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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज पहुंचेंगे मसूरी, करेंगे LBS अकादमी में संबोधित

देहरादून मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज मसूरी पहुंचेंगे। वह एलबीएस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह कल पौने दस बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद 11 बजकर 30 मिनट पर मसूरी पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष उसी दिन दिल्ली वापस लौट जाएंगे। बता दें कि मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127वां इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम में 19 राज्यों की सेवाओं से प्रोन्नत 97 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 73 पुरुष अधिकारी और 24 महिला अधिकारी हैं। यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि और ‘मिशन कर्मयोगी’ के रूपांतरणीय लक्ष्यों से प्रेरित होकर अधिकारियों को राज्य-स्तरीय प्रशासनिक भूमिकाओं से राष्ट्रीय-स्तर की नेतृत्वकारी जिम्मेदारियों में सुगम रूपांतरण के एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करता है।  

आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जनजातीय महिलाओं को सिखायेंगे संसदीय शासन प्रणाली

नई दिल्ली संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में सोमवार को “पंचायत से पार्लियामेंट 2.0” कार्यक्रम में 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पंचायती राज संस्थाओं से अनुसूचित जनजाति की 502 महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित किए जा रहे इस एक दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को संवैधानिक प्रावधानों, संसदीय प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था की गहन जानकारी प्रदान करना है। श्री बिरला के नेतृत्व में सभी प्रतिनिधि भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह स्वागत भाषण देंगे। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम दूसरे सत्र को संबोधित करेंगे। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यशाला और सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा प्रतिभागियों को नए संसद भवन, संविधान सदन, प्रधानमंत्री संग्रहालय और राष्ट्रपति भवन ले जाया जाएगा ताकि उन्हें भारत की विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज की गहन जानकारी प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की अनुसूचित जनजातियों की 502 निर्वाचित महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी जिससे एक विविध और समावेशी समूह के बीच जानकारी का आदान-प्रदान होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित अनुसूचित जनजातियों की महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाना तथा प्रभावी नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए उन्हें संवैधानिक प्रावधानों, संसदीय प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे एक अन्य उद्देश्य शिक्षा, ग्रामीण विकास आदि जैसे विविध क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति की महिला प्रतिनिधियों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को मान्यता देना भी है । प्रतिभागियों के लिए परस्पर संवादपरक कार्यशालाएँ और सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनका संचालन सुविख्यात विशेषज्ञों और संसद सदस्यों द्वारा किया जाएगा। ये सत्र निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होंगे :- (1) महिलाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधान, जिसमें 73वें संशोधन – पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा अधिनियम) पर विशेष रूप से बल दिया जाएगा। (2) जनजातीय मुद्दों से संबंधित केंद्र सरकार की योजनाएँ और कार्यक्रम। इस कार्यक्रम का आयोजन “पंचायत से संसद 2024” के क्रम में किया जा रहा है, जिसमें पूरे भारत से 500 महिला सरपंच शामिल हुई थीं। कार्यक्रम के दूसरे संस्करण, पंचायत से पार्लियामेंट 2.0 का उद्देश्य, अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाना तथा विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को और सशक्त करना है।  

ओम बिरला ने कहा सदन की गरिमा बनाए रखें, संसद भवन के द्वार पर धरना-प्रदर्शन करने पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को सदन में एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल, संसद सदस्य या सदस्यों का समूह संसद भवन के द्वार पर धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसद भवन का परिसर और उसकी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा को बनाए रखना सभी सांसदों की सामूहिक जिम्मेदारी है। ओम बिरला ने कहा कि संसद क्षेत्र में किसी भी दरवाजे पर धरना-प्रदर्शन करना सही नहीं है। अगर कोई सदस्य या समूह ऐसा करता है, तो इसका असर उनकी प्रतिष्ठा पर पड़ेगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रकार की गतिविधियों से सदन की कार्यवाही और संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोकतंत्र की असल भावना प्रभावित होती है। उन्होंने सांसदों ने आग्रह किया कि वह सदन की गरिमा बनाए रखें और संसद भवन के भीतर या उसके आसपास किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से बचें। उन्होंने सांसदों की जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है, और इसे हर किसी को आदर देना चाहिए। दरअसल, गुरुवार को संसद भवन परिसर में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत सीढ़ियों से गिरकर चोटिल हो गए थे। भाजपा सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिसके बाद वह गिर गए और घायल हो गए। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस घटना पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों चोटिल सांसदों का हालचाल भी जाना था। धक्का-मुक्की कांड पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा था कि राहुल गांधी बीआर अंबेडकर की फोटो लेकर शांति पूर्वक ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए संसद में जा रहे थे। संसद में जाने से किसने रोका? हम इतने दिनों से साइड में प्रदर्शन कर रहे हैं। जो भी आ रहा है, जा रहा है, उसके लिए पूरा रास्ता है। इन्होंने पहली बार प्रदर्शन किया और सबको रोक दिया, धक्का-मुक्की और गुंडागर्दी की। अमित शाह को बचाने के लिए यह साजिश हुई है। बता दें कि संसद भवन परिसर में इंडिया ब्लॉक के नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नेता अमित शाह का इस्तीफा मांग रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन डॉ अंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है।  

लोकसभा अध्यक्ष ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय बताया

नई दिल्ली लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण मंगलवार को भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका और कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब 12.17 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय तथा प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं के आचरण को संसदीय परंपराओं को प्रतिकूल बताया और कहा कि सभी को संसद की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए। बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर इस विषय का उल्लेख किया और अफसोस जताया। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने का प्रयास करते हुए हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब पांच मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर प्रस्तुत कराए। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ‘वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक, 2024′ हंगामे के बीच ही प्रस्तुत किया। सैकिया ने विपक्ष के सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘आपके कारण सदन नहीं चल रहा, ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए।” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘आपके शर्मनाक व्यवहार की वजह से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है, इसके लिए आपको माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस और देश विरोधी ताकतों से क्या रिश्ते हैं, पता चलना चाहिए और इसके लिए विपक्षी दल को सदन में माफी मांगनी चाहिए। रीजीजू ने कांग्रेस और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये लोग जॉर्ज सोरोस के साथ तालमेल करके देश के खिलाफ काम करते हैं और रग-बिरंगे पहनकर आपत्तिजनक बातें करते हैं।.पीठासीन सभापति सैकिया ने आसन के समीप हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। जिसका कोई असर नहीं होने पर उन्होंने कार्यवाही करीब 12 बजकर 17 मिनट पर बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी। गौरतलब है कि भाजपा पिछले कुछ दिन से कांग्रेस, पार्टी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सोरोस के साथ देश की सरकार, संसद और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए काम करने का आरोप लगा रही है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों द्वारा संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख सदन में किया और क्षोभ जताया। एक दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहने दो कांग्रेस सांसदों का प्रतीकात्मक साक्षात्कार करते हुए सरकार एवं प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। कांग्रेस सांसद शिवाजी कलगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मणिकम टैगोर ने उद्योगपति गौतम अदाणी का मुखौटा पहन रखा था। पार्टी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के कुछ नेताओं के आरोपों से जुड़े मुद्दे उठाने का भी प्रयास कर रही है। कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दल अदाणी मामले को लेकर संसद परिसर में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का हंगामा अशोभनीय-  ओम बिरला बिरला ने मंलगवार को सदन में कहा, ‘‘संसद एक पवित्र स्थल है और इस भवन की उच्च गरिमा, प्रतिष्ठा और मर्यादा है। इसी भवन में हमने आजादी प्राप्त की है। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। इस संस्था में लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जाता है। सहमति-असहमति हमारे लोकतंत्र की परंपरा रही है, जो संविधान बनते समय भी हमने अभिव्यक्त की थी।” उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि संसद परिसर में जिस प्रकार के प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिस प्रकार के नारे, पोस्टर और मुखौटों का उपयोग किया जा रहा है, वह न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि हमारी नियम प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के अनुरूप भी नहीं है।” अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए- कांग्रेस बिरला ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इसमें प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं का आचरण-व्यवहार भी संसदीय व्यवहार के अनुकूल नहीं है।” इस पर कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने टोका-टोकी करते हुए कहा कि अध्यक्ष को सत्तापक्ष का भी नाम लेना चाहिए। इस पर बिरला ने कहा कि चाहे सत्तापक्ष हो या प्रतिपक्ष हो, सभी दलों के लोग संसद की गरिमा, परंपरा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखें। उन्होंने कहा, ‘‘मर्यादित आचरण रखेंगे तो जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा। इस लोकतंत्र के मंदिर के प्रति लोगों की बहुत गहरी आस्था और विश्वास है। आजादी के 75 वर्ष में हमने यहां चर्चा, संवाद और तीखी आलोचना देखी है। यह यहां की परंपराएं रही हैं।” बिरला ने सदस्यों से अपील की, ‘‘आप सकारात्मक सहयोग करें। जो मुद्दे हैं उन पर आप आकर चर्चा करें। सत्तापक्ष से प्रतिपक्ष के लोग बैठकर चर्चा करें, सदन को चलाने का प्रयास करें।”

ओम बिरला ने महाभक्ति यज्ञ में डाली आहुति, राजस्थान-भीलवाड़ा में भगवान देवनारायण की जन्मस्थली पर 500 ड्रोन का मेगा शो

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड स्थित भगवान श्री देवनारायण जी की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी पर रविवार देर सायं को महाभक्ति कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भगवान देवनारायण के दर्शन किए और मंदिर में आयोजित यज्ञ में आहुति दी। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई की श्री जालवाला नाथ फाउंडेशन द्वारा किया गया इसमें लोकसभा अध्यक्ष के साथ दक्षिण दिल्ली सांसद राजवीर विधूड़ी, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चैधरी, राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, और कई अन्य मंत्री व विधायक उपस्थित रहे। इस भव्य आयोजन में राजस्थान, मुंबई, गुजरात, और दिल्ली से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की खासियत शाम को आयोजित किया गया प्रदेश का पहला 500 ड्रोन का मेगा शो रहा। इस शो में भगवान देवनारायण के अवतरण की आकृतियां आसमान में बनाईं गईं, जो भक्तों के लिए एक अद्वितीय दृश्य अनुभव था। भगवान देवनारायण के दर्शन के बाद इस दौरान आयोजित सभा को समारेाह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान देवनारायण ने समाज में समरसता, अध्यात्म और लोक कल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन हमें सत्य, सद्भाव, और वचन पालन की प्रेरणा देता है। उनके दर्शन से मनुष्य का कल्याण होता है और सभी को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। बिरला ने अपने संबोधन में भगवान श्री विष्णु के अवतार श्री देवनारायण जी की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि मालासेरी डूंगरी, जो भगवान देवनारायण की जन्मस्थली और माता साडू की तपोभूमि है, एक दिव्य स्थान है। यहां आकर अपार हर्ष का अनुभव हुआ। श्री देवनारायण जी की फड़, लोकगीत, और कथाएं हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने मंदिर परिसर में चल रहे यज्ञ में पूर्णाहुति दी और भगवान से सबके कल्याण और समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस पवित्र स्थान पर आने और भगवान के दर्शन करने का अवसर मिला। बिरला ने कहा, मालासेरी डूंगरी पर आकर मन को शांति और प्रेरणा मिली। भविष्य में यहां लौटकर आने की मेरी इच्छा है। भगवान देवनारायण जी की कृपा से समाज में समरसता और सभी का कल्याण हो। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान देवनारायण के प्रति अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। ड्रोन शो और महाभक्ति कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।

नवल सागर झील के किनारे बैठकर विकास को लेकर लोगों से की चर्चा, राजस्थान-बूंदी पहुंचे ओम बिरला

बूंदी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने बूंदी प्रवास के दौरान रविवार को नवल सागर झील के किनारे शहरवासियों और प्रबुद्धजनों से मुलाकात कर शहर के समग्र विकास को लेकर चर्चा की। इस दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री एवं बूंदी जिला प्रभारी हीरालाल नागर भी उनके साथ उपस्थित थे। बिरला ने बूंदीवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन को बढ़ाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालचंदपाड़ा और नाहर का चौहट्टा क्षेत्र में गर्मियों के दौरान बिजली की अनियमित आपूर्ति को देखते हुए ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण करवाया जा रहा है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने के बाद इसका कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने पुराने शहर के हैरिटेज लुक को बनाए रखने के लिए झूलते बिजली तारों को भूमिगत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बूंदी शहर पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं रखता है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और बोटिंग जैसी सुविधाओं की शुरुआत की गई है, जिससे यह देश का एक प्रमुख टाइगर रिजर्व बनेगा। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास कार्यों से बूंदी को पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बिरला ने कहा कि नवल सागर झील को पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बनाने के लिए इसके सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। झील में गिरने वाले गंदे पानी की समस्या का समाधान करने और कैचमेंट एरिया को पक्का करने के बाद इसे और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से झील देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण बन जाएगी। अपने प्रवास के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत के निवास पर पहुंचकर उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना देते हुए दुख की इस घड़ी में धैर्य रखने की बात कही। इस दौरान पूर्व विधायक अशोक डोगरा, जिला पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, एडीएम सुदर्शन सिंह तोमर, और अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उनके साथ उपस्थित रहे।

आज ओम बिरला का लोकसभा में दिखा चुटीला अंदाज, टीआर बालू से पूछ लिया ऐसा सवाल

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला का चुटीला अंदाज देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं ने मजाकिया सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल हल्का-फुल्का नजर आया। ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक नेता टी आर बालू से चुटीले अंदाज में सवाल किया कि क्या वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं? उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब बालू ने मनरेगा से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछा। असल में टीआर बालू ने इस मुद्दे को उठाते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा का मानदेय कम होने का दावा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्या बालू जी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में पार्टी का विस्तार करना चाह रहे हो? गौरतलब है कि टीआर बालू द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी से सांसद हैं। बीते लोकसभा चुनाव में डीएमके ने तमिलनाडु में 39 में 22 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मनरेगा से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जाने के दौरान बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर भी व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी की। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने के लिए आसन से नाम पुकारे जाने पर जब बनर्जी खड़े नहीं हुए जो बिरला ने कहाकि थोड़ा कानों को ठीक रखो कल्याण बाबू। इससे पहले मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग दोहराई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), शिवसेना (उबाठा), द्रमुक और वाम दलों सहित अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप के संजय सिंह, राजद की मीसा भारती और शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया।

ओम बिरला ने कहा- विधानसभा की तर्ज पर नगर निगमों में सदन को चलाने के लिए प्रक्रिया निर्धारित की जाना चाहिए

इंदौर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को इंदौर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर नगर निगमों में सदन को चलाने के लिए प्रक्रिया निर्धारित की जाना चाहिए। एक घंटे का शून्य काल हो, जिसमें विविध मुद्दे उठाए जा सकें। पानी, बिजली, सीवरेज जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाए जाएं। ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे सदन पूरे दिन चल सके। सकारात्मक रूप से जनता से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। जितना सुंदर इंदौर नगर निगम का सभागृह है, उतनी ही सुंदर इसकी कार्रवाई भी होना चाहिए। इस सदन को ऐसे आदर्श स्थापित करना चाहिए ताकि प्रदेश के अन्य नगरीय निकाय यहां आकर देखें और सीखें कि नगर निगम सदन की कार्रवाई कैसे चलती है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त शिवम वर्मा, सांसद शंकर लालवानी, महापौर परिषद सदस्य और पार्षदों के साथ-साथ निगम के अधिकारी भी मौजूद थे। जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती बिरला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन देश ही नहीं, विश्व में सबसे बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के माध्यम से दुनिया को दिशा दी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जो 51 लाख पौधे रोपने का संकल्प लिया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का काम करेगा। उम्र में छोटे हैं लेकिन मैंने उनसे बहुत सीखा है कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बिरला लोकतंत्र के मंदिर के रखवाले हैं। वह उम्र में भले ही मुझसे छोटे हैं, लेकिन मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। हमने लोकसभा में गंभीरता, पवित्रता, निष्पक्षता देखी है। सांसदों का आचरण भी देखा है। हमने देखा है कि जब भी कोई सांसद बोलते हैं तो कोई शोर नहीं करता, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान कुछ विपक्षियों ने जमकर हंगामा मचाया। विजयवर्गीय ने बिरला से कहा कि आप हेड मास्टर हैं। आप सासंदों को बताएं कि वे सदन में कैसा व्यवहार करें। आप उनके लिए आदर्श हैं। आपका गुस्सा क्षणिक होता है। जहां जरूरत होती है, आप गुस्सा दिखाते हैं और जहां जरूरत होती है, मुस्कुरा देते हैं। सांसद आपके चेहरे को देखकर समझ जाते हैं कि आप क्या चाहते हैं। सांसदों को यह समझना चाहिए कि वे लोकतंत्र के सबसे बड़े सदन में बैठे हैं। उन्हें पूरा देश देखता है। नगरीय निकाय के सदन उन्हीं से सीखते हैं।

ओम बिड़ला का लोकसभा अध्यक्ष बनना लगभग तय फाइनल, सस्पेंस हुआ समाप्त

नई दिल्ली 18 वीं लोकसभा में अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रहे सस्पेंस और कयासों का पटाक्षेप हो गया लगता है।विश्वस्त सूत्रों के अनुसार ओम बिरला का फिर से लोकसभा अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गाया है। बताया जा रहा है कि ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बनेंगे और एनडीए के सहयोगी दलों टीडीपी और जेडीयू में से किसी एक के को लोकसभा उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। आगामी 24 जून से शुरू होने वाले नई लोकसभा के पहले सत्र में 26 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा के सोमवार रात को ओम बिरला के निवास पर पहुंचना और देर रात्रि तक बैठक होना इस ओर संकेत कर रहा है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरण रिजूजू ने भी ओम बिरला से मुलाकात की है।वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी 7 की बैठक के बाद इटली से लोटने के बाद से ही नए लोकसभा अध्यक्ष को लेकर हलचल तेज हो गई है तथा मेल मिलाप एवं बैठकों का सिलसिला चल रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एन डी ए के सहयोगी दलों के साथ इस मामले में आम सहमति बनाने की जिम्मेदारी दी है। इधर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दलों ने परम्परा का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष का पद प्रतिपक्ष को देने की मांग रखी है और ऐसा नही होने पर अध्यक्ष पद के लिए भी स्वयं का उम्मीदवार उतार कर चुनाव करवाने की बात कही है। कुछ मीडिया ग्रुप आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दग्गुबती पुरंदेश्वरी का नाम भी लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चला रहे है। वे दक्षिण के दिग्गज नेता एन टी रामाराव की पुत्री तथा टीडीपी नेता एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू की साली है लेकिन लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों भाजपा से ही बनाना तर्क संगत नहीं एलजी रहा है। उधर कुछ मीडिया खबरों में ओम बिरला को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की खबरे भी आ रही है। वर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है लेकिन किसी संवैधानिक पद पर रहे नेता को पुनः अध्यक्ष बनाने अथवा केबिनेट मंत्री बनाने के उदाहरण तो मिलते है लेकिन पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का उदाहरण नही मिलता। अब तक कांग्रेस के नीलम संजीव रेड्डी और बलराम जाखड़ के दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनाने का इतिहास अवश्य रह है। वैसे ओम बिरला विगत बीस वर्षों में ऐसे पहले लोकसभा अध्यक्ष है जोकि पुनः चुनाव जीत कर आए है,अन्यथा कई स्पीकर रिपीट नही हुए है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजस्थान के कोटा लोकसभा सीट से 41,139 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की है। इसके साथ ही ओम बिरला ने एक मिथक को तोड़ दिया है तथा दो दशक के बाद दोबारा चुनाव जीतने वाले लोकसभा अध्यक्ष बन गए हैं। 1999 के बाद कोई भी लोकसभा अध्यक्ष दोबारा चुनाव जीतकर सदन में नहीं पहुंचा था. बिरला ने इस बार जीत की हैट्रिक लगाई है। लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित होने वाले अंतिम लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा थे, जो 1996 से 1998 तक 11वीं लोकसभा के पीठासीन अधिकारी थे। उस समय कांग्रेस के सदस्य रहे संगमा 1998 के लोकसभा चुनाव में मेघालय के तुरा से दोबारा निर्वाचित हुए थे। इसके बाद जीएमसी बालयोगी अक्टूबर 1999 में जब देश में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी. तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता जीएमसी बालयोगी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया. 3 मार्च, 2002 को एक हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया। जीएमसी बालयोगी के निधन के बाद अटल वाजपेयी की सरकार में शिवसेना नेता मनोहर जोशी को स्पीकर चुना गया, लेकिन जब 2004 में लोकसभा सभा के चुनाव हुए तो, जोशी मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से अपना चुनाव हार गए. इसके कारण भी वो संसद नहीं पहुंच पाए। साल 2004 में यूपीए की सरकार बनी. इसमें डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने. इस बार सीपीएम के नेता सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया और 2009 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। 2009 में मीरा कुमार को लोकसभा की स्पीकर बनीं, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वो संसद नहीं पहुंच सकीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला. इंदौर लोकसभा सीट से लगातार 8 बार चुनाव जीतने वाली सुमित्रा महाजन को स्पीकर बनाया गया, लेकिन, 2019 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया. ओम बिरला के नाम एक और भी रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसके टूटने की हाल-फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. ये रिकार्ड है उनके द्वारा संसद के पुराने और नये भवन में लोकसभा की अध्यक्षता करने का. सत्रहवीं लोकसभा में उनके अध्यक्ष रहने के दौरान दिसंबर 2023 में लोकसभा से बड़ी संख्या में सांसदों को निलंबित किए जाने के कारण भी उनका कार्यकाल सुर्खियों में रहा था. इस दौरान ही 2023 में नई संसद का उद्घाटन हुआ और नए लोकसभा कक्ष में बिरला ने अध्यक्ष के रूप में लोकसभा की कार्यवाही का संचालन किया.l। बिरला को पर्दे के पीछे रहकर संगठन के लिए काम करने वाला नेता माना जाता है. भाजपा की युवा शाखा के लिए उन्होंने सालों साल काम किया और इस दौरान भाजपा के आम कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेताओं के संपर्क में आए. इनमें तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैं. यही कारण है कि शाह व मोदी ने जून 2019 में सबको चौंकाते हुए लोकसभा अध्यक्ष के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया। लोकसभा अध्यक्ष पद पर पहुंचने वाले बिरला राजस्थान मूल के पहले राजनेता हैं. इससे पहले बलराम जाखड़ 1980 से 1989 तक इस पद पर रहे, जो 1980 में पहले फिरोजपुर और बाद में 1984 में राजस्थान के सीकर से सांसद थे. राजनीतिक जानकारों के अनुसार बिरला छात्र जीवन से ही संघ से जुड़ गए. इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे और जिला व राज्य स्तर पर उसकी अगुवाई की. बिरला ने 2003 में विधानसभा चुनाव में कोटा दक्षिण सीट पर कांग्रेस के दिग्गज शांति धारीवाल को हराकर … Read more

राजस्थान के ओम बिरला मोदी 3.0 में दोबारा बनेंगे लोकसभा अध्यक्ष

कोटा. राजस्थान के कोटा सांसद ओम बिरला को मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं करने के बाद उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में पिछले कार्यकाल में लोकसभा अध्यक्ष रहे ओम बिरला को जगह नहीं दी गई है। माना जा रहा था कि स्पीकर का कार्यकाल पूरा करने के बाद बिरला को कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। माना यह भी जा रहा है कि ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बन सकते है। ऐसा नहीं होता है तो पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी सांसद ओम बिरला को फिर से लोकसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि उन्होंने नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। पहले चर्चा थी कि ओम बिरला को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोग नए नामों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इस बार मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत तो मिला है, लेकिन मजबूत बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अपने सहयोगी विशेषकर तेलुगु देशम् पार्टी- टीडीपी के एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और जनता दल यूनाइटेड- जेडीयू के नीतीश कुमार के साथ कई बार चर्चा करनी पड़ी। बीजेपी की नजर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों है बीजेपी लोकसभा अध्यक्ष का पद अपने पास ही रखना चाहती है। इसकी वजह है कि यह है कि पिछले कुछ वर्षों में, सत्तारूढ़ दलों के भीतर विद्रोह के कई मामले सामने आए हैं, जिसके कारण विभाजन हुआ और सरकारें भी गिरीं। ऐसे मामलों में दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है और यह कानून, सदन के अध्यक्ष को बहुत शक्तिशाली स्थिति देता है। कानून में कहा गया है, सदन के सभापति या अध्यक्ष के पास दलबदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने की पूर्ण शक्ति है। बता दें नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं। इसलिए, किंगमेकर बगावत की स्थिति में नहीं आना चाहते और ऐसी किसी भी रणनीति के खिलाफ ढाल के तौर पर स्पीकर का पद चाहते हैं। बिरला को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी उल्लेखनीय है कि ओम बिरला पीएम मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। इस बार कोटा से जीत की हैट्रिक लगाई है। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था। इस बार कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना थी लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद यही संभावना बनी है कि बिरला को एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है और वे अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो बिरला के नाम एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा। वे बलराम जाखड़ के बाद दूसरे ऐसे स्पीकर होंगे जो लगातार दो कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, चर्चा यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

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