भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में आज डॉ. मोहन यादव सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश हो रहा है। विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट प्रस्तुत कर रहे हें। इस दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा होने लगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्षी विधायकों से कहा कि आप जिस पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, उस पर बाद में बात हो जाएगी। पहले बजट भाषण हो जाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाया सदन में गलत जानकारी देने का मुद्दा। इसके बाद यहां हंगामा शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्य परंपराओं का पालन करें जो विषय उठाया जा चुका है, वह दोबारा नहीं उठाया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब नर्सिंग घोटाला मामले पर कोई चर्चा नहीं होगी। तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये वित्तमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद भविष्य निधि तुरंत मिलेगी। इसके साथ ही 50 करोड़ रुपये तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिए जाएंगे। 4725 करोड़ रुपये का प्रावधान वन और पर्यावरण के लिए किया गया है। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में कहा- आगामी 5 साल में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के माध्यम से अटल प्रगति पथ, नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेसवे, मालवा निर्माण एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ के कार्य किए जाएंगे। इन मार्गों के दोनों और औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाएंगे। सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में बनेंगी सड़कें सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन शहर में बाइपास तथा शहर में सभी मार्गों को फोरलेन और 8 लेन की सड़क प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2000 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क एवं पुल के निर्माण व संधारण के लिए बजट 10000 करोड रुपए प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश में अभी तक 70 लाख 860293 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को औसतन प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जाएगी। प्रदेश में 26 जनवरी 2024 को सर्वाधिक 17614 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 19406 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो 2023 24 की तुलना में 1046 करोड़ रुपये अधिक है। हंगामे के बीच वित्तमंत्री बजट भाषण प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के भाषण अनुमोदन हुआ। इसके बाद कैबिनेट में बजट को मंजूरी दी गई। बजट की प्रमुख बातें वित्तमंत्री ने तीन लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। केंद्रीय सहायता के तौर पर प्रदेश को 15000 करोड़ रुपए अधिक मिलेंगे। बजट में पेयजल व्यवस्था के लिए 10279 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ। पीएम आवास योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 4 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रावधान पीएम ई-बस योजना के तहत छह शहरों में 552 ई बसें चलाई जाएंगी। ये ई-बसें इंदौर, भोपाल, जबलपुर,ग्वालियर, उज्जैन व सागर में चलेंगी। इस साल मंदसौर, नीमच व सिवनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 500 करोड़ का प्रावधान। इससे उज्जैन और आसपास के 10 जिलों में विकास कार्य किए जाएंगे। राम पथ गमन के स्थानों को चिह्नित कर उनका विकास करेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय योजना पर भी काम होगा। महिला स्व-सहायता समूहों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान। पार्वती, काली सिंध और चंबल लिंक परियोजना 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और 2028-29 तक एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र को संचित करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्वती, काली सिंध, चंबल नदी लिंक परियोजना निर्माण की सैद्धांतिक सहमति बनाई गई है। इससे प्रदेश के 10 जिलों में चार लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी और पेयजल मिलेगा सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। केन बेतवा लिंक परियोजना और के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। राज्य मिले मिशन मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया है। कोदो कुटकी पर प्रति किलोग्राम 10 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। डिंडौरी में अन्य अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उज्जैन में चना और ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी। अनुसूचित जाति जनजाति के एक हेक्टेयर तक के भूमि धारकों को 5 हॉर्स पावर तक के विद्युत पंप पर निशुल्क विद्युत आपूर्ति। अटल कृषि ज्योति योजना अंतर्गत 10 हॉर्स पावर तक के किसानों को ऊर्जा प्रभार में सब्सिडी दी जा रही है। इसके लिए 11065 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। मुख्यमंत्री कृषि कल्याण योजना में 4900 करोड़ रुपए रखे गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजना से 42 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गेहूं पर 125 रुपए प्रति कुंतल बोनस देने के लिए 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। किसानों को लोन के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान प्राकृतिक आपदा से होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए 2000 करोड़ रुपए रखे गए हैं फसल विविधीकरण योजना के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 0% पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मैं शामिल होने से वंचित हितग्राहियों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की योजना के लिए 520 करोड़ रुपए रखे गए हैं। किसानों को 23 हजार करोड़ रुपए के फसल ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। गौशालाओं में पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपए रखे गए हैं। प्रतिदिन अब 20 के स्थान पर 40 रुपये व्यय किए जाएंगे। वर्ष 2024-25 को गो वंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। … Read more