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देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है

देश के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में होंगे विकसित : प्रधानमंत्री मोदी देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण किया, इनमें मध्यप्रदेश के 6 स्टेशन शामिल यात्री ही रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं, ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो दुनिया और भारत के दुश्मनों ने देखा कि जब सिंदूर बारूद बनता है तो नतीजा क्या होता है – प्रधानमंत्री मोदी जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, न्याय का नया स्वरूप है अमृत स्टेशन देश के विकास का प्रवेश द्वार सिद्ध होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब आधुनिक रेल कोच भी मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का हुआ उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में भारत माता के जयकारों के बीच कहा कि विकसित भारत का संकल्प और मजबूत हो रहा है। देशभर में विकास का महायज्ञ चल रहा है, हमारी सड़कें और रेलवे नेटवर्क विकसित हों, इसके लिए 11 सालों में अभूतपूर्व काम हुआ है। विकास कार्यों पर देश पहले से 6 गुना ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है। भारत में विकास कार्यों को देखकर दुनिया हैरान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम से देश के 103 अमृत स्टेशनों के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उपस्थित हो कर उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। सभी स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन स्टेशनों में भारतीय संस्कृति, विरासत और यात्री सुविधाओं का समावेश किया गया है। बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेलमंत्री अश्विनी वैषव, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल उपस्थित थे। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री डॉ. राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा तथा स्थानीय विधायक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित 103 अमृत स्टेशनों को 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी ट्रेनों के नेटवर्क को आधुनिक कर रहा है। वंदेभारत, अमृत ट्रेन और नमो ट्रेनें भारत की नई गति को दर्शाती है। देश के 70 रुटों पर वंदेभारत ट्रेन चल रही हैं। 34 हजार किलोमीटर से ज्यादा के नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। ब्रॉडगैज ट्रैकों पर मानव रहित क्रॉसिंग अब इतिहास बन चुका है। देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हम 1300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बना रहे हैं। इन्हें अमृत भारत स्टेशन नाम दिया गया है, इनमें से 103 स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। इन स्टेशनों पर विकास भी और विरासत भी का नजारा दिखाई देता है। ओरछा स्टेशन पर भगवान श्रीराम की छवि दिखाई देगी। इसी प्रकार सभी स्टेशनों पर हजारों साल पुरानी विरासत के दर्शन होंगे। ये स्टेशन राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देंगे और युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। साथ ही देश के चिनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज, मुंबई में अटल सेतु, दक्षिण में पंबन ब्रिज देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यात्री रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं। ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो। सरकार हजारों करोड़ रुपए लगा रही है, ये पैसा मजदूर, स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन से किसानों को माल ढुलाई में सहूलियत मिलती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों से युवाओं को भी फायदा मिलता है। राजस्थान में सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने के साथ नदियों को जोड़ा जा रहा है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से कई जिलों के किसानों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरा सिखाती है कि देश से बड़ा कुछ नहीं है। पहलगाम आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। इसके बाद हर देशवासी ने संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं ने ऐसा चक्र रचा कि पाकिस्तानियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने देख लिया कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो नतीजा क्या होता है। शौर्य के सम्मान में देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, यह न्याय का नया स्वरूप है। ये ऑपरेशन सिंदूर है, यह सिर्फ आक्रोश नहीं, ये समर्थ भारत का रौद्र रूप है, ये भारत का नया स्वरूप है। अब पाकिस्तान से कोई व्यापार नहीं होगा, सिर्फ पीओके पर बात होगी। पाकिस्तान को पानी नहीं मिलेगा। पाई-पाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नए भारत के निर्माण में सुरक्षा और समृद्धि दोनों जरूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने का संकल्प लिया हैं, बदलते दौर में उनके नेतृत्व में भारत तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच की बदौलत भारतीय रेल को नया स्वरूप मिला है। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देशभर में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। आजादी के बाद नैरोगेज से ब्रॉड गैज तक आने में रेलवे को 100 साल लग गए। लेकिन पिछले 11 साल में देशभर में हजारों किलोमीटर लंबे ट्रैक को 3 और 4 लेन रेलवे लाइन बनाया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रेल कोच निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है, अब मध्यप्रदेश में आधुनिक रेल कोच भी बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश के 6 अमृत स्टेशनों सहित कुल 103 स्टेशनों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से इन … Read more

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और ‘नर्मदा थीम’ पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और ‘जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर जोन’ यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए।

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित “तिरंगा यात्रा” में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान “भारत माता की जय” और “वंदे-मातरम्” के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान “तिरंगा यात्रा” में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।  

राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से, यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय

भोपाल ब्रिटश शासन के समय आइसीएस परीक्षा होती थी। परीक्षा पर अंग्रेजों को घमंड था। उस दौर में वह परीक्षा सुभाषचंद्र बोस ने 23 साल की उम्र में पास की थी और नौकरी को लात मार दी थी। यह इस देश की महानता बताता है। एक चाय वाला आज पीएम है और एक गाय वाला आपके सामने बोल रहा है, यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है।यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित प्रदेश के विद्यार्थियों के समान समारोह में कही। समारोह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित किया गया था। इस मौके पर पुस्तिका ‘मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम’ का विमोचन किया गया।  उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में युवाओं का चयन गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। एसीएस अनुपम राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय है। मंदसौर के ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने परीक्षा के अनुभव साझा किए। ई-ज्ञान सेतु का शुभारंभ आयोजन में सीएम ने ई-ज्ञान सेतु की शुरुआत की। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्टडी मटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा समेत कुल 10 जगह डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। सीएम ने कहा, मुझे बताया गया कि बच्चे इतने हैं कि मंच छोटा पड़ गया। कामना है कि प्रदेश से इतने प्रतिभागी हों कि मंच के आगे की जगह भी छोटी पड़ जाए। ज्यादातर चयनित उमीदवार सरकारी स्कूलों से निकले हैं। यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कमल कीचड़ में ही खिलता है। सुगंध बिखेरें: यूपीएससी में चयनित उमीदवारों में से 31 प्रतिभागी हैं, जिन्होंने सरकारी संस्थान से शिक्षा ली है। सीएम ने उमीदवारों को अपना अतीत न भूलने की सलाह दी। कहा कि खुद को चंदन बनाएं, चंदन जब घिसता है, तो अपनी सुगंध घिसने वाले के हाथों में छोड़ देता है। इसी तरह आप भी अपनी सुगंध को बिखेरें। राज्य स्तरीय हॉकी खिलाड़ी भी हूं और इंदौर टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है। 2019 में सीए बनने के बाद ग्वालियर में ऑडिट और टैक्सेशन क्षेत्र में काम के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा के लिए नोट्स बनाए। खूब मेहनत की एवं अनुशासन से तैयारी की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह स्मार्ट तरीके सेतैयारी करें और स्वयं पर विश्वास बनाए रखें। सोशल मीडिया से दूरी: अभिषेक शर्मा- 38वीं रैंक निरंतरता-धैर्य के साथ तैयारी की। यूपीएससी में सफलता के लिए सही दिशा और सकारात्मक सोच जरूरी है। मैंने जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ली है। मैनिट से स्नातक किया। तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। यूपीएससी की तैयारी जो छात्र कर रहे हैं, वह अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें। ठीक करने का प्रयास करें। आत्मविश्वास बनाए रखें। रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई: फरखंडा कुरैशी- 67वीं रैंक स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई बालाघाट से हुई। 2019 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। रोज 8-10 घंटे पढ़ती थी। मुझे डायरी लिखने और नेचर फोटोग्राफी का शौक है। इससे नई ऊर्जा मिलती है। मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण किया। फर्क इससे नहीं पड़ता कि आपने सब जीता या नहीं, फर्क इससे पड़ता है कि आपने आखिरी तक हार नहीं मानी। हर विषय को लेकर बनाईठोस रणनीति: आशीष रघुवंशी- 202वीं रैंक पहले ही प्रयास में मुझे यह सफलता मिली है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (इतिहास) किया। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र पर पूरा फोकस किया। प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई की। हर विषय के लिए मेरी अलग रणनीति रही। हर विषय का एक निश्चित स्रोत चुना और इसमें उदाहरण, करंट अफेयर्स आदि को शामिल किया। रोज लिखने की प्रैक्टिस की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह प्री और मेन्स की तैयारी में संतुलन बनाए रखें और निरंतर तैयारी करें।

मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जलीय जीवों का भी हो विशेष प्रबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल जिले में ताप्ती और बालाघाट जिले का सोनेवानी बनेगा कंजर्वेशन रिजर्व मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली वन्य प्राणियों के पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29वीं बैठक में दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि थलीय जीवों की तरह जलीय जीवों के संरक्षण और उनके प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं और आवश्यकता हो, तो इस कार्य के लिए पृथक अधिकारी नियुक्त किया जाए। यह अधिकारी जलीय जीवों की गिनती करें और उनका प्रबंधन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य एवं बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य सर्वमोहन नागर, डॉ. नारायण व्यास, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को मिली मंजूरी बैठक में मुख्यमंत्री एवं राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यादव ने बोर्ड के दो बड़े प्रस्तावों को सर्व सहमति से पारित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी। इसके तहत बैतूल जिले के अंतर्गत दक्षिण बैतूल सामान्य वन मंडल के ताप्ती परिक्षेत्र का 84.006 वर्ग किमी, पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल के चिचौली परिक्षेत्र का 65.205 वर्ग किमी, एवं तावड़ी परिक्षेत्र का 100.789 वर्ग किमी क्षेत्र, यानि कुल 250.00 वर्ग किमी वन क्षेत्र में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व का गठन किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सोनेवानी वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बालाघाट जिले में 163.195 वर्ग किमी सोनेवानी आरक्षित वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर नए कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी गई। दोनों की अधिसूचना भी जल्द ही जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में सीधी जिले के मुर्दाडीह-तरिहा से सोनतीर पटेहरा पहुंचमार्ग में सोननदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा को वन्य जीव अनुमति दी। इसी प्रकार बफर जोन वन मंडल, कान्हा टाइगर रिजर्व, मण्डला के अंतर्गत ग्राम धमनगांव तहसील-बिछिया में वन कक्ष क्रमांक 324 में कुल 0.95 हेक्टेयर वनभूमि पर एक अस्थायी पुलिस केंप की स्थापना के लिए एसपी मण्डला को वन्य जीव अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री ने बोर्ड द्वारा प्रस्तावित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश को सभी वन्य प्राणियों के लिए एक आदर्श स्थली के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जैव विविधिता के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की समृद्ध वन्य संपदा की रक्षा और संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेकर वन्य जीवों की आगामी पुनर्वास/पुनर्स्थापन योजनाओं को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। हाथियों का करें स्थायी प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि प्रदेश के रिहायशी इलाकों में जंगली हाथियों की आमद और इनके उन्मुक्त आवागमन/आचरण पर अंकुश लगाएं। नई तकनीकों का इस्तेमाल करें जिनसे हाथियों की रिहायशी इलाकों तक पहुंच को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं कर जंगली हाथियों का स्थायी प्रबंधन करें ताकि इन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखा जा सके। इंदौर का प्रयोग भोपाल में भी करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के चिड़िया घर में नभचर और थलचर प्राणियों का जिस तरह से प्रबंधन किया गया है वैसा ही सद्प्रयास भोपाल में भी किया जाएं। यहां वन विहार में जलीय प्राणियों सहित नए वन्य प्राणियों को बसाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलीय जीवों में मगरमच्छ को नर्मदा में बसाया जाए। घड़ियालों की संख्या भी बढ़ाई जाए। बताया गया कि पन्ना नेशनल पार्क में घड़ियाल छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिद्धों और चीलों के संवर्धन के भी निर्देश दिए। बताया गया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य) में अब कुल 20 बाघ हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती विविध वन्य प्राणियों का अपना घर है और उनका पुनर्वास और संरक्षण केवल राज्य की ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा की रक्षा का कार्य है। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वन नीति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। बोत्सवाना से लाए जाएंगे पांच-पांच जिराफ और जेब्रा मुख्य जीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) शुभरंजन सेन ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में किए जा रहे कार्यों के संबंध में लघु फिल्में तैयार की जा रही हैं। मंगलूर जू कर्नाटक से दो किंग कोबरा लाकर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार बोत्सवाना से पांच जिराफ और पांच जेब्रा लेकर आने के लिए भी बोत्सवाना सरकार से चर्चा एवं समन्वय की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा असम राज्य से वन भैंसा और गेंडा भी मध्यप्रदेश में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में नर्मदा नदी एवं अन्य वेट लेण्डस के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पचमढ़ी में जुलाई 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में जलीय जीवों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि माधव टाइगर रिजर्व में विगत 3 अप्रैल 25 को एक नर बाघ सफलतापूर्वक छोड़ा गया। राज्य शासन द्वारा 11 अप्रैल 2025 से 258.64 वर्ग किमी वन क्षेत्र को डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण सागर के रूप में नोटिफाईड किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में विगत 20 अप्रैल को दो चीतों की पुनर्स्थापना की … Read more

मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे, सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी, उन्हें ही मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाकर विकसित किया जाएगा। हालांकि आबादी ही काफी नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का दायरा एक से ज्यादा जिलों तक होना चाहिए। क्षेत्र में कम से कम दो या दो से ज्यादा नगर पालिका, पंचायतें या अन्य क्षेत्र शामिल होने चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कम से कम 15 वर्षीय कार्ययोजना बनेगी। योजना तैयार करने का काम मेट्रोपॉलिटन योजना समिति (एमपीसी) करेगी। ये करेंगे काम     नगर विकास प्राधिकरण सीमाओं के बाहर शेष क्षेत्र में नियोजन व विकास के काम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Metropolitan Region) विकास प्राधिकरण (एमआरडीए ) के जरिए किए जाएंगे।     ऐसे प्रोजेक्ट जो एक से अधिक विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावितहो, विकास कार्य एमआरडीएद्वारा किए जाएंगे।     मेट्रोपॉलिटन योजना समिति में नगर पालिकाओं, पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा एमआरडीए के प्रतिनिधि। सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एमपीसी में एक अध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्ति निगम-मंडलों की तर्ज पर सरकार करेगी। दो तिहाई सदस्य क्षेत्र में आने वाली नगर पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुनाव के जरिए चुने जाएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, संस्थाओं, संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। क्षेत्र में आने वाले लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के सदस्य, संबंधित नगर पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम के महापौर विशेष आंमित सदस्य होंगे। सीएम होंगे एमआरडीए के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व राजस्व विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें राज्य के मुय सचिव और नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, पर्यावरण व पंचायत विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य होंगे। साथ ही महानगरीय योजना समिति के प्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक को शामिल किया जाएगा। सदस्य संयोजक मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामित चार विशेषज्ञ होंगे। विशेष आमंत्रित सदस्यों में नगर निगम के आयुक्त, रेलवे जोन के जीएम, केंद्रीय दूरसंचार व केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी और नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायतों और विधानसभाओं के नामित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। बाहरी काम ऐसे प्लान का प्रारूप बनाने में एमपीसी की मदद एमआरडीए करेगा। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र के बाहर बचे क्षेत्रों के नियोजन व विकास के काम करने होंगे। खासकर जो प्रोजेक्ट एक से ज्यादा प्राधिकरणों की सीमा में विकसित किए जाने हों। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Indore Bhopal Metropolitan Region) की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन आयुक्त होंगे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त, औद्योगिक विकास, हाउसिंग बोर्ड, मेट्रो कॉर्पोरेशन, परिवहन विभाग, जिलों के कलेक्टर, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, पीएचई के प्रतिनिधि आदि भी शामिल।

PM के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 मई को भोपाल आएंगे। एमपी सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने जंबूरी मैदान का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उत्तम प्रबंध के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा  इस दौरान सीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। अंग्रेजी तिथि के अनुसार देवी अहिल्याबाई की जन्म तिथि है। हमारे भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार मिलकर अहिल्या उत्सव का कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम सब ने भी निर्णय किया है कि देवी अहिल्या के सुशासन के साथ नारी सशक्तिकरण के लिए है। नारियों के स्वावलंबन और उनके जीवन में बेहतर आ सके रोजगार आ सके। आमदनी बढ़ घर में आर्थिक रूप से उनका सम्मान बड़े स्वयं सहायता समूह को भी बढ़ावा मिले। बहन बेटियां लखपति बने, 300 से अधिक समूहों के साथ बुलाया गया है। उधमाशीलता में अलग-अलग तरीके से बहन बेटियां आगे बढ़े, उनके अपने कामों का भी प्रशिक्षण हो। 2 लाख से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में होंगी शामिल मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि एक बड़ी संख्या में आयोजन होगा। 2 लाख से अधिक महिलाएं जंबूरी मैदान में आएंगी। महिला गरीब युवा के साथ जो बातचीत की है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार बहन बेटियों को लेकर संवेदनशील है। सरकार ने अपने कामों के बलबूते पर यह विश्वास बनाया है कि नर और नारी में सनातन पद्धति को आगे रखा है, अंतर महसूस किया है इसी प्रकार का कार्यक्रम रखा गया है। बहनों को हर स्तर में रोजगार मिले इसी दिशा में कर रहे काम मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति इसमें भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। आज के दिन होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक की है। यहां पर बड़ा आयोजन होगा। सरकार बहुत सारे स्तर पर काम कर रही है। हर क्षेत्र में बहनों के लिए रोजगार का अवसर मिल सके, इसके लिए काम कर रहे है, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है। पीएम मोदी 31 मई को आएंगे भोपाल जानकारी के लिए बता दें कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती समारोह के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। वे दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री यादव का जबरा फैन सामने आया, हाथ पर बनवाया टैटू, कहा- मरते दम तक …….

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जबरा फैन सामने आया है। इस युवक ने ऐसा टैटू बनवाया जो किसी ने सोचा भी न होगा। यह प्रशंसक बाकी फैन्स से थोड़ा अलग है। आपने एक्टर, एक्ट्रेस या खिलाड़ियों की दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती देखी होगी, लेकिन किसी राजनेता या किसी सीएम को लेकर इतनी चाहत बहुत कम देखने और सुनने को मिलती है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव का यह फैन बाकी चाहने वालों से थोड़ा हटकर है। जी हां… इस युवक का नाम दीपक शर्मा है, जो विदिशा जिले का रहने वाला है। दीपक शर्मा, प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा प्रशंसक है। दीपक ने बताया कि वह डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा फैन है। सीएम के प्रति दीवानगी के चलते उसने अपने हाथ पर टैटू तक गुदवा लिया है। उसका कहना है कि यह टैटू मरते दम तक अमर रहेगा।

विजन 2047 की दिशा में मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम, जिला विकास योजनाओं को मिलेगा डाटा का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर जिला विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को अब मूर्त-रूप देते हुए जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को साकार करने की दिशा में ठोस पहल है जिसके अनुसार विकसित भारत का संकल्प देश के हर जिले में लिया जाएगा। यह पहल पूरे देश में अभिनव है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट 2022-23 का विमोचन किया गया। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि डाटा आधारित नीति निर्माण के लिए जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के विजन 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिलों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए बॉटम अप दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। यह रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है जो न केवल नीति निर्माण को डाटा आधारित बनाएगा साथ ही राज्य के विजन 2047 को जमीन पर भी उतारेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है। प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में भी यही जिले शीर्ष पर रहे हैं। प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि वानिकी, पशुपालन, मछली पालन में राज्य का जीव्हीए में 45% का योगदान है जबकि द्वितीय क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण तथा तृतीय क्षेत्र सेवाएं, व्यापार वित्त में क्रमशः 19% और 36% का योगदान दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा, धार, बालाघाट इंदौर और भोपाल जैसे जिलों ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रदर्शन किया है। इससे पहले इंडिया फाउंडेशन और मध्यप्रदेश योजना एवं सांख्यिकी विभाग तथा राज्य नीति आयोग के बीच दो औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह साझेदारी भविष्य में डाटा इन्नोवेशन हब और रिसर्च एनालिसिस यूनिट की स्थापना की दिशा में एक ठोस पहल होगी जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त, स्थानीयकृत और विश्लेषणात्मक हो सकेगी। पूर्व उपाध्यक्ष नीति आयोग एवं पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार की कार्यक्रम के पहले मुख्य सचिव के साथ औपचारिक मुलाकात और चर्चा हुई। इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से राज्‍य नीति आयोग ने एम एण्ड ई की स्थापना तथा संरचनात्मक सुधार पर सहयोग की चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने डीडीपी रिपोर्ट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ऋषि गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्वजीत रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सभी जिलों से अनुरोध किया गया कि वह इस रिपोर्ट को अपनी विकास योजनाओ का आधार बनाएं और राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाए।  

भारत ने एक हजार साल की गुलामी देखी , इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह ईश्वर को पाने के लिए कठिन मार्ग से गुजरना होता है। उसी तरह पत्रकारिता का भी क्षेत्र है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति सहजता से होना चाहिए और देश सेवा की भावना निहित होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में निजी समाचार समूह द्वारा ‘नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, चुनौती और संभावना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गुलाब कोठारी, क्रिकेटर अमय खुरासिया, शिक्षाविद सुधरा पांडे एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश ने एक हजार साल की गुलामी देखी है। इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति पहुंची है। हमारी संस्कृति दुनिया में सबसे अलग है। इस संस्कृति को बचाए रखने के लिए जड़ों से जुड़कर काम करने की आवश्यकता है। नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमारे आचार-विचार और शैली में नैतिकता के साथ व्यक्ति का मन भी पवित्र होना चाहिये। पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार आदि में देश सेवा की भावना होना चाहिए। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जड़ों से जुड़कर कार्य करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।  

मोहन सरकार पचमढ़ी में रहेगी, 3 जून को कैबिनेट बैठक भी यहीं होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर के राजवाड़ा के बाद पचमढ़ी में अगली कैबिनेट बैठक होगी। तीन जून को होशंगाबाद जिले के पचमढ़ी में कैबिनेट मीटिंग प्रस्तावित है। डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी। मध्य प्रदेश में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक के तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई । यह मीटिंग राजवाड़ा के गणेश हॉल में  हुई । जहां सीएम और मंत्री पारंपरिक तरीके से पटिए-गद्दों पर बैठें। इस मीटिंग में मोहन सरकार कई अहम फैसले भी लिए । 3 जून को पचमढ़ी में मोहन कैबिनेट की पहली बैठक होगी। इसमें सभी मंत्री और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी तक ओल्ट होटल के सामने का मैदान सहित कई होटल, रिसोर्ट आदि देखे हैं। इसमें से किसी एक जगह का चयन किया जाना है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्री अधिकारियों का आना 2 जून से शुरू हो जाएगा। इसलिए उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं के लिए होटल रिसोर्ट भी देखे जा रहे हैं। एक दो दिन में बैठक का स्थल तय कर लिया जाएगा।  सबसे पहले 3 जनवरी 2024 को जबलपुर के भेड़ाघाट के पास पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। दूसरी 5 अक्टूबर 2024 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके गांव सिंग्रामपुर में हुई थी। वहीं तीसरी 24 जनवरी 2025 को पर्यटन नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक हुई थी। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी।

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने ‘राहवीर योजना’ के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को “मानवता की नई मिसाल” बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन

लालबाग के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन संवर्धन हेतु 24 महीने में होगा पुनर्निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 47.59 करोड़ की लागत से लालबाग पैलेस का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में होगा विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक लालबाग पैलेस का भ्रमण कर किया अवलोकन मंत्रि-परिषद सदस्यों की उपस्थिति में हुई लालबाग के ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस  ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें  बाउंड्री वाल,  पाथवे,  पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे,  मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।  

सरकार ने बनाई मंत्री विजय शाह से दूरी, तबादला फाइलों पर लगाया ब्रेक

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग इंदौर में हो रही है। माता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजवाड़ा में मोहन कैबिनेट की मीटिंग हो रही है। कैबिनेट की मीटिंग से पहले राजवाड़ा में सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों के साथ ग्रुप फोटो खींचवाई है। इस ग्रुप फोटो पर सबकी निगाहें टिकी थी कि विवादित मंत्री विजय शाह इसमें दिखेंगे या नहीं। सरकार की तरफ से जारी तस्वीरों में विजय शाह कही नहीं दिख रहे हैं। वह मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री हैं। कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे विजय शाह इंदौर के राजवाड़ा में मोहन सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट मीटिंग हो रही है। तमाम मंत्री और सीएम मोहन यादव एक दिन पहले ही इंदौर पहुंच गए हैं। वहीं, मालवा क्षेत्र से आने वाले विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं। उन पर इसलिए सबकी निगाहें टिकी है कि उन्होंने हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सरकार ने बनाई दूरी या खुद नहीं आए मंत्री विजय शाह के कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। क्या विजय शाह खुद ही कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आए या फिर सरकार उनसे खुद ही दूरी बना ली। क्योंकि इंदौर में अगर कैबिनेट की मीटिंग में पहुंचते तो सारा ध्यान उन्हीं की ओर चला जाता था। साथ ही मामला और तूल पकड़ सकता था। ऐसे में अटकले हैं कि विजय शाह को इस मीटिंग से दूर रखकर सुरक्षित रास्ता निकाला गया है। ग्रुप फोटो में नहीं दिखे राजवाड़ा में हो रही कैबिनेट मीटिंग को मोहन सरकार ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। कैबिनेट मीटिंग से पहले राजवाड़ा के बाहर सीएम मोहन यादव ने अपने सभी मंत्रियों के साथ तस्वीर खींचवाई है। इस तस्वीर में भी विजय शाह नहीं दिखे हैं। इसके बाद ही साफ हो गया कि विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आएंगे। दो जिलों के कर्मचारी परेशान मंत्री शाह के कार्यालय में फाइलें शासकीय सेवकों के तबादलों से जुड़ी है, जिन पर मंत्री को अनुशंसा करनी है। मोहन सरकार ने इस तरह से फाइलें रोकने का कोई अभी तक लिखित कारण नहीं बताया है।  जहां सरकार ने मंत्री शाह के विवादों में गिरने के बाद कन्नी काटी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई में स्पेशल जांच टीम बनाकर जांच कराने के आदेश दिए है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद असर सूत्रों के मुताबिक आवेदनों के आधार पर कई नस्तियां जिलों व विभाग में तैयार भी हो गई, लेकिन मंत्री की अनुशंसा से पहले अटक गई। हालांकि मंत्री को फाइलें करने में फिलहाल कोई कानूनी अड़चन नहीं है, लेकिन नैतिकता के तौर पर उनके कामकाज करने को लेकर गलत ठहराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब मंत्री की फाइलों को आगे बढ़ाने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से राय लेंगे। दोनों जिलों को मिलाकर 1 हजार आवेदन प्रक्रिया में हैं, जिस पर मंत्री की अनुशंसा लग रही है। तबादले की प्रक्रिया 30 मई तक पूरी होनी है । कोर्ट ने मंत्री की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए,  दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि शाह को इस मामले में माफी नहीं मिलेगी। बल्कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्टे ने निर्देश देते हुए कहा कि, इस टीम में तीन IPS अधिकारी होंगे, इनमें एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर शामिल होंगे। इनमें से एक अधिकारी अनिवार्य रूप से महिला होगी। कोर्ट ने कहा कि ये सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी नहीं होने चाहिएं। वहीं कोर्ट ने SIT को 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 14 मई को शाह के बयान पर नोटिस लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ इंदौर के महू थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। अब अगली सुनवाई 28 मई को होगी। अंडरग्राउंड हैं विजय शाह गौरतलब है कि कर्नल सोफिया कुरैशी का मामला जैसे ही तूल पकड़ा है, उसके बाद से मंत्री विजय शाह अंडरग्राउंड हैं। उनकी कोई गतिविधि सोशल मीडिया पर नहीं दिख रही है। साथ ही मीडिया में भी उनका कोई बयान नहीं आया है। न ही, पार्टी के किसी नेता से सार्वजनिक रूप से उनकी कोई मुलाकात हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने बना दी है एसआईटी वहीं, विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी हैं। इसका गठन एमपी के डीजीपी ने किया है। एसआईटी अपनी पहली रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को 28 मई को सौंपेगी। इसके बाद कोर्ट आगे का फैसला लेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ सकती है। अभी पार्टी और सरकार वेट एंड वॉच की स्थिति में है।

मंत्रि-परिषद की बैठक सभी तैयारियां पूर्ण राजवाड़ा बनेगा ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी

इंदौर इंदौर का राजवाड़ा 20 मई को ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राजवाड़ा में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित हो रही है। कैबिनेट बैठक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यह इंदौर के लिये गौरव और ऐतिहासिक क्षण होगा। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक के लिये राजवाड़ा को आधुनिक और परम्परागत शैली में सजाया गया है। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश मंत्रि-परिषद, ऐतिहासिक विरासत से युक्त इस भव्य स्थल पर एकत्रित होकर जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर मंथन करेगा। बैठक को गरिमा और परंपरा का संगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। राजवाड़ा को सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक के रूप में सजाया गया है। राजवाड़ा में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की स्मृति में पारंपरिक शैली और आधुनिक साज-सज्जा की गई है। भवन के भीतर और बाहर मालवी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रकाश, पुष्प एवं पारंपरिक सजावट का संयोजन इसे एक अलग विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है। लोक माता देवी अहिल्या बाई होलकर को नमन से होगी कैबिनेट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त मंत्रीगण द्वारा लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से बैठक का शुभारंभ होगा। इसके बाद वे राजवाड़ा में प्रवेश करेंगे, जहाँ भूतल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण , सुशासन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। मालवी परंपरा में होगा स्वागत और भोजन आयोजन में आने वाले समस्त अतिथियों के स्वागत-सत्कार की व्यवस्था मालवी परंपरा के अनुरूप की गई है। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा-बाटी आदि परोसे जाएंगे। अस्थायी सचिवालय एवं सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था  राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय की स्थापना की गई है, जहाँ बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किया गया है। परिवहन, आवास और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग के लिये की गई है। लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और सुशासन पर आधारित प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक बैठक के साथ-साथ विविध प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें एक खंड लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का होगा। इसमें लोकमाता के त्याग, सेवा , प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज कल्याण के विविध दृश्य चित्रों और अन्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किये गये हैं। अहिल्या दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजनाओं और कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी  इस खंड में प्रदेश सरकार द्वारा लोकमाता के सिद्धांतों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता , महिला सशक्तिकरण, लोकसेवा और जनकल्याण पर आधारित योजनाओं का प्रदर्शन किया गया हैं। साथ ही इंदौर के विकास पर आधारित अन्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राजवाड़ा के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना में 11करोड़21 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इस राशि से राजवाड़ा के दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन कार्यों का भूमि-पूजन किया जाना प्रस्तावित है।  

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