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छात्र बोले- रास्ते में रंग लगाया तो परीक्षा में आएगी दिक्कत, राजस्थान में 4 मार्च को 8वीं-12वीं का पेपर

जयपुर/नौगांवा. इस बार दो दिन के होली, धूलण्डी उत्सव ने न केवल आमजन को असमंजस में डाल रखा है, बल्कि हजारों छात्रों के लिए भी ये दोहरी चुनौती बन गया है। गौरतलब है कि चंद्र ग्रहण और पंचांग गणना के कारण कुछ लोग इस बार धुलंडी 4 मार्च को मना रहे हैं। जबकि होलिका दहन 2 मार्च को होगा। 4 मार्च को राजस्थान बोर्ड की कक्षा 8वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, जिसके कारण परीक्षा दे रहे हजारों छात्रों और अभिभावकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार ने 2 और 3 मार्च को होली/होलिका दहन के अवकाश घोषित किए हैं, लेकिन 4 मार्च को छुट्टी नहीं है। बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च तक चल रही हैं और 4 मार्च को सुबह की पारी में इतिहास, बिजनेस स्टडीज, एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री आदि विषयों के पेपर हैं। इसी दिन कक्षा 8वीं की तृतीय भाषा की भी परीक्षा है। ऐसे में धूलण्डी के दौरान बच्चे किस तर परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा देने पहुंचेंगे। अभिभावकों का कहना है कि धूलण्डी पर चौक, चौराहों पर लोग होली खेल रहे होंगे, ऐसे में परीक्षा देने वाले बच्चों को परीक्षा केन्द्र जाते समय कोई रंग लगा देगा, तो उसकी परीक्षा में व्यवधान पडे़गा। परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग इसे लेकर अभिभावकों और छात्रों में रोष है और विभाग से परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग कर रहे है। शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि त्योहार और बोर्ड परीक्षा के टकराव से छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा शेड्यूल विभाग ओर से तय किया गया है, ऐसे में कोई भी निर्देश विभाग की ओर से मिलेगा तो उसकी पालना की जाएगी। इनका कहना है निदेशालय ओर से परीक्षा कार्यक्रम पूर्व में ही तय किया जा चुका है। विभाग के उच्चाधिकारियों के जो निर्देश होंगे उनकी पालना की जाएगी। ओमप्रकाश, प्राचार्य डाइट अलवर बोर्ड ओर से निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा तिथि में कोई बदलाव के निर्देष उच्चाधिकारियों के मिलेगें तो उसकी पालना की जाएगी। महेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी अलवर

CBSE की चूक: गणित के पेपर कम होने के कारण छात्रों को तीन शिफ्ट में परीक्षा देनी पड़ी

विश्रामपुर मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिससे परीक्षा तीन चरणों में करानी पड़ी। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के 132 और साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर के 51 परीक्षार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय था। पैकेट खोलते ही सामने आई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, बैंक से प्राप्त सीलबंद बंडल खोलने पर पाया गया कि गणित (बेसिक) कोर्स के पैकेट में अधिकांश प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के थे। स्थिति गंभीर होने पर केंद्र प्रभारी विधु शर्मा ने बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया। निर्देश मिलने के बाद अन्य परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने से परीक्षार्थियों को कक्ष में इंतजार करना पड़ा। तीन अलग-अलग चरणों में परीक्षा अंततः प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण सुबह 10:30 बजे, दूसरा 11:15 बजे और तीसरा 12:35 बजे शुरू हुआ। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

CBSE ने बदला एग्जाम पैटर्न: पहले बोर्ड एग्जाम में शामिल होना जरूरी, फिर ही री-एग्जाम का विकल्प

 नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए बड़ा और अहम फैसला लिया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 2026 से लागू होने वाली नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पहली परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या तीन से ज्यादा विषय छोड़ देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगली साल फिर से बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी. पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि 2026 से शुरू हो रही नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में कक्षा 10 के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड को कुछ अनुरोध मिले थे, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा नहीं दे पाएंगे और उन्हें सीधे दूसरी परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। लेकिन बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा. तीन विषयों में अंक सुधारने का मौका नए नियम के अनुसार, सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाएंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट) करने का मौका मिलेगा. छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं. लेकिन अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे छात्रों को ‘Essential Repeat’ श्रेणी में रखा जाएगा. इसका मतलब है कि उन्हें अगली साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (फरवरी) में फिर से परीक्षा देनी होगी.

तैयारी के लिए 20 तक युवा करें आवेदन, प्रतियोगी परीक्षाओ का निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

राजस्थान बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से, शिक्षा विभाग ने बनाई सुचारू संचालन की योजना

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

खरगोन के प्राइवेट स्कूल में बड़ी चूक: 12वीं के 13 छात्र नहीं दे पाए अंग्रेजी का पेपर

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

MP बोर्ड परीक्षा आज से, 16 लाख छात्रों के लिए 3800 सेंटरों पर होगी कड़ी सुरक्षा, शिफ्ट रहेगी सुबह 9 से 12 बजे

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का दौरआज से  शुरू होने जा रहा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। राज्यभर में बनाए गए 3856 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी, जहां नकल रोकने के लिए तकनीक और प्रशासन दोनों का कड़ा पहरा रहेगा।इस बार बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित बनाने पर जोर दिया गया है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होंगी। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तक हर स्तर पर सख्ती की गई है।  10 फरवरी से 12वीं, 13 फरवरी से 10वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज 10 फरवरी से शुरू हो रही , जबकि 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। इस बार करीब 9.07 लाख छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा देंगे। हर जिले में उड़नदस्ते, संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख प्रदेश के हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां CCTV कैमरों के जरिए भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा थानों से प्रश्नपत्र निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर हाल में छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचे। स्कूलों को कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अब बात बच्चों की सेहत की परीक्षाओं की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। 10 फरवरी से 12वीं और 13 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में छात्र घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कम समय में ज्यादा सिलेबस पूरा करने की दौड़ में बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में 104 परीक्षा केंद्र भोपाल में 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए शहर में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।बोर्ड ने पहले ही संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिया है। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह टाइम टेबल हर छात्र और अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। इसके लिए नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। एग्जाम के दौरान सख्त नियम परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक रहेगी। फिजियोथेरेपी सेंटरों में बढ़ी बच्चों की संख्या फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गई है। लगातार 3 से 4 घंटे बिना ब्रेक पढ़ने से गर्दन और कंधों में दर्द, हाथों में झुन्नझुनी, सुन्नपन और कभी-कभी उल्टी जैसा मन होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की संख्या करीब 30 प्रतिशत … Read more

माशिमं का बड़ा फैसला: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फीस बढ़ाई, 5 साल बाद 800 रुपए तय

रायपुर  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने करीब 5 साल बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ा हुआ शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। नए प्रावधान के तहत नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 460 रुपए देने पड़ते थे। बोर्ड परीक्षा के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां आवेदन शुल्क 80 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। हालांकि, प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए पहले की तरह 80 रुपए ही देने होंगे। कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया फैसला 10वीं और 12वीं परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया। समिति ने करीब 22 मदों के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, एक विषय या दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा), स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क समेत अन्य मद शामिल हैं। स्वाध्यायी छात्रों पर भी पड़ेगा असर प्रदेश के स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी लगभग डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। पहले जहां इसके लिए 560 रुपए देने होते थे, अब 800 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, राज्य के नए छात्रों और राज्य से बाहर के छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले यह शुल्क 1,540 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। विषयवार परीक्षा शुल्क में इजाफा एक विषय की परीक्षा: 280 → 400 रुपए दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 → 600 रुपए 2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी गौरतलब है कि, माशिमं ने इससे पहले साल 2021 में बोर्ड परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न शुल्कों में वृद्धि की थी। पांच साल बाद एक बार फिर परीक्षा शुल्क बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।

छोटे बच्चों और अभिभावकों के लिए समस्या: 5वीं-8वीं के परीक्षा केंद्र 5 किमी दूर भेजे गए

भोपाल  प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए प्रदेश भर में लगभग 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षा केंद्र मूल विद्यालय से पांच किलोमीटर दूर के विद्यालयों में बनाए जाने से परीक्षार्थी और अभिभावकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार छोटे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्कूल से कम दूरी पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। राज्य शिक्षा केंद्र ने एक से तीन किमी के अंदर तक केंद्र बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगहों पर केंद्र चार से पांच किलोमीटर दूरी पर बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही हैं। 5वीं व 8वीं की यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पैटर्न पर आयोजित की जा रही है। इसमें सरकारी, निजी स्कूलों तथा मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि वहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है। छोटे बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक समय और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिक दूरी होने से बच्चों की सुरक्षा और समय पर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। निजी स्कूलों को अधिक बनाए गए केंद्र भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर करीब 78 हजार बच्चे शामिल होंगे। इसमें पुराने शहर में जनशिक्षा केंद्र प्रभारी एवं जनशिक्षक के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकासखंड स्रोत समन्वयकों ने सरकारी के बदले निजी स्कूलों को केंद्र बना दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं।  

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी  वाराणसी परीक्षा केवल प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका के बीच घटित होने वाली एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसा समय होता है जब किसी विद्यार्थी का मन, उसका आत्मविश्वास, उसका पारिवारिक परिवेश और पूरा सामाजिक वातावरण—सब मिलकर उसके भविष्य की दिशा तय करते हैं। परीक्षा के दिनों में बच्चे अकेले परीक्षार्थी नहीं होते; सच तो यह है कि उस अवधि में पूरा परिवार और समाज, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, परीक्षार्थी बन जाता है। आज जब बोर्ड परीक्षाएँ समीप आती हैं, तो समाज में अचानक एक विशेष प्रकार की हलचल दिखाई देने लगती है। जगह-जगह मोटिवेशनल भाषण, लंबे-चौड़े वक्तव्य, सोशल मीडिया पर उपदेशात्मक संदेश, सफलता के किस्से और असफलता से डराने वाले उदाहरण—सब कुछ एक साथ बच्चों पर बरसने लगता है। मंशा भले ही अच्छी हो, पर प्रश्न यह है कि क्या यही वह सहयोग है जिसकी एक परीक्षार्थी को सबसे अधिक आवश्यकता होती है? परीक्षार्थी को इस समय सबसे अधिक आवश्यकता होती है—शांति, स्थिरता और अनुकूलता की। विषयवस्तु की तैयारी जितनी महत्त्वपूर्ण है, उतना ही महत्त्वपूर्ण वह मानसिक और भावनात्मक परिवेश है जिसमें वह तैयारी की जा रही है। ज्ञान तभी फलित होता है जब मन शांत हो, जब वातावरण सहयोगी हो और जब परीक्षार्थी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। अक्सर यह देखा जाता है कि परीक्षा के समय घर का वातावरण अनजाने में ही तनावपूर्ण बना दिया जाता है। छोटी-छोटी बातों पर चर्चा, पारिवारिक समस्याओं का अनावश्यक विस्तार, रिश्तों के तनाव, भविष्य को लेकर आशंकाएँ—ये सब बातें उस मन पर अतिरिक्त बोझ डाल देती हैं, जो पहले ही परीक्षा की जिम्मेदारी से भरा होता है। बच्चे इन बातों को व्यक्त नहीं कर पाते, पर भीतर ही भीतर उनका मन विचलित होता चला जाता है। यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी से अधिक अपेक्षा नहीं, बल्कि अधिक समझ की आवश्यकता होती है। उसे बार-बार यह याद दिलाना कि यह परीक्षा जीवन का निर्णायक मोड़ है, उसे और अधिक दबाव में डाल देता है। वास्तव में, परीक्षार्थी स्वयं इस तथ्य से परिचित होता है; उसे इसकी पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि भरोसे की ज़रूरत होती है। परीक्षा के समय समाज और परिवार को कुछ समय के लिए स्वयं परीक्षार्थी बनने की आवश्यकता होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि वे किताबें खोलकर पढ़ने लगें, बल्कि यह कि वे परीक्षार्थी की संवेदनाओं को पढ़ें। वे यह समझने का प्रयास करें कि इस समय कौन-सी बात उसे सशक्त बनाएगी और कौन-सी उसे कमजोर कर देगी। एक सकारात्मक परीक्षा-परिवेश वही होता है जहाँ अनावश्यक हस्तक्षेप न हो। जहाँ बच्चे को अपनी दिनचर्या तय करने की स्वतंत्रता मिले। जहाँ उसकी नींद, भोजन और एकांत का सम्मान किया जाए। जहाँ उससे यह अपेक्षा न की जाए कि वह हर समय प्रसन्न दिखाई दे या हर प्रश्न का उत्तर दे। कई बार परीक्षार्थी को परीक्षा देने के लिए रिश्तेदारों या परिचितों के यहाँ जाना पड़ता है। ऐसे में वहाँ उपस्थित लोगों का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील होना चाहिए। जिज्ञासावश पूछे गए प्रश्न—“तैयारी कैसी है?”, “इस बार कितने प्रतिशत आएँगे?”—अक्सर मन पर अनावश्यक दबाव बना देते हैं। उस समय सबसे बड़ा सहयोग यह होता है कि परीक्षार्थी को सामान्य, सहज और स्वाभाविक वातावरण दिया जाए। यह भी देखा गया है कि कई अत्यंत प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल इसलिए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते क्योंकि परीक्षा के दौरान उनका पारिवारिक या सामाजिक परिवेश असंतुलित रहा। विषय की समझ और परिश्रम के बावजूद, मन की अस्थिरता उनकी क्षमता को सीमित कर देती है। यह एक गंभीर सामाजिक प्रश्न है, जिस पर सामूहिक चिंतन आवश्यक है। परीक्षा के समय जीवन की अन्य समस्याओं को परीक्षार्थी से यथासंभव दूर रखना चाहिए। जीवन में समस्याएँ हमेशा रहेंगी—यह जीवन का स्वभाव है। पर परीक्षा के कुछ सप्ताह ऐसे होते हैं, जब समाज और परिवार को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे उन समस्याओं का भार परीक्षार्थी के कंधों पर न डालें। एक संतुलित परिवार वही है जो परीक्षा के समय विवादों को स्थगित करना जानता है। जहाँ यह समझ हो कि अभी प्राथमिकता क्या है। जहाँ सहयोग शब्दों से नहीं, व्यवहार से दिखाई दे। समाज की भूमिका भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। शिक्षक, पड़ोसी, रिश्तेदार, मित्र—सभी को यह समझना चाहिए कि उनका एक छोटा सा वाक्य भी परीक्षार्थी के मन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। सकारात्मक ऊर्जा वही नहीं होती जो ऊँचे स्वर में प्रेरणा देती है, बल्कि वह भी होती है जो मौन में सुरक्षा का एहसास कराती है। परीक्षा के दौरान समाज को एक सामूहिक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना चाहिए—जहाँ तुलना न हो, उपहास न हो, डर न हो। जहाँ सफलता को सम्मान मिले और असफलता को स्वीकार्यता। यह भी आवश्यक है कि परीक्षार्थी को यह महसूस कराया जाए कि उसका मूल्य केवल परीक्षा परिणाम से निर्धारित नहीं होता। परीक्षा जीवन का एक चरण है, सम्पूर्ण जीवन नहीं। यह भाव यदि ईमानदारी से व्यवहार में उतारा जाए, तो परीक्षार्थी का आत्मविश्वास स्वतः सुदृढ़ होता है। परीक्षा के समय परिवार और समाज का दायित्व केवल समर्थन देना नहीं, बल्कि सही समय पर चुप रहना भी है। यह मौन कई बार सबसे बड़ा सहयोग बन जाता है। यदि हम वास्तव में चाहते हैं कि हमारे बच्चे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, तो हमें उनके लिए एक ऐसा वातावरण बनाना होगा जहाँ वे स्वयं को बोझ नहीं, बल्कि भरोसे से घिरा हुआ महसूस करें। अंततः परीक्षा एक व्यक्तिगत प्रयास है, पर उसकी सफलता सामूहिक संवेदनशीलता पर निर्भर करती है। जिस दिन समाज और परिवार यह समझ लेंगे कि परीक्षा के समय उन्हें भी परीक्षार्थी बनना है—उस दिन न केवल परिणाम बेहतर होंगे, बल्कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अधिक मानवीय और संवेदनशील बन सकेगी। लेखक  डॉ० सदानन्द गुप्ता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वाराणसी

एमपी बोर्ड द्वितीय परीक्षा 10वीं 12वीं प्रवेश हुए जारी, ऐसी रहेगी पूरी व्यवस्था, ये रहेंगे नियम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड की 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। MPBSE ने प्रवेश पत्र mpbse.mponline.gov.in वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। द्वितीय परीक्षा में केवल 65 प्रतिशत छात्रों ने ही आवेदन किया है। परीक्षा 17 जून से 5 जुलाई तक सुबह 9 से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 3.31 लाख विद्यार्थियों ने किया आवेदन किया एमपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा के लिए 3.31 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,जबकि दोनों कक्षाओं में 5.10 लाख विद्यार्थी फेल हुए हैं। यानी द्वितीय परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही शामिल होंगे।  बता दें कि इस साल पहली बार मप्र बोर्ड की पूरक परीक्षा के बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।10वीं की 17 जून से 26 जून तक एवं 12वीं की परीक्षा 17 जून से 05 जुलाई तक सुबह नौ से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा के मुख्य बिंदु 1- प्रदेश भर में 1306 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में करीब 50 केंद्र बनाए गए हैं। 2- इस बार भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम रहेंगे। 3- दोनों परीक्षा का समय सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। 4- विद्यार्थियों को केंद्र पर एक घंटा पहले यानी सुबह 8 बजे तक पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले तक विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। 5- प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्र पर 17 जून से 25 जून के बीच संचालित की जाएगी। इसकी तारीख संबंधित स्कूलों से विद्यार्थियों को मिलेगी परीक्षा कार्यक्रम और समय 10वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 26 जून तक 12वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 5 जुलाई तक प्रायोगिक परीक्षाएं: 17 जून से 26 जून के बीच परीक्षा समय: सुबह 9  बजे से दोपहर 12 बजे तक इन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ – इस विशेष परीक्षा में वे छात्र भी भाग ले सकेंगे जो— – मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे – किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए – देर से पहुंचे और परीक्षा नहीं दे सके – श्रेणी सुधार के इच्छुक हैं  

MP बोर्ड द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की नई तारीखें, अब 25 और 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा के लिये आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 में पास हुए छात्र अंक सुधार और फेल हुए छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई तक आवेदन कर सकते है। वहीं मुख्य परीक्षा में केवल फेल विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिए 31 मई 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक होगी परीक्षा, यहां करें आवेदन एमपी हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। असफल विद्यार्थी 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए 21 मई तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को www.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा और उसमें परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला अगर कोई अपना रिजल्ट का इंप्रूवमेंट करना चाहता है तो वह भी परीक्षा में बैठ सकेगा। देश में मध्य प्रदेश यह प्रयोग करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। ये फैसला नई शिक्षा नीति-2020 (NEP2020) के तहत लिया गया है। परीक्षा का कार्यक्रम     हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी।     हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी। एमपी बोर्ड एग्जाम में इतने प्रतिशत छात्र हुए पास आपको बता दें कि 6 मई को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। इस साल बोर्ड परीक्षा में 15 सालों का रिकॉर्ड टूटा गया। हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में सतना की रहने वाली प्रियल ने टॉप किया। इस वर्ष 10वीं में 76.42 फीसदी, जबकि 12वीं में 74.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए।

17 जून से शुरू होगी परीक्षा, जिले में 17 हजार से ज्यादा विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में हुए थे फेल

 सागर  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने जून में होने वाली बोर्ड की दूसरी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो पहली परीक्षा में रजिस्टर्ड थे। इन छात्रों को उसी स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे उन्होंने पहली परीक्षा के लिए आवेदन किया था। फेल स्टूडेंट इस परीक्षा में शामिल होकर इसमें सफल हो सकते हैं। जिससे उनका साल बर्बाद नहीं होगा। जिले से एमपी बोर्ड की मुख्य परीक्षा में 17 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं फेल हुए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, 10वीं-12वीं कक्षा की पुन: परीक्षा में जो विद्यार्थी शामिल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा की अंकसूची प्रदान नहीं की जाएगी। पुन: परीक्षा का परिणाम आने के बाद ऐसे छात्रों को फाइनल मार्कशीट दी जाएगी। यह परीक्षा प्रदेशभर में 17 जून से शुरु होगी, जबकि बुधवार से पुन: परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरु हो गए हैं। एक या अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहे, वे दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। जो छात्रपास हो चुके हैं, वे भी किसी विषय में अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकेंगे। विद्यार्थी अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन में जाकर पुन: परीक्षा का फार्म भर सकते है। परीक्षा फीस और आवेदन तिथि एक विषय – 500 रुपए दो विषय – एक हजार रुपए तीन/चार विषय – 1500 चार विषय से अधिक-2000 हाईस्कूल में फेल विद्यार्थी – 10380 हॉयरसेकेंडरी में फेल विद्यार्थी – 7994  

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया।

MP हाईकोर्ट का फैसला: अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी: हाईकोर्ट

जबलपुर नर्सिंग फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच में जिन कॉलेजों में छात्रों का प्रवेश नहीं पाया गया था, उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने अपात्र कॉलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने के आदेश दिए। सीबीआई जांच में जिन कॉलेजों में नहीं पाए गए प्रवेशित छात्र लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में आज अपात्र संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता की ओरिजनल फाइलें सरकार की ओर से पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि सभी फाइलों का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। जिसमें तुलनात्मक रूप से यह बताना होगा कि जो कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए उन्हें आखिर किन परिस्थितियों में और किन- किन कमियों के होते हुए भी निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा अनुमतियां दी गई।  बैक डेट पर प्रवेश का आरोप याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर हाईकोर्ट को बताया कि कई कॉलेजों में सीबीआइ जांच के दौरान प्रवेश नहीं पाया गया। लेकिन भविष्य को देखते हुए जैसे ही छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, बिना प्रवेश वाले कॉलेजों में बैक डेट से प्रवेश दिखाकर परीक्षा में बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआइ जांच के दौरान जिन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन मिले थे, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छात्रों के नामांकन उसी रिपोर्ट पर किए जाएंगे और आवश्यकता पडऩे पर सरकार परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू, व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही की घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ में स्कूल और यूनिवर्सिटी के एग्जाम के बाद अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही घोषित कर दी हैं। PAT, PET, PPT, P-MCA, प्री बीएड-डीएड और भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को इन एग्जाम में शामिल होने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे। कैंडिडेट्स के लिए राहत की बात यह है कि सभी इन परीक्षाओं के आवेदन निशुल्क होंगे। सभी इच्छुक उम्मीदवार व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यहां करना होगा आवेदन इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जाएं। इन परीक्षाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने पसंदीदा कोर्स और भर्ती परीक्षा में शामिल होकर लॉगिन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान-     जब आप ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भर रहे हों, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें।     सबसे पहले, अपनी जानकारी सही से भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, और शैक्षिक योग्यता, क्योंकि गलती से फॉर्म रद्द हो सकता है।     फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो) तैयार रखें।     यह सुनिश्चित करें कि फोटो और सिग्नेचर सही साइज में हो। फॉर्म भरने से पहले निर्देश अच्छे से पढ़ लें और अगर फीस भरनी हो तो उसे सही से भरें।     अगर त्रुटि सुधार का समय मिले, तो फॉर्म चेक करके सुधारें।     फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी जानकारी चेक करें, ताकि कोई गलती न हो। परीक्षा केंद्र का चयन भी सही से करें।

5वीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना

 भोपाल  प्रदेश के पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। प्रदेश भर के सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 25 लाख विद्यार्थी परिणाम के इंतजार में है। यह परिणाम 30 मार्च को आना था, लेकिन अब तक 80 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा हुआ है। मूल्यांकन कार्य 24 मार्च तक समाप्त करना था। अब तीन दिन शेष है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य पूरा होना संभव नहीं है। कॉपी जांचने में क्यों हो रहे देरी     वहीं शिक्षक मूल्यांकन केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने का काम नहीं पूरा हो पा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र ने जो समय-सारिणी तय किया था। उसके हिसाब से मार्च के अंत तक पांचवीं व आठवीं का परिणाम आना था, लेकिन अब तक 20 फीसद उत्तरपुस्तिकाओं को जांचना बाकी है।     निजी स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम के चार लाख विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए सरकारी स्कूल में शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इस कारण निजी स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया है।     राजधानी के चार मूल्यांकन केंद्रों पर 834 शिक्षकों को साढ़े तीन लाख उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए लगाया गया है। इसमें पांचवीं की एक लाख 26 हजार और आठवीं की दो लाख पांच हजार उत्तरपुस्तिकाएं हैं। जिनके मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण देरी शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन के बाद अंकों को ऑनलाइन प्रविष्टि करने के कारण रिजल्ट तैयार करने में देरी होगी। शिक्षकों को एक-एक बच्चे का अंक ऑनलाइन भरना पड़ रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण टैबलेट से अंकों को ऑनलाइन भरने में परेशानी हो रही है। मूल्यांकन केंद्र ही नहीं पहुंचे 12 शिक्षक जिले के जहांगीराबाद स्थित शासकीय कन्या उमावि, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित विद्या विहार स्कूल, सरोजिनी नायडू कन्या स्कूल और फंदा ग्रामीण के 25वीं बटालियन स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इसमें करीब 12 शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। इन्हें जिला परियोजना समन्वयक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मध्य प्रदेश में नर्सिंग की परीक्षा एक बार फिर टल गई, मार्च की जगह अब अप्रैल-मई में परीक्षाएं होंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में नर्सिंग की परीक्षा एक बार फिर टल गई है. मार्च की जगह अब अप्रैल-मई में परीक्षाएं होंगी. बीएससी, एमएससी और पीबीबीएससी की होने वाली परीक्षाओं की तारीफ बढ़ दी गई है. 2020-21 और 2021-22 के बैच की परीक्षा 4 साल देरी से हो रही है. 2019-20 बैच के बीएससी नर्सिंग चौथे साल के छात्रों की अब तक परीक्षाएं नहीं हुई है. परीक्षा में देरी होने से नौकरी और इंटर्नशिप पर खतरा मंडरा रहा है नर्सिंग छात्रों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। 2019-20 बैच के बीएससी नर्सिंग चौथे वर्ष की परीक्षाएं अब तक नहीं हुईं। 2020-21 और 2021-22 बैच की परीक्षाएं भी चार साल की देरी से चल रही हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षा न होने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, फिर भी परीक्षाएं लगातार टल रही हैं। छात्रों का आरोप है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा और अगले सत्र की फीस तो ले ली, लेकिन समय पर परीक्षा नहीं कराई। इससे उनका करियर अटक गया है। इंटरर्नशिप और जॉब के मौके भी हाथ से निकल रहे हैं। बता दें कि 4 बार परीक्षाओं की तारीखें बदली गई है। जो परीक्षाएं हो चुकी उसमें से भी आधे अभ्यर्थियों का ही रिजल्ट जारी किया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक बिंदु को ठोस तरीके से लागू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का किस प्रकार से योगदान हो उसकी चिंता की गई है। बढ़ती हुए आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल और आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शैक्षणिक सत्र में 700 नये उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नये ट्रेड एवं जॉब रोल्स शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। वर्तमान में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स चल रहे है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3 हजार से अधिक हो जायेगी। इन कोर्स में उन्नत कृषि को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। डेयरी विकास से जुड़े कोर्स कन्स्ट्रशन ट्रेड अंतर्गत मेशन सहायक, कंस्ट्रशन पेन्टर, असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के जॉब रोल्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। वर्तमान में संचालित कोर्स में कक्षा 9 और 10 में डाटाएंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेकनिशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेलस्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्रायवेट सिक्योरिटी गॉर्ड, फूड एण्ड बेवरीज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फ़ाइनेंस एग्ज़ीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजूकेशन असिस्टेंट विषय प्रमुख है, कक्षा 11 और 12 में जिन कोर्स को प्राथमिकता दी गई है। उनमें जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सौलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीबी, फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख है। 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश में वर्तमान में 2383 विद्यालयों में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा देने के लिये 4 हजार 700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये है।  

बोर्ड परीक्षाओं में आधे विषयों के पर्चे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात नकल प्रकरण ही बने

 ग्वालियर  बोर्ड परीक्षा हो और ग्वालियर चंबल में नकल न हो, ऐसा हो नहीं सकता। पिछले कई सालों से ग्वालियर चंबल क्षेत्र परीक्षाओं में नकल के लिए काफी बदनाम रहा है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं व 12वीं में आधे विषयों के पर्चे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात नकल प्रकरण ही बने हैं और एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया है। पिछले सालों में यह संख्या दो से तीन गुना अधिक हुआ करती थी। संभवत: नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसा मैकेनिज्म बनाया और जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग ने उसे फालो किया, जिसकी वजह से इस बार अंचल में नकल पर नकेल लगी हुई है। अभी तक न तो सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए हैं और न ही प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं ही सामने आई हैं। नकल रोकने के लिए यह अपनाया तरीका फर्जी परीक्षार्थी रोकने क्यूआर कोड ग्वालियर चंबल के भिंड, मुरैना में हर साल फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते थे। लेकिन इस बार दतिया में एक प्रकरण को छोड़कर कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके पीछे प्रवेशपत्र में क्यूआर कोड होना बताया जा रहा है। इस वजह से नकल माफिया परीक्षाओं में साल्वर नहीं बैठा पाया। पेपर लीक मामला हर बार परीक्षा से पहले रात व सुबह प्रश्नपत्र लीक होकर इंटरनेट मीडिया पर आ जाता था और छात्र उसे खरीदते थे। इस बार बोर्ड ने थाने से लेकर केंद्र में पेपर पहुंचने तक व छात्रों तक बंटने तक को एप से ट्रैक किया। ऐसे में पेपर लीक होने की अफवाह तक सामने नहीं आई। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर ग्वालियर चंबल अंचल के जितने भी परीक्षा केंद्र संवदेनशील व अति संवेदनशील थे, उन पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। ऐसे में छात्र भी नकल नहीं ले जा पाए और माफिया भी मनमानी नहीं कर पाए। कलेक्टर प्रतिनिधि की नियुक्ति हर परीक्षा केंद्र पर एक कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। यह प्रतिनिधि थाने से प्रश्नपत्र लेकर लाने से लेकर परीक्षा समय तक केंद्र पर रहता है और व्यवस्थाओं को देखता है। इससे भी परीक्षा केंद्रों से सामूहिक नकल जैसी स्थिति सामने नहीं आई। टीमों का नियमित निरीक्षण शिक्षा विभाग सहित जिला प्रशासन की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों सहित पर्यवेक्षकों में डर बना रहा। नहीं चली संगठित नकल माफिया की अंचल की बोर्ड परीक्षाओं में नकल संगठित माफिया कराता था। यह न केवल फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा में बैठाता था, बल्कि केंद्रों पर सामूहिक नकल भी कराता था। लेकिन इस बार बोर्ड व प्रशासन ने अपने परीक्षा मैकेनिज्म को बदल दिया और नई तरीके सामने लाए। ऐसे में माफिया इस बार अपनी कारगुजारी में सफल नहीं हो पाया। कहां पर कितने बने प्रकरण     ग्वालियर में 1     भिंड में 1     शिवपुरी में 1     मुरैना में 4 प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी     बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसे प्रावधान व नियम किए हैं, जिनकी वजह से परीक्षा के हर कदम पर उसकी नजर है। चाहे प्रश्नपत्र को थाने से केंद्र तक ले जाने की ट्रैकिंग हो या परीक्षा केंद्र पर नजर रखने वाली बात, सभी जगहों पर बोर्ड की नजर है। साथ ही फर्जी परीक्षार्थी की पहचान के लिए प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी दिया गया। साथ ही जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की टीमें भी सतत निगरानी कर रही हैं। इसलिए इस बार नकल पर अंकुश लगा हुआ है। – दीपक पांडेय, संयुक्त संचालक शिक्षा, ग्वालियर  

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि “यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।” यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CBSE का बड़ा बदलाव​, 2026 से साल में दो बार होंगे ​क्लास 10th Board Exam

नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है। https://x.com/DDNewslive/status/1894411333711663172 उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं की दो बार होने वाली परीक्षाओं का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 2026 में होने वाली 10वीं की परीक्षा का पहला राउंड 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा। दूसरे राउंड की बोर्ड परीक्षा 5 मई 2026 से 20 मई 2026 तक चलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय मीटिंग में सीबीएसई को दो बार बोर्ड एग्जाम की स्कीम तैयार करने को कहा था। सीबीएसई ने मंगलवार को ड्राफ्ट पॉलिसी जारी कर दी है, जिस पर 9 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं। खत्म होगी सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा सुझावों के आधार पर पॉलिसी में जरूरी बदलाव भी हो सकते हैं और उसके बाद फाइनल पॉलिसी जारी हो जाएगी। कंपार्टमेंट की परीक्षा अब नहीं होगी। जो छात्र पहले राउंड (सभी पेपर या कुछ पेपर) को क्लियर नहीं कर पाएंगे, उनके लिए मई में दूसरे बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने का मौका रहेगा। CBSE Exams: 34 दिन में पूरे होंगे दोनों राउंड 2026 में जब दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी, तो दोनों राउंड केवल 34 दिनों में पूरे हो जाएंगे। एनबीटी ने अपनी पहले की रिपोर्ट में बताया भी था कि फरवरी और मई 2026 में होने वाली परीक्षा कम दिनों में पूरी की जाएगी। 2025 के मौजूदा सत्र में 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेगी। यानी एक ही परीक्षा में 32 दिनों की समय-सीमा रखी गई है। अब 2026 में पहले राउंड की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 18 दिनों में 6 मार्च तक खत्म हो जाएगी। जबकि दूसरे राउंड की परीक्षा 5 मई से शुरू होकर 16 दिनों में 20 मई को खत्म होगी। इस तरह से दोनों राउंड की परीक्षा केवल 34 दिनों में पूरी हो जाएगी और जल्दी रिजल्ट भी आ जाएगा। दसवीं में सीबीएसई कुल 84 विषयों की परीक्षा आयोजित करेगा और करीब 1,72,90,000 आंसर शीट्स जांची जाएंगी। 2026 की दसवीं की परीक्षा में 26.60 लाख छात्रों की भागीदारी होगी। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होंगे सीबीएसई दसवीं में छात्र लिखित परीक्षा तो दो बार दे सकेंगे, लेकिन प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होगा। अलग-अलग विषयों में होने वाले प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट के जो नंबर मिल जाएंगे, उसे लिखित परीक्षा के बेस्ट स्कोर में जोड़कर रिजल्ट जारी किया जाएगा। कब, कहां मिलेगी सीबीएसई मार्कशीट? पहले राउंड की परीक्षा के बाद कोई पासिंग डॉक्युमेंट जारी नहीं होगा। पहली परीक्षा की परफॉर्मेंस डिजिलॉकर में उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग 11वीं में एडमिशन के लिए किया जा सकेगा। अगर स्टूडेंट दूसरे राउंड की परीक्षा नहीं देना चाहेगा, तो वह डिजिलॉकर के स्कोर के जरिए एडमिशन ले सकेगा। सेकंड राउंड के बाद जो फाइनल रिजल्ट तैयार होगा, उसके बाद ही पासिंग डॉक्युमेंट जारी किए जाएंगे। दोनों राउंड की परीक्षा के बाद ही मेरिट सर्टिफिकेट जारी होगा। पास नहीं होने पर भी 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन पहले राउंड में सीबीएसई क्लास 10 में जो छात्र पांचों विषयों में क्वालीफाई होंगे, उन्हें भी पास घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में भी छात्र को 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन मिल सकेगा। जब छात्र दूसरे सत्र की परीक्षा देगा और क्वालीफाई हो जाता है, तो उस स्थिति में ही उसका एडमिशन कंफर्म माना जाएगा। जो छात्र पहले एग्जाम में क्वालीफाई नहीं होते हैं, उन्हें इंप्रूवमेंट कैटिगरी में रखा जाएगा और वे दूसरे राउंड की परीक्षा के लिए एलिजिबिल होंगे। सीबीएसई ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में कोई स्पेशल एग्जामिनेशन यानी कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में सफल नहीं होता है या कुछ विषयों में सफल नहीं होता है, तो अभी तक उसे जुलाई में कंपार्टमेंट की परीक्षा देने का मौका मिलता था। लेकिन अब मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में उसे बैठने का विकल्प दिया जा रहा है। CBSE 2 Exams: दोनों बार विषय नहीं बदलेंगे ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक छात्र ने जिन विषयों में पहली परीक्षा दी होगी, दूसरे राउंड में भी उन्हीं विषयों की परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। दूसरे राउंड की परीक्षा के दौरान सब्जेक्ट चेंज करने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन यहां पर छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण यह है कि अगर किसी स्टूडेंट ने पहले राउंड की परीक्षा के लिए आईटी सब्जेक्ट चुना है और वह इसे बदलना चाहता है, तो अगर वह पहले राउंड में आईटी की परीक्षा नहीं देता तो सेकंड राउंड में वह आईटी के बदले दूसरा विषय चुन सकता है। लेकिन अगर पहले राउंड में आईटी का पेपर दे दिया तो फिर वह सेकंड राउंड में इस विषय को चेंज नहीं कर सकता। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह सिफारिश की गई है कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया जाएगा। जिसके बाद यह ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की गई है।  

आज से साढ़े 17 लाख विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा शुरू, परीक्षा सेंटर पर रखी गई ‘ईमानदारी की पेटी’

  भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैंं, जो 25 मार्च तक चलेंगी. पहला पेपर हिंदी का है. इस बार 12वीं बोर्ड के लिए 7 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक, बोर्ड परीक्षा का समय सुबह 9 से 11.30 बजे तक रहेगा. सभी छात्रों को 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा. सुबह 8:45 पर परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया जाएगा और प्रश्न पत्र सुबह 8:55 पर वितरित किए जाएंगे. हिंदी के प्रश्न पत्र से हो रही शुरुआत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी की बोर्ड की परीक्षा का पहला पेपर हिंदी का है. यह परीक्षा सुबह 9:00 बजे शुरू होगी जो कि 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी. हाई स्कूल की 27 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा में भी पहला प्रश्न पत्र हिंदी का ही रखा गया है. हायर सेकेंडरी की परीक्षा में 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होंगे जबकि हाई स्कूल की परीक्षा में 10 लाख के आसपास विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़न दस्ते बनाए गए हैं. इसके बावजूद, परीक्षा केंद्रों पर ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी. इस ईमानदारी की पेटी में विद्यार्थी अपने साथ लाई नकल सामग्री को फेंक सकेंगे. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी केंद्र से भी निगरानी रखी जा रही है इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. कैसी है तैयारी – 12वीं बोर्ड में कुल 7 लाख 06 हज़ार 475 छात्र शामिल होंगे – इस साल प्रदेश में 3887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं – ⁠परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रदेश के 11 जिलों के 222 संवेदनशील और 340अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगेंगे – ⁠इसमें 562 केंद्र .संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र होंगे. इसमें ग्वालियर,भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मुरैना के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्र में शामिल हैं – ⁠यदि कोई छात्र परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचता है, तो केंद्राध्यक्ष उचित कारण पूछने के बाद उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेंगे. – ⁠यदि छात्र 8.40 के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं, तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी. – ⁠परीक्षा के दौरान माशिमं की उड़नदस्ता टीमों के अलावा, संयुक्त संचालक (जेडी) और डीईओ की टीमें निरीक्षण करेंगी. – ⁠अगर छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी. – ⁠परीक्षा के दौरान कोई भी शिक्षक और केन्द्राध्यक्ष केन्द्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे, केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा. – ⁠सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. मोबाइल के साथ-साथ सभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित होंगे. – ⁠इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सप्लीमेंट्री कॉपी की व्यवस्था खत्म की है यानी छात्रों को सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं मिलेगी. – ⁠मुख्य उत्तर पुस्तिका में ही क्वेश्चन पेपर सॉल्व करना होगा. यह उत्तर पुस्तिका 32 पेज की होगी.

CBSE Board 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू

नई दिल्ली  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज यानी शनिवार से शुरू हो जाएंगी. परीक्षा सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी. आपको बता दें कि 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 18 मार्च के बीच और 12वीं की 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लगभग 44 लाख छात्र-छात्राओं के सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. पहले दिन 10वीं कक्षा के छात्रों की इंग्लिश कम्युनिकेटिव, लैंग्वेज एंड लिटरेचर की और 12वीं के छात्रों की एंटरप्रेन्योरशिप विषय की परीक्षा होगी. दिल्ली मेट्रो ने किए खास इंतजाम दिल्ली मेट्रो ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 को लेकर एक विशेष घोषणा की है. परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं को मेट्रो स्टेशन पर टिकट लेने और प्रवेश के दौरान फ्रिक्सिंग में प्राथमिकता दी जाएगी. यानी इन दोनों काम में कम समय लिया जाएगा.  15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा चलेगी. इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए  सुगम और परेशानी मुक्त यात्रा को लेकर कुछ सुविधाओं की घोषणा की है. लगभग 3.30 लाख छात्र-छात्राएं और हजारों स्कूल कर्मचारी शहर भर में आवागमन करेंगे. इसलिए DMRC  CISF के साथ साझेदारी कर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू कर रहा है. मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों को जो सुविधाएं मिलेंगी     अपना सीबीएसई एडमिट कार्ड दिखाने पर छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी.     टिकट ऑफिस मशीन (TOM) और कस्टमर केयर (CC) केंद्रों पर टिकट खरीदते समय अपने एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.     डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया. प्रिंसिपलों से बातचीत की और उन्हें नजदीकी मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी.     डीएमआरसी ने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे छात्रों को अपनी यात्रा की प्लानिंग में सहायता करने के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ-साथ नजदीकी मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाएं.     मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए  विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी.     परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची भी डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड की गई है. डीएमआरसी की वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं परीक्षार्थी डीएमआरसी छात्रों से अपनी यात्रा की प्लानिंग पहले से बनाने का आग्रह किया है. साथ  ही सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी है. अधिक अपडेट के लिए, उम्मीदवार डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं. सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन सीबीएसई ने सब्जेक्ट स्पेसिफिक गाइडलाइन जारी की हैं, जिसमें सब्जेक्ट कोड, क्लास स्पेसिफिकेशन, थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए अधिकतम अंक, प्रोजेक्ट वर्क, इंटरनल असेसमेंट और आंसर शीट के फॉर्मेट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने  के लिए स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है. छात्र यहां देख सकते हैं सैंपल क्वेश्चन पेपर्स छात्र सीबीएसई एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल क्वेश्चन पेपर्स देख सकते हैं. ये छात्रों को लेटेस्ट क्वेश्चन फॉर्मेट, मार्किंग और परीक्षा पैटर्न से परिचित कराने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि वे अपनी बोर्ड अपनी बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी कर सकें. सीबीएसई मार्कशीट में जारी रहेंगे ये बदलाव सीबीएसई डिस्टिंक्शन न देने या टॉपर्स की घोषणा न करने की अपनी नीति जारी रखेगा. 2024 की तरह, 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को समग्र डिवीजन, डिस्टिंक्शन या कुल अंकों का का प्रतिशत नहीं मिलेगा.

पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा में 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से आयोजित हो रही है। इस बार हर जनशिक्षा केंद्र के तहत पांच केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र स्कूल से तीन किमी के अंदर ही होंगे और एक केंद्र पर 250 से अधिक विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों में राज्य शिक्षा केंद्र को सूचित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुमति से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इस बार परीक्षा के लिए राज्य व जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। परीक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें निर्देशित किया गया है कि इस बार डिटेंशन पॉलिसी भी लागू होगी। बता दें कि इस बार परीक्षा में सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। डिटेंशन पॉलिसी लागू होगी कक्षा 5वीं व 8वीं की परीक्षा में निर्धारित अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए दो माह बाद पुन: परीक्षा आयोजित होगी। पुन: परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोके जाने (डिटेंशन पालिसी) का प्रविधान होगा। प्रत्येक विषय में लिखित परीक्षा 60 अंक का होगा, जिसमें 33 प्रतिशत यानी 20 अंक लाने होंगे। उससे कम अंक लाने वाले बच्चों को पुन: परीक्षा देनी होगी। इसके बाद भी कोई फेल हो जाता है तो उसे उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। नियमितता व कर्तव्यनिष्ठा पर भी मिलेगी ग्रेड स्कूलों में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थी की उपलब्धि पर स्कूल से ग्रेड दी जाएगी। यह कक्षा शिक्षक देंगे। इसमें नियमितता, समयबद्धता, सहयोग की भावना, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी का आकलन भी होगा। इसके अलावा साहित्यिक, सांस्कृतिक, विज्ञान, सृजनात्मक, खेलकूद पर भी ग्रेडिंग की जाएगी। स्कूलों को ग्रेड व अंक 15 फरवरी तक आनलाइन भरकर राज्य शिक्षा केंद्र को भेजने होंगे। वहीं पांचवीं के परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। इस कारण अतिरिक्त भाषा के प्राप्तांकों को वार्षिक परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा। नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त अगर कोई विद्यार्थी नकल करते या अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा जाएगा तो उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। उसकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करना होगा यह भी निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के दिन जनशिक्षा केंद्र से 45 मिनट पहले केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष की उपस्थिति में प्रश्नपत्रों का बंडल वितरित किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्रों से एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जनशिक्षा केंद्र पर जमा कराना होगा।

परीक्षाओं में इस साल दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या होगी कम, वस्तुनिष्ठ और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या पहले से बढ़ेगी

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल की पांचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और अंक योजना जारी हो गई है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्नों के छोटे-छोटे उत्तर अधिक देने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरो और अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बेहद कम होगी।     मंडल की यह वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक चलेगी।     इस परीक्षा के लिए प्रदेश में 12 हजार केंद्र बनाए गए हैं।     दोनों कक्षाओं के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।     इस सबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।     परीक्षा परिणाम के लिए अधिभार अंक भी निर्धारित कर दिया गया है।     इसके मुताबिक अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अधिभार अंक 20, वार्षिक परीक्षा लिखित अधिभार अंक 60 और वार्षिक परीक्षा प्रोजेक्ट कार्य के लिए अधिभार अंक 20 निर्धारित किए गए हैं।     प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या चार होगी। वहीं पांच बहु विकल्पीय प्रश्न, पांच रिक्त स्थान भरो और छह अति लघुउत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।     लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या भी छह होगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्र तैयार होंगे।     सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूल निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्रों को स्वयं तैयार कराएंगे।     सरकारी स्कूलों में भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत) की राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से पूछे जाएंगे। भोपाल जिले के 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे भोपाल जिले में दोनों कक्षाओं की परीक्षा में करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 विद्यार्थी होंगे। जिले में करीब 250 केंद्र बनाए गए हैं। 33 प्रतिशत से कम अंक लाने पर होंगे फेल प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले परीक्षार्थी को फिर से परीक्षा देनी होगी। उसमें भी पास नहीं हुए तो उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। परीक्षा अंक की योजना     छमाही परीक्षा-अधिभार 20 अंक     वार्षिक परीक्षा(लिखित) – 60 अंक     आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) -20 अंक लिखित परीक्षा के प्रश्नों का पैटर्न ऐसा होगा     बहु विकल्पीय प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     अति लघुउत्तरीय प्रश्न -12 अंक (छह प्रश्न)     लघु उत्तरीय प्रश्न -18 अंक (छह प्रश्न)     दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-20 अंक (चार प्रश्न)  

SSC GD परीक्षा 4 फरवरी से शुरू, एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, देखें लिंक और स्टेप्स

एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (SSC GD Exam 2025) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। कैंडीडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाकर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र की अतिरिक्त कॉपी प्रिन्ट करके रखने की सलाह दी है। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, अभिभावकों का नाम, कैरेगरी, फोटोग्राफ, एप्लीकेशन नंबर, विषय और बारकोड जैसी जानकारी उपलब्ध होती है। इसके अलावा एग्जाम से संबंधित गाइडलाइंस भी मौजूद होती है। परीक्षा केंद्र पर दिशानिर्देशों का अनुपालन जरूरी होता है। कब होगी परीक्षा? एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13, 17, 18, 19, 21 और 25 फरवरी को देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित होगी। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक एग्जाम से 4 दिन पहले प्रवेश पत्र जारी होंगे। वहीं सिटी स्लिप 10 दिन पहले जारी होंगे। कुल 39,481 पदों पर भर्ती होगी।  परीक्षा का पैटर्न एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर पर 2 अंक मिलते हैं। इसमें 4 सेक्शन शामिल होंगे हैं। 0.25 अंक की कटौती होगी। एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित होगा। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाएं।     होमपेज पर Log in/Register के टैब पर क्लिक करें।     लॉग इन मॉड्यूल खुलेगा। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।     होमपेज पर एडमिट कार्ड दिखेगा। इसे अच्छे से चेक करें और डाउनलोड करें।     भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार एडमिट कार्ड का प्रिन्ट आउट निकाल कर अपने पास रख लें।

​संस्कृत शिक्षा विभाग में निकली 3 हजार पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रकिया

जयपुर राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग में 3 हजार से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती करने की प्रकिया शुरू कर दी है। इसके लिए संस्कृत शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना जारी कर दी है। ऐसे में अब बोर्ड जल्द ही भर्ती की विज्ञप्ति जारी करेगी। शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे वक्त से पद रिक्त है। ऐसे में सरकार द्वारा कुल तीन हजार तीन पदों पर भर्ती करने का फैसला किया है। विभाग ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेज दी है। अध्यापक लेवल – 1 और अध्यापक लेवल – 2 के कुल 2759 पद, लाइब्रेरियन के 48 पद और प्रयोगशाला सहायक के 17 पदों पर भर्ती की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- विभाग द्वारा अर्थना भेजी गई है। इसकी लीगल जांच होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पूरा करवाया जाएगा।

हरियाणा बोर्ड परीक्षा की तारीखों का ऐलान, इन टिप्स संग करें जमकर तैयारी

चण्डीगढ़ हरियाणा। हरियाणा बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मैट्रिक और इंटमीडिएट परीक्षाओं 2025 की तारीख से जुड़ा एक आधिकारिक नोटिस वेबसाइट पर जारी किया गया है। साथ ही ये कहा गया है कि सेकेंडरी कक्षा की परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी 2025 से शुरू होने वाला है। ऐसे में आपको परीक्षा के लिए खुद को कैसे तैयार करना है ताकि आप बेहतर मार्क्स पा सकें तो आइए जानते हैं उसके बारे में यहां। सेकेंडरी वार्षिक परीक्षा 2025 का आयोजन 27 फरवरी से लेकर 15 मार्च 2025 तक किया गया है। वहीं, सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं का आयोजन 26 फरवरी से 28 मार्च तक है। इन परीक्षार्थी से जुड़े नोटिस को आप आधिकारिक वेबसाइट https://bseh.org.in/home पर जाकर आराम से देख सकते हैं। ऐसे में अब परीक्षा में ज्यादा वक्त नहीं रहा है तो उससे पहले आपको कई जरूरी चीजों का ध्यान रखना होगा, ताकि आपके एग्जाम अच्छे से जा सकें। परीक्षा देने से पहले जरूरी बातें – परीक्षा से पहले आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इसके जरिए आप तय वक्त में परीक्षा पूरी कर पाएंगे और आपको कई भी प्रश्न नहीं छूट पाएगा। – इसके अलावा आपको अपना टाइम टेबल भी सेट करना होगा। ताकि सभी सब्जेक्ट को आप अच्छे से कवर कर पाएं। ताकि कमजोर सबजेक्ट को कवर करने का टाइम मिल सकें। – परीक्षा के लिए आपको रोजना पढ़ाई करनी होगी। साथ ही रिवीजन करें ताकि अच्छे से हर सबजेक्ट आपके माइंड में क्लियर हो जाए। – सिलेब्स का अच्छे से विश्लेषण करें ले। इससे आपको ये समझ में आ जाएगा कि कौन विषय ज्यादा मार्क्स का आने वाला है और कौन सा कम। – सही से पढ़ाई करने के लिए आपको अच्छा टाइम टेबल बनाना होगा। दिन के हिसाब से आपको किसी एक सबजेक्ट पर पढ़ाई करने होगी ताकि आपका सिलेब्स अच्छे से कवर हो सकें।

UPPSC PCS 2024 प्रीलिम्स एग्जाम स्थगित , 27 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने PCS प्रारंभिक परीक्षा टाल दी है. यह परीक्षा इसी महीने 27 अक्टूबर को होनी थी. मगर, इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि यह परीक्षा अब दिसंबर के बीच में कराई जा सकती है. फिलहाल आयोग की ओर से नई तारीख को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. 18 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक प्रस्तावित है. इसमें परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर चर्चा की जाएगी. आयोग ने इस बैठक में पीसीएस परीक्षा के लिए केंद्र बनाने में आ रही समस्याओं को रखा है. इस बैठक में कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, जिससे परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द कराया जा सके. परीक्षा केंद्रों का चयन बना समस्या पीसीएस परीक्षा को दो दिन आयोजित करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया था. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में ज्ञापन देकर परीक्षा की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की अनिश्चितता के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है. अभ्यर्थियों को तैयारी करने का मिला मौका परीक्षा के लिए अब अभ्यर्थी नए सिरे से अपनी तैयारी कर सकते हैं. एग्जाम की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी. परीक्षा केंद्रों के चयन में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से मिलकर इस पर निर्णय लिया जाएगा. नए केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद आयोग परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा करेगा.

जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी

नई दिल्ली NEET PG की परीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के I4c विंग में बड़ी बैठक हुई . परीक्षा की डेट अनांउसमेंट से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण बताई जा रही है. सायबर सेल के अधिकारियों के साथ ये बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक अब प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ पहले ही तैयार होंगे.  अभी सरकार अलग-अलग एजेंसियों के जरिए यह देख रही है कि कहीं पर किसी भी तरीके से कोई लूप होल्स की या कमी की गुंजाइश तो नहीं है. गृह मंत्रालय, सूचना प्रौद्योग‍िकी मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर इस पूरे मामले की अवलोकन कर रही है. जांच लगभग अंतिम पायदान की स्थिति में है. अब जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी. गौरतलब है क‍ि NEET UG और UGC NET पेपर लीक के बाद, देश में कई बड़ी परीक्षाओं पर भी रोक लगा दी गई थी. 23 जून को पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET PG) 2024 को भी स्थगित कर दिया गया था. राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (National Board of Examination) की ओर से जल्द ही प्रवेश परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के अध्यक्ष अभिजात शेठ ने कहा है कि  एसओपी और प्रोटोकॉल की जल्द से जल्द समीक्षा की जाएगी और परीक्षा की अगली तिथि अगले सप्ताह तक घोषित कर दी जाएगी. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि परीक्षा स्थगित करने से पहले स्थिति और सरकार द्वारा प्राप्त इनपुट का आकलन किया गया. परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था: NBEMS अध्यक्ष अभिजात शेठ ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि जहां तक ​​NEET PG का सवाल है, इस परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था. पिछले सात वर्षों से, हमने अब तक सफलतापूर्वक इसका आयोजन किया है. हाल की घटनाओं के कारण, ऐसा क्या हुआ है कि छात्र समुदायों में इन सभी प्रकार की परीक्षाओं को लेकर बहुत सारी चिंताएं थीं और इसके जवाब में, सरकार ने एक बार फिर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि परीक्षा की पवित्रता और सुरक्षा को बनाए रखा जाना चाहिए.  

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