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इंदौर मेट्रो ट्रेन की डेडलाइन घोषित पहले चरण में 17.5 किलोमीटर लंबी दूरी पर दौड़ेगी

इंदौर  मध्य प्रदेश के दो सबसे बड़े शहर इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेन का काम तेज गति से जारी है. इस मामले में इंदौर बाजी मारते हुए दिख रहा है. इंदौर में पहले चरण में 17.5 किलोमीटर लंबी दूरी पर मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी. इंदौर में दीपावली तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है. इसका शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ये जानकारी दी. इंदौर में मेट्रो ट्रेन का किराया क्या है दरअसल, हाल ही में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की स्वीकृति मिलने के बाद इंदौर मेट्रो रेल कंपनी द्वारा जल्द से जल्द मेट्रो ट्रेन शुरू करने की तैयारी की गई है. इसका किराया भी न्यूनतम ₹20 से लेकर अधिकतम 80 रुपए तक तय कर दिया गया है. पहले चरण में मेट्रो ट्रेन गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक चलेगी, जो सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक दोनों और 50-50 फेरे लगाएगी. शनिवार को मेट्रो रेल कंपनी के अधिकारियों के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी और स्टेशनों के साथ व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. दीपावली तक मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेगी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया “पहले चरण में दीपावली तक 17.5 किलोमीटर का सफर शुरू किया जाएगा. इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं. मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमत्रण भेजा जा रहा है. ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो ट्रेन का सफर कर सकें, इसलिए इंदौर में सिटी बसों की कनेक्टिविटी भी मेट्रो ट्रेन के स्टेशनों से जोड़ी जाएगी. इसकी भी प्लानिंग की जा रही है. इंदौर में एक कन्वेंशन सेंटर भी तैयार किया जाएगा, जिसकी अनुमति वन विभाग से प्राप्त हो गई है.” मेट्रो स्टेशनों पर दोपहिया वाहनों की पार्किंग मेट्रो स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग से युक्त स्टेशनों के साथ दोपहिया पार्किंग की व्यवस्था भी होगी. कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “इंदौर शहर के जितने भी ब्रिज हैं, उनके निर्माण की भी समीक्षा की जा रही है. कोशिश की जा रही है कि उज्जैन सिंहस्थ से पहले इंदौर से उज्जैन के बीच भी मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ कर दिया जाए. इसकी भी प्लानिंग की जा रही है.” इंदौर में 7 अंडरग्राउंड स्टेशन तैयार इंदौर रेलवे स्टेशन, राजवाड़ा, छोटा गणपति, बड़ा गणपति, रामचंद्र नगर, कॉलानी नगर, एयरपोर्ट अंडरग्राउंड स्टेशन में शामिल हैं. इंदौर में मेट्रो ट्रेन की येलो लाइन में 21 एलिवेटेड स्टेशन:     गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर-6,5,4,3,2,1     भवर कुआ चौराहा     एम आर -10     आई एस बी टी     चन्द्रगुप्त चौराहा     हीरा नगर     बापट चौराहा     मेघदूत गार्डन     विजय नगर चौराहा     मालवीय नगर चौराहा     शहीद बाग     खजराना     बंगाली चौराहा     पत्रकार कॉलोनी     पलासिया

इंदौर मेट्रो का किराया हुआ तय, पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी, टेस्टिंग और स्टेशन की तैयारी पूरी

इंदौर इंदौर मेट्रो को लेकर यात्रियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मेट्रो के कमर्शियल रन की पूरी तैयारी कर ली है। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलाया जाएगा। पहले हफ्ते में यात्री बिलकुल फ्री सफर कर सकेंगे, जबकि अगले तीन हफ्तों तक छूट के साथ टिकट मिलेगा। गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर तीन तक दोनों दिशाओं से मेट्रो 50 फेरे लगाएगी। इसका संचालन सुबह आठ से रात आठ बजे तक किया जाएगा। मेट्रो में पहले सप्ताह निश्शुल्क यात्रा कर सकेंगे। हालांकि अभी तक संचालन की तारीख तय नहीं हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय से पीएम द्वारा मेट्रो के शुभारंभ की तारीख तय होना बाकी है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड ने रविवार को इंदौर में मेट्रो का किराया तय कर दिया। यह किराया सभी 28 स्टेशनों के लिए तय किया गया है, लेकिन शुरुआत में 5.9 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ही मेट्रो का संचालन किया जाएगा। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर इसका न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये रहेगा। यह किराया मेट्रो का संचालन शुरू होने के साथ ही लागू होगा। पहले सप्ताह लोग निश्शुल्क मेट्रो की यात्रा का लुफ्त उठा सकेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे टिकट दर लागू होगी और यात्री अलग-अलग छूट के साथ तीन माह तक यात्रा कर सकेंगे। प्रत्येक 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सुबह आठ से रात आठ बजे तक मेट्रो चलेगी। प्रत्येक 30 मिनट में मेट्रो का संचालन किया जाएगा। गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर तीन तक 25 फेरे और स्टेशन नंबर तीन से गांधी नगर तक 25 फेरे लगाएगी। शुरुआत में मेट्रो के तीन से चार कोच सेट चलाए जाएंगे। एक कोच सेट में तीन मेट्रो कोच (डिब्बे) होते हैं। प्रायोरिटी कॉरिडोर तक लोगों को पहुंचाने के लिए मप्र मेट्रो रेल निगम लि. एआईसीटीएसएल की बसों का संचालन करने पर विचार कर रहा है। सिटी बस का किराया यात्रियों को अलग से देना होगा, जो एआईसीटीएसएल तय करेगा। ऐसे समझें यदि कोई यात्री अपने प्रारंभिक स्टेशन से लेकर अगले दो स्टेशन की यात्रा करता है तो उसे 20 रुपये किराया लगेगा, लेकिन यदि उसे अपने प्रारंभिक स्टेशन से लेकर अगले तीन से पांच स्टेशन तक की यात्रा करना है तो किराया 30 रुपये देना होगा। इसी तरह आगे के स्टेशनों के लिए टिकट की दर लागू होगी। पहले सप्ताह सफर फ्री, बाद में मिलेगी छूट     प्रथम सप्ताह – बेस फेयर में 100 प्रतिशत छूट     दूसरा सप्ताह – बेस फेयर में 75 प्रतिशत छूट     तीसरा सप्ताह – बेस फेयर में 50 प्रतिशत छूट     तीन माह तक – बेस फेयर में 25 प्रतिशत छूट पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी खबर है कि इंदौर मेट्रो को हरी झंडी पीएम नरेंद्र मोदी खुद दिखा सकते हैं। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस संबंध में सरकार को पत्र भेज दिया है और अब तारीख मिलने का इंतजार है। टेस्टिंग और स्टेशन की तैयारी पूरी मेट्रो के सभी 5 स्टेशन पूरी तरह तैयार हैं। लिफ्ट, एस्केलेटर, टिकट काउंटर, इलेक्ट्रिकल सेक्शन जैसे सभी जरूरी इंतजाम पूरे हो चुके हैं। इंदौर यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट 5.9 किमी लंबा है। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट में पहुंचेगी। CMRS का फाइनल निरीक्षण हो चुका है 24-25 मार्च को CMRS ने मेट्रो का फाइनल निरीक्षण किया। गांधी नगर से TCS चौराहे तक कुल 6 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ेगी। जानकारी विवरण रूट गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 फेरे रोज़ाना 50 (25-25 दोनों तरफ़ से) संचालन का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ट्रेन का अंतराल हर 30 मिनट में एक मेट्रो कुल स्टेशन (पूरा नेटवर्क) 28 प्रायोरिटी कॉरिडोर स्टेशन 5 दूरी (प्रायोरिटी कॉरिडोर) 5.9 किमी स्टेशन पर समय हर स्टेशन पर 2–5 मिनट निरीक्षण 24–25 मार्च को CMRS द्वारा अंतिम निरीक्षण किराया चार्ट ज़ोन यात्रा किए गए स्टेशन किराया (₹) ज़ोन 01 1 से 2 स्टेशन ₹20 ज़ोन 02 3 से 5 स्टेशन ₹30 ज़ोन 03 6 से 8 स्टेशन ₹40 ज़ोन 04 9 से 11 स्टेशन ₹50 ज़ोन 05 12 से 14 स्टेशन ₹60 लंबी दूरी 15 या उससे अधिक ₹80  

मेट्रो ट्रैन : बेरिकेडिंग करने से पहले ट्रैफिक के लिए कोई योजना नहीं बनाई, आम जनता हो रही परेशान

 भोपाल मेट्रो की एम्स से करोद तक ओरेंज लाइन व भदभ्दा से रत्नागिरी तक की ब्ल्यू लाइन निर्माण ने इन दिनों डेढ़ किमी लंबाई की सडक़ को खत्म कर दिया है। ये रोड ब्ल्यू लाइन में भदभदा से रत्नागिरी तक सर्वे के लिए की बेरिकेडिंग व जिंसी पुल बोगदा से रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म छह से लेकर सिंधी कॉलोनी, करोद तक बेरिकेडिंग में है। सामान्य स्थिति में यहां से 300 पीसीयू ट्रैफिक गुजरता था, लेकिन बेरिकेडिंग करने से पहले इस ट्रैफिक के लिए कोई योजना नहीं बनाई, जिससे ये कि पास की बची संकरी रोड पर शिफ्ट हो गया, जिससे मिंटो हॉल से लेकर पुल बोगदा, रायसने रोड से लेकर करोद तक ट्रैफिक जाम के हालात बना रहा है। ठेकेदार को करना थी व्यवस्था     मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ट्रैफिक की सुगम आवाजाही का जिम्मा संबंधित ठेकेदार को दिया है। बंद चौराहा, सडक़ के ट्रैफिक को शिफ्ट करने का जिम्मा ठेकेदार पर था, लेकिन ठेकेदार ने जिम्मेदारी नहीं उठाई। मेटो रेल कारपोरेशन ने भी ठेकेदार पर जिम्मेदारी देकर पल्ला झाड़ लिया। अब आमजन रोड पर मेट्रो काम की वजह से परेशान हो रहे हैं। अगले दो साल में पांच किमी की सडक़ मेट्रो में     मेट्रो टे्रन प्रोजेक्ट में सर्वे व पीलर्स के लिए बेरिकेडिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। अगले दो साल में करीब शहर के अलग-अलग हिस्से में 35 से अधिक जगह पर रास्ते व सडक़ बंद होगी। पांच किमी लंबाई की सडक़ें एक समय में प्रोजेक्ट की वजह से बंद होगी। इससे संबंधित क्षेत्र में गुजरने की जगह घटेगी, आमजन परेशान होंगे। इनका कहना प्रोजेक्ट में हम ब्ल्यू लाइन का काम भी तेज कर रहे हैं। हमारी एजेंसियां तय है और समय सीमा भी तय की है। साप्ताहिक निरीक्षण के दौरान दिक्कतों को देखकर दूर कराया जाता है। कोशिश की जा रही है कि बेरिकेडिंग ज्यादा समय पर न रहे।

इंदौर में 6 Km लंबे कॉरिडोर पर चलाई जाएगी मेट्रो रेल, सिक्युरिटी क्लीयरेंस मिला , स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम

 इंदौर  इंदौर वासियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ 13 साल पहले इंदौर में सबसे पहले प्रदेश की पहली मेट्रो चलाने का जो सपना था, वो अब पूरा होने जा रहा है। इंदौर में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से, मेट्रो कोच व डिपो को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) से क्लीन चिट मिल गई है। ऐसे में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांच मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में अब शहरवासियों के मेट्रो में सफर में कोई बाधा नहीं बची है। यात्रियों के लिए मेट्रो चलाने के लिए मेट्रो प्रबंधन की पूरी तैयारी है। स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांचों मेट्रो स्टेशन पर स्टाफ, टिकट काउंटर सहित अन्य इंतजाम भी हो चुके हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार चाहेगी तो जल्द ही मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा सकेगा। पिछले दिनों मेट्रो के अधिकारियों के साथ नगरीय आवास व विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो के संबंध में ली बैठक में कहा था कि सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अभी मेट्रो चलाने की जल्दबाजी नहीं है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे के बीच मेट्रो का हिस्सा तैयार होने के बाद अगस्त तक मेट्रो का यात्रियों के लिए संचालन शुरू करने की बात कही थी। मिलेगी बस की भी कनेक्टिविटी मेट्रो प्रबंधन ने सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने के लिए एआईसीटीएसएल की ई-बसों के साथ रेडिसन, विजय नगर से एयरपोर्ट का सफर की योजना बनाई है।     रेडिसन चौराहा, विजयनगर : यात्री ई-बस में बैठकर सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर 3 तक पहुंचेगे।     एससी 3 से गांधी नगर स्टेशन : यात्री मेट्रो में बैठकर सफर करेंगे।     गांधी नगर से एयरपोर्ट व बड़ा गणपति : यात्री गांधीनगर स्टेशन से ई-बस में बैठ एयरपोर्ट व बड़ा गणपति चौराहे तक की यात्रा करेंगे।     किराया : यात्रियों को कॉमन कार्ड के माध्यम से न्यूनतम किराया देकर इलेक्ट्रिक बस व मेट्रो में सफर करने का मौका मिला। अलग-अलग टिकट खरीदने की जरूरत नहीं रहेगी। इंदौर मेट्रो का अब तक का सफर     2011 : तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को इंदौर व भोपाल में मेट्रो की डीपीआर बनाने का निर्णय लिया।     2017 : मप्र मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिली।     2018 : भारत सरकार की स्वीकृति मिली।     2019 : भारत सरकार, मप्र सरकार व एमपीएमआरसीएल के बीच समझौता हुआ।     2021 : निर्माण एजेंसी ने मेट्रो निर्माण कार्य शुरू किया।     2023 : सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पहली बार चलाई गई मेट्रो।     2025 : मेट्रो चलाने के लिए सीएमआरएस से मिली क्लीन चिट। 8.65 किमी लंबी सुरंग का होगा निर्माण कंपनी सूत्रों के मुताबिक, यह टेंडर 8.65 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड गलियारे के निर्माण के लिए दिया गया है, जिसमें एचसीसी की 55% हिस्सेदारी होगी। इस परियोजना के तहत टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए 11.32 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी। 7 भूमिगत स्टेशन होंगे तैयार इस परियोजना के तहत इन सात जगहों पर भूमिगत स्टेशन तैयार किए जाएंगे।     इंदौर रेलवे स्टेशन     राजवाड़ा     छोटा गणपति     बड़ा गणपति     रामचंद्र नगर     BSF/कलानी नगर     एयरपोर्ट टनल बोरिंग मशीन से होगी खुदाई मेट्रो के भूमिगत प्रोजेक्ट के लिए एयरपोर्ट और बड़ा गणपति क्षेत्र में वेयरहाउस की जमीन पर लगभग 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में खुदाई की जाएगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को 20 मीटर गहराई में उतारकर सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में छह-छह मीटर चौड़ी दो सुरंगें तैयार की जाएंगी, जिनमें मेट्रो की अप और डाउन लाइनें होंगी। HCC के शेयर में उछाल इस बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के शेयर में 5 % की तेजी देखी गई, जिससे यह 23.25 रुपए पर पहुंच गया। यह बढ़त तब आई जब कंपनी ने टाटा प्रोजेक्ट्स (TPL) के साथ मिलकर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) से इस महत्वपूर्ण ठेके को हासिल करने की जानकारी दी।  

Bhopal Metro: कारिडोर में खर्च होंगे 1122 करोड़ रुपये, वर्ष 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, 2027 से शहर के 30 किलोमीटर मार्ग में दौड़ेगी मेट्रो

 भोपाल मेट्रो की ब्ल्यू लाइन यानि रत्नागिरी से भदभदा तक प्रस्तावित लाइन में 531 संपत्तियों को हटाने के लिए चिन्हित किया गया है। इन लाइन में 6725 वर्गमीटर की जमीन नॉन टाइटल होल्डर की है। टाइटल होल्डर यानि जिनके पास संपत्ति को लेकर कोई दस्तावेज है, उनके पास 4218 वर्गमीटर जमीन है। इनके अलावा 1249 वर्गमीटर की अतिरिक्त संपत्ति भी प्रभावित होगी। मेट्रो ब्ल्यू लाइन में ये क्षेत्र होंगे प्रभावित     मेट्रो की ब्ल्यू लाइन के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित मिंटोहॉल, प्रभात चौराहा व रोशनपुरा चौराहा होगा। मिंटो हॉल के पास तो रोड का आधा हिस्सा बंद कर यहां सर्वे व पीलर के लिए काम चल रहा है। इसी तरह पुल बोगदा के पास की करीब आधी संपत्तियों- निर्माण प्रभावित होंगे। लाइन के किनारे जमीन की कीमत तय भोपाल में मेट्रो लाइन(Bhopal Metro) के किनारे जमीन की दरें प्रस्तावित गाइडलाइन में 13 हजार रुपए वर्गमीटर से 40 हजार रुपए वर्गमीटर तक तय की है। आपको मेट्रो लाइन के किनारे रहना है तो अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार तय करें कि कहां जमीन आपको सस्ती मिलेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में सबसे महंगी जमीन करोद क्षेत्र में है। गौरतलब है कि मेट्रो की पहली ओरेंज लाइन एम्स से करोद तक बिछाई जा रही है। करीब 14 किमी लंबाई के ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल हो चुका है। गाइडलाइन की दरों पर 19 मार्च तक कलेक्ट्रेट कार्यालय या पंजीयन भवन या फिर ऑनलाइन आपत्ति कर सकते हैं। गाइडलाइन में क्या खास     हाउसिंग बोर्ड के सबसे महत्वाकांक्षी और वीवीआइपी प्रोजेक्ट तुलसी ग्रीन के निर्मित क्षेत्र की रजिस्ट्री के 71 हजार वर्गमीटर के दर से होगी। इसमें करीब 20 हजार रुपए वर्गमीटर की बढ़ोतरी की गई है।     जिला प्रशासन ने मेट्रो के लिए रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर छह की ओर इरानी डेरे को लगभग हटा दिया है। पूरा बाजार हटाया जा चुका है, लेकिन गाइडलाइन में इसकी दर तय है। इरानी डेरा मार्केट के पीछे वाले हिस्से में आवासीय प्लॉट के लिए 10 हजार रुपए वर्गमीटर तो बने हुए आवासीय मकान के लिए 23 हजार वर्गमीटर की कीमत तय की है। यहां एक हेक्टेयर जमीन की दर 7.60 करोड रुपए तय की।     प्रदेश की पहली सीसी सिक्सलेन कोलार मुख्यमार्ग पर अब प्लॉट 50 हजार रुपए वर्गमीटर तो आवासीय निर्मित मकान 63 हजार वर्गमीटर कीमत का है।     टीटी नगर के स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में प्लॉट की दर यथावत 72 हजार वर्गमीटर रखी है, जबकि निर्मित भवन की कीमत 1.08 लाख रुपए है। व्यवसायिक प्लॉट 85 हजार रुपए वर्गमीटर ही रखा गया।     लैंड पुलिंग विवाद में उलझे बीडीए के मिसरोद बर्रई में आवासीय प्लॉट के लिए 25 हजार रुपए जबकि निर्मित आवासीय भवन की कीमत 38 हजार रुपए प्रतिवर्गमीटर है। बता दें कि ऑरेंज लाइन के साथ भदभदा-रत्नागिरी के बीच मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी शुरू हो गया है। ये पूरा प्रोजेक्ट 1006 करोड़ रुपए का है। कुल 13 किमी लंबे इस रूट पर 14 स्टेशन भी बनेंगे। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 50 मी. की दर सिर्फ पुराने शहर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत एम्स से करोद तक 14 किमी में लाइन तय है, लेकिन लाइन से 50 मीटर दायरे में जमीन की कीमत सिर्फ शहर के पुराने हिस्से वाली लाइन पर ही तय की गई। सुभाष ब्रिज, केंद्रीय विद्यालय, एमपी नगर, रानी कमलापति से लेकर अल्कापुरी, एम्स तक अलग से कोई दर तय नहीं की। रोड किनारे वाली दर ही इसमें लागू करना तय किया है। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति ही अंतिम मंजूरी देगी। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

15 अगस्त से एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी, ट्रायल रन में पहली बार प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रहवासियों के अच्छी खबर है। भोपाल में 15 अगस्त से मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। इसके लिए मेट्रो रेल कम्पनी ने समय सीमा तय कर दी है। इसी कड़ी में 15 अगस्त से एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है। सबसे पहले 6.22 किमी में मेट्रो चलेगी।  ट्रायल रन हुआ था। कल सुभाष नगर से एम्स के बीच बने सभी स्टेशन पर मेट्रो रुकी थी। कल पहली बार प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ी थी। सभी रूट पर मेट्रो ट्रेन शुरू होने में दो से तीन साल का समय लगेगा। यह रहेगा रूट विधायक भगवानदास सबनानी ने मेट्रो का निरीक्षण किया. उसके बाद उन्होंने कहा कि एम्स से सुभाष नगर तक 6.225 किमी के रूट पर जल्द मेट्रो दौड़ने वाली है. मेट्रो का काम तेज गति से चल रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि रूट का कई चरणों में ट्रायल रन पूरा हो चुका है. इस दिन से दौड़ेगी मेट्रो उन्होंने आगे कहा कि ऐसी उम्मीद जता रहे हैं कि बचा हुआ जितना भी काम है उसे 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद मेट्रो को यात्रियों के हवाले कर दिया जाएगा. मेट्रो की सुविधा 15 अगस्त से यात्रियों को मिलने लगी है. बाकी रूट्स पर भी जल्द काम पूरा हो जाएगा. ट्रायल रन ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का हिस्सा भोपाल में मेट्रो सेवा का विस्तार होता दिख रहा है। मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई जब मेट्रो पहली बार रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन से एम्स तक दौड़ी। यह ट्रायल रन ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का हिस्सा है, जो सुभाषनगर से एम्स तक लगभग 7 किमी लंबा है। इस ट्रायल में मेट्रो ने 10 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 3 किमी की दूरी मात्र 12 मिनट में पूरी की। इस दौरान मेट्रो डीआरएम, अलकापुरी और एम्स स्टेशन पर रुकी। हर स्टेशन पर मेट्रो ने 2-2 मिनट का स्टॉपेज लिया। यह ट्रायल शाम को किया गया। पहली बार ROB से गुजरी मेट्रो मेट्रो का यह ट्रायल रन इसलिए भी खास था क्योंकि इसमें मेट्रो पहली बार हाल ही में बने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) से गुजरी। RKMP स्टेशन से शुरू होकर, मेट्रो ROB, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी स्टेशन से होते हुए एम्स स्टेशन पहुंची। ROB का निर्माण कुछ महीने पहले ही पूरा हुआ है और उसके बाद ट्रैक बिछाने का काम किया गया। रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। 3 अक्टूबर को था पहला ट्रायल सुभाषनगर से आरकेएमपी तक का पहला ट्रायल रन 3 अक्टूबर 2023 को हुआ था। तब से लेकर अब तक टेस्टिंग का दौर जारी है, जिसमें मेट्रो पास भी हो चुकी है। आरकेएमपी से एम्स के बीच के ट्रायल के सफल होने के बाद अब मेट्रो सेवा के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब मेट्रो की स्पीड बढाने पर काम मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, RKMP से एम्स के बीच मेट्रो की स्पीड अब धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। अधिकतम गति 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कमिश्नर, मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम से कमर्शियल रन की मंजूरी मिलने के लिए रात में भी टेस्टिंग की जाएगी। मेट्रो ट्रेन के एक कोच की लंबाई लगभग 22 मीटर और चौड़ाई लगभग 2.9 मीटर है। ट्रेन में 3 कोच हैं और इसकी डिज़ाइन स्पीड 90 किमी प्रति घंटा है।  

6 किमी लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर इंदौर में यात्री सेवा मार्च में शुरू

इंदौर  6 किमी लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर इंदौर में यात्री सेवा शुरू हो सकती है। भोपाल में भी मेट्रो का काम चल रहा है, लेकिन कुछ देरी हो रही है। इस देरी का कारण भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तार और कुछ ज़रूरी निर्माण कार्य हैं। दोनों शहरों में एक साथ मेट्रो का काम शुरू हुआ था, लेकिन इंदौर अब आगे निकल गया है। इंदौर में सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है, जबकि भोपाल में अभी कुछ महीने और लगेंगे। एक साथ शुरु हुआ था प्रोजेक्ट इंदौर और भोपाल, दोनों शहरों में मेट्रो परियोजना एक साथ शुरू हुई थी। लेकिन, अब इंदौर भोपाल से आगे निकल गया है। इंदौर में 6 किलोमीटर लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर अगले महीने, यानी मार्च के आखिरी हफ़्ते में यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इंदौर मेट्रो ने सभी ज़रूरी परीक्षण और जांच पूरी कर ली हैं। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम ने भी निरीक्षण कर लिया है। बस अब उनकी तरफ से NOC मिलना बाकी है। लखनऊ से बोगी लेकर आती है टीम अब उम्मीद है कि अगले महीने मेट्रो कंपनी पूरे ट्रैक का परीक्षण करवाने के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) को बुला सकती है। RDSO लखनऊ से अपनी तकनीकी उपकरणों के साथ एक पूरी बोगी में आता है। RDSO के परीक्षण के बाद ही मेट्रो सेवा शुरू करने की अनुमति मिलती है। भोपाल में भी तेजी पकड़ रहा काम भोपाल में भी मेट्रो का काम तेज़ी से चल रहा है, लेकिन अभी कुछ समय और लगेगा। भोपाल का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा है, जो इंदौर से थोड़ा बड़ा है। शुरुआत में भोपाल में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक ही मेट्रो चलाने की योजना थी। लेकिन बाद में इस कॉरिडोर को एम्स तक बढ़ा दिया गया। इसके अलावा, रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने का काम भी जुड़ गया। इन वजहों से भोपाल मेट्रो में देरी हो रही है। अफसरों ने बताया कि मेट्रो शुरू होने में अभी 5 महीने और लग सकते हैं। एनओसी मिलते ही शुरु हो जाएगी सेवा भोपाल मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने एक बयान में बताया कि इंदौर में बस CMRS की NOC का इंतज़ार है। NOC मिलते ही यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का सिविल वर्क लगभग पूरा होने वाला है। सुभाष नगर डिपो में भी अभी 20% काम बाकी है। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक ट्रायल रन हो चुका है। आरकेएमपी से एम्स तक ट्रैक बनाने में लगभग 17 महीने लग गए। भोपाल में आरओबी की अनुमति में लगा समय इन 17 महीनों में सबसे ज़्यादा समय गणेश मंदिर के सामने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की अनुमति लेने में लगा। इसमें लगभग 9 महीने लग गए। इस दौरान रेलवे से अनुमति लेनी पड़ी और स्टील का पुल बनाना पड़ा।

इंदौर में मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी अब आखिरी दौर में, मेट्रो का परिचालन शुरू होते ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक नई उपलब्धि हासिल कर लेगी

इंदौर  इंदौर में जल्द ही मेट्रो ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। मेट्रो रेल परियोजना के वाणिज्यिक परिचालन को अब मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की हरी झंडी का इंतजार है और सब कुछ ठीक रहा, तो शहर में इस महीने या अगले महीने से मेट्रो रेल दौड़ना शुरू कर सकती है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। सीएमआरएस की हरी झंडी का इंतजार उन्होंने बताया कि एमपीएमआरसीएल द्वारा सीएमआरएस को जरूरी दस्तावेज जमा किए जाने का काम अंतिम दौर में है और इसके बाद सीएमआरएस का दल मेट्रो रेल के डिपो और स्टेशनों के निरीक्षण की तारीख तय करके सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद सीएमआरएस की हरी झंडी मिलने की स्थिति में शहर में मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन इस महीने या फरवरी से शुरू हो सकता है। शुरुआत में चलाई जाएगी तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआत में तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी. यात्रियों की संख्या बढ़ने पर मेट्रो में तीन अतिरिक्त डिब्बे जोड़ दिए जाएंगे. डिब्बों को बढ़ाने का फैसला यात्रियों की तादाद पर निर्भर होगा. बताया जा रहा है कि मेट्रो ट्रेन के एक डिब्बे में 300 यात्री सफर करेंगे और सीट पर बैठने वाले 50 यात्री शामिल हैं. इंदौर में 7500 करोड़ की लागत वाली मेट्रो ट्रेन परियोजना के पहले चरण नींव 14 सितंबर 2024 को रखी गई थी.  शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रेन का गलियारा का बनाया जाना है. मेट्रो ट्रेन के चलने की खबर से इंदौर वासी उत्साहित हैं. अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर-तीन के बीच 5.90 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, जानकारों का कहना है कि इस मार्ग पर छितराई आबादी के कारण मेट्रो रेल को शुरुआत में यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। छह डिब्बों की ट्रेन दौड़ेगी एमपीएमआरसीएल अधिकारी ने कहा, ‘‘शहर में एक बार मेट्रो रेल शुरू हो जाने और इसके मार्ग की लम्बाई बढ़ने के बाद यात्रियों की कोई कमी नहीं होगी।” अधिकारी ने बताया कि शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। उन्होंने हालांकि बताया,‘‘शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में 7,500. 80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।

नए साल में इंदौर वासियों को मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है. उम्मीद है कि अगले महीने से मेट्रो पटरी पर दौड़ने लगेगी

इंदौर नए साल में इंदौर वासियों को मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है. उम्मीद है कि अगले महीने से मेट्रो पटरी पर दौड़ने लगेगी. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) की तैयारी अंतिम चरण में है. बस मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त  (CMRS) की हरी झंडी का इंतजार है. अधिकारियों का कहना है कि हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा. दावा किया जा रहा है कि जनवरी या फरवरी माह में मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेगी. बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक 3 के बीच लगभग 6 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था. अधिकारियों ने आगे बताया कि मेट्रो का संचालन शुरू होने के बाद मार्ग की लंबाई भी बढ़ाई जाएगी. कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक मेट्रो शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होगा. इसके अलावा लोगों को कम समय में सफर की सुविधा भी मिलेगी. शुरुआत में चलाई जाएगी तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआत में तीन डिब्बों की मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी. यात्रियों की संख्या बढ़ने पर मेट्रो में तीन अतिरिक्त डिब्बे जोड़ दिए जाएंगे. डिब्बों को बढ़ाने का फैसला यात्रियों की तादाद पर निर्भर होगा. बताया जा रहा है कि मेट्रो ट्रेन के एक डिब्बे में 300 यात्री सफर करेंगे और सीट पर बैठने वाले 50 यात्री शामिल हैं. इंदौर में 7500 करोड़ की लागत वाली मेट्रो ट्रेन परियोजना के पहले चरण नींव 14 सितंबर 2024 को रखी गई थी.  शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रेन का गलियारा का बनाया जाना है. मेट्रो ट्रेन के चलने की खबर से इंदौर वासी उत्साहित हैं.

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