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मुख्यमंत्री ने 266 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

सीमा की रक्षा करने वाले जवानों और अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 65 करोड़ रुपए की लागत से होगा बेड़िया मंडी का विकास मुख्यमंत्री ने 266 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री की घोषणा – लाड़ली बहनों को दीवाली से मिलेगी 1500 रुपए की राशि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार देश की सीमा पर जान की बाजी लगाने वाले और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तथा खेतों में कड़ी मेहनत कर अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार कमजोर और गरीब वर्ग की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगोन जिले के बेड़िया में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अम्बा-रोडिया माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना का लोकार्पण सहित 266 करोड़ रुपए की लागत के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने सिकलसेल के मरीजों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति के प्रमाण-पत्र तथा हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है और विश्व में देश का नाम हो रहा है। हमारी सरकार किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं की जिंदगी बदलने और उन्हें खुशहाल बनाने का काम कर रही है। निमाड़ क्षेत्र में मां नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है और इससे खेतों में फसले लहलहा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सम्मान निधि देने की योजना बनाई है और किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां गेहूं पर किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपए दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार कृषि को प्रोत्साहन दे रही है और किसानों को उद्यमी बनने के लिए काम कर रही है। प्रदेश सरकार कपास से धागा बनाने, उससे कपड़ा बनाने और रेडीमेड गारमेंट की फैक्ट्री लगाने का अभियान चला रही है। प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रही है और किसानों को अनुदान पर सोलर पैनल कनेक्शन दिया जाएगा इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वह अपने संयंत्र में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली प्रदेश सरकार को बेच भी सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द के समर्थन मूल्य पर खरीदी के इंतजाम किए हैं। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। देश में दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश की भागीदारी अभी 09 प्रतिशत है इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को गाय भैंस पालन के लिए 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। राज्य सरकार के समग्र प्रयासों से अब प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपये से बढ़कर एक लाख 52 हजार रूपये हो गई है। दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह मिलेंगे 1500 रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि देगी और अक्टूबर में दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि नियमित दी जाएगी। इस राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। गरीबों और जरूरतमंद की जान बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोग अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लें, जिससे गंभीर बीमारी के समय जान बचाने के लिए उन्हें बड़े शहरों के अच्छे अस्पतालों में उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विमान या हेलीकॉप्टर से प्रदेश सरकार मरीजों को उपचार के लिए भी भेजती है। उन्होंने कहा कि अभी तक दुर्घटना में सड़कों पर घायलों को अस्पताल पहुंचने में लोग डरते थे अब सरकार ने राह-वीर योजना लागू की है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है तो उसे 25 हजार रुपए का इनाम प्रदेश सरकार देगी। शासकीय सेवकों के प्रमोशन होने के बाद 2 लाख पद होंगे रिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों के 9 सालों से रुके प्रमोशन के मामले को हल कर दिया है और अब अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के शासकीय सेवकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है। प्रमोशन होने से 2 लाख पद रिक्त होंगे और इससे नए लोगों की भर्ती का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार शासकीय सेवाओं में भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देगी। आने वाले समय में लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन स्थानों पर बनेंगे राम पथ गमन मार्ग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री बंद कर दी है। प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। नगरीय क्षेत्र में गीता भवन बनाए जाएंगे। भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन पर राम पथ गमन मार्ग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 100वींग जन्म शताब्दी के अवसर पर ग्वालियर में कैबिनेट की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संदीपनी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव-गांव तक बस सेवा शुरू करने जा रही है इससे ग्रामीण जनता को आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि बेड़ियां मिर्च मंडी के विकास के लिए 65 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। इसी प्रकार खनगांव से खेड़ीखुर्द मार्ग पर 05 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण किया जाएगा। बांसवा से घोसला मार्ग पर सिड़कुई नदी पर 06 करोड़ रुपए के लागत से पुल बनाया जाएगा। भीकनगांव से झिरन्या तक सड़क निर्माण के लिए 38 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बेड़ियां एवं बासवा बायपास निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाएंगे। बेड़ियां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में … Read more

सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई

पीएम जनमन अभियान छिंदवाड़ा में 1067 भारिया परिवारों को मिले पक्के आवास जनजाति वर्ग का समग्र उत्थान मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई  सामग्री की सामूहिक खरीद पर भी की एक करोड़ की बचत भोपाल  प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में निवासरत 1067 भारिया जनजाति के परिवारों को पक्के आवास आवंटित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना को मध्यप्रदेश में शत प्रतिशत मूर्तरूप दिया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा आवास आवंटन के साथ ही सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई है। प्रधानमंत्री जनमन अभियान के तहत छिन्दवाड़ा को कुल 5825 आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत चौरई, हर्रई, तामिया, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव एवं परासिया जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत भारिया हितग्राहियों को योजना का लाभ देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। ग्रामों की दूर-दराज़ स्थिति (जिला मुख्यालय से 100-125 कि.मी.) के कारण स्थानीय भवन सामग्री विक्रेताओं द्वारा महंगे दाम और कम गुणवत्ता वाली सामग्री हितग्राहियों को दिये जाने से भी आवास निर्माण में बाधा थी। इससे कई परिवारों ने आवास निर्माण में रुचि ही लेना बंद कर दिया था। इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों के साथ स्वयं मौका स्थल का भ्रमण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने जनपद पंचायतों के अमले, सहायक यंत्री, और ग्राम पंचायतों के सरपंच आदि से सामूहिक चर्चा की जिसमें ग्रामवासियों और सामग्री विक्रेताओं के साथ संवाद स्थापित कर कम दर पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। नवाचार से हुई एक करोड़ की बचत जिला प्रशासन द्वारा जनपद स्तर पर थोक विक्रेताओं से संपर्क कर भवन निर्माण सामग्री की दरों को भी पूर्व निर्धारित किया गया। सीमेंट, ईंट, गिट्टी, सरिया, सेंटरिंग आदि निर्माण सामग्री स्थानीय दरों से 2 से 55 रूपये तक सस्ती दरों पर हितग्राहियों के ग्रामों में ही थोक में पहुँचाई गई। इस नवाचार से न केवल परिवहन लागत बची, बल्कि समय पर सामग्री मिलने से अधिकांश हितग्राहियों ने 2 माह से भी कम समय में अपने पक्के आवास तैयार कर लिए। इस पहल से 1067 परिवारों को 99,21,443 रूपये की सीधी बचत हुई, यानी प्रति परिवार लगभग 9,298 रूपये की औसत बचत हुई। साथ ही 1052 आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है और शेष 508 आवास शीघ्र पूर्ण होने की स्थिति में है। बिचौलियों से मिली मुक्ति नवाचार न केवल योजनांर्गत लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बना, बल्कि इससे हितग्राहियों को ठगने वाले बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाई गई। अब जिले के अन्य नवीन स्वीकृत आवासों में भी इसी मॉडल को अपनाने की योजना है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव को अचानक से इंदौर कलेक्टर ऑफिस में देख सीएम सब रह गए हैरान

इंदौर  खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री को बड़वानी दौरा निरस्त करना पड़ा। गुरुवार सुबह वे अचानक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और वहीं से बड़वानी के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अटेंड किया। विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले के ग्राम तलून में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर कलेक्टोरेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।  खराब मौसम के कारण टालना पड़ी यात्रा मुख्यमंत्री मोहन यादव को हेलीकॉप्टर से इंदौर से बड़वानी होते हुए तलून पहुंचना था, पर मौसम खराब होने के कारण यह यात्रा टाल दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को सुबह 10:20 बजे वायुयान से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था और यहां से 10:25 बजे हेलीकॉप्टर से तलून के लिए रवाना होना था। मुख्यमंत्री तय समय पर इंदौर तो पहुंच गए, पर मौसम ज्यादा खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर से तलून की उड़ान नहीं भर सके। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को दोपहर 1:15 बजे बड़वानी से खरगोन जाना है। उन्हें खरगोन के ग्राम बेड़िया सनावद पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होना है और शाम 3:50 बजे बेड़िया से हेलीकॉप्टर से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना है। यहां से उन्हें वायुयान से शाम 4.15 बजे भोपाल के लिए प्रस्थान करना है। सड़क मार्ग से गए राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री बारिश की वजह से बदले हुए कार्यक्रम के तहत अतिथियों को सड़क मार्ग से जाना पड़ा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो रहे हैं। राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री इंदौर से सुबह सड़क मार्ग से तलून के लिए रवाना हो गए हैं। राज्यपाल को बड़वानी से दोपहर 2 बजे प्रस्थान कर शाम 5 बजे इंदौर पहुंचना और रात्रि विश्राम करना है। राज्यपाल अगले दिन सुबह 10.30 बजे वायुयान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।  

पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM

वीरांगना के सम्मान के लिये प्रदेश सरकार तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य के लिये पाँच लाख रूपए देने की घोषणा पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM  विभिन्न विभूतियों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा जन-जन तक पहुँचना चाहिए। ग्वालियर में पिछले 26 वर्षों से महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला बलिदान मेला एक सार्थक प्रयास है। बलिदान मेले के आयोजन के लिये सरकार पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों के लिये पाँच लाख रूपए की धनराशि देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 167वी वर्षगांठ के अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेले में शहीद मंगल पाण्डेय के साथी दुर्गा सिंह के वंशज, शौर्य चक्र प्राप्त शहीद विवेक सिंह तोमर की धर्मपत्नी एवं नेशनल क्रिकेटर कु. वैष्णव शर्मा को भी सम्मानित किया। बलिदान मेले के अवसर पर पूज्य महंत रामदास जी महाराज दंदरौआ सरकार, प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी, बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, प्रदेश के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री संगठन हितानंद शर्मा, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य आरएसएस यशवंत इंन्द्रापुरकर, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, सभापति नगर निगम मनोज तोमर, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हमेशा वीरांगनाओं के सम्मान के लिए समर्पित रही है, वीरांगना के रूप में साक्षात् देवी दुर्गा ने धरती पर जन्म लेकर हमारे मध्य प्रदेश के ग्वालियर की भूमि पर अपना बलिदान दिया, यह भूमि हमारे लिए तीर्थ के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर की धरती पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों ने देश के विकास में अतुलनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू कर युवाओं को देश की शौर्य गाथाओं, संस्कृति, संगीत एवं अन्य विधाओं से अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रदेश सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ों योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्वालियर-चंबल संभाग को मिलेगा। साथ ही ग्वालियर में शीघ्र ही टेक्नोलॉजी हब भी स्थापित होगा, जिससे अनेकों अनेक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। वीरांगना मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि 166 साल पहले ग्वालियर की इसी धरा पर वीरांगना लक्ष्मीबाई ने भारत माता के चरणों में अपनी आहुति दी थी। बलिदान मेला देश भक्ति जगाने का अनुष्ठान एवं महायज्ञ है। वर्ष 2000 से यह आयोजन निरंतर किया जा रहा है। पवैया ने कहा कि बलिदान मेला जिस स्थान पर आयोजित किया जाता है इस धरा पर महारानी लक्ष्मीबाई का रक्त शामिल है। यह धरती जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि चंदन है। उन्होंने बलिदान मेले के आयोजन के संबंध में जानकारी भी दी। वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन बलिदान मेले के गरिमापूर्ण कार्यक्रम में वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों द्वारा बेहद सराहा गया। इसके साथ ही कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। विख्यात कवियों द्वारा देशभक्तिपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने वीरांगना लक्ष्मीबाई के समाधि स्थल पहुँच कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में पड़ाव स्थित लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर पहुँचकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी एवं पुष्पमाला अर्पित की। उन्होंने वीरांगना लक्ष्मीबाई के शौर्य एवं बलिदान को नमन किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योग दिवस 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परम्परा” पर उज्जैन में राष्ट्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभांरभ उज्जैन स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला में आयोजित होगी कार्यशाला अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।  

गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण में किया जायेगा  गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा।  

459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास को मिलेगा बल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुचंद्रिका, प्रदान से सुअर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुजॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पदोन्नति प्रक्रिया में सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का रखा गया ध्यान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंत्रि-परिषद की बैठक में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति के लंबित मसले को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारी के 9 साल से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित सभी वर्गों के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों का समुचित ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदोन्नति होने के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन रिक्त पदों पर नए सिरे से भर्तियां की जाएंगी।  

MP के कर्मचारी अधिकारियों को लेकर आज बड़ा फैसला, 9 सालों का सपना होगा पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों के हक में प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है. पिछले 9 सालों से अटके प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव को आज कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारियों के प्रमोशन शुरू हो सकेंगे. आज होने जा रही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. 10 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन किया जा चुका है. इससे जुड़े सभी पक्षों से भी राज्य शासन चर्चा कर चुकी है. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद पदोन्नति में आरक्षण का नियम लागू हो जाएगा. नए प्रारूप में किए गए कई प्रावधान राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए प्रमोशन में आरक्षण के प्रारूप में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार की कोशिश है कि सभी कर्मचारियों को समान रूप से इसका लाभ मिल सके और किसी के भी हितों को बहुत ज्यादा नुकसान न हो. प्रारूप में तय किया गया है कि पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया जाएगा. इसके अलावा पदोन्नति के बिना रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को भी नए नियमों का लाभ नहीं दिया जाएगा. सबसे पहले भरे जाएंगे एससी-एसटी के पद प्रारूप में तय किया किया गया है कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए सबसे पहले अनुसूचित जाति के 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता है तो किसी दूसरे वर्ग को इस पद पर लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे. हर साल होगी डीपीसी पदोन्नति के लिए हर साल डीपीसी की जाएगी. इसके लिए 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण करने के बाद हर साल 1 जनवरी को खाली होने वाले पदों का निर्धारण होगा और इन पदों पर प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा. डीपीसी हर साल सितंबर से नंवबर के बीच होगी.   अलग-अलग तैयार होगी लिस्ट प्रमोशन के लिए क्लॉस 1 अधिकारियों और क्लॉस 2 अधिकारियों के लिए अलग-अलग लिस्ट तैयार होगी. क्लास वन अधिकारियों के लिए पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए सीनियरिटी कम मैरिट को आधार बनाकर सूची तैयार की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लाड़ली बहनों और माताओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रूपए शगुन दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात लाड़ली बहना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को मिली 2081 करोड़ से अधिक की राशि 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को 341 करोड़ रूपये 27 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रिफलिंग के लिए 39.14 करोड़ रूपये की अनुदान राशि हुई अंतरित 6 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रूपये की अनुग्रह राशि अंतरित राज्य सरकार वीरांगनाओं के नाम पर चला रही है योजनाएं शहपुरा में एसडीएम/एसडीओपी कार्यालय की घोषणा मुख्यमंत्री ने 22.44 करोड़ रूपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में हुए शामिल जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों को मान-सम्मान और उनका वाजिब हक दिलाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा हर महीने बहनों के खातों में राशि भेजकर बहनों का रक्षाबंधन मनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में लाड़ली बहनों को 250 रूपए बढ़ाकर दिया जाएगा, जिससे ताकि बहनें उत्साह पूर्वक त्यौहार मना सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर जिले के बेलखेड़ा गांव में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के जरिये 2081 करोड़ रूपसे से अधिक की सम्मान एवं सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास का संकल्प लिया है। जबलपुर क्षेत्र महारानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं की धरती है। हमारी सरकार ने इन वीरांगनाओं के नाम पर योजनाएं चलाई हैं। इनका लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना ही हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरे देश सहित मध्यप्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किश्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित किये। योजनान्तर्गत लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किश्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके बैंक खाता में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों की जिंदगी को बेहतर करने मध्यप्रदेश सरकार प्रति महीने साढ़े पंद्रह सौ करोड़ रुपए अंतरित करती है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 30 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि बहनों को दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि, 27 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की अनुदान राशि और मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 6 हजार 821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही करीब 22 करोड़ 44 लाख रूपये के विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी विधायक नीरज सिंह के अनुरोध पर बेलखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ करने और शहपुरा में अनुविभागीय राजस्व कार्यालय व शासकीय कर्मचारियों के आवास भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शहपुरा में एसडीओपी की पदस्थापना की भी घोषणा की। बहनों के आशीर्वाद से धन्य हुई जिंदगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद मिल जाए तो जिंदगी धन्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाई अकेले अपने घर को गौरवान्वित करता है जबकि बहनें ससुराल और मायके दोनों घरों का गौरव बनती हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहने घर-परिवार के लिए समर्पण करती हैं और परिवार में बच्चों को बड़ा करने में माताओं और बहनों की भूमिका देवतुल्य होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की गौरवशाली संस्कृति रही है। हमारे यहां सात जन्मों की कसमों के साथ विवाह की रस्में होती हैं। सबको पक्का आवास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांव, पहाड़ और नगर में रहने वाले, कच्चे और टूटे छत के मकान में रहने वाले सभी लोगों को पक्का मकान देने का काम किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना से हमारी माताओं और बहनों की आंखों को धुएं से मुक्ति दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गैस रिफिलिंग के तहत प्रदेश की 27 लाख से अधिक बहनों के खाते में भी आज 39.14 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत अब हर घर नल से जल पहुंच रहा है इससे माताओं और बहनों को कुंए और दूर दराज के जल स्त्रोतों से पानी लाने के कष्ट से निजात मिली है। मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना में भी बेटियों को बराबरी का दर्जा मिल रहा है। गरीबों को मिल रहा निःशुल्क खाद्यान्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेडीमेड गारमेंट के माध्यम से व्यवसाय करने वाली बहनों को 5 हजार रूपए अलग से देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी खरीदने पर प्रति क्विंटल 1 हजार रुपए का बोनस देना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1 करोड़ 33 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न देने का काम भी सरकार कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, लिखाई की जवाबदारी सरकार निभा रही है। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यालयों में सभी प्रकार … Read more

कभी सोचा नहीं था कि मेरी दुकान में चाय पीने.. आयेंगे मुख्यमंत्री

जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के बेलखेड़ा में सोमवार को राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में शामिल होने के बाद सड़क मार्ग से डुमना विमानतल के रास्ते में काफिला रूकवाकर अंध-मूक चौराहा स्थित शंकर चाट भंडार के स्टॉल पर चाय का आनंद लिया। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं अखिलेश जैन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदार ब्रजेश लोधी से कुशलक्षेम पूछीं और उनके परिवार और व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अकस्मात् अपनी दुकान में पाकर ब्रजेश प्रफुल्लित हो उठे, उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी छोटी सी दुकान में स्वयं मुख्यमंत्री चाय पीने आए हैं। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उसके जैसे छोटे दुकानदार से भी बड़ी ही आत्मीयता से मिले। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुशी हुई, हमारे मुख्यमंत्री बड़े सहज और सरल स्वभाव के हैं।।  

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस द्वारा साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान “ग्रांड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारिओस थर्ड” से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जाना 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व एवं स्वाभिमान का विषय है। यह विश्व मित्र भारत का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अमूल्य एवं अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों की ओर से भी प्रधानमंत्री श्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है।  

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