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आज से शुरू ‘हज’ यात्रा…, ढाई लाख से ज्यादा हज यात्रियों को मक्का में नहीं मिली एंट्री, जानें महत्व, परंपरा और इससे जुड़े नियम

दुबई सऊदी अरब में आज से हज यात्रा शुरू होगी। इसके लिए रविवार तक 14 लाख रजिस्टर्ड तीर्थयात्री मक्का पहुंच चुके हैं, जबकि लाखों लोगों का आना बाकी है। यह यात्रा इस्लामी कैलेंडर के 12वें महीने जिल-हिज्जा की 8वीं से 12वीं तारीख (2025 में 4-9 जून) के बीच होती है। हज मुसलमानों का एक आध्यात्मिक और अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य है। हर वो मुस्लिम जो शारीरिक, आर्थिक और मानसिक तौर पर सक्षम और स्वस्थ है, उसके लिए अपने जीवन में कम से कम एक बार हज करना अनिवार्य है। हज इस्लाम धर्म के पांच मूल स्तंभों में से एक है। हर साल दुनिया भर से लगभग 25 लाख मुस्लिम इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं। इस साल भारत से लगभग 1.75 लाख लोग मक्का पहुंचेंगे। हज के दौरान मुस्लिम काबा (बैतुल्लाह) की परिक्रमा करते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं। हज मुस्लिमों के लिए पापों से मुक्ति, आध्यात्मिक शुद्धि और अल्लाह के करीब आने का मौका है। पैगंबर इब्राहिम से शुरू होता है हज का इतिहास हज की शुरुआत पैगंबर इब्राहिम के समय से मानी जाती है। माना जाता है कि इब्राहिम और उनके बेटे इस्माइल ने अल्लाह के आदेश पर काबा का निर्माण किया था। 628 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद ने पहली इस्लामी हज की शुरुआत की। 632 ईस्वी में उन्होंने हज के आधुनिक स्वरूप को स्थापित किया, जो आज भी मुस्लिम मानते हैं। एक मुस्लिम अपने जीवन में कितनी भी बार हज कर सकता है। हालांकि, सऊदी अरब के हज मंत्रालय और कई देशों की सरकारों ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए नियम बनाया है कि एक इंसान पांच साल में सिर्फ एक बार हज कर सकता है। सऊदी अरब में रहने वाले लोगों पर 5 साल का नियम उतनी सख्ती से लागू नहीं होता है, लेकिन उन्हें भी हज के लिए आधिकारिक परमिशन लेनी होती है। 4 लाख हज यात्री पहुंचे हैं मक्का सरकार का मानना है कि पिछले साल की भीषण गर्मी के दौरान हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की थी जो बिना अनुमति के हज करने आए थे। इस साल, आधिकारिक तौर पर लगभग 14 लाख मुसलमान पहले ही मक्का पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में और भी अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। किन लोगों को शहर में प्रवेश से रोका गया? मक्का में एक प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 2,69,678 मुसलमानों को बिना अनुमति के शहर में प्रवेश करने से रोका है। नियमों के अनुसार, केवल वैध अनुमति वाले लोगों को ही हज यात्रा करने की अनुमति है, भले ही वे साल भर से शहर में रह रहे हों। बिना अनुमति हज करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को गंभीर दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें 5,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और निर्वासन शामिल है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि उन्होंने हज नियमों का उल्लंघन करने के लिए 23,000 से अधिक सऊदी निवासियों पर जुर्माना लगाया है और हज यात्रा से जुड़ी 400 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। पिछले साल 1,301 हज यात्रियों की हो गई थी मौत पिछले साल हज यात्रा के दौरान कम से कम 1,301 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से अधिकांश मौतें अत्यधिक गर्मी के कारण हुईं, जब मक्का में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुंच गया था। इन मौतों में से 83% से अधिक ऐसे तीर्थयात्री थे जिनके पास हज करने का आधिकारिक परमिट नहीं था। इन अनधिकृत तीर्थयात्रियों को आधिकारिक रूप से पंजीकृत हाजियों को मिलने वाली वातानुकूलित सुविधाओं और आश्रयों तक पहुंच नहीं मिल पाई थी, जिससे वे भीषण गर्मी की चपेट में आ गए। विभिन्न देशों से मरने वाले लोगों की संख्या भी रिपोर्ट की गई थी, जिनमें भारत के भी 98 नागरिक शामिल थे। बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 201 तक भी बताई गई।

ऊदी सरकार ने जारी किए हज के नए नियम, बिना परमिट के मक्का में नहीं मिलेगी एंट्री

रियाद  सऊदी अरब ने इस साल होने वाले हज के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। हज की तैयारी के तहत सऊदी के गृह मंत्रालय ने हाजियों लिए नए नियम जारी किए हैं। ऐसे में हज से पहले उमराह करने वालों के लिए तारीखें तय कर दी गई हैं। मंत्रालय ने मक्का में एंट्री और बाहर निकलने की तारीखें घोषित कर दी हैं। उमराह के लिए 13 अप्रैल तक उमराह करने वाले सऊदी अरब में एंट्री ले सकते हैं, उनको 29 अप्रैल तक वापसी करनी होगी। वहीं मक्का में 23 अप्रैल, 2025 से एंट्री के लिए सख्त नियम लागू होंगे और बिना परमिट के जाने वालों को वापस भेज दिया जाएगा। सऊदी अरब की होम मिनिस्टरी ने जारी अपने बयान में कहा है कि हज 2025 के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनका मकसद हज यात्रा को सुरक्षित बनाना है। मंत्रालय ने कहा है कि उमराह के लिए आए लोगों को 29 अप्रैल तक वापस जाना होगा, कोई वापस नहीं जाता है तो इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि हाजियों की आमद से पहले तैयारी के लिए पूरा वक्त मक्का की अथॉरिटी को मिल सके। मक्का आने वालों की बढ़ेगी निगरानी सऊदी सरकार ने कहा है कि 23 अप्रैल से मक्का में आने-जाने पर कड़ी निगरानी शुरू की जाएगी। मक्का में एंट्री करने के लिए काम करने का परमिट, मक्का का पहचान पत्र या हज का परमिट दिखाना जरूरी होगा। इनके अलावा किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी नागरिक, जो मक्का में नहीं रहते हैं, उन्हें भी मक्का में आने के लिए परमिट लेना होगा। टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशियों या देश के दूसरे हिस्से से आए लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन हज में शामिल होने से रोकने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। सऊदी मंत्रालय ने बताया है कि जिनके पास हज वीजा नहीं होगा, उन्हें 29 अप्रैल से मक्का में आने या रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो विदेशी नागरिक काम के लिए मक्का या आसपास के इलाकों में जाना चाहते हैं, उन्हें परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि असुविधा से बचने के लिए सभी दस्तावेजों तके साथ ही मक्का आएं। बिना परमिट के प्रवेश करने वालों को अल शुमैसी या दूसरे चेकपॉइंट से वापस भेज दिया जाएगा।

सऊदी अरब ने हज यात्रा से पहले नियमों को सख्त कर दिया, भारत सहित 14 देशों के लिए सिंगल एंट्री वीजा

रियाद  सऊदी अरब की सरकार ने इस साल, 2025 की हज यात्रा से पहले नियमों को सख्त कर दिया है। सऊदी ने वीजा समेत कई नए नियम लागू किए हैं, जिससे हज की चाहत रखने वाले दुनियाभर के मुस्लिमों को मुश्किल पैदा हो सकती है। सऊदी ने हज में बच्चों को साथ लाने पर रोक लगाई है, पेमेंट का तरीका बदला है और 14 देशों के यात्रियों के लिए सिंगल-एंट्री वीजा लागू किया है। इन बदलावों से हज यात्रा की पुरानी परंपराएं खत्म हो गई हैं, जिससे कई लोग हज पर जाने के अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएंगे। इससे ये सवाल भी उठा है कि सऊदी सरकार हज यात्रा को क्यों मुश्किल बना रही है। सऊदी अधिकारियों ने भीड़ और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा है कि बच्चों को हज में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे उन परिवारों के लिए हज की सपना टूट सकता है, जो बच्चों के साथ मक्का आना चाहते हैं। सऊदी अरब ने वीजा पर भी सख्ती की घोषणा की है। भारत समेत 14 देशों के यात्रियों को अब सिर्फ सिंगल एंट्री वीजा ही मिलेगा। इस कदम को उठाने की वजह अनधिकृत हज यात्रा को रोकने का प्रयास कहा गया है। सऊदी सरकार ने एक नई भुगतान प्रणाली भी शुरू की है। इसके तहत हाजियों को कई किश्तों में भुगतान करना होगा। ऐसा ना करने पर उनकी हज यात्रा पर संकट हो सकता है। निशाने पर आए मोहम्मद बिन सलमान इन नई नीतियों के लागू होने से सऊदी सरकार खासतौर से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान लोगों के निशाने पर आए हैं। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि क्या सऊदी अरब धार्मिक कर्तव्य से ज्यादा राजस्व को प्राथमिकता दे रहा है। वीजा प्रतिबंधों, भुगतान नियमों और बच्चों पर प्रतिबंध ने कई लोगों को सऊदी अधिकारियों पर अनावश्यक बाधाएं डालने का आरोप लगाया है, जो हज को पहले से कहीं अधिक कठिन बनाते हैं। सऊदी अरब के हज 2025 के लिए सख्त दृष्टिकोण ने वीजा-मुक्त यात्रा और धार्मिक पर्यटन के भविष्य के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं। कई लोगों को डर है कि ये नए नियम दूसरे देशों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगेंगे। वीजा-मुक्त यात्रा पर कार्रवाई दुनियाभर में वीजा नियमों को कड़ा करने के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है। एक तरफ सऊदी के इन नियमों की आलोचना हो रही है तो वहीं काफी लोगों ने इनका समर्थन भी किया है। सऊदी अरब में बीते साल हज में गर्मी के चलते एक हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं। इसकी वजह बिना परमिशन के लिए हज पर आए लोगों को माना गया। ऐसे में सऊदी की कोशिश है कि ऐसी स्थिति फिर से होने से रोकी जाए।

Mecca में भीषण गर्मी ने ली हज यात्रियों की जान, अबतक 90 भारतीयों की हुई मौत

District level volleyball competition was organised in Life Career School.

 नई दिल्ली सऊदी अरब के मक्का में गर्मी का सितम थमता नहीं दिख रहा है. भीषण गर्मी और हीटवेन के बीच अब तक यहां 90 भारतीयों सहित अलग-अलग देशों के 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इन मौतों कारण हीटवेव या इलनेस (कोई बीमारी) बताया जा रहा है. सभी लोगों की मौत नेचुरली हुई है. यानी इनमें से कोई भी हादसे का शिकार नहीं हुआ है और ना ही किसी के भी शरीर पर चोट के कोई निशान पाए गए हैं. सामने आए आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या 323 मिस्र के लोगों की है. सऊदी अरब के राजनयिकों की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि मिस्र के सभी लोगों के मरने की वजह भीषण गर्मी है. हालांकि, इनमें सिर्फ एक शख्स ऐसा है, जिसकी मौत भीड़ के कारण चोट लगने से हुई है. वहीं, मृतकों में से 60 लोग जॉर्डन के भी रहने वाले हैं. मक्का के मुर्दाघर में 570 शव अरब के राजनयिकों के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 577 हो गया है. इनमें से 570 शव मक्का के सबसे बड़े मुर्दाघर में रखे गए हैं. बता दें कि इस साल हज 14 जून को शुरू होकर 19 जून को खत्म हुआ है. पिछले साल भी हुई थी मौतें हालांकि ऐसा नहीं है कि हज पर जाने वाले यात्रियों की मौत के मामले पहली बार सामने आए हैं. अब तक जहां हज पर गए 90 भारतीयों की जन गई है तो वहीं पिछले साल इस समय तक मरने वालों का आंकड़ा 101 तक पहुंच गया था. हर दशकबढ़ रहा तापमान बता दें कि हज इस्लाम के 5 प्रमुख स्तंभों में से एक है. आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम हर मुसलमान के लिए जीवन में एक बार हज करना अनिवार्य माना जाता है. हज यात्रा जलवायु परिवर्तन के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. पिछले महीने प्रकाशित सऊदी अरब के एक शोध में कहा गया कि हज करने वाले इलाके का तापमान हर दशक 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा है. सऊदी के मौसम विभाग ने बताया कि 17 जून को मक्का की ग्रैंड मस्जिद के पास तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था.

हज के लिए मक्का पहुचे हैं लाखों मुसलमान, अब तक 550 हाजियों की गई जान

Shri Krishna Janmotsav was celebrated with great pomp in Motherland School.

रियाद  दुनियाभर से हज करने के लिए सऊदी अरब गए मुसलमानों के लिए इस साल तेज गर्मी बड़ी चुनौती बनी है। गर्मी के चलते सऊदी अरब के मक्का में हज के लिए पहुंचे 550 यात्रियों की मौत अब तक हो चुकी है। वहीं हजारों की संख्या में हाजियों को गर्मी की वजह से हुई बीमारियों का सामना करना पड़ा है। सऊदी अरब में पड़ रही भीषण गर्मी ने तमाम इंतजाम के बावजूद पिछले साल भी 240 हज यात्रियों की जान ली थी। इस साल ये संख्या और ज्यादा हो गई है, इस वर्ष हुई मौतों में 323 नागरिक मिस्र और 60 जॉर्डन के हैं। इसके अलावा ईरान, इंडोनेशिया और सेनेगल के तीर्थयात्रियों की भी मौतें हुई हैं। सऊदी में जिस तरह से तापमान में वृद्धि हो रही, उसे देखते हुए ये कहा जा रहा है कि आने वाले वर्षों में हज यात्रा बहुत मुश्किल साबित हो सकती है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी स्टेट टीवी ने बताया है कि सोमवार को मक्का में ग्रैंड मस्जिद की शेड में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस (125.2 फारेनहाइट) दर्ज किया गया। भीषण गर्मी में हाजियों को खुद को स्वस्थ रखना चुनौती बन रहा है। ये चुनौती आने वाले वर्षों में और ज्यादा बढ़ सकती है। जर्नल ऑफ ट्रैवल एंड मेडिसिन के 2024 की एक रिसर्च के अनुसार गर्मी से निपटने की जो रणनीति दुनियाभर में बन रही हैं, बढ़ता वैश्विक तापमान उन रणनीतियों से आगे निकल सकता है। इसका सीधा असर सऊदी जैसे गर्म देश पर होगा। हाजियों पर गर्मी के चलते बढ़ेगा संकट जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स के 2019 के एक अध्ययन में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण शुष्क सऊदी अरब में तापमान बढ़ने से हज करने वाले तीर्थयात्रियों को अत्यधिक खतरे का सामना करना पड़ेगा। इस साल जिस तरह से अत्यधिक गर्मी के कारण मौते हुईं हैं और सऊदी अस्पतालों में भीड़ बढ़ी है। उसे देखते हुए ये दावा भी कुछ एक्सपर्ट कर रहे हैं कि कम से कम बुजुर्गों के लिए आने वाले वर्षों में हज करना असंभव की तरह हो जाएगा। हज का इस्लाम धर्म में काफी महत्व है और हर साल लाखों मुसलमान धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए मक्का जाते हैं। इस साल गर्मी ने तीर्थयात्रियों के लिए मुश्किल बढ़ा दी है। 50 को छू रहा पारा खासतौर से बुजुर्गों के लिए मुश्किल पैदा कर रहा है। सऊदी अफसरों ने सभी हाजियों को छाते इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्हें लगातार पानी पीने और धूप से बचने के लिए कहा जा रहा है। इस सबके बावजूद बड़ी संख्या में हाजी हज की रस्मों के दौरान बीमार पड़ रहे हैं। हज के रास्ते पर इस साल साल लगातार एंबुलेंस का जमावड़ा देखा जा रहा है और अस्पतालों में इमरजेंसी जैसी स्थिति है। अवैध यात्रियों पर संकट ज्यादा गर्मी के चलते हुई मौतों में बड़ी संख्या अपंजीकृत तीर्थयात्रियों की है। आधिकारिक और महंगी हज वीजा प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर आने वाले यात्रियों को वातानुकूलित सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती, ये उनके लिए मुश्किल बनती है। मिस्र के एक राजनयिक ने कहा कि अपंजीकृत तीर्थयात्रियों ने मिस्र में मरने वालों की संख्या में काफी वृद्धि की है। एक अधिकारी ने कहा कि अनियमित तीर्थयात्रियों के कारण शिविरों में अराजकता फैल गई, जिससे सेवा चरमरा गई।” कई लोग भोजन, पानी या एयर कंडीशनिंग के बिना रह गए, जिससे गर्मी से संबंधित मौतें हुईं।

सऊदी अरब में हज यात्रा पर गर्मी का कहर, गर्मी के चलते 22 हज यात्रियों की हुई मौत

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रियाद  सऊदी अरब में होने वाली दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक हज यात्रा पर इस बार भीषण गर्मी का कहर टूटा है। हज यात्रा के दौरान गर्मी के चलते इस बार कम से कम 22 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ने के चलते सऊदी अरब सरकार की हज यात्रा की तैयारियों के दावों की पोल खुल गई। आलम यह था कि तीर्थयात्रियों के शवों को सड़क के किनारे चिलचिलाती धूप में पड़े हुए थे। रविवार को जॉर्डन की समाचार एजेंसी ने बताया था कि हज यात्रा पर गए देश के 14 श्रद्धालुओं की लू लगने से मौत हुई है। सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि गर्मी लगने के 2700 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। सऊदी सरकार की आलोचना एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें कई शव सड़क के डिवाइडर और फुटपाथ पर रखे देखे जा सकते हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र सोर्स से पुष्टि नहीं हुई है। मिस्र की 61 वर्षीय तीर्थयात्री अजा हामिद ब्राहिम ने समचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने सड़क के किनारे पड़ी हुई लाशें देखीं। ऐसा लग रहा था कि जैसे कयामत का दिन आ गया है। बड़ी संख्या में मौतों और उसके बाद शवों को लेकर हो रही बदइंतजामी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सऊदी अरब की आलोचना कर रहे हैं। ताहा सिद्दीकी ने सड़क किनारे शवों का वीडियो शेयर करते हए सवाल किया कि ‘क्या इसके लिए सऊदी शासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? वे इस्लामिक पर्यटन को प्रमोट करते हैं और इससे अरबों कमाते हैं।’ जॉर्डन की समाचार एजेंसी ने रविवार को बताया कि हज यात्रा पर गए सऊदी गए देश के 14 लोगों की लू लगने से मौत हुई है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे और डिवाडर शव पड़े दिख रहे हैं. फिलहाल, इन वीडियो की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. मिस्र की 61 वर्षीय हजयात्री अजा हामिद ब्राहिम ने एएफपी को बताया कि सड़क किनारे पड़ी हुई लाशों को उन्होंने देखा, ऐसा लगता है जैसे सऊदी में कयामत आ गई है. सऊदी में सड़क किनारे पड़े शव सऊदी अरब में बड़ी संख्या में हो रही मौतें और उसके बाद शवों की बदइंतजामी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सऊदी अरब की आलोचना कर रहे हैं. ताहा सिद्दीकी नाम से एक्स हैंडल पर सड़क किनारे पड़े शवों का वीडियो शेयर किया गया है, साथ ही सवाल किया गया है कि ‘क्या इसके लिए सऊदी शासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? जबकि सऊदी इस्लामिक पर्यटन को प्रमोट करता है और अरबों की कमाई करता है.’ काबा के पास तापमान 50 के पार सऊदी मौसम सेवा के अनुसार, सोमवार को मक्का की ग्रैंड मस्जिद में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस जगह पर तीर्थयात्री काबा की परिक्रमा करते हैं। ग्रैंड मस्जिद के पास स्थित मीना में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस था। इस जगह पर हज यात्रियों ने तीन कंक्रीट की दीवारों पर शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा की। यहां गर्मी और भीड़ ने स्थिति को विकट बना दिया था। तीर्थयात्री गर्मी से बचने के लिए अपने सिर पर पानी की बोतलें उड़ेल रहे थे। शैतान को पत्थर मारने की रस्म को हज यात्रा के अंतिम चरण माना जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं की हज यात्रा समाप्त हो जाती है। कई देशों ने की मौत की पुष्टि जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि 14 जॉर्डनी तीर्थयात्रियों की अत्यधिक गर्मी की वजह से मौत हो गई, जबकि 17 अन्य लापता हैं। ईरान ने 5 हजयात्रियों की मौत की सूचना दी है लेकिन कारण नहीं बताया है। सेनेगल ने तीन की मौत की जानकारी दी है। सऊदी अरब में मौजूद इंडोनेशिया के एक स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया है कि हज के दौरान 136 इंडोनेशियाई तीर्थयात्रियों की मौत हुई है, जिनमें कम से कम तीन हीटस्ट्रोक से मारे गए हैं। इस बार भारत से 1 लाख 75 हजार यात्री पवित्र हज यात्रा के लिए सऊदी अरब पहुंचे हैं। ग्रैंड मस्जिद का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस सऊदी के मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को मक्का की ग्रैंड मस्जिद का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस जगह पर हजयात्री परिक्रमा करते हैं. वहीं ग्रैंड मस्जिद के पास स्थित मीना का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा. इस जगह पर हज यात्री तीन कंक्रीट की दीवारों पर शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा करते हैं. इस जगह पर लोगों को गर्मी की वजह से बोतल से सिर पर पानी डालते देखा गया. शैतान को पत्थर मारने की रस्म को हज यात्रा का अंतिम चरण माना जाता है, इसके बाद हजयात्रा समाप्त हो जाती है. सऊदी में भारत के एक हज यात्री की मौत दूसरी तरफ जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि अधिक गर्मी की वजह से 14 जॉर्डनी हज यात्रियों की मौत हुई है, जबकि 17 अन्य लापता हैं. ईरान ने 5 हज यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी है. सऊदी अरब में स्थित इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उनके देश के 136 हज यात्रियों की मौत हुई है, इनमें से तीन की गर्मी की वजह से मौत हुई है. इस बार भारत 1 लाख 75 हजार हज यात्री सऊदी पहुंचे हैं. तेलंगाना के एक हज यात्री की मौत होने की खबर आई है, इसको लेकर नामपल्ली स्थित हज हाउस पर लोगों ने प्रदर्शन किया है.  

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