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पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते

भोपाल मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए गृहमंत्री अमित शाह को भगवान शंकर का अवतार बताया है। मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आंतकवादियों का अंत करेंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि हिंदुओं को अब जागना चाहिए और घर में शास्त्र हो या ना हो लेकिन शस्त्र चालना आना चाहिए। प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण कथा के दौरान पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया और वहां लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि अमित शाह आंतकवादियों का नाश करके बदला लेंगे। उन्होंने शाह को भगवान शंकर का अवतार तक बता डाला। मिश्रा ने कहा, ‘हमारे भारत के गृहमंत्री अमित शाह जी कलयुग में शिव का अवतार हैं। शांत भी रहते हैं, मौन भी रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। भारत की भूमि के गृहमंत्री शिव का एक रूप हैं, मुझे पूर्ण भरोसा है कि उनकी मौनता और बाद में उनका तांडव जरूर देखने को मिलता है। मुझे भरोसा है कि उन आतंकियों का अंत होगा।’ प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वहां वर्ण पूछकर नहीं बल्कि, धर्म पूछकर गोली मारी गई। उन्होंने कहा, ‘समझने वाला विषय है कि वह आतंकी हिंदू पूछकर, उन्होंने ब्राह्मण नहीं पूछा, क्षत्रिय नहीं पूछा, शूद्र नहीं पूछा, उन्होंने तो पूछा हिंदू है, और गोलियों से भून दिया। एक लड़के की शादी तो आठ दिन पहले हुई थी। कश्मीर घूमने गए थे। उसकी पत्नी रोती बिलखती रही।’ मिश्रा ने कथा में मौजूद महिलाओं से कहा कि घर में शस्त्र रखें और बच्चों को इसे चलाना सिखाएं। उन्होंने कहा,’मेरा निवेदन है तुम्हारे घर में शास्त्र है या नहीं हमें उससे मतलब नहीं है, लेकिन तुम्हारे बेटा-बेटी को शस्त्र चलाना आना चाहिए। बेटी को भी चलाना सिखाओ। हमारे सनातन धर्म का कोई देवता बिना शस्त्र के नहीं है। हमारा घर बिना शस्त्र के नहीं होना चाहिए। जब वक्त पड़े उन शस्त्र को निकालो और सामने खड़े हो जाओ।’ ‘उन सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप दो’ प्रदीप मिश्रा ने वक्फ संशोधन कानून का जिक्र करते हुए सांसदों पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन कानून का विरोध करने वाले सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कितनी दुखद घटना कि पूछा जा रहा है कि तू हिंदू है और गोली मारी जाती है। बंगाल में देखा जा रहा है कि हिंदू है और घर से बाहर निकालकर मारा जा रहा है। संसद में बैठे हुए वो 200 सांसद वक्फ बोर्ड पर रातभर बहस करते हैं, हिंदुओं के नाम पर कलंक बैठे हैं, ले जाकर कश्मीर की घाटी में उनको सौंप दो। जो सनातन धर्म को छोड़कर, हिंदू होकर हिंदू धर्म को अपशब्द करते हैं, क्या जरूरत है इसकी, क्या जरूरत है उसकी।’

चूरू जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान तेज आंधी से मची अफरा-तफरी, 3 महिलाएं घायल, आयोजन निरस्त

चूरू  जिले के रतनगढ़ में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान शुक्रवार शाम को तेज आंधी के चलते श्रद्धालुओं के लिए लगाए डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गईं. घायलों को एंबुलेंस की सहायता से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. वहीं, सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने डोम को खाली करवाया. इसके बाद प्रशासन ने कथा के आयोजन को निरस्त कर दिया है. शुक्रवार शाम को कथा के दौरान अचानक तेज आंधी के कारण भक्तों के लिए बने डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. वहीं, घटना के बाद जिला कलेक्टर और एसपी ने भी कथा स्थल का जायजा लिया था. आयोजन समिति के सदस्य अजय गार्गी ने बताया कि आंधी के दौरान थोड़ी अफरा-तफरी हुई है. उन्होंने कहा कि कथा में आए भक्तों के लिए डोम की व्यवस्था पर्याप्त रही है. हालांकि, उन्होंने महिलाओं के घायल होने की बात इनकार किया है. तेज आंधी के दौरान एक बारगी मौके पर लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इस बीच हर कोई सुरक्षित स्थान ढूंढने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दे रहा था. 15,000 लोग पंडाल में थे मौजूद जानकारी के अनुसार, जब यह हादसा हुआ, तब कथा सुनने के लिए लगभग 15,000 लोग पंडाल में मौजूद थे. पंडाल गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस घटना में एक पुरुष, एक बच्चा और एक महिला को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से पास के अस्पताल ले जाया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजन स्थल को खाली करा लिया गया है. बिना अनुमति के हो रहा था आयोजन रतनगढ़ के पुलिस क्षेत्र अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक ने पहले ही आयोजन स्थल का निरीक्षण किया था और आयोजकों को सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया. सुरक्षा के नहीं थे कोई इंतजाम उपखंड अधिकारी राम कुमार ने बताया कि निर्देशों का पालन न करने के कारण कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी. इसके बावजूद, शुक्रवार को कार्यक्रम शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि पंडाल सुरक्षित नहीं था और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे. भगदड़ से मची अफरा तफरी उन्होंने आगे बताया कि तेज हवाओं के कारण पंडाल गिर गया, जिससे अफरा-तफरी फैल गई. हालांकि, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने यह भी बताया कि लाउडस्पीकर का खंभा बिजली की लाइन पर गिर गया था, जिसके कारण तुरंत बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे जान-माल का नुकसान हो सकता था.प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आयोजन निरस्त के आदेश: कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा हो रहे कथावाचन स्थल पर हादसे के बाद रतनगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक में मंथन के बाद जिला प्रसाशन ने आयोजन निरस्त के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रसाशन द्वारा जारी आदेश में आयोजकों को आयोजन से पहले दी गई प्रसाशन द्वारा हिदायत का जिक्र करते हुए कहा गया कि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार नही किया गया और आगामी दिनों में मौसम को देखते हुए आयोजन निरस्त करने के आदेश दिए. कथावाचक को श्रद्धालुओं को इस आदेश की जानकारी देने के आदेश भी दिया है.

Asaduddin Owaisi के बयान पर Pradeep Mishra का पलटवार, कहा-ये पाकिस्तान नहीं है जो आपको सहन करेंगे..

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने असदुद्दीन ओवैसी के ‘मस्जिद ढकी’ वाले बयान पर पलटवार किया है। पंडित मिश्रा ने कहा कि ओवैसी शायद ये भूल रहे हैं कि, वो भारत में रह रहें हैं। उन्होंने कहा कि ये भारत है पाकिस्तान नहीं जो आपको सहन करेंगे। जहां तक रही बात संघर्ष की तो हम संघर्ष के लिए तैयार है। भारत में जन्मा हर सनातनी शेर का बच्चा है। इस भारत भूमि के लिए संघर्ष करता रहेगा।  बता दें कि हैदराबाद में आयोजित एक जलसे के दौरान अपने संबोधन में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि, आखिर अपने ही देश में मुसलमानों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ‘कोई कहता है- अगर तुम्हें डर है तो तुम नमाज मत पढ़ो घर में बैठ जाओ। कोई कहता है कि जैस मस्जिदों को कवर कर दिया तुम अपने सिर को कवर कर लो। कोई कहता है- बंगाल में अगर हम हुकूमत में आ जाएंगे तो मुसलमानों को बंगाल से निकाल देंगे।’ पंडित मिश्रा का पलटवार अरे भाई वे डरपोक थे जो पाकिस्तान चले गए। ये जियालों की औलाद हैं हम भागने वालों में से नहीं हैं। हमारे लोग ईमान की दौलत से मालामाल थे। उन्होंने भारत को अपना वतन माना और मानते रहेंगे। ओवैसी ने होली के दौरान मस्जिदों को तिरपाल से ढकने के मुद्दे पर कहा था कि, ‘जो मुसलमान बुजदिल थे, वे पाकिस्तान चले गए, और हम भारत में रहकर संघर्ष करेंगे।’

पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान दो दिनों के में 200 चोरी घटनाओं को अंजाम दिया

वाराणसी.  मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों वाराणसी के डोमरी में कथा कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी कथा में जुट रही भीड़ का चोरों ने जमकर फायदा उठाया है. यहां चोरों ने दो दिनों के अंदर 200 घटनाओं को अंजाम दिया है. इन चोरों ने खासकर महिलाओं के गहनों और मंगलसूत्र को निशाना बनाया है. चोरियों के मामले में पुलिस ने 15 शातिर महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर, इन चोरियों ने कथा के आयोजकों की नींद उड़ा दी. आयोजकों ने इन चोरियों को लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है. गौरतलब है कि, आयोजकों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर खुद भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद पुलिस की टीम ने पूरे पंडाल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. इनमें कुछ महिलाएं कथा के बीच में बार-बार जगह बदलती दिखाई दीं. पुलिस ने जब उनकी तहकीकात की तो पता चला कि ये महिलाएं चोरी की घटना को अंजाम दे रही हैं. इस दौरान पुलिस उस वक्त चौंक गई जब पूरी की पूरी महिला चोर गैंग पंडाल में वारदात करती मिली. ये महिला चोर इतनी शातिर हैं कि इन पर शक करना मुश्किल है. ये महिलाएं पलक झपकते ही गहने और रुपये गायब कर देती हैं. बेहद शातिर हैं महिलाएं बताया जाता है कि, पकड़ी गई महिलाओं को पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है. भास्कर डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने जब महिलाओं से पूछताछ करनी शुरू की तो महिलाओं ने जांच टीम को गुमराह किया. इन महिलाओं ने नाम से लेकर मोबाइल नंबर तक गलत बताया. जब पुलिस ने इनकी जानकारी को प्रमाणित करने की कोशिश की तो सब कुछ गलत निकला. पुलिस अब और गहराई से इन महिलाओं की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि ये महिलाओं दूसरे जिले की हैं. उनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है.

राधारानी के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने तुलसीदास को गंवार कहा, विवादित टिप्पणी को लेकर संतों में नाराजगी

भोपाल  कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अब नए विवाद में घिर गए हैं। राधारानी का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद संतों में आक्रोश है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने गोस्वामी तुलसीदास को गंवार कहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते है। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी है। इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने क्या कहा दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा कह रहे हैं कि हमें कुछ नहीं आता है, हम तो तुलसीदास जैसे गंवार हैं। केवल शिव का नाम ले लेते हैं और आपके सामने बैठ जाते हैं। हमको तो ये भी नहीं मालूम है, हमें कुछ नहीं आता है। 12 सेकंड का यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि ये वीडियो कब का है और कहां का है, यह साफ नहीं हो पाया है। पूरे प्रकरण पर पंडित प्रदीप मिश्रा की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संतों में आक्रोश वीडियो वायरल होने के बाद प्रदीप मिश्रा को लेकर संतों में आक्रोश है। देश भर के संतों ने इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की है। टीवी चैनल पर एक संत कार्ष्णि नागेंद्र ने कहा कि सनातन धर्म को लेकर बहुत अनर्गल प्रलाप चल रहे हैं। यह कतई उचित नहीं है। व्यास पीठ सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ है, वहां से ऐसी बातें शोभा नहीं देती है। तुलसीदास जी महाराज परमज्ञानी हुए। वह महाविद्वान नहीं थे। ऐसे महापुरुषों को गंवार कहना अनुचित है। इसके साथ ही एक टीवी चैनल से बात करते हुए त्रिशुला बाबा ने कहा कि तुलसीदास को गंवार कहना अनुचित है। नाम शंकर का लेते हो और जहर उगलते हो। सनातन को स्थापित करने वालों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हो। त्रिशुला बाबा ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले कथावाचक प्रदीप मिश्रा का बहिष्कार करो। उनके पैर के बराबर भी नहीं वहीं, एक संत ने और कहा कि खुद की तुलना गोस्वामी तुलसीदास से करने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा उनके पैर के धुल के कण के बराबर नहीं हैं। तुलसीदास से तुलना पर इनको शर्म आनी चाहिए। प्रेमानंद महाराज भी लगा चुके हैं लताड़ गौरतलब है कि तुलसीदास से पंडित प्रदीप मिश्रा राधारानी पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। राधारानी विवाद को लेकर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी ने भी प्रदीप मिश्रा को काफी लताड़ लगाई थी। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी थी। बाद में एमपी सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों के बीच सुलह कराई थी।

प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज के बीच मतभेद दूर, मंत्री विजयवर्गीय ने फोन पर कराई सुलह

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died

भोपाल  राधारानी पर टिप्पणी को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा वृंदावन के संतों के निशाने पर थे। चर्चित संत प्रेमानंद महाराज जी ने इस टिप्पणी के बाद प्रदीप मिश्रा को आक्रोश में बहुत कुछ कहा था। प्रेमानंद महाराज जी ने यहां तक कह दिया था कि तुम किसी काम के नहीं रहोगे। इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा सफाई दे रहे थे। साथ ही उनसे माफी मांग रहे थे। अब मीडिया में खबरें आ रही हैं कि इस विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री ने प्रेमानंद महाराज जी और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की सुलह कराई है। प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज में फोन पर बात मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीन दिन पहले ओंकारेश्वर में कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा से बात की थी। दोनों की मुलाकात होटल के कमरे में हुई थी। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच राधारानी विवाद पर भी बात हुई थी। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों में सुलह की पहल की। उन्होंने प्रेमानंद महाराज जी से फोन पर प्रदीप मिश्रा से बात कराई। इसके बाद महाराज जी का गुस्सा शांत हुआ है। नर्क जाओगे तुम दरअसल, राधारानी को लेकर वीडियो आने के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज गुस्से से तमतमा गए थे। वह इस टिप्पणी को लेकर तू तड़ाक पर उतर आए थे। साथ ही कह दिया था कि राधा जी के बारे में ऐसी बात करते हो, तुम्हें नर्क में जाने से कोई नहीं बचा पाएगा। साथ ही गुस्से में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा था कि तुम्हारा सत्यानाश हो गया। श्रीजी के चरणों में आकर साष्टांग दंडवत माफी मांगो। ये था पूरा विवाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा जी बरसाने की नहीं है। वह उनके पिता जी का कचहरी था। वह साल में एक बार कचहरी आती थीं। उनके पति का नाम अनय घोष है। वह रावल गांव की रहने वाली थीं। साथ ही प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि वह भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी नहीं है। इसी वीडियो के सामने आने के बाद विवाद की शुरुआथ हुई थी। प्रदीप मिश्रा ने मांगी थी माफी वीडियो सामने आने के बाद प्रदीप मिश्रा का जगह-जगह विरोध होने लगा। साथ ही वृंदावन के संतों में भी उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ने लगी। इसके बाद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रदीप मिश्रा ने प्रेमानंद महाराज जी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो 14 साल पुराना है, जिसे तोड़ मरोड़कर परोसा जा रहा है। प्रेमानंद महाराज के तल्ख तेवर के आगे प्रदीप मिश्रा बैकफुट पर थे और लगातार सफाई दे रहे थे। दोनों के बीच हो गई सुलह अब बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पहल के बाद दोनों संतों में सुलह हो गई है। प्रेमानंद महाराज जी के आक्रोश वाले वीडियो एक्स से हटे हैं। वहीं, प्रदीप मिश्रा ने भी चुप्पी साध ली है। ऐसे में अब मामला ठंडा होने की संभावना है। अब दोनों ही तरफ से कोई प्रतिक्रिया या नया वीडियो सामने नहीं आया है।

रेलवे ने कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं के लिए खंडवा और सनावद के बीच मेमू ट्रेन के फेरे बढ़ाए

खंडवा ओंकारेश्वर के करीब थापना गांव में कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव पुराण कथा चल रही है। इसके लिए खंडवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आना-जाना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुविधा हो इसके लिए खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने सेंट्रल रेलवे के जीएम आरके यादव और भुसावल डीआरएम इति पांडे को पत्र भेजकर 15 जून तक मेमू ट्रेन को नियमित चलाने की मांग की थी तथा इसके समय में परिवर्तन की मांग भी की थी, इसे रेलवे ने स्वीकृति दे दी है। पूर्व रेल समिति सदस्य सुनील जैन और मनोज सोनी ने बताया कि कथा के समय को देखते हुए सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने स्वीकृति देकर इस ट्रेन के 13, 14 और 15 जून को दो फेरे परिचालन का निर्णय लिया है। 16 जून से पूर्व निर्धारित समय से संचालित रहेगी। पहला फेरा – खंडवा से सुबह नौ बजे रवाना होकर 10:30 बजे सनावद पहुंचेगी। – सनावद से वापसी दोपहर एक बजे निकलकर खंडवा 14:30 बजे आएगी। दूसरा फेरा – खंडवा से दोपहर तीन बजे निकलकर सनावद 4:30 बजे पहुंचेगी। – वापसी में सनावद से शाम पांच बजे निकलकर 06:30 बजे खंडवा आएगी। ओंकारेश्वर में लग रहा जाम कथा स्थल के अलावा ओंकारेश्वर-ममलेश्वर मंदिर में भी सुबह-शाम दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को 70 हजार से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्व पहुंचे। मोरटक्का से ओंकारेश्वर तक मुख्य मार्ग से वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने से सनावद-ओंकारेश्वर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से बार-बार जाम लग रहा है।

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