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गुना कलेक्टर की संवेदनशीलता और मानवीयता ने लोगों का ध्यान खींचा, मिली सरहाना

गुना  मध्य प्रदेश के गुना में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक दिव्यांग को व्हीलचेयर पर सहारा देते नजर आ रहे हैं. इस मानवीय संवेदना से भरे कृत्य ने लोगों का दिल जीत लिया है.  एक हादसे में अपने पैर गंवा चुके दिव्यांग हरवीर रजक अपनी पत्नी के साथ जनसुनवाई में कलेक्टर कन्याल के पास पहुंचे थे. उन्होंने व्हीलचेयर और पेंशन की गुहार लगाई. कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हरवीर को नई व्हीलचेयर, 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता और प्रतिमाह 600 रुपये की दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कराई. पेंशन को जनपद पंचायत गुना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पेंशन पोर्टल के माध्यम से प्रभावी किया गया. कलेक्टर कन्याल ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रभारी उपसंचालक अब्दुल गफ्फार को त्वरित निर्देश दिए. इतना ही नहीं, वह इतने भावुक हुए कि खुद हरवीर को व्हीलचेयर पर बैठाकर जनसुनवाई कक्ष से बाहर तक छोड़ने आए. व्हीलचेयर, आर्थिक सहायता और पेंशन मिलने के बाद हरवीर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने हाथ जोड़कर कलेक्टर को धन्यवाद दिया. हरवीर रजक ने बताया कि हादसे के बाद उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई थी, लेकिन कलेक्टर की मदद ने उन्हें नया सहारा दिया. वहीं, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा, “हरवीर ने आवेदन दिया था कि हादसे में उनके पैर खराब हो गए हैं. शासकीय योजनाओं के तहत उन्हें मदद दी गई है. जरूरतमंद की सेवा करना हमारा कर्तव्य है.” यह घटना इसलिए चर्चा में आई, क्योंकि शाजापुर कलेक्टर रहते हुए आईएएस अफसर किशोर कन्याल ने एक ट्रक ड्राइवर से बहस के दौरान कह दिया था कि ”तुम्हारी औकात क्या है?” इस पूरे वाकए का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. लेकिन इस बार उनकी संवेदनशीलता और मानवीयता ने लोगों का ध्यान खींचा है.   

राज्य सेवा के 21 अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, एसएएस के 16 और एसपीएस के 5 अफसरों को मिलेगा मौका

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य सेवा के 16 अफसर आईएएस और 5 आईपीएस बनेंगे। दरअसल, अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी की बैठक होना लगभग तय है। जिसमें इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (SAS) और स्टेट पुलिस सर्विस (SPS) के 21 अफसरों को अखिल भारतीय सेवा में प्रमोशन मिलेगा। इनमें 16 एसएएस को IAS में प्रमोशन मिलेगा। वहीं 5 एसपीएस अफसर IPS बनेंगे। अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक होना लगभग तय है। बैठक में इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। आईपीएस के लिए 1997-98 बैच के अफसरों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। आईएएस के लिए वरिष्ठता सूची के आधार पर 2006-2007 बैच के अफसर आईएएस बनेंगे। कुल 21 पदों के मुकाबले तीन गुना नाम भेजे जाने हैं। यूपीएससी को देर से प्रस्ताव भेजे जाने के कारण 2023 में आठ पदों के लिए डीपीसी नहीं हो पाई थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने डीपीसी के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा था। इसलिए इस साल 2023 और 2024 के 8-8 यानी 16 पदों के लिए डीपीसी होगी। राज्य सरकार मध्य प्रदेश कैडर के अफसरों के नाम तय कर यूपीएससी को भेजती है। इसके बाद खाली पदों के आधार पर नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग से अधिसूचना जारी करेगी।

एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला, आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी मिली

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में तबादलों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आईएएस से लेकर आईपीएस अधिकारियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। आईएएस देवयानी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। तबादलों के क्रम में आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आईएएस शशांक चौधरी को इन्वेस्ट यूपी का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। आईएएस शशांक मौजूदा समय में मथुरा में नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे। इसी तरह आईएएस जग प्रवेश का भी तबादला कर दिया गया है। आईएएस जग प्रवेश को मथुरा जिले का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। आईएएस जग प्रवेश मौजूदा समय में बरेली जिले में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। इसके अलावा महिला आईएएस देवयानी को बरेली जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। आईएएस देवयानी अभी तक झांसी जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बता दें कि यूपी की योगी सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। साथ ही ईमानदार और सरकार की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पिछले समय में भी यूपी में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है।

हेडक्वार्टर लौट रहे सैनिक ट्रेन में टाॅयलेट के पास या अन्य भीड़भाड़ वाली जगह खड़े देखें तो सम्मानपूर्वक अपनी रिजर्व सीट पर बिठाएं-IAS अनुराग चौधरी

भोपाल  पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की सफलता के बाद हर कोई भारतीय सेना के शौर्य का सलाम कर रहा है। सैनिकों का गुणगान कर रहा है। ऐसे माहौल में एमपी के एक आइएएस ने देशवासियों से बड़ी अपील की है। उन्होंने लोगों से हेडक्वार्टर जा रहे सैनिकों का सफर आसान बनाने का आग्रह किया है। सेना ने सभी सैनिकों की छुट्टी निरस्त कर दी है। उन्हें हर हाल में अपने हेडक्वार्टर लौटने के लिए कहा गया है। ऐसे सैनिकों के लिए एमपी के आइएएस IAS अफसर अनुराग चौधरी ने बड़ी बात कही है। उन्होंने ट्रेन या बस से जा रहे सैनिकों का सम्मान करने और उनका सफर सुविधाजनक बनाने का प्रयास करने का आग्रह किया है। अनुराग चौधरी ने बाकायदा सोशल मीडिया पर यह अपील की प्रदेश के अपर सचिव अनुराग चौधरी ने बाकायदा सोशल मीडिया पर यह अपील की। उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखा- वर्तमान स्थिति को देखते हुये छुट्टियों पर आए सैनिक बिना रिजर्वेशन ट्रेन से अपने बटालियन हेडक्वार्टर लौट रहे हैं। उनको ट्रेन में टाॅयलेट के पास या अन्य भीड़भाड़ वाली जगह खड़े देखें तो सम्मानपूर्वक अपनी रिजर्व सीट पर बिठाएं। वह हमारे राष्ट्र रक्षक हैं। यदि सैनिक रोड से जाते दिखें तो उनको अपने वाहन से अगले मुकाम तक पहुंचाएं।

MP कैडर के 53 IAS अफसरों को एक महीने की ट्रेनिंग के लिए मसूरी बुलाया, नए अफसरों की एंट्री सीएमओ

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के 53 आईएएस अफसरों को करीब एक महीने की ट्रेनिंग के लिए मसूरी बुलाया गया है। इन अफसरों को जून से जुलाई तक मिड करियर ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी जाना होगा। खास बात यह है कि सूची में शामिल दो अफसर मुख्यमंत्री के सचिव सीबी चक्रवर्ती एम और डॉ. इलैया राजा टी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में दो पद खाली हो जाएगा तो इसके बदले में नए अफसर आमद दे सकते हैं। चार जिलों के कलेक्टर भी शामिल इसके अलावा 4 जिलों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत चार जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। यह सभी 53 अफसर सचिव, अपर सचिव स्तर के हैं। हालांकि कई अफसरों ने अपनी ट्रेनिंग रद्द करवाने के लिए जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि वर्किंग एफिशिएंसी में सुधार के लिए यह ट्रेनिंग आवश्यक होती है। इन अधिकारियों को 16 जून से 11 जुलाई तक होने वाले एमसीटीपी के चौथे चरण की ट्रेनिंग के लिए सूचित किया गया है। इन अफसरों के नाम शामिल लोकेश कुमार जाटव, धनंजय सिंह भदोरिया, स्वतंत्र कुमार सिंह, शशांक मिश्रा, स्वाति मीणा नायक, आईरिन सिंथिया जेपी, विकास नरवाल, भरत यादव, सीबी चक्रवर्ती, वी. किरण गोपाल, नंदकुमारम, शिल्पा गुप्ता, सूफिया फारूकी वली, अजय गुप्ता, अविनाश लवानिया, प्रियंका दास, अभिषेक सिंह, प्रीति मैथिल, ईलैया राजा टी., तेजस्वी नायक, अमित तोमर, श्रीकांत बनोठ, मुजीर्बुर रहमान, अनय द्विवेदी, तन्वी सुंदरियाल बहुगुणा, तरुण राठी, गणेश शंकर मिश्रा, अभिजीत अग्रवाल, कर्मवीर शर्मा, कौशलेंद्र विक्रम सिंह, अनुराग चौधरी, भास्कर लक्षकार, आशीष सिंह, शण्मुगा प्रिय मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, दिनेश जैन, गिरीश शर्मा, शिवराज सिंह वर्मा, उमाशंकर भार्गव, प्रीति जैन, उषा परमार, सरिता बाला, ओम प्रजापति, चंद्र मौली शुक्ला, मनोज पुष्य, वीएस चौधरी कोलसानी, रुचिका चौहान, सौरव कुमार सुमन, विजय कुमार जे., हरजिंदर सिंह, नेहा मराव्या, बी. विजय दत्ता, अनुगृह पी और मोहित बुंदस।

प्रदेश के गैर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आइईएस बनने का मौका अब नहीं दिया जाएगा

भोपाल  भोपाल। प्रदेश के गैर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आइईएस बनने का मौका अब नहीं दिया जाएगा। लगातार नौवें साल इनके नाम संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के लिए प्रस्तावित नहीं करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्ष 2024 के लिए जिन आठ पदों के लिए नाम भेजने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, वे सभी राज्य प्रशासनिक सेवा के हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के आठ और 2024 के आठ पदों के लिए एक साथ विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक मई-जून में हो सकती है।     आईएएस संवर्ग में पदोन्नति के लिए नियमानुसार गैर प्रशासनिक सेवा के लिए 15 प्रतिशत तक पद रखे जा सकते हैं। यह राज्य के ऊपर रहता है कि वह इन्हें पद देना चाहता है या नहीं।     2016 में तत्कालीन मुख्य सचिव एंटोनी डिसा के समय चार पद गैर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को दिए गए थे। इसके बाद से इस संवर्ग को अवसर नहीं मिला।     ऐसा नहीं है कि इसमें अधिकारी पात्रता नहीं रखते हैं लेकिन सरकार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पर्याप्त उपलब्धता को आधार बनाकर अवसर नहीं दे रही है।     जबकि, इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इस बार भी जो प्रस्ताव भारत सरकार और संघ लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है, उसमें भी केवल राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नाम रहेंगे।     आठ पदों के लिए 24 अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेजे जाएंगे। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कमिश्नरों से रिपोर्ट बुलवाई है।     इसके साथ ही जांच एजेंसियों से भी पूछा गया है कि जो नाम प्रस्तावित किए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध जांच तो नहीं चल रही है। संघ लोक सेवा आयोग में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक मई-जून में हो सकती है।  

मोहन सरकार ने उज्जैन, अशोक नगर, हरदा और विदिशा के कलेक्टरों का तबादला किया, 9 तेजर्रार आईएएस अफसरों का एक झटके में ट्रांसफर हुआ.

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन समेत चार जिलों के कलेक्टरों को बदल दिया. राज्य सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार नौ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. इसमें कहा गया है कि उज्जैन, अशोक नगर, हरदा और विदिशा के जिला कलेक्टरों का तबादला किया गया है. उज्जैन कलेक्टर को हटाया उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है और उनकी जगह विदिशा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है. हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह, सुभाष कुमार द्विवेदी की जगह अशोक नगर के नए कलेक्टर होंगे, जिन्हें जीएडी का अतिरिक्त सचिव बनाया गया है. सिद्धार्थ जैन हरदा के नए कलेक्टर होंगे, जबकि अंशुल गुप्ता विदिशा जिले के नए कलेक्टर होंगे. बसंत कुर्रे को श्रम विभाग भेजा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे को श्रम विभाग में अपर सचिव बनाया गया है. अशोकनगर के कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी को उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में भेजा गया है. वहीं इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को उज्जैन सिंहस्थ मेले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. देवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति को कार्यकारी संचालक मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम इंदौर बनाया गया है. शिवांगी जोशी को भोपाल में बड़ी जिम्मेदारी इसके अलावा राजेश कुमार गुप्ता को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक पद से हटाकर मध्यप्रदेश शासन में उप सचिव विभाग संस्कृति विभाग बनाया गया है. 2019 बैच की शिवांगी जोशी को जबलपुर संयुक्त कलेक्टर से हटकर मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम भोपाल में महाप्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वर्तमान में इंदौर की अपर कलेक्टर और 2018 बैच की अधिकारी सुश्री ज्योति शर्मा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवास बनाया गया है. उज्जैन कलेक्टर का पारिवारिक विवाद आया था सामने बीते दिनों उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह का पारिवारिक विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम की चर्चा सीएम हाउस तक पहुंची थी। हालांकि मामले में किसी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं की थी। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को भोपाल भेजा गया है। लगातार दूसरे जनसंपर्क संचालक विदिशा के कलेक्टर शिवराज सिंह चौहान के संसदीय मुख्यालय विदिशा में जनसंपर्क विभाग के संचालक रौशन कुमार सिंह को 8 महीने पहले विदिशा कलेक्टर बनाकर भेजा गया था। रौशन को सीएम मोहन यादव का करीबी माना जाता है। रौशन कुमार सिंह के बाद अब जनसंपर्क विभाग के संचालक अंशुल गुप्ता को विदिशा का कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। अंशुल विदिशा के दूसरे ऐसे कलेक्टर होंगे जो जनसंपर्क संचालक के बाद विदिशा के कलेक्टर की कमान संभालेंगे। इन अफसरों के पास ये अतिरिक्त प्रभार     जनजातीय कार्य विभाग के पीएस गुलशन बामरा को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को सिंहस्थ मेला उज्जैन के मेला अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।     राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव ऋषि गर्ग को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अफसरों के तबादले     अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल के संचालक राजेश गुप्ता को संस्कृति विभाग में उप सचिव बनाया गया है।     जबलपुर की संयुक्त कलेक्टर को मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम का महाप्रबंधक बनाया है।     शिवांगी के पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अवर सचिव का भी अतिरिक्त प्रभार रहेगा।

MP में जल्द एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 32 अफसरों को मिलेगी नई जिम्मेदारी, कलेक्टर भी बदलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में आने वाले कुछ महीनों में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होना तय है। इसमें करीब 32 आइएएस को सरकार नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में है तो प्रभार में टिके मंत्रालय के कई विभागों को स्वतंत्र अफसर भी मिलेंगे। सरकार ने इस फेरबदल में बीते एक साल के दौरान एसीएस, पीएस, सचिव, संभागायुक्त व कलेक्टरों के कामों को आधार बनाने की योजना रखी है।  इसमें ऐसे अफसर जिनके काम के नतीजे अच्छे रहे हैं और सरकार को केंद्र स्तर पर, 16वें वित्त आयोग की प्रजेंटेशन बैठक में व अन्य स्तरों पर सराहना मिली, उनको बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं किरकिरी कराने वालों की कुर्सी खिसकना तय है। 12 बड़े विभागों का काम प्रभार सूत्रों की मानें तो सरकार प्रदेश को जल्द ही स्वतंत्र कृषि उत्पादन आयुक्त और कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष देने की तैयारी में है। वर्तमान में कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वन विभाग के एसीएस अशोक बर्णवाल व कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त जिमा सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे के पास है तो पीडब्ल्यूडी जैसे 12 बड़े विभागों का काम भी प्रभार पर चल रहा है। जिले और संभागों में भी बदलाव संभव प्रदेश के कुछ जिलों के कलेक्टर व संभागों के संभागायुक्त भी बदले जाने हैं। इस बदलाव के कई आधार होंगे। जिनमें जिलों में घटित होने वाली बड़ी घटनाओं को नहीं संभाल पाना, प्रशासनिक चूक के कारण घटना होना, नेताओं की वास्तविक नाराजगी का बार-बार सामने आना, खनिज माफिया व अपराधियों की करतूतें उजागर होना, अलग-अलग स्तर पर कमियों के कारण विपक्ष को मुद्दा मिलना, जैसे बिंदू अहम हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ऐसे कुछ बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द इन बड़े पदों व विभागों में पदस्थापना को लेकर काम के आधार पर ग्रेडिंग सिस्टम अपनाएगी।

प्रदेश में IAS अफसरों की पोस्टिंग, पंचायत मंत्री के दामाद श्यामवीर सिंह को BDA की कमान; देखें सूची

भोपाल मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। 7 मार्च को जारी आदेश में भोपाल विकास प्राधिकरण के CEO प्रदीप जैन को हटाकर श्यामवीर सिंह को बीडीए की कमान सौंपी गई है। श्यामवीर सिंह पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के दामाद हैं। वहीं आईएएस महेंद्र सिंह कवचे को उज्जैन से दतिया अपर कलेक्टर बनाए गए हैं। मप्र सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला आदेश के अनुसार, बीडीए के सीईओ रहे प्रदीप जैन को मंत्रालय में उप सचिव नियक्त किया गया है। जबकि, 2018 बैच के IAS अधिकारी श्यामवीर सिंह को भोपाल विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। 2018 बैच की आईएएस रूही खान को उद्योग विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   भोपाल विकास प्राधिकरण में करीब एक साल पहले प्रदीप जैन को सीईओ बनाया गया था। शुक्रवार को जारी आदेश में जैन को बीडीए सीईओ के पद से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ कर दिया गया है। जैन की पोस्टिंग अभी मंत्रालय में किसी विभाग में नहीं की गई है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में पदस्थ अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे को स्थानांतरित कर अपर कलेक्टर दतिया बनाया गया है। ये दोनों ही अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा के हैं। महिला दिवस के पहले रूही को मिला काम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटीं आईएएस अधिकारी रूही खान को शासन ने उप सचिव एमएसएमई के पद पर पदस्थ किया है। साथ ही उन्हें उप सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें 31 जनवरी को भोपाल में उपस्थिति देने के एक माह से अधिक समय बाद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पहले सरकार ने जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आईएएस अफसर श्याम वीर को भोपाल विकास प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। दूसरी ओर 5 दिसम्बर 2024 से पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आशीष भार्गव को अभी काम मिलना बाकी है। श्यामवीर सिंह नरवरिया का परिचय श्यामवीर सिंह नरवरिया भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव के निवासी हैं। UPSC परीक्षा में 284वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्हें लोधी समाज का गौरव माना गया था। श्यामवीर का विवाह मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की बेटी फलित सिंह पटेल से हुआ है।  

वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जेएन कांसोटिया (1989) को गृह विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार जेएन कांसोटिया (1989) महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्यप्रदेश भोपाल को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग में भेजा गया है। वहीं अनिरूद्ध मुकर्जी (1993), आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) की नवीन पदस्थापना अध्यक्ष राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश ग्वालियर तथा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) के पद पर की गई है। सचिन सिन्हा (1995), प्रशासकीय सदस्य, राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर तथा अध्यक्ष, राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार) की नवीन पदस्थापना वि.क.अ. सह-महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्यप्रदेश भोपाल में की गई है। इसके अलावा श्रीमती रश्मि अरूण शमी (1994) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा विशेष आयुक्त (समन्वय), मध्यप्रदश भवन, नई दिल्ली तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्त्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है।  

IAS अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटेंगे

भोपाल   केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एमपी कैडर के दो आईएएस अधिकारी इसी माह मध्यप्रदेश लौटने वाले हैं। आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटने वाले हैं वहीं दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों एमपी लौटेंगी। प्रमुख सचिव स्तर के 1998 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी एमपी में इंदौर कलेक्टर रहने के साथ विभिन्न विभागों में उपसचिव और सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। त्रिपाठी अक्टूबर 2022 से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन मंत्रालय में माय जीओवी के सीईओ के तौर पर काम कर रहे हैं। मोहन यादव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आकाश त्रिपाठी को एमपी वापस भेजने का आग्रह किया है जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और माना जा रहा है कि आकाश त्रिपाठी इसी माह एमपी वापस लौट सकते हैं। उनकी वापसी के बाद मोहन सरकार उन्हें किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपने वाली है। दूसरी ओर राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस पद पर प्रमोट होने वाली 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से केंद्र में प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले एमपी लौटने वाली हैं। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने इसे मंजूरी देते हुए उन्हें पैरेंटल कैडर मध्यप्रदेश लौटने की सहमति दे दी है। रूही खान भी जल्दी ही भोपाल में मंत्रालय में अपनी आमद देने वाली हैं। खान अभी दिल्ली में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हैं।  

मानव अधिकार आयोग ने IAS अनुपम राजन और निशांत बरवड़े के खिलाफ किया वारंट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि आईएएस के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इनमें से एक अधिकारी अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अनुपम राजन और दूसरे आयुक्त (कमिश्नर) निशांत वरवड़े हैं। यह दोनों अधिकारी राज्य के उच्च शिक्षा विभाग में पदस्थ हैं। इनके खिलाफ मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने 5-5 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं। दोनों अधिकारियों अनुपम राजन और निशांत वरवड़े को 22 जनवरी 2025 को आयोग के सामने पेश होने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा एक महिला स्पोर्ट्स ऑफिसर के मामले में कमिश्नर निशांत वरवड़े पर एक अन्य वारंट भी जारी किया गया है। आयोग ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य इंजीनियर के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। कॉलेज प्रोफेसर ने की थी शिकायत यह मामला एक प्रोफेसर से जुड़ा हुआ है। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज (एमवीएम) भोपाल के प्रोफेसर कैलाश त्यागी ने अर्जित अवकाश (एलटीसी) की राशि रोके जाने पर मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की थी। त्यागी ने कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी राशि ब्याज सहित दिलाने की मांग की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने अनुपम राजन और निशांत वरवड़े से रिपोर्ट मांगी थी। महिला स्पोर्ट्स अफसर के मामले में भी वारंट बार—बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी दोनों आईएएस अफसरों ने आयोग को कोई जवाब नहीं दिया। इसके कारण आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। वहीं कमिश्नर निशांत वरवड़े पर एक अन्य वारंट भी जारी किया गया है। एक महिला स्पोर्ट्स अफसर के मामले में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने पर यह वारंट जारी किया गया है। एक इंजीनियर को भी वारंट बताया जा रहा है कि एक महिला स्पोर्ट्स ऑफिसर ने अपने कॉलेज के प्राचार्य पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया था। इस मामले में भी निशांत वरवड़े ने कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी। एक अन्य मामले में बावड़िया कलां ओवरब्रिज की सड़क में खराबी के मामले में पीडब्ल्यूडी के मुख्य इंजीनियर संजय मस्के ने रिपोर्ट नहीं सौंपी। उनके खिलाफ भी जमानती वारंट जारी किया गया है।

मध्‍य प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, राज्य सरकार ने 18 IFS अफसरों के किए ट्रांसफर, किसे, कहां भेजा, देखें लिस्ट

भोपाल मध्य प्रदेश की ‘मोहन सरकार’ ने वन विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने शुक्रवार (27 दिसंबर) की रात भारतीय वन सेवा (IFS) के 18 अधिकारियों के तबादले किए हैं। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया है। अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। नर्मदापुरम के वन संरक्षक पीएन मिश्रा को इंदौर वृत का वन संरक्षक नियुक्त किया है।   रमेश चंद्र और हरिशंकर को भोपाल भेजा मध्य प्रदेश शासन के जारी आदेश के अनुसार, जबलपुर में वर्किंग प्लान CF रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के CF नरेश यादव को CF छतरपुर सर्किल बनाया है। एमपी सरकार ने 18 आईएफएस अफसर बदले मध्यप्रदेश शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया है। इन अफसरों को दी ये जिम्मेदारी  नेहा श्रीवास्तव को वनमण्डलाधिकारी, उत्तर बालाघाट (सा.) वनमण्डल बनाया है। सीमा द्विवेदी को फॉरेस्ट ऑफिसर सामाजिक वानिकी वृत्त (प्रतिनियुक्ति से वापस लिया)। अमित कुमार चौहान को वनमण्डलाधिकारी, देवास भेजा दिया है। इन्हें प्रतिनियुक्ति से वापस लिया है। बालासुब्रमणी एन फॉरेस्ट ऑफिसर सामाजिक वानिकी वृत्त खंडवा होंगे। गौरव जैन फॉरेस्ट ऑफिसर (सामाजिक वानिकी वृत्त) होंगे। श्रेयस श्रीवास्तव वनमण्डलाधिकारी (उत्पादन वनमंडन) सिवनी होंगे। खंडवा की उप वनमंडला अधिकारी निधि चौहान को पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल भेजा है।

फिर हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS अफसरों के हुए तबादले …

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को ऊर्जा विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड जबलपुर (अतिरिक्त प्रभार) के वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है। इसी तरह आईएएस रजनी सिंह को मध्यप्रदेश का श्रम आयुक्त बनाया गया है, साथ ही उनके पास मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।  

छत्तीसगढ़ में हुई प्रशासनिक सर्जरी, सात IAS अधिकारियों का प्रभार बदला, किसे कहां मिली जिम्‍मेदारी

 रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सात आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है, जिसकी घोषणा गुरुवार को की गई। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला को आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं के पद पर नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रियंका शुक्ला के पदभार ग्रहण करते ही, आईएएस अधिकारी चंदन कुमार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव के पद से मुक्त किया जाएगा। वहीं, 2012 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या उमेश मिश्रा को संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय के साथ-साथ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के प्रबंध संचालक और राज्य साक्षरता मिशन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर को हटाया गया, नया कलेक्टर नियुक्त बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर रिमीजियूस एक्का को हटाकर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार कटारा को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह निर्णय तीन सप्ताह पहले बलरामपुर में पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्यकर्मी गुरुचरण मंडल की मौत के बाद हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया। इस घटना के बाद थाने में लोगों ने हमला किया और तोड़फोड़ की थी, जिसके चलते एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कलेक्टर की हटाने की वजह इस घटनाक्रम से भी जुड़ी बताई जा रही है। अन्य अधिकारियों की नियुक्तियां और जिम्मेदारियां:     डॉ. प्रियंका शुक्ला: आयुक्त-सह-संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।     संजीव कुमार झा: पाठ्यपुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार।     रिमीजियूस एक्का: संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग।     दिव्या उमेश मिश्रा: संचालक, SCERT, मिशन संचालक, राज्य साक्षरता मिशन।     जगदीश सोनकर: मिशन संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान।     राजेंद्र कुमार कटारा: कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज।     ऋतुराज रघुवंशी: संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण।  

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