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एनआईए ने भोपाल और राजस्थान में आतंकी साजिश के आरोप में की छापेमारी

भोपाल  आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) और राजस्थान के झालावाड़ में छापा मारा है. एनआईए की टीमों ने तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस जब्त कीं, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. भोपाल में तीन स्थानों पर NIA का छापा एनआईए ने आतंकी साजिश को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन स्थानों पर और राजस्थान के झालवाड़ में दो स्थानों पर छापे मारे हैं. यह कार्रवाई हिज्ब-उत-तहरीरसंगठन से जुड़े लोगों पर लिया गया है. इस दौरान डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए जाने की सूचना है. एनआईए की यह कार्रवाई HUT को लेकर है.  कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी बता दें कि राजधानी भोपाल में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े HUT के सदस्यों के होने की सूचना पर पहले भी जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई कर चुकी हैं. इस दौरान इस संगठन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ये लोग भोपाल में युवाओं का ब्रैनवॉश करते हुए पकड़े गए थे. इन आतंकियों के तार बांग्लादेश से जुड़े हुए मिले थे. एक मामले का हिस्सा थी छापामारी जांच एजेंसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, तलाशी एनआईए द्वारा दर्ज किए गए एक मामले का हिस्सा थी, जो भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे विभिन्न आतंकवादी और कट्टरपंथी नेटवर्क और संगठनों को नष्ट करने के प्रयासों का हिस्सा था। ये कमजोर मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने की एचयूटी की साजिश से संबंधित है। फॉरेंसिक लेब जाएगी डिजिटल डिवाइस इसमें कहा गया है कि, युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकने और शरिया कानून द्वारा शासित एक इस्लामिक राज्य स्थापित करने के लिए हिंसा फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।’ बयान में ये भी कहा गया कि, एनआईए की टीमों ने तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस जब्त की, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की दस्सावेजी कार्रवाई की जा रही है। पहले भी हो चुका है एक्शन ये कोई पहली बार नहीं, बल्कि पहले भी कट्टरपंथी संगठनों द्वारा यहां छापामारी कर कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। ये लोग भोपाल में युवाओं का ब्रैनवॉश करते हुए पकड़े गए थे। पहले हुई गिरफ्तारियों में आतंकियों के तार बांग्लादेश से जुड़े हुए मिले थे। हिज्ब-उत-तहरीर के बारे में जानें हिज्ब-उत-तहरीर एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1953 में यरुशलम में हुई थी। इसका मकसद वैश्विक इस्लामी खलीफा (इस्लामिक स्टेट) की स्थापना करना है, जो उनके विचार में मुस्लिम दुनिया पर शरिया कानून लागू करेगा। संगठन का मुख्यालय मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय है। भारत में संगठन की गतिविधियां भारत में हाल के वर्षों में हिज्ब-उत-तहरीर की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई है। मोदी सरकार ने इस संगठन को एक ‘खतरा’ मानते हुए इस संगठन को प्रतिबंधित किया है। सरकारी अधिकारियों की मानें तो हिज्ब-उत-तहरीर भारत में इस्लामिक स्टेट की स्थापना की दिशा में काम कर रहा है और यहां के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने में जुटा है। प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा इस संगठन की विचारधारा इस्लामिक कट्टरता पर आधारित है। ये लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को स्वीकार नहीं करता और एक एकीकृत इस्लामिक राज्य की स्थापना पर जोर देता है। संगठन का दावा है कि वह गैर-हिंसात्मक तरीके से काम करता है, लेकिन इसके समर्थक कई बार सरकार विरोधी और अशांत गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। HuT को आतंकवादी संगठन घोषित कर लगाया गया प्रतिबंध दरअसल, साल 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1953 में यरूशलम में बने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) को आतंकवादी संगठन घोषित कर इसके उपर प्रतिबंध लगा दिया था. यह संगठन देश में शरिया कानून लागू करने की साजिश रच रहा था.  सरकार का कहना था कि यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है, जो की देश के भोले-भाले नागरिकों को जिहाद की आड़ लेकर उन्हें बैन आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल करने के लिए उकसाता है.

मुंबई एयरपोर्ट से NIA ने आईएसआईएस स्लीपर सेल के मॉड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया

मुंबई  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई एयरपोर्ट पर ISIS के दो भगोड़े स्लीपर सेल सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों पुणे, महाराष्ट्र में 2023 में IED बनाने और परीक्षण करने के एक मामले में वॉन्टेड थे। अब्दुल्ला फैयाज शेख को डायपरवाला के नाम से भी जाना जाता है। वहीं तालहा खान को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल 2 पर आव्रजन अधिकारियों ने तब पकड़ा, जब वह इंडोनेशिया के जकार्ता में अपने ठिकाने से वापस आ रहे थे। इसके बाद NIA ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ये दोनों आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से फरार थे। NIA की स्पेशल कोर्ट, मुंबई ने इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। एजेंसी ने प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 3 लाख रुपये का इनाम भी रखा था। तीन-तीन लाख का था इनाम जांच में पता चला है कि इन दोनों और ISIS के पुणे स्लीपर सेल के आठ अन्य सदस्यों ने मिलकर साजिश रची थी। ये सभी आठ सदस्य अभी न्यायिक हिरासत में हैं। NIA के बयान में कहा गया है कि इन लोगों ने भारत में हिंसा फैलाकर शांति भंग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रची थी। दोनों पर तीन-तीन लाख रुपये का इनाम था। बम बनाने की वर्कशॉप की दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पुणे के कोंढवा इलाके में अब्दुल्ला फैयाज शेख ने किराए पर लिए गए एक घर में IED बनाए थे। 2022-2023 के दौरान, उन्होंने बम बनाने की वर्कशॉप भी की और उस घर में एक नियंत्रित विस्फोट में IED का परीक्षण भी किया। एक्शन में एनआईए NIA भारत में ISIS की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। एजेंसी ने पहले ही सभी 10 आरोपियों के खिलाफ UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, अब्दुल कादिर पठान, सिमाब नसीरुद्दीन काजी, जुल्फिकार अली बरोड़वाला, शामिल नाचन, आकिफ नाचन और शाहनवाज आलम शामिल हैं। NIA के अनुसार, ये सभी मिलकर भारत में अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद था कि देश में डर का माहौल पैदा किया जाए। NIA अब इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के बारे में और जानकारी मिल सके। NIA का कहना है कि वह देश में आतंकवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी। शशि मिश्रा

NIA को मिला अहम सुराग हमले के समय पहलगाम में प्रतिबंधित हुवावे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब NIA कर रही है। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। हमले के समय पहलगाम इलाके में एक प्रतिबंधित हुवावे (Huawei) सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था। हुवावे एक चीनी कंपनी है। इस पर भारत में रोक है। शक है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से तस्करी करके लाया गया था। चीनी टेलीकॉम कंपनी पर है रोक दरअसल भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनियां हुवावे और ZTE (झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट) को 5G नेटवर्क के लिए उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। हालांकि इन पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है। लेकिन भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने हुवावे और ZTE को 5G रोलआउट से बाहर कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां भारत सरकार की ओर से तय किए गए ‘विश्वसनीय स्रोत’ की शर्त को पूरा नहीं करती हैं। सुरक्षा कारणों से भारतीय टेलीकॉम कंपनियां यूरोपीय उपकरण इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं। अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई 2022 में अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। FBI और MI5 के प्रमुखों ने आरोप लगाया था कि चीन आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, जो कनाडा के साथ फाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन के सदस्य हैं, उन्होंने भी हुवावे को अपने 5G नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है। पहलगाम अटैक की एनआईए कर रही हर एंगल से जांच पहलगाम हमला हाल के समय में कश्मीर में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है। इसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। एनआईए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें सैटेलाइट फोन को ट्रैक करना भी शामिल है। इसके लिए पश्चिमी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने क्या दी है चेतावनी? TRF ने कहा है कि 85,000 से ज्यादा डोमिसाइल गैर-स्थानीय लोगों को जारी किए गए हैं। इससे भारतीय कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IOJK) में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का रास्ता खुल गया है। ये गैर-स्थानीय लोग पर्यटक बनकर आते हैं। डोमिसाइल प्राप्त करते हैं और फिर ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वे जमीन के मालिक हों। नतीजतन हिंसा उन लोगों के खिलाफ निर्देशित की जाएगी जो अवैध रूप से बसने की कोशिश कर रहे हैं। TRF का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है, इसलिए वे हिंसा करेंगे। तीन संदिग्धों के स्केच जारी चश्मदीदों ने बताया है कि हमले में पांच से ज्यादा हमलावर शामिल थे। NIA इन बयानों की जांच कर रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। NIA की टीमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुराग ढूंढ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स भी जांच के दायरे में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे और प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। NIA ने कहा है कि वह आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीमें हमले की जगह पर सबूत ढूंढ रही हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी एनआईए NIA ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए इस मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी।

NIA की टीम आतंकी फिरोज खान को रतलाम लेकर पहुंची, मच गया हड़कंप

रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम से गिरफ्तार आतंकी फिरोज खान को लेकर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और राजस्थान पुलिस की एक संयुक्त टीम रतलाम पहुंची हुई है। टीम ने फिरोज को संबंधित स्थानों पर ले जाकर वहां का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई आतंकवादी गतिविधियों की जांच के सिलसिले में की गई थी, ताकि आतंकी नेटवर्क और उनके द्वारा उपयोग की गई जगहों के बारे में और जानकारी मिल सके। एनआईए और राजस्थान पुलिस की टीम ने फिरोज के साथ स्टेशन रोड थाने में भी पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिरोज से पूछताछ जारी है और उसकी गिरफ्तारी के बाद अब अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि फिरोज की गिरफ्तारी से आतंकी गतिविधियों के बारे में जरूरी जानकारी मिल सकती है, जो आगे की जांच के लिए सहायक साबित होगी। फिरोज खान की गिरफ्तारी     बता दें कि कुछ दिन पहले, रतलाम पुलिस ने फिरोज खान को गिरफ्तार किया था, जो काफी समय से फरार था और उस पर 5 लाख का इनाम भी घोषित था। फिरोज को जयपुर बम ब्लास्ट मामले में वांटेड था। यह गिरफ्तारी रतलाम पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही थी, लेकिन अब एनआईए की कार्रवाई ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। फिरोज खान का आतंकवादी नेटवर्क फिरोज खान 2022 में जयपुर बम ब्लास्ट को दोहराने की साजिश में शामिल था, और एनआईए के मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में उसका नाम था। उसे 2 अप्रैल को रतलाम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब वह ईद के मौके पर अपनी बहन से मिलने आया था। पुलिस को इनपुट मिला था कि वह अपनी बहन के घर पर ठहरने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। एनआईए की जांच का दायरा बढ़ा एनआईए द्वारा की गई ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रतलाम में आतंकवादियों का नेटवर्क सक्रिय था और यह जांच अब और गहरी हो गई है। एनआईए के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले फिरोज खान को आज NIA ने सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया

 रतलाम जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने के मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे फिरोज खान पुत्र फकीर मोहम्मद सब्जीवाला को पुलिस ने बुधवार सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया। फिरोज पर एनआईए ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह ईद मनाने के लिए रतलाम आया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा में राजस्थान पुलिस ने 12 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ आरोपित जुबेर निवासी आनंद कॉलोनी, अल्तमस पुत्र बशीर खान और सरफुद्दीन उर्फ सेफुल्ला पुत्र रमजानी दोनों निवासी शेरानीपुरा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सात अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था। आरोपित कट्टरपंथी संगठन अल सुफा ग्रुप से जुड़े थे। पूर्व में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपित जयपुर की जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है। जगह-जगह लगाए थे पोस्टर फिरोज के हाथ नहीं आने पर एनआईएन ने 2 साल पहले उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था तथा इस संबंध में शहर में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए थे। फिरोज खान की तलाश में एनआईए और रतलाम पुलिस ने कई बार उसके घर तथा अन्य जगह पर दबिश दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। सूचना मिली की फिरोज रतलाम में है इसी बीच बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि फिरोज रतलाम आया हुआ है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में टीम ने उसकी तलाश की तथा घेराबंदी कर उसे उसकी कजिन सिस्टर के घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि फिरोज के रतलाम आने की सूचना मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। सूचना मिली कि वह अपनी कजिन सिस्टर के घर छिपा हुआ है, इस पर टीम ने वहां पहुंच कर घेराबंदी की तथा उसे पकड़ लिया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हिज्ब उत तहरीर के सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, 4 राज्यों में स्लीपर सेल थे एक्टिव

नई दिल्ली  हिज्ब उत तहरीर के आतंकियों ने इस्लामी देशों की सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था। इन लोगों को हिंसक जिहाद और युद्ध के माध्यम से भारत में कानूनी रूप से स्थापित सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए बुलाया किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में आरोप हिज्ब-उत-तहरीर के सदस्यों के खिलाफ ये बातें कही हैं। एजेंसी ने  एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष एक पूरक आरोपपत्र दायर किया। इसमें उसने अब्दुल रहमान और मुजीबुर रहमान को यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत तमिलनाडु और अन्य स्थानों पर हिज्ब उत तहरीर की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने और तैयारी करने के आरोप में नामजद किया। दोनों को इस साल जून में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। शरीया कानून लागू करना चाहते थे एनआईए के अनुसार, जांच से पता चला है कि आरोपियों ने संगठन की विचारधारा का प्रचार करने के लिए हिज्ब उत तहरीर के स्वयंभू पदाधिकारियों के साथ साजिश रची थी। इसका उद्देश्य भारत में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना करना और एचयूटी के संस्थापक तकी अल-दीन अल-नभानी द्वारा लिखित शरिया आधारित संविधान के मसौदे को लागू करना था। एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी सक्रिय रूप से हिज्ब उत तहरीर की सीक्रेट क्लासेज में दारिस (छात्रों) की भर्ती में शामिल थे। उन्होंने ‘बयान’ (धार्मिक प्रदर्शन) कक्षाएं भी संचालित की थीं। साथ ही सोशल मीडिया पर संगठन की भारत विरोधी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कई शॉर्ट फिल्में भी बनाई थीं। यूपी, तमिलनाडु समेत 4 राज्यों में स्लीपर सेल लेबनान स्थित इस कट्टरपंथी समूह की ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों में उपस्थिति है। पिछले वर्ष अक्टूबर में फिलिस्तीन के समर्थन में हुए सड़क विरोध प्रदर्शन के बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि इसने इजरायल में हमास की कार्रवाई की प्रशंसा की थी। मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इसके स्लीपर सेल के उभरने के बाद भारत ने हाल ही में इस समूह पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है। इस साल की शुरुआत में मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने हिज्ब उत तहरीर के पहले मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। अधिकारियों के अनुसार, बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को एनआईए को सौंप दिया। एजेंसी ने बाद में हिज्ब उत तहरीर के 17 सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

खालिस्तानी आतंकी के दो सहयोगियों के खिलाफ एनआईए ने विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब आतंकवादी साजिश मामले में प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकवादी संगठन के आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के दो प्रमुख सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। पंजाब के फिरोजपुर जिला के जसप्रीत सिंह उर्फ जस और मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला के बलजीत सिंह उर्फ राणा भाई के खिलाफ मोहाली स्थित एनआईए विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया। एनआईए ने दोनों की पहचान विदेश स्थित खालिस्तानी आतंकवादी लांडा द्वारा गठित एक आतंकी गिरोह के सदस्यों के रूप में की थी। एनआईए की जांच में जस को लांडा और उसके सहयोगी को पट्टू खैरा के सहयोगी के रूप में चिन्हित किया है। जबकि राणा भाई लांडा गिरोह के सदस्यों और अन्य गैंगस्टरों को हथियारों की आपूर्ति में शामिल था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी लांडा के ड्रग तस्करी और जबरन वसूली नेटवर्क में शामिल थे, जिसका उद्देश्य बीकेआई के लिए धन जुटाना था। वहीं बलजीत स्थानीय स्तर पर हथियार बना रहा था और लांडा गिरोह के गुर्गों को आपूर्ति करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहा था। बलजीत उन विभिन्न हथियार आपूर्तिकर्ताओं में से एक था, जिनके साथ आतंकवादियों ने देश भर में हथियारों और गोला-बारूद आदि की आपूर्ति के लिए समझौता किया था। जांच के दौरान एनआईए ने आरोपियों से विभिन्न हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ और ड्रग मनी, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक लेख जब्त किए। इस मामले में जांच जारी है।  

NIA द्वारा जम्मू-कश्मीर में रेड के दौरान अधिकारियो ने आतंकियों के 9 ठिकानों का पता लगाया है और सामान भी बरामद किया

कश्मीर श्रीनगर आतंकवाद के विरुद्ध चलाए अभियान के तहत NIA द्वारा जम्मू-कश्मीर में सुबह से ही रेड की जा रही है। इस रेड के दौरान अधिकारियो ने आतंकियों के 9 ठिकानों का पता लगाया है और वहां से सामान भी बरामद किया है। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल-बद्र, अल-कायदा आदि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के नवगठित शाखाओं और सहयोगियों से जुड़े हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के परिसरों पर की गई छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डेटा और दस्तावेज वाले कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। इन संगठनों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के परिसरों की भी गहन तलाशी ली गई। NIA की टीमों ने 21 जून 2022 को आतंकवाद विरोधी एजेंसी द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज मामले आरसी-05/2022/एनआईएवीजेएमयू में अपनी जांच के हिस्से के रूप में आज सुबह इन संपत्तियों पर कार्रवाई की और विस्तृत तलाशी ली। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनकी नई शाखाओं द्वारा जम्मू-कश्मीर में चिपचिपे बम, आईईडी और छोटे हथियारों आदि का उपयोग करके हिंसा फैलाने की योजनाओं से संबंधित एक आतंकी साजिश से संबंधित है। अपने पाकिस्तान स्थित आकाओं और आकाओं के समर्थन से, ये संगठन स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर और ओवरग्राउंड वर्करों को जुटाकर जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए भौतिक और साइबर दोनों जगहों पर साजिश रच रहे हैं। इन संगठनों में द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू और कश्मीर (ULFJ&K), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (MGH), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (JKFF), कश्मीर टाइगर्स, PAAF और अन्य शामिल हैं।  ये सभी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं और भारत सरकार द्वारा मुख्य आतंकवादी समूहों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उनके नापाक एजेंडे को पूरा करने के लिए इन्हें फ्रंटल संगठन के रूप में पेश किया गया था।  तलाशी के दौरान बरामद डिजिटल उपकरणों और अन्य डेटा की जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश को उजागर किया जा सके और उसे ध्वस्त किया जा सके।

कई लोगों को पकड़कर फोन-सिम कार्ड किए जब्त, छत्तीसगढ़-बीजापुर के नक्सल प्रभावित गांव में पहुंची एनआईए

बीजापुर. नक्सल गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने शनिवार को बीजापुर जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर छापा मारा। गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार गांव में  छापेमारी हुई है। जहां टीम ने कई मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों को जब्त किया है। बीजापुर पुलिस के अफसरों की मदद से एनआईए की टीम पहुंची थी। पालनार गांव से टीम ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई है। नक्सल गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने शनिवार को बीजापुर जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर छापा मारा। गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार गांव में  छापेमारी हुई है। जहां टीम ने कई मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों को जब्त किया है।

एनआईए दिल्ली के मुस्तफाबाद में की छापेमारी, संदिग्ध सामग्री बरामद की

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कई जगहों पर छापेमारी लगातार जारी है। इसी क्रम में एनआईए ने राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर पूर्वी इलाके मुस्तफाबाद सहित कई जगहों पर छापेमारी की और संदिग्ध सामग्री बरामद की। एनआईए ने यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस की मदद से की। सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान संदिग्ध सामग्री बरामद की गई और कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी शनिवार सुबह खत्म हुई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एनआईए की केस आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई के तहत जांच का हिस्सा है। इसके तहत आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क पर एनआईए छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई के तहत देश के पांच राज्यों में 22 जगहों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। बता दें कि एनआईए और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने शनिवार को संयुक्त रूप से महाराष्ट्र में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव और जालना समेत कई जगहों पर की गई, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल चार लोगों को हिरासत में लिया गया। एनआईए ने जालना में गांधी नगर क्षेत्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक को छत्रपति संभाजी नगर आजाद चौक से व अन्य एक व्यक्ति को एन-6 क्षेत्र से तथा एक अन्य संदिग्ध को मालेगांव से हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में लिए गए संदिग्धों की आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी सहायता समूहों से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि ये छापे एनआईए द्वारा आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर देश भर में की गई व्यापक कार्रवाई के मद्देनजर मारे गए हैं। कुछ दिन पहले ही, 1 अक्टूबर को, एनआईए ने माओवादी पुनरुत्थान की साजिश के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में कई छापे मारे थे। पिछले हफ़्ते तमिलनाडु में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जो चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एक आतंकी साजिश के मामले से संबंधित थी, जिसे बाद में एनआईए को सौंप दिया गया था।

5 राज्यों के 22 ठिकानों पर NIA का एक्शन, आतंकी संगठन JeM से जुड़े मामले में छापेमारी

श्रीनगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय राजधानी सहित पांच राज्यों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छापेमारी जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम और दिल्ली में की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के लिए एनआईए की टीमों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की दिल्ली शाखा में दर्ज एक मामले में पांच राज्यों के 22 स्थानों पर छापेमारी जारी है। एनआईए ने कहा कि “आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई मामले में तलाशी ली जा रही है। यह छापेमारी जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित है।” गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना मौलाना मसूद अज़हर ने की थी, वह उन तीन आतंकवादियों में से एक था, जिन्हें 1999 में आईसी 814 यात्रियों के बदले में रिहा किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससी) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मसूद अज़हर को यूएनएससी ने 2019 में ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया था। पश्चिम बंगाल में मंगलवार को थी छापेमारी इससे पहले अभी हाल में ही एनआईए ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने राज्य के दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता जिलों में 11 स्थानों पर संदिग्धों के आवासों की गहन तलाशी ली। एनआईए की तरफ से कहा गया कि संदिग्ध भाकपा (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता थे और माना जाता है कि उन्होंने नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने में संगठन के कमांडरों की सहायता की। एनआईए की तरफ से कहा गया कि तलाशी में कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्चे, पत्रिकाएं और हस्तलिखित पत्र जब्त किए गए। एनआईए ने कहा कि यह मामला पोलित ब्यूरो, केंद्रीय समिति के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों की साजिश से संबंधित है।  दिल्ली के मुस्तफाबाद पहुंची टीम एनआई की टीम इस मामले में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शुक्रवार देर रात रेड करने पहुंची. NIA के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और लोकल पुलिस भी मौजूद थी. सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफाबाद में जहां रेड हुई वहां से काफी संदिग्ध सामान मिला है. NIA ने रेड के बाद कुछ लोगों को नोटिस दिया है और 1 से 2 लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है.  महाराष्ट्र से दो संदिग्ध हिरासत में जांच एजेंसी एनआईए ने इस ऑपरेशन के दौरान महाराष्ट्र के जालना, औरंगाबाद और मालेगांव में भी रेड डाली. इन जगहों से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. बताया गया है कि जालना से 2 लोगों को, छत्रपति शम्भाजी नगर और मालेगांव से 1-1 शख्स को हिरासत में लिया है. जम्मू-कश्मीर: बारामूला में भी पहुंची NIA की टीम जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले के संगरी और कुछ अन्य इलाकों में भी NIA की टीमें स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. यह कार्रवाई अब भी चल रही है. संगरी कॉलोनी में मौलवी इकबाल भट के घर में तलाशी ली गई है. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. सूत्रों ने आगे बताया कि कश्मीर के अन्य हिस्सों में अभी छापेमारी जारी है. यूपी और असम में भी रेड सूत्रों की मानें तो एनआई की टीम असम और उत्तर प्रदेश भी पहुंची और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई. हालांकि यहां से किसी को हिरासत में लेने की खबर नहीं है. क्यों हुई ये कार्रवाई एनआईए से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई देश विरोधी गतिविधि, आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े मामले में हो रही है. कुछ संदिग्धों के पास से कई सामान मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है.

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