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राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा- देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत बहुरंगी कलाएं है

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत बहुरंगी कलाएं है। यह हमारे अंदर की कोमल भावनाओं को जगा कर हमें मनुष्यता का पाठ पढ़ाती है। कलाएं हमारी परम्पराओं, विरासतों, रीति-रिवाजों, संस्कारों, धर्म, समाज, भाषा आदि की विशिष्टताओं को सहेजती और संरक्षित रखती हैं। राज्यपाल श्री पटेल क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान परिसर श्यामला हिल्स भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर देशभर के विजेता छात्र-छात्राओं को कला की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किये और राष्ट्रीय कला उत्सव की विभिन्न विधाओं के निर्णायकों को भी सम्मानित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एन.सी.ई.आर.टी. के सहयोग से 3-6 जनवरी, 2025 तक किया गया। कला उत्सव में भारत के केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय के लगभग 6 सौ प्रतिभागी शामिल हुए। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय कला उत्सव के आयोजन के लिए एन.सी.ई.आर.टी. को साधुवाद भी दिया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कला उत्सव, देश की कला-संस्कृति की विरासत को शिक्षा के क्षेत्र में संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का प्रभावी प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों की प्रतिभा, कौशल को निखार कर उनका समग्र विकास कर 21वीं सदी के वैश्विक नेताओं के रूप में तैयार करने का प्रकल्प है। यह देश के बच्चों की असीम क्षमता को महसूस करते हुए विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से आगामी 12 जनवरी को आयोजित हो रहे विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील भी की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भावी पीढ़ी, अपनी संस्कृति के जिस स्वरूप को देखती है उसी के अनुरूप अपने जीवन के नये मूल्यों का निर्माण करती है। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा के द्वारा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से जोड़े और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के गौरवशाली दृष्टिकोण से परिचित और प्रेरित कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कला के लिए जीवन में विशेष जगह रखें क्योंकि कला हमें जोड़ती है, प्रेरित करती है और एक समुदाय के रूप में मजबूत बनाती है। इसलिए प्रयास करें कि राष्ट्रीय कला उत्सव का यह आयोजन, कला के विभिन्न रूपों के प्रदर्शन का केवल मंच नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के बारे में जागरूक बनाने और संरक्षण के लिए जन मानस को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बने। राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम में शॉल और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान का वीडियों संदेश प्रसारित किया गया। केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने कला के परिचय, प्रकार और उपयोगिता पर अपने विचार रखे। एन.सी.ई.आर.टी. के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कला उत्सव के आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय समन्वय डॉ. ज्योत्सना तिवारी ने कला उत्सव आयोजन की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. दीपक पालीवाल ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह में केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अपर सचिव श्री आनंद राव पाटिल, कला मनीषी, कला गुरू, विभिन्न विधाओं के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।  

राज्यपाल ने इन्दौर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के साथ ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक का किया शुभारम्भ

भोपाल ईएजी (यूरेशियन ग्रुप) देशों की बैठक मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद की फंडिंग रोकने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। सभी बड़े देशों को एकजुट होकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एकजुट होकर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सभी ईएजी ग्रुप सदस्यों देशों का एकजुट होना बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन्दौर में गुरूवार को 41वीं ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में डिमॉनिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन से पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास हुए। उन्होंने कहा आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए ईएजी ग्रुप देश को मजबूत कूटनीतिक और सशक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए ईएजी ग्रुप देशों के प्रयास प्रभावी परिणामकारक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा वित्त शोधन और आतंकवाद को वित्त पोषण की रोकथाम के लिए यूरेशियन देशो का ग्रुप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भारत सरकार टेरर फंडिंग के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रही है। भारत में काला धन अधिनियम, आर्थिक अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास  किए गए है और यह लगातार जारी हैं। भारत में साफ और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली के लिए जीएसटी, डिजिटल इंडिया के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। यूपीआई डिजिटल लेनदेन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। भारत में परिवर्तन निदेशालय लगातार सशक्त हो रहा है। भारत की सभी एजेंसियां द्वारा मिलकर आतंकवाद और उग्रवाद को धन पोषित करने वालों, मनी लांड्रिंग पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई हो रही हैं। भारत के इन प्रयासों को और सशक्त बनने में ईएजी ग्रुप की बैठक महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में ईएजी ग्रुप की बैठक गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा मनी लॉन्ड्रिंग सीधे तौर पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, लेकिन जब यह आतंकवाद को पोषित करती है, तब विश्व शांति और सद्भाव के समक्ष गंभीर चुनौतियों को जन्म देती है। आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद समस्त विश्व के लिए चिंता का सबब बनी हुई है इससे निपटने के लिए विश्व के बड़े देशों को एकजुट होना होगा। यह आयोजन वैश्विक अखंडता और मानवता के हित की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा नक्सलवाद और ड्रग्स का व्यापार भी मनी लॉन्ड्रिंग से बढ़ रहा हैं। इससे निपटना हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय ईएजी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन ने कहा ईएजी ग्रुपों में भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय हैं। ग्रुप देशों ने विभिन्न सत्रों में बैठक के दौरान टेरर फंडिंग रोकथाम प्रयासों, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने कहा भविष्य की चुनौतियों और उनकी रोकथाम के लिए भी बैठक में चर्चा की गई है। यूरेशियन सहित अफ्रीकी देशों सहित विश्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद को फंडिंग एक गंभीर चुनौति है। ईएजी ग्रुप की बैठक में तकनीकी और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के संबंध में चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देशों की बैठक की मेजबानी मिलना गर्व की बात भारत सरकार के वित्त सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने आतंकवाद को वित्त पोषण, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम, पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा यूरेशियन क्षेत्र में टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग सहित नई चुनौतियों पर नियंत्रण के लिए ईएजी ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ईएजी ग्रुप के जो भी देश शामिल है उनमें से कोई भी ग्रे सूची में नहीं है। उन्होंने कहा ग्रुप देशों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देश की बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा आवश्यकता है कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा मनी लांड्रिंग के साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रॉड प्रभावित लोगों को असेट्स रिकवरी के लिए भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा इस क्षेत्र में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने ईएजी अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन को इंदौर में मौजूद यूरेशियन गार्डन का प्रमाण पत्र भेंट किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राज्यपाल श्री पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में केंद्रीय वित्त अतिरिक्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में ईएजी प्लेनरी देशों के डेलिगेट्स एवं प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।  

राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन

संविधान के संरक्षक भारत के लोग : राज्यपाल श्री पटेल संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं-  : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल ने किया आव्हान, संवैधानिक नैतिकता के साथ कार्यों का करे पालन राज्यपाल, संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने संविधान के अंगीकरण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों का आवाहन किया है कि संविधान दिवस पर अपने सभी कार्यों में संवैधानिक नैतिकता के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सत्यनिष्ठा के साथ दोहराएं। संकल्प करे कि नागरिक अपने आचरण और व्यवहार से संविधान से प्राप्त अधिकारों और सौंपे गए कर्तव्यों के पालन के लिए जन जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय योगदान देंगे। राज्यपाल श्री पटेल राज्य शासन द्वारा आयोजित संविधान प्रस्तावना के सामूहिक वाचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजनेताओं, अधिकारियों और नागरिकों को हंस ध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में सहभागी जनों को संविधान प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा निर्मित वृत्त चित्र ग्लोरी ऑफ कंस्टीटूशन और प्रदेश के संसदीय कार्य विभाग द्वारा तैयार की गई लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान हम भारतीयों के लिए प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है, जो हम सबका मार्गदर्शक है। संविधान को देश के हर नागरिक ने अंगीकृत किया है, इसलिए संविधान के वास्तविक संरक्षक, हम भारत के लोग ही है। उन्होंने कहा कि संविधान किसी एक का नहीं, बल्कि सभी का संरक्षक है। इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। संविधान, जहॉ एक ओर नागरिकों को सशक्त करता है, वही दूसरी ओर नागरिक भी अपने आचरण, व्यवहार से संविधान का समर्थन और संरक्षण करते है। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक नागरिक समर्पित भाव से संविधान के उद्देश्यों, महत्व को समझे और समुचित पालन के द्वारा संविधान के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन करे। देश के हर वर्ग, हर समुदाय और हर नागरिक का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुपालन के लिए सजग और सक्रिय रहना आवश्यक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने का दिन हम सब भारतीयों के लिए गर्व और विश्वव्यापी मूल्यों की समझ का अवसर और उत्सव है। इस महत्वपूर्ण प्रसंग को “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। जरूरी है कि संविधान निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और आत्म-निर्भर राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए लम्बे संघर्ष और त्याग के बारे में भावी पीढ़ी को परिचित कराया जाए। संविधान दिवस को केवल शासन और राजनैतिक दलों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार के उत्सव के रूप में मनाया जाए। हम सबका दायित्व है कि संविधान के अनुसार जाति, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर भेदभाव किए बिना, एक सशक्त और समावेशी समाज बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के पावन प्रसंग पर भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी महान व्यक्तित्वों का पुण्य स्मरण किया। उन्हंत नमन करते हुए कहा कि उनकी अद्भुत दूरदृष्टि और प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। इसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई दी। संविधान, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमारा संविधान कानूनों का संग्रह नहीं, हमारे देश की आत्मा का प्रतिबिम्ब है। “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें स्वाधीन जीवन जीने का अधिकार देने के साथ ही स्वतंत्रता की सीमा भी बताई है। श्री देवड़ा कहा कि हम सब सौभाग्यशाली है कि हमारे पास ऐसा संविधान है जो सभी को समानता, स्वतंत्रता और न्याय उपलब्ध कराता है। उन्होंने संविधान के निर्माता विभूतियों डॉ अम्बेडकर के चरणों में नमन करते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों से भावी पीढ़ी को परिचित कराना, हम सबका दायित्व है। 26 नवम्बर संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिय दिन है: मुख्य सचिव श्री जैन मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि भारतीय इतिहास में संविधान को अंगीकृत करने का स्वर्णिम दिवस 26 नवंबर का दिन है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं के लगभग 3 वर्षों की कड़ी मेहनत से तैयार संविधान युगीन भावनाओं को प्रतिबिम्बित करने वाला सुदृढ़ जीवंत दस्तावेज है। हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। उन्होंने संविधान सभा के सदस्यों और बाबा साहेब अम्बेडकर का स्मरण करते हुए, उन्हें नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल सहित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्विलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प-गुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक द्वय श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.सी. गुप्ता मंचासीन थे। विदेश में सीएस ने बताया था भारतीय संविधान का महत्व सीएस अनुराग जैन ने कहा- मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हमारा जीवित लोकतंत्र है उसका एक प्रमुख आधार संविधान है मुझे एक इंटरनेशनल लीडर्स प्रोग्राम में मेरा चयन हुआ था उसमें 25 देश के प्रत्येक ही आए थे और हर देश के प्रतिनिधि को यह बताना था कि आपके देश की सबसे बड़ी ताकत क्या है मैं वहां अपने संविधान की मोटी बात बात कर कहा था कि हमारे देश का लोकतंत्र यदि इतना सुदृढ़ है तो इसका प्रमुख आधार हमारा संविधान है। भारतीय संविधान फ्लेक्सिबल, अब तक 100 संशोधन हो चुके मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- यह संविधान फ्लेक्सिबल है जिसमें 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं। जिसका परिणाम यह है कि बदलते समय के साथ हमारा संविधान कदमताल कर देश की गवर्नेंस व्यवस्था को सुचारु रूप से चला रहा है। हम देखें तो त्रिस्तरीय व्यवस्था 73 में 74 में संशोधन के साथ जमीन पर उतारी गई। जिससे लोगों की जन भागीदारी का प्रतिबिंब बन रहा है। … Read more

दीक्षांत समारोह में 126 गोल्ड मैडल, 297 पीएचडी एवं 397 स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी भावी जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें और “अन-लर्निंग, रि-स्किलिंग व अप-स्किलिंग” पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह संकल्प लें कि जीवन के उतार-चढ़ाव और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों, ज्ञान और आचरण के उच्चतम प्रतिमानों का निष्ठा के साथ पालन करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कही। उन्होंने गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावक व गुरुजनों को बधाई दी और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल श्री पटेल की अध्यक्षता एवं नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के चांसलर पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी, कुलाधिसचिव प्रो. डी. एन. गोस्वामी, कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान एवं कार्य परिषद के सदस्यगण मंचासीन थे। दीक्षांत समारोह में पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि और साहित्यकार व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा को डीलिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षण सत्र 2022-23 और 2023-24 के 81 विद्यार्थियों को 126 गोल्ड मैडल, 297 विद्यार्थियों को पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलोसपी) एवं 397 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा सुश्री अंकिता मिश्रा को 4 एवं सुश्री त्रिपर्णा बारिक को 3 गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत कार्यक्रम सदैव से हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। प्राचीन काल में गुरुकुल शिक्षा में अध्ययन के समापन के बाद घर वापस लौटने के लिये समावर्तन संस्कार होता था। आधुनिक दीक्षांत समारोह उसी का एक रूप है। उन्होंने कहा दीक्षांत समारोह एक भावनात्मक अनुबंध का प्रतीक भी हैं, जिसमें छात्र-छात्राएँ अपने ज्ञान और मेधा के साथ गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र सेवा की शपथ लेते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में या तो आप परिवर्तन को प्रेरित करते हैं अथवा परिवर्तन आपको प्रेरित करता है। इसलिए विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करें और एकाग्र होकर उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये प्राण-पण से जुट जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से समर्थ, सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिये भावी पीढ़ी को मति, गति और दिशा निर्धारण करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी है। विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के इस मंदिर में विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान के साथ बौद्धिकता और संस्कारों के समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी विश्वविद्यालय में मिले। पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे विश्वविद्यालय देश को महान बनाते हैं। खुशी की बात है कि जीवाजी विश्वविद्यालय “मेक द नेशन” के पथ पर चलकर देश को महान बनाने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है। हमारी कामना है कि यह विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय का रूप लेकर नॉलेज बेस्ड इंडिया के निर्माण में अपना अहम योगदान दे। डॉ. भटकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक है। इससे निश्चित ही महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को बल मिलेगा। जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू (कुलपति) प्रो. अविनाश तिवारी ने दीक्षांत उपदेश दिया एवं गोल्ड मैडल व उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा ने मानद डीलिट् उपाधि प्रदान करने के लिये जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया और यह उपाधि अपने माता-पिता को समर्पित की। दीक्षांत समारोह के आरंभ में शोभा यात्रा निकली। शुभारंभ व समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ हुआ। राज्यपाल श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह में जीवाजी विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। संचालन विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान द्वारा किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने 8 विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलने पर दी बधाई राज्यपाल श्री पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के 8 शिक्षण विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा एवं सरकार की पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रूपए का अनुदान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अंकुर ऐप के माध्यम से परिसर में किए गए पौध-रोपण की जानकारी प्राप्त कर सराहा। फास्ट फूड की बजाय मिलेट्स को प्राथमिकता दें विद्यार्थी राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। पूरी नींद लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ड फूड की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने व्यंजनों को अपने भोजन का हिस्सा बनाएँ।  

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