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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा, भारत ने नष्ट किए पाक के 6 फाइटर जेट

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान के नुकसान की खबरें सामने आने लगी हैं. भारतीय वायुसेना ने शौर्य का परिचय देते हुए पाक को ‘छठी का दूध’ याद करा दिया. सीडीएस ने बताया, भारत की जवाबी कार्रवाई से 8 घंटे में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे और सीजफायर के लिए भारत के आगे नाक रगड़ने लगा था. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय वायू सेना ने जवाबी हमले में पाकिस्तान के कई फाइटर जेट और मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया। इसकी कल्पना शायद पाकिस्तान ने भी नहीं की होगी। इन जवाबी हमलों में पाकिस्तान को होने वाले नुकसान की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। पहले खबर सामने आई कि भारतीय हमले में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तबाह हो गए। वहीं, अब यह आंकड़ा 9 पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किए गए मूल्यांकन से पता चला है कि पाकिस्तान के हवाई और जमीनी सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) के छह लड़ाकू विमान को गिरे हैं। इसके अलावा दो हाई वैल्यू निगरानी विमान और सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान को भी मार गिराया गया। वहीं, दस से अधिक सशस्त्र ड्रोन को भी तबाह कर दिया गया। इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय हमले में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तानी पंजाब में हवाई संघर्ष के दौरान छह पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराए गए थे। इन विमानों को भारतीय ग्राउंड-बेस्ड मिसाइल सिस्टम और हवाई चेतावनी रडारों ने ट्रैक कर ध्वस्त किया था। अब जो नई जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक, एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) एयरक्राफ्ट को भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रणाली सुदर्शन से 300 किमी की दूरी पर मार गिराया गया। दूसरा विमान स्वीडिश मूल का था और पाकिस्तान के भोलेरी एयरबेस पर तैनात था। एक क्रूज मिसाइल हमले में नष्ट हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों में विमान हैंगर पूरी तरह तबाह दिखा। वहीं, मलतान के पास स्थित एक केंद्र पर ड्रोन स्ट्राइक में PAF का C-130 लॉजिस्टिक्स विमान नष्ट हुआ। भारत के राफेल और सुखोई-30 विमानों द्वारा किए गए एक हमले में विंग लूंग सीरीज के कम से कम दस ड्रोन एक हैंगर सहित नष्ट हुए। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भारतीय सीमा में दाखिल कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। भारत ने कितनी गहराई तक हमला किया? लीक हुई पाकिस्तानी सैन्य रिपोर्ट “ऑपरेशन बुन्यान उन मर्सूस” से सामने आया है कि भारत ने 7 अतिरिक्त स्थानों पेशावर, झंग, हैदराबाद (सिंध), गुजरात (पंजाब), बहावलनगर, अटक और छोर पर भी हमले किए। भारत की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी स्थान भी सैन्य ठिकाने थे। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नौ अहम स्थानों पर हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का कैंप शामिल थे। PoJK के मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, भिंबर और चकवाल में भी हमले हुए। मैक्सार टेक्नोलॉजी की सैटेलाइट तस्वीरों ने इन ठिकानों को पहुंचे गंभीर नुकसान की पुष्टि की है।

भारतीय सेना की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर देश के सैनिकों को सलामी दी और विजय का जश्न मनाया

रायपुर जय हरितिमा महिला समिति द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर देश के सैनिकों को सलामी दी और विजय का जश्न मनाया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में समिति की अध्यक्ष श्रीमती ममता चंदेल के कुशल नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वप्रथम पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गये भारतीय नागरिकों को भावपूर्ण श्रध्दांजलि दी गयी। सभी सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखकर अपने श्रध्दासुमन अर्पित किये। तदोपरन्त ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया गया। समिति की सदस्यों ने तिरंगा लहराया, जय हिन्द, भारत माता की जय के नारे लगाए। समिति की सभी सदस्यों ने भारत के जल, थल एवं वायु सेना के वीर जवानों को सलामी दी। समिति द्वारा इस मौके को और भी खास बनाया गया क्यूंकि इस अवसर पर समिति की सदस्यों ने ड्रेस से लेकर व्यंजन तक तिरंगे की थीम में रखा था।  इस अवसर पर विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में महिला शेफ गरिमा शर्मा को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने अपने कुकिंग टप्स् के द्वारा मिलेट केक, बिस्किट जैसे स्वादिष्ट और स्वास्थवर्धक व्यंजन बनाना सिखाया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन कार्यकारिणी समिती की सचिव श्रीमति दुर्गा प्रजापति, सह सचिव श्रीमति दिप्ती मई दास, उपाध्यक्ष श्रीमति ममता लखेरा, कोषाध्यक्ष मंजुषा पाली और खेल प्रभारी श्रीमती प्रिती भंडारकर ने किया।

उत्तराखंड के मदरसों में गूंजेगा सेना का पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, मौलाना की जुबानी

देहरादून  पाकिस्तान की कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना का पराक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए सबने देखा। अब उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मदरसों में अब छात्र-छात्राओं को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे सेना के पराक्रम की कहानियों से परिचित हों। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उत्तराखंड में कुल 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे पढ़ते हैं। मुफ्ती शमून कासमी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उनके साथ कुछ शिक्षाविद और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे। उन्होंने रक्षा मंत्री को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए बधाई दी। कासमी ने बताया कि उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सशस्त्र बलों ने बेजोड़ शौर्य का परिचय दिया। इसका मतलब है कि उत्तराखंड वीरों की धरती है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारी सेना ने अद्भुत बहादुरी दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता ने सेना के शौर्य को सराहा है। कासमी ने आगे कहा कि मदरसों के बच्चों को भी सैनिकों की बहादुरी के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चैप्टर शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पाठ्यक्रम समिति की बैठक बुलाई जाएगी। रक्षा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कई लोग शामिल थे। इनमें रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा, इस्लामिक सेंटर के पूर्व अध्यक्ष सिराज कुरैशी और आईसीएफए के अध्यक्ष एमजे खान जैसे लोग मौजूद थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण अभियान था। इसकी सफलता की कहानी अब मदरसों के बच्चों को पढ़ाई जाएगी। इससे बच्चों को देश के सैनिकों के बलिदान और शौर्य के बारे में पता चलेगा। यह फैसला उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे देश के इतिहास और सेना के पराक्रम से परिचित हों। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात को एक साहसिक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे भारत-विरोधी आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. इस सुनियोजित और रणनीतिक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया. यह सभी आतंकी गुट भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इन्हीं ठिकानों से उन्हें प्रशिक्षण, हथियार और दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे. भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर इन ठिकानों की पहचान की गई थी, जिसके बाद सेना ने सटीक लक्ष्य साधकर ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारत के सैन्य इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन सिंदूर की सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में भारत ने सिर्फ और सिर्फ आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया. पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की तकनीकी दक्षता और सटीकता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति पर पूरी मजबूती से कायम है. ऑपरेशन सिंदूर, भारत के सैन्य इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है. इस अध्याय के बारे में उत्तराखंड के मदरसों के छात्र विस्तार से पढ़ेंगे. उत्तराखंड में कितने मदरसे हैं? BBC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 451 मदरसे मदरसा शिक्षा परिषद (मदरसा बोर्ड) से पंजीकृत हैं, लेकिन करीब 500 मदरसे बिना पंजीकरण के चल रहे हैं.

ऑपरेशन सिंदूर : शहबाज शरीफ ने खुद बताया, भारत के हमले से कहां-कहां हुआ नुकसान

इस्लामाबाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत भारतीय वायुसेना के जवाबी हमले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भारतीय बैलेस्टिक मिसाइलों ने 9-10 मई की मध्यरात्रि में पाकिस्तान के कई एयरबेस, खासकर नूरखान एयरबेस को निशाना बनाया।     शहबाज शरीफ के अनुसार, वजीर-ए-आजम को यह सूचित किया गया कि नूरखान एयरबेस पर मिसाइलें गिरी हैं, जिसके बाद पाकिस्तान की वायुसेना ने स्वदेशी तकनीक और आधुनिक चीनी लड़ाकू विमानों पर अत्याधुनिक गैजेट का उपयोग कर बचाव किया। मुनीर ने 2.30 बजे फोन करके हमलों के बारे में बताया शरीफ ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि जनरल मुनीर ने मुझे सुबह 2.30 बजे व्यक्तिगत रूप से फोन करके हमलों के बारे में जानकारी दी। यह गंभीर चिंता का क्षण था। भाजपा के राष्ट्रीय आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए इस घटना को ऑपरेशन सिंदूर की साहस और दक्षता का प्रमाण बताया। हमले में नूरखान एयरबेस समेत कई ठिकाने हुए तबाह मालवीय ने लिखा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद माना है कि जनरल असीम मुनीर ने उन्हें रात 2.30 बजे फोन करके बताया कि भारत ने नूर खान एयर बेस और कई अन्य स्थानों पर बमबारी की है। प्रधानमंत्री को आधी रात को पाकिस्तान के अंदर हमलों की खबर के साथ जगाया गया। यह ऑपरेशन सिंदूर के पैमाने, सटीकता और साहस के बारे में बहुत कुछ बताता है। पाक सेना ने स्वदेशी तकनीक और चीनी लड़ाकू विमानों का किया इस्तेमाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारी वायुसेना ने अपने देश को बचाने के लिए स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया। उन्होंने चीनी लड़ाकू विमानों पर आधुनिक गैजेट और तकनीक का भी इस्तेमाल किया। शहबाज शरीफ ने कहा, आज हर जगह यही बात की जा रही है कि पाकिस्तान की सेना ने किस तरह हिंदुस्तान को जवाब दिया। पठानकोट, उधमपुर और न जाने कहां कहां हमारी सेना ने हमले किए और दुश्मनों को सिर छिपाने की जगह नहीं मिल रही थी। नूरखान एयरबेस की अहमियत और हमले की सटीकता नूरखान एयरबेस, इस्लामाबाद के निकट होने के कारण पाकिस्तान की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एयरबेस VVIP और उच्चस्तरीय सैन्य विमानन का केंद्र है, जहां से पाकिस्तान के टॉप अधिकारी और वायुसेना के ऑपरेशंस संचालित होते हैं। स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी सैटलॉजिक (Satellogic) की सैटेलाइट तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारतीय वायुसेना ने रावलपिंडी के नूरखान एयरबेस पर सटीक हमला किया, जिससे कमांड और कंट्रोल यूनिट को भारी क्षति पहुंची।इन तस्वीरों में 10 मई को एयरबेस के पास एक सफेद गल्फस्ट्रीम G450 विमान भी दिखा, जो आमतौर पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्रियों के लिए उपयोग होता है। इस हमले ने पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली को गंभीर झटका दिया है और यह साबित करता है कि भारतीय वायुसेना ने बेहद कुशलता से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने खुलकर स्वीकार किया है कि भारतीय एयरस्ट्राइक से उन्हें नुकसान हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान लगातार ऐसे हमलों को नकारता आया था, पर अब शहबाज शरीफ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से हमले की बात स्वीकार की है। यह ऑपरेशन न केवल भारत की सैन्य ताकत और सटीकता को दर्शाता है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी बदलाव का संकेत है। भारत ने आधुनिक तकनीक और रणनीतिक हमलों से पाकिस्तान की महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाकर उसकी युद्ध क्षमता को कम करने की कोशिश की है।

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ, कराची के निकट अरब सागर में 36 युद्धपोतों की तैनाती

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में सैन्य शक्ति प्रदर्शन को केंद्र में ला दिया है. ऑपरेशन सिंदूर, जिसे मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ. इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने कराची के निकट अरब सागर में 36 युद्धपोतों की तैनाती की, जिसमें स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत, 7 विध्वंसक, 7 फ्रिगेट, पनडुब्बियां और तेज हमलावर नौकाएं शामिल थीं. यह तैनाती भारत की समुद्री ताकत का शानदार प्रदर्शन थी, जिसने पाकिस्तान को रक्षात्मक स्थिति में धकेल दिया. ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले ने भारत को निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रेरित किया. इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जोड़ा गया. जिसके बाद भारत ने त्रि-आयामी दबाव (सेना, वायुसेना और नौसेना) के जरिए जवाबी कार्रवाई शुरू की. ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना. पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना था कि भारत किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दे सकता है. इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने कराची के निकट अरब सागर में अभूतपूर्व तैनाती की. इस तैनाती ने पाकिस्तान नौसेना को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया. भारतीय नौसेना की तैनाती: एक ऐतिहासिक प्रदर्शन 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ट्राइडेंट और ऑपरेशन पायथन के दौरान कराची बंदरगाह पर हमला करने के लिए केवल 6 युद्धपोतों का उपयोग किया था. उस हमले ने पाकिस्तान की समुद्री रसद को तबाह कर दिया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में, भारतीय नौसेना ने 36 युद्धपोतों की तैनाती की जो 1971 की तुलना में छह गुना अधिक है. 1. INS विक्रांत और कैरियर बैटल ग्रुप INS विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, इस तैनाती का केंद्रबिंदु था. 40,000 टन का यह युद्धपोत मिग-29K लड़ाकू विमान, कामोव हेलीकॉप्टर और उन्नत हवाई चेतावनी प्रणालियों से लैस है. कैरियर बैटल ग्रुप: विक्रांत के साथ 8-10 युद्धपोतों का एक समूह तैनात किया गया, जिसमें विध्वंसक, फ्रिगेट और सहायक जहाज शामिल थे. इस समूह ने अरब सागर में कराची के निकट एक अभेद्य समुद्री दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तानी नौसेना और वायुसेना को तट पर ही सीमित कर दिया. रणनीतिक प्रभाव: मिग-29K विमानों ने हवाई निगरानी और हमले की क्षमता प्रदान की, जबकि हेलीकॉप्टरों ने पनडुब्बी-विरोधी युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2. सात विध्वंसक: बहुआयामी ताकत भारतीय नौसेना ने सात विध्वंसक तैनात किए, जो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (MRSAM) और वरुणास्त्र भारी टॉरपीडो से लैस थे. ये विध्वंसक समुद्री सतह, हवा और पनडुब्बी-विरोधी लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम थे. ब्रह्मोस मिसाइल, जो 450 किमी की रेंज और 2.8 मैक की गति से हमला कर सकती है. कराची बंदरगाह और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को तुरंत नष्ट करने की क्षमता रखती थी. उदाहरण: कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जैसे INS कोलकाता और INS चेन्नई, इस तैनाती में शामिल थे, जो अपनी उन्नत रडार और हथियार प्रणालियों के लिए जाने जाते हैं. 3. सात स्टील्थ फ्रिगेट: चपलता और शक्ति सात स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट, जिनमें हाल ही में शामिल INS तुशिल भी तैनात की गईं. ये फ्रिगेट उन्नत रडार, मिसाइल प्रणालियों और स्टील्थ तकनीक से लैस थीं, जो हवाई और समुद्री खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकती थीं. इन फ्रिगेट्स ने पश्चिमी तट के साथ एक रक्षात्मक और आक्रामक समुद्री दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को कोई जवाबी कार्रवाई करने से रोक दिया. INS तुशिल: यह नवीनतम तलवार-श्रेणी का फ्रिगेट है, जिसे रूस के सहयोग से भारत में निर्मित किया गया और 2024 में नौसेना में शामिल किया गया. 4. पनडुब्बियां: अदृश्य खतरा अनुमानित छह पनडुब्बियां, जिनमें परमाणु-संचालित INS अरिहंत और पारंपरिक स्कॉर्पीन-श्रेणी की पनडुब्बियां (जैसे INS कलवारी) शामिल थीं ने अरब सागर में गुप्त रूप से संचालन किया. ये पनडुब्बियां स्टील्थ ऑपरेशन्स में माहिर थीं. पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ संभावित हमलों के लिए तैयार थीं. रणनीतिक महत्व: INS अरिहंत की परमाणु मिसाइल क्षमता ने भारत की दूसरी हमले की क्षमता (second-strike capability) को मजबूत किया, जो परमाणु निरोध में महत्वपूर्ण है. 5. तेज हमलावर नौकाएं और मिसाइल बोट कई तेज हमलावर नौकाएं और मिसाइल बोट भी तैनात की गईं, जो त्वरित और सटीक हमलों के लिए डिज़ाइन की गई थीं. ये छोटे लेकिन घातक जहाज कराची बंदरगाह जैसे लक्ष्यों पर तुरंत हमला करने में सक्षम थे. इनकी तैनाती ने भारतीय नौसेना की ताकत को और बढ़ाया, जिससे कुल युद्धपोतों की संख्या 36 तक पहुंच गई. पाकिस्तानी नौसेना की स्थिति: रक्षात्मक मुद्रा पाकिस्तानी नौसेना की तुलना में भारतीय नौसेना की तैनाती कहीं अधिक प्रभावशाली थी. पाकिस्तान के पास वर्तमान में 30 से कम युद्धपोत हैं, जिनमें चार चीनी-निर्मित टाइप 054A/P फ्रिगेट, कुछ पुरानी फ्रिगेट, और सीमित पनडुब्बियां शामिल हैं.ऑपरेशन सिंदूर के दौरानपाकिस्तानी नौसेना के जहाज मुख्य रूप से कराची बंदरगाह के भीतर या तट के बहुत करीब सीमित रहे. NAVAREA चेतावनी: भारतीय नौसेना की भारी तैनाती के डर से पाकिस्तान ने समुद्री क्षेत्र में NAVAREA (Navigational Area) चेतावनी जारी की, जिसमें संभावित नौसैनिक हमले की आशंका जताई गई. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: पाकिस्तानी नौसेना ने दावा किया कि उनकी सतर्कता ने भारतीय नौसेना को उनके जल क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका. हालांकि, भारतीय नौसेना ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल निवारक मुद्रा बनाए रखना था, न कि सक्रिय हमला करना. सीमित क्षमता: पाकिस्तानी नौसेना की कमजोर समुद्री ताकत और पुराने उपकरणों ने उसे भारतीय नौसेना के सामने जवाबी कार्रवाई करने में असमर्थ बना दिया. अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रभाव भारतीय नौसेना की इस विशाल तैनाती ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रभाव छोड़े… समुद्री यातायात पर असर: कराची के आसपास उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के कारण अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को अपने मार्ग बदलने पड़े। इससे पाकिस्तान की समुद्री अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा. वैश्विक ध्यान: इस तैनाती ने वैश्विक शक्तियों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन का ध्यान आकर्षित किया. भारत की समुद्री ताकत ने हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया. पाकिस्तान पर दबाव: भारतीय नौसेना की तैनाती ने पाकिस्तान को न केवल सैन्य, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर भी दबाव … Read more

भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई

नई दिल्ली भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान को यह एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई है. इतिहास पर गौर करें तो पाकिस्तान इस भरोसे से भारत के साथ टकराव में रहा है कि अगर हालात मुश्किल हुए तो अमेरिका उसकी मदद करेगा, जिसके पास वह SOS लेकर दौड़ा चला आएगा. लेकिन भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से सॉफ्ट लैंडिंग की सुविधा अब छीन ली है. परमाणु हमले की खोखली धमकी पाकिस्तान की मानसिकता को समझने और अमेरिका पर उसकी निर्भरता को समझने के लिए साल 1999 की गर्मियों को याद करना अहम है, जब पाकिस्तान ने कारगिल की रणनीतिक रूप से अहम मानी जाने वाली पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. पाकिस्तान को सजा दिए बिना जाने देने के लिए तैयार न होते हुए भी भारत ने एक साहसिक कदम उठाया. उस समय सेना की स्ट्राइक टुकड़ियों को अपने बेस कैंप छोड़ने की तैयारी करने को कहा गया था. लगभग उसी वक्त अमेरिकी स्पाई सैटेलाइट ने राजस्थान में ट्रेनों पर लोड किए जा रहे भारतीय टैंकों और भारी तोपों की तस्वीरें कैद कीं. मैसेज साफ था कि भारत कारगिल में घुसपैठ का बदला लेने के लिए पाकिस्तान पर हमला करने वाला था. सेना के इस कदम से पहले पाकिस्तान हमेशा की तरह ही इनकार और धमकी की रणनीति अपना रहा था. सार्वजनिक मंचों पर नवाज शरीफ सरकार कारगिल में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार कर रही थी. साथ ही वह यह भी संकेत दे रही थी कि अगर भारत ने संघर्ष को बढ़ाने की हिम्मत की तो परमाणु विकल्प भी अपना सकती है. दूसरों से मदद मांगने की आदत लेकिन जैसे ही शरीफ को भारतीय सीमा पर हलचल के बारे में पता चला, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मिलने की इच्छा जताई. बैठक में शरीफ कारगिल से अपने लड़ाकों को वापस बुलाने और नियंत्रण रेखा (LoC) की पर स्थिति बहाल करने पर सहमत हो गए. 12 जुलाई को शरीफ टीवी पर देश को समझा रहे थे कि अब घुसपैठियों का कारगिल में रहना जरूरी नहीं रह गया है. इसके तुरंत बाद कारगिल में संघर्ष खत्म हो गया. कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के बर्ताव से हमें दो अहम बातें पता चलती हैं. पहली, अपने परमाणु ब्लैकमेल और शेखी बघारने के बावजूद पाकिस्तान भारत के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने से कतराता है. दूसरी, जब भी वह खुद को बचाना चाहता है, तो वह अपनी इज्जत बचाने के लिए वॉशिंगटन (या अंतरराष्ट्रीय समुदाय) पर निर्भर हो जाता है. अमेरिका ने दिया जोर का झटका लेकिन इस बार वॉशिंगटन ने सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का विकल्प बंद कर दिया है. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में वॉशिंगटन की भागीदारी से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को तनाव थोड़ा कम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, यह मूल रूप से हमारा कोई काम नहीं है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.’ वॉशिंगटन के इस साफ संकेत के बीच कि भारत और पाकिस्तान को मामले को सुलझाने के लिए छोड़ दिया गया है, रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने इस्लामाबाद पर एक और बम गिराया है. ट्रंप की पूर्व सहयोगी हेली ने एक्स पर एक पोस्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के खुद का बचाव करने और जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का बचाव किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को पीड़ित की भूमिका निभाने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान का मददगार रहा है US इस बार वॉशिंगटन की तटस्थता पिछले संघर्षों के दौरान उसके ऐतिहासिक पाकिस्तान समर्थक रुख के बिल्कुल उलट है. साल 1971 में, अमेरिका ने भारत को रोकने के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर USS एंटरप्राइज के नेतृत्व में अपनी 7वीं फ्लीट को बंगाल की खाड़ी में तैनात किया था. इसी तरह 2001 में, जब भारतीय संसद पर आतंकी हमलों के बाद दोनों देश युद्ध की कगार पर थे, तो वॉशिंगटन ने संकट को कम करने के लिए अपने दूतों को नई दिल्ली भेजा था. कुछ साल पहले, जैसा कि रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर बताया था, जो बाइडेन प्रशासन ने F-16 बेड़े को अपग्रेड करने में पाकिस्तान की मदद की थी. लेकिन वेंस का बयान दिखाता है कि 1971 के बाद से वॉशिंगटन कितनी दूर आ गया है और वह भारत के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है. अब बचे हैं सिर्फ गिनती के दोस्त अब तक पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ कुछ ही सहयोगी देशों तक सीमित रहा है, मुख्य रूप से चीन, तुर्की और अज़रबैजान. यह पाकिस्तान के बढ़ते अलगाव को दर्शाता है, क्योंकि सऊदी अरब और यूएई जैसे पारंपरिक सहयोगियों ने संतुलित या भारत समर्थक रुख अपनाया है. जी-20 और खाड़ी देशों को ब्रीफिंग सहित भारत के कूटनीतिक संपर्क ने उसकी आतंकवाद विरोधी कथनी के लिए काफी सहानुभूति जुटाई है. कारगिल के बाद से भारत ने रक्षात्मक रुख से हटकर आक्रमणकारी और जवाबी रणनीति अपनाई है, जैसा कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में देखा गया. सीधी कार्रवाई की इस रणनीति ने भारत को हिम्मत दी है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर उसकी निर्भरता कम की है. इस बीच पाकिस्तान अपने सहयोगियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो गया है. उसकी कमज़ोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज का बोझ, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में अशांति और कमज़ोर राजनीतिक नेतृत्व ने भारत के साथ पारंपरिक युद्ध को अस्थिर बना दिया है, जिसकी वजह से इस्लामाबाद को कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ रही है.  

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव के बीच भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भोपाल की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद में मुस्लिम समाज के लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और भारत की जीत, पाकिस्तान की हार के लिए सामूहिक दुआ की. नमाज के बाद मस्जिद परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया.उन्होंने ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, साथ ही भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की. मुस्लिम युवकों ने एक स्वर में कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे बॉर्डर पर जाकर न केवल पाकिस्तान को जवाब देंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में घुसकर आतंकियों को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं. ताज-उल-मसाजिद में नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में मुस्लिम समाज ने तिरंगे के साथ अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की करतूतों ने पूरे देश को आक्रोशित किया है. एक युवक ने कहा, “पाकिस्तान ने हमारे भाइयों को निशाना बनाया, लेकिन हमारा मजहब इंसानियत सिखाता है. हम भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा करेंगे.”  भोपाल में अलर्ट, चौराहों पर पुलिस तैनात, लोगों ने टैंक पर लहराया तिरंगा भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनाव की स्थिति के चलते राजधानी भोपाल में भी पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है। शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस नजर बनाए हुए है।शहर के 30 पॉइंट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख चौराहे, वीवीआईपी इलाकों को कवर किया गया है। शहर के एंट्री पॉइंट पर चेकिंग शुरू कर दी गई। शहर में प्रवेश करने वाले हर वाहन की तलाशी ली गई। इधर बोट क्लब पर रखे टैंक पर तिरंगा फहराया है। इसी के साथ भोपाल के लोगों ने न सिर्फ भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया बल्कि देशभक्ति का भी जज्बा दिखाया है। सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर भोपालियों ने तिरंगा फहराया भोपालियों ने सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर तिरंगा फहराया है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच अद्भुत तस्वीरें सामने आई है। भोपाल का बच्चा-बच्चा युद्ध भूमि में जाने के लिए तैयार है। भोपाल के बोट क्लब पर सुदर्शन चक्र टैंक खड़ा है। टैंक पर शान से तिरंगा लहराया है। सेना के टैंक पर भोपाल के लोगों ने तिरंगा लहराया है। लोगों ने भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से हो रही निगरानी राजधानी भोपाल के पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे जवान सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर स्थिति पर निगाह बनाए हैं। इससे पहले गुरुवार देर शाम पुलिस अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि संदेह होने पर संबंधित व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पूछताछ भी की जा सकती है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई भोपाल शहर पुलिस ने गुरुवार शाम बैठक में शहर के वीआईपी, व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों और चौराहों को चिह्नित किया। रात 11 बजते-बजते लगभग हर चौराहे पर 4 से 5 पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया। एयरपोर्ट रोड पर पुलिस ने आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर चेकिंग की। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ब्लैकआउट में जिन्होंने लाइट नहीं बंद की उनकी होगी जांच भोपाल में  जिन्होंने ब्लैक आउट में लाइट बंद नहीं की पुलिस उनको चिन्हित कर रही है। मॉक ड्रिल के समय पुलिस ने 34 थानों के बल को अलग-अलग जगह तैनात किया था। पुलिस सिमरी जानकारी के अनुसार हकीकत जानने के लिए कई जगह ड्रोन उड़ाए गए थे। इससे उन लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने लाइट बंद नहीं की। इन सभी को समझाइश देने के साथ सिविल डिफेंस का महत्व बताया जाएगा। पुलिस के पास मौजूद फोटो में सबसे ज्यादा दुकानों के बाहर लगे बोर्ड जलते मिले हैं। इन सभी को बताया जाएगा कि दोबारा ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।    

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मुरिदके शहर स्थित लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद

 मुरिदके भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाक के कब्जे वाले कश्मीर समेत पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया. सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद को निशाना बनाया ही, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी सैन्य एक्शन की जद में लिया. सेना ने मुरीदके के मरकज तैयबा कैंप को नेस्तनाबूद कर दिया. यह वही मरकज है, जहां 26/11 के गुनहगार अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली की ट्रेनिंग हुई थी. भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान से कई वीडियो सामने आए, जो तबाही के निशान समेटे हुए थे. पाकिस्तान के मुरीदके से अब एक नया वीडियो सामने आया है. ताजा वीडियो लश्कर के मुख्यालय मरकज तैयबा का बताया जा रहा है. करीब 82 एकड़ जमीन में फैले इस परिसर के वीडियो में रेस्क्यू की गाड़ियां, एम्बुलेंस खड़ी नजर आ रही हैं. हाफिफ सईद के टेरर कैंप की ध्वस्त इमारतों का बिखरा मलबा भारतीय हमले में हुई तबाही का मंजर बयान कर रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इमारतों की छतें फर्श में तब्दील हो गई हैं. इमारत के अंदर भी दीवारों ने जो बोझ उठा भी रखा है, उसमें भी बस सरिया ही नजर आ रहा है. इमारतों की दीवारों पर लकड़ियों के फ्रेम तो हैं, लेकिन वह भी ऐसे नहीं जो अंदर देखने से रोक पाएं. इमारतों में रखे फर्नीचर तक तबाह हो गए हैं. लश्कर के आतंकी जिस मरकज परिसर में पहुंचकर ट्रेनिंग लेते थे, भारत में आतंकी गतिविधियों के दौरान दिशानिर्देश लेते थे, आका का फरमान पाते थे, उस परिसर में हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा नजर आ रहा है. ताजा तस्वीर यह है कि जिसे पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे बड़ी नर्सरी कहा जाता था, वहां बस तबाही ही तबाही नजर आ रही है. ध्वस्त इमारतों के इर्द-गिर्द पाकिस्तान की ओर से लगाया गया सील का लेबल तबाही की कहानी खुद ही बयान कर रहा है. गौरतलब है कि इस मरकज की स्थापना 25 साल पहले हुई थी. तल्‍हा सईद मारा गया या नहीं? यह हमला पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुआ, जहां से तल्‍हा सईद ऑपरेशन चल रहा था. हमले में कैंप की दीवारें खून से सन गईं. चारों ओर लाशें ही लाशें बिखरी नजर आईं. सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में तल्‍हा सईद के पांच टॉप कमांडर मारे गए हैं, कहा जा रहा है क‍ि इसमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान भी शामिल था. कैंप में रखे गए सारे हथियार और गोला बारूद जमींदोज हो गए हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ताल्हा सईद स्ट्राइक के वक्त वहां पर मौजूद था या नहीं. तल्हा सईद कैसे चला रहा था कैंप? तल्हा सईद लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर है और संगठन की वित्तीय गतिविधियों को संभालता है. 2023 में हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद तल्हा ने मुजफ्फराबाद कैंप की कमान संभाली थी. कैंप में 18-25 साल के युवाओं को भर्ती कर उन्हें हथियार चलाने, बम बनाने और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी. पहलगाम हमले के लिए आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षित किया गया था. तल्हा ने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से फंडिंग जुटाई, जिसका इस्तेमाल हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया. उसने जिहाद के नाम पर ऑनलाइन डोनेशन कैंपेन भी चलाए.  

Operation Sindoor पर झूठ फैला रहा था ग्लोबल टाइम्स, भारत ने कायदे से समझा दिया!

बीजिंग  भारतीय सेना के पाकिस्तान और पीओके के अंदर घुसकर आतंकियों को मारने से पाकिस्तान के दोस्त चीन को दर्द हुआ है। चीन का सरकारी न्यूज ऑउटलेट ग्लोबल टाइम्स तो हमले के बाद से ही पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा मशीनरी के रूप में काम करने लगा था। ग्लोबल टाइम्स ने पाकिस्तान की फेक न्यूज फैक्ट्री खबरों को तेजी से फैलाने का काम शुरू कर दिया था। चीन के इस सरकारी भोंपू को भारत ने करारा जवाब दिया और झूठ की फैक्ट्री को बंद करने को कह दिया। पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा बना ग्लोबल टाइम्स भारत के हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने अपनी इज्जत बचाने के लिए भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाना शुरू किया और भारतीय लड़ाकू विमानों का दावा कर डाला। पाकिस्तान के इस एजेंडे में चीनी ग्लोबल टाइम्स भी शामिल हो गया। ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर अपनी एक रिपोर्ट शेयर की जिसमें कहा कि पाकिस्तानी सेना के सूत्रों के हवाले से दावा किया उसने हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए एक और भारतीय फाइटर जेट मार गिराया। भारत ने दिया करारा जवाब इसी पोस्ट में आगे कहा गया कि यह तीसरा फाइटर जेट था, जिसे पाकिस्तानी वायुसेना ने मार गिराया गया। ग्लोबल टाइम्स के इस झूठे दावे का बीजिंग में मौजूद भारतीय दूतावास ने खंडन करते हुए करारा जवाब दिया। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक्स हैंडल से कहा पोस्ट की रीट्वीट करते हुए कहा गया, ‘प्रिय ग्लोबलटाइम्स हम आपको सलाह देंगे कि इस तरह की गलत सूचना को आगे बढ़ाने से पहले अपने तथ्यों की पुष्टि कर लें और अपने स्रोतों की जांच कर लें।’ चीन ने संयम बरतने की दी सलाह इस बीच भारत और पाकिस्तान में तनाव को लेकर चीन ने बयान दिया है। हमले के बाद बुधवार को चीन ने भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र में ‘शांति व स्थिरता के व्यापक हित’ को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने का बुधवार को आह्वान किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। भारत ने इस सैन्य कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है। भारत की कार्रवाई के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘हम मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं। भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे। वे दोनों चीन के पड़ोसी भी हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले का स्पष्ट संदर्भ देते हुए उसने कहा, ‘चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है।’ भारत की कार्रवाई से दुखी हुआ चीन इसमें कहा गया, ‘हम दोनों पक्षों से शांति व स्थिरता के व्यापक हित के लिए काम करने, शांति कायम रखने, संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई करने से बचने का आग्रह करते हैं जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।’ बयान में कहा गया, ‘आज सुबह भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई चीन की नजरों में खेदजनक है।’ पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के ‘मित्र’ चीन ने इसकी निंदा करते हुए हमले की निष्पक्ष व त्वरित जांच करने का आह्वान किया था। पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों ने कूटनीतिक संपर्क भी बढ़ाया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने 27 अप्रैल को चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से फोन पर बात की थी। इसके अलावा पाकिस्तान में चीनी राजदूत जियांग जेडोंग ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात भी की। गौरलतब है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग बुधवार को चार दिवसीय यात्रा पर रूस के लिए रवाना होने वाले हैं। शी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी निर्धारित है।

अभी 100 KM तक घुसे , 300 KM तक जाना बाकी , हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे

नईदिल्ली भारतीय सेना की ओर से पाकिस्‍तान और पीओके में की गई कार्रवाई को लेकर जम्मू में स्‍वागत किया जा रहा है. जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. इस दौरान स्‍थानीय लोगो में काफी ज्यादा उत्साह दिखाई दिया. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा था, वह कर दिखाया. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. उत्साहित लोग बोले, “हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फैलाएंगे.” पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा, भारत ने जताई खुशी स्थानीय लोगों ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल को बधाई देते हैं. पूरे देश की मांग थी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम किया जाए. मंगलवार की रात लोग सोए रहे और भारत पाकिस्तान में तबाही मचाता रहा. सुबह पता चला कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है. इस दौरान सैन्य कार्रवाई में आतंकियों के नौ ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए. अबकी पार 300 पार स्थानीय लोगों ने कहा कि आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान को धराशायी करने का काम भारतीय सेना ने किया. वहीं, पुंछ के अंदर हमारी थल सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे. अब विश्व के नक्शे में पाकिस्तान नहीं होगा. पाकिस्तान देता रहा गीदड़ भभकी, भारत ने मचा दिया कोहराम पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों का जवाब भारतीय सेना ने दे दिया है. गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है. पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी थी. अभी भारत मौजूदा रुख? ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने ‘सटीक, संयमित और गैर-उत्तेजक’ बताया है, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से और हमले की साजिश थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा. हमले के तुरंत बाद भारत ने G20, UN, और अमेरिका जैसे देशों को हमले की जानकारी दी, जिससे वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश की गई है. अब भारत का संभावित आगे का कदम क्या हो सकता है? हाई अलर्ट पर सेना ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान लगातार LoC पर गोलाबारी कर रहा है, जिसमें मासूम नागरिकों की जान जाने की खबर है. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है. उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और पंजाब में हाई अलर्ट है. भारतीय वायुसेना 7-8 मई को बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास कर रही है, जिसमें राफेल, सुखोई-30, और जगुआर विमान शामिल हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को बंकरों में भेजने का आदेश दिया है. कूटनीतिक दबाव भारत ने UN, अमेरिका, UAE, और सऊदी अरब को सबूतों के साथ बताया कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बात की. भारत अब UNSC में पाकिस्तान को घेरने की कोशिश करेगा, जैसा कि 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाकर किया था. आतंकी नेताओं पर नकेल: ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने नष्ट हुए है. सूत्रों के मुताबिक, यह पहला चरण था, और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के आधार पर और कार्रवाइयां हो सकती हैं. मसूद अजहर और लश्कर नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश जारी रह सकती है. अगला टारगेट इन्हीं लोगों को बनाया जा सकता है. देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना भारत ने 1971 के बाद पहला मॉक ड्रिल आज करवा रहा है, जो देश के कई राज्यों में है. अब सरकार देशा में किसी अनहोनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी. अब पाकिस्तान के रवैया भी आगे तय करेगा भारत ने हमला करके पाकिस्तान को उसकी औकात बता दी है. अब पाकिस्तान को देखना है कि वह आतंकियों के ठिकाने जो नष्ट हुए उस पर क्या जवाब भारत को देगा. यह अलग बात है जैसे ही पाकिस्तान को इस हमले की सूचना मिली वह बौखला गया. सीमा पर गोली बारी करने लगा. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन साथ में यह भी कहा कि अगर इस तनाव पर भारत अब अपना कदम पीछे खींच लेता है तो वह अब कोई जवाब नहीं देने वाला. लेकिन पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या करेगा, उस पर भी भारत का जवाब तय होगा.

भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाक में खलबली, CM मरियम नवाज ने किया इमरजेंसी का ऐलान

कराची भारतीय सेना द्वारा बुधवार तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. इस बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. भारत का यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था. उस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी. आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई भारतीय स्ट्राइक में अब तक 26 लोगों की मौत और 46 से अधिक घायल होने की पुष्टि पाकिस्तानी सेना ने की है. भारत ने ये स्ट्राइक पंजाब प्रांत और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में की. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रांत में आपातकाल (Emergency) की घोषणा कर दी है. सरकारी बयान के अनुसार, सभी शैक्षणिक संस्थानों को बुधवार के लिए बंद कर दिया गया है. पंजाब में हाई अलर्ट बयान में कहा गया है कि पंजाब पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सभी जिलों की प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है. साथ ही, सभी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है. सिविल डिफेंस समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तलब किया गया है ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी न रहे. हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसे अब आंशिक रूप से खोला जा रहा है. भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जिन नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें से अधिकतर वही थे जहां से भारत में आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी.   भारत ने किए नौ सटीक हमले आपको बता दें कि देर रात भारतीय सशस्त्र बलों ने नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ पंजाब का बहावलपुर भी शामिल है.एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि ‘भारत की कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है.’ उन्होंने कहा कि पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था. इस दौरान कर्नल सोफ़िया कुरैशी ने बताया कि भारत के सशस्त्र बलों ने 6-7 मई 2025 की रात 1 बजकर 5 मिनट से 1.30 बजे के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया. उन्होंने बताया, “ये ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए लॉन्च किया गया था. इस कार्रवाई में ना तो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और ना ही आम लोगों को. नौ आतंकवादी शिविरों को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इन्हें तबाह कर दिया गया.”  

‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी ग्वालियर में अलर्ट मोड पर एयरफोर्स और फाइटर प्लेन, एयरपोर्ट से सभी शहरों की उड़ानें रद्द

ग्वालियर भारत ने कल देर रात पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर दिया है। इस हमले को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सभी एयरफोर्स स्टेशन को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है। एयरफोर्स और फाइटर प्लेन अलर्ट मोड़ पर हैं। वहीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया सिविल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मुंबई, दिल्ली सहित सभी शहरों की फ्लाइट रद्द कर दी गई है। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने फ्लाइट रद्द होने की जानकारी दी है। बता दें कि आज मध्य प्रदेश के 5 जिलों में मॉक ड्रिल है जिसमें ग्वालियर शहर का नाम भी शामिल है। वहीं, राजमाता विजयाराजे सिंधिया सिविल एयरपोर्ट से भी सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मुंबई, दिल्ली समेत देशभ के सभी शहरों की फ्लाइटों की आवाजाही रद्द कर दी गई है। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने फ्लाइट रद्द होने की पुष्जाटि भी कर दी है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में आज मॉक ड्रिल बता दें कि, आज मध्य प्रदेश के 5 जिलों में मॉक ड्रिल भी की जानी है। इनमें ग्वालियर शहर के साथ-साथ भोपाल, इंदौर, जबलपुर और कटनी में भी आयोजित की जा रही है। इस संबंध में तमाम तयारियां पूरी करली गई हैं।

बौखलाए पाक ने LoC पर की गोलीबारी, 10 निर्दोषों की मौत और 48 घायल; भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

श्रीनगर/जम्मू  पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के ठीक 15वें दिन मंगलवार रात करीब 1:44 बजे भारत ने पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान ने अपनी बौखलाहट दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर में निंयत्रण रेखा पर रातभर गोलीबारी की है। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई भारी गोलीबारी में 10 नागरिकों की मौत हो गई। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना भी गोलाबारी का बराबर जवाब दे रही है। पाकिस्तान की गोलीबारी में 10 निर्दोष की गई जान सूत्रों ने बताया कि 6 और 7 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के सामने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकियों से तोपखाने से गोलाबारी समेत मनमाने तरीके से गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी और गोलाबारी में 10 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में एक महिला भी शामिल है, जिसका घर पुंछ जिले के मनकोट इलाके में मोर्टार शेल की चपेट में आ गया था। उसकी 13 वर्षीय बेटी घायल हो गई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी में पुंछ के विभिन्न सेक्टरों में लगभग 48 अन्य नागरिक भी घायल हुए हैं। पुंछ जिले में गोलाबारी में हताहत लोग 1. मोहम्मद आदिल पुत्र शाईन नूर, निवासी सगरा, थाना मेंढर, पुंछ। 2. सलीम हुसैन पुत्र अल्ताफ हुसैन, निवासी बालाकोट, थाना मेंढर, पुंछ। 3. रूबी कौर पत्नी शल्लू सिंह, मोहल्ला सरदारन, मनकोटे, थाना मेंढर, पुंछ। 4. एक मोहम्मद ज़ैन (10 वर्ष) पुत्र रमीज खान निवासी गांव कलानी थाना मंडी ए/पी क्राइस्ट स्कूल पुंछ के पास। 5. मोहम्मद अकरम (55 वर्ष) पुत्र अब्दुल सुभान वार्ड नंबर 01, मोहल्ला सुक्का कथा, थाना पुंछ। 6. अमरीक सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी मोहल्ला सैंडीगेट, थाना पुंछ। 7. रणजीत सिंह पुत्र जोगा सिंह निवासी सैंडीगेट। 8. जोया खान (12 वर्ष पुत्री रमीज खान निवासी गांव कलानी थाना मंडी ए/पी क्राइस्ट स्कूल पुंछ के पास)। 9. मोहम्मद रफी (36) पुत्र मोहम्मद दीन निवासी गांव कोजरा, बांदीचेचियां थाना पुंछ। 10. मोहम्मद इकबाल (45) पुत्र पीर बख्श निवासी ग्राम बैला, वार्ड नंबर 02, थाना पुंछ। स्कूल-कॉलेज बंद करने के दिए गए आदेश अधिकारियों ने आदेश दिया है कि जम्मू क्षेत्र के पांच सीमावर्ती जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे। संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने एक्स को बताया, ‘मौजूदा स्थिति को देखते हुए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहेंगे।’ बता दें कि मनकोट के अलावा पुंछ में कृष्णा घाटी और शाहपुर सेक्टर, जम्मू क्षेत्र में राजौरी जिले में लाम, मंजाकोट और गंभीर ब्राह्मणा और उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुल्ला जिलों में करनाह और उरी सेक्टरों में सीमा पार से भारी गोलाबारी की खबर है। लोगों को बंकरों में लेनी पड़ी शरण अधिकारियों ने बताया कि सीमा की रखवाली कर रहे भारतीय सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों पक्षों के बीच सीमा पार से गोलाबारी जारी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेनी पड़ी। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर में सीमा पर बिना उकसावे के गोलीबारी की यह लगातार 13वीं रात थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस भीषण नरसंहार के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर भी शामिल है, जो जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन का एक प्रमुख अड्डा है। भारतीय सेना ने रात 1:44 बजे जारी एक बयान में कहा कि सैन्य हमले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत किए गए। भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (ADGPI) ने X पर लिखा, ‘पाकिस्तान ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में भीमबेर गली में तोपखाने से गोलीबारी करके एक बार फिर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया है। भारतीय सेना उचित तरीके से जवाब दे रही है।’ सिंधु जल संधि निलंबन के बाद लगातार गोलीबारी कर रहा था पाक 25 फरवरी, 2021 को भारत और पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम समझौते को नवीनीकृत करने के बाद नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर संघर्ष विराम उल्लंघन बहुत कम हुआ है। 24 अप्रैल की रात से, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तानी सैनिक कश्मीर घाटी से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर विभिन्न स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुल्ला जिलों में नियंत्रण रेखा पर कई चौकियों पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू करने के बाद, पाकिस्तान ने तेजी से पुंछ सेक्टर और उसके बाद जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में अपने संघर्ष विराम उल्लंघन का विस्तार किया। इसके बाद राजौरी जिले के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास कई चौकियों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई।  

भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, 90 से ज्यादा आतंकी ढेर

 बहावलपुर पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख अड्डे मरकज सुब्हान अल्लाह पर भारतीय सेना द्वारा किए गए स्ट्राइक में मसूद अजहर की पत्नी, बेटा और बड़ी बहन सहति उसके पूरे परिवार के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस हमले में मौलाना काशिफ और उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रऊफ की बड़ी बेटी, पोते और चार बच्चों के साथ-साथ अप्पा सऊदी और उसके परिवार के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है। सूत्रों का कहना है कि ये सभी लोग उस समय मरकज परिसर में मौजूद थे जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों को लक्षित कर हमला किया। इसे जैश का प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन मुख्यालय माना जाता है, जहां पुलवामा जैसे हमलों की साजिश रची जाती रही है। ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य लक्ष्य जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा के जिहादी ढांचों को तबाह करना था, जो पिछले तीन दशकों में भारतीय धरती पर बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार दो आतंकवादी संगठन हैं। पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का घर है। लाहौर से लगभग 400 किमी दूर स्थित, यह जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह परिसर में समूह के संचालन का आधार है, जिसे उस्मान-ओ-अली परिसर के रूप में भी जाना जाता है। जामिया मस्जिद भारत द्वारा लक्षित स्थलों में से एक थी। कहा जाता है कि यह परिसर 18 एकड़ में फैला हुआ है और यह भर्ती, धन उगाहने और विचारधारा के लिए जैश के केंद्र के रूप में कार्य करता है। जेईएम के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का जन्म बहावलपुर में हुआ था और वह वहां एक भारी सुरक्षा वाले परिसर में रहता है। जैश-ए-मोहम्मद पर आधिकारिक तौर पर 2002 में प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन दंडात्मक उपाय केवल कागज़ों पर ही लागू किया गया था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद को अपने शिविर चलाने की पूरी आजादी दी गई थी। सेना ने 25 मिनट और 9 ठिकानों पर हमला, 90 से ज्यादा आतंकी ढेर आखिरकार भारत ने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर ही दी। इंडियन एयरफोर्स ने मंगलवार आधी रात 1:05 बजे पाकिस्तान और पीओके, यानी पाक अधिकृत कश्मीर के भीतर एयर स्ट्राइक की। इस हमले में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के हाई वैल्यू टारगेट (HVT) हाफिज अब्दुल मलिक भी शामिल हैं। मलिक मुरिदके स्थित मरकज तैयबा एयर स्ट्राइक में मारा गया।  रिपोर्ट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने कहा है कि सुभान अल्लाह मस्जिद पर किए गए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं। भारत की ये जवाबी कार्रवाई पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई है और इसका नाम दिया है ‘ऑपरेशन सिंदूर’। ये नाम उन महिलाओं को समर्पित है, जिनके पतियों की पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हिफाजत कर सकता है। लेकिन भारत रुक जाता है तो हम भी रुक जाएंगे। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डॉयरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, भारत ने 24 मिसाइलें दागी हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर को पूरी रात मॉनिटर करते रहे।

ऑपरेशन सिंदूर की आग में जला पाकिस्तान, शुभम की पत्नी बोलीं- पति की मौत का बदला लेने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया

नई दिल्ली 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बनाया. भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. इन हमलों की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है, जिसमें पहले टारगेट को लॉक किया जाता है, फिर अचूक मिसाइलों से तबाही मचाई जाती है. पहलगाम हमले और भारत का जवाब पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को कड़ा जवाब देने के लिए मजबूर किया. भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के अंदर 9 ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इन ठिकानों में बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली, मुजफ्फराबाद और अन्य शामिल थे. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया. भारत की यह रणनीति इजरायल की “सर्जिकल स्ट्राइक” और “प्रीसिशन स्ट्राइक” शैली से प्रेरित मानी जा रही है. इजरायल अक्सर फिलिस्तीन, लेबनान या सीरिया में आतंकी ठिकानों पर बिना बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़े सटीक हमले करता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी तरह की रणनीति अपनाई थी. सड़कों पर पुलिस और आर्मी यह हमला आतंकवादियों के ठिकानों को खत्म करने के लिए किया गया, जिनकी गतिविधियों का पाकिस्तान से जुड़ा हुआ था. मुरीदके में अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस से जाहिर होता है कि हवाई हमले में आतंकी घायल भी हुए हैं. इसके अलावा सडकों पर पुलिस और आर्मी नजर आ रही है. जो वीडियो सामने आए हैं उसमें दिख रहा है कि आतंकवादियों के हेडक्वार्टर भारत की स्ट्राइक में बुरी तरह तबाह हुए हैं. मुजफ्फराबाद में भी बड़ा नुकसान मुजफ्फराबाद में भी भारतीय हमले के बाद बड़ी तबाही देखी गई, जहां आतंक की मस्जिद को नुकसान हुआ है. इस मस्जिद का उपयोग आतंकवादियों द्वारा बैठकें आयोजित करने के लिए किया जाता था. इसके बाद पाकिस्तान द्वारा एलओसी पर लगातार गोलीबारी की जा रही है जिसके बाद पुलिस ने सड़क पर गश्त बढ़ा दी है. भारत ने सिर्फ आतंकी कैंपों को तबाह किया है. आतंक के जिन नौ ठिकानों को वायु सेना ने निशाना बनाया उनमें शामिल हैं – बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद शामिल है. बहावलपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया. इजरायली स्टाइल में भारत का वार: समानताएं प्रीसिशन टारगेटिंग: इजरायल अपने खुफिया तंत्र (मोसाद) और ड्रोन-उपग्रह आधारित निगरानी से दुश्मन के ठिकानों को लॉक करता है. भारत ने भी इस हमले में सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन और रियल-टाइम इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया होगा. भारत का स्वदेशी नेट्रा AWACS (Airborne Warning and Control System) और इसरो के RISAT-2BR1 सैटेलाइट इस तरह के ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सुपरसोनिक मिसाइलें: इजरायल की डेलिलाह क्रूज मिसाइल (250 किमी रेंज), SCALP, Hammer और स्पाइक मिसाइलों की तरह, ब्रह्मोस भी कम समय में भारी तबाही मचाने में सक्षम है. सीमित लेकिन प्रभावी हमला: इजरायल अक्सर बड़े युद्ध से बचते हुए, आतंकी ठिकानों पर सीमित हमले करता है. भारत ने भी PoK और पाकिस्तान के अंदर 10-100 किमी तक घुसकर हमले किए, जैसा कि X पोस्ट्स में दावा किया गया. यह रणनीति बड़े पैमाने पर युद्ध को टालते हुए दुश्मन को कमजोर करती है.   पहलगाम में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने भारत की सेना के एक्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहती हूं।  हमारे पूरे परिवार को पीएम मोदी पर भरोसा उन्होंने कहा कि मैं बहुत छोटी हूं। मैं ज्यादा क्या कह सकती हूं। हमारे पूरे परिवार को पीएम मोदी पर भरोसा था। उन्होंने आज उसी तरह से जवाब देकर विश्वास को कायम रखा है। शुभम को असली श्रद्धांजलि है। वह जहां भी होंगे आज थोड़ी शांति में होंगे। मेरे पति की मौत का बदला लेने के लिए पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद।  शुभम की पत्नी ने भारतीय सेना का भी धन्यवाद अदा किया शुभम की पत्नी ने भारतीय सेना का भी धन्यवाद अदा किया। उन्होंने कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम सुनकर मैं बहुत ज्यादा भावुक थी। शुभम को शांति मिली होगी। शायद अब ऐसा कृत्य किसी के साथ न हो। यह वह बदला है जिसकी हम मांग रहे थे। हम लोगों ने आतंकवाद की एक-एक जगह को टारगेट किया है और उनकी जगह को नष्ट किया है। यह आतंकवाद पर बड़ा हमला है। सरकार ने जो कहा वह करके दिखाया है। हमें सरकार पर पूरा भरोसा था। देश की मांग को पूरा करने के लिए पीएम मोदी को सलाम  शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि मैं लगातार न्यूज देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने देश की जनता का दर्द सुना। जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया है, उसके लिए मैं भारतीय सेना को धन्यवाद देता हूं। जबसे हमने यह खबर सुनी है, मेरा पूरा परिवार हल्का महसूस कर रहा है। मैं पीएम मोदी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आकाओं के ठिकानों को नष्ट कर दिया है। हम लोगों को जब से खबर मिली, सारी रात टेलीविजन के सामने बैठे थे। देश को फक्र है। सारे देश की जो मांग थी, उसे पूरा किया गया है।  SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses): भारत ने पाकिस्तान के चीनी निर्मित HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय करने के लिए SEAD रणनीति अपनाई. इसमें सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P एंटी-रेडिएशन मिसाइल और स्वदेशी रुद्रम-1 मिसाइल का इस्तेमाल हुआ. इजरायल भी सीरिया के S-300 सिस्टम को निष्क्रिय करने के लिए ऐसी रणनीति का इस्तेमाल करता है. पाकिस्तान का एयर डिफेंस और उसकी विफलता पाकिस्तान ने अपनी हवाई रक्षा के लिए चीनी HQ-9 सिस्टम पर भरोसा किया, जिसकी रेंज 125-200 किमी है. यह सिस्टम 100 टारगेट्स को ट्रैक कर सकता है. 6 मिसाइलों को एक साथ नष्ट करने की क्षमता रखता है. लेकिन भारत की ब्रह्मोस और रुद्रम मिसाइलों ने इस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया. कुछ प्रमुख कारण… तकनीकी अंतर: HQ-9 का रडार भारत के S-400 सिस्टम (400 किमी … Read more

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