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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंजीनियर्स की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का किया शुभारंभ

भगवान विश्वकर्मा का साक्षात् अवतार हैं इंजीनियर्स सड़क एवं भवन विकास कार्यों के लिए म.प्र. शासन के साथ हुए 4 एमओयू पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27, न्यूज लेटर सहित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं बजट मॉड्यूल का भी हुआ विमोचन पिछले 2 वर्ष में लोक निर्माण विभाग ने अपने कार्यों के आधार पर बनाई विशिष्ठ पहचान   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निर्माण सिर्फ ईंट–पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टि, नवाचार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 2 वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवधि में सराहनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान की बात कही गई है, जिसमें मन, बुद्धि और अहंकार के साथ पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की यह कार्यशाला आधुनिक संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। हमारे इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स की क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आज की कार्यशाला में एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते हुए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग के विकास को लेकर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कार्यों और नवाचारों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दीं। तकनीक, पारदर्शिता और गुणवत्ता से बदलेगा निर्माण तंत्र : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब सोच बदलती है तभी व्यवस्था बदलती है, और यह कार्यशाला विभाग के नवाचारों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में अधोसंरचना विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, डिजिटल इंडिया, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विकास समन्वित सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति और दिशा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि निर्माण केवल संरचना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता अब विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के लिए 293 इंजीनियर्स के पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल 2.0 विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकारी भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। मंत्री श्री सिंह ने पीएम गति शक्ति पोर्टल आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सड़कों, पुलों और भवनों का वास्तविक आधार प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन होता है। इसी उद्देश्य से विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक वर्ष का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक त्रैमास के लिए सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नवीन तकनीकों जैसी थीम निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित करने के निर्देशों के पालन में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंताओं को इस विषय पर प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है, जो विभाग की सकारात्मक कार्य संस्कृति का उदाहरण है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए ट्री शिफ्टिंग की एक कार्यशाला भी बहुत जल्द आयोजित की जाएगी। भास्कराचार्य संस्थान ने लोक निर्माण विभाग के 500 से अधिक लोक कल्याण सरोवरों की कार्य योजना तैयार कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों का औचक निरीक्षण की शुरुआत की है, जिसे ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपनाया है। लोक निर्माण तकनीक, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल का विमोचन किया गया तथा पी.एम.एस. पोर्टल-2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लाँच किया गया। साथ ही, … Read more

प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का जल गंगा संवर्धन महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से शुरू होने जा रहा है

भोपाल प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जाएगा।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में लगभग 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर “शासकीय नहर” के रूप में अंकित किया जाएगा।     बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का सफाई कार्य होगा।     फ्लशबार की मरम्मत और स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी होंगे।     सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे।  

मध्यप्रदेश में आज से MSP पर गेहूं की खरीदी, 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी खरीदी

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार ( Mohan Yadav Government) ने शनिवार को गेहूं खरीदी की सरकारी नीति जारी की. इस दौरान सरकार ने बताया कि समर्थन मूल्य पर 15 मार्च से 5 मई तक गेहूं खरीदी की जाएगी. किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करनी होगी. यह सुविधा www.meuparjan.nic.in पर उपलब्ध होगी. वहीं,  15 मार्च से मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों से गेहूं की खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकी के सभी संभागों से 17 मार्च से गेहूं की खरीदी की शुरुआत की जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने गेहूं के  लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस का भी ऐलान किया. इसके मुताबिक, इस बार गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी. इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये है और 175 रुपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार की ओर से बोनस दिया जाएगा. यानी किसानों को इस बार एक क्विंटल के लिए सरकार की ओर से 2600 रुपये का भुगतान किया जाएगा. गौरतलब है कि इससे पहले 2023-24 में गेहूं ₹2150/क्विंटल की दर से खरीदा गया था. इस प्रकार इस वर्ष पहले के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक कीमत मिलेगी. सीएम यादव ने ट्वीट कर दी जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गेहूं के समर्थन मूल्य में इजाफे की जानकारी एक्स पर पोस्ट कर दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हम किसानों को बिचौलियों से बचाना चाहते हैं. 2023-24 में गेहूं ₹2150/क्विंटल खरीदा जाता था, जिसे सवा साल में ही बढ़ाकर हमने ₹2600/क्विंटल कर दिया गया है. किसानों को सरकार देगी 175 रुपए बोनस अबकी बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि प्रदेश सरकार 175 रुपए का अतिरिक्त बोनस दे रही है। इस तरह किसानों को एक क्विंटल गेहूं के 2600 रुपए मिलेंगे। 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया, प्रदेश में लगभग 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। इस उपार्जन पर समर्थन मूल्य की राशि 19 हजार 400 करोड़ रुपए और बोनस की राशि 1400 करोड़ रुपए का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है। भोपाल में 60 केंद्रों पर खरीदी भोपाल में कुल 60 केंद्रों पर गेहूं की खरीदी होगी। बैरसिया मंडी समेत प्रमुख गांवों में खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। ताकि, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। हालांकि, पहले दिन 20 सेंटरों के लिए 269 स्लॉट बुक हुए हैं। ऐसे में इन्हीं सेंटरों पर किसानों के आने का अनुमान है।

मोहन यादव ने कहा- सभी वर्गों के विकास पर ध्यान, गारमेंट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को 5 हजार रुपये इंसेंटिव

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने गारमेंट सेक्टर की महिलाओं को 5 हजार रुपये इंसेंटिव देने की बात कही है। राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रस्तुत कृतज्ञता प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास पर ध्यान दे रही है। कांग्रेस की सरकार में जो कभी नहीं हुआ वह सब हमारे भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। निवेश के जो प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं हुए अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति देंगे। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार सही दिशा में काम कर रही है। केन बेतवा सिंचाई परियोजना को 20 वर्ष तक लटका कर रखा गया। इससे बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जाएगी रोजगार के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। सीएम ने कहा- 61000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आगामी 5 वर्ष में ढाई लाख पदों पर भर्ती होगी निजी क्षेत्र में भी 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पदोन्नति का रास्ता निकालने की दिशा में लगे हैं ओबीसी आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि हमने न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है। अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग और गरीबों के हित में सरकार काम कर रही है पदोन्नति का रास्ता निकालने की दिशा में भी हम लगे हैं। महिला बजट में लाड़ली बहनों को 18,669 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में लाड़ली बहना योजना को सर्वाधिक राशि इस योजना को देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। इस विभाग के 26,797 करोड़ रुपये के बजट में से अकेले इस योजना पर 18,669 करोड़ रुपये व्यय होंगे। प्रदेश में 1.27 करोड़ लाड़ली बहनें हैं, जिन्हें सरकार प्रति माह 1,250 रुपये देती है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,183 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अभी तक प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना में 12,932 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। कौशल विकास का प्रशिक्षण भी मिलेगा सरकार की प्राथमिकता में नारी कल्याण हमेशा से रहा है। नारी सशक्तीकरण मिशन लागू किया गया है, जिसमें महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर है। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए जहां आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा तो कौशल विकास का प्रशिक्षण भी मिलेगा। आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए 3,729 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। प्रदेश में 12,670 मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी में परिवर्तित किया गया है। 24,662 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उन्नत किया जा रहा है।

मोहन यादव ने कहा- भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झीलों की नगरी भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी, मजबूत बुनियादी ढांचा, निर्बाध विकास के चलते मध्यप्रदेश भारत के शहरी परिवर्तन में अग्रणी राज्य है, जो रणनीतिक निवेश, सतत विकास और अत्याधुनिक डिजिटल गवर्नेंस का संयोजन कर रहा है। प्रदेश में 72 हजार करोड़ रुपए की चल रही शहरी परियोजनाओं और 88 हजार करोड़ रुपए की आगे आने वाली परियोजनाओं के साथ राज्य तेजी से अपने बुनियादी ढांचे, आवास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है। सात स्मार्ट सिटी, विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी और प्रगतिशील शहरी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों और डेवलपर्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की स्थिति में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिये प्रदेश में शहरी विकास की योजनाओं में अधिक से अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन योजनाओं के जरिये रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी रैंकिंग में अग्रणी राज्य के रूप में मध्यप्रदेश भविष्य के लिए तैयार निवेश-अनुकूल शहर बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और डिजिटल रूप से उन्नत प्रदेश के शहरों को अपनी अलग पहचान मिलेगी। प्रदेश में चाहे किफायती आवास हो, ग्रीनफील्ड शहर का विस्तार हो या मल्टीमॉडल परिवहन समाधान, मध्यप्रदेश दूरदर्शी शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने को तैयार है। प्रदेश में 7 स्मार्ट सिटी शहरी विकास में मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, इसकी बड़ी वजह है 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहर, 7 स्मार्ट सिटी और 72 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं, साथ ही पाइपलाइन में 88 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं। प्रदेश में 8.32 लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ है, वहीं 50 हजार करोड़ रुपए से 10 लाख नए आवासों की योजना प्रस्तावित है। शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 80 प्रतिशत पाइप जलापूर्ति का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जिसे वर्ष 2027 तक 100 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। प्रदेश में 6000 किलोमीटर शहरी सड़कें गतिशीलता और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाती हैं। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 100 प्रतिशत सीवर कवरेज कर लिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला मध्यप्रदेश स्वच्छ भारत सर्वेक्षण 2023 में शीर्ष 2 राज्यों में रहा है। इंदौर ने लगातार सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त किया है। भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी और सर्वेक्षण में पांचवें स्थान पर रहा है। मध्यप्रदेश शहरी विकास क्षेत्र में निवेशकों के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इसका प्रमुख कारण सभी के लिए आवास में 50 हजार करोड़ रुपए, आवश्यक सुविधाओं में 17,230 करोड़ रुपए, रियल एस्टेट के विकास में 32,400 करोड़ रुपए के निवेश पाइपलाइन में है। आकर्षक एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी प्रदेश में एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी 2022 और एमपी पुनर्विकास नीति 2022 आधुनिक बुनियादी ढांचे और पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गयी है। एमपी टीडीआर नियम, 2018 भूमि उपयोग को अनुकूलित करता है और टिकाऊ शहरी विकास का समर्थन करता है। ईवी पॉलिसी 2025 बुनियादी ढांचा प्रोत्साहन के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करता है। ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी 2019 ट्रांजिट हब के आसपास उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों का विकास करता है। भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा प्रदेश में निर्बाध परिवहन नेटवर्क है। इससे निवेशकों को हर तरह की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क, 46 राष्ट्रीय राजमार्ग, 20 प्रमुख रेलवे जंक्शन और 6 क्रियाशील हवाई अड्डे हैं। उन्नत व्यापार और कनेक्टिविटी के लिए इंदौर और जबलपुर में आगामी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क भी प्रस्तावित है। प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर समिट, रिमोट सेंसिंग और एआई-आधारित गवर्नेंस के साथ एकीकृत नगर पालिका बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।

आज लाड़ली बहनों के साथ 56 लाख सामाजिक सुरक्षा के पेंशन हितग्राहियों के खाते में राशि होगी अंतरित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी लेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1553 करोड़ रुपये अंतरित करेंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों के खाते में 337 करोड़ रुपये और किसान कल्याण योजना में 81 लाख हितग्राही किसानों के खाते में 1624 करोड़ रुपये अंतरित की जायेगी। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 144 करोड़ के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इसमें 102 करोड़ रुपये के 37 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 42 करोड़ रुपये के 16 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस, 26 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस, 26 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने संविधान के सभी अनुच्छेदों के महत्व के दृष्टिगत नागरिकों में जागरूकता लाने की पहल की है। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने जो संविधान हमें दिया है, उसे जनता तक पहुंचाने के लिए संविधान प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिये संविधान दिवस को इस वर्ष निमित्त बनाया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने समाज में संविधान की महत्ता को स्थापित करने के लिए यह महत्वपूर्ण अभियान चलाने के लिए सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए। इसके परिपालन में मध्यप्रदेश में अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस जन-जागरूकता अभियान का सम्मान करती है और इसके दृष्टिगत पूरे मध्यप्रदेश में संविधान की ताकत से सबको परिचित करवाने के लिए विविध प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं। विशेष रूप से मध्यप्रदेश में इन आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष बाबा साहेब अम्बेडकर प्रदेश के महू में जन्मे हैं। संयोग से संविधान सभा के सदस्य शिक्षाविद और दानवीर डॉ. सर हरिसिंह गौर जो सागर के रहने वाले थे, 26 नवम्बर को उनकी जयंती भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अनूठे संयोग पर सभी नागरिकों को संविधान दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।  

नए साल से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स कोमिल सकती है आयुष्मान योजना की सौगात!

भोपाल मध्यप्रदेश के करीब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारी और करीब 4.5 लाख पेंशनर्स के लिए एक अच्छी खबर है। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार जल्द ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आयुष्मान योजना का लाभ दे सकती है। इस संबंध में अधिकारियों ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है जिसे प्रमुख सचिव की अनुमति के बाद केबिनेट में भेजा जाएगा। बता दें कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से आयुष्मान योजना का लाभ सरकारी कर्मचारियों को देने की मांग कर रहे हैं। नए साल से पहले मिल सकती है सौगात उम्मीद जताई जा रही है कि अगली केबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आयुष्मान योजना का लाभ देने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है और सरकार नए साल से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसकी सौगात दे सकती है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के तृतीय, चतुर्थ और स्थाई कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने को लेकर प्रस्ताव तैयार हो गया है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही इसे मध्यप्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इससे प्रदेश के करीब 12 लाख सरकारी कर्मचारी व पेंशनर्स किसी भी अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज करा सकेंगे। अभी इलाज के लिए है ये व्यवस्था बता दें कि अभी मध्य प्रदेश में बीमार सरकारी कर्मचारियों को मेडिकल रिमेम्बर्स की सुविधा मिल रही है। जिसके तहत सरकारी कर्मचारी के बीमार होने पर निजी अस्पाल में भर्ती होने पर अस्पताल में खर्च होने वाला पैसा और राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी लंबी है। कर्मचारी को पहले भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित कमेटी से अनुमोदन लेना होता है और कई बार खर्च पैसा पाने के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। आयुष्मान योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों को आयुष्मान योजना से जोड़कर उन्हें 5 लाख रुपए तक फ्री इलाज देने की तैयारी है। प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा गया है, स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

CM यादव जर्मनी और इंग्लैंंड में निवेशकों से मुलाकात करेंगे, विदेश से एमपी में निवेश लाया जा सके

भोपाल  मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहली बार विदेश यात्रा पर जाएंगे। वे नवंबर के अंतिम सप्ताह में इंग्लैंड और जर्मनी के दौरे पर रहेंगे। मध्य प्रदेश की खासियत बता विदेश से निवेश लाने का प्रयास करेंगे। वे इंग्लैंड में लंदन, जर्मनी में म्यूनिख में उद्योग जगत की हस्तियों से मिलेंगे। सीएम का पूरा फोकस फार्मास्यूटिकल, आइटी, माइंस, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश लाने पर रहेगा। दोनों देशों में कला-संस्कृति पर चर्चा होगी। वे ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ समूहों से भी भेंट करेंगे। दो रीजनल कॉन्क्लेव शेष डॉ. मोहन यादव (Dr Mohan Yadav) ने सीएम बनने के बाद से रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव (Regional Industry Conclave) का सिलसिला शुरू किया है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अब नर्मदापुरम और शहडोल में कॉन्क्लेव होना शेष है। फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होगी। पूरी दुनिया को जानना चाहिए कि एमपी कितना समृद्ध हमारा प्रदेश संस्कृति के साथ ही संसाधनों में भी समृद्ध है। यह बात पूरी दुनिया को जानना चाहिए। मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लाना सरकार को लक्ष्य है और इसी क्रम में विदेश का रुख भी कर रहे हैं। -डॉ. मोहन यादव, सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि प्रकृति व परमात्मा से एकात्म स्थापित करने की अथाह प्रेरणा देते अमृत पर्व शरद पूर्णिमा पर यही कामना है कि सभी के आंगन में शांति, समृद्धि और आनंद की अमृत वर्षा निरंतर होती रहे।  

संपदा पोर्टल 2.0 के नवाचार से होंगे किसान भाई भी लाभान्वित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान संघ पदाधिकारियों ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी का उत्सव गौवर्धन पूजा के साथ पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। साथ ही जन-प्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में कृषक कल्याण के फैसलों और किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सजग है। किसान हितेषी फैसले निरंतर लिए जाएंगे, साथ ही किसानों के साथ नियमित संवाद भी होता रहेगा। बैठक में जानकारी दी गई की भारत सरकार की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूट्राइजेशन के अंतर्गत प्रदेश में 4536 पैक्स में कार्यवाही की गई है। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल और श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कृषि सचिव श्री एम सेलवेन्द्रन, राजस्व सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर, के अलावा श्री राघवेन्द्र जी, श्री राजेन्द्र पालीवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री आर.सी. पटेल, श्री भवानी शंकर शर्मा, श्री नमो नारायण दीक्षित, श्री शिवनंदन रघुवंशी आदि उपस्थित थे। संपदा पोर्टल 2.0 किसानों को देगा ई रजिस्ट्री की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय किसान संघ के विभिन्न सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत ई-रजिस्ट्री की नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा 2.0 पोर्टल और मोबाइल एप का आज ही शुभारंभ किया है। इस नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में किसान वर्ग को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने आज हांगकांग निवासी श्री चंद्रावत और दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपत्ति से संपदा 2.0 की विशेषताओं पर चर्चा भी की। सभी वर्गों द्वारा डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में इसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। नवीन तकनीक पर आधारित संपदा 2.0 ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन एक क्रांतिकारी कदम है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पोर्टल और एप के माध्यम से नागरिकों को घर में ही यह सुविधा प्रदान किए जाने की शुरूआत और प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने का महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश की नई पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी। किसान अपनाएं सोलर संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कृषि कार्य में सोलर पम्प के उपयोग और उद्योग क्षेत्र में भी औद्योगिक संस्थानों को अपनी बिजली बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना में बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति दी है। निश्चित ही यह योजना किसानों को सोलर संयंत्रों के उपयोग पर आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास बढ़ाएं किसान मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का जरिया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करारनामा हुआ है। किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहन के लिए बोनस देने का विचार है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जा रहा है। देसी गाय और अच्छी नस्ल के देसी नंदी के पालन के लिए मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना में भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। किसान खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए भी आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को लगभग 80 एफपीओ (फार्मर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन) बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए भी किसान आगे आएं। कोदो-कुटकी के उत्पादन पर राज्य सरकार रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनसे विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को भी अधिक आय प्राप्त होगी। मटर एवं अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि का लाभ भी तभी प्राप्त हो सकेगा, जब फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाए जाएं। किसान संघ के पदाधिकारी इस क्षेत्र में किसानों का मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की चर्चा में भूमि अधिग्रहण, बंटवारा, नामांतरण, इंद्राज दुरूस्ती, क्षेत्रीय स्तर पर फसल कटाई प्रयोग, सीमांकन कार्य के लिए मशीनों की संख्या … Read more

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री श्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल “हॉक फोर्स” का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन “मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023” लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरियाणा में बाबा मस्तनाथ की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज हरियाणा प्रवास के दौरान आज रोहतक में सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ की समाधि स्थल पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी का भ्रमण कर विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रभागों का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि नाथ संप्रदाय का भारतीय संस्कृति एवं समाज में महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पावन स्थल पर पहुंचकर उन्हें संतोष हुआ है। नाथ संप्रदाय ने जाति, मत और भाषा का कभी अनादर नहीं किया, सभी को पूर्ण सम्मान दिया है और सबको जोड़ने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बाबा मस्तनाथ मठ (आश्रम) के पदाधिकारियों ने स्वागत किया और बाबा मस्तनाथ की लघु प्रतिमा भी स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में देंगे विकास की अनेक सौगातें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत एवं अमृत योजना में प्रदेश में 685 करोड़ रूपये की विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। स्वच्छता दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाये गये स्वच्छता पखवाड़े में जिस जूनून से प्रदेशवासियों ने सहभागिता की, वह सराहनीय हैं। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गांधी जयन्ती पर 2 अक्टूबर प्रात: 10 बजे होने वाले कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम श्री किशन सूर्यवंशी मौजूद रहेंगे। 2314 सफाई मित्रों के खातों में 69 लाख 42 हजार रूपये होंगे अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में नगर पालिक निगम उज्जैन को थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त करने पर उज्जैन के 2314 सफाई मित्रों को सिंगल क्लिक से 69 लाख 42 हजार रूपये अंतरित करेंगे। इस योजना में प्रत्येक सफाई मित्र को 3 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा अभियान-2024 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रूपये के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इन परियोजना का होगा भूमि-पूजन एवं लोकार्पण सागर निकाय की 299.20 करोड़ रूपये की सीवरेज योजना का लोकार्पण, सिवनी-मालवा निकाय की 61.17 करोड़ रूपये की जल प्रदाय योजना और छिन्दवाड़ा निकाय की 75.34 करोड़ रूपये की जल प्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की 19 नगरीय निकायों में सीवरेज और जल प्रदाय परियोजना का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें विदिशा की 19.90 करोड़ रूपये की सीवरेज परियोजना, शाजापुर की 15.75 करोड़ रूपये की, शाहपुर की 12.40 करोड़ रूपये की, शाहगढ़ की 13.05 करोड़ रूपये की, रौन की 11.91 करोड़ रूपये की, पीथमपुर की 24.58 करोड़ रूपये की, महू कैंट की 40.30 करोड़ रूपये की, डोला की 10.67 करोड़ रूपये की, दमोह की 12.52 करोड़ रूपये की, बरगवां (अमलाई) की 22.55 करोड़ रूपये की और बंडा की 10.16 करोड़ रूपये, बिस्टान की 31.71 करोड़ रूपये की, सतवास की 3.09 करोड़ रूपये की, नामली की 3.10 करोड़ रूपये की, सुवासरा की 3.15 करोड़ रूपये की, बड़ौद की 3.20 करोड़ रूपये की, रतनगढ़ की 3.22 करोड़ रूपये की, पिपलोदा की 3.92 करोड़ रूपये की और कन्नौद की 3.97 करोड़ रूपये की जलप्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि-पूजन करेंगे। इस मौके पर गौवंश के उत्थान के लिये किये जा रहे कार्यों और स्वच्छता ही सेवा अभियान -2024 पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा।

पं. दीनदयाल जी का दर्शन मानवता की भलाई का मार्ग दिखाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा से मानवता का भला करने का दर्शन दिया। उनका मानना था कि देश की जड़ों से जुड़कर हम कार्य करें और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक का भला करें। शांति के अग्रदूत के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को क्रियान्वित करते हुए विकास और जनकल्याण के कार्य पूरे देश में जारी है। उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में अभियान जारी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया के विभिन्न भागों तक हुआ है। जन-कल्याण की कई योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के लक्ष्य को समर्पित : सांसद शर्मा सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के आधार पर ही विश्व के सबसे बड़े संगठन ने अपना विस्तार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के पुनीत कर्तव्य को समर्पित हैं। उनकी जयंती पर प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और गांव-गांव में उनके विचारों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अधिक से अधिक लोगों को उनके विचार से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त-घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक भगवानदास सबनानी तथा अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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