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अमेरिका ने मिस्र से हमास पर दबाव बढ़ाने को कहा, गाजा में इजरायल की आर्मी लगातार हमले कर रही

काहिरा  मिस्र ने हमास पर गाजा में युद्धविराम के लिए इजरायल के प्रस्ताव को मानने का दबाव बढ़ा दिया है। मिस्र ने युद्धविराम डील ना मानने पर फिलिस्तीनियों को अपने क्षेत्र से निकालने की धमकी दी है। इजरायली वेबसाइट यरुशलम पोस्ट ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ये दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र ने हमास के उन कैदियों को अपने क्षेत्र से निकालने की धमकी दी है, जिन्हें हाल ही इजरायल ने रिहा किया है। मिस्र ने यह धमकी दी है ताकि हमास लचीला रुख अपनाए और बंधक समझौते के संशोधित प्रस्ताव को स्वीकार करे ले। मिस्र ने लंबे समय से हमास और इजरायल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। मिस्न ने जिन फिलिस्तीनियों को अपने क्षेत्र से निकालने की बात तकी है, वह लंबे समय तक इजरायल की जेलों में कैद रहे हैं। इन लोगों को गाजा में युद्धविराम के बाद इजरायली बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल सरकार ने छोड़ा है। इजरायल से लौटने के बाद वे अस्थायी रूप से मिस्र में रह रहे हैं। ऐसे में मिस्र के शीर्ष खुफिया अधिकारी हमास पर दबाव डाल रहे हैं कि समझौते को स्वीकार कर लें। ऐसा ना होने पर फिलिस्तीनियों को देश में पनाह देने पर विचार किया जाएगा। अमेरिका के इशारे पर बनाया जा रहा दबाव! इजरायली अधिकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने मिस्र के खुफिया प्रमुख जनरल हसन रशाद पर इस संबंध में दबाव डाला है। विटकॉफ ने मिस्र से इस बात पर निराशा जताई कि वह हमास को अतिरिक्त बंधकों को रिहा करने के लिए मनाने में विफल रहा है। इन बंधकों में इजरायली-अमेरिकी इदान अलेक्जेंडर भी शामिल हैं। अमेरिका की ओर से कड़ा संदेश मिलने के बाद मिस्र ने हमास पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिका के दबाव के बाद मिस्र के खुफिया अधिकारी हमास को इस बात के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि कि वह एक नए समझौते को माने। इस समझौते से और ज्यादा बंधकों को छुड़ाया जा सकता है और युद्ध को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। दूसरी ओर हमास युद्ध को स्थायी तौर पर रोकने की कोशिश में लगा है। वह बंधकों की रिहाई के बदले गाजा के लिए ज्यादा सहूलियत चाहता है। इस प्रस्ताव में पांच जीवित बंधकों की रिहाई के बदले में 50 दिनों का युद्धविराम और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई शामिल है। गाजा में 50 हजार से ज्यादा मौतें गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या 50,000 को पार कर गई है। हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि अक्टूबर 2023 में इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से फिलिस्तीनी क्षेत्र में कम से कम 50,021 लोग मारे गए हैं।

हमास तीन इजरायली बंधकों को रिहा करेगा, इजरायल की जेल से छूटेंगे फिलिस्तीनी कैदी, युद्धविराम के तहत बंधकों-कैदियों की बदली

तेल अवीव: गाजा पट्टी में लागू युद्धविराम की शर्तों के तहत फिलिस्तानी गुट हमास शनिवार को तीन इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। हमास ने इन तीनों इजरायली नागरिकों के नाम जारी कर दिए हैं। हमास इस बार तीन पुरुष बंधकों को छोड़ने जा रहा है। इसके बदले में इजरायल अपनी जेलों में बंद 183 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। संघर्ष विराम के प्रभावी होने के बाद यह पांचवी बार है, जब इजराइल की जेल में बंद फलस्तीनियों को रिहा किया जाएगा और हमास इजराइली बंधकों को रिहा करेगा। हमास ने शनिवार को 52 वर्षीय एली शरबी, 56 वर्षीय ओहाद बेन अमी और 34 वर्षीय लेवी को रिहा कनरे का फैसला लिया है। इन तीनों को 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले इजरायल पर हमले के दौरान अगवा कर लिया गया था। इसी हमले के बाद इजरायल ने गाजा में हमले शुरू कर दिए थे और युद्ध छिड़ गया था। बीते महीने, 19 जनवरी को दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। युद्धविराम के बाद अब तक 18 इजरायली बंधकों और 550 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जा चुका है। उम्रकैद के 18 लोगों को छोड़ेगा इजरायल एपी की रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने शरबी और बेन अमी को किबुत्ज बेरी से बंधक बना लिया गया था। यह इलाका हमास के हमले में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। वहीं लेवी को नोवा संगीत समारोह से अगवा किया गया था। हमले के बाद लेवी एक कमरे में छिपे हुए थे, जिसका दरवाजा तोड़कर हमास लड़ाके घुस गए थे और उनको बंधक बनाकर गाजा ले आए थे। इजरायल की से शनिवार को रिहा किए जाने वाले 183 फिलिस्तीनी कैदियों में 18 लोग ऐसे हैं, जिन्हें घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं 54 लोग लंबी अवधि की सजा काट रहे हैं। इन 183 लोगों में 111 फिलिस्तीनी गाजा से हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले के बाद हिरासत में लिया गया था। ये सभी पुरुष हैं और 20 से 61 साल की उम्र के हैं। गाजा में हमास और इजरायल के बीच फिलहाल युद्धविराम समझौता चल रहा है। युद्धविराम का ये चरण मार्च की शुरुआत तक चलेगा। युद्धविराम समझौते के इस चरण के तहत 33 इजरायली बंधकों और 1900 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाना है। इजरायल का कहना है कि 33 बंधकों में से आठ की मौत हो चुकी है।

इस्राइल ने 34 बंधकों की रिहाई को किया खारिज, ‘हमास ने अभी तक नामों की सूची नहीं दी’

तेल अवीव। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि हमास ने रविवार को संभावित युद्धविराम समझौते के तहत रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची भेजी है। प्रधानमंत्री कार्यालय का यह बयान यूके स्थित एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि हमास ने 34 बंधकों की सूची को मंजूरी दे दी है, जिन्हें वह युद्धविराम समझौते के बदले में रिहा करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने कहा है कि यह सौदा गाजा से हटने और स्थायी युद्धविराम लागू करने के लिए इस्राइल की सहमति पर निर्भर है। नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘जो दावा किया गया था, उसके विपरीत, हमास ने इस क्षण तक बंधकों के नामों की सूची नहीं भेजी है।’ वर्तमान में, पीएम नेतन्याहू मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बयान नेतन्याहू की प्रोस्टेट सर्जरी के बाद बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ दिनों बाद आया है। उनके कार्यालय के अनुसार, सर्जरी के बाद नेतन्याहू अच्छी स्थिति में थे और पूरी तरह से होश में थे। इस बीच, आईडीएफ ने घोषणा की है कि उसने दक्षिणी गाजा में इस्राइल द्वारा नामित मानवीय क्षेत्र में एक कमांड सेंटर पर हमास के गुर्गों के खिलाफ ड्रोन हमला किया है। इस्राइली सेना के अनुसार, खान यूनिस क्षेत्र में स्थित इस परिसर का इस्तेमाल हमास के कार्यकर्ताओं द्वारा गाजा में सैनिकों और इस्राइल के खिलाफ हमलों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। देइर अल-बलाह क्षेत्र में आईडीएफ ने एक अलग हमला किया आईडीएफ ने कहा कि मानवीय क्षेत्र के देइर अल-बलाह क्षेत्र में एक अलग हमला किया गया, जिसमें फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के एक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया, जिसने इस क्षेत्र से पहले भी हमले किए थे। इस्राइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने कहा कि उसने दोनों हमलों में नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपाय किए। सैनिकों ने मार गिराया साद सईद जकी दहनोन आईडीएफ ने कहा कि उत्तरी गाजा के जबालिया में हाल ही में किए गए अभियानों के दौरान सैनिकों ने फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद कंपनी कमांडर और उत्तरी गाजा में आतंकी समूह के रॉकेट डिवीजन के उप प्रमुख साद सईद जकी दहनोन को मार गिराया। उसने सात अक्तूबर 2023 के हमले में भाग लिया था। दहनोन ने इस्राइल में की थी घुसपैठ आईडीएफ ने कहा कि दहनोन ने इस्राइल में घुसपैठ की थी। वह बेत लाहिया क्षेत्र में सैनिकों के खिलाफ कई हमलों में भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दहनोन और अन्य आतंकवादी खुद को कंबल में ढके हुए हैं। साथ ही बरसात के मौसम की आड़ में सैनिकों के पास जाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दूसरे ऑपरेटिव को पूछताछ के लिए इस्राइल लाया गया आईडीएफ ने कहा कि दहनोन मारा गया है, जबकि दूसरे ऑपरेटिव ने सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आईडीएफ के अनुसार, दूसरे ऑपरेटिव के पास एक विस्फोटक उपकरण था और उसे आगे की पूछताछ के लिए इस्राइल लाया गया।

हमास की लड़ाकों की संख्या तेजी से बढ़ी, हमास की भर्ती बढ़ाएगी आईडीएफ की टेंशन, गाजा में हमास जारी रखे हुए है अपनी लड़ाई

तेल अवीव  गाजा पट्टी में अक्टूबर, 2023 से हमास और इजरायल के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। इसमें फिलिस्तीनी गुट हमास को बीते कुछ समय में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उसके ज्यादातर शीर्ष नेता और कमांडर हालिया महीनों में मारे गए हैं। ऐसे में हमास के खत्म हो जाने के दावे भी कुछ एक्सपर्ट हालिया समय में करने लगे थे लेकिन इस गुट ने एक बार फिर तगड़ी वापसी की है। इजरायली वेबसाइट यरूशलम पोस्ट और चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हमास नए लड़ाकों की भर्ती करके गाजा पट्टी में इजरायली सेना (आईडीएफ) के सामने जोरदार वापसी कर रहा है। ये रिपोर्ट इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की चिंता बढ़ा सकती है। चैनल 12 ने बुधवार रात अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हमास के पास अभी भी 20,000 से 23,000 लड़ाके हैं। आईडीएफ का दावा है कि उसने अब तक युद्ध के दौरान 17,000 से 20,000 हमास और इस्लामिक जिहाद के लड़ाकों को अब तक मारा है। आईडीएफ ने युद्ध के दौरान 6,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से कम से कम 4,300 अभी भी हिरासत में हैं। हमास बढ़ा रहा है लड़ाकों की तादाद युद्ध की शुरुआत में आईडीएफ ने हमास के पास 25,000 लड़ाके होने का अनुमान लगाया था और अभी भी 23,000 तक लड़ाके हमास में होने की बात कही जा रही है। वहीं आईडीएफ 20 हजार लड़ाकों को युद्ध में मारने का भी दावा कर रहा है। ऐसे में साफ है कि बड़े स्तर पर भर्ती हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये साफ है कि हमास नए लड़ाकों को हथियार सौंप रहा है। हालांकि इनकी ट्रेनिंग पर कई तरह के सवाल हैं। ये लड़ाके उस तरह से ट्रैंड नहीं है, जैसे शुरुआती दौर में हमास के पास थे। हमास ने बड़ी संख्या ऐसे लड़ाके भी भर्ती किए हैं, जिनकी उम्र 20 या 18 साल से भी कम है। हमास के पुनरुत्थान और लड़ाकों की संख्या के बारे में परस्पर विरोधी रिपोर्ट भी सामने आई हैं। आईडीएफ और इजरायली अखबारों के दावे भी एक जैसे नहीं है।हालांकि इस सबके बीच इजरायल के उन दावो पर जरूर बड़ा सवाल उठता है, जिनमें बार-बार हमास के गाजा में बेहद कमजोर हो जाने का दावा किया जाता रहा है। साथ ही गाजा में चल रहे संघर्ष की वास्तविक स्थिति के बारे में सवाल उठता है, जहां लाखों लोग अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हो रहे हैं।

इजरायल ने हमास के एक और कमंडर को मारा, इजरायली हमलों में गाजा में 25, लेबनान में 13 लोग मारे गए

बेरूत मिडिल ईस्ट में हमास और हिजबुल्लाह के खात्मे की कसम खाने के बाद इजरायल कई मोर्चे पर जंग लड़ रहा है। इस बीच शुक्रवार को गाजा और लेबनान पर इजरायल का कहर एक साथ टूटा। ताजा हमलों में दोनों जगहों पर दर्जनों नागरिकों की मौत हो गई है। इजरायल ने लेबनान के उत्तरपूर्वी गांवों को निशाना बनाया जिनमें कम से कम 52 लोग मारे गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं। वहीं उत्तरी गाजा में लोगों के घरों को निशाना बना कर किए गए हमलों में 84 लोगों के मारे जाने की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को गाजा में मारे गए लोगों में 50 से अधिक बच्चे शामिल हैं। इन हमलों में जबालिया शरणार्थी शिविर में कई लोग मारे गए हैं। इस बीच लेबनान में इजरायल ने कई बिल्डिंगों को निशाना बनाया जिसके बाद कई लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2023 में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान में 2,897 से अधिक लोग मारे गए हैं और 13,150 घायल हुए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में एक चौथाई महिलाएं और बच्चे थे। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों का अनुमान है कि लेबनान पर इजरायल के आक्रमण के बाद 1.4 मिलियन लोग विस्थापित हो चुके हैं। हमास का एक और वरिष्ठ अधिकारी ढेर इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने खान यूनिस में हवाई हमले में हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज अल-दीन कसाब को मार डाला। फिलिस्तीनी समूह ने एक बयान में कसाब की मौत पर शोक व्यक्त किया, और कहा कि वह एन्क्लेव में उनकी कार पर एक इजरायली हमले में अयमान आयश नामक शख्स हमास के एक अन्य अधिकारी के साथ मारा गया था। हमास के सूत्रों ने रॉयटर को बताया कि कसाब गाजा में एक स्थानीय समूह का अधिकारी था, लेकिन उसके निर्णय लेने वाले राजनीतिक कार्यालय का सदस्य नहीं था। वहीं इजरायल ने कहा है कि उसने हमास के बुनियादी ढांचे और नुसेरात शरणार्थी शिविर के पास सक्रिय एक आतंकवादी को निशाना बनाया है। एक अलग घोषणा में इजरायली सेना ने कहा कि गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक वाहन पर हवाई हमले में हमास के राजनीतिक ब्यूरो के एक बड़े नेता इज़ अल-दीन कसाब और उनके सहायक अयमान अयेश की मौत हो गई। हमास ने अपने नेता की मौत की पुष्टि की है। गौरतलब है कि अयमान अयेश हमास के आखिरी बचे हुए बड़े नेताओं में से एक था।

हमास अपने नेतृत्व को लेकर रणनीति को बदलने की तैयारी में, अब किसी एक उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं होगी

बेरुत गाजा में इजरायल के साथ पिछले एक साल से जंग लड़ रहे हमास को अपने प्रमुख याह्या सिनवार की मौत से बड़ा झटका लगा है। अब हमास अपने नेतृत्व को लेकर रणनीति को बदलने की तैयारी में है। ताजा रिपोर्ट की माने तो हमास अब किसी एक उत्तराधिकारी की नियुक्ति के बजाय कतर में एक समिति को यह जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है। हमास के सूत्रों के मुताबिक समूह ने मार्च में होने वाले अगले आंतरिक चुनावों तक नए नेता के नाम की घोषणा ना करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इजरायली सेना ने याह्या सिनवार की हत्या कर दी थी। इजरायल के मुताबिक याह्या सिनवार 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए रॉकेट हमले का मास्टरमाइंड था। इस मामले पर हमास के एक सूत्र ने बताया, “नेतृत्व को लेकर हमास का दृष्टिकोण यह है कि शहीद याह्या सिनवार के उत्तराधिकारी को अगले चुनावों तक नियुक्त नहीं किया जाए है।” इस दौरान ईरान में राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानियेह की हत्या के बाद अगस्त में बनाई गई पांच सदस्यीय समिति नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेगी। सिनवार को 2017 में हमास का गाजा प्रमुख नियुक्त किया गया था। बाद में जुलाई में हानियेह की हत्या के बाद वह समूह में शीर्ष भूमिका निभा रहा था। एक अन्य सूत्र ने खुलासा किया कि एक राजनीतिक प्रमुख की नियुक्ति के बारे में आंतरिक चर्चा हुई थी जिसकी पहचान गुप्त रहेगी लेकिन नेतृत्व ने अंततः समिति के माध्यम से सामूहिक शासन के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। गाजा, वेस्ट बैंक और फिलिस्तीनी प्रवासियों के प्रमुख प्रतिनिधियों वाली इस समिति में खलील अल-हय्या (गाजा), ज़हेर जबरीन (पश्चिमी तट) और खालिद मेशाल (विदेश में फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व) शामिल हैं। दो अन्य प्रमुख सदस्य मोहम्मद दरवेश हैं जो हमास की शूरा सलाहकार परिषद के प्रमुख हैं और राजनीतिक ब्यूरो के सचिव हैं। समिति के सभी सदस्य वर्तमान में कतर में मौजूद हैं। समिति को जंग के दौरान हमास को नियंत्रित करने, रणनीतिक फैसले लेने और समूह की भविष्य की योजनाओं को आकार देने का काम सौंपा गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक सूत्र के हवाले से बताया, “समिति युद्ध और असाधारण परिस्थितियों के दौरान आंदोलन को नियंत्रित करेगी साथ ही इसके भविष्य की योजना पर भी काम करेगी।”

इजरायली सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया, अब 42000 मौतें, इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध

तेल अवीव इजरायल ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के बर्बर हमले की पहली बरसी पर 10 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर के दिन इजरायल में अचानक धावा बोल दिया था. उसके लड़ाकों ने आसमान, जमीन और समुद्र के रास्ते इजरायल में घुसकर कत्लेआम मचाया था. इस हमले में 1200 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत हुई थी और हमास ने 250 से के करीब लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं. हमास ने अपने इस हमले को ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड (Operation Al-Aqsa Flood) नाम दिया था. इजरायल ने इस बर्बरता का बदला लेने और हमास का अस्तित्व मिटाने की कसम खाई थी. उसने गाजा में ऑपरेशन आयरन स्वॉर्डस (Operation Iron Swords) चलाया. उसकी सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया. पिछले एक साल के अंदर गाजा में इजरायली कार्रवाई में करीब 41000 मौतें हुई हैं, लाखों लोग गाजा से विस्थापित हुए हैं. इजरायल अब तक इस्माइल हानिया और मोहम्मद डेफ समेत हमास के कई शीर्ष नेताओं को ढेर कर चुका है. यह 2008 के बाद से फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष का पांचवां युद्ध है, और 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद इस क्षेत्र में सबसे बड़ा सैन्य अभियान है. हमार ने 7 अक्टूबर के हमले को बताया ‘Glorious’ गाजा पट्टी पर 2007 से हमास का शासन है और 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के बाद इजरायल की बदले की कार्रवाई में यहां बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है. गाजा में बुनियादी ढांचे मलबे में तब्दील हो चुके हैं. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी, गाजा युद्ध अनसुलझा है और पूरे क्षेत्र में युद्ध की संभावना अधिक बनती जा रही है. अपने कई शीर्ष नेताओं और कमांडरों के मारे जाने के हमास सक्रिय है. कतर स्थित हमास के सदस्य खलील अल-हया ने एक वीडियो संदेश जारी करके 7 अक्टूबर, 2023 के हमले को ‘महान कार्य’ बताया है. अल-हया ने 7 अक्टूबर के हमले की बरसी पर जारी अपने संदेश में कहा, ‘पूरा फिलिस्तीन, विशेष रूप से गाजा और हमारे फिलिस्तीनी नागरिक दुश्मन के खिलाफ अपने प्रतिरोध के साथ एक नया इतिहास लिख रहे हैं.’ इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2024 को किए गए हमले की पहली बरसी आने तक इजरायल कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है. अब उसका फोकस गाजा से लेबनान में शिफ्ट हो गया है. लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाते हुए इजरायली सेना की जमीनी कार्रवाई और वायुसेना के हवाई हमले जारी हैं. गाजा में 41,000 से अधिक मौतों के बावजूद ऐसा लगता है कि यह हिंसा कभी खत्म नहीं होने वाली. इजरायली रक्षा बलों ने 5 अक्टूबर, 2024 को गाजा शहर के बगल में स्थित जबालिया में हमास लड़ाकों को खत्म करने के इरादे से एक और अभियान शुरू किया. इजरायल ने कहा कि हमास जबालिया में फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहा था. अब भी 101 बंधकों के बारे में नहीं चल सका पता यह संभव है कि इजरायल के खिलाफ उसके दुश्मनों द्वारा एक और आतंकवादी हमला या सैन्य अभियान इलाके में संघर्ष की स्थिति को और भी भयावह बना सकता है. हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमले के दौरान जिन 250 लोगों को बंधक बनाया था, उनमें से 101 बंधकों का अब भी पता नहीं चल सका है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में इन बंधकों का जिक्र किया था. उन्होंने यह प्रतिबद्धता जाहिर की थी कि इजरायल आखिरी बंधक का पता लगाए बिना चैन से नहीं बैठेगा. गाजा में इजरायल का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमताओं और शासन को नष्ट करना और बंधकों को छुड़ाना है. अपने युद्ध को अंजाम तक पहुंचा पाएगा इजरायल? लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोलने के पीछे इजरायल का लक्ष्य अपने उन 60,000 से अधिक नागरिकों को सीमा के पास अपने घरों में लौटने के लिए सुरक्षित महसूस कराना है, जिन्हें ​हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों की जद में आने का डर सताता है. पिछले एक साल में इजरायल अपने दुश्मनों पर नकेल कसने में कामयाब रहा है, लेकिन अपने युद्धों को अंजाम तक पहुंचाने में सफल नहीं रहा है. इजरायली सैन्य अधिकारी भी यह स्वीकार करते हैं कि हमास और हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने और उनकी सैन्य क्षमताओं को कुंद करने के बावजूद, ये दोनों मिलिशिया समूह फिलिस्तीन और लेबनान में एक ताकत बने रहेंगे. इस संघर्ष में ईरान की एंट्री से स्थिति और बिगड़ सकती है. इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यही समझ में आता है कि इजरायल को निकट भविष्य में भी युद्धों और संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा.  

रिपोर्ट : इजरायल ईरान के तेल कुओं और परमाणु अड्डों पर अटैक कर सकता है, एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा

तेल अवीव ईरान की ओर से इजरायल पर मंगलवार को 200 मिसाइलें दागे जाने के बाद माहौल बदल गया है। अब तक हमास, हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच ही चल रही जंग दो महाशक्तियों में संघर्ष में बदलती दिख रही है। इस बीच इजरायल ने ईरान को खत्म ही करने की कसम खाई और बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार इसके तहत इजरायल अब ईरान के परमाणु ठिकानों और उसके तेल कुओं पर भी अटैक कर सकता है। इससे ईरान के साथ ही आसपास के देशों के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है। यही नहीं तेल के ठिकानों पर अटैक की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि हम यह देखेंगे कि अब हम अटैक करेंगे तो ईरान क्या करेगा। हम ईरान को ऐसा दर्द देंगे कि वह कभी भुलेगा नहीं। कई इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के तेल कुओं पर अटैक हो सकता है। इसके अलावा ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल की ओर से फाइटर जेट्स से हमला किया जा सकता है। इसके अलावा टारगेट अटैक भी हो सकता है, जिसमें ड्रोन जैसी चीजों का इस्तेमाल हो सकता है। इसी तरीके से इजरायल ने तेहरान के अंदर घुसकर इस्माइल हानियेह को मार गिराया था। यह पहला मौका है, जब इजरायल और ईरान इस तरह से आमने-सामने हैं। इसी साल अप्रैल में भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई थी। लेकिन इस बार जंग तेज होती दिख रही है। यहां तक कि अमेरिका ने अतिरिक्त सैनिक भेजने का ऐलान कर दिया है और इजरायल का समर्थन करते हुए कहा है कि उसे ईरान के हमलों से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अब अनुमान है कि इजरायल बड़ा हमला कर सकता है और इससे पूरे मिडल ईस्ट में ही कोहराम की स्थिति पैदा हो सकती है। बता दें कि अब तक ईरान के अलावा किसी भी अन्य मुस्लिम देश ने इजरायल के खिलाफ खुलकर उतरने का ऐलान नहीं किया है। सऊदी अरब, यूएई जैसे देश तो तटस्थ ही हैं। ऐसी स्थिति में इजरायल और ईरान के बीच बड़ा संघर्ष दुनिया को किस तरफ ले जाएगा, यह देखने वाली बात होगी। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तो वीडियो जारी करके कह चुके हैं कि ईरान को हमले की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान यह नहीं समझता कि हमारा अपनी रक्षा को लेकर संकल्प है। यह संकल्प दुश्मनों के खात्मे तक बना रहेगा।

हमास चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते को अमल में लाने को तैयार, पहले चरण में बंधकों की रिहाई

गाज़ा हमास के खिलाफ इजरायल की जंग आज भी जारी है। हालांकि इसके खत्म होने की आहट सुनाई देने लगी है। हमास के एक वरिष्ठ सूत्र के हवाले से शनिवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि हमास गाजा में नौ महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से किए गए समझौते को अमल में लाने के लिए तैयार हो गया है। पहले चरण के 16 दिन बाद इजरायली बंधकों को रिहा करने के लिए वार्ता शुरू करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। फिलिस्तीनी संगठन ने मांग की है कि समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले इजरायल को पहले एक स्थायी युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। छह सप्ताह के पहले चरण के दौरान इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। मध्यस्थता के माध्यम से किए गए युद्धविराम प्रयासों में शामिल एक फिलिस्तीनी अधिकारी ने कहा था कि यदि इजरायल सहमत होता है तो यह प्रस्ताव समझौते के रूप में परिणत हो सकता है। इसके साथ ही पिछले साल 7 अक्टूबर को शुरू हुए गाजा युद्ध को समाप्त कर देगा। आपको बता दें कि इस युद्ध मां गाजा में 38000 से अधिक लोग मारे गए हैं। हमास के आतंकवादियों द्वारा हवाई, भूमि और समुद्र के रास्ते दक्षिणी इजरायली शहरों पर हमला करने के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था। उन्होंने लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया जबकि हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए। हमास सूत्र ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव से यह सुनिश्चित होता है कि मध्यस्थ अस्थायी युद्धविराम, मानवीय सहायता की आपूर्ति और इजरायली सैनिकों की वापसी की गारंटी देंगे। समझौते के दूसरे चरण को लागू करने के लिए अप्रत्यक्ष वार्ता जारी रहेगी। इजरायली हमले में सात फिलिस्तीनी मारे गए फिलिस्तीन के उत्तरी वेस्ट बैंक में जेनिन शहर और उसके शरणार्थी शिविर में इज़रायली हवाई हमले और गोलीबारी में सात फिलिस्तीनी मारे गए। फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फ़िलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि एक इज़रायली ड्रोन ने जेनिन शिविर में युवाओं के एक समूह को निशाना बनाया और इज़रायली सेना ने फ़िलिस्तीनी आतंकवादियों की ओर से की गयी गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई करते हुए जेनिन के पश्चिम में एक घर को घेर लिया। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद इज़रायली सेना ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया और फिर घर पर कई ”एनर्जा” ग्रेनेड से हमला किया। जेनिन में रेड क्रिसेंट एम्बुलेंस अधिकारी महमूद अल-सादी ने बताया कि इज़रायली सेना ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया है, जिससे एम्बुलेंस चालक दल घेरे हुए घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।  

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