LATEST NEWS

Indore News: हाईकोर्ट ने कहा कुत्तों की नसबंदी बड़ा घोटाला, सड़क पर निकलने में भी लगता है डर

Indore News: High Court said that sterilization of dogs is a big scam, people are afraid to even go out on the road. इंदौर हाई कोर्ट ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। कोर्ट ने निगम द्वारा पेश किए गए नसबंदी के आंकड़ों को संदिग्ध बताते हुए इसे एक बड़ा घोटाला करार दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। नसबंदी अभियान पर न्यायिक जांच की चेतावनीसुनवाई के दौरान प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस बीके द्विवेदी की बेंच ने निगम के दावों पर सवाल उठाए। जब निगम ने कहा कि वे 2.39 लाख कुत्तों की नसबंदी कर चुके हैं, तो कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों पर बढ़ती कुत्तों की संख्या कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अब तक हुए स्टरलाइजेशन अभियान की न्यायिक जांच कराई जाएगी। बच्चों के सामाजिक विकास पर बुरा असरमाननीय न्यायाधीशों ने इस बात पर चिंता जताई कि कॉलोनियों में कुत्तों के डर से बच्चों का घर से बाहर निकलना बंद हो गया है। इससे उनका सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि एक कुत्ते की नसबंदी पर दो हजार रुपए खर्च करना और फिर भी समस्या का जस का तस बने रहना एक गंभीर विषय है। कोर्ट के अनुसार, इंदौर अब आवारा कुत्तों का हब बनता जा रहा है। सड़कों पर पैदल चलना और वाहन चलाना हुआ दूभरकोर्ट ने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि रात के समय सड़कों पर निकलना खतरनाक हो गया है। कुत्तों के झुंड राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। निगम के इस तर्क पर कि वे सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हैं, कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि 25 नवंबर के निर्देशों के बावजूद शहर में कोई प्रभावी अभियान नजर नहीं आया है। अगली सुनवाई 12 जनवरी कोहाई कोर्ट ने अब इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर को न्यायमित्र नियुक्त किया है। कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले शहर के प्रमुख स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने की प्रभावी कार्रवाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को निर्धारित की गई है।

सीसीएफ पी.एन. मिश्रा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल — अवैध लकड़ी परिवहन से उत्खनन तक फाइलों में दबी कार्रवाई

Serious questions arise about the working style of CCF P.N. Mishra – actions ranging from illegal timber transportation to excavation remain buried in files. इंदौर। इंदौर वृत का वन विभाग इन दिनों सवालों के कटघरे में है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) पी.एन. मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन,फर्जी टीपी,उत्खनन और अन्य वन अपराधों पर ठोस कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह गहराया है। आरोप है कि पिछले कई महीनों में न तो बड़ी कार्रवाई हुई और न ही आरोपियों पर वह सख्ती दिखाई दी,जो लगातार बढ़ते वन अपराधों को रोक सके। फर्जी टीपी,पकड़ी गई गाड़ियां और गायब कार्रवाई! एक शिकायतकर्ता के अनुसार,इंदौर स्थित संदीप इंटरप्राइजेस के परिसर में फर्जी ट्रांजिट पास के जरिए दो वाहन अवैध लकड़ी खाली करते पकड़े गए,लेकिन आज तक विभाग यह तय नहीं कर पाया कि आरोपी कौन थे। गाड़ियां कैसे छोड़ दी गईं और आरा मशीन क्यों नहीं सील की गई— इन सवालों पर विभाग मौन है। मामला दबाने की कोशिश होने का आरोप भी सामने आया है। धार से आलीराजपुर तक नेटवर्क सक्रिय — फिर भी हल्की कार्रवाई! धार,पीथमपुर,सागौर कुटी,बदनावर,झाबुआ, आलीराजपुर, धामनोद, पेटलावद,मानपुर, मनावर और कुक्षी सहित इंदौर वृत क्षेत्रों में अवैध लकड़ी परिवहन और उत्खनन में शामिल वाहनों को पकड़ा गया, जिन्हें नियमों के अनुसार राजसात किया जाना चाहिए था। पर आरोप है कि सीसीएफ मिश्रा ने अपने अधिकार क्षेत्र में सुमोटो कार्रवाई करते हुए गाड़ियों को मामूली दंड लगाकर छोड़ दिया, जिससे वन माफियाओं के हौसले और बुलंद हुए। ‘नेता के पट्ठे’ के दबाव में काम करने के आरोप विशेष सूत्रों का दावा है कि सीसीएफ मिश्रा एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर फैसले ले रहे हैं,जो लगातार सरकार की आलोचना करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। आरोप यह भी कि भोपाल के कुछ शीर्ष अधिकारी भी इसी प्रभाव में विभागीय तबादलों और निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। सत्ता पक्ष में बढ़ती नाराज़गी — “अधिकारियों ने काम रोका तो चुनाव में पड़ेगी मार” सत्ता पक्ष के कई नेता विभाग की इस कार्यवाहीहीनता से बेहद नाराज़ हैं। उनका कहना है कि“सरकार हमारी है लेकिन अधिकारी उन्हीं लोगों के इशारे पर काम कर रहे हैं जो सरकार पर सवाल उठाते हैं।” कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि“अगर जनता के काम नहीं होंगे तो वोट मांगने जाएंगे कैसे? इस ढीले रवैये का असर आगामी चुनाव तक पड़ेगा।” इंदौर वृत में लगातार बढ़ते वन अपराधों और विभाग की कमजोर कार्रवाई को लेकर अब माहौल तेज होता दिख रहा है। मामला जल्द ही बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

पहाड़, झरने और मैगी का मजा सिर्फ 20 रुपए में, 26 जुलाई से शुरू होगी हेरिटेज ट्रेन

Enjoy mountains, waterfalls and Maggi for just 20 rupees, heritage train will start from July 2 प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो यात्रियों को सुहानी वादियों और प्राकृतिक नजारों का अनुभव कराती है, उसका संचालन चार माह के अंतराल के बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेन 26 जुलाई से प्रत्येक शनिवार और रविवार को पातालपानी रेलवे स्टेशन से कालाकुंड तक चलेगी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा इसके संचालन के लिए विभागीय आदेश जारी कर दिया गया है। हालांकि, पातालपानी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को सड़क मार्ग से ही जाना होगा। ट्रेन की यह यात्रा महू तहसील के घने जंगलों, ऊंची-नीची पहाड़ियों, झरनों और पक्षियों की चहचहाहट के बीच से गुजरती है, जिससे यात्रियों को अद्भुत अनुभव मिलता है। प्राकृतिक सौंदर्य और खानपान का मिलेगा लुत्फपातालपानी का झरना, भुट्टा, मैगी और गरमा-गरम भजिए के साथ इस यात्रा का स्वाद और आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। यह पूरा सफर सुबह से शाम तक चलेगा, जिसमें पर्यटक हर पल प्राकृतिक नजारों का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। मानसून की शुरुआत होते ही पर्यटक इस हेरिटेज ट्रेन के संचालन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। रेलवे ने हाल ही में एक ट्रायल रन भी किया है जो पूरी तरह सफल रहा। संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही टिकट बुकिंग भी शुरू की जाएगी। यात्रा का किराया और कोच की विशेषताएंहेरिटेज ट्रेन के रैक में दो विस्टाडोम और तीन नॉन एसी चेयर कार कोच होंगे। विस्टाडोम कोच का एक ओर का किराया 265 रुपए होगा जबकि नॉन एसी चेयर कार का किराया मात्र 20 रुपए प्रति सवारी तय किया गया है। विस्टाडोम कोच में बड़े साइज की खिड़कियां, ट्रेलिंग विंडो, स्नैक्स टेबल और साइड पेंट्री जैसी सुविधाएं होंगी। दो विस्टाडोम कोचों में कुल 120 सीटें होंगी जबकि नॉन एसी चेयर कार के तीन कोचों में कुल 152 सीटें (64+64+24) उपलब्ध होंगी। कोचों में स्वच्छ टॉयलेट और आकर्षक पीवीसी शीट से सजे बाहरी भाग पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। 2018 से लेकर अब तक का सफरयह हेरिटेज ट्रेन पहली बार 25 दिसंबर 2018 को शुरू हुई थी और कुछ ही महीनों में प्रदेश ही नहीं, देशभर में मशहूर हो गई थी। अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के चलते इसका संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद 4 अगस्त 2021 को कई बदलावों के साथ इसका पुनः संचालन शुरू किया गया था। हर वर्ष गर्मी का मौसम शुरू होते ही मार्च में इस ट्रेन का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है, और अब मानसून आते ही एक बार फिर यह पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता की सैर कराने के लिए तैयार है।

नायब तहसीलदार ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

Naib Tehsildar demanded a bribe of 50 lakhs, Collector took strict action इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जमीन के फौती नामांतरण के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है और नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी पर विभागीय जांच बैठा दी गई है। क्या है पूरा मामला?मल्हारगंज तहसील के जाख्या क्षेत्र में स्थित 31 हजार वर्गफुट जमीन का फौती नामांतरण करवाने के लिए वैभव, पिता अशोक, ने वकील राहुल दवे के माध्यम से आवेदन दिया था। आरोप है कि पटवारी ओम त्रिपुरेश मिश्रा ने पहले वकील से, फिर सीधे वैभव से संपर्क कर 50 लाख रुपये की मांग की। यह रकम नायब तहसीलदार के लिए बताई गई थी और आश्वासन दिया गया था कि रकम मिलते ही नामांतरण दो दिन में हो जाएगा। जब वैभव ने रिश्वत देने से इनकार किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वकील को दी, तब वकील ने कलेक्टर से सीधे संपर्क कर सभी साक्ष्यों सहित पूरी बात बताई। कलेक्टर का त्वरित एक्शनकलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया और एसडीएम निधि वर्मा को मामले की जांच सौंपी। साथ ही, नायब तहसीलदार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। बढ़ता भ्रष्टाचार और जमीनों की आसमान छूती कीमतेंइंदौर में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे मामलों में भ्रष्टाचार भी तेजी से बढ़ा है। आम नागरिकों को बिना लेन-देन के वैध कार्यों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों का भंडार, संवाद केंद्र से खुल रही पोलकलेक्टर द्वारा शुरू किए गए संवाद केंद्र पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कई पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। इस केंद्र से आवेदकों से सीधे संपर्क कर यह जाना जा रहा है कि उनसे रिश्वत तो नहीं मांगी गई। अंतिम निर्णय रिपोर्ट के बादएसडीएम निधि वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि “नामांतरण भी होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

इंदौर को ‘हांगकांग’ बनाने को हरी झंडी, हजारों मकान व दुकानों पर मंडराया संकट

INDORE MASTER PLAN GREEN SIGNAL इंदौर ! देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को हांगकांग जैसा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वच्छता में नंबर वन इंदौर को अब ट्रैफिक में भी नंबर वन बनाने के लिए नगरी प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है. शहर में करीब 3 हजार करोड़ की मास्टर प्लान की सड़कों और ड्रेनेज समेत विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. समीक्षा बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की सड़कों के मास्टर प्लान के तहत सड़के के साथ ही ड्रेनेज लाइन और पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा की गई. मास्टर प्लान को लेकर मैराथन मीटिंगदरअसल, इंदौर को ट्रैफिक की दृष्टि से और भविष्य में विकास के मद्देनजर ये बैठक हुई. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया कि शहर की 23 सड़कों को 468.41 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा. साथ करीब इतनी ही राशि से अन्य सड़कें बनाई जाएंगी. करीब 1000 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत पानी की सप्लाई और 1000 करोड़ की राशि से अमृत 2 योजना अंतर्गत ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. यह पहला मौका है जब इंदौर में एक साथ 3000 करोड़ के कार्यों को आगामी 30 महीने में पूरा करने का फैसला लिया गया है. व्यापक स्तर पर टूटेंगे मकान व दुकानेंइंदौर में अपने तरीके के पहले कायाकल्प अभियान के तहत जिन सड़कों का निर्माण होगा, उनके आसपास मौजूद मकान और दुकानों को बड़े पैमाने पर तोड़ा जाएगा. ऐसे मकान मालिकों और भूमि स्वामी को नगरी प्रशासन विभाग द्वारा वैकल्पिक रूप से फ्लैट दिए जाएंगे. इसके अलावा निर्माण के दायरे में जो मकान व दुकानें आएंगी, उनके लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं किया गया है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा “सभी 23 सड़कें ढाई साल में बनाई जाएंगी. इनके लिए टेंडर होने के बाद हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी.” 25 सड़कों के चौड़ीकरण में 3000 मकान टूटेंगेइंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही 25 सड़कों चौड़ाई अलग-अलग निश्चित है. सड़कों को चौड़ा करके बनाने के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 3000 मकान तोड़ने होंगे. इन मकानों में अधिकांश ऐसे हैं, जो पूरी तरह सड़क में जा रहे हैं, जबकि 75 फ़ीसदी मकान आधे से ज्यादा तोड़े जाएंगे. इनमें कई दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सड़कों के चौडीकरण के कारण पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. ऐसे अतिक्रमण और मकान तोड़े जाने के बदले नगरीय प्रशासन विभाग अब फ्लैट देने की तैयारी में है. इन फ्लैट में 1 बीएचके के स्थान पर 2 और 3 बीएचके फ्लैट देने की नीति नगरीय प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान में टूटने वाले धार्मिक स्थल बनाकर देंगेइंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने के मार्ग में कई धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं. इसको लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों को समझाकर और आमराय बनाकर काम करेंगे, जितने भी धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, उनके स्थान पर नए बनाकर दिए जाएंगे. इस बारे में निर्देश दिए गए हैं.”

इंदौर के अन्नपूर्णा में बदमाशों का तांडव सीसीटीवी में कैद हुई कारों की तोड़फोड़

The orgy of miscreants in Annapurna, Indore, the vandalism of cars captured in CCTV इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में बदमाशों ने घरों के बाहर खड़ी कारों में जमकर तोड़फोड़ मचाई। पीड़ित प्रमोद शर्मा ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दिए हैं, जिसमें बदमाशों की करतूत साफ नजर आ रही है। बावजूद इसके, अन्नपूर्णा पुलिस ने अभी तक केवल आवेदन ही लिया है और आरोपियों की पहचान में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रिकांको कॉलोनी के निवासी प्रमोद शर्मा परिवार के साथ रहते हैं और 9 जनवरी से तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। 20 जनवरी की रात पड़ोसी ईश्वर भारद्वाज का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी कारों पर पथराव किया है। प्रमोद की कार के कांच भी इस दौरान तोड़ दिए गए। मामले की जानकारी पड़ोसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची एफवीआर टीम ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। 21 जनवरी को इंदौर लौटने के बाद प्रमोद शर्मा ने अन्नपूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपे, जिसमें बाइक सवार बदमाश साफ तौर पर कारों में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं। पुलिस ने फुटेज देखने के बाद मामले की जांच का आश्वासन दिया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। इस मामले में पुलिस की सुस्ती से क्षेत्र के निवासियों में नाराजगी है।

इंदौर के पिलियाखाल क्षेत्र नाला इतना साफ कि अब वहां होगी निगम की बैठक

Indore’s Piliyakhal area drain is so clean that now corporation meeting will be held there इंदौर में स्वच्छता को लेकर फिर से नगर निगम ने कमर कस ली है,क्योकि 15 फरवरी से इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। इंदौर सात बार से सफाई में नंबर वन है। आठवीं बार भी इंदौर इस खिताब को बरकरार रखना चाहता है। इस बार शहर के जलस्त्रोतों को साफ करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इंदौर के पिलियाखाल क्षेत्र के घाट की सूरत निगम ने चार माह में बदल दी। पहले यहां चारों तरफ गाद और गंदा पानी था, किनारे पर खड़े रहने पर बदबू आती थी, लेकिन अब घाट इतना सुंदर हो चुका है कि मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने अगली महापौर परिषद बैठक सूख चुके नाले में करने का फैसला लिया है। घाट के दोनो तरफ पत्थर की दीवार भी बनाई गई है। इंदौर के एक नंबर विधनासभा क्षेत्र में आने वाले पिलियाखाल क्षेत्र में कई आश्रम और प्राचीन मंदिर है। नाले के प्रदूषित पानी के कारण यहां के घाटों पर पर एक फीट तक गाद जमी रहती थी। इस कारण लोग घाट के समीप बने मंदिरों तक भी नहीं जा सकते थे, लेकिन लगातार तीन से ज्यादा पोकलेन की मदद से पूरे क्षेत्र के नाले की गाद को हटाया गया और एक ट्रेंच के जरिए नाले के दूषित पानी का बहाव सीमित किया गया। अब नाला पूरी तरह सूख चुका है। इस बार जल प्रदूषण कम करने के भी अंक स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे में इस बार जल प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों के भी नंबर है। इस कारण नगर निगम नालों की सफाई पर जोर दे रहा है। इंदौर के बापट चौराहा वाले नाले, कुलकर्णी नगर और पलासिया नाले की गाद भी साफ की गई है। कृष्णपुरा छत्री से लालबाग तक 100 से ज्यादा डंपर खाद निकाली गई है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि है कि इस बार पिलियाखाल के घाट पर महापौर परिषद की बैठक अायोजित की जाएगी। जिमसें शहर विकास से जुड़े एजेंडों पर चर्चा होगी।

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

Union Carbide poison wreaks havoc in Madhya Pradesh, people are committing suicide in Pithampur धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान किया आत्मदाहदरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. 60 फीसदी जले, दोनों प्रदर्शनकारियों की हालत गंभीरकुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इंदौर से भेजा गया अतिरिक्त पुलिस बलइस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” क्यों हुआ पीथमपुर में हिंसक विरोध? दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई.

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

indore traders declare that they will not accept payments through upi posters put up outside shops stwma देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. कैश और क्रेडिट कार्ड से लेंगे पेमेंट इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. कलेक्टर करेंगे व्यापारियों से बात इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live