इंदौर के राजा रघुवंशी और सोनम की हनीमून यात्रा दुखद अंत में बदली, राजा रघुवंशी की वो बातें, जो सोनम की बहन ने अब बताईं
इंदौर इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी के बाद शुरू हुआ हनीमून अचानक एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में बदल गया. 22 मई को शिलांग पहुंचे राजा और उनकी पत्नी सोनम की रहस्यमयी गुमशुदगी ने सनसनी फैला दी. राजा की लाश मिलने के बाद सोनम का कोई पता नहीं चल पाया है. होटल में पहुंचे से लेकर लावारिस स्कूटी मिलने तक के सबूत इस मामले की गहराई और भी बढ़ा रहे हैं. शिलांग की वादियों में हुई इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सोनम कहां है और राजा की मौत के पीछे क्या राज छुपा है? राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी. शादी के महज 9 दिन बाद 20 मई को दोनों हनीमून मनाने के लिए इंदौर से बेंगलुरु होते हुए गुवाहाटी पहुंचे. वहां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन के बाद 22 मई को वे शिलांग रवाना हुए. घरवालों के अनुसार, दोनों का प्लान सिर्फ असम तक जाने का था, लेकिन वे अचानक शिलांग कैसे और क्यों पहुंचे, यह सवाल अब गहरा रहस्य बन गया है. शिलांग में हनीमून मनाने गए इंदौर के राजा और सोनम रघुवंशी का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जो 22 मई का बताया जा रहा है. इस फुटेज में दोनों को एक होटल के बाहर स्कूटी से आते और बैग रखते हुए देखा जा सकता है. इसके बाद वे स्कूटी से घूमने निकल जाते हैं. यह वही स्कूटी है, जो बाद में 25 किलोमीटर दूर एक पार्किंग में लावारिस हालत में मिली थी. वीडियो में सोनम ने सफेद शर्ट पहने दिखी, जो बाद में राजा के शव के पास बरामद कपड़ों से मेल खाती है. राजा की मां ने आखिरी बार 23 मई को दोपहर डेढ़ बजे सोनम से मोबाइल पर बात की थी. इस कॉल में सोनम ने बताया था कि वे लोग किसी जंगल में घूमने आए हैं, जहां एक झरना भी है. इसके आधे घंटे बाद, यानी 2 बजे सोनम का फोन बंद हो गया और फिर कभी ऑन नहीं हुआ. इसके बाद 26 मई को राजा और सोनम के भाई शिलांग पहुंचे और ईस्ट सोहना पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. इसी दौरान उन्हें एक तस्वीर में स्कूटी का नंबर दिखा, जिससे पता चला कि वह स्कूटी एक टूरिस्ट रेंटल एजेंसी से ली गई थी. पूछताछ में पता चला कि स्कूटी 22 मई को राजा ने किराए पर ली थी. 23 मई की सुबह 6 बजे दोनों होटल से चेकआउट कर गए थे. इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला. 24 मई की रात मवालखियत से 25 किलोमीटर दूर ओसरा हिल्स की पार्किंग में वही स्कूटी लावारिस हालत में मिली. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाशी शुरू की. 28 मई को जंगल में दो बैग मिले, जिनकी पहचान राजा और सोनम के भाई ने की. फिर 2 जून को विजाडोंग पार्किंग लॉट के नीचे एक खाई में राजा की लाश मिली. शव की पहचान दाहिने हाथ पर बने टैटू से हुई. शव के पास एक सफेद लेडी शर्ट, एक पेंट्रा टैबलेट और एक मोबाइल स्क्रीन बरामद हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद शिलांग पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अब बड़ा सवाल है कि सोनम कहां है? उसके साथ क्या हुआ? क्या यह हत्या है या कुछ और? क्या दोनों को किसी षड्यंत्र के तहत मारा गया या वे किसी खतरनाक हालात में फंस गए? शिलांग पुलिस की तफ्तीश जारी है, लेकिन इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है. राजा रघुवंशी की वो बातें, जो सोनम की बहन ने अब बताईं सूख चुके आंसुओं से भरी आंखें, पथराए हुए चेहरे और बदहवास हालत… बुधवार की शाम एक शव जब इंदौर के पलासिया इलाके में पहुंचा तो कुछ ऐसा ही मंजर था। परिवार तो जैसे टूट ही चुका था। कुछ देर शव को घर पर रखने के बाद अंतिम यात्रा शुरू हुई और रीजनल पार्क मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। ये शव था राजा रघुवंशी का, जो चंद रोज पहले ही अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए थे। परिवार दोनों के लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन वापस केवल राजा की लाश लौटी। सोनम अभी भी लापता है। वो कहां है, उसके साथ क्या हुआ, किसी को कुछ नहीं पता। शादी के बंधन में बंधे इस कपल से किसी की क्या दुश्मनी थी, जो इनसे सारी खुशियां छीन ली गईं। आखिर, सिलसिलेवार ये पूरी कहानी समझते हैं। वो 11 मई 2025 का खूबसूरत दिन था, जब मध्य प्रदेश के इंदौर में दो प्यार भरे दिल, अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे के साथ जीने मरने का वचन लेते हैं। नाम था राजा रघुवंशी और सोनम। नई जिंदगी में कदम रखने की खुशी और आंखों में बहुत सारे सपने लिए, दोनों 20 मई को हनीमून के लिए निकलते हैं। पहले सोचा था कि कश्मीर की वादियों में एक-दूसरे का हाथ पकड़कर घूमेंगे, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों ने हनीमून के लिए मेघालय को चुना। राजा और सोनम बेंगलुरू होते हुए असम के गुवाहाटी पहुंचते हैं और मां कामाख्या के दर्शन करने के बाद मेघालय के शिलॉन्ग के लिए रवाना हो जाते हैं। दोनों एक होमस्टे में रुकते हैं और अगले दिन किराए की स्कूटी लेकर घूमने निकल जाते हैं। कुछ देर बाद ही दोनों का संपर्क परिवार से टूट जाता है। जब काफी देर तक बात नहीं होती, तो परिवार परेशान हो जाता है और मेघालय पुलिस को मामले की खबर दी जाती है। हर तरफ राजा और सोनम की तलाश शुरू हो जाती है। मोबाइल बंद हो चुका था, दोनों की आखिरी लोकेशन की भी कोई जानकारी नहीं। परिवारों वालों का दिल डर से भरा हुआ था कि ठीक 11 दिन बाद, 2 जून को को राजा रघुवंशी की लाश एक झरने के पास खाई में मिलती है। लाश बुरी तरह सड़ चुकी थी और पास में एक दाओ (बड़े साइज का चाकू) भी मिलता है। मौके पर जो हालात थे, उन्हें देखकर अंदाजा हो जाता है कि किसी ने बेरहमी के साथ राजा की हत्या की है। सोनम अभी भी लापता है। पुलिस उसकी तलाश में चप्पा-चप्पा खंगाल रही है। … Read more