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सीएनजी गाड़ियों के बाद अब इंदौर नगर निगम 100 इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदेगा

इंदौर इंदौर नगर निगम के द्वारा शहरभर से कचरा समेटने के लिए 900 से ज्यादा गाड़ियों का संचालन किया जाता है, जिनमें से कई पुरानी डीजल गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों पर हर माह करीब 4 करोड़ रुपये का डीजल खर्च होता है। हाल ही में नगर निगम ने सीएनजी गाड़ियां भी खरीदी थीं, लेकिन इनकी लागत भी अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं रही। इसके चलते अब नगर निगम ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीदारी की योजना बनाई है। बार बार खराब हो रही डीजल गाड़ियां नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में कचरा उठाने के लिए रोज़ाना बड़ी संख्या में हल्ला गाड़ियां दौड़ाई जाती हैं। इसके साथ-साथ बड़े वाहनों के जरिए बल्क में कचरा भी उठाया जाता है। हालांकि, इनमें से अधिकांश पुरानी डीजल गाड़ियां बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे निगम को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। सीएनजी गाड़ियों के रिजल्ट भी अच्छे नहीं रहे सीएनजी गाड़ियां खरीदी जाने के बाद भी खर्च कम नहीं हुआ और इनकी कार्यक्षमता भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इसी कारण निगम ने एक माह पहले 100 इलेक्ट्रिक हल्ला गाड़ियां खरीदी थीं, जिनका संचालन अब विभिन्न वार्डों में कचरा उठाने के लिए किया जा रहा है। इन इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कार्यक्षमता बेहतर रही है और अब इन्हें धीरे-धीरे डीजल गाड़ियों की जगह दी जा रही है। इसके साथ-साथ इन गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप विभाग में तैयार किए जा रहे हैं। 4 करोड़ रुपए का खर्च डीजल और सीएनजी पर आ रहा नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि हर महीने 4 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च डीजल और सीएनजी पर आता है, जिसे कम करने के लिए अब सौ और इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदी जाएंगी। इन नई गाड़ियों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और पुरानी खटारा गाड़ियों को नीलाम करने की भी योजना है।  

जबलपुर में गंदगी फैलाने वालों पर अब लगेगा 50000 रुपए तक का जुर्माना

जबलपुर  जबलपुर नगर निगम में शहर में गंदगी फैलाने वाले के खिलाफ अब कड़ा रुख अख्तियार किया है, शहर में गंदगी फैलाने वाले पर नगर निगम ने 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। सदन की बैठक में इस बात का निर्णय लिया कि जो लोग बार-बार शहर की व्यवस्था बिगाड़ने पर उतारू है उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। यही वजह है कि निगम ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सड़क में कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ 1000 से लेकर 50000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति   सदन की बैठक में कचरा फैलाने वालों पर 50 हजार रुपए तक की जुर्माने के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष रमेश मिश्रा ने भारी विरोध किया, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों के घरों तक डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है, सफाई व्यवस्था भ्रष्टाचार है ऐसे में कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाना कहीं से भी उचित नहीं है। निगम की बैठक में मुआवजा राशि, महापुरुषों के नाम के मार्गों का नामकरण, आउटसोर्स श्रमिकों को समय वृद्धि एवं एक राष्ट्र एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषय पारित किए गए। खास बात यह रही कि सदन की इस बैठक में 18 मिनट में 18 प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास किए गए।

बिलासपुर नगर निगम के नए नियम से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल

बिलासपुर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने सफाई के टेंडर में एक नया नियम जोड़ा है। इसमें अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के चलते अब केवल वे ठेकेदार ही टेंडर के पात्र होंगे, जिन्होंने पहले सफाई कार्य में अनुभव प्राप्त किया है। हालांकि, इस नियम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, इससे नए ठेकेदारों के लिए टेंडर हासिल करना लगभग असंभव हो गया है। कई लोगों का मानना है कि यह नियम पुराने ठेकेदारों के पक्ष में एक तरह का आरक्षण साबित हो सकता है, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल होती दिख रही है। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों के लिए समय-समय पर टेंडर जारी किए जाते हैं। इस बार के टेंडर में अनुभव को अनिवार्य शर्त बना दिया गया है। इससे नए ठेकेदारों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, क्योंकि जिनके पास पूर्व में सफाई का ठेका नहीं रहा, वे टेंडर प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाएंगे। पुराने ठेकेदारों का बना रहेगा एकाधिकार इससे पुराने ठेकेदारों का एकाधिकार बना रहेगा और वे अपनी मनमानी जारी रखेंगे। शहर में सफाई व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। वर्तमान में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है, लेकिन पुराने ठेकेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। अब जब टेंडर प्रक्रिया में अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है, तो वही ठेकेदार फिर से सफाई का काम संभालेंगे, जिनके कार्यों को लेकर पहले ही शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों की मानिटरिंग के बावजूद कचरा उठाने और नालों की सफाई में लापरवाही सामने आती रही है। नालियां जाम, गलियों में नहीं उठाया जाता कचरा शहर के कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। शहर की कई नालियां ठेकेदारों की मनमानी के कारण बजबजा रही हैं। तंग गलियों में कचरा उठाने कर्मचारी पहुंच नहीं पाते हैं। कई जगहों पर आधा कचरा उठाकर आधा छोड़ दिया जाता है। मुख्य मार्ग को छोड़कर अंदर की गलियों की हालत खराब है। पुराने ठेकेदार लंबे समय से काम कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से सांठगाठ के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इधर, नए नियम से पुराने ठेकेदारों को एक तरह से इस काम के लिए आरक्षण मिल गया है। जिससे उनकी मनमानी और बढ़ेगी। मुख्य अभियंता ने जारी किया आदेश मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा ने पांच मार्च को आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने उल्लेख है कि नालियों की सफाई में वही ठेकेदार भाग ले सकता है, जिनके पास तीन साल का अनुभव हो। इसका सीधा मतलब है कि पुराने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाना है। एक सवाल यह भी है कि क्या निगम आयुक्त के बिना हस्ताक्षर से आदेश जारी हो सकता है।

इंदौर नगर निगम ने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की पूरी तैयारी, 2875 मकान तोड़े जाएंगे

इंदौर  इंदौर नगर निगम भले ही दावा करे कि उसने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अब तक विस्थापन को लेकर कोई नीति तय ही नहीं हुई है। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण में 2875 मकान बाधक हैं। इनमें से करीब 650 ऐसे हैं, जो पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे यानी इन मकानों में रह रहे लोगों को वैकल्पिक स्थान देने के अलावा नगर निगम के पास कोई चारा नहीं है। चौड़ीकरण में जा रहा मकान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर हुई विभागों की बैठक में कहा था कि जो लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं और जिनका पूरा मकान चौड़ीकरण में जा रहा है, उन्हें वन बीएचके नहीं, कम से कम टू या थ्री बीएचके फ्लैट दिए जाएं। फ्लैट नहीं हैं समस्या यह है कि नगर निगम के पास शहरी क्षेत्र में कहीं भी टू या थ्री बीएचके फ्लैट नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब निगम के पास टू और थ्री बीएचके फ्लैट उपलब्ध ही नहीं हैं तो विस्थापितों को देंगे कैसे। अब तक निगम ने यह भी तय नहीं किया है कि किस व्यक्ति को कहां विस्थापित किया जाएगा। किसे क्या मिलेगा, यह अब तक तय नहीं सड़क चौड़ीकरण में जिन लोगों के मकान शत प्रतिशत जाते हैं, उन्हें नीति के तहत नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना में तैयार किए गए वन बीएचके फ्लैट देता रहा है। शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 हजार आवास तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब चार हजार अब भी खाली हैं, लेकिन ये सभी शहर के बाहरी इलाकों में हैं। समस्या यह भी है कि नगर निगम ने अब तक ऐसी कोई सूची तैयार नहीं की है, जिससे यह पता चल सके कि किस व्यक्ति को कहां फ्लैट दिया जाएगा। अब तक चली आ रही नीति में एक समस्या यह भी है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए एक हजार वर्गफीट का मकान देने वाले और 200 वर्गफीट का मकान देने वालों को एक ही चश्मे से देखा जाता है। मध्यप्रदेश में शहरों को संवारने की कवायद चल रही है। इसके अंतर्गत इंदौर शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण किया जाना है। चार पैकेज में बांटे गए इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में हर पैकेज की दो-दो सड़कों को लिया गया है। सड़क निर्माण के लिए हजारों मकान दुकान तोड़े जाएंगे जिससे भवन मालिक बेचैन हो गए हैं। इधर, सड़कों का काम जल्द शुरू हो, बाधक हटाने में विवाद न हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो, इसके लिए विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक, सांसद और एमआइसी सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की।  नई सड़कों के लिए छोटे-बड़े करीब 3 हजार बाधक मकान और धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिनके पूरे मकान तोड़े जाने हैं, उन्हें जनप्रतिनिधियों ने प्लॉट देने की पैरवी की। अफसरों ने कहा कि यह प्रावधान नहीं है, हम सिर्फ फ़्लैट दे सकते हैं, वह भी वन बीएचके। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि वह टू या थ्री बीएचके का फ़्लैट देने का प्रपोजल दें, मैं स्वीकृति दूंगा। बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ हजार लोगों के लिए लाखों लोगों को सड़क का लाभ मिलने से वंचित नहीं किया जा सकता। शहर हित में कड़े निर्णय लेना जरूरी है। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि भमोरी में कई लोगों की दुकानें जा रही हैं। ऐसे तो व्यापारी मर जाएंगे। विजयवर्गीय ने दो टूक कहा कि ऐसा ही रहा तो काम ही नहीं कर पाएंगे। मकान की व्यवस्था करेंगे, दुकान की नहीं। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि सड़क को 80 फीट की कर दें। विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि शहर पहले ही छोटा पड़ रहा है। आप 1000 लोगों की चिंता मत करो, 40 लाख लोगों की करो। सड़क छोटी कर दोगे तो 10 साल बाद फिर कुछ करना पड़ेगा। बैठक में एक अहम मसला उठा। निगम ने गणेशगंज में कुछ लोगों को विंध्यांचल कॉलोनी में एक बिल्डर के यहां शिफ़्ट करवाया था। इसके बाद से अफसरों ने इस बिल्डिंग को खाली नहीं करवाया है। इसकी शिकायत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तक पहुंची तो समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विस्थापितों को मकान देने के बाद भी निजी बिल्डिंग खाली नहीं करवाई है। काकाजी का राज चल रहा है क्या। किसी की भी बिल्डिंग ले लोगे। 15 दिन में बिल्डिंग खाली हो जानी चाहिए। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि पाटनीपुरा में तीन मंजिला दुकान तोड़ी थी। उसके बदले मकान आज तक नहीं मिला। एक पार्षद ने कहा कि एरोड्रम से छोटा बांगड़दा क्षेत्र में निगम की दो प्रॉपर्टी में से एक पर धर्मशाला तो दूसरे पर स्कूल बन गया है। मंत्री ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में विधानसभावार प्रेजेंटेशन देखा। बताया गया कि शहर के पुराने मकानों में पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं। उनके लिए बीच का रास्ता निकालना चाहिए, सड़क की चौड़ाई कम करने पर भी विचार होना चाहिए। विजयवर्गीय ने अफसरों से कहा कि व्यक्तिगत जाकर सर्वे करो, अगर पूरे मकान जा रहे हैं तो कुछ करेंगे। मेरा मार्गदर्शन लेना, मैं तो निर्दयी हूं। किसी का भी वार्ड हो, मास्टर प्लान की सड़क को लेकर काम होना चाहिए। ऐसी कोई योजना भी बनाएं, जिसमें पीड़ितों को प्लॉट मिल सकें। जहां सड़क निर्माण होगा, वहां नगर निगम बोर्ड चस्पा करेगा। इसमें लागत, ठेकेदार, समय सीमा और सुपरविजन करने की जानकारी दी जाएगी। महापौर हर 15 दिन में इसकी समीक्षा कर रिपोर्ट मंत्री विजयवर्गीय को देंगे। मंत्री ने कहा कि यदि कहीं धार्मिक स्थल की बाधा है तो हम बात करेंगे।

खंडवा मेंअब रविवार के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी, साथ ही अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे

खंडवा शहर में बेहतर सफाई के लिए निगम ने नया प्रयास शुरू किया. अब रविवार छुट्टी के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी. साथ ही रविवार को भी अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे. इसका यह फायदा होगा कि रविवार के दिन लोग ज्यादा कचरा इकट्ठा कर बाहर फेंक देते हैं, लेकिन अब वह गाड़ी में ही डालेंगे, जिससे शहर स्वच्छ सुंदर बनेगा. पूर्व पार्षद सुनील जैन ने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम आयुक्त एवं प्रशासन नित नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे शहर को साफ सुथरा रखा जा सके. इन सभी प्रयासों का एक ही उद्देश्य है कि खंडवा शहर भी स्वच्छता के मामले में नंबर वन बने. अलग-अलग प्रयोग करके आम जनता के साथ मिलकर स्वच्छता की इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है. पहले रविवार के दिन छुट्टी होने की वजह से कचरा इकट्ठा हो जाता था. कई लोग कचरा बाहर फेंक देते थे जिसकी वजह से परेशानियां होती थीं, लेकिन अब नगर निगम प्रशासन एवं महापौर के आदेश अनुसार रविवार के दिन भी डोर टू डोर कचरा वाहन जाएंगे और कचरा इकट्ठा करेंगे. प्रशासन की मुहिम यही है कि खंडवा शहर को फिर से नंबर वन बनाया जाए और साफ सफाई  हर जगह रखी जाए. हालांकि यह समस्या कई दिनों से थी, रविवार अवकाश होने की वजह से लोगों को मजबूरन कचरा बाहर इकट्ठा करना पड़ता था, लेकिन प्रशासन की इस मुहिम की वजह से अब लोगों को कचरा इकट्ठा नहीं करना पड़ेगा और वाहन डोर टू डोर जाकर कचरा इकट्ठा करके इसका निष्पादन करेगा. इससे यह कह सकते हैं कि सप्ताह भर कचरा वाहन चलने की वजह से कहीं ना कहीं शहर में साफ सफाई जरूर बढ़ेगी.

इंदौर में गाय पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर हमला, 20 से ज्यादा वहनों में तोड़ फोड़

इंदौर इंदौर नगर निगम कर्मचारियों पर हमला और गाड़ियों में तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई है. नगर निगम कर्मचारियों पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. नगर निगम की टीम ने अवैध बाड़ों को तोड़कर कई जानवरों को पकड़ा था और उन्हें दो गाड़ियों में भरकर ले जा रही थी. इस दौरान जब निगम की टीम रास्ते में थी, तभी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों को रोक लिया और उन पर जमकर पत्थरों और लाठियों से हमला किया. हमलावरों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और निगम कर्मचारियों को भी पुलिस के सामने पीटा. इस हमले में निगम कर्मचारियों को चोटें आई हैं. घटना स्थल पर पुलिस ने स्थिति को काबू किया. नगर निगम उपायुक्त ने इस हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं. दरसअल, इंदौर नगर निगम का मदाखलत अमला बुधवार सुबह जोन नंबर-14 पर दत्ता नगर और सूर्य देव नगर में बने गायों के दो तबेलों में कार्रवाई करने पहुंचा था. जहां से गायों को भरकर कांजी हाउस ले जाया जा रहा था. जब निगम के मदाखलत दस्ते गायों को ट्रकों में भरकर ले जा रहे थे, इस बीच 300 से 400 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बीच रास्ते में निगम की गाड़ियों को रोक लिया और लाठी डंडे से  निगम की गाड़ियों पर हमला बोल दिया. इस हंगामे के संबंध में निगम उपायुक्त लता अग्रवाल ने  बताया कि निगम की टीम सुबह दत्त नगर और सूर्यदेव नगर के नगर में रहवासियों की शिकायत पर अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. जहां पर भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में हमला कर निगम कर्मियों के साथ मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ द्वारकापुरी थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई है. आगे के कार्रवाई निगम आयुक्त और महापौर की सलाह पर की जाएगी.   पुलिस के सामने निगमकर्मी को पीटा कार्रवाई के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने द्वारकापुरी थाने को घेरा और निगम उपायुक्त लता अग्रवाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. कार्यकर्ता गाली गलौज करने लगे. द्वारकापुरी थाने का पुलिस बल मूकदर्शक बनकर खड़े हुए देखता रहा. किसी प्रकार से पुलिस कर्मियों ने उपद्रवी कार्यकर्ताओं को रोकने की सख्ती नहीं दिखाई. उपद्रवी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही लाठी-डंडों से निगमकर्मी को बुरी तरह पीटा. 

उच्च न्यायालय के अनुसार होगा सडक़ का चौडीकरण आयुक्त, जगन्नाथ चौक से घंटाघर मार्ग निर्माण के लिए भू-स्वामियों की बैठक आयोजित.

As per the High Court, the widening of the road commissioner will be done, and a meeting of landowners is organized for the construction of the clock tower road from Jagannath Chowk. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katni.कटनी। नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथ चौक से घंटाघर सडक निर्माण के दूसरे चरण की प्रक्रिया में आज 15 दिसम्बर को नगर निगम एमआईसी हाॅल में जगन्नाथ चौक से घंटाघर मार्ग में रहने वाले व्यापारी एवं रहवासियों की एक आवश्यक बैठक नगर निगम MIC हाल मे आयोजित की गई बैठक में नगरपालिक निगम महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी निगमाघ्यक्ष मनीष पाठक निगमआयुक्त विनोद कुमार शुक्ल तहसीलदार कटनी आशीष अग्रवाल एमआईसी सदस्य रमेश सोनी, सुभाष शिब्बू साहू, बीना बैनर्जी, पार्षद सीमा श्रीवास्तव, शशिकांत तिवारी ने बैठक में सडक चौड़ीकरण के संबंध में चर्चा की।जगन्नाथ चौक संे घंटाघर में सडक निर्माण के लिए प्रथम चरण के कार्य सीवर लाइन पूर्ण होने के बाद इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए यहाॅ के भूमि स्वामियों से भूमि अधिग्रहण कराने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक के दौरान कई लोगों का कहना था कि सडक चौड़ीकरण के लिए वे अपनी निजी भूमि को मुआवजा मिलने की शर्त पर ही नगर निगम को सडक निर्माण के लिए सौंप सकते है, लेकिन जगन्नाथ चैक से घंटाघर तक सडक की हालत जर्जर होने पर कुछ लोगों का कहना था कि सडक का चौड़ीकरण न करते हुये नाली और सडक का यथास्थिति में ही निर्माण कराया जाय। लेकिन इस मार्ग में रहने वाले अन्य कई लोगों का बैठक में अपना विचार था कि मुआवजा मिलने के बाद ही सडक का निर्माण स्थाई तौर पर किया जाय। इस मौके पर महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी ने लोगों को समझाते हुये कहा कि शहर हित एवं विकास के लिए यदि इस मार्ग में रहने वाले कुछ लोग सडक चौड़ीकरण के लिए अपनी जगह देते हैं तो सडक चौड़ीकरण के साथ समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा सडक निर्माण के लिए टेंडर हो चुके है चौड़ीकरण के कारण विलम्ब हो रहा है । बैठक में निगमाध्यक्ष श्री मनीष पाठक ने व्यापारी बंधु एवं इस मार्ग के निवासियों से कहा कि शहर की जनता इस मार्ग से परेशान हो चुकी है। जनहित के इस कार्य के लिए सभी की सहमति अनिवार्य है। इस मार्ग के निवासियों की परस्पर सहमति नहीं बन पाने के बाद नगर निगम आयुक्त विनोद कुमार शुक्ल ने अंत में निर्णय लिया कि जिन लोगो को नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किये गये है, वे सभी लोग निगम को लिखित तोैर पर मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण भूमि नहीं देने का जिक्र करते हुये पत्र प्रेषित करें जिससे निगम प्रशासन द्वारा शासन स्तर पर मुआवजे की मांग को लेकर पत्राचार किया जा सके। बैठक में सभी ने इस बात पर सहमति जताते हुये कहा कि मुआवजे की मांग को लेकर सभी पत्र प्रेषित करेंगे। आयुक्त ने भू-स्वामियों को स्पष्ट तौर पर कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सडक का निर्माण चौड़ीकरण के अनुसार किया जाना है। बैठक में अन्य अधिकारी रहे मौजूद

तालाब में गंदगी का आलम, जिम्मेदार विभाग बना अनजान, वहीं सड़क के बीचों-बीच धसक गई सड़क हो सकता है हादसा.

Condition of the pond is dirty, the responsible department is unaware, and there is a possibility of an accident on the road that has deteriorated in between. Special Corrospondent, Sahara Samachaar, Katniकटनी, उप नगरीय क्षेत्र माधव नगर के अमीरगंज में बहुत पुराना तालाब है जो की गंदगी से अटा पड़ा है स्वच्छता अभियान को लेकर न जाने कितनी योजनाएं चलाई जाती हैं फिर भी नतीजा शिफर ही रहता है तालाब में चारों तरफ गंदगी का आलम है जिसे रह वासियों को परेशानी हो रही है नागरिकों ने बताया कि रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 45 में यह तालाब स्थित है जहां पर सफाई की बेहद जरूरत है रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 45 में जो की सड़क है वहां पर बीचों बीच सड़क धस गई है जबकि वह उस क्षेत्र की मुख्य सड़क है जो की स्टेशन को जाती है फोटो में आप देख सकते हैं कि कैसे गद्म बना हुआ है नागरिकों ने बताया कि लगभग 15 दिन से यह समस्या है अवगत करा दिया गया है फिर भी जिम्मेदार विभाग के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है

ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो रहा दवा का छिड़काव, बीमारियों का खतरा पनप रहे मच्छर.

The spread of medicine is not occurring in rural areas, posing a risk of diseases spreading, particularly the proliferation of mosquitoes. Special Correspondent.कटनी । मच्छर के काटने से डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी होती है लोगों को चाहिए कि अपने आसपास साफ सफाई की व्यवस्था रखें स्वास्थ्य विभाग भी इस पर कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्र में दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है ग्रामीण बताते हैं कि बहुत पहले दवा का छिड़काव किया जाता था नालियों में नरदो लेकिन अब खाना पूर्ति की जाती है एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है। अतः घर में पाये जाने वाले समस्त कन्टेनर जैसे कूलर टंकी, पानी टंकी, टायर, गमले के नीचे की प्लेट, नारियल के खोल, मटका, पक्षियो को पानी पिलाने वाला पात्र, मनी प्लान्ट की बाटल, डिस्पोजल ग्लास, कप, दीवाली के दिये, व अन्य टूटे फुटे पात्र, जिनमें पानी भर सकता है। इनको सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करे। डेंगू से प्रभावित होने पर डॉक्टर की सलाह पर पूर्णतः आराम करे, मच्छर दानी लगाकर सोये, व पेय पदार्थों का सेवन करे व आवश्यकता पड़ने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में संपर्क करने की अपील की गई है।ग्रामीण बताते हैं कि दवा का छिड़काव ग्रामीण क्षेत्र में बहुत जरूरी है लेकिन इसमें कोताही बरती जा रही है

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नगर निगम और तीनों नगर परिषदों पर ठोका 4 करोड़ 96 लाख का जुर्माना ।

National Green Tribunal; Fine; Municipal Corporation Katni; Municipal councils; Nagar Nigam Katni;

National Green Tribunal imposed a fine of 4 crore 96 lakh on the municipal corporation and all three municipal councils.”

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