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‘राष्ट्र हित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’, राजस्थान-राज्यपाल ने बीकानेर में हरखचंद नाहटा स्मृति स्मारक सिक्के का किया अनावरण

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने  राष्ट्र हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकसित भारत के लिए सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक  देश को श्रेष्ठतर बनाने में अपनी भागीदारी निभाए। राज्यपाल रविवार को बीकानेर में श्री हरखचंद नाहटा की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा उनकी स्मृति में जारी 25 रुपए मूल्य के 40 ग्राम वजनी स्मारक सिक्के के अनावरण समारोह में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि श्री नाहटा ने व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र के साथ जन सेवा तथा धर्म सेवा के कार्यों में भी अतुल्यनीय योगदान दिया। देश की कई सुप्रतिष्ठित संस्थाओं से संबंध रखकर वे लोक मंगल कार्यों में निरंतर आर्थिक सहयोग के अलावा सक्रिय सहभागिता निभाते थे। जैनाचार्य श्री जिनपीयूष सागर सूरिश्वर जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित समारोह के दौरान राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्री हरखचंद नाहटा की स्मृति में स्मारक रजत सिक्का जारी करना जीवन को आलोक देने वाले महापुरूषों के सम्मान की परम्परा है। उन्होंने कहा कि समय तथा इतिहास की कसौटी पर ही किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का मूल्यांकन होता है। श्री हरखचंद नाहटा के जीवट व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, दूरदर्शिता तथा लोक मंगल की बलवती भावना ने उन्हें विशेष स्थान दिलाया। उन्होंने दानदाता भामाशाह, सेठ घनश्याम दास बिड़ला और समर्थ रामदास के व्यक्तित्व से जुड़े उदाहरण दिए और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान देने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोग अपनी संस्कृति को संरक्षित रखने में भी भागीदारी निभाएं। इस दौरान राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने स्मारक सिक्के का अनावरण किया तथा यह सिक्का नाहटा परिवार के छोटे बच्चों को आशीर्वाद के साथ सौंपा।

भारतीय परम्परा पर की चर्चा, राजस्थान-राज्यपाल ने पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का किया लोकार्पण

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में गुरुवार को पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का लोकार्पण किया। उन्होंने इस दौरान  पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा की गति से संंबंधित विज्ञान के साथ खगोल शास्त्र की भारतीय परम्परा की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा वही सार्थक है जिसमें हम प्राचीन ज्ञान—विज्ञान के आलोक में आधुनिक दृष्टि का विकास करें। उन्होंने कहा कि भारत खगोल विज्ञान में सर्वाधिक समृद्ध देश रहा है। राज्यपाल ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाए जाने के लिए भी निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय में औषधि गार्डन का भी फीता काटकर लोकार्पण किया।

राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण, राजस्थान-राज्यपाल पहुंचे राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच के कार्यक्रम में

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में मंगलवार को राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच द्वारा प्रसारित राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने इस दौरान भारतीय कालगणना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिन्दू समय चक्र सूर्य सिद्धांत से जुड़ा है। समय का मापन प्रारम्भ एक सूर्योदय से और अहोरात्र का मापन का समापन अपर सूर्योदय से होता है। उन्होंने भारतीय समय गणना को पूर्णतः वैज्ञानिक बताया। लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन— मंगलवार को ही राज्यपाल श्री बागडे ने छत्रपति शिवाजी नगर लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान नर सेवा को नारायण सेवा बताते हुए जरूरतमंदों के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

‘बीएसएफ की मुस्तैदी के कारण हम चैन की नीन्द सो पा रहे हैं’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस पहुंचे सीमा चौकी पर मेडकल कैंप में

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, इसलिए हम चैन की नींद सो पा रहे हैं। इतना ही नहीं बीएसएफ सीमावर्ती समुदायों की सेवा में भी एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीएसएफ की यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने यह बात 118वीं वाहिनी की सीमा चौकी बांकरा में सीमावर्ती ग्रामीण समुदायों के लिए आयोजित एक मेडिकल कैंप, सिविक एक्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद कही। इस मौके पर बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस मनिंदर पी.एस. पवार विशेष तौर पर मौजूद रहे। समारोह में में सैंडरबिल ग्राम पंचायत और आसपास के गांवों से लगभग 1000 ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को स्टेशनरी, युवाओं को खेल सामग्री और जरूरतमंदों को कंबल व अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मुफ्त चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के डीआईजी, बीएसएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

‘स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाना जरूरी’, राजस्थान-राज्यपाल ने स्कूली छात्र—छात्राओं से किया संवाद

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार और विद्यालयी छात्र—छात्राओं को महापुरुषों के जीवन से सिख लेने का आह्वान किया। बागडे ने शनिवार को स्थानीय गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी की। उन्होंने वहां पर आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय जनों को शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और अन्य सुविधाओं से लाभांवित किए जाने का आह्वान किया। निधोना गांव में राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय का अवलोकन कर शिक्षा संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया। इसी तरह बिधूना गांव में चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्होंने एंबुलेंस का लोकार्पण किया। ग्राम पंचायत को एंबुलेंस की चाबियां सौंपते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल श्री बागडे का विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने भावभरा अभिनन्दन करते हुए उनके सार्वजनिक सरोकारों और आम जन के लिए समर्पित जीवन की सराहना की।

‘महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार’, राजस्थान-“सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला” में पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित “सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2024” में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान वहां देशभर से आए महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेला “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल श्री बागडे ने मेले में लगे विभिन्न राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद स्टॉल का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार मिलता है। उन्होंने वहां प्रदर्शित भारत के विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प, कारीगरी, वस्त्र उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। राज्यपाल को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के श्री भास्कर सांवत ने उनकी अगवानी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न स्टॉल और उत्पादों के बारे में बताया।

‘रसायन रहित बागवानी ही कारगर, प्राकृतिक उद्यानिकी को बढ़ाएं: राज्यपाल’, राजस्थान-अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ की संगोष्ठी

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कृषि उद्यानिकी के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को देश में रसायन रहित कृषि के लिए वातावरण निर्माण किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से रोग बढ़ रहे, धरती की उर्वरा शक्ति भी नष्ट हो रही है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती के लिए कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने पानी बचाकर उसके निर्माण के लिए भी देशभर में कार्य करने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री बागडे रविवार को अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ द्वारा “उद्यानिकी फसलों के संरक्षण”  विषयक आयोजित 16 वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कम पानी से होने वाली फसलों, फल, फसलों को प्राकृतिक प्रकोप से बचाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने पर भी जोर दिया।  उन्होंने सभी कृषि विश्वविद्यालयों में  सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए भी आवश्यक रूप से कार्य करने की आवश्यकता जताई।राज्यपाल ने प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन द्वारा 2008 में प्रस्तुत कृषि सुधारों की बनी समिति के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि लाभकारी कृषि के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कृषि उद्यानिकी के प्राचीन ज्ञान के आलोक में कृषि की नवीन तकनीक से खेती को लाभकारी किए जाने पर जोर दिया। श्री बागडे ने कहा कि हमारे यहां धीरे धीरे जंगल कम होता जा रहा है। पहले अनाज जब नहीं होता था और खेती की पैदावार नहीं थी तब उद्यानिकी फसलों पर ही मनुष्य निर्भर था। पर धीरे धीरे इस दिशा में ध्यान नहीं देने के कारण जंगलों में बहुत सी उद्यानिकी फसलें लोप हो गई। उन्होंने स्थान विशेष की जलवायु के अनुरूप उद्यानिकी फसलों के अधिकाधिक उत्पादन के लिए कार्य किए जाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने आरंभ में विश्वविद्यालय के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी फॉर टिश्यू कल्चर का शिलान्यास किया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत गेहूं और अन्य नवीन कृषि उत्पाद प्रौद्योगिकी का भी शुभारंभ किया।  वहीं उन्होंने माइक्रोस्कोप से फसलों में सूक्ष्म कीट परीक्षण भी किया और विश्वविद्यालय के प्रकाशनों का लोकार्पण किया। आरंभ में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलराज सिंह ने संरक्षित खेती के साथ राष्ट्रीय सिंपोजियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर पद्मश्री डा. बी. एस. ढिल्लो, अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और बागवानी विश्वविद्यालय,  उत्तराखंड के  कुलपति प्रो. परविंदर कौशल, अखिल भारतीय कृषि विश्वविद्यालय कुलपति संघ के कार्यकारी सचिव प्रो. दिनेश कुमार ने भी विचार रखे। सभी का आभार डा. एन. के. गुप्ता ने जताया।

‘लोक कलाकारों के हुनर व शिल्प को प्रोत्साहित करने का आह्वान’, राजस्थान-राज्यपाल ने शिल्पग्राम उत्सव का किया शुभारंभ

जयपुर। राज्यपाल हरीभाऊ बागडे ने उदयपुर के शिल्पग्राम में पारंपरिक लोक वाद्य नगाड़े का वादन कर “शिल्पग्राम उत्सव 2024” का शुभारंभ किया। उन्होंने इस दौरान शिल्पग्राम उत्सव में भाग लेने वाले देश भर चाहे कलाकारों का अभिनंदन और स्वागत करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान विविधता की धरती है। यह सात बार नौ त्यौहार की उत्सवधर्मी संस्कृति है। उन्होंने राजस्थान के गौरवमय इतिहास और महाराणा प्रताप के शौर्य की चर्चा करते हुए कहा कि जितना यहां का परिवेश सुरम्य है, उतना ही यहां का शौर्य का इतिहास प्रेरणा देने वाला है। राज्यपाल ने  शिल्पग्राम मेले को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके जरिए लोक कलाकारों, शिल्पकारों और हुनरमंद कारीगरों को मंच मिलता है।  उन्होंने आमजन से भी अपील की की शिल्पग्राम में प्रदर्शित उत्पादों, हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुओं और ग्रामीण क्षेत्र में उत्पादित चीजों की अधिक से अधिक खरीदारी कर यहां आने वाले शिल्पियों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल श्री बागडे ने समारोह में जयपुर के डॉ. रूपसिंह शेखावत (भवाई लोक नृत्य) और महाराष्ट्र के श्री गणपत सखाराम मसगे (कठपुतली एवं चित्रकला) को डॉ. कोमल कोठारी लाइफ टाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार प्रदान किया।

राष्ट्र भूभाग नहीं सनातन मूल्य से जुड़ा विचार और संस्कृति-राज्यपाल, राजस्थान में “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081” कार्यक्रम आयोजित

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राष्ट्र कोई भूभाग भर नहीं होता है, यह संस्कृति और सनातन मूल्य से जुड़ा विचार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम है और बाद में सब है, इस मानसिकता का प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो संस्कार मिलते हैं, उसी से भविष्य का विचार बनता है। उन्होंने देश में मैकाले द्वारा प्रारंभ शिक्षा पद्धति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय संस्कृति को जड़ों से उखाड़ने के निरंतर प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को कभी कोई मिटा नहीं सकता क्योंकि यह हमारे रक्त में घुला है। बागडे रविवार को एक होटल में  “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081”  कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को मिटाने का निरंतर प्रयोग होता रहा, पर यह जीवंत संस्कृति है। उन्होंने प्राचीन भारतीय आविष्कारों की चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने आजादी से पहले गजट में लिखा है कि भारत में जितने गुरुकुल हैं, उतने ब्रिटेन में भी नहीं है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा,  गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, दशमलव के प्रयोग आदि की चर्चा करते हुए कहा कि वैदिक काल से हमने उन सिद्धांतों को स्थापित कर दिया जो बाद में पश्चिम ने अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का गौरवमय  इतिहास शिक्षा पद्धति से ही पता चलता है। भारतीयता के विचार से ही देश में नई शिक्षा नीति बनाकर लागू की गई है। इसे सभी प्रभावी रूप में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस देश के लोग अपने इतिहास को  भूल जाते हैं, उनका भूगोल भी कम होता जाता है। इसलिए सनातन भारतीय  मूल्यों के लिए सभी मिलकर कार्य करें। भारत को विकसित राष्ट्र बनाएं। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री रामचरण बोहरा ने सभी का आभार जताया। राज्यपाल ने आरंभ में नवोत्कर्ष फाउंडेशन द्वारा प्राचीन भारत के गौरवमय शासकों, सनातन संस्कृति से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मन से लागू करें’, राजस्थान-जयपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मन से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसी है, जिससे भारत आने वाले समय में वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नैतिक मूल्यों से मनुष्य को जोड़ने वाली है। इससे देश के लोग सुनागरिक बनने की राह पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप में लागू करने और शिक्षकों को इसमें अपनी महती भागीदारी निभाने का आह्वान किया। श्री बागडे बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा विभाग और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पाठ्यपुस्तकों  का अध्ययन ही नहीं है, यह व्यक्ति को मानवीय मूल्यों से  ओतप्रोत करने का मार्ग भी है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की चर्चा करते हुए कहा कि वह सदा व्यक्ति नहीं समग्र पर जोर देते थे। नई शिक्षा नीति इसी दृष्टिकोण से जुड़ी है। राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में मानव मूल्यों को ही प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नए से नए ज्ञान से अपने को जोड़े रखेगा तभी विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमता का निर्माण कर पाएगा। उन्होंने शिक्षकों को मन से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि मैकाले ने भारतीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से पश्चिमीकरण करने का प्रयास किया। देश में शिक्षा आयोग और नीतियां बनी परंतु हम पश्चिम की सोच से मुक्त नहीं हुए। शिक्षा में मातृ भाषा और जीवन व्यवहार की शिक्षा जरूरी है। नई शिक्षा नीति इसी से जुड़ी है। इसलिए इसे व्यवहार में लागू करने के लिए सभी प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि भारत ज्ञान विज्ञान में आरंभ से ही समृद्ध रहा है। उन्होंने भास्कराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने शून्य का जो वैज्ञानिक निष्कर्ष अपने समय में दिया, उसे ही पश्चिम के लोगों ने ग्रहण कर लिया।  उन्होंने कहा कि भारत अपने ज्ञान से विश्वगुरु था। फिर से उस ज्ञान परंपरा  को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर कार्यशाला की स्मारिका का भी लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री डा. प्रेमचंद बैरवा ने नई शिक्षा नीति को प्राचीन भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि दशकों तक शिक्षा में जड़ता रही है। रटने पर ही शिक्षा में जोर दिया जाता रहा है परन्तु नई शिक्षा नीति समता आधारित समाज निर्माण के साथ समावेशी दृष्टिकोण लिए समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देने वाली है। शिक्षा संस्कृति न्यास के डॉ. अतुल कोठारी ने नई शिक्षा नीति को अपनाने के लिए उसे व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही देश को बदला जा सकता है। देश को विकास की नई राह दिलाई जा सकती है। उन्होंने शिक्षा संस्कृति न्यास के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया। कॉलेज शिक्षा आयुक्त श्रीमती आरुषि मलिक ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में किए जाने वाले नवाचारों के बारे में अवगत कराया। कॉलेज आयुक्त श्री ओमप्रकाश बैरवा ने नई शिक्षा निति क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय कार्यशाला में होने वाली चर्चा के बारे जानकारी दी। राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अल्पना कटेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। श्री नितिन कासलीवाल ने कार्यक्रम का संयोजन किया।

‘किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करें, ताकि आय बढ़ सके’, राजस्थान-राज्यपाल ने राजसमंद में जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने रविवार को राजसमंद जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर केंद्र प्रायोजित योजनाओ की समीक्षा की। उनके साथ विधायक दीप्ति माहेश्वरी और जिला प्रमुख रतनी देवी जाट मौजूद रहे। राज्यपाल की बैठक में राजसमंद जिला कलक्टर श्री बालमुकुंद असावा ने सर्वप्रथम उनका शाब्दिक स्वागत कर जिले का सामान्य परिचय प्रस्तुत किया। जल जीवन मिशन की समीक्षा करत हुए राज्यपाल ने अब तक हु प्रगति को देखा। जिला कलक्टर ने बतीय कि जिले में 65 हजार 942 परिवारों को इस योजना में लाभान्वित किया जा चुका है जो लक्ष्य का 64.75 प्रतिशत है। इस पर राज्यपाल ने शेष कार्य भी समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने हुए शत प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत वृहद पेयजल योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 1092 करोड़ रुपए की लागत से चम्बल-देवगढ़-भीम परियोजना का कार्य जारी है जिससे ब्लॉक भीम-देवगढ़ के 197 गांवों के 33169 घरों में नल से जल पहुंचेगा। ऐसे ही 133 करोड़ रुपए की लागत से 44 गांवों के लिए बाघेरी का नाका-चिकलवास योजना पर बताया कि 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात राज्यपाल ने केन्द्रीय सड़क निधि योजना के तहत जारी निर्माण कार्यों जैसे 64.34 करोड़ रुपए की लागत से केलवाड़ा-ओलादार चौराहा (राजसमंद) से भड़सोड़ा चौराहा (चित्तौड़गढ़) सड़क का चौड़ाईकारण एवं सुदृढीकरण, 15 करोड़ की लागट से मावल-नाथद्वारा सड़क संबंधी कार्य सहित अन्य कार्यों की समीक्षा कर शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की पर्याप्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जिले के विभिन्न इलाकों में जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा की। जिला कलक्टर ने बताया कि अब तक 1 लाख 71 हजार 240 आयुष्मान कार्ड वितरित हो चुके हैं। किसानों के हित में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्यपाल ने सहकारिता विभाग की पैक्स कम्यूटर योजना, पैक्स एस कॉमन सर्विस सेंटर योजना, महँगा कृषि यंत्र कम किराए पर उपलब्ध कराने हेतु कस्टम हायरिंग सेंटर योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा की। सहकारिता के उप रजिस्ट्रार ने बताया कि जिले में 1 लाख 97 हजार 880 किसानों को अब तक 422.64 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है। इसके साथ ही राज्यपाल ने अन्न भंडारण योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र आदि को लेकर भी विस्तार से जानकारी ली। जिला कलक्टर ने राज्यपाल को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर को लेकर बताया कि गत एक वर्ष में अब तक कुल 209 प्रकरण प्राप्त हुए हैं एवं 207 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, जिले में यह सेंटर आर के हॉस्पिटल में संचालित है। राज्यपाल ने रुडिप द्वारा नाथद्वारा में 106 करोड़ रुपए की लागत से जारी एकीकृत जल प्रदाय परियोजना कार्य, कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, स्वायत्त शासन विभाग की पीए स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं ग्रामीण, राजीविका के कार्यों आदि की विस्तार से समीक्षा करते हुए समस्त योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

बालिकाओं से किया संवाद, राजस्थान-राजसमंद के जनजाति बालिका छात्रावास पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने रविवार को राजसमंद जिले के जनजाति बालिका छात्रावास, पलेवा मगरी का निरीक्षण किया। राज्यपाल श्री बागडे ने विभिन्न कक्षों में जाकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। बालिकाओं से संवाद करते हुए राज्यपाल ने विभिन्न विषयों पर बात की। राज्यपाल को अपने बीच पाकर छात्राएं भी उत्साहित दिखी। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की समस्त सामान्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। राज्यपाल ने किए श्रीनाथ जी के दर्शन जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने नाथद्वारा में प्रभु श्रीनाथ जी के सांयकालीन भोग आरती के दर्शन किए। मंदिर मण्डल अधिकारी सुधाकर शास्त्री ने समाधान पद्धति से राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

अटल भूजल योजना के विकास कार्यों का किया शिलान्यास, राजस्थान-राजसमंद में राज्यपाल ने पीपलांत्री में देखे पर्यावरण संरक्षण के कार्य

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने राजसमंद जिले के पीपलांत्री में पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल एवं सरपंच अनिता पालीवाल के नेतृत्व में किए गए पर्यावरण संरक्षण के कार्यों का अवलोकन किया। पद्मश्री पालीवाल ने उनकी बेटी की स्मृति में लगे प्रथम पेड़ से दौरे की शुरुआत कर पीपलांत्री में हुए विभिन्न कार्यों से अवगत कराया। पालीवाल ने बताया कि कभी यह बंजर जमीन हुआ करती थी जहां जल स्तर भी काफी नीचे था, लेकिन सामूहिक प्रयासों से आज यहाँ चारों ओर सुंदर वन दिखाई देता है। महामाहिम राज्यपाल ने इस अवसर पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। राज्यपाल श्री बागडे ने यहाँ अटल भूजल योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। साथ ही बेटी, पानी, पेड़, गोंछ भूमि और वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करते हुए ग्रामीण पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के समस्त प्रयासों को सराहा।

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, विष्णुदेव साय व राज्यपाल हरिचंदन बिलासपुर पहुंचे

बिलासपुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। साय यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला ,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया।

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