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मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के 1500 कर्मचारियों को अप्रैल से ही मिलेगा भत्ता, लाभान्वित होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन में ही बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। इससे मंत्रालय के लगभग 1500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बता दें कि मंत्रालय भत्ता एक जुलाई 2013 के बाद से नहीं बढ़ाया गया था। वाहन एवं विकलांग भत्ता का आदेश जारी करना भूला वित्त विभाग वित्त विभाग ने कैबिनेट निर्णय के बाद बढे हुए भत्ते देने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ते के आदेश जारी करना भूला गया। राज्य सरकार एक अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़ा भत्ता स्थाई यात्रा भत्ता अनुग्रह भत्ता दोहरा कार्य भत्ता अव्यवसायिक वाहन भत्ता विकलांग भत्ता वृद्धि करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद तीन अप्रैल को वित्त विभाग ने वाहन भत्ता 200 से 384 एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 करने के आदेश को छोड़कर उक्त अन्य सभी भत्तों का लाभ एक अप्रैल 2025 से प्रदेश के कर्मचारियों को मई के वेतन से देने का आदेश जारी कर दिया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अप्रैल माह समाप्ति की ओर है 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। महामंत्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने किया था सुंदरकांड मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सचिवालय भत्ते के आदेश जारी होने पर हनुमानजी महाराज और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने शासन में लंबित मांगों पर कोई निर्णय न होने से थक हारकर मंत्रालय परिसर स्थित मंदिर में हनुमान जी महाराज के चरणों में मांगपत्र रखकर सुंदर कांड पाठ किया था। नायक ने कहा कि हनुमान जी महाराज ने मंत्रालयीन अधिकारियों कर्मचारियों की पीड़ा को सुना और उसके बाद से ही कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के समाचार आना शुरू हुए यानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नतियां जल्दी की जाएंगी। नायक ने कहा कि लंबित भत्तों का पुनरीक्षण हुआ, गृह भाड़ा भत्ता बढ़ा,  सचिवालय भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद सभी आदेशों को हनुमान जी महाराज के चरणों में समर्पित किया जाएगा और बाकी मांगों के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करने के लिए पुनः सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा।

भोपाल में आतंकवादियों के खिलाफ मुस्लिम समाज का फूटा गुस्सा, पुतला फूंककर लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भोपाल भोपाल आज बुधवार दोपहर में वक्फ बोर्ड परिसर में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे और वहां हमारे हिन्दू भाइयों के आस्था केंद्र धार्मिक स्थल भी हैं। कश्मीर का मुसलमान भी इन धार्मिक स्थलों की यात्रा में सदैव हिन्दू भाइयों का सहयोगी रहा है। निर्दोष यात्रियों के कत्लेआम से शेष भारत का मुस्लिम समुदाय भी आहत हुआ है। मध्यप्रदेश में भी लोगों ने आतंकवादियों की इस कायराना हरकत की निंदा की है। भोपाल में जय हिंद सेना ने भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन किया, तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला जलाया। भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ और ‘मोदी जी 56 इंच का सीना दिखाना होगा’ जैसे नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। इस कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब आतंकियों को जरूर मिलेगा। पूर्व सीएम कमलनाथ और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस हमले की निंदा की है। सीएम बोले- आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ कायराना आतंकी हमला घोर निंदनीय है। इस कायराना और अमानवीय कृत्य में कई निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं सभी दिवंगतों की पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घृणित कृत्य में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि हमले में सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। गंजबासौदा में संगठन के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गंजबासौदा में बुधवार को पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आतंकवाद और पाकिस्तान का पुतला जलाया है। इस दौरान बरेठ रोड स्थित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के पास ABVP के करीब 50-60 पदाधिकारी कार्यकर्ता एकत्रित हुए. अभाविप के जिला संयोजक बोले- आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक शुभम सिंह ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को समाप्त करने का समय आ गया है। जब तक आतंक की जड़ प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक देश के निर्दोष नागरिक ऐसी घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। ABVP कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ किया प्रदर्शन अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की आतंक समर्थक नीतियों की निंदा की। कार्यक्रम में अभाविप के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई।

पाकिस्तान और दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत एकजुट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि सुशील नथानियल अलीराजपुर में एलआईसी कार्यालय में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे स्वयं इंदौर में नथानियल की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रदेश सरकार हमले में घायल नथानियल की बेटी आकांक्षा की मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। दुख की इस घड़ी में सरकार मृतक के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। कश्मीर में पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। यह घटनाक्रम पूरे देश पर वज्रपात के समान है। पाकिस्तान और उसके हिमायती दहशतगर्दों को इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ई-लर्निंग के दौर में भी कम नहीं होगी पुस्तकों के अध्ययन की प्रासंगिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस (23 अप्रैल) पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का जीवन में बड़ा महत्व है, पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं, जिनके अध्ययन से जीवन को सदैव नई दिशा मिलती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और ई-लर्निंग के दौर में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दूरदर्शिता के अनुसार चिकित्सा और तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई राष्ट्रभाषा में संचालित करने का अभियान चलाया है। यह नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ाव के लिए प्रेरित करेगा। इससे अध्ययन की प्रासंगिकता बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ और मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस पर पुस्तक मेला काफी प्रासंगिक है, प्रदेशवासी इसका लाभ उठाएं। उन्होंने पुस्तकों के अध्ययन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-लर्निंग के दौर में पुस्तकों के अध्ययन का आनंद सबसे जुदा है। किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं।  

प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एयर एम्बुलेंस सुविधा का होगा विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्पताल से घर तक पार्थिव देह ले जाने के लिए जिलों में उपलब्ध होंगे शव वाहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए। कैंसर जैसे रोगों से ग्रस्त नागरिकों को आवश्यक उपचार सुविधाएं प्राथमिकता से दिलवाई जाएं। प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहित किया जाए। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं जो प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों से घर तक पार्थिक देह ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था जिलों से प्रारंभ होगी जिसका बाद में विकास खण्ड और तहसील स्तर तक विस्तार होगा। प्रदेश में एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाते हुए गंभीर रोगियों के साथ ही दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल नागरिकों को भी सेवाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला स्तर पर उपलब्ध होंगे शव वाहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने अस्पताल से पोस्ट मॉर्टम एवं मत्यु के अन्य मामलों में पार्थिव देह घर तक ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था प्रारंभ में जिला स्तर पर रहेगी। बाद में इस व्यवस्था को विकास खण्ड और तहसील तक विस्तार किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा बनाएंगे प्रभावी मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जहां मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा का विस्तार इस तरह किया जाएगा कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर भी एयर एम्बुलेंस को पहुंचाया जा सके। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को चिकित्सक और कलेक्टर द्वारा निर्णय लेकर चिकित्सा संस्थानों तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में एयर एम्बुलेंस सेवा में एक हेलीकाप्टर और एक एरोप्लेन उपलब्ध है। गरीब से गरीब नागरिक को इस सुविधा का लाभ देने का प्रयास है। भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत राज्य के विभिन्न जोन निर्धारित कर इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। गत वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में कॉलेज प्रारंभ किए गए। इस तरह के अन्य मेडिकल कॉलेज भी प्रारंभ होंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। गंभीर रोगों की आसानी से जांच और उपचार हो इसके लिए यह व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अंगदान और देहदान को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में अंगदान की घोषणा करने वालों और देहदान का संकल्प लेने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। अंगदान से एक से अधिक रोगियों को लाभ मिलता है। देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों के लिये शल्य क्रिया की दृष्टि से पार्थिव देह की उपलब्धता संभव होती है। अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों एवं उनके परिजन को महत्वपूर्ण अवसरों पर सम्मानित किया जाए। सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि विभिन्न सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में नागरिकों के उपचार में प्राप्त की जाएं। ‍नए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी संचालित है। अनेक स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था, मातृ शिशु संजीवनी कार्यक्रम, अनमोल 2.0 के माध्यम से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य की शत प्रतिशत ट्रेकिंग और मानीटरिंग और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 के क्रियान्वयन, अस्पतालों के निरीक्षण, स्वास्थ्य संस्थाओं के भवनों के निर्माण, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ कुपोषण समाप्ति के लिए संयुक्त प्रयास, स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार और आम जन को बेस्ट प्रैक्टिसेस से अवगत करवाने, टीकाकरण पल्स पोलियो अभियान, डे-केयर सेंटर के संचालन, मोबाइल मेडिकल यूनिट और नर्सिंग महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित चर्चा एवं समीक्षा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा जल संवर्धन अभियान की सफलता के लिए प्रदेश के नागरिकों से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार है। इस की एक-एक बूंद सहेजने की आवश्यकता है। प्रदेश में 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा जल संवर्धन अभियान का सिलसिला जन-सहभागिता से अब जन अभियान बन चुका है। श्योपुर में कलश यात्रा और भूमि पूजन तालाब के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्योपुर की ग्राम पंचायत सोईकलां के ग्राम चिमलका में कलश यात्रा निकाल कर तालाब जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन के साथ श्रमदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने बताया कि जिले में जल गंगा3 संवर्धन अभियान के अंतर्गत 124 खेत तालाब तथा 12 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। पूर्व से संचालित 1860 कार्यो में से 960 को तीन माह में पूर्ण किया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि श्योपुर विकासखण्ड में अभियान के तहत 46 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 24 खेत तालाब, 8 परकोलेशन टेंक, 18 तालाब, 3 कुओं का जीर्णोद्धार, 11 रिचार्ज शाफ्ट, 2 लीज पिट, 38 सोकपिट सहित कुल 150 कार्य लिये गये है। राजगढ़ में जल की एक-एक बूंद सहेजने प्रशासन और नागरिक चला रहे श्रमदान महा-अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक जल संरचना का जीर्णोद्धार कर उनमें बरसात के एवं सतही पानी को सहेजने की मुहिम जारी है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा निर्देश पर जिले के 25 गांवों में स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान अभियान चलाया गया। इस महाअभियान में महराजपुरा, बटेरिया, दोगडा, पडलिया, चिबडकलां, चाठा, रावतपुरा, डोबी, डालूपुरा, धामनिया, नारायण घटा, मंगलपुरा, भीलाखेडी, महुआबे, माधवपुरा, सुवाडेही, सादलपुर,  लक्ष्मणपुरा, काचरी, कडकपुरा, बावडीखेडा, तुमडियाखेडी, सलेपुर, बरखेडा खुर्रम और पिपलिया पाल में स्थित तालाब, परकोलेशन टेंक, कुएं एवं बावडियों की श्रमदान से साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। अलीराजपुर में जल गंगा गंगा संवर्धन जन-सहभागिता से जल संरक्षण का अभियान कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह के निर्देशन में जल गंगा संवर्धन के अंतर्गत जोबट तहसील के ग्राम बड़ा गुड़ा स्थित प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर डॉ. बेडेकर ने जोबट के ग्राम किला जोबट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की प्राचीन बावड़ी का भी निरीक्षण कर इसके भी जीर्णोद्धार के शुभारंभ का निर्देश दिया। कटनी में सीएमसीएलडीपी विद्यार्थियों ने की सिमरार नदी घाट की सफाई कटनी में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सहयोग में जुटे विद्यार्थियों ने छपरवाह स्थित सिमरार नदी के घाट की सफाई कर नदी मे वर्षा जल के अविरल प्रवाह को सुनिश्चित किया। अभियान में जन भागीदारी के साथ प्राकृतिक एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई का काम 30 मार्च से निरंतर जारी है। नदी और दूसरे जल स्त्रोतों की सफाई में महेश राजपूत, सत्येंद्र प्यासी, सतीश त्रिपाठी, अनामिका पांडेय, रोशनी कुशवाहा, पूजा सेन, प्रेमलता सोंधिया, द्रोपदी पटेल, अर्चना गड़ारी और छन्नूलाल राय शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन में सीधी प्रदेश में चौथे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सीधी जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत चिन्हित कार्यों को पूरा करने, पूर्व से प्रचलित कार्यों को पूर्ण कराने और नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री अभियान की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। अभियान के क्रियान्वयन में अब तक सीधी राजगढ़, सिवनी तथा निवाड़ी जिलों के बाद सीधा चौथे स्थान पर चल रहा है। है। मऊगंज में तालाबों का जीर्णोद्धार जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत मऊगंज की ग्राम पंचायत झलवार के पुटपरिहा तालाब में जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत गौरी तथा ग्राम पंचायत रजिगवां में खेत तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत सिरमौर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बमरहा में परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत तड़ौरा में स्टॉपडैम का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत रामनई के महादेव तालाब की साफ-सफाई और गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है।  

मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना “टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास” के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।  

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।  

नानाजी बन गए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नातिन को गोद में लेकर जमकर झूमे

भोपाल मध्यप्रदेश। सीएम डॉ. यादव अब नाना बन गए हैं। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की है। वीडियो में सीएम मोहन यादव अपनी बेटी के बच्चे को प्यार से दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने खुशखबरी बताते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। हालांकि मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर यह खुशी शेयर नहीं की है। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में सीएम बेटी की बच्ची को हाथ में पुचकारते तो कभी दुलारते दिख रहे हैं। नातिन पर खूब स्नेह लुटाते भी दिख रहे हैं। यही नहीं मोहन यादव ने नातिन के जन्म पर बेटी को न्योछावर के रूप में कुछ रुपये भी दिए। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। उनके पास एमबीए,एलएलबी और पीएचडी की डिग्री है। उनके परिवार के सदस्य भी व्यापार और कृषि में शामिल हैं। यह बच्ची उनकी बेटी आकांक्षा यादव के घर हुई है। बेटी गायनकोलॉजिस्ट है। उनके बाकी दोनों बेटों की बात करें तो अभिमन्यु यादव डॉक्टर हैं और वैभव यादव ने एलएलबी-एलएलएम किया है। मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव है जिनका पिछले साल निधन हो गया था। मां का नाम लीलाबाई यादव है। एमपी के मुखिया खुद 5 भाई-बहन हैं।

ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. की देश में केन्द्रीय स्थिति का लाभ उठाएं निवेशक, हितों का ध्यान रखेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरसंचार असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र, प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में करेंगे पूरा सहयोग ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां करेंगी निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर निवेशकों से की चर्चा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है। टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केन्द्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है। निवेशक राज्य की देश में केन्द्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं। टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं। हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रही है। इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी। निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी। निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है। यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे। टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी। इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला, केन्द्रीय दूरसंचार विभाग के डीडीजी अनिल भारद्वाज, डॉयरेक्टर गणेश चंद्रा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ सुदाम खाड़े सहित टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक कम्पनी डिक्सन के अध्यक्ष अतुल बी. लाल, टीईएमए के चेयरमेन प्रो. एन.के. गोयल, तेजस के सीईओ एण्ड एमडी आनंद अथरेया, वीवीडीएन के जितेंद्र सिंह, वीवीडीएन के राजीव जैन, एनआईसीडीसी के विनय मिश्रा, आईसीईए के डॉ. आशीष शुखिया, इरिक्सन के अश्विनी पत्कुर, एमपीआईडीसी के ग्वालियर रीजन के ईडी प्रतुल सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के उत्तरोत्तर विकास के लिए विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया। उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था। गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया। प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई। निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे। साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है। साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस वे भी बनाया जाना संभावित है। इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी। इससे कम्पनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा। साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है। इससे आगरा-मुम्बई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है। इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित … Read more

मुख्यमंत्री ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय परिसम्पत्तियों का विक्रय ही एकमात्र विकल्प नहीं है। परिसम्पत्तियों का शासन के हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों का अभिलेखीकरण कर लें जिससे आवश्यकता अनुसार इनका उन्नयन कर विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों को बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ भी जोड़ें ताकि शासन को ऐसे सम्पत्तियों का भी लाभ हो। बेहतर होगा कि ऐसे परिसम्पत्तियों को युक्तियुक्तकरण के जरिए समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक परिसंम्पत्ति प्रबंधन विभाग अकेले ही परिसम्पत्तियों के निर्वतन या नीलामी पर निर्णय न ले। राजस्व, धर्मस्व, विधि-विधायी विभाग के साथ समन्वय कर परिसम्पत्तियों के मामलों का समुचित समाधान किया जाये। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा से वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक परिसम्पत्ति विभाग अनिरूद्ध मुखर्जी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन में नवाचार किए जाएं। राज्य के बाहर शासन के स्वामित्व वाली परिसम्पत्तियों का प्राथमिकता से प्रबंधन/निर्वतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोकेशन में मौजूद शासकीय परिसम्पत्तियों का यथासंभव शासन के हित में ही नियोजन किया जाए। इसके लिए सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर उस पर विधिवत अमल किया जाये। किसी मसले पर कानूनी राय की आवश्यकता है तो विधि एवं विधायी विभाग से अभिमत लेकर ही आगे की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी लोकेशन में मौजूद सम्पत्ति पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को देने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के गठन से लेकर अब तक 655 लोक परिसम्पित्तयां विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें जिलों द्वारा 471 एवं विभिन्न विभागों द्वारा 184 परिसम्पत्तियों को दर्ज किया गया है। कुल दर्ज की गई परिसम्पत्तियों में जिला/विभाग को 505 परिसम्पत्तियां वापस सौंपी गई है और 101 परिसम्पत्तियों का मुद्रीकरण, 48 परिसम्पत्तियों का प्रबंधन किया गया। एक परिसम्पत्ति के प्रबंधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  

मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ, भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण

विज्ञान मंथन यात्रा विद्यार्थियों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निभाई शिक्षक की भूमिका और भावी वैज्ञानिकों से किया संवाद मैपकॉस्ट की 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 27 अप्रैल तक प्रदेश के 375 भावी वैज्ञानिकों का हुआ चयन, वंदे भारत ट्रेन से होगी यात्रा भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मैपकॉस्ट) की 17वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” का मुख्यमंत्री निवास परिसर से शुभारंभ किया। उन्होंने इस यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिक बच्चों को बधाई देते हुए उनके साथ संवाद भी किया। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर से टेलीस्कोप द्वारा विभिन्न ग्रहों को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतरिक्ष विज्ञान पर विस्तार पूर्वक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं आप सभी के बीच मुख्यमंत्री या किसी शिक्षक नहीं मित्र के रूप में उपस्थित हूँ। आपके जीवन के लिए यह विज्ञान मंथन यात्रा उपयोगी सिद्ध होगी। पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थी जब विज्ञान से जुड़े नामी-गिरामी संस्थानों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त करते हैं तो यह ज्ञान सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर और प्रकृति का भी समन्वय है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी प्रक्रियाएं जानने और समझने का विषय है। प्राण भी 5 प्रकार के हैं, जो श्वसन प्रणाली, हृदय, वाणी, पाचन प्रणाली, उत्सर्जन और प्रजनन प्रणाली और मांसपेशी के साथ परिसंचरण प्रणाली के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैपकॉस्ट जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने की दिशा में सार्थक भूमिका निभा रही हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर बच्चों से बातचीत मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों से प्रश्न किए कि पृथ्वी और चंद्रमा में से परिक्रमा कौन करता है? ग्रह और उपग्रह में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण शक्ति क्या है? ग्रहों की परस्पर दूरी का आकलन किस तरह होता है? विद्यार्थियों के सारगर्भित उत्तर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने यात्रा के लिए चयनित विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर की प्रशंसा की। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के कुलगुरू एवं पदाधिकारी, शिक्षकगण उपस्थित थे। विज्ञान मंथन यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्ष तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थी में से दिल्ली जाने वाले समूह में प्रौद्योगिकी परिषद के आमंत्रण पर नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली के संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। विद्यार्थी वन्दे भारत ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर विज्ञान भारती द्वारा इन सभी भावी वैज्ञानिकों का स्वागत किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए गत 16 वर्ष से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है।  

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए कलेक्टर झाबुआ को मिला पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले को प्राप्त पुरस्कार पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निश्चित ही गर्व का अवसर है, जब सिविल सेवा दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) श्रेणी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रामा ब्लॉक को पुरस्कृत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर झाबुआ सुनेहा मीणा को प्राप्त पुरस्कार के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के माध्यम से झाबुआ जिले के सुदूर और कम विकसित क्षेत्र में नागरिकों के गुणवत्तापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के कार्य में सफलता प्राप्त की गई है। एबीपी के अंतर्गत योजनाओं को एकीकृत कर विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के प्रयास किए जाते हैं। इस पुरस्कार से अन्य लोक सेवकों को भी कठोर परिश्रम और विकास के संकल्प के माध्यम से कार्य की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने झाबुआ कलेक्टर के साथ ही समस्त टीम को भी बधाई दी है। झाबुआ में क्या हुआ विशेष एबीपी के अंतर्गत देश के 16 जिलों के लोक सेवकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित किया गया। झाबुआ को प्राइम मिनिटर्स अवार्डस फॉर एक्सिलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन : 2024 की एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। झाबुआ जिले में दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को गति मिली है। रामा ब्लॉक में पोषण आहार, किसानों की समृद्धि के लिए प्रयास, पेयजल प्रबंध के अंतर्गत हर घर जल एवं हर वंचित को पक्के मकान का संकल्प साकार हो रहा है। झाबुआ में नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जनजातीय वर्ग को लाभान्वित करने, किसानों को मृदा कार्ड उपलब्ध करवाने और आवास के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए गए।  

मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित

जनसेवा का प्रभावी माध्यम है सिविल सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल सिविल सर्विस-डे पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया पुरस्कार में लोकसेवकों को प्रदान किया 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिविल सेवा सिर्फ़ एक पेशा नहीं, यह जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे अपने अधिकारों का नि:संदेह सदुपयोग करें, लेकिन अपने कर्तव्यों से कदापि विमुख न हों। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन एक वृहद विषय है। इसका मूल मंत्र है – “लोगों की हर संभव तरीके से सेवा”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस (नेशनल सिविल सर्विस डे) के अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सिविल सेवकों को लोक सेवा दिवस की बधाई दी और सभी से अपने उत्तरदायित्वों के प्रति संकल्पबद्ध रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, समर्पण, मनोयोग के साथ निभाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के चयनित 16 सिविल सेवकों (अधिकारियों) को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी अवार्डियों को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए बधाई देकर एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक कुशल सिविल सेवक वह होता है, जो न केवल शासन के नियमों, उपनियमों का पालन करे, बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाइयों एवं समस्याओं को समझे और उन्हें समुचित समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की तत्पर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शासन को जनकल्याण की दिशा में अधिक प्रभावी बनाने की ओर अग्रसर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे कामों और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसीलिए सभी लोक सेवक शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोक जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक पागला, राज्य शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे, जिससे एक शक्तिशाली राजवंश में प्रशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोक सेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल्स) तैयार किए। उन्होंने लोक सेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। करप्शन फ्री और गुड गवर्नेंस के लिए कार्य करें सभी लोकसेवक: मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हर साल 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोक सेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और इसके आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने में अनुभवी अधिकारियों के साथ युवा अफसरों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए 16 लोक सेवकों में क्रमशः माधव प्रसाद पटेल (माध्यमिक शिक्षक), श्रीमती अदिति गर्ग (तत्कालीन सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम योजना), डॉ. इंदिरा दांगी (शिक्षक) आष्टा जिला सीहोर, श्रीमती शारदा डुडवे (माध्यमिक शिक्षक) चंद्रशेखर आजाद नगर, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया जिला दमोह, चंद्रमोहन ठाकुर तत्कालीन प्रबंध निदेशक भवन विकास निगम, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय भोपाल, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, अमित तोमर तत्कालीन प्रबंध संचालक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, ऋषव गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा तत्कालीन प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिव्यांक सिंह तत्कालीन सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना इंदौर, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा सहायक प्राध्यापक इंदौर, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक चिमनाखारी जिला सिवनी तथा सुशीला दाहिमा अतिरिक्त सचिव शिक्षा विभाग को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। प्रशासन अकादमी में हुई नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान ने सभी अथितियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ क्षिप्रा के घाटों की सफाई कर जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की माँ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण करण के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंच कोशी यात्रियों का स्वागत, सम्मान कर यात्रा का शुभारंभ कराया नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का सम्मान किया उज्जैन जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन क्षिप्रा के रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत घाटों की सफाई की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में उतरकर घाटों की सफाई की। उन्होंने सफाई के बाद क्षिप्रा में स्नान किया। उन्होंने माँ क्षिप्रा का पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारे प्रदेश के पुराने ऐतिहासिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का विशेष अभियान है। इसमें नदियों को पुनः प्रवहमान बनने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। भोपाल के पास बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुनर्जीवित कर दिया गया है, इस अभियान की यह विशेषता है कि हम अपनी ऐतिहासिक, पुरानी बावड़ी, कुएँ, तालाब, जल स्त्रोत को पुनर्जीवित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में और पूरे विश्व में हमारे मध्यप्रदेश की माँ नर्मदा ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है, मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा नदी के परिक्रमा स्थल को सुव्यवस्थित कर तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं बनाएंगे और माँ क्षिप्रा के घाटों को 29 किलोमीटर और बनाया जा रहा है, जिससे माँ क्षिप्रा के परिक्रमा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा होगी। उज्जैन में माँ क्षिप्रा को प्रवहमान बनाने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी जलाशय योजना, माँ क्षिप्रा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए खान डायवर्सन नदी परियोजना भी चल रही है। इसका 50% काम लगभग पूरा हो चुका है, आने वाले 2 वर्षों में माँ क्षिप्रा कल-कल होकर बहेगी, इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक पौराणिक नगरी के साथ-साथ काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, अकबर, शाहजहां, जहांगीर ने भी उज्जैन में प्रवास किया था और भर्तहरी गुफा पहुंचकर काल गणना के ज्ञान को समझा था, यहां पर उन्होंने टकसाल भी स्थापित कराई थी। यह केवल ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के साथ एक वैज्ञानिक नगरी भी है हम इसके वैभव को पुनः स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं राजा भृतहरि, सम्राट विक्रमादित्य, सम्राट अशोक के साथ-साथ अन्य महान राजाओं के द्वारा उज्जैन के लिए अनेक प्रकार के प्रमाणिक कार्य किए गए हैं। श्रीमंत महाद जी सिंधिया ने पानीपत के युद्ध के बाद इसके गौरव को पुनर्स्थापित किया और लाल किले पर धवज फहराया था। इन सभी महान राजाओं की गाथा का आज भी उज्जैन की भूमि आज भी यशोगान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सलामतपुर से आए पंचकोशी यात्रियों का सम्मान किया गया और उनकी यात्रा का शुभारंभ कराया गया और नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव नगर निगम महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल और जन प्रतिनिधि एवं संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल थाने को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी हैं।

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