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39 साल बाद सेमीफाइनल भिड़ंत: भारत-इंग्लैंड, पिछली बार टीम इंडिया की जीत और कप्तान कौन था?

मुंबई  मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि यादों और जज्बातों का सबसे बड़ा रंगमंच है. यही वह जगह है जहां कभी विश्व कप की सबसे बड़ी खुशी मिली, तो कभी दिल तोड़ देने वाली हार भी. अब एक बार फिर वही स्टेडियम इतिहास के नए मोड़ का गवाह बनने जा रहा है. टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे. मुकाबला सिर्फ फाइनल की टिकट का नहीं है, बल्कि इतिहास के अधूरे हिसाब को बराबर करने का भी है। लगभग चार दशक पहले इसी वानखेड़े में इंग्लैंड ने भारत को विश्व कप से बाहर कर दिया था. अब उसी मैदान पर भारतीय टीम के पास उस पुरानी टीस को मिटाने का मौका है. अगर भारत यह मैच जीतता है तो फाइनल में उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। वानखेड़े: जहां जश्न भी मिला, दर्द भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में वानखेड़े स्टेडियम का एक अलग ही स्थान है. 2011 के वनडे विश्व कप का वह ऐतिहासिक पल आज भी हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के दिल में बसता है, जब महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया था और गौतम गंभीर की 97 रन की जुझारू पारी ने जीत की नींव रखी थी. लेकिन यही मैदान दर्द की कहानियों से भी भरा हुआ है. 1987 के विश्व कप सेमीफाइनल में कपिल देव की टीम यहां इंग्लैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इसके बाद 2016 के टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसलिए जब भी भारत वानखेड़े में बड़ा मुकाबला खेलता है, तो यह सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि भावनाओं की लड़ाई भी बन जाती है। क्‍या 2022 की हार ने बदला भारतीय टी20 क्रिकेट? भारत और इंग्लैंड की टी20 विश्व कप में भिड़ंत कोई नई बात नहीं है. लेकिन 2022 का सेमीफाइनल भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे दर्दनाक यादों में से एक बन गया. उस मैच में भारत ने 168 रन बनाए थे, लेकिन इंग्लैंड ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया था. जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की ओपनिंग जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया था. उस हार ने भारतीय टीम को झकझोर दिया. इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने यह महसूस किया कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलेगा. खेल का तरीका बदलना पड़ेगा। क्‍या काम आएगी भारत की आक्रामक रणनीति? 2022 के बाद भारतीय टीम ने अपनी टी20 रणनीति पूरी तरह बदल दी. अब बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक खेलने लगे. रन गति बढ़ाने पर जोर दिया गया और जोखिम लेने से डरना बंद किया गया. आज 2026 में यही रणनीति भारत की पहचान बन चुकी है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने आक्रामक और निडर क्रिकेट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. अगर भारत इस सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराता है तो यह सिर्फ जीत नहीं होगी, बल्कि उस नई सोच की भी जीत होगी जिसने भारतीय टी20 क्रिकेट को बदल दिया। भारत बनाम इंग्लैंड: क्‍या कहते हैं आंकड़े? टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 29 मैच खेले गए हैं. इनमें भारत ने 17 मुकाबले जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 12 बार जीत दर्ज की है. टी20 विश्व कप की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने तीन बार जीत हासिल की है. वानखेड़े में भी दोनों टीमें दो बार भिड़ चुकी हैं. फरवरी 2025 में खेले गए मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 150 रन से करारी शिकस्त दी थी. उस मैच में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 54 गेंदों में 135 रन की तूफानी पारी खेली थी। कैसी है दोनों टीमों की फॉर्म? भारत ने सुपर 8 चरण में उतार-चढ़ाव भरा सफर तय किया. अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम दबाव में आ गई थी. लेकिन इसके बाद भारत ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सुपर 8 में शानदार प्रदर्शन किया. श्रीलंका में खेले गए मुकाबलों में उन्होंने एक भी मैच नहीं गंवाया. कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई में टीम ने धीमी पिचों पर भी शानदार संतुलन दिखाया। इस बार कैसी रहेगी वानखेड़े की पिच? इस टूर्नामेंट में वानखेड़े की पिच ने थोड़ा अलग व्यवहार किया है. पारंपरिक रूप से यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन इस बार यहां बल्लेबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिली है. भारत और अमेरिका के बीच खेले गए पहले मैच में भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. शुरुआती विकेट गिरने के बाद सूर्यकुमार यादव की आक्रामक पारी की बदौलत भारत 161 रन तक पहुंच सका और 29 रन से मैच जीत लिया. मैदान की पिच पर हल्की घास भी छोड़ी गई है ताकि गेंद को अतिरिक्त उछाल मिल सके। क्या ओस बनेगी मैच का बड़ा फैक्टर? वानखेड़े में रात के मैचों में ओस हमेशा एक अहम भूमिका निभाती है. हालांकि इस टूर्नामेंट में अब तक सात मैचों में से चार में टीमों ने स्कोर का सफल बचाव किया है. लेकिन मुंबई की बढ़ती गर्मी को देखते हुए संभावना है कि सेमीफाइनल में ओस अहम भूमिका निभा सकती है. ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। कौन जीतेगा सेमीफाइनल? दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की बल्लेबाजी गहरी है और उनकी रणनीति बेहद आक्रामक रहती है. लेकिन भारत के पक्ष में कई फैक्‍टर हैं – घरेलू मैदान, दर्शकों का समर्थन और आक्रामक क्रिकेट का नया आत्मविश्वास. अगर भारतीय टीम दबाव में संयम बनाए रखती है तो उसके पास फाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका है।

डाउनलोड्स में नंबर-1 भारत, AI ऐप्स के इस्तेमाल में रिकॉर्ड के बावजूद एक कमी उजागर

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने के मामले में भारत सबसे आगे निकल रहा है। भारत में सबसे ज्यादा जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड किए जा रहे हैं। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में साल-दर-साल 207 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ भारत जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। देश में सबसे ज्यादा एआई ऐप और चैटबॉट डाउनलोड किए गए हैं। इससे देश को जेन-AI इस्तेमाल करने के मामले में अमेरिका से आगे निकलने में मदद मिली। भारत में डाउनलोड हुए सबसे ज्यादा एआई ऐप मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जेनरेटिव एआई ऐप सबसे ज्यादा भारत में डाउनलोड किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर में लगभग 20 प्रतिशत या हर 5 में से 1 जेनरेटिव AI ऐप भारत में डाउनलोड हुआ है। हालांकि, यह बड़ा यूजर बेस रेवेन्यू में नहीं बदलता है। 2025 में इन ऐप खरीदारी में भारतीय यूजर्स का हिस्सा सिर्फ लगभग 1 प्रतिशत रहा था। रेवन्यू में रह गया पीछे यह अंतर उन कंपनियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताता है जो तेजी से अपनाए जाने को लंबे सम तक बने रहने वाले रेवेन्यू में बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐप डाउनलोड की ग्रोथ भले ही साल-दर-साल 320 प्रतिशत बढ़ी हो, लेकिन रेवेन्यू की ग्रोथ अभी काफी पीछे है। नवंबर में इन-ऐप खरीदारी में 22 प्रतिशत और दिसंबर में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। फ्री ऑफर का दिखा असर डाउनलोड में यह उछाल प्रमोशनल पुश और DeepSeek, Grok, और Meta AI जैसे नए AI प्लेटफॉर्म के आने से आया है। साथ ही, इसका एक बड़ी कारण भारत में, Google द्वारा अपने AI Pro प्लान का एक साल का फ्री एक्सेस देने भी है। इतना ही नहीं, Perplexity ने Airtel के साथ मिलकर अपना Pro प्लान भारतीय यूजर्स के लिए फ्री किया था। OpenAI ने भी कुछ समय के लिए ChatGPT Go का एक साल का फ्री एक्सेस दिया है। कंपनियों द्वारा दिया जा रहा फ्री ऑफर्स का असर दिख रहा है। नवंबर में फ्री ChatGPT Go एक्सेस के लॉन्च के बाद, भारत में ChatGPT से होने वाला रेवेन्यू 33 प्रतिशत और दिसंबर में 32 प्रतिशत कम हो गया। हालांकि, OpenAI प्लेटफॉर्म ने अपना दबदबा बनाए रखा और भारत में जेनरेटिव AI इन-ऐप रेवेन्यू का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अपने पास रखा। पिछले हफ्ते भारत में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया गया। इसके दौरान भी AI पर काफी चर्चा हुई। कुछ समय पहले ही OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि भारत में चैटजीपीटी के हर हफ्ते 100 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर हैं। इससे भी साफ पता चलता है कि भारत में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यूजर्स एआई ऐप्स और चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत-इंग्लैंड का सेमीफाइनल रद्द होने पर कौन खेलेगा फाइनल? ICC के नियम से जानें

 मुंबई ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल बुधवार (4 मार्च) को कोलकाता के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में है. यहां साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे.  वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में भारत और इंग्लैंड के बीच है.  ऐसे में तमाम क्रिकेट फैन्स के मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि अगर ये दोनों मुकाबले बार‍िश की वजह से धुलते हैं तो क्या होगा. वेस्टइंडीज को सुपर 8 के अहम मुकाबले में हराकर भारतीय टीम ने अंतिम चार में जगह बनाई. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया अब फाइनल का टिकट पक्का करना चाहती है. इंग्लैंड ने अपने सुपर 8 ग्रुप में दमदार प्रदर्शन किया और तीनों मुकाबले जीतकर टॉप स्थान हासिल किया. दूसरी ओर भारत अपने ग्रुप में दूसरे नंबर पर रहा. टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. अगर भारत और इंग्लैंड के बीच मैच बारिश की वजह से रद्द हो जाता है, तो इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक रिजर्व डे रखा है.  अगर मैच में देरी होती है, तो अधिकारियों के पास गुरुवार को एक्स्ट्रा 90 मिनट और शुक्रवार को 120 मिनट का समय होगा ताकि कम से कम 5 ओवर का मैच हो सके.  अगर मैच रद्द हो जाता है, तो नतीजा सुपर 8 पॉइंट्स टेबल के आधार पर तय किया जाएगा.  पहले दिन पूरा कराने की कोशिश आईसीसी नियम 13.6 और 13.7 के तहत मैच 20-20 ओवर का होगा. अगर खेल के दौरान बारिश या रुकावट आती है तो अंपायर उपलब्ध अतिरिक्त समय का इस्तेमाल करेंगे और जरूरत पड़ी तो ओवर घटाए जाएंगे, ताकि उसी दिन नतीजा निकाला जा सके. सेमीफाइनल के तय दिन 90 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया है. हर टीम को कम से कम 10 ओवर खेलने का मौका मिलना जरूरी है ताकि नतीजा संभव हो सके. अगर तय कट-ऑफ समय तक न्यूनतम ओवर नहीं हो पाते, तो खेल रोककर रिजर्व डे पर शिफ्ट किया जाएगा. रिजर्व डे पर क्या होगा? रिजर्व डे पर 120 मिनट का अतिरिक्त समय उपलब्ध रहेगा. अगर मैच पहले दिन शुरू हो चुका था और बीच में रुका, तो मुकाबला वहीं से दोबारा शुरू होगा जहां आखिरी गेंद डाली गई थी. यानी स्कोर, ओवर और मैच की स्थिति जस की तस रहेगी. अगर पहले दिन टॉस हो चुका है और उसके बाद खेल नहीं हो पाया, तो टॉस दोबारा नहीं होगा. वही नतीजा और प्लेइंग इलेवन रिजर्व डे पर लागू रहेगी. ओवर कम हुए तो कैसे लागू होगा नियम? आईसीसी ने उदाहरण देकर साफ किया है कि अगर मैच 20 ओवर से घटाकर 17 ओवर प्रति पारी कर दिया गया और फिर खेल रुक गया, तो रिजर्व डे पर स्थिति के मुताबिक खेल जारी रहेगा. अगर एक भी गेंद दोबारा शुरू होने से पहले नहीं फेंकी गई थी, तो मुकाबला मूल 20 ओवर से (जरूरत पड़ने पर कटौती के साथ) जारी किया जा सकता है. दोनों दिन खेल नहीं हुआ तो? अगर सेमीफाइनल तय दिन और रिजर्व डे दोनों पर नहीं हो पाता, तो सुपर ओवर या टॉस से फैसला नहीं होगा. ऐसी स्थिति में सुपर 8 राउंड की अंक तालिका के आधार पर फैसला लिया जाएगा. अपने ग्रुप में टॉप रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी. यानी नियम साफ है, पहले दिन नतीजा निकालने की पूरी कोशिश, फिर रिजर्व डे, और अंत में ग्रुप स्टेज प्रदर्शन का महत्व. आईसीसी ने यह ढांचा इसलिए तय किया है ताकि नॉकआउट मुकाबलों में किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने. भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की टक्कर नई नहीं है. 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था. वहीं 2024 में भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया और बाद में चैंपियन बना. अब 2026 में कौन किस पर भारी पड़ेगा, इसका जवाब 5 मार्च को मिलेगा.

भारत-ऑस्ट्रेलिया-कनाडा के नए ट्रायंगल का असर, जानें क्यों इसे गेमचेंजर माना जा रहा है

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नई दिल्ली एक तरफ अमेरिका ट्रेड वॉर और भारी टैरिफ लगाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समेट रहा है, तो दूसरी तरफ चीन ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बाजार पर एकाधिकार जमाकर बैठा है. इस खींचतान के बीच, दुनिया को एक नए और सुरक्षित रास्ते की तलाश थी. इसी तलाश को पूरा करने और चीन-अमेरिका पर निर्भरता को जड़ से खत्म करने के लिए तीन बड़े देशों ने हाथ मिलाया है. भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने मिलकर एक नया और बेहद शक्तिशाली अलायंस बनाया गया है, जिसे ACITI यानी ऑस्‍ट्रेल‍िया, कनाडा, इंडिया टेक्‍नोलॉजी एंड इनोवेशन ट्रायंगल नाम द‍िया गया है. यह नया ट्रायंगल सिर्फ एक डील नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की ग्रीन सप्लाई चेन का पूरा गेम बदलने वाला है |  आज की दुनिया में तरक्की का मतलब क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सोलर पैनल और विंड टर्बाइन है. इन सभी को बनाने के लिए लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिजों की जरूरत होती है.दिक्कत यह है कि इन खनिजों को निकालने और रिफाइन करने के बाजार पर चीन का लगभग पूरा कब्‍जा है. ग्रीन हाइड्रोजन बनाने वाले इलेक्ट्रोलाइजर की सप्लाई भी चीन ही कंट्रोल करता है. दूसरी ओर, अमेरिका ने अपनी नई नीतियों और टैरिफ से दुनिया भर के व्यापार को डरा दिया है. एक देश (चीन) पर पूरी तरह निर्भर रहना अब दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था. ACITI गठबंधन इसी सिंगल-कंट्री डिपेंडेंस को तोड़ने का अचूक हथियार है | कैसे काम करेगा यह नया ट्रायंगल?     यह गठबंधन तीन देशों की अलग-अलग ताकतों को मिलाकर एक सुपर-पावरफुल सप्लाई चेन बनाएगा. इस साझेदारी का फोकस मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और लॉन्ग-टर्म आर्थिक सुरक्षा पर होगा |      ऑस्ट्रेलिया की ताकत: ऑस्ट्रेलिया दुनिया में लिथियम का सबसे बड़ा उत्पादक है. यानी एक तरह से लीडर है. लिथियम वह मुख्य धातु है जिससे हर तरह की बैटरी बनती है |      कनाडा की ताकत: कनाडा के पास क्रिटिकल मिनरल्स का भारी भंडार है और वह ग्रीन टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए भारी फंड्स और नीतियां बना रहा है |      भारत की ताकत: भारत दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार है. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट र‍िन्‍यूएबल एनर्जी पैदा करने का विशाल लक्ष्य रखा है. यानी भारत के पास इस नई तकनीक की सबसे ज्यादा डिमांड है |      जब ऑस्ट्रेलिया का कच्चा माल, कनाडा की तकनीक-पैसा और भारत का विशाल बाजार और मैन्युफैक्चरिंग स्केल एक साथ मिलेंगे, तो यह तिकड़ी चीन के एकाधिकार को सीधी और कड़ी टक्कर देगी |  सिर्फ मुनाफा नहीं, धरती को बचाना है लक्ष्‍य अक्सर ऐसे बड़े गठबंधन सिर्फ पैसा कमाने के लिए बनते हैं, लेकिन ACITI का नजरिया अलग है. इस गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे अपना ध्यान सिर्फ स्मार्टफोन बनाने या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुलबुले में पैसा फूंकने पर न लगाएं. इस ट्रायंगल का असली लक्ष्य टेक-फॉर-गुड यानी भलाई के लिए तकनीक बनाना है. इसके तहत तीनों देश मिलकर काम करेंगे कि खनिजों का खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे हो. पुरानी बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से लिथियम, कोबाल्ट और तांबे को दोबारा कैसे निकाला जाए. यह गठबंधन सर्कुलर इकॉनमी यानी जहां चीजें बर्बाद न हों, बल्कि बार-बार इस्तेमाल हों, उस पॉल‍िसी को बढ़ावा देगा |   

भारत और इंग्लैंड का तीसरी बार सेमीफाइनल मुकाबला, किसकी होगी जीत?

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नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. अब 5 मार्च को सेमीफाइनल के नॉकआउट मैच में उसकी भिड़ंत इंग्लैंड के साथ होनी है. भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली इस टक्कर में जो भी टीम जीतेगी वो फाइनल में चली जाएगी और 8 मार्च को अहमदाबाद में नजर आएगी. तो आइए आपको इन दोनों टीमों के बीच की राइवलरी के बारे में बताते हैं… पहले एक नजर सभी 4 टीमों पर इस बार 20 टीमों ने इस वर्ल्ड कप के महासमर में हिस्सा लिया था. इनमें से केवल 4 टीमें अब सेमीफाइनल के लिए सेलेक्ट हुई हैं. इनमें ग्रुप 1 से साउथ अफ्रीका और टीम इंडिया हैं. तो ग्रुप 2 से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने क्वालिफाई किया है |  पहला सेमीफाइल मैच 4 मार्च को कोलकाता में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े में इंग्लैंड और भारत के बीच होगा |  लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में भारत एक अजब संयोग भी है. टीम इंडिया लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है. और दिलचस्प ये है कि तीनों बार उसका सामना इंग्लैंड से ही तय हुआ है. इससे पहले साल 2022 और साल 2024 में जब टीम इंडिया ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया तो फिर उसकी भिड़ंत इंग्लैंड से ही हुई थी. अब ये तीसरी बार दोनों की टक्कर है |  कैसा रहा है रिकॉर्ड दोनों टीमों की 2022 में जब सेमीफाइनल की भिड़ंत हुई तो टीम इंडिया की कमान रोहित शर्मा के हाथों में थी और इंग्लैंड के कप्तान बटलर थे. इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने हार्दिक पंड्या और कोहली की फिफ्टी के दम पर 168 रन बनाए थे. लेकिन इसके जवाब में इंग्लैंड ने 16 ओवर में ही 10 विकेट से भारत को धूल चटा दी थी. और भारत की उम्मीदों को तोड़ डाला था. फिर इंग्लैंड इस बार चैम्पियन भी बनी थी |  अब कहानी 2024 की अगली बार जब टी20 वर्ल्ड कप हुआ तो फिर से भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल का मैच खेला गया. लेकिन इस बार टीम इंडिया तैयार थी. कप्तान दोनों टीमों के सेम थे. लेकिन इस बार नतीजा भारत के पक्ष में आया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने रोहित शर्मा की फिफ्टी के दम पर 171 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड 103 पर ही सिमट गया. अक्षर और कुलदीप ने इस मैच में 3-3 विकेट झटके थे. बुमराह को 2 सफलता मिली थी |  अब तीसरी भिड़ंत अब लगातार तीसरी बार दोनों टीमें सेमीफाइनल में हैं. इंग्लैंड की टीम सुपर-8 में एक भी मैच नहीं हारी है और अपने ग्रुप की टॉपर रही है. लेकिन भारत को सुपर-8 के पहले मैच में ही साउथ अफ्रीका के हाथों हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन फिर भारत ने बाउंस बैक किया और लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया |  कैसा है टी20 वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड सेमीफाइनल का आंकड़ा तो आपने जान लिया. लेकिन अब ये भी जानना जरूरी है कि आखिर टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के आंकड़े क्या कहते हैं. टी20 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच पांच मैच हुए हैं, जिसमें भारत ने तीन और इंग्लैंड ने दो जीते हैं. हालांकि सेमीफाइनल में 1-1 की बराबरी रही है |  अब देखना होगा कि वानखेड़े में दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं. इस बार इंग्लैंड की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में है, जबकि टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं | 

भारत में खामेनेई की मौत के बाद हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था पर सख्त नजर, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

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नई दिल्ली  मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है, जिससे देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है।  नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों, भड़काने वालों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए लोग किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो। पुलिस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि लोग तोड़फोड़, दंगा-फसाद, पत्थरबाजी या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल न हों। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हिंसा और अशांति की वजह से शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने, आवाजाही में रुकावट और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

तेल में आग और बाजार में भागमभाग: क्या निवेशकों को घबराना चाहिए? इतिहास का नजरिया क्या कहता है?

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नई दिल्ली  क्या पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार थाम सकता है? मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों के बीच वैश्विक बाजारों में घबराहट साफ दिख रही है. 2 मार्च 2026 को निफ्टी 50 और सेंसेक्स करीब 1.8% तक फिसल गए, सरकारी बॉन्ड यील्ड में हल्की तेजी आई, ब्रेंट क्रूड लगभग 6% उछला और सोने की कीमतें 3% बढ़ीं. सवाल यह है कि क्या यह उथल-पुथल भारत की लंबी अवधि की विकास यात्रा को प्रभावित करेगी, या यह केवल एक अस्थायी झटका है? हालिया विश्लेषण में एक्सिस एसेट मैनेजमेंट (Axis Asset Management) ने साफ किया है कि भले ही अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई हो, लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे संघर्ष भारतीय शेयर बाजारों को लंबे समय तक पटरी से नहीं उतार पाए हैं. कच्चा तेल: भारत के लिए सबसे बड़ा जोखिम इस एनालिसिस के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. इसलिए पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है. यदि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को बाधित करता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा होगा. दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और 30% एलएनजी का व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, और भारत की करीब आधी ऊर्जा आपूर्ति भी इसी मार्ग पर निर्भर है. तेल की कीमतों में तेज उछाल से भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, महंगाई दबाव में आ सकती है और विमानन, पेंट, सीमेंट तथा केमिकल जैसे सेक्टरों की लागत बढ़ सकती है. हालांकि, पिछले अनुभव बताते हैं कि जब तक तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची नहीं टिकतीं, तब तक शेयर बाजार स्थायी गिरावट का शिकार नहीं होते. रूस–यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गया था, लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद बाजार संभल गए और साल अंत में सकारात्मक रिटर्न दिया. रुपये और विदेशी निवेश का असर भू-राजनीतिक तनाव के समय अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव आता है. भारतीय रुपया भी इससे अछूता नहीं रहता. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली से रुपये में अस्थायी कमजोरी देखी जा सकती है. फिर भी भारत की मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार स्थिति, नियंत्रित चालू खाता घाटा और संतुलित राजकोषीय स्थिति सुरक्षा कवच का काम करती है. 2013 के टेपर टैंट्रम, 2020 की महामारी और 2022 के युद्ध जैसे दौर में भी रुपया दबाव में आया, लेकिन शेयर बाजारों में लंबी अवधि की गिरावट नहीं आई. आरबीआई की भूमिका और बाजार की मानसिकता रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ऐसे समय में स्थिरता का अहम स्तंभ बनता है. केंद्रीय बैंक ने अतीत में अस्थायी महंगाई झटकों को नजरअंदाज करते हुए मूल महंगाई और विकास की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया है. तरलता प्रबंधन के जरिए बाजार में भरोसा बनाए रखा गया है, ताकि घबराहट स्थायी संकट में न बदले. पिछले 15 वर्षों का इतिहास देखें तो हर बड़े संघर्ष के दौरान शुरुआती गिरावट आई, लेकिन बाजारों ने जल्द ही संतुलन पा लिया.     2014 के क्रीमिया संकट     2016 की सर्जिकल स्ट्राइक     2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक     2022 के रूस–यूक्रेन युद्ध     2023 के इजराइल–हमास संघर्ष इन सबके दौरान यही पैटर्न दिखा कि बाजार जल्द ही पटरी पर लौट आया. यहां तक कि 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के समय भी शुरुआती घबराहट के बाद स्थिरता लौट आई. असल में बाजार भावनाओं से ज्यादा इस बात का आकलन करते हैं कि आर्थिक असर कितना लंबा और गहरा होगा. जब यह स्पष्ट हो जाता है कि सप्लाई चेन पर असर सीमित है और घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, तो जोखिम प्रीमियम घटने लगता है और निवेशक दोबारा सक्रिय हो जाते हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संदेश इतिहास बताता है कि संघर्षों के समय घबराकर बाजार से बाहर निकलना अक्सर नुकसानदेह साबित हुआ है. जिन्होंने गिरावट के दौरान निवेश छोड़ा, वे बाद की तेजी से चूक गए. इसलिए अनुशासन, विविधीकरण और लंबी अवधि की सोच ही ऐसे दौर में सबसे कारगर रणनीति मानी गई है. ईरान वाला तनाव गंभीर जरूर है, लेकिन भारतीय बाजारों के लिए यह कोई अनजाना अनुभव नहीं. शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश की विकास की कहानी घरेलू खपत, पूंजीगत व्यय, डिजिटलीकरण और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार पर टिकी है. ऐसे में हर भू-राजनीतिक झटका स्थायी मोड़ नहीं, बल्कि अस्थायी विराम साबित हुआ है.  

भारत के लिए कनाडा का यूरेनियम सौदा, पीएम मोदी और कार्नी के बीच कई समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

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 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा में लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर साथ काम करेंगे. -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, ‘पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है. यहां प्रति व्यक्ति आय का विकास ऐसा रहा है जो इतिहास में बहुत कम देखा गया है. कनाडा आपके इसी उत्साह और उद्देश्य की भावना को साझा करता है. मुझे लगता है कि इस नए युग में सफलता का मार्ग 2023 में आपके G20 अध्यक्षता के विषय ‘One Earth, One Family, One Future’ में अच्छे से दिखाया गया है, क्योंकि हमारे समय की चुनौतियों को अकेला कोई देश हल नहीं कर सकता.’ -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, ‘पिछले वर्ष में कनाडा और भारत की सरकारों के बीच जो संवाद हुआ है, वह पिछले दो दशकों में हुए सभी संवादों से अधिक है. यह केवल संबंधों का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि नए उत्साह, ध्यान और दूरदर्शिता के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी है, जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रहे हैं.’ -पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. हम हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात करते रहे हैं, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का समर्थन करता है और क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम उनका भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने में रुचि दिखाने का स्वागत करते हैं, जिससे हमारी समुद्री सहयोग में नई गहराई आएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर और साझा चुनौती हैं. इनके खिलाफ हमारी करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम है. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच जुड़ाव है. आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नए साझेदारी की घोषणा की गई है. इसके अलावा, कनाडाई विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है. आदिवासी और जनजातीय समुदाय हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. दोनों पक्षों के बीच आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंडिया-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है. दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. इसी उद्देश्य से आज इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित करने का निर्णय लिया गया. -CAMECO के अध्यक्ष टिम गिट्ज़ेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पट्टनाइक ने परमाणु ऊर्जा विभाग और CAMECO के बीच यूरेनियम अयस्क आपूर्ति समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज साइन किए गए क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU से सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ेगी. अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों की स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे. ऊर्जा क्षेत्र में हम अगले स्तर की साझेदारी बना रहे हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.’ -पीएम मोदी ने कहा, ‘हम टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में स्वाभाविक साझीदार हैं. भारत-कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत हम नए विचारों को वैश्विक समाधान में बदलेंगे. मैं प्रधानमंत्री कार्नी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले महीने भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हम AI के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाएंगे.’ -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का निर्णय लिया है. अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे. नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे.’ -कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारे सहयोग में बढ़ती गति के लिए श्रेय देता हूं. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं. हम विविधता का जश्न मनाते हैं. मानवता की भलाई हमारी साझा दृष्टि है. यही दृष्टि हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह उनके भारत की विकास कहानी में गहरे विश्वास का प्रतीक है. आज हम दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे. उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को … Read more

वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

 अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बुधवार को नीदरलैंड्स और टीम इंडिया के बीच मैच खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने 17रनों से जीत हासिल की और इस वर्ल्ड कप में लगातार चौथा मैच जीता. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेला गया. जहां टॉस भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सूर्या ब्रिगेड ने पहले खेलते हुए श‍िवम दुबे के 31 गेंदों पर 66 रनों की बदौलत 193/5 का स्कोर बनाया. इसके जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारतीय टीम ने ये मैच 17 रन से जीत लिया. भारत इस वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच जीत चुकी है. वहीं नीदरलैंड्स की टीम का टी20 वर्ल्ड कप से सफर खत्म हो गया है, उसको इस वर्ल्ड कप में एकमात्र जीत नामीब‍िया के ख‍िलाफ मिली थी. ऐसी रही नीदरलैंड्स की पारी 194 रनों के जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत ठीक ठाक रही. पहला झटका उसे छठे ओवर में लगा जब मैक्स 35 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद 51 के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा जब माइकल लेविट आउट हुए. बास डी लीडे और कॉलिन के बीच अच्छी साझेदारी पनपी. लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया. नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती रहे जिन्होंने 3 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके. वहीं, शिवम दुबे को 2 और बुमराह को एक विकेट मिला.  भारतीय टीम की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से ओपन‍िंंग करने के लिए अभ‍िषेक शर्मा और ईशान किशन आए. अभ‍िषेक शर्मा एक बार फ‍िर अनलकी साबित हुए और पहले ही ओवर में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त की गेंद पर 0 पर आउट हो गए. अभ‍िषेक शर्मा महज 3 गेंद ही फेज कर पाए. यह उनका इस वर्ल्ड कप में 0 की हैट्र‍िक रही. इसके बाद ईशान किशन भी 7 गेंदों पर 18 गेंदों पर जड़कर बोल्ड हो गए. ईशान के आउट होते ही टीम इंड‍िया का स्कोर 39/2 हो गया. एक समय तिलक वर्मा (31) और कप्तान सूर्या टीम को संभाले हुए लग रहे, लेकिन फ‍िर रोएलोफ वैन डेर मर्व ने शानदार डाइव‍िंंग कैच लोगान वैन बीक की गेंद पर पकड़कर उनको पवेल‍ियन की द‍िशा द‍िखा दी. इसके बाद आउट होने वाले अगले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव रहे जो 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर काइल क्लेन की गेंद पर आउट हुए. सूर्या के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 110/4 हो गया. इसके बाद श‍िवम दुबे और हार्द‍िक पंड्या ने अंत‍िम ओवर्स में अच्छी बल्लेबाजी की, एक समय लग रहा था कि भारत आसानी से 200 रन क्रॉस कर लेगा. लेकिन अंत‍िम ओवर श‍िवम दुबे (31 बॉल, 4 चौके, 6 छक्के, 66 रन) और हार्द‍िक (30 रन, 21 गेंद) के आउट होने से ऐसा नहीं हो पाया. दुबे और पंड्या दोनों  ही लोगन वैन बीक की गेंदों पर आउट हुए. लोगन नीदरलैंड्स की टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे, ज‍िन्होंने 3 विकेट झटके.  टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव  इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में दो बदलाव हुए थे. कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह टीम में आए थे. वहीं अक्षर पटेल आराम द‍िया गया, और उनकी जगह टीम में वॉश‍िंंगटन सुंदर को  शाम‍िल किया गया था. सुंदर का यह टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू मैच भी था.   नीदरलैंड्स की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ’डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट, लोगन वैन बीक, नोआ क्रोस, आर्यन दत्त, रोएलोफ वैन डेर मर्व, काइल क्लेन भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

सुपर-8 मुकाबलों का ऐलान, टीम इंडिया किन-किन से और कब खेलेगी?

 नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. सुपर-8 चरण में ग्रुप-1 की तस्वीर साफ है. मेजबान भारत के साथ जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका ने जगह बनाई है. अब हर मुकाबला सेमीफाइनल की दिशा तय करेगा. भारत अपने अभियान की शुरुआत 22 फरवरी को करेगा. पहला ही मैच चुनौतीपूर्ण है, जब टीम की भिड़ंत दक्षिण अफ्रीका से होगी. यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे खेला जाएगा. टूर्नामेंट के इस चरण में शुरुआती जीत मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकती है, लिहाजा नजरें इस हाई-वोल्टेज टक्कर पर टिकी होंगी. दूसरा मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ होगा. सुपर-8 का यह मुकाबला भारत के लिए अंक तालिका में मजबूती का अहम अवसर माना जा रहा है. स्पिन के अनुकूल चेन्नई की पिच पर रणनीति निर्णायक भूमिका निभा सकती है. भारत का तीसरा सुपर-8 मुकाबला 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला जाएगा. यह मैच सुपर-8 के ग्रुप-1 की तस्वीर पूरी तरह साफ कर सकता है. कैरेबियाई टीम की विस्फोटक बल्लेबाजी के सामने भारत की गेंदबाजी की असली परीक्षा होगी. सुपर-8 के ग्रुप-1 में चारों टीमें मजबूत हैं, ऐसे में रनरेट भी अहम भूमिका निभा सकता है. मेजबान होने के नाते भारत पर उम्मीदों का दबाव है, लेकिन घरेलू परिस्थितियां टीम के पक्ष में जा सकती हैं. टीम इंडिया सुपर-8 की राह को पार कर सेमीफाइनल का टिकट कटाने के लिए ताकत झोंकने के लिए तैयार है.  उधर, सुपर-8 के ग्रुप-2 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें हैं. सुपर-8 के बाद टूर्नामेंट का नॉकआउट दौर (सेमीफाइनल) शुरू होगा, जहां 4 (दोनों ग्रुप से शीर्ष 2-2) टीमें होंगी. टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले 4 और 5 मार्च को खेले जाएंगे. इसके बाद क्रिकेट जगत की निगाहें 8 मार्च पर टिकी होंगी, जब खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. पाकिस्तान सुपर-8 राउंड की शुरुआत शनिवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले से करेगा.  अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करता है, तो वह 4 मार्च को कोलंबो में खेले जाने वाले पहले सेमीफाइनल में उतरेगा. लेकिन यदि पाकिस्तान क्वालिफाई नहीं करता, तो यह सेमीफाइनल मुकाबला कोलकाता में खेला जाएगा. दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. अगर भारत क्वालिफाई करता है, तो वह दूसरे सेमीफाइनल में खेलेगा. यदि पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो में आयोजित होगा, अन्यथा फाइनल अहमदाबाद में खेला जाएगा. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों के लिए रिजर्व डे भी रखा गया है.

भारत और फ्रांस ने किए 21 नए समझौते, दोनों देशों के सहयोग को मिलेगा नया आयाम

मुंबई: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बैठक की. उनकी इस बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के बीच कई अहम मुद्दों पर बात बनी.साथ ही, भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच कई पहलों की घोषणा की. दोनों देशों ने मिलकर देश को आगे ले जानें पर विचार विमर्श किया. मैक्रों आज एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली जाएंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत में एच125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया. दोनों देशों के बीत इन क्षेत्रों में हुए समझौते राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र सहित महत्वपूर्ण और उभरती हुई तकनीक, अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, अक्षय ऊर्जा और कौशल विकास. सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गवर्नर आचार्य देवव्रत ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका और फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों का स्वागत किया. भारत ने गुरुवार को फ्रांस से राफेल फाइटर जेट खरीदने की मंजूरी दे दी, जो मैक्रों के देश दौरे से पहले उसके सबसे बड़े एयरक्राफ्ट ऑर्डर में से एक है. यह मंजूरी नई दिल्ली के 3.6 ट्रिलियन रुपये के डिफेंस खर्च पैकेज का हिस्सा थी. भारत-फ्रांस के बीच अहम समझौते की सूची 1. भारत-फ़्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर उन्नत करना 2. उन्नत साझेदारी और ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता की शुरुआत 3. भारत-फ़्रांस नवाचार वर्ष का शुभारंभ 4. भारत-फ़्रांस इनोवेशन नेटवर्क का शुभारंभ 5. कर्नाटक के वेमगल में एच125 हेलीकॉप्टर बनाने की फैक्ट्री (असेम्बली लाइन) का उद्घाटन 6.भारत और फ़्रांस के बीच रक्षा सहयोग के पुराने समझौते का नवीनीकरण 7.भारत में हैमर मिसाइल बनाने के लिए बीईएल और सफरान के बीच जॉइंट वेंचर 8.भारत और फ्रांस की सेना के अधिकारी अनुभव साझा करेंगे 9. नई तकनीकों के विकास के लिए एक संयुक्त समूह 10. क्रिटिकल मिनरल्स और मेटल्स में आपसी सहयोग हेतु संयुक्त घोषणा पत्र 11. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और फ़्रांस के सीएनआरएस ने उन्नत सामग्री के क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए आपसी सहमति 12. भारत और फ्रांस के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट पर प्रोटोकॉल में संशोधन 13. स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार और तकनीक में रणनीतिक सहयोग हेतु टी-हब (T-Hub) और नॉर्ड फ्रांस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर 14. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और सीएनआरएस के बीच वैज्ञानिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 15. डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर स्थापित करने हेतु संयुक्त आशय घोषणा 16. एम्स, नई दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर का शुभारंभ 17. संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग हेतु डीबीटी और एएनआरएस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर 18. मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर की स्थापना हेतु समझौते पर हस्ताक्षर 19. एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर 20. स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल, भारत और फ़्रांस ने रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग समझौते को आगे बढ़ाया 21.डाक सेवाओं में सहयोग हेतु भारत के डाक विभाग और फ्रांस के ‘ला पोस्ट’ के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट की घोषणा फ्रांस में भारतीय राजदूत संजीव कुमार सिंगला ने कहा कि भारत और फ्रांस ने क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट की घोषणा की है. मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए भारतीय राजदूत ने भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और फ्रांसीसी संस्था सीएनआरएस के बीच एडवांस्ड मटीरियल पर एक सेंटर बनाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट की घोषणा की. संजीव कुमार सिंगला ने कहा,’क्रिटिकल और नई टेक्नोलॉजी पर हमने एक जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप बनाने का फैसला किया है, साथ ही क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट भी बनाया है. हमारे डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और सीएनआरएस नाम के फ्रेंच इंस्टीट्यूशन के बीच एडवांस्ड मटीरियल पर एक सेंटर बनाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट भी है, जो दुनिया के सबसे बड़े साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन में से एक है, जो खास तौर पर बेसिक रिसर्च पर फोकस करता है. हमने दोनों देशों के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट में अमेंडमेंट पर भी साइन किए हैं.’ भारत और फ्रांस के जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ की खोज, निकालने, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए, ताकि अलग-अलग तरह की, टिकाऊ, जिम्मेदार और मजबूत सप्लाई चेन बनाई जा सकें. नेताओं ने ग्रीन और डिजिटल इकॉनमी, नई टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने में क्रिटिकल मिनरल्स की अहम भूमिका को पहचाना. विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि दोनों पक्षों ने फ्रांस और भारत के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट का स्वागत किया. मंगलवार को पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में इंडस्ट्रियल, डिफेंस, क्लीन एनर्जी, स्पेस और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग पर बाइलेटरल बातचीत की. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध ‘ग्लोबल स्टेबिलिटी और प्रोग्रेस’ के लिए है. फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने मिलकर मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन किया. मैक्रों अभी भारत के अपने चौथे दौरे पर हैं. मुंबई में दोनों देशों के बीच बातचीत खत्म होने के बाद, मैक्रों अब भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली जाएंगे.

विश्व मंच पर भारत की भूमिका महत्वपूर्ण, UN चीफ ने कहा – योगदान है जरूरी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में भारत का स्थायी योगदान ‘हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण’ है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक स्तर पर बढ़ती और सशक्त होती भूमिका एक ‘सकारात्मक मेगा ट्रेंड’ के रूप में उभर रही है। भारत को माना अहम शक्ति संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने ये टिप्पणियां कृत्रिम मेधा पर ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाले पहले शिखर सम्मेलन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए नई दिल्ली रवाना होने से पहले कीं। गुतारेस ने यहां ‘पीटीआई’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों के सभी पहलुओं मसलन शांति और सुरक्षा, सतत विकास पर चर्चा में भारत एक अत्यंत अहम शक्ति बन गया है। मुझे भारत द्वारा आयोजित जी20 की अध्यक्षता याद है जहां बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।’ भारत का जताया आभार गुतारेस ने कहा, ‘और एक लोकतांत्रिक देश के रूप में मानवाधिकारों के मामले में भी वह अहम शक्ति बन गया है, वो भी एक ऐसी दुनिया में जहां दुर्भाग्य से हम दुनिया के कई हिस्सों में लोकतंत्र को संकट में देखते हैं।’ संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले हम संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा में भारत की उपस्थिति के लिए उसके प्रति बहुत आभारी हैं। वर्तमान में लगभग 5000 भारतीय महिलाएं और पुरुष दुनिया भर में शांति रक्षा अभियानों में तैनात हैं।’ इन मुद्दों पर भी की बात उन्होंने “शांति स्थापना में भारत के पहले पूर्ण महिला पुलिस दल” पर भी प्रकाश डाला और उसे “उल्लेखनीय” करार दिया। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में गुतारेस का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा है। उन्होंने बढ़ते संघर्षों और बढ़ती असमानताओं के बीच दुनिया में उभर रहे कुछ ‘सकारात्मक मेगा ट्रेंड’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘मेरा संदेश यह है कि चिंता करने के कई कारण हैं। हमने देखा है कि संघर्ष बढ़ रहे हैं, अन्याय और असमानताएं बढ़ रही हैं और दुनिया में गरीबी और भूख की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आतंकवाद को पनपते और एक भयावह रूप में बदलते देखा है। इसलिए चिंता के कई कारण हैं, लेकिन कुछ सकारात्मक मेगा ट्रेंड भी हैं।’ गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि “सबसे महत्वपूर्ण मेगा ट्रेंड” में एक भारत जैसे देशों और अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका से संबंधित है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि विकसित देशों का समूह-जी7 और इसी तरह के अन्य देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी हर दिन कम होती जा रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें भारत एक प्रमुख स्तंभ है, विश्व की अर्थव्यवस्था में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं।’ उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया प्रतिदिन जारी है और यही “मेगा ट्रेंड” समय के साथ ऐसी विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान देगा, जहां न्याय, समानता और शांति के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध होंगी।

भारत-UK समझौते से बड़ा फायदा, 99% भारतीय सामान पर जीरो-ड्यूटी संभव

नई दिल्ली  भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस साल अप्रैल 2026 से लागू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस समझौते के लागू होने से न केवल द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि भारतीय श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए ब्रिटेन के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे. 99% भारतीय उत्पादों पर जीरो-ड्यूटी इस ऐतिहासिक समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ब्रिटेन को निर्यात किए जाने वाले 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर अब कोई सीमा शुल्क (Customs Duty) नहीं लगेगा. इससे भारत के उन क्षेत्रों को जबरदस्त फायदा होगा जहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं. विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, फुटवियर, खिलौने, और समुद्री उत्पादों के निर्यातकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. अब ये उत्पाद ब्रिटिश बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे. IT सेक्टर और पेशेवरों को बड़ी राहत व्यापार के साथ-साथ, सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ी जीत हासिल हुई है. दोनों देशों ने ‘डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन’ (DCC) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका मतलब यह है कि जो भारतीय आईटी पेशेवर या अन्य कर्मचारी अस्थायी रूप से (3 साल तक) ब्रिटेन में काम करने जाएंगे, उन्हें और उनके नियोक्ताओं को वहां ‘सोशल सिक्योरिटी’ टैक्स नहीं देना होगा. इससे भारतीय कंपनियों की लागत कम होगी और उनके कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. व्हिस्की और कारों पर घटेगा आयात शुल्क भारत ने भी ब्रिटिश उत्पादों के लिए अपने बाजार खोले हैं. भारत में बेहद लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150% से घटाकर तत्काल 75% कर दिया जाएगा, जिसे 2035 तक धीरे-धीरे 40% तक लाया जाएगा. इसी तरह, ब्रिटिश कारों पर लगने वाले भारी-भरकम शुल्क को अगले 5 वर्षों में घटाकर 10% तक लाया जाएगा. बदले में, भारतीय इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को ब्रिटेन के बाजार में विशेष कोटा मिलेगा. आर्थिक लक्ष्य और भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मई 2025 में इस डील को अंतिम रूप दिया था. वर्तमान में यह समझौता ब्रिटिश संसद में अनुसमर्थन की प्रक्रिया में है. दोनों देशों का लक्ष्य है कि वर्तमान के $60 बिलियन के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $100 बिलियन के पार पहुँचाया जाए. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सपने को गति प्रदान करेगा.

T20 वर्ल्ड कप 2026 अपडेट: India-Pakistan मैच हो सकता है फिर से, जानें कब और कैसे होगा

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लीग फेज में टीम इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत रविवार 15 फरवरी को हुई, जिसमें भारतीय टीम ने बुरी तरह से पाकिस्तान को धोया। पाकिस्तान की टीम को इस मैच में 61 रनों से हार मिली। इस हार की वजह से टीम का सुपर 8 में पहुंचने का गणित भी गड़बड़ा गया है। हालांकि, एक और मैच जीतकर पाकिस्तान की टीम सुपर 8 में पहुंच जाएगी, लेकिन फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच फिर से इस टी20 विश्व कप में खेला जाए? अब क्या संभव है कि इंडिया और पाकिस्तान फिर से टूर्नामेंट में भिड़ेंगे? इसका जवाब है- हां, ऐसा हो सकता है। ये कैसे संभव है? ये आप इस स्टोरी में जान लीजिए। दरअसल, इंडिया और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में थे। ऐसे में दोनों के बीच टी20 विश्व कप में कम से कम एक मुकाबला संभव था, जो कि 15 फरवरी को खेला जा चुका है, लेकिन जिस तरह का मुकाबला हुआ है, उसे देखकर फैंस चाह रहे हैं कि एक बार फिर से दोनों देशों के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो कि कांटे का हो। हालांकि, सुपर 8 में ये संभव नहीं होने वाला है। इसके पीछे का कारण ये है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी करते हुए टॉप टीमों को सीडिंग दी थी, जिसके तहत सुपर 8 के मुकाबले लगभग तय हैं कि कौन सा मैच किस टीम के बीच खेला जाएगा। सुपर 8 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप 1 की चार टीमों को आपस में मुकाबले खेलने होंगे, जबकि दूसरे ग्रुप में भी ऐसा ही करना होगा। भारतीय टीम (X1) ग्रुप 1 में होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया (X2), वेस्टइंडीज (X3) और साउथ अफ्रीका (X4) होगी। वहीं, ग्रुप 2 में इंग्लैंड (Y1), न्यूजीलैंड (Y2), पाकिस्तान (Y3) और श्रीलंका (Y4) को रखा जाएगा। बर्शते ये टीमें क्वालीफाई करें। अगर कोई टीम सुपर 8 में नहीं पहुंचती है तो उस टीम को उस ग्रुप की दूसरी टीम से रिप्लेस कर दिया जाएगा। इस तरह सुपर 8 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबला संभव नहीं है, लेकिन अगर भारत और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करती हैं तो फिर दोनों के बीच भिड़ंत हो सकती है। टी20 विश्व कप 2026 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच तभी होगा, जब ग्रुप 1 में भारत टॉप पर रहे और ग्रुप 2 में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर रहे या फिर पाकिस्तान ग्रुप 2 में पहले स्थान पर रहे और ग्रुप 1 में भारत दूसरे स्थान पर सुपर 8 फेज को फिनिश करे। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच संभव नहीं होगा। इसके लिए फैंस को उम्मीद करनी होगी कि दोनों टीमें फाइनल में भिड़ें। अगर पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा। अगर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल होता है तो यह भी कोलंबो में होगा। अन्यथा इंडिया किसी अन्य टीम से सेमीफाइनल में भिड़ेगी तो वह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। अगर पाकिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं किया तो दूसरा सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जाएगा। फाइनल में अगर पाकिस्तान की टीम पहुंची तो फिर फाइनल कोलंबो में होगा। अगर फाइनल में पाकिस्तान नहीं पहुंचा तो फिर टी20 विश्व कप 2026 फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

वर्ल्ड कप क्लैश में टॉस पाकिस्तान के नाम, पहले बैटिंग कर भारत करेगा शुरुआत

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में टी20 विश्व कप मैच खेला जा रहा है। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले बांग्लादेश के प्रति एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला लिया था। लेकिन कुछ दिन बाद यू टर्न लेते हुए मैच खेलने के लिए राजी हो गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद , बांग्लादेश और श्रीलंका क्रिकेट के बीच हफ्तों तक लंबी बातचीत हुई। टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमें कागज के साथ मैदान पर भी काफी मजबूत हैं और इस वजह से इस बार फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को मिल सकता है। हालांकि प्रेमदासा स्टेडियम की पिच के रिकॉर्ड को देखते हुए ये उम्मीद लगाई जा रही है कि ये मैच हाईस्कोरिंग नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला उसी पिच पर खेला जाएगा, जहां जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। वहीं सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलेंगे। टी20 विश्व कप में किसका पलड़ा भारी टी20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़े अंतर से दबदबा बनाया हुआ है। टी20 विश्व कप में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 8 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से भारत ने सात जीते हैं और एक मुकाबला पाकिस्तान ने अपने नाम किया है। पाकिस्तान ने विश्व कप में पिछली बार भारत को 2021 में 10 विकेट से हराया था। वहीं भारत ने न्यूयॉर्क में खेले गए पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 6 रनों की रोमांचक जीत हासिल की थी। T20 WC 2026 में भारत-पाकिस्तान का प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने अपने पहले मुकाबले में अमेरिका को 29 रनों से हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया था। वहीं सलमान अली आगा की अगुवाई में पाकिस्तान ने नीदरलैंड को करीबी मुकाबले में तीन विकेट से मात दी थी। दूसरे मैच में भारत ने नामीबिया को 93 रनों से करारी शिकस्त दी थी। जबकि पाकिस्तान ने अपने दूसरे मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ 32 रनों से जीत हासिल की। टीमें : भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती । पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।

भारत बना ग्लोबल बिज़नेस हब? गूगल, Nvidia सहित बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी आ रहे हैं

 नई दिल्ली भारत में इस बार दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण AI सम्मेलन होने वाला है. हम बात कर रहे हैं India AI Impact Summit 2026 की, जो अगले हफ्ते शुरू होने वाला है. ये इवेंट 16 फरवरी को शुरू होगा और 20 फरवरी तक चलेगा. इसका आयोजन भारत मंडपम में होगा.  इस इवेंट में 100 से ज्यादा देशों के डेलिगेशन के हिस्सा लेंगे. इसमें 15 से 20 सरकारों के प्रमुख, 50 से ज्यादा मंत्री और 50 से ज्यादा दुनिया भर की प्रमुख कंपनी के CEO शामिल होंगे. इसमें भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. समिट में AI इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 500 प्रमुख व्यक्ति भी शामिल होंगे. इसमें इनोवेटर्स, रिसर्चर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं. अगर चर्चित नामों की बात करें, तो गूगल CEO सुंदर पिचाई से लेकर एंथ्रॉपिक के डारियो अमोडेई तक इसका हिस्सा होने वाले हैं.  भारत इस बार AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रहा है. इस कार्यक्रम में ना सिर्फ टेक और AI सेक्टर के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. बल्कि 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति भी शामिल होंगे. कौन-कौन लेगा हिस्सा?      गूगल CEO सुंदर पिचाई     DeepMind के सीईओ डेमिस हसाबिस     OpenAI CEO सैम अल्टमैन     एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई     Nvidia सीईओ जेन्सेन हुआंग     माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ     मेटा के चीफ AI साइंटिस्ट यान लेकुन      क्वालकॉम CEO क्रिस्टियानो एमोन और कई नाम शामिल होंगे.  कैसे रजिस्टर कर सकते हैं आप?  India AI Impact Summit 2026 के लिए रजिस्टर करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट impact.indiaai.gov.in पर जाना होगा. यहां आपको रजिस्टर नाउ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आपको रजिस्टर ऐज डेलिगेट पर जाना होगा. यहां आपको पर्सनल डिटेल्स देनी होंगी. इसमें नाम और कई दूसरी जानकारियां शामिल हैं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आप 5 दिनों तक चलने वाले इस इवेंट में हिस्सा ले सकेंगे. इस इवेंट में 700 से ज्यादा सेसन होंगे, जिसमें AI सेफ्टी, गवर्नेंस, एथिकल फ्रेमवर्क, डेटा प्रोटेक्शन और भारत के संप्रभु AI रणनीति पर बात होगी.   

रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक: भारत ने चार बड़ी ताकतों के साथ संतुलन बनाकर दुनिया को चौंकाया

नई दिल्ली भारत के रक्षा मंत्रालय ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी. इससे पहले बीते कुछ महीनों में कई अन्य प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. भारत ऐसा अपनी रक्षा तैयारियों को आधुनिक बनाने के लिए कर रहा है. लेकिन, भारत ने अपनी इन रक्षा तैयारियों में अपनी पारंपरिक नीति से अलग एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है. वह अब किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर नहीं है. उसने अपनी विदेश नीति की तरह ही रक्षा खरीद नीति में मल्टीपोलर बना दिया है. बीते कुछ महीनों के डेवलपमेंट को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि भारत ने इस नीति में रूस के साथ-साथ अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे सुपरपावर्स को साधने का काम किया है. तकनीकी रूप से जर्मनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है लेकिन वह एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति और सैन्य शक्ति है. भारत की इस रणनीति का उद्देश्य किसी एक वैश्विक पावर पर अत्यधिक निर्भरता से बचते हुए पूर्व और पश्चिम दोनों से सर्वश्रेष्ठ तकनीक हासिल करने की है. हाल के महीनों में रूस, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के साथ बड़े सौदों ने न केवल इन देशों को साधने का काम किया है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत किया है. रूस के साथ मजबूत रणनीतिक रिश्ते रूस भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद रक्षा साझेदार बना हुआ है. वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद रूस मौजूदा वक्त में सैन्य हार्डवेयर का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का संयुक्त उद्यम इसका प्रमुख उदाहरण है. S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की दो स्क्वाड्रन इसी साल डिलीवर होने वाले थहैं. इतना ही नहीं गुरुवार को ही रक्षा मंत्रालय ने रूस से 10 हजार करोड़ में एस-400 सिस्टम की मिसाइलें खरीद फैसला किया. इसी तरह रूस के साथ मिलकर ही यूपी के अमेठी में 6 लाख से अधिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का स्वदेशी उत्पादन चल रहा है. सरकारी कंपनी एचएएल में Su-30MKI इंजनों का निर्माण भी रूस के सहयोग से चल रहा है. ये सौदे रूस को भारत में स्थायी बाजार देते हैं, जबकि भारत को सस्ती और विश्वसनीय तकनीक मिलती है. अमेरिका से मिलेगा हाईटेक तकनीक अमेरिका के साथ संबंध खरीदार-विक्रेता से व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच चुके हैं. GE-F414 जेट इंजन सौदा सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू है, जिसमें HAL के साथ 80 फीसदी तकनीक ट्रांसफर की बात चल रही है. यह सुविधा पहले केवल NATO सहयोगियों को मिलती थी. यह सौदा मार्च 2026 तक फाइनल होने की उम्मीद है, जो तेजस MkII और AMCA जैसे स्वदेशी फाइटर को पावर देगा. इसके अलावा, 31 MQ-9B सी गार्जियन ड्रोन और 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमानों की खरीद हिंद महासागर में अभूतपूर्व निगरानी प्रदान करेगी. अमेरिका को भारत एक पसंदीदा सुरक्षा भागीदार मिलता है, जबकि भारत को ‘सबमरीन हंटर’ जैसी उन्नत क्षमता मिलती है. रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल खरीदने को मंजूरी दे दी है. फ्रांस बना एक सबसे भरोसेमंद साझेदार फ्रांस भारत का सबसे भरोसेमंद पश्चिमी साथी साबित हुआ है, जहां तकनीक साझा करने में कोई शर्त नहीं लगाई जाती. 36 राफेल फाइटर की सफल खरीद के बाद रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने गुरुवार को 114 राफेल जेट्स की मंजूरी दी है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा है. इनमें से ज्यादातर भारत में निर्मित होंगे, जिसमें 50 फीसदी स्वदेशी सामग्री होगी. नौसेना के लिए 26 राफेल-एम (मरीन) पहले ही क्लियर हैं. स्कॉर्पीन (कलवरी-क्लास) सबमरीन पर सहयोग जारी है, जहां मझगांव डॉक अतिरिक्त यूनिट बना रहा है. फ्रांस को भारत में बड़ा बाजार और सह-उत्पादन मिलता है, जबकि भारत को हाई-परफॉर्मेंस फाइटर और जर्मनी के साथ सबमरीन डील जर्मनी भारत की अंडरवाटर डोमिनेंस में प्रमुख भूमिका निभा रहा है. प्रोजेक्ट-75(I) के तहत थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के साथ 6 एडवांस्ड कन्वेंशनल सबमरीन का सौदा करीब $8-10 बिलियन (70,000-90,000 करोड़) का है. जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यात्रा के दौरान सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए और मार्च तक यह सौदा फाइनल होने की उम्मीद है. ये सबमरीन मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में बनेंगी, जिसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा. ये सबमरीन लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकेंगी.

भारत ने ट्रंप की योजना पर ठोंका ब्रेक, अमेरिकी ‘दाल’ गलाने का सपना अधूरा

 नई दिल्ली भारत और अमेरिका में ट्रेड डील (India-US Trade Deal) का ऐलान हो चुका है. इसका फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और फैक्टशीट रिलीज होने के बाद इसमें अमेरिका की ओर से चुपचाप बड़ा बदलाव भी किया गया है. ये चेंज दालों (Pulses) से जुड़ा हुआ है. जी हां, भारत के साथ ट्रेड डील में अमेरिका की दाल नहीं गल पाई और भारत की रेड लाइन ने डोनाल्ड ट्रंप का पूरा खेल ही बिगाड़ दिया. आइए जानते हैं कैसे मोदी सरकार के किसानों के हित में अपना रुख अडिग रखने को साफ असर इस व्यापार समझौते में देखने को मिला है?  एग्री प्रोडक्ट पर ट्रंप की नहीं चली  सबसे पहले बात करते हैं ‘दाल’ को लेकर भारत की रणनीति के कामयाब होने के बारे में, तो बता दें कि बीते दिनों Donald Trump ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए थे. इसके बाद दोनों देशों ने डील का फ्रेमवर्क और फैक्टशीट जारी कर दी थी. लेकिन नया मोड़ तब आया, जब अमेरिका ने इस India-US Trade Deal Factsheet में अचानक बदलाव कर दिया, जो खासतौर पर भारत के लिए राहत भरा है. दरअसल, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी टैरिफ लिस्ट में भारतीय दालों का जिक्र ही हटा दिया. यानी इस डील में Pulses शामिल नहीं की गईं.  India-US Trade Deal की संशोधित फैक्टशीट को देखें, डील के तहत भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों की खरीदारी की शर्त को प्रतिबद्धता (Committed) के बजाय अब इरादा या योजना में तब्दील कर दिया गया है. मतलब ये बाध्यकारी नहीं है. वहीं US White House की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, डील के तहत लागू प्रोडक्ट कैटेगरी की लिस्ट से कृषि शब्द को हटाया गया है. कुछ वस्तुओं, जिनमें दालें भी शामिल हैं, उन्हें Tariff Cut सूची से दूर कर दिया गया है. भारत ने पहले ही खींच दी थी Red Line गौरतलब है कि भारत ने अबतक जिन भी देशों से व्यापार समझौते किए हैं, उनमें भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर को दूर रखा है. देश के किसानों के हित के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता न करने के लिए भारत ने पहले ही रेड लाइन (Red Line) खींच रखी थी. बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील लंबे समय तक अटकी रहने के पीछे ये भी एक अहम कारण रहा था, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी एग्री-डेयरी प्रोडक्ट के लिए भारतीय बाजार में Tariff Free एंट्री पर अड़े हुए थे, जबकि भारत अपने रुख पर सख्ती से कायम रहा. अब इसका असर भी देखने को मिला है.  एग्री-डेयरी क्षेत्र को लेकर कैसा रहा भारत का रुख? गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत शुरू होने से लेकर इसके फाइनल होने तक भारत का Agri-Dairy Sector को लेकर रुख साफ रहा है. जब अमेरिका ने अपने ऐसे प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में एंट्री दिलाने के लिए दबाव बढ़ाया था, तो बीते साल जुलाई महीने में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो-टूक कह दिया था. भारत किसी दबाव में नहीं आएगा और अपने मूल हितों खासतौर पर किसानों के हित से समझौता कतई नहीं करेगा. उन्होंने कहा था कि ‘Nation First हमारा मूल मंत्र है और किसी भी तरह की कोई बातचीत दबाव में नहीं होगी. भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही बातचीत की जाएगी. अब India-US Trade Deal का ऐलान होने के बाद भी उन्होंने साफ किया है कि इस समझौते से भारत के किसानों और उनकी खेती को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा. इसमें कोई भी ऐसा उत्पाद शामिल नहीं है, जो भारतीय किसानों की आजीविका या देश की कृषि को प्रभावित कर सके. पीयूष गोयल ने भी बताया क्या-क्या डील से बाहर?  शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्रेड डील के ऐलान और फ्रेमवर्क जारी होने के बाद कहा था कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है.  सबसे बड़ा उत्पादक, आयातक भी भारत सिर्फ दालों के लिहाज से देखें, तो भारत विश्व में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है और लगातार इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर देता रहा है. बीते कुछ वित्तीय वर्षों में उत्पादन के आंकड़े देखें, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में दाल उत्पादन  2022–23 में 26 मिलियन टन के करीब, 2023–24 में लगभग 24 मिलियन टन और 2024–25 में 25–27 मिलियन टन के बीच रहा है.  मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं. वहीं भारत कई देशों में दाल का निर्यात भी करता रहा है. इनमें बांग्लादेश, नेपाल, UAE, श्रीलंका, अमेरिका और कनाडा सबसे ऊपर रहे हैं. आयात की बात करें, तो 2024-25 में रिकॉर्ड 73 लाख टन दालों का इंपोर्ट किया गया था, जो घरेलू खपत का करीब 15% से अधिक था.   

IND vs NAM मुकाबले में टीम इंडिया की नई रणनीति, कई खिलाड़ियों पर गिरी गाज

 नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम का सामना नामीबिया से होगा. यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज यानी गुरुवार को खेला जाएगा. टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ किया था और अब कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इस लय को बरकरार रखना चाहेगी. दूसरी ओर नामीबिया को इसी मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, ऐसे में वह वापसी की कोशिश करेगा. अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की सेहत को लेकर है. अभिषेक पेट में संक्रमण और बुखार से जूझ रहे हैं और उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि उन्हें छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन नामीबिया के खिलाफ उनके खेलने पर संशय बना हुआ है. अगर अभिषेक मैच से बाहर होते हैं तो संजू सैमसन को ओपनिंग का मौका मिल सकता है. सैमसन के पास आक्रामक शुरुआत देने की क्षमता है, जो टीम को पावरप्ले में मजबूती दे सकती है. बुमराह की वापसी से बढ़ेगा आत्मविश्वास पहले मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुखार के कारण नहीं खेल पाए थे. अब वह पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं और उन्होंने मंगलवार को नेट्स में गेंदबाजी अभ्यास भी किया. ऐसे में नामीबिया के खिलाफ उनकी प्लेइंग इलेवन में वापसी लगभग तय मानी जा रही है. अगर बुमराह टीम में लौटते हैं तो मोहम्मद सिराज को बाहर बैठना पड़ सकता है. बुमराह की मौजूदगी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बना देगी, खासकर डेथ ओवर्स में. पाकिस्तान मैच से पहले लय पाना जरूरी अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव को छोड़कर बाकी बल्लेबाज खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले यह मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए लय हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. अगर सैमसन और ईशान किशन ओपनिंग करते हैं तो टीम को तेज शुरुआत मिल सकती है. मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा और इन-फॉर्म सूर्यकुमार यादव बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं, जबकि रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका निभाएंगे. तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है टीम भारतीय टीम संतुलन बनाए रखने के लिए तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है. हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई देंगे. स्पिन विभाग की जिम्मेदारी वरुण चक्रवर्ती के कंधों पर रह सकती है, जिसमें उपकप्तान अक्षर पटेल उनका साथ देंगे. तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी अहम भूमिका निभा सकती है. भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह. भारतीय टीम स्क्वॉड संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अभिषेक शर्मा, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर.

भारत की बड़ी छलांग: अमेरिका के 206 अरब डॉलर बाजार में एंट्री, इन सेक्टरों पर होगी मेहरबानी

नई दिल्ली भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है. लंबे समय से भारतीय किसान और फूड एक्सपोर्ट करने वाले अमेरिकी मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहते थे, और अब हालात उनके पक्ष में दिख रहे हैं. अमेरिका का कुल कृषि आयात बाजार करीब 206 अरब डॉलर का है, जो दुनिया के सबसे बड़े इम्पोर्ट मार्केट्स में गिना जाता है. नई ट्रेड व्यवस्था के तहत भारत को इस बड़े बाजार में एंट्री आसान होने जा रही है. कुछ भारतीय प्रोडक्ट्स को पूरी तरह जीरो ड्यूटी पर एंट्री मिलेगी, जबकि कई अन्य सामानों पर पहले से कम टैरिफ देना होगा. इसका सीधा असर यह होगा कि भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में ज्यादा किफायती और कॉम्पिटिटिव हो जाएगा. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के 46 अरब डॉलर के एग्रीकल्चर इम्पोर्ट सेगमेंट में भारत को जीरो ड्यूटी का फायदा मिलेगा. इसमें मसाले, प्रोसेस्ड फूड, फल, चाय, कॉफी और एसेंशियल ऑयल जैसे अहम प्रोडक्ट शामिल हैं. इसके अलावा करीब 160 अरब डॉलर के बड़े हिस्से में भारतीय सामान 18 प्रतिशत की कम रेसिप्रोकल टैरिफ रेट पर जाएगा. यानी पहले जहां ज्यादा ड्यूटी लगती थी, अब वहां कम शुल्क लगेगा. इससे एक्सपोर्ट की लागत घटेगी और अमेरिकी खरीदारों के लिए भारतीय प्रोडक्ट्स ज्यादा आकर्षक बनेंगे. भारत का होगा ट्रेड सरप्लस आंकड़े भी भारत के पक्ष में संकेत दे रहे हैं. साल 2024 में भारत ने अमेरिका को लगभग 3.4 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए, जबकि आयात 2.1 अरब डॉलर का रहा. इस तरह भारत को करीब 1.3 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर नई टैरिफ व्यवस्था सही समय पर लागू हो जाती है, तो यह सरप्लस और बढ़ सकता है. इसका फायदा सीधे किसानों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और एक्सपोर्ट कंपनियों को मिलेगा. यह जीरो ड्यूटी की सुविधा एक इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन होने के बाद लागू होगी, जिसकी संभावना मार्च के आसपास जताई जा रही है. वहीं 18 प्रतिशत की कम टैरिफ दर तब प्रभावी होगी, जब अमेरिका इस संबंध में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेगा. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकती है. यानी आने वाले कुछ महीनों में जमीन पर इसका असर दिखने लगेगा. मसालों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ अगर प्रोडक्ट कैटेगरी की बात करें तो मसालों के सबसे अधिक लाभ मिलने वाला है. अभी अमेरिका के कुल मसाला आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत है, जिसकी वैल्यू लगभग 2.01 अरब डॉलर है. चाय और कॉफी की हिस्सेदारी फिलहाल 1 प्रतिशत से भी कम है, जबकि पूरा बाजार 9.38 अरब डॉलर का है. इसका मतलब है कि यहां ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश मौजूद है. फलों में आम और केले जैसे प्रोडक्ट अमेरिका की कुल खरीद का सिर्फ 0.3 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं. वहीं प्रोसेस्ड फलों का इम्पोर्ट लगभग 759 मिलियन डॉलर का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी करीब 4.6 प्रतिशत है. साफ है कि सही रणनीति के साथ यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है. वनों वाले प्रोडक्ट्स जैसे बांस की कोपलें, वेजिटेबल वैक्स, नट्स और बीजवैक्स भी अलग-अलग सेगमेंट में 0.2 प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखते हैं. अब जब टैरिफ में राहत मिलेगी, तो इन प्रोडक्ट्स की डिमांड में इजाफा हो सकता है. खास तौर पर वे प्रोडक्ट्स, जिनकी क्वालिटी पहले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती है, उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है. मरीन सेक्टर को भी मिलेगा फायदा 18 प्रतिशत की रेसिप्रोकल टैरिफ व्यवस्था से मरीन सेक्टर को भी बड़ा बूस्ट मिल सकता है. खासकर झींगा जैसे उत्पाद, जिनका अमेरिकी इम्पोर्ट मार्केट करीब 25 अरब डॉलर का है. इसके अलावा बासमती और प्रीमियम चावल, तिल जैसे ऑयलसीड्स और कुछ खास फलों को भी इस रियायत का लाभ मिलेगा. अगर सप्लाई चेन मजबूत रही और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पूरे किए गए, तो भारत इस सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ सकता है. कुल मिलाकर यह कदम भारतीय एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है. लेकिन सिर्फ टैरिफ में छूट काफी नहीं होगी. सरकार और एक्सपोर्टर्स को क्वालिटी कंट्रोल, टाइमली सप्लाई, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी फोकस करना होगा. अगर इन पहलुओं पर गंभीरता से काम हुआ, तो आने वाले समय में अमेरिकी बाजार में भारत की हिस्सेदारी कई गुना बढ़ सकती है और इसका सीधा फायदा देश के किसानों और एग्री-बिजनेस से जुड़े लोगों को मिलेगा.

महाशक्तियों के बीच भारत से दोस्ती की होड़, चीन ने भी बढ़ाया दोस्ती का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में नया मोड़

महाशक्तियों में भारत से दोस्ती की होड़, अमेरिका के बाद अब चीन ने भी बढ़ाया हाथ भारत से दोस्ती का दौर तेज, अमेरिका के बाद चीन ने भी बढ़ाया मित्रता का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में U टर्न महाशक्तियों के बीच भारत से दोस्ती की होड़, चीन ने भी बढ़ाया दोस्ती का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में नया मोड़ नई दिल्ली  साल 2026 भारत की विदेश नीति के लिए एक नई सुबह लेकर आया है. जहां एक तरफ भारत को रोज धमक‍ियां देने वाले ट्रंप को भारत पर से टैर‍िफ हटाने के ल‍िए मजबूर होना पड़ा. वहीं, हिमालय के उस पार से भी शांति और मेल-मिलाप के संकेत मिल रहे हैं. भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग का रव‍िवार का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि बीजिंग अब नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को शत्रुता के बजाय सहयोग के तराजू पर तौलने को मजबूर है. चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने एक्‍स पर ल‍िखा, चीन भारत के साथ मिलकर उस महत्वपूर्ण आम सहमति को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, जिसमें दोनों देश एक-दूसरे के लिए सहयोग के भागीदार और विकास के अवसर हैं. यह बयान पिछले कुछ वर्षों के कड़वे और तनावपूर्ण संबंधों के बाद एक बड़ी नरमी की ओर इशारा करता है. उन्होंने पारस्परिक लाभ के दायरे को और अधिक विस्तार देने की बात कही है. इसका सीधा अर्थ यह है कि दोनों देशों की आर्थिक रणनीतियों को एक दिशा में लाकर व्यापारिक और व्यावहारिक सहयोग को गहरा किया जाए. ब्रिक्स में भारत का साथ चीन ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भारत की भूमिका का पुरजोर समर्थन किया है. बहुपक्षीय मंचों पर भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार करना चीन की कूटनीतिक विवशता और रणनीति दोनों का हिस्सा है. राजदूत ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, ताकि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के करीब आ सकें. बीजिंग के इस हृदय परिवर्तन के पीछे की असली वजह आखिर चीन, जो कल तक सीमा पर आक्रामक रुख अपनाए हुए था, आज दोस्ती की बात क्यों कर रहा है? इसके पीछे वजह है.     चीन की अपनी अर्थव्यवस्था इस समय मंदी और आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है. भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार को लंबे समय तक छोड़ना चीन के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है. व्यापारिक घाटे और भारतीय कड़े रुख के कारण चीनी कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है.     अमेरिका ने जिस तरह से भारत के साथ अपने रक्षा और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत किया है, उसने चीन को बेचैन कर दिया है. हाल ही में भारत को शुल्कों में मिली छूट इस बात का प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन रहा है. चीन को डर है कि अगर वह अब भी अड़ा रहा, तो भारत पूरी तरह से पश्चिमी गुट के पाले में चला जाएगा.     रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जिस तरह से वैश्विक व्यवस्था बदली है, उसमें भारत एक ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनकर उभरा है. चीन जानता है कि एशिया की राजनीति में बिना भारत के सहयोग के वह अपनी धाक नहीं जमा सकता. भारत की गजब ड‍िप्‍लोमेसी चीन के इस शांति प्रस्ताव को भारत बड़े ही सतर्क नजरिए से देख रहा है. भारतीय विदेश नीति के रणनीतिकारों के लिए यह स्थिति किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. इसल‍िए भारत बहुत सोच समझकर आगे बढ़ रहा है. 2020 की गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के बीच जो ‘विश्वास का संकट’ पैदा हुआ है, वह महज बयानों से दूर नहीं हो सकता. भारत का रुख साफ है क‍ि जब तक सीमा पर शांति और यथास्थिति बहाल नहीं होती, तब तक व्यापार और संबंधों का सामान्य होना मुश्किल है. अमेरिका या चीन कौन बेहतर दोस्‍त भारत इस समय उस स्थिति में है जहां वह दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के साथ अपनी शर्तों पर संवाद कर रहा है. एक तरफ अमेरिका है जो भारत को रक्षा तकनीक दे रहा है, और दूसरी तरफ चीन है जो व्यापारिक लाभ का लालच दे रहा है. भारत की असली चुनौती इन दोनों के बीच अपनी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ को बचाए रखने की है. राजदूत जू फेइहोंग का बयान निश्चित रूप से स्वागत योग्य है, लेकिन इसे जमीन पर उतरने में अभी समय लगेगा. 2026 की यह बदली हुई कूटनीति दिखाती है कि भारत अब किसी का ‘पिछलग्गू’ नहीं, बल्कि वह केंद्र है जिसके इर्द-गिर्द महाशक्तियों की नीतियां घूम रही हैं. वहीं भारत का लक्ष्य स्पष्ट है. साझेदारी में अवसर तो तलाशने हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की कीमत पर नहीं. चीन के साथ ‘सहयोग के दायरे’ को बढ़ाने से पहले पुरानी कड़वाहटों और सीमा विवादों का स्थायी समाधान जरूरी है.

PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

वाशिंगटन  अमेरिका से पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली खबर आई है. अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया है. मगर इससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका ने ऐसा क्या किया कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नींद उड़ जाएगी. दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को भारत का हिस्सा माना है. वैसे भी पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके भारत का हिस्सा है. भारत शुरू से यह मानता है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है, जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा जमा रखा है. अब भारत की इस बात पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है. अमेरिका ने जो नक्शा जारी किया है, वह साफ-साफ बता रहा है कि पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और पीओके भारत का ही हिस्सा है. जी हां, अमेरिका ने एक ऐसा नक्शा जारी किया है जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने भारत-अमेरिका के नए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की जानकारी देते हुए जो नक्शा इस्तेमाल किया है, उसे देखकर शहबाज और मुनीर की छाती फट जाएगी. अमेरिका की ओर से जारी नक्शे में पूरा कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक्शे के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत में शामिल है. इस नक्शे में न कोई लाइन ऑफ कंट्रोल है और नकोई विवादित क्षेत्र. साफ-साफ सब कुछ भारत का दिखाया गया है. क्या हुआ नक्शे में दरअसल, यूएसटीआर यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (USTR) ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अंतरिम फ्रेमवर्क से जुड़ा एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में अमेरिकी उत्पादों (ट्री नट्स, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन, रेड सोरघम, फल आदि) के लिए भारत में नए बाजार खुलने की बात थी. अमेरिका ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ट्री नट्स और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत एग्रीमेंट अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए नए मार्केट एक्सेस देगा.’ मगर इस पोस्ट के साथ जारी नक्शे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अमेरिका ने यही नक्शा जारी किया है, जिसमें पीओके को भारत का हिस्सा माना गया है. अमेरिका का बड़ा संकेत अमेरिका की ओर से जारी यह नक्शा सिर्फ एक तस्वीर नहीं है.यह अमेरिका की सोच का बड़ा संकेत है. भारत हमेशा कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है. इसमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी हैं. अब अमेरिका के आधिकारिक अकाउंट से ऐसा नक्शा आने का मतलब है कि वाशिंगटन भारत की इस बात को मान रहा है. इसका यह भी संकेत है कि अमेरिका अब पीओके के मसले पर न्यूट्रल नहीं है. यह बात हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के साथ आई है. दोनों देशों ने टैरिफ कम करने और ट्रेड डील पर फ्रेमवर्क जारी किया है. पाक को झटका अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है. पाकिस्तान दशकों से पीओके पर अवैध कब्जा जमा रखा है. भारत ने यह प्रण कर रखा है कि पीओके को वापस लेकर रहेगा. इस दिशा में भारत के लिए यह अच्छी खबर है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को इस नक्शे को आंख खोलकर देखना चाहिए. उनका सबसे पुराना दोस्त अमेरिका अब भारत के साथ खड़ा दिख रहा है. जिनके घर जाकर मुनीर बिरयानी खाते हैं, उन्होंने कैसे भारत का लोहा माना है.

ट्रेड डील की हलचल में भारत-चीन व्यापार का रिकॉर्ड उछाल, चीनी राजदूत की प्रतिक्रिया सामने

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबरों के बीच चीनी राजदूत ने भी एक खुशखबरी दी है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने मंगलवार को बताया जी कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155 अरब अमेरिकी डॉलर के ‘रिकॉर्ड उच्च स्तर’ पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में हुए व्यापार से करीब 12 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि चीन को भारत का निर्यात भी 9.7 फीसदी बढ़ गया है, जो आर्थिक सहयोग की कई संभावनाओं को रेखांकित करता है। राजदूत चीनी नव वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा है कि चीन भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का समर्थन करता है और भारत के साथ बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन ‘ग्लोबल साउथ’ के विकास को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर बात करते हुए, जू ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन और भारत के संबंधों में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिससे चीन-भारत संबंध ‘रीसेट और नई शुरुआत’ से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचे।”

गंभीर की जगह लक्ष्मण नहीं तो कौन? इंग्लैंड में टीम इंडिया के मुख्य कोच पर चौंकाने वाला खुलासा

लंदन  वीवीएस लक्ष्मण को पिछले दो दिनों से इंग्लैंड में भारतीय टीम के आसपास देखा गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में लक्ष्मण के इंग्लैंड दौरे को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं, लेकिन एक बात तय है कि उन्हें बीसीसीआई ने टीम इंडिया के साथ किसी भी आधिकारिक भूमिका में इंग्लैंड नहीं भेजा है.  लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े हुए हैं और भारतीय क्रिकेट सिस्टम का अहम हिस्सा हैं. माना जा रहा है कि वह इंग्लैंड में भारतीय टीम के कोचों से बातचीत कर सकते हैं और वहां खेलने को लेकर कुछ अहम सुझाव दे सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं. खबर है कि वह एक-दो दिन में इंग्लैंड से वापस भी लौट सकते हैं.  लक्ष्मण ने इंग्लैंड में कुल 34 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें 11 टेस्ट मैच शामिल हैं जो उन्होंने तीन अलग-अलग दौरों पर (2002, 2007 और 2011) खेले. इसके अलावा, उन्होंने 2007 और 2009 में लंकाशर के लिए 16 काउंटी मैच खेले थे. बाकी 7 मैच उन्होंने इंडिया की टूरिंग टीम के लिए खेले जो आम तौर पर इंग्लिश काउंटी या ‘लायन्स’ टीम के खिलाफ होते हैं.  बीसीसीआई के एक सूत्र ने क्रिकबज से कहा- वो किसी अन्य काम से इंग्लैंड गए हैं, भारतीय टीम के साथ उनकी कोई आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं है. वो लॉजेन (स्विट्जरलैंड) से लंदन आए हैं. एक और सूत्र ने कहा- टीम इंड‍िया का टारगेट इंग्लैंड में जीत हासिल करना है. हो सकता है लक्ष्मण ने कोच और सेलेक्टर्स से बात की हो या प्रैक्टिस मैच भी देखा हो, लेकिन उनका इस टीम के साथ कोई रोल नहीं है.  एक तीसरे सूत्र ने बताया-वो पहले स्विट्जरलैंड गए थे, फिर लंदन सिर्फ खिलाड़ियों से मिलने और समय बिताने पहुंचे थे. यह उनके प्लान का हिस्सा था. जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण स्विट्जरलैंड में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने गए थे, लक्ष्मण ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया.  लक्ष्मण की लंदन में मौजूदगी इस वजह से भी चर्चा में रही क्योंकि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इस समय टीम के साथ नहीं हैं. वह अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण दिल्ली लौटे हुए हैं. सूत्रों की मानें तो गंभीर अगले तीन दिनों में  या शायद सोमवार तक टीम से वापस जुड़ सकते हैं.  एक सूत्र ने बताया- गंभीर पहले टेस्ट से पहले जरूर टीम से जुड़ेंगे. उन्होंने डॉक्टरों से अपनी मां की तबीयत को लेकर सलाह ली है. उनकी हालत बेहतर हुई है लेकिन वो अब भी ICU में हैं. गंभीर जल्दी ही अपनी वापसी की योजना बनाएंगे.  पहला टेस्ट मैच 20 जून से लीड्स में खेला जाएगा. भारत ने अभी हाल ही में इंडिया ए के खिलाफ बेकेनहैम में एक अभ्यास मैच खेला है. टीम को 16 जून को रेस्ट करेगी और 17 जून को लीड्स के लिए रवाना होगी.  भारत और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का इत‍िहास  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट : 136,  भारत जीता: 35, इंग्लैंड जीता:  51, ड्रॉ: 50  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (इंग्लैंड में)   कुल टेस्ट: 67, भारत जीता: 9, इंग्लैंड जीता: 36, ड्रॉ: 22  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (भारत में)  कुल टेस्ट: 69, भारत जीता: 26, इंग्लैंड जीता:15, ड्रॉ: 28 भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स. इंग्लैंड दौरे के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल  पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन  

भारत ने अमेरिका पर जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा, बादाम, सेब, अखरोट, नाशपाती और…रसायन?

नई दिल्ली भारत में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह शुल्क एल्यूमिनियम और स्टील पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में होगा। भारत का यह फैसला व्यापार हित की रक्षा और वैश्विक व्यापार नियमों के अंतर्गत अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाएगा भारत विश्व व्यापार संगठन को भेजे गए प्रस्ताव में भारत का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत के 7.6 अरब डॉलर के सामान का आयात प्रभावित हुआ , इसीलिए भारत भी अमेरिका से आने वाले कुछ चीज जरूरी सामानों पर इतना ही टैरिफ लगाने की मांग कर रहा है। अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने के ये हैं कारण साल 2018 में अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए भारतीय स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 10% का टैरिफ लगाया था। इसके बाद इस टैरिफ की दर को साल 2020 में बढ़ाया गया। 12 मार्च 2025 को यह टैरिफ 25% संशोधित कर दिया गया। विश्व व्यापार संगठन को दिए गए प्रस्ताव में भारत ने यह दावा किया है कि अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ के सामान्य व्यापार और टैरिफ समझौते (GATT) 1994 और सुरक्षा उपाय पर समझौते का उल्लंघन किया है। अमेरिकी टैरिफ़ के कारण भारत को 7.6 अरब डॉलर के स्टील और एल्यूमीनियम निर्यात प्रभावित हुए हैं। लेकिन अमेरिका को इस ड्यूटी से 1.91 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं। भारत में यह भी कहा कि उन्होंने अप्रैल 2025 में अमेरिका से विश्व व्यापार संगठन के अंतर्गत परामर्श मांगा था, लेकिन अमेरिका ने इन टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा का उपाय बताकर परामर्श से इनकार कर दिया था। भारत कर रहा जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी भारत सरकार के द्वारा 9 मई 2025 को वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन के काउंसिल फॉर ट्रेड इन गुड्स को यह सूचना दी गई है कि वह अमेरिकी उत्पादों पर 1.91 अरब डॉलर के बराबर का टैरिफ लगाएगा। इसके लिए भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों का चयन किया है। जिनमें सेब, बादाम, अखरोट, नाशपाती, रसायन आदि शामिल हैं। हालांकि भारत ऐसा प्रस्ताव 2019 में भी ला चुका है। ये उत्पाद भारत के लिए आयात में महत्वपूर्ण हैं, जैसे अमेरिकी बादाम (543 मिलियन डॉलर) और सेब (156 मिलियन डॉलर)। कितना जवाबी शुल्क लगाएगी भारत सरकार भारत सरकार के द्वारा रखे गए प्रस्ताव के अनुसार टैरिफ की दरें उत्पादों के आधार पर 5% से 100% के बीच हो सकती है। इसके साथ भारत का यह भी कहना है कि उसके द्वारा उठाए जा रहे हैं यह कदम विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप है। भारत जवाबी टैरिफ इसलिए लगाना चाहता है ताकि अमेरिकी टैरिफ के व्यापारिक प्रभाव को संतुलित किया जा सके। भारतीय स्टील एसोसिएशन ने किया स्वागत भारत सरकार के इस फैसले का भारतीय स्टील एसोसिएशन ने स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाया है। यदि भारत सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि को राहत मिल सकती है। अमेरिकी उत्पादों पर असर भारत द्वारा यह जवाबी टैरिफ लगाया जाता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे सेब, बादाम और रसायन उद्योग ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि भारत इनका बड़ा आयातक देश है। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका द्वारा भी जवाबी उपाय किए जा सकते हैं जिससे द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता और जटिल हो सकती है।

अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ भारत का तनाव उसकी पैदाइश के साथ से ही चल रहा है। अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने इस दौरान कम से कम 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया है। अभी ऑपरेशन सिंदूर की वजह से पाकिस्तान की दुनिया भर में भद पिट रही है। हर मिलिट्री ऑपरेशनों ने भारत की सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है और पाकिस्तान को नाक रगड़ने को मजबूर होना पड़ा है, लेकिन उसकी आदतें नहीं बदली हैं। बार-बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान और उसकी फौज कुछ न कुछ ऐसा कर देता है, जिसकी वजह भारत को कार्रवाई करनी पड़ती है। 1. ऑपरेशन रिडल (1965) सबसे पहले बात करते हैं ‘ऑपरेशन रिडल’ की। पहला मिलिट्री ऑपरेशन 1965 में किया गया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की कोशिश की। उन्होंने ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ और ‘ग्रैंड स्लैम’ नाम से हमले किए। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन रिडल’ शुरू किया। 6 सितंबर,1965 को भारतीय सेना ने लाहौर और कसूर पर हमला बोल दिया। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना हिल गई। 2. ऑपरेशन एब्लेज (1965) इसके बाद ‘ऑपरेशन एब्लेज’ हुआ। यह भी 1965 में ही हुआ था। यह एक तरह की सैन्य तैयारी थी। भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा पर अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ा दी। हालांकि, इसमें सीधा युद्ध नहीं हुआ, लेकिन यह युद्ध की तैयारी का एक अहम हिस्सा था। नतीजा: इन दोनों ऑपरेशनों के बाद सोवियत संघ (USSR) ने बीच में आकर ताशकंद समझौता कराया। 3. ऑपरेशन कैक्टस लिली (1971) 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान ‘ऑपरेशन कैक्टस लिली’ चलाया गया। भारतीय सेना और वायुसेना ने मिलकर मेघना नदी पार की। उन्होंने पाकिस्तानी ठिकानों को पीछे छोड़ते हुए ढाका की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। 4. ऑपरेशन ट्राइडेंट (1971) ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर दो बार हमला किया। पहला हमला 4-5 दिसंबर को हुआ। भारतीय सेना पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर पाकिस्तानी फौज के नाक में दम कर रही थी। 5.ऑपरेशन पाइथन (1971) ऑपरेशन ट्राइडेंट के बाद ‘ऑपरेशन पाइथन’ हुआ। एक के बाद इन तीनों हमलों से पाकिस्तान बिखर गया और उसके नौसैनिक ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा। ऑपरेशन पाइथन में पहली बार एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन तीन ऑपरेशनों का नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान हार गया और बांग्लादेश नाम का एक नया देश बना। 6. ऑपरेशन मेघदूत (1984) सियाचिन में पाकिस्तान की हरकतों को रोकने के लिए भारत ने अप्रैल 1984 में ‘ऑपरेशन मेघदूत’ शुरू किया। भारतीय वायुसेना की मदद से सैनिकों को दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर पहुंचाया गया। उन्होंने महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया। नतीजा: ऑपरेशन मेघदूत से भारत को सामरिक बढ़त मिली और भारत आज भी वहां लाभ की स्थिति में है। 7. ऑपरेशन विजय (1999) मई 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की चोटियों चोरी-चोरी पर कब्जा कर लिया। भारत ने ‘ऑपरेशन विजय’ चलाकर इन इलाकों को वापस अपने कब्जे में ले लिया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की ताकत और बलिदान का प्रतीक है। 8. ऑपरेशन सफेद सागर (1999) ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ भी कारगिल युद्ध के दौरान ही हुआ। यह भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन था। इसमें कारगिल की पहाड़ियों में पाकिस्तान की चौकियों और ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब इतने बड़े पैमाने पर वायुसेना का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन दोनों मिलिट्री ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज को भारतीय सेना और वायुसेना ने बुरी तरह से पीटा और वे पीछे हटने को मजबूर हुए। 9. सर्जिकल स्ट्राइक (2016) उरी हमले के बाद भारत ने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की। भारत की स्पेशल फोर्सेज ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। यह पहली बार था, जब भारत ने खुलकर पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में अपनी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की। नतीजा: पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में संदेश गया कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अब भारत दुश्मन के घर में घुसकर मारने लगा है। 10. ऑपरेशन बंदर (2019) पुलवामा हमले के बाद भारत ने 26 फरवरी, 2019 को ‘ऑपरेशन बंदर’ को अंजाम दिया। इसके तहत पाकिस्तान के करीब 80 किलोमीटर भीतर घुसकर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक किया गया। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया। नतीजा: भारत ने पूरी दुनिया को संकेत दे दिया कि ‘नया भारत’ अब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर तरह के मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार है। 11. ऑपरेशन सिंदूर (2025) भारत ने 6 और 7 अप्रैल, 2025 की दरमियानी रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया। इसमें भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) या नियंत्रण रेखा (LoC) का उल्लंघन नहीं किया और मिसाइल, ड्रोन और अन्य बमों का इस्तेमाल करके दहशतगर्दी कैंपों में तबाही मचा दी। नतीजा: पहली बार पाकिस्तान खुद मान रहा है कि भारत ने किस तरह से मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर बहावलपुर तक में आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हुए हैं और जैश-ए-मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद खुद मान रहा है कि उसके परिवार के 10 लोगों समेत कुल 14 लोग मारे गए हैं।

भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया

नई दिल्ली हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. दोनों देश जंग के मुहाने पर खड़े हो गए हैं और सेनाएं लामबंद हैं. शुक्रवार की शाम पाकिस्तान ने भारत की 26 जगहों पर हमले की कोशिश की थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. वही, भारत पर पाकिस्तान की तरफ से फतह-1 मिसाइल दागी गई. शुक्रवार रात को पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारत की तरफ से जवाब दिया गया. पाकिस्तान के द्वारा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान के एयरबेस पर तबाही शनिवार की सुबह, भारत ने राजधानी इस्लामाबाद के करीब स्थित कुल चार एयरबेसों पर मिसाइलें दागी हैं और तबाही मचा दी है. देर रात टेलीविज़न पर दिए गए बयान में पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “भारत ने अपने विमानों के ज़रिए हवा से सतह पर मिसाइलें दागीं.” वहीं, बीती रात हुए हमलों से जुड़े सभी पहलुओं पर ताजा अपडेट देने के लिए सुबह 10 बजे भारत सरकार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. शनिवार की सुबह तड़के क्या-क्या हुआ?     जम्मू-कश्मीर में वायुसेना स्टेशन को निशाना बनाने की पाकिस्तानी कोशिशें नाकाम कर दी गईं. पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं.     गुजरात के कच्छ में पाकिस्तान के ड्रोन हमले को भारत ने नाकाम कर दिया है.     पठानकोट में भी सुबह होते ही कई विस्फोट हुए. कम से कम आधे घंटे तक रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे, जवाबी कार्रवाई में विमान-रोधी तोपों से भी गोलीबारी की गई.     अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं.     सुबह 5.20 बजे श्रीनगर, एयरपोर्ट के पास, सुबह 4.50 बजे बारामुल्ला और उधमपुर में भी धमाके की आवाज़ें सुनी गईं.     गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.     जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए: भारत ने पाकिस्तान के नूर खान (रावलपिंडी), मुरीद (चकवाल) और रफीकी (शोरकोट) एयरबेस को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया है. इन स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है और पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर यह हमला एक बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसे हमले से सीमा पर तनाव और भी तीव्र हो गया है. पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद किया: तनाव के कारण पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस आज सुबह 12 बजे तक के लिए पूरी तरह बंद कर दी है. इस दौरान पेशावर जाने वाली पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PIA218 को क्वेटा के ऊपर उड़ते देखा गया. इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों में धमाके: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और लाहौर समेत कई बड़े शहरों में धमाके की आवाजें सुनाई दी. पाकिस्तान सेना का दावा है कि भारत ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस घटना से दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया है. ड्रोनों के हमलों के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार ड्रोनों से कई हमले किए जाने के बाद, भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नीलम घाटी और सियालकोट में कड़ा जवाब दिया. सोशल मीडिया पर आईं वीडियोज में दिखा भारत का मिसाइल इंटरसेप्शन: कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें भारत ने सरसा क्षेत्र के ऊपर पाकिस्तानी लॉन्ग रेंज मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकते हुए दिखाया गया है. सरसा के जिला सूचना अधिकारी ने नागरिकों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है. भारत की एडवांस डिफेंस सिस्टम का प्रभाव: S-400, L-70, Zu-23 और शकिल्का जैसे आधुनिक वायु रक्षा उपकरण लगातार सीमा पर भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए हैं. इन सिस्टम्स ने पाकिस्तान की ड्रोन हमलों और अन्य कारगर हथियारों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोक रखा है.  

पकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी, वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वह लगातार भारत पर हमले की कोशिश कर रहा है. लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ रही है. इस बीच वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा है. लेकिन इस बीच अमेरिका ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की इस मौजूदा स्थिति में अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करेगा. यह अमेरिका का काम नहीं है. वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं. लेकिन हम जंग के बीच में इसमें शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह हमारा काम नहीं है और हम इसे कंट्रोल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारतीयों से हथियार डालने को नहीं कह सकता. हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने को नहीं कह सकते. हम डिप्लोमैटिक माध्यमों से इसे हल कर सकते हैं. हमारी उम्मीद है कि मौजूदा स्थिति किसी तरह के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या परमाणु युद्ध में तब्दील नहीं हो. हालांकि, अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होगा. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर मौजूदा स्थिति को लेकर मैं कुछ मदद कर सकूं तो मैं करूंगा. यह भयावह स्थिति है. मेरे भारत और पाकिस्तान दोनों से अच्छे संबंध हैं और मैं चाहता हूं कि दोनों इस मुद्दो को हल करें. वहीं, इससे पहले पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से भी बड़ा झटका लगा था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी. पाकिस्तान के अनुरोध के बाद की गई इस मीटिंग में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था.   यूएनएससी में बंद कमरे में सोमवार दोपहर को डेढ़ घंटे हुई बैठक के बाद पाकिस्तान की फजीहत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र ने इस बैठक के बाद ना तो किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया और ना किसी तरह का रिजॉल्यूशन पारित किया गया. इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने लगातार झूठे बयान दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत ने सिंधु नदी समझौते को सस्पेंड करने के कदम को गैरकानूनी करार दिया. इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को खतरा है.  

PM मोदी से डरा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तनाव कम करने की अपील की

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. पाकिस्तान को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई का अंदेशा है और इस वजह से वह सहमा हुआ है. वह कभी पहलगाम आतंकी हमले की तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच करवाने और इसमें सहयोग करने, तो कभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठा रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ तनाव बढ़ने पर उसे उचित समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सबकुछ जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है. अहमद इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की योजना बना रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और जुलाई में 15 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करेगा. PAK को सता रहा भारत की जवाबी कार्रवाई का डर उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि पहलगाम में एक घटना हुई है, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है उससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है. हमारा मानना ​​है कि सुरक्षा परिषद को वास्तव में ऐसा करने का अधिकार है. पाकिस्तान सहित परिषद के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह उचित होगा कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे, ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके.’ अहमद ने कहा, ‘हमने परिषद के सदस्यों के साथ इस पर चर्चा की है. हमने पिछले महीने की अध्यक्षता और इस महीने की अध्यक्षता के साथ इस पर चर्चा की है. हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और हमें उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है.’ पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी के बारे में पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल का सीधे जवाब देने से परहेज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तीन दशक से अमेरिका और पश्चिमि देशों के लिए ‘गंदा काम’ करता रहा है. पाकिस्तान तीन दशक से आतंकवाद को दे रहा पराश्रय दरअसल, पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में स्काई न्यूज के एंकर यल्दा हाकिम ने ख्वाजा आसिफ से सवाल किया था, ‘आप स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?’ इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा था, ‘आप जानते हैं कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह गंदा काम लगभग तीन दशकों से कर रहे हैं, और ब्रिटेन भी इसमें शामिल है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आतंकवादियों और आकाओं और इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी कड़ी सजा देंगे. देश के दुश्मनों ने न केवल निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.’ गत 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय सेना को खुली छूट दी थी और कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसका तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे. भारत को रोको, हमें बचाओ; UNSC में रोया पाकिस्तान तो अब चर्चा की तैयारी भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और तनाव को कम कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने चेतावनी दी कि “कोई भी गलत कदम या गलत अनुमान परमाणु संघर्ष की ओर ले जा सकता है।” शेख ने कश्मीर को “विश्व का सबसे खतरनाक परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए ट्रंप से इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। Fox News Digital से बातचीत में शेख ने कश्मीर को “परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को हल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रपति ट्रंप की विरासत का एक अहम हिस्सा बन सकता है, यदि वे इस मसले को सतही उपायों से नहीं बल्कि कश्मीर विवाद जैसे मूल कारणों को संबोधित करके हल करें।” राजदूत शेख ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया को “खतरनाक और भड़काऊ” बताया। उन्होंने कहा कि हमले के महज 10 मिनट बाद ही भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, “भारत ने आरोप लगाने में एक मिनट भी नहीं गंवाया और बिना किसी जांच के ही पाकिस्तान को दोषी ठहराया। हमने सबूत शेयर करने की मांग की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में भाग लेने की पेशकश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।” “परमाणु युद्ध की संभावना को नजरअंदाज न करें” पाकिस्तानी राजदूत को भारत की संभावित प्रतिक्रिया से डर लग रहा है। यही वजह है कि वे दूसरे देशों के आगे गुहार लगा रहे हैं कि भारत को रोका जाए। राजदूत ने कहा कि यह क्षेत्र 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का घर है और इस तरह के युद्धोन्माद भरे बयानात क्षेत्र को एक बार फिर से “युद्ध की मानसिकता का बंधक” बना रहे हैं। पाकिस्तानी दूत ने गीदड भभकी देते हुए कहा कि “कोई भी गलतफहमी या गलत निर्णय, परमाणु युद्ध में बदल सकता है – जो इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बहने वाली नदियों के जल प्रवाह को एकतरफा रोकने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इंडस वॉटर ट्रीटी का हवाला देते हुए कहा, “यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी कायम रही, इसे तोड़ना अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना है।” पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित … Read more

भारत समेत G4 देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में मुस्लिम देश के आरक्षण के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया

वॉशिंगटन  भारत समेत जी 4 देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में मुस्लिम देश के आरक्षण के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है। जी 4 देशों ने धार्मिक आधार पर स्‍थायी सदस्‍यता देने के किसी भी प्रस्‍ताव को संयुक्‍त राष्‍ट्र के नियमों के खिलाफ बताया। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर लंबे समय से मांग चल रही है। भारत समेत जी 4 के देशों ब्राजील, जर्मनी और जापान ने तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान, पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज शरीफ और सऊदी प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान के इस्‍लामिक सपने को तोड़ दिया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि पी हारिश ने मंगलवार को जी4 देशों की ओर से कहा कि धर्म के आधार पर सुरक्षा परिषद में प्रतिन‍िध‍ित्‍व मंजूर नहीं है। भारतीय प्रतिनिधि ने तुर्की या उसके इस्‍लामिक दुनिया का खलीफा बनने का सपना देख रहे राष्‍ट्रपति एर्दोगान का नाम नहीं लिया। इससे पहले पिछले महीने तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान ने मांग की थी कि सुरक्षा परिषद में एक इस्‍लामिक देश को भी स्‍थायी सदस्‍यता दी जाए। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्‍तान या सऊदी के नेतृत्‍व वाले इस्‍लामिक संगठन ओआईसी का भी नाम नहीं लिया। इन दोनों ने मांग की थी कि ‘इस्‍लामिक उम्‍मा’ को भी सुरक्षा परिषद के सभी वर्गो में सदस्‍यता दी जाए। हारिश ने कहा कि धार्मिक फैक्‍टर को लाने से सुरक्षा परिषद के अंदर सुधारों को लेकर चल रही प्रक्रिया में और ज्‍यादा जटिलता आ जाएगी। तुर्की के राष्‍ट्रपति ने खेला इस्‍लामिक कार्ड हारिश ने जी4 देशों की ओर से संयुक्‍त राष्‍ट्र के अंदर सुधारों को लेकर एक अंतरसरकारी वार्ता के दौरान यह बयान दिया। उन्‍होंने भारत के प्रतिनिधि होने के नाते जोर देकर कहा कि मुस्लिम आरक्षण क्षेत्रीय प्रतिनिध‍ित्‍व के सिद्धांत को कमजोर करेगा जिसे संयुक्‍त राष्‍ट्र ने स्‍वीकार किया है। तुर्की के ऑटोमन साम्राज्‍य को फिर से लाने की कोशिश में लगे एर्दोगान ने एक इफ्तार पार्टी में पिछले महीने कहा था, ‘संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के अंदर वीटो पावर के साथ एक इस्‍लामिक देश का होना न केवल आवश्‍यकता है, बल्कि एक दायित्‍व भी है।’ जी4 देशों का यह समूह सकारात्‍मक और आशावादी सोच वाले तथा सुधार समर्थक देशों का समूह है जो कई साल सुरक्षा परिषद के स्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हारिश ने कहा कि जी4 एक सिफारिशी ग्रुप है जो सार्थक सुधार के लिए काम कर रहा है और किसी खास सुझाव को नहीं देता है कि किसे स्‍थायी सदस्‍य बनाया जाए। जी4 इसे संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा पर छोड़ता है। उन्‍होंने कहा कि महासभा को लोकतांत्रिक आधार पर सुरक्षा परिषद में सुधार करके नए स्‍थायी सदस्‍य को शामिल करना चाहिए। सुरक्षा पर‍िषद में सुधार का जी4 प्रस्‍ताव हारिश ने यह भी कहा कि जी4 देशों का मानना है कि सुरक्षा परिषद के सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाना चाहिए और क्षेत्रीय प्रतिनिध‍ित्‍व को देना चाहिए। भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्‍यों की संख्‍या को 15 से 25 या 26 करना चाहिए। जी4 के प्रस्‍ताव के मुताबिक सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को बढ़ाकर 5 से 11 करना चाहिए, वहीं अस्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या को 10 से बढ़ाकर 14 या 15 करनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि 6 नए स्‍थायी सदस्‍यों में प्रत्‍येक को एशिया-प्रशांत, लैट‍िन अमेरिका, कैरेबियाई देश और पूर्वी यूरोप को एक-एक सीट दी जाए। वहीं अफ्रीका को कम से कम एक या दो सीट दी जाए। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्‍तान को भी जमकर फटकार लगाई जो सुरक्षा परिषद में सुधार का विरोध कर रहा है। पाकिस्‍तान स्‍थायी सदस्‍यता दिए जाने का विरोध कर रहा है ताकि भारत को रोका जा सके। पाकिस्‍तान इस्‍लामिक उम्‍मा को भी भड़काने का काम कर रहा है। अगर धर्म के आधार पर देखें तो चीन जहां आंशिक रूप से वामपंथी देश है, वहीं बाकी 4 स्‍थायी सदस्‍य ईसाई बहुल देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस हैं।

रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता मांग का खुलकर समर्थन किया

नई दिल्ली/ मास्‍को  भारत और रूस की राजनयिक दोस्‍ती के 78 साल पूरे हो गए हैं। शीत युद्ध से लेकर पाकिस्‍तान युद्ध तक रूस ने भारत के साथ दोस्‍ती निभाई है। अब एक बार फिर से रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही मांग का खुलकर समर्थन किया है। रूस ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍यता देने की मांग को फिर से दोहराया है। साथ ही रूस ने भारत के साथ आने वाले वर्षों में भी अच्‍छे रिश्‍ते बरकरार रखने की उम्‍मीद जताई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने संदेश में दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्‍ते स्‍थापित होने के 78 साल पूरे होने की बधाई दी। इस बीच स्‍लोवाकिया ने भी भारत की संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता का समर्थन किया है। टेलिग्राम पर दिए अपने संदेश में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम भारत के साथ रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। रूसी मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद मजबूत बना रहेगा और दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। साल 2024 में पीएम मोदी और रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के बीच दो शिखर सम्‍मेलन हुए थे। इस साल भी पुतिन भारत आने वाले हैं। रूस ने विक्‍ट्री डे परेड में पीएम मोदी को न्‍योता दिया था। इसमें हिस्‍सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर जा रहे हैं। भारत और रूस बढ़ाएं दोस्‍ती रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्‍यापार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा दोनों देश परमाणु ऊर्जा पर भी सहयोग कर रहे हैं और तमिलनाडु के कुंडनकुलम में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। रूस ने कहा कि दोनों देशों को रक्षा, स्‍पेस, तकनीक और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान को जारी रखना चाहिए ताकि एक बहुध्रुवीय दुनिया को बनाया जा सके। यह वैश्विक प्रशासन में ग्‍लोबल साऊथ की भागीदारी को बढ़ाएगा। सुरक्षा परिषद की दावेदारी में कहां फंसा पेंच? संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता के लिए कई साल से भारत मांग कर रहा है। यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली निकाय है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत इसका स्‍थायी सदस्‍य नहीं है। साल 1945 में बनाए गए संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा पर‍िषद 15 सदस्‍य हैं और इसमें केवल 5 ही स्‍थायी सदस्‍य हैं। ये देश हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन। 10 गैर अस्‍थायी सदस्‍य होते हैं जिन्‍हें दो साल के लिए चुना जाता है। स्‍थायी सदस्‍यों के पास वीटो पावर होता है लेकिन अस्‍थायी सदस्‍यों के पास यह ताकत नहीं होती है। भारत को रूस, अमेरिका, फ्रांस समेत दुनिया के कई ताकतवर देशों का समर्थन हासिल है लेकिन नई दिल्‍ली की राह में सबसे बड़ी बाधा चीन बना हुआ है। चीन नहीं चाहता है कि एशिया में उसके एकाधिकार को भारत चुनौती दे। इसी वजह से चीन सुरक्षा परिषद में एशिया से अकेले प्रतिनिधित्‍व करना चाहता है।  

भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया, 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात

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नई दिल्‍ली भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। उसने श्रीलंका को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय चाय बोर्ड के अनुसार, भारत ने 2024 में 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। केन्या पहले स्थान पर है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का चाय निर्यात बढ़ा है। 2024 में निर्यात 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। चाय निर्यात से भारत को अच्छी कमाई हुई है। इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में बढ़ोतरी हुई है। भारत 25 से ज्‍यादा देशों को चाय निर्यात करता है। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने चाय निर्यात में बड़ी सफलता हासिल की है। भारत अब श्रीलंका से आगे निकल गया है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। 2024 में भारत ने 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे देश को 7111 करोड़ रुपये की आय हुई। चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं दुनिया में कई तरह की परेशानियां चल रही हैं। इसके बाद भी भारत के चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा। यह पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में यह आंकड़ा 23.16 करोड़ किलो था। इसका मतलब है कि 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चाय के निर्यात से भारत को खूब फायदा हुआ है। 2023 में भारत ने 6,161 करोड़ रुपये की चाय निर्यात की थी। 2024 में यह बढ़कर 7,111 करोड़ रुपये हो गई। यह 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। 2024 में उत्तरी भारत (असम और पश्चिम बंगाल) ने 15.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 4833 करोड़ रुपये मिले। वहीं, दक्षिणी भारत ने 9.98 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 2278 करोड़ रुपये की आय हुई। उत्तरी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 60.79% और मूल्य के हिसाब से 67.96% रहा। दक्षिणी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 39.21% और मूल्य के हिसाब से 32.04% रहा। भारत 25 से ज्यादा देशों को चाय बेचता है। यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन भारत के प्रमुख ग्राहक हैं। श्रीलंका में चाय की फसल कम होने के कारण कई भारतीय व्यापारियों को पश्चिम एशिया के बाजारों में जाने का मौका मिला। अब वे वहां पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल हो रहे हैं। दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल भारत भारत दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल है। पूरी दुनिया में जितनी चाय का निर्यात होता है, उसका लगभग 10 फीसदी भारत से होता है। असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी की चाय को दुनिया की सबसे अच्छी चाय माना जाता है। भारत से ज्यादातर ‘ब्लैक टी’ चाय का निर्यात होता है। यह कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी है। इसके अलावा, रेगुलर टी, ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और लेमन टी भी निर्यात की जाती हैं। भारत सरकार चाय के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि भारतीय चाय की एक खास पहचान बने। इसके साथ ही, सरकार चाय उद्योग से जुड़े परिवारों की मदद भी करना चाहती है। असम में दो मुख्य चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: असम घाटी और कछार। पश्चिम बंगाल में तीन प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: दोआर्स, तराई और दार्जिलिंग। दक्षिण भारत देश के कुल चाय उत्पादन का लगभग 17 फीसदी उत्पादन करता है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक यहां के मुख्य चाय उत्पादक राज्य हैं। छोटे चाय उत्पादक भी चाय के उत्पादन में बड़ा योगदान दे रहे हैं। कुल उत्पादन का लगभग 52 फीसदी हिस्सा छोटे चाय उत्पादकों का होता है। अभी लगभग 2.30 लाख छोटे चाय उत्पादक हैं जो चाय के कारोबार से जुड़े हैं।  

फाइनल जीतते ही टीम इंडिया क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा 3 बार आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगी

दुबई पाकिस्तान की मेजबानी में खेली जा रही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 अब फाइनल दौर में पहुंच गई है. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने अजेय रहकर ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में एंट्री कर ली है. यह खिताबी मुकाबला 9 मार्च को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. जहां भारत की भ‍िड़ंत न्यूजीलैंड से होगी. इस बार यदि भारतीय टीम खिताब जीतती है, तो वो एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लेगी. साथ ही इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम को पछाड़ेगी. दरअसल, फाइनल जीतते ही टीम इंडिया क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा 3 बार आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगी. इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी का 9वां सीजन खेला जा रहा है. अब तक भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलिया ने 2-2 बार खिताब जीते हैं. कंगारू टीम सेमीफाइनल में भारत के ही हाथों हारकर बाहर हो गई है. ऐसे में अब तीसरा खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाने का मौका टीम इंडिया के पास ही है. भारत ने 2002 (संयुक्त रूप से) और 2013 में जीता खिताब भारतीय टीम सबसे पहले श्रीलंका में खेले गए इस तीसरे यानी 2002 सीजन में चैम्पियन बनी थी. तब भारतीय टीम और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से खिताब अपने नाम किया था. जबकि 2013 सीजन में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने खिताब जीता. 2013 के बाद 2017 में भी चैम्पियंस ट्रॉफी को इंग्लैंड में कराया गया. तब पहली बार पाकिस्तान ने इसे अपने नाम किया. इसके बाद 2021 में टूर्नामेंट होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया. अब करीब 8 साल बाद यह टूर्नामेंट दोबारा कराया जा रहा है. अब तक चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमें साल विनर नतीजा 1998 साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज को 4 विकेट से हराया 2000 न्यूजीलैंड भारत को 4 विकेट से हराया 2002 भारत-श्रीलंका संयुक्त विजेता मैच बेनतीजा रहा 2004 वेस्टइंडीज इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया 2006 ऑस्ट्रेलिया वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया 2009 ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया 2013 भारत इंग्लैंड को 5 रनों से हराया 2017 पाकिस्तान भारत को 180 रनों से हराया चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय स्क्वॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और वॉशिंगटन सुंदर.

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कीर्तिमानों की सूची, जानें पहले नंबर पर कौन सा देश काबिज

मुंबई क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट का अपना-अपना अलग अंदाज है, लेकिन क्रिकेट प्रेमी तीनों ही फॉर्मेट को पसंद करते हैं। हालांकि, तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग टीमें टॉप स्थान पर हो सकती हैं। इस समय आईसीसी की टॉप टीमों में वनडे और टी20 में भारत का नाम शामिल है, जबकि टेस्ट में इस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम कब्जा जमाए हुए है। इस समय आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी खेली जा रही है, जो वनडे फॉर्मेट में आयोजित हो रही है। वनडे फॉर्मेट का हमेशा से ही अलग जलवा रहा है। वनडे वर्ल्ड कप का बेसब्री से फैंस इंतजार करते हैं। दरअसल, वनडे मैचों में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जो टूटे हैं। कई महान बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों का अंबार लगाया है। कई ऐसी टीमें भी हैं, जिन्होंने वनडे में शतकों के मामले में रिकॉर्ड बनाया है। पाकिस्तान की टीम ने लगाए कुल 229 शतक पाकिस्तान की टीम में कई बड़े खिलाड़ी रहे हैं। आज के समय में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी हैं। एक समय पर शाहिद अफरीदी, मोहम्मद यूनुस और मिस्बाह-उल-हक जैसे खिलाड़ी भी इस टीम का हिस्सा थे। लेकिन पाकिस्तान में अब तक सईद अनवर का रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ सका है। पाकिस्तान की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 229 शतक लगाए हैं। पाकिस्तान की ओर से सईद अनवर ने सबसे ज्यादा 20 शतक लगाए, जबकि बाबर आजम ने 19 शतक लगाए हैं। बाबर आजम जल्द ही सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने लगाए कुल 252 शतक वहीं, दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है, जिसने पाकिस्तान से ज्यादा शतक बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम ने वनडे क्रिकेट में 252 शतक लगाए हैं। ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट हमेशा से ही शानदार रहा है। सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफियां भी ऑस्ट्रेलिया के पास ही हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम है, जिन्होंने 30 वनडे शतक बनाए। इसके बाद मैथ्यू हेडन का नाम आता है, जिन्होंने 18 शतक जोड़े हैं। भारत की टीम ने लगाए कुल 323 शतक दुनिया में वनडे क्रिकेट की सबसे सफल टीम भारतीय टीम रही है। भारतीय खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट में कुल 323 शतक लगाए हैं। भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर का नाम हमेशा से लिया जाता है, लेकिन अब इस रिकॉर्ड को विराट कोहली ने तोड़ दिया है। भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे शतक विराट कोहली ने लगाए हैं। विराट कोहली अब तक 51 शतक लगा चुके हैं, जबकि इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए 50 वनडे शतक लगाए थे। यानी कुल मिलाकर सचिन और विराट ने मिलकर ही 100 शतक जड़ दिए हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी- पाकिस्तान ऑलआउट, भारत को 242 का टारगेट: इकलौती फिफ्टी सऊद की; कुलदीप को 3 और पंड्या को 2 विकेट

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Champions Trophy 2025 – Pakistan all out, India’s target is 242: Saud’s only fifty; Kuldeep gets 3 and Pandya gets 2 wickets चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान ने भारत को 242 रन का टारगेट दिया है। सऊद शकील ने टीम की ओर से इकलौती फिफ्टी लगाई। उन्होंने 62 रन बनाए और कप्तान मोहम्मद रिजवान (46 रन ) के साथ 104 रन की साझेदारी की। ओपनर बाबर आजम (23 रन) और इमाम-उल-हक (10 रन) अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाए। लोअर मिडिल ऑर्डर भी भारतीय स्पिनर्स के आगे फेल हो गया। टीम इंडिया की ओर से कुलदीप यादव ने 3 विकेट लिए। जबकि हार्दिक पंड्या को 2 विकेट मिले। रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। 2 बैटर रनआउट हुए। इस मुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान रिजवान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा था कि टॉस से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, यह पिच बाद में धीमी हो सकती है।

413 दिनों का सूखा हुआ खत्म, वनडे में जीती टीम इंडिया, 68 गेंद रहते हारी इंग्लैंड

नागपुर टी20 सीरीज को अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की भी धमाकेदार शुरू की है। नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम पर खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच को भारत ने 4 विकेट से अपने नाम किया। विस्फोटक शुरुआत के बाद भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को सिर्फ 249 रनों पर समेट दिया। जवाब में रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए, इसके बाद भी टीम इंडिया ने मुकाबले को 39 ओवर में ही अपने नाम कर लिया। भारत को वनडे में 413 दिन बाद जीत मिली है। 2024 में टीम एक भी वनडे नहीं जीत पाई थी। साल्ट और डकेट ने की विस्फोटक शुरुआत इंग्लैंड को फिल साल्ट और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दिलाई। वनडे में डेब्यू कर रहे राणा के पहले ही ओवर में साल्ट ने दो चौके मारे और फिर छठे ओवर में इस तेज गेंदबाज पर तीन छक्कों और दो चौकों से 26 रन बटोरे। इंग्लैंड की टीम हालांकि जब मजबूत स्थिति में पहुंचती दिख रही थी तब दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच गलतफहमी के कारण श्रेयस अय्यर के सटीक थ्रो पर विकेटकीपर केएल राहुल ने साल्ट को रन आउट कर दिया। उन्होंने 26 गेंद पर 43 रन बनाए। 10वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने राणा की गेंद पर मिडविकेट से पीछे की ओर 21 मीटर दौड़ते हुए डकेट (32) का शानदार कैच लपका। राणा ने दो गेंद बाद हैरी ब्रूक (0) को भी राहुल के हाथों कैच करा दिया। दो रनों के भीतर ये तीनों विकेट गिरे। 19 रन बनाने वाले जो रूट को आउट कर रविंद्र जडेजा ने इंग्लैंड को सबसे बड़ा झटका दिया। इसके बाद बटलर ने बेथेल के साथ 59 रन की साझेदारी की। अर्धशतक बनाने के बाद वह अक्षर की गेंद को हवा में खेलकर हार्दिक पंड्या को कैच दे बैठे। उन्होंने 67 गेंद की अपनी 52 रनों की पारी में चार चौके मारे। 21 साल के बेथेल ने एक छोर संभाले रखा और अर्धशतक पूरा किया। जडेजा ने हालांकि उन्हें पगबाधा करके इंग्लैंड की मजबूत स्कोर तक पहुंचने की उम्मीदों को तोड़ दिया। 51 रन बनाने वाले बेथेल ने 64 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का मारा। भारत के लिए तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने 53 रन जबकि अनुभवी रविंद्र जडेजा 26 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाकर। मेहमान टीम की 47.4 ओवर में सिमट गई। अय्यर, गिल और अक्षर ने ठोकी फिफ्टी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की नई जोड़ी कोई कमाल नहीं कर पाई। 22 गेंद पर 15 रन बनाकर यशस्वी आर्चर का शिकार बने। रोहित का खराब फॉर्म जारी रहा और वह सिर्फ 2 रन बना सके। साकिब महमूद को उनका विकेट मिला। छठे ओवर में रोहित आउट हुए तो भारत का स्कोर 19 रन था। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने मैच का रुख ही बदल दिया। आते ही उन्होंने अटैक किया और पावरप्ले खत्म होने तक भारत का स्कोर 71 रन पहुंच गया था। 30 गेंदों पर अय्यर ने वनडे में अपनी 19वीं फिफ्टी पूरी की। 36 गेंद पर 59 रन बनाकर वह बेथेल का शिकार बने। गिल और अय्यर के बीच 64 गेंदों पर 94 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने अक्षर पटेल को बैटिंग के लिए भेजा। अक्षर ने गिल का साथ निभाया। दोनों ने अपनी फिफ्टी पूरी की और टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। आदिल रशीद की गेंद पर बोल्ड होने से पहले अक्षर ने 47 गेंद पर 52 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड ने अंत में वापसी की कोशिश की। केएल राहुल सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए। गिल शतक से चूक गए औऱ 87 रनों की पारी खेलकर साकिब की गेंद पर आउट हुए। हालांकि इन तीन विकेटों का कोई खास असर नहीं हुआ और 39वें ओवर की चौथी गेंद पर भारत ने मैच जीत लिया। हार्दिक 9 और जडेजा 12 रन बनाकर नाबाद रहे।

पुणे में चौथे टी20 मैच में टीम इंडिया की रोमांचक जीत, सीरीज में बनाई अजेय बढ़त

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 पुणे  टीम इंडिया ने पुणे में खेले गए मैच में इंग्लैंड को 15 रनों से हरा दिया. यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी ओवर तक चला. भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 182 रनों का लक्ष्य दिया था. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 166 रन ही बना सकी. भारत ने यह मुकाबला गेंदबाजों के दम पर जीता. टीम इंडिया ने पुणे में जीत के साथ ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली है. पुणे में खेले गए मैच में हर्षित राणा ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 3 विकेट झटके. रवि बिश्नोई को भी 3 विकेट मिले. उन्होंने 4 ओवरों में 28 रन दिए. वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवरों में 8 रन देकर 2 विकेट लिए. अर्शदीप सिंह को 1 विकेट मिला. अक्षर पटेल को भी एक सफलता हाथ लगी. आखिरी ओवर तक पहुंचा मुकाबला – भारत के दिए लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 19.4 ओवरों में 166 रन बनाकर ऑल आउट हुई. आखिरी ओवर में साकिब महमूद का विकेट गिरा. वहीं इससे पहले 19वें ओवर में जैमी ओवरटन आउट हुए थे. वे 19 रन बनाकर पवेलियन लौटे. जोफ्रा आर्चर खाता तक नहीं खोल पाए. वे जीरो पर आउट हुए. इंग्लैंड के लिए ब्रूक का अर्धशतक – इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी हुई थी. ओपनर फिलिप साल्ट और बेन डकेट के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. साल्ट 23 रन बनाकर आउट हुए. जबकि डकेट ने 39 रनों का योगदान दिया. इसके बाद कप्तान जोस बटलर 2 रन बनाकर आउट हुए. हैरी ब्रूक ने अर्धशतक लगाया. उन्होंने 26 गेंदों में 51 रनों की पारी खेली. लिविंगस्टन और बेथेल कुछ खास नहीं कर सके. कार्स भी जीरो पर आउट हुए. टीम इंडिया के लिए दुबे-पांड्या का दमदार प्रदर्शन – भारत की शुरुआत खराब हुई थी. ओपनर संजू सैमसन महज 1 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन इसके बाद शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या ने विस्फोटक प्रदर्शन किया. इन दोनों खिलाड़ियों ने अर्धशतक लगाया. पांड्या ने 30 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली. दुबे ने 34 गेंदों में 53 रन बनाए. अभिषेक शर्मा ने 29 रनों की पारी खेली. रिंकू सिंह ने 30 रनों का योगदान दिया. सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा जीरो पर आउट हुए. इंग्लैंड को महमदू ने दिलाए 3 विकेट लिए – साकिब महमूद ने इंग्लैंड के लिए बॉलिंग करते हुए 4 ओवरों में 35 रन दिए. उन्होंने 3 विकेट झटके. जैमी ओवरटन को 2 विकेट मिले. वहीं कार्स और आदिल रशीद को 1-1 विकेट मिला. टीम इंडिया का सीरीज पर कब्जा – भारत ने सीरीज का पहला मैच 7 विकेट से जीता था. इसके बाद दूसरे मैच में 2 विकेट से जीत दर्ज की. इंग्लैंड ने तीसरे मैच में वापसी की और भारत को 26 रनों से हराया. इसके बाद भारत ने पुणे में 15 रनों से जीत दर्ज की. अब सीरीज का आखिरी मैच मुंबई में 2 फरवरी को खेला जाएगा.

WTC Final में ऑस्ट्रेलिया ने फिर से बनाई जगह, नए साल पर इंडिया का सफर समाप्त

 सिडनी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का पांचवां एवं आखिरी आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम को 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी. ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत के लिए 162 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने खेल के तीसरे दिन (5 जनवरी) के दूसरे सेशन में हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज पर 3-1 से कब्जा कर लिया. भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद टेस्ट सीरीज जीत हासिल की है. इस सीरीज जीत के साथ ही कंगारू टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल में भी एंट्री ले ली. अब WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना साउथ अफ्रीका से होगा. WTC के मौजूदा चक्र का फाइनल इस साल 11-15 जून तक क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाना है. भारतीय टीम लगातार दो फाइनल खेली थी, जहां उसे पहले न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी. अब भारतीय टीम का तीसरी बार WTC फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम की दूसरी पारी 157 रनों पर सिमट गई. बता दें कि इस मैच में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 185 रन बनाए थे. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की पहली पारी भी 181 रनों पर स‍िमट गई. यानी पहली पारी के आधार पर भारत को चार रनों की लीड मिली है. पर्थ में भारत ने पहला टेस्ट 295 रनों से मैच जीता. फ‍िर एड‍िलेड टेस्ट ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 विकेट से जीता. इसके बाद ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ रहा. जबकि मेलबर्न टेस्ट को ऑस्ट्रेलिया ने 184 रनों से अपने नाम किया था. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की हाइलाइट्स, बुमराह के बिना बिखरी दिखी गेंदबाजी टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही और उसने 3.4 ओवरों में ही 39 रन बना लिए थे. यहां से प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय टीम की वापसी कराई. प्रसिद्ध ने पहले सैम कोंस्टास (22) को वॉशिंगटन सुंदर के हाथों कैच आउट कराया. फिर मार्नस लाबुशेन (6) और स्टीव स्मिथ (4) का भी उन्होंने शिकार किया. लाबुशेन और स्मिथ दोनों का ही कैच यशस्वी जायसवाल ने लपका. यहां से उस्मान ख्वाज और ट्रेविस हेड के बीच 5वें विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप हुई. सिराज ने उस्मान ख्वाजा को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराकर इस पार्टनरशिप का अंत किया. यहां से ट्रेविस हेड और ब्यू वेबस्टर ने भारतीय टीम को कोई चांस नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया को जीत की मंजिल तक पहुंचाया. जसप्रीत बुमराह दूसरी पारी में गेंदबाजी के लिए नहीं उतरे. ऐसे में भारतीय टीम की गेंदबाजी बिखरी नजर आई. वैसे भी 162 रनों का टारगेट ऑस्ट्रेलिया के लिए उतना बड़ा नहीं था. नए साल 2025 की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए मैच का नतीजा तीसरे ही दिन निकल आया। रोहित शर्मा ने खराब फॉर्म के कारण खुद को कप्तानी और प्लेइंग इलेवन से दूर रखा। जसप्रीत बुमराह ने इस मैच में कप्तानी की, लेकिन वे पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए चोटिल हो गए। ऐसे में विराट कोहली ने बाकी मैच में कप्तानी की। इंडिया ने पहली पारी में 185 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 181 रन पर सभी विकेट खोए थे। भारत दूसरी पारी में 157 रन ही बना सका। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 162 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने रो-धोकर हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल के अपने सभी मुकाबले खेल लिए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के अभी दो मैच बाकी हैं। अगर इंडिया की टीम इस मैच को जीत जाती तो निश्चित तौर पर फाइनल की रेस में होती, लेकिन अब कोई भी समीकरण किसी भी टीम के लिए बाकी नहीं है। इंडिया की जीत से ना सिर्फ इंडिया के, बल्कि श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के लिए भी फाइनल में पहुंचने के दरवाजे खुले रहते, जो अब श्रीलंका और भारत के लिए बंद हो चुके हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। WTC कब और कहां खेला जाएगा? WTC 2025 Final अब साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ने 66.67 प्रतिशत जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 63.73 प्रतिशत जीत के साथ खिताबी मुकाबले के लिए जगह बनाई। लगातार तीसरी बार इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। आईसीसी ने इसके लिए इस बार लंदन के लॉर्ड्स को चुना है, जहां 11 जून से फाइनल खेला जाना है। ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले इस खिताब को जीत चुकी है। साउथ अफ्रीका की टीम अपना पहला खिताब जीतने के लिए उतरेगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले में टीम इंडिया को 184 रनों से हार झेलनी पड़ी, यशस्वी विशेष सूची में शामिल

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में आज (30 दिसंबर) खेला गया है। इस मुकाबले में टीम इंडिया को 184 रनों से हार झेलनी पड़ी है। मेलबर्न टेस्ट का नतीजा टीम इंडिया के फेवर में नहीं रहा है। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने इसमें 184 रन से बाजी मार ली है, इस बड़ी जीत के साथ ही उसने सीरीज में भी बढ़त बना ली है। दरअसल, मुकाबले में भारत को जीत के लिए 340 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन वह 155 रनों पर ही सिमट गई। इस हार के चलते भारतीय टीम अब सीरीज में 1-2 से पिछड़ गई है। भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 84 रनों की पारी खेली, लेकिन तीसरे अंपायर के खराब फैसले ने उनकी इनिंग्स पर विराम लगा दिया। जानकारी के अनुसार अब आखिरी टेस्ट 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा। आपको बता दें कि यशस्वी जायसवाल की जुझारू पारी के बावजूद भी टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट बचा नहीं सकी। बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को रनों से हरा दिया। इसके साथ ही भारत का मेलबर्न में हैट्रिक लगाने का सपना बुरी तरह से टूट गया है। इस बार भारतीय टीम जीत के लिए जरूरी 340 रन नहीं बना पाई और हैट्रिक लगाने से चूक गई। एक बार फिर इस मैच में भारत के दिग्गज बल्लेबाज फेल हो गए। न रोहित शर्मा का बल्ला चला न विराट कोहली, केएल राहुल और ऋषभ पंत का। यशस्वी जायसवाल ने जरूर एक छोर संभाले रखते हुए उम्मीद बंधाई लेकिन उनको साथ नहीं मिला। पहले रोहित शर्मा उन्हें अकेला छोड़ गए। पैट कमिंस ने रोहित को नौ के स्कोर पर आउट किया। पांच गेंद खेलने के बाद राहुल भी कमिंस का शिकार हो गए। विराट कोहली सिर्फ पांच रन ही बना सके।  एमसीजी टेस्ट की दोनों पारी में 50+ स्कोर करने वाले पांचवें भारतीय बने यशस्वी  भारतीय टीम के स्टार सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायवाल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में भी अर्धशतक जड़ा और वह एक विशेष सूची में शामिल हो गए। यशस्वी ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट मैच की पहली पारी में 82 रन बनाए थे और वह दूसरी पारी में भी अपना जलवा बिखेरने में सफल रहे। यशस्वी ने अपने टेस्ट करियर का 10वां अर्धशतक जड़ा। पंत के साथ की साझेदारी ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 340 रनों का लक्ष्य रखा था। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने महज 33 रन के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद यशस्वी और पंत ने मिलकर पारी को संभाला। हालांकि, भारत को 121 के स्कोर पर चौथा झटका लगा। ट्रेविस हेड ने ऋषभ पंत को मिचेल मार्श के हाथों कैच कराया। वह 104 गेंद में 30 रन बना सके। पंत ने यशस्वी के साथ मिलकर दूसरे सत्र में भारत का कोई विकेट नहीं गिरने दिया था, लेकिन तीसरे सत्र में वह एकाग्रता खो बैठे और बड़े शॉट के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। पंत ने यशस्वी के साथ 88 रन की साझेदारी की। आउट पर हुआ विवाद यशस्वी की शानदार पारी का अंत पैट कमिंस ने किया, लेकिन उनके आउट होने पर विवाद खड़ा हो गया है। कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। वह चूके और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए। यशस्वी 84 रन बनाकर आउट हुए। सचिन-कोहली की सूची में शामिल हुए यशस्वी यशस्वी अपनी शानदार पारी के दम पर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की विशेष सूची में शामिल हो गए हैं। यशस्वी उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं जिसने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 50+ स्कोर बनाया है। यशस्वी ने एमसीजी टेस्ट की पहली पारी में 82 रन बनाए थे और दूसरी पारी में 84 रन पर आउट हुए। यशस्वी से पहले मंसुर अली खान पटौदी, जीआर विश्वनाथ, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी एमसीजी टेस्ट की दोनों पारियों में 50+ स्कोर बना चुके हैं। पटौदी ने 1967 में इस मैदान पर 75 और 85 रन बनाए थे, जबकि जीआर विश्वनाथ ने 1977 में 59 और 54 रनों की पारी खेली थी। सचिन ने 1999 में एमसीजी टेस्ट में 116 और 52 रन बनाए थे। वहीं, कोहली ने 2014 में इसी मैदान पर 169 और 54 रनों की पारी खेली थी।       महत्वपूर्ण बिंदु     मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए पहली पारी में 474 रन बनाए थे।     वहीं टीम इंडिया ने पहली पारी में 369 रन बनाए थे।     भारत की ओर से मेलबर्न टेस्ट में सबसे ज्यादा 9 विकेट जसप्रीत बुमराह ने लिए।     वहीं ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैट कमिंस और नाथन लायन ने 6-6 विकेट हासिल किए।  

गाबा टेस्ट ड्रॉ , WTC Final में कैसे पहुंच सकता है भारत, मेलबर्न और सिडनी में हारना मना है; ये है पूरा समीकरण

गाबा  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का तीसरा मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हो गया. ब्रिस्बेन के गाबा में आज (18 द‍िसंबर) मैच का आख‍िरी और पांचवां द‍िन था. मैच पहले खराब रोशनी और फ‍िर बार‍िश के कारण रोका गया. इसके बाद इस मुकाबले को दोनों कप्तानों की रजामंदी से ड्रॉ करने का फैसला क‍िया गया. जब मैच रुका तो यशस्वी जायसवाल (4) और केएल राहुल (4)  क्रीज पर थे. वहीं भारतीय टीम ने दूसरी पारी में  8/0 का स्कोर बना ल‍िया था. ट्रेव‍िस हेड को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया, उन्होंने पहली पारी में शानदार 151 रन जड़े थे.    इससे पहले ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89/7 पर घोष‍ित की. इस तरह भारत के सामने 275 रनों का टारगेट म‍िला, जो उसे 54 ओवर्स (म‍िन‍िमम) में कंपलीट करना था.भारतीय टीम पहली पारी में 260 रनों पर ऑलआउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए थे.BGT सीरीज के पर्थ में हुए पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने 295 रनों से जीत दर्ज की, वहीं एड‍िलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 व‍िकेट से जीत दर्ज की थी. देखा जाए तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन गाबा के मैदान पर इससे पहले सात टेस्ट खेले गए थे. इस दौरान भारतीय टीम को 5 मुकाबलों में हार मिली और एक मुकाबला ड्रॉ भी रहा. गाबा में भारतीय टीम को इकलौती टेस्ट जीत जनवरी 2021 में मिली थी. तब उसने अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराया था. ऑस्ट्रेल‍िया की दूसरी पारी 89 पर घोष‍ित ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89 रनों पर घोष‍ित की. तब तक उसके 7 व‍िकेट ग‍िर चुके थे. ऑस्ट्रेल‍िया की शुरुआत दूसरी पारी में भी बेहद खराब रही. पांचवें द‍िन जसप्रीत बुमराह ने बहुत ही जल्दी उस्मान ख्वाजा को 8 रनों पर क्लीन बोल्ड कर द‍िया. इसके कुछ देर बाद ही बुमराह का जादू एक बार फ‍िर चला और उन्होंने मार्नस लाबुशेन (1) को भी विकेटकीपर पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. फ‍िर आकाश दीप ने अपने पहले ही ओवर में नाथन मैकस्वीनी (4) को पंत के हाथों लपकवाया. कुछ देर बाद ही आकाश ने  म‍िचेल मार्श (2) को भी पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 28/4 हो गया. इसके बाद स्टीव स्म‍िथ ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका जड़कर अपने इरादे जताए, लेक‍िन वह ठीक अगली ही गेंद पर फ्ल‍िक करने के चक्कर में पंत के हाथों कैच आउट हुए. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 33/5 हो गया. ट्रेव‍िस हेड रंग में लग रहे थे, लेक‍िन वह भी अपनी पारी ज्यादा लंबी नहीं खींच सके और 17 रन बनाकर मोहम्मद स‍िराज का श‍िकार बने. हेड के बाद आए कप्तान पैट कम‍िंस ने 10 गेंदों पर 22 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, लेक‍िन वह बुमराह की गेंद पर केएल राहुल को कैच थमा बैठे. दूसरी पारी में भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3, वहीं मोहम्मद स‍िराज और आकाश दीप ने 2-2 व‍िकेट झटके. व‍िकेट पतन: 1-11 (उस्मान ख्वाजा, 2.4 ओवर), 2-16 (मार्नस लाबुशेन, 6.1 ओवर), 3-16 (नाथन मैकस्वीनी, 7.3 ओवर), 4-28 (मिचेल मार्श, 9.5 ओवर), 5-33 (स्टीव स्मिथ, 10.6 ओवर), 6-60 (ट्रेविस हेड, 14.4 ओवर), 7-85 (पैट कमिंस, 17.1 ओवर) भारत की पहली पारी: आकाश-बुमराह ने बचाया फॉलोआन भारतीय टीम पहली पारी में महज 260 रनों पर ऑल आउट हो गई. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को पहली पारी के आधार पर 185 रनों की बढ़त म‍िली है. इस मुकाबले में भी भारत का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप  रहा और एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते गए.  भारत की ओर से केएल राहुल (84) और रवींद्र जडेजा (77) ही बल्ले से हिट रहे. ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से कप्तान पैट कम‍िंस ने भारत की पहली पारी में सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके. वहीं म‍िचेल स्टार्क को 3, जोश हेजलवुड, नाथन लायन और ट्रेव‍िस हेड को 1-1 सफलता म‍िली.   यशस्वी जायसवाल (4 रन), शुभमन गिल (1 रन), विराट कोहली ( 3) बेहद सस्ते में आउट हुए. वहीं ऋषभ पंत (9 रन) भी कुछ खास नहीं कर सके. बार‍िश से बाध‍ित इस मैच में चौथे द‍िन रोहित शर्मा (10 ) से अच्छे खेल की उम्मीद थी लेकिन वो सस्ते में निपट गए. रोहित के आउट होने के बाद केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 67 रन जोड़कर भारत को संभाला. राहुल ने आउट होने से पहले 8 चौके की मदद से 139 गेंदों पर 84 रन बनाए. इसके बाद नीतीश रेड्डी (16) और रवींद्र जडेजा (77) आउट भारतीय टीम के लिए संघर्ष किया. मोहम्मद सिराज (1) सस्ते में निपट गए. वैसे भारतीय टीम को आकाश दीप (31) और जसप्रीत बुमराह (10) को धन्यवाद कहना चाहिए. दोनों ने मिलकर दसवें विकेट के लिए 47 रन जोड़े ओर 246 रनों का फॉलोआन का आंकड़ा पार करवाया. वैसे आउट होने वाले अंत‍िम बल्लेबाज आकाश दीप रहे, ज‍िन्हें ट्रेव‍िस हेड ने व‍िकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों स्टम्प आउट करवाया.   विकेट पतन: 1-4 (यशस्वी जायसवाल, 0.2 ओवर), 2-6 (शुभमन गिल, 2.1 ओवर), 3-22 (विराट कोहली, 7.2 ओवर), 4-44 (ऋषभ पंत, 13.5 ओवर), 5-74 (रोहित शर्मा, 23.5 ओवर), 6-141 (केएल राहुल, 42.3 ओवर) , 7-194 (नीतीश कुमार रेड्डी, 59.5 ओवर), 8-201 (मोहम्मद सिराज, 62.6 ओवर), 9-213 (रवींद्र जडेजा, 65.6 ओवर),10-260 (आकाश दीप, 78.5 ओवर) भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरा टेस्ट मैच के ड्रॉ रहा। इससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 (WTC 2025) के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की भारत की संभावनाओं को झटका लगा। मैच ड्रॉ होने पर भारत को मेलबर्न और सिडनी में जीत दर्ज करनी होगी। ड्रॉ होने से भारत का पीसीटी 57.29 से गिरकर 55.88 हो गया। वह साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बाद डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर है। एडिलेड टेस्ट में भारत को हराकर मौजूदा साइकल में ऑस्ट्रेलिया की नौवीं जीत दर्ज की। इससे उसका पीसीटी 57.69 से बढ़कर 60.71 हो गया। वह केवल साउथ अफ्रीका (63.33) से पीछे है। उसे दो टेस्ट घरेलू सरजमीं पर खेलने हैं। इसलिए ब्रिस्बेन में ड्रॉ या हार ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के लिए चुनौती कड़ी कर देगी,लेकिन रोहित शर्मा की टीम के लिए यह और भी … Read more

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 में क्षेत्ररक्षण की खामियों को दूर करने उतरेगा भारत

नवी मुंबई. श्रृंखला के पहले मैच में 49 रन से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में क्षेत्ररक्षण की अपनी खामियों को दूर करने की कोशिश करेगी। ऑस्ट्रेलिया में अपने अंतिम एकदिवसीय मुकाबले और रविवार को यहां हुए पहले टी20 मैच के बीच कम समय के बावजूद भारत ने शानदार प्रदर्शन किया और कैरेबियाई टीम के खिलाफ टी20 मुकाबलों में अपनी जीत का सिलसिला नौ मैच तक पहुंचा दिया। क्षेत्ररक्षण हालांकि एक बार फिर टीम का कमजोर पक्ष रहा जब जेमिमा रोड्रिग्स, स्मृति मंधाना और साइमा ठाकोर ने एक-एक कैच टपकाया। साइमा ने कियाना जोसेफ (49) का कैच उस समय छोड़ा जब वह 34 रन बनाकर खेल रही थी। डिएंड्रा डॉटिन (28 गेंद में 52 रन, चार चौके, तीन छक्के) को जेमिमा और मंधाना ने जीवनदान दिए। कप्तान हरमनप्रीत की जगह क्षेत्ररक्षण के लिए उतरी मीनु मनि ने हालांकि शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने हालांकि यह नहीं बताया कि हरमनप्रीत क्यों वेस्टइंडीज की पारी के दौरान अधिकांश समय क्षेत्ररक्षण के लिए नहीं उतरीं। भारतीय कप्तान 14 गेंद में नाबाद 13 रन की अपनी पारी के दौरान हालांकि किसी भी तरह से परेशान नहीं दिखीं। भारत की जीत के तुरंत बाद कोचिंग स्टाफ ने युवा प्रिया मिश्रा, राघवी बिष्ट और नंदिनी कश्यप के साथ कैचिंग अभ्यास का एक सत्र शुरू किया लेकिन हवा ने उनके काम को मुश्किल बना दिया था। फिर भी भारत की बल्लेबाजों ने एकजुट प्रयास करके अच्छा उदाहरण पेश किया। शीर्ष पर उमा छेत्री (24) ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने पहले मैच में कवर क्षेत्र में कुछ शानदार ड्राइव खेले और मंधाना ने पर्थ में तीसरे वनडे में 105 रन बनाने के बाद साल का अपना छठा अर्धशतक बनाया। लेकिन वह जेमिमा थी जिन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 73 रन बनाए जो इस प्रारूप में उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक थी। वेस्टइंडीज इस दौरे के लिए की गई तैयारियों के साथ न्याय नहीं कर पाने से निराश थी लेकिन जोसेफ, डॉटिन और करिश्मा रामहरम (18 रन पर दो विकेट) ने टीम की क्षमता को दिखाया जिसने इस साल इस प्रारूप में अपने अधिकतर मैच जीते हैं। जोसेफ और डॉटिन दोनों ने उम्दा पारियां खेलीं लेकिन वेस्टइंडीज के लिए विकेट गलत समय पर गिरे जिन्हें निश्चित रूप से गेंद से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मेहमान टीम ने पहले मैच में 10 वाइड फेंकी थी। टीम इस प्रकार है: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, नंदिनी कश्यप, जेमिमा रोड्रिग्स, रिचा घोष, उमा छेत्री, दीप्ति शर्मा, सजीवन सजना, राघवी बिस्ट, रेणुका ठाकुर, प्रिया मिश्रा, टिटास साधु, साइमा ठाकोर, मीनु मनि और राधा यादव। वेस्टइंडीज: हेले मैथ्यूज (कप्तान), शेमाइन कैंपबेल, आलिया एलेन, शामिलिया कॉनेल, नेरिसा क्राफ्टन, डिएंड्रा डॉटिन, एफी फ्लेचर, शबिका गजनबी, चिनेले हेनरी, जाइदा जेम्स, कियाना जोसेफ, मैंडी मंगरू, अश्मिनी मुनिसर, करिश्मा रामहरक और राशदा विलियम्स। समय: मैच शाम सात बजे शुरू होगा।

अमेरिका के टैरिफ शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद चीन ने भारत से नदीकियां बढ़ानी फिर की शुरू

नई दिल्ली जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीता है, तब से चीन का डर बढ़ता जा रहा है। चीन को सबसे ज्यादा डर कारोबार को लेकर है। माना जा रहा है कि जनवरी में राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद ट्रंप चीन पर लगने वाला टैरिफ शुल्क बढ़ा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पहले से ही धीमी आर्थिक गति की मार झेल रहे चीन के लिए यह बड़ा धक्का होगा। ट्रंप के इस कदम से बचने के लिए चीन ने हाल ही में एक और आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गति देना था। लेकिन लगता है कि चीन के ये सारे आर्थिक पैकेज किसी काम के नहीं हैं। ट्रंप का दबाव कम करने के लिए चीन भारत की शरण में आ रहा है। इसके लिए वह भारत के साथ संबंध सुधारने पर लगा है। ढीले पड़ने लगे चीन के तेवर अमेरिका में आगामी ट्रंप प्रशासन का दबाव कम करने के लिए चीन अब भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। यह बात अमेरिका-भारत सामरिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कही। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चीन से माल पर 60 फीसदी टैरिफ शुल्क और हर दूसरे अमेरिकी आयात पर 20 फीसदी तक के टैरिफ शुल्क का प्रस्ताव रखा था। मुकेश अघी ने कहा, ‘इसलिए हम ट्रंप प्रशासन के आने का प्रारंभिक प्रभाव देख रहे हैं, जिसने चीन पर भारत के साथ व्यवहार को आसान बनाने का दबाव बनाया है। इसलिए सीमा पर गश्त पर सहमति बनी है। सीधी उड़ानों पर सहमति बनी है।’ और नरम होगा ड्रैगन चीन के तेवर आने वाले समय में और ढीले पड़ते नजर आएंगे। अघी ने कहा कि ट्रंप की जीत का भारत-चीन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आने वाले समय में चीन की ओर से कुछ और नरमी देखी जा सकती है। वहीं भारत की ओर से भी चीन के लोगों के लिए अधिक वीजा जारी होंगे। अमेरिका में चीन का कड़ा विरोध अघी ने कहा कि उन्होंने कहा कि अमेरिका में नया प्रशासन मैन्युफैक्चरिंग को चीन से दूर ले जाने और अमेरिका में ही रोजगार सृजन की योजना बना रहा है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कांग्रेस की एक समिति ने सिफारिश की है कि चीन के साथ अपने व्यापार संबंधों को अमेरिका कड़ा करे। साथ ही करीब 25 साल पुराने उस फैसले को वापस लेने पर जोर दे जिसने चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि में मदद की थी और जिसे अब अमेरिका में कई लोग अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं। इसलिए भारत के करीब आया चीन अमेरिका-चीन आर्थिक तथा सुरक्षा समीक्षा आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस को भेजी अपनी नौ पन्नों की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार चीन के साथ स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया। ट्रंप प्रशासन के तहत चीन के साथ व्यापार युद्ध के तेज होने के आसार हैं। वहीं चीन यह पहले ही भांप गया था कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में उसे लगने लगा था कि ट्रंप व्यापार में चीन का तवज्जो नहीं देंगे। ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद चीन ने भारत के साथ संबंध बेहतर करने शुरू कर दिए। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधरने के बाद चीन अपने व्यापार का बड़ा हिस्सा फिर से भारत के साथ बड़े स्तर पर शुरू कर सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार में आई कमी भारत और चीन के बीच व्यापार काफी बड़ा रहा है। लेकिन जून 2020 को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद हालात बिगड़ गए थे। इसका व्यापारिक स्तर पर बड़ा प्रभाव पड़ा। दोनों देशों के बीच काफी दूरियां आ गई थीं। बढ़ गया भारत का व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में चीन के साथ भारत का माल व्यापार घाटा 13 फीसदी बढ़ गया है। चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के संभावित बढ़ने से यह समस्या और बढ़ सकती है। चूंकि अमेरिका चीनी वस्तुओं पर उच्च टैरिफ लगाता है, इसलिए चीन अपने अतिरिक्त उत्पादन को बेचने के लिए भारत सहित वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर सकता है। इससे भारतीय बाजार में चीनी वस्तुओं की बाढ़ आ सकती है, जिससे व्यापार घाटा और बढ़ सकता है।

तिलक वर्मा की बदौलत भारत का विजय ‘तिलक’, T20I में बने कई रिकॉर्ड

सेंचुरियन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने धमाल कर दिया है. टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 11 रनों से शानदार जीत दर्ज की. यह मुकाबला  सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 220 रनों का टारगेट दिया. तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में शतक जमाया. जवाब में अफ्रीकी टीम ने 7 विकेट गंवाकर 208 रन ही बना सकी और मैच गंवा दिया. इस तरह भारतीय टीम ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है. अब आखिरी मुकाबला शुक्रवार (15 नवंबर) को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. जानसेन ने 16 गेंदों पर जमाई फास्टेस्ट फिफ्टी अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से सभी ने दमदार गेंदबाजी की. अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 और पंड्या ने 50 रन लुटाए. तिलक ने शतक जड़कर रच दिया इतिहास मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी. टीम ने मैच की दूसरी बॉल पर पहला विकेट गंवाया था. संजू सैमसन बगैर खाता खोले आउट हुए. इसके बाद अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने टीम को संभाला और 52 गेंदों पर 107 रनों की दमदार पार्टनरशिप कर टीम को मुश्किल से निकाला. अभिषेक ने 24 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. वो ठीक अगली बॉल पर 50 रन बनाकर केशव महाराज का शिकार बने. इसके बाद तिलक वर्मा ने 32 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. फिर तिलक ने गैर बदला और धांसू अंदाज में बैटिंग करते हुए अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक भी जमा दिया. उन्होंने यह सेंचुरी 51 गेंदों पर जमाई. तिलक टी20 में शतक जड़ने वाले सबसे युवा प्लेयर बन गए हैं. 22 साल के तिलक ने 56 गेंदों पर नाबाद 107 रनों की पारी खेली. अपनी पारी में उन्होंने 7 छक्के और 8 चौके जड़े. डेब्यू मैच खेल रहे रमनदीप सिंह 6 गेंदों पर 15 रन बनाकर रनआउट हुए. इसके बदौलत भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 219 रन बनाए. अफ्रीका के लिए केशव महाराज और एंडिले सिमेलाने ने 2-2 विकेट लिए. वहीं अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 तो पंड्या ने 50 रन लुटवा दिए.  ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ तिलक ने अपनी इस पारी को लेकर कहा कि वह काफी समय से शतक का इंतजार कर रहे थे. उन्होंने कहा- इंजरी से वापसी करने के बाद यह यह शानदार अहसास है. उन्होंने विकेट डबल पेस वाला था और शुरुआत में चुनौतीपूर्ण था. हालांकि कुछ समय बाद यह ठीक हो गया.  भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी  यशस्वी जायसवाल – 21 वर्ष, 279 दिन, एश‍ियन गेम्स, 2023 में नेपाल के विरुद्ध तिलक वर्मा – 22 वर्ष, 2024 में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध शुभमन गिल – 23 वर्ष, 146 दिन, 2023 में अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के विरुद्ध सुरेश रैना – 23 वर्ष, 156 दिन, साउथ अफ्रीका के विरुद्ध वेस्टइंडीज में 2010 में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 15 क्विंटन डी कॉक बनाम वेस्टइंडीज सेंचुरियन 2023 16 मार्को जानसेन बनाम भारत सेंचुरियन 2024 17 क्विंटन डी कॉक बनाम इंग्लैंड डरबन 2020 19 ट्रिस्टन स्टब्स बनाम इंग्लैंड ब्रिस्टल 2022 भारत के खिलाफ सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 16 मार्को जानसेन सेंचुरियन 2024 19 कैमरून ग्रीन हैदराबाद 2022 20 जॉनसन चार्ल्स लॉडरहिल 2016 20 दासुन शनाका पुणे 2023 द्विपक्षीय टी20आई सीरीज में भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट 10 वरुण चक्रवर्ती बनाम साउथ अफ्रीका 2024 (3*) 9 रव‍िचंद्रन अश्विन बनाम श्रीलंका 2016 (3 मैच) 9 रवि बिश्नोई बनाम ऑस्ट्रेलिया 2023 (5)

भारत को दूसरे टी20 में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी

गकेबरहा  संजू सैमसन अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे लेकिन भारत को अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। सैमसन ने डरबन में खेले गए पहले मैच में 50 गेंद पर 107 रन की शानदार पारी खेली थी जिससे भारत ने यह मैच 61 रन से जीता। भारत के अन्य बल्लेबाज हालांकि पर्याप्त योगदान नहीं दे पाए थे जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।  सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा कई मौके मिलने के बावजूद उनका फायदा नहीं उठा पाए जो टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता है। वह इस साल के शुरू में जिंबॉब्वे के खिलाफ शतक बनाने के बाद रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारत की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन टीम प्रबंधन अभिषेक के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव को देखकर निराश होगा। विशेषकर तब जबकि वह रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस छोटे प्रारूप में सलामी बल्लेबाज के अन्य विकल्पों की तलाश कर रहा है। तिलक वर्मा ने 18 गेंद पर 33 रन की तूफानी पारी खेली लेकिन उन्हें इस तरह की शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है। भारतीय मध्य क्रम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है और अगर वर्मा को अपनी जगह पक्की करनी है तो उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहले मैच में अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। भारतीय मध्यक्रम कागजों पर मजबूत नजर आता है लेकिन पहले मैच में वे साझेदारी निभाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। भारत ने 36 रन के अंदर छह विकेट गवाएं जिससे एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद वह आठ विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच पाया। इससे भारत के मध्य और निचले क्रम की कमजोरी भी उजागर हुई। भारत को दूसरे मैच में इस क्षेत्र में सुधार करना होगा। भारत के गेंदबाजों ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया तथा दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 17.5 ओवर में 141 रन पर आउट कर दिया। वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट लेकर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा जबकि उनके स्पिन जोड़ीदार रवि बिश्नोई ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आवेश खान ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो वह इस साल जून में भारत के हाथों टी20 विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने में असफल रहा। उसे अपने कई सीनियर खिलाड़ियों की कमी खल रही है। दक्षिण अफ्रीका को अगर भारत का विजय अभियान रोकना है तो उसके युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुरूप प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशक। आवेश खान, यश दयाल. दक्षिण अफ्रीका: एडेन मारक्रम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, गेराल्ड कोएत्जी, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसन, हेनरिक क्लासेन, पैट्रिक क्रुगर, केशव महाराज, डेविड मिलर, मिहलाली मपोंगवाना, नकाबा पीटर, रयान रिकेलटन, एंडिले सिमलेन, ट्रिस्टन स्टब्स। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।  

2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनेगा भारत : IMF

नई दिल्ली इस हफ्ते भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर कई उत्साह बढ़ाने वाले अनुमान आए हैं. इन आंकड़ों से ये साफ नजर आ रहा है कि दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत ना केवल सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बना रहेगा, बल्कि काफी बड़े अंतर से भारत ये मुकाम हासिल करेगा. सबसे पहले बात करते हैं IMF के अनुमान की जिसमें कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 7 परसेंट की ग्रोथ दर्ज करेगी. 2025 में भारतीय इकोनॉमी की चाल कुछ सुस्त होकर साढ़े 6 परसेंट पर आ सकती है. IMF की बड़ी रिपोर्ट IMF ने कहा है कि कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था फिर से अपने पुराने रूप में लौटने लगी है. इसके साथ ही, महंगाई को भी काफी हद तक काबू करने की बात इसमें कही गई है. हालांकि, कुछ देशों में अभी भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है. इसके बाद S&P Global Market Intelligence की रिपोर्ट की बात करें तो इसमें कहा गया है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 2024-25 में 6.8 फीसदी और 2025-26 में 6.6 परसेंट रह सकती है. इसमें कहा गया है कि कमजोर सरकारी निवेश के बावजूद, भारत की घरेलू मांग, बेहतर मानसून और सरकारी सामाजिक खर्च इकोनॉमी की रफ्तार को बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही, महंगाई में गिरावट और सरकारी नीतियों का समर्थन भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेगा. वहीं RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पाटरा ने 2024-25 में भारतीय जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 परसेंट रहने का अनुमान जताया है. भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के कारण इसके बाद 2025-26 में इसके 7 फीसदी पर आने का अनुमान है, उनका मानना है कि भारत का समय आ गया है और देश अपनी युवा आबादी के चलते तेजी से विकास करेगा. भारत पहले से ही दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक ये तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके पहले आए दूसरी दिग्गज एजेंसियों के भारत की ग्रोथ को लेकर जारी किए गए अनुमानों की बात करें तो वर्ल्ड बैंक ने कृषि उत्पादन, सरकारी खर्च और निजी निवेश में बढ़ोतरी के असर से 2024 के लिए 6.9 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है. वहीं महंगाई में गिरावट और सरकारी सुधारों से अर्थव्यवस्था को हो रहे फायदों के चलते ADB ने 6.8 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है, जबकि गोल्डमैन सैश ने 2024 के लिए 7 परसेंट और ICRA ने 6.9 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है. हालांकि, कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में उछाल देखने को मिला है. लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं और कमजोर बाहरी मांग के असर से इकोनॉमी अभी भी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. इसके बावजूद, भारत की घरेलू मांग, स्थिर तेल की कीमतें और सरकारी निवेश अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे.  

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारत ए टीम का ऐलान, इस खिलाड़ी की लंबे समय बाद टीम में वापसी

नई दिल्ली इशान किशन की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है और उन्हें आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रुतुराज गायकवाड़ की अगुवाई में 15 सदस्यीय इंडिया ए टीम में शामिल किया गया। रणजी ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ शानदार शतक लगाने वाले महाराष्ट्र के गायकवाड़ को इंडिया ए टीम का कप्तान बनाया गया है। इंडिया ए की टीम मैके और मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैच खेलेगी और फिर पर्थ में सीनियर इंडिया टीम के खिलाफ तीन दिवसीय ‘इंट्रा-स्क्वाड’ मैच में हिस्सा लेगी। गायकवाड़ के अलावा टीम में अभिमन्यु ईश्वरन और साई सुदर्शन जैसे अन्य सलामी बल्लेबाज भी शामिल हैं क्योंकि भारत को आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अपने टेस्ट टीम में एक रिजर्व सलामी बल्लेबाज की आवश्यकता होगी। किशन को इस साल की शुरुआत में बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंधों से हटा दिया गया था। इस प्रकार है कार्यक्रम भारतीय ए टीम और ऑस्ट्रेलिया ए टीम के बीच दो मैचों की सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला मुकाबला 31 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि दूसरा मुकाबला 7 नवंबर से शुरू होगा। पहला मुकाबला मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जाएगा। इसी तरह दूसरा मुकाबला मेलबर्न के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए इंडिया ए टीम रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन (उप कप्तान), साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, देवदत्त पडिक्कल, रिकी भुई, बाबा इंद्रजीत, ईशान किशन (विकेट कीपर), अभिषेक पोरेल (विकेट कीपर), मुकेश कुमार, खलील अहमद, यश दयाल, नवदीप सैनी, मानव सुथार, तनुश कोटियन।

भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल केकानाडाई नागरिकों के OCI रद्द कर, संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब कनाडा ने भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। इधर, भारत ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में कनाडा ने एक मामले की जांच में कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त रहे संजय कुमार वर्मा को ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ बनाया था। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है, जो संदिग्ध है, लेकिन अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों ही देशों ने 6-6 राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों देशों में तनाव बढ़ने के बीच कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भारत के खिलाफ पाबंदी लगाने की संभावना को खारिज नहीं किया और कहा कि ‘सभी विकल्प विचाराधीन हैं’। भारत ऐसे दे सकता है जवाब  रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, कनाडा में लाखों भारतीय छात्र हैं। अगर भारत ने छात्रों पर कनाडा में शिक्षा लेने पर रोक लगा दी, तो इसका गहरा असर हो सकता है। यह फैसला कनाडा के शिक्षा से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पर गहरी चोट दे सकता है। इसके अलावा भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल के सभी कानाडाई नागरिकों के OCI यानी ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द कर सकता है। इनके साथ भारत खालिस्तान समर्थकों के संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है। साथ ही वह नए वीजा में देरी और गहनता से जांच करना बढ़ा सकता है। ऐसे में खालिस्तान समर्थकों पर दबाव पड़ सकता है। भारत भारतीय मूल के ऐसे कनाडाई नागरिकों के मल्टिपल एंट्री वीजा पर भी रोक लगा सकता है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो असर भारतीय कनाडाई समुदाय पर पड़ सकता है। इससे कनाडा की स्थानीय राजनीति पर भी असर हो सकता है। कनाडा को जवाब में भारत भी व्यापार स्तर पर प्रतिबंध लगा सकता है। टॉप 10 ट्रेडिंग पार्टनर होने के नाते भारत कनाडा की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। साथ ही भारत में निवेश वाले कनाडा के आर्थिक संस्थानों और पेंशन फंड को फ्रीज कर सकता है। कनाडा की पुलिस ने लगाए थे ये आरोप कनाडा की सार्वजनिक प्रसारणकर्ता कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के प्रमुख ने भारत के संदर्भ में चौंकाने वाले आरोप लगाए कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्याओं सहित ‘व्यापक हिंसा’ में भूमिका निभा रहे हैं और चेतावनी दी थी कि इससे ‘देश की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इनमें गोपनीय सूचना जुटाने की तकनीक, दक्षिण एशियाई कनाडाई लोगों को निशाना बनाकर उनके साथ दंडात्मक व्यवहार करना और हत्या सहित एक दर्जन से अधिक धमकी भरे और हिंसक कृत्यों में संलिप्तता शामिल है।’ कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ काम करने के उनकी सरकार के प्रयास के कोई परिणाम नहीं निकले। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, इस सप्ताहांत, कनाडाई अधिकारियों ने एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने आरसीएमपी के उन साक्ष्यों को साझा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारत सरकार के छह एजेंट आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्ति हैं।’ RCMP ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गिरोह के तार भारत सरकार के उन ‘एजेंटों’ से जुड़े हैं, जो देश में दक्षिण एशियाई समुदाय, विशेष रूप से ‘खालिस्तान समर्थक तत्वों’ को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि कनाडाई अधिकारियों का यह दावा सच नहीं है कि कनाडा ने निज्जर मामले में भारत को प्रामाणिक सबूत दिए हैं।

भारत ने कनाडा के 6 राजनायिकों को किया निष्कासित, 19 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश

नई दिल्ली  भारत-कनाडा के रिश्तों को एक और बड़ा झटका लगा है। कनाडा से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले के बाद अब भारत सरकार ने देश से कनाडा के 6 राजनयिकों को निष्कासित करने का फैसला किया है। भारत ने कनाडा के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और उन्हें शनिवार 19 अक्टूबर को रात 12 बजे से पहले भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. भारत ने ये फैसला खालीस्तानी आतंकी निज्जर हत्याकांड की जांच में भारतीय हाई कमिश्नर और डिप्लोमेट्स को पर्सन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में जोड़ने के बाद लिया है. हालांकि, MEA से चर्चा के बाद कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि हमारे नेशनल टास्कफोर्स और अन्य जांच के जरिए RCMP ने कई सबूत प्राप्त किए हैं. भारत ने कनाडा के जिन राजनयिकों को निष्कासित किया है. इसमें एक्टिंग उच्चायुक्त स्टीवर्ट रॉस व्हीलर, डिप्टी उच्चायुक्त पैट्रिक हेबर्ट, फर्स्ट सेक्रेटरी मैरी कैथरीन जोली, फर्स्ट सेक्रेटरी लैन रॉस डेविड ट्राइट्स, फर्स्ट सेक्रेटरी एडम जेम्स, फर्स्ट सेक्रेटरी पाउल ओरजुएला का नाम शामिल है. इन सभी राजनयिकों को पांच दिनों में शनिवार, 19 अक्टूबर को रात 11:59 बजे तक भारत छोड़ने को कहा गया है.   ‘कनाडा ने पेश किए हैं सबूत’ MEA कार्यालय से बाहर निकलते हुए व्हीलर ने कहा कि भारत को अपने दावों का पालन करना चाहिए जो उसने ओटावा में आरोपों के संबंध में लिया था. व्हीलर ने दावा किया कि कनाडा ने यह प्रमाणित और अप्रमाणिक सबूत पेश किए हैं कि भारतीय सरकार के एजेंटों का कनाडाई नागरिक की हत्या में हाथ हो सकता है.उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के हित में है कि वे इस मामले की तह तक जाएं. कनाडा इस मामले में भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है. कनाडा ने सोमवार को भारतीय हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा को निज्जर हत्याकांड में ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ के रूप में नामित किया था. इसपर भारत ने कड़ा विरोध जताते हुए इन आरोपों को बेतुका बताया था. विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडाई सरकार ने भारत की संलिप्तता का एक भी ठोस प्रमाण नहीं दिया है, जबकि बार-बार अनुरोध किया गया था और प्रधानमंत्री ट्रूडो पर वोट बैंक की राजनीति करने और कनाडाई जमीन पर अलगाववादी एलिमेंट्स से निपटने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. MEA  ने कनाडाई डिप्लोमेट को किया था तलब इस मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार शाम को कनाडाई कार्यवाहक डिप्लोमेट को तलब किया था और उन्हें सूचित किया कि भारतीय हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स के खिलाफ बिना किसी सबूत के आरोप लगाया जाना अस्वीकार्य है. भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोपों की वजह से उग्रवाद और हिंसा का माहौल पैदा हुआ है, जिससे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा खतरे में है.” खतरे में है राजनयिकों की सुरक्षा: MEA इससे पहले कनाडा में भारत के उच्चायुक्त को वापस लेने की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाई से राजनयिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. भारत सरकार ने एक बयान में कहा, “हमें मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई विश्वास नहीं है कि वे हमारे डिप्लोमेट्स की सुरक्षा करेंगे. इसलिए, भारत सरकार ने हाई कमिश्नर और अन्य डिप्लोमेट्स और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है.” बता दें कि पिछले साल कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर बिना सबूत के निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि भारत ने ही निज्जर को मरवाया है. भारत लगातार इसके सबूत मांग रहा है, लेकिन ट्रूडो शासन ने अब तक भारत को कोई सबूत पेश नहीं किए हैं. वहीं, एमईए ने कनाडाई डिप्लोमेट्स के साथ मीटिंग के बाद बयान में कहा था कि कनाडा से बार-बार सबूत मांगने के बाद भी सबूत पेश नहीं किए गए. हालांकि, कनाडाई डिप्लोमेट ने इसे खारिज किया था.  

सघर्षपूर्ण मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की जीत, भारत को नौ रन से मिली हार, हरमनप्रीत ने जड़ा अर्धशतक

शारजाह  गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को यहां आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप ए मैच में भारत को नौ रन से हराकर नॉकआउट में प्रवेश किया जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 54 रन) की अर्धशतकीय पारी भी मेजबानों के काम नहीं आ सकी जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 151 रन बनाये। जवाब में भारतीय टीम हरमनप्रीत के अर्धशतक और दीप्ति शर्मा के 29 रन के बावजूद 20 ओवर में नौ विकेट पर 142 रन ही बना सकी। एनाबेल सदरलैंड की अंतिम ओवर की गेंदबाजी से भारत जीत के करीब पहुंचकर हार गया। आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। हरमनप्रीत (47 गेंद, छह चौके) फॉर्म में थीं, लेकिन दूसरे छोर पर चार विकेट गिर गये और चार रन ही बन पाये। अब भारत को नॉकआउट में पहुंचने के लिए सोमवार को न्यूजीलैंड के नतीजे का इंतजार करना होगा और उम्मीद करनी होगी कि वह हार जाये। भारत के दो जीत और दो हार से ग्रुप ए में चार अंक हैं। ऑस्ट्रेलिया ने चारों मैच जीतकर आठ अंक से शीर्ष पर रहकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं न्यूजीलैंड के चार अंक हैं और उसे अंतिम चार में पहुंचने के लिए सोमवार को पाकिस्तान पर जीत दर्ज करनी होगी। भारत को इस ‘करो या मरो’ के मैच की अंतिम छह गेंद में 14 रन की जरूरत थी। एक रन बनने के बाद पूजा वस्त्राकर (09) आउट हो गईं। लिचफील्ड और सदरलैंड ने मिलकर अरूंधति रेड्डी को आते ही रन आउट कर दिया। अंतिम तीन गेंद में 13 रन बनाना मुश्किल था। श्रेयंका पाटिल भी रन आउट हो गईं और राधा यादव को सदरलैंड ने बोल्ड कर दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ने भी पावरप्ले में शेफाली वर्मा (20 रन) और स्मृति मंधाना (06) के रूप में दो विकेट गंवा दिये थे। जेमिमा रोड्रिग्स (16 रन) 12 गेंद में तीन चौके जड़कर सातवें ओवर में आउट हो गयीं। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा (29 रन) ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 55 गेंद में 63 रन की भागीदारी से उम्मीद जगाई। पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। सदरलैंड और सोफी मोलिनू ने दो दो विकेट प्राप्त किये। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए पांच खिलाड़ी दोहरे अंक तक पहुंची जिसमें सलामी बल्लेबाज ग्रेस हैरिस 40 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कार्यवाहक कप्तान तहलिया मैकग्रा और एलिसे पैरी ने 32-32 रन बनाये। भारत के लिए रेणुका सिंह और दीप्ति शर्मा ने दो दो विकेट झटके जबकि पूजा वस्त्राकर, श्रेयंका पाटिल और राधा यादव को एक एक विकेट मिला। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को तीसरे ही ओवर में दो झटके मिले। भारतीय गेंदबाज रेणुका सिंह ने तीसरे ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर ऑस्ट्रेलिया के दो विकेट झटककर अच्छी शुरूआत कराई। रेणुका की लेंथ गेंद को बैकफुट से खेलने के प्रयास में बेथ मूनी (02) आउट हुईं। आल राउंडर राधा यादव ने शानदार क्षेत्ररक्षण करते हुए बैकवर्ड प्वांइट पर कमाल का कैच लपका। अगली गेंद पर रेणुका ने जॉर्जिया वारेहैम को पगबाधा आउट कर खाता भी नहीं खोलने दिया। इस तरह तीसरे ओवर में ऑस्ट्रेलतिया का स्कोर दो विकेट पर 17 रन था। पर इसके बाद मैकग्रा और सलामी बल्लेबाज ग्रेस हैरिस ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 62 रन की भागीदारी निभाई। हैरिस और मैकग्रा ने संभलकर खेलते हुए रन गति बढ़ाई। दोनों ने 54 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी की। राधा यादव की गेंद पर मैकग्रा स्टंप आउट हुई जिन्होंने चार चौके से 26 गेंद में 32 रन बनाये। कुछ ही देर में दीप्ति शर्मा ने हैरिस की पारी का भी अंत किया और ऑस्ट्रेलिया ने 92 रन पर अपना चौथा विकेट गंवाया। ऑस्ट्रेलिया ने रनों का शतक पूरा ही किया था कि एशले गार्डनर (06) पूजा वस्त्राकर की शॉर्ट गेंद पर राधा को कैच दे बैठीं। पैरी ने फिर 23 गेंद में दो चौके और एक छक्के से 32 रन जोड़े। पर वह दीप्ति का दूसरा शिकार हो गईं। एनाबेल सदरलैंड (10 रन) और फोबे लिचफील्ड (नाबाद 15 रन) ने टीम को 150 रन तक पहुंचने में मदद की। भारतीय टीम ने अंतिम एकादश में एक बदलाव करते हुए एस सजना की जगह पूजा वस्त्राकर को शामिल किया। लेकिन मैच शुरू होने से तुरंत पहले भारत को एक और बदलाव करना पड़ा क्योंकि अभ्यास के दौरान आशा शोभना चोटिल हो गईं जिससे राधा यादव को अंतिम एकादश में जगह मिली। ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान एलिसा हीली चोट के कारण इस मैच में नहीं खेली। टीम ने दो बदलाव करते हुए ग्रेस हैरिस और डार्सी ब्राउन को अंतिम एकादश में जगह दी।    

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम इंडिया का ऐलान,ये खिलाड़ी रोहित का सेनापति

मुंबई भारत ने अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली घरेलू सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है. रोहित शर्मा टीम के कप्तान होंगे. वहीं जसप्रीत बुमराह उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे, जबकि बाकी टीम में सभी खिलाड़ी जाने-पहचाने अंदाज में नजर आएंगे. BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने शुक्रवार (11 अक्टूबर) को टीम का ऐलान क‍िया.   यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ सीरीज में लगभग वही टीम है, जो हाल में बांग्लादेश के ख‍िलाफ खेलने उतरी थी. लेकिन यश दयाल को मौका नहीं म‍िला है. वहीं इस टीम में ट्रैवल‍िंग रिजर्व के तौर पर हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव और प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिला है. यहां एक बात और गौर करने वाली है कि बांग्लादेश के ख‍िलाफ सीरीज में  भारतीय टीम का कोई भी उपकप्तान नहीं था, ऐसे में अब बुमराह को ज‍िम्मेदारी देने का आशय है कि वह आने वाले समय में रोह‍ित के बाद टीम के रेड बॉल फॉर्मेट के कप्तान होंगे. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के शुरुआती मैचों में रोहित के खेलने की संभावना नहीं है. ऐसे में यह तय हो गया है क‍ि अब बुमराह ही भारत की कमान शुरुआती मैचों में ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ संभालेंगे. शमी को नहीं म‍िला मौका… मोहम्मद शमी को लेकर उम्मीद जताई जा रही थी कि उनको इस सीरीज में मौका म‍िलेगा, लेकिन अभी उनके नाम पर BCCI ने व‍िचार नहीं क‍िया. बांग्लादेश सीरीज में एक भी टेस्ट नहीं खेल पाए सरफराज खान, व‍िकेटकीपर ध्रुव जुरेल, ऑलराउंडर अक्षर पटेल और स्प‍िनर कुलदीप यादव की स्क्वॉड में जगह बरकरार है. शमी की संभवत: ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ सीरीज में वापसी हो सकती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों के लिए भारत की टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप ट्रैवलिंग रिजर्व: हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ऐसी है न्यूजीलैंड की टीम, केन शुरुआती मैच नहीं खेलेंगे बात न्यूजीलैंड टीम की हो तो केन विलियमसन कमर में खिंचाव के कारण भारत के खिलाफ सीरीज के शुरुआती हिस्से से बाहर हैं. विलियमसन को श्रीलंका दौरे में कमर में खिंचाव हो गया था और वह दौरे के पहले हिस्से में न्यूजीलैंड में ही रहेंगे. 34 साल के व‍िल‍ियमसन की जगह बाएं हाथ के युवा मार्क चैपमैन को टीम में शामिल किया गया है. 30 साल के चैपमैन ने 23 वनडे और 76 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका नहीं मिला है. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने न्यूजीलैंड ए के लिए छह प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिसमें 2020 में भारत ए के खिलाफ शतक भी शामिल है. लेकिन 2022 के बाद से वह न्यूजीलैंड ए के लिए नहीं खेले हैं, जब उन्होंने बेंगलुरु में प्रथम श्रेणी मैच में 92 और 45 रन बनाए थे. टीम की कमान टॉम लैथम के हाथ में है; क्योंकि श्रीलंका से 2-0 की हार के बाद टिम साउथी ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. माइकल ब्रेसवेल अपने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए रवाना होने से पहले भारत में होने वाले पहले टेस्ट के लिए ही उपलब्ध रहेंगे. दूसरे और तीसरे टेस्ट के लिए ब्रेसवेल की जगह ईश सोढ़ी टीम में शामिल होंगे. श्रीलंका के पूर्व स्पिनर रंगना हेराथ भी श्रीलंका में स्पिन गेंदबाजी कोच के रूप में सलाहकार की भूमिका निभाने के बाद कोचिंग स्टाफ के हिस्से के रूप में भारत आएंगे. न्यूजीलैंड की भारत के ख‍िलाफ टेस्ट सीरीज के ल‍िए टीम: टॉम लैथम (कप्तान), टॉम ब्लंडेल (विकेट कीपर), माइकल ब्रेसवेल (केवल पहला टेस्ट), मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, विल ओ’रुरके, एजाज पटेल, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, मिचेल सेंटनर, बेन सियर्स, ईश सोढ़ी (केवल दूसरा और तीसरा टेस्ट), टिम साउथी, केन विलियमसन, विल यंग न्यूजीलैंड का भारत दौरा 16 अक्टूबर: पहला टेस्ट, बेंगलुरु 24 अक्टूबर: दूसरा टेस्ट, पुणे 1 नवंबर: तीसरा टेस्ट, मुंबई  

बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज क्लीन स्वीप करने उतरेगा इंडिया , मैच से जुड़ी हर जानकारी यहां देखें

हैदराबाद  पहले दो मैच में आसान जीत दर्ज करके सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरगी जिसमें उसके सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निगाह टिकी रहेगी। भारत ने अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को विश्राम देकर इस टी20 सीरीज में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जिन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर पूरी तरह से अमल करके जीत का जज्बा दिखाया। बांग्लादेश के खिलाफ ही कुछ दिन पहले कानपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने जिस तरह से परिणाम हासिल करने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेली उससे टीम के नए दृष्टिकोण का पता चलता है। भारत ने दो टेस्ट मैच की सीरीज 2-0 से जीती थी और अब वह टी20 सीरीज में भी 3-0 से जीत दर्ज करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन कुछ अच्छे विकल्प तैयार करने पर भी ध्यान दे रहा है। फिर चाहे वह तेज गेंदबाज मयंक यादव हों या स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, गंभीर उनके प्रदर्शन पर करीबी नजर रखे हुए हैं और इन खिलाड़ियों ने भी अभी तक अपने मुख्य कोच को निराश नहीं किया है। मयंक आईपीएल 2024 के बाद चोटिल होने के कारण अधिकतर मैचों में नहीं खेल पाए थे लेकिन इस सीरीज में उन्होंने 150 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। चक्रवर्ती ने ग्वालियर में पहले मैच में तीन विकेट लेकर तीन साल के बाद राष्ट्रीय टीम में सफल वापसी की है।टीम प्रबंधन ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन पर भी करीबी नजर रखेगा जिन्होंने दिल्ली में दूसरे टी20 मैच में 34 गेंद पर 74 रन की धमाकेदार पारी खेलने के अलावा दो विकेट भी लिए। हो सकते हैं 2 बड़े बदलाव -मयंक यादव और नितीश रेड्डी इस सीरीज में पहले ही नाम कमा चुके हैं और अब डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में हर्षित राणा का नाम भी जुड़ सकता है. हर्षित के लिए पिछला सीजन बहुत शानदार गुजरा, जहां उन्होंने KKR के लिए खेलते हुए 13 मैचों में 19 विकेट झटके थे. इससे पहले उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 स्क्वाड में शामिल किया गया, लेकिन तब उन्हें डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था. हर्षित को मौका मिलता है तो किसी एक मेन गेंदबाज को तीसरे मैच के लिए आराम दिया जा सकता है. -तिलक वर्मा अब तक टीम इंडिया के लिए 16 टी20 मैच खेल चुके हैं, जिनमें उनके नाम 336 रन है. वो 33.6 के बढ़िया औसत से बैटिंग करते आए हैं और अब तक 2 अर्धशतक भी लगा चुके हैं. हालांकि वनडे मैचों में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. मगर टी20 मुकाबलों में उनके बैट से खूब रन निकले हैं. यदि उन्हें मौका दिया जाता है तो मिडिल ऑर्डर में से किसी एक खिलाड़ी को बाहर होना पड़ सकता है. इन सकारात्मक पहलुओं के बीच संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी का प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय होगा। सैमसन को पारी शुरू करने का मौका दिया गया लेकिन केरल का यह विकेटकीपर बल्लेबाज अभी तक इसका फायदा नहीं उठा पाया है। उन्होंने पहले मैच में 29 और दूसरे मैच में 10 रन बनाए। सैमसन को अगर यहां मौका मिलता है तो उन्हें उसे हर हाल में भुनाना होगा क्योंकि टीम प्रबंधन टीम में शामिल दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा को भी मौका दे सकता है। टीम प्रबंधन को दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिषेक से भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी जो अभी तक पहले दो मैच में 15 और 16 रन ही बना पाए हैं।  इसके अलावा भारतीय टीम प्रबंधन लेग स्पिनर रवि बिश्नोई और ऑलराउंडर हर्षित राणा को भी मौका देने पर विचार कर सकता है। जहां तक बांग्लादेश का सवाल है जो उसे अभी तक बल्लेबाजों ने काफी निराश किया है। उसे अगर वर्तमान दौरे में अपनी एकमात्र जीत हासिल करनी है तो कप्तान नजमुल हुसैन शंटो और लिटन दास जैसे सीनियर बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हैदराबाद की पिच का पेंच राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम की ये पिच ज़्यादातर बल्लेबाज़ों के ही माक़ूल होती है। यहां अब तक दो ही T20I खेले गए हैं, जिसमें दोनों ही मैचों में भारत ने रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। 2019 में वेस्टइंडीज़ ने पहले खेलते हुए 207 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने 18.4 ओवर में ही जीत हासिल कर ली थी। यहां पिछला T20I 2022 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था जहां ऑस्ट्रेलिया ने 186 रन बनाए थे और भारत ने एक गेंद शेष रहते हुए जीत हासिल कर ली थी। यानी एक और रनों की बारिश की उम्मीद की जा सकती है। क्या भारत -बांग्लादेश मैच में बारिश की आशंका है ? एक तरफ़ रनों की बारिश की उम्मीद करें तो दूसरी तरफ़ शनिवार को हैदराबाद में पानी की बारिश की भी आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक़ शनिवार की शाम बारिश हो सकती है, ऐसा हुआ तो मैच में ख़लल पड़ सकता है लेकिन अच्छी बात ये है कि हैदराबाद का ड्रेनेज काफ़ी अच्छा है। इस प्रकार हैं टीम भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, रियान पराग, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा , मयंक यादव, तिलक वर्मा। बांग्लादेश: नजमुल हुसैन शंटो (कप्तान), तंजीद हसन तमीम, परवेज हुसैन एमोन, तौहीद हृदोय, महमूद उल्लाह, लिटन दास, जाकर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम , तंजीम हसन साकिब, रकीबुल हसन। मैच: भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।  

दूसरे टी20 मैच में भारत अपना दबदबा बरकरार रखने के लिए मैदान पर उतरेगी

नई दिल्ली पहले मैच में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ आज बुधवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपना दबदबा बरकरार रखने के लिए मैदान पर उतरेगी। बांग्लादेश की टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके तीन मैच की श्रृंखला को जीवंत बनाए रखने की कोशिश करेगी लेकिन सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पहले मैच में जिस तरह का प्रदर्शन किया था उसे देखते हुए मेहमान टीम के लिए यह आसान काम नहीं होगा। ऋषभ पंत, अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को विश्राम दिए जाने के बावजूद भारतीय टीम ने ग्वालियर में पहले मैच में जिस तरह से शुरू से लेकर आखिर तक अपना दबदबा बनाए रखा उससे सीमित ओवरों की क्रिकेट में उसकी मजबूत ‘बेंच स्ट्रेंथ’ का पता चलता है। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन इस मैच में अपनी चमक बिखेरने के लिए आतुर होंगे। उन्होंने 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होने के कारण वह अंदर बाहर होते रहे। सैमसन अमूमन मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं लेकिन पहले मैच में उन्होंने पारी का आगाज किया था तथा 19 गेंद पर 29 रन बनाए थे। कप्तान सूर्यकुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सैमसन श्रृंखला में आगे भी यह भूमिका निभाते रहेंगे। सैमसन और उनके साथ पारी की शुरुआत करने वाले अभिषेक शर्मा पिछले मैच में अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे। यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल को विश्राम दिए जाने के कारण सैमसन और अभिषेक को यह मौका मिला है जिसका वह पूरा फायदा उठाना चाहेंगे। पहले मैच में आसान जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। अपना पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने ग्वालियर में अपना प्रभाव छोड़ा था। अर्शदीप सिंह ने तेज गेंदबाजी में अगुआ की भूमिका अच्छी तरह से निभाई थी जबकि स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने तीन साल के बाद सफल वापसी की थी। भारतीय टीम में वॉशिंगटन सुंदर भी हैं जो रविंद्र जडेजा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस प्रारूप में ऑलराउंडर की जगह पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश करेंगे। जहां तक बांग्लादेश का सवाल है तो अगर उसे श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। पहले मैच में उसके बल्लेबाजों ने टीम को खासा निराश किया। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शंटो ने मैच के बाद स्वीकार किया था कि उनके बल्लेबाज नहीं जानते कि 180 रन से अधिक का स्कोर कैसे बनाना है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा था कि उनकी टीम ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया और वह वापसी करने में सक्षम है। टीम इस प्रकार है: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, रियान पराग, नितीश कुमार रेड्डी, तिलक वर्मा, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, मयंक यादव। बांग्लादेश: नजमुल हुसैन शंटो (कप्तान), तंजीद हसन तमीम, परवेज हुसैन इमोन, तौहीद हृदोय, महमूद उल्लाह, लिट्टन दास, जाकर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम, तंजीम हसन साकिब, रकीबुल हसन। मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम से सीखें पाक क्रिकेटर : बासित  पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी बासित अली ने भारतीय टीम की सराहना करते हुए कहा है कि उसने जिस प्रकार से बांग्लादेश को हराया। उससे उसके खेल के स्तर का अंदाजा होता है। भारतीय टीम ने वर्ष प्रभावित इस मैच में आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी कर जीत दर्ज की। बासित ने पाक खिलाड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भारतीय खिलाड़ियों से सीखना चाहिये। बांग्लादेश ने भारत दौरे से पाकिस्तान को उसी के घर में टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी थी। वहीं भारत में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा टी20 सीरीज में भी भारतीय टीम ने जीत से शुरुआत की है। बासित अली ने कहा है कि, उन्हें नहीं लग रहा है कि ये वही बांग्लादेश टीम है जो पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक खेल रही थी। भारत जाते ही ये टीम सभी कुछ भूल गयी। बासित ने कहा कि, क्या ये वही बांग्लादेशी टी है जिसने पाकिस्तान को 2-0 से हराया था। आप भारत के खिलाफ टेस्ट में उन्हें देखिए। वह पहला टेस्ट मैच 280 रनों से हारे और दूसरा मैच भी दो दिन के खेल में सात विकेट से हार गये बारिश भी उन्हें हार से नहीं बचा पायी। बासित ने आगे कहा कि, भारतीय टीम अपने कौशल के कारण अन्य टीमों पर भारी पड़ती है। खास बात ये है कि वह बड़े खिलाड़ियों के नहीं होने पर भी आसानी से जीत दर्ज करती है।  

कानपुर में टीम इंडिया ने मचाया धमाल ! ढाई दिन में भारत ने बांग्लादेश से जीता टेस्ट

कानपुर  भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने शानदार खेल के दम पर कानपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में बांग्लादेश 7 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली है। बांग्लादेश ने भारत के सामने सिर्फ 95 रनों का टारगेट रखा था। टीम इंडिया ने ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टारगेट को ओवरों में 17.2 ओवरों में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। बांग्लादेश की पहली पारी 233 रनों पर सिमट गई थी। फिर टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी नौ विकेट के नुकसान पर 285 रनों पर घोषित कर और 52 रनों की बढ़त ले ली थी। फिर बांग्लादेश दूसरी पारी में 146 रनों पर ढेर हो गई और भारत को आसान सा लक्ष्य मिला।  कानपुर टेस्ट मैच में विनिंग रन ऋषभ पंत के बल्ले से निकले। उन्होंने चौका जड़कर जीत दिलाई। भारत ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज में 2-0 से जीत हासिल की।  यशस्वी ने दोनों पारियों में जड़ा अर्धशतक टीम इंडिया के उभरते हुए सितारे यशस्वी जायसवाल ने कानपुर टेस्ट की दोनों पारियों में शानदार बैटिंग की और अर्धशतक ठोका। दूसरी पारी में विराट कोहली का भी बल्ला बोला और उन्होंने 29 रनों की नाबाद पारी खेली। विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने चौका लगाकर भारत को यादगार जीत दिलाई।  सिर्फ 52 ओवर खेलकर मिली जीत कानपुर में भारत की जीत किसी करिश्मे से कम नहीं है। पहला दिन सिर्फ 35 ओवर का खेला हुआ था, अगला दो दिन बारिश के कारण धुल गया। इसके बावजूद भारत ने सिर्फ 52 ओवर बैटिंग कर बांग्लादेश का काम तमाम कर दिया। कानपुर में भारत की शानदार जीत  भारत ने कानपुर टेस्ट में बांग्लादेश को 7 विकेट से रौंदकर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। इसके साथ ही रोहित शर्मा की टीम ने 2 मैचों की सीरीज पर 2-0 से कब्जा कर लिया।   बांग्लादेश 146 पर ऑलआउट कानपुर टेस्ट की दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 146 रन पर ऑलआउट हो गई। रविचंद्रन अश्विन, जडेजा और बुमराह ने 3-3 विकेट चटकाए, वहीं एक विकेट आकाश दीप ने लिया। भारत को ऐतिहासिक जीत के लिए 95 रन बनाने की जरूरत है। इस मैच में पहले दिन सिर्फ 35 ओवरों का खेल हो पाया था. इसके बाद अगले दो दिनों तक बारिश के चलते एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी. इसके बाद मैच के चौथे दिन भारत ने बांग्लादेश को 233 रनों पर समेट दिया. इसके बाद टीम इंडिया ने ताबड़तोड़ अंदाज में रन ठोककर सभी को हैरान कर दिया. भारत ने 34.4 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 285 रन पर पारी घोषित कर दी. इसके बाद बांग्लादेश को दूसरी पारी में उसने 146 रनों पर समेट दिया. इसके आधार पर भारत को सिर्फ 95 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने यशस्वी जायसवाल की फिफ्टी के दम पर आराम से अपने नाम कर लिया. जायसवाल 51 रन बनाकर आउट हुए.

David Lammy ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री, फ्री ट्रेड डील साइन करने जल्द आ सकते हैं भारत

लंदन ब्रिटेन में लेबर पार्टी सत्ता में लौट आई है. कीर स्टार्मर ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बने हैं. उन्होंने डेविड लैमी को विदेश सचिव (विदेश मंत्री) बनाया है. वह भारत और ब्रिटेन के द्वीपक्षीय संबंधों पर काफी मुखर रहे हैं. उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को “दोस्त” बताया और पिछले सप्ताह उन्होंने एक महीने के भीतर भारत दौरे की अपनी मंशा जाहिर की. ब्रिटिश विदेश मंत्री डैविड लैमी पिछले सप्ताह लंदन में इंडिया ग्लोबल फोरम को संबोधित कर रहे थे, जब उन्होंने भारत दौरे की अपनी मंशा का खुलासा किया था. उनके विदेश मंत्री बनने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एज जयशंकर ने उन्हें बधाई भी दी और दोनों देशों के बीच इंगेजमेंट बढ़ाने और पार्टनर्शिप को मजबूत करने की बात कही. दिवाली 2022 में ही फाइनल होनी थी डील ब्रिटिश विदेश मंत्री का पद ग्रहण करने के बाद डैविड लैमी ने कहा, “विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के लिए राज्य सचिव नियुक्त किया जाना मेरे जीवन का सम्मान है.” भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड डील पर बोरिस जॉनसन को घेरते हुए उन्होंने कहा था, “ट्रेड डील के बिना कई दिवाली आई और गई, कई बिजनेस इसका इंतजार कर रहे हैं.” दरअसल, यह ट्रेड डील जॉनसन के कार्यकाल से ही पेंडिंग है, जिन्होंने दिवाली 2022 तक इसे फाइनल करने का वादा किया था. ब्रिटिश मंत्री ने भारतीय मंत्रियों से की ये अपील ब्रिटिश मंत्री ने अपने एक भाषण में कहा था, “(वित्त) मंत्री (निर्मला) सीतारमण और (ट्रेड) मंत्री (पीयूष) गोयल को मेरा संदेश है कि लेबर पार्टी आगे बढ़ने के लिए तैयार है. चलिए हम फाइनली फ्री ट्रेड डील को पूरा करते हैं.” भारत को ब्रिटेन के लिए प्राथमिकता बताते हुए डैविड लैमी ने इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और कल्चरल “सुपरपावर” बताया था. ब्रिटिश मंत्री ने भारत को बताया ‘महाशक्ति’ डैविड लैमी ने अपने भाषण में कहा था, “लेबर के साथ, बोरिस जॉनसन द्वारा एशिया में रुडयार्ड किपलिंग की उस पुरानी कविता को दोहराने के दिन खत्म हो गए हैं. अगर मैं भारत में कोई कविता सुनाऊंगा, तो वह टैगोर की होगी… क्योंकि भारत जैसी महाशक्ति के साथ सहयोग और सीखने के क्षेत्र असीमित हैं.” लेबर पार्टी को मिली है बंपर जीत आपको बता दें कि ब्रिटेन के आम चुनावों में की स्टार्मर की लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. 14 साल विपक्ष में बैठने के बाद लेबर पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है. हाउस ऑफ कॉमंस की 650 सीटों के लिए हुए चुनाव में कीर स्टार्मर की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी मुख्य विपक्षी पार्टी लेबर पार्टी को 410 सीटों पर जीत मिली हैं.  

जिम्बाब्वे ने भारत को दिया 116 रन का टारगेट, जिम्बाब्वे के चार खिलाड़िओं का नहीं खुला खाता

नई दिल्ली आज इंडिया वर्सेस जिम्बाब्वे पहला टी20 मैच खेला जा रहा है। भारत ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे के सामने 116 रन का लक्ष्य रखा है। जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 115 रन बनाए। जिम्बाब्वे के लिए डायोन मायर्स और ब्रायन बेनेट ने 23-23 रन की पारी खेली। ओपनर वेस्ली मधेवेरे ने 21 और कप्तान सिकंदर रजा ने 17 रन का योगदान दिया। जिम्बाब्वे के चार खिलाड़ियों- ब्लेसिंग मुजारबानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा और जॉनथन कैंपबेल का खाता नहीं खुला। ल्यूक जोंगवे ने एक रन बनाया। भारत के लिए स्पिनर रवि बिश्नोई ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर के स्पेल में 13 रन देकर चार विकेट चटकाए। वॉशिंगटन सुंदर ने दो जबकि मुकेश कुमार और आवेश खान ने एक-एक शिकार किया। बता दें कि भारत के लिए तीन खिलाड़ियों ने डेब्यू किया है। अभिषेक शर्मा और रियाग पराग ने इंटरनेशनल डेब्यू किया। ध्रुव जुरेल को टी20 इंटरनेशनल में पदापर्ण का मौका मिला। टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली भारतीय टीम का कोई भी खिलाड़ी इस मैच का हिस्सा नहीं है।

रूस के हथियार निर्यातक ने भारत में मैंगो आर्मर-पियर्सिंग टैंक राउंड्स का निर्माण शुरू किया

मॉस्को/ नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते रूस का दौरा करने वाले हैं। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, पीएम मोदी की यात्रा से पहले रूस ने ऐलान किया है कि वह भारत में टैंकों के मजबूत कवच को फाड़ने वाले गोलों का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे खास तौर पर भारतीय सेना के लिए बनाया जा रहा है। ये गोले किसी भी बख्तरबंद को पलक झपकते फाड़ सकते हैं। इसे भारत रूस के रक्षा संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है। भारत रूस के बीच रक्षा संबंधों का एक लंबा और ठोस इतिहास है। इसमें भारत में हथियारों और गोला-बारूद का संयुक्त और लाइसेंस के जरिए उत्पादन भी शामिल है। भारत में ‘मैगो शेल’ बना रहा रूस रूसी राज्य के स्वामित्व वाली रक्षा निगम रोस्टेक का हिस्सा रोसोबोरोनएक्सपोर्ट हथियार निर्यातक ने भारत में मैंगो आर्मर-पियर्सिंग टैंक राउंड्स का निर्माण शुरू कर दिया है। निगम ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि यह सहयोग भारत के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान पहलों के साथ एलाइन किया गया है, जिसमें भारतीय रक्षा उद्योग के सहयोग से रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने कई फैसिलिटी स्थापित की है। आत्मनिर्भर भारत में मदद कर रहा रूस रोस्टेक ने रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के महानिदेशक अलेक्जेंडर मिखेव के हवाले से कहा, “मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के साथ तालमेल बिठाते हुए रूसी-भारतीय सहयोग एक नए मील के पत्थर पर पहुंच गया है। भारतीय रक्षा ढांचे के आधार पर, रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ने मैंगो टैंक राउंड के निर्माण के लिए आवश्यक उत्पादन सुविधाएं स्थापित की हैं। यह विकास भारत को प्रौद्योगिकी आत्मसात और उत्पादन संगठन की प्रक्रिया शुरू करने में सक्षम बनाता है।” भारत में रोसोबोरोनएक्सपोर्ट का काम “व्यापक औद्योगिक साझेदारी का एक शानदार उदाहरण” है। संयुक्त हथियार उत्पादन पर रूस का जोर रूस ने कहा है कि इस सहयोगी ढांचे के भीतर, विभिन्न प्रकार के हथियारों से जुड़ी संयुक्त परियोजनाओं को विकसित किया गया है, जो दो अलग-अलग देशों की कंपनियों के बीच सहयोग के एक असाधारण स्तर को प्रदर्शित करता है। इस बीच, रोस्टेक के प्रमुख सर्गेई चेमेजaव ने उसी बयान में कहा कि भारत में रूसी गोला-बारूद के उत्पादन का स्थानीयकरण भविष्य में आगे बढ़ता रहेगा। भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोह बढ़ा रहा रूस चेमेजोव ने कहा, “रोस्टेक के पास मित्र देशों के साथ औद्योगिक साझेदारी का काफी अनुभव है। कई परियोजनाओं में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विशेषज्ञता साझा करना शामिल है। इस तरह की साझेदारी आयात करने वाले देश को अपना उत्पादन विकसित करने में सक्षम बनाती है, जो एक प्रमुख रक्षा समाधान आपूर्तिकर्ता के रूप में रोस्टेक के लिए एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है। हम भारत के साथ ऐसी कई परियोजनाओं को लागू करने का इरादा रखते हैं।” इन परियोजनाओं में टी-90 टैंकों, कवच-भेदी सब-कैलिबर प्रोजेक्टाइल से लैस मैंगो शेल और अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों का लाइसेंस प्राप्त उत्पादन शामिल है। टैंक भेदी गोले क्या होते हैं? 3VBM17 मैंगो शेल में 3BM42 फिन-स्टेबलाइज्ड आर्मर-पियर्सिंग सब-कैलिबर प्रोजेक्टाइल है, जो समग्र कवच से लैस आधुनिक टैंकों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाता है। चेमेज़ोव ने कहा कि भविष्य में, मैंगो राउंड के स्थानीय उत्पादन को सुविधाजनक बनाने के लिए, कंपनी भारत में बारूद निर्माण शुरू करने की योजना बना रही है, जिसे वाहनों को संयुक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अलावा, रूसी कंपनी भारत की रक्षा होल्डिंग के आधार पर भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वतन लौटे चैंपियंस का जोरदार वेलकम, एयरपोर्ट से होटल तक गूंजा इंड‍िया-इंड‍िया

नई दिल्ली T20 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया वतन लौट आई है. टीम के भारत लौटने पर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर आईटीसी मौर्या होटल तक प्रशंसक अपने खिलाड़ियों के लिए पलक-पावड़ें बिछाए हुए हैं. होटल पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों से टीम इंडिया का स्वागत किया गया. ऐसे में चर्चा में बना हुआ है एक केक. आईटीसी मौर्या होटल ने टीम इंडिया की जीत के मौके पर एक स्पेशल केक तैयार किया है. ये केक टीम इंडिया की जर्सी के रंग का है. इस केक की खास बात ये है कि इसे पूरी तरह से टीम इंडिया की जीत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. केक का खास अट्रैक्शन उस पर लगी T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी है, जो दिखने में तो असली लगती है लेकिन इसे पूरी तरह से चॉकलेट से तैयार किया गया है. केक पर खिलाड़ियों की खास तस्वीरें भी लगाई गई है. साथ ही इस पर बीसीसीआई का लोगो भी दिखाया गया है. केक पर लिखा गया है, Big Winners Congratulations… आईटीसी मौर्या के एग्जिक्यूटिव शेफ शिवनीत पहोजा का कहना है कि हमने वर्ल्ड चैंपियन टीम के लिए विशेष तौर पर ब्रेकफास्ट तैयार किया है. ये खिलाड़ी काफी समय से टूर पर थे और जीतकर वापस आए हैं. ऐसे में हम इन्हें स्पेशल ब्रेकफास्ट ऑफर करेंगे, खासकर ऐसी चीजें जो वो पसंद करते हैं और जिसके बारे में वे लगातार बात करते हैं. जैसे छोले भटूरे हैं. हमने मिलेट्स के पकवानों को भी शामिल किया है. इसके साथ ही हमने खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए भी कई पकवान शामिल किए हैं. उन्होंने कहा कि हमने चॉकलेट को भी उनके लिए खासतौर पर तैयार किया है. उनके होटलों के कमरों में भी चॉकलेट से बने ऐसे कई सामान होंगे, जो उन्हें पसंद आएंगे. टीम इंडिया 4 जुलाई संभावित शेड्यूल 06:00 बजे: दिल्ली एयरपोर्ट पर आगमन 06:45 बजे: आईटीसी मौर्या, दिल्ली में आगमन 09:00 बजे: आईटीसी मौर्या से पीएम कार्यालय के लिए प्रस्थान 10:00 – 12:00 बजे: पीएम कार्यालय में समारोह 12:00 बजे: आईटीसी मौर्या के लिए प्रस्थान 12:30 बजे: आईटीसी मौर्या से एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान 14:00 बजे: मुंबई के लिए प्रस्थान 16:00 बजे: मुंबई एयरपोर्ट पर आगमन 17:00 बजे: वानखेड़े स्टेडियम में आगमन 17:00 – 19:00 बजे: खुली बस परेड 19:00 – 19:30 बजे: वानखेड़े स्टेडियम में छोटा समारोह 19:30 बजे: होटल ताज, अपोलो बंदर के लिए प्रस्थान कुछ ही देर में पीएम मोदी से मुलाकात कुछ ही देर में भारतीय खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ होटल से पीएम आवास के लिए रवाना होंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्हें नाश्ता करना है। इसके बाद टीम इंडिया मुंबई की उड़ान भरेगी।  बिन्नी भी पहुंचे होटल 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा और मौजूदा बीसीसीसीआई अध्यक्ष रॉजर बिन्नी भी आईटीसी मौर्या होटल पहुंच गए हैं। टीम इंडिया के जश्न में रॉजर बिन्नी शामिल होने पहुंचे हैं।  सूर्या के अलावा रोहित-हार्दिक ने भी किया भांगड़ा  टीम इंडिया के होटल पहुंचने के बाद कप्तान रोहित शर्मा, उप-कप्तान हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज ने भी भांगड़ा किया। भारतीय टीम कुछ ही देर में पीएम मोदी से मिलने के लिए रवाना होगी।  कोहली का परिवार पहुंचा होटल  विराट कोहली से मिलने उनकी बहन का परिवार दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल पहुंचा है। उन्होंने होटल में जाकर कोहली और उनके वर्ल्ड कप मेडल के साथ कुछ फोटो क्लिक करवाई। कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों से मुंबई में आज शाम मिलेंगे। चौथी बार वर्ल्ड कप भारत के नाम T20 वर्ल्ड कप 2024 में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया है. फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत ने 7 रनों से जीत दर्ज की थी. इससे पहले भारतीय टीम 2007 T20 वर्ल्ड कप जीत चुकी है. वहीं वनडे में 1983 और 2011 वर्ल्ड कप जीता है. इस बार वर्ल्ड कप जीतने के बाद विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने T20 इंटरनेशनल से संन्यास लेने का ऐलान किया था.  

भारत और चीन के बीच कुछ साल से तनाव, इस बीच एक लाख नौकरियां हो गई फुर्र

National Fish Farmers Day organized in VU - Fisheries Science College

नई दिल्ली  चीन के साथ जारी तनाव भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। इस कारण पिछले चार साल में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को 15 अरब डॉलर का प्रॉडक्शन लॉस हुआ है। साथ ही इस दौरान करीब 100,000 नौकरियों का मौका भी हाथ से निकल गया। चीन के नागरिकों को वीजा जारी करने में देरी और भारत में काम कर रही चीनी कंपनियों की जांच के बीच ऐसा हुआ है। विभिन्न मंत्रालयों को भेजे गए ज्ञापन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने कहा कि भारत ने 2 अरब डॉलर के वैल्यू एडिशन नुकसान के अलावा 10 अरब डॉलर का निर्यात अवसर भी खो दिया है। इंडस्ट्री के लोगों के मुताबिक चीनी अधिकारियों के 4,000-5,000 वीजा आवेदन सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की विस्तार योजनाओं में बाधा आ रही है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने 10 दिन के भीतर बिजनस वीजा आवेदनों को मंजूरी देने के लिए एक व्यवस्था बना रखी है। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MAIT) लॉबी ग्रुप ने केंद्र सरकार से चीनी अधिकारियों के लिए वीजा मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है। अभी इसमें एक महीने से अधिक समय लग रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि चीनी अधिकारियों की जरूरत टेक और स्किल ट्रांसफर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना और कमीशनिंग, एफिशियंसी प्रोसेसेज की स्थापना और मेंटनेंस के लिए है। साथ ही चीनी की उन कंपनियों के अधिकारियों के वीजा आवेदन भी लंबित हैं, जिन्हें स्थानीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में यहां मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाने के लिए बुलाया गया है। कैसे निकलेगा समाधान आईसीईए ने कहा कि हमारी घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) योजना पर गंभीर असर पड़ा है। जब मोबाइल के लिए पीएलआई योजना (2020-21 में) शुरू की गई थी, तो उम्मीद थी कि आपूर्ति श्रृंखला चीन से हट जाएगी। लेकिन इस गतिरोध और प्रेस नोट 3 (भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से निवेश की अधिक जांच अनिवार्य करना) के कारण सप्लाई चेन के ट्रांसफर में भारी गिरावट आई है। यह एसोसिएशन ऐपल, ओप्पो, वीवो, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और लावा जैसे टॉप मोबाइल ब्रांड्स और मैन्युफैक्चरर्स का प्रतिनिधित्व करता है। आईसीईए का अनुमान है कि अगर भारत और चीन के बीच बिजनस एक्टिवीज सामान्य होती तो भारतीय कंपनियों का वैल्यू एडिशन वर्तमान 18% से बढ़कर 22-23% होता। इससे घरेलू मोबाइल फोन ईकोसिस्टम में सालाना 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त डीवीए कंट्रीब्यूशन होता। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने ईटी से कहा, ‘हमें उम्मीद है कि एक संतुलित समाधान निकलेगा। इससे उद्योग की चिंताएं दूर होंगी और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा हितों में संतुलन बना रहेगा। इंडस्ट्री किसी भी देश के आगे झुकने को नहीं कह रहा है लेकिन हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि आत्मनिर्भरता का रास्ता चीन के दबदबे वाली वैल्यू चेन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है और वह अधिक प्रतिस्पर्धी बन गया है। फिर भी भारत को वियतनाम, मलेशिया और मैक्सिको जैसे देशों के मुकाबले नए प्रकार का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिनकी चीन से पूंजी, प्रौद्योगिकी और कौशल तक फ्री एक्सेस का फायदा मिल रहा है। भारत का नुकसान किसका फायदा उद्योग के लोगों का कहना है कि चीनी नागरिक भी गिरफ्तारी और पूछताछ के डर से भारत आने से डरते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर किसी फैक्ट्री को स्थापित करने में मदद के लिए 50 इंजीनियरों की जरूरत है, तो केवल 10 या उससे कम ही लोग आने को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा कि 2020 से भारत-चीन रिश्तों में आई तल्खी के कारण चीनी कंपनियों की गहरी जांच हो रही है। इस कारण इन कंपनियों ने भारत में आगे निवेश करना बंद कर दिया है। इससे सप्लाई चेन के विकास में अड़चन आ रही है। अगर ये कंपनियां भारत छोड़ने का फैसला करती हैं, तो इससे प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ेगा, रोजगार खत्म होगा और बड़ी संख्या में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद हो जाएंगी। उदाहरण के लिए एक बड़ी चीनी कंपनी ने ऐपल आईपैड बनाने के लिए भारत में एक प्लांट स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई थी। लेकिन वह वियतनाम चली गई और वहां सालाना 8-10 अरब डॉलर मूल्य के आईपैड का उत्पादन कर रही है। इसी तरह चीन के स्मार्टफोन ब्रांड्स भी भारत की प्रमुख मोबाइल पीएलआई योजना में भाग लेने से कतरा रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि यदि चीनी कंपनियों को मोबाइल पीएलआई में भाग लेने से नहीं रोका जाता, तो भारत 2020 से कम से कम 5-7 अरब डॉलर का अतिरिक्त एक्सपोर्ट रेवेन्यू कमा सकते थे। GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल उत्पादों का आयात बढ़कर 89.8 अरब डॉलर हो गया। इसमें 44% चीन से और 56% हांगकांग से आया।

भारत से अधिक अशांति अमेरिका में ,आइसलैंड में सबसे ज़्यदा शांति

लंदन पूरी दुनिया पर युद्ध का साया तेजी से गहरा रहा है। इसको फैलने से नहीं रोका गया तो यह कभी भी पूरी दुनिया को चपेट में ले सकता है। ग्लोबल पीस इंडेक्स की मंगलवार को जारी 18वीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से पहली बार वैश्विक संघर्षों की संख्या सबसे अधिक 56 के स्तर पर पहुंच गई है। चिंताजनक यह है कि अब युद्ध भी अंतर्राष्ट्रीय होते जा रहे हैं। दुनिया भर में 92 देश अपनी सीमाओं पर संघर्ष के हालात से जूझ रहे हैं। वहीं, 2024 में 97 देशों में शांतिपूर्ण हालातों में गिरावट देखी गई है, जबकि भारत (India) समेत 65 देशों में स्थितियां बेहतर हुई हैं। रिपोर्ट जारी होने का सिलसिला शुरू होने के बाद से ये सबसे अधिक संख्या है। रूस-यूक्रेन, इजरायल हमास ज्यादा जिम्मेदार Global Peace Index रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक में, 10 में से नौ वर्ष शांति में गिरावट के वर्ष रहे हैं। हम रिकॉर्ड संख्या में संघर्ष, सैन्यीकरण में वृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि देख रहे हैं। इतना ही नहीं, यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के चलते दुनिया के सबसे अधिक शांतिपूर्ण क्षेत्र यूरोप के तीन चौथाई देशों ने 2023 में अपने सैन्य खर्च में इजाफा किया है। हालांकि, यूरोप (Europe) में आज भी दुनिया के 10 सर्वाधिक शांतिपूर्ण देशों में से सात देश स्थित हैं, लेकिन इस क्षेत्र के 36 में से 23 देशों में शांतिपूर्ण हालात में गिरावट दर्ज की गई है। 2024 की पीस इंडेक्स के अनुसार, पूरी दुनिया में औसतन शांति में 0.56 फीसदी की गिरावट आई है। आइसलैंड, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया को दुनिया के तीन सबसे शांतिपूर्ण देशों का स्थान दिया गया है। इसमें अमरीका को 132वीं रैंक देते हुए 116वें स्थान पर मौजूद भारत से ज्यादा अशांत माना गया है। दक्षिण एशिया में शांतिः भारत में सबसे अधिक सुधार (Global Peace Index) क्षेत्रीय रैंक देश पीस इंडेक्स रैंक रैंक में सुधार 1 भूटान 21 3 2 नेपाल 81 12 3 बांग्लादेश 93 8 4 श्रीलंका 100 1 5 भारत 116 5 6 पाकिस्तान 140 2 7 अफगानिस्तान 160 डाटा उपलब्ध नहीं एशिया में सिंगापुर सबसे शांत सिंगापुर को दुनिया का पांचवां और एशिया में सबसे अधिक शांतिपूर्ण देश माना गया है। इस सूची में मलेशिया को जापान से अधिक शांतिपूर्ण मानते हुए उसे 10वीं वैश्विक रैंक दी गई है, जबकि जापान को 17वीं। वहीं पीस इंडेक्स में चीन को 89वीं रैंक दी गई है। अंतरिक्ष में भी अशांति परंपरागत हथियारों (ऑर्टिलरी) की तुलना में अब वैश्विक ताकतें ड्रोन्स और डिफेंस सैटेलाइट पर ज्यादा खर्च कर रही हैं। सैन्य सैटेलाइट पर खर्च बढ़ने से अब टकराव का साया स्पेस तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं, ड्रोन की एंट्री से अब छोटे समूह भी आसानी से हमलावर क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहे हैं। प्रति व्यक्ति 2 लाख रुपए की क्षति वैश्विक स्तर पर बढ़ती हिंसा के चलते 2023 में इसका के कारण आर्थिक नुकसान को 19.1 लाख करोड़ डॉलर आंका गया है, जो कि दुनिया भर की जीडीपी का 13.5 फीसदी ठहरता है। प्रति व्यक्ति यह नुकसान 2380 डॉलर यानी करीब 198949 रुपए आंका गया है। दुनिया की सैन्य क्षमता 10 फीसदी बढ़ी, अमरीका की क्षमता चीन से तीन गुना ज्यादा वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्षों के चलते दुनिया भर के 108 देशों ने अपनी सैन्य क्षमताओं में इजाफा किया है। इससे पूरी दुनिया की सैन्य क्षमता 10 फीसदी बढ़ी है। अमरीका की घातक सैन्य क्षमता चीन की तुलना में तीन गुना अधिक है, हालांकि पिछले 10 सालों में सैन्य क्षमता में सबसे अधिक इजाफा चीन ने ही किया है। इसके बाद रूस और फ्रांस तथा यूके की सैन्य क्षमता सबसे अधिक है। तथ्य – इस समय दुनिया में करीब 11 करोड़ लोग हिंसा जनित शरणार्थी या विस्थापित का जीवन जी रहे हैं। – पिछले साल टकरावों के कारण 162000 मौतें हुईं, जो 30 सालों में सबसे अधिक हैं। इनमें भी तीन चौथाई, यूक्रेन और फिलिस्तीन संघर्ष में हुईं। 2009 और 2020 के बीच 126 देशों द्वारा शांति में सुधार के बावजूद, 2023 सूचकांक एक चिंताजनक प्रवृत्ति की रिपोर्ट करता है। लगातार नौवें वर्ष औसत वैश्विक शांति में गिरावट आई है, जिसमें 84 देशों में सुधार हुआ है और 79 देशों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। कोविड महामारी के बाद की स्थिति को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में पहचाना जाता है, जिससे नागरिक अशांति और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। उल्लेखनीय रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका 131वें स्थान पर है, जो कि जेलों में बंद लोगों की उच्च दर, व्यापक हथियारों के निर्यात और सैन्यीकरण जैसे कारकों के कारण काफी कम है। सूची में भारत 126वें स्थान पर है। जीपीआई सामाजिक सुरक्षा, जारी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष और सैन्यीकरण सहित 23 संकेतकों पर विचार करता है । आइसलैंड के बाद डेनमार्क, आयरलैंड और न्यूजीलैंड का स्थान है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण सूडान, सीरिया, यमन और अफगानिस्तान, जहां अशांति के विभिन्न स्तर हैं, अंतिम पांच में हैं। क्षेत्रवार वैश्विक शांति कुल मिलाकर, IEP शोधकर्ताओं के अनुसार इस वर्ष वैश्विक शांति का स्तर 0.56% कम हुआ है। यह बहुत ज़्यादा नहीं लग सकता है, फिर भी यह ध्यान देने योग्य है कि यह बारहवीं बार है जब औसत में गिरावट आई है, सूचकांक शुरू होने के बाद से कुल मिलाकर 4.5% की कमी आई है। इस बीच, शरणार्थियों और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की संख्या 95 मिलियन तक बढ़ गई है, जिसमें 16 देश ऐसे हैं जिनकी कम से कम 5% आबादी या तो शरणार्थी है या आंतरिक रूप से विस्थापित है। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि राजनीतिक अस्थिरता और अनसुलझे आंतरिक संघर्ष वैश्विक शांति को कमजोर करने वाले प्रमुख कारक हैं। अफगानिस्तान लगातार छह वर्षों से दुनिया का सबसे कम शांतिपूर्ण देश रहा है, लेकिन इस साल शांति सूचकांक के संस्करण में दक्षिण सूडान, सूडान और यमन ने इसे पीछे छोड़ दिया है, जो अब यह अप्रिय स्थान रखते हैं। यूक्रेन- जिसने पिछले साल सूचकांक में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी, 14 स्थान गिरकर 157 वें स्थान पर आ गया था- 2 स्थान और गिरकर 159 पर आ गया। कहने की जरूरत नहीं है कि गाजा … Read more

घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

भारतीय-संविधान दिवस आत्मचिंतन का पर्व………..

Indian Constitution Day is a day of introspection सलाहकार संपादक,,शीतला शंकर मिश्राहम भारत के लोगों ने 26नवम्बर1949को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व लोकतंत्रात्मक गण राज्य बनाने के लिए संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित व आत्मार्पित किया था।यही संविधान 26जनवरी 1950को लागू किया गया था।विश्व के सबसे बड़े संविधान की 74वीं वर्ष गाँठ का उल्लास स्वाभाविक है, लेकिन निराशा की खाइयाँ ढेर सारी हैं।संविधान दिवस को आत्मचिंतन दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता है। भारत का संविधान किसी क्रांति का परिणाम नहीं है। ब्रिटिश सरकार ने पराजित क़ौम की तरह भारत नहीं छोड़ा था। स्वाधीनता भी ब्रिटिश संसद के भारतीय स्वतंत्रता क़ानून 1947से मिली। भारतीय संविधान में ब्रिटिशसंसद द्वारा पारित 1935 के अधिनियम की ही अधिकांश बातें हैं। भारत ने भारत शासन अधिनियम 1935को आधार बनाकर गलती की थी। यह आरोप मै ही लगा रहा हूँ ऐसा नहीं है उस समय के विचारकों, क़ानून विदों ने भी लगाया था और आरोपों का उत्तर देते हुए डाक्टर अम्बेडकर ने स्पष्टीकारण दिया था कि उनसे इसी अधिनियम के आधार की अपेक्षा की गई है। भारत की संसदीय व्यवस्था, प्रशासनिक तंत्र व प्रधानमंत्री ब्रिटिश व्यवस्था की उधारी है। दुःखद है कि भारत ने अपनी संस्कृति व जन गण मन की भावना के अनुरूप अपनी राजव्यवस्था नहीं गढ़ी।जिसका परिणाम आप सबके समक्ष है।एक सैकड़ा से ऊपर संविधान संशोधनों के पश्चात् भी परिस्थितियों में मूल भूत सुधार नहीं हो सका है। सम्प्रति भारतीय संविधान और गणतंत्र संकट में है। संविधान सभा ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में मात्र 63 लाख 96हज़ार रुपए ही खर्च किये। जम कर बहस हुई,2473संशोधनों पर चर्चा हुई। आज संसद और विधान मंडलों के स्थगन शोर शराबे और करोड़ों रुपयों के खर्च विस्मय कारी हैं।संविधान में शतक से अधिक संशोधन हो चुके हैं। संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है।राजनीति भ्रष्ट उद्योग बन गई है। संविधान के शपथी मंत्री, सांसद, विधायक जेल जा रहे हैं। अनेक जेल में रहकर मंत्री पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जेल में रहकर अनेक जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जीत भी रहे हैं।निराशा की खाईं गहरी है , राष्ट्रीय उत्सव अब उल्लास नहीं पाते। संवैधानिक संस्थाएँ धीरज नहीं देतीं। आम जन हताश और निराश हैं। राजनीतिक अड्डों में ही गण तंत्र के उल्लास का जग मग आकाश है 15-20%लोग ही संविधान के सुख और गणतंत्र के माल से अघाए हैं। शेष अस्सी प्रतिशत लोग भुखमरी में हैं। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था मोदी मय है और राजनीतिक व्यवस्था गणतंत्र विरोधी है।मेरी दृष्टि में संविधान दिवस राष्ट्रीय आत्मचिंतन का पर्व होना चाहिए।जयहिंद

सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश.

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According to a report by the cybersecurity firm Cyfirma located in Singapore, India is the most targeted country on a global scale. Manish Trivedi इकोनॉमिक टाइम्स और द वायर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा (Cyfirma) की ‘2023 इंडिया थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश है, जो सभी साइबर हमलों में से 13.7% का सामना करता है. 9.6% हमलों के साथ अमेरिका दूसरा सबसे अधिक लक्षित देश है. इसके बाद इंडोनेशिया और चीन ने क्रमश: 9.3% और 4.5% हमलों का सामना किया. साइफर्मा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत में विदेशी सरकार-प्रायोजित साइबर हमलों का अनुपात भी अधिक है.उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 68 प्रतिशत साइबर हमले सरकार प्रायोजित थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भारत की संख्या को देखें, तो यह थोड़ा अधिक 72% है.’ कमजोर साइबर सुरक्षाजहां डिजिटलीकरण ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता को तेज कर दिया है, वहीं भारत के साइबर सुरक्षा नियम कमजोर और अपर्याप्त हैं. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट को 24 घंटे में हैकिंग के लगभग 6,000 प्रयासों का सामना करना पड़ा था. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैनसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ था. अनुमानित 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर 2023 को बड़े पैमाने पर हुए एक डेटा उल्लंघन में आईसीएमआर के पास मौजूद 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेच दी गई थी.

सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर, “इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया” – अधीर रंजन चौधरी.

President of India; Heeralal Samariya; Sahara Samachaar; Narendra Modi;

Regarding the appointment of the Chief Information Commissioner, who was promoted from the position of Information Commissioner, Adhir Ranjan Chowdhury stated, “This selection has been completely shrouded in darkness.” नई दिल्ली: सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत हुए हीरालाल सामरिया की मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के रूप में नियुक्ति से विवाद खड़ा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति में विपक्षी सदस्य और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा और कहा कि उन्हें इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया’. इंडियन एक्सप्रेस और द वायर हिंदी के अनुसार, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने चयन के बारे में न तो उनसे परामर्श किया और न ही उन्हें सूचित किया. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘अत्यंत दुख और भारी मन से में आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के मामले में सभी लोकतांत्रिक मानदंडों, रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ा दी गई हैं.’

देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार.

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Unemployment rate in the country crossing 10 percent in October. मनीष त्रिवेदीदिल्ली, भारत में बेरोजगारी, निजी सर्वेक्षण और अनुसंधान समूह सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार कर गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक श्रम अर्थशास्त्री ने इस स्थिति के लिए धीमी पोस्ट-कोविड रिकवरी को जिम्मेदार ठहराया है। जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू सर्वेक्षण करता है, सीएमआईई के अनुसार अक्टूबर में बेरोजगारी दर 10.05 प्रतिशत थी, जो कि सितंबर में 7.09 थी। पिछले साल अक्टूबर का आंकड़ा 7.8 फीसदी था। बेरोजगारी दर कार्यबल में बेरोजगार लोगों का प्रतिशत है जो कार्यरत हैं या नौकरी की तलाश में हैं। सीएमआईई सर्वेक्षण में इस साल अक्टूबर में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.82 प्रतिशत और शहरी बेरोजगारी दर 8.44 प्रतिशत आंकी गई है। 2023-24 के पहले छह महीनों में बेरोजगारी दर लगभग 7-8 प्रतिशत थी। द टेलीग्राफ की इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में बाथ विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर और श्रम अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ​​ने कहा कि संगठित क्षेत्र ने कोविड के प्रभाव को दूर कर लिया है, लेकिन असंगठित क्षेत्र, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है, ने नहीं किया है। सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), नियोजित या नौकरी की तलाश में व्यक्तियों का अनुपात, 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गया।

देश राज्यों से बड़ी खबर. 

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News from the Nation and States. AMU के स्टूडेंट्स से कनेक्शन, देश के खिलाफ रच रहे थे साजिश,’ अलीगढ़ से ISIS के दो आतंकी गिरफ्तार PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी से की बात, इस्राइल-हमास जंग पर की चर्चा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड बर्खास्त, विश्व कप में भारत से करारी हार के बाद उठाया गया बड़ा कदम नाइजीरिया में कनाडा हाईकमीशन पर हमला, दो की मौत, कई घायल दिवाली से पहले मिली गुड न्यूज, फिच ने बढ़ाया भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान कमाई के मामले में भी विराट कोहली ‘बादशाह’ BCCI से मिलते हैं हर साल 7 करोड़ रुपये,1000 करोड़ से ज्यादा है नेटवर्थ राजस्थान: हरिद्वार से जयपुर जा रही बस पुलिया की रेलिंग तोड़ रेलवे ट्रैक पर गिरी, चार लोगों की मौत, 26 घायल मैथ्यूज हुए टाइम आउट का शिकार, क्रिकेट के इतिहास में ऐसा हुआ पहली बार खेल भावना चाहिए तो नियम बदलो, टाइम आउट विवाद पर शाकिब की ‘बेशर्मी’ हाईकोर्ट ने समझाया ढोल गंवार…. का मतलब, स्वामी प्रसाद मौर्य को नसीहत गाजा में इजरायल का बड़ा ऐक्शन, आतंकी मूसा ढेर; हमास के 450 ठिकाने तबाह छत्तीसगढ़ की नक्सल प्रभावित 20 सीटों पर वोटिंग आज, मिजोरम की 40 सीटों के लिए भी होगा मतदान दिल्ली 20 नवंबर तक स्कूल बंद छुट्टियां घोषित, 13 नवंबर से ऑड-ईवन लागू केजरीवाल गिरफ्तार हों तो भी CM बने रहें:आप विधायकों ने पार्टी मीटिंग में कहा, ED ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए तलब किया है टाइम आउट का दर्द लेकर वर्ल्ड कप से विदा हुआ श्रीलंका, बांग्लादेश पर रहेगा दाग बांग्लादेश ने ODI वर्ल्ड कप में श्रीलंका को पहली बार दी मात, खेल भावना हुई तार-तार, खिलाड़ियों ने नहीं मिलाए हाथ 37वें राष्‍ट्रीय खेलों में महाराष्‍ट्र 60 स्‍वर्ण सहित 162 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। मुंबई के ‘वानखड़े स्टेडियम’ में सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। ‘दीपेश नंदा’ टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के सीईओ और एमडी बने है। भारत-सिंगापुर रक्षा नीति की 15वीं वार्ता ‘नई दिल्ली’ में आयोजित की गयी है।  ‘साइमा वाजेद’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी। कोलकाता के राजभवन के ‘सिंहासन कक्ष’ का नाम ‘सरदार वल्लभभाई पटेल’ के नाम पर रखा गया हैं। ‘नंदिनी दास’ को ब्रिटिश अकादमी पुस्तक पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया है। ‘एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2023’ में ‘ऐश्वर्या प्रताप सिंह’ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। प्रसिद्ध लेखक ‘टी पद्मनाभन’ को ‘केरल ज्योति पुरस्कार 2023’ से सम्मानित किया गया हैं। ‘चीन’ देश ने 40वां अंटार्कटिका वैज्ञानिक अभियान शुरू किया है। इंग्लैंड के क्रिकेटर ‘डेविड विली’ ने विश्वकप 2023 के बाद संन्यास लेने की घोषणा की है। केरल राज्य में ‘पारुमला पेरुन्नल’ उत्सव मनाया गया है।  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में ‘इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो 2023’ का उद्घाटन किया है। ‘डॉ.एस.के. वसंथन’ को वर्ष 2023 के लिए ‘एज़ुथाचन पुरस्कार साहित्य’ के लिए चुना गया है। भारत और ‘संयुक्त अरब अमीरात’ ने शिक्षा के क्षेत्र में परस्‍पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है। यूनेस्को ने राजस्थान में ग्वालियर को ‘संगीत का शहर’ नाम दिया है। पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर और समाजिक कार्यकर्ता ‘दीनानाथ राजपूत’ को ‘रोहिणी नैय्यर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। भारतीय वायुसेना द्वारा ‘MiG-21 Bison’ को रिटायर किया गया है। ‘थ्रोटल एयरोस्पेस सिस्टम कंपनी’ (TAS) को उनके मल्टीपर्पज़ ड्रोन प्रोडक्ट DOPO के लिए DGCA से टाइप-सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। अर्जेंटीना के प्रसिद्ध फुटबॉलर ‘लियोनेल मेसी’ ने रिकॉर्ड 8वीं बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर का ‘Ballon d’Or’ पुरस्कार’ अपने नाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ‘वर्ल्ड फ़ूड इंडिया प्रदर्शनी’ का उद्घाटन किया है। आईसीसी क्रिकेट विश्‍व कप 2023 के मैच में अफगानिस्तान ने ‘नीदरलैंड्स’ को सात विकेट से हराया है।  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘श्रीलंका’ के त्रिंकोमाली में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा का उद्घाटन किया है। ‘मनोरंजन मिश्रा’ को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कार्यकारी निदेशक (ईडी) नियुक्त किया गया है। ‘डॉ.एस.के. वसंथन’ को वर्ष 2023 के लिए ‘एज़ुथाचन पुरस्कार साहित्य’ के लिए चुना गया है। ज्यूरिख इंश्योरेंस ग्रुप, ‘कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस’ की 51% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। चुनाव आयोग ने चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए ‘शिक्षा मंत्रालय’ के साथ समझौता किया है। ‘केरल’ राज्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बहुभाषी माइक्रोसाइट लॉन्च करेगा। दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ‘राजेंद्र मेनन’ को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। अमेरिकी सेना द्वारा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘मिन्यूटमैन III मिसाइल’ का सफल परीक्षण किया गया है। ओडिशा राज्य सरकार ने ‘दक्षिण कोरिया’ के साथ आर्थिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए है। प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार और लेखिका ‘लीला ओमचेरी’ का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया हैं। 03 नवंबर को ‘विश्व जेलफिश दिवस’ मनाया गया है। अभिनेता ‘रणवीर कपूर’ को ‘हौसर पेन’ का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। EESL ने ‘नई दिल्ली’ में ‘राष्ट्रीय कुशल पाक कला’ कार्यक्रम शुरू किया है। भारत-सिंगापुर रक्षा नीति की 15वीं वार्ता ‘नई दिल्ली’ में आयोजित की गयी है।  ‘साइमा वाजेद’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी। प्रसिद्ध लेखक ‘टी पद्मनाभन’ को ‘केरल ज्योति पुरस्कार 2023’ से सम्मानित किया गया हैं। मुंबई के ‘वानखड़े स्टेडियम’ में सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। ‘एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2023’ में ‘ऐश्वर्या प्रताप सिंह’ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

Cyberattack; Cyber Security; India; Healthcare; Sahara Samachaar;

In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

दिल्ली-NCR में देर रात भूकंप के झटके, कई सेंकड तक हुआ महसूस…सहम गए लोग.

Earthquake; Delhi; NCR; Sahara Samachaar;

Late-night tremors of an earthquake were felt in Delhi-NCR, with many people feeling it for several seconds… People were shaken. जीतेन्द्र रिछारिया, पैनी नज़रदिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग बुरी तरह से सहम गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 बताई गई। दिल्ली-एनसीआर में देर रात काफी देर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग काफी सहम गए। भूकंप के झटके लगातार कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.9 बताई गई। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया। भूकंप का समय 11.32 मिनट रहा। भूकंप के झटके यूपी के साथ ही बिहार में महसूस किए। भूकंप का झटका इतना जबरदस्त था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक.

Dark Web' Data Breach; #India; #ICMR; Sahara Samachaar;

Sensitive personal data of 81.5 million Indian users leaked on the dark web. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली, भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा डेटा ब्रीच. 81.5 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। जानकारी में आधार और पासपोर्ट विवरण, नाम, फोन नंबर और अस्थायी और स्थायी पते शामिल हैं।डेटा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा COVID-19 टेस्टिंग के दौरान जुटाई गई जानकारी से आता है।US मूल के साइबर सुरक्षा कंपनी रिसिक्यूरिटी के रिपोर्ट के अनुसार, 815 मिलियन भारतीयों की व्यक्तिगत पहचान सूचना डार्क वेब पर बेची जा रही है। आधार और पासपोर्ट जानकारी के साथ-साथ नाम, फ़ोन नंबर और पतों के विवरण ऑनलाइन बिक रहे हैं।

देश राज्यों से बड़ी खबरें

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News from Nation and States 1 पीएम मोदी आज छत्तीसगढ़ दौरे पर, कांकेर में करेंगे चुनावी सभा को संबोधित, योगी-शाह भी आएंगे 2 वोटिंग से पहले निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, 7 नवम्बर से 30 तारीख तक नहीं दिखा सकेंगे एग्‍जिट पोल 3 मणिपुर पुलिस से हथियार मांगने पहुंची भीड़ ने घेरा थाना, पुलिस की हवाई फायरिंग; पास ही में है CM ऑफिस 4 राहुल बोले- भाजपा AIMIM कैंडिडेट्स को पैसे देती है, तेलंगाना में BJP को 2% वोट मिलेंगे; केसीआर CM पद से जल्द बाय-बाय बोलेंगे 5 भाजपा सीईसी की बैठक में राजस्थान-तेलंगाना चुनाव के लिए उम्मीदवारों पर हुआ मंथन, आज जारी हो सकती है सूची 6 दिल्ली शराब नीति मामला: अरविंद केजरीवाल से आज होगी ED की पूछताछ, AAP ने जताई आशंका- हो सकती है CM की गिरफ्तारी 7 राजस्थान में कांग्रेस के खिलाफ बागियों ने बुलंद की आवाज, राज्यव्यापी प्रदर्शन से बढ़ी टेंशन 8 मध्यप्रदेश चुनाव:दांव पर दिग्गज, शिवराज के अलावा तीन केंद्रीय मंत्री, चार सांसद और एक राष्ट्रीय महासचिव मैदान में 9 अनशन खत्म करने को तैयार नहीं मनोज जरांगे, सर्वदलीय बैठक के प्रस्ताव को ठुकराया; चेतावनी भी दी 10 सरयू नदी में नाव पलटी..2 की मौत, 7 लापता, छपरा में दियारा से खेती कर लौट रहे थे लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; SDRF-NDRF भी मौजूद 11 4 और 5 नवंबर को पुष्य नक्षत्र, दीपावली से खरीदारी और शुभ कामों की शुरुआत के दिन दो दिन रहेंगे खास, 12 विश्व कप में 24 साल बाद न्यूजीलैंड से जीता दक्षिण अफ्रीका, कीवियों के खिलाफ सबसे बड़ी जीत हासिल की 13 टीम इंडिया की विजयी रथ को रोकना श्रीलंका के लिए आसान नहीं, मुंबई में आज होगा ब्लॉकबस्टर मुकाबला 14 लेबनान से इजराइल पर एंटी टैंक मिसाइल दागी गईं, इजराइली सेना ने कहा- हमला नाकाम, जवाबी कार्रवाई जारी; बेघर लोगों के लिए हेल्पलाइन

देश राज्यों से बड़ी खबरें.

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National Headlines and State News 1 सरदार पटेल जयंती पर अमृत कलश यात्रा आज,विजय चौक पर मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश भर से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर अमृत कलश यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पौधे भी लेकर आएंगे 2 उपराष्ट्रपति बोले-कानूनी मामलों में उलझें तो सड़कों पर न उतरें, गुवाहाटी में कहा- लोग समन मिलते ही प्रदर्शन करते हैं, वे भी न्यायपालिका पर भरोसा रखें 3 जम्मू कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश बनने के चार साल बाद महकने लगे विकास और खुशहाली के फूल, पत्थरबाजी इतिहास के पन्नों में सिमटा 4 नागरिकों को राजनीतिक चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार 5 कोविड के कारण भर्ती, ज्यादा मेहनत वाले काम… ICMR स्टडी में पता चली अचानक मौतों की वजह 6 गड़बड़ी फैलाने की ताक में भारत विरोधी ताकतें, केरल में धमाके के बाद दिल्ली-NCR समेत देशभर में अलर्ट 7 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने भेजा नोटिस, दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया 8 मराठा आरक्षण पर देर रात CM-डिप्टी CM की बैठक, दो सांसदों और एक विधायक ने इस्तीफा दिया, प्रदर्शनकारियों ने दो विधायकों के घर जलाए 9 मराठा आरक्षण के समर्थन में एकनाथ शिंदे गुट के 2 सांसदों का इस्‍तीफा, हेमंत पाटिल संग हेमंत गोडसे का राजीनामा 10 ‘मुझे डर लगता, प्रियंका-राहुल जब आते कुछ भी कह जाते’, वसुंधरा राजे ने कहा- जरूरी नहीं है कि यह उस पर अडिग रहे; किसानों का कर्जा आज भी माफ नहीं हुआ 11 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 12 राजस्थान:बीजेपी का 10 और कांग्रेस का 3 सीटों पर विरोध, चौथी लिस्ट के लिए दोनों पार्टी में फंसा है अभी भी पेंच ! 13 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 14 अस्पताल से छूटते ही ED की हिरासत में ममता के मंत्री ज्याेति प्रिया मलिक, देर रात हुआ ऐक्शन 15 अफगानिस्तान ने श्रीलंका को भी 7 विकेट से हराया, वर्ल्ड कप 2023 में जीता तीसरा मैच 16 ‘गाजा में सीजफायर के लिए कहना, मतलब इजरायल को हमास के सामने सरेंडर करने के लिए कहने जैसा है’; नेतन्याहू की दो टूक

कोविड और हार्ट अटैक पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का चौकाने वाला बड़ा बयान.!

Corona; Covid; Hearth Attack; Sahara Samachaar; Mansukh Mandaviya

Shocking statement by the Central Health Minister on COVID and heart attacks Manish Trivediनई दिल्ली : लगातार देश में आ रही हार्ट अटैक की खबरों से लोगों की नींद हराम हो गईं हैं,अगर देखा जाये तो सबसे अधिक युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं. लोगों के दिमाग में ये भी सवाल उठना शुरू हो गया है कि कहीं हार्ट अटैक बढ़ने की खबरों का कोविड से तो कोई संबंध नहीं है. जानिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का चौकाने वाला बड़ा बयान जरूर पढ़ें. स्वास्थ्य मंत्री ने साफ तौर पर इसका जवाब हां में दिया है. उन्होंने कहा कि जिस किसी व्यक्ति को कोविड की बीमारी हुई थी, उसे आने वाले दो-तीन सालों तक कोई भी कठिन और तनावपूर्ण कार्य से बचना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को दो से तीन सालों तक कठिन एक्सरसाइज भी नहीं करना चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस संबंध में इंडियन काउंसल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक स्टडी का हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर ने इस संबंध में एक स्टडी की है. इसके अनुसार जिन्हें भी कोविड का इन्फेक्शन हुआ था, उन्हें आने वाले कम से कम दो सालों तक कठिन कार्य से बचना चाहिए. मंडाविया ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिसके बाद इस पर स्टडी किया गया. मंत्री ने कहा कि 22 अक्टूबर को गुजरात के खेडा में गर्बा खेलते-खेलते 17 साल का एक लड़का हार्ट अटैक का शिकार हो गया. इस तरह की कई घटनाएं हुईं हैं,

भारत की बेटी ने किया नाम रोशन, पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने जीता कांस्य पदक

पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने ताइक्वांडो में दिलाया कांस्य पदक प्रवेश सिंह, हांगझोऊ,(पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) पैरा ताइक्वांडो एथलीट अरुणा सिंह ने हांगझोऊ में हो रहे पैरा एशियन गेम्स में हर भारतवासी का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया जिसने भी यह खबर सुनी वो खुशी से झूम उठा उन्हे पैरा एशियन गेम्स में भारत पैरा ताइक्वांडो में कांस्य पदक प्राप्त हुआ गौरतलब हो की अरुणा सिंह भारत की पहली महिला पैरा ताइक्वांडो एथलीट है और टोक्यो 2020 पैरालंपिक गेम्स में शिरकत कर चुकी है हालांकि उन्हें उस समय गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था । अरुणा सिंह k – 49 किलोग्राम में वर्ल्ड रैंक 4 पर आती है ।

कोरोना : राहत … अब एक्टिव केस कम हो रहे, 14 दिन पहले 9.73 लाख थे, अब 9.61 लाख

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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़े अब कुछ राहत दे रहे हैं। बीते आठ में से सात दिनों में नए संक्रमितों से ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा रही है। शुक्रवार को भी 85 हजार 465 संक्रमितों की पहचान हुई, जबकि 93 हजार 166 ठीक हो गए। इससे एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। 14 दिन पहले 12 सितंबर को 9.73 लाख एक्टिव केस थे, जबकि 25 सितंबर को यह 9.61 लाख हो गए। देश में अब तक 59 लाख 1 हजार 571 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 48 लाख 46 हजार 168 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 93 हजार 410 मरीजों की मौत हो चुकी है। ओडिशा देश का 8वां राज्य हो गया है, जहां संक्रमितों की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। शुक्रवार को यहां 4208 नए केस मिले। इसी के साथ संक्रमितों की संख्या 2 लाख 1 हजार 96 हो गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में संक्रमितों की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो चुकी है। गुरुवार को रिकॉर्ड 14 लाख 92 हजार 409 लोगों की जांच हुई। कोरोना टेस्टिंग का यह आंकड़ा एक दिन में सबसे ज्यादा है। इसके पहले 19 सितंबर को 12 लाख लोगों की जांच हुई थी। 6.89 करोड़ जांच हो चुकी हैं। अब हर 10 लाख की आबादी में मरीजों के मिलने की संख्या बढ़ गई है। अब इतनी आबादी में 4210 लोग संक्रमित मिल रहे हैं। 20 सितंबर तक 4200 मरीज मिल रहे थे। इतनी ही आबादी में मरने वालों की संख्या भी 67 हो गई है। पीजीआई चंडीगढ़ में शुक्रवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड का ट्रायल शुरू हो गया है। यहां वैक्सीन का डोज लेने के लिए 400 वॉलंटियर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

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