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मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।  

केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।  

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये “प्रोत्साहन पोर्टल” लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और ‘नीतियों को क्रियान्वयन’ में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी ‘प्रॉमिस्ड डिलीवरी’ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान: मुख्यमंत्री डॉ.यादव बहन-बेटियों की पढ़ाई और रोजगार में सुगमता के लिए हर संभव की जा रही हैं व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व का भोपाल से किया वर्चुअली शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप में से 45 प्रतिशत से अधिक की मालकिन महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी के रूप में स्वसहायता समूह की बहनें नई पहचान बना रही हैं। शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण ने बहन-बेटियों को सफलता के नए पंख दिए हैं। प्रदेश में महिलाओं के नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री में अतरिक्त छूट मिल रही है, इससे बहनों के पास सम्पत्ति की शक्ति आई है। बहनों का मान तो बढ़ा ही है, घर के फैसलों में भी अब महिलाओं को महत्व मिल रहा है। यह सब संकेत समाज के सशक्त होने के संकेत हैं क्योंकि समाज का सशक्तिकरण महिलाओं में सशक्तिकरण के बिना अधूरा है। हम यदि अपने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ता देखना चाहते हैं तो बहन-बेटियों को शिक्षा, उनके कौशल उन्नयन और उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी, उज्जैन में सत्यज फाउंडेशन द्वारा आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास के लिए कुल 27 हजार 147 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित है। इसमें छह साल में जेंडर बजट का आकार दोगना हो गया है। व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई प्रकार की रियायतें प्रदान की गई हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बहन -बेटियां रोजगार और कारोबार में अपने सभी कार्य जिम्मेदारी से संपादित कर रही हैं और परिवार भी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के जीवन के हर पड़ाव पर उनके साथ है। उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में रोजगार पर्व में विभिन्न कम्पनियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजागर राज्य मंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव तथा पूर्व केंद्रीय डॉ. सत्यनाराण जटिया उपस्थित थे। कार्यक्रम में 25 से अधिक कम्पनियों ने सहभागिता की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध

राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और आत्म सम्मान की रक्षा के लिये पूरी तरह से है प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. इंदौर में 300 दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण किये वितरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर में दिव्यांगजनों के हित में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 300 दिव्यांगजनों को कुल 749 बैटरीयुक्त ट्रायसिकल सहित अन्य तरह के सहायक उपकरणों का वितरण किया। जिला प्रशासन की पहल पर आईडीबीआई बैंक के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम तथा भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के वित्तीय सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारी सरकार उनका आत्मसम्मान बढ़ाने, उन्हें स्वावलंबी बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बैटरीयुक्त ट्राईसिकल  और सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ सुविधाजनक रूप से अपने कार्यों को सहजता से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निजी क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों से भी आह्वान किया कि वे दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दें जिससे कि वे समावेशी विकास का हिस्सा बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और सम्मानजनक बनाने के लिए भविष्य में भी अनेक योजनाएँ लेकर आएगी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव,विधायक महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला,  श्रीमती मालिनी गौड़ तथा मनोज पटेल,सुमित मिश्रा, सावन सोनकर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दिव्यांगजनों को मिली यह सहायता  मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इंदौर के 105 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसाइकिले नि:शुल्क प्रदान कीं। उन्होंने जिला प्रशासन, इंदौर द्वारा दिव्यांगजनों की निजी क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए “दिव्यांग रोजगार पोर्टल” की भी शुरुआत की।   समारोह में 4 दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित इकाइयों में नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 300 दिव्यांगजनों को 70 लाख 50 हजार रुपये से अधिक लागत के 105 मोट्रेड ट्राईसिकल,41 सामान्य ट्राईसिकल, 44 व्हील चेयर,154 डिजिटल हियरिंग एड (कान की मशीन) तथा 405 दिव्यांगजनों को अन्य सहायक उपकरण वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों का पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। दिव्यांगजनों को जीवन सुरक्षा हेतु हेलमेट भी दिये गये। समारोह का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। दिव्यांगजनों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक रहा था। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और विशेष सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। तेज गर्मी को देखते हुये दिव्यांगजनों के लिये वातानुकूलित व्यवस्था भी की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा ट्राईसिकल वितरण के समय कई दिव्यांगजन भावुक हो उठे और पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया। लाभार्थियों का है यह कहना कार्यक्रम में बैटरीयुक्त ट्राईसिकल प्राप्त करने वाले  भागीरथपुरा के लक्ष्मण रावल ने कहा कि के एम.वाय.अस्पताल में सेवा भारती में कार्य करते है। उन्हें अपने घर से कार्य स्थल तक पहुंचने में बहुत परेशानी थी। अब यह बैटरीयुक्त ट्राईसिकल मिल गयी है। इससे बेहद सुविधा होगी। आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। समय भी बचेगा। बिजलपुर निवासी सुरेश काशीमा ने कहा कि मैं फूल माला बनाने का काम करता हूं। मुझे फूल माला बेचने के लिये जगह-जगह जाना पड़ता था। हाथ से चलने वाली ट्राईसिकल थी। परेशानी होती थी, अब आसानी होगी और अपनी फूल माला आसानी से दुकानों पर पहुँचा पाऊंगा। आमदनी बढ़ेगी। इसी तरह पंडिताई करने वाले श्रीधर जोशी ने कहा कि पहले छोटी दूरी तय करने में भी कठिनाई होती थी, अब ट्राईसिकल से स्वतंत्रता का अहसास हो रहा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल से धन्यवाद करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 4 युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी में नौकरी के लिये नियुक्ति-पत्र सौंपे। इनमें रविन्द्र खराड़ी, ज्योति कोहली, मीना बालोदिया और अंकित वर्मा शामिल हैं। इन्हें टॉयस एण्ड ट्रीट्स कम्पनी में नौकरी मिली है। रोजगार पत्र प्राप्त करने वाली सुमीना बालोदिया ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा,पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारी क्षमताओं को पहचाना गया है। अब मैं अपने सपनों को पूरा करने के और करीब आ गई हूँ।  

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।  

‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये

भोपाल शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ प्रदान किया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये हैं। आवेदन वेबसाइट www.awards.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किये जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने प्रदान किये जाने वाले वार्षिक ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ के लिए प्रदेश के शासकीय और सार्वजनिक संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक किये गए नवाचारों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए राज्य शासन के विभाग एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों के उल्लेखनीय नवाचारों को मान्यता दी जाएगी। पुरस्कार के लिए ऐसे कार्यों का चयन किया जाएगा, जिनसे जनसेवा में गुणवत्ता, दक्षता और नवाचार दृष्टिगोचर होता हो। चयन के मुख्य क्षेत्र मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार) महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन और समावेशी विकास के क्षेत्र में किये गये नवाचारों को प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक चयनित प्रविष्टि को एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के विषय में अधिक जानकारी के लिए सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल, मध्यप्रदेश से संपर्क किया जा सकता है। संबंधित सूचनाएं वेबसाइट www.awards.mp.gov.in पर भी प्रकाशित हैं।  

आज एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव का शाम 5 बजे उद्घाटन करेँगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर उद्योग, निवेश और रोजगार के साथ आज  इंदौर में विकास की नई इबारत लिखने जा रही है। आज होने वाले एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।  ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। यह आयोजन प्रदेश के विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कान्क्लेव में देश के आईटी उद्यमों, स्टार्टअप्स, यूनिकॉर्न कंपनियों और इनोवेशन हब्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन स्थल पर अत्याधुनिक तकनीकी प्रदर्शनियों, पैनल चर्चाओं और स्टार्टअप पिचिंग सेशन्स का आयोजन भी किया जाएगा। शाम 5 बजे उद्घाटन सत्र शाम 5 बजे मुख्यमंत्री कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे प्रजेंटेशन के माध्यम से मप्र में निवेश के अवसर और संभावनाओं की जानकारी देंगे। इसके बाद प्रमुख उद्योगपतियों को उद्बोधन होगा और फिर मप्र में होने वाले निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव के पहले दिव्यांगजनों को उपकरण देंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिव्यांगजनों के उपकरणों का वितरण 27 अप्रैल को शाम 4 बजे ब्रिलियंट कन्वेशन सेन्टर स्कीम नम्बर 78 विजय नगर में करेंगे। यह आयोजन आईडीबीआई बैंक के सीएसआर एक्टिविटी तथा भारतीय रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि इस आयोजन के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम आयुक्त सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदि को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।

मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में जारी करेंगे 4 नई टेक-पॉलिसीज के लिए गाइडलाइन्स

 इंदौर मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी और डिजिटल नवाचार का केन्द्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित  ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 अप्रैल को इंदौर के ‘ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर’  में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि कॉन्क्लेव देश-दुनिया के टेक दिग्गजों के लिए निवेश का स्वर्णिम अवसर सिद्ध होगा। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का ये कॉन्क्लेव आयोजन जीआईएस-भोपाल में आए निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ प्रदेश का पहला पूर्णतः सेक्टर आधारित टेक-कॉन्क्लेव होगा, जो हाल ही में आयोजित जीआईएस-भोपाल में आये निवेश प्रस्तावों को धरातल पर साकार करने का मंच बनेगा। कार्यक्रम में Google, Microsoft, NVIDIA जैसी बिग-टेक कंपनियों सहित 300 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की चार नई तकनीकी नीतियों –GCC नीति, ड्रोन नीति, सेमीकंडक्टर नीति एवं AVGC-XR नीति की गाइडलाइन्स जारी करेंगे।यह नीतियां नवाचार, अनुसंधान और निर्माण को प्रोत्साहित कर प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर तक तकनीकी उद्य्मिता और क्षमताओं को नई ऊँचाइयाँ देंगी। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए IT पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटरों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और इन्क्यूबेशन हब का शुभारंभ करेंगे, प्रमुख निवेशकों के साथ एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे और इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस पोर्टल से निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एकल खिड़की की सुविधा मिलेगी। कॉन्क्लेव में सेक्टर-स्पेसिफिक राउंड टेबल मीटिंग्स, सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार बोर्ड से वीसी संवाद और मुख्यमंत्री की टेक-लीडर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कॉन्क्लेव का हिस्सा होंगी। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ मध्यप्रदेश को भविष्य के डिजिटल भारत में अग्रणी बनाने और जीआईएस-भोपाल की निवेश प्रतिबद्धताओं को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पहल सिद्ध होगी।  

CM यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई

CM यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के जिस पथ को अपनाया है, उसने राज्य को निवेशकों के लिए भारत के सबसे भरोसेमंद और आदर्श स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। ‘विकसित भारत@2047’ के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई है। इस रणनीति के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिये ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव्स’ आयोजित की गई। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल में हुई आरआईसी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया, जिससे जिला स्तर पर औद्योगिक जागृति और विश्वास का माहौल बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई, पूणे, बेंगलुरु, कोलकाता, कोयंबटूर, दिल्ली के साथ-साथ जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम जैसे अन्तर्राष्ट्रीय स्थलों पर निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर राज्य की संभावनाओं को राष्ट्रीय वैश्विक पटल पर भी प्रस्तुत किया। साथ ही परिणामस्वरूप, प्रदेश में निवेशकों की संख्या और उनकी प्रतिबद्धताओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इस कड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ रहा, जिसमें 60 से अधिक देशों के 100+ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियों का शुभारंभ किया गया, जिसने प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा दी। 330 से अधिक इकाइयों का भूमि-पूजन/लोकार्पण, 1,070 से अधिक भूमि आवंटन पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेशभर में 330 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन अथवा लोकार्पण किया गया, जिससे निवेश प्रस्ताव अब मात्र कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर साकार हो रहे हैं। इसके साथ ही 1,070 से अधिक उद्योगों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव धार में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क, उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का प्रमाण हैं। पीथमपुर और भोपाल में 2 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण भी प्रदेश को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। महिलाओं को केंद्र में रखकर समावेशी औद्योगिक विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच समावेशी विकास की है। इसी सोच के तहत इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, भिंड, रायसेन, झाबुआ, सिंगरौली और धार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए 8 आधुनिक छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे उन्हें सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मिल सके। नियमों में सुधार से ‘विश्वास आधारित शासन व्यवस्था’ की ओर कदम ‘मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2024’ के माध्यम से राज्य के 8 कानूनों की 64 धाराओं को अपराधमुक्त कर व्यापारिक समुदाय को एक बड़ी राहत दी गई है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शासन ‘विश्वास’ को मूल में रखकर कार्य करता है, न कि संदेह के आधार पर। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ से होगा हर जिले में विकास और रोजगार का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत एमएसएमई को मजबूती, युवाओं को प्रशिक्षण, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा और हर जिले में औद्योगिक अवसरों का सृजन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में 27 अप्रैल को ‘आईटी कॉन्क्लेव’ से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, पर्यटन एवं ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा। निवेश से समृद्धि की ओर औद्योगिक विकास का यह सिलसिला न केवल निवेशकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे प्रदेश में रोजगार के हजारों अवसर सृजित हो रहे हैं, युवा वर्ग को नई दिशा मिल रही है और क्षेत्रीय असंतुलन दूर होकर समावेशी विकास को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब नीतियों, संरचना और कार्यान्वयन के तीनों मोर्चों पर एक मजबूत, आधुनिक और निवेशकों का प्रथम पसंद बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह न केवल एक विकास यात्रा है, बल्कि ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की ओर उठाया गया ठोस और निर्णायक कदम है।  

भोपाल के इतिहास, विरासत से अब तक की प्रगति को भी शामिल किया गया शो में, सप्ताह में तीन दिन शो होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, आतंकवादियों को जवाब मिलेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम घटना में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी भोपाल के इतिहास, विरासत से अब तक की प्रगति को भी शामिल किया गया शो में, सप्ताह में तीन दिन शो होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाइट एंड साउंड शो में दिखा सेना का शौर्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय सेना को परमात्मा का भी आशीर्वाद प्राप्त है जो हर तरह की अव्यवस्था को सुव्यवस्था में बदल सकती है। हाल ही में पहलगाम में हुई घटना से सभी का मन विचलित और व्यथित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल के एयर पोर्ट रोड पर द्रोणांचल परिसर स्थित योद्धा स्थल में लाइट एण्ड साउंड शो के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह शो प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार और रविवार की शाम को होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवता के दुश्मनों द्वारा पहलगाम में किए गए कायराना हमले में दिवंगत सभी पर्यटकों को श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर अधर्म करने वालों को निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हमारी सरकार जहां उनका मुकाम है वहां पहुंचाकर छोड़ेगी। इस घटना के बाद पूरा देश एकजुटता के साथ इस नृशंस हत्या कांड के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। पूरे देश को शुरू से सेना के प्रति आशा और उम्मीद की किरण दिखाई देती है। यह हम सबका सौभाग्य है कि हमारी सेना हमेशा असंभव को संभव करके दिखाती है। हमारे जवान किसी भी स्थिति में स्वर्ग रचने का काम करते हैं, वे दुश्मनों के लिए काल, विकराल और महाकाल बनकर वीरता के झंडे गाड़ते हैं। अद्भुत है लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें पाषाण युग से लेकर अब तक के अतीत को और समस्त घटनाओं को श्रेष्ठ ढंग से संयोजित किया गया है। यह स्थान श्रद्धा के भाव से हमें भर देता है। भोपाल का इतिहास भी शो का हिस्सा बना है। यह लाइट एंड साउंड शो सेना के शौर्य से परिचित करवाकर युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैसे तो पर्यटन विभाग लाइट एंड साउंड शो करता है लेकिन सेना का यह प्रयास सराहनीय है। यह गौरव का क्षण है। योद्धा स्थल सहित विभिन्न स्मारक राजधानी का गौरव बढ़ा रहे हैं।यह सिलसिला निरंतर चल रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेना के प्रयास सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेना के प्रयासों की भी सराहना की। राज्य सरकार सेना के ऐसे प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वेलनेस सेंटर ” निरामया” में शिरोधारा, पंचक्रम, हाइड्रो थैरेपी और ओजोन थैरेपी उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम में आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार,संगठन पदाधिकारी महेंद्र सिंह, रविंद्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं: लेफ्टिनेंट जनरल प्रीतपाल सिंह 21वीं कोर हेड क्वार्टर के लेफ्टिनेंट जनरल प्रीतपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अनेक क्षेत्रों में प्रगति के लिए कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। सैनिक कल्याण और पूर्व सैनिकों के हित में प्रदेश में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में अनेक सड़कों के निर्माण की स्वीकृति भी दी है जिसमें सेना के कार्यालयों और रहवास क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है, जो कार्य अनेक वर्ष से लंबित थे वे पूर्ण हो रहे हैं। लालघाटी क्षेत्र से सड़क द्वारा अन्य इलाके जुड़े हैं। मैराथन हो या लाइट एंड साउंड शो प्रारंभ करने के प्रयास हों, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के रूझान से यह गतिविधियां हो रही हैं। प्रीतपाल सिंह ने कहा कि प्रगति से सेना सशक्त होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा में सेना, पुलिस और नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।  

CM यादव ने कहा विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उज्जैन में आईटी पार्क के द्वितीय चरण का कार्य समय सीमा निर्धारित कर पीपीपी मोड पर तत्काल आरंभ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक कम्पनियों को दीर्घकालीन, अल्पकालीन ऋण, पूंजीगत सब्सिडी आदि के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए ऋणों की वसूली की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कार्पोरेशन के प्रबंधकीय तथा लेखा संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।  

नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि की अर्जित, नीति आयोग ने की सराहना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला जिले का नारायणगंज विकासखंड जमीनी स्तर पर समावेशी और परिणाम आधारित विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। समग्र विकास के प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि अर्जित की है। यह स्थानीय शासन की सक्रियता, समुदाय की भागीदारी और सटीक कार्यान्वयन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीति आयोग ने नारायणगंज के इस नवाचार, समर्पण और समन्वय को विशेष रूप से सराहते हुए इसे सामूहिक उत्तरदायित्व और सुशासन का एक आदर्श उदाहरण बताया है। नारायणगंज की उपलब्धि के मूल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, बाल विकास, शिक्षा और कृषक कल्याण जैसे क्षेत्रों में किया गया निरंतर प्रयास रहा है। विकासखंड स्तर पर 98.66 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का शीघ्र एएनसी पंजीकरण सुनिश्चित किया गया। इससे सुरक्षित गर्भावस्था और नवजात स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिली। बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास को सशक्त बनाने की दिशा में आंगनवाड़ी केंद्रों पर 98.48 प्रतिशत बच्चों का नियमित विकास मापन किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी नारायणगंज ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक छात्रों के 100 प्रतिशत स्थानांतरण को संभव बनाया गया। किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर 99.74 प्रतिशत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के लाभार्थियों की भूमि जानकारी सत्यापित कर आधार इनेबल्ड भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे पारदर्शिता और सटीकता दोनों सुनिश्चित हुई हैं। नीति आयोग ने कहा है कि यह सफलता दर्शाती है कि जब नीतियाँ समुदाय की वास्तविक ज़रूरतों से जुड़ती हैं, तो परिवर्तन न केवल संभव होता है, बल्कि स्थायी भी बनता है।  

मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर

नरवाई जलाई तो नहीं मिलेगा सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ, एमएसपी पर फसल उपार्जन भी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वायु एवं मृदा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार का निर्णय एक मई से होगा लागू मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में समय-समय पर राजस्व महाभियान चलाकर अधिकाधिक मामलों के निराकरण के दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके बाद भी यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। वे समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा। शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाएं अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों, तालाबों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर एवं अन्य जल संरचनाओं को राजस्व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और अभियान में नहर, कुए और बावड़ियों जैसी जल संरचनाओं को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण और बंटवारा जैसे राजस्व से जुड़े कार्यों का तय समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन के प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करें। नामांतरण, बँटवारा आदि मामलों का निराकरण समय सीमा में निरंतर होता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। साइबर तहसील परियोजना से मिल रहा बड़ा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व सहित सभी विभाग डिजिटाइजेशन की दिशा में अग्रसर है। इसका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है, उन्हें अब जरूरी कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। मध्यप्रदेश की साइबर तहसील परियोजना इसी दिशा में किया गया एक नवाचार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” देकर इसकी सराहना की है। उन्होंने बताया कि साइबर तहसील के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और किसानों सहित सभी नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। साइबर तहसील 1.0 में अब तक 1 लाख 56 हजार 700 से अधिक और साइबर तहसील 2.0 में अब तक 1 लाख 19 हजार से अधिक प्रकरण निराकृत किए जा चुके हैं। साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकऱण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्वगत कार्यों की पेंडेंसी जल्द से जल्द खत्म की जाए। राजस्व महा अभियान को मिला बेहतर रिस्पांस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए तीन राजस्व महा अभियानों को बेहतर रिस्पांस मिला है। उन्होंने बताया कि गत 15 नवम्बर से 26 जनवरी 25 तक चले राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण दर्ज किया गया है। इसके बेहतर परिणामों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व महा अभियान वर्ष में दो बार संचालित किए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राजस्व महाअभियान की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों ने भी इसे लागू किया है। यह हमारे लिये गौरव की बात है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 88 प्रतिशत संपत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरण कार्य पूरा बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग के नवाचारी प्रयासों के तहत तैयार की गई स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बताया गया कि स्वामित्व योजना में प्रदेश में ग्रामीण आबादी में निजी लक्षित सम्पत्तियों की संख्या लगभग 45.60 लाख है। इनमें से लगभग 39.63 लाख निजी सम्पत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरित कर दिया गया है, योजना का 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जून 2025 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष कैंप एवं स्थानीय युवाओं का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 80 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं, यह कार्य भी जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 85 लाख किसानों को मिल रहा है सम्मान निधि का लाभ राज्य सरकार ने फरवरी 2019 के बाद नए भू-धारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। इस योजना में केंद्र सरकार हर वर्ष पात्र किसानों को 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करती है। मार्च 2025 तक प्रदेश के 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को 28 हजार 800 करोड़ रुपए राशि वितरित की जा चुकी है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी पात्र मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को 6 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2020 से लागू इस योजना में अब तक प्रदेश … Read more

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर

युवा कुंभ आयोजित कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साल में एक बार वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बुलाएं, विज्ञान के विद्यार्थियों से कराएं उनका संवाद सामान्य ज्ञान की संभागवार कराएं प्रतियोगिता उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमउत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

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