LATEST NEWS

अब मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को किराए में 50 फीसद की छूट मिलेगी, अब सफर के लिए देना होगा 15 रुपये किराया

इंदौर इंदौर मेट्रो में सफर के लिए आज से यात्रियों को दो स्टेशनों के बीच सफर के लिए 10 रुपये और पांच स्टेशनों तक सफर के लिए 15 रुपये चुकाने होंगे। अब मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को किराए में 50 फीसद की छूट मिलेगी। पिछले एक सप्ताह तक यात्रियों को किराए में 75 फीसद की छूट दी जा रही थी। इंदौर में मेट्रो शुरू हुए 14 दिन बीत चुके हैं। शुक्रवार तक पिछले 13 दिनों में मेट्रो में दो लाख से ज्यादा लोगों ने सफर किया है। इंदौर से उदय प्रताप सिंह की रिपोर्ट-   15 से 20 मिनट में चल रही एक मेट्रो फिलहाल सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांचों स्टेशन पर हर 15-20 मिनट में एक मेट्रो चलाई जा रही है। अब इतने लोगों ने किया सफर  मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन, एक दिन में मिलेगाMP Domicile Certificate: मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन, एक दिन में मिलेगा     31 मई : 25,000 से ज्यादा     1 जून : 26,803     2 जून : 16,071     3 जून : 19,701     4 जून : 20,534     5 जून : 21,179     6 जून : 19,215     7 जून : 19,798     8 जून : 18,087     9 जून : 4,022     10 जून : 3,350     11 जून : 3,159     12 जून : 2,555     13 जून : 2,364     14 जून : 2,518     कुल : 2,04,356 सबसे ज्यादा यात्रियों का सफर 1 जून को 26,803 सबसे कम यात्रियों का सफर 8 जून 18,087 15 जून से किराए की नई दर     50 फीसद छूट के साथ अगले एक सप्ताह के लिए किराए की दरें     दो स्टेशनों के बीच सफर : 10 रुपये     पांच स्टेशनों के बीच सफर : 15 रुपये     गांधीनगर (रानी लक्ष्मीबाई स्टेशन) से बैठकर पांच स्टेशनों का सफर कर पुनः इसी स्टेशन पर लौटने पर : 30 रुपये     1 से 7 जून : निशुल्क मिली यात्रा     8 से 14 जून : 75 फीसद की छूट (5 रुपये, 8 रुपये)     15 से 21 जून : 50 फीसद की छूट (10 रुपये, 15 रुपये)     22 जून के बाद : 25 फीसद की छूट

प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा का ध्यान रखते हुए पूरे किए जाएं :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा का ध्यान रखते हुए पूरे किए जाएं। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे कार्य के दौरान कोई कठिनाई नहीं आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को नवंबर 2018 में मंजूरी दी गई। भोपाल मेट्रो की दोनों लाइन की कुल वास्तविक लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है और इसके 30 स्टेशनों में ये 2 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। जिसकी लागत 10 हजार 033 करोड़ रूपए अनुमानित है। शुरुआत में यहां 3 कार वाली कुल 27 ट्रेन संचालित होंगी। भविष्य में मेट्रो की कार संख्या बढ़ाकर 6 की जा सकती है। ऑरेंज लाइन-करोंद चौराहा से एम्स साकेत नगर तक और ब्लू लाइन- भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक होगी। मेट्रो डिपो सुभाष नगर में स्थापित होगा। भोपाल मेट्रो के पहले फेज (पुल बोगदा से एम्स तक) का कार्य अगस्त 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी लंबाई 7 किलोमीटर और स्टेशनों की संख्या 8 है। वहीं, दूसरे फेज में करोंद चौराहा से पुल बोगदा तक 9 किलोमीटर में 6 स्टेशन बनाए जाएंगे इनमें से 2 स्टेशन जमीन के नीचे बनाए जाएंगे। भोपाल मेट्रो के तीसरे फेज में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक 14.16 किलोमीटर में मेट्रो ट्रैक बनाया जाएगा, जिसमें कुल 14 एलिवेटेड स्टेशन निर्मित किए जाएंगे। भोपाल मेट्रो के दूसरे और तीसरे फेज का निर्माण कार्य जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यहां पुल बोगदा ऑरेंज और ब्लू लाइन का इंटरचेंज स्टेशन होगा। पूर्व में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच मेट्रो की टेस्टिंग अक्टूबर 2023 में की जा चुकी है। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना राज्य सरकार ने इंदौर मेट्रो ट्रेन परियोजना को नवंबर 2018 में स्वीकृति प्रदान की थी। इस परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर से अधिक है, 7 भूमिगत सहित जिसमें कुल 28 स्टेशन बनाए गए हैं। यहां पहले फेज में 3 कार वाली ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। आगामी वर्षों में मेट्रो ट्रेन बढ़ाकर 25 और मेट्रो कार संख्या आवश्यकतानुसार 6 तक बढ़ाई जा सकती है। इंदौर मेट्रो परियोजना की कुल लागत 12 हजार 088 करोड़ रूपए अनुमानित है। यलो लाइन के प्रमुख स्टेशन- गांधी नगर, आईएसबीटी, विजय नगर चौराहा, पत्रकार कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, राजवाड़ा, बड़ा गणपति, एयरपोर्ट हैं। मेट्रो डिपो गांधी नगर में स्थापित होगा। इंदौर मेट्रो के पहले फेज (रीच 1) में गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर 3 के बीच 6.3 किलोमीटर में मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है, जिसका उद्घाटन 31 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इस फेज में मेट्रो स्टेशनों की संख्या 5 है। पहले फेज के रीच 2 में सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर चौराहा के बीच लगभग 11 किलोमीटर लंबाई में 11 स्टेशन बनकर तैयार होंगे। इस कार्य की डेडलाइन अक्टूबर 2025 रखी गई है। इसी प्रकार इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज में मालवीय नगर चौराहा से पलासिया चौराहा तक 5.34 किलोमीटर ट्रैक बनाया जाएगा इसमें 5 एडिवेटेड स्टेशन होंगे। इस फेज में कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है। तीसरे फेज में पलासिया चौराहा से गांधीनगर तक 8.70 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक निर्माण किया जाएगा। यहां अंडरग्राउंड स्टेशनों की संख्या 7 होगी। इस फेज का निर्माण कार्य दिसंबर 2028 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। व्यापक गतिशीलता योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन एवं जबलपुर शहरों के लिए व्यापक गतिशीलता योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि परियोजनाएं अनुमोदन के विभिन्न चरणों में हैं। भोपाल-सीएमपी और एएआर प्रस्तुत एमआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित हितधारकों को प्रस्तुत किया जाना है। इंदौर- सीएमपी और एएआर एमआरटीएस मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए गए हैं। ग्वालियर- सीएमपी और एएआर और हितधारकों द्वारा अनुमोदित एमआरटीएस लाइट मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए गए हैं। उज्जैन और जबलपुर- सीएमपी और एएआर हितधारकों को प्रस्तुत किया जाना है। राज्य शासन के अनुमोदन के बाद प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडर के डीपीआर तैयार किए जाने के प्रक्रिया की जाएगी। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर लक्ष्य , एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे

भोपाल  इंदौर में मेट्रो के कॉमर्शियल रन को 12 दिन बीत चुके हैं। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर फोकस है। खासकर 3 स्टेशन- एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे।  इंदौर मेट्रो के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने भोपाल मेट्रो के काम को भी तेजी से चलने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि जब भी भोपाल में मेट्रो का कॉमर्शियल रन होगा, पीएम ही हरी झंडी दिखाने आएंगे। इसलिए मेट्रो के अधूरे कामों को तेजी से निपटाया जा रहा है। वहीं, मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी लगातार दो दिन से मैराथन मीटिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। इन कामों को जल्दी पूरा करने का टारगेट तीनों मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एक्जिट, सिविल, सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, ट्रैफिक, सिग्नल्लिंग, आंतरिक एवं बाहरी निर्माण कार्य पर फोकस है। इन्हें अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। पहले आरडीएसओ टीम आएगी भोपाल मेट्रो के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम पहले आएगी। इसके लिए सभी डॉक्युमेंट्स सब्मिट किए जा चुके हैं। इसके बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी टीम इंस्पेक्शन करेगी। टीम की ‘ओके’ रिपोर्ट मिलने के बाद लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इस पूरी प्रोसेस में 4 से 5 महीने लग सकते हैं। इसी बीच मेट्रो के बाकी बचे 3 स्टेशन- एम्स, डीआरएम तिराहा और अलकापुरी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। साल 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80Km प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कॉमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह टीम अगले कुछ महीने में आ जाएगी। भोपाल में इसलिए देरी से कॉमर्शियल रन पिछले साल रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए थे। वहीं, मार्च में दोनों ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी कर ली गई। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी। चूंकि, अभी स्टेशन में काम बाकी है। इसलिए इसे प्रायोरिटी में न लेते हुए इंदौर में पहले मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया। पिछले 6-8 महीने से पूरा फोकस इंदौर पर रहा। छोटे-बड़े काम जल्दी निपटाए गए। इसलिए इंदौर में पहले मेट्रो चली। ये देखेगी सीएमआरएस टीम आरडीएसओ की टीम मेट्रो के संचालन से जुड़े काम देखेगी। इसके बाद मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम दो बार पहुंचेंगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि कॉमर्शियल रन से पहले सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जांच करती है। जिसमें वह ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।  सितंबर से शुरू होगी कमर्शियल सेवा, जानें क्या है खास? मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा।  तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम  अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा।  क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।  सबकुछ ठीक मिला तो ‘ओके’ रिपोर्ट देगी टीम निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद कॉमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। 6.22 Km लंबा है प्रायोरिटी कॉरिडोर भोपाल में मेट्रो का 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। अगले कुछ महीनों में कॉमर्शियल रन शुरू करने का प्लान है। इसके बाद जब आप मेट्रो ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में एंट्री करेंगे तो आपको ठीक वैसी तस्वीर नजर आएगी, जो किसी एयरपोर्ट के अंदर की होती है। अंदर फूड प्लाजा और कुछ शॉप भी रहेंगी। जहां से आप खाने-पीने और जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारी भी शुरू कर दी … Read more

इंदौर में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चल रही मेट्रो ट्रेन में अब यात्रियों की संख्या कम होने लगी

इंदौर मई 2025 को 6.3 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल सेवा शुरू करने के बाद शुरुआती हफ्ते में मुफ्त सुविधा से 50,000 से अधिक लोग ने सफर किया, लेकिन 8 जून से किराया लागू होने के बाद यात्री संख्या 20,000 से नीचे आ गई। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार, किराया 20-30 रुपये है। लोग कहते हैं कि छोटा रूट और कम स्टेशन होने से वे बस या ऑटो चुन रहे हैं। डिस्काउंट स्कीम शुरू की गई, मगर इसका असर सीमित रहा। मेट्रो का कॉरिडोर गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक है, जिसमें 5 स्टॉप हैं। किराया लागू होने के बाद पहले तीन महीनों के लिए छूट दी गई—दूसरे हफ्ते 75%, तीसरे हफ्ते 50%, और तीसरे महीने तक 25%। फिर भी, लोग मेट्रो कम चुन रहे हैं। रेडिसन स्क्वायर तक लाइन बढ़ने से स्थिति सुधर सकती है। AICTSL बसों के साथ जोड़ने की योजना भी है। इंदौर मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार 31 मई को मेट्रो का उद्घाटन हुआ और 8 जून तक यात्रियों को फ्री सफर कराया गया। इस दौरान 1 जून को 26,803 और 8 जून को 18,087 यात्रियों ने ट्रेन का सफर किया। किराए में छूट के साथ 9 जून से किराया और टिकट अनिवार्य हुआ। इस दिन 4022 यात्रियों ने ही सफर किया। 10 जून का यह संख्या 3350 रह गई और बुधवार को लगभग 3 हजार। कार्पोरेशन के अधिकारियों को वीक एंड पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। 15 जून तक मिलेगी किराए में छूट इंदौर मेट्रो में दो स्टेशनों के बीच सफर करने पर 5 रुपए और पांच स्टेशनों तक यात्रा करने पर 8 रुपए का टिकट लग रहा है। 8 से 15 जून तक मेट्रो किराए में 75% की छूट दी जा रही है। देवी अहिल्याबाई होलकर स्टेशन (गांधी नगर) से मेट्रो में चढ़कर पांचवें स्टेशन वीरांगना झलकारी बाई (टीसीएस) स्टेशन पर उतरने पर यात्री को 8 रुपए किराया देना होगा। यदि यात्री वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन से वापस देवी अहिल्याबाई होलकर स्टेशन तक यात्रा करता है, तो उसे फिर से 8 रुपए का टिकट लेना होगा। कमी की वजह किराया या पहुंच? किराया लागू होना यात्री कमी का बड़ा कारण है। 20-30 रुपये छोटी दूरी के लिए महंगा लगता है। सुपर कॉरिडोर में IT कर्मचारी मेट्रो लेते हैं, मगर आम लोग ऑटो और बस को सस्ता मानते हैं। केवल 5 स्टेशन और 6.3 किमी का रूट सीमित है। स्टेशनों तक पहुंचने में समय और खर्च बढ़ता है। लोग सुविधा और लागत देखकर बस या ऑटो लेते हैं। मेट्रो का दायरा बढ़ाने की जरूरत है। सुविधाएं और चुनौतियां मेट्रो में प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स, QR-कोड टिकट, और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हैं। ट्रेनें एयर-कंडीशंड हैं, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर स्पेस और दृष्टिबाधितों के लिए ऑडियो सिस्टम है। मगर टिकटिंग अभी मैनुअल है, क्योंकि ऑटोमैटिक सिस्टम की जांच चल रही है। थर्ड रेल और AI-बेस्ड कंट्रोल पर्यावरण-अनुकूल हैं। रूट विस्तार में देरी चुनौती है। रेडिसन स्क्वायर तक लाइन पूरी होने तक बड़ा बदलाव मुश्किल है।

इंदौर में जनवरी ने या फरवरी महीने से मेट्रो रेल दौड़ना शुरू हो जाएगी

इंदौर इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के शुरू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। मेट्रो चलाने के लिए अब मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की हरी झंडी का इंतजार है और सब कुछ ठीक रहा, तो शहर में इस महीने या अगले महीने से मेट्रो रेल दौड़ना शुरू कर सकती है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने तैयारी पूरी कर ली है। मेट्रो के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि एमपीएमआरसीएल द्वारा सीएमआरएस को जरूरी दस्तावेज जमा किए जाने का काम अंतिम दौर में है। उन्होंने इसके बाद सीएमआरएस का दल मेट्रो रेल के डिपो और स्टेशनों के निरीक्षण की तारीख तय करके सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद सीएमआरएस की हरी झंडी मिलने की स्थिति में शहर में मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन इस महीने या फरवरी से शुरू हो सकता है। मेट्रो अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन के बीच 5.90 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस गलियारे पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, जानकारों का कहना है कि इस मार्ग पर छितराई आबादी के कारण मेट्रो रेल को शुरुआत में यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। एमपीएमआरसीएल अधिकारी ने कहा कि शहर में एक बार मेट्रो रेल शुरू हो जाने और इसके मार्ग की लम्बाई बढ़ने के बाद यात्रियों की कोई कमी नहीं होगी। इस बारे में जानकारी देते हुए एक मेट्रो अधिकारी ने बताया कि शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। उन्होंने हालांकि बताया कि शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में 7,500.8 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।

बैरागढ़ में 91 पिल्लरों पर खड़ा होगा एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज, भोपाल से इंदौर, उज्जैन की ओर सीधे गुजर सकेंगे वाहन

भोपाल  संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) मेन रोड पर प्रस्तावित प्रदेश के पहले एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज के पिलरो पर ही मेट्रों का बेस बन सकेगा। भविष्य में बैरागढ़ को मेट्रो रूट से जोड़ने की योजना है। पिलर पहले से ही तैयार होने के कारण मेट्रो चलाना आसान होगा। ब्रिज बनने से बैरागढ़ की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड ब्रिज का काम तेज कर दिया है।विधायक रामेश्वर शर्मा ने एलिवेटेड निर्माणाधीन डबल डेकर ब्रिज का अवलोकन किया। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री जावेद शकील ने उन्हें योजना के बारे में जानकारी दी। ब्रिज की लंबाई लगभग तीन किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई 24 से 26 मीटर तक है। ऊंचाई करीब नौ मीटर रहेगी। विधायक ने निर्माण के दौरान कट प्वाइंट कम समय के लिए बंद करने को कहा ताकि व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं हो। फिलहाल मेन रोड पर बैरिकेड लगाकर काम किया जा रहा है। कुछ हिस्से में बेरिकेड लगने के बाद वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। विधायक ने परेशानी दूर करने के निर्देश दिए। ब्रिज बनने से भोपाल से इंदौर एवं उज्जैन महाकाल जाने वाले वाहनों को आसानी होगी। बैरागढ़ उपनगर में प्रवेश किए बिना वाहन सीधे रवाना हो सकेंगे। हर 15 दिन में निरीक्षण, चार्ट बनेगा एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के लिए 306 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केबिनेट की बैठक में इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हुआ। इसकी समय सीमा 32 माह है, लेकिन विधायक रामेश्वर शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि पहला चरण 18 माह में पूरा कर लिया जाए, ताकि मेन रोड से आवाजाही आसान हो सके। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण चार्ट भी बनेगा। ब्रिज निर्माण होने के कारण भोपाल-इंदौर के बीच चल रही बसें एवं बड़ी ट्रकों का रूट डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान भाजपा के मंडल अध्यक्ष कमल वीधानी, चंदूभाई इसरानी, किशन अच्छानी, पीडब्ल्यूडी के ओएसडी रवि शुक्ला एवं नगर निगम अधिकारी भी उपस्थित थे। संत हिरदारामजी की कुटिया के निकट भी मिक्स लेन में काम शुरू बैरागढ़ मेन रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज 91 पिल्लरों पर खड़ा होगा। लोक निर्माण विभाग की निगरानी में मिट्टी की टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। सीहोर नाका एवं हलालपुर छोर के बाद अब संत हिरदारामजी की कुटिया के निकट तीसरे छोर पर भी काम शुरू कर दिया गया है। इसके निर्माण पर करीब 306 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। ब्रिज का काम सिंगल पिल्लर सिस्टम के तहत किया जाएगा। भविष्य में इसी ब्रिज के ऊपर मेट्रो लेन बिछाई जा सकेगी। हलालपुर से सीहोर नाका स्थित विसर्जन घाट तक बीआरटीएस लेन हटाने के साथ ही इसका काम प्रारंभ किया गया था। पिल्लर खड़े करने से पहले साइल एवं पाइल टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग के बाद प्रारंभिक काम किया जा रहा है। पिल्लर ख़ड़े करने की तैयारी की जा रही है। पिल्लर खड़े करने की शुरूआत सीहोर नाका एवं संतजी की कुटिया के पास होगी। पहले इस ब्रिज को संत हिरदारामजी की कुटिया से थोड़ा आगे सीवेज पंप हाउस से शुरू किया जााना था। अब इसे हलालपुर के निकट से शुरू किया जा रहा है। तीन जगह मिक्स लेन बंद हुई बीआरटीएस मार्ग के बीच में बनी मिक्स लेन वाले हिस्से को अब बेरिकेड रखकर बंद किया गया है। मिक्स लेन कुछ समय में पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है किबाकी दोनों लेन से ट्रेफिक पहले की तरह संचालित होगा। ब्रिज बनाने का काम प्रारंभ होने से व्यापारिक संगठन संभावित तोड़फोड़ से चिंतित थे। संत हिरदाराम मार्केट का कुछ हिस्सा टूटने की आशंका बनी हुई है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ब्रिज के लिए जितनी जगह चाहिए उतनी उपलब्ध है इसलिए तोड़फोड़ की संभावना नहीं है। ब्रिज की चौड़ाई करीब 26 मीटर रहेगी। यह काम लोक निर्माण विभाग की सेतू शाखा के माध्यम से किया जाएगा। भविष्य में ब्रिज के नीचे ही पार्किंग विकसित की जाएगी।

मेट्रो में सफर करने वालो के लिए सुविधा, मेट्रो ने शुरू की वाट्सप टिकट सेवा, ‘Hi’ भेजकर खरीद सकते हैं टिकट

मुंबई महामुंबई मुंबई मेट्रो 2A और 7 पर अब आप वाट्सएप से टिकट बुक कर सकते हैं। यह सुविधा महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने शुरू की है। यात्रियों को 86526 35500 पर ‘Hi’ लिखकर WhatsApp करना होगा या स्टेशनों पर लगे QR कोड को स्कैन करना होगा। यह सुविधा सभी स्टेशनों पर उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, टिकट काउंटरों पर कतारों को कम करना और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। एक बार में छह QR टिकट तक जेनरेट किए जा सकते हैं। क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर मामूली शुल्क लगेगा, लेकिन यूपीआई लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। कतारें कम करने में मदद मिलेगी एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी ने कहा कि यात्रियों की संख्या में हर महीने औसतन 5% की वृद्धि हो रही है। हम समय की पाबंदी और निर्बाध सेवाओं के मामले में उम्मीदों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वाट्सएफ टिकटिंग सुविधा से टिकट काउंटरों पर कतारें कम करने में मदद मिलेगी। जानें क्यों चुना ये विकल्प उन्होंने बताया कि वर्तमान में, हमारे 62% दैनिक यात्री पेपर क्यूआर टिकट का उपयोग करते हैं, 3% मोबाइल क्यूआर टिकट का उपयोग करते हैं और 35% NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) का उपयोग करते हैं। MMMOCL के एमडी रूबल अग्रवाल ने कहा कि हम अपने यात्रियों को मेट्रो टिकट बुक करने के लिए एक सुलभ, सहज और परिचित प्लेटफॉर्म प्रदान करना चाहते थे। भारत में वाट्सएप का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, इसलिए यह सबसे सही विकल्प था।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live