF में योगदान करते हैं. कर्मचारी का पूरा योगदान EPF में आवंटित किया जाता है, जबकि नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान EPF में 3.67 प्रतिशत और EPS में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है. इसके अतिरिक्त भारत सरकार 15,000 रुपये से कम कमाने वालों के लिए कर्मचारी पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान देती है.  

PF का पैसा अब ATM से आसानी से निकालें, ट्रांसफर करने का झंझट खत्म, ऑटोमेटिक हो जाएगा ये काम, जानें तरीका

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. प्राइवेट सेक्‍टर्स के कर्मचारियों को रिटायमेंट फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी देने वाला ये सिस्‍टम जल्‍द ही एक बड़े बदलाव के साथ आ सकता है. यह एक ऐसा बदलाव हो सकता है, जो कर्मचारियों की बड़ी परेशानी को खत्‍म कर देगा. दरअसल, खबर आई है कि सरकार EPFO के तहत एक ऐसे सिस्‍टम पर काम कर रही है, जिससे कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के सब्‍सक्राइबर्स पैसों की जरूरत पड़ने पर ATM के जरिए डेबिट कार्ड का उपयोग करते हुए PF का पैसा निकाल सकते हैं. एटीएम से पैसा निकालने की लिमिट भी तय की जाएगी, ताकि आपकी रिटायरमेंट पर भी फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी बनी रहे और इमरजेंसी पर लिक्विडिटी भी रहे. कहा जा रहा है कि यह पहल सरकार की महत्वाकांक्षी EPFO ​​3.0 योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सेवाओं का आधुनिकीकरण करना और ग्राहकों को उनकी बचत पर अधिक कंट्रोल देना है. ज्‍यादा कंट्रीब्‍यूशन पर भी हो रही चर्चा एटीएम निकासी के साथ-साथ, श्रम मंत्रालय कर्मचारी योगदान पर 12% की सीमा को हटाने पर विचार कर रहा है, जिससे कर्मचारी अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप अधिक सेविंग कर सकेंगे. रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सब्सक्राइबर्स को जल्द ही किसी भी समय मौजूदा सीमा से ज़्यादा राशि जमा करने की सुविधा मिल सकती है. जबकि नियोक्ता का योगदान स्थिरता के लिए सैलरी बेस्‍ड रहेगा, कर्मचारियों को अपने अकाउंट्स में पैसे जमा करने की आज़ादी मिल सकती है, जिससे बिना किसी प्रतिबंध के उनकी सेविंग बढ़ सकती है. EPS को लेकर भी हो रहा सुधार इसके अतिरिक्त, सरकार कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) में सुधार पर काम कर रही है. वर्तमान में, नियोक्ता के योगदान का 8.33% EPS-95 को आवंटित किया जाता है. प्रस्तावित परिवर्तनों से कर्मचारियों को सीधे योजना में योगदान करने की अनुमति मिल सकती है, जिससे उन्हें अपने पेंशन लाभ को बढ़ाने में मदद मिलेगी. कब से हो सकता है बड़ा बदलाव? EPFO सिस्‍टम में सीमित पहुंच और लचीलेपन के बारे में लंबे समय से चली आ रही चिंताओं से निपटने के लिए, इन उपायों का उद्देश्य लॉन्‍ग टर्म फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी के साथ तत्काल तरलता आवश्यकताओं को संतुलित करना है. EPFO 3.0 सुधारों की आधिकारिक घोषणा 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, जो भारत के कार्यबल द्वारा अपनी सेविंग के मैनेजमेंट और उपयोग के तरीके में एक परिवर्तनकारी बदलाव कर सकता है. गौरतलब है कि अभी ईपीएफओ प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट फंड जमा करता है. पीएफ अकाउंट के तहत कर्मचारी और नियोक्‍ता दोनों की तरफ से सैलरी का 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन दिया जाता है. फिर सरकार की तरफ से इसपर सालाना ब्‍याज दिया जाता है.  

भ्रष्टाचार के मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, EPFO ऑफिस बद्दी के रीजनल कमिश्नर समेत 3 गिरफ्तार

हिमाचल हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) कार्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रीजनल पीएफ कमिश्नर एनफोर्समैंट ऑफिसर और कंसल्टैंट को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर एक फर्म के पीएफ मामले को निपटाने के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। उक्त आरोपियों ने शिकायतकर्ता की फर्म के पीएफ मामले में अड़चन डालते हुए पैसे न देने पर भारी जुर्माने की धमकी दी। मजबूर होकर फर्म मालिक ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी, जिसके बाद एजैंसी ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पुख्ता सबूतों के बाद की गिरफ्तारी बता दें कि सीबीआई ने 24 नवम्बर को एनफोर्समैंट ऑफिसर मदन लाल और कंसल्टैंट संजय कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान रीजनल कमिश्नर रवि आनंद का नाम भी सामने आया। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद आज को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। सीबीआई द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

ईपीएफओ ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया: डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया है। राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में अपने मुख्य भाषण में डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ की परिवर्तनकारी यात्रा की सराहना की। उन्होंने ईपीएफओ द्वारा अपने सदस्यों के विशाल कोष का प्रबंधन करने को भी सराहा और पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म, शिकायत प्रबंधन के लिए कुशल प्रणाली और सेवा वितरण के सदस्य केंद्रित मॉडल के कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया। डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ कर्मचारियों से संगठन के नारे “हम हैं ना” को अपनाने का आग्रह किया और उन्हें लोगों की सेवा करने के उनके कर्तव्य की प्रतिदिन याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सेवा का पैमाना कर्मचारियों द्वारा जरूरतमंद की समयानुसार मदद होती है। केंद्रीय मंत्री ने सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ईपीएफओ के अधिकारियों और कर्मचारियों से सदस्यों की सेवा में ईमानदारी, समर्पण, सहानुभूति और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “संगठन के भीतर निरंतर कौशल वृद्धि और क्षमता निर्माण के प्रयास उभरती चुनौतियों के अनुकूल होने और सेवा वितरण में सुधार के लिए सर्वोपरि हैं।” इस बीच, ईपीएफओ में योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या 202-2023 में 6.85 करोड़ से 7.6 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 7.37 करोड़ हो गई है, जबकि इस अवधि के दौरान संगठन में योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 6.6 प्रतिशत बढ़कर 7.66 लाख हो गई है। ईपीएफओ ने पिछले वर्ष के 3,390 करोड़ रुपये के इसी आंकड़े की तुलना में बकाया राशि की वसूली में 55.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जो 5,268 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में निपटाए गए दावों की संख्या में भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी समिति ने रिपोर्ट को केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपनाने की सिफारिश की।  

EPFO के करोडो सब्सक्राइबर्स नहीं उठा पाएंगे इस सुविधा फायदा

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कोविड-19 एडवांस फैसिलिटी को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ईपीएफ सदस्यों को नॉन-रिफंडेबल एडवां की सुविधा दी गई थी। इसके बाद महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर 31 मई, 2021 से एक और एडवांस की अनुमति भी दी गई थी। ईपीएफओ ने 12 जून, 2024 को जारी एक सर्कुलर में इस सुविधा को बंद करने की घोषणा की है। उसका कहना है कि अब कोविड-19 महामारी नहीं रह गई है, इसलिए तत्काल प्रभाव से एडवांस फैसिलिटी को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला छूट प्राप्त ट्रस्टों पर भी लागू होगा। निजी क्षेत्र में काम करने वाले वर्कर्स की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफ खातों से पैसे निकालने का प्रावधान पहली बार मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत घोषित किया गया था। जून 2021 में श्रम मंत्रालय ने घोषणा की कि ईपीएफ सदस्य अपने ईपीएफ अकाउंट्स से दूसरा नॉन-रिफंडेबल एडवांस प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले ईपीएफ सदस्यों के लिए केवल वन-टाइम एडवांस की सुविधा थी। ईपीएफओ अपने सदस्यों को तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते या ईपीएफ खाते में उपलब्ध राशि का 75%, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल की अनुमति देता है। हालांकि, सदस्य कम राशि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। मकान, विवाह और शिक्षा से संबंधित एडवांस क्लेम के लिए EPFO ने ऑटो-मोड सेटलमेंट लागू किया है। कोविड एडवांस फैसिलिटी कोविड एडवांस के रूप में ईपीएफ सब्सक्राइबर तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर या अकाउंट में शेष राशि का 75 प्रतिशत तक, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल कर सकते थे। इसके लिए सदस्य या एम्प्लॉयर को कोई प्रमाण पत्र या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं थी। यदि कोई कर्मचारी, उसके माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चे कोविड के कारण बीमार हो जाते तो सदस्य को पैसा निकालने की सुविधा थी। इस प्रकार की ईपीएफ निकासी में कोई लॉक-इन अवधि या न्यूनतम सेवा आवश्यकता नहीं थी। आंकड़ों के मुताबिक कुल 2.2 करोड़ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस सुविधा का लाभ उठाया जो ईपीएफओ के कुल सदस्यों की संख्या का एक तिहाई से ज्यादा है। यह सुविधा 2020-21 में शुरू हुई थी और तीन साल तक रही। इस दौरान पीएफ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस के रूप में 48,075.75 करोड़ रुपये निकाले। ईपीएफओ की ड्राफ्ट एन्युअल रिपोर्ट 2022-23 में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ ने 2020-21 में 17,106.17 करोड़ रुपये वितरित किए जिससे 69.2 लाख सब्सक्राइबर्स को फायदा हुआ। साल 2021-22 में 91.6 लाख सब्सक्राइबर्स ने इस सुविधा का लाभ उठाया और 19,126.29 लाख करोड़ रुपये निकाले।

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