कौन सी योजना और सेक्टर में क्या मिला? मोहन सरकार ने किसानों, विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात
भोपाल मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया। देवड़ा ने कहा- एमपी में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ के प्रावधान किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया। युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया। 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। वित्त मंत्री देवड़ा ने शायरी भी पढ़ी… “हर हाथ को काम, हर उपज को दाम। नारी को निर्णय का अधिकार, युवाओं के हौसलों का प्रसार। अब संरचना का विस्तार, हर घर जल आपके द्वार। स्वास्थ्य-सेवाओं में सुधार, जनकल्याण सुदृढ़।” “मौकों के घोड़े के इरादे, जो साहस पर एक बार चढ़ते हैं, वो लोग कभी अपनी मंजिल से नहीं उतरते हैं।” प्रजासुखे सुखम् राजः, प्रजानाम् च हितम् हितम्” अर्थात “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है, प्रजा के हित में ही राजा का हित है।” किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है। पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी। 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का … Read more