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समन विवाद पर नया मोड़, केजरीवाल को मिली राहत से असंतुष्ट ED पहुंची ऊपरी अदालत

नई दिल्ली ईडी ने समन की अनदेखी करने के मामले में अरविंद केजरीवाल की दोबारा कानूनी घेरेबंदी करने की तैयारी कर ली है। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया गया कि वह दिल्ली आबकारी मामले में समन का पालन नहीं करने के आरोप में अरविंद केजरीवाल को दो मामलों में बरी करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देगी। केजरीवाल को मिली राहत को देंगे चुनौती ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। इसी साल 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को उनके खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में बरी कर दिया था। ये मामले कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले की जांच में शामिल होने के लिए भेजे गए समन के बाद ईडी के सामने पेश नहीं होने को लेकर दर्ज किए गए थे। याचिका वापस लेने की परमिशन दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में ईडी की ओर से उन्हें जारी समन को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस लेने की परमिशन दे दी। केजरीवाल के वकील ने कहा कि वह इस मामले को नहीं बढ़ाना चाहते हैं क्योंकि समन के बाद एजेंसी के सामने पेश नहीं होने के कारण दर्ज मामले में उनको पहले ही बरी कर दिया गया है। निचली अदालत ने फैसले में क्या कहा? समन की अनदेखी मामले में यह देखते हुए कि आरोपी एक मौजूदा मुख्यमंत्री थे। उन्हें भी आने-जाने का अपना मौलिक अधिकार था… ट्रायल कोर्ट ने कहा कि समन की सही सेवा को कानूनी चुनौती दी जा सकती है। जांच एजेंसी ईडी यह साबित करने में नाकाम रही है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अवहेलना की। नौवें समन के बाद पहुंचे थे हाईकोर्ट बता दें कि केजरीवाल ने ईडी नौवें समन के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 20 मार्च, 2024 को ईडी से जवाब मांगा था। हालांकि अदालत का कहना था कि वह इस स्टेज पर केजरीवाल को कोई अंतरिम राहत नहीं देगी। केजरीवाल को उसी शाम ईडी की ओर से गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल केजरीवाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में अंतरिम बेल पर हैं। ईडी के क्या हैं आरोप? ईडी का आरोप है कि केस के दूसरे आरोपी पूर्व की एक्साइज पॉलिसी बनाने के लिए केजरीवाल के संपर्क में थे। इससे उन्हें गलत फायदा हुआ। वहीं अपनी अर्जी में केजरीवाल ने गिरफ्तारी, पूछताछ और बेल देने के संबंध में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है। उन्होंने कई मुद्दे उठाए हैं जिसमें शामिल है कि क्या कोई पॉलिटिकल पार्टी एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आती है।

Kejriwal को Z कैटेगरी सुरक्षा मिलती रहेगी, रिव्यू के बाद MHA का बड़ा फैसला

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की जेड कैटेगरी सुरक्षा जारी रहेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिक्योरिटी रिव्यू के बाद यह फैसला लिया है. केजरीवाल की जेड कैटेगरी सुरक्षा को फिलहाल बरकरार रखा गया है. हालांकि, आईबी और दिल्ली पुलिस के द्वारा खतरे के आकलन के बाद इस पर आगे फैसला लिया जाएगा. इस संबंध में दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी विंग केंद्रीय गृह मंत्रालय को मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर रिपोर्ट भेज सकती है. बता दें कि केजरीवाल को Z प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. वो दूसरे राज्य की सुरक्षा की नहीं ले सकते और न और न उनको दूसरे राज्य से सुरक्षा मिल सकती है. ये कानूनी तौर पर गलत है. अगर दूसरे राज्य के VVIP आते हैं और उनके साथ सुरक्षा होती है, तो वो भी 72 घंटे ही सिक्योरिटी रख सकते हैं. उसके लिए भी दिल्ली पुलिस को जानकारी देनी होती है. अगर जानकारी नहीं देते हैं, तो ये कानूनन गलत है. रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा इकाई ने गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें केजरीवाल की सुरक्षा पर निर्णय लेने की मांग की गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को वर्तमान में ‘जेड प्लस’ सुरक्षा कवर प्राप्त है, जो खतरे की आशंका के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है, तथा जेड श्रेणी की सुरक्षा दिल्ली पुलिस द्वारा दी जाती है। प्रोटोकॉल के अनुसार, दिल्ली के मुख्यमंत्री को Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसे मूल्यांकन के बाद बढ़ाया जा सकता है। कई सुरक्षा खतरों के कारण, गृह मंत्रालय ने केजरीवाल को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा कवर प्रदान किया था और सितंबर 2024 में सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद भी दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एमएचए के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियां ​​वीआईपी या वीवीआईपी लोगों के खतरे का आकलन करती हैं।” एक सूत्र ने कहा, “सुरक्षा इकाई की ओर से पीएचक्यू को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें उनके (केजरीवाल के) सुरक्षा कवर की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है और इस पर निर्णय मांगा गया है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति जारी रहनी चाहिए या घटाई जानी चाहिए।” पत्र का हवाला देते हुए सूत्र ने कहा कि यह पत्र फिलहाल पीएचक्यू में है और आने वाले दिनों में इसे गृह मंत्रालय को भेजे जाने की संभावना है। एक सूत्र ने बताया कि केजरीवाल के सुरक्षा कवर पर पत्र के साथ ही गृह मंत्रालय को एक और पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के जेड श्रेणी सुरक्षा कवर के बारे में जानकारी दी गई है और पूछा गया है कि क्या मौजूदा सुरक्षा स्थिति जारी रखी जाए या घटाई जाए। टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि ये पत्र इसलिए भेजे जा रहे हैं क्योंकि ये सुरक्षा कवर मूल रूप से उन विभागों के साथ आते हैं जो व्यक्ति संभालते हैं। अधिकारी ने कहा कि अब चूंकि वे इन विभागों के पास नहीं हैं, इसलिए पत्र गृह मंत्रालय को भेजे जाने चाहिए। इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने के बाद सुरक्षा इकाई ने मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह और पंकज सिंह को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही सभी नए मंत्रियों को सुरक्षा कवर मिल गया है। मनजिंदर सिंह सिरसा को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, जबकि प्रवेश साहिब सिंह, कपिल मिश्रा और आशीष सूद को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।

केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए, भाजपा ने दागे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में सरकार चलाते हुए जनता के लिए 200 यूनिट खपत पर बिजली मुफ्त करने वाले अरविंद केजरीवाल अब अपने ही बिल को लेकर घिर गए हैं। अत्यधिक बिजली खपत का आरोप लगा भाजपा उन पर सवाल उठा रही है। भाजपा को यह मौका सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब से मिला है, जिसमें दिल्ली सरकार ने बताया है कि अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे उसका दो साल का बिल 41 लाख रुपए से अधिक का था। आरटीआई एक्टिविस्ट कन्हैया कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया कि अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2024 के बीच 6 फ्लैग स्टाफ रोड के बंगले में 41.5 लाख रुपए की बिजली खपत हुई। इस बंगले को भाजपा और कांग्रेस की ओर से शीशमहल कहा जाता है। बंगले में सुख-सुविधा पर करोड़ों रुपए खर्च का आरोप है और इसकी जांच चल रही है। आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल के बंगले में दो साल में 560335 यूनिट की बिजली खपत की गई, जिसका बिल 41,51,350 रुपए है। इस लिहाज से औसत निकालें तो हर दिन करीब 767 यूनिट बिजली खपत की गई, जिसका मूल्य करीब 5700 रुपए है। दिल्ली में CM के लिए कितनी बिजली मुफ्त दिल्ली विधानसभा की वेबसाइट पर मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते की विस्तार से जानकारी दी गई है। इसमें मुफ्त बिजली का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है मुख्यमंत्री को हर महीने 5000 यूनिट बिजली के बिल के लिए प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) का प्रावधान है, जबकि मंत्रियों के लिए सीमा 3000 यूनिट मासिक है। इस लिहाज से देखें तो अरविंद केजरीवाल के लिए हर महीने 5000 यूनिट बिजली मुफ्त थी जबकि उनकी खपत औसतन करीब 21000 यूनिट मासिक थी। भाजपा का तीखा हमला आरटीआई जवाब के बहाने भाजपा अब केजरीवाल पर हमलावर है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने एक वीडियो में कहा, ‘शीशमहल के खर्च की कहानी तो हम सबने सुनी है। हमें पता है कि किस तरह केजरीवाल ने जनता के 45 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए। पर अब एक और चौंकाने वाली खबर है। आरटीआई दिखाती है कि 2 साल में मुख्यमंत्री निवास में बिजली का बिल 41.5 लाख रुपए का था। 5.60 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई। हर दिन 5700 रुपए का प्रतिदिन है। आप समझ सकते हैं कि कितने एसी नॉन स्टॉप चल रहे ते। यह वही केजरीवाल है जिसने करोड़ों रुपए खर्च किए अपने ऐशो-आराम पर। वैगनार कार में घूमते थे और फिर 1.5 करोड़ रुपए की गाड़ी खरीद ली वह भी आरटीआई से सामने आया था। शीशमहल की कहानी दरअसल बंगले नहीं मानसिकता के रेनोवेशन की है।’

पूर्व मुख्यमंत्री अपनी हार को स्वीकार करते हुए कहा- वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने ना सिर्फ जनता के फैसले को स्वीकार किया बल्कि बड़ा दिल दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत की बधाई दी। हालांकि, अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर हार की मायूसी साफ नजर आ रही थी। प्रचार दौरान कई बार चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके अरविंद केजरीवाल ने मतदान से ठीक पहले ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका भी जाहिर की थी, लेकिन नतीजों के बाद उन्होंने किसी तरह का प्रश्नचिह्न लगाने की बजाय जनादेश को स्वीकार किया। केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘आज दिल्ली चुनाव के नतीजे आए हैं। जनता का जो भी फैसला है उसे हम पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। जनता का निर्णय सिर माथे पर।’

अपनी सीट हार सकते हैं मनीष सिसोदिया और केजरीवाल, दिल्ली चुनाव का रिजल्ट कल

नई दिल्ली  दिल्ली चुनाव के नतीजे शनिवार को सामने आ जाएंगे। उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा सरकार बनती दिख रही है।  तीन और एग्जिट पोल जारी हुए। इनमें भी भाजपा को प्रचंड जीत के संकेत मिलते दिख रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) पिछड़ती दिख रही है। इसी बीच एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि नई दिल्ली विधानसभा सीट में भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी है। यहां आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का मुकाबला भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। आप को 20 सीटें मिलने का अनुमान पोलस्टर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है, जबकि आप को 42 प्रतिशत वोट शेयर के साथ केवल 20 सीटें मिल सकती हैं। गुप्ता ने सीएनएन-न्यूज18 के मैनेजिंग एडिटर जक्का जैकब से कहा कि उनकी एजेंसी सीट-दर-सीट अनुमान नहीं लगाती, लेकिन यह बताती है कि किसी विशेष विधानसभा में कौन सी पार्टी सबसे लोकप्रिय है। हार सकते हैं केजरीवाल यदि अनुमान के मुताबिक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी हुई, तो इससे केजरीवाल की टेंशन बढ़ सकती है। वे अपनी सीट हार सकते हैं। उन्हें लगातार तीन बार यहां से जीत मिल चुकी है। यहां 2013 की स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है जब आप नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सिसोदिया को भी मिल सकती है हार गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि आम आदमी पार्टी (आप) कालकाजी, बाबरपुर और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय पार्टी है, जबकि जंगपुरा में भाजपा ज्यादा पॉपुलर है। उन्होंने कहा, ‘आप और भाजपा दोनों ही कालकाजी में लोकप्रिय हैं, जहां से मुख्यमंत्री आतिशी लड़ रही हैं, लेकिन आप को थोड़ी बढ़त हासिल है। जंगपुरा में, भाजपा को आप पर थोड़ी बढ़त हासिल है, यहां मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं। सौरभ भारद्वाज की सीट ग्रेटर कैलाश में, आप को भाजपा पर थोड़ी बढ़त हासिल है, लेकिन यह पार्टी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। वहीं गोपाल रीय की सीट बाबरपुर आप के लिए सुरक्षित सीट है।’ सर्वे के अनुसार यह हो सकता है कि केजरीवाल और सिसोदिया जैसे बड़े आप नेता चुनाव हार सकते हैं। अगर AAP जीती और बड़े चेहरे हारे तो CM कौन? दिल्ली में अगर ऐसा हुआ और आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लेती है, तो सवाल उठता है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. यदि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या आतिशी चुनाव हार जाते हैं, तो आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरे के रूप में कौन उभर कर सामने आएगा? दिल्ली की सियासत में ये तीनों हि बड़े चेहरे हैं और इन सीटों पर इस बार कड़ी टक्कर भी है. कुछ संभावित नाम जो दिल्ली के अगला मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उनमें पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेता शामिल हो सकते हैं, जैसे गोपाल राय, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, और राखी बिडलान. हालांकि, इस सवाल पर कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या अरविंद केजरीवाल खुद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी. हारने के बाद क्या कोई सीएम बन सकता है? एक और संभावना यह है कि अगर केजरीवाल खुद सीएम बनते हैं और चुनाव में हारते हैं, तो उन्हें छह महीने के भीतर सदन में जीतने के लिए किसी सीट पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इस स्थिति में, किसी जीते हुए विधायक को इस्तीफा देना पड़ेगा ताकि केजरीवाल उस सीट से चुनाव लड़ सकें. लेकिन, अगर केजरीवाल चुनाव हारते हैं, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रहेगा.

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में दावा किया कि हमारे कार्यकर्ताओं को BJP वाले धमका रहे, दिल्ली पुलिस की भी की शिकायत

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि नई दिल्ली विधानसभा में AAP कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया और परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल ने इलेक्शन कमिश्नर को लिखे पत्र में दिल्ली पुलिस की भी शिकायत की है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भी मांग की है। अरिवंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस,2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। केजरीवाल ने पत्र में क्या-क्या लिखा? अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा कि मैं चुनाव के दिन से पहले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस की ओर से हमारे जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को दी जा रही धमकी और उत्पीड़न पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं। कल,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक चेतन (प्रिंसेस पार्क पार्ट-2 के निवासी) को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में BNSS, 2023 की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस आधार पर कि उनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन पर बेशर्मी से ऐसे आरोप लगाए गए जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें इस हद तक गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा कि वे बेहोश हो गए और बाद में उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में काफी संघर्ष के बाद उन्हें संबंधित रिटर्न ऑफिसर/SDM के सामने पेश किया गया और जमानत दे दी गई,जिस मामले में उन्हें बेशर्मी से फंसाया गया था। झूठे केस में फंसाया गया- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि एक अन्य समान घटना में,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री ओम प्रकाश (निवासी जोधपुर मेस, पांडारा रोड) को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से फोन आया और उन्हें पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के लिए कहा गया क्योंकि एसएचओ उनसे बात करना चाहते थे। पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस, 2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया कि उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बाद में बहुत संघर्ष के बाद,उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के समक्ष पेश किया गया और जमानत दी गई, जबकि उन्हें खुलेआम और स्पष्ट रूप से फंसाया गया था। केजरीवाल ने की चुनाव आयोग से ये मांग केजरीवाल ने अपने पत्र में आगे लिखा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि हमारे स्वयंसेवक चुनाव के दिन उत्पीड़न या गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के डर के बिना स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। मैं अपने प्रमुख जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों की एक सूची संलग्न कर रहा हूं जिन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए,क्योंकि उन्हें हाल के दिनों में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस ने निशाना बनाया है। हम आग्रह करते हैं कि उन्हें दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस असंवैधानिक और अवैध तरीके से और अपने कर्तव्यों की पूर्ण अवहेलना में काम किया है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। चुनाव आयोग को उन कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए जो हमारे स्वयंसेवकों को डराने या दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में काम करते पाए जाते हैं। हमारे स्वयंसेवकों पर हमला करने और धमकाने में शामिल व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170 और 171 और चुनाव कानूनों के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

केजरीवाल ने EC को पत्र लिख रखी 4 मांगें, दिल्ली विधानसभा: ‘हमला करने वाले BJP कार्यकर्ताओं की हो गिरफ्तारी’

नई दिल्ली। विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले को लेकर अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में केजरीवाल ने आप कार्यकर्ताओं पर हुए कई हमलों का जिक्र किया है। केजरीवाल ने चिट्ठी में मांग रखी है कि नई दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएं। चुनाव आयोग AAP कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार पुलिसवालें तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमला करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।  writes to CEC Rajiv Kumar regarding repeated attacks and intimidation of AAP volunteers in the New Delhi assembly at the hands of BJP workers and Delhi Police. – .@ArvindKejriwal Key Demands: 1.Independent election observers to be deployed in the New Delhi… pic. — AAP (@AamAadmiParty) February 2, 2025

अरविंद केजरीवाल का एक और वादा- अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बड़ा वादा कर दिया है। उन्होंने दिल्ली की कॉलोनियों और गली-मोहल्ले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आरडब्लूए को सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर पैसे दिए जाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी फिर सत्ता में आती है तो जितनी भी RWA हैं, उन्हें अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी। उन्होंने कहा, इसके लिए कुछ मापदंड तय किए जाएंगे कि किस RWA को कितने सिक्योरिटी गार्ड के लिए पैसे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, वैसे तो पुलिस की जगह कोई नहीं ले सकता लेकिन यह सिक्योरिटी गार्ड्स इलाकों में बेसिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। उससे अपराधी को पकड़ना आसान हो जाता है। ऐसे ही हम RWA को सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए पैसे मुहैया कराएंगे। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, बीजेपी की केंद्र सरकार ने दिल्ली को देश की क्राइम कैपिटल बना कर रख दिया है। लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं। बीजेपी और इनकी केंद्र सरकार को दिल्ली के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ये लोग दिल्ली के लोगों से नफरत करते हैं, इसीलिए बीजेपी 25-27 सालों से दिल्ली की सत्ता में नहीं आ पाई है।

विधानसभा चुनाव में झोंकेंगे ताकत, नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल का दो पूर्व CM के बेटों से मुकाबला

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग आज तारीखों का एलान कर सकता है। सत्तासीन आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा तीनों ने ही अपने कुछ उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है। इनमें जिस सीट की आज हम बात करने जा रहे हैं, वह इस साल का सबसे बड़ा और रोचक मुकाबला हो सकता है। दरअसल, यह सीट है नई दिल्ली की, जहां से कभी शीला दीक्षित जीतकर मुख्यमंत्री बनी थीं। बाद में इसी नई दिल्ली सीट पर शीला दीक्षित को हराकर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जीत दर्ज की और वे अब तक इसी सीट से दिल्ली के विधायक बने हुए हैं। इस बार भी आम आदमी पार्टी की तरफ से इस सीट पर अरविंद केजरीवाल ही उम्मीदवार हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस सीट पर संदीप दीक्षित को उतारा है। संदीप दीक्षित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं और केजरीवाल से 11 साल पहले अपनी मां की हार का बदला लेने के लिए मैदान में हैं। इसके अलावा तीसरा नाम भाजपा के प्रत्याशी प्रवेश वर्मा का है। वे खुद भी दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। इन तीन नेताओं के मुकाबले ने नई दिल्ली सीट पर विधानसभा चुनावों को सबसे दिलचस्प बना दिया है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर नई दिल्ली विधानसभा सीट का इतिहास क्या है? इस बार इस सीट से खड़े हो रहे उम्मीदवारों का सियासी इतिहास क्या है? उनकी ताकत कितनी है? इसके अलावा उनकी संपत्ति कितनी है? आइये जानते हैं… नई दिल्ली विधानसभा सीट का क्या इतिहास? दिल्ली विधानसभा की 70 सीट में से सबसे अहम सीटों में से एक है नई दिल्ली की विधानसभा सीट। दरअसल, इसका इतिहास और यहां से खड़े होने वाले चेहरे इस सीट को हमेशा से खास बनाते रहे हैं। 1993 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने से पहले इसे गोले बाजार विधानसभा सीट कहा जाता था। हालांकि, नई दिल्ली की अलग सीट बनने के बाद से ही यहां बड़े-बड़े नेता लगातार अपनी किस्मत आजमाते रहे हैं। 1. पहली बार में ही आई भाजपा के हाथ 1993 से लेकर अब तक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर सात बार चुनाव हो चुके हैं। सबसे पहली बार जब इस सीट पर चुनाव हुए थे, तब भारतीय जनता पार्टी के कीर्ति आजाद ने यहीं से कांग्रेस के प्रत्याशी बृज मोहन भामा को शिकस्त दी थी। हालांकि, यह मुकाबला काफी करीबी रहा था और हार-जीत का अंतर 3500 वोटों का था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चुनाव के बाद से भाजपा अब तक नई दिल्ली की सीट को दोबारा नहीं जीत पाई। अगले छह चुनाव में तीन बार कांग्रेस तो तीन बार आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया। 2. फिर कांग्रेस ने मजबूत रखा अपना दावा इस सीट पर 1998 में हुए दूसरे चुनाव में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी। शीला दीक्षित तब कांग्रेस में एक कद्दावर नेता की पहचान बना रही थीं। इस जीत ने दिल्ली में उनके दावे को मजबूत किया और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। शीला दीक्षित ने इसके बाद यहां से दो और बार- 2003 और 2008 में जीत दर्ज की और मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहीं। 3. अरविंद केजरीवाल को नहीं हरा पा रहे कांग्रेस-भाजपा 2013 में दिल्ली विधानसभा के लिए फिर चुनाव कराए गए। इस बार यहां एक नए दल आम आदमी पार्टी ने किस्मत आजमाई और इस सीट से पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को चुनौती देने की ठानी। वे इस चुनौती में सफल भी रहे और उन्होंने शीला दीक्षित और कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर सरकार बनाने में सफलता हासिल की। केजरीवाल की जीत कितनी बड़ी थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें एक मुख्यमंत्री के खिलाफ 26 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल हुई थी। केजरीवाल को इस सीट पर 44,269 वोट मिले थे, जबकि शीला दीक्षित को 18,405 वोट हासिल हुए थे। भाजपा के विजेंद्र गुप्ता इस सीट पर 17,952 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे। 2013 में त्रिशंकु विधानसभा बनने के बाद कांग्रेस ने आप को बाहर से समर्थन देकर सरकार बनाई। तब नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीतने वाले अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम बने। हालांकि, 2015 में ही कांग्रेस ने यह समर्थन वापस ले लिया और दिल्ली में फिर चुनाव हुए। इस बार फिर केजरीवाल इसी सीट से चुनाव लड़े और 64 फीसदी वोट हासिल कर बंपर जीत हासिल करने में सफल रहे। केजरीवाल को 57 हजार से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने भाजपा की नूपुर शर्मा (25,630) वोट और कांग्रेस की किरण वालिया (4,781 वोट) को आसानी से हरा दिया। इस तरह केजरीवाल लगातार दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल फिर नई दिल्ली सीट से ही उतरे। सात साल की एंटी-इन्कंबेंसी के कारण केजरीवाल (46,758 वोट) के वोटों की संख्या में गिरावट जरूर आई। लेकिन उनकी जीत का मार्जिन 20 हजार वोटों से ऊपर ही रहा। उन्हें इस चुनाव में 61 फीसदी वोट मिले। वहीं भाजपा के सुनील कुमार यादव (25,061) और कांग्रेस के रोमेश सभरवाल (3,220 वोट) यहां से चुनाव हार गए। इस बार मैदान में उतरे लोगों की सियासी ताकत कितनी? 1. अरविंद केजरीवाल इस बार नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल फिर मैदान में हैं। बीती तीन जीत ने उनकी सियासी ताकत को लेकर काफी खुलासे पहले ही कर दिए हैं। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी और संपत्ति के बारे में भी बात करना जरूरी है। 2020 में चुनाव से पहले दिए गए उनके हलफनामें उनकी (अरविंद और उनकी पत्नी की) कुल संपत्ति 3 करोड़ 44 लाख 42 हजार 870 रुपये बताई गई थी। उनके पास कुल कैश 22,000 रुपये, बैंक में जमा 33 लाख 29 हजार रुपये, बॉन्ड-स्टॉक्स के तौर पर 15 लाख 31 हजार रुपये, 6 लाख 20 हजार के करीब मोटर वाहनों में और 12 लाख 40 हजार रुपये की ज्वैलरी शामिल थी। यानी केजरीवाल और उनकी पत्नी के पास 2020 के चुनाव से पहले 67 लाख रुपये की संपत्ति चल संपत्ति थी। इतना ही नहीं केजरीवाल के पास 1 … Read more

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, पुजारियों, ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये वेतन

नई दिल्ली दिल्ली में पुजारियों और के लिए आप सरकार नई योजना लेकर आई है। अरविंद केजरीवाल ने आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बनने के बाद,दिल्ली के पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए कल यानी 31 दिसंबर से रजिस्ट्र्र्रेशन भी शुरू हो जाएंगे। पुजारियों और ग्रंथियों को मिलेंगे 18 हजार रुपये अरविंद केजरीवाल ने आज 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों के लिए हमने सम्मान राशि देने की घोषणा की है। इस योजना का नाम पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना होगा। केजरीवाल ने बताया कि हमारी सरकार आते ही इस योजना के तहत पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपए दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 31 दिसंबर से कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होगी। बीजेपी पर भी साधा निशाना अरविंद केजरीवाल ने इस नई योजना के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी इस योजना को बंद नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि हमारी बीजेपी वालों से विनती है कि महिला सम्मान और संजीवनी योजना की तरह इस योजना को कोशिश नहीं करेंगे। मैं तो कांग्रेस और बीजेपी की सरकारों से भी अपने-अपने यहां इस योजना को लागू करें। रोहिंग्या के मुद्दे पर केजरीवाल ने हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं उनसे हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूं। उनके पास रोहिंग्याओं को कहां और कैसे बसाया,इसका सारा डेटा है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी। हरदीप सिंह पुरी और अमित शाह के पास रोहिंग्याओं को कैसे और कहां बसाया, इसका सारा डेटा है।

कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बाद अब आतिशी के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार उतारने जा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में 35 सीटों के लिए उम्मीदवार कों नामों पर चर्चा हुई। इसमें अलका लांबा सहित पर 28 नामों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अलका लांबा को आतिशी के सामने कालकाजी विधानसभा सीट पर उतारने की तैयारी है। वहीं, सीमापुरी सीट से राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं मनीष सिसोदिया की सीट जंगपुरा से फरहाद सूरी को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। इनके अलावा बिजवासन से देवेंद्र सहरावत और मटिया महल सीट से आसिम अहमद कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि 35 सीटों पर चर्चा के लिए आज हुई कांग्रेस की बैठक में 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, जबकि 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी बाकी है। बता दें कि, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बता दें कि, कांग्रेस 2013 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी 2015 से दिल्ली में अपने दम पर सत्ता में काबिज है। उससे पहले कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि, 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अधिक खराब रहा और वो अपना खाता तक नहीं खोल सकी। गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल कर बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

दिल्ली के लोगों को 26 जनवरी में भाग लेने से क्यों रोका जाता है, केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सवाल किया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि दिल्ली के लोगों को 26 जनवरी में भाग लेने से क्यों रोका जाता है। 26 जनवरी की परेड में दिल्ली की झांकी न होने के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने यह बात कही है। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी की परेड में हर साल अलग-अलग राज्यों की झांकियां दिल्ली में कर्तव्य पथ पर निकल जाती हैं। दिल्ली की झांकी शामिल न होने के मुद्दे पर रविवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली तो देश की राजधानी है, दिल्ली के लोगों से इनको इतनी नफरत क्यों है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली तो देश की राजधानी है, ऐसे में राजधानी दिल्ली की झांकी तो हर वर्ष 26 जनवरी की परेड में शामिल होनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कितने वर्षों से दिल्ली की झांकी 26 जनवरी की परेड में शामिल नहीं हुई है। जबकि राजधानी की झांकी तो हर साल शामिल होनी चाहिए। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि आखिर यह किस किस्म की राजनीति है। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि इन लोगों को दिल्ली से और दिल्ली के लोगों से इतनी नफरत क्यों है। केजरीवाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में आखिर दिल्ली वाले इन लोगों को वोट क्यों दें। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि अभी भी ये लोग दिल्ली में जो पूरा का पूरा चुनाव लड़ रहे हैं, इस पूरे चुनाव में उनके पास कोई नेरेटिव नहीं है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए इनके पास कोई प्लानिंग नहीं है। दिल्ली वासियों के लिए इनके पास कोई विजन या कोई प्रोग्राम नहीं है। इनके पास केवल एक ही चीज है कि आम आदमी पार्टी को सुबह से शाम तक गालियां देना, केजरीवाल को गालियां देना। इससे दिल्ली के लोगों का क्या भला होगा। केजरीवाल ने कहा, “मैं दिल्ली के उपराज्यपाल का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, उन्होंने जो-जो कमियां निकाली है उन सभी कमियों को हम दूर करेंगे। मुझे याद है वह नागलोई-मुंडका रोड पर गए थे। वहां पर उन्होंने बताया था कि सड़क पर गड्ढे हैं। हम वहां सड़क बनवा रहे हैं और कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री आतिशी उस सड़क का उद्घाटन करेंगी। उपराज्यपाल ने रविवार को भी कुछ ऐसी समस्याएं बताई हैं। हम वहां उनके द्वारा बताई गई समस्याओं को हल करते हुए सफाई करवाएंगे। उपराज्यपाल हमें हमारी ऐसी सभी कमियां बताएं, हम वे सारी कमियां दूर करेंगे।”

केजरीवाल ने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा किया, दे रही चुनाव आयोग में आवेदन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन दे रही है। उन्होंने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चोरी-छिपे ऐसे वोटर्स का नाम हटा रहा है, जोकि जीवित हैं और अपने पते पर ही रह रहे हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कुछ लोगों को पेश भी किया। पूर्व सीएम ने चुनाव आयोग से मांग की कि अब चुनाव होने तक किसी वोटर का नाम ना काटा जाए। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा बड़े स्तर पर दिल्ली में वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर रही है और चुनाव आयोग में चोरी छिपे इन आवेदनों पर कार्रवाई चल रही है। आज हम एक विधानसभा का डेटा रख रहे हैं। आने वाले समय में और विधानसभा क्षेत्रों का डेटा रखा जाएगा। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक महीने में भाजपा ने 11 हजार 18 वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया है। इसमें हर पेज पर भाजपा के पदाधिकारी विशाल भारद्वाज के हस्ताक्षर हैं। भाजपा ने लेटर हेड पर आवेदन दिए हैं। चुनाव तक पता नहीं कितने वोट कटवाएंगे। इन आवेदनों में कहा गया है कि ये लोग या तो शिफ्ट हो गए हैं या मर गए हैं। हमारे लिए कम समय में सबकी जांच करना संभव नहीं था हमने 500 लोग छांटे। कई पते तो नहीं मिले, लेकिन 500 से 372 लोग ऐसे मिल जो वहीं रह रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि इनमें से अधिकतर आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 86 हजार वोटर्स हैं। भाजपा 11 हजार वोट कटवाना चाहती है, यानी 6 फीसदी। पिछली बार आम आदमी पार्टी 5294 वोट से जीती थी, अब ये 11 हजार वोट कटवा रहे हैं तो चुनाव का मतलब क्या रह गया। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका बहुत संदिग्ध है। चुनाव आयोग का नियम है कि हर दिन जितने लोगों के वोट कटने के आवेदन आते हैं, उसे हर दिन फॉर्म नंबर 10 में डालना होता है। कल तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाहदरा में केवल 487 आवेदन दिखाए जा रहे हैं। यानी भाजपा ने जो 11 हजार आवेदन दिए हैं उन पर चोरी-छिपे काम हो रहा है, इसका सबूत है कि 22 नवंबर को चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग की क्या मंशा है?

‘लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण!’, केंद्र सरकार पर भड़के केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का संरक्षण मिल रहा है. केजरीवाल ने कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह दिल्ली में कहर बरपा रहा है. उन्होंने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई खुद साबरमती जेल में बंद है, जो भाजपा शासित राज्य है. वो वहां की जेल से दिल्ली में जबरन वसूली रैकेट कैसे चला रहा है? लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण- अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र भी किया. केजरीवाल ने कहा कि इनसे दिल्ली संभल नहीं रही है.दिल्ली विधानसभा में AAP विधायक ने कहा कि पिछले 10 सालों दिल्ली की कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह पर साधा निशाना आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2019 के बाद जब अमित शाह गृह मंत्री बने, उस समय से दिल्ली की हालत बद से बदतर होती चली गई है. अपराध को रोकने में वो असमर्थ दिख रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हत्या की घटनाएं अक्सर हो रही हैं. लोगों को रंगदारी के लिए कॉल आ रहे हैं. खुलेआम गैंगवॉर और गोलीबारी हो रही है. केजरीवाल ने कहा कि जो हमने फिल्मों में देखा वो आज दिल्ली में हो रहा है. किडनैपिंग, महिलाओं का अपहरण, दुष्कर्म सब दिल्ली में रहा है.उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने में नाकाम है.

चुनाव से पहले ‘मुफ्त-मुफ्त’ की हवा चलाएंगे केजरीवाल, दिल्ली में आप पार्टी के नेता जनता के साथ ‘रेवड़ी पर चर्चा’ करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) नया अभियान शुरू करने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को ‘रेवड़ी पर चर्चा’ कैंपेन को लॉन्च करने जा रहे हैं। पूरी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता जनता के साथ ‘रेवड़ी पर चर्चा’ करेंगे। दरअसल आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से चलाई जा रही मुफ्त वाली स्कीमों को भारतीय जनता पार्टी ने ‘रेवड़ी कल्चर’ कहकर हमला किया था। केजरीवाल अब इसे अपने लिए हथियार बना चुके हैं। वह जोरशोर से अपनी जनसभाओं में कहते हैं कि वह दिल्ली में जनता को मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज, महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी 6 रेवड़ी दे रहे हैं। हाल के दिनों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को यह भी कहा है कि यदि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को जितवा दिया तो मुफ्त वाली योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में नए कैंपेन के तहत एक तरफ जहां केजरीवाल जनता के बीच यह गिनवाएंगे कि उनकी सरकार क्या-क्या मुफ्त दे रही है तो दूसरी तरफ उन्हें यह भी बताया जाएगा कि भाजपा इनका विरोध करती है और सरकार में आई तो इन स्कीमों को बंद कर देगी। हालांकि, पिछले दिनों भाजपा ने कहा कि यदि दिल्ली में उसकी सरकार बनती है तो केजरीवाल सरकार की किसी योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि और भी नई स्कीमें लागू की जाएंगी। दिल्ली में अगले साल फरवरी से पहले विधानसभा का चुनाव होना है। लगातार 10 साल से सत्ता चला रही आम आदमी पार्टी प्रचार को तेज कर चुकी है। पार्टी ने 11 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर दिया है। भाजपा जहां कथित शराब घोटाले, मुख्यमंत्री आवास में सुख-सुविधा पर खर्च, यमुना की गंदगी, खराब सड़कें और दिल्ली के कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई जैसे मुद्दों को धार देने में जुटी है तो केजरीवाल की कोशिश है कि वह चुनाव को उनकी स्कीमों पर केंद्रित रखें। ‘आप’ के रणनीतिकारों का मानना है कि मुफ्त बिजली, स्कूल, इलाज जैसे फ्लैगशिप स्कीमों के जरिए एक बार फिर दिल्ली में जीत हासिल की जा सकती है।

केजरीवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ‘शीशमहल’ की होगी जांच, BJP की शिकायत पर CVC ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय सतर्कता आयोग ने फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री के बंगले के पुनर्निर्माण में कथित अनियमितताओं पर सीपीडब्ल्यूडी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। यह दावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को किया। फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले में ही अरविंद केजरीवाल बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री 9 साल तक रहे थे। बीजेपी इसे शीशमहल बताती है और जांच की मांग करती रही है। नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उनकी जांच पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीएम आवास में अवैध निर्माण और वित्तिय अनियमितताओं की जांच को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास भेजा है। तथ्यात्मक रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 14 अक्तूबर को सीवीसी को एक शिकायत दी थी। इसमें छह फ्लैग स्टाफ रोड पर हुए निर्माण की जांच की मांग की गई थी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि तमाम नियमों को ताक पर रखकर यहां निर्माण कार्य किया गया। इसके साथ संबंधित मंजूरी भी नहीं ली गई। यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है और भ्रष्टाचार का मामला है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गुप्ता ने बताया कि उनकी शिकायत पर अब केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने सीपीडब्लूडी से जांच रिपोर्ट मांगी है। अरविंद केजरीवाल ईमानदार: आप आम आदमी पार्टी ने कहा कि सीएम आवास को लेकर शिकायत करने वाली भाजपा जितनी चाहे जांच करा सकती है। पार्टी और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं। इसकी वजह से ही केजरीवाल देश में सबसे लोकप्रिय निर्वाचित मुख्यमंत्री सबित हुए हैं। पार्टी ने आगे कहा कि भाजपा ने आप सरकार के खिलाफ कई जांच शुरू की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों को निशाना बनाया गया, लेकिन ‘एक भी रुपये की गड़बड़ी’ उजागर नहीं हो पाई। पार्टी ने बयान में कहा, ‘यह हमारी अटूट ईमानदारी का सबसे मजबूत प्रमाण है। नकारात्मक राजनीति में शामिल होने के बजाय, भाजपा को लोगों की समस्याओं को समझने और वास्तविक समाधान की दिशा में काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’

केजरीवाल आज मेहराज मलिक के साथ ‘धन्यवाद रैली’ को संबोधित करेंगे

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज  गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा में धन्यवाद रैली को संबोधित करेंगे। डोडा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के मेहराज मलिक ने भाजपा के गजय सिंह राणा को चार हजार से अधिक मतों से हार का मुंह दिखाकर जीत का परचम लहराया है। केजरीवाल मेहराज मलिक के साथ इस रैली को संबोधित करेंगे। आम आदमी पार्टी द्वारा जम्मू-कश्मीर में खाता खोलना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। ‘आप’ के लिए जम्मू-कश्मीर पांचवा ऐसा राज्य है, जहां यह पार्टी जीत का परचम लहराने में सफल हुई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी दिल्ली के अलावा पंजाब, गुजरात और गोवा में भी अपने प्रत्याशियों को उतारकर जीत का परचम लहरा चुकी है। पार्टी अब धीरे-धीरे देशभर में अपनी सियासी जमीन को दुरूस्त करने में जुटी है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर मेहराज मलिक को जीत की बधाई। उन्हेंने कहा, “डोडा विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार मेहराज मलिक को बीजेपी को हराने के लिए बधाई। आपने अच्छा चुनाव लड़ा।” मेहराज मलिक ने अपनी इस जीत को जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि हमने सभी सीटों पर चुनाव न लड़कर बड़ी गलती कर दी। अगर हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ते, तो निश्चित तौर पर और सीटों पर जीत का परचम लहराने में सफल होते। हमारी पार्टी हमेशा से ही जनता के हितों को तवज्जो देती हुई आई है और यह उसी का नतीजा है कि आज हम जम्मू-कश्मीर में भी अपना खाता खोलने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग भ्रष्ट हैं, लूटपाट करते हैं, लोगों के हितों पर कुठाराघात करते हैं, मुझे लगता है कि अब ऐसे लोगों का समय समाप्त हो चुका है। ऐसे लोगों को रुक जाना चाहिए। ऐसे लोगों को जनता ने आईना दिखाकर लोकतंत्र की ताकत का एहसास दिला दिया है। घाटी की जनता ने इन लोगों को बता दिया है कि लोकतंत्र में कुछ भी मुमकिन है। इसके अलावा, जो लोग लोकतंत्र के सिद्धांतों पर कुठाराघात कर रहे हैं, ऐसे लोगों को ब्रेक ले लेना चाहिए।” वहीं, बात अगर जम्मू-कश्मीर के चुनावी नतीजों की करें, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन ने मिलकर 49 सीटों पर जीत का परचम लहराया है, जबकि बीजेपी 29 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है। उधर, पीडीपी की बात करें, तो यह महज ती तीनों सीटों पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही है। उधर, भाजपा की बात करें, तो यह 29 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है, लेकिन वो इस जीत को अपने लिए अहम मान रही है। भाजपा का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में हुए सफलतापूर्वक चुनाव लोकतंत्र की जीत है।  

PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास को सील कर , गेट पर डबल लॉक लगाया

 नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. कारण, PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को सील कर दिया है. इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएम पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद इस सरकारी आवास को खाली किया गया था. वहीं आतिशी सीएम बनने के बाद इसमें शिफ्ट हुई थीं. आवास को खाली करने और हैंडओवर को लेकर ही विवाद है, जिसके बाद पीडब्लूडी ने एक्शन लिया है. इसके अलावा दिल्ली के विजिलेंस डिपार्टमेंट में पीडब्ल्यूडी के दो सेक्शन ऑफिसर और अरविंद केजरीवाल के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी को तरीके से हैंडओवर लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है, जहां अब दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी बन तो गई हैं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास आवंटित नहीं हुआ है, जिसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएम आवास पर कब्जा करना चाहती है. संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी झूठ और भ्रम फैलाने के काम में लगी हुई है और कई हथकंडे दिल्ली में अपनाए हैं. हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया. 27 साल से BJP दिल्ली में चुनाव हार रही है. चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को खत्म करने का प्रयास किया. उसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को तोड़ने का प्रयास किया. उसमें भी फेल हो गए और किसी को तोड़ नहीं पाए तो अब मुख्यमंत्री के आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. बीजेपी पर लगाया यह आरोप उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तब भी इन्होंने दुष्प्रचार फैलाया. उन्होंने पेपर दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. यह उसका प्रमाण है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को उस आवास में जाना था लेकिन मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह आवास सीएम आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है. अब जो चुनाव नहीं जीत पाते और मुख्यमंत्री नहीं बना पाते वह मुख्यमंत्री आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. चुनावी नतीजों पर कही यह बात इसके साथ ही संजय सिंह ने मंगलवार को आए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे पर आज तक वह थर्मामीटर नहीं मिला जो यह तय करता हो कि हमने किसी पार्टी का वोट लिया हो. हम जाती धर्म की बात नहीं करते है, हम स्वास्थ्य, शिक्षा की बात करते है जो हर जाति धर्म के लोगों को मिलता है. इसलिए लोग चाहते है कि ऐसी पार्टी आए जो सबकी बात करती है.जम्मू कश्मीर में आप पार्टी एक सीट पर चुनाव जीती है, पूरे चुनाव में वहां पर केजरीवाल के मॉडल की बात की गई. देश के 5 वें राज्य में आप पार्टी की एंट्री हो चुकी है यह हमारे लिए सुखद बात है   केजरीवाल ने खाली किया विवादों से सुर्खियों में रहा आवास  दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया. राजनीति में आने से पहले दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अरविंद केजरीवाल परिवार के संग रहते थे. जब वे पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, तब आईटीओ के समीप तिलक लेन के सरकारी फ्लैट मैं कुछ समय तक रहे. दोबारा वर्ष 2015 में जब पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लेकर अभी तक अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. इसी आवास के एक हिस्से में मुख्यमंत्री कार्यालय भी चल रहा था. लेकिन वर्ष 2020 में जब तीसरी बार केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने तब इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया. उसके बाद से यह सरकारी आवास विवादों के चलते सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने इसे शीशमहल का नाम दिया. इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए और तब से आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के करीबी नेताओं को ही इस आवास में एंट्री थी. बाहर से आए आगंतुकों के लिए एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित रखा गया था. आज आखिरकार यह आवास छोड़कर अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 में परिवार संग शिफ्ट हो रहे हैं.   सरकारी आवास के रेनोवेशन में 45 करोड़ खर्च, हो रही है जांच सिविल लाइंस 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास में रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ खर्च हुए हैं. कांग्रेस नेता अजय माकन और बीजेपी नेता मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इसकी शिकायत की तब उपराज्यपाल ने इस मामले की अनियमितता की जांच दी. सरकारी आवास में हुए रेनोवेशन के संबंध में एलजी ने तत्कालीन मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी मांगी थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा था. सुनीता केजरीवाल ने सौंपी घर की चाबियां दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सौंदर्यीकरण नहीं था पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया घर बनाया गया और वहां उनका कैंप ऑफिस भी है. खर्च लगभग 45 करोड़ रुपये हुए हैं. लोक निर्माण विभाग ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की रिपोर्ट दी थी. पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है. दस्तावेज के अनुसार निर्माण पर 43.70 करोड़ की स्वीकृति राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में के 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी आवास पर खर्च हुए हैं. लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 के आसपास इस घर का निर्माण हुआ था और यह घर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को रहने के लिए बनाया गया था. अरविंद केजरीवाल ने छोड़ा मुख्यमंत्री आवास सरकारी आवास के आंतरिक साज-सज्जा पर करोड़ों खर्चउपराज्यपाल को सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर पानी की तरह करोड़ों खर्च करने की … Read more

केजरीवाल का जनता की अदालत से BJP पर हमला, कहा- ‘हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है’

नई दिल्ली आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी की “डबल इंजन सरकार” का नतीजा केवल “महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार” है। AAP की जनता की अदालत में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा केजरीवाल ने कहा, “हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भाजपा की अगुआई वाली डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है। डबल इंजन की अवधारणा पूरे देश में विफल हो गई है। जून में एक इंजन तब टूट गया था जब उन्हें सिर्फ़ 240 सीटें मिलीं थीं और अब दूसरा इंजन हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और झारखंड में विफल हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों को अब एहसास हो गया है कि “डबल इंजन” महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार का पर्याय है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे दिल्ली चुनाव नजदीक आएंगे, वे एक बार फिर डबल इंजन वाली सरकार की मांग करेंगे। लेकिन आपको उनसे पूछना चाहिए कि क्या हरियाणा में डबल इंजन वाली सरकार ने कुछ हासिल किया? उन्होंने 10 साल तक शासन किया, फिर भी मैंने अपने अभियान के दौरान देखा कि लोग भाजपा नेताओं को अपने गांवों में प्रवेश तक नहीं करना चाहते हैं।” केजरीवाल ने UP में भाजपा के शासन की आलोचना करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में सात साल से उनकी डबल इंजन वाली सरकार है, फिर भी हाल के चुनावों में उन्हें केवल आधी सीटें ही मिलीं। मणिपुर में, उनके शासन में दो साल से राज्य जल रहा है। देश इस डबल इंजन वाली व्यवस्था से ऊब चुका है – यह केवल लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।” भाजपा के चुनावी वादों पर सीधा प्रहार करते हुए केजरीवाल ने मतदाताओं से पार्टी के दावों को चुनौती देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”वे आपके घर आएंगे और जो कुछ मैंने किया, वही सब करने का वादा करेंगे। लेकिन अगर ऐसा है, तो हमें उनकी क्या ज़रूरत है? उन्होंने 22 राज्यों पर शासन किया है, फिर भी हमने दिल्ली में शिक्षा को बदल दिया है। उनसे पूछिए, उन्होंने किस राज्य में स्कूलों में सुधार किया है? गुजरात में, जहाँ भाजपा एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है, एक भी स्कूल अच्छी स्थिति में नहीं है।” दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए केजरीवाल ने इसकी तुलना 1990 के दशक में बॉम्बे की अराजकता से की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में अपराध आसमान छू रहे हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। आम आदमी के लिए इस शहर में सुरक्षित रहना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।” महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए केजरीवाल ने आप सरकार के तहत बस मार्शलों की फिर से नियुक्ति को याद किया। उन्होंने कहा, “बस मार्शलों की नियुक्ति के बाद से कई महिलाओं ने महसूस किया है कि वे सार्वजनिक परिवहन में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। अगर कोई दुर्व्यवहार करता है, तो महिलाएं अब अपनी आवाज उठा सकती हैं और मार्शल तुरंत हस्तक्षेप करते हैं, अपराधी को पकड़ते हैं और उसे पुलिस के हवाले कर देते हैं।”  

बंगला नंबर-5; पूर्व मुख्यमंत्री को मिल गया नया पता, सांसद आवास में रहेंगे AAP मुखिया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अपना आवास खाली करेंगे। मुख्यमंत्री वाला घर छोड़कर केजरीवाल अब एक सांसद आवास में शिफ्ट होने जा रहे हैं। यह आम आदमी पार्टी के एक राज्यसभा सांसद के नाम आवंटित है, जो नई दिल्ली में फिरोजशाह रोड पर है। यानी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का नया पता है- बंगला नंबर 5, फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं, पार्षदों, विधायकों और सांसदों ने केजरीवाल को अपना घर देने की पेशकश की थी। केजरीवाल के लिए एक ऐसे घर की तलाश थी जो पार्टी मुख्यालय से नजदीक हो। ऐसे में फिरोजशाह रोड स्थिति बंगला नंबर 5 का चुनाव किया गया। यहां रहने से केजरीवाल को कई फायदे होंगे। एक तरफ जहां वह अपनी विधानसभा सीट को साध सकते हैं तो दूसरी तरफ पार्टी मुख्यालय तक उनकी पहुंच आसान रहेगी। कथित शराब घोटाले में कई महीने जेल में रहकर निकले अरविंद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। नियम मुताबिक उन्हें सीएम आवास खाली करना है। अब इस घर में दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी शिफ्ट होने जा रही हैं। अभी उनके नाम जो आवास आवंटित है उसमें दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का परिवार रह रहा है। पहले यह आवास सिसोदिया के नाम आवंटित था। आम आदमी पार्टी ने कहा था कि केजरीवाल नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे। इस आवास को लेकर काफी राजनीति भी होती रही है। भाजपा आरोप लगाती है कि केजरीवाल ने सीएम आवास में करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा इसे शीशमहल कहकर केजरीवाल को घेरती रही है।

INDIA Alliance Rally: भाजपा ने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डाला- अखिलेश

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh

INDIA Alliance Rally: BJP put Kejriwal in jail for selfishness- Akhilesh दिल्ली ! मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिगड़ते स्वास्थ्य और अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की जंतर मंतर पर एक बड़ी रैली हो रही है। रैली में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और गिरते स्वास्थ्य को लेकर इंडिया गंठबधन द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और संदीप पाठक मंच पर पहुंचे। मंच पर पहुंचे राम गोपाल यादवमंच पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार मात्र एक साल तक ही चलेगी। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से आप आदमी पार्टी के साथ है। वहीं शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना उद्धव गुट का डीएनए और इंडिया गठबंधन का डीएनए एक है। गुजरात के जो दो तानाशाह हैं वो सबसे डरपोक हैं। जब हमारी सरकारी आयेगी तो बताएंगे की ईडी और सीबीआई क्या है। यही इन दोनो तानाशाह को भी जेल में डालेगी। आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा पर षड्यंत्र का आरोप लगा रही है। आप का आरोप है कि भाजपा अरविंद केजरीवाल को जेल में मारना चाहती है। लगातार उनका ब्लड प्रेशर कम हुआ। तीन जून से सात जून के बीच 34 बार ब्लड प्रेशर गिरा। अखिलेश बोले– भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए केजरीवाल को जेल में डालासमाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा की इससे पहले भी दिल्ली में अरविंद केजीवाल के पक्ष में रैली की गई थी। उसमे भी कहा गया था कि अन्याय किया जा रहा है। भाजपा ने अपने स्वार्थ के लिए सीएम केजरीवाल को जेल में डाल दिया। यूपी ने इस बार भाजपा को हरा कर अपना फैसला समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन को जिताया है। भाजपा को यह पता होना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कहा कि मैंने चुनाव से पहले एक बात कही थी कि दिल्ली (केंद्र सरकार) के पास कई ऐसे संगठन हैं, जो समय-समय पर नेताओं को परेशान करते हैं, वो संगठन उन्हें न्याय नहीं मिलने देते… अगर हम सत्ता में आए तो हम ऐसे संगठनों को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। हमारे लोकतंत्र में किसी पर झूठा आरोप नहीं लग सकेगा।

15 जुलाई तक जेल में ही रहेंगे केजरीवाल, दिल्ली हाईकोर्ट से झटका

नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दी गई जमानत रद्द करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई इसलिए टाल दी क्योंकि एजेंसी ने कहा कि उसे कल देर रात केजरीवाल का जवाब मिला है। केजरीवाल के वकीलों ने इस दलील का विरोध किया और कहा कि कल दोपहर 1 बजे जवाब दिया गया था। ईडी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि केजरीवाल के वकीलों ने उन्हें रात 11 बजे अपने जवाब की कॉपी सौंपी। राजू ने कहा कि वह जवाब पर रिजाइंडर (प्रत्युत्तर) दाखिल करना चाहते हैं। वहीं केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस दावे को चुनौती दी और कहा कि उन्होंने कल दोपहर 1 बजे जांच अधिकारी को जवाब की कॉपी सौंप दी थी। सिंघवी ने कहा कि मामले में बहुत ज्यादा अरजेंसी है और वह काउंटर जवाब देने के लिए तैयार हैं और बिना जवाब के ही मामले पर बहस करेंगे। हालांकि, जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने मामले की सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ईडी केजरीवाल के जवाब पर अपना जवाब (रिजाइंडर) दाखिल करने का हकदार है। इससे पहले मंगलवार को केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी द्वारा उन्हें दी गई जमानत के खिलाफ दायर याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष की धारणाओं और कपोल कल्पना के आधार पर जमानत के आदेश को खारिज नहीं किया जा सकता। बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल फिलहाल दिल्ली शराब घोटाले में कथित अनियमितताओं के चलते तिहाड़ जेल में बंद हैं। 20 जून को निचली अदालत ने प्रत्यक्ष साक्ष्य के अभाव का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि ईडी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनैती दी। कोर्ट ने 24 घंटे से भी कम समय बाद, 21 जून को इसपर रोक लगा दी।  

शराब घोटाले की CBI जांच हुई पूरी, अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल को छोड़कर केस से जुड़े अन्य सभी आरोपियों की भूमिका की जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा कि अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। सीबीआई के वकील एडवोकेट डीपी सिंह ने आगे कहा कि हम 4 जून के बाद हुए कुछ नए घटनाक्रमों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देंगे, जिसके कारण हमें अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना पड़ा। सीबीआई ने आगे कहा कि केवल केजरीवाल की भूमिका और जांच की आगे जांच की गई है और बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने आगे स्पष्ट किया कि सॉलिसिटर जनरल द्वारा पहले दिया गया बयान केजरीवाल को छोड़कर मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों से संबंधित था। इससे पहले 4 जून को सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया था कि जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा था कि अंतिम शिकायत और आरोप पत्र शीघ्रता से और किसी भी स्थिति में 3 जुलाई, 2024 को या उससे पहले दायर किया जाएगा और उसके तुरंत बाद ट्रायल कोर्ट मुकदमे की कार्यवाही के लिए स्वतंत्र होगा। उक्त दलीलों के मद्देनजर और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस न्यायालय द्वारा 30 अक्टूबर, 2023 के आदेश द्वारा निर्धारित “6-8 महीने” की अवधि खत्म नहीं हुई है,  इन याचिकाओं का निपटारा करना पर्याप्त होगा। साथ ही याचिकाकर्ता को सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार अंतिम शिकायत/आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अपनी प्रार्थना को नए सिरे से रिवाइव करने की स्वतंत्रता दी जाएगी। मनीष सिसोदिया और के. कविता के वकीलों ने शनिवार को आरोप लगाया कि सीबीआई बयानों को गलत तरीके से गढ़ रही है और गुमराह कर रही है। 22 मार्च को अदालत द्वारा पारित न्यायिक आदेश में कहा गया था कि जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने अदालत के समक्ष गलत तरीके से कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि दायर की गई स्टेटस रिपोर्ट इसके विपरीत है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जुलाई 2024 तक बढ़ा दी। इस बीच, कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को विधायक निधि से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दे दी। कोर्ट ने उन्हें अपने परिवार के खर्चों के लिए बैंक चेक पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दी। हालांकि, कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने के पहलू पर भी अपनी सुनवाई टाल दी। कोर्ट ने आरोपपत्र के कुछ पन्नों पर गलत पृष्ठांकन होने के बाद मामले की सुनवाई 8 जुलाई 2024 तक टाल दी।  

केजरीवाल की पत्नी सुनीता पर कोर्ट का एक्शन, जानें किस मामले में दिल्ली HC ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही का वीडियो हटाने का निर्देश दिया। सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर ये वीडियो तब पोस्ट किया था जब अरविंद केजरीवाल शराब नीति घोटाले मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार होने के बाद अदालत के सामने पेश हुए थे। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस अमित शर्मा की बेंच ने सुनीता केजरीवाल और अन्य के खिलाफ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। ‘सुनीता केजरीवाल ने जानबूझ कर की कोर्ट की अवमानना’ सुनीता केजरीवाल के खिलाफ ये जनहित याचिका दिल्ली के वकील वैभव सिंह ने दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने जानबूझकर और इरादतन दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अधिसूचित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों की अवहेलना की है। इस याचिका में अक्षय मल्होत्रा, एक्स यूजर नागरिक-इंडिया जीतेगा, प्रमिला गुप्ता, वीनेता जैन और डॉ. अरुणेश कुमार यादव के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है। अदालत ने सभी आरोपियों को निर्देश दिया है कि वे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से वीडियो हटा दें। अब इस मामले की सुनवाई 09 जुलाई को होगी। एसआईटी के गठन की मांग अदालत में दायर याचिका में एक एसआईटी के गठन की मांग की गई है, जो उन लोगों के खिलाफ जांच करे और एफआईआर दर्ज करे, जिन लोगों ने कोर्ट की कार्यवाही का ऑडियो और वीडियो सार्वजनिक किया। याचिका में कहा गया है कि इस कदम ने ट्रायल कोर्ट के जज की जान को खतरे में डाल दिया है। आप के नेताओं पर साजिश करने का आरोप याचिका में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने जानबूझकर और इरादतन कोर्ट की कार्यवाही का ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग किया और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया। इससे कोर्ट की कार्यवाही को बिगाड़ने और गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट की कार्यवाही की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग करने की साजिश अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के सदस्यों द्वारा रची गई थी। आरोपियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने की मांगयाचिका में उन लोगों की पहचान के लिए पूरी जांच की मांग की गई है, जो कथित रूप से कोर्ट की कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग करके उसे शेयर करने के लिए जिम्मेदार हैं। याचिका में अपील की गई है कि आरोपियों को कोर्ट की अवमानना अधिनियम, 1971 के प्रावधानों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम उल्लंघन के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। इसके अलावा, याचिका में यह भी मांग की गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को निर्देश जारी किए जाएं ताकि ऐसी अनधिकृत रिकॉर्डिंग को रोका जा सके।

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