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आदिवासी वोटरों को लुभाने की तैयारी में मोहन सरकार, बड़वानी बैठक से निकाय चुनावों को लेकर मिले संकेत

भोपाल  सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में हुई प्रदेश की पहली किसान कैबिनेट बैठक को मोहन सरकार का आदिवासी वोटर पर सीधा फोकस माना जा रहा है। 2027 के निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में पहली किसान कैबिनेट आयोजित की। यह बैठक भीलट देव मंदिर परिसर में टेंट-तंबू में हुई और मंत्रिमंडल ने आदिवासी संस्कृति के प्रमुख पर्व भगोरिया में भी सहभागिता की। इसने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम किसानों के साथ-साथ आदिवासी वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है। आदिवासी वर्ग पर परंपरागत रूप से कांग्रेस की मजबूत पकड़ मानी जाती रही है, लेकिन पिछले एक दशक में भाजपा ने इस वर्ग में अपना आधार बढ़ाया है।  47 विस सीटें एसटी के लिए आरक्षित प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2023 के चुनाव में भाजपा ने 24 और कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि रतलाम जिले की सैलाना सीट पर भारत आदिवासी पार्टी को सफलता मिली। मालवा–निमाड़ अंचल में आदिवासी वर्ग की 22 सीटें हैं, जहां कांग्रेस ने 11, भाजपा ने 10 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीत दर्ज की। यह क्षेत्र आदिवासी राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।  22% आबादी, 84 सीटों पर असर प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय का है। 47 सीटें आरक्षित होने के बावजूद यह वर्ग करीब 80 से अधिक सीटों पर जीत-हार तय करने की स्थिति में माना जाता है।  2023 में कांग्रेस ने दिखाई मजबूती  2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 30 आदिवासी सीटें जीतकर भाजपा को बड़ा झटका दिया था, जबकि भाजपा 16 सीटों तक सीमित रह गई थी। मालवा–निमाड़ में भी भाजपा को 22 सीटों में से केवल 6 सीटें मिली थीं। वहीं, 2023 में भाजपा ने वापसी करते हुए 24 सीटें जीतींं। हालांकि, इस चुनाव में कांग्रेस 66 सीटों पर सिमट गई, इसके बावजूद  उसने आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 22 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, मालवा निमाड़ में दोनों ही पार्टियों ने आधी आधी सीटों पर जीत दर्ज की।  आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित प्रदेश की सीटों का गणित  – 2013 में आरक्षित 47 सीटों में से 31 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को 15 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा, वहीं एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी जीता। वहीं, मालवा निमाण की 22 सीटों में से 15 भाजपा, 6 कांग्रेस और 1 सीट निर्दलीय को मिली।  – 2018 में आरक्षित 47 सीटों में से 16 सीटों पर भाजपा सिमट गई। वहीं, कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। वहीं, मालवा-निर्माण की 22 सीटों में से 6 भाजपा, 15 कांग्रेस और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।  – 2023 में आरक्षित 47 सीटों में से 24 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। वहीं, कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट पर निर्दलीय के खाते में आई। वहीं, मालवा- निर्माण की 22 सीटों में से 11 पर कांग्रेस, 10 पर भाजपा और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने जीत दर्ज की।  2027 में सेमीफाइनल और 2028 में फाइनल बता दें, अगले दो साल मोहन सरकार के लिए अग्नि परीक्षा के हैं, इसलिए अब उसे तमाम वो काम करके दिखाना होंगे, जिनका वादा भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किया है। इनमें सबसे बड़ा वादा लाडली बहना योजना में शामिल बहनों को हर माह 3000 रुपये देने का है। अभी इसकी आधी राशि दी जा रही है। अगले तीन साल में इसे दोगुना करना है। यदि भाजपा यह करने में सफल रही तो 2027 के निकाय चुनाव और इसके बाद 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी सत्ता में वापसी की राह कोई नहीं रोक सकेगा।  आदिवासी किसानों को आखिर क्या मिला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दो दशक से सत्ता में काबिज भाजपा सरकार ने ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के अंतर्गत भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में पहली “कृषि कैबिनेट” की बैठक आयोजित की। दावा किया गया था कि इससे किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाए लाई जाएंगी, ताकि आय दोगुनी हो सके। लेकिन बड़वानी और निमाड़ क्षेत्र के किसानों को आखिर क्या मिला?   

CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई। 3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री निवास में हुआ होलिका का दहन, गौ-काष्ठ का किया गया उपयोग

मुख्यमंत्री निवास पर हुआ भव्य होलिका दहन, गौ-काष्ठ का हुआ उपयोग होलिका दहन में मुख्यमंत्री निवास पर गौ-काष्ठ का विशेष उपयोग मुख्यमंत्री निवास में हुआ होलिका का दहन, गौ-काष्ठ का किया गया उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक पूजा-अर्चना कर किया होलिका दहन प्रदेशवासियों को होली की दी मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका की विधि-विधान से सपत्नीक पूजा-अर्चना कर होलिका का दहन किया। होलिका में गौ-काष्ठ का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी मती सीमा यादव, अन्य परिजन एवं म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को होली की बधाई देकर प्रसादी के रूप में गुझिया वितरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होलिका दहन कर प्रदेशवासियों को रंग पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली हम सबको रंगों से सराबोर कर देने वाला त्यौहार है। होली हमें एकजुट रहने की सीख देती है। हम सभी को अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर होली से रंगपंचमी तक प्रेमपूर्वक यह त्यौहार मनाना चाहिए।  

MP में मत्स्यपालकों के लिए नई नीति, सरकार का बड़ा कदम, किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में कैबिनेट बैठक होगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश के हर अंचल में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। जनजातीय अंचल नागलवाड़ी (निमाड़) में आज सोमवार को कृषि कैबिनेट आयोजित की जा रही है। बीते वर्ष भी निमाड़ क्षेत्र के महेश्वर में अहिल्या माता की 300वीं जयंती पर कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी। मत्स्य नीति की सौगात देगी प्रदेश सरकार-मोहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में कृषि सहित बागवानी, सहकारिता, मत्स्य उत्पादन आदि से संबंधित 17 विभागों को जोड़कर हम कार्य कर रहे हैं। नर्मदा के किनारे मत्स्य पालन की बड़ी संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मत्स्यपालकों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का समावेश करते हुए मत्स्य नीति की सौगात हम देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि-पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों के साथ मत्स्य उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता से बढ़कर और बेहतर स्थिति पाने का हमारा प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे-मातरम के सामूहिक गान के बाद मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति अंचल बड़वानी-निमाड़ नर्मदा जलप्रदाय योजना से पहले सूखा और आमजन के पलायन वाला क्षेत्र हुआ करता था। अब यहां हालात बदल चुके हैं। यहां सिंचाई का रकबा बढ़ा है और कृषि के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनी हैं। नर्मदा वैली से खेती संबंधी बेहतरीन प्रयोग एवं कार्य इस अंचल में किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से सामान्य तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा जी के किनारे हमारी आध्यात्मिक संस्कृति फली-फूली है। यहां भगवान भीलट देव का अद्भुत स्थान है, उनका चरित्र और इतिहास प्रेरणादायी है। इस अंचल में ऐसे महापुरुषों की एक पूरी शृंखला है। यहां संत सिंगा जी महाराज का स्थान है, खंडवा में दादाजी धूनीवाले का स्थान है, समाजसेवी संत एक रोटी वाले बाबा की कृपा भी यहां प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक छोटे से परिवार में जन्म लेने वाले भीलट देव जी ने साधना के बलबूते पर भक्तिभाव के साथ,  सही अर्थ में आध्यात्म के लिए सभी को प्रेरित किया। वे सनातन धर्म के सबसे बड़े देवता और जीवित भगवान के रूप में पूजे जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय पर्व भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में प्रदेश में मनाया जा रहा है। यहां होली से 7 दिन पहले से ही यह पर्व मनाया जाता है, जनजातीय भाई-बंधु टोलियों में परम्परागत वाद्य यंत्रों के साथ नृत्य-गायन से होली की अनूठी प्रस्तुति देते हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए भगोरिया हाट का आयोजन भी किया जा रहा है।

बड़वानी में हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एस्ट्रो-टर्फ की उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए दी जाएगी हर संभव मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागलवाड़ी में प्रबुद्धजनों से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम की लखपति दीदियों, नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों से सुने अनुभव बड़वानी में हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एस्ट्रो-टर्फ की उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा बड़वानी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट के अवसर पर बड़वानी जिले के प्रबुद्धजनों से भेंट की। उन्होंने एनआरएलएम की लखपति दीदियों, बड़वानी जिले के नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों के अनुभव सुने और उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबुद्धजनों से भेंटकर कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों, खिलाड़ियों सहित समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मदद उपलब्ध करा रही है। बड़वानी जिले के ग्राम भागसुर की सीमा नरगावे ड्रोन दीदी ने निमाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने जैविक खेती और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया। अब वह अन्य महिलाओं को जैविक खेती करना सिखा रही है। ड्रोन दीदी सीमा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उसकी आय में वृद्धि तो हुई ही है, साथ ही उसे एक नई पहचान भी मिली है। सीमा ने बताया कि वह गांव में ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव करती है जिससे घंटों का काम अब मिनिटों में होने लगा है और उसे नियमित रूप से आय भी प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करते हुए हॉकी की नेशनल खिलाड़ी सु स्नेहा मोहनिया ने बताया कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर 2 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल मिल चुका है। स्नेहा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बड़वानी में एस्ट्रो-टर्फ की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर राइफल शूटिंग की नेशनल खिलाड़ी जुलवानिया निवासी सु वैष्णवी महुले से भी चर्चा की। उन्होंने सु वैष्णवी को राज्य स्तर की शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण दिलाने के लिए निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलवानिया में शूटिंग क्लब प्रशिक्षण केंद्र संचालन कर रहे प्रशिक्षक  नीरज को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि बालिकाओं की ट्रेनिंग के सराहनीय कार्य के लिए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बड़वानी जिले के ग्राम घटवा निवासी उन्नत कृषक  महेश पाटीदार ने अपने उत्पाद “गुड़ की चाय” के बारे में बताया।  पाटीदार ने बताया कि उन्होंने पी.एम.एफ.एम.ई. योजना में 28 लाख रुपए का ऋण लिया था। इसमें उन्हें 10 लाख रुपए का अनुदान भी मिला है। वर्तमान में  पाटीदार “गुड़ की चाय” के 500 क्विंटल के पैकेट प्रतिवर्ष बेच रहे हैं। भविष्य में एक हजार क्विंटल प्रतिवर्ष “गुड़ की चाय” के पैकेट बेचने का उनका लक्ष्य है।  पाटीदार ने बताया कि उनकी गुड़ की चाय के पैकेट विक्रय के लिए अमेजॉन एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। बड़वानी जिले के ही  अमोल महाजन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को केला उत्पादन के अपने व्यवसाय के बारे में बताते हुए कहा कि वह पहले अमेरिका में जॉब करते थे, बाद में जॉब छोड़कर अपने देश में ही केला उत्पादन का स्टार्ट-अप शुरू किया। आज उनका केला दुबई, ईरान और इराक सहित विश्व के कई देशों में निर्यात हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  महाजन की उपलब्धि की प्रशंसा की।  

भगोरिया पर्व पर बड़वानी में कृषि कैबिनेट: लोक संस्कृति के सम्मान पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोक संस्कृति के सम्मान के प्रकटीकरण के लिए भगोरिया पर्व पर बड़वानी में कृषि कैबिनेट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बसंत और रंगों के पर्व होली की मंगलकामनाएं देश का फूड बास्केट है मध्यप्रदेश परीक्षा के समय में तनावमुक्त रहें विद्यार्थी मध्य पूर्व की वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति में राज्य सरकार, वहां रह रहे प्रदेश के परिवारों के साथ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को होली पर्व की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना की कि बसंत और रंगों का यह उत्सव सभी के लिए शुभ और कल्याणकारी हो। उन्होंने कहा कि आज भगोरिया पर्व का भी आखिरी भगोरिया है। राज्य सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। पर्व के समय जनजातीय भाई बहनों के साथ रहने और लोक संस्कृति के सम्मान के प्रकटीकरण के लिये पहली कृषि कैबिनेट बड़वानी में सोमवार को आयोजित की गई है। यह प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों सहित युवा, महिला, गरीब, सभी के कल्याण के लिए गतिविधियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। फसल की सही कीमत सुनिश्चित करने के लिए भावांतर योजना में अब सरसों को भी शामिल किया जा रहा है। उड़द प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अब किसानों को उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। मध्यप्रदेश दलहन-तिलहन सहित सभी कृषि उत्पादों में एक प्रकार से देश का फूड बास्केट है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश कृषि और उससे जुड़े सभी क्षेत्रों में निरंतर उन्नति करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय है, जो उनके लिए विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से तनावमुक्त रहते हुए और स्वयं का ध्यान रखते हुए होली पर्व का आनंद लेने और परीक्षा सहित अपने सभी कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यपूर्व की वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति के संबंध में कहा कि प्रदेश के कई नागरिक इन देशों में हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हमारा प्रयास है कि किसी भी नागरिक को कष्ट नहीं हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतया कि उन्होंने मध्यपूर्व के देशों में रह रहे प्रदेश के कई परिवारों से दूरभाष पर बात की है। राज्य सरकार इन परिवारों के साथ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना लोक देवता भीलट देव के आंगन नागलवाड़ी में है पहली कृषि कैबिनेट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव का दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। किसान कल्याण वर्ष में बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले दर्शन लाभ लेने के बाद सतपुड़ा की पहाडी पर विराजित लोक देवता के रमणीय स्थल की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भीलट देव निमाड़-मालवा क्षेत्र के आराध्य देव है। आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिये मिल रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिससे किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे प्रारंभ में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फिर धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नागलवाड़ी भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भीलट देव के तपस्या स्थल पर बने मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत  सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों के साथ नागलवाड़ी मंदिर दर्शन के बाद सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ के खेत और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों की प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट से पहले निमाड़ के फार्म/खेतो और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों का परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने निमाड़ की कृषि पद्धतियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी के सम्बंध में बड़वानी कलेक्टर मती जयति सिंह ने प्रस्तुतिकरण भी दिया। अलग-अलग थीम पर आधारित रही प्रदर्शनी कृषि कैबिनेट के मद्देनजर जिला प्रशासन और कृषि कार्यों से जुड़े विभागों ने प्रदर्शनी में अलग-अलग थीम पर अपना प्रस्तुतिकरण किया गया। इनमें प्राकृतिक खेती क्रियान्वयन और प्रभावी मॉडल, वोकल फ़ॉर लोकल, केले का विकास मॉडल, डॉलर चना संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल उभरती हुई विकासशील फसल, गन्ना आर्थिक और प्रभावी मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम, नवाचार वन्य ग्राम समृद्धि अभियान थीम पर आधारित थी।  

सिंचाई परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति, 86 जनजातीय ग्राम होंगे लाभान्वित

कृषकों का हित और कल्याण शासन की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़वानी के पानसेमल और वरला में 2 हजार 67 करोड़ रूपये लागत की माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति 86 जनजातीय ग्राम होंगे लाभान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक हुई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी के नांगलवाड़ी में सोमवार को हुई नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 269वीं बैठक और नर्मदा नियंत्रण मंडल की 86वीं बैठक में 1 हजार 207 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत की पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना और 860 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत की वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा नर्मदा नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कृषकों का हित और कल्याण शासन की प्राथमिकता है, जिसे ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं। इन माइक्रो उद्वहन परियोजनाओं से बड़वानी जिले के लाभान्वित होने वाले पानसेमल तहसील के 53 ग्राम और वरला तहसील के 33 ग्राम ऊंचाई में स्थित होने, अल्पवर्षा क्षेत्र होने और भूजल स्तर अत्यंत कम होने से सिंचाई सुविधा से वंचित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 11 जनवरी 2025 की घोषणा के अनुपालन में पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना और 14 नवंबर 2025 की घोषणा के अनुपालन में वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 269वीं बैठक में प्रशासकीय स्वीकृति की अनुशंसा की गई, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियंत्रण मंडल की 86वीं बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है। पानसेमल में 22 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में उपलब्ध होगी सिंचाई सुविधा पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से बड़वानी जिले की तहसील पानसेमल में 22 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना में लगभग 1,207 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत से ग्राम सोंदुल से नर्मदा नदी से 7.20 क्यूमेक (74.65 एमसीएम) जल उद्वहन किया जाएगा, जिससे 53 जनजातीय ग्राम लाभान्वित होंगे। परियोजना अंतर्गत भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप्ड नहर प्रणाली से पाइपलाइन बिछाकर सिंचाई व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे कृषक सीधे स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन पद्धति से खेतों में सिंचाई कर सकेंगे। परियोजना में कोई डूब क्षेत्र नहीं है। भूमिगत पाइपलाइन, राइजिंग मेन और ग्रैविटी मेन के लिए 48.79 हेक्टेयर निजी भूमि का अस्थाई भूअर्जन, पंप हाउस और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण के लिए 4 हेक्टेयर स्थाई भूअर्जन तथा 18 हेक्टेयर वन भूमि का अर्जन किया जाएगा। परियोजना के तहत 3 पंप हाउस से कुल 339.67 मीटर तक जल उद्वहन का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए 5 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में कुल 34.60 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता होगी जिस पर वार्षिक विद्युत व्यय 34 हजार 249 रुपए प्रति हेक्टेयर रहेगा। वरला के 33 जनजातीय ग्रामों में 15 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र होगा सिंचित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना अंतर्गत बड़वानी जिले की तहसील अंजड़ के ग्राम मोहिपुरा से नर्मदा नदी से 4.96 क्यूमेक (51.42 एमसीएम) जल उद्वहन किया जाएगा जिससे तहसील वरला के 33 जनजातीय ग्रामों में 15 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना की कुल लागत 860 करोड़ 53 लाख रुपए प्राक्कलित की गई है, जिसमें 4 पंप हाउस के माध्यम से 390 मीटर तक जल उद्वहन का प्रावधान किया गया है। परियोजना में 30.5 मेगावाट विद्युत आवश्यकता होगी जिस पर 33 हजार 316 रुपए वार्षिक विद्युत व्यय प्रति हेक्टेयर रहेगा। परियोजना के लिए 30 हेक्टेयर वन भूमि, 204.13 हेक्टेयर निजी भूमि का अस्थाई तथा 7.5 हेक्टेयर निजी भूमि का स्थाई भूअर्जन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव तथा उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि पानसेमल और वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले ग्राम जनजातीय बहुल होने के साथ वन से घिरे हुए हैं। इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद बड़वानी जिले में कुल 70 प्रतिशत क्षेत्रफल में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जो वर्तमान में 60 प्रतिशत है। उन्होंने परियोजनाओं के विभिन्न घटकों का तकनीकी विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में 10 नवंबर 2025 को आयोजित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं बैठक तथा नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि भी की गई।  

होली और रमजान पर एमपी में सुरक्षा कड़ी, सीएम मोहन यादव ने जारी किए सख्त निर्देश

भोपाल  होली और रमजान समेत आगामी त्योहारों को लेकर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार हाई अलर्ट मोड में है। सीएम मोहन यादव ने प्रदेशभर के अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। VC में दिए स्पष्ट और सख्त निर्देश, एमपी को बताया शांति का टापू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई इस समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के जिलों के एसपी ऑनलाइन शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अफसरों को कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है, इसकी ये छवि बनाए रखना है। वहीं उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि शांति और सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। त्योहार खुशियों के हों, तनाव के नहीं- सीएम सीएम ने समीक्षा बैठक आयोजित कर वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों की पहचान कर उन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज करने और अफवाहों पर तत्काल एक्शन करने और निपटने को कहा है। मोहन यादव ने बैठक में कहा कि त्योहारों का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, समाज को तोड़ना नहीं। प्रशासन प्राथमिकता तय करे कि आम नागरिक सुरक्षित और बेफिक्र होकर त्योहार मनाए। यहां जानें प्रशासन के खास इंतजाम संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च- जिन क्षेत्रों को संवेदनशील माना गया है, जहां पहले तनाव की घटनाएं सामने आई हैं, वहां पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च करेगा। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी- भीड़भाड़ वाले बाजार, धार्मिक स्थल और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के साथ ही अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाएं गए हैं। शांति समितियों की बैठक– स्थानीय स्तर पर धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सामंजस्य की अपील की जा रही है। अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आगि पर भ्रामक जानकारी पोस्ट करने पर, अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की नजर रहेगी। प्रशासन का फोकस- प्री एम्प्टिव एक्शन जानकारी के मुताबिक इस बार रणनीति केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एहतियात बरतना है। जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी छोटी घटना को हल्के में न लें। रात के समय गश्त बढ़ाई जाए। जुलूस मार्गों पर जुलूस पूर्व जांच की जाए। राजनीतिक और सामाजिक संदेश सीएम मोहन यादव ने यह भी संकेत दिए हैं कि त्योहारों को लेकर किसी तरह की राजनीति या उकसावों की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो, ताकि आमजन में भरोसा कायम रहे। बता दें कि रमजान के बीच होली पर्व आने से प्रशासन के लिए सौहार्द्र और शांति बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। क्योंकि एक तरफ रंग-गुलाल और जुलूसों का माहौल होता है, तो दूसरी तरफ रोजा और इबादत की पाबंदियों का समय। ऐसे में समय, मार्ग और कार्यक्रमों में समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जन-जन से अपील अफवाहों पर ध्यान न दें संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का ध्यान रखते हुए कोई भी पोस्ट शेयर करें सांप्रदायिक सौहार्द्र और शांति बनाए रखें

सीएम डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट ने किए भिलट देव के दर्शन, कृषि कैबिनेट की बैठक जल्द

बड़वानी  कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ी शैली में सजाया निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी।

नागलवाड़ी में आज ‘कृषि कैबिनेट’ बैठक, बड़वानी में पूरा मंत्रिमंडल होगा एकजुट

बड़वानी मध्य प्रदेश सरकार की ‘कृषि कैबिनेट’ की बैठक आज भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के दौरान, राज्य सरकार किसानों के हित में अहम फैसले लेगी। अधिकारियों ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान ‘कृषि कैबिनेट’ की यह पहली मीटिंग होगी। किसान कल्याण वर्ष को पूरे राज्य में मनाया जा रहा है। सीएम यादव ने 11 जनवरी को यहां एक इवेंट में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ लॉन्च किया था। अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के तरफ से किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को फायदा पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही उनकी इनकम दोगुनी करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। किसानों और बुद्धिजीवियों संग होगी बात सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “पूरी राज्य कैबिनेट नागलवाड़ी में दिन बिताएगी, जहां एग्रीकल्चर कैबिनेट मीटिंग के अलावा, किसानों और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत होगी। एग्रीकल्चर और ट्राइबल वेलफेयर पर फोकस्ड एक एग्जिबिशन भी लगाई जाएगी।”. 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने इसी घोषणा की थी। यह कैबिनेट प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन बैठक है। कैबिनेट में निमाड़ के सात जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर पर फोकस रहेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के साथ शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलट देव के दर्शन करेंगे। इसके बाद कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें 25 से अधिक मंत्रियों के शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री जनजातीय समुदाय के लोगों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने नागलवाड़ी पहुंचकर बैठक स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर जयति सिंह से तैयारियों की जानकारी ली। शिखरधाम में बाबा भीलट देव के दर्शन भी किए। भीलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा मंत्रिमंडल करीब 6000 की आबादी वाला नागलवाड़ी एक आदिवासी बहुल गांव है। कृषि कैबिनेट न केवल बड़वानी जिले के लिए बल्कि मध्य प्रदेश के पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि नागलवाड़ी में 800 साल पुराना प्राचीन भीलट देव मंदिर आदिवासी आस्था में खास महत्व रखता है। कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद पूरा मंत्रिमंडल वहां पूजा-अर्चना करेगी। किसानों से बात करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद किसानों और जानकारों से बातचीत करेंगे, सरकार की पहल और स्कीमों की जानकारी साझा करेंगे और इलाके के विकास के बारे में उनके विचार और उम्मीदें भी जानेंगे। यादव और उनके मंत्री जुलवानिया में आदिवासी समुदाय द्वारा आयोजित पारंपरिक ‘भगोरिया हाट’ में भी हिस्सा लेंगे। बड़वानी समेत आदिवासी बहुल जिलों में चल रहा भगोरिया उत्सव सोमवार को मध्य प्रदेश में खत्म हो जाएगा। भगोरिया त्योहार झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में आदिवासी समुदाय मनाते हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और देश-विदेश से टूरिस्ट को आकर्षित करता है। शिवराज चौहान ने बनाई थी कृषि कैबिनेट अधिकारियों ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा सभी प्रोग्राम आदिवासी परंपराओं को दिखाएंगे। देश की पहली कृषि कैबिनेट 2011 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनाई थी, जो अब केंद्रीय कृषि मंत्री हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान: कृषि को पारंपरिक उत्पादन से ऊपर उठाकर लाभकारी व्यवसाय बनाएंगे

कृषक कल्याण वर्ष-2026 कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव म.प्र.को देश के कृषि पॉवर-हाउस के रूप में किया स्थापित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक विकास दर हासिल कर स्वयं को देश के ‘कृषि पॉवर-हाउस’ के रूप में स्थापित किया है। फसल उत्पादन, उत्पादकता, दुग्ध और मत्स्य पालन में हुई। इस अभूतपूर्व प्रगति के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर एक ‘लाभकारी व्यवसाय’ के रूप में परिवर्तित करना है। इस संकल्प के केंद्र में कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को तकनीक के माध्यम से बढ़ाते हुए, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोड़ना है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लिए वर्ष-2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि और किसानों पर केन्द्रित पूरे वर्ष संचालित होने वाली गतिविधियों से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को ‘लाभकारी व्यवसाय’ बनाने के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को एक नई दिशा देने जा रही है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य की विशिष्ट फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, इसी क्रम में डिंडौरी में स्थापित होने जा रहे ‘मध्यप्रदेश राज्य अन्न अनुसंधान केंद्र’ के माध्यम से मिलेट्स के उत्पादन एवं पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। इसी कड़ी में, ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर इन प्रमुख फसलों की गुणवत्ता और पैदावार को बढ़ाने पर विशेष बल दिया जायेगा। ‘विदेश अध्ययन भ्रमण योजना’ कृषि क्षेत्र में वैश्विक नवाचारों को आत्मसात करने के लिए किसानों और अधिकारियों के लिए ‘विदेश अध्ययन भ्रमण योजना’ को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे विश्व की उन्नत तकनीकों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सके। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जो किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत बनेगी। खेती की मौसम पर निर्भरता और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए सरकार तकनीक-आधारित जोखिम प्रबंधन पर विशेष निवेश कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में ‘विंडस’ (Weather Information Network Data System) विकसित किया जा रहा है, जो किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और तात्कालिक कृषि सलाह (एग्री-एडवाइजरी) सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। यह प्रणाली न केवल प्राकृतिक आपदाओं से फसल को बचाने में मदद करेगी, बल्कि बुवाई और कटाई के समय को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी। किसानों को दिया जायेगा पूर्ण सुरक्षा कवच किसानों को पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से अब मौसम आधारित बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर उसमें उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया जा रहा है। अनुसंधान, विविधीकरण और डिजिटल वेदर मैनेजमेंट का यह एकीकृत संगम न केवल कृषि को जोखिम मुक्त बनाएगा, बल्कि ‘समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश’ के संकल्प को वास्तविकता में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भरता के नए सोपान पर खड़ा करेगा। 10-दिशात्मक रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने व्यापक ’10-दिशात्मक रणनीति’ तैयार की है। इसके प्रथम आयाम के तहत -अन्न (मिलेट्स), चना और सरसों जैसी फसलों पर गहन शोध और उर्वरकों के अग्रिम भंडारण पर जोर दिया गया है। साथ ही तिलहन भावान्तर व्यापीकरण, उड़द/मूंगफली, गन्ना क्षेत्र विस्तारण, ई-विकास व्यापीकरण, उर्वरक अग्रिम भंडारण, पराली से उर्जा प्रबंधन इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं। द्वितीय आयाम फसल विविधीकरण और प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन (मूल्य स्थिरीकरण)’ पर केंद्रित है, जिससे आलू-प्याज-टमाटर जैसी फसलों के दाम गिरने पर भी किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें। तृतीय आयाम पूरी तरह से “प्राकृतिक मध्यप्रदेश” मिशन को समर्पित है, जहाँ रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। चतुर्थ और पंचम आयाम में संसाधनों के इष्टतम उपयोग, जैसे ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0’ और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को शामिल किया गया है। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए 10 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना इस अभियान का एक मुख्य आकर्षण है। छठे से आठवें आयाम तक का ध्यान कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, “MP ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग” और ‘एग्री-हैकाथॉन’ जैसे नवाचारों पर है। अंतिम दो आयाम डिजिटल गवर्नेस और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जिसमें एआई (AI)-आधारित कृषि परामर्श और क्यूआर कोड (QR Code) आधारित फार्म ट्रेसेबिलिटी शामिल है। संस्थागत सुधार और शैक्षिक पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने की पहल है। अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना एवं कृषकों का क्षमता संवर्धन इस वर्ष का महत्वपूर्ण घटक होगा। इसी अनुक्रम में सरकार द्वारा कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों की सीधी भर्ती भी की जाएगी।  

जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मध्यप्रदेश की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

CM मोहन की घोषणा: किसानों के नाम जमीनें होंगी रजिस्टर्ड, सरकार उठाएगी सभी खर्च

 ग्वालियर किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पट्टाधारी किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम मोहन ने कहा कि, जिन किसानों के पास पट्टे की जमीन है, जल्द ही उन जमीनों की रजिस्ट्री उन किसानों के नाम कराई जाएगी, इससे वो अपनी कर्मभूमि की गारंटी पर लोन भी ले सकेंगे। सीएम ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा, रजिस्ट्री शुक्ल के खर्च को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि रजिस्ट्री का पूरा खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी, जिसपर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कार्यक्रम में 87 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ। सीएम मोहन यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  कुलैथ गांव में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान कहा कि, प्रदेश सरकार पट्टे वाली जमीन की रजिस्ट्री किसान के नाम करेगी।। इससे किसानों को अपनी जमीन पर बैंक से लोन लेने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री पर होने वाला पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और इस योजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट MP Budget 2026 को समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करनेवाला करार दिया है। बजट में जरूरतमंदों के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं। सीएम मोहन यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जमीन के मालिकाना अधिकार के लिए नवाचार किया गया है। इसके अंतर्गत मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क राज्‍य सरकार वहन करेगी। प्रदेश के बजट में उज्जैन में होनेवाले सिंहस्‍थ 2028 महापर्व के लिए बड़ी राशि रखी गई है। सिंहस्थ से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 3 हजार 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना बनाई गई है बजट में इसके लिए 700 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बजट में विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क वहन करेगा राज्‍य शासन बजट के संबंध में सीएम मोहन यादव ने अहम योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार के लिए नई योजना बनाई गई है। इसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए प्रदेश के बजट में 3 हजार 800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस प्रदेश सरकार ने बजट में गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस किया है। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का प्रावधान है। असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह से प्रदेश में गरीबों को आवास देने की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के लिए वित्त मंत्री ने 4500 करोड़ रुपए रखे हैं। विकास कार्यों का भूमिपूजन सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 87 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कुलैथ के लोगों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को भी स्वीकार करते हुए सभी कार्यों को पूरा कराने ता वादा किया। प्रोत्साहन राशि की घोषणाएं कार्यक्रम स्थल पर कन्हैया गायन करने वाली प्रत्येक टीम को पांच-पांच हजार रुपये देने की घोषणा की गई। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में शामिल प्रत्येक किसान को भी पांच-पांच हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले किसान को 21 हजार रुपये और द्वितीय स्थान पर रहने वाले किसान को 11 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। कुलैथ के लिए ये घोषणाएं भी हुईं -महेश्वरा खदान को चालू करने के लिए भारत सरकार से अनुमति दिलाने का प्रयास करेंगे। -डांडेवाले बाबा मंदिर तक सड़क को बनाया जाएगा व ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। -जगन्नाथ भगवान मंदिर पर आने वाले यात्रियों के रुकने के लिए भवन बनाया जाएगा और सड़क भी बनाई जाएगी। -गांव में खेल का मैदान भी बनाया जाएगा। -गांव के आसपास के क्षेत्र में उद्योग भी लगाए जाएंगे।

जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मध्यप्रदेश की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

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