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टीम इंडिया के लिए गौतम गंभीर 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खत्म होने के बाद से अगले तीन महीने तक भारतीय टीम एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेलेगी, क्योंकि इस दौरान आईपीएल का आयोजन होगा और 20 जून से इंग्लैंड का दौरा शुरू होगा। इस दौरान टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी तो आईपीएल खेलेंगे, लेकिन उस समय हेड कोच गौतम गंभीर क्या कर रहे होंगे? ये एक सवाल आपके दिमाग में भी आया होगा। आप सोच रहे होंगे कि बाकी कोचों की तरह वे घर पर आराम करेंगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। कुछ दिन के ब्रेक के बाद वे फिर से काम पर जुट जाएंगे और टीम इंडिया के लिए 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। जून के तीसरे सप्ताह से टीम इंडिया को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में खेलनी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र का हिस्सा होगी। गंभीर इसी सीरीज की तैयारी के लिए इंग्लैंड जाएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो गंभीर ने 20 जून से शुरू हो रहे टेस्ट दौरे से पहले इंडिया ‘ए’ टीम के साथ इंग्लैंड जाने का फैसला किया है। बीसीसीआई के पास डेवलेपमेंट्स टीमों के लिए कोई नॉमिनेटेड कोच नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गंभीर सिर्फ ऑब्जर्वर के तौर पर ट्रेवल करेंगे या फिर बोर्ड वीवीएस लक्ष्मण को कोच के तौर पर भेजेगा। जब से राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के हेड कोच बने थे, तभी से इंडिया ए और अंडर 19 टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख को मिलती रही है। ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य टीम का कोच इंडिया ए टीम के साथ ट्रेवल करेगा। सूत्रों ने टीओआई को बताया कि गंभीर 2027 वनडे विश्व कप के लिए अगले दो वर्षों के लिए सभी प्रारूपों के रोडमैप पर काम कर रहे हैं, इस चरण में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और 2026 टी20 विश्व कप भी शामिल होंगे। बीसीसीआई के अधिकारी ने बताया, “ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद से ही गंभीर बीसीसीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने रिजर्व पूल के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए इंडिया ‘ए’ टीम के साथ यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की है। गंभीर द्वारा कुछ वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों के लिए आग्रह करने के बाद भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती है, इसलिए भविष्य में उनसे और अधिक प्रयास करने की उम्मीद की जा सकती है।” गंभीर ने पिछले साल जुलाई से कार्यभार संभाला है और वे घर पर 3-0 से न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे हैं, लेकिन कई सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं। सूत्र ने आगे बताया, “पहचाने गए महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक इंडिया ‘ए’ दौरों को फिर से शुरू करना है। द्रविड़ के एनसीए छोड़ने के बाद से केवल कुछ ही ‘ए’ सीरीज हुई हैं और वे सभी मार्की सीरीज के लिए शेडो टूर थे। गंभीर का भी मानना ​​है कि अधिक ‘ए’ दौरे होने चाहिए। इसलिए वह स्थिति का खुद जायजा लेना चाहते हैं।” टेस्ट के अलावा गंभीर को ये भी देखना है कि वनडे में आगे कौन खेलेगा? रोहित, विराट और जडेजा ने रिटायरमेंट नहीं लिया, लेकिन सवाल ये है कि क्या वे वर्ल्ड कप 2027 में खेलेंगे?

बुरी खबर बीच सीरीज ऑस्ट्रेल‍िया से भारत लौट रहे कोच गौतम गंभीर, फैम‍िली इमरजेंसी है वजह

पर्थ   बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का जीत के साथ धमाकेदार आगाज करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर अचानक ऑस्ट्रेलिया छोड़कर भारत लौटने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके घर पर कोई मेडिकल इमरजेंसी है जिसके चलते गंभीर को जाना पड़ रहा है।र्थ के ऑप्टस स्टेडियम में भारत की ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार रहे गंभीर हालांकि एडिलेड में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले वापस लौट आएंगे। मामले से जुड़े सूत्रों ने पहले टेस्ट मैच में भारत की जीत के कुछ घंटों बाद इस घटनाक्रम की पुष्टि की। पर्थ में 295 रनों की जीत के साथ भारत 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गया है, जिससे वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए आखिरी समय में प्रयास कर रहे हैं। प्रेक्टिस सेशन में नहीं रहेंगे गंभीर भारतीय टीम बुधवार को दो दिवसीय पिंक-बॉल टूर गेम के लिए कैनबरा जाने वाली है। हालांकि, गौतम गंभीर शनिवार से शुरू होने वाले इस अभ्यास मैच के लिए टीम का हिस्सा नहीं होंगे। टीम एडिलेड में होने वाले डे-नाइट टेस्ट की तैयारी कर रही है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। प्लेइंग 11 को लेकर फंसा पेंच रोहित शर्मा और शुभमन गिल की प्लेइंग इलेवन में वापसी के कारण भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट मैच के लिए चयन में परेशानी होने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले मैच के चौथे दिन रोहित शर्मा को भारतीय ड्रेसिंग रूम में गंभीर के साथ बैठे देखा गया। रोहित को सोमवार को नेट्स में गुलाबी गेंद से अभ्यास करते हुए भी देखा गया।

दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे : गंभीर

मुंबई भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल में खराब प्रदर्शन के कारण दबाव में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बचाव करते हुए सोमवार को यहां कहा कि यह दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे। गंभीर ने इन बातों को भी खारिज कर दिया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में तीनों टेस्ट मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम दबाव में है। गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘भारतीय टीम में अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक अपनी भूमिका शानदार तरीके से निभाई है।’’ उन्होंने कहा,‘‘मैं किसी तरह का दबाव महसूस नहीं कर रहा हूं। भारतीय टीम का कोच बनना सम्मान और सौभाग्य की बात है।’’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। गंभीर से जब पूछा गया कि क्या उन्हें डंकन फ्लेचर के समय जैसा दबाव महसूस होता है जब टीम बदलाव के दौर में थी, उन्होंने कहा ,‘‘मैं बदलाव के बारे में नहीं बल्कि पांच टेस्ट मैचों के बारे में सोच रहा हूं। बदलाव हो या न हो, अगर ऐसा होना है तो होगा, लेकिन मैं भारतीय टीम में कुछ ऐसे अविश्वसनीय खिलाड़ियों को देख रहा हूं जो अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं।’’ भारतीय कोच ने यह भी पुष्टि की अगर रोहित शर्मा निजी कारणों से पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाते हैं तो उप कप्तान जसप्रीत बुमराह टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के पास सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए केएल राहुल और अभिमन्यु ईश्वरन के रूप में विकल्प मौजूद हैंं।  

गौतम गंभीर का रिकी पोंटिंग पर पलटवार, कहा- भारत नहीं ऑस्ट्रेलिया की चिंता करें

मुंबई भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की फॉर्म और भारतीय टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठाने वाले रिकी पोंटिंग पर पलटवार करते हुए सोमवार को यहां कहा कि ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज खिलाड़ी को केवल अपने देश की क्रिकेट को लेकर चिंता करनी चाहिए। पोंटिंग ने हाल में कहा था कि कोहली की फॉर्म चिंता का विषय है क्योंकि पिछले पांच वर्षों में यह भारतीय बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में केवल दो शतक लगा पाया है लेकिन उन्होंने इसके साथ ही कहा था कि यह स्टार बल्लेबाज वापसी करने में सक्षम है और इसके लिए ऑस्ट्रेलिया से बेहतर कोई दूसरी जगह नहीं हो सकती है। गंभीर ने भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘पोंटिंग का भारतीय क्रिकेट से क्या लेना देना है। मुझे लगता है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट के बारे में चिंतित होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चाहे विराट हो या रोहित, मैं किसी को लेकर चिंतित नहीं हूं।’’ कोहली इस साल अभी तक टेस्ट मैचों में केवल एक अर्धशतक लगा पाए हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ कानपुर टेस्ट में 70 रन बनाए थे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपना आखिरी शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ जुलाई 2023 में लगाया था। भारत हाल में न्यूजीलैंड से घरेलू श्रृंखला में तीनों मैच हार गया था। कोहली ने इस श्रृंखला में 93 जबकि कप्तान रोहित शर्मा ने 91 रन बनाए। गंभीर से जब पूछा गया कि क्या इन दोनों सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय है, उन्होंने कहा,‘‘कतई नहीं। वे बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं और उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए काफी उपलब्धियां हासिल की हैं और वह भविष्य में भी काफी उपलब्धियां हासिल करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें है कि वे अब भी वास्तव में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनके पास अब भी जुनून है। वे अब भी काफी कुछ हासिल करना चाहते हैं और यह चीज बेहद महत्वपूर्ण है।’’ गंभीर ने कहा कि विशेषकर न्यूजीलैंड के हाथों हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होना काफी मायने रखता है। उन्होंने कहा,‘‘ भारतीय ड्रेसिंग रूम में अच्छा प्रदर्शन करने की अदम्य इच्छा होना मेरे और सभी खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्व रखता है विशेष कर पिछली श्रृंखला के परिणाम को देखकर। ’’ गंभीर को उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए कुछ खास तरह के विकेट तैयार नहीं करेगा और उन्होंने कहा कि भारत अगर अपनी पूरी क्षमता से खेलता है तो वह किसी भी तरह के विकेट पर जीत हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा,‘‘वे किस तरह का विकेट तैयार करते हैं इस पर हमारा नियंत्रण नहीं है। यह उन पर निर्भर करता है। हम किसी भी तरह के विकेट या किसी भी तरह की परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयार हैं। हम सभी जानते हैं कि अगर हम अपनी क्षमता से खेलते हैं, अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं तो हम किसी भी तरह की विकेट पर किसी भी टीम को हरा सकते हैं।’’  

भारतीय टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी हार सेकोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठने लगे

मुंबई  भारतीय टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी हार से टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठने लगे हैं। गंभीर को अभी तीन माह पहले ही कोच बनाया गया था। उसके बाद से ही भारतीय टीम का प्रदर्शन कुछ विशेष नहीं रहा है। गंभीर को टीम चयन मामलों में भी पूरे अघिकार दिये गये थे उसके बाद भी वह परिणाम नहीं दे पाये हैं। अब गंभीर की ऑस्ट्रेलिया दौरे में कड़ी परीक्षा होगी। वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता तो गंभीर की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम 27 साल में पहली बार श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हारी। इसके बाद अब उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का शिकार होना पड़ा है। इससे पहले भारतीय टीम कभी भी तीन या उससे अधिक मैचों की सीरीज में नहीं हारी है। हालांकि उनके बचाव में कहा जा रहा है कि टीम के साथ कोच केवल योजना ही बना सकता है पर स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी जानने के बाद भी मुंबई में पूरी तरह से स्पिनरों की सहायक पिच बनाने पर भी सवाल उठे हैं। मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को नाइटवाचमैन के रूप में भेजने और पहली पारी में सरफराज खान को आठवें नंबर पर भेजने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘गंभीर को ऐसा अधिकार दिया गया है जो इससे पहले कोच रहे रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ को नहीं मिला था। बीसीसीआई के नियम कोच को चयन समिति की बैठकों का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देते हैं पर ऑस्ट्रेलिया दौरे की चयन बैठक के लिए गंभीर को अपने सुझाव देने का अवसर दिया गया।’ बोर्ड के इस अधिकारी ने कहा, ‘दौरे के महत्व को देखते हुए मुख्य कोच को इसमें भाग लेने की अनुमति दी गई थी।’ दिल्ली और केकेआर के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आंध्र और एसआरएच के ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को मुख्य कोच की मांग पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए शामिल किया गया है।    

गौतम गंभीर मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे, वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया

ग्वालियर  भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो रही है। सीरीज का पहला मुकाबला ग्वालियर के नए माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम पर होना है। इस मैच के लिए दोनों ही टीमें ग्वालियर पहुंच चुकी हैं। मैच की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। 14 साल बाद ग्वालियर में कोई इंटरनेशनल मैच खेला जा रहा है। आखिरी बार 2010 में यहां हुए मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक लगाया था। मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ग्वालियर के पास स्थित दतिया के मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे। नवरात्री की शुरुआत हो चुकी है और भारतीय हेड कोच ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस दौरा पीला कुर्ता पहन रखा था। इसके साथ ही उन्होंने भगवान वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। मां पीतांबरा सिद्धपीठ की स्‍थापना 1935 में की गई थी। यहां मां के दर्शन के लिए कोई दरबार नहीं सजाया जाता बल्कि एक छोटी सी खिड़की है, जिससे मां के दर्शन का सौभाग्‍य मिलता है। भारी सुरक्षा के बीच खेला जाएगा मैच मैच की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर ग्वालियर के अलावा बाहर से भी पुलिस बल बुलाया गया है। खिलाड़ियों को एयरपोर्ट से होटल लाने और होटल से स्टेडियम तक ले जाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। स्टेडियम में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले ही सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे। 6 घंटे में ही बिक गए टिकट माधवराव सिंधिया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस मैच को लेकर ग्वालियर के दर्शकों में भारी उत्साह है। 20 सितंबर को सुबह 10 बजे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। 6 घंटे में 22400 टिकट बिक गए। 1500 टिकट छात्रों के लिए और 100 टिकट दिव्यांगों के लिए पहले ही आरक्षित रखे गए थे। वहीं 6000 टिकट वीआईपी के लिए रखे गए हैं।

गौतम गंभीर को वर्ल्ड चैंपियन, IPL चैंपियन की अधूरी ख्वाहिश

नई दिल्ली  गौतम गंभीर को 9 जुलाई 2024 को 2027 तक के लिए भारतीय मेंस टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। वह राहुल द्रविड़ की जगह ले चुके हैं, जिनका कार्यकाल टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो गया था। 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में पैदा हुए गौतम गंभीर अपने दौर के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार थे। 2004 में टेस्ट डेब्यू के बाद गंभीर का करियर 2008 तक उतार-चढ़ाव भरा रहा। अपने कभी हार न मानने के जज्बे के कारण उन्होंने जल्द ही टीम में जगह पक्की कर ली। दो-दो वर्ल्ड कप, तीन बार आईपीएल चैंपियन जीतने वाले गंभीर ने करियर में सबकुछ हासिल किया, जिसके वो हकदार थे, लेकिन उनके करियर में दो डबल जीरो काले दाग की तरह है। जीजी को भी इसकी कसक होती होगी। चलिए जानते हैं क्या है गंभीर के करियर की ये कसक और क्या है उनके डबल जीरो… डबल जीरो की कहानी क्या है? एक बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने और दो बार आईपीएल चैंपियन बनने के बावजूद गौतम गंभीर दोनों ही टूर्नामेंट में कभी शतक नहीं जड़ पाए। 37 टी-20 इंटरनेशनल मैच में गंभीर ने सात अर्धशतक जरूर जमाए, लेकिन एक भी सेंचुरी नहीं लगा पाए। दूसरी ओर आईपीएल में उन्होंने 154 मैच खेले, जिसमें 36 अर्धशतक जरूर जमाए, लेकिन यहां भी शतक नहीं बना पाए। गौतम गंभीर के खेल में वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के कुछ न कुछ गुण समाहित थे। गंभीर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर थे। तेजी से रन बनाने के लिए पहचाने जाते थे, वह दोनों ही फॉर्मेट में शतक डिजर्व करते थे। मगर ऐसा हो न सका। कैसा है T20I और IPL करियर गौतम गंभीर ने 37 टी-20 इंटरनेशनल की 36 पारियों में 27.41 की औसत और 119.02 की स्ट्राइक रेट से 932 रन बनाए हैं, उनका सर्वोच्च स्कोर 75 है। आईपीएल के 154 मैच में गंभीर ने 4217 रन बनाए। 31.24 की एवरेज और 123.88 की स्ट्राइक रेट से बनाए गए इन रनों के दौरान 93 उनका बेस्ट स्कोर था। अपनी शर्तों पर काम करने वाला शख्स गौतम गंभीर को अपनी शर्तों पर काम करने वाला व्यक्ति भी माना जाता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका में वह किस तरह से आगे बढ़ते हैं। गंभीर वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर भारतीय सलामी जोड़ी को नई दिशा दी थी, लेकिन उन्हें अपने मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है और यही वजह है कि वनडे विश्व कप 2011 में खिताब जीत का श्रेय केवल महेंद्र सिंह धोनी को मिलने पर उन्होंने जब तब आपत्ति जताई। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार चैंपियन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह एक कुशल रणनीतिकार हैं। इस साल आईपीएल में वह कोलकाता के मेंटॉर बने थे और यह टीम तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रही थी।

गौतम गंभीर बने भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच, अब इन सूरमाओं का क्या होगा?

मुंबई 2007 और 2011 की टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन भारतीय टीम के सदस्य रहे पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट टीम के नए हेड कोच बन गए हैं। बीसीसीआई ने मंगलवार को उन्हें राहुल द्रविड़ का उत्तराधिकारी नियुक्त किया। भारत की 2011 एकदिवसीय विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 42 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर द्रविड़ की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे थे। द्रविड़ का कार्यकाल पिछले महीने बारबाडोस में टी-20 विश्व कप में भारत की जीत के साथ खत्म हुआ था। नवंबर 2021 में रवि शास्त्री की जगह लेने वाले द्रविड़ के बाद वीवीएस लक्ष्मण के मुख्य कोच का पद संभालने से इनकार करने के बाद गंभीर ही बीसीसीआई की पहली पसंद बन गए। ऐसे में चलिए आपको वो पांच वजह बताते हैं, जो गौतम गंभीर को इस पोजिशन के लिए परफेक्ट चॉइस बनाते हैं। युवा टैलेंट खोजने में माहिर: गौतम गंभीर को उनके खिलाड़ी और फैंस द्वारा एक विश्वसनीय और प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है। नवदीप सैनी, हर्षित राणा, मयंक यादव, मोहसिन खान सरीखे कई प्लेयर्स गंभीर को अपना गॉडफादर मानते हैं। पुराने खिलाड़ियों की जगब अब नए हेड कोच रियान पराग, अभिषेक शर्मा जैसे युवा चेहरों पर दांव लगाते नजर आ सकते हैं। खेल की बेहतर समझ: गौतम गंभीर एक अनुभवी और सफल क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में बड़ी सफलताएं हासिल की। उनके पास खेल की गहरी समझ है। साल 2003 में भारतीय नेशनल टीम के लिए डेब्यू करने वाले गंभीर ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी दृढ़ता और कौशल से जल्द ही छाप छोड़ी। गंभीर के करियर ने सही मायने में 2007 में उड़ान भरी। फैंस का इंतजार हुआ खत्म, गौतम गंभीर बने टीम इंडिया के कोच एग्रेसिव माइंडसेट:गौतम गंभीर के खेल में सौरव गांगुली की झलक दिखती है। वह ऑस्ट्रेलियाई माइंडसेट से खेलते हैं। एग्रेसिव प्लानिंग करते हैं। मैदान पर उनके बिहेवियर से लेकर फैसलों में इसकी झलक मिल जाती है। उनके खुद के खेलने का अनुभव और टीम इंडिया में भावनाओं, दबावों और जरूरतों को समझने की ताकत से गंभीर काफी आगे जा सकते हैं। लीडरशिप क्वालिटी: गौतम गंभीर को उनकी लीडरशिप क्षमता के लिए पहचाना जाता है। वे फील्ड पर बेहद आक्रामकता के साथ टीम लीड करते हैं। गंभीर को नेशनल टीम के साथ कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपनी कप्तानी का लोहा तब मनवाया जब उन्होंने आईपीएल में केकेआर को दो-दो बार चैंपियन बनाया। पहली बार लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए कोचिंग में हाथ आजमाया और लगातार दो सीजन टीम प्लेऑफ में पहुंची। केकेआर का मेंटॉर बनकर टीम को तीसरा खिताब दिलाया।    बतौर मेंटोर कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल 2024 का चैंपियन बनाने के बाद गौतम गंभीर काफी ज्यादा चर्चा में थे। हर कोई चाहता था कि राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गंभीर ही भारतीय टीम के अगले हेड कोच बनें। बीसीसीआई ने भी ऐसा किया। उन्होंने गौतम गंभीर को अपना अगला हेड कोच चुना। हालांकि आज हम बात करने वाले हैं 4 ऐसे खिलाड़ियों की जिनपर गंभीर के हेड कोच बनने के बाद सबकी नजरें होंगी। रोहित शर्मा टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद रोहित शर्मा अब वनडे और टेस्ट ही खेलते हुए नजर आएंगे। गंभीर की लीडरशिप में रोहित अहम भूमिका निभा सकते हैं। रोहित भविष्य के लिए अपने अंडर एक नए कप्तान को ग्रूम कर सकते हैं। आगामी चैंपियंस ट्रॉफी और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए रोहित दोनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए नजर आ सकते हैं। रविंद्र जडेजा अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद टी20 से रिटायरमेंट ले लिया है। अब वनडे और टेस्ट में उनको गंभीर किस तरह से खिलाते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा। टेस्ट में तो जडेजा का स्पिनर्स के मुफीद पिचों पर कोई तोड़ नहीं है। टेस्ट तो जड्डू लगातार खेलते हुए नजर आ सकते हैं। लेकिन वनडे में उनका रिप्लेसमेंट तैयार करने के लिए गंभीर दूसरे खिलाड़ियों को उनकी जगह ज्यादा मौका देकर दे सकते हैं और जडेजा को बड़े टूर्नामेंट या बड़ी सीरीज के लिए बचाकर रख सकते हैं। विराट कोहली भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने भी टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। गंभीर और कोहली के रिश्ते भी अब अच्छे हो गए हैं। ऐसे में टेस्ट और वनडे में कोहली जीजी के प्रमुख खिलाड़ी बन सकते हैं। साथ-साथ कोहली की बढ़ती उम्र को देख गंभीर उनका रिप्लेसमेंट भी तैयार करने को देख सकते हैं। केएल राहुल गौतम गंभीर के आने के बाद एक बार फिर टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टी20 टीम में केएल राहुल की एंट्री हो सकती है। गंभीर 2 साल लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटोर भी रह चुके हैं। उस वक्त केएल ने ही लखनऊ की कप्तानी की थी। तो राहुल की वापस टीम में एंट्री हो सकती है। टेस्ट और वनडे में राहुल खेलते आए हैं। गंभीर की लीडरशिप में भी वह ऐसा करते दिख सकते हैं। हालांकि अगर राहुल निरंतरता से टेस्ट में प्रदर्शन करते नजर नहीं आए तो उनका विकल्प ढूंढा जा सकता है।  

BCCI ने किया ऐलान, भारतीय टीम के नए हेड कोच होंगे गौतम गंभीर

नई दिल्ली पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर टीम इंडिया के नए हेड कोच नियुक्त किए गए हैं। बीसीसीआई ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया। गंभीर श्रीलंका दौरे से कमान संभालेंगे, जो इस महीने के अंत में शुरू होना है। भारतीय टीम दौरे पर तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलेगी। गंभीर का नेशनल लेवल पर यह पहला असाइनमेंट होगा। वह अभी तक किसी टीम के मुख्य कोच के नहीं रहे हैं। उनका कोचिंग अनुभव आईपीएल में रहा है। उनकी मेंटोरशिप में केकेआर ने आईपीएल 2024 ट्रॉफी अपने नाम की थी। वह उससे पहले दो सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के मेंटोर थे। गंभीर का कार्यकाल करीब साढ़े तीन साल का होगा। वह साल 2027 तक इस पद पर रहेंगे। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”मुझे बेहद खुशी है कि गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया है। आधुनिक समय में क्रिकेट काफी तेजी से विकसित हुआ है और गौतम ने इस बदलते परिदृश्य को काफी नजदीक से देखा है। अपने पूरे करियर में कई तरह की भूमिकाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद मुझे पूरा भरोसा है कि गौतम भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। टीम इंडिया के लिए उनका स्पष्ट दृष्टिकोण और उनके विशाल अनुभव ने उन्हें इस रोमांचक कोचिंग भूमिका को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया है। बीसीसीआई इस नई यात्रा पर उनके साथ है।” बीसीसीआई जल्द ही भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा क्योंकि बैटिंग कोच विक्रम राठौर, बॉलिंग कोच पारस महाम्ब्रे और फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल टी20 वर्ल्ड कप के बाद खत्म हो गया है।आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीसीसीआई गंभीर को सपोर्ट स्टाफ चुनने की छूट मिल सकती है।  शुभमन गिल की अगुवाई में युवा भारतीय टीम फिलहाल जिम्बाब्वे दौरे पर है। जिम्बाब्वे टी20 सीरीज में नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भारत के अंतरिम कोच की भूमिका निभा रहे हैं। गंभीर टी20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में 97 रनों की यादगार पारी खेली थी। वह भारत के लिए 58 टेस्ट (4154 रन), 147 वनडे (5238) और 37 टी20 इंटरनेशनल (932 रन) मैच खेल चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में 20 इंटरनेशल सेंचुरी लगाई और 61 अर्धशतकीय पारियां खेलीं। गंभीर ने 157 आईपीएल मैचों में 4218 रन बनाए। उनकी कप्तानी में केकेआर ने 2012 और 2014 में खिताब जीता था।  

ईडन गार्डन्स जाकर गौतम गंभीर ने KKR को कहा गुडबाय, अब कब बनेंगे टीम इंडिया के हेड कोच?

नई दिल्ली गौतम गंभीर टीम इंडिया का हेड कोच बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) जल्द ही गंभीर की नियुक्ति की घोषणा कर सकता है। हालांकि, घोषणा से पहले भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज गंभीर को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि कोलकाता नाइट राइटर्स (केकेआर) के मेंटोर गंभीर ने आईपीएल फ्रेंचाइजी को गुडबाय कह दिया है। उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में जाकर फैंस के लिए एक इमोशनल वीडियो शूट किया है। बता दें कि केकेआर ने आपीएल 2024 चैंपियन बनकर एक दशक का ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। केकेआर ने कुल तीन ट्रॉफी जीती हैं। गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने दो और मेंटोरशिप में एक ट्रॉफी हासिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर ने शुक्रवार को ईडन गार्डन पहुंचने के बाद फ्रेंचाइजी और फैंस को अलविदा कहने के लिए एक वीडियो शूट किया है। वीडियो में केकेआर के साथ गंभीर के सफर को दिखाया जाएगा। बंगाल क्रिकेट संघ के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि गंभीर 5 जुलाई को ईडन गार्डन में मौजूद थे। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर चैनल से कहा, “यह एक साधारण कार्यक्रम था लेकिन गंभीर अपने फैंस को एक संदेश के साथ अलविदा कहना चाहते थे। इसीलिए, उन्होंने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में एक वीडियो शूट किया है।” बीसीसीआई सचिव जय शाह ने सोमवार को बगैर नाम बताए कहा था कि भारतीय टीम को इस महीने के अंत में श्रीलंका में शुरू होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज से एक नया हेड कोच मिलेगा। भारत को श्रीलंका में तीन टी20 मैच और इतने ही वनडे खेलने हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय टीम फिलहाल जिम्बाब्वे दौरे पर है। वीवीएस लक्ष्मण और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में उनका सहयोगी स्टाफ जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम के साथ गया है। गौरतलब है कि राहुल द्रविड़ का बतौर हेड कोच कार्यकाल समाप्त हो चुका है। द्रविड़ का आखिरी असाइनमेंट टी20 वर्ल्ड कप 2024 था। टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप जीतकर देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।  

टीम के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर की नियुक्ति पक्की, BCCI ने मानी सभी शर्तें

नई दिल्ली  भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की नियुक्ति लगभग पक्की हो गई है। वर्तमान कोच राहुल द्रविड़ का अनुबंध मौजूदा टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो जाएगा। ऐसे में पूरी संभावना है कि जून के आखिरी हफ्ते में बीसीसीआई गंभीर की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर देगा। मीडिया सूत्रों की माने तो गौतम गंभीर अपनी शर्तों पर हेड कोच बनने के लिए तैयार हुए हैं। उन्होंने बीसीसीआई के सामने कुछ डिमांड रखी, जिसे बोर्ड ने स्वीकार किया उसके बाद ही 2007 और 2011 वर्ल्ड कप चैंपियन प्लेयर ने हामी भरी। गौतम गंभीर की 5 शर्त     टीम इंडिया पर चाहिए पूरा कंट्रोल     सपोर्ट कोचिंग स्टाफ चुनने की आजादी     CT25 सीनियर प्लेयर्स का आखिरी मौका     टेस्ट की टीम इंडिया पूरी तरह अलग     2027 वर्ल्ड कप के लिए रोडमैप तैयार गौतम गंभीर की पांच शर्त गंभीर की एंट्री से इन 4 प्लेयर्स की छुट्टी 42 वर्षीय गौतम गंभीर की देखरेख, मेंटॉरशिप में ही कोलकाता नाइटराइडर्स 10 साल का सूखा खत्म करने में कामयाब रहा था और 2014 के बाद पहली बार और कुल तीसरी बार आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। अब जब गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बनने जा रहे हैं तो इतना तय है कि टीम में बड़े बदलाव होंगे। आक्रामक रवैये वाले दिल्ली के इस पूर्व खिलाड़ी के आने के बाद इन चार खिलाड़ियों की छुट्टी तय है। विराट कोहली- तीनों फॉर्मट में रनों का अंबार लगा चुके विराट कोहली भारत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार हैं। 2008 में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करने वाले विराट ने भारत को कई मैच जिताए हैं। गौतम गंभीर का मानना है कि अब विराट को सिर्फ टेस्ट और वनडे फॉर्मेट पर ही फोकस करना चाहिए। टी-20 में नए खिलाड़ियों को मौका मिलने की जरूरत है। रोहित शर्मा- मौजूदा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भारत के लिए 2007 में डेब्यू किया था। विराट की कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें कैप्टन बनाया गया। फिलहाल वह तीनों फॉर्मेट में भारत की अगुवाई कर रहे हैं। वैसे भी बीते कई साल से टी-20 फॉर्मेट में हिटमैन का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। ऐसे में आप देखेंगे कि गंभीर के आने से शायद रोहित शर्मा अब तीनों फॉर्मेट नहीं खेल पाए। रविंद्र जडेजा- बीते कई साल से रविंद्र जडेजा वाइट बॉल फॉर्मेट में भारतीय टीम में बिना प्रदर्शन के ही सिलेक्ट होते जा रहे हैं। 2022 टी-20 विश्व कप, 2023 वनडे विश्व कप, मौजूदा टी-20 विश्व कप पिछले हर बड़े टूर्नामेंट में जड्डू ने निराश किया है। बाएं हाथ का यह स्पिन ऑलराउंडर सिर्फ टेस्ट ही खेलने के लायक है और वो भी स्वदेशी पिच पर। ऐसे में गौतम गंभीर के कार्यकाल में फ्लॉप हो रहे जडेजा का करियर खत्म हो सकता है। मोहम्मद शमी- आखिरी नाम अमरोहा एक्सप्रेस मोहम्मद शमी का है। भारतीय तेज गेंदबाज के लिए गौतम गंभीर के पास स्पष्ट प्लान है। गंभीर शमी को टेस्ट में लगातार खिलाना चाहते हैं। साथ ही 2027 वनडे विश्व कप भी उनके रडार में है। ऐसे में अब वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते शायद मोहम्मद शमी आपको अब टी-20 टीम से बाहर होते दिख सकते हैं।

टीम इंडिया का सफर जैसे ही टूर्नामेंट से समाप्त होगा, वैसे ही गौतम गंभीर होंगे टीम इंडिया के हेड कोच

नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच के तौर पर T20 World Cup 2024 राहुल द्रविड़ का आखिरी असाइनमेंट है। इसके बाद वे इस पद से हट जाएंगे। टीम इंडिया का सफर जैसे ही टूर्नामेंट से समाप्त होगा, वैसे ही द्रविड़ की जिम्मेदारी भी मुख्य कोच के तौर पर समाप्त हो जाएगी। इसके बाद टीम इंडिया को एक नया हेड कोच मिलेगा, जिसका ऐलान जून के आखिरी सप्ताह में होने की उम्मीद है। ये नया हेड कोच कोई और नहीं, बल्कि पूर्व ओपनर गौतम गंभीर होंगे। गौतम गंभीर के नाम पर मुहर लग चुकी है। रिपोर्ट की मानें तो बीसीसीआई और गौतम गंभीर के बीच डील हो चुकी है। बीते गुरुवार को इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि गौतम गंभीर ही अगले हेड कोच होंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के ठीक बाद उनके नाम का आधिकारिक ऐलान हो जाएगा। दैनिक जागरण को बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया है कि बोर्ड और गंभीर की बात हो चुकी है। वही राहुल द्रविड़ की जगह लेने वाले हैं। हालांकि, गौतम गंभीर के साथ सपोर्ट स्टाफ में कौन होगा, ये आने वाला वक्त बताएगा। मौजूदा समय में बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर हैं, गेंदबाजी कोच पारस महांब्रे और फील्डिंग कोच टी दिलीप हैं। गंभीर खुद अपने सपोर्ट स्टाफ का चयन करेंगे। राहुल द्रविड़ ने भी ऐसा ही किया था, क्योंकि उनसे पहले रवि शास्त्री की टीम में संजय बांगर बल्लेबाजी कोच, भरत अरुण गेंदबाजी कोच और आर श्रीधर फील्डिंग कोच थे। गौतम गंभीर जैसे ही टीम इंडिया के हेड कोच की गद्दी संभालेंगे तो सपोर्ट स्टाफ में तो बदलाव होंगे ही, साथ ही साथ टीम में भी बदलाव होने की संभावना नजर आ रही है, क्योंकि गौतम गंभीर का कोचिंग स्टाइल राहुल द्रविड़ से अलग है। द्रविड़ संयम वाले व्यक्ति हैं, लेकिन गंभीर आक्रामक क्रिकेट को तवज्जो देते हैं। हालांकि, द्रविड़ ने क्रिकेट के तौर पर आक्रामक भारत को बनाने के पूरे प्रयास करें और कई बार सफलता भी मिली है।  

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