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राज्यपाल पटेल ने लोक भवन में 63 पुरस्कृत पुष्प किस्मों का किया अवलोकन, कहा- “मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल है पुरस्कार”

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने लोक भवन की पुरस्कृत 63 पुष्प किस्मों का किया अवलोकन भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित लोक भवन के पुष्पों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने लोक भवन को प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी ली। लोकभवन उद्यानों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल  पटेल ने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और निष्ठा से किए गए कार्य सदैव उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त पुरस्कार कर्मचारियों की कार्य-निष्ठा और समर्पण का प्रतिफल हैं। फूलों की देखभाल में बहाया गया पसीना ही इन पुरस्कारों का प्रसाद है। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में 63 किस्मों को पुरस्कार मिलना हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत किस्मों में से 42 पुष्पों को प्रथम तथा 21 पुष्पों को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होना एक विशिष्ट उपलब्धि है। राज्यपाल  पटेल लोक भवन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत पुष्पों का अवलोकन करने के लिए लाल कोठी के सामने स्थित पुरानी तोप प्रांगण पहुँचे। उन्होंने प्रत्येक पुरस्कृत पुष्प किस्म का अवलोकन किया तथा पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि भोपाल में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थानों तथा कृषकों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में लोक भवन के पुष्पों की बड़ी संख्या में पुरस्कार प्राप्त होने के दृष्टिगत नियंत्रक, हाउसहोल्ड लोकभवन को शील्ड प्रदान कर अलंकृत किया गया। उनको बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में साल्विया,  पिंक,  एस्टर,  डॉगफ्लावर, सिनेरिया, हाइब्रिड डहेलिया, देशी डहेलिया, मिनी-डहेलिया, डायनामोर, स्वीट-विलियम, स्वीट-एलायसम, वर्बीना,  कैलेंडुला,  बिजली, सिलोसिया आदि मौसमी फूलों के गमले एवं कट-फ्लावर तथा गुलाब की विभिन्न किस्में—एच.टी. रोज (लाल, गहरे गुलाबी, हल्के गुलाबी, पीले, सफेद, ऑरेंज, मौव-पर्पल,  बहुरंगी,  धारदार, सुगंधित),  फ्लोरीबंडा (गुच्छ पुष्प), फ्ल्यूटी, समर स्नो, पोलिएंथा, मिनिएचर आदि के गमले एवं कट-फ्लावर प्रदर्शित किए गए थे।     

समाज परिवर्तन की कुंजी सद्भावना और सेवा: राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आत्मीय सद्भावना के साथ जरूरतमंद की मदद सच्ची समाज सेवा है। सेवा का भाव सबकी अंतरात्मा में निहित है। उसे अच्छे संस्कारों और मूल्यों से उभारने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से कहा कि आपके कार्यों से लोगों को खुशी मिले। किसी को दुख नहीं हो। हर दिन के अंत में चिंतन करें, क्योंकि समाज बदलने के लिए स्वयं को बदलना आवश्यक है। सबके लिए सद्भावना और निस्वार्थ सेवा से ही आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। धन से क्षणिक सुख तो प्राप्त किया जा सकता है, किन्तु वास्तविक सुख संस्कारित आचरण से ही मिलता है।राज्यपाल  पटेल गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ‘कैंपस टू कम्यूनिटी’ सफर ‘शिक्षा द्वारा समाज सेवा’ और ‘समाज सेवा द्वारा शिक्षा’ के महान लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि “स्वयं से पहले सेवा” के जीवन-मंत्र को अपनाने की साधना है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के समर्पित सिपाही हैं। उनका प्रत्येक कदम समाज की प्रगति, जागरूकता और संवेदनशीलता की दिशा में आगे बढ़ता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति के समक्ष सलामी देना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली सार्थकता तब है, जब स्वयंसेवक अपनी निस्वार्थ सेवा और अटूट संकल्प से वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाएँ। उन्होंने कहा कि समाज सेवा में सद्भाव होगा तभी वंचितों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर युवाओं की अनुशासित और प्रभावशाली कदमताल ने प्रदेशवासियों का दिल जीता है। साथ ही यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश का युवा हर क्षेत्र में अग्रणी है। राज्यपाल  पटेल ने गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले स्वयंसेवकों और पुरस्कार प्राप्त युवाओं का लोकभवन में हार्दिक स्वागत किया। उनको उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। स्वागत उद्बोधन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना सहित अधिकारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल को MY भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रा आयुषी सिन्हा और सोमित दुबे ने पुरस्कार का अवलोकन कराया। पुरस्कार के संबंध में जानकारी दी। छात्रा रिमी शर्मा और संजय कुमार रजक ने एक माह के शिविर की गतिविधियों के संबंध में छायाचित्रों के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की। छात्रा प्रज्ञा सक्सेना और छात्र विनोद कुमार सेन ने शिविर की गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया। राज्यपाल  पटेल ने नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को पुरस्कार और मेडल प्रदान किए। पुरस्कार और पदक प्राप्त करने वालों में आयुषी सिन्हा, सोमित दुबे, प्रज्ञा सक्सेना, विनोद कुमार सेन, आशा वरकड़े, रिमी शर्मा, अंतरा चौहान, आदित्य गौर, महेश चौहान और संजय कुमार रजक शामिल थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने समवेद स्वर में गीतों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सजाया। उन्होंने ‘स्वयं सजें वसुंधरा, सवार दें’ और ‘गूंजे गगन में, महकें पवन में, हर एक मन में सद्भावना’ जैसे गीतों के माध्यम से सामाजिक चेतना और देशभक्ति का संदेश सभी उपस्थित जनों तक पहुँचाया।  

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

एनसीसी और एनएसएस से मिल रही है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की शिक्षा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी एन.सी.सी. और एन.एस.एस. का हिस्सा जरूर बने। इससे चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संस्कारों पर आधारित शिक्षा मिलती है। व्यक्ति में राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प और समर्पण की भावना पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के एट होम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की बधाई दी। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य की असीम संभावनाओं से भरा है। जरूरत एकीकृत, एकजुट, एकमत और एकता के साथ समाज तथा राष्ट्र के लिए कार्य करने एवं देश की समकालीन संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं में हो रहे, सुखद बदलावों को समझते हुए प्रेरणा प्राप्त करने की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। इसी प्रकार एन.एस.एस. समाज सेवा से राष्ट्र निर्माण पर आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर जिम्मेदार नागरिक बनाने की सराहनीय योजना है। उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से भावी पीढ़ी को जोड़ने वाले सूत्रधार बन सकते हैं। युवाओं को संवेदनशीलता के साथ समाज के गरीब, वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का साहस और संबल बनकर उनके सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के ए.डी.जी. मेजर जनरल विक्रांत एम. धुमने और एन.एस.एस. के राज्य अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के प्रतिभागियों ने सामूहिक देशभक्ति गायन, गौरवशाली भारतीय संस्कृति पर आधारित समूह नृत्य और नाटिका प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन ए.डी.जी. मेजर जनरल श्री धुमने ने दिया। आभार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, एन.सी.सी. के ग्रुप कमान्डर ब्रिगेडियर अजीत सिंह, एन.एस.एस. और एन.सी.सी. के प्रतिभागी और उनके अभिभावक गण उपस्थित थे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी को सुशासन शपथ का निष्ठा के साथ पालन करने के निर्देश भी दिए

राज्यपाल पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों को दिलायी सुशासन की शपथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सुशासन दिवस के अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाई राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी को सुशासन शपथ का निष्ठा के साथ पालन करने के निर्देश भी दिए राजभवन में मनाया गया सुशासन दिवस भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सुशासन दिवस के अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को सुशासन शपथ का निष्ठा के साथ पालन करने के निर्देश भी दिए। राजभवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 25 दिसम्बर की जयंती के परिप्रेक्ष्य में सुशासन दिवस मनाया गया। राज्यपाल पटेल ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रदेश में सुशासन के उचित मानदंडों को स्थापित करने के लिए सदैव संकल्पित रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने शासन को अधिक पारदर्शी, सहभागी, जनकल्याण केंद्रित तथा जवाबदेह बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने और प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लक्ष्य को पाने के लिए हमेशा तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविन्द पुरोहित और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल

साइबर क्राइम के बदलते स्वरूप से समाज को जागरूक करना जरूरी:राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 का किया शुभारम्भ विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल मेनिट में तीन दिवसीय आयोजन गुरूवार से भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला है। साइबर अपराध के बदलते पैटर्न जैसे- डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग, फिशिंग आदि से समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है। राज्यपाल पटेल मेनिट भोपाल में “रिसेंट ट्रेंड्स इन इमेज प्रोसेसिंग एण्ड पैटर्न रिकग्निशन” विषय पर 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मेनिट परिसर में आयोजित किया गया है।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज का समय डिजिटल युग है। इसलिए समाज को विज्ञान और तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों के बारे में जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विशेषज्ञों से कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित विज्ञान और तकनीकी ज्ञान की प्रगति का समाज और राष्ट्र के हित में विमर्श करे। सम्मेलन के माध्यम से तकनीक के परिवर्तनकारी क्षेत्रों के विकास में अपना योगदान देने आगे आए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है। राज्य में तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक दूरदर्शी दृष्टिकोण और अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नीति और रीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय के अनुरूप है। उन्होंने पारस्परिक सहयोग से डिजिटल क्रांति के मुख्य घटक इमेज प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सम्भावनाओं पर पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। उनका पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में साऊथ डकोटा यूनिवर्सिटी यू.एस.ए. के विषय विशेषज्ञ के.सी. संतोष, दुबई में कार्यरत डॉ. विनयातोष मिश्रा ने इमेज प्रोसेसिंग और पैटर्न रिकग्निशन विषय पर शोध की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। मेनिट संस्थान के डायरेक्टर के.के. शुक्ला ने संस्थान के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोध, विकास और एम्स भोपाल के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। आईआईआईटी के डायरेक्टर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने कॉन्फ्रेंस के आयोजन, उद्देश्य और विकसित भारत के निर्माण में तकनीक और शोध के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। आभार डॉ. दीप चन्द्र जोशी ने माना। सम्मेलन में देश-विदेश से आए विषय विशेषज्ञ, शोधकर्ता, विद्यार्थी गण उपस्थित रहे। उनके साथ दूरस्थ क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्यार्थी भी ऑनलाइन शामिल हुए।  

राज्यपाल पटेल ने कहा टी.बी. को हराने और देश को जिताने के लिए भरपूर जोश और शक्ति के साथ कार्य करना होगा

टी.बी. को हराने और देश को जिताने में लगाए पूरी शक्ति और जोश : राज्यपाल पटेल जनता के प्राणों की रक्षा के उद्देश्य के भाव के साथ टी.बी. सील अभियान में सहयोग करें : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा टी.बी. को हराने और देश को जिताने के लिए भरपूर जोश और शक्ति के साथ कार्य करना होगा राज्यपाल द्वारा 75वें टी.बी. सील का विमोचन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि टी.बी. को हराने और देश को जिताने के लिए भरपूर जोश और शक्ति के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने टी.बी. उन्मूलन अभियान में योगदान के लिए नागरिकों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि निक्षय मित्र योजनाओं में पांच सौ, हजार रुपए का योगदान किसी के प्राणों की रक्षा कर सकता है। जनता के प्राणों की रक्षा के उद्देश्य के भाव के साथ टी.बी. सील अभियान में सहयोग करें। राज्यपाल पटेल आज क्षय भवन में आयोजित 75वें टी.बी. सील विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 75वीं टी.बी. सील का विमोचन किया। प्रतीकात्मक रुप से टी.बी. के 5 रोगियों को फूड-बास्केट प्रदान की। टी.बी. चैम्पियन और दो नि:क्षय मित्रों का सम्मान किया। राज्यपाल का कार्यक्रम में शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। विमोचन कार्यक्रम में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी भी उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. के बारे में जानकारियों का प्रसार रोग उन्मूलन की प्राथमिक आवश्यकता है। उन्होंने सूदूर अंचलों और वंचित क्षेत्रों में टी.बी. रोग के बारे में जन जागरण के प्रयासों पर बल दिया है। कहा है कि सामुदायिक स्तर पर संवाद कायम किया जाए। रोग के लक्षणों से हर घर को परिचित कराए। बताए कि रोग को छिपाना जानलेवा होगा। रोग की शीघ्र जांच, नियमित दवाइयों का सेवन और विटामिन युक्त पोषण आहार से गम्भीर से गम्भीर टी.बी. रोगी स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने कहा कि टी.बी. रोगियों के साथ ही रोग बचाव के संबंध में परिजनों और परिचारकों को भी सूचित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रोग उपचार के साथ रोग बचाव पर भी ध्यान केन्द्रित करने की जरुरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि उज्ज्वला गैस योजना मोदी के जनजातीय क्षेत्रों के भ्रमण के अनुभवों से टी.बी. रोग उन्मूलन की पहल है। उन्होंने बताया कि एक समय के भोजन के लिए रसोई के चूल्हें से निकलने वाला धुआँ 60 सिगरेटों के धुंए के बराबर घातक होता। इस धुंए से माताओं, बहनों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला योजना की परिकल्पना की थी। कार्यक्रम में अध्यक्ष, नगर निगम भोपाल किशन सूर्यवंशी ने अध्यक्ष निधि से टी.बी. चिकित्सालय के पेवलिंग का कार्य कराने आश्वासन दिया। एसोसिएशन को 1 लाख रुपए के अनुदान दिलाने की बात भी कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले शिक्षा और स्वास्थ्य बातों का विषय होते थे। केन्द्र सरकार ने आयुष्मान कार्ड बनाकर, इसे सरकार का काम बना दिया है। आज सरकार समाज के वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक, मानसिक रुप से स्वस्थ एवं खुशहाल रखने के लिए 70 वर्ष की आयु से अधिक के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड दे रही है। टी.बी. एसोसिएशन के अध्यक्ष जयपाल सचदेव ने बताया कि एसोसिएशन राष्ट्रीय संगठन की इकाई है। संस्था चिकित्सकों के माध्यम से स्कूली बच्चों, नागरिकों को टी.बी. के लक्षण, उपचार सेवाओं, सुविधाओं के संबंध में जन जागरण का कार्य करती है। एसोसिएशन के मानसेवी सचिव डॉ. मनोज वर्मा ने संस्था का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बताया कि संस्था पूर्णत: जन सहयोग से संचालित है। संस्था ने शासन से किसी भी प्रकार का अनुदान नहीं प्राप्त किया है। एसोसिएशन के मानसेवी कोषाध्यक्ष डॉ. अभिजीत देशमुख ने सभी उपस्थित अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का आभार माना।  

राज्यपाल हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह में हुए शामिल

हिन्दी, भावों की अभिव्यक्ति और मातृभूमि पर मर-मिटने की भक्ति है: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा  हिन्दी, माँ भारती के मस्तक की बिंदी है, सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति और मातृ भूमि पर मर मिटने की भक्ति है राज्यपाल हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह में हुए शामिल मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी भवन में कार्यक्रम आयोजित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हिन्दी, माँ भारती के मस्तक की बिंदी है। यह सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति और मातृ भूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी के सतत् विकास, समृद्धि और प्रसार के लिए क्षेत्रीय शब्दों का हिन्दीकरण और सरलीकरण जरूरी है। राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दी भाषी साहित्यकार और हिन्दी सेवा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सम्मानित लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।  राज्यपाल पटेल ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में हिन्दी का प्रसार अहिंदी भाषी राज्यों सहित विदेशों में भी बढ़ा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी भाषा की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मोदी विश्व मंचों पर जब अपनी बात हिंदी में रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन-अध्यापन के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे वैज्ञानिक विषयों की सम्पूर्ण पढ़ाई हिंदी में कराने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति महात्मा गांधी जी के हिंदी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता के सपने को पूरा करने की दिशा में प्रयासरत है। अहिन्दी भाषियों की कठिनाईयों को समझें और समाधान करें राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमें अहिंदी भाषियों की हिन्दी के प्रति रूचि बढ़ाने, उनकी कठिनाईयों को समझना होगा। उसका समाधान करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अहिंदी भाषियों को जोड़ कर हिंदी में चर्चा के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर भी चिंतन किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हिंदी को वैश्विक बनाने और लोगों की रुचि बढ़ाने वेब-साइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग की सम्भावनाओं पर चिंतन किया जाना चाहिए। हिंदी के भाषायी विकास में योगदान देने वालों और हिंदी के क्षेत्र में व्यावसायिक उपलब्धियां प्राप्त करने वालों के सम्मान की पहल भी जरूरी है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान-2024 प्रदान किया। उन्होंने अलग-अलग श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और हिन्दी सेवा साधकों को सम्मानित किया। पुरस्कारों में हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी, विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान, स्थापित सम्मान और युवा साहित्यकारों के लिए सम्मान शामिल रहे। राज्यपाल पटेल ने मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण किया। पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्हें समिति की मासिक पत्रिका भी भेंट की गई। स्वागत उद्बोधन समिति के मंत्री संचालक कैलाश चंद्र पंत ने दिया। रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति के उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सह-सचिव डॉ संगम सक्सेना, से.नि. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनोज श्रीवास्तव, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक विजेता और उपाधि प्राप्तकर्ता हुए सम्मानित

आजीवन शिक्षा पाने का महत्वपूर्ण साधन है दूरस्थ शिक्षा पद्धति: राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने प्रख्यात विभूतियों को प्रदान कीं मानद उपाधियां राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक विजेता और उपाधि प्राप्तकर्ता हुए सम्मानित राजा भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय का सातवॉ दीक्षांत समारोह संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में दूरस्थ शिक्षा, जीविका उपार्जन के साथ आजीवन शिक्षा पाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। समाज के अत्यंत पिछड़े, दूरस्थ क्षेत्रों, दिव्यांगजन, घरेलू, कामकाजी स्त्री-पुरुष और युवाओं तक शिक्षा पहुंचाने का यह सहज और सरल माध्यम है। राज्यपाल पटेल मंगलवार को राजा भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में हुये समारोह में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सराहनीय पहल की है। जरूरी है कि दूरस्थ शिक्षा से वंचित वर्गों के लिए सामाजिक सेवाएं और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रयासों में और मजबूती आये। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, अपने माता-पिता और गुरुजनों के योगदान को कभी नहीं भूले। हमेशा उनके त्याग और तपस्या के प्रति कृतज्ञता का भाव रखें। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों ने दूरस्थ शिक्षा के जरिये अपने लक्ष्यों की पूर्ति और सपनों को साकार करने का पहला पड़ाव पार कर लिया है। अब इस ज्ञान और कौशल से जीवन में सफलता पाने के लिए आगे बढ़ें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि अपनी प्रगति के मूल्यांकन एवं सुधार के साथ क्षमताओं को पहचानें। अनुशासन और समय प्रबंधन के साथ निरंतर प्रयास करें। बिना आत्म विश्वास खोये सतत् प्रयास करें, क्योंकि जीत हमेशा प्रयास करने वालों की ही होती है।     रामचरित मानस और गीता में डिप्लोमा देने की पहल सराहनीय राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा रामचरित मानस से सामाजिक विकास एवं भगवत गीता में डिप्लोमा प्रदान करना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिकल सेल एनीमिया जागरूकता के लिए ग्रामीण अंचलों में किए जा रहे उन्मुखीकरण प्रयासों की सराहना की। पटेल ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में उच्च मानकों के पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय विषय विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तैयार कराये। पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता की निरंतर समीक्षा भी की जानी चाहिए। कौशल उन्नयन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपने कार्यक्रमों को डिजाइन करें। विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल के सहज आदान-प्रदान का प्लेटफार्म भी उपलब्ध करायें।     प्रख्यात विभूतियां मानद उपाधि से सम्मानित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में डॉ. होमी जहांगीर भाभा इंस्टीट्यूट के चान्सलर पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर, इन्टरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स के भौतिक विज्ञानी डॉ. आतिश श्रीपाद दाभोलकर, परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी बीएआरसी के डॉ. जे.व्ही. याख्मी, आईआईटी चेन्नई के प्रोफेसर पद्मडॉ. अशोक झुनझुनवाला और इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. ओमप्रकाश शर्मा को डॉक्टर ऑफ साइन्स (डी.एस.सी.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया। इसी प्रकार शिक्षाविद् और पूर्व कुलपति (इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) प्रो. नागेश्वर राव को डॉक्टर ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन (डी.डी.ई.) की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को राजा भोज उत्कृष्टता पदक और दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं।       उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में विद्वान और प्रतापी और विद्वान राजा भोज के शिक्षा प्रसार, जल संरक्षण और प्रजाहितैषी कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे राजा भोज के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लें। भारतीय दर्शन, गौरवशाली ज्ञान परम्परा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहयोग कर विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें। कार्यक्रम को डॉ. होमी जहाँगीर भाभा इंस्टीट्यूट के चान्सलर पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर और भौतिक विज्ञानी डॉ. आतिश श्रीपाद दाभोलकर ने भी संबोधित किया।          राज्यपाल मंगुभाई पटेल का स्वागत तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया। शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। स्वागत उद्बोधन कुलगुरू प्रो. डॉ. संजय तिवारी ने दिया। कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने दीक्षांत समारोह की कार्यवाही का संचालन और आभार व्यक्त किया। दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, दीक्षित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।        

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