LATEST NEWS

एमपी में राज्यसभा चुनाव के लिए BAP ने उतारी उम्मीदवार, कमलेश्वर डोडियार ने मोदी और राहुल से मांगी मदद

रतलाम  मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय आदिवासी पार्टी भी मैदान में उतर आई है. मध्य प्रदेश विधानसभा में केवल एक विधायक वाली बाप(BAP) पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर नई सियासी हलचल पैदा कर दी है. पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य बड़े राजनेताओं से समर्थन भी मांगा है. विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपने आधिकारिक लेटर हेड पर प्रधानमंत्री और राहुल गांधी को पत्र लिखकर आगामी राज्यसभा चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने की मांग की है. सैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि जब भाजपा और कांग्रेस आदिवासी क्षेत्रों में जाकर वोट मांगते हैं और सरकार बना लेते हैं. तो आदिवासियों का भी अधिकार है कि राज्यसभा की उम्मीदवारी के लिए उन्हें भी दोनों प्रमुख पार्टियों का समर्थन मिले. डोडियार ने पत्र में लिखा है कि भारतीय आदिवासी पार्टी देश भर में आदिवासी समाज के अधिकार, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए कार्य कर रही है और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व चाहती है. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर होना है चुनाव दरअसल मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है. वर्तमान में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और दिग्विजय सिंह का कार्यकाल जून, 2026 में समाप्त होना है. संख्या बल के हिसाब से बीजेपी 2 राज्यसभा सीटों पर कब्जा करने की स्थिति में है. वहीं, कांग्रेस को अपनी एक सीट बचाने के लिए क्रॉस वोटिंग से बचना होगा. लेकिन भारतीय आदिवासी पार्टी द्वारा भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार उतारे जाने की स्थिति में कांग्रेस के उम्मीदवार को क्रॉस वोटिंग का खतरा भी झेलना पड़ सकता है. कमलेश्वर डोडियार ने भाजपा और कांग्रेस सहित कई बड़े नेताओं से उनकी पार्टी के लिए समर्थन मांगा है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय आदिवासी पार्टी ने सैलाना विधानसभा सीट से अपना खाता खोला था. वहीं, पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी भारतीय आदिवासी पार्टी के चार विधायक और एक सांसद है. बाप पार्टी का प्रभाव राजस्थान और मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में है. इसके बाद अब भारतीय आदिवासी पार्टी की नजर राज्यसभा में भी सांसद भेजने पर है. बहरहाल मध्य प्रदेश में केवल एक विधायक वाली भारतीय आदिवासी पार्टी राज्यसभा की सीट जीतने की स्थिति में तो नहीं है. लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारी की घोषणा के बाद इससे कांग्रेस का गणित जरूर बिगड़ सकता है. वहीं, कमलेश्वर डोडियार के अनुसार राज्यसभा में आदिवासी समाज का उम्मीदवार भेजने के लिए दोनों प्रमुख पार्टियों के बड़े नेताओं के साथ ही आदिवासी विधायकों से भी समर्थन की मांग की जा रही है.

पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में केरल में भाजपा का प्रचार अभियान

तिरुवनंतपुरम   9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभियान निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा केरल में एक आक्रामक अभियान की तैयारी कर रही है। इसमें ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के प्रयास में पार्टी अपनी शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व टीम को तैनात कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेता केरल पहुंचने वाले हैं, जो 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा का खाता खोलने की पार्टी की दृढ़ता को दर्शाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो त्वरित दौरों पर प्रमुख जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह रैलियों को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेंगे। भाजपा के अभियान का खाका राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कसर्गोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और त्रिशूर में उच्च दृश्यता वाली पहुंच पर केंद्रित है। पार्टी अपने हाल के चुनावी लाभों से आत्मविश्वास ले रही है। सबसे प्रमुख है अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने सुरेश गोपी की त्रिशूर लोकसभा सीट पर 70,000 से अधिक मतों से हासिल की गई जीत शामिल है। इसके बाद दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम निगम पर नियंत्रण हासिल किया, जो इस राज्य में पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहां उसे परंपरागत रूप से स्थान पाने में कठिनाई रही है। हालांकि आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 15.64 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त किया जबकि 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में यह थोड़ी गिरकर 14.71 प्रतिशत रह गई। इसके बावजूद, पार्टी उत्साहित बनी हुई है और 2021 विधानसभा चुनावों में नौ सीटों पर दूसरे स्थान पर आने को बढ़ती पकड़ का सबूत मानते हुए लगातार सक्रिय है। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने विश्वास जताया है कि पार्टी न केवल लंबे समय से चली आ रही चुनावी बाधा को तोड़ेगी बल्कि आगामी विधानसभा में कई सीटें भी जीतेगी। हालांकि, चुनौतियाँ बरकरार हैं। केरल की अद्वितीय जनसांख्यिकीय संरचना, जहां अल्पसंख्यक जिनमें मुस्लिम और ईसाई शामिल हैं, लगभग 42 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि समुदाय के नेताओं के साथ सतत संपर्क महत्वपूर्ण होगा क्योंकि राष्ट्रीय नेता आने वाले दिनों में अधिक जुड़ाव बढ़ाएंगे। जैसे-जैसे अभियान तीव्र होता जा रहा है, भाजपा का यह उच्च-ऊर्जा अभियान यह संकेत देता है कि पार्टी केरल में क्रमिक लाभ को ऐतिहासिक चुनावी पकड़ में बदलने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है।

पीएम मोदी ने किया ऐलान, सरकार वैश्विक संघर्षों के असर से बचने के लिए कर रही है कदम

सिलचर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार दुनिया भर में हो रहे झगड़ों का लोगों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश करके “गैर-जिम्मेदाराना” काम कर रही है।  प्रधानमंत्री ने यह बात असम के सिलचर शहर में विधानसभा चुनाव से पहले 23,550 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कही.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज किया और आजादी के समय ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली की समुद्र तक पहुंच काट दी।  उन्होंने कहा, दुनिया युद्धों का सामना कर रही है, हमारी कोशिश है कि देश के लोगों पर उनका असर कम से कम हो।  उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही. वह लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है।  उन्होंने दावा किया, “उनके पास न तो असम के लिए और न ही देश के लिए कोई विजन है, बल्कि वे सिर्फ मोदी को गाली देना, लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाहें और झूठ फैलाना जानते हैं.” मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र थी।  उन्होंने आरोप लगाया, जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया, वैसे ही बराक वैली को कमजोर करने में भी उसकी बड़ी भूमिका रही. जब भारत आजाद हुआ, तो कांग्रेस ने एक ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली का समुद्र तक संपर्क कट गया।  बराक घाटी, जो कभी एक औद्योगिक केंद्र के तौर पर जानी जाती थी, उसकी ताकत छीन ली गई. उन्होंने कहा, “आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस की सरकारें सत्ता में रही, फिर भी इस इलाके में बहुत कम विकास हुआ. आज, भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।  पीएम ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर गुमराह किया, जबकि भाजपा ने यह पक्का किया है कि राज्य उनके लिए मौकों का सागर बन जाए।  उन्होंने कहा, जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा का मंत्र विकास में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता देना है। 

बंगाल में हिंदुओं को अल्पसंख्यक बना रही है ममता सरकार’, पीएम मोदी ने किया कड़ा हमला

कोलकाता बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार क‍िया. कोलकाता में परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोध‍ित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा- बंगाल में ह‍िन्‍दुओं को अल्‍पसंख्‍य बनाया जा रहा है. अब बंगाल से निर्मम सरकार का अंत होकर रहेगा. अब बंगाल से महाजंगलराज का खात्मा होगा… कल TMC ने इस रैली में आने वाले आप सभी लोगों को ‘चोर’ कहकर गाली दी है, असली चोर कौन है यह बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है. अपनी कुर्सी जाते हुए देखकर यहां की निर्मम सरकार बौखला गई है. वह केंद्र सरकार की योजनाएं रोक रही हैं. उन्‍हें एक पैसा नहीं देना है, फ‍िर भी नहीं चाहतीं क‍ि केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों को मिले. पीएम मोदी ने कहा, ये TMC सरकार अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से यहां आयुष्मान भारत योजना को भी लागू नहीं कर रही है. देश भर के करोड़ों लोग इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं. ये लाभ आप सबको भी मिलना चाहिए. लेकिन बंगाल के परिवारों को इस योजना के अधिकार से भी TMC सरकार ने वंचित रखा है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा  पीएम मोदी ने कहा- आप सबने देश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना की सफलता के बारे में सुना है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा है. लेकिन यहां क्या हुआ? योजना का नाम बदल दिया गया, लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ की गई और जिन गरीबों को घर मिलना था वे आज भी इंतजार कर रहे हैं. केवल बिजली, पानी, सड़क, घर की बात नहीं है, TMC सरकार अपनी राजनीति की वजह से आयुष्मान योजना को भी लागू नहीं कर रही है. ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी इस विशाल सभा को रोकने के लिए निर्मम सरकार ने सारे हथियार निकाल लिए. आप लोगों को आने से रोकने के लिए ब्रिज बंद करवा दिए, गाड़ियां रुकवा दी, ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए, पोस्टर निकलवाए लेकिन निर्मम सरकार साफ-साफ देख लो- आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो. बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. वह दिन दूर नहीं जब बंगाल में फिर से कानून का राज होगा. पीएम मोदी ने कहा अब बंगाल का विकास नेक नीयत से होगा, सही नीतियों से होगा, बंगाल में अभी हमारी सरकार नहीं है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार के ज़रिए भाजपा बंगाल के विकास में लगी है… अभी हमने 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया है… ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास याद द‍िलाया पीएम मोदी ने कहा- ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास साक्षी है जब-जब बंगाल देश को दिशा देता है, यह ब्रिगेड मैदान बंगाल की आवाज बनता है. इस मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी आवाज हिंदुस्तान में क्रांति बन गई थी और उसका नतीजा क्या हुआ, अंग्रेजों के अत्याचार और लूट का खात्मा हुआ. आज यहां से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है. बंगाल में बदलाव अब दीवारों पर भी लिख चुका है और बंगाल के लोगों के दिलों में भी छप चुका है. निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यहां की निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया है. बंगाल के युवा प्रतिभा में सबसे आगे है, मेहनत में सबसे आगे है… लेकिन आज हालत क्या है? यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल रहा है… पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC, ये लोग एक के बाद एक आते रहे और अपनी जेबें भरते रहे और बंगाल में विकास कार्य ठप रहे. TMC सरकार में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं, भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि हालात बदलें… जानें पीएम मोदी ने और क्‍या कहा… भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद: यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले, परिवर्तन की इस आंधी को वो अब रोक नहीं पाएगी. भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद है. श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, ऋषि बंकिमचंद्र, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, खुदीराम बोस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी. भाजपा की सरकार उस बंगाल का निर्माण करेगी, नवनिर्माण करेगी. पलायन करना मजबूरी बना: एक समय बंगाल पूरे भारत को गति देता था, बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था. लेकिन आज यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल पा रहा है. आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे: पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC… ये लोग एक के बाद एक आते रहे… अपनी जेबें भरते रहे… और बंगाल में विकास के काम ठप्प पड़े रहे. अब TMC सरकार का एक ही एजेंडा है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे. जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता, ये किसी भी योजना को गांव, गरीब तक नहीं पहुंचने देते. इसलिए TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के मुद्दा उठाया: पीएम मोदी ने कहा- राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, लेकिन अहंकार में डूबी इस निर्मम सरकार ना सिर्फ कार्यक्रम का बहिष्कार किया जबकि बंदइंतजामी की. एक आदिवासी बेटी इतनी बड़े पद पर है ये इनसे देखा नहीं गया. टीएमसी वालों को ये याद रखना पड़ेगी कि उन्होनें सिर्फ द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, देश के संविधान का अपमान किया है. इसका जवाब निर्मम सरकार को मिलने वाला है. यहां बिजली बिल जीरो क्‍यों नहीं आता: पीएम मोदी ने कहा- देशवासियों को मुफ्त बिजली देने के लिए हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है. केंद्र की भाजपा सरकार इसके लिए हर लाभार्थी को 75 से 80 हजार रुपये देती है. जो लाभार्थी इस योजना से जुड़ता है, उसके घर का बिजली बिल जीरो हो जाता है. … Read more

उत्तर प्रदेश को मिला सबसे अधिक लाभ, 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित

प्रदेश के 2.15 करोड़ किसानों को निधि से मिले 4335 करोड़ से अधिक रुपये पीएम मोदी ने असम से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त देश के 9.32 करोड़ किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंची सम्मान निधि उत्तर प्रदेश को मिला सबसे अधिक लाभ, 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित 21 किस्तों में यूपी के किसानों को मिल चुके थे 94,668 करोड़ रुपये 22वीं किस्त के साथ प्रदेश के किसानों को कुल लाभ 99,003.69 करोड़ रुपये दिया गया लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दो दिवसीय दौरे के दौरान गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी। इस किस्त के तहत देशभर के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर की गई। इसमें उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। उनके खातों में सीधे 4335.11 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार किसानों की आय और सम्मान बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिल चुकी है। सर्वाधिक 23 प्रतिशत लाभार्थी किसान यूपी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक लाभ पाने वाला राज्य बना हुआ है। 22वीं किस्त जारी होने से पहले तक प्रदेश के किसानों को 21 किस्तों में कुल 94,668.58 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी थी। अब नई किस्त के 4335.11 करोड़ रुपये जुड़ने के बाद यह राशि बढ़कर 99,003.69 करोड़ रुपये हो गई है। देश के कुल लाभार्थियों में लगभग 23 प्रतिशत किसान उत्तर प्रदेश से हैं, जो इस योजना में प्रदेश की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है। प्रतिवर्ष तीन किस्तों में मिलती है छह हजार रुपये की सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दो-दो हजार रुपये के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। 2019 में गोरखपुर से हुई थी योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। तब से यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी है। मोदी-योगी सरकार के प्रयासों से योजना का लाभ लगातार अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच रहा है और इससे किसानों की आय तथा सम्मान दोनों को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा कि कृषक-कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता एक बार फिर करोड़ों अन्नदाताओं के जीवन में विश्वास और संबल लेकर आई है। इस किस्त के तहत ₹18,640 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में पहुंची है जिसमें उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों के जीवन को सुगम बनाने और खेती को नई शक्ति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

LPG संकट के बीच PM मोदी की अपील, गृह मंत्रालय ने जिला स्तर पर अलर्ट और कंट्रोल रूम की घोषणा की

नई दिल्ली देश में एलपीजी सप्लाई में कमी आने की अफवाहों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने अपील की है कि पैनिक में न आएं। उन्होंने कहा कि हम लोग पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के चलते पैदा हुए संकट से निपटने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है और सभी के हितों की रक्षा की जाएगी। तमिलनाडु में एनडीए की मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह अपील की। इसके अलावा होम मिनिस्ट्री की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। ऐसा इसलिए ताकि एलपीजी सप्लाई पर नजर रखी जा सके और जमाखोरी करने वालों पर ऐक्शन हो। गृह मंत्रालय का कहना है कि किसी भी तरह के पैनिक के हालात ना बनें क्योंकि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पहले की तरह ही जारी है। यदि लोग पैनिक में खरीद ना बढ़ाएं तो स्थिति सही रहेगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत देश के तमाम राज्यों में सरकारें अलर्ट पर हैं और जिला प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि गैस की किल्लत नहीं है और यदि कोई जमाखोरी करेगा तो उस पर ऐक्शन लिया जाएगा। सरकार की ओर से पहले ही एस्मा लागू किया जा चुका है। इसके तहत घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है और बीते 6 महीनों से चली आ रही आपूर्ति के औसत को बनाए रखे का निर्णय हुआ है। इस बीच पीएम मोदी ने किसी भी तरह की अफवाह से बचने को कहा है। उन्होंने कहा कि मैं जनता से अपील करता हूं कि सही सूचना को ही आगे बढ़ाएं। बिना किसी वेरिफिकेशन के सूचनाओं को आगे प्रसारित ना करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल हे संकट ऊर्जा की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। उन्होंने बुधवार को कहा, ‘मैं तमिलनाडु के लोगों से अपील करूंगा कि अफवाहों से बचें। सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हमें उम्मीद है कि हम संकट से उबरेंगे, जैसा कोरोना के दौर में हुआ था। हमारी विचारधारा इंडिया फर्स्ट की है। किसी भी तरह के पैनिक में रहने की जरूरत नहीं है। सभी के हितों की रक्षा करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।’ पीएम बोले- कोरोना महामारी की तरह इस संकट से भी उबरेंगे पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में 140 करोड़ भारतीयों ने दिखाया था कि हमारा देश कितना परिपक्व है। मुझे भरोसा है कि हम इस संकट से आसानी से उबर जाएंगे, जैसा कोरोना में हुआ था। पीएम मोदी की यह टिप्पणी अहम है क्योंकि देश भर से ऐसी खबरें आ रही हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि एलपीजी की सप्लाई प्रभावित है और लोग पैनिक परचेजिंग करने में जुटे हैं। इसी के कारण होम मिनिस्ट्री ने कंट्रोल रूम बना दिए हैं और दिन भर नजर रखी जा रही है। फैक्ट चेक करने में भी जुटे मंत्रालय, कंट्रोल रूम ऐक्टिव होम मिनिस्ट्री ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम मिनिस्ट्री से संपर्क साधा है। तीनों विभाग मिलकर फैक्ट चेक करने और सही सूचना देने के काम में जुटे हैं। इस बीच हालात संभालने के लिए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों के साथ मीटिंग की है। ऐसा इसलिए ताकि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके और अफवाहों से उपजे हालातों से भी निपटने में मदद मिले।

भारत में बड़ी बैठक के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बातचीत, क्या हुई चर्चा?

नई दिल्ली ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। इस दौरान उन्होंने युद्ध रोकने की अपील की है। इससे पहले उन्होंने UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन से भी बात की थी। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को साझा रूप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा, ‘पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की और मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता पर जोर दिया। भारत ने जल्द से जल्द युद्ध रुकवाने की जरूरत की बात दोहराई है।’ UAE से भी की बात पीएम मोदी ने रविवार रात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। मोदी ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया और कहा कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।’ मोदी ने लिखा, ‘हमने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।’ अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि पिछले दो दिन में संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमलों के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है और एक भारतीय नागरिक समेत 58 लोग घायल हो गए हैं। सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई पीएम मोदी ने  सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। यह बैठक अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। CCS देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। पीटीआई भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई।

केंद्र सरकार ने PMGKAY योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण रोका, न्यूट्रिशन में कमी की वजह से लिया फैसला

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ‘फोर्टिफाइड चावल’ के वितरण को फिलहाल रोक दिया है. सरकार ने यह कदम चावल के लंबे समय तक भंडारण के दौरान पोषक तत्वों के खराब होने की चिंताओं के बीच उठाया है. क्यों लिया गया यह फैसला? खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईटी खड़गपुर को एक विशेष अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस स्टडी में यह जांचना था कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में फोर्टिफाइड चावल के दाने कितने समय तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं. रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. अध्ययन के अनुसार, नमी, तापमान और गोदामों में रखने के तरीके का चावल की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि लंबे समय तक रखे रहने और सामान्य रखरखाव के दौरान इन चावलों में मौजूद जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे जिस मकसद के लिए चावल में पोषण मिलाया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है. भंडारण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती भारत के सरकारी गोदामों में चावल की उपलब्धता जरूरत से कहीं ज्यादा है. आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में लगभग 674 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जबकि सालाना जरूरत सिर्फ 372 लाख मीट्रिक टन की है. इस कारण चावल को गोदामों में 2 से 3 साल तक रखा जाता है. इतने लंबे समय तक फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए विटामिन और आयरन अपनी शक्ति खो देते हैं. आम जनता पर क्या होगा असर? सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज की मात्रा में कोई कमी नहीं आएगी.     राशन मिलता रहेगा: लाभार्थियों को उनके हक का पूरा चावल मिलेगा, बस वह अब फोर्टिफाइड (मिश्रित) नहीं होगा.     इन योजनाओं पर असर: यह फैसला PDS (राशन दुकान), आंगनवाड़ी (ICDS) और स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (PM POSHAN) पर लागू होगा.     राज्यों को छूट: खरीफ सीजन 2025-26 के लिए राज्यों को छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार फोर्टिफाइड या सामान्य चावल बांट सकते हैं. क्या है फोर्टिफाइड चावल? बता दें कि कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं. इसे 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और मार्च 2024 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया था. आगे क्या? खाद्य मंत्रालय के अनुसार, यह रोक स्थायी नहीं है. सरकार अब एक ऐसी नई तकनीक या सिस्टम पर काम कर रही है जिससे चावल के पोषक तत्व लंबे समय तक खराब न हों. जैसे ही कोई बेहतर तरीका मिल जाएगा, इस योजना को फिर से शुरू किया जा सकता है.

मोदी ने बताया AI समिट का मकसद, साथ ही दुनिया को दी ह्यूमन सेंट्रिक AI अपनाने की चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

3.25 लाख करोड़ की राफेल डील समझें: भारत क्यों बुला रहा है फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को

नई दिल्ली  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आ चुके हैं. इमैनुएल मैक्रों आज यानी मंगलवार को मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी मुलाकात और बैठक होगी. इमैनुएल मैक्रों और मोदी की मुलाकात से रक्षा और तकनीक की दुनिया में हलचल मचने वाली है. इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इसका मुख्य मकसद भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. मगर उनकी यात्रा सबसे बड़ा फोकस है 3.25 लाख करोड़ रुपये की महाडील. जी हां, भारत और फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ रुपए की राफेल वाली मेगा डिफेंस डील होने वाली है. यह डील भारतीय वायुसेना को 114 आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों से लैस करेगी. इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा न केवल डिप्लोमेसी का प्रतीक है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम को गति देने वाली सौगात भी है. अब सवाल है कि आखिर यह डील इतनी बड़ी क्यों है, और ‘F-5 वाला राफेल’ क्या बला है? इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का बैकग्राउंड देखें तो भारत और फ्रांस के रिश्ते पहले से ही मजबूत हैं. 2016 में 36 राफेल जेट्स की पहली डील के बाद दोनों देशों ने कई प्रोजेक्ट्स पर हाथ मिलाया. मसलन स्कॉर्पीन पनडुब्बियां. अब 2026 में यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि चीन की बढ़ती आक्रामकता और पाकिस्तान की हरकतों के बीच भारत अपनी हवाई ताकत को दोगुना करना चाहता है. इमैनुएल मैक्रों भी मानते हैं कि भारत फ्रांस का सबसे बड़ा साझेदार है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत राफेल की ताकत का सबूत देख चुका है. यही कारण है कि इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का मुख्य फोकस राफेल डील ही है. यह डील न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-फ्रांस साझेदारी की गारंटी भी बनेगी. भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डील यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी हथियार खरीद है. रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में राफेल डील को हरी झंडी दी. डील के तहत फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदे जाएंगे. इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘ऑफ-द-शेल्फ’ खरीदे जाएंगे यानी तैयार माल की तरह. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इसकी कुल लागत करीब 30 अरब यूरो (लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये) है. इसमें विमानों के अलावा रखरखाव, ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे स्कैल्प भी शामिल हैं. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को 50 फीसदी तक बढ़ा देगी, क्योंकि वर्तमान में 36 राफेल ही हैं. राफेल डील में क्या अहम? इस डील में एक चीज सबसे अहम है, वह है राफेल का एफ-5 वर्जन. जी हां, राफेल एक फ्रेंच लड़ाकू विमान है. यह ‘मल्टी-रोल’ वाला विमान है. जल, थल और नभ तीनों जगह कारगर. राफेल के अलग-अलग वर्जन हैं. जैसे F3, F4. अब नई डील में F4 और F5 वेरिएंट्स आ रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे. इन एडवांस्ड जेट को ही F-5 वर्जन कहा जा रहा है. अभी भारत के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट के हैं. ये राफेल 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं. अभी जो डील होने जा रही है, इनमें ज्यादातर राफेल F-4 वर्जन के होंगे. यह अधिक एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे. जबकि F-5 राफेल एक ‘सुपर अपग्रेड वर्जन’ है. यह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसा होगा. क्या है एफ-5 वाला राफेल? इसमें एडवांस्ड सेंसर, स्टील्थ फीचर्स (जो रडार से छिप जाएं), AI-बेस्ड ऑटोनॉमी (खुद फैसले लेना) और ‘किल-वेब’ तकनीक है, जो कई विमानों को एक साथ जोड़कर दुश्मन को निशाना बनाती है. F5 में नए इंजन, बेहतर मिसाइलें और ड्रोन इंटीग्रेशन होगा. भारत को 24 ‘सुपर राफेल’ भी मिलेंगे, जो F5 के प्रोटोटाइप हैं. फ्रांस इसे 2030 तक डिलीवर करेगा. यह डील सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है. भारत को राफेल डील के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलेगा, जिससे हम खुद राफेल जैसे विमान बना सकेंगे. आज क्या-क्या होगा?     भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 फरवरी 2026 को मुंबई जा रहे हैं. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे. पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17-19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर हैं. वे भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.     17 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे. इस मीटिंग के दौरान, वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे.     शाम करीब 5:15 बजे, दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे. मैक्रों के दौरे पर क्या-क्या होगा? इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है. दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे. इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. और क्या-क्या होने की संभावना?     मोदी और मैक्रो की द्विपक्षीय बैठक के बाद करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना     रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में होगा समझौता     मुंबई में दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का संयुक्त उद्घाटन करेंगे, जो 2026 तक दोनों देशों में मनाया जाएगा.     भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा     भारत सरकार ने हाल ही में फ्रांस से … Read more

असम रैली में पीएम मोदी का बयान, कांग्रेस पर बोला तीखा प्रहार

गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस की तुलना ‘जहर’ से करते हुए कहा कि सत्ता से 10 साल दूर रहने के कारण यह पार्टी और भी ज्यादा खतरनाक हो गई है. उन्होंने जनता को आगाह किया कि कांग्रेस असम की शांति और संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा है. वह शनिवार को गुवाहाटी में कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा में बोल रहे थे. पीएम मोदी ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी असम को फिर से पुराने दौर में ले जाना चाहती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है. पीएम मोदी ने सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए असम को ‘घुसपैठियों के हवाले’ करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस का एजेंडा असम की असली पहचान और संस्कृति को मिटाना है. पीएम मोदी ने कांग्रेस की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा, “10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है.” उनका इशारा था कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है, चाहे इसके लिए राज्य की सुरक्षा से समझौता ही क्यों न करना पड़े. ‘कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती’ कांग्रेस पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो… जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती. आज की कांग्रेस हर उस विचार… हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है… जो देश का बुरा सोचता है. जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं… जो लोग, नॉर्थईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं… वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं.” बजट में रखा गया नॉर्थ-ईस्ट का ध्यान पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे. अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपये मिल रहे हैं. अगर पिछले 11 वर्ष की बात करें तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं. बजट में बहुत अधिक फोकस नॉर्थ-ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. इस बार असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था. वो आपको भलीभांति याद होगा.” अगले 5 साल गेम-चेंजर: पीएम मोदी विपक्ष पर हमले के बाद पीएम मोदी ने असम के विकास का रोडमैप भी रखा. उन्होंने कहा कि आने वाले 5 साल असम के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं, जो असम की ग्रोथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. पीएम ने जनता से अपील की कि विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए यहां ‘डबल इंजन’ (केंद्र और राज्य में भाजपा) की सरकार फिर एक बार बहुत जरूरी है. ‘नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी की तरह’ पीएम मोदी ने आगे कहा, “अभी कुछ दिन पहले ही देश का बजट आया है. बजट के बाद असम का और नार्थईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है. जिस नार्थईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया, हम उस नार्थईस्ट की भक्तिभाव से सेवा कर रहे हैं. नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठलक्ष्मी है. इस वर्ष का बजट… अष्टलक्ष्मी के लिए BJP-NDA के vision को और मजबूती देने वाला है.” भाजपा कार्यकर्ताओं की तारीफ भाजपा के कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भाजपा जहां पहुंची है, उसका श्रेय अगर किसी को मिलता है, तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को जाता है. हमारा विश्वास संगठन में है. हम राष्ट्रजीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं. इसलिए, इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं के दर्शन करना बहुत बड़ा सौभाग्य है. हम लोग एक ही मंत्र को लेकर जिए हैं, हम लोग एक ही मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं.”

डिब्रूगढ़ में बना नया इतिहास: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, क्या है आपात लैंडिंग सिस्टम?

डिब्रूगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे के तहत डिब्रूगढ़ पहुंच गए हैं. उनके दौरे की शुरुआत बेहद रणनीतिक रही, जब उनका विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरा. यह पहली बार है कि पीएम का विमान नेशनल हाइवे पर उतरा. पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे. ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर का पहला ‘एक्स्ट्राडोज्ड’ पुल है. इस आधुनिक पुल की मदद से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर जो घंटों में तय होता था, अब मात्र 7 मिनट में सिमट जाएगा. इसमें भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी (IIM Guwahati) का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा के मानक बदलेगा. साथ ही, कामरूप जिले में राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का शुभारंभ होगा. 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह केंद्र पूर्वोत्तर की सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाएगा. शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें से 100 बसें अकेले गुवाहाटी के लिए होंगी, जबकि बाकी नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के लिए रवाना की जाएंगी. क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी. यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है.  ELF क्या है और डिब्रूगढ़ में क्यों खास? इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है.     भारतीय वायुसेना (IAF) को अगर मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो वैकल्पिक जगह देगी.     विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा.     पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की गहराई और जीवित रहने की क्षमता बढ़ाएगी. पहले ही सफल रिहर्सल हो चुकी है इस ELF की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हाल ही में पूर्ण पैमाने ‘रिहर्सल’ की गई…     राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमान.     C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट.     डोर्नियर सर्विलांस विमान.     एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH). ये सभी विमान हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. ‘टच एंड गो’ मैन्यूवर्स और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग भी की गई. हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) का अभ्यास भी हुआ. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी. प्रधानमंत्री मोदी खुद IAF के C-130J विमान से इस स्ट्रिप पर उतरे. यह 2021 में उत्तर प्रदेश में बने इसी तरह के स्ट्रिप की तरह होगा, जहां भी उन्होंने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है. देशभर में ELF का नेटवर्क डिब्रूगढ़ ELF अकेला नहीं है. सड़क परिवहन मंत्रालय और IAF मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं. असम में ही 5 ELF बन रहे हैं. कई पहले से ऑपरेशनल हैं. सभी IAF एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है. पूर्वोत्तर में अन्य रणनीतिक प्रोजेक्ट्स यह सुविधा पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग – नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच तेज आवाजाही. कई स्ट्रैटेजिक टनल और ऑल-वेदर रोड – बरसात या आपदा में भी कनेक्टिविटी बनी रहे. ये प्रोजेक्ट्स सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) पर निर्भरता कम करेंगे. सेना की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे. क्यों जरूरी है यह सब? पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील सीमाओं (चीन, म्यांमार, बांग्लादेश) के पास है. यहां का इलाका मुश्किल है – नदियां, पहाड़, बाढ़. ये प्रोजेक्ट्स… प्राकृतिक आपदाओं और दुश्मन हमले दोनों से बचाव देंगे. सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स देंगे. रक्षा के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी और विकास लाएंगे. डिब्रूगढ़ ELF पूर्वोत्तर की रक्षा रीढ़ को मजबूत करने वाला मील का पत्थर है. यह भारत की रणनीतिक सोच को दर्शाता है – भूगोल की चुनौतियों को ताकत में बदलना. आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पूर्वोत्तर को और सुरक्षित और विकसित बनाएंगे.

प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

पीएम मोदी का बयान: भारत-मलेशिया संबंध मजबूत, मलेशिया पहुंचने पर बोले- ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा

नई दिल्ली/ कुआलालंपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिनों के दौरे पर हैं. वह शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मलेशिया में भारत के लिए प्यार और सम्मान है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पिछले साल आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने मेरे दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा और जैसा वादा किया था मैं यहां हूं. ये 2026 की मेरी पहले विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रति मलेशिया का प्यार दिखा है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. मलेशिया में भारतीय संगीत और सिनेमा लोकप्रिय है. मलेशिया के 500 स्कूलों में भारतीय भाषाओं की पढ़ाई हो रही है. दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आई है..  पीएम मोदी ने कहा कि आज हम प्रगति में एक दूसरे के साथ हैं. भारत और मलेशिया की साझा विरासत है. मलेशिया में विवेकानंद को काफी लोग मानते हैं. मैंने मन की बात में भी मलेशिया का जिक्र किया था. हम एक दूसरे के साझेदार देश हैं. भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है.  यूपीआई मलेशिया में भी जल्द लॉन्च होगा. एक दशक में बड़े सुधार हुए हैं.  भारत और मलेशिया के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना हो चुके हैं. इस यात्रा से पहले पीएम मोदी ने साफ संकेत दिए कि भारत अब मलेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और बीते कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है. उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत बातचीत को लेकर उत्साहित हैं. पीएम मोदी के मुताबिक, दोनों देश अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर फोकस करेंगे. इसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. साथ ही दोनों देश नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे. मलेशिया रवाना होने का वीडियो आया सामने पीएम नरेंद्र मोदी का मलेशिया से रवाना होने का वीडियो सामने आया है. इसमें वह हमेशा की तरह एक सफेद कुर्ते में हैं और उनके दाहिने कंधे पर शॉल रखा है. रवाने होने के दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की. मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है. कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे. आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है. रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी. 2047 तक बनेगा विकसित भारत : PM Modi पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि ‘भारत के लोग 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे’. उन्होंने कहा इस जर्नी में भारतीय प्रवासी अहम पार्टनर हैं. ‘भारत का UPI जल्द आएगा मलेशिया’: PM Modi प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के लोगों से एक बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा भारत का UPI जल्द मलेशिया में आएगा. पीएम मोदी ने भारत की बेहतरीन डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को दुनिया के सामने रखा. ‘हम टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’: PM Modi पीएम मोदी ने मलेशिया के लोगों को भारत आने का न्योता दिया और इसके साथ ही अपने दोस्तों को साथ लाने के लिए भी कहा. उन्होंने भारत की सफलताएं गिनाते हुए कहा कि अब हम ‘टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’. ‘MGR के गाने सुनते हैं मलेशिया के प्रधानमंत्री’ : पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री बहुत अच्छे सिंगर हैं और भारतीय म्यूजिक के बहुत बड़े फैन हैं. मलेशिया पीएम तमिल अभिनेता, फिल्म निर्माता एमजीआर के गाने सुनते हैं. ‘ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’: पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कि कैसे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रोटोकॉल की सीमाओं को तोड़कर एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें अपनी ही कार में साथ बिठाया. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘उन्होंने अपनी कार ही नहीं, बल्कि अपनी सीट भी साझा की’. पीएम ने कहा कि ‘मैंने वादा किया था और मैं आ गया. ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’.

PM मोदी का मलेशिया दौरा: भारत के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ सेक्टर में होगा बड़ा बूस्ट

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से दो दिन के लिए (7-8 फरवरी 2026) मलेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए दरवाजे खोलने का काम करेगी. हाल ही में यूनियन बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर्स की घोषणा के बाद यह यात्रा और भी खास हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी, नौकरियां बढ़ेंगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) कई बार कह चुके हैं कि कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से सेल्फ-रिलायंस बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. मलेशिया के साथ टेक्नोलॉजी शेयरिंग से यह आसान होगा. बता दें कि वैष्णव क्रिटिकल मिनरल्स पर काम कर रहे हैं. बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) में रेयर अर्थ एक्सपर्ट और रिसर्च मैनेजर नेहा मुखर्जी (Neha Mukherjee) ने भारत की नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की तारीफ की है और कहा है कि मलेशिया जैसे पार्टनर्स से डाइवर्सिफिकेशन तेज होगा, जिससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. कितना महत्वपूर्ण है मलेशिया? पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के केंद्र में अन्य मुद्दों के साथ सेमीकंडक्टर पर गहरा सहयोग भी होगा. मलेशिया सेमीकंडक्टर का बड़ा हब है, जहां दुनिया की 12-15 फीसदी REE प्रोसेसिंग होती है. भारत यहां से तकनीक और निवेश ले सकता है. बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ है, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा. इससे भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटेरियल और फुल स्टैक आईपी डेवलप होगा. मलेशिया रेयर अर्थ पर भी बड़ा जोर देता है. मलेशिया में लिनास प्लांट दुनिया का बड़ा REE प्रोसेसर है. 2025 में लिनास में पहली बार भारी REE (जैसे डिस्प्रोसियम ऑक्साइड) का कमर्शियल उत्पादन शुरू किया, जो चीन के बाहर पहला ऐसा प्लांट है. भारत के आम बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु में डेडिकेटेड REE कॉरिडोर्स बनाने का प्लान है. यह माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा. लक्ष्य है 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष REE परमानेंट मैग्नेट बनाना, जो EV, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस में इस्तेमाल होंगे. गौरतलब है कि यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका नाम REPM है. इसे नवंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, और कुल ₹7,280 करोड़ का बजट रखा गया है. भारत को कितना फायदा?     सप्लाई चेन मजबूत: मलेशिया से REE और सेमीकंडक्टर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे. इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता 20-30 फीसदी कम हो सकती है.     निवेश और टेक्नोलॉजी: मलेशिया के साथ JV से 3 अरब डॉलर का राजस्व और 24,800 नौकरियां पैदा होंगी. सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर पहुंचेगा.     EV और क्लीन एनर्जी: REE से EV बैटरी और मोटर सस्ते होंगे. मलेशिया 2030 तक EV प्रोडक्शन 15% बढ़ाना चाहता है, जिसमें भारत मदद कर सकता है.     ट्रेड बूस्ट: दोनों देशों का व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. MICECA समझौते की समीक्षा से निर्यात बढ़ेगा.     स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रक्षा, डिजिटल टेक और हेल्थ में सहयोग बढ़ेगा, जो भारत को ASEAN में मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल प्ले करेगी. 2030 तक REE से 3 अरब डॉलर राजस्व और 6.5 अरब डॉलर की आर्थिक ग्रोथ हो सकती है. भारत और मलेशिया में कितना व्यापार? 2025 में भारत-मलेशिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18-20 अरब डॉलर के आसपास रहा. भारत मलेशिया से मुख्य रूप से पाम ऑयल (करीब 2.8-3 अरब डॉलर का), इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य वनस्पति तेल आयात करता है. वहीं भारत मलेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम (रिफाइंड पेट्रोलियम, करीब 2.3 अरब डॉलर), कृषि उत्पाद जैसे बफेलो मीट, और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्यात करता है. कैसे हैं दोनों देशों में ऐतिहासिक संबंध? दोनों देशों के बीच मजबूत नींव है. 2010 में MICECA (मलेशिया-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) ने व्यापार को आसान बनाया. 2015 में संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला, और 2024 में इसे अपग्रेड करके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना दिया गया. ये समझौते टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता खोलते हैं. भारत-मलेशिया: भविष्य के प्लान क्या हैं? दोनों देश AITIGA (ASEAN-इंडिया ट्रेड इन गुड्स एग्रीमेंट) की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि टैरिफ और मार्केट एक्सेस बेहतर हो. फोकस डिजिटल फाइनेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और EV जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर है. मलेशिया में अनुमानित 16.2 मिलियन टन रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) के रिजर्व हैं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर है. ये रिजर्व भारत के साथ JV या टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए इस्तेमाल हो सकते हैं, खासकर REE प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में. व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है. क्या चुनौतियां हैं सामने? ट्रेड बैलेंस अभी असंतुलित है. मलेशिया का सरप्लस ज्यादा है, इसलिए भारत नए निर्यात सेक्टर (जैसे सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग) ढूंढ रहा है. पर्यावरणीय मुद्दे भी बड़े हैं, खासकर पाम ऑयल की खेती से जुड़े जंगल कटाई और सस्टेनेबिलिटी के सवाल. REE माइनिंग में भी पर्यावरण सुरक्षा जरूरी है, ताकि प्रदूषण न फैले. दोनों देश इन मुद्दों पर बात करके बैलेंस्ड और ग्रीन ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं. भारत-मलेशिया में ग्लोबल कनेक्शन? मलेशिया ने अमेरिका के साथ REE सप्लाई चेन पर MoU साइन किया है. भारत भी इंडो-US ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के जरिए काम कर रहा है. इससे REE और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी, और दोनों देश ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर पोजिशन पा सकेंगे. कुल मिलाकर, ये रिश्ते सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का मजबूत आधार बन रहे हैं. मोदी की मलेशिया यात्रा कब है? 7-8 फरवरी 2026 को. यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर बात होगी. मलेशिया से सेमीकंडक्टर में भारत को क्या फायदा? मलेशिया से टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से 40,000 करोड़ रुपये लगेंगे, जो जॉब्स और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. रेयर अर्थ एलीमेंट्स क्या हैं और क्यों जरूरी? REE विशेष … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet