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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सौगात देने जा रही मोहन यादव सरकार, पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द होगा लागू

भोपाल  पिछले 9 सालों से पदोन्नति का रास्ता देख रहे मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार जल्द ही बड़ी राहत देने जा रही है. प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द ही लागू करने की तैयारी करने जा रही है. इसके प्रारूप को देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सभी मंत्रियों ने इसमें अपनी सहमति दे दी है. नए प्रारूप में तय किया गया है कि पहले जिनकी पदोन्नति हो चुकी है, उन्हें न तो रिवर्ट किया जाएगा और न ही रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. पदोन्नति में आरक्षण के लाभ के लिए सबसे पहले एससी के 16 फीसदी और एसटी के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. इसके बाद बाकी वर्गों को इसका फायदा मिलेगा. माना जा रहा है कि जून माह के अंतिम सप्ताह में इस प्रारूप पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा देगी. 9 साल से देख रहे पदोन्नति की राह मध्य प्रदेश में पदोन्नति का मामला पिछले 9 सालों से उलझा हुआ है. इन 9 सालों के दौरान हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर्ड हो गए और बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति का रास्ता देख रहे हैं, लेकिन अब इसका रास्ता खुलने जा रहा है. राज्य सरकार ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है. इस प्रारूप को दो बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी देख चुके हैं. मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में सभी मंत्रियों के साथ इसका प्रजेंटेशन दिया. अब माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जा सकता है. इस तरह मिलेगा पदोन्नति का आरक्षण का लाभ     प्रारूप में तय किया गया है कि पदोन्नति में आरक्षण का सबसे पहले जनजातीय वर्ग को लाभ दिया जाएगा. इसमें जनजातीय वर्ग के खाली पदों को भरा जाएगा. इसके बाद अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जाएगा. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षिण पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता तो दूसरे वर्ग के कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे.     पदोन्नति के लिए जितने भी पद खाली होंगे, उससे दो गुना के साथ 4 अतिरिक्त नाम बुलाए जाएंगे. इस तरह यदि 10 पद खाली हैं तो उसके लिए 20 और 4 अतिरिक्त यानी 24 लोग बुलाए जाएंगे.     पदोन्नति के लिए हर साल सितंबर से लेकर नवंबर के बीच डीपीसी की जाएगी. इसके अलावा 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण किया जाएगा. हर साल 1 जनवरी को रिक्त होने वाले पदों पर पात्र लोगों को प्रमोशन का लाभ मिलता जाएगा.     पदोन्नति के लिए दो तरह की लिस्ट तैयार होंगी. इसमें क्लास वन अधिकारियों को पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियेरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए नीचे के पदों के लिए सीनियेरिटी कम मैरिट के आधार पर लिस्ट तैयार की जाएगी. इससे सभी वर्गों को फायदा पहुंचेगा. प्रक्रिया दो आधारों पर होगी निर्धारित क्लास-1 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए “मेरिट कम सीनियरिटी” का फार्मूला लागू होगा। क्लास-2 व उससे नीचे के पदों के लिए “सीनियरिटी कम मेरिट” का आधार अपनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संतुलित व्यवस्था आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी की पदावनति (रिवर्ट) नहीं की जाएगी और पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था उस दिन से लागू मानी जाएगी जिस दिन इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पात्रता की अंतिम तिथि 31 दिसंबर सरकार ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल सितंबर से नवंबर के बीच संपन्न होगी। पात्रता का निर्धारण 31 दिसंबर तक किया जाएगा और 1 जनवरी से पद रिक्तियों के अनुसार योग्य अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति की रिक्तियों की संख्या के दोगुना दावेदारों के साथ चार अतिरिक्त अभ्यर्थियों को सूची में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि 6 पद रिक्त हैं, तो 12 (दोगुना) + 4 अतिरिक्त = कुल 16 लोगों को प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से प्रमोशन पर लगी रोक के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देने की दिशा में कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी

मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का मिले उचित दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी। प्रदेश के बाहर से व्यापारियों को भी मूंग खरीदी के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और प्रोत्साहित किया जाएगा। मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का उचित दाम मिल सके इसके लिए व्यापारियों को बोली लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उनसे भेंट करने आए भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मूंग पर मंडी शुल्क में राहत दी जा सकती है या नहीं इसकी जांच की जायेगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और आईटीसी को मूंग नीलामी में शामिल करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। हमारा प्रयास यह है कि मंडियों में मूंग की मॉडल दरे बढ़कर लगभग 7500 रूपये प्रति क्विंटल हो जाये। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बाहर से आने वाले व्यापारियों को नये मंडी लायसेंस भी दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। खेती और किसानी राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए कोई कसर छोड़ी नहीं जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गौ-शाला संचालित करने के लिए 20 रुपए से बढ़ाकर प्रति गाय 40 रुपए अनुदान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान, फसल चक्र अपना कर उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, चंद्रकात गौर और अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।  

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 19 जून को आएंगी मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले की मंत्रीगण से चर्चा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर किया विचार-विमर्श भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण अब 17 जून तक किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में मंत्रीगण से विचार विमर्श किया। केंद्र सरकार के 11 वर्ष और राज्य सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल पर होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रि-परिषद प्रसन्नता व्यक्त करती है। सुशासन के संकल्प के प्रति मंत्रि-परिषद प्रधानमंत्री का अभिनंदन का प्रस्ताव पारित करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्नदाता, नारी, युवा और गरीब सहित विभिन्न वर्गों का जीवन बदलने के लिए और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार एवं विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी मंत्रीगण केंद्र की 11 वर्ष की योजनाओं की उपलब्धियां और मध्यप्रदेश शासन की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियां नागरिकों तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में संकल्प से सिद्धि अभियान भी संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपे जाएंगे। स्पिरिचुअल एवं वैलनेस समिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 5 जून को उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वैलनेस समिट का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक वैलनेस के क्षेत्र में कार्य कर रहे आध्यात्मिक गुरुओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न निवेशकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए। समिट के माध्यम से वैलनेस हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केरल, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि इसमें विशेष रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश में यह अपने तरह की प्रथम समिट थी जो सरकार के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और विकास की परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। शेष महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। यह कॉलेज वैलनेस केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। धार्मिक लोक का निर्माण और विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धार्मिक स्थानों पर 13 लोक के निर्माण और विकास का कार्य चल रहा है। इन कार्यों की समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। प्रदेश के पर्यटन विकास में यह लोक भी महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। वर्षा काल में आवश्यक व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षाकाल में बाढ़ और अतिवृष्टि की आशंका के दृष्टिगत मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में आवश्यक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के निर्देश दिए। मंत्रीगण द्वारा जिला स्तर पर सभी संभावित परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। कृषक कल्याण और नवकरणीय ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में सौर ऊर्जा पर विशेष समिट का सौर ऊर्जा उत्पादन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना आय के एक नए साधन के रूप में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इसमें निवेशक की अपनी स्वयं की भूमि अथवा कृषि भूमि होना चाहिए। ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने की यह महत्वपूर्ण योजना है जो ऊर्जा की उपलब्धता और उसकी वृद्धि के साथ निवेशक और राज्य की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों के हित में संचालित गतिविधियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शव वाहन के संचालन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अस्पतालों में किसी नागरिक की मृत्यु के बाद उनके घर तक पार्थिव देह ले जाने की नि:शुल्क व्यवस्था प्रदान की जाएगी। संकट की स्थिति में राज्य सरकार नागरिकों के साथ है। इस योजना का क्रियान्वयन शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।  

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में होंगे शामिल सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आज  कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लिये “सबका साथ-सबका विकास और सबके विश्वास’’ के साथ लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य प्राप्ति में मध्यप्रदेश भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रतिबद्धतापूर्वक निरंतर कार्य कर रहा है। मंगलवार 10 जून को कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में छोटे निवेशकों और किसानों की सौर ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिये सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट का शुभारंभ करेंगे। समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। इसमें विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे। सत्रों में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जायेगी। एमडी ऊर्जा विकास निगम अमनबीर सिंह बैंस प्रात: 11 बजे प्रोजेक्ट और निविदा की विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे। दोपहर में निविदा प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन होगा। रिसोर्स मॉनीटरिंग सिस्टम पर विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त मेनिट की डॉ. प्रियंका पालीवाल ‘रियेक्टिव पॉवर-ग्रिड स्टेबिलाइजेशन एण्ड इम्पेक्ट ऑन फीडर’ पर व्याख्यान देंगी। समिट में फीडर सोलराइजेशन में वित्तीय सहायता के लिये बैंकर्स का सेशन भी आयोजित किया गया है। समिट में प्रोसेस फ्लो और डिमांस्ट्रेशन पर भी प्रेजेंटेशन होंगे। समिट में इनवर्टर मैन्युफेक्चरर्स का सेशन भी होगा। समिट का शुभारंभ प्रात: 10:30 बजे सहभागियों के रजिस्ट्रेशन से होगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु     योजना के अंतर्गत विद्युत् सबस्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी।     वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा।     प्रदेश में 1900 से अधिक सबस्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है।  

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य मार्ग से नवोदय विद्यालय तक सडक का निर्माण किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकापर्ण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक आलोट डॉ. चिंतामणि मालवीय उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी, शॉल एवं पारंपरिक पेन्टिग भेंट कर किया गया। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सर्व-सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वर्ष 2022-23 में सीएम राइज विद्यालय की स्थापना की है, जो अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पहचाने जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। सांदीपनि विद्यालय आलोट में आसपास के 1600 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषय-वार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, कॅरियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

गुरू ही जीवन की दिशा तय करते है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ है। ये परिसर राष्ट्रवादी विचारों का जीवंत केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में कुलपति के स्थान पर कुलगुरु संबोधित किए जाने पर कहा कि गुरु शब्द अंधेरे से प्रकाश को जोड़ता है। माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन की दिशा तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोटी स्कूल से जुड़े अपने विद्यार्थी परिषद के समय के अनुभव भी साझा किए। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण किशोर खंडेलवाल ने दिया। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये। खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए 3 दिवसीय अभ्यास वर्ग के चलते आयोजित किया जाता है। इसमें अलग-अलग विषय होते हैं। कार्यकम में विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 10वीं में टॉपर 3 छात्र, छात्राओं एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता मल्लखम्भ खेल में मैडल हासिल करने वाले 4 खिलाड़ी छात्र, छात्राओं का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश भालेराव ने किया और आभार प्रदर्शन विश्वनाथ सोमन ने किया।  

उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार

मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस पर “स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट” का आयोजन मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण निवेशकों से उपलब्ध अवसर का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती, यहाँ सब कुछ है: धार्मिक गुरु सरस्वती उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। मध्यप्रदेश को प्रकृति का पूर्ण स्नेह प्राप्त है। भारत के हृदय स्थल में स्थित मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क और हाईवे हैं जो देश के हर कोने से मध्यप्रदेश की पहुँच को सुगम बनाते हैं। इन बुनियादी ढाँचों का सतत् विस्तार जारी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना और दतिया एयरपोर्ट का शुभारंभ कर इन सुविधाओं को और समृद्ध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मन्त्रोचार की पवित्र ध्वनि के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट-2025 के मुख्य सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट का आयोजन किया गया है। यह अवसर मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण भी है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और जीवनशैली आज पूरे विश्व का ध्यान आकृष्ट कर रही है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति प्रेम और पूजन अभिन्न अंग है। भारतीय जीवनदृष्टि केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है जिसमें व्यक्ति स्वस्थ रहे और रोगों की संभावना ही न हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को मेडिकल हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिसिटी की स्थापना की जा रही है और मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु मात्र ₹1 में 25 एकड़ भूमि प्रदान की जा रही है। निजी क्षेत्र को अस्पताल संचालन में भी हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में यह वर्ष उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और सेक्टर आधारित समिट के आयोजन से हर क्षेत्र, हर सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 18 नवीन इन्वेस्टर फ्रेंडली पॉलिसी के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को सहज और आकर्षक बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव और 21 लाख 40 हज़ार से अधिक रोजगारों के सृजन के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक उद्यमों के लिए 5 हज़ार रुपए प्रति व्यक्ति के मान से विशेष प्रोत्साहन सरकार द्वारा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस है, शांति का टापू है, कुशल मैनपॉवर, उत्कृष्ट अधोसंरचना और प्राकृतिक, आध्यात्मिक स्थल इसे स्पिरिचुअल और वेलनेस क्षेत्र में निवेश के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत सहयोग के साथ-साथ 100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए विशेष सहयोग कस्टमाइज्ड नीति के रास्ते भी उपलब्ध हैं। उन्होंने समस्त निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष नाइपर (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) और एमपीआईडीसी के मध्य एमओयू का हस्तांतरण हुआ। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह और नाइपर के संचालक शैलेन्द्र सराफ़ ने एमओयू साझा किया। नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर तथा उज्जैन की समग्र धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत पर लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया। चिदानंद सरस्वती महाराज ने स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए दिया आशय पत्र परमार्थ निकेतन के धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती है। यहाँ सब कुछ है। उन्होंने कहा कि आज के उज्जैन में अधोसंरचना विकास को देखकर नहीं लगता कि यह पुराना उज्जैन है। उन्होंने उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। महाकाल लोक की भव्यता अनुपम है। चारों धाम की यात्रा पूर्ण करने के बाद लोग महाकाल लोक आना चाहते हैं। आज भारत के धार्मिक नगर पर्यटन में शीर्ष पर पहुँच रहे हैं। यह समय है जब निवेशक इस अवसर का लाभ उठायें और पर्यटन अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण में सहभागी बनें। आने वाले सिंहस्थ में यहाँ अपार संभावनाओं का सृजन होने जा रहा है। देश विदेश से करोड़ों पर्यटकों का आगमन होगा। उसके लिए हम सभी को अभी से तैयार रहना होगा। गुरु चिदानंद सरस्वती महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के समीप स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए आशय पत्र दिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के लिए अनुकूल वातावरण हैं। प्रदेश में जंगल, जंगली जानवर, पवित्र नदियां हैं, वहीं धार्मिक पर्यटन के लिए महाकाल तथा ओंकारेश्वर दो ज्योतिर्लिंग और अन्य आकर्षक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश में आकर्षक हेरिटेज हैं, कई पुराने अच्छे रजवाड़े हैं, जिन्हे हेरिटेज के रूप में विकसित किया गया हैं। पूरे देश मे यूनेस्को के 62 हेरिटेज धरोहरों में से 18 हेरिटेज मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश देश के मध्य होने से यहाँ पहुँचना आसान है। प्रधानमंत्री ने टूरिज़्म बढ़ाने पर जोर दिया हैं। टूरिज़्म बढ़ाने के लिए स्वच्छता सबसे आवश्यक हैं। सबसे स्वच्छ शहर “इंदौर” मध्यप्रदेश में है। इन्दौर ही नहीं अन्य शहरों में भी स्वच्छता की स्थिति बेहतर है। इन्दौर की स्वच्छता पश्चिमी देशों के समतुल्य हैं। प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए 18 नई पॉलिसीज बनाई हैं और कुछ पुरानी पॉलिसीज हैं। इनमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रमुख रूप से आर्थिक मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में बराबरी का हैं या बेहतर हैं। निवेशकों को प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमतियां एनओसी को सुविधाजनक बनाया गया। प्रदेश में सबसे पहले राइट टू पब्लिक डिलीवरी सिस्टम लागू किया गया,जिसमें निर्धारित अवधि में अनुमतियां जारी होगी। इस अवसर पर भण्डारी ग्रुप के चेयरमैन विनोद भण्डारी ने उज्जैन में बन रहे मेडिकल टूरिज्म पर प्रकाश डाला। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिवशेखर … Read more

मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर, मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार

स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मध्यप्रदेश बनेगा ग्लेाबल वेलनेस सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में आये 1,929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर समिट में हुआ नीति-निवेश अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम मुख्यमंत्री का निवेशकों को आमंत्रण : मध्यप्रदेश आएं ओर भारत को विश्व गुरू बनाने की यात्रा में सहभागी बनें उज्जैन स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में “स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट” में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “हील इंडिया” और ‘लाइफ स्टाइल’ (LiFE) जैसे दूरदर्शी विचारों से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को समग्र जीवनशैली और वेलनेस नवाचार का ग्लोबल सेंटर बनाया जा रहा है। समिट के माध्यम से प्रदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के वेलनेस मिशन का नेतृत्व करने को पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट को एक परिवर्तनकारी पहलबताया और कहा कि यहां नीति, निवेश, अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब  भारत के वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के निवेशकों से14 वन-टू-वन बैठकेंकीं, जिनमें बुनियादी ज़रूरतों, निवेश समर्थक नीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। समिट में 1929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा एक ही दिन होने का सुखद संयोग हुआ है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का प्रदेश में पुनः शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम कर रही है। धार्मिक स्थानों पर सभी चिकित्सा पद्धतियों के बड़े केन्द्र बनाने के पीछे आशय यही है कि दुनिया भर के लोगों को स्वास्थ्य के साथ अध्यात्म भी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल सभी संभागीय मुख्यालयों पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फरवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 30 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, यहां 21 लाख 75 हजार रोजगार सृजन होने की संभावना भी है। उन्होंने कहा कि हमने 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है और लगातार सेक्टर वार समिट का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नरसिंहपुर में एग्री समिट के अलावा इंदौर में आईटी समिट के अच्छे परिणाम आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नीति आयोग ने प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अग्रणी माना है। मध्यप्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ उत्कृष्ट अधोसंरचना और नई नीतियों के चलते निवेशकों ने यहां का रूख किया है। उन्होंने एमएसएमई सहित अन्य उद्योग को घोषित नीति अनुसार 5000 करोड़ रूपये का अनुदान दिये जाने का उल्लेख भी किया।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्पष्ट नीति, सक्षम प्रशासन और मजबूत नेतृत्व के साथ निवेशकों को स्थायित्व और सफलता की गारंटी देता है। उन्होंने सभी वेलनेस उद्यमियों और संस्थाओं से प्रदेश में निवेश करने और उज्जैन से शुरुआत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश आएं, और भारत को विश्वगुरु बनाने की यात्रा में भागीदार बनें।” समिट में एनआईपीआर अहमदाबाद और एमपीआईडीसी के बीच समझौता हुआ, जिसके अंतर्गत उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी। यह पार्क टेस्टिंग और प्रमाणीकरण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। समिट में शिवंदरसिंह संस्‍थापक एराहॉस्पिटैलिटी, मुकुंदप्रसाद डायरेक्‍टर लीजरहोटल्सग्रुप, अशोक पटेल चेयरमेन ट्रैवलपैक, शरदथडानी एमडी मेफ़ेयरट्रैवल्स एवं सुधीर एमवी सीएओ जिंदल नेचुरोकेयर इंस्टिट्यूट द्वारा निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।   परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आध्यात्मिक संबोधन दिया और उज्जैन में केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को आशय पत्र (एलओआई) सौंपा। लीज़र होटल्स, शतायु आयुर्वेद और भंडारी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को वेलनेस निवेश के लिए उपयुक्त गंतव्य बताया। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में भंडारी ग्रुप –984 करोड़ रूपये, अमलतास ग्रुप –400 करोड़ रूपये, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप –200 करोड़ रूपये, लेटेंट डेवकॉन, लाभम ग्रुप, शथायू आयुर्वेद, रॉयल ऑर्किड, शांतिगिरी आश्रम, जिंदल ग्रुप सहित अन्य निवेशकों के प्रस्ताव शामिल हैं। पैनल चर्चा में तैयार हुआ विज़न रोडमैप समिट में दो पैनल सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वेलनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ आधारित मेडिकल टूरिज्म, रोज़गार सृजन, और कौशल विकास जैसे विषयों पर विचार हुआ। मुख्य सत्र में वेलनेस विज़निंग  में प्रदेश का समग्र रोडमैप प्रस्तुत किया गया।   स.क्र. नाम पद कंपनी प्रस्‍तावित निवेश (करोड) 1 डॉ विनोद भंडारी फाउंडर एवं चेयरमैन भंडारी ग्रुप 984 2 सुरेश सिंह भदौरिया फाउंडर एवं चेयरमैन अमलतास ग्रुप 400 3 राजुलभार्गव डायरेक्‍टर सीएचएलहॉस्पिटलग्रुप 200 4 देवांगकपाडिया डायरेक्‍टर लेटेन्‍टडेवकॉन 100 5 युगांशसोनी डायरेक्‍टर लाभमग्रुप 100 6 डॉ. मृत्युंजयस्वामी सीईओएवंएमडी शथायुआयुर्वेद 75 7 सुदीपरॉय डायरेक्‍टर रॉयलऑर्किडहोटल 50 8 स्वामीचितासुधनज्ञानतपस्वी जोनलहेड शांतिगिरीआश्रम 10 9 हितेश्वरसिंहसिसौदिया सीईओएवंएमडी सनसेटडेज़र्टकैंप 10      

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम

उज्जैन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 8794 लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई। यह संवितरण करीब 884 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय, इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) से सम्पन्न हुआ, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से जारी की। इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुरूपराशि के साथ ही केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस संवितरण में देश के सभी छह जोन की भागीदारी रही। दक्षिण क्षेत्र के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी के लिए 2445 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसके लिए 80.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। मध्य जोन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की 2366 परियोजनाओं के लिए 91.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए कुल 2167 परियोजनाओं को करीब 62.68 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई। उत्तर क्षेत्र के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान की 1320 परियोजनाओं के लिए 41.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं पश्चिम क्षेत्र के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा में 496 परियोजनाओं को 24.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस तरह देशभर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए यह एक व्यापक और प्रभावी अभियान सिद्ध हुआ। संवितरण कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में पीएमईजीपी योजना ने आज भारत में स्व-रोजगार का एक मजबूत और प्रभावी आधार तैयार किया है। खादी और ग्रामोद्योग आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपनों का सार है। इस योजना ने लाखों युवाओं को न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें उद्यमशीलता की शक्ति से भी जोड़ा है।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348.39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसमें लाभार्थियों को 27,166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देश में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक है।  

मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण किया

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को गंगा दशहरा के पर्व पर वाल्मिकी धाम से क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यात्रा के पूर्व वाल्मिकी धाम परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिंदूर और त्रिवेणी-नीम, पीपल और बरगद के पौधों का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अपील की कि अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाल्मिकी धाम में अनंत विभूषित 1008 स्वामी सोहन दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित किये और मंदिर मे दर्शन किये। उन्होंने संत-जनों से सौजन्य भेंट की और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भी मिले। मुख्यमंत्री ने   इस दौरान कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। माँ क्षिप्रा से प्रार्थना है कि वे हमारे द्वारा किए गए पूजन अर्चन और परिक्रमा यात्रा को सफल बनाए और सबका कल्याण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य सभी श्रद्धालुओं का यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए मंचों से पुष्प-वर्षा कर स्वागत कियागया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल और शीतल पेय तथा फलों का नि:शुल्क वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम से रामघाट तक क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में ध्वज लेकर पैदल यात्रा की। इस दौरान सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारिणी अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास जी, महामंडलेश्वर भगवत शरण जी (भगवान बापू, महंत भगवान दास जी, महंत श्याम गिरी जी महाराज, महंत कृष्ण गिरी जी महाराज, महंत प्रणवानंद जी महाराज, महंत एकनाथ जी, महंत महावीर नाथ जी, संजय अग्रवाल, नारायण यादव, वैभव यादव, एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई

माँ क्षिप्रा के कल कल बहते शुद्ध जल के साथ होगा सिंहस्थ का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ यादव  ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान माँ ‍क्षिप्रा में कल कल बहता शुद्ध जल प्रवहमान रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामघाट पर सपत्नीक पूजा-अर्चना के साथ माँ ‍क्षिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी चढ़ाई। उन्होंने प्रदेश की उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि काल के प्रत्येक प्रवाह में उज्जैन नगरी का अस्तित्व रहा है, यह नगरी सदैव जीवंत रही है। सम्राट विक्रमादित्य ,सम्राट अशोक से लेकर कई प्रतापी सम्राटों की कर्मभूमि यह अवंतिका नगरी रही है। यह नगरी कई ऐतिहासिक घटनाओं को अपने में समेटे हुए हैं। माँ ‍क्षिप्रा कई ऐतिहासिक गतिविधियों की साक्षी है, मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी देवताओं की राजधानी है। इस नगरी का संबंध महाकवि कालिदास तथा राजा भृतहरी जैसे इतिहास पुरुषों से है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन गरीब कल्याण का संकल्प लेकर कार्य कर रहा है। औद्योगिक विकास के लिए निवेश की संपूर्ण संभावनाओं के साथ विकास जारी है। सकारात्मक औद्योगिक नीति के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है । शिक्षा तथा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में उल्लेखनीय रूप से मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि हुई है। देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को भी पूर्ण सम्मान के साथ अपनाया जा रहा है। जल भंडारण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। हम अपने तीज त्योहारों को संपूर्ण आस्था के साथ मना रहे हैं तीज त्यौहार हमें प्रकृति तथा परमात्मा से जोड़ते हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक नई पहचान बना रहा है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन दिव्य स्वरुप में होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश का भाग्य बदल रहा है उन्होंने कहा कि मां क्षिप्रा के घाटों पर आरती की भव्यता सदैव स्मरणीय है। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि माँ शिप्रा का जल सदैव प्रवाह मान रहे कल कल रूप से निरंतर बहता रहे। आगामी सिहस्थ के दौरान माँ शिप्रा के पक्के घाटों पर सुविधाजनक ढंग से करोड़ों लोग दिव्य स्नान कर सकेंगे। कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम तिवारी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लेजर शो हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में ऋषिकेश से पधारे स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया एक पेड़ मां के नामअभियान से जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का मौका- CM

अगली पीढ़ी को बेहतर धरती और वातावरण सौंपने के लिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को सचेत होना होगा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा का एक ही दिन पर होना, बताता है कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की कितनी महत्ता है प्रधानमंत्री मोदी ने दिया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का मौका हम पौधे को पुत्र समान मानते हैं भारतीय जीवनशैली में रची-बसी है रिसाइकिल-री-यूज की प्रक्रिया जल संरक्षण के लिए 75 हजार से अधिक खेत-तालाबों का निर्माण किया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक पेड़ मां के नाम”-2025 अभियान का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण प्रबंधन पोर्टल का लोकार्पण और वेटलैंड एटलस का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए पर्यावरण संरक्षण के लिए केन्द्रीय विद्यालय क्रं-2 भोपाल, सेंट्रल एकेडमी शहडोल, सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर और शिशु कुंज इंदौर को मिला पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया संबोधित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस है और गंगा दशहरा भी आज है। दोनों भारतीय संस्कृति के लिए विशेष महत्व रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के साथ जोड़ा है। राज्य सरकार आज से इस अभियान की शुरुआत कर रही है। हमारी संस्कृति में एक वृक्ष को सौ पुत्रों के बराबर माना है। परंपरागत रूप से कहा जाता है कि एक बावड़ी 10 कुओं के बराबर है, 10 बाबड़ी एक तालाब के बराबर है, 10 तालाब एक पुत्र के बराबर है और 100 पुत्र एक वृक्ष के समान है। पुत्रों की तुलना वृक्ष के साथ करना, प्रकृति की महत्ता को दर्शाता है। अगर प्रकृति संरक्षित रहेगी तो हमें अपने आप फलने-फूलने का अवसर मिलता रहेगा। वर्तमान दौर में भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान को पुनर्स्थापित करने का समय है। आज रिसाइकिलिंग और री-यूज की चर्चा की जाती है, न्यूनतम संसाधनों से बेहतर जीवनशैली की ओर भी ध्यान दिया जा रहा है। अगली पीढ़ी को बेहतर धरती और वातावरण सौंपने के लिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को सचेत होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस वर्ष पर्यावरण दिवस का विषय “प्लास्टिक प्रदूषण उन्मूलन” है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सबको स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में योगदान देना होगा। वायु की गुणवत्ता मे सुधार, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जल संरक्षण के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना जरूरी है। राज्य सरकार पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय पौराणिक कथाओं में वृक्षों, नदियों, पहाड़ों के साथ-साथ वन्यजीवों की पूजा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा दी गई है, हमें इनसे प्रेरणा लेनी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 19वीं शताब्दी में महान वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु ने लंदन में रायल सोसाइटी को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करके बताया कि पौधों में प्राण होते हैं। जबकि भारत के लोक मानस में यह ज्ञान सदियों से रचा-बसा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृति को संरक्षित करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति प्रदान कर रही है। पर्यावरण दिवस पर सभी पुरस्कार विजेता बधाई के पात्र हैं। बदलते दौर में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर री-यूज, रि-साइकिल की बात कही जा रही है, यह प्रक्रियाएं भारतीय जीवनशैली में पहले से ही विद्यमान हैं। हमने नेट जीरो एमीशन का लक्ष्य रखा है। इसी आधार पर 2030 तक प्रदेश की ऊर्जा क्षमता को 500 गीगा वॉट तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अब तक 60 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 75 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। तीन महीने के इस अभियान में 95 हजार 500 कुओं को रीचार्ज किया गया है और 1225 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब नदियों पर बांध बनाए जाते हैं तो किसानों को भी लाभ मिलता है और सिंचाई का रकबा बढ़ता है। 2002-03 तक प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। विश्व का पहला नदी जोड़ो अभियान प्रदेश में चल रहा है, जिसके अंतर्गत दो नदियों को जोड़कर जल भंडारण क्षमता और उपयोगिता बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी भूमि-पूजन किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ वर्षों से लंबित जल बंटवारे का समाधान निकाला। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश में सर्वाधिक 247 नदियां प्रवाहित होती हैं। प्रदेश की जलराशियां पड़ोसी राज्यों को भी समृद्धि प्रदान करती हैं। किसी राज्य को ज्यादा पानी भी मिल जाए तो कोई बुराई नहीं। भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव समाया हुआ है। महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी मेगा रिचार्ज परियोजना पर सहमति बन चुकी है। इस पर बांध बनाकर प्राकृतिक रूप से ग्राउंड वाटर को रिचार्ज किया जाएगा। जल भंडारण क्षेत्र में यह दुनिया का सबसे अनोखा प्रयोग होगा। दोनों राज्यों के 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए की जा रही व्यवस्था की भी जानकारी दी। सांसद खजुराहो वी.डी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश जल जंगल जमीन और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए सभी क्षेत्रों में प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है संसाधनों के शोषण के आधार पर विकास नहीं हो, मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। शर्मा ने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में योगदान देने का आहवान किया। मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण देश दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट में वेलनेस क्षेत्र के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए खुले दिल से आमंत्रित किया और राज्य की अनुकूल निवेश नीतियों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। सभी निवेशकों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल और प्रगतिशील नीतियों की सराहना की और प्रदेश में निवेश के लिए संकल्प लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अरबिंदो हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी, लीजर होटल्स ग्रुप के डायरेक्टर मुकुंद प्रसाद, शतायु आयुर्वेद के सीईओ और एमडी डॉ. मृत्युंजय स्वामी, मेफ़ेयर ट्रैवल्स के एमडी शरद थडानी, लाभम ग्रुप के डायरेक्टर युगांश सोनी, शांतिगिरी आश्रम के जोनल हेड स्वामी चितासुधन ज्ञान तपस्वी, रॉयल ऑर्किड होटल के डायरेक्टर सुदीप रॉय, एरा हॉस्पिटैलिटी के संस्थापक शिवंदर सिंह, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप के डायरेक्टर राजुल भार्गव, लेटेन्ट डेवकॉन के डायरेक्टर देवांग कपाडिया, जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुधीर एम.वी., ट्रैवलपैक के चेयरमैन अशोक पटेल, हार्टफुलनेस इंटरफेथ प्रोग्राम्स एंड इवेंट के डायरेक्टर त्रिलोचन चावला और सनसेट डेजर्ट कैंप के सीईओ और एमडी हितेश्वर सिंह सिसौदिया ने वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में, मध्यप्रदेश वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशकों के इस उत्साहजनक प्रतिसाद से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सकेगा।  

रामघाट पर होगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 5 जून को उज्जैन में क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव वाल्मिकी धाम से यात्रा में शामिल होकर पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान साधु, संत, महंत और महामंडलेश्वर भी यात्रा में सहभागिता करेंगे। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा वाल्मीकि धाम से सोमवारिया , ढ़ाबा रोड, छत्रीचौक ,गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी, महाकाल ,बड़े गणेश, हरसिद्धि, होते हुए रामघाट पहुचेगी। जहां पुण्य सलिला माँ शिप्रा का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा व उन्हें सोलह श्रृंगार भेंट कर 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित की जायेगी। राम घाट पर इस अवसर पर भव्य लेज़र शो का आयोजन किया जाएगा साथ ही राम घाट पर शाम को सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला भी श्रद्धालुओं के अनुभव को आध्यात्मिक और मनोरंजक बनाएगी। शाम को रामघाट पर सेना के लगभग 100 कलाकारों द्वारा भव्य मिलिट्री बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। मुंबई की प्रसिद्ध कलाकार स्वस्ति मेहुल और उनके दल के द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुती भी दी जाएगी।  

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