जबलपुर में लापरवाह सरकारी कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, सात पटवारी सस्पेंड
Swift action against negligent government employees in Jabalpur, seven Patwaris suspended
Swift action against negligent government employees in Jabalpur, seven Patwaris suspended
Rs 40 lakh fraud in wheat purchase: FIR against seven people including warehouse owner
a program was organized in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail
Bhim Army members submitted a memorandum to the Municipal Corporation Commissioner and Mayor
On the occasion of International Yoga Day
The three-day training program “introduction to wildlife health and forensics” was concluded by V.U. Vice Chancellor. जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। स्कूल का वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के तत्वाधान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 20.5.24 से 22.5.2024 तक आयोजित किया गया जो पर्यावरण वन एवं जल परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था। यह मूलतः introduction to wildlife health and forensic” विषय से संबंधित था। जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों से वेटरनरी साइंस एवं वाइल्डलाइफ साइंस के M.V.Sc. तथा Ph.D के 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को वर्तमान में वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक की स्थिति से अवगत कराना था। इस प्रशिक्षण के तहत फील्ड टूर में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला भ्रमण के लिए ले जाया गया। एवं उनके स्वास्थ्य व्यवहार और आवास की जानकारी दी गई इसके अतिरिक्त संस्थान की विभिन्न प्रयोगशाला में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का समापन आज दिनांक 22. 5.2024 को नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर डॉ. सीता प्रसाद तिवारी के मुख्य अतिथिमें संपन्न हुआ। इस मौके पर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलसचिव डॉ. एस . के.जोशी, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय जबलपुर के अधिष्ठाता डॉ. आर.के. शर्मा, स्कूल आफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की संचालिका डॉ. शोभा जवारे तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजक डॉ. देवेंद्र पोधाडे उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि एवं वक्ता के रूप में वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के मध्य प्रदेश राज्य के प्रमुख डॉ.प्रशांत देशमुख उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन मैं डॉ. सोमेश सिंह, डॉ.केपी सिंह, डॉ. काजल यादव डॉ. निधि राजपूत तथा डॉ.अमोल रोकड़े का योगदान रहा। समापन सभा का संचालन डॉ. निधि राजपूत एवं आभार प्रदर्शन डॉ. काजल कुमार जाधव द्वारा किया गया।
Bhim Army Bharat Ekta Mission the organization has appointed Rahul Chaudhary as Jabalpur District President भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा जबलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में राहुल चौधरी को एक बार फिर भीम आर्मी जबलपुर का ज़िला अध्यक्ष बनाया गया हैं। जबलपुर ! पुनः ज़िलाध्यक्ष बनाए जाने पर सम्पूर्ण जिले के पदाधिकारियों व सदस्यों में हर्ष का माहौल हैं बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आकाश राहुल के मुख्य अतिथि में आयोजित इस संभाग स्तरीय बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमे जबलपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी को पुनः ज़िलाध्यक्ष जबलपुर जिले की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति किया गया। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह में जिले की सभी तहसीलो का द्वारा कर जिला कार्यकारणी का पुनः गठन किया जाएगा। और संगठन को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा इस दौरान भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट सुनील बेले,आकाश बौद्ध,मनीष चौधरी,संजीव चौधरी,सनोज चौधरी, साहिल चौधरी, सहिल चौधरी, सुमित चौधरी अन्य सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
2 साल में भी कमेटी की जांच नहीं हुई पूरी; शासकीय भूमि पर किया था। कब्जा Demand for youth revolution – action should be taken against Dr. Dharana. The investigation of the committee was not completed even in 2 years; done on government land. Retraction जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ प्रदीप कुमार बिसेन ने अपनी बहु डॉ धारणा बिसेन को नियम विरुद्ध नियुक्त किया था। जिस पर लोकायुक्त जबलपुर ने संज्ञान लेते हुए डॉ बिसेन के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। अब डॉ धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। यह बात युवा क्रांति संगठन के संयोजक अनुराग तिवारी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहां लोकायुक्त में इस अपराध की विवेचना जारी है। इस अपराध में पूर्व कुलपति डॉ पीके बिसेन के साथ पूर्व रजिस्ट्रार अशोक कुमार इंगले को भी अपराधी बनाया गया है। अब उनकी बहू धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। संगठन का आरोप हैं कि उनकी नियुक्ति भी नियम विरुद्ध तरीके से की गई है। जिसको लेकर युवा क्रांति लोकायुक्त को शिकायत कर चुकी हैं। 2 साल बीते यूनिवर्सिटी ने नहीं की जांच क्रांति संगठन के प्रदेश सचिव देवा झारिया का कहना है की यूनिवर्सिटी में पदस्थ प्रोफेसर ने शासकीय 57 एकड़ भूमि पर कब्जा किया था। जिसे तत्कालीन कलेक्टर इलैया राजा टी ने अतिक्रमण मुक्त कराया था। जिसको लेकर लोकायुक्त ने विश्वविद्यालय को पत्र लिख जांच करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव ने अनुमति नहीं दी। हालांकि 2 साल पहले 15 मार्च 2022 को कमेटी बनाई और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने कहां था। कुलसचिव के आदेशों की भी उड़ाई गई धज्जियां बावजूद इसके 2 साल बीत जाने के बाद भी कुलसचिव के आदेश की धज्जियां उड़ाई गई और अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। ऐसे में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ एम ए खान और डॉ परवेज राजन खान के ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए। जिन्होंने शहपुरा भिटौनी के ग्राम खैरी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया था। प्रेसवार्ता के दौरान पुष्पराज पांडे, वैभव पांडे, विवेक ठाकुर, रूपेश सिंह, अंकित पटेल, संतोष तिवारी, अंबुज स्वामी सुजीत पटेल सहित अन्य मौजूद रहे।
हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी के केस में भाजपा विधायक पर कार्रवाई करे जबलपुर पुलिस जबलपुर ! हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पनागर से भाजपा विधायक सुशील तिवारी इंदु व किशोर रावत के विरुद्ध शिकायत से जुड़े एक मामले में जबलपुर पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जांच के बाद यदि पाया जाता है कि विधायक ने संज्ञेय अपराध किया है तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करे। याचिका जबलपुर निवासी रीतेश तिवारी ने दायर की थी। जिसके मुताबिक विधायक और फरियादी ने इसकी शिकायत गोहलपुर थाने में की, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 के तहत कार्रवाई की जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह शिकायत की प्रारंभिक जांच करे। उनके साथी किशोर रावत ने चेक की राशि धोखाधड़ी से अपने खाते में ट्रांसफर कर ली थी।
HDFC Bank’s Jabalpur branch collected 4661 units of blood across 46 centers through a blood donation campaign. भोपाल! भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से शुरू होने वाले अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 15वें संस्करण का आयोजन जबलपुर के विजय नगर शाखा में किया। अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम परिवर्तन के तहत भारत के 1200 शहरों में 6,000 केंद्रों पर रक्तदान शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन निर्मला देवी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्री मुनेंद्र मिश्रा जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक व्यवसायिक दायित्वों के निर्वाह के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन में भी देश का नंबर वन बैंक बन चुका है। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस दान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने शहर के सभी युवाओं को स्वेच्छा से रक्तदान करने का आग्रह किया। गत माह में एचडीएफसी बैंक के जबलपुर सर्किल के द्वारा 45 विभन्न कैंपों के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया। एचडीएफसी बैंक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों, कॉरपोरेट्स, रक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न प्रकार के रक्त दानदाताओं को जुटाने के लिए तैयार है। इस साल एक अनोखे दृष्टिकोण में एचडीएफसी बैंक ने लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ‘फीलिंग ऑफ सेविंग समवन नामक एक फिल्म लॉन्च की है। फिल्म व्यक्तियों को इस जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है और रक्तदान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देती है। यह फिल्म बैंक के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी, यह जनता के बीच उनके योगदान के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और अभियान में बड़े पैमाने पर रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक, श्री भावेश ज़वेरी ने कहा, “एचडीएफसी बैंक में हम लोगों को इस प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में बहुत गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि दान किए गए रक्त की हर बूंद एक संभावित जीवन रक्षक है। अपने 15वें अखिल भारतीय रक्तदान अभियान के साथ हम नागरिकों को इस नेक काम में भाग लेने और अपना योगदान देने के लिए एक मंच देना चाहते हैं।” यह पहल 2007 में केवल 88 केंद्रों और 4000 दानदाताओं के साथ शुरू की गई थी जो केवल बैंक कर्मचारियों के बीच ही चलाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया और इसमें कॉलेज के छात्रों, कॉरपोरेट्स और सेना और सेवा कर्मियों को शामिल किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डसा” से सबसे बड़े (सिंगल डे, मल्टीपुल वेन्यू) रक्तदान अभियान के रूप में मान्यता और प्रमाणन प्राप्त हुआ। 2022 में बैंक ने 25 लाख यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया। कुछ महत्वपूर्ण दानकर्ता 1500- कॉलेजों, 550 कॉरपोरेट्स और 105- रक्षा और सेवा कर्मियों से आए जिन्होंने रक्तदान अभियान में भाग लिया। एचडीएफसी बैंक के रक्तदान अभियान के बड़े पैमाने और व्यापक आधार ने देश के समग्र रक्त संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रक्तदान शिविर का संचालन जबलपुर शाखा के ऑपरेशन प्रबंधक श्री लीजू जोसेफ ने किया एवं समस्त स्टाफ ने स्वेच्छा से रक्तदान करने आए बैंक के ग्राहकों एवं युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया।
Important directive from the Madhya Pradesh High Court: The relationship with the witness does not diminish the impact. जबलपुर। रिश्तेदार के गवाही के आधार पर सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस हृदयेश ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू तथा तथ्यों के आधार पर सजा से दंडित किया है। गवाहों के रिश्तेदार होने के कारण उनका प्रभाव कम नहीं होता है। बता दें कि अपीलकर्ता सुकलू की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सोमती बाई (40) पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला करने के आरोप में न्यायालय ने उसे पांच साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने सजा सुनाने में स्वतंत्र गवाह के बयान को नजर अंदाज किया है। घटना का चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद रिश्तेदारों के गवाह के आधार पर सजा से दंडित किया गया। अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि रिश्तेदारों ने अभियोजन की कहानी के अनुसार अपने बयान दिए हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि गवाहों ने घटना नहीं देखी है, परंतु पीड़िता के शरीर में कुल्हाड़ी से आई चोटों के निशान अवश्य देखे हैं। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने पर कुल्हाड़ी से हमला किया है। रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव कम नहीं होता है। एकलपीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू के अनुसार उचित दंड से अपीलकर्ता को दंडित किया है।
Stripping and beating of a Dalit woman inside the police station. पुलिस अधीक्षक की 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर किया विरोध प्रदर्शन जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. एक प्राइवेट होटल में हुई जेवरात की चोरी के शक में पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए, महिला के कपड़े उतरवाए और बर्बरता से जमकर मारपीट की। दलित महिला के साथ की गई मारपीट के बाद बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। महिला का जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, यह पूरा मामला ओमती थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट होटल में ब्रेसलेट चोरी से जुड़ा हुआ है। होटल के कमरा नंबर 103 में रुके यात्री ने ओमती थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी कि वह होटल में रुकने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान होटल से उसकी ब्रेसलेट चोरी हो गई। यात्री के साथ पुलिस होटल पहुंची और शक के आधार पर होटल में काम करने वाली महिला मंजू वंशकार और एक अन्य युवक को लेकर पुलिस थाने आई। पुलिस ने पार की सारी मर्यादाएं जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने सारी मर्यादाएं पार कर दी। महिला पुलिसकर्मी ने बेहरहमी से मारपीट करते हुए महिला के कपड़े उतरवाए। हद तो तब हो गई जब मारपीट के दौरान महिला बेहोश हो गई तो और पुलिसकर्मियों ने इलाज कराने की बजाए महिला को पुलिस थाने के बाहर छोड़ दिया। बंशकर समाज के लोगों ने थाने का किया घेराव महिला के साथ की गई बर्बरता से मारपीट के विरोध में बंशकार समाज के लोग महिला को घायल अवस्था में लेकर पुलिस थाने पहुंचे और महिला को थाने की दहलीज पर ही लिटा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जब महिला को थाने लाया गया था तो बिना एफआईआर दर्ज किए इतनी बेरहमी से मारपीट क्यों कि गई। दो पुलिसकर्मी हुए लाइन अटैच हंगामें की जानकारी लगते ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह खुद ओमती थाने पंहुचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यह पूरा मामला शांत हुआ। इस मामले में विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने दो पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा को दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
Lokayukta police vehicle overturned, injuring 7 people, including 6 police personnel, with 2 in critical condition.