दोहा भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में उतरे. दोहा डायमंड लीग में नीरज ने मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया. नीरज ने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का बेस्ट थ्रो किया. जर्मनी के जूलियन वेबर 91.06 मीटर के थ्रो के साथ पहले नंबर पर रहे. यह थ्रो वेबर ने छठे प्रयास में किया था. नीरज के अलावा उनके हमवतन किशोर जेना भी मेन्स जैवलिन थ्रो सपर्धा में भाग ले रहे थे, जो आठवें नंबर पर रहे. बता दें कि डायमंड लीग के एक लेग में पहले स्थान पर रहने के लिए एथलीट को 8 अंक मिलते हैं. जबकि दूसरे स्थान पर रहने के लिए 7, तीसरे स्थान पर रहने के लिए 6 और चौथे स्थान पर रहने के लिए 5 अंक दिए जाते हैं. यानी नीरज चोपड़ा को 7, जबकि वेबर को 8 अंक मिले. डायमंड लीग 2025 का समापन 27 और 28 सितंबर को ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल के साथ होना है. डायमंड लीग फाइनल के विजेता को डायमंड ट्रॉफी मिलती है. नीरज चोपड़ा के कीर्तिमान की तारीफ, बोले- भारत को गर्व है नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में 90 मीटर का बैरियर पार कर दिया. जैवलिन थ्रो इवेंट में दूसरा स्थान हासिल करने के बावजूद नीरज ने इतिहास रच दिया. नीरज की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने नीरज की मेहनत और उनके अनुशासन का भी जिक्र अपने पोस्ट में किया. नीरज ने पहली बार पार किया 90 मीटर का बैरियर दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा का पहला अटेम्प शानदार रहा और उन्होंने 88.44 मीटर का थ्रो किया. वहीं नीरज का दूसरा अटेम्प फाउल रहा. नीरज का तीसरा अटेम्प 90.23 मीटर का रहा. पहली बार नीरज ने अपने करियर में 90 मीटर का बैरियर पार किया. देखा जाए तो पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने 90 मीटर की दूरी पारी की है. यानी नीरज ने जैवलिन थ्रो में नेशनल रिकॉर्ड बना दिया. नीरज चोपड़ा का चौथा थ्रो उतना अच्छा नहीं रहा और इसमें उन्हें 80.56 मीटर की दूरी मिली. नीरज का पांचवां प्रयास फाउल रहा. जबकि छठे प्रयास में उन्होंने 88.20 मीटर की दूरी हासिल की. दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा के सामने एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा), जैकब वाडलेच (चेक गणराज्य), जूलियन वेबर और मैक्स डेहनिंग (दोनों जर्मनी), जूलियस येगो (केन्या), रोड्रिक डीन (जापान) जैसे खिलाड़ियों की चुनौती थी. पेरिस ओलंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम ने दोहा डायमंड लीग में भाग नहीं लिया. इससे पहले नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 89.94 मीटर था. यह थ्रो उन्होंने साल 2022 में स्टॉकहोम डायमंड लीग में किया था. नीरज चोपड़ा ने सबसे पहले 2018 में दोहा डायमंड लीग में भाग लिया था और चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 2023 में यहां पहला स्थान हासिल किया, जबकि 2024 में वो दूसरे स्थान पर रहे. चोपड़ा ने पार किया 90 मीटर का मार्क बोले अब मेरा अगला लक्ष्य.. आज से ठीक 9 महीने 7 दिन पहले 9 अगस्त 2024 को नीरज ने पेरिस ओलिंपिक में सिल्वर जीतने के बाद कहा था, ‘आज मेरा दिन नहीं था। मुझे लग रहा था कि आज वो दिन है, जब 90 मीटर का थ्रो आएगा, लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था।’ 9 महीने 7 दिन में नीरज ने 90 मीटर की बाधा कैसे पार कर ली क्यों खास है 90 मीटर मार्क? जेवलिन में अब तक के इतिहास में दुनिया भर 25 जेवलिन थ्रोअर ही 90 मीटर भाला फेंक सके हैं। एशिया में ऐसा करने वाले 3 प्लेयर ही हैं। इनमें नीरज के अलावा, पाकिस्तान के अरशद नदीम और चीनी ताइपे चाओ-त्सुन चेंग शामिल हैं। 2024 ओलिंपिक से पहले चेंग ही यह कारनामा कर सके थे। 1. वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले जान जेलेजनी से ट्रेनिंग ली नीरज ने वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जान जेलेजनी से ट्रेनिंग लेने का फैसला लिया। उन्होंने नवंबर 2024 में चेक गणराज्य के जेलेजनी को अपना कोच बनाया। दोनों ने फरवरी महीने में कोचिंग शुरू की। जेलेजनी के नाम भाला फेंक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है, उन्होंने 1996 में 98.48 मीटर भाला फेंका था। वे तीन ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जर्मन बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ क्लॉस बार्टोनिट्ज की कोचिंग में नीरज ने 2020 में टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद पेरिस में सिल्वर मेडल भी हासिल किया। इस बीच नीरज डायमंड लीग, वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में मेडल जीतते रहे, लेकिन 90 मीटर मार्क हासिल नहीं कर सके। 2. नए कोच ने गलतियां बताईं, तकनीकी बदलाव किए नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कोच जेलेजनी ने पेरिस ओलिंपिक के वीडियो देखकर उन्हें 2 कमियां बताई थीं। उन्होंने नीरज की तकनीक में कुछ बदलाव भी किए थे, जिनका जिक्र नीरज ने एक इंटरव्यू में किया था। 3. जेलेजनी के बताए डॉक्टर से इलाज करवाया जेलेजनी से जुड़ने के बाद नीरज ने अपनी कमर की चोट के लिए जेलेजनी के बताए गए डॉक्टर से सलाह ली। नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं अपनी चोट के कारण अपनी तकनीक में 100 प्रतिशत नहीं दे पा रहा था। मैं प्राग में जेलेजनी के डॉक्टर के पास गया और उन्होंने कुछ एक्सरसाइज बताई।’ नीरज काफी समय से कमर की चोट से परेशान थे। उन्होंने माना कि वे चोट की वजह से पेरिस ओलिंपिक में अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर पाए। सिल्वर जीतने के बाद नीरज ने कहा था- ‘मुझे लगता है कि मैं फाइनल में अधिक दूरी तक थ्रो कर सकता था। भले ही मानसिक रूप से मैं तैयार था, लेकिन मेरा शरीर मेरी कमर की चोट के बढ़ने के डर की वजह से पीछे हट रहा था। मैं ट्रैक पर रनअप के साथ संघर्ष कर रहा था, जिसके कारण मेरे कई अटेम्ट फाउल रहे।’ 4. ट्रेनिंग के लिए जल्दबाजी में शादी, रिसेप्सन भी टाला नीरज चोपड़ा को अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत करने के लिए जल्दबाजी में शादी करनी पड़ी। इतना ही नहीं, रिसेप्शन को भी टालना पड़ा। नीरज ने अपनी सीक्रेट शादी के सवाल पर एक चैनल से कहा था- ‘मुझे ट्रेनिंग करनी थी, इस वजह से जल्दी में शादी की।’ नीरज ने कहा … Read more