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प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास को मिलेगा बल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुचंद्रिका, प्रदान से सुअर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुजॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पदोन्नति प्रक्रिया में सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का रखा गया ध्यान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंत्रि-परिषद की बैठक में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति के लंबित मसले को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारी के 9 साल से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित सभी वर्गों के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों का समुचित ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदोन्नति होने के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन रिक्त पदों पर नए सिरे से भर्तियां की जाएंगी।  

MP के कर्मचारी अधिकारियों को लेकर आज बड़ा फैसला, 9 सालों का सपना होगा पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों के हक में प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है. पिछले 9 सालों से अटके प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव को आज कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारियों के प्रमोशन शुरू हो सकेंगे. आज होने जा रही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. 10 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन किया जा चुका है. इससे जुड़े सभी पक्षों से भी राज्य शासन चर्चा कर चुकी है. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद पदोन्नति में आरक्षण का नियम लागू हो जाएगा. नए प्रारूप में किए गए कई प्रावधान राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए प्रमोशन में आरक्षण के प्रारूप में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार की कोशिश है कि सभी कर्मचारियों को समान रूप से इसका लाभ मिल सके और किसी के भी हितों को बहुत ज्यादा नुकसान न हो. प्रारूप में तय किया गया है कि पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया जाएगा. इसके अलावा पदोन्नति के बिना रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को भी नए नियमों का लाभ नहीं दिया जाएगा. सबसे पहले भरे जाएंगे एससी-एसटी के पद प्रारूप में तय किया किया गया है कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए सबसे पहले अनुसूचित जाति के 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता है तो किसी दूसरे वर्ग को इस पद पर लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे. हर साल होगी डीपीसी पदोन्नति के लिए हर साल डीपीसी की जाएगी. इसके लिए 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण करने के बाद हर साल 1 जनवरी को खाली होने वाले पदों का निर्धारण होगा और इन पदों पर प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा. डीपीसी हर साल सितंबर से नंवबर के बीच होगी.   अलग-अलग तैयार होगी लिस्ट प्रमोशन के लिए क्लॉस 1 अधिकारियों और क्लॉस 2 अधिकारियों के लिए अलग-अलग लिस्ट तैयार होगी. क्लास वन अधिकारियों के लिए पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए सीनियरिटी कम मैरिट को आधार बनाकर सूची तैयार की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लाड़ली बहनों और माताओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रूपए शगुन दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात लाड़ली बहना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को मिली 2081 करोड़ से अधिक की राशि 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को 341 करोड़ रूपये 27 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रिफलिंग के लिए 39.14 करोड़ रूपये की अनुदान राशि हुई अंतरित 6 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रूपये की अनुग्रह राशि अंतरित राज्य सरकार वीरांगनाओं के नाम पर चला रही है योजनाएं शहपुरा में एसडीएम/एसडीओपी कार्यालय की घोषणा मुख्यमंत्री ने 22.44 करोड़ रूपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में हुए शामिल जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों को मान-सम्मान और उनका वाजिब हक दिलाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा हर महीने बहनों के खातों में राशि भेजकर बहनों का रक्षाबंधन मनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में लाड़ली बहनों को 250 रूपए बढ़ाकर दिया जाएगा, जिससे ताकि बहनें उत्साह पूर्वक त्यौहार मना सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर जिले के बेलखेड़ा गांव में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के जरिये 2081 करोड़ रूपसे से अधिक की सम्मान एवं सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास का संकल्प लिया है। जबलपुर क्षेत्र महारानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं की धरती है। हमारी सरकार ने इन वीरांगनाओं के नाम पर योजनाएं चलाई हैं। इनका लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना ही हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरे देश सहित मध्यप्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किश्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित किये। योजनान्तर्गत लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किश्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके बैंक खाता में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों की जिंदगी को बेहतर करने मध्यप्रदेश सरकार प्रति महीने साढ़े पंद्रह सौ करोड़ रुपए अंतरित करती है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 30 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि बहनों को दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि, 27 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की अनुदान राशि और मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 6 हजार 821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही करीब 22 करोड़ 44 लाख रूपये के विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी विधायक नीरज सिंह के अनुरोध पर बेलखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ करने और शहपुरा में अनुविभागीय राजस्व कार्यालय व शासकीय कर्मचारियों के आवास भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शहपुरा में एसडीओपी की पदस्थापना की भी घोषणा की। बहनों के आशीर्वाद से धन्य हुई जिंदगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद मिल जाए तो जिंदगी धन्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाई अकेले अपने घर को गौरवान्वित करता है जबकि बहनें ससुराल और मायके दोनों घरों का गौरव बनती हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहने घर-परिवार के लिए समर्पण करती हैं और परिवार में बच्चों को बड़ा करने में माताओं और बहनों की भूमिका देवतुल्य होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की गौरवशाली संस्कृति रही है। हमारे यहां सात जन्मों की कसमों के साथ विवाह की रस्में होती हैं। सबको पक्का आवास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांव, पहाड़ और नगर में रहने वाले, कच्चे और टूटे छत के मकान में रहने वाले सभी लोगों को पक्का मकान देने का काम किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना से हमारी माताओं और बहनों की आंखों को धुएं से मुक्ति दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गैस रिफिलिंग के तहत प्रदेश की 27 लाख से अधिक बहनों के खाते में भी आज 39.14 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत अब हर घर नल से जल पहुंच रहा है इससे माताओं और बहनों को कुंए और दूर दराज के जल स्त्रोतों से पानी लाने के कष्ट से निजात मिली है। मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना में भी बेटियों को बराबरी का दर्जा मिल रहा है। गरीबों को मिल रहा निःशुल्क खाद्यान्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेडीमेड गारमेंट के माध्यम से व्यवसाय करने वाली बहनों को 5 हजार रूपए अलग से देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी खरीदने पर प्रति क्विंटल 1 हजार रुपए का बोनस देना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1 करोड़ 33 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न देने का काम भी सरकार कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, लिखाई की जवाबदारी सरकार निभा रही है। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यालयों में सभी प्रकार … Read more

कभी सोचा नहीं था कि मेरी दुकान में चाय पीने.. आयेंगे मुख्यमंत्री

जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के बेलखेड़ा में सोमवार को राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में शामिल होने के बाद सड़क मार्ग से डुमना विमानतल के रास्ते में काफिला रूकवाकर अंध-मूक चौराहा स्थित शंकर चाट भंडार के स्टॉल पर चाय का आनंद लिया। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं अखिलेश जैन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदार ब्रजेश लोधी से कुशलक्षेम पूछीं और उनके परिवार और व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अकस्मात् अपनी दुकान में पाकर ब्रजेश प्रफुल्लित हो उठे, उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी छोटी सी दुकान में स्वयं मुख्यमंत्री चाय पीने आए हैं। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उसके जैसे छोटे दुकानदार से भी बड़ी ही आत्मीयता से मिले। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुशी हुई, हमारे मुख्यमंत्री बड़े सहज और सरल स्वभाव के हैं।।  

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस द्वारा साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान “ग्रांड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारिओस थर्ड” से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जाना 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व एवं स्वाभिमान का विषय है। यह विश्व मित्र भारत का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अमूल्य एवं अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों की ओर से भी प्रधानमंत्री श्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक कला संग्रहालय की स्वीकृति पर श्रृंगेरी शारदा पीठम ने माना आभार राज्य सरकार ने एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के लिए स्वीकृत किए 2195 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय, मूंग एवं उड़द का 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य

किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिये सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किये जाने संबंधी निर्णय लेकर प्रस्ताव केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजा है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन 19 जून से प्रारंभ होगा। इस संबंध में संबंधित विभाग एवं एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये कृषि आधारित उद्योग लगाने में भी मदद कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिये प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान संघों से हुई चर्चा में आश्वस्त किया कि हम सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की बेहतरी के लिये डबल इंजन की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सरकार किसानों को अगली फसल के लिये भी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत बीज और उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में निरंतर कृषि मेलों का आयोजन कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य कृ‍षि लागत एवं मूल्य आयोग भारत सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8682 रूपये प्रति क्विंटल और उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7400 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। राज्य किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा केन्द्र को भेजे गये प्रस्ताव में किसानों का पंजीयन, उपार्जित फसल की गुणवत्ता, परिवहन, भुगतान के साथ प्रचार-प्रसार की कार्य-योजना भी प्रेषित की गई है। 36 जिलों में मूंग और 13 जिलों में उड़द प्रदेश के 36 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक मूंग फसल कटाई और प्रदेश के 13 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक उड़द फसल की कटाई की जाती है। प्रदेश में मूंग का संभावित क्षेत्राच्छादन 14.35 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 20.23 लाख मीट्रिक टन है। इसी प्रकार उड़द का संभावित क्षेत्राच्छादन 0.95 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 1.24 लाख मीट्रिक टन है। एमएसपी पर पंजीयन प्रक्रिया न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जाने वाली मूंग एवं उड़द के लिये संबंधित किसानों को पंजीयन के लिये किसान की फसल का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, आईएफसी कोड सहित भूअधिकार ऋण पुस्तिका की स्व-प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगी। बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा का होना अनिवार्य है। सिकमी/बटाई काश्तकार को पंजीयन के लिये आवेदन के साथ सिकमी के अनुबंध की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करना होगी। किसानों से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की उपार्जित मात्रा के भुगतान के लिये कम्प्यूटराईज प्रिंटेड रसीर उपार्जन करने वाली संस्था द्वारा प्रदाय की जायेगी जिसमें किसान का नाम, बैंक खाता क्रमांक तथा भुगतान योग्य राशि का विवरण होगा। इस रसीद पर उपार्जन केन्द्र प्रभारी के हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। समर्थन मूल्य पर उपार्जित मूंग-उड़द की एक समान विनिर्दिष्टियां भारत सरकार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एक समान विनिर्दिष्टियां के अनुरूप किया जायेगा। इसके अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के उपार्जन करने की जिम्मेदारी संबंधित उपार्जन करने वाली सहकारी संस्थाओं की होगी। निर्धारित मापदण्ड अनुसार उपार्जन सुनिश्चित करने के लिये सहकारी संस्थाओं/मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपण संघ मर्यादित भोपाल/म.प्र. वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, खाद्य, कृषि, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की गुणवत्त हेतु जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया जायेगा। साथ ही किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन की कीमत एवं समान विनिर्दिष्टियां का व्यापार प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे किसानों का ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द विचौलियों द्वारा कम दाम पर खरीदा न जा सके। उपार्जित फसल का परिवहन उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक मूंग-उड़द परिवहन करने के लिये परिवहनकर्ताओं की नियुक्ति एवं अनुबंध की कार्रवाई की जायेगी। उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन उपार्जन मात्रा की समीक्षा भी होगी। ई-उपार्जन साफ्टवेयर के माध्यम से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के परिवहन के लिये जारी रसीद पर परिवहनकर्ता की प्राप्ति कर उसे मूंग-उड़द सौंपा जायेगा। किसी कारणों से एजेंसियों द्वारा नियुक्त परिवहनकर्ता परिवहन करने में विफल होता है तो वैकल्पिक व्यवस्था जिला स्तरीय समितियों द्वारा की जायेगी। परिवहनकर्ता द्वारा विलम्ब से परिवहन करने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार उपार्जन एजेंसियों द्वारा पेनाल्टी लगाई जायेगी। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के‍लिये सुविधाएं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिये व्यवस्था उपार्जन समिति होगी, जो केन्द्र पर किसानों के बैठने के लिये छायादार स्थान, साफ पीने के पानी, शौचालय एवं फर्स्ट बॉक्स सुविधा उपलब्ध करायेगी। उपार्जन किये जाने वाले खाद्यान की गुणवत्ता परीक्षण के लिये आवश्यक उपकरण की व्यवस्था भी होगी। इसके लिये विस्तृत परीक्षण भी दिया जायेगा। उपार्जन केन्द्र पर एक बैनर लगाया जायेगा, जिसमें केन्द्र का नाम, एफएक्यू गुणवत्ता का मापदण्ड और भुगतान का उल्लेख होगा। जिन उपार्जन केन्द्रों पर अत्यधिक खरीदी की संभावना होगी, उन केन्द्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही निर्धारित केन्द्रों पर लैपटॉप, प्रिन्टर, बैटरी आदि को चालू अवस्था में रखा जायेगा।  

भारत-फ्रांस का समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा

भोपाल  फ्रांस और मध्यप्रदेश के बीच संस्कृति और पर्यटन क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष मुख्यमंत्री निवास, समत्व में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह मध्यप्रदेश को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग का नया केंद्र बनाएगा। इस ऐतिहासिक एमओयू पर भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ, प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला और अलायंस फ्रांसेज़ डी भोपाल के अध्यक्ष श्री अखिलेश वर्मा ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत और फ्रांस के साथ सम्बन्ध हमेशा से अच्छे रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फ्रांस दौरे के बाद यह और प्रगाढ़ हुए है। मध्यप्रदेश फ्रांस के साथ सांस्कृतिक संबंधों के साथ व्यापारिक सम्बन्धों के लिए भी तत्पर है। उनकी आगामी माह फ्रांस यात्रा प्रस्तावित है। भारत और फ्रांस के बीच औद्योगिक विकास की दृष्टि से, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और शिल्प कलाओं को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को न केवल देश की सांस्कृतिक राजधानी बल्कि एक प्रगतिशील, वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी दूरदृष्टि को साकार करता है। प्रदेश के कलाकारों को वैश्विक मंच मिलेगा और फ्रांस तथा यूरोप से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें मध्यप्रदेश सरकार के साथ इस महत्वपूर्ण सहयोग को स्थापित करते हुए बहुत खुशी हो रही है। फ्रांस मुख्य रूप से पर्यटन, सुरक्षा, पर्यावरण और शिक्षा पर विशेष रूप से कार्य करता है। यह एमओयू दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा, जिससे कला, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।”  एमओयू के तहत प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा, जिसमें कला उत्सव, संगीत, नृत्य, प्रदर्शनियां, फिल्म स्क्रीनिंग, खानपान और संस्कृति से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। प्रतिवर्ष एक समर्पित इंडो-फ्रेंच सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की पर्यटन प्रचार सामग्री का फ्रेंच भाषा में अनुवाद किया जाएगा और फ्रांसीसी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र के अधिकारियों और गाइड्स को फ्रेंच भाषा एवं संस्कृति का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह समझौता प्रदेश की सांस्कृतिक रणनीति को बल देगा और स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, छात्रों तथा सांस्कृतिक संगठनों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा, जिससे मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, फ्रांस के कौंसुल जनरल श्री जीन-मार्क सेरे-शार्ले, फ्रांसीसी दूतावास के राजनीतिक परामर्शदाता, श्री शाद जॉयनाल आबेदीन और अलायंस फ्रांसेज़ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भारत को प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और नवाचार की क्रांति का वैश्विक केंद्र-बिंदु बनाने के लिए संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान आधुनिक भारत की जीवन-रेखा बन चुका है। आज गांव हो या शहर, देश का हर कोना डिजिटल युग से कदमताल कर रहा है। बीते 11 वर्षों में, देश में डिजिटल इंडिया के माध्यम से ई-गवर्नेन्स, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परिभाषा लिखी गई है। इसके परिणाम स्वरूप योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अब सीधे आमजन तक पहुंच रहा है, बिचौलियों और भ्रष्टाचार को मात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सभी नागरिकों को गर्व है कि वैश्विक स्तर पर रियल टाइम डिजिटल लेन-देन में आज भारत की भागीदारी 49 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  

बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के प्रयासों में सरकार के सहभागी बनें नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के नागरिकों से आहवान किया है कि वे बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए अभावग्रस्त बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता प्रदान करने के प्रयासों में सरकार के सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर ‘एक्स’ पर कहा कि एक सभ्य समाज में बाल श्रम के लिए कोई स्थान नहीं है, इस सामाजिक अपराध पर अंकुश लगाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रमिक परिवारों के खातों में संबल योजनाओं की राशि करेंगे अंतरित आज अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये का होगा अंतरण मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। आज शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संबल योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। योजना अन्तर्गत प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 76 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है। योजना में अनुग्रह सहायता अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिये 16 हजार रुपये दिये जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है, जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है, जिसे लागू करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं, इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा हैं।  

प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक वन क्षेत्र और वन्यजीवों की विविधता से संपन्न राज्य है। भारत में सबसे अधिक बाघ (टाइगर) मध्यप्रदेश की धरती पर देखने को मिलते हैं। तेंदुआ (लेपर्ड) और गिद्ध (वल्चर) की संख्या भी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक है। प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों में मगरमच्छ और घड़ियालों का बसेरा है। प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण, जंगलों की रक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वन्य प्राणी संरक्षण सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति के साथ अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुजरात रवाना होने के पहले मीडिया में जारी एक संदेश में यह विचार रखे। संभाग स्तर पर आवश्यक हैं रेस्क्यू सेंटर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब वन्यजीव प्रेमियों के लिए मध्यप्रदेश में किंग कोबरा भी लेकर आए हैं। चीतों को पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर वन क्षेत्र में छोड़कर एक नया नेशनल पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक दो नए टाइगर नेशनल पार्क बनने और चीतों के साथ-साथ दूसरे वन्य जीवों की संख्या बढ़ने से संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर की आवश्यकता महसूस हो रही है। इन सेंटर्स की स्थापना के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक केवल एक रेस्क्यू सेंटर राजधानी भोपाल स्थित वन विहार में है। यहां प्रदेशभर से घायल और बीमार वन्यजीवों को इलाज के लिए लाया जाता है, लेकिन उनके अनुकूल वातावरण में बदलाव हो जाने के कारण कई बार परेशानियां आती हैं। वन्यप्राणियों की जीवन रक्षा और उनके जीवन में सुखद बदलाव लाने के लिए संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर शुरू करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश में जू़ की संख्या बढ़ेगी राज्य सरकार प्रदेश में चिड़ियाघरों अर्थात प्राणी उद्यान (जू़) की संख्या में भी वृद्धि करने जा रही है। बजट में दो प्राणी उद्यान की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात में देश का सर्वश्रेष्ठ जू एवं रेस्क्यू सेंटर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे गुजरात की अध्ययन यात्रा में जामनगर में वन्यजीवों की देखरेख के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे साथ ही वन्यजीवों का आदान-प्रदान कर उनके जीवन रक्षा की संभावनाएं भी तलाशेंगे। नागरिकों के साथ-साथ वन्यजीवों के प्रति भी संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कई विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में वेटनरी कोर्स और वेटनरी अस्पताल शुरू कर पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। निकट भविष्य में इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण का भी व्यापक अभियान प्रदेश में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि अगर किसी वन्यजीव के संकट में होने की जानकारी मिले या दिखाई दे तो नज़दीकी फॉरेस्ट ऑफिसर को सूचित करें। प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील है।

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