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किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की व्यवस्था पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी किसानों को टोकन आवेदन के लिए दोहरी सुविधा समिति में ऑपरेटर के माध्यम से भी टोकन आवेदन कर सकते हैं किसान किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और प्रति बारदाना 25 रूपए का भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किसानों को टोकन जारी करने से लेकर बारदाना की व्यवस्था, धान का उपार्जन एवं भुगतान, केन्द्रों में खरीदे गए धान का उठाव पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसानों को धान विक्रय हेतु टोकन आवेदन करने के लिए समिति माड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप की सुविधा दी गई है। टोकन आवेदन करने में दिक्कत होने पर किसान समिति में ऑपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रों में धान उपार्जन के लिए 72,194 गठान बारदाने उपलब्ध है। विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और 25 रूपया प्रति नग बारदाना भुगतान के लिए अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रूपए भी दे दिए गए हैं।   किसानों को भुगतान के लिए अब तक 6728 करोड़ रूपए जारी गौरतलब है कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। 5 दिसम्बर तक 2739 उपार्जन केन्द्रों में कुल 29.22 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 27.78 लाख कृषकों में से अब तक  6 लाख 15 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान का विक्रय किया है। उपार्जित धान की राशि संबंधित कृषकों के खाते में नियमित रूप से अंतरित की जा रही है। विपणन संघ द्वारा 6727 करोड़ 93 लाख रूपए अपेक्स बैंक को उपार्जित धान के समर्थन मूल्य के रूप में अंतरित की जा चुकी है। किसानों की सुविधा की दृष्टिकोण से उपार्जन केन्द्रों में अपेक्स बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम की व्यवस्था भी की गई है। समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है। धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध  समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है। कस्टम मिलिंग पंजीयन के लिए 865 आवेदन      खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं मिलिंग का काम भी समांतर रूप से किया जा रहा है। जिन उपार्जन केन्द्रों में बफर से अधिक धान भण्डारित होने की स्थिति निर्मित हो रही है, वहाँ परिवहन आदेश जारी कर धान का परिवहन निकटतम सग्रहण केन्द्र में किया जा रहा है। अब तक 2.5 लाख टन धान का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है। मिलरों से पंजीयन हेतु 865 आवेदन प्राप्त हुए है। 252 राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। मिलरों को 1296 टन का डीओ जारी किया जा चुका है।  अब तक 33,054 क्विंटल धान जब्त प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं अफरा-तफरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में अवैध धान के 3305 प्रकरण बनाये गये है एवं 33,054 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में रिसाईकलिंग रोके जाने हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेक पोस्ट की स्थापना धान के अवैध परिहन के मामलों पर कार्यवाही की जा रही है।

21351 किसानों से 234 करोड़ की खरीदी, छत्तीसगढ़-गरियाबंद निकला समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में सबसे आगे

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दौर जारी है. ऐसे में गरियाबंद जिला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. गरियाबंद में अब तक 21351 किसानों से 234 करोड़ की धान खरीदी की जा चुकी है. वहीं धान विक्रय करने वाले 94 फीसदी किसानों ने ऑनलाइन टोकन की सुविधा का लाभ उठाया है. गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्र में से 50 का बफर लिमिट महज 13 दिन की खरीदी में पार हो गया है. खरीदी लिमिट ओवर होने से भले केंद्रों को रख रखाव के लिए मशक्कत उठानी पड़ रही है, पर यह एक सुखद खबर है कि प्रदेश भर में गरियाबंद जिला खरीदी में अव्वल स्थान पर है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 21351 किसानो के 28236 हेक्टेयर में  101740 मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जो कुल पंजीयन के 25.43 फीसदी है. गरियाबंद के किसान अब तक 234 करोड़ के धान बेच चुके हैं. भुगतान की प्रकिया भी संतोष जनक बताई जा रही है. खरीदी को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि शुरू से ही हमने किसानों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लगातार नोडल, खरीदी प्रभारियों की बैठक लिया गया. खरीदी में हर उस कमजोर कड़ी को हटाने की कोशिश की गई, जिससे पहले खरीदी प्रभावित हो रही थी. हमारी टीम सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में पूरी तल्लीनता से लगी हुई है. मिलर्स के हड़ताल खत्म, उठाव में आयेगी तेजी अपनी मांगो को लेकर प्रदेश भर के मिलर्स हड़ताल पर थे, जिसके चलते उठाव की समस्या हो रही थी. हालांकि जिला प्रशासन ने सरकारी संग्रहण केंद्र के लिए उठाव शुरू कर दिया था. डीएमओ मार्कफेड अमित चंद्राकर ने बताया कि जिले में 59 मिलर्स हैं, जिसमें से 11 ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मिले निर्देश के मुताबिक जिन मिलरों ने पिछले साल के एफसीआई मिलिंग या समायोजन 80 फीसदी कर दिया है उन्हें ही नए सीजन में मिलिंग हेतु पंजीयन किया जाना है. जानिए वर्ग वार लाभान्वित कृषकों का प्रतिशत (रकबा अनुसार): राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सभी वर्ग के किसानों तक पहुंच रहा है। अब तक योजना के तहत अलग-अलग रकबे के किसानों को इस प्रकार से लाभान्वित किया गया है: 0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक 0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक

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