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दिल्ली के पालम में भयंकर आग, 8 लोग जिंदा जल गए; बिल्डिंग में कैसे फैली थी आग?

नई दिल्ली  इंदौर के बाद आज दिल्ली में आग ने कोहराम मचाया है. दिल्ली में आज सुबह अग्निकांड ने कई जिंदगियां लील लीं. दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 6-7 बजे की है. करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने व राहत कार्य में जुटीं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। दमकल सेवा के मुताबिक, पालम मेट्रो स्टेशन के पास की गली नंबर 2 में मौजूद बिल्डिंग के एक घर में आग लगने की कॉल मिली थी. इसमें कुछ लोग फसने की आशंका भी थी. दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है. परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं. राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इसके बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं. ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं. रविवार सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी. जब बिल्डिंग में आग लगी तब राजेंद्र कश्यप घर पर नहीं थे. इस बिल्डिंग के ऊपर वाले फ्लोर में ही उनका परिवार रहता है। दिल्ली आग पर अधिकारी ने क्या कहा? अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, और दो अन्य घायल हो गए.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पालम में आग कैसे लगी? बताया गया कि आज यानी बुधवार की सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी थी. आग लगते ही हड़कंप मच गया. आग देखते ही घबरा कर परिवार के कई लोग ऊपर से कूद गए. लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फस गए. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी. आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे. फिलहाल, इस घटना में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. मरने वालों में 3 बच्चे हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. आग की लपटों से बचने की हताश कोशिश में दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहां आग लगी? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं, साथ ही छत पर एक अस्थायी टिन का शेड भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक्स के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का इस्तेमाल रहने के लिए किया जाता था। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव और सुरक्षा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके को घेर लिया है. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा के लिए सेंट्रलइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) की एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाना और इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। यह घटना उसी दिन हुई, जब इससे पहले मध्य प्रदेश में भी एक और भीषण आग लगने की खबर आई थी. इंदौर में भी आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी. यह आग तब लगी, जब इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग से लगाया गया था. सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी और घर में धमाका हुआ।

रातों-रात इंदौर में हुआ भयावह हादसा, आग में जलकर 8 की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंदौर  इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र के छोटा राजवाड़ा के पास प्रीति नगर में एक घर में भीषण आग लई। इस हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में आग लगने के बाद वह फैलते हुए पूरे घर को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर से अभी तक 8 लाशें निकाली गई हैं। एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जानकारी दी है। इंदौर शहर के छोटा राजवाड़ा क्षेत्र स्थित प्रीति नगर में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तिलक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस हादसे में एक कार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। कार में लगी आग तेजी से फैलती हुई पूरे घर तक पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में मकान धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। कैसे लगी आग दरअसल, पुगलिया परिवार में यह लाशें बिछी हैं. इस परिवार ने घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया था. मंगलवार रात से ईवी की चार्जिंग चल रही थी. चार्ज में लगाकर सभी सो गए थे. अचानक बुधवार तड़के तीन-चार बजे के आसपास चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया. इलेक्ट्रिक कार तुरंत आग का गोला बन गई. आग तेजी से घर की ओर फैल गई और घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद जो धमाके हुए, उसका शोर पूरे इंदौर शहर में सुनाई दिया। कैसे धमाकों से दहला इंदौर जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे। 8 लोग जिंदा जलकर मरे बहरहाल, इस हादसे में अब तक 8  लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है। प्रशासन मौके पर मौजूद इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर का विस्फोट मुख्य कारण लग रहा है. इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में भी आग लगने की आशंका जताई जा रही है. पूरे मामले की जांच चल रही है. इंदौर के लोग इस हादसे से काफी सदमे में हैं।

ओडिशा में अस्पताल में आग लगी, ICU में भर्ती 10 मरीजों की जान चली गई

 भुवनेश्वर ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में स्थित ट्रॉमा केयर ICU में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत की खबर है। सोमवार सुबह करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर आग लगी. कुछ ही मिनटों में पूरी ICU वार्ड में धुआं भर गया. उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। अस्पताल के कर्मचारी और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि, कई नाजुक हालत वाले मरीज धुएं और आग की तेज लपटों की चपेट में आ गए। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जो मरीज बच गए और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत ‘न्यू मेडिसिन ICU’ में शिफ्ट किया गया ताकि उनका इलाज जारी रह सके. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई। मुख्यमंत्री ने लिया जायजा हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.  मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी भी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे। हादसे में 10 लोगों की मौत मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, ‘उस वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे. बचाव अभियान से पहले ही वार्ड के अंदर 7 लोगों की मौत हो गई. बचाए जाने के बाद 3 लोगों की मौत चोटों और धुएं के कारण हुई. कुल मिलाकर 10 लोगों की मौत हुई. कम से कम पांच मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज करा रहे अस्पताल के दो कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएम ने मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा भी की. कैसे लगी आग? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ICU के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी होगी. सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच में ये भी पता लगाया जाएगा कि क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल के पालन में कोई लापरवाही बरती गई थी।

नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

नोएडा  नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो। शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में आग लगने से मचा हंगामा, यात्री दहशत में

 नागपुर नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन में आग लग गई। जीटी एक्सप्रेस ( ट्रेन नंबर 12616) के स्लीपर कोच में मंगलवार दोपहर आग लग गई। यह घटना सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन में सिंधी और तुलजापुर स्टेशनों के बीच हुई। ट्रेन चल रही थी तभी SLR कोच से धुआं निकलता देखा गया. धुआं देखते ही ट्रेन को सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और किसी को चोट नहीं आई है। रेलवे स्टाफ ने तेजी से कार्य करते हुए प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने शुरुआती तौर पर कोच में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी मामले की आगे जांच कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रेन 12616 नई दिल्ली-चेन्नई (तंबरम) ग्रांट ट्रंक एक्सप्रेस सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। वर्धा के सिंधी रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय सुबह 11:09 बजे ट्रेन के आखिरी गार्ड कोच में धुआं देखा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को सिंधी-तुलजापुर खंड पर रोक दिया गया, प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया गया और दमकल कर्मियों को बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन और उस डिब्बे में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. विस्तृत जांच के बाद आग लगने का कारण पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रभावित डिब्बे के बिना ट्रेन कुछ समय बाद रवाना होगी।

कपड़ा दुकान बनी आग का शिकार, लाखों का सामान स्वाहा

सरगुजा बतौली थाना क्षेत्र के शांतिपारा स्थित ‘अमित क्लॉथ’ नामक दुकान में देर रात भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और कीमती सामान जलकर खाक हो गया. स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल दमकल की टीम और बतौली पुलिस मौके पर पहुँची, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. दुकानदार के अनुसार इस अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. गनीमत रही कि दमकल की सक्रियता से आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी इलाके में फैलने से पहले ही बुझा ली गई.

राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा: द्वारका के एक अपार्टमेंट की 7वीं मंजिल पर लगी भीषण आग, पिता और दो बच्चों की गई जान

नई दिल्ली  दिल्ली में एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई. द्वारका सेक्टर-13 स्थित मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ‘सबद अपार्टमेंट’ में आज (10 जून) सुबह एक फ्लैट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया. आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में लगी. इस दौरान एक 2 बच्चों के साथ एक पिता ने बिल्डिंग से जान बचाने के लिए छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई. इससे पहले दमकल विभाग को सुबह 10 बजकर 01 मिनट पर आग की कॉल की गई, जिसके तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें अपार्टमेंट की बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर धू-धू कर आग जलते देखा जा सकता है. दमकल विभाग ने दी ये जानकारी दमकल विभाग ने मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और 8 फायर टेंडरों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुट गए. दमकल विभाग ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और मौके पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. दमकल विभाग ने किसी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की. बाकी विवरण और आग के कारणों की जानकारी के लिए फायर डिपार्टमेंट द्वारा आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है. मौके पर राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है. बता दें कि द्वारका में स्थित ‘सबद अपार्टमेंट’ में आग लगी, जो एमआरवी स्कूल के पास स्थित है. इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में घबराहट पैदा कर दी. जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें रहने वाले तमाम लोगों ने यह आरोप लगाया कि अपार्टमेंट की कमेटी के लोगों को जब इसकी जानकारी दी गई, तो उनकी तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया. इस पूरे मामले में लापरवाही बरती गई. शब्द अपार्टमेंट में आग से हड़कंप दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। पारा लगातार ऊपर जा रहा। हीटवेव का अलर्ट है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच दिल्ली के द्वारका में शब्द अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। ये आग कितनी भयावह है ये तस्वीरों को देखकर समझा जा सकता है। अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल पर लगी आग से तेजी से फैल रही। इसने नीचे के फ्लोर को भी कब्जे में ले लिया। बिल्डिंग से तीन लोगों के नीचे गिरने की खबर द्वारका के इस अपार्टमेंट आग की भयावहता से लोगों में हड़कंप मच गया। एक फ्लोर पर कई लोग फंसे हैं और बचाव के लिए चिल्लाते नजर आ रहे हैं। इस बीच दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। अपार्टमेंट फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि तीन लोग बिल्डिंग से नीचे गिरे हैं। आग बुझाने में जुटी दमकल टीम ऐसी आशंका जताई जा रही कि बिल्डिंग से बाहर निकलने के चक्कर में ये लोग बालकनी से नीचे उतरने की कोशिश में गिर गए। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। आग बुझाने की कवायद जारी है।

आगरा के अस्पताल में भीषण आग, NICU में भरा धुआं, 9 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा के पुष्पांजलि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। आग अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में लगी थी। आग लगने से अस्पताल में भगदड़ मच गई। वार्ड में 9 बच्चे भर्ती थे। सुरक्षा गार्डों ने बच्चों को निकाला और दूसरे वार्ड में भी शिफ्ट किया। इस दौरान कई गार्ड झुलस गए। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। अस्पताल में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम से आग बुझाई गई। करीब एक घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक अस्पताल का एनआईसीयू वार्ड पूरी तरह से खाक हो चुका था। वहीं, आग का धुआं दूसरे वार्ड में भी भर गया। धुआं भर जाने से लोगों को सांस लेने में मुश्किलें हो गईं। अस्पताल स्टाफ और दमकल कर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। थाना हरिपर्वत क्षेत्र के देहली गेट पर पुष्पांजलि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। फायर ब्रिगेड संजय प्लेस ऑफिस के प्रभारी फायर ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि सुबह करीब 6:40 पर उन्हें सूचना मिली। तत्काल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। अस्पताल के फोर्थ फ्लोर बने एनआईसीयू वार्ड में आग लगी थी। ये वार्ड काफी दिनों से बंद था। आग लगने से बगल में बने दूसरे एनआईसीयू में धुआं भर गया, जिसमें 5 और बगल के एक अन्य वार्ड में 4 बच्चे भर्ती थे। फायर ब्रिगेड और अस्पताल के कर्मचारियों ने आनन-फानन में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया, जिसमें अस्पताल के कई गार्ड झुलस गए। फायर सेफ्टी सिस्टम ने बचाई 9 बच्चों की जान फायर ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि आग लगने से बगल में बने एक अन्य वार्ड एनआईसीयू में धुआं भर गया, जिसमें बच्चे भर्ती थे। अस्पताल में पहले से ही फायर सेफ्टी सिस्टम लगा हुआ था। अस्पताल में लगी आग को फैलने नहीं दिया। फायर सेफ्टी सिस्टम से ही आग पर काबू पा लिया गया। अगर फायर सेफ्टी सिस्टम ठीक नहीं होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी सिस्टम ने न सिर्फ अस्पताल में भर्ती नौ बच्चों की जान बचाई, बल्कि एक बड़ा अग्निकांड होने से बचा लिया। हालांकि, आग लगने से बंद पड़ा एनआईसीयू वार्ड पूरी तरह से जल गया है। करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने फायर ब्रिगेड के गाड़ी का भी इस्तेमाल नहीं किया था।

नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत, तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख

छतरपुर पराली जलाना जमीन के साथ साथ किसान के परिवार के लिए भी घातक साबित हो रहा है। ताजा मामला में छतरपुर के खेतों में आग लग गई। इस आग का अंजाम बुरा हुआ। नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दो गांवों के तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख हो गए। शाम को छतरपुर जिले के रामटोरिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई। मध्य प्रदेश में फसल अवशेष जलाने के मामले देश में सबसे ज्यादा हैं। यहां पंजाब और हरियाणा से भी ज्यादा पराली जलाई जाती है। आग लगने से दो बच्चे भी घायल हो गए, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं। आग ने गांवों को चपेट में लिया खेतों में पराली जलाने से उठी आग ने छल्ला और माजरा चिरोला गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। माजरा चिरोला में लगभग 30 घर और छल्ला में 10 से 15 घर क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने की वजह से इलाके में खड़ी फसल भी जल गई। दमकल गाड़ियों ने लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया गया है। तेज हवाओं ने आग को फैलाया अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि कटाई के बाद घरों में रखा गेहूं और कृषि उपकरण भी जल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पराली जलाने में एमपी आगे सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि मध्य प्रदेश फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण में सबसे आगे है। इसके बाद राज्य सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगा दी है। सरकार ने किसानों को ऐसा करने से रोकने के लिए यह भी कहा है कि एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का कोई लाभ नहीं मिलेगा। नरवाई जलाना पर्यावरण के लिए भी बुरा पराली जलाने से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। इससे निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना देता है। सांस लेने में तकलीफ होती है और कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। सरकार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही है। उन्हें पराली का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पराली कई तरह उपयोगी सरकार किसानों को पराली से खाद बनाने और उसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कह रही है। इससे किसानों को भी फायदा होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता भी कम हो जाती है। इसलिए, किसानों को पराली जलाने से बचना चाहिए।

कानपुर में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत

कानपुर  कानपुर के चमनगंज इलाके में रविवार रात एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बचाव कार्य में दमकल की एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां लगी रहीं और 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने सोमवार सुबह बताया कि आग बुझाने का काम सुबह 5:30 बजे तक चला। इसके बाद तलाशी अभियान में 5 लोगों को निकाला गया। सभी को अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आग बुझाने के लिए SDRF को भी बुलाया गया था। आग रात 8 बजे लगी थी। पुलिस के अनुसार, आग गांधी नगर में स्थित एक इमारत में लगी। इमारत में नीचे जूते का कारखाना था और ऊपर के मंजिलों पर परिवार रहता था। शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि आग लगने के बाद दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने पहले तीन लोगों के फंसे होने की बात कही थी, लेकिन बाद में पता चला कि इमारत में फंसे सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। डीसीपी ने कहा था कि मेडिकल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं थीं। आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उसे काबू करने में काफी समय लग गया। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लखनऊ से एसडीआरएफ की एक टीम को भी बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए भेजने का आदेश दिया।

अजमेर में बड़ा हदसा होटल में आग, बच्चे सहित चार जिंदा जले: मां ने मासूम को खिड़की से फेंका

अजमेर  शहर के डिग्गी बाजार इलाके के एक होटल में अलसुबह भीषण आग लग गई. इस हादसे में 4 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई है. डिग्गी बाजार स्थित नाज होटल में सुबह करीब 8 बजे आग लगी. देखते ही देखते आग होटल की 5वीं मंजिल तक पहुंच गई, जिससे लोगों को होटल से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. इस दौरान एक मां ने अपने बच्चे को आग से बचाने के लिए होटल की खिड़की से नीचे फेंक दिया. होटल में बड़ी संख्या में जायरीन ठहरे हुए थे. कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई. अजमेर पुलिस रेंज में डीआईजी ओम प्रकाश ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद ही तत्काल प्रशासन और पुलिस की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया. इसमें दमकल और नागरिक सुरक्षा से जुड़े हुए जवान भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि होटल से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस प्रयास में रेस्क्यू टीम में शामिल दो-तीन लोगों को धुएं के कारण घबराहट हुई है और उनकी तबीयत बिगड़ी है, जिन्हें जेएलएन अस्पताल भेजा गया है. पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने खंगाला होटल : अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु में बताया कि आग में झुलसने और धुएं में दम घुटने के कारण चार लोगों की मौत हुई है. इनमें एक बच्चा शामिल है. वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. प्रशासन का प्रयास है कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए. होटल की पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने चेक कर लिया है अब होटल में कोई नहीं है. मृतकों में 40 वर्षीय दिल्ली के मोती नगर निवासी मोहम्मद जाहिद, 20 वर्षीय युवक, 40 वर्षीय व्यक्ति, 30 वर्षीय महिला और एक बच्चा शामिल है. वहीं, घायलों में कृष्ण, अलका, धवन और इब्राहिम हैं. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी 4 की मौत : अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अनिल सामरिया के मुताबिक झुलसने के बाद इलाज के लिए आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से एक महिला, दो पुरुष और एक बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर है. अजमेर फायर अधिकारी जगदीश प्रसाद के मुताबिक होटल में आग लगने के बाद कई लोग फंसे हुए थे. टीम ने एक बच्चे सहित पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से कुछ बेहोशी की हालत में थे. खिड़की से कई लोगों को निकाला उन्होंने बताया कि जब हम अंदर पहुंचे, तो कई लोग अचेत अवस्था में मिले, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था. वहीं, दो महिलाएं घायल अवस्था में मिली. इसके बाद घायलों को तत्काल अजमेर के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. फायर अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी. हालांकि वास्तविक कारण की जांच की जा रही है. वहीं, होटल के नजदीक तंग गली होने के कारण बचाव कार्य में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. धमाके की आवाज हुई और तुरंत ही लग गई भीषण आग : पार्षद भारती श्रीवास्तव ने बताया कि होटल से तेज धमाका हुआ था. इसके बाद आग इतनी भीषण हो गई. उन्होंने बताया कि होटल में जायरीन ठहरे हुए थे. होटल में कई लोग कमरों में सो रहे थे लिहाजा खिड़की दरवाजे भी बंद थे. भीषण आग और धुएं के कारण लोगों का जब दम घुटने लगा तब अफरातफरी का माहौल हुआ. इस दौरान एक व्यक्ति ने होटल की खिड़की से छलांग लगा दी. वहीं, एक बच्चे को भी उसकी मां ने होटल खिड़की से नीचे फेंक दिया. शॉर्ट सर्किट से यह हादसा होना माना जा रहा है. देवनानी ने जताया दुख : राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष एवं अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी ने डिग्गी बाजार स्थित होटल में लगी आग पर कहा कि कलेक्टर को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उन सभी लोगों शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचना दी जाए. मृतकों के आश्रितों और घायलों की मानवता के नाते और नियमों के अनुसार मदद की जाए. देवनानी ने कहा कि इस तरह की हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसलिए इस हादसे की समीक्षा की जाए और उसके अनुसार ही अग्रिम कार्रवाई की योजना बनाई जाए.

Kolkata के बड़ा बाजार में होटल में भीषण आग, 14 लोगों की मौत, बालकनी से कूदकर बचाई लोगों ने जान

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के एक होटल में आग की घटना सामने आई है, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई है. एजेंसी के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, “मंगलवार को मध्य कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के पास एक होटल में लग गई. हादसे में करीब 14 लोगों की मौत हो गई है.” कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “यह आग लगने की घटना रात करीब 8:15 बजे ऋतुराज होटल के परिसर में हुई. चौदह शव बरामद किए गए हैं और टीमों द्वारा कई लोगों को बचाया गया है.” कोलकाता पुलिस ने बताया कि होटल में कुल 60 लोग थे. मरने वालों की संख्या 14 बताई जा रही है, जिसमें 11 पुरुष, एक महिला और 2 बच्चे शामिल हैं. कुल 8 शवों की पहचान कर ली गई है. इसके साथ ही, 13 लोग घायल हैं, जिनमें से 12 को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है और एक भर्ती है. पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मार्केट… PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दस दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन पूर्वी भारत के सबसे बड़ी थोक मार्केट बड़ाबाजार में भीड़भाड़ वाले इलाके में आपातकालीन सेवाओं को काम करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आग लगने के दौरान कई लोगों ने इमारत की खिड़कियों और संकरी दीवारों से भागने की कोशिश की. पुलिस आयुक्त ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और घटना की जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है. केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार से प्रभावित लोगों को तुरंत बचाने की गुजारिश की है और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा उपायों की ‘कड़ी निगरानी’ करने का आह्वान किया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं राज्य प्रशासन से आग्रह करता हूं कि प्रभावित लोगों को तुरंत बचाया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जरूरी मेडिकल और मानवीय सहायता दी जाए. इसके अलावा, मैं भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए फायर सिक्योरिटी उपायों की समीक्षा और सख्त निगरानी की अपील करता हूं.” मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और पुलिस आयुक्त वर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया और अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कोलकाता नगर निगम की आलोचना की. सरकार ने ANI से कहा, “यह एक दुखद घटना है, आग लग गई. इमारत में बहुत सारे लोग फंस गए. कोई सुरक्षा नहीं थी. मुझे नहीं पता कि निगम क्या कर रहा है.”  

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर अचानक भड़की आग, दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाली ट्रेन

ग्वालियर  ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर एक पर बने वीआईपी वेटिंग रूम में आज भीषण आग लग गई, आज लगते ही स्टेशन पर हडकंप मच गया, तेज काला धुंआ उठता देश अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड की सूचना दी और रेलवे अधिकारियों से बात की जिसके बाद नगर निगम के अमले ने मशक्कत के बाद आग को काबू कर लिया, आग लगने की वजह वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट होना बताया जा रहा है, घटना के चलते ग्वालियर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाला गया। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आज दोपहर उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब लोगों ने वीआईपी वेटिंग रूम से धुंआ उठते देखा, स्टेशन निदेशक के कमरे के पास में बने वीआईपी वेटिंग रूम में आग की सूचना मिलते ही स्टेशन स्टाफ एक्शन में आया और आग की सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। डिप्टी, स्टेशन निदेशक एके तिवारी ने मीडिया को बताया कि उन्हें एक कुली ने आग लगने की सूचना दी थी, सूचना मिलते ही उन्होंने वीआईपी रूम का ताला खोला तो अन्दर से बहुत तेज  धुंआ बाहर निकला उन्होंने बहुत मुश्किल से दरवाजा बंद किया फिर आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग पर पाया काबू सूचना पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड गाड़ियाँ स्टेशन पहुंची और पानी की बौछार शुरू की, उप आयुक्त नगर निगम ग्वालियर सतपाल सिंह चौहान ने बताया कि स्टेशन पर आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद तत्काल गाड़ियाँ रवाना की गई और तीन गाड़ी पानी फेंककर आग पर काबू कर लिया गया। निर्माण कार्य के चलते नहीं थी भीड़, बड़ा हादसा टला आपको बता दें कि वीआईपी  वेटिंग रूम प्लेटफ़ॉर्म नम्बर एक पर बना है इन दिनों ग्वालियर स्टेशन पर जीर्णोद्धार का काम चल रहा है तो वीआईपी रोम अधिकतर बंद ही रहता है अज भी बंद ही था, निर्माण कार्य के चलते इस क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ भी कम ही रहती है वर्ना कोई बड़ा बड़ा हादसा हो सकता था। यातयात रोका, ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से निकाला   घटना के चलते दिल्ली से झाँसी से तरफ जाने वाली और झाँसी से दिल्ली की तरफ जाने वाली यानि दोनों रूट को सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए रोक दिया, फिर आग पर काबू होने के बाद सभी ट्रेनों को प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2, 3, 4 से डायवर्ट कर उनके गंतव्य की तरफ रवाना किया, अभी ट्रेफिक सामान्य कर दिया गया है , आग लगने का कारण  वीआईपी वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट बताई जा रही है हालाँकि असली वजह और नुकसान जांच के बाद ही मालूम चल सकेगा।

बिलासपुर : अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए शहर में निकाली गई रैली

बिलासपुर : अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए शहर में निकाली गई रैली अग्नि दुर्घटना के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि बिलासपुर नगरसेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाऐं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के निर्देशानुसार दिनांक 14अप्रैल से 20 अप्रैल 2025 तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। आज से 81 वर्ष पूर्व 14 अप्रैल 1944 को मुंबई के विक्टोरिया डॉक यार्ड पर एक आयुध से भरे पानी जहाज में अग्नि दुर्घटना हुई थी। इसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी। जिसमें लगभग 66 अग्निशमन के कर्मचारी भी शामिल थे। तब से प्रतिवर्ष अग्नि दुर्घटना में शहीद अग्निशमन के कर्मचारी को श्रद्धांजलि देने एवं आम जनता को अग्नि दुर्घटना के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 14 अप्रैल से अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह में अग्निशमन विभाग द्वारा रैली, बैनर, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता, मॉक ड्रील आदि माध्यम से प्रचार-प्रसार कर आम जनता को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।          इसी अनुक्रम में आज जिला बिलासपुर में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन 14 अप्रैल को अग्नि सुरक्षा जागरूकता हेतु डी.आई.जी नगरसेना एसडीआरएफ एस. के. ठाकुर द्वारा सवेरे साढ़े 8 बजे हरि झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ के नेतृत्व में फायर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली बिलासपुर के मुख्य चौक चौराहे – मुंगेली नाका से प्रारंभ होकर नेहरू चौक-कम्पनी गार्डन-गोल बजार-श्याम टॉकिज-गांधी चौक-तारबहार चौक-श्रीकांत वर्मा मार्ग-व्यापार विहार चौक-रिंग रोड 2-मंगला चौक होते हुये वापस मुंगेली नाका के पास संपन्न हुई। इस फायर रैली कार्यक्रम के द्वारा बिलासपुर की जनता को अग्नि से सावधान रहने, अग्नि से बचाव एवं अग्नि दुर्घटना में क्या करें एवं क्या नहीं करें, इस संबंध में जानकारी दी गई।          रैली के दौरान एस. के. ठाकुर डी.आई.जी. एवं संचालक, एसडीआरएफ प्रशिक्षण केन्द्र परसदा बिलासपुर तथा प्रभारी डिवीजनल कमाण्डेन्ट एवं दीपांकुर सामुएल नाथ जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना बिलासपुर के अतिरिक्त नगरसेना, एसडीआरएफ (परसदा एवं बिलासपुर), फायर के कर्मचारी के अलावा नगरसेना के लगभग 2 सौ महिला/पुरूष नगर सैनिकों ने उत्साह के साथ रैली में भाग लिया।

पीथमपुर में प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, इंदौर से मंगाई एक हजार लीटर फोम, रेत-मिट्‌टी की दीवार बना रहे

धार  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिग्नेट पाइप फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक है कि इसका धुआं लगभग 10 किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां, एसडीआरएफ की टीम और तीन अलग-अलग थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने का अभियान देर रात से जारी है। प्लास्टिक पाइप बनाने का होता है काम फैक्ट्री में प्लास्टिक पाइप बनाने का काम होता है। कच्चे माल में आग पकड़ने ने के कारण लपटें ने विकराल रूप ले लिया। एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर ने बताया कि सुलावट स्थित एक उद्योग में आग लगी है , यह कंपनी पाईप का निर्माण करती है। नगर पालिका, प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पुलिस फायर स्टेशन के दमकल अभी बचाव में यहां लगा हुआ है। इस पर काबू करने का प्रयास कर रहे है। आग तड़के करीब ढाई बजे लगी, लेकिन अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल पाया है। विशेष फायर फाइटर फोम मंगवाया थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी के अनुसार, इंदौर एयरपोर्ट से भी विशेष फायर फाइटर और फोम मंगवाया गया है। रेत के कई ट्रक आग को नियंत्रित करने के लिए फैक्ट्री के अंदर भेजे गए हैं। अब तक 25 डंपर रेत का उपयोग किया जा चुका है। दो क्रेन जलकर राख इस हादसे में फैक्ट्री में खड़ी दो क्रेन पूरी तरह जल गई हैं। आसमान में काला धुआं अब भी नजर आ रहा है। आग बुझाने के कार्य में लगभग 70 फायर फाइटर, 150 से अधिक नगर पालिका कर्मचारी, एसडीएम, तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह, मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला समेत पुलिस बल लगातार जुटा हुआ है। इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने आग पर नियंत्रण के लिए एक हजार लीटर फोम मंगवाने के निर्देश दिए। पिछले साल भी लगी थी आग गौरतलब है कि पिछले साल 11 जून को भी इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसे बुझाने में 11 घंटे से अधिक समय लगा था। तब भी 20 से अधिक दमकलें, रेत-मिट्टी और फोम का उपयोग कर आग पर काबू पाया गया था। तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह ने कहा कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही आग पूरी तरह बुझा ली जाएगी। हालांकि, फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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