LATEST NEWS

ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में आग लगने से मचा हंगामा, यात्री दहशत में

 नागपुर नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन में आग लग गई। जीटी एक्सप्रेस ( ट्रेन नंबर 12616) के स्लीपर कोच में मंगलवार दोपहर आग लग गई। यह घटना सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन में सिंधी और तुलजापुर स्टेशनों के बीच हुई। ट्रेन चल रही थी तभी SLR कोच से धुआं निकलता देखा गया. धुआं देखते ही ट्रेन को सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और किसी को चोट नहीं आई है। रेलवे स्टाफ ने तेजी से कार्य करते हुए प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने शुरुआती तौर पर कोच में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी मामले की आगे जांच कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रेन 12616 नई दिल्ली-चेन्नई (तंबरम) ग्रांट ट्रंक एक्सप्रेस सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। वर्धा के सिंधी रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय सुबह 11:09 बजे ट्रेन के आखिरी गार्ड कोच में धुआं देखा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को सिंधी-तुलजापुर खंड पर रोक दिया गया, प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया गया और दमकल कर्मियों को बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन और उस डिब्बे में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. विस्तृत जांच के बाद आग लगने का कारण पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रभावित डिब्बे के बिना ट्रेन कुछ समय बाद रवाना होगी।

कपड़ा दुकान बनी आग का शिकार, लाखों का सामान स्वाहा

2 24

सरगुजा बतौली थाना क्षेत्र के शांतिपारा स्थित ‘अमित क्लॉथ’ नामक दुकान में देर रात भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और कीमती सामान जलकर खाक हो गया. स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल दमकल की टीम और बतौली पुलिस मौके पर पहुँची, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. दुकानदार के अनुसार इस अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. गनीमत रही कि दमकल की सक्रियता से आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी इलाके में फैलने से पहले ही बुझा ली गई.

राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा: द्वारका के एक अपार्टमेंट की 7वीं मंजिल पर लगी भीषण आग, पिता और दो बच्चों की गई जान

नई दिल्ली  दिल्ली में एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई. द्वारका सेक्टर-13 स्थित मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ‘सबद अपार्टमेंट’ में आज (10 जून) सुबह एक फ्लैट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया. आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में लगी. इस दौरान एक 2 बच्चों के साथ एक पिता ने बिल्डिंग से जान बचाने के लिए छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई. इससे पहले दमकल विभाग को सुबह 10 बजकर 01 मिनट पर आग की कॉल की गई, जिसके तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें अपार्टमेंट की बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर धू-धू कर आग जलते देखा जा सकता है. दमकल विभाग ने दी ये जानकारी दमकल विभाग ने मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और 8 फायर टेंडरों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुट गए. दमकल विभाग ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और मौके पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. दमकल विभाग ने किसी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की. बाकी विवरण और आग के कारणों की जानकारी के लिए फायर डिपार्टमेंट द्वारा आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है. मौके पर राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है. बता दें कि द्वारका में स्थित ‘सबद अपार्टमेंट’ में आग लगी, जो एमआरवी स्कूल के पास स्थित है. इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में घबराहट पैदा कर दी. जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें रहने वाले तमाम लोगों ने यह आरोप लगाया कि अपार्टमेंट की कमेटी के लोगों को जब इसकी जानकारी दी गई, तो उनकी तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया. इस पूरे मामले में लापरवाही बरती गई. शब्द अपार्टमेंट में आग से हड़कंप दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। पारा लगातार ऊपर जा रहा। हीटवेव का अलर्ट है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच दिल्ली के द्वारका में शब्द अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। ये आग कितनी भयावह है ये तस्वीरों को देखकर समझा जा सकता है। अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल पर लगी आग से तेजी से फैल रही। इसने नीचे के फ्लोर को भी कब्जे में ले लिया। बिल्डिंग से तीन लोगों के नीचे गिरने की खबर द्वारका के इस अपार्टमेंट आग की भयावहता से लोगों में हड़कंप मच गया। एक फ्लोर पर कई लोग फंसे हैं और बचाव के लिए चिल्लाते नजर आ रहे हैं। इस बीच दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। अपार्टमेंट फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि तीन लोग बिल्डिंग से नीचे गिरे हैं। आग बुझाने में जुटी दमकल टीम ऐसी आशंका जताई जा रही कि बिल्डिंग से बाहर निकलने के चक्कर में ये लोग बालकनी से नीचे उतरने की कोशिश में गिर गए। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। आग बुझाने की कवायद जारी है।

आगरा के अस्पताल में भीषण आग, NICU में भरा धुआं, 9 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा के पुष्पांजलि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। आग अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में लगी थी। आग लगने से अस्पताल में भगदड़ मच गई। वार्ड में 9 बच्चे भर्ती थे। सुरक्षा गार्डों ने बच्चों को निकाला और दूसरे वार्ड में भी शिफ्ट किया। इस दौरान कई गार्ड झुलस गए। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। अस्पताल में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम से आग बुझाई गई। करीब एक घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक अस्पताल का एनआईसीयू वार्ड पूरी तरह से खाक हो चुका था। वहीं, आग का धुआं दूसरे वार्ड में भी भर गया। धुआं भर जाने से लोगों को सांस लेने में मुश्किलें हो गईं। अस्पताल स्टाफ और दमकल कर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। थाना हरिपर्वत क्षेत्र के देहली गेट पर पुष्पांजलि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। फायर ब्रिगेड संजय प्लेस ऑफिस के प्रभारी फायर ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि सुबह करीब 6:40 पर उन्हें सूचना मिली। तत्काल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। अस्पताल के फोर्थ फ्लोर बने एनआईसीयू वार्ड में आग लगी थी। ये वार्ड काफी दिनों से बंद था। आग लगने से बगल में बने दूसरे एनआईसीयू में धुआं भर गया, जिसमें 5 और बगल के एक अन्य वार्ड में 4 बच्चे भर्ती थे। फायर ब्रिगेड और अस्पताल के कर्मचारियों ने आनन-फानन में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया, जिसमें अस्पताल के कई गार्ड झुलस गए। फायर सेफ्टी सिस्टम ने बचाई 9 बच्चों की जान फायर ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि आग लगने से बगल में बने एक अन्य वार्ड एनआईसीयू में धुआं भर गया, जिसमें बच्चे भर्ती थे। अस्पताल में पहले से ही फायर सेफ्टी सिस्टम लगा हुआ था। अस्पताल में लगी आग को फैलने नहीं दिया। फायर सेफ्टी सिस्टम से ही आग पर काबू पा लिया गया। अगर फायर सेफ्टी सिस्टम ठीक नहीं होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी सिस्टम ने न सिर्फ अस्पताल में भर्ती नौ बच्चों की जान बचाई, बल्कि एक बड़ा अग्निकांड होने से बचा लिया। हालांकि, आग लगने से बंद पड़ा एनआईसीयू वार्ड पूरी तरह से जल गया है। करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने फायर ब्रिगेड के गाड़ी का भी इस्तेमाल नहीं किया था।

नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत, तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख

छतरपुर पराली जलाना जमीन के साथ साथ किसान के परिवार के लिए भी घातक साबित हो रहा है। ताजा मामला में छतरपुर के खेतों में आग लग गई। इस आग का अंजाम बुरा हुआ। नरवाई की आग में एक 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दो गांवों के तीन दर्जन से ज्यादा घर जलकर राख हो गए। शाम को छतरपुर जिले के रामटोरिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई। मध्य प्रदेश में फसल अवशेष जलाने के मामले देश में सबसे ज्यादा हैं। यहां पंजाब और हरियाणा से भी ज्यादा पराली जलाई जाती है। आग लगने से दो बच्चे भी घायल हो गए, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं। आग ने गांवों को चपेट में लिया खेतों में पराली जलाने से उठी आग ने छल्ला और माजरा चिरोला गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। माजरा चिरोला में लगभग 30 घर और छल्ला में 10 से 15 घर क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने की वजह से इलाके में खड़ी फसल भी जल गई। दमकल गाड़ियों ने लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया गया है। तेज हवाओं ने आग को फैलाया अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि कटाई के बाद घरों में रखा गेहूं और कृषि उपकरण भी जल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पराली जलाने में एमपी आगे सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि मध्य प्रदेश फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण में सबसे आगे है। इसके बाद राज्य सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगा दी है। सरकार ने किसानों को ऐसा करने से रोकने के लिए यह भी कहा है कि एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का कोई लाभ नहीं मिलेगा। नरवाई जलाना पर्यावरण के लिए भी बुरा पराली जलाने से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। इससे निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना देता है। सांस लेने में तकलीफ होती है और कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। सरकार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही है। उन्हें पराली का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पराली कई तरह उपयोगी सरकार किसानों को पराली से खाद बनाने और उसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कह रही है। इससे किसानों को भी फायदा होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता भी कम हो जाती है। इसलिए, किसानों को पराली जलाने से बचना चाहिए।

कानपुर में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत

कानपुर  कानपुर के चमनगंज इलाके में रविवार रात एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बचाव कार्य में दमकल की एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां लगी रहीं और 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने सोमवार सुबह बताया कि आग बुझाने का काम सुबह 5:30 बजे तक चला। इसके बाद तलाशी अभियान में 5 लोगों को निकाला गया। सभी को अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आग बुझाने के लिए SDRF को भी बुलाया गया था। आग रात 8 बजे लगी थी। पुलिस के अनुसार, आग गांधी नगर में स्थित एक इमारत में लगी। इमारत में नीचे जूते का कारखाना था और ऊपर के मंजिलों पर परिवार रहता था। शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि आग लगने के बाद दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने पहले तीन लोगों के फंसे होने की बात कही थी, लेकिन बाद में पता चला कि इमारत में फंसे सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। डीसीपी ने कहा था कि मेडिकल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं थीं। आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उसे काबू करने में काफी समय लग गया। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लखनऊ से एसडीआरएफ की एक टीम को भी बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए भेजने का आदेश दिया।

अजमेर में बड़ा हदसा होटल में आग, बच्चे सहित चार जिंदा जले: मां ने मासूम को खिड़की से फेंका

1A 79

अजमेर  शहर के डिग्गी बाजार इलाके के एक होटल में अलसुबह भीषण आग लग गई. इस हादसे में 4 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई है. डिग्गी बाजार स्थित नाज होटल में सुबह करीब 8 बजे आग लगी. देखते ही देखते आग होटल की 5वीं मंजिल तक पहुंच गई, जिससे लोगों को होटल से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. इस दौरान एक मां ने अपने बच्चे को आग से बचाने के लिए होटल की खिड़की से नीचे फेंक दिया. होटल में बड़ी संख्या में जायरीन ठहरे हुए थे. कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई. अजमेर पुलिस रेंज में डीआईजी ओम प्रकाश ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद ही तत्काल प्रशासन और पुलिस की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया. इसमें दमकल और नागरिक सुरक्षा से जुड़े हुए जवान भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि होटल से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस प्रयास में रेस्क्यू टीम में शामिल दो-तीन लोगों को धुएं के कारण घबराहट हुई है और उनकी तबीयत बिगड़ी है, जिन्हें जेएलएन अस्पताल भेजा गया है. पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने खंगाला होटल : अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु में बताया कि आग में झुलसने और धुएं में दम घुटने के कारण चार लोगों की मौत हुई है. इनमें एक बच्चा शामिल है. वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. प्रशासन का प्रयास है कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए. होटल की पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने चेक कर लिया है अब होटल में कोई नहीं है. मृतकों में 40 वर्षीय दिल्ली के मोती नगर निवासी मोहम्मद जाहिद, 20 वर्षीय युवक, 40 वर्षीय व्यक्ति, 30 वर्षीय महिला और एक बच्चा शामिल है. वहीं, घायलों में कृष्ण, अलका, धवन और इब्राहिम हैं. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी 4 की मौत : अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अनिल सामरिया के मुताबिक झुलसने के बाद इलाज के लिए आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से एक महिला, दो पुरुष और एक बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर है. अजमेर फायर अधिकारी जगदीश प्रसाद के मुताबिक होटल में आग लगने के बाद कई लोग फंसे हुए थे. टीम ने एक बच्चे सहित पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से कुछ बेहोशी की हालत में थे. खिड़की से कई लोगों को निकाला उन्होंने बताया कि जब हम अंदर पहुंचे, तो कई लोग अचेत अवस्था में मिले, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था. वहीं, दो महिलाएं घायल अवस्था में मिली. इसके बाद घायलों को तत्काल अजमेर के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. फायर अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी. हालांकि वास्तविक कारण की जांच की जा रही है. वहीं, होटल के नजदीक तंग गली होने के कारण बचाव कार्य में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. धमाके की आवाज हुई और तुरंत ही लग गई भीषण आग : पार्षद भारती श्रीवास्तव ने बताया कि होटल से तेज धमाका हुआ था. इसके बाद आग इतनी भीषण हो गई. उन्होंने बताया कि होटल में जायरीन ठहरे हुए थे. होटल में कई लोग कमरों में सो रहे थे लिहाजा खिड़की दरवाजे भी बंद थे. भीषण आग और धुएं के कारण लोगों का जब दम घुटने लगा तब अफरातफरी का माहौल हुआ. इस दौरान एक व्यक्ति ने होटल की खिड़की से छलांग लगा दी. वहीं, एक बच्चे को भी उसकी मां ने होटल खिड़की से नीचे फेंक दिया. शॉर्ट सर्किट से यह हादसा होना माना जा रहा है. देवनानी ने जताया दुख : राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष एवं अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी ने डिग्गी बाजार स्थित होटल में लगी आग पर कहा कि कलेक्टर को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उन सभी लोगों शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचना दी जाए. मृतकों के आश्रितों और घायलों की मानवता के नाते और नियमों के अनुसार मदद की जाए. देवनानी ने कहा कि इस तरह की हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसलिए इस हादसे की समीक्षा की जाए और उसके अनुसार ही अग्रिम कार्रवाई की योजना बनाई जाए.

Kolkata के बड़ा बाजार में होटल में भीषण आग, 14 लोगों की मौत, बालकनी से कूदकर बचाई लोगों ने जान

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के एक होटल में आग की घटना सामने आई है, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई है. एजेंसी के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, “मंगलवार को मध्य कोलकाता में फलपट्टी मछुआ के पास एक होटल में लग गई. हादसे में करीब 14 लोगों की मौत हो गई है.” कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “यह आग लगने की घटना रात करीब 8:15 बजे ऋतुराज होटल के परिसर में हुई. चौदह शव बरामद किए गए हैं और टीमों द्वारा कई लोगों को बचाया गया है.” कोलकाता पुलिस ने बताया कि होटल में कुल 60 लोग थे. मरने वालों की संख्या 14 बताई जा रही है, जिसमें 11 पुरुष, एक महिला और 2 बच्चे शामिल हैं. कुल 8 शवों की पहचान कर ली गई है. इसके साथ ही, 13 लोग घायल हैं, जिनमें से 12 को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है और एक भर्ती है. पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मार्केट… PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दस दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन पूर्वी भारत के सबसे बड़ी थोक मार्केट बड़ाबाजार में भीड़भाड़ वाले इलाके में आपातकालीन सेवाओं को काम करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आग लगने के दौरान कई लोगों ने इमारत की खिड़कियों और संकरी दीवारों से भागने की कोशिश की. पुलिस आयुक्त ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और घटना की जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है. केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार से प्रभावित लोगों को तुरंत बचाने की गुजारिश की है और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा उपायों की ‘कड़ी निगरानी’ करने का आह्वान किया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं राज्य प्रशासन से आग्रह करता हूं कि प्रभावित लोगों को तुरंत बचाया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जरूरी मेडिकल और मानवीय सहायता दी जाए. इसके अलावा, मैं भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए फायर सिक्योरिटी उपायों की समीक्षा और सख्त निगरानी की अपील करता हूं.” मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और पुलिस आयुक्त वर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया और अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कोलकाता नगर निगम की आलोचना की. सरकार ने ANI से कहा, “यह एक दुखद घटना है, आग लग गई. इमारत में बहुत सारे लोग फंस गए. कोई सुरक्षा नहीं थी. मुझे नहीं पता कि निगम क्या कर रहा है.”  

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर अचानक भड़की आग, दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाली ट्रेन

ग्वालियर  ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर एक पर बने वीआईपी वेटिंग रूम में आज भीषण आग लग गई, आज लगते ही स्टेशन पर हडकंप मच गया, तेज काला धुंआ उठता देश अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड की सूचना दी और रेलवे अधिकारियों से बात की जिसके बाद नगर निगम के अमले ने मशक्कत के बाद आग को काबू कर लिया, आग लगने की वजह वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट होना बताया जा रहा है, घटना के चलते ग्वालियर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाला गया। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आज दोपहर उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब लोगों ने वीआईपी वेटिंग रूम से धुंआ उठते देखा, स्टेशन निदेशक के कमरे के पास में बने वीआईपी वेटिंग रूम में आग की सूचना मिलते ही स्टेशन स्टाफ एक्शन में आया और आग की सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। डिप्टी, स्टेशन निदेशक एके तिवारी ने मीडिया को बताया कि उन्हें एक कुली ने आग लगने की सूचना दी थी, सूचना मिलते ही उन्होंने वीआईपी रूम का ताला खोला तो अन्दर से बहुत तेज  धुंआ बाहर निकला उन्होंने बहुत मुश्किल से दरवाजा बंद किया फिर आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग पर पाया काबू सूचना पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड गाड़ियाँ स्टेशन पहुंची और पानी की बौछार शुरू की, उप आयुक्त नगर निगम ग्वालियर सतपाल सिंह चौहान ने बताया कि स्टेशन पर आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद तत्काल गाड़ियाँ रवाना की गई और तीन गाड़ी पानी फेंककर आग पर काबू कर लिया गया। निर्माण कार्य के चलते नहीं थी भीड़, बड़ा हादसा टला आपको बता दें कि वीआईपी  वेटिंग रूम प्लेटफ़ॉर्म नम्बर एक पर बना है इन दिनों ग्वालियर स्टेशन पर जीर्णोद्धार का काम चल रहा है तो वीआईपी रोम अधिकतर बंद ही रहता है अज भी बंद ही था, निर्माण कार्य के चलते इस क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ भी कम ही रहती है वर्ना कोई बड़ा बड़ा हादसा हो सकता था। यातयात रोका, ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से निकाला   घटना के चलते दिल्ली से झाँसी से तरफ जाने वाली और झाँसी से दिल्ली की तरफ जाने वाली यानि दोनों रूट को सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए रोक दिया, फिर आग पर काबू होने के बाद सभी ट्रेनों को प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2, 3, 4 से डायवर्ट कर उनके गंतव्य की तरफ रवाना किया, अभी ट्रेफिक सामान्य कर दिया गया है , आग लगने का कारण  वीआईपी वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट बताई जा रही है हालाँकि असली वजह और नुकसान जांच के बाद ही मालूम चल सकेगा।

बिलासपुर : अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए शहर में निकाली गई रैली

बिलासपुर : अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए शहर में निकाली गई रैली अग्नि दुर्घटना के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि बिलासपुर नगरसेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाऐं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के निर्देशानुसार दिनांक 14अप्रैल से 20 अप्रैल 2025 तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। आज से 81 वर्ष पूर्व 14 अप्रैल 1944 को मुंबई के विक्टोरिया डॉक यार्ड पर एक आयुध से भरे पानी जहाज में अग्नि दुर्घटना हुई थी। इसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी। जिसमें लगभग 66 अग्निशमन के कर्मचारी भी शामिल थे। तब से प्रतिवर्ष अग्नि दुर्घटना में शहीद अग्निशमन के कर्मचारी को श्रद्धांजलि देने एवं आम जनता को अग्नि दुर्घटना के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 14 अप्रैल से अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह में अग्निशमन विभाग द्वारा रैली, बैनर, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता, मॉक ड्रील आदि माध्यम से प्रचार-प्रसार कर आम जनता को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।          इसी अनुक्रम में आज जिला बिलासपुर में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन 14 अप्रैल को अग्नि सुरक्षा जागरूकता हेतु डी.आई.जी नगरसेना एसडीआरएफ एस. के. ठाकुर द्वारा सवेरे साढ़े 8 बजे हरि झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ के नेतृत्व में फायर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली बिलासपुर के मुख्य चौक चौराहे – मुंगेली नाका से प्रारंभ होकर नेहरू चौक-कम्पनी गार्डन-गोल बजार-श्याम टॉकिज-गांधी चौक-तारबहार चौक-श्रीकांत वर्मा मार्ग-व्यापार विहार चौक-रिंग रोड 2-मंगला चौक होते हुये वापस मुंगेली नाका के पास संपन्न हुई। इस फायर रैली कार्यक्रम के द्वारा बिलासपुर की जनता को अग्नि से सावधान रहने, अग्नि से बचाव एवं अग्नि दुर्घटना में क्या करें एवं क्या नहीं करें, इस संबंध में जानकारी दी गई।          रैली के दौरान एस. के. ठाकुर डी.आई.जी. एवं संचालक, एसडीआरएफ प्रशिक्षण केन्द्र परसदा बिलासपुर तथा प्रभारी डिवीजनल कमाण्डेन्ट एवं दीपांकुर सामुएल नाथ जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना बिलासपुर के अतिरिक्त नगरसेना, एसडीआरएफ (परसदा एवं बिलासपुर), फायर के कर्मचारी के अलावा नगरसेना के लगभग 2 सौ महिला/पुरूष नगर सैनिकों ने उत्साह के साथ रैली में भाग लिया।

पीथमपुर में प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, इंदौर से मंगाई एक हजार लीटर फोम, रेत-मिट्‌टी की दीवार बना रहे

धार  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिग्नेट पाइप फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक है कि इसका धुआं लगभग 10 किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां, एसडीआरएफ की टीम और तीन अलग-अलग थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने का अभियान देर रात से जारी है। प्लास्टिक पाइप बनाने का होता है काम फैक्ट्री में प्लास्टिक पाइप बनाने का काम होता है। कच्चे माल में आग पकड़ने ने के कारण लपटें ने विकराल रूप ले लिया। एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर ने बताया कि सुलावट स्थित एक उद्योग में आग लगी है , यह कंपनी पाईप का निर्माण करती है। नगर पालिका, प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पुलिस फायर स्टेशन के दमकल अभी बचाव में यहां लगा हुआ है। इस पर काबू करने का प्रयास कर रहे है। आग तड़के करीब ढाई बजे लगी, लेकिन अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल पाया है। विशेष फायर फाइटर फोम मंगवाया थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी के अनुसार, इंदौर एयरपोर्ट से भी विशेष फायर फाइटर और फोम मंगवाया गया है। रेत के कई ट्रक आग को नियंत्रित करने के लिए फैक्ट्री के अंदर भेजे गए हैं। अब तक 25 डंपर रेत का उपयोग किया जा चुका है। दो क्रेन जलकर राख इस हादसे में फैक्ट्री में खड़ी दो क्रेन पूरी तरह जल गई हैं। आसमान में काला धुआं अब भी नजर आ रहा है। आग बुझाने के कार्य में लगभग 70 फायर फाइटर, 150 से अधिक नगर पालिका कर्मचारी, एसडीएम, तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह, मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला समेत पुलिस बल लगातार जुटा हुआ है। इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने आग पर नियंत्रण के लिए एक हजार लीटर फोम मंगवाने के निर्देश दिए। पिछले साल भी लगी थी आग गौरतलब है कि पिछले साल 11 जून को भी इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसे बुझाने में 11 घंटे से अधिक समय लगा था। तब भी 20 से अधिक दमकलें, रेत-मिट्टी और फोम का उपयोग कर आग पर काबू पाया गया था। तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह ने कहा कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही आग पूरी तरह बुझा ली जाएगी। हालांकि, फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मंदसौर में गांधी सागर पाइपलाइन के गोदाम में भीषण आग, 15 किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

मंदसौर मंदसौर जिले के शक्करखेड़ी गांव में एक भंडारण इकाई में भीषण आग लग गई, जहां सरकार के जल जीवन मिशन के तहत इस्तेमाल होने वाले पाइप रखे गए थे। एएनआई से बात करते हुए इंस्पेक्टर प्रभात गौर ने कहा कि आग बुझाने के प्रयास जारी हैं। इंस्पेक्टर गौर ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि जल जीवन मिशन के तहत इस्तेमाल होने वाले पाइपों में आग लग गई है। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं। आग पर अभी भी काबू नहीं पाया जा सका है।” आग लगने की घटना पर मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने पीटीआई को बताया, “आग लगने की घटना शाम 6 से 6:15 बजे के आसपास हुई। WRD पाइप में आग लगने के कारण आग तेजी से फैल गई। फायर एंबुलेंस को तुरंत तैनात किया गया और अब आग लगभग पूरी तरह से बुझ चुकी है। आग को और फैलने से रोकने के लिए इलाके के चारों ओर खाई खोदी गई है। आस-पास के गांवों को भी घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। सौभाग्य से, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।” सात गाड़ियां भेजी गई आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग तुरंत मौके पर पहुंचा। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग की वजह से काफी नुकसान हुआ है। यहां एक ठेकेदार का सामान रखा हुआ था। गोदामनुमा खुली जगह पर साथ बहुत सारे पाइप रखे हुए थे। चंद मिनट में ही आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की वजह से उठा धुआं करीब 15 किलोमीटर दूर तक नजर आया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। कैसे लगी आग, अब तक नहीं जानकारी आग क्यों लगी अभी इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है। मामले में इंस्पेक्टर प्रभात गौर का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि जल जीवन मिशन के तहत इस्तेमाल होने वाले पाइपों में आग लग गई है। आग बुझाने के प्रयास देर रात तक भी जारी थे, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आस-पास के गांवों को दी सूचना आग शाम को 6 बजे से 6-15 के बीच लगी। WRD पाइप में आग लगने के कारण आग तेजी से फैल गई। फायर एंबुलेंस को तैनात किया गया और अब आग लगभग पूरी तरह बुझ चुकी है। आग को फैलने से रोकने के लिए चारों ओर खाई खोदी गई है। कोई जनहानि नहीं हुई है। सुरक्षा के लिहाज से आस-पास के गांवों को सूचित कर दिया गया है।

सिंगरौली बस स्टैंड पर खड़े-खड़े ‘आग का गोला’ बनी बसें; जिंदा जला क्लीनर

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सिंगरौली में बड़ी घटना हो गई। सोमवार (24 मार्च) की देर रात बस स्टैंड पर खड़ी दो बसों में आग भड़क गई। एक बस में सो रहे क्लीनर की जिंदा जलने से मौत हो गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। आग पर काबू पाया लेकिन तब तक दोनों बसें खाक हो चुकी थीं। आग कैसे लगी? फिलहाल कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानिए कैसे हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक, सिंगरौली बस स्टैंड पर विजय ट्रैवल्स और सिद्दीकी बस सर्विस की बस आसपास खड़ी थीं। सोमवार रात 12 बजे विजय ट्रैवल्स की बस में अचानक आग लग गई। बगल में खड़ी सिद्दीकी बस भी चपेट में आ गई। विजय ट्रैवल्स की बस में ड्राइवर जाहिद खान, कंडक्टर काशी पटेल और क्लीनर हरीश पनिका सो रहे थे। बस में ही जिंदा जला हरीश आग की आंच लगी तो काशी की आंख खुली। काशी घबराकर उठा और बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई। काशी आगे और जाहिद पीछे वाले गेट से बाहर आ गए। हरीश नहीं निकल पाया। बस के अंदर ही हरीश जिंदा जल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिय है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। बता दें कि हरीश पनिका (24) छत्तीसगढ़ में बलरामपुर के वाड्रफ नगर का रहने वाला था। साल 2023 में उसकी शादी हुई है। कोई संतान नहीं है। सुबह 4 बजे बुझी आग शुरुआती जांच में पता चला है कि आग में खाक हुई विजय ट्रैवल्स की बस छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के लिए चलती थी। रात करीब 9 बजे अंबिकापुर से चलकर बैढ़न आई थी। बस स्टैंड में खड़ी थी। बस स्टैंड पर जाहिद, काशी और हरीश ने मिलकर शराब पी। 11 बजे तीनों खाना खाकर सो गए। रात 12 बजे के बाद अचानक आग लग गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। मंगलवार सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया। बस के साथ  हरीश भी जल गया।

सलकनपुर देवीधाम के पास दुकानों में लगी आग, ढ़ाई घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया

 सलकनपुर सीहोर जिले के रहटी के पास स्थित सलकनपुर में मां विजयासन देवी धाम के पास आज सुबह 12 से ज्यादा दुकानों में अचानक आग लग गई। घटना सुबह 8.30 बजे की है। हालांकि ढ़ाई घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया।  सीहोर जिले के सलकनपुर देवी धाम में सुबह 8.30 बजे अचानक आग लग गई। सलकनपुर देवी मंदिर के ऊपर के रास्ते पर आग लगी और यहां की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयानक लपटें देख भक्त घबरा उठे, घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक रूप से शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात सामने आई है। दुकानों के बाहर पड़े कचरे से आग भड़क उठी और आसपास की दुकानों में फैल गई। भीषण आग से करीब 12 दुकानें जलकर राख हो गईं। आग पर काबू पाने में दो घंटे से भी ज्यादा समय लगा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण दुकानों के बाहर पड़ा कचरा और शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि सभी दुकानें जलकर राख हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम और थाना प्रभारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में राहत टीम ने टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। एसपी दीपक शुक्ला के अनुसार सीहोर जिले के थाना रेहटी अंतर्गत सलकनपुर मंदिर के ऊपर रास्ते पर स्थित दुकानों में आग लग गई। सूचना पर पुलिस तत्काल घटना स्थल पहुंची आग को बुझाया गया गहै। ।आग से दुकानों का सामान जल गया किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। अभी तक दुकानों में हुए नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है। प्रशासन द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। इन दुकानदारों के दुकान में लगी आग     1 अखिलेश गोयल     2 अभिलाषा नाविक     3. राकेश रघुवंशी     4. मधु मालवीय     5. मंजू राठौर     6. विजय यादव     7. महेश केवट     8. जितेंद्र चौहान     9. राकेश गौड़     10. हेम नारायण वर्मा

सीहोर की नट-बोल्ट फैक्ट्री में भीषण आग, मची अफरा-तफरी; मौके पर पहुंची कई दमकल की गाड़ियां

सीहोर सीहोर (Sehore) में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, इंदौर-भोपाल हाईवे पर स्थित नट-बोल्ट फैक्ट्री में खतरनाक आग लग गई. सूचना मिलने के बाद तीन दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग की लपटें और धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे. घटना शनिवार के दोपहर के वक्त की है. सीहोर के खोकरी के पास नट बोल्ट बनाने वाली में तेज धमाके के साथ भीषण आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. आग लगने के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने बाहर भागकर अपनी जान बचाई. आग इतनी तेज थी कि लपटें और धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे. तेज धमाके के साथ अचानक आग लगी. अभी तक आग लगने के पीछे की वजहों के बारे में नहीं पता चल सका है. कई किमी दूर से दिखाई दे रही आग की लपटें आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही है। इस दौरान ब्लास्ट होने की जानकारी भी मिली है। सूचना मिलते ही सीहोर से तीन दमकल मौके पर रवाना की गई हैं। वहीं कोठरी, आष्टा व इछावर से भी दमकलों को रवाना किया जा रहा है। भोपाल-इंदौर हाइवे स्थित ग्राम खोखरी स्थित दीपक फास्टनर अंब्रेको कंपनी में नट बोल्ट का निर्माण किया जाता है। बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर लगभग 1 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैल गई और उसकी लपटें विकराल रूप लेने लगीं। आग की लपटों और काले धुएं का गुबार देख कर्मचारी अपनी जान बचाने बाहर भागे। सूचना मिलने पर दमकलों को रवाना किया गया। जब फैक्ट्री में आग लगने से गई शख्स की जान 7 मार्च को बीती रात यूपी के हाथरस में एक पॉलीथिन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है.   एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सादाबाद कस्बे में एक पॉलीथिन फैक्ट्री में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए.

ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड मौके पर, मची अफरा तरफी

ग्वालियर  मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला के नाम से विख्यात ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में एक बड़ा हादसा हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि यहां रहने वाली 10000 गोवंशों की जान पर बन आई। लाल टिपारा गौशाला में आग की तेज लपटें उठते देखा सभी का जी घबरा गया। वहीं, इस घटना ने यहां मौजूद प्रबंधन के भी कान खड़े कर दिए। प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होना नगर निगम की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। गौशाला संरक्षक संत ऋषभदेव आनंद महाराज ने बताया कि घटना के पहले यहां होली को लेकर एक बैठक चल रही ही थी कि यह हादसा हुआ। शॉर्ट सर्किट की वजह से पराली के तैयार किए गए सोफों में आग लग गई। गौशाला में सुरक्षा के इंतजाम इतने बेहतर नहीं थे। जिसकी वजह से आग बढ़ती गई और तकरीबन आधे घंटे तक यह क्षेत्र आग की चपेट में रहा। लगभग 25 मिनट के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ गौशाला संरक्षक ने बताया कि अच्छी बात है की घटना दिन के समय हुआ। सभी लोग उस जगह पर मीटिंग कर रहे थे। इसलिए वहां कोई गौवंश नहीं थे। अच्छी बात की कोई हताहत नहीं हुआ। ना ही कोई गाय हताहत हुई है। ना किसी व्यक्ति विशेष घायल हुआ है। यह घटना अपने आप में सीख भी है कि शॉर्ट सर्किट के चलते ऐसी घटनाएं हो सकती है। इनका हम अवलोकन करें। हो सकता था बड़ा हादसा आपको बता दें कि गौशाला परिसर में ही बायो सीएनजी प्लांट भी लगा हुआ है। इसमें गोबर के माध्यम से सीएनजी बनाने का काम भी चालू हो चुका है। यदि यह आग फैलने हुए प्लांट तक पहुंच जाती तो यह हादसा बहुत बड़ा हो सकता था। इस मामले को लेकर समिति के प्रबंधक ऋषभदेव आनंद महाराज का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश और बड़े परिसर को देखते हुए यहां पर सुसज्जित रूप से तैयार फायर ब्रिगेड उपलब्ध रहनी चाहिए। जिससे यदि इस प्रकार का कोई हादसा होता है तो उसे पर नियंत्रण पाया जा सके। नगर निगम की सुरक्षा पर उठे सवाल आपको बता दें कि प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में इस समय लगभग 10000 से अधिक गोवंश मौजूद है। साथ ही उनकी सेवा के लिए यहां सैकड़ों लोग काम करते हैं। ऐसे में गौशाला के अंदर अग्निशमन यंत्रों और तकनीकी रूप से आग को काबू नहीं कर पाने के इंतजाम ना होना एक बड़ा विषय है। इस गौशाला का संचालन नगर निगम की किया जाता है। ऐसे में यह हादसा नगर निगम की लापरवाही को भी दर्शाता है।

गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में लगी भीषण आग, एक फैक्ट्री और कारों के शोरूम हुए राख

 भोपाल भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में शनिवार को दोपहर में भीषण आग लग गई। इससे दो फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि इनमें से एक कारों का शोरूम है, दूसरा एक पेंट फैक्ट्री बताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए पूरे भोपाल की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई है। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र की दो फैक्ट्रियों में दोपहर में भीषण आग लग गई। घटना की जानकारी लगते हैं भोपाल की आधा दर्जन फायर ब्रिगेड गोविंदपुरा के लिए रवाना कर दी गई है। साथ ही 10 से अधिक टैंकर पानी डाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र के जेके रोड पर कई वाहनों के शोरूम है। और आग यदि फैली तो अन्य शोरूम तक भी फैल सकती है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक भारी पुलिस बल के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम आग को बुझाने का प्रयास कर रही थी। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कई किलोमीटर दूर से नजर आया धुएं का गुबार आग इतनी भीषण थी कि औद्योगिक क्षेत्र में लगी इस आग का काला धुआं कई किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था। यहां तक कि नर्मदापुरम रोड क्षेत्र से भी आग का गुबार नजर आ रहा था।

खाटूश्यामजी मेले से पहले बस में लगी आग से टला बड़ा हादसा, 50 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

सीकर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी लक्खी मेले से पहले राजस्थान में सीकर-जयपुर नेशनल हाईव पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक एक राजस्थान रोड़वेज बस में आग लग गई। गनीमत रही की सवारियों से भरी बस के खिड़कियां और दरवाजे खुले थे जिसके चलते आग का गोला बनी एक्सप्रेस श्रेणी की बस में सवार लोगों ने कूदकर जान बचा ली। कहा जा रहा है कि अगर यही बस एसी या वोल्वो श्रेणी की होती तो बस के खिड़कियां और दरवाजा पैक होते और ऐसी स्थिति में खाटूश्यामजी आते भक्तों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। आग की भेंट चढ़ी खाटूश्यामजी से जाती रोड़वेज बस दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर जयपुर सीकर मार्ग पर सीकर जिले के रींगस थाना क्षेत्र के सरगोठ गांव के पास एक रोड़वेज बस भयंकर आग की भेंट चढ़ गई। तकरीबन 50 से अधिक सवारियों से भरी हुई बस जयुपर से खाटूश्यामजी आ रही थी कि अज्ञात कारणों के चलते बस में आग लगनी शुरू हो गई। बस में आग लगने का आभास होते देखकर चालक पुष्पेदसिंह ने जयपुर सीकर मार्ग पर स्थित एक होटल के पास रोका। आग लगातार बढ़ती देखकर सवारियों में अफरा तफरी का माहौल बन आया। किसी ने बस के दरवाजे से उतरकर तो किसी ने बस की खिड़कियों से उतरकर जान बचाई। आग लगने से बस कबाड़ में हो गई तब्दील आग की सूचना पर रींगस नगर पालिका की दमकल मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारे होती रही। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी। क्यों लगी सवारियों में भरी बस में आग रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जयपुर डिपो की रोडवेज बस में आग लगने की सूचना मिली। जिस पर पालिका की दमकल गाड़ी को रवाना करने के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जो सकुशल है। प्रांरभिक जानकारी में सामने आया कि जयपुर आगार की रोडवेज बस खाटूश्याम जी जा रही थी जो सरगोठ गांव के समीप पहुंचने पर आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि चालक पुष्पेद्रसिंह की सूझबूझ से समय रहते आगजनी का पता लगा और सवारियों को सकुशल बस से उतार दिया गया। अन्यथा बड़ा हादसा घटित हो सकता था।

प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी

 इंदौर इंदौर के बाणगंगा इलाके में बुधवार को स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गईं। प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी आग फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, आग सुपर कॉरिडोर इलाके के टिगरिया बादशाह स्थित अवंतिका नगर की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी, जिसकी जानकारी सबसे पहले आसपास की अन्य फैक्ट्रियों के चौकीदार ने दी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने भयावह रूप ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, जिस इलाके में आग लगी, वहां आसपास कई केमिकल और अन्य औद्योगिक उत्पादों की फैक्ट्रियां स्थित हैं, जिससे आग और भी तेजी से फैलने की आशंका बनी रही। पहले लोगों ने ही आग बुझाने की कोशिश की शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए पानी का उपयोग किया, लेकिन जब आग बेकाबू हो गई तो तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम ने फैक्ट्री का शेड गिराने के लिए जेसीबी मशीन भी मंगाई, जिससे राहत कार्य में तेजी लाई जा सके। दमकल कर्मियों और प्रशासन की टीम लगातार आग को काबू करने में जुटी हुई है, लेकिन भीषण आग के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

दो सप्ताह में दुबारा आगजनी में लाखों का नुकसान, राजस्थान-अलवर के शालीमार फ्लैट्स में दूसरी बार लगी आग

अलवर/भरतपुर। अलवर में अपना घर शालीमार फ्लैट्स में पिछले दो सप्ताह में दोबारा से आगजनी की घटना हुई। हादसे में करीब तीन लाख के आसपास का नुकसान हो गया। आगजनी का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मकान मालिक नरेन्द्र सेनी ने बताया कि आज दोपहर 2 बजे के समीप वह अपने परिवार के साथ रिस्तेदारी में शादी समाहरोह में सम्मिलित होने गए थे। शाम 6 बजे के समीप पड़ोसियों का फोन आया, जिन्होंने घर से धुआं निकलने की जानकारी दी। हालांकि जब तक मैं अपने परिवार के साथ घर लौटा तब तक फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पहुंच चुकी थी। आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था। जब घर आकर देखा तो मकान के आखिरी वाले बेडरूम में बिजली बोर्ड में शॉर्ट सर्किट पाया मिला। उसके पास ही ड्रेसिंग रखी हुई थी, जिसमें आग लग गई। वहीं ड्रेसिंग के साथ साथ बाकी पूरे कमरे में आग लग गई। अलमारी व बेड ओर एयरकंडीशनर सहित काफी समान जलकर राख हो गया। वहीं बताया कि अभी 2 वर्ष पहले ही 22 लाख के करीब फ्लैट खरीद था, जिसकी अभी तक क़िस्त भी बाकी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि महज 2 सप्ताह में ये दूसरी बड़ी घटना हुई, लेकिन देर रात तक सोसायटी की तरफ से कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति पीड़ित के पास नही पहुंचा है। एक के बाद एक घटना लोगों में भय का माहौल पैदा कर गई। सोसायटी में रहने वाले लोगों में हर समय डर रहने लग गया कि पता नहीं कब उनके फ्लैट में आग लग जाये और जीवन की जमा पूंजी कड़ी मेहनत कब राख बन जाए।

जलने से डॉक्टर की मौत, राजस्थान-जालौर के उम्मेदाबाद आयुर्वेदिक अस्पताल में लगी भीषण आग

जालौर। जालौर के उम्मेदाबाद आयुर्वेदिक अस्पताल में रविवार देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसमें अस्पताल में सो रहे डॉक्टर मुरारी लाल मीणा की दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि डॉक्टर पलंग समेत जल गए। डॉक्टर मुरारी लाल मीणा जयपुर के करतारपुर भगवती नगर के निवासी थे और उम्मेदाबाद आयुर्वेदिक औषधालय में थे। वे अस्पताल परिसर में ही बने कमरे में रहते थे, जिसमें उनकी रसोई भी थी। रविवार रात अचानक कमरे में आग लग गई। माना जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि डॉक्टर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। सोमवार सुबह अस्पताल से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उम्मेदाबाद चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक जालौर गौतम जैन, बिशनगढ़ थानाधिकारी नेम सिंह समेत अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक डॉक्टर के परिजनों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। फिलहाल आग के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है ताकि घटना के असल कारणों का खुलासा हो सके।

देवास में दर्दनाक हादसा, मकान में भीषण आग लगी, पति-पत्नी और दो बच्चे जिंदा जले

देवास मध्य प्रदेश के देवास में शनिवार तड़के एक घर में भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत गई। घटना देवास शहर के नयापुरा क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि नीचे डेयरी में गैस सिलेंडर के ब्लास्ट होने के कारण आग लगी। जिसकी वजह से दूसरी मंजिल पर सो रहे पति-पत्नी और दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। मृतकों की हुई पहचान हादसे में दिनेश कारपेंटर (35), उनकी पत्नी गायत्री कारपेंटर (30), बेटी इशिका (10) और बेटे चिराग (7) की मौत हो गई। दिनेश घर के ग्राउंड फ्लोर पर आर्यन मिल्क कॉर्नर (डेयरी) चलाते थे। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम जांच करेगी। काफी दूर तक पड़े मेिले शटर के हिस्से आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक, नयापुरा में एक डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर की दुकान नीचे थी और उनका परिवार ऊपर रहता था। उनके घर से सुबह करीब 4 बजकर 30 मिनट पर तेज धमाके की आवाज आई थी। जिससे गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की वजह से आग लगने की आशंका है। धमाका इतना तेज था कि दुकान के शटर के हिस्से काफी दूर तक पड़े हुए मिले हैं। डेयरी के अंदर से चार से पांच गैस सिलेंडर मिले हैं इनमें से एक फटा हुआ है। फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही फर्स्ट फ्लोर पर कुछ इंफ्लेमेबल मटेरियल स्टोर करके रखे होने की भी जांच की जा रही है। सिंगल रास्ता होने से रेस्क्यू में आई समस्या नगर निगम दमकल विभाग के अभिनव चंदेल ने बताया कि सुबह 4:48 बजे नयापुरा क्षेत्र में स्थित आर्यन मिल्क कॉर्नर में एलपीजी सिलेंडर फटने की सूचना मिली। हमारी तीन फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन में एक पुरुष, एक महिला और दो बच्चों के शव बाहर निकाले गए। सिंगल रास्ता होने के कारण रेस्क्यू और आग बुझाने में काफी समस्याएं आईं। रास्ते पर मलबा पड़ा होने के कारण आग बुझाने और रेस्क्यू कार्य में बाधाएं आईं। ब्लास्ट हुआ एलपीजी सिलेंडर मिल्क कॉर्नर में ही पाया गया, जहां अन्य एलपीजी सिलेंडर भी रखे हुए थे। पहली मंजिल पर डेरी उत्पाद भी रखे हुए थे। 7 साल से चला रहे थे दूध डेयरी दिनेश कारपेंटर का जन्म देवास जिले के बजेपुर गांव, विजयागंज मंडी रोड में हुआ था। वह पिछले डेढ़ साल से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ नयापुरा में किराए पर रह रहे थे। वे करीब 7 साल से दूध डेयरी चला रहे थे। उनकी बेटी इशिका चौथी कक्षा और बेटा चिराग पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। हादसे में चार लोगों की मौत एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि यह डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर का घर हैं, नीचे वे दुकान चलाते थे और ऊपर की मंजिल पर परिवार के साथ रहते थे. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है. घर को सील कर दिया गया है. संभावना है ज्वलनशील सामग्री से आग ज्यादा फैली इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हम सभी प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों. एसपी ने आगे कहा कि प्राथमिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि पहले तल पर कुछ ज्वलनशील सामग्री रखी गई होगी, जिससे आग ज्यादा फैल गई. दूसरी मंजिल पर मौजूद लोगों को समय पर बचाया नहीं जा सका. अभी पूरी घटना की जांच की जा रही है.

Jaipur नेशनल हाइवे पर हादसा…दिल दहलाने वाला अग्निकांड 40 से ज्यादा गाड़ियां आग की चपेट में

जयपुर राजधानी जयपुर में आज सुबह भीषण दुर्घटना हुई. भांकरोटा इलाके में सुबह 5:30 बजे CNG से भरे एक कंटेनर को ट्रक में टक्कर मार दी, टक्कर के बाद कंटेनर में भरी CNG गैस 400 से 500 मीटर दूर फैल गई. जहां कंटेनर से CNG गैस फैली वहां पर भीषण आग फैल गई. इस दौरान CNG से लगी आग ने 40 से अधिक गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिनमें कई लोग तो ऐसे थे जिन्हें कुछ संभलने का मौका भी नहीं मिला और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी. इस हादसे में करीब 23 से 24 लोग के घायल होने और 7 लोगों की आग से झुलसने से मौत की सूचना है, अभी मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. कई लोगों का इलाज SMS हॉस्पिटल जयपुर के ICU में चल रहा है. कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की गूंज घटना स्थल से कुछ दूर रहने वाले गौरव कुमार ने बताया कि भिड़ंत के बाद कंटेनर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि लगभग तीन से चार किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी. कंटेनर के ब्लास्ट होते ही आसपास क्षेत्र की खिड़कियां कड़कड़ाने लगी. घटनास्थल पर चारों तरफ आग लगने के कारण आसमान केसरिया हो गया. चारों तरफ केमिकल की बदबू फैल गई, लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आने लगी, कुछ ही पल में चारों तरफ चीख पुकार मचाने लगी. जब स्थानीय लोग तेज धमाके की आवाज सुनकर बाहर निकले तो सभी सन्न रह गए. 5 किलोमीटर दूर से दिखाई दी आग की लपटें वहीं घटनास्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर रहने वाले आकाश जैन ने बताया कि कंटेनर और ट्रक की टक्कर के बाद अचानक जब कंटेनर में आग लगी तो इसके धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक आई. जब बाहर आकर बालकनी में देखा तो आंख की लपटें साफ-साफ नजर आ रही थी, आग की लपटों के कारण घटनास्थल के क्षेत्र में धुए का गब्बर उठ रहा था, जो बड़ा भयावह था. ‘चारों तरफ आग ही आग…’ हादसे के चश्मदीद सुनील ने आजतक से बात करते हुए पूरे भयानक मंजार के एक्सप्लेन किया है. चश्मदीद ने घटना के बारे में बात करते हुए बताया, “हम राजसमंद से जयपुर आ रहे थे. हमारे बस के बिलकुल पास में अचानक से ब्लास्ट हुआ. हमारे चारों तरफ आग ही आग थी और बस के अंदर भी आग आ चुकी थी.” उन्होंने आगे बताया कि हम बाहर निकलने की कोशिश करने लगे तो पता चला कि मेन गेट लॉक है. इसके बाद हम खिड़की तोड़कर बाहर निकले. हमारे साथ 8 से 10 लोग और भी बाहर निकले. कुछ लोग अंदर ही रह गए थे और कुछ लोग जल भी गए. राहत कार्य जारी आग लगने की घटना पर जयपुर डीएम जितेंद्र सोनी ने कहा, “करीब 40 गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं. हादसे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंचीं. राहत कार्य जारी है. आग पर काबू पा लिया गया है और अब सिर्फ 1-2 गाड़ियां ही बची हैं. इस घटना में करीब 23-24 लोग घायल हुए हैं.” जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुआ हादसा यह अग्निकांड राजस्थान से गुजरने वाले जयपुर-अजमेर हाईवे पर सुबह करीब 6 बजे हुआ था. दमकल की 20-22 गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए जुटी हुई हैं, लेकिन ढाई घंटे बीत जाने के बाद भी आग पूरी तरह नहीं बुझाई जा सकी थी. इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक रहा होगा. दोनों ज्वलनशील पदार्थ (एलपीजी और सीएनजी) लेकर आ रहे वाहनों के बाद ऐसी स्थिति बनी कि कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं. करीब एक किलोमीटर के हाईवे पर ये तबाही का मंजर फैल गया. CM ने घटना पर जताया दुख हादसे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है. उन्होंने खुद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पहुंचकर घायलों का हाल जाना. सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर में आग लगने की घटना में नागरिकों के हताहत होने का दुःखद समाचार सुनकर मन अत्यंत व्यथित है. घटना की सूचना मिलते ही एसएमएस अस्पताल जाकर चिकित्सकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं घायलों की समुचित देखभाल हेतु निर्देशित किया. प्रशासन द्वारा बचाव कार्य निरंतर जारी है.”

गौरझामर बस स्टैंड पर लगी भीषण आग, कई दुकानें जलकर खाक

सागर  सागर जिले के गौरझामर के न्यू बस स्टैंड स्थित दुकानों में मंगलवार- बुधवार दरमियानी रात लगभग दो बजे अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि एक के बाद एक सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगी देख मौके पर स्थानीय लोग पहुंचे जिन्होंने सूचना दुकानदारों, पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया था कि सभी दुकानें जलकर खाक हो गई। लाखों रुपये का नुकसान हो गया जानकारी के मुताबिक इन दुकानों मे जनरल स्टोर, दूध डेरी, नाश्ते की दुकान, सब्जी की दुकान संचालित थी। वहीं आग लगने से दुकानदारों का लाखों रुपया का नुकसान बताया जा रहा है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर मामला जांच में लिया है। इधर… सागर में मेंटेनेंस के चलते इन क्षेत्रों में बिजली गुल रहेगी सागर शहर के विभिन्न 33/11 केवी. सबस्टेशनो एवं फीडरो पर मेंटेंनेंस के लिए 18 दिसंबर से 21 दिसंबर तक सुबह नौ बजे से एक बजे तक संबधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता अजीत चौहान (नगर संभाग) सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 दिसंबर को डीडी नगर उपकेंद्र से संबंधित 11 केवी डीडी नगर में लाइट बंद रहेगी। वहीं गौर नगर फीडर के अंतर्गत गौर नगर प्लाटिंग, कृष्णा नगर, पटेल मार्केट, नेहा नगर, विद्यापुरम, गायत्री नगर, विशुद्ध विहार कॉलोनी, मानस नगर, बंसल हास्पिटल के पीछे का क्षेत्र, प्रभाकर नगर, दीनदयाल नगर, मकरोनिया रेलवे स्टेशन, गंभीरिया, बंसल हास्पिटल, अंकुर स्कूल, सेंट मेरी स्कूल इत्यादि क्षेत्र एवं 19 दिसंबर को पुलिस लाइन, एसपी कार्यालय, सिविल लाइन, नेपाल पैलेस, कालीचरण चौराहा बिजली बंद रहेगी। जेल एरिया, लाल स्कूल, स्नेह नगर, गोपालगंज, एमएलबी स्कूल इत्यादि क्षेत्र एवं 20 दिसंबर को केंट क्षेत्र, लाल कुर्ती, परेड चक्र, 28 नं. रेलवे गेट, सेंट जोसेफ स्कूल, हेंग रोड इत्यादि क्षेत्र तथा 21 दिसंबर को बडतूमा, सागर स्टेट कालोनी इत्यादि क्षेत्रो में सुबह नौ बजे एक बजे तक विद्युत प्रवाह बंद रहेगा। कार्य के अनुसार प्रस्तावित शट-डाउन की समयावधि घटाई या बढा़ई भी जा सकती है। फायर फाइटर गाड़ी ने आग पर काबू पा लिया है। आगजनी में दुकानों में रखा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। दुकानदारों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का पंचनामा बनाया है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।  

बैरागढ़ के कपड़ा मार्केट में लगी आग, बैरागढ़ में 3 दुकानें खाक, फ्लैट में रखा सामन भी जला

भोपाल राजधानी भोपाल में शुक्रवार तड़के आगजनी की बड़ी घटना हो गई। भोपाल के सबसे बड़े कपड़ा मार्केट बैरागढ़ में 3 दुकानें और एक फ्लैट आग की चपेट में आ गया। आग इतनी भीषण थी कि चंद मिनटों में लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें फर्स्ट फ्लोर पर रह रहे परिवार तक पहुंच गईं। कोई जनजानि तो नहीं हुई, लेककिन गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया है। भोपाल के बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर ) आगजनी की यह घटना शुक्रवार सुबह 5 बजे हुई है। सूचना मिलते ही बैरागढ़, फतेहगढ़ और गांधीनगर फायर स्टेशनों से आधा दर्जन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे मशक्कत कर आग बुझाई। फिलहाल, घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। खाली था फर्स्ट फ्लोर बैरागढ़ मेन मार्केट में सुरेश इलेक्ट्रिक के पास स्थित जिस बहु मंजिला इमारत में आग लगी है। उसके ग्राउंड फ्लोर में कपड़े की रिटेल दुकानें और ऊपरी मंजिल में परिवार रहता है। सेकंड फ्लोर खाली था। आग पहले एक कपड़ा दुकान में आग लगी और बाद में आसपास की दो अन्य दुकनों को चपेट में ले लिया। फिर फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गई। गनीमत रही कि यह फ्लैट खाली था। जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। बैरागढ़ में 400 से अधिक दुकानें सुबह 7 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। बैरागढ़ भोपाल का सबसे बड़ा कपड़ा मार्केट है। यहां थोक और रिटेल की 400 से अधिक दुकानें हैं। जिन दुकानों में आग लगी है, ठीक उसके पीछे कपड़ की थोक दुकानें हैं। समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो मुश्किल हो सकती थी।  राजधानी के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में मेन रोड पर स्थित एक कपड़ा दुकान में शुक्रवार तड़के अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास स्थित दो दुकानों के अलावा बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बने फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर बैरागढ़, फतेहगढ़, गांधीनगर समेत अन्य फायर स्टेशनों से करीब एक दर्जन दमकलों को मौके पर रवाना किया गया, जिन्होंने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग से करीब एक करोड रुपए के नुकसान का अनुमान है। डीपी से उठी चिंगारियां जानकारी के अनुसार आग मोहिनी टेक्सटाइल की दुकान से शुरू हुई। इस दुकान के बाहर बिजली कंपनी की डीपी लगी हुई है। बताया जा रहा है कि वहीं से पहले चिंगारियां उठीं और आग लग गई। कपड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी ने बताया कि आग लगने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा। इस कारण आग फैल गई और आसपास की दो दुकानों में भी पहुंच गई। रिद्धि-सिद्धि टेक्सटाइल एवं वाहेगुरु टेक्सटाइल की दुकान में रखा कपड़ा भी आग से जल गया। कपड़ों का थोक बाजार आग इतनी भीषण थी कि नगर निगम की दमकलों को आग बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। नेहरू क्लॉथ मार्केट स्थित इस बाजार में 100 से अधिक कपड़े की दुकानें है। यदि तत्काल आप पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान के ऊपर रहवासी फ्लैट भी बने हैं। एक फ्लैट में भी आग पहुंची, हालांकि कोई जनहानि की सूचना नहीं है। कपड़ा बाजार के निकट सुरेश इलेक्ट्रिकल की दुकान भी है। समय पर आग बुझाने के कारण इस लाइन में आग नहीं पहुंच सकी।  

सीहोर में नमकीन की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का माल हुआ खाक

सीहोर  सीहोर जिले के देवनगर कॉलोनी में एक नमकीन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि धुंआ कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। कारण किस कारण से हुई इसका पता लगाया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि फ्रैक्ट्री के ऊपर ही परिवार रह रहा था। आग की सूचना मिलने के बाद लोगों में अफरा तफरी मच गई। आग इतनी भयानक थी कि उसने फैक्ट्री में रखा लाखों का सामान जलाकर खाक कर दिया। फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा बिगड़ते हालात को देखकर तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर तीन दमकल की गाड़ियां पहुंची और राहत कार्य में लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों के द्वारा आग पर काबू पाया गया। पर इस तब तक फ्रैक्ट्री में रखे सामान को भारी नुकसान हो चुका था। बिल्डिंग से निकला काला धुंआ आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह अचानक नमकीन फैक्ट्री के भवन से धुंआ निकलने लगा। लोगों को शुरुआत में लगा कि शायद फेक्ट्री में काम चल रहा है। कुछ देर बाद धुंआ काला और घाना होता गया। इस पर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद संचालक को सूचना दी गई। हुआ लाखों का नुकसान जानकारी के अनुसार शुरूआत में फैक्ट्री मालिक को इस हादसे की खबर भी नहीं थी। कॉलोनी के द्वारा उसे सूचना दी गई। फ्रैक्ट्री मालिक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका इस घटना में लगभग 40 लाख का नुकसान हो चुका है। आग में नमकीन के साथ-साथ दूसरा सामान भी जल गया। दो मंजिला इमारत में चल रही थी फ्रैक्ट्री बताया गया है कि देवनगर कॉलोनी में दो मंजिला इमारत में नीचे नमकीन फैक्ट्री संचालित होती थी। ऊपर परिवार रहता था, आग लगने की सूचना पर परिवार के लोग बाहर निकल कर आए। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। आग और धुएं के गुबार देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फैक्ट्री और परिवार का सामान आग लगने से जलकर पूरी तरह से खाक हो गया है।

इंदौर के क्लाथ मार्केट की दुकान में लगी भीषण आग

इंदौर : क्लाथ मार्केट की दुकान में लगी आग, संकरी गली में दमकल बड़ी मुश्किल से जा पाई इंदौर के क्लाॅथ मार्केट की तीसरी मंजिल एक दुकान में आज सुबह आग लगी, फायर ब्रिगेड ने आग बुझाकर फैलने से रोका इंदौर के क्लाथ मार्केट की दुकान में लगी भीषण आग इंदौर इंदौर के क्लाॅथ मार्केट की तीसरी मंजिल एक दुकान में शनिवार सुबह आग लग गई। मौके पर पहुंचने में फायर ब्रिगेड की दमकल को पहुंचने में मुश्किल आई,क्योकि गलियां काफी संकरी थी। आग सुबह उस वक्त लगी, जब ज्यादातर दुकानें बंद रहती है और सड़कों पर वाहन नहीं खड़े रहते। यदि दिन में लगती तो फायर ब्रिगेड को जाने में और ज्यादा समय लगता। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाकर इसे फैलने से रोका, नहीं तो आसपास की दुकानें भी चपेट में आ सकती थी। क्लॉथ मार्केट की एक दुकान में शनिवार सुबह लोगों ने धुआं उठते देखा। दुकान पंकज सोमानी की है। धुआं दुकान की तीसरी और चौथी मंजिल से उठ रहा था। कुछ देर बाद आग की लपटें दिखाई देने लगी। आग देख गली में अफरा-तफरी मच गई,क्योकि आसपास दूसरी दुकानें भी थी। उन दुकानों के व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए। आग लगने के करीब आधे घंटे बाद फायरब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उपरी मंजिल की आग पर काबू पाया। दुकान तक पहुंचने के लिए एक ही गली थी। इस कारण एक ही दमकल को जाने की वहां जगह मिल पाई थी। तीसरी और चौथी मंजिल की दुकान का उपयोग गोडाउन की तरह किया जा रहा था। आग शार्ट सर्किट के कारण लगी और दुकान में रखा कपड़ा जलकर राख हो गया। आग बुझने से दूसरे व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली,क्योकि यदि आग बुझान में देरी होती तो दूसरी दुकानों को भी लपटें चपेट में ले सकती थी।   पहले सराफा क्षेत्र में लगी थी आग क्लाथ मार्केट, सराफा बाजार सहित कई क्षेत्र की सड़कें काफी संकरी है। यहां आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को परेशानी आती है। सालभर पहले सराफा बाजार में भी आग लगने से दो दुकानें जलकर राख हो गई थी। तब सराफा चौपाटी को हटाने की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई थी। इन इलाकों में पार्किंग भी सड़क पर होने की वजह से बड़े वाहन गलियों में नहीं जा पाते है।

बैंकॉक के स्कूली बस में लगी आग, छात्रों समेत 25 लोगों के जलकर मारे जाने की खबर

बैंकॉक  थाईलैंड के एक स्कूली बस में आग लग जाने से छात्रों समेत कम से कम 25 लोगों के मारे जाने की आशंका है। दमकल और बचाव दल मौके पर हैं। अधिकारियों और बचावकर्मियों ने ही यह जानकारी दी है। हादसे के दौरान झुलसने से कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जाहिर की जा रही है। हादसा किस वजह से हुआ, इस बारे में अभी कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोग भी बचाव और राहत दलों के साथ आग बुझाने और पीड़ितों की मदद करने में जुटे थे। बैंकॉक पोस्ट के अनुसार यह बस उथाई थानी में एक स्कूल से छात्रों को ले जा रही थी। इसी दौरान इसमें आग लग गई। बचावकर्मियों ने कहा कि आग की लपटों में कई युवा यात्रियों की मौत हो गई या वे घायल हो गए। जोर सोर 100 ट्रैफिक रेडियो नेटवर्क ने दोपहर 12.30 बजे ज़ीर रंगसिट शॉपिंग मॉल के पास इनबाउंड फाहोन योथिन रोड पर बस में आग लगने की सूचना दी। फायर एंड रेस्क्यू थाईलैंड और थाई पीबीएस ने कहा कि बस 38 छात्रों और छह शिक्षकों को शैक्षिक यात्रा के लिए उथाई थानी के लैन सक जिले के वाट खाओ प्रया संगखारम से ले गई थी। उनका गंतव्य ज्ञात नहीं था। ट्रैफिक पुलिस रेडियो ने कहा कि कई यात्रियों की मौत हो गई या वे घायल हो गए। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर बोले- CNG से चल रही थी बस थाइलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा ने हादसे में जाने गंवाने वाले बच्चों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लेने का आदेश दिया है। वहीं देश के गृह मंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा कि बचावकर्मियों के पहुंचने के बाद भी बस इतनी ज्यादा गर्म थी कि उसके अंदर जाना बेहद मुश्किल था। इस वजह से हादसे के काफी देर बाद तक शव बस में ही थे। मरने वालों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। थाइलैंड के ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा कि बस कॉम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) से चल रही थी। यह बेहद दुखद घटना है। मैंने मंत्रालय से इस तरह के पैसेंजर व्हीकल्स के लिए CNG जैसे फ्यूल का इस्तेमाल बैन कर कोई और विकल्प तलाशने को कहा है। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों की संख्या के आधार पर 25 लोगों के मारे जाने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि बस अभी भी इतनी गर्म थी कि वे सुरक्षित रूप से अंदर नहीं जा सके। सोशल मीडिया पर आए इस घटना के वीडियो में नजर आ रहा है कि बस जल रही है है और इससे काले धुएं का गुबार निकल रहा है। छात्रों की उम्र और इस घटना के संबंध में अन्य विवरण की जानकारी नहीं है। घटनास्थल पर मौजूद एक बचावकर्मी ने सूरिया को बताया कि संभवतः बस का एक टायर फटने और फिर सड़क अवरोधक से उसके टकरा जाने के कारण आग लगी। बचाव समूह ‘होंगसाकुल खलोंग लुआंग 21’ ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर बताया कि बस से कम से कम दस शव बरामद किए गए हैं।

उज्जैन में दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक

उज्जैन उज्जैन के नीलंगगा इलाके की तीन दुकानों में सोमवार सुबह करीब पांच बजे आग लग गई। देखते ही देखते लाखों का माल जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड की तीन दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरा इलाका धुएं से भर गया था। फायरमैन अंकित राजपूत ने बताया कि सोमवार सुबह 5:00 बजे पता चला कि नीलगंगा थाना क्षेत्र की तीन दुकानों में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलने के बाद ही हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां हमने तुरंत आग को बुझाने का प्रयास किया। आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने के लिए तीन दमकलों का सहारा लेना पड़ा। घटनास्थल पर नीलगंगा थाना पुलिस भी पहुंच चुकी थी। पुलिस ने बताया कि जिन दुकानों में आग लगी है, उनमें एक टायर की, दूसरी फैब्रिकेशन और तीसरी दुकान डेंटिंग-पेंटिंग की है। पुलिस ने बताया कि आग सुबह पांच बजे लगी है। यह आग कैसे लगी और इस आग से कितना नुकसान हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। उसके बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे।    

नोएडा के LOGIX मॉल में लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड

नोएडा नोएडा के लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक शोरूम में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियों और नोएडा पुलिस के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोकने के लिए आनन-फानन में पूरे मॉल को खाली करा लिया। जानकारी के अनुसार, नोएडा के थाना सेक्टर-24 के अंतर्गत आने वाले लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक कपड़े के शोरूम में शुक्रवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। थाना सेक्टर 24 पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। मॉल में धुआं भरने के बाद सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया। फायर विभाग मौके पर है और आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मॉल के अंदर कोई फंसा हुआ नहीं है। जैसे ही मॉल में धुआं भरना शुरू हुआ, वैसे ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मॉल प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक चरण में आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग का दायरा बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस बल और अग्निशमन विभाग को दी गई। इसके बाद दमकल  की 6 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद 4 और गाड़ियां वहां पहुंच गईं। इस घटना में अभी तक किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। मॉल के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्रित हैं। मौके पर मौजूद एक दमकल अधिकारी ने बताया कि हम लोगों को सुबह 11 बजे फायर सर्विस यूनिट को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि लॉजिक्स मॉल के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित एडिडास का शोरूम, जोकि बंद था उसमें आग लगी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने यहां पर 10 गाड़ियां भेजी हैं। दमकल कर्मियों ने आग पूरी तरह बुझा दी है, अब मशीनों के माध्यम से मॉल में भरे धुएं को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हम आसपास की दुकानों में भी वायरिंग और आग की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि हमने ऊपर से नीचे तक पूरा मॉल चेक कर लिया है, अंदर किसी भी फ्लोर पर कोई फंसा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि, शोरूम का शटर बंद और और मॉल भी पूरी तरह से खुला नहीं था, इसलिए शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है।    

ग्वालियर में तीन मंजिला घर में लगी भीषण आग, पिता के साथ जिंदा जलीं दो बेटियां

ग्वालियर  ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र में तीन मंजिला घर में भयंकर आग लग गई। आग लगने से पिता और दो बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी है। फायरब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया । बता दें कि आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और घर में भगदड़ का माहौल बन गया । इस हादसे में मौजूद सभी लोग बाहर निकल गए हैं। लेकिन पिता और बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौके पर मौत हो गई । मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम लोगों ने तुरंत पुलिस और फायरब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। इसके बाद फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू किया। सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई थी। घर के नीचे था गोदाम पुलिस के अनुसार मृतकों में एक व्यापारी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं। बता दें कि ये घटना देर रात लगभग दो बजे के आसपास की है। घटना बहोड़ापुर इलाके में संत कृपाल सिंह के आश्रम के सामने वाली गली की है। यहां विजय गुप्ता का परिवार ड्राई फ्रूट का कारोबार करता है। घर में नीचे मेवे का गोदाम है, जबकि उसी भवन की ऊपरी मंजिल पर गुप्ता परिवार रहता था। घर से बाहर आने का एक रास्ता बंद था और दूसरे रास्ते में लगातार आग की लपटें उठ रही थी। इसलिए पिता और बेटी घर से बाहर नहीं निकल पाए और जिंदा जलने से उनकी मौत हो गई। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि दुकान या गोदाम में शार्ट सर्किट हुआ और उसमें रखा सामान जलने लगा और धीरे धीरे आग पूरे मकान में फैल गई।

UP के Shahjahanpur में एक सिनेमा हॉल में लगी भीषण आग, मिनटों में सब कुछ जलकर हो गया खाक

शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक सिनेमा हॉल में भीषण आग लग गई. आग लगने से सिनेमाघर में अफरातफरी मच गई और मनटों में सबकुछ जलकर खाक हो गया. आग लगने की वजह बिजली में शॉर्ट सर्किट बताई  जा रही है. इस सिनेमा हॉल का नाम अंबा सिनेप्लेक्स है. आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें कई मीटर तक उठती हुई दिखाई दे रही थी. फिलहाल दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रही. यह भीषण आग कोतवाली क्षेत्र के अंबा सिनेमा घर की है जहां रात 11:00 बजे सिनेमा घर के अंदर बिजली के तारों में जबरदस्त शॉर्ट सर्किट हुआ. शॉर्ट  सर्किट से आग लग गई. बताया जा रहा है कि फिल्म का शो खत्म हो चुका था जिसके बाद करीब आधे घंटे बाद जब सिनेमा हॉल के कर्मचारी बाहर बैठे हुए थे तभी शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, आग ने सिनेमा घर की कुर्सियों और पूरे हॉल को अपनी चपेट में ले लिया. पुलिस ने आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है. आग लगने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची आधा दर्जन दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. देर रात तक सिनेमा घर में आज की लपटें उठती रही लेकिन बाद में उसे बुझा दिया गया.  

धमना में विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में धमाका, 5 लोगों की मौत, कई घायल

IMG 20240615 WA0017

नागपुर  महाराष्ट्र में नागपुर शहर के निकट विस्फोटक बनाने वाले एक कारखाने में गुरुवार दोपहर में बड़ा धमाका हो गया। इस धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई, वहीं कम से कम पांच अन्य घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना नागपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर हिंगना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमना गांव में चामुंडी एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड में हुई। कब हुआ धमाका पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे हुई। विस्फोट उस समय हुआ जब श्रमिक विस्फोटक सामग्री पैक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने बताया कि मौके पर राहत और बचाव का काम जारी है। नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल ने बताया कि आज लगभग 1 बजे चामुंडा एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में यह ब्लास्ट हुआ है… इस घटना में लगभग 4-5 कामगारों की मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया पता चला है कि लगभग 4-5 लोग घायल हैं… आगे की जांच जारी है। यह फैक्ट्री नागपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है. नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल का कहना है, ‘इस घटना में करीब 4-5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं. हमारी जांच जारी है. हमारी टीम, क्राइम ब्रांच और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, कार्रवाई की जा रही है.’ वहीं, एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट दोपहर करीब एक बजे हुआ जब कर्मचारी विस्फोटक पैक कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में नागपुर के चकदोह में एक विस्फोटक निर्माण फैक्ट्री में इसी तरह के विस्फोट में नौ लोगों की जान चली गई थी. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी.

गाजियाबाद की बहु मंजिला इमारत में भीषण आग का कहर, 2 बच्चों समेत 5 लोगों की मौत

गाजियाबाद गाजियाबाद के लोनी में बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई. यहां 3 मंजिला मकान में आग लग गई थी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. लोगों का कहना है कि आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी, जिसकी वजह से घर में फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. उन्होंने इधर-उधर जाकर काफी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए. महिलाएं और बच्चे आग में फंसकर चीख रहे थे. घर में फोम की शीट काफी मात्रा में स्टोर कर रखी गई थी. कई केन में कोई केमिकल भी रखा हुआ था, जिससे आग तेजी के साथ फैल गई. आशंका है कि यहां फोम की शीट का इस्तेमाल किसी काम में किया जा रहा था. घटना के बारे में जानकारी मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को काबू किया. इसी के साथ आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन हादसे में 5 लोगों की जान चली गई. आशंका है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी, जिसने भीषण रूप ले लिया. तंग गलियों की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मकान तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी. होज पाइप फैलाकर आग पर काबू पाया गया. फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर जांच में जुटे हैं. जांच के बाद ही हादसे से जुड़ी चीजें साफ हो पाएंगी. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) अंकुर विहार भास्कर वर्मा ने बताया कि बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बेहटा हाजीपुर में इमारत में आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और बिल्डिंग से एक महिला और एक बच्चे को बचाया. पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है. गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी ने कहा कि आग बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर लगी और तेजी से पहली और दूसरी मंजिल तक फैल गई, जिससे उसमें रहने वाले लोग फंस गए. घर में रखे फोम के कारण आग फैलती गई. इसके बाद जब देखा गया तो घर से पांच शव बरामद हुए. पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सैफुल रहमान, सैफुल की पत्नी 32 वर्षीय नाजिरा, 7 वर्षीय बेटी इसरा, 7 महीने का बच्चा फैज और 25 वर्षीय फरहीन उर्फ ​​परवीन के रूप में हुई है. वहीं इस घटना में घायल 10 वर्षीय अर्श और 25 वर्षीय उज्मा को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

विदिशा में पेस्टिसाइड फैक्ट्री में लगी भीषण आग, केमिकल से भरा ड्रम फटने से हुआ भयंकर हादसा, 15 फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद

 विदिशा विदिशा में पूर्व विधायक शशांक भार्गव की फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. आग बुझाने के प्रयास में करीब 15 दमकलें जुटी हुई हैं, लेकिन आग पर पार्नी डालने से आग और भड़क रही है. अब भोपाल और बीना से फोम वाली दमकलें पहुंची, जिससे आग पर काबू पाया जा सके. बता दें आज सुबह 7 बजे बीजेपी के पूर्व विधायक व भाजपा नेता शशांक भार्गव की यूनिकल पेस्टिसाइड्स फैक्ट्री में आग लग गई. शुरुआत में आग पर काबू पाने के लिए चार दमकलें प्रयास कर रही थी, जिसके बाद और दमकलें बुलाई गई. करीब 15 दमकलों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पानी डलने से आग और भडक़ रही है. इधर प्रशासन ने एहतियासन आसपास के इलाकों को खाली करा लिया है. जहरीला धुआं भी लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रहा है. तीन घंटे बाद भी काबू नहीं बता दें तीन घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका. अब आग बुझाने के लए भोपाल व बीना से फोम वाली दमकलें बुलर्वाई गई. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में करीब 800 से ज्यादा केमिकल की टंकियां रखी थीं. केमिकल की टंकियां फटने की वजह से आग फैली है. आगजनी की घटना से आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है. इस फैक्ट्री से सटी कई फैक्ट्रियां भी हैं. जहरीले धुएं से बचने पहने मास्क बता दें फैक्ट्री में लगी से जो धुआं उठ रहा है, वह केमिकल की वजह से जहरील हैं. धुएं से बचने के लिए आग बुझाने के प्रयास में जुटे दमकलकर्मी व मौके पर मौजूद प्रशासनिक अफसर व पुलिस जवान भी मास्क पहने हुए हैं. इधर पुलिस ने एहतियातन आसपास के क्षेत्रों को खाली कराया है.

पीथमपुर की प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दमकलें बुझाने में जुटीं, 10 किमी दूर से दिख रहा धुआं

11A 53

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया है। यहां एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयावह है कि इसकी लपटें काफी दूर से दिख रही हैं। मौके पर दमकल की 10 गाड़ियां पहुंच गई हैं और आग बुझाने का काम कर रही हैं। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के प्लांट को भी खाली करवा दिया गया है। फिगनेट फैक्ट्री में लगी है आग दरअसल, यह धार जिले के पीथमपुर स्थित फिगनेट फैक्ट्री में लगी है। धार के बदनावर सहित आसपास की दमकल मौके पर पहुंच गई है। साथ ही अधिकारी भी वहां पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में प्लास्टिक के पाइप बनाए जाते हैं। पाइपों की वजह से तेजी से आग फैल रही है। आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि आग सुबह सात से साढ़े सात बजे के करीब भड़की थी। जानकारी के मुताबिक, आग फैक्ट्री के गोदाम में लगी है, जहां बड़ी संख्या में प्लास्टिक के पाइप रखे हुए थे. वहीं पाइप की वजह से आग विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते आग का धुएं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा. घटना की जानकारी मिलते ही पीतमपुर पुलिस की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई. समाचार लिखे जाने तक आप पर काबू नहीं पाया जा सका. फिलहाल फैक्ट्री में लगी आग में किसी जनहानि की खबर सामने नहीं आई है. आग कैसे लगी, इसका कारण अभी पता नहीं लग पाया है. आग बुझाने के लिए पीथमपुर इंदौर, धार और बदनावर से  फायर फाइटर मौके पर पहुंच गए हैं. वहीं, इस आग से कोई जनहानि नहीं हुई है। दमकल की गाड़ियां लगातार आग पर काबू पाने में जुटी है। लपटें 10 किमी दूर से दिख रही हैं। हालांकि यहां आसपास सर्विंसिंग के लिए 10 से अधिक कारें आई थीं, वह जल गई हैं। आग कैसे लगी है कि इसका कारण अभी तक साफ नहीं हुआ है। वहीं, पुलिस की कई टीमें मौके पर मौजूद हैं जो स्थिति को नियंत्रण करने में जुटी है। इसके बाद कारण पता लगाया जाएगा कि आग कैसे लगी है। प्लास्टिक फैक्ट्री होने की वजह से आग की लपटें तेज होती जा रही हैं। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में मध्य प्रदेश के धार जिले में मौके पर पहुंचे तहसीलदार प्रताप अगासिया के अनुसार कास्ता पाइप फैक्ट्री में आग लगी है जिसे बुझाने का प्रयास किया गया स्थिति अब नियंत्रण में है। लेकिन फैक्ट्री में कितना नुकसान हुआ है, चूंकि फैक्ट्री में भीषण आग लगी है. नुकसान का आकलन अभी तक नहीं हो पाया है. वहीं बगदून पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची थी जहां 10 से अधिक दमकल आग बुझाने के लिए पहुंच थे। आसपास की फैक्ट्रियों को भी अलर्ट किया जा चुका है। आग लगने का कारण अभी तक सामने नही आया है। आशंका जताई जा रही है कि आग शार्ट सर्किट के कारण लगी होगी।

पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, 3 जनरल कोच पूरी तरह जले.

Pataalkot Express; Fire Broke; Indian Railways; Sahara Samachaar;

Fire broke out in the Patalkot Express, completely burning three general coaches. मनीष त्रिवेदीभांडई, पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, घटना उत्तरप्रदेश के भांडई स्टेशन की घटना, पातालकोट एक्सप्रेस आगरा की ओर जा रही थी, चलते चलते सामान्य श्रेणी के कोच में आग भड़क गयी. आग की चपेट में पातालकोट एक्सप्रेस के तीन कोच आ गए. 3 जनरल कोच पूरी तरह जल गए। घटना को देखते हुए झांसी से दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक दोनों ट्रेक पर किया बंद. मौके पर रेलवे के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गए. इस घटना में 13 लोग घायल हुए, 7 लोगों को एस ऐन मेडिकल कॉलेज में, जबकि 6 यात्री सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. आग लगने के बाद कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet