LATEST NEWS

FASTag Rule: टोल भुगतान में देरी पर दोगुना जुर्माना, सरकार ने सख्त नियम किए लागू

नई दिल्ली हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने FASTag rules में बदलाव करते हुए नया सख्त नियम लागू किया है। अब अगर टोल प्लाजा पर किसी कारण से FASTag से भुगतान नहीं हो पाता है, तो वाहन मालिक को तय समय में भुगतान करना जरूरी होगा, वरना दोगुना जुर्माना देना पड़ेगा। 72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो देना होगा डबल चार्ज नए नियम के अनुसार, अगर कोई वाहन बिना टोल भुगतान किए बैरियर-फ्री टोल प्लाजा से गुजर जाता है और 72 घंटे के भीतर बकाया राशि नहीं चुकाता, तो उस पर दोगुना शुल्क लगाया जाएगा। यानी अगर आपने समय पर भुगतान नहीं किया, तो आपको मूल टोल से दो गुना रकम चुकानी पड़ेगी। क्यों लाए गए ये नए नियम? सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि बिना भुगतान के टोल पार करने वालों पर रोक लगे और डिजिटल टोल सिस्टम को और मजबूत किया जा सके। नियमों का पालन सुनिश्चित हो। यह बदलाव नेशनल हाईवे फीस नियमों में संशोधन के तहत लागू किया गया है। टोल एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि टोल एजेंसियों पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। अगर किसी उपभोक्ता की शिकायत पर टोल एजेंसी 5 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं करती है तो उस मामले में बकाया टोल की मांग अपने आप खत्म हो जाएगी। यानी अगर गलती एजेंसी की है और समय पर समाधान नहीं हुआ, तो आपको राहत मिल सकती है। क्या है ‘अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क’? संशोधित नियमों में ‘अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क’ को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। यह वह टोल है जो इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली द्वारा वाहन के गुजरने की पुष्टि के बावजूद प्राप्त नहीं होता है। ऐसे मामलों में, पंजीकृत वाहन मालिकों को एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें वाहन का विवरण, टोल पार करने की तारीख और स्थान, और देय राशि की जानकारी होगी। ये नोटिस एसएमएस, ईमेल, मोबाइल ऐप और एक विशेष पोर्टल के माध्यम से भेजे जाएंगे। साथ ही, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को वाहन डेटाबेस ‘वाहन’ से जोड़ा जाएगा, ताकि बकाया राशि वाले वाहनों की आसानी से पहचान की जा सके। FASTag यूजर्स के लिए जरूरी सलाह FASTag में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें। ट्रांजैक्शन अलर्ट चेक करते रहें। कोई समस्या हो तो तुरंत शिकायत दर्ज करें। 72 घंटे के अंदर भुगतान जरूर करें। कुल मिलाकर, सरकार ने टोल वसूली को पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इससे जहां नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी, वहीं सही यूजर्स को भी सुरक्षा और राहत मिलेगी।

अभी खरीद लें FASTag पास! 1 अप्रैल से बढ़ने वाली है कीमत, जेब पर पड़ेगा असर

मुंबई नेशनल हाईवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag एनुअल पास शुरू किया था। इसे 6 महीने के अंदर 50 लाख से ज्यादा यूजर्स ने एक्टिव कराया हैं। इस दौरान 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं। NHAI ने बताया था कि नेशनल हाईवे (NH) नेटवर्क पर होने वाले कुल कार ट्रांजैक्शन में से लगभग 28% अब FASTag एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं, जो नेशनल हाईवे यूजर्स के बीच FASTag एनुअल पास की बढ़ती पसंद को दिखाता है। हालांकि, लोगों की यही पसंद आप उनकी जेब पर थोड़ी सी भारी पड़ेगी। दरअसल, NHAI ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए इस पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपए करने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। अभी इस पास की कीमत 3,000 रुपए है।   यह नई कीमत ‘राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008’ में बताए गए टोल रिवीजन मैकेनिज्म के अनुसार तय की गई है। यही नियम राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क को नियंत्रित करता है। FASTag एनुअल पास नॉन-कमर्शियल व्हीकलके लिए है और इसका इस्तेमाल भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क पर मौजूद लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है। व्हीकल में एक वैलिड FASTag लगा होना जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 56 लाख से ज्यादा वाहन चालक पहले ही इस एनुअल पास प्रोग्राम में अपना रजिस्ट्रेशनकरवा चुके हैं। FASTag एनुअल पास क्या है? सबसे पहले समझते हैं कि FASTag एनुअल पास क्या है? तो ये सालाना टोल पास एक तरह की प्रीपेड टोल स्कीम है, जिसे खास तौर से कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल के लिए तैयार किया गया है। नए पास की घोषणा करते समय नितिन गडकरी ने कहा था कि इसका उद्देश्य 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करना और सिंगल, अफॉर्जेबल लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सरल बनाना है। टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम को कम करके, भीड़भाड़ को कम करके और विवादों को कम करके, वार्षिक पास का उद्देश्य लाखों प्राइवेट व्हीकल ओनर्स के लिए एक फास्ट और आसान यात्रा का अनुभव देना है। खास बात ये है कि इसके लिए लोगों को नया टैग खरीदने के की जरूरत नहीं है, बल्कि ये आपके मौजूदा FASTag से जुड़ जाएगा। इसकी कंडीशन ये है कि आपका मौदूजा FASTag एक्टिव होना चाहिए और आपके व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा हो। यह योजना केवल NHAI और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। इसके लिए बार-बार ऑनलाइन रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह डेली पैसेंजर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह पास नॉन-ट्रांसफरेबल है। इसे सिर्फ रजिस्टर्ड व्हीक के साथ ही इस्तेमला कर पाएंगे। FASTag एनुअल पास कहां काम करेगा? FASTag एनुअल पास केवल NHAI द्वारा ऑपरेटेड राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर स्थित टोल प्लाजा पर ही काम करता है। जैसे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई-नासिक, मुंबई-सूरत और मुंबई-रत्नागिरी मार्ग आदि। राज्य राजमार्गों या नगरपालिका टोल सड़कों पर आपका FASTag सामान्य रूप से काम करेगा और टोल सामान्य रूप से वसूला जाएगा। जैसे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग), अटल सेतु, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे। ये सभी राज्य प्राधिकरणों द्वारा संचालित होते हैं। ऐसे एक्टिवेट करें फास्टैग एनुअल पास FASTag एनुअल पास एक्टिवेट करने को लेकर इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की तरफ एक नोटिफिकेशस जारी किया गया है। IHMCL ने नोटिफिकेशन में इस एनुअल पास से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। साथ ही, फास्टैग के एनुअल पास को एक्टिवेट करने का तरीका भी बताया है। IHMCL के मुताबिक, FASTag एनुअल पास को सिर्फ Rajmargyatra (राज मार्ग यात्रा) मोबाइल ऐप और NHAI पोर्टल पर जाकर ही एक्टिवेट किया जा सकेगा। इस पास को एक्टिवेट करने के लिए कार चालक को पहले अपने व्हीकल और उसके ऊपर लगे FASTag की एलिजिबिलिटी को वेरिफाई करना होगा। एक बार वेरिफिकेशन्स कंप्लीट होने के बाद 3000 रुपए का पमेंट करना होगा। यूजर द्वारा किया गया 3000 रुपए की पेमेंट कंफर्मेशन होने के बाद 2 घंटे के अंदर FASTag एनुअल पास एक्टिवेट हो जाएगा। यह एक्टिवेशन आपके मौजूदा फास्टैग पर ही होगा। FASTag एनुअल पास के लिए आपको न्यू फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है। फास्टैग एनुअल पास पर पेमेंट करने से अगले 1 साल तक या फिर 200 टोल पाल करने तक की वैलिडिटी मिलेगी। 7000 रुपए की बचत होगी इस पास की कीमत 3000 रुपए रखी गई है, जिसमें 200 यात्राएं शामिल हैं। एक यात्रा का मतलब एक बार टोल प्लाजा पार करना है। यानी प्रति टोल खर्च सिर्फ 15 रुपए ही खर्च होंगे। अभी 200 बार टोल पार करने पर करीब 10,000 रुपए खर्च होते हैं, लेकिन नई स्कीम में यह काम सिर्फ 3000 रुपए ही लगेंगे। इसका मतलब है कि पैसेंजर व्हीकल चलाने वालों की करीब 7000 रुपए की सीधी बचत होगी।

छत्तीसगढ़ के हाईवे यात्रियों के लिए एक अप्रैल से महंगा होगा फास्टैग वार्षिक पास

रायपुर  राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को एक अप्रैल से फास्टैग वार्षिक पास के लिए अधिक भुगतान करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया है। यह नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। इसका असर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार शुल्क में यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण नियम 2008 के प्रविधानों के तहत की गई है। लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा फास्टैग वार्षिक पास गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है और इसके जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा मिलती है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और धमतरी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा संचालित हैं। इन मार्गों पर नियमित आवाजाही करने वाले निजी वाहन चालक इस वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। पास लेने के बाद बार-बार टोल भुगतान की जरूरत नहीं होती, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है। 31 मार्च तक पुराने दाम पर मौका जो वाहन चालक नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं, वे 31 मार्च तक 3,000 रुपये में वार्षिक पास खरीद या रिचार्ज करा सकते हैं। एक अप्रैल से नई दर 3,075 रुपये लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक यह वार्षिक पास एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है। पास खरीदने के बाद यह दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए एकमुश्त शुल्क का भुगतान मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। किन वाहनों को मिलेगी सुविधा फास्टैग वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मान्य है। निजी कार और अन्य निजी उपयोग के वाहन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। फास्टैग वार्षिक पास योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की गई थी। देशभर में इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा से जुड़ चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों पर कैशलेस और सुगम यात्रा को बढ़ावा देने में मदद कर रही है। ऐसे होगा पास सक्रिय एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद वार्षिक पास दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। 

FASTag Annual Pass के दाम बढ़े, 1 अप्रैल से नया शुल्क लागू, अब देने होंगे इतने रुपये

नई दिल्ली FASTag Annual Pass New Price: देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. नेशनल हाईवे पर टोल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुरू की गई फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) स्कीम अब थोड़ी महंगी होने जा रही है. सरकार ने फाइनेंशियल ईयर  2026-27 के लिए इस पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल से निजी वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है. इससे पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी. यह पास प्राइवेट कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए लागू होता है। FASTag Annual Pass क्या है बता दें कि, फास्टैग एनुअल पास को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू किया गया था. इसका मकसद हाईवे पर बार-बार टोल भुगतान की परेशानी को कम करना और डिजिटल टोल कलेक्शन को बढ़ावा देना था. इस योजना के तहत अगर किसी प्राइवेट व्हीकल में वैलिड FASTag लगा है तो वह इस पास को ले सकता है. ये एनुअल पास एक्टिव होने के बाद वाहन एक साल तक या फिर अधिकतम 200 ट्रिप्स (जो भी पहले पूरा हो) तक के लिए वैलिड होगा। तेजी से बढ़ रहे हैं यूजर्स सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है. फिलहाल देशभर में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि नेशनल हाईवे पर प्राइवेट कारों से होने वाले करीब 28 प्रतिशत टोल लेन-देन अब इसी एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं. इससे साफ है कि नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच यह योजना काफी पसंद की जा रही है। भारत में FASTag सिस्टम की शुरुआत 2016 में हुई थी और अब यह टोल पेमेंट का मुख्य तरीका बन चुका है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं. इनमें से लगभग 5.9 करोड़ FASTag अभी एक्टिव हैं और देशभर के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. मौजूदा समय में नेशनल हाईवे पर टोल से होने वाली 98 प्रतिशत से ज्यादा कमाई FASTag के जरिए ही हो रही है।

FASTag धोखाधड़ी का खतरा: नकली वेबसाइट व QR कोड से बचने के लिए NHAI की सलाह

 नई दिल्ली देशभर में FASTag (फास्टैग) इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को इन दिनों फर्जी वेबसाइटों और नकली QR (क्यूआर) कोड के जरिये साइबर ठगी का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल टोल भुगतान के बढ़ते चलन का फायदा उठाकर ठग फास्टैग यूजर्स से बैंक और पर्सनल डिटेल्स चुरा रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। असली घटना ने खतरे की गंभीरता कैसे दिखाई? कल्पना कीजिए, आप हाईवे पर ड्राइव कर रहे हैं और अचानक आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है कि आपका फास्टैग बैलेंस कम है या जल्द ब्लॉक होने वाला है। मैसेज में तुरंत रिचार्ज करने के लिए QR कोड स्कैन करने या लिंक खोलने को कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में दिल्ली के एक सेल्स प्रोफेशनल के साथ ऐसा ही हुआ। टोल प्लाजा के पास लगे QR कोड को उन्होंने आधिकारिक समझकर स्कैन किया। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये निकल गए। ऐसे मामले अब देश के कई हिस्सों से सामने आ रहे हैं। FASTag स्कैम काम कैसे करता है? साइबर अपराधी कई तरीकों से लोगों को फंसाते हैं। वे फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जो फास्टैग नोटिफिकेशन जैसे दिखते हैं। इनमें कम बैलेंस, KYC (केवाईसी) अपडेट या सस्ते वार्षिक फास्टैग पास जैसे लालच दिए जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने पर यूज़र को नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली पोर्टल जैसी होती है। वहां FASTag ID, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं। जैसे ही यूज़र ये डिटेल्स डालता है, ठग उसके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। टोल प्लाजा पर भी कैसे हो रही है ठगी? कुछ मामलों में अपराधी टोल प्लाजा के साइनबोर्ड पर फर्जी QR कोड के स्टिकर चिपका देते हैं। ड्राइवर इन्हें असली समझकर स्कैन कर लेते हैं और अनजाने में अपनी निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में डाल देते हैं। FASTag फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? 2025 के आखिर से फास्टैग से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में तेजी देखी गई है। डिजिटल टोल सिस्टम ने जहां सुविधा बढ़ाई है, वहीं ठगों के लिए नए मौके भी पैदा किए हैं। ऐसे मामलों में न सिर्फ पैसे का नुकसान होता है, बल्कि पहचान की चोरी और फास्टैग अकाउंट के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है। फर्जी FASTag वेबसाइट की पहचान कैसे करें? धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका है वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से जांचना। फास्टैग से जुड़ी सेवाएं सिर्फ अधिकृत सरकारी पोर्टल या रजिस्टर्ड बैंक ऐप्स पर ही उपलब्ध होती हैं। नकली वेबसाइट अक्सर नाम में थोड़ा बदलाव, अजीब डोमेन या अतिरिक्त शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। याद रखें, कोई भी आधिकारिक एजेंसी ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी मैसेज या कॉल पर नहीं मांगती। FASTag फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां क्या हैं?     फास्टैग रिचार्ज हमेशा आधिकारिक बैंक ऐप, सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ऐप से ही करें।     OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें।     सार्वजनिक जगहों या अनजान मैसेज से मिले QR कोड स्कैन करने से बचें।     किसी भी मैसेज या लिंक पर कार्रवाई से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।     बैंक और फास्टैग ट्रांजैक्शन के लिए SMS/ईमेल अलर्ट चालू रखें। ठगी का शक हो तो तुरंत क्या करें? अगर आपको लगता है कि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर फास्टैग वॉलेट या अकाउंट ब्लॉक करवाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और स्थानीय पुलिस को सूचना दें। मदद के लिए फास्टैग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  

टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव, प्लाजा पर रुके बिना अपने आप कटेगा टोल टैक्स

नई दिल्ली देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और रोज लाखों वाहन लंबी दूरी तय करते हैं. लेकिन टोल प्लाजा पर रुकना यात्रियों के सफर को स्लो कर देता है. फास्टैग के बाद भी कई जगह कतारें, जाम और समय की बर्बादी आम है. अब इस परेशानी का समाधान नई तकनीक से किया जा रहा है.  देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है. यहां वाहन बिना रुके निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा. इस सिस्टम में हाई रिजोल्यूशन कैमरे, जीपीएस और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. यानी अब टोल देने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और स्मूथ होने जा रहा है. जान लें पूरी खबर. बिना टोल प्लाजा के टोल कलेक्शन नए टोल प्लाजा सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होगा. सड़क पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे. अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं भी है. तब भी नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान हो जाएगी. सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर दर्ज करेगा और वाहन मालिक को ई चालान भेजा जाएगा.  हर लेन में रडार और लिडार आधारित कैमरे 360 डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे. पूरा डेटा कंट्रोल रूम और एनएचएआई सर्वर पर रियल टाइम दर्ज होगा. यानी कोई भी वाहन बिना पेमेंट के नहीं निकल सकेगा. यह टेक्नोलॉजी दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है फास्टैग है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा? अगर आपकी गाड़ी में  फास्टैग लगा है लेकिन उसमें बैलेंस कम है या ब्लैकलिस्टेड है. तब भी सिस्टम उसे पहचान लेगा. ऐसे मामलों में वाहन को डिफॉल्टर के रूप में दर्ज किया जाएगा. वाहन मालिक को एसएमएस और ऐप के जरिए अलर्ट मिलेगा. तय समय के भीतर रिचार्ज न करने पर ई चालान जारी होगा.  जानबूझकर टोल चोरी करने की कोशिश करने वालों पर भी यह सिस्टम नजर रखेगा. कैमरे हर एंगल से रिकॉर्डिंग करते हैं. इसलिए बच निकलना मुश्किल होगा. आने वाले समय में यह बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम देश के बाकी हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है. इससे सफर तेज और आसान हो जाएगा. 

नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान 3000 रुपये में मिलेगा सालभर का FASTag पास

नई दिल्ली केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार 18 जून को बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “हम 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग-आधारित वार्षिक पास पेश कर रहे हैं, जो 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा. एक्टिवेशन की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं तक के लिए वैध – जो भी पहले हो – यह पास विशेष रूप से गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए डिज़ाइन किया गया है. लंबे समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर में एक नई टोल नीति (Toll Policy) लाने की योजना बना रहा है. जिसके तहत देश भर में टोल प्लाजाओं पर यात्रा को सुलभ बनाने के लिए कई नई सुविधाएं दी जाएंगी. इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी अटकलों को खत्म करते हुए आज सोशल नेटवर्किंग साइट ‘X’ के जरिए फास्टैग एनुअल पास को जारी करने का ऐलान किया है. तो आइये जानें कब और कैसे ये पास जारी होगा और इसे प्राप्त करने के लिए यूजर्स को क्या करना होगा.   Annual FASTag Pass:  नितिन गडकरी ने आज सोशल मीडिया के जरिए देश भर में वार्षिक फास्टैग पास (Annual FASTag Pass) को जारी करने की घोषणा की है. इस एनुअल पास के लिए यूजर्स को साल भर में केवल एक बार 3,000 रुपये की रकम खर्च करनी होगी. जिसके बाद ये पास यूजर को जारी कर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि, ये पास एक्टिव होने के बाद 1 साल या 200 यात्राओं (इसमें से जो भी पहले आए) तक के लिए वैलिड रहेगा. यानी यदि समय के पहले 200 ट्रिप्स पूरे हो जाते हैं तो यूजर्स को एक बार फिर से पास रिन्यू करना होगा.  15 अगस्त से मिलेगा एनुअल पास: नितिन गडकरी ने अपने पोस्ट में कहा कि, “एक ऐतिहासिक पहल के तहत, आगामी 15 अगस्त 2025 से 3,000 रुपये की कीमत वाला FASTag बेस्ड वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास एक्टिव होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैलिड रहेगा. ऐसी की महत्वपूर्ण घोषणा एक ऐतिहासिक पहल के तहत, 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला FASTag आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा. यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा. वार्षिक पास के सक्रियण/नवीनीकरण के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी. यह नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को अधोरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. प्रतीक्षा समय घटाकर, भीड़ कम कर और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त कर, वार्षिक पास नीति लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए प्रतिबद्ध है. केवल इन वाहनों को जारी होगा पास:  बता दें कि, यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है. यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के लिए लागू होगा. इसमें व्यवसायिक वाहन शामिल नहीं हैं. कैसे मिलेगा एनुअल फास्टैग पास: सरकार इस एनुअल पास को सभी यूजर्स के लिए सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम कर रही है. इस पास को एक्टिव या रिन्यू कराने के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा. जिसके माध्यम से यूजर्स इस लिंक पर विजिट कर एनुअल पास प्रास्त कर सकेंगे. केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि, यह नई नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को भी संरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. इस वार्षिक फास्टैग पास से कई तरह के लाभ होने की उम्मीद है. इससे यूजर्स को बार-बार फॉस्टैग रिचार्ज करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी. FASTag Annul Pass पर सरसरी नज़र:     15 अगस्त से होगा शुरू     3,000 रुपये होगी पास की कीमत     1 साल या 200 ट्रिप्स के लिए होगा वैलिड     NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स से होगा एक्टिव     केवल प्राइवेट वाहनों के लिए होगा लागू     टोल प्लाजाओं पर वेटिंग होगी कम     टोल प्लाजाओं पर होने वाले विवादों से भी बचा जा सकेगा कम होगा वेटिंग टाइम: FASTag एनुअल पास के जारी होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाओं पर वेटिंग टाइम भी घट जाएगा. इससे भीड़ को कम करने और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त करने में भी मदद मिलेगी. वार्षिक पास पॉलिसी लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा.   पहले ये शिकायतें मिलती थीं पहले कई लोग शिकायत करते थे कि उनके घर के 60 किलोमीटर के दायरे में अगर टोल प्लाजा है, तो उन्हें बार-बार टोल देना पड़ता है. यहां से बार-बार गुजरना उनकी मजबूरी है अब ये वार्षिक पास इस प्रॉब्लम को हल करेगा. अब हर बार टोल देने की जरूरत नहीं.

हाइवे पर जितनी चलेगी गाड़ी उतना ही कटेगा टोल, आ रही नई पॉलिसी पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली आपको भी लॉन्‍ग रूट पर अपनी कार से जाना पसंद है तो यह खबर आपको खुश कर देगी. लंबे इंतजार के बाद सरकार की तरफ से जल्‍द नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) लाने की तैयारी की जा रही है. सरकार की नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) से देशभर के एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे पर सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी. सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी के तहत हर टोल प्‍लाजा पर FASTag और कैमरे लगाए जाएंगे. टोल के चार्ज का पैसा कार माल‍िक के सीधे अकाउंट से काटा जाएगा. जितने किमी की यात्रा, उतना ही टोल टैक्‍स सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी लाने के बाद जितने किलोमीटर की यात्रा की जाएगी, उतना ही टोल टैक्‍स देना होगा. नए सिस्टम में टोल बूथ पर लगे कैमरे हर गाड़ी की नंबर प्लेट को रिकॉर्ड करेंगे और FASTag के जर‍िये टोल का चार्ज काट ल‍िया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि यह नई टोल पॉल‍िसी मौजूदा सिस्टम से क‍िफायती और सुविधाजनक रहेगी. इससे लोगों को टोल प्‍लाजा पर रोजाना होने वाली परेशानियों और लंबी कतार से छुटकारा मिलेगा. टोल में सबसे ज्यादा राजस्व उत्तर प्रदेश ने जुटाया बता दें कि यूपी उन राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के माध्यम से उच्च राजस्व जुटाया है. यह जानकारी संसद में दी गई थी. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि सरकार ने फरवरी 2025 तक उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक 7,060 करोड़ रुपये का ‘टोल’ एकत्र किए, इसके बाद राजस्थान ने 5,967.13 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र ने 5,115.38 करोड़ रुपये टोल एकत्र किए. जानकारी के लिए बता दें कि गडकरी ने उस समय ये बताया था कि सरकार (टोल) ‘पास’ प्रणाली के विवरण पर काम कर रही है। ‘पास’ प्रणाली के विवरण को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इनके कार्यान्वयन के वित्तीय प्रभाव का पता लगाया जा सकता है. एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा था कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सरकार मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है. हाइवे पर आपने क‍ितने क‍िमी का सफर क‍िया? फास्टैग बेस्‍ड क‍िमी टोल पॉलिसी एक नया स‍िस्‍टम है, जिसमें टोल चार्ज को इस बेस पर लिया जाएगा कि आपने हाइवे पर कितने किमी का सफर क‍िया. अभी, टोल प्लाजा पर एक न‍िश्‍च‍ित शुल्क देना पड़ता है चाहे आप पूरा रास्ता यूज करें या नहीं. लेकिन नई पॉलिसी में आप केवल उतने ही किमी के ल‍िये पेमेंट करेंगे, जितना आपने हाइवे पर सफर क‍िया. यह चार्ज आपके फास्टैग अकाउंट से खुद-ब-खुद कट जाएगा. कैसे काम करेगी यह पॉलिसी? जीपीएस का यूज इस सिस्टम में जीपीएस (सैटेलाइट नेविगेशन) टेक्‍न‍िक का प्रयोग होगा. यह आपकी कार के रास्ते को ट्रैक करेगा और उसी के बेस पर टोल चार्ज की कैलकुलेशन की जाएगी. पॉलिसी के तहत टोल प्लाजा को हटाने का लक्ष्‍य है, ताकि आपको ज्‍यादा देर तक रुकना नहीं पड़े और यात्रा तेज व आसान हो. मीडि‍या रिपोर्ट में दावा क‍िया जा रहा है क‍ि एक कार को हर 100 किमी के लिए करीब 50 रुपये देने होंगे. फायदे क्या हैं?   आप केवल उस दूरी के लिए पेमेंट करेंगे, ज‍ितना आपने हाइवे का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा समय और ईंधन की बचत होगी और टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जीपीएस, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और कैमरों के जरिये टोल अपने आप कटेगा.  

बिना रूके एक्सप्रेसवे पर भगा सकेंगे गाड़ी, ₹3000 में सालभर टोल टैक्स की छुट्टी, क्या है नया टोल प्लान

नई दिल्ली देश के टोल बूथ को लेकर सरकार एक बड़ा बदलाव करने वाली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश के राजमार्गों पर टोल पेमेंट का तरीका बदलने वाला है। केंद्र अगले 15 दिनों के अंदर एक नई टोल पॉलिसी पेश करने वाली है। यानी मई से ये पॉलिसी लागू हो सकती है। हालांकि, गडकरी ने अभी इसके बारे में ज्यादा डिटेल नहीं बताई। उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि एक बार नई पॉलिसी लागू होने के बाद टोल के बारे में किसी को शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। इस नए सिस्टम से FASTag का काम भी खत्म हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि नए सिस्टम के लिए फिजिकल टोल बूथ की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, सैटेलाइट ट्रैकिंग और व्हीकल नंबर प्लेट पहचान का उपयोग करके बैंक खातों से टोल ऑटोमैटिक ही पेमेंट कट जाएगा। उन्होंने इवेंट के दौरान कहा कि लंबे समय से लंबित मुंबई-गोवा हाईवे पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इस साल जून तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर कई कठिनाइयां थीं, लेकिन चिंता न करें हम इस जून तक सड़क का 100% काम पूरा कर लेंगे। अब नहीं रुकना पड़ेगा टोल प्लाजा पर नई पॉलिसी लागू होने के बाद जब आप कार से सफर पर निकलेंगे, तो बीच में किसी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। एक बार गाड़ी ने रफ्तार पकड़ी तो सीधा मंज़िल तक पहुंच सकेंगे। 15 दिनों में लागू होगी नई टोल पॉलिसी सरकार अगले 15 दिनों में नई टोल टैक्स पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसके तहत देशभर में टोल सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा। सालभर के लिए मिलेगा एनुअल टोल पास नई पॉलिसी के तहत अब सालभर के लिए टोल पास बनाए जाएंगे। मतलब आपको बार-बार टोल टैक्स नहीं भरना पड़ेगा।     3000 रुपये का एनुअल पास मिलेगा।     एक बार Fastag में रिचार्ज किया और पूरे साल फ्री सफर।     बार-बार रुकने और टोल भरने से छुटकारा। टोल प्लाजा हटेंगे, नया सिस्टम आएगा सरकार की योजना के अनुसार अब देशभर के टोल प्लाजा हटाए जाएंगे। उनकी जगह किलोमीटर बेस्ड चार्जिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यानी जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही टोल देना होगा। बेवजह ज्यादा टोल नहीं भरना पड़ेगा। सैटेलाइट ट्रैकिंग से ऑटोमैटिक टोल कटेगा नए सिस्टम में सैटेलाइट ट्रैकिंग का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को सैटेलाइट से स्कैन किया जाएगा। टोल अपने आप कट जाएगा। मैनुअल टोल बूथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाइफटाइम टोल पास पर भी विचार     मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार नई कारों के लिए लाइफटाइम टोल पास देने पर भी विचार कर रही है।     30,000 रुपये में 15 साल तक फ्री सफर की सुविधा।     हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। नितिन गडकरी का ऐलान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 14 अप्रैल 2025 को एक इवेंट में कहा कि जल्द ही देश से फिजिकल टोल बूथ खत्म हो जाएंगे। टोल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक होगा। इससे देशभर में बिना रुकावट यात्रा करना आसान हो जाएगा। समय और पैसे दोनों की बचत इस नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। टोल भरने का झंझट खत्म होगा। ट्रैफिक कम होगा। पैसे और समय दोनों की बचत होगी। एक बार हाईवे पूरा हो जाने पर, यात्रा का समय कम हो जाएगा और कोंकण क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने स्वीकार किया कि भूमि विवाद, कानूनी चुनौतियों और आंतरिक पारिवारिक झगड़ों के कारण परियोजना में कई सालों तक देरी हुई। उन्होंने बताया कि भाइयों के बीच झगड़े थे, अदालतों में मामले थे और भूमि के लिए मुआवजा देने में अंतहीन जटिलताएं थीं। लेकिन अब वे मुद्दे सुलझ गए हैं और मुंबई-गोवा राजमार्ग पर काम ने गति पकड़ ली है। गडकरी ने यह भी कहा कि उन्हें भारत के सड़क बुनियादी ढांचे के फ्यूचर को लेकर पूरा भरोसा है। अगले दो सालों में भारत का सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से बेहतर होगा। उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा जैसे कुछ राजमार्ग अभी भी गंभीर मुद्दों का सामना कर रहे हैं। गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा (हाईवे) हमारे विभाग के ब्लैक स्पॉट में से हैं। इनके साथ कई कठिनाइयां आती हैं। अगर वो कोंकण के बारे में सच बोलें तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। क्या है नया GPS टोलिंग सिस्टम? देश में सड़कों के निर्माण के साथ टोल बूथ की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में सरकार बूथों को समाप्त करने GPS बेस्ड टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के फास्टैग सिस्मट को रिप्लेस करने वाली है। टोल बूथ का निर्माण से इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट बढ़ जाती है। इससे टोल कलेक्शन की लागत में भी बढ़ोतरी होती है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सरकार नया टोलिंग सिस्टम लाने वाली है। इस सिस्टम में GPS की मदद से सीधे ड्राइवर या व्हीकल ओनर के बैंक अकाउंट से टोल की राशि काटी जाएगी। व्हीकल की निगरानी GPS के माध्यम से होगी। तय किए गए मार्जिन और समय के आधार पर टोल की राशि कैलकुलेट की जाएगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88