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आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 करोड़ की शराब पर चलाया रोड रोलर

छतरपुर  आबकारी विभाग द्वारा शहर के महोबा रोड पर स्थित विभागीय वेयर हाउस के बाहर एक्सपायर हो चुकी 1.81 करोड़ कीमत की बियर और शराब का विनष्टीकरण कराया गया। शराब की बोतलों को मैदान में बिछाने के बाद उसके ऊपर रोड रोलर चलाया गया। जिला आबकारी अधिकारी बी.आर. वैद्य ने बताया कि शासन के नियमानुसार समय-समय पर विभाग द्वारा एक्सपायर शराब का विनष्टीकरण कराया जाता है। आज लगभग 4800 पेटी शराब को नष्ट कराया गया है, जिसमें बियर सहित अन्य ब्रांड की शराब शामिल है। उन्होंने बताया कि नष्ट कराई गई बियर पिछले 6 माह से रखी हुई थी जिसका विक्रय नहीं हो सका। चूंकि बियर को 6 माह की अवधि के बाद सेवन के योग्य नहीं माना जाता, इसलिए इसे नष्ट करने का प्रावधान है। इसके अलावा अन्य ब्रांड की शराब भी एक्सपायर हो चुकी थी। विभाग ने संबंधित कपंनियों से संपर्क किया था। कुछ कंपनियों ने शराब की बोतलें वापिस मांगी थी जिनके लिए शराब की बोतलों को खाली कराया गया है, शेष शराब की बोतलों को मैदान में बिछाकर रोड रोलर से नष्ट करा दिया गया है। कार्रवाई के दौरान कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम अखिल राठौर सहित अन्य प्रशासनकि अधिकारी और विभागीय अमला मौजूद रहा।  

आबकारी विभाग को इस बार 12500 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलना तय

भोपाल आबकारी विभाग द्वारा इस साल अपनाई जा रही शराब दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया से लगभग 26% अधिक रेवेन्यू मिला है। रविवार को बिडिंग से मिली दुकानों की नीलामी राशि की तुलना ई टेंडर में आई बोलियों से की गई। रिन्युअल और लाटरी के बाद बची दुकानों की नीलामी के लिए इस बार आबकारी विभाग ने नया फार्मूला तय किया था। ई टेंडर से बोलियां मांगी ई थी। साथ ही एक अन्य विकल्प में ई टेंडर के साथ बिडिंग करके बोली बढ़ाने का विकल्प था, जो शनिवार को हुआ था। इन मूल्यों की तुलना आज सिर्फ ई-टेंडर वाली बोलियों से की गई। जो भी अधिक मूल्य था, उस पर नीलामी कर दी गई। भोपाल, अनूपपुर और बुरहानपुर जैसे शहरों में रिजर्व प्राइस से काफी अधिक रेवेन्यू मिला। रिन्युअल में 5737 करोड़ तो लाटरी की प्रक्रिया में 1572 करोड़ रेवेन्यू मिला था। अभी जो समूह बचे हुए हैं, उनसे लगभग 4700 करोड़ रुपए रेवन्यू मिलना है। 3 जिलों में नीलामी नहीं जबलपुर में 4, राजगढ़ में 2 तो दमोह में 1 समूह ही बना था। इस वजह से नीलामी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, इसलिए अब जबलपुर में 29, राजगढ़ में 5 तो दमोह में 7 समूह बना दिए गए हैं ताकि छोटे ठेकेदार भी नीलामी में भाग ले सकें। 10 मार्च से दोबारा यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी। 13 को बिडिंग और ई-टेंडर एक साथ फाइनल कर लिए जाएंगे। इस साल नीलामी में लगभग 17 हजार करोड़ रेवन्यू मिलने की उम्मीद है।  

शराब कारोबारियों की चिंता में जुटी मोहन सरकार, मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुलाई अहम बैठक

Mohan Sarkar is worried about liquor traders, Minister Jagdish Deora called an important meeting भोपाल ! मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अब अपने खजाने को भरने के लिए शराब कारोबारियों की मदद पर जोर दे रही है। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने शराब कारोबारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें उनसे उनके व्यवसाय में आ रही समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य नई आबकारी नीति के लिए सुझाव लेना और शराब उद्योग को और सशक्त बनाना है। शराब कारोबारियों के लिए विशेष बैठक21 अक्टूबर को भोपाल के पर्यावरण परिसर स्थित एप्को में आयोजित होने वाली इस बैठक में, शराब लाइसेंस धारकों से उनके व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी। आबकारी विभाग के उपायुक्त संदीप शर्मा ने पत्र के जरिए सभी उपायुक्तों को इस बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति तैयार करने से पहले शराब कारोबारियों की राय और समस्याओं को समझना है। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे। शराब कारोबारियों की समस्याओं पर फोकस, आम जनता की समस्याएं नजरअंदाज?इस बैठक में खास बात यह है कि सरकार का ध्यान सिर्फ शराब कारोबारियों की समस्याओं पर है, जबकि आम जनता पर शराब की वजह से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की कोई चर्चा नहीं होगी। मंत्री के एजेंडे में इस बात पर कोई विचार नहीं किया गया है कि शराब की बिक्री से समाज पर क्या असर पड़ता है और आम लोगों की इससे जुड़ी समस्याएं क्या हैं। यह सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि समाज में शराब के कारण बढ़ते अपराध, दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं पर कोई चर्चा प्रस्तावित नहीं है। आबकारी नीति से सरकार का खजाना भरेगा?सरकार के इस कदम से यह साफ जाहिर होता है कि शराब कारोबार को बढ़ावा देकर राज्य का राजस्व बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। पिछले कुछ सालों में शराब से होने वाली आय सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है, और अब इसे और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। शराब कारोबारियों की सहूलियत को प्राथमिकता देकर, यह सवाल उठता है कि क्या सरकार अपने खजाने को भरने के लिए सामाजिक और नैतिक मुद्दों की अनदेखी कर रही है? शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व भले ही राज्य के वित्तीय संकट को कम कर सकता है, लेकिन इससे जुड़े सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर क्या ध्यान दिया जा रहा है? ड्रग माफिया से जुड़े विवादों में मंत्री देवड़ामंत्री जगदीश देवड़ा हाल ही में ड्रग माफिया से जुड़े एक विवाद में भी घिर चुके हैं। भोपाल में एमडी ड्रग के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें एक ड्रग सप्लायर के साथ देवड़ा की तस्वीर सामने आई थी। इस विवाद ने सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े किए थे। अब शराब कारोबारियों के साथ उनकी बैठक को लेकर भी कुछ हलकों में आलोचना हो रही है, क्योंकि इसे नशे के कारोबार को अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन देने वाला कदम माना जा रहा है।

8 ठेकों का लाइसेंस किया आबकारी विभाग ने निरस्त

धमतरी. जिला आबकारी अधिकारी प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि जिले में 27 शराब दुकानों में से 23 शराब दुकानों में आहते खोले गए। 3 स्थानों के शराब दुकान मगरलोड एफएल, अजुर्नी प्रीमियम, सोरिद नवागांव में जगह नहीं होने के कारण अहाता नहीं खोला गया है। जबकि छाती शराब दुकान के अहाता के लिए कोई आवेदन नहीं आया। भखारा कंपोजिट, कुरूद कंपोजिट, कुरूद एफएल, दानीटोला एफएल, धमतरी मेन एफएल तथा रावां, दानीटोला, आमदी कंपोजिट के लाइसेंस को निरस्त किया गया है। ठेकेदारों द्वारा निर्धारित समय पर बकाया राशि जमा नहीं किया गया था।

आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में आ रहा पसीना

Excise department is struggling to sell 16 liquor shops of 6 groups of the district. भोपाल। आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में पसीना आ रहा है। इन्हें बेचने के लिए विभाग ने रिजर्व प्राइस (आरपी) 13 फीसदी कम कर दी है। इधर, शुक्रवार को पांचवें चरण के लिए बुलाए गए ई-टेंडर खोले गए। इसमें से दो समूह की सिर्फ 5 दुकानें आरपी से 11.50 फीसदी कम पर बिकी है। इनमें न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानें आरपी से 9.40 प्रतिशत और झिरनिया समूह की 2 दुकानें 12.70 प्रतिशत कम पर गई है। बचे हुए 4 समूहों की 11 दुकानों के लिए शनिवार को टेंडर जारी किए जाएंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार, न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानों के लिए 5 टेंडर आए थे। इनमें एच-वन आॅफर रिजर्व प्राइस से 9.40 प्रतिशत कम का रहा, जबकि इसी आरपी 31.26 करोड़ निर्धारित की गई थी। इस समूह का ठेका मनीष शिवहरे को मिला है। पहले इस समूह के पास नेहरू नगर की दुकानों का ठेका था। इसी प्रकार झिरनिया समूह की दो दुकानों के सिर्फ टेंडर प्राप्त हुआ जो एच-1 से 12.7 प्रतिशत कम है। इसकी आरपी 7.79 करोड़ रुपए थी। यह ठेका रामस्वरूप (लल्ला) को मिला है। इधर आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दरों पर गई है। मालूम हो कि इस बार आबकारी ने पिछले साल की तुलना में ठेके 15 फीसदी ज्यादा दरों पर निर्धारित किए थे। मालूम हो कि जिले में 35 समूहों की 87 शराब दुकानें है। इनमें से अब 4 समूह को 11 दुकानें बिकने से रह गई है। 31 मार्च तक ये दुकानें नहीं बिकती है, तो आबकारी अमला इन दुकानों से शराब बेचेगा।

खकनार में दबिश देकर आबकारी विभाग की टीम ने 62 हज़ार ₹ की अवैध मदिरा जप्त.

The excise department team seized illicit liquor worth 62,000 INR by conducting a raid in Khaknar. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Burhanpur. बुरहानपुर। कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार एवं ज़िला आबकारी अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन, विक्रय एवं चौर्यनयन के विरुद्ध संयुक्त आबकारी बल द्वारा वृत दक्षिण के ग्राम जामनिया, खकनार में दबिश दी गयी। दबिश के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 7 प्रकरणों में लगभग 45 लीटर हाथ भट्टी मदिरा व महुआ लाहन लगभग 530 किलोग्राम जप्त किया गया। जप्त मदिरा एवं लाहन का बाजार मूल्य लगभग 62 हजार रुपये है। यह कार्यवाही आबकारी उपनिरीक्षक विकास दत्त शर्मा, आबकारी आरक्षक अनिता रावत, सलोनी गौड़, कृष्णपाल गौड़ द्वारा की गई।

शराब दुकानदारो का लोगों व प्रशासन के साथ धोका!

Deception with the people and administration by liquor store owners. Special Correspondent – Sahara Samachaar शराब दुकानदारो द्वारा शराब के दाम मूल्य से ज्यादा की कीमत पर बेंची जा रही है। दामों की गई बढोत्तरी से शराब का सेवन करने वालों के बीच काफी नाराजगी देखी जा रही हैं नाराज़ लोगो का कोर्ट की ओर रुख इसी नाराजगी के चलते सेवन करने वालों लोग की ओर से एक जनहित याचिका भी लगाए जाने की योजना है। मुद्दे को लेकर अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में जाने की बात कही गई है। लोगों का कहना है मदिरा का सेवन करने वाले लोगों का आरोप है कि लायसेंसी शराब दुकान पर रैपर पर लिखे गये मूल्य से ज्यादा की कीमत वसूली जा रही है। मामले में बड़ा खुलासा होने पर कहा गया कि आबकारी पुलिस लगातार सिर्फ कच्ची शराब बनाने वालों पर कार्यवाई कर रही है। 40 रूपये की अवैध वसूली जबलपुर जिले में लायसेंसी शराब दुकानों पर मूल्य से अधिक दामों पर अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। लायसेंसी शराब दुकान के गद्दीदार मदिरा प्रेमियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। अंग्रेजी शराब के एक पाव के 150 रुपये की जगह 190 रुपए लिए जा रहे। दुकान संचालक एक बोतल पर करीब 40 रूपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। यहां के लोग करेंगे शिकायत शहर के धन्वन्तरि नगर, रसल चौक, इंद्रा मार्किट, भेड़ाघाट, बरगी, कुंडम सहित जिले भर में अंग्रेजी शराब दुकान में मूल्य से अधिक दाम में शराब बेची जा रही है। मूल्य से अधिक दामों पर बेची जा रही शराब को लेकर जनहित याचिका लगाई जाएगी। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र निखारे ने मामले को लेकर कहा है कि वह कोर्ट में जनहित याचिका लगाएंगे। अवैध तरीके से ग्राहकों से की जा रही वसूली को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा आबकारी विभाग के पास दुकान संचालकों की शिकायत कीजायेगी। इसी के चलते शराब प्रेमियों का शराब से होता जा रहा मोह भंग. सहारा समाचार -जबलपुर.

दुकानों पर एमआरपी से ज्यादा बेची जा रही शराब, रेट लिस्ट गायब, नियमों कायदे ताक पर, आबकारी विभाग और ठेकेदार मिलीभगत कर लगा रहे है शासन और जनता को चूना.

Alcohol is being sold in shops than the prescribed Maximum Retail Price (MRP), rate lists are missing, regulations are being violated, and there is collusion between the Excise Department and liquor vendors. Special Correspondent – Sahara Samachaar Katni. कटनी । शराब ठेकेदारों और आबकारी विभाग की मनमानी के चलते ग्राहक ठगे जा रहे हैं शराब ठेकेदारों के द्वारा खुलेआम MRP से ज्यादा दाम पर शराब बेची जा रही है लेकिन आबकारी विभाग द्वारा जानकर भी अनजान बनने की कोशिश की जा रही है. फ़ोन करने पर आबकारी विभाग के अधिकारी फ़ोन नहीं उठाते, यदि उठा भी ले तो कार्यवाही का अस्वासन दिया जाता है पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती. इस पूरे खेल से ऐसा प्रतीत होता है की आबकारी विभाग और ठेकेदारों के साठगांठ से करोड़ों रूपए की बंदरबाट हो रही है. कटनी के अंतर्गत आने वाली गर्ग चौराहे और दुर्गा चौक शराब दुकानों में मनमाने दाम में प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत में शराब बेची जा रही है आलम यह है की रिहायशी इलाको में शराब MRP पर ही शराब की बिक्री होती है. लेकिन यदि हम कटनी से बहार किसी भी तहसील या कस्बों में जहाँ आबकारी विभाग ने ठेके आबंटित किये है वह पर शराब को MRP से लगभग २०% से २५% पर शराब के सभी ब्रांडो की बिक्री की जा रही है. आबकारी अधिकारी और ठेकेदारों की मिली भगत से शासन एवं आम जनता को चूना लगाया जा रहा है. बिल मांगने पर ठेके पर बैठे सेल्समेन कहते है की हमारे यहाँ बिल नहीं दिया जाता। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार एक तरफ महंगी शराब तो दूसरी तरफ सरकार के आहता बंद होने के आदेश की भी धज्जियां उड़ाते हुए शराब की दुकान के पास में एक नहीं कई आहते मिल जायेंगे जहा रोजाना जमघट मचा रहता हैं। जानकारी के मुताबिक़ कटनी शहर की हर शराब दुकान के पास आराम से बैठ के पीने खाने की व्यवस्था मिल जाती हैं वही कुछ दुकानें ऐसी भी है जो शहर के मोहल्ले गली में खोली गई है । जिनके सामने रोज भीड़ होती है जिससे लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि इस मनमानी के चलते लोग परेशान हैं सुभाष चौक में शराब दुकान पर सरेआम महंगे रेट पर शराब बेची जा रही है मजे की बात तो यह है कि यहां से जिम्मेदार अधिकारी भी निकालते हैं लेकिन उनको कोई परवाह नहीं है और कुछ कदमों की दूरी पर आबकारी विभाग भी है लेकिन कार्यवाही के नाम पर नतीजा सिफर ही रहता है कई जगह तो सूचना बोर्ड भी गायब हैं जबकि रेट लिस्ट लगाना जरूरी होता है ताकि लोगों को एमआरपी का पता चल सके बताया जाता है कि ज्यादा कोई बात करता है तो शराब बेचने वाली लड़ाई झगड़े में उतारू हो जाते हैं इस वजह से उपभोक्ता नहीं बोलते हैं लेकिन बात चाहे जो हो गड़बड़ झाला हो रहा है.

हेरिटेज मदिरा बनाने में अब पर्यावरण एनओसी नहीं लगेगी.

Heritage liquor production will no longer require Environmental NOC. एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की होटलों और वाइन शॉप में उपलब्ध उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार ने महुआ से निर्मित हेरिटेज मदिरा के उत्पादन के लिये बने नियमों में बदलाव कर दिया है। अब इसके निर्माण के लिये प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एनओसी जमा नहीं कराना होगी। हालांकि आबकारी विभाग ने अपने नियमों में इसका प्रावधान हटा दिया है परन्तु यदि प्रदूषण नियंत्रण मंडल अपने विनियमों में इसका प्रावधान करेगा तो फिर यह एनओसी लेना जरुरी होगा। फिलहाल प्रदेश में अलीराजपुर जिले के ब्लाक कट्ठीवाड़ा के ग्राम कोछा में आदिवासी वर्ग के हनुमान आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा महुआ से हेरिटेज मदिरा का निर्माण किया जा रहा है तथा इससे हेरीटेज को प्रदेश के चुनिंदा एयरपोर्ट, पर्यटन निगम की कतिपय होटलों एवं एमबी वाईन के आउटलेट पर विक्रय के लिये उपलब्ध कराई गई है। डिण्डौरी जिले के ब्लाक अमरपुर के ग्राम भाखानाल में स्थित मां नर्मदा आजीविका स्वसहायता समूह द्वारा अभी हेरीटेज मदिरा का निर्माण शुरु नहीं किया गया है। नये बदलावों के अंतर्गत, अब हेरीटेज मदिरा के विनिर्माता मूल्य, अधिकतम फुटकर मूल्य एवं न्यूनतम विक्रय मूल्य का निर्धारण आबकारी आयुक्त के अनुमोदन से होगा। स्वसहायता समूह में कम से कम 25 सदस्य दसवीं कक्षा अथवा उसके समकक्ष अर्हता रखने वाला प्रावधान अब खत्म कर दिया गया है। हेरीटेज मदिरा निर्माण इकाई में योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ केवल अनुसूचित जनजाति समुदाय का ही हो सकेगा तथा इकाई में केवल अजजा समूदाय के व्यक्यिों से ही समस्त प्रकार की गतिविधियों का संचालन करवाया जायेगा। इसी प्रकार, अब हेरीटेज मदिरा के परिवहन हेतु एक ही अनुज्ञा-पत्र होगा जो भले की विनिर्माण इकाई से गोदाम तक एवं गोदाम से रिटेल दुकान तक किया जाये। पहले अलग-अलग परिवहन अनुज्ञा-पत्रों का प्रावधान था। हेरीटेज मदिरा के परिवहन में 0.25 प्रतिशत की छीजन यानि वेस्टेज (टूट-फूट) दी जायेगी। हेरीटेज मदिरा की फुटकर दुकान चलाने का एचएल-2 लायसेंस 5 हजार रुपये प्रति वर्ष के स्थान पर एक हजार रुपये प्रति वर्ष लगेगा।

अवैध देशी मदिरा के साथ, एक युवक को किया गिरफ्तार.

Youth was arrested with illicit country-made liquor. अशोक मिश्राकटनी, वर्तमान में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है इसके संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के आदेशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केडिया, व नगर पुलिस अधीक्षक ख्याति मिश्रा के निर्देशन में आज दिनांक 16 11 2023 को चौकी प्रभारी निवार उप निरीक्षक गणेश प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा हमराह स्टाफ के मुखविर की सूचना पर ग्राम जरवाही में आरोपी शुभम् शर्मा पिता स्व सुरेन्द्र शर्मा उम्र 25 वर्ष साकिन जरवाही थाना माधवनगर के कब्जे से 150 पाव देशी मदिरा मसाला कीमती 15000 रु की अबैध रूप से कब्जा में रखे मिलने से धारा 34 1 आपकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

करोड़पति आबकारी अधिकारी अलोक खरे पर लोकायुक्त 4 साल से नहीं कर पा रहा कार्रवाई.

Alok Khare; Excise Inspector; Sahara Samachaar; Lokayukt

The Lokayukta has been unable to take action against the millionaire excise officer Alok Khare for the past four years. Udit Narayan सरकार से अभियोजन की लोकायुक्त ने मांगी अनुमति 4 साल पहले अधिकारी के आधा दर्जन के अधिक ठिकानों पर हुई थी छापेमारी, बंगले, फार्महाउस सहित मिली 100 करोड़ से अधिक संपत्तिFour years ago, the Lokayukta sought permission from the government for prosecution. Raids were conducted at more than half a dozen locations associated with the officer, resulting in the discovery of properties worth over 100 crores, including bungalows, farmhouses, and more. भोपाल। मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग के अधिकारी आलोक खरे पर गाज गिर सकती है। 4 साल पहले लोकायुक्त के छापे के दौरान आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई थी। राज्य सरकार से लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति मांगी की है। लोकायुक्त के पत्र के बाद वाणिज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने आलोक खरे की अभियोजन स्वीकृति देने के लिए आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को पत्र लिखा है। लोकायुक्त पुलिस ने 4 साल पहले सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के साथ ठिकानों पर छापेमारी की थी। भोपाल में दो इंदौर में दो और रायसेन में दो छतरपुर में एक साथ छापेमारी की गई। लोकायुक्त ने कार्रवाई के दौरान पाया कि खरे ने आय से अधिक संपत्ति बनाई है। इसके बाद विभाग ने खरे को रीवा जिला आबकारी आयुक्त बनाकर भेज दिया। छापे के बाद जानकारी निकाली कि 100 करोड रुपए से अधिक की संपत्ति पाई गई है। इंदौर के पास इलाके में पेंट हाउस और बंगले का पता चला है। तीन किलो सोना मिलने की भी जानकारी थी। इंदौर में जिस फ्लैट में आलोक खरे रहते थे, उसे पर ताला था। लोकायुक्त टीम ने ताले को भी सील कर दिया था। भोपाल की चूना भट्टी और बाग मुगलिया में दो बड़े बंगले और कोलार में फार्म हाउस की जमीन से जुड़े हुए दस्तावेज मिले थे। इसके अलावा रायसेन में दो फार्म हाउस का भी खुलासा हुआ। खरे ने अपनी पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न में रायसेन में फलों की खेती से आय होना बताया था। फल दिल्ली में बेचे जाते थे, जिसकी वजह से करोड़ों रुपए की आय हुई। सूत्र बताते हैं कि दस्तावेज की जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि ट्रकों से फल दिल्ली भेजने की बात कही गई लेकिन उन नंबरों की जांच करने के बाद आॅटो के नंबर निकाले। फाइल बंद, फिर खुलीसूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त ने डीजी ने आलोक खरे के खिलाफ चल रही फाइल को बंद कर दिया था। इस मामले में लोकायुक्त के चेयरमैन के दखल के बाद हटाए डीजी के खिलाफ सरकार को रिपोर्ट दे दी थी। फिर नए डीजी ने अलोक के मामले की फाइल खोल दी। इस मामले में पूर्व डीजी की कथित इमानदारी पर भी सवाल उठे थे। ईडी भी कर रही जांच- लोकायुक्त पुलिस के अलावा अलोक खरे के खिलाफ ईडी भी जांच कर रही है। इसके लिए बकायदा लोकायुक्त पुलिस के डीजी को पत्र लिखकर जांच की रिपोर्ट देने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि ईडी मनी लाड्रिंग के मामले में कार्रवाई कर सकती है। हालांकि लोकायुक्त को अभियोजन की स्वीकृति का इंतजार है। हैरत की बात है कि खरे को सरकार ने छापेमारी के बाद निलंबित नहीं किया। इसके अलावा उन्हें सिर्फदूसरे जिले में पोस्टिंग दे दी।

पुलिस ने किया अलग अलग स्थानों से दो सौ अवैध शराब जब्त।

Balaghaat; Excise; Sahara Samachaar;

Police seized two hundred illegal liquor bottles from different locations. शरद धानेश्वरबालाघाट। आगामी विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए बालाघाट पुलिस द्वारा आचार संहिता के उपरांत अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है जिसके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कटंगी श्री माणिकमणी कुमावत के निर्देशन में दिनांक 8.11.2023 को थाना प्रभारी तिरोड़ी गेहलोत सेमलिया एवं थाना प्रभारी कटंगी निरीक्षक जयंत मर्सकोले की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम सावरे में दबिश देकर कुल छः आरोपियों के कब्जे से 137 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार धारा 34 (2) से आबकारी अधिनियम के दो प्रकरण एवं धारा 34 (1) आबकारी अधिनियम के चार प्रकरण पंजीबद्ध किया गए हैं तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस वारासिवनी श्री अभिषेक चौधरी के निर्देशन में दिनांक 7.11.2023 को थाना प्रभारी लालबर्रा उप निरीक्षक शिवपूजन मिश्रा के नेतृत्व में थाना टीम द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 34 (2) आबकारी अधिनियम का अपराध पंजीयन किया गया है।

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