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दुर्गाबाई व्योम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलाई भाजपा की सदस्यता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 33 में पद्मश्री से सम्मानित गोंड कलाकार दुर्गाबाई व्योम के निवास पर जाकर उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और समृद्धि में भागीदार बनने के लिए सभी भाजपा से जुड़ना चाहते हैं। वीडी शर्मा ने भी दिलाई महिलाओं को सदस्यता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 3 में बूथ क्रमांक 2 और 3 पर भजन और कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया और कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई। मध्य प्रदेश के पार्टी मामलों के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने भांडेर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों में नए भाजपा सदस्यों को शामिल किया। कौन हैं दुर्गाबाई व्योम वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के छोटे से गांव बुरबासपुर की रहने वाली हैं। कमाल की बात ये है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं। अपनी कलाकारी के दम पर उन्होंने देशभर में अपनी खास पहचान बनाई। आदिवासी कला को एक नई ऊंचाई देने के लिए उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 6 साल की उम्र से कर रहीं चित्रकारी चार भाई-बहनों के साथ पलीं दुर्गाबाई के पिता चमरू सिंह की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस वजह से वह कभी स्कूल भी नहीं जा पाईं। हालांकि उनको चित्रकारी से लगाव था, इसलिए वह बचपन से ही चित्रकारी करती रहती थीं। छह साल की उम्र से शुरु हुआ चित्रकारी का यह सफर अनवरत अब तक जारी है। कला में लोककथाओं का जिक्र उनके चित्रों में गोंड समुदाय से जुड़ी लोककथाओं की झलक देखने को मिलती है। इस कलाकारी का श्रेय वह अपनी दादी और मां को देती हैं। इसे डिगना कला कहा जाता है, जिसे गोंड समुदाय में शादियों और खेती से जुड़े त्योहारों पर घर की दीवारों पर उकेरा जाता है।

भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1800 करोड़ रुपयों से अधिक का नशीला पदार्थ जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में नशीले पदार्थ का उत्पादन करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लगभग नौ क्विंटल एमडी (मेफेड्रोन) और अन्य सामान जप्त करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में राज्य सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ यादव ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सोशल मीडिया एक्स पर भोपाल के पास नशे की एक फैक्ट्री के खुलासे के संबंध में किए गए पोस्ट बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। डॉ यादव ने संघवी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कल रात लिखा, “नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में मध्यप्रदेश सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।” डॉ यादव ने एक अन्य पोस्ट में संघवी की ओर से उन्हें (मुख्यमंत्री डॉ यादव को) लिखे गए पत्र की प्रति पोस्ट करते हुए लिखा है, “प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी शामिल है। इसी क्रम में गुजरात एटीएस एवं एनसीबी दिल्ली द्वारा की गयी कार्रवाई में मध्यप्रदेश पुलिस ने भी तत्परता के साथ सहयोग किया है। जिसके तहत सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश के मार्ग में बाधा बनने वाली किसी भी अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माननीय हर्ष संघवी जी आपका हृदय से आभार।” इसके पहले संघवी ने कल शाम सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, “गुजरात एटीएस तथा एनसीबी दिल्ली द्वारा भोपाल में की गयी संयुक्त कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गयी। ऑपरेशन की सफलता में मध्यप्रदेश पुलिस के अमूल्य योगदान के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। इस ऑपरेशन की आगे की इन्वेस्टीगेशन में भी मध्यप्रदेश पुलिस गुजरात एटीएस की निरंतर मदद कर रही है। इस तरह के विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय एजेंसीज़ के समन्वित प्रयासों से ही नार्कोटिक्स के विरुद्ध की लड़ाई को जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’’ संघवी की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस की “सराहनीय मदद” का जिक्र किया गया है। दूसरी ओर भोपाल पुलिस आयुक्त की ओर से सोशल मीडिया के जरिए कहा गया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश पर भोपाल पुलिस मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत ऑपरेशन अंकुश चलाया गया है, जिसमें अब तक 55 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर 13 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जप्त किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के पास फैक्ट्री के भंडाफोड़ मामले में भोपाल पुलिस के सहयोग से मंदसौर पुलिस एवं गुजरात पुलिस द्वारा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले संघवी ने इस सिलसिले में कल दिन में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। संघवी ने अपनी पोस्ट में कहा कि गुजरात एटीएस और एनसीबी दिल्ली ने अपने संयुक्त अभियान में ड्रग्स (मादक पदार्थों) के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है। हाल ही में इन दोनों एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के तहत भोपाल में एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की, जिसके बाद वहां से लगभग 1814 करोड़ रुपए की एमडी (एक प्रकार का मादक पदार्थ) और उसके निर्माण में उपयोग आने वाला सामान जब्त किया गया। संघवी के पोस्ट के बाद राजधानी भोपाल के विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप में भोपाल पुलिस और राज्य सरकार को लक्ष्य करके अनेक टिप्पणियां की जाने लगीं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया। सोशल मीडिया में कहा गया कि भोपाल के पास इतनी बड़ी फैक्ट्री चलती रही और पुलिस को इसका पता ही नहीं चला। इसके अलावा गुजरात पुलिस कार्रवाई करके भी चली गयी और इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। रविवार रात को यहां सूत्रों ने बताया कि भोपाल के पास औद्योगिक क्षेत्र बगरौदा में एक फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई शनिवार को की गयी। इस दौरान दो युवकों को हिरासत में लिया गया और फैक्ट्री स्थल से बड़ी मात्रा में एमडी तरल और ठोस अवस्था में जप्त किया गया। बताया गया है कि इस फैक्ट्री में प्रतिदिन कई किलो एमडी बनायी जा रही थी और यह कार्य कई दिनों से चल रहा था। यह नशीला पदार्थ कहां पर सप्लाई किया जा रहा था, इस बारे में अब तक ठोस जानकारी नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह पदार्थ मध्यप्रदेश के बाहर भेजा जा रहा था। सूत्रों ने इस घटनाक्रम को लेकर हुयी प्रारंभिक छानबीन के हवाले से कहा कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक महाराष्ट्र का और एक अन्य मध्यप्रदेश का ही निवासी है। महाराष्ट्र निवासी आरोपी ड्रग तस्करी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। इन दोनों ने कथित तौर पर भोपाल के पास बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री कुछ दिनों पहले किराए पर ली और यहां पर एमडी का उत्पादन किया जाने लगा। इस संबंध में और जानकारी अभी आना शेष है। वहीं संयुक्त दल ने रविवार शाम को स्थानीय पुलिस की मदद से मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

लाड़ली बहनों को लघु उद्योगों से जोड़कर आर्थिक लाभ दिलवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई विभाग की समीक्षा समान स्वरूप के छोटे उद्योगों की योजनाओं को युक्ति-संगत बनायें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जैसे ही अन्य विभागों से जुड़े छोटे-छोटे लघु उद्योगों के विकास की सुविधाजनक योजनाओं को युक्ति-संगत बनाकर एक ही छत के नीचे लाया जाये। उन्होंने निवेशकों के मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के रुख के दृष्टिगत स्किल्स बैंक बनाने के निर्देश भी दिये, जिससे उद्योगों को एक साथ वर्क-फोर्स मिल सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा उद्योग आयुक्त एवं एमएसएमई विभाग के सचिव नवनीत मोहन कोठारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हाल ही में राजधानी भोपाल के निकट रायसेन जिले में स्थित औद्योगिक केंद्र मंडीदीप गए थे, तब उन्हें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी थी। उद्यामियों ने यह भी बताया था कि उन्होंने मंडीदीप में कुछ आंतरिक सड़क मार्गों का निर्माण अपनी ओर से करवाया है। इस संदर्भ में आज मंत्रालय में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उद्योग से जुड़ी समस्याओं को तत्परता से हल करने के लिए उद्योग से जुड़े सभी विभाग को ही मार्ग निकालना है। इसके लिए उद्योग विभाग नेतृत्वकारी भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न व्यापार मेले अर्थ व्यवस्था की गति को रफ्तार प्रदान करते हैं। ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेलों की तर्ज पर अन्य नगरों में भी व्यापार मेले और उत्सव आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य प्रमुख निर्देश     उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियां प्रदान करने के लिए भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए। छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें।     जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें।     विभिन्न विभागों के समान स्वरूप के छोटे छोटे लघु उद्यमों को एक ही छत के नीचे लाया जाए। विभाग विशेष द्वारा दी जा रही सब्सिडी और सुविधाएं देने में भी एकरूपता की नीति लागू कर सकते हैं।     विभाग सभी योजनाओं को एक जैसा बनाएं। स्किल्स बैंक बनाएं जिसमें सभी ट्रेड के हुनरमंद या प्रशिक्षित फोर्स को समाहित करें, उद्योगों को वर्कर फोर्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों से हुआ साढ़े चार हजार करोड़ से अधिक का व्यापार बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कानक्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई। पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स ,टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है। एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की अनुदान राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं। भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है। गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है। इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश में शासकीय भूमि पर निजी विकासक द्वारा 11 क्लस्टर स्वीकृत किए गए। निजी भूमि पर 24 क्लस्टर स्वीकृत हुए हैं जिनमें 2100 से अधिक भू-खण्ड होंगे। प्रदेश के 5 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 291 भू-खण्ड और 6 औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा।  

रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थीं, उनके सम्मान में हो रही सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण को प्रतीक थीं। उनके सम्मान में संग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जन्म वर्षगाँठ के अवसर पर हमने पूरे साल अलग-अलग प्रकार के कार्य करने का निर्णय किया था। मुझे इस बात का संतोष है कि सरकार के गठन के साथ ही जनवरी को पहली कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती और वीरांगना रानी अवंतीबाई के नाम पर जबलपुर में की थी। उसके बाद अ‍ब 5 अक्टूबर को जन्म दिवस के अवसर पर वीरांगना रानी दुर्गावती की पहली राजधानी सिंग्रामपुर में शनिवार को मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें गौरवान्वित होना चाहिये कि हमारी वीरांगना रानी दुर्गावती ने देश की उस समय की कठिन परिस्थितियों में न केवल सुशासन बल्कि वीरता की भी बड़ी मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के सभी विरोधियों से न केवल डटकर मुकाबला किया बल्कि सुशासन की भी मिसाल पेश की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इससे बड़ा उदाहरण कोई नहीं हो सकता है कि रानी दुर्गावती ने अपने राज्य की रक्षा करते हुए एक प्रकार से बहनों को साथ लेकर सेना का नेतृत्व किया। दुश्मनों से मुकाबला किया, जब मौका मिला तो देश पर अपने आपको कुर्बान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर “श्रीअन्न प्रोत्साहन की एक नई योजना” का शुभारंभ भी हो रहा है जिसमें वर्ष 2024-25 में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए मोटे अनाज की फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों की राज्य सरकार मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी गतिविधियों के पीछे भाव यह है कि हम अपने अतीत के उन सभी गौरवाशाली महापुरुषों और वीरांगनाओं को याद करें जिनसे हमारा देश और प्रदेश गौरवान्वित हुआ है।    

रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है

सिंग्रामपुर के लिये 5 अक्टूबर का दिन होगा अभूतपूर्व :मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी दुर्गावती के सिंहासन कक्ष से प्रेरित पहली ओपन-एयर कैबिनेट रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है भोपाल राज्य शासन ने मातृ शक्ति को पूर्ण सम्मान देते हुए स्वतंत्रता संग्राम, सुशासन, साहस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र के लिये योगदान देने वाली वीरांगनाओं, शासिकाओं की स्मृति में विविध प्रयास किए जा रहे हैं। पहले इन्दौर में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह पूर्व मनाई गई। अब दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक दमोह के सिंग्रामपुर में उनकी जयंती पर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पूरा मंत्रीमण्डल और उच्च प्रशासनिक अमला 5 अक्टूबर का दिन दमोह के सिंग्रामपुर में बितायेंगे। यहां कैबिनेट बैठक के साथ सभी मंत्रीगण विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।     सिंग्रामपुर में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक।     प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में अनुदान राशि का अंतरण।     विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन।     ग्राम हरदुआ जामशा विकासखंड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     सिंगौरगढ़ किला, निदानकुण्ड जल प्रपात, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर का भ्रमण।     कैबिनेट स्थल का डिजाईन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को करेगा प्रतिबिंबित रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में, सिंग्रामपुर में एक भव्य ओपन-एयर कैबिनेट बैठक होगी, जो रानी दुर्गावती के सुशासन, उनकी कार्यकुशलता और महिलाओं के सशक्तिकरण से प्रेरित है। इस बैठक का डिज़ाइन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें एक किला-नुमा प्रवेश द्वार और शिव मंदिर भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब कैबिनेट की बैठक एक खुले क्षेत्र (ओपन एरिया) में आयोजित की जा रही है, जो रानी दुर्गावती के समय की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यहां की आर्किटेक्चरल छत और दीवारें रानी के जीवन की संपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगी, जिसमें नारी युद्ध, प्रगतिशील शासन, और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया जाएगा। इस आयोजन की डिज़ाइन में शानदार पत्थर की दीवारें, मेहराबदार खिड़कियाँ और एक मध्यकालीन किले की प्रामाणिकता को दर्शाने वाले तत्व शामिल होंगे। सजावट गोंड कला से प्रेरित होगी, जो रानी दुर्गावती के सिंग्रामपुर क्षेत्र के गोंड समुदाय के साथ उनके गहरे संबंध को उजागर करेगी। खाद्य क्षेत्र को एक पारंपरिक गोंड गाँव के आँगन की तर्ज पर सजाया गया है, जहाँ मेहमान पेड़ों के नीचे बैठकर, हटा से लाए गए प्राचीन कांसे के बर्तनों में परोसा गया भोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, मंत्रियों के लिए विशेष कार्यालय गोंड कला और भित्ति चित्रों से प्रेरित होकर बनाए जा रहे हैं, जो कार्य-क्षमता और सांस्कृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करेंगे। सिंग्रामपुर के भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों का स्वागत स्थानीय जनजातीय सांस्कृतिक टीम द्वारा पारंपरिक शैली में किया जाएगा, जो क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और जीवंत आत्मा को उजागर करेगा।  

मध्यप्रदेश सरकार ने 23.4 प्रतिशत बढ़ाया जनजातीय विभाग का बजट

जनजातियों के समग्र विकास के लिये तत्पर मध्यप्रदेश सरकार 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया जनजातीय विभाग का बजट भोपाल समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये का बजट पारित किया है। जनजातियों के समग्र विकास के लिये पारित यह बजट वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। जनजातीय बंधुओं और इनकी पुरा संस्कृति के संरक्षण और समयानुकूल विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से ही जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। पीएम जन-मन अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन में इन विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुडे कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने जारी साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रूपये दिये हैं। पीवीटीजी बटालियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्णय लिया है कि जनजातीय कार्य विभाग की शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिये अलग से बटालियन गठित की जायेगी। साथ ही इस समूह के इच्छुक युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के युवाओं को रोजगार एवं सेवा से जोड़ने के लिये पीवीटीजी बटालियन बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति पीवीटीजी समूह में आती हैं। इसी प्रकार आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के लिये प्रशिक्षण योजना में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं को नेवी, आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य निजी सुरक्षा एजेन्सियों में भर्ती कराने के लिये इन्हें प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आहार अनुदान योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रूपये प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। पीवीटीजी क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी की जायेगी स्थापित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित कराने के लिये फ्री-कोचिंग दी जायेगी। इसके लिये सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखंडों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। इस अकादमी के जरिये जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देकर इन्हें परीक्षाओं में सफल होने के गुर सिखाए जायेंगे। शासन से स्वीकृति मिलते ही रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी प्रारंभ कर दी जायेंगी। आकांक्षा योजना “एक सराहनीय पहल” वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को ‘आकांक्षा योजना’ के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं। तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिये कार्यरत हैं पृथक-पृथक विकास प्राधिकरण जनजातीय कार्य विभाग में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विकास के लिए योजना बनाने एवं इनका क्रियान्वयन के लिये एजेन्सी भी कार्यरत है। इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये योजना बनाने एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिये प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया पीवीटीजी के लिये पृथक-पृथक विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत हैं। पेसा नियमों से एक करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी को मिल रहा लाभ पेसा एक्ट में मध्यप्रदेश में पेसा नियम, नवम्बर 2022 से लागू हैं। यह नियम प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 गावों में लागू है। इन नियमों में प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। पेसा से जनजातीय वर्ग अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं, अपनी संस्कृति और जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे। पेसा नियमों के क्रियान्वयन से जनजातीय समुदाय के एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हो रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिये सरकार के महती प्रयास कक्षा पहली से आठवीं तक प्री-मेट्रिक राज्य छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 17 लाख 36 हजार 14 विद्यार्थियों को 56 करोड़ 59 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 9वीं और 10वीं केन्द्र प्रवर्तित प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 1 लाख 51 हजार 292 विद्यार्थियों को 52 करोड़ 15 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे … Read more

दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल, ग्रामीण अंचलो से लिए जायेंगे जनहितकारी निर्णय जिला प्रशासन द‌मोह ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति जिला प्रशासन ने कैबिनेट की तैयारियों को दिया अंतिम रूप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए राजधानी भोपाल से परे संभागीय और आंचलिक क्षेत्रों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ कैबिनेट की बैठकें करने की पहल की है। मोहन सरकार की राजधानी के बाहर पहली कैबिनेट बैठक जनवरी 2024 को जबलपुर में हो चुकी है। इसी क्रम में अगली कैबिनेट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होने जा रही है। जिला प्रशासन द‌मोह द्वारा सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का योगदान ऐतिहासिक रहा है। द‌मोह जिले सिंग्रामपुर गाँव के नजदीक सिंगौरगढ़ का किला है। यह क्षेत्र रानी दुर्गावती की राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है। वीरांगना दुर्गावती के 500वें जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक करने का निर्णय लिया गया है। आगामी 5 अक्टू‌बर को राज्य मंत्री-मंडल के सभी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सिंग्रामपुर पहुंचेंगे, जहाँ प्रदेश के विकास लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा ग्राम सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक साथ लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बहनों से संवाद भी किया जायेगा। सिंग्रामपुर क्षेत्र का करेंगे भ्रमण सिंग्रामपुर और उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा। इसमें रानी दुर्गावती के किले का अवलोकन, रानी मंदिर में पूजा-अर्चना और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी मंत्रीगण यहाँ पौध-रोपण भी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में नागरिको की समस्याओं के निराकरण, सुशासन, विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी काही योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की संभागवार समीक्षा बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली समीक्षा बैठक 17 सितम्बर 2023 को उज्जैन मुख्यालय पर ली। इसी क्रम में अन्य संभागों में भी समीक्षा बैठकें ली जाकर मैदानी स्तर पर प्रशासनिक और योजनाओं के क्रियान्वन की स्थिति को आंका गया। अन्य गतिविधियां दमोह दर्शन पुस्तक का विमोचन।     संकट के साथी एवं दमोह हेल्पलाईन मोबाईल एप की शुभारंभ।     विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण।     दमोह जिले के विज़न डाक्यूमेंट का विमोचन।     दमोह जिले की उपलब्धियों के वीडियो का प्रदर्शन।     70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड योजना का शुभारंभ।     सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में राशि का भुगतान।     विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण।     ग्राम हरदुआ जामशा, विकासखण्ड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करने वाली टीम का सम्मान।     स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों से संवाद।  

राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है

भोपाल मप्र सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट पॉलिटिक्स का अगला पड़ाव दमोह का सिंग्रामपुर बनने जा रहा है, जहां नवदुर्गा के तीसरे दिन 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। इस दिन वीरांगना रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती है। राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में मोहर लग सकती है। यहां दुर्गावती के नाम पर संग्रहालय, ऑडिटोरियम, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई की स्थापना और पेयजल और सिंचाई के लिए तालाब निर्माण के प्रस्तावों समेत बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ घट रही दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती के नाम पर वुमन सेफ्टी से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सिंग्रामपुर में हिल टॉप एक हेलीपैड का निर्माण किया गया है। रानी दुर्गावती के सम्मान में वुमन सेफ्टी से जुड़ा नया कदम उठा सकती है सरकार तीसरी डेस्टिनेशन कैबिनेट सिंग्रामपुर कैबिनेट मीटिंग मोहन सरकार की तीसरी डेस्टिनेशन केबिनेट होगी। इससे पहले उज्जैन और जबलपुर में भी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मोहन यादव अगली कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या देवी के 300वें जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी राजधानी रहे खरगोन के ऐतिहासिक शहर महेश्वर में करने की घोषणा कर चुके हैं। 31 मई 2025 को होल्कर रियासत की महान शासक अहिल्या देवी की 300वीं जयंती है। शिवराज , कमलनाथ भी कर कर चुके ऐसी कैबिनेट बैठकें कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में तत्कालीन सीएम कमलनाथ भी उज्जैन और जबलपुर में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी अपने कार्यकाल में उज्जैन और पचमढ़ी में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। मोहन सरकार की पिछली दो डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें उज्जैन कैबिनेट- सरकार बनने पर दिसंबर माह में मोहन सरकार की पहली केबिनेट बैठक उज्जैन में हुई थी। इस बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन शहर से जुड़ी विकास योजनाओं को प्रमुखता से मंजूरी दी गई थी। जबलपुर कैबिनेट: यह 3 जनवरी को हुई थी। तब यहां 800 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरीडोर, 400 करोड़ से आईटी पार्क और 65 करोड़ की लागत के गारमेंट और फैशन डिजाइन क्लस्टर के विकास को मंजूरी दी गई थी। जबलपुर में नर्मदा के 17 घाटों को हरिद्वार की तरह विकसित करने और रानी दुर्गावती की जीवनी को मप्र के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर में 409.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण भी किया था। बरगी डेम के प्रभावित 10 ग्राम के 1414 परिवारों को भू-अभिलेख के पट्टे भी दिए थे।  

कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई

स्वच्छता दिवस कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का अवलोकन किया कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई भोपाल भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए स्वच्छता कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी, स्वच्छता उपकरण और ट्रिपल-आर ऑन व्हील आकर्षण का केन्द्र रहे। स्वच्छता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम भोपाल के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर बनाई गई सामग्री का अवलोकन किया। ट्रिपल-आर ऑन व्हील कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई थी। इस वाहन पर रेखा खरे, विशाखा सिलाई मशीन के साथ बैठी थीं। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रिपल-आर अर्थात रि-ड्यूस, रि-यूज और रि-सायकल के तीन केन्द्र भोपाल के बोट क्लब, 10 नम्बर बस स्टॉप और विट्ठल मार्केट पर निंरतर संचालित हो रहे हैं। नगर निगम भोपाल में अब इस सुविधा को वाहन के साथ चलित सेवा बना दिया है। रेखा बताती हैं कि चलित वाहन के जरिये जन-सामान्य को पॉलिथिन के उपयोग न करने की समझाइश दी जायेगी और जन-सामान्य द्वारा दी जाने वाली अनुपयोगी कपड़ों से थैले बनाकर दिये जायेंगे। रेखा बताती हैं कि बेकार इलेक्ट्रिक सामान और वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग कचरे को संग्रहण किये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही अन्य बेकार सामग्री से कॉपी-किताबों के कवर और डेकोरेशन की सामग्री तैयार की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी प्रशंसा की। सुअरूणा सिंह स्टार्ट-अप कंपनी से बना रही हैं खिलौने प्रदर्शनी स्थल पर सुअरूणा सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उनकी स्टार्ट-अप कंपनी भोपाल में बच्चों को ईको फ्रेंडली खिलौने उपलब्ध करा रही है। उनकी कंपनी में 20 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उनके ज्यादातर खिलौने लकड़ी से ही तैयार होते हैं। इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। वे बताती हैं कि खिलौनों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, भौगोलिक ज्ञान के लिये नक्शे एवं दिमागी कसरत के अनेक खिलौने बनाती हैं। उन्होंने जबलपुर इंजीनियिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है। सुअरूणा स्वयं का व्यवसाय करना चाहती थीं इसलिये उन्होंने स्टार्ट-अप कंपनी शुरू करने का विचार बनाया और अब सफलतापूर्वक कंपनी का संचालन कर रही हैं। पीएम स्व-निधि से तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पीएम स्व-निधि योजना से लाभान्वित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने वस्तुओं का प्रदर्शन किया। सुप्रीति राव ने भोपाल की प्राचीन कारीगरी से तैयार जरदोजी़ सामग्री का प्रदर्शन किया। वे बताती हैं कि यह काम सारे हिन्दुस्तान में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि उनके समूह ने ‘वन प्रोडक्ट – वन रेलवे स्टेशन’ कार्यक्रम में भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर प्रदर्शित जरदोजी सामग्री को यात्रियों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। इनके साथ ही अन्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फूड आइटम और हैण्डलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया। आज प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बना रहीं हैं। प्रदर्शनी स्थल पर नारियल जूट से तैयार सामग्री का भी प्रदर्शन किया गया।

प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल संबोधन के साथ आरंभ हुआ स्वच्छता दिवस समारोह स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना में 685 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी हमें स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से हैं समर्पित मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के समापन कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में स्वच्छ भारत दिवस-2024 के अवसर पर नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम के क्रम में भोपाल में आयोजित स्वच्छता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर द्वार स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से जुड़े महापुरुषों भगवान राम, राजा भोज, राजा विक्रमादित्य, सम्राट अशोक आदि के नाम पर इन द्वारों का नामकरण किया जाएगा। भोपाल नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत की 19 परियोजनाओं का भूमि-पूजन और भोपाल नगर निगम के उपकरणों तथा विभिन्न विकास कार्यों को लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म-दिवस 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना अंतर्गत प्रदेश के लिए 435 करोड़ रूपए की लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के भूमि-पूजन और लोकार्पण के लिए उनका आभार माना। इस अवसर पर आदर्श गौ-शाला ग्वालियर के 100 टन क्षमता बॉयो सीएनजी प्लांट का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता ही सेवा-2024 अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिक व संस्थाओं को सम्मानित किया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में नगर निगम उज्जैन को थ्री-स्टार रेटिंग मिलने पर उज्जैन के 2 हजार 115 सफाई मित्रों को प्रोत्साहन स्वरूप 3-3 हजार रुपये की राशि प्रदान करने के लिए 63 लाख 45 हजार रुपये की राशि सिंगल क्लिक से नगर निगम उज्जैन को अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के स्वच्छता मित्रों से वर्चुअली आत्मीय संवाद किया तथा कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम शासकीय सेवा में कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 125 नए डोर-टू-डोर सीएनजी वाहनों, 6 नए हुक लोडर, दो श्रेडर मशीन तथा एक लिटर पिकिंग मशीन का अवलोकन किया तथा मंच से झंडी दिखाकर उनका लोकार्पण किया। अमृत योजना और “रि-ड्यूस, री-यूज, रि-साइकिल” पर केंद्रित रही प्रदर्शनी : तीन लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती “स्वच्छता दिवस” पर स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में प्रदेश में स्वच्छता के लिए संचालित गतिविधियों, अमृत योजना और रि-ड्यूस- रि-यूज- रि-साइकिल पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई सौगातों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए प्रदेश में जारी गतिविधियों और स्वच्छता ही सेवा अभियान संबंधी गतिविधियों पर तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम किशन सूर्यवंशी उपस्थित हैं। चुनौती भरा और जीवट वाला है स्वच्छता कर्मियों का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 10 वर्ष पूर्व 15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का विषय उठाना अभिनंदनीय है। भारतीय संस्कृति उत्तम सुख-निरोगी काया के सिद्धांत में विश्वास करती है और स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। हमें स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से समर्पित हैं। उनका कार्य चुनौती भरा और जीवटता वाला है, जैसे सेना का सिपाही देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को कुर्बान कर देता है उसी प्रकार सफाई कर्मी, स्वच्छता और समाज को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं। इसी का परिणाम है कि 19 सितम्बर को उज्जैन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया गया। स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाँव-गाँव में शौचालय निर्मित करवाकर महिलाओं को बड़ी समस्या और पीड़ा से राहत पहुंचाई है। राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह कार्य सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के विचारों को क्रियान्वित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में 413 नगरीय निकायों में 42 हजार 500 से अधिक स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। प्रदेश में 968 ब्लैक स्पॉट का उन्मूलन और सौन्दर्यीकरण हुआ तथा 800 से अधिक शालाओं में एक लाख से अधिक छात्रों के बीच स्वच्छता संवाद कार्यक्रमों से जन-जागरूकता फैलाई गई। प्रदेश में नगरीय‍निकायों की स्टार रैकिंग प्रणाली के तहत उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। मध्यप्रदेश, देश में स्वछतम राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा – मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच के परिणाम स्वरुप ही स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप प्रदान किया जा सका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक गतिविधियों और त्यौहारों के माध्यम से विकास और जन-कल्याण के साथ-साथ स्वच्छता को संस्कार के रूप में अंगीकार करने के लिए प्रदेशवासियों को प्रेरित किया है। स्वच्छता को आदत के रूप में अपनाना और स्वच्छता कर्मियों का … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. शास्त्री को जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ओल्ड विधानसभा चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने भाव व्यक्त करते हुए लिखा है कि “जय जवान, जय किसान का नारा देकर भारत को एक नयी शक्ति एवं ऊर्जा से भर देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय शास्त्री , राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए अंतिम सांस तक एक निष्काम कर्मयोगी की भांति कार्यरत रहे। आपके ओजस्वी विचार और आदर्श जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”  

सीएम मोहन यादव की उद्योगपतियों की समस्या का समाधान करने में विशेष रूचि, दमोह से हुई इसकी शुरुआत

दमोह मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए सरकार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिला कलेक्टर को भी औद्योगिक विकास में पूरे सहयोग की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इसी के चलते अब कलेक्टर भी उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे आ रहे हैं. दमोह में कलेक्टर ने प्रति सोमवार उद्योगपतियों के लिए 2 घंटे का समय तय किया है. मध्य प्रदेश में अभी तक चार जगह रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो चुका है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में आयोजन किया जा चुका है. इसके अलावा अब नर्मदा पुरम सहित कई संभागीय मुख्यालय पर आयोजन की तैयारी की जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संभागीय मुख्यालय के बाद अब फिर जिला स्तर पर आयोजन होंगे और औद्योगिक विकास की समीक्षा भी की जाएगी. उन्होंने सभी जिले के कलेक्टरों को भी औद्योगिक विकास को लेकर जिले में औद्योगिक प्रोत्साहन केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं. उद्योगपतियों से मिलने के लिए रखा गया है समय इसके अतिरिक्त सीएम मोहन यादव ने उद्योगपतियों की समस्या का समाधान करने में विशेष रूचि दिखाने को भी कहा है. इसी के चलते दमोह से इसकी शुरुआत हो चुकी है.  दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि उद्योगपतियों के लिए प्रति सोमवार सुबह 10 से 11 और शाम को 4:00 से 5:00 का समय मिलने के लिए रखा गया है. इस समय वे अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि प्रति मंगलवार मध्य प्रदेश सरकार लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए सभी विभागों की जनसुनवाई करती है. अब सोमवार को उद्योगपतियों की जनसुनवाई शुरू हो गई है. दमोह कलेक्टर ने क्या कहा? दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि सागर में रीजनल इन्वेस्टर कॉन्क्लेव के बाद दमोह में भी औद्योगिक विकास की अपार संभावना है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से उद्योगपतियों को कमिटमेंट किया गया है, उसी को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्या का समाधान करने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है. इस दिन उनके दफ्तर में आने वाले उद्योगपतियों को पल भर का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा. उनके सीधे जिला कलेक्टर से मुलाकात होगी और उनकी समस्या का नियम अनुसार समाधान भी किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि एकल खिड़की से उद्योगपतियों को उद्योग खोलने के लिए समस्त सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया

ग्रामीण क्षेत्रों में जन-आंदोलन बना “स्वच्छता ही सेवा अभियान” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता अभियान में किए गए कई उल्लेखनीय कार्य और नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना इस मिशन की एक प्रमुख सफलता रही। मध्यप्रदेश ने ग्रामीण स्वच्छता में कई विशिष्ट उपलब्धियां हासिल की है। प्रदेश में 70 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कर संपूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। मिशन के दूसरे चरण में प्रत्येक ग्राम की ओडीएफ की स्थिति को निरंतर रखते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट का निपटान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती एवं स्वच्छ भारत मिशन की 10 वीं वर्षगांठ पर स्वच्छता के दृष्टिकोण को शासकीय एवं सामुदायिक प्रयासों से जन-जन तक पहुंचाने के लिए “स्वच्छता ही सेवा” अभियान पखवाड़ा 17 सितंबर से प्रारंभ किया गया, जो 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर समारोह के साथ सम्पन्न होगा। जन-भागीदारी से लोगों को किया जागरूक स्वच्छता ही सेवा अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये कई जन-प्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, आम नागरिकों ने एकजुटता दिखाई। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने छिंदवाड़ा जिले के छिंदी ग्राम से “स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील सेवा” का शुभारंभ किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने रीवा में स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होकर स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रेरित किया। राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर संपूर्ण स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का संदेश पहुंचाया। स्वच्छता शपथ के साथ हुईं स्वच्छता चौपालें स्वच्छता शपथ, स्वच्छता चौपाल, स्वच्छता रैली, स्वच्छता के लिये श्रमदान स्वच्छता संवाद, प्रतियोगिताएँ, खेल लीग, एक पेड़ माँ के नाम, घर-घर जागरूकता इत्यादि गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता में जन-भागीदारी की गतिविधियां की गई, जिसमें 40 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। स्वच्छता लक्षित इकाइयों का चिन्हांकन अभियान मेंऐसे स्थान जहां कूड़े-कचरे का ढेर था, उन स्थानों का चिन्हांकन कर स्वच्छ स्थानों में परिवर्तित किया गया। ऐसी 19 हजार 742 स्वच्छता लक्षित इकाइयों को 12 लाख 77 हज़ार लोगों की जन-भागीदारी से स्वच्छ साईट में परिवर्तित किया गया, जिससे खुले में पड़े 10 हजार 681 टन कचरे का सुरक्षित निपटान हुआ। अब तक 333 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का जन-भागीदारी से संग्रहण किया जाकर सुरक्षित निपटान किया गया है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधित बनाकर 400 से अधिक ग्रामों को मॉडल श्रेणी में ओडीएफ़ प्लस घोषित किया जा चुका है। सफाई सुरक्षा मित्रों के योगदान को दी गई मान्यता अभियान का विशेष पहलू यह रहा कि सफाई कर्मियों और सफ़ाई मित्रों के योगदान को मान्यता दी गई। उनके स्वास्थ्य एवं सम्मान के लिए 1549 सफाई मित्र सुरक्षा शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 42 हजार 466 सफ़ाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं 24 हजार 655 सफ़ाई मित्रों को सुरक्षा उपकरणों एवं पीपीई किट का वितरण किया गया। नर्मदा नदी के किनारे 776 ग्राम ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित नर्मदा नदी के किनारे बसे 884 ग्रामों में घाटों की साफ़-सफ़ाई, आस-पास के क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री बनाये जाने एवं सिंगल यूज्ड प्लास्टिक कचरे का संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। नर्मदा नदी किनारे के 776 ग्राम तथा पर्यटन महत्व वाले सभी 117 ग्राम ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित हो चुके हैं। आगे की राह प्रदेश के सभी ग्रामों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं का अयोजन होगा। इसमें स्वच्छता पखवाड़े में हासिल उपलब्धियों से ग्रामवासियों को अवगत कराया जाएगा तथा स्वच्छता परिसंपतियो का शिलान्यास और कचरा वाहनों का लोकार्पण किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पुणे में होगी रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा पुणे में मंगलवार को होने जा रही है। राष्ट्रीय चर्चा “पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर और उनके जन-कल्याणकारी सुशासन’ विषय पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुणे में शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे। जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में होगी। रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहेंगे। चर्चा में शाम को व्याख्यान-सत्र होगा। इसमें मुख्य वक्ता पद्मसे सम्मानित मा. निवेदिता ताई भिडे उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी रहेंगी। व्याख्यान-सत्र की अध्यक्षता डॉ. देवीदास पोटे प्रतिष्ठित लेखक एवं चरित्रकार करेंगे। समापन-सत्र को श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव संबोधित करेंगी। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठान ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ 68 लाख रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5डी-शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य, स्व-धर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में 100 लोग देख सकते हैं। तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंडस्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा मिला है। अब तक 70 हज़ार से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं।  

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