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राज्यपाल पटेल ने बच्चों के साथ किया “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में भागीदारी

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

मंत्री प्रहलाद पटेल : जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें

जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती : पंचायत मंत्री पटेल गंगा जल संर्वधन अभियान के तहत तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में हुआ कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश को नदियों को मायका कहा जाता है, 247 से अधिक नदियों का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, भारत के किसी भी राज्य में इतनी नदियों का उद्गम नहीं है, हमारी नदियों का पानी मॉ नर्मदा, गंगा, गोदावरी के बेसिन में जाता है। हम सभी सौभाग्यशाली है कि यहॉ गौरेया नदी का उद्गम है। इस स्थल पर फैंसिंग कर पौधे लगाये-जायेंगे और वहॉ कुंडी भी बनाई जायेगी जिससे लगे कि यह गौरेया नदी का उद्गम स्थल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत गुरूवार को समारोह को संबोधित किया। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है, इसे संरक्षित और सहेज कर रखें क्योंकि जल के बिना प्राणियों का जीवन असंभव है इसलिए जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें और उन्हें संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि “एक पेड़ मां के नाम” अवश्य लगाये। उन्होंने सभी से पेड़ लगाने का आहवान करते हुए कहा कि ग्राम के लोग यहां पर पेड़ जरूर लगाएं। मॉ नर्मदा के परम भक्त दादा गुरू जी ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनसामान्य के अलावा जन-प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।  

सेवाभाव के साथ जनसेवा ही सच्चे लोक सेवक की पहचान : राज्यपाल पटेल

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोक सेवक बनकर राष्ट्र के विकास और मानव कल्याण का अवसर बिरले लोगों को ही मिलता है। सेवाभाव के साथ जनसेवा ही सच्चे लोक सेवक की पहचान है। राज्यपाल श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नवनियुक्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विकासखंड अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के स्वर्ण जयंती सभागार में सौजन्य भेंट कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव  के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण में मिलने वाली सीख और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्य अनुभवों का उपयोग प्रशासनिक जीवन की चुनौतियों के समाधान में करें। उन्होंने कहा कि आप जब भी मैदानी भ्रमण पर जाए, जनता से आत्मीय व्यवहार करें उनकी समस्याओं को विनम्रता से सुनें और प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। आमजनों की बुनियादी जरूरतों जैसे- रोटी, कपड़ा, मकान के साथ पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि विगत वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों से मध्यप्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब दूरस्थ इलाकों तक विकास दिखाई देता है। गरीब, वंचित और जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने के सरकार के लक्ष्य को सफल बनाने की मूल जिम्मेदारी आप अधिकारियों की है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को दूरस्थ अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आपके पद का परम दायित्व है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल की संचालक श्रीमती सरिता बाला ने पौधा भेंटकर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्रीमती बाला ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री आस्था जैन और श्री रवि ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। आभार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त आयुक्त श्री अनिल कोचर ने किया। 

राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन

मंत्री पटेल से महाराष्ट्र के अधिकारियों ने की भेंट सिपरी सॉफ्टवेयर से प्रभावित हुआ महाराष्ट्र का दल, फील्ड विज़िट में देखा ग्राउंड इम्पैक्ट राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन मनरेगा परिषद का अभिनव नवाचार बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के छह सदस्यीय दल ने शुक्रवार को उनके शासकीय निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने इस दौरान मध्यप्रदेश में वर्षा जल और भूजल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। खासतौर पर दल ने जल गंगा संवर्धन अभियान और सिपरी सॉफ्टवेयर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद, महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रणदिवे, अवर सचिव मृदा एवं संरक्षण विभाग देवेन्द्र भामरे, प्रकाश पाटिल, क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी दिलीप निपाने, जीआईएस विशेषज्ञ अमोल विधाते और असिस्टेंट इंजीनियर अविनाश देवपारे शामिल रहे। महाराष्ट्र के दल ने को सिपरी सॉफ्टवेयर की सराहना जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मध्यप्रदेश मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचारों का अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का यह छह सदस्यीय दल 12 जून को दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आया। दल के सदस्यों ने फील्ड में जाकर सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किए गए खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के कार्य को गहराई से देखा और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की। यह पहला अवसर है जब मध्यप्रदेश में सॉफ्टवेयर की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का चयन किया गया। दल ने किया फील्ड भ्रमण भोपाल आगमन के पश्चात दल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद से पृथक से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। पहले दिन 12 जून को अधिकारियों ने भोपाल जिले की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा एवं जैतपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर से चिन्हित खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल देखे। इस दौरान उन्होंने हितग्रहियों से चर्चा भी की। शुक्रवार को दल ने रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण किया और वहां भी सिपरी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को देखा व आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं। एमपीएसईडीसी ने दी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी विकास भवन में एमपीएसईडीसी और इसके नॉलेज पार्टनर संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाराष्ट्र से आए अधिकारियों को सिपरी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी।साथ ही मनरेगा परिषद के अधिकारियों ने प्लानर सॉफ्टवेयर और एरिया ऑफिसर ऐप के बारे में भी दल को अवगत कराया। यह जानकारी इस बात पर केंद्रित थी कि ये तकनीकी उपकरण किस प्रकार कार्य को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाते हैं। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) एक उन्नत तकनीकी सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से कार्य करता है। वहीं प्लानर ऐप मनरेगा परिषद द्वारा विकसित एक डिजिटल उपकरण है जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना को सरलता से तैयार करना है। यह ऐप मनरेगा के उद्देश्यों और प्रावधानों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है। इस तरह की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य में हो रहे हैं कार्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बारिश की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 30 जून को होगा। अभियान के अंतर्गत सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में 79,815 खेत तालाब, 1,254 अमृत सरोवर और 1,03,900 कूप रिचार्ज पिट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक जलदूतों ने स्वयं को पंजीकृत किया है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हुए हैं।   

राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी

लक्ष्य को समय सीमा से पहले पूरा करने का भाव जरूरी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा का माध्यम : राज्यपाल राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी राजभवन में सिकल सेल समीक्षा बैठक हुई भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी है। कार्य का भाव लक्ष्य को समय सीमा से पूर्व पूरा करने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा के माध्यम है। ईश्वरीय कृपा के भागी होने का यह बड़ा अवसर है। राज्यपाल पटेल राजभवन में सिकल सेल मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के द्वारा सिकल सेल उपचार, प्रबंधन और नियंत्रण प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि मिशन के अंतर्गत 19 जून से 3 जुलाई तक समस्त ग्राम पंचायतों, एकलव्य आवासीय स्कूलों एवं छात्रावासों में मेगा शिविर आयोजित होंगे। अधिक से अधिक स्क्रीनिंग जांच की जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से लेकर जिला चिकित्सालयों में पीओसी किट  के द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रतिदिन स्क्रीनिंग जांच का डेटा पोर्टल में दर्ज होगा। जेनेटिक काउंसलिंग की जाएगी। जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर चिह्नित सिकल सेल रोगियों के लिए शिविर लगेंगे। उन्हें विशेषज्ञों की परामर्श सेवायें उपलब्ध कराई जाएगी। सिकल सेल रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यू.डी.आई.डी. कार्ड प्रदान कर पेंशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। आयुष विभाग द्वारा बताया गया कि विश्व सिकल सेल दिवस के तारतम्य में जनजातीय बहुल 20 जिलों में संचालित 78 आयुष औषधालयों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। सिकल सेल उपचार में सहायक आयुर्वेद दवाओं की किट का वितरण होगा। रोग उपचार में सहायक स्थानीय वनस्पति के संरक्षण, संवर्धन के प्रति जन जागरूकता के कार्य होंगे। सिकल सेल एनीमिया प्रभावित प्रत्येक ग्राम में जनजागृति के लिए प्रभात फेरी, योगाभ्यास, ग्राम-सभा आदि के आयोजन किए जाएंगे। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती जमुना भिड़े, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, आयुक्त आयुष संजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं : मंत्री पटेल

पंचायतों में जल संरक्षण एवं पौधारोपण के कार्य कराएं पंच सरपंच : मंत्री पटेल नर्मदा परिक्रमा पथ की पंचायातों में रेवा आश्रम सामुदायिक भवन बनाएं जायेंगे : मंत्री पटेल  पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं : मंत्री पटेल भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को टिमरनी में सरपंच सम्मेलन में कहा कि पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने पंचायतो के अधिकार भी बढ़ाए हैं और खर्च की सीमा भी बढ़ाई है। पंचायतो को विकास कार्यों के लिए पहले से अधिक राशि आवंटित की जा रही है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरपंच ईमानदारी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नए प्रावधानों के तहत अब पुल पुलिया पहले से अधिक ऊंचाई के बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरदा जिले में 500 से अधिक आबादी की 15 बस्तियां चिन्हित की गई है जहां पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कें निर्मित की जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा कि हरदा जिले में 14 नए पुल पुलिया भी इस योजना के तहत निर्मित करने के लिये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 247 नदियों का उद्गम स्थल है। इसके बावजूद प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर गिरता जा रहा है। आज जरूरत जलस्रोतों के संरक्षण और पौधारोपण की है। मंत्री पटेल ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ की पंचायतो में “रेवा आश्रय सामुदायिक भवन” बनाए जाएंगे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कमल पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत, पूर्व विधायक संजय शाह, टिमरनी नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज तथा उपाध्यक्ष राजा कौशल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे।  

मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर किया पौध-रोपण

नदियों के उदगमों को करें संरक्षित, इनमें होती है भरपूर ऊर्जा : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक नदियों के उद्गम स्थल हैं, हमारे प्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता  मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर किया पौध-रोपण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को रहटगांव तहसील के ग्राम खूमी में स्थित अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों के साथ पीपल, बरगद एवं नीम के पौधे लगाए। उन्होंने अधिकारियों को नदी के उद्गम स्थल के आसपास और अधिक पौधे लगाने, तथा लगाए गए पौधों को संरक्षित करने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक नदियों के उद्गम स्थल हैं। हमारे प्रदेश को “नदियों का मायका” कहा जाता है। हमें नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करना चाहिए, नदियों के उद्गम स्थल पर भरपूर ऊर्जा होती है। उन्होंने कहा कि नदियों के आसपास ट्यूबवेल उत्खनन तथा वृक्षों की कटाई के कारण कई नदियां नष्ट होने के कगार पर हैं। नदियों के स्रोतों को जिंदा रखना जरूरी है। मंत्री पटेल ने कहा कि हम नदियों के स्रोतों को नष्ट कर रहे हैं और नहरों का पानी नदियों में डालकर खुश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर नदियां होने के बावजूद यहां का जल-स्तर घटना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता नदियों के संरक्षण की है। ज़रूरी है कि नदियों के किनारे वृक्ष लगाएं। मंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़वानी से खूमी रोड के साइड शोल्डर भरवाएं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत, जिला पंचायत सदस्य ललित पटेल, पूर्व विधायक संजय शाह, वन मंडल अधिकारी अनिल चोपड़ा उपस्थित थे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल सिकल सेल सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों में शोध और अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों के द्वारा रोग उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे वनों में प्रचुर मात्रा में जड़ी-बूटियां उपलब्ध है। आवश्यकता शोध और अनुसंधान के द्वारा उनकी उनकी उपयोगिता के प्रमाणीकरण की है। राज्यपाल पटेल गांधी मेडिकल कॉलेज में आयोजित सिकलसेल सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन गांधी मेडिकल कॉलेज की एलुमिनाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद रहे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल के उन्मूलन प्रयासों के लिए सबके साथ और सबके प्रयासों की एकजुट आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर सिकल सेल की जागरुकता में सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जागरुकता ही सबसे बड़ा टूल है। हम में से प्रत्येक व्यक्ति सिकल सेल के लक्षणों, उपचार और संभावनाओं के प्रति स्वयं जागरूक हो। फिर जागरूकता दूत के रूप में अपने आस-पास, और समुदाय को जागरूक करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया से बचाने के लिए वर-वधू शादी के पूर्व सिकल सेल जेनेटिक कार्ड का  मिलान ज़रूर करें। गर्भावस्था में जरूरी जाँचे कराए। संतान के जन्म के 72 घंटे के भीतर उनकी सिकल सेल एनीमिया की जाँच अवश्य करें। राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों से आत्मीय मुलाक़ात की। उनकी कुशल क्षेम जानी। सभी को अच्छे ख़ान-पान, व्यायाम और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहडोल से प्रारम्भ हुए सिकल सेल उन्मूलन मिशन- 2047 के तहत प्रदेश सरकार के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिकल सेल जाँच की गहनता को बढ़ाने, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रीनेटल टेस्टिंग के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। सांसद आलोक शर्मा ने सिकल सेल उन्मूलन की प्रतिबद्धता के लिए केंद्रों एवं राज्य सरकार के सघन प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी और सराहना की। राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। राज्यपाल पटेल को सिकल सेल जागरूकता पर आधारित किताब और एच.पी.सी.एल. की डायग्नोस्टिक किट भेंट की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल पटेल को एलुमिनाई एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा पौधे भेंट किए गए। उन्होंने इन पौधों को गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में रोपण के लिए दे दिया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने दिया। आयोजन समिति के सचिव डॉ. ललित श्रीवास्तव ने सिकल सेल एनीमिया सेंसेटाजेशन कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। सिकल सेल उन्मूलन, शोध और रोकथाम प्रयासों में काम करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के विषय, विशेषज्ञों डॉ. राहुल भार्गव, डॉ. आर. के. निगम, डॉ. दानिश जावेद, एन.एच.एम. उप संचालक डॉ. रूबी खान ने जानकारी दी। कार्यक्रम में एलुमिनाई एसोसिएशन के पदाधिकारी, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सक, शोधार्थी, विशेषज्ञ और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।  

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए

अभियान की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीम वर्क और प्लानिंग का नतीजा : राज्यपाल पटेल संयमित जीवन शैली पालन भारतीय संस्कृति की परिपाटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए राजभवन में 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान और स्वस्थ यकृत मिशन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान के संचालन में, टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों को विस्‍तारित करने, समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से फूड बास्केट वितरण करने और 5 हजार से अधिक टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायतों की उपलब्धियों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीमवर्क और प्लानिंग का नतीजा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में “उत्तम सुख निरोगी काया” का भाव प्राचीन काल से ही विद्यमान रहा है। परिवारों में ऋतु आधारित आहार-विहार और संयमित जीवन शैली के विचार के व्यवहार में पालन की परिपाटी रही है। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान समारोह और स्वस्थ यकृत मिशन का शुभारंभ राजभवन स्थित सांदीपनि सभागार में किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. के उन्‍मूलन के लिए संक्रमण नियंत्रण और सही तरीके से समय पर पूरी मात्रा में दवा लेने के संबंध में भी जन जागृति के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टी.बी. की दवा को बीच में छोड़ने से रोगी दवाओं के प्रति ड्रग रजिस्टेंट हो जाता है। इससे इलाज कठिन और संक्रमण फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए स्वस्थ यकृत मिशन शुभारंभ के लिये सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में स्वस्थ लिवर की जांच के लिए बताए गए आसान तरीको से जांच करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पतंजलि से लेकर घेरंड संहिता तक से हमें, काया को निरोगी बनाए रखने के सूत्र प्राप्त होते हैं। भारतीय ज्ञान ग्रंथ भी यही विचार देते हैं कि जैसे पका हुआ फल अपना जीवन पूर्ण करता है, वैसे ही व्यक्ति भी अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता सराहनीय है। राज्य सरकार वर्ष 2028 तक प्रदेश को टी.बी. मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में प्रत्येक स्तर पर सघन प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सम्मानित टी.बी. चैंपियंस के प्रयासों और टी.बी.  को हराने के उनके मन के संकल्प और प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 72 वर्षीय पद्म भूषण डॉ. सरीन की नियमित दिनचर्या और प्रतिदिन व्यायाम करने की जानकारी देते हुए सभी को व्यायाम और नियमित दिनचर्या के लिए प्रेरित किया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा केवल मध्य प्रदेश का सम्मान किया गया है। उन्होंने टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों के क्रियान्वयन में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि निरोगी काया अभियान के तहत 90 लाख लोगों की डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर सहित विभिन्न रोगों की जाँच की गई है। अभियान को जारी रखते हुए शत प्रतिशत के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में एयर एम्बुलेंस के द्वारा रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग उपलब्ध कराने का कार्य भी सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान, देहदान करने वालों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। उनके परिजनों को भी गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने की रूप-रेखा तैयार की गई है। प्रदेश में लिवर प्रत्यारोपण सुविधा की उपलब्धता के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के संचालक पद्म विभूषण डॉ. शिव कुमार सरीन ने हेल्दी लिवर को जिद बनाकर जीवन जीने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के प्रीवेंशन गतिविधियों में भारत दुनिया में और मध्यप्रदेश देश में अंग्रणी है। उन्होंने स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया। बताया कि फैटी लिवर के प्रारंभिक लक्षणों की जांच कमर का नाप, लम्बाई और वजन के अनुपात के आधार पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि लिवर को स्वस्थ बनाकर डायबिटीज, सहित अनेक रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव ने सौ दिवसीय नि:क्षय मित्र अभियान के दौरान 23 चिन्हित जिलों में टी.बी. की सवा 6 लाख से अधिक जाँचे की गई है। नए 22 हजार से अधिक रोगियों को उपचार उपलब्ध कराया गया है। अभियान में 18 हजार से अधिक नए नि:क्षय मित्रों के द्वारा 28 हजार से अधिक फूड बास्केट वितरित किए गए हैं। आर्थिक सहायता भी 30 हजार से अधिक को डी.बी.टी. के द्वारा दी गई है। अभियान को अब पूरे प्रदेश में विस्‍तारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर अभियान का लक्ष्य “यकृत बचेगा, जीवन सजेगा” है। लगभग 2.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। चुनौती का सामना जीवनचर्या में परिवर्तन के द्वारा किया जाएगा। टी.बी. चैम्पियन पुरस्कार से सम्मानित विदिशा की कु. अंजली दांगी, मंडला के ओम बैगा ने उनके अनुभव साझा किए। नि:क्षय मित्र गणमान्‍य नागरिक सम्मान से जबलपुर के मीनेष कुमार जैन को 300 फूड बास्केट वितरित करने और मंदसौर के विशाल गोयल को हेन्ड हेल्ड एक्सरे मशीन प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच, सीहोर और नरसिंहपुर के कलेक्टर एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया। लगातार 3 साल से टी.बी. मुक्त सर्वाधिक ग्राम पंचायते घोषित करने के लिए सिवनी और बैतूल जिले को, ग्राम पंचायत कन्हार गांव, जिला मंडला, ग्राम पंचायत पटवा, जिला बालाघाट, ग्राम पंचायत सावरवानी, जिला छिंदवाड़ा को सम्मानित किया गया। अभियान में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत फूड बास्केट और उपकरणों में सहयोग के लिए आई.ओ.सी.एल., यूपिन, एन.पी.सी.आई.एल., ग्रीन. को. प्राईवेट लिमिटेड को सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों, एस.टी.एस. उमेश शर्मा बरेली, जिला रायसेन, एस.टी.एल.एस. सिद्धेश शर्मा जिला अशोकनगर, लेब तकनीशियन सुसुषमा शर्मा, सी.एच.ओ. नरेन्द्र शर्मा विजयपुर, जिला श्योपुर, सी.एच.ओ. सुनिशा ए.ए.एम. … Read more

राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना ही शिक्षा : राज्यपाल पटेल युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की जीवनचर्या को अपनाएं: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा केवल ज्ञान की डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की अंधी भाग-दौड़ में युवा जीवन के आनंद से वंचित हो रहे हैं। दिनचर्या यांत्रिक होती जा रही है। जरूरी है कि युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की दिनचर्या को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करें। परिवार, समाज के प्रति संवेदनशील रहे। माता-पिता, गुरुजन, समुदाय और समाज के लिए कृतज्ञता का भाव रखें। वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहें। राज्यपाल पटेल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भौतिक सुखों को प्राप्त करने से सुख नहीं मिलता है। आत्मिक सुख, जरूरतमंदों की मदद और सेवा कार्यों से मिलता है। उन्होंने सेवा कार्यों में प्रदर्शन की अपेक्षा परिणामों पर बल दिए जाने वाले सामाजिक वातावरण के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन उपलब्धियों से जुड़े गर्व को महसूस करने का दिन है, जो संस्थान और विद्यार्थी दोनों के लिए उत्सव का प्रसंग होता है। हम सबके जीवन में कुछ ऐसे क्षण होते हैं जिन्हें हम जीवन भर संजो कर रखते हैं। ऐसा ही दीक्षांत का दिन होता है, जो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में हमेशा अंकित रहेगा। परिसर में अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं ने यादगार पल और जीवन भर के लिए मित्रता की है। अनमोल सबक और प्रचुर ज्ञान प्राप्त किया है। यह सब आने वाले समय में विभिन्न परिस्थितियों में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत का दिन जीवन का वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां विद्यार्थियों को कैरियर और जीवन के अगले चरण के बारे में निर्णय लेना है। प्राप्त उपाधि आपको असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कराएगी। उनके सामने देश-विदेश में उच्चतर अध्ययन, रोजगार और उद्यम स्थापना के विकल्प उपलब्ध होंगे, लेकिन भावी जीवन में रोजगार तलाशने वाले की बजाय रोजगार देने वाले की तरह सोच कर आगे बढ़ने का प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का सम्मान उनके अथक परिश्रम से मिला है। इस सफलता की साधना में उनके माता-पिता सदैव उनके साथ खड़े रहे, इसलिए यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, यह उनके माता-पिता की भी उपलब्धि है। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत दुनिया का बुद्धिवान समाज था। तक्षशिला, नालंदा सारी दुनिया की शिक्षा के केन्द्र थे। भारत को विश्व गुरू कहा जाता था। हमारी मान्यताएं और परंपराएं प्रकृति के साथ सह-जीवन के ज्ञान-विज्ञान पर आधारित थी। मातृ भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों की शिक्षा समाज के द्वारा प्रदान की जाती थी। शोध में पता चला है कि भारत में लगभग 7 लाख गुरुकुल विभिन्न क्षेत्रों में संचालित थे। अंग्रेजों ने भारत को नियंत्रण में लेने के लिए उसकी शक्तियों के संबंध में अध्ययन कराया था। उन्हें बताया गया कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति और शिक्षा में है। औपनिवेशिक प्रशासन ने षड़यंत्रपूर्वक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की मान्यताओं और परंपराओं की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। भारतीयों को मातृ भाषा में शिक्षा से वंचित कर विदेशी भाषा में शिक्षा की व्यवस्था कर दी। इस तरह भारतीय समाज को अशिक्षित घोषित करने का कार्य किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री प्राप्त करने की उपलब्धि में उनके परिवार, समुदाय, समाज, राज्य और राष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजीव त्रिपाठी ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कुलसचिव प्रो. मोहन सेन ने आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा सचिव रघुराज राजेन्द्रन, विश्वविद्यालय की कार्य एवं विद्त परिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।  

राज्यपाल से मिले प्रदेश कॉडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से कहा  कहा है कि अतिथि देवों भव: के लोकाचार के समान नागरिक देवों भव: के सिद्धांत पर कार्य करने वाले अधिकारी के रूप में पहचान बनाएं। केवल प्रशासक के रूप में नहीं, विकसित भारत के वास्तुकार की तरह जिम्मेदारियों को समर्पण और करुणा के साथ पूरा करें। राज्यपाल पटेल आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल से भारतीय प्रशासनिक सेवा वर्ष 2024 के मध्यप्रदेश कॉडर के अधिकारियों ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। इसका विकास तभी संभव है, जब जनजातियों के कल्याण और विकास के प्रयासों में सहानुभूति और समानुभूति हो। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारी जो नीतियाँ है, जो निर्णय हुए है और जो काम वह कर रहे है, वह अगले हजार वर्षों के भविष्य को आकार देने वाले हैं। समय की मांग है कि प्रशासनिक अधिकारी कार्य प्रक्रिया और नीति निर्माण आने वाले वर्षों के समग्र भारत के विकास के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के अनुसार करें। भारत के समग्र विकास का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गांव, कोई भी परिवार और कोई भी नागरिक विकास के पथ पर पीछे नहीं छूटे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी को सेवक के भाव से कार्य करना चाहिए। व्यवहार और भाषा में विनम्रता और संवेदनशीलता जरूरी है। गरीबी, अभाव और अज्ञानता से जूझ रहे लोगों तक विकास को पहुँचाना प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि वंचितों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विकसित भारत अभियान के द्वारा पूरी सरकार उनके द्वार पर पहुँची थी। राज्यपाल के रूप में स्वयं उन्होंने 21 जिलों में भ्रमण किया था। उन्होंने कहा कि अधिकारी के रूप में आपको वंचितों के प्रति सहानुभूति और समानुभूति के साथ कार्य करना होगा, इसलिए सबसे पिछड़े क्षेत्र और व्यक्तियों तक पहुँचने को प्राथमिकता दे। उनके अभावों, अपेक्षाओं और आवश्यकता का अनुभव करें। उनको दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान ऐसे पालक मिलेंगे जो स्कूल दूर होने के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे होंगे। उनकी समस्या के समाधान में आपका सहयोग बहुत जरूरी है। उनको अपने व्यवहार से बताए कि आप उनके सेवक है। राज्यपाल पटेल ने वंचित के घर पीने के लिए पानी मांगने का दृष्टांत सुनाया। अधिकारी ने वंचित वर्ग के घर पहुँच कर पीने का पानी मांगा। देर से पानी आने पर पीने से पहले विलंब का कारण पूछा, जब पता चला कि पानी का बर्तन मांग कर लाने के कारण विलंब हुआ है तो उन्होंने पानी नहीं पिया। कहा कि वह घर में उपलब्ध बर्तन में ही पानी पिएंगे। अधिकारी की इस चैतन्यता और व्यवहार ने उसके सामने बस्ती के वंचितों की स्थिति का पूरा खाका खींच दिया। साथ ही परिवार के साथ आत्मीयता के संबंध से वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी प्राप्त कर लिया। राज्यपाल को अकादमी की ओर से स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम भेंट किया। संचालक नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक मुजीर्बुरहमान खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के 52 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया की आकदमी में अधिकारी 5 सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। शेष अवधि में जिला स्तर विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का अनुभव प्राप्त करेंगे। अधिकारियों को प्रशिक्षण से संबंधी विभागीय परीक्षा भी देनी होगी। राज्यपाल को भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अनिकेत शॉडिल्य ने प्रशिक्षण के अनुभव की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन अकादमी की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुनेहा भारतीय ने किया।  इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, प्रशिक्षु अधिकारी सुनवकिरण कौर, आशीष कुमार, आकाश अग्रवाल, पाटिल आशीष अशोक, सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम, कुलदीप पटेल, फरहान इरफान जमादार और ऋषिकेश विजय ठाकरे उपस्थित थे।  

रीवा जिला योजना समिति की बैठक में कई प्रस्तावों को दी गई मंजूरी: मंत्री पटेल

पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों की स्थानांतरण नीति शीघ्र होगी घोषित: मंत्री पटेल आवास प्लस योजना में 27 लाख आवास मंजूर – 6.5 लाख आवासों को भी मिलेगी मंजूरी जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में बनेंगे 50 हजार खेत तालाब रीवा जिला योजना समिति की बैठक में कई प्रस्तावों को दी गई मंजूरी भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला योजना समिति की बैठक हुई। बैठक में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम कल्पना चावला पॉलिटेक्निक कालेज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेसर्स गोकुलदास एक्सपोर्ट लिमिटेड बैंगलोर के सहयोग से शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में सिलाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी। इसके अनुसार ही स्थानांतरण किए जाएंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करें। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य कराएं। जिन गांवों में गत वर्षों में पानी का संकट रहा वहाँ हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट प्राथमिकता से बनाएं। अभियान में शामिल जल संरक्षण कार्यों की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति तत्काल जारी करके निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। अभियान के तहत मनरेगा से मंजूर सभी अधूरे कार्य 15 मई तक पूरे कराएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान से 50 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि इस योजना से रीवा जिले ही नहीं पूरे विन्ध्य में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। नए पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए एक लाख 72 हजार परिवार चिन्हित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना से प्रदेश में 27 लाख गरीब परिवारों को आवास मंजूर किए गए हैं। इसके शेष 6 लाख 50 हजार आवास शीघ्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब परिवारों को पक्के आवास के लिए सभी एसडीएम प्राथमिकता से जमीन उपलब्ध कराएं। इस योजना से मल्टी स्टोरी आवास भी बनाए जा सकते हैं। पेयजल की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में औसत से कम वर्षा हुई है। जिले की सभी बसाहटों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका हो वहाँ वैकल्पिक स्त्रोत से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से स्पाट सोर्स पर पानी की टंकी रखकर भी पेयजल की आपूर्ति कराएं। जहाँ जरूरत हो वहाँ तत्काल हैण्डपंपों में सिंगल फेज मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति करें। जल जीवन मिशन की समूह नलजल योजना से जिन गांवों में पानी दिया जा रहा है उनमें पाइप की मरम्मत तथा अन्य कमियाँ दूर कर नियमित रूप से पानी की सप्लाई करें। बैठक में गत बैठक के पालन प्रतिवेदन को भी मंजूरी दी गई। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम पंचायतें नलजल योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य में सामाजिक संगठनों तथा आमजनता की भी भागीदारी आवश्यक है। विधायक गुढ़ नागेन्द्र सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में पानी का संकट दूर करने के लिए बाणसागर बांध की नहरों से तालाबों और नदियों में पानी छोड़ने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब गिरीश गौतम ने जिला योजना समिति के पुनर्गठन तथा जब तक मऊगंज जिले में जिला पंचायत का गठन नहीं हो जाता तब तक वहाँ के जिला पंचायत सदस्यों को रीवा की योजना समिति की बैठक में सदस्य के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। गौतम ने नलजल योजना तथा पेयजल व्यवस्था के भी मुद्दे उठाए। विधायक सेमरिया अभय मिश्रा ने पेयजल व्यवस्था, बसामन मामा में तीन करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से एनिकट निर्माण, कौआढान में सड़क निर्माण तथा जिला योजना समिति के पुनर्गठन के मामले रखे। बैठक में महापौर रीवा नगर निगम अजय मिश्रा ने बाणसागर बांध की नहरों की साफ-सफाई तथा गाद निकालने का सुझाव दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया। समिति के सदस्य डॉ. अजय सिंह ने मतदाता सूची का मुद्दा उठाया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं “जल गंगा संवर्धन” अभियान की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति तथा समिति के सदस्यगण पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, आयुक्त नगर निगम डॉ सौरभ सोनवड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, वन मण्डलाधिकारी, संयुक्त संचालक योजना अनिल दुबे, सभी एसडीएम, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने आमजनों की समस्यायें सुनीं  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री व श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री सिंह पटेल ने अपने रीवा जिले के प्रवास के दौरान सर्किट हाउस राजनिवास में स्थानीय जनों से भेंट की तथा आमजनों की समस्यायें सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों में संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने डॉ. योगानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

आयुष लोक स्वास्थ चिकित्सा शिक्षा समीक्षा बैठक हुई

जेनेटिक काउंसलिंग में समुदाय का सहयोग लिया जाए : राज्यपाल पटेल समस्त रोगी और वाहकों को स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराना ही लक्ष्य: राज्यपाल पटेल आयुष लोक स्वास्थ चिकित्सा शिक्षा समीक्षा बैठक हुई भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों में जेनेटिक काउंसलिंग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। जेनेटिक काउंसलिंग कार्य में मध्यस्थों की भूमिका की संभावनाओं पर कार्य करते हुए समुदाय का सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक रोग है। रोग को खत्म करने के लिए वैवाहिक और गर्भधारण संबंधी सावधानियां के बारे में सामुदायिक जन जागृति की दिशा में प्रभावी पहल जरूरी है। जेनेटिक काउंसलिंग कार्य में समुदाय के नेतृत्व और पंचायत पदाधिकारियों का सहयोग भी लिया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल राजभवन में जनजातीय प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रोगी को स्वस्थ बनाने के सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रमाणित औषधियों और चिकित्सा पद्धतियों को स्वीकार किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश के वनों में प्रचुर मात्रा में वन औषधियों की उपलब्धता है। इन औषधियों के सिकल सेल रोगी को स्वस्थ बनाने के अनुभवों और उपयोग के परीक्षणों के प्रमाणीकरण का कार्य व्यापक स्तर पर तेज गति से किया जाए। लक्ष्य समस्त रोगी और वाहकों को स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एक जटिल रोग है, जो लगभग 21 प्रकार के रोगों का कारण बन सकता है। जरूरी है कि रोग प्रबंधन के कार्य बहुआयामी और एकीकृत स्वरूप में किए जाएं। समस्त रोगियों की उपचार व्यवस्थाओं के साथ ही वाहकों को भी आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सहयोग प्रदान किया जाए। स्वस्थ जीवन शैली के लिए मार्गदर्शन दिया जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रोग नियंत्रण प्रयासों को व्यक्ति केंद्रित किया जाए। हर स्तर पर औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता हो। समस्त रोगियों और वाहकों को उपचार,औषधि और जेनेटिक काउंसलिंग की सेवाएं उपलब्ध हो। उन्होंने छात्रावासों के भोजन में लौह तत्व की उपलब्धता वाले खाद्य पदार्थों को जोड़ने की जरूरत बताई है। गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल जांच, जेनेटिक परामर्श और नवजात शिशुओं के वैक्सीनेशन के प्लेटफार्म के रूप में आंगनवाड़ियों को शामिल करने के लिए कहा है। बैठक में जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव एवं अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है कि हर विद्यार्थी और पंजीकृत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के डिजिटल, सुलभ और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हों। राज्य मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल कार्यालय का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए प्राप्त किए सुझाव राज्य मंत्री पटेल ने काउंसिल के अधिकारियों एवं स्टॉफ से संवाद कर पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने तकनीकी माध्यमों से प्रक्रिया को त्वरित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में फार्मेसी के किसी भी छात्र एवं अभ्यर्थी को पंजीकरण में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संचालित हों इसके लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य शिक्षा और पंजीकरण से जुड़ी संस्थाओं में निरंतर सुधार और नवाचार के माध्यम से ही छात्र हितों की रक्षा की जा सकती है। फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार श्रीमती माया अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ। राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने कहा जलगंगा संवर्धन अभियान में पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जलगंगा संवर्धन अभियान में अंतर्गत पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए पूर्व प्रयास करें। इस अभियान में मनरेगा योजना और ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण की ओर बढ़ती ग्राम पंचायतों के लिए योजनाओं में लचीलापन हो और जमीनी हकीकत के अनुसार नीतियों में बदलाव किया जाए। मंत्री पटेल ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण सह कार्यशाला (ओरियंटेशन कार्यक्रम) को संबोधित किया। इस अवसर पर अपर सचिव दिनेश जैन, सीईओ एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह, सीईओ आरआरडीए दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद सहित जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि जल स्रोतों और नदियों के उदगम स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन स्रोतों का संरक्षण आवश्यक। सभी जनपद स्तर के अधिकारी इस दिशा में विशेष कार्य करें। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा के तटों की सफाई के लिए अभियान चलाकर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार जिला स्तर पर उन्होंने नदियों से तटों की सफाई के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के भौगोलिक चुनौतियां का अध्ययन भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महानगरों के समीप स्थित ग्राम एवं जनपद पंचायतों को सेमी अर्बन मॉडल पर विकसित किया जाएगा। पौधारोपण के साथ उन पौधों के संरक्षण पर भी दें ध्यान मंत्री पटेल ने कहा कि विगत दिनों आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अच्छे परिणाम संवाद के रूप में सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में अपनी पूर्ण तैयारी के साथ आएं। हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए अच्छे कार्य करें। उन्होंने कहा कि पंचायत और जनपद स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर गहन चिंतन करते हुए सभी अधिकारी आत्ममूल्यांकन करें कि क्या वे अपने कार्यों से संतुष्ट हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला पाए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता अकेले संभव नहीं, बल्कि टीम भावना, सहयोग और सतत संवाद से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की चुनौतियों से सभी अधिकारी हमें अवगत कराएं, जिससे उन चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्य योजनाएं बनाई जा सके। पौधरोपण जैसे अभियानों में केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी देखभाल और जीवित रहने की जिम्मेदारी भी जरूरी है, खासकर जल स्रोतों के पास स्थानीय प्रजाति के पौधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ओरियंटेशन कार्यक्रम में मनरेगा के तहत जल गंगा संवर्धन अभियान में चिह्नित प्रमुख उद्देश्यों और लक्ष्यों की जानकारी दी गई। क्षेत्र मूल्यांकन, कार्यों के प्रमुख सेटों को चिह्नित करने और प्रभाव मापने को कवर करने वाले एसआईपीआरआई टूल का उपयोग करके कार्य योजना को सुविधाजनक बनाने के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। अमृत सरोवर, खेत तालाब, खोदे गए कुओं के पुनर्भरण कार्यों का तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एमपी-एसआरएलएम, पंचायत राज, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत योजना और प्रमुख हस्तक्षेपों का रोल आउट की जानकारी साझा की गई।  

राज्यपाल पटेल ने कहा तथ्य ही सत्य, तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि निष्ठा और धैर्य के साथ न्यायसंगत दलील देना लोक अभियोजक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि तथ्य ही सत्य है। तथ्यों पर आधारित दलील का कानून स्वाभाविक रूप से साथ देता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि क्षमताओं और कार्यकुशलता को विकसित कर विभाग को और अधिक ऊँचाइयों पर पहुँचाने की चुनौती में प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान तथा अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) भोपाल में आयोजित सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर 10 सहायक लोक अभियोजकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अकादमी परिसर में गोल्डन चंपा का पौधा भी लगाया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का वो स्तम्भ है, जिस पर नागरिकों की गहरी आस्था है। वह उसे सबसे अधिक आदर भाव से देखते हैं। न्याय व्यवस्था में अभियोजन अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, बहुआयामी है। उनकी जिम्मेदारी पीड़ितों के लिए मुकदमा चलाने तक सीमित नहीं है। कोर्ट के समक्ष सबूत पेश कर दोषी को सजा और पीड़ित को न्याय दिलाना है। अभियोजन अधिकारी के रूप में अपराध नियंत्रण में पुलिस की जांच में गुणवत्ता लाने, शासकीय विभागों को कानूनी सलाह देने, प्रकरणों में अपील करवाने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी के रूप में उनके पास वंचित, गरीब और पीड़ित व्यक्ति अत्याचार, अनाचार के खिलाफ न्याय के उसके संघर्ष का रक्षक मानकर आएगा। उस समय उनका संवेदनशील व्यवहार, सहानुभूति और सहयोग न्याय में उसके विश्वास को मजबूत बनाएगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सहायक लोक अभियोजक के रूप में उनका चयन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ है, क्योंकि सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है। यह वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर देश, प्रदेश और समाज के विकास के द्वारा सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने लोक सेवक के रूप में इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों का अभिनंदन किया। यह अपेक्षा की है कि न्याय के मंदिर में वह निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य के उच्च मानदण्ड स्थापित करेंगे। लोकायुक्त न्यायमूर्ति सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोक शांति राज्य का दायित्व है। लोक शांति के लिए अपराधिक न्याय प्रणाली का मजबूत होना आभारभूत आवश्यकता है। इस कार्य में लोक अभियोजकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे न्याय को सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन अधिकारी के विहित दायित्वों का निर्वहन जितनी कुशलता और निष्ठा से करेंगे, परिणाम उतने ही अच्छे मिलेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह जे. एन. कंसोटिया ने कहा कि नए विचारों और ऊर्जा के साथ सहायक लोक अभियोजक कार्य को नौकरी की तरह नहीं, सेवा के रुप में करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था में लोक अभियोजकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भोपाल के निदेशक अनिल किशोर यादव ने अकादमी की स्थापना, प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यक्रमों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि नवीन कानूनों को लागू होने के 40 घंटों के भीतर अकादमी में उनका प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया था। प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि नये कानून में लोक अभियोजकों की भूमिका काफी मजबूत हो गई है। संचालक लोक अभियोजन बी. एल. प्रजापति ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों को 45 दिवस का आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने प्रशिक्षण की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कानूनों के विभिन्न आयामों के साथ योग एवं व्यायाम के सत्र भी आयोजित किए गए है। समापन सत्र में आभार प्रदर्शन संयुक्त संचालक लोक अभियोजन रामेश्वर कुम्हरे ने आभार प्रदर्शन किया।  

राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा से ही संभव – राज्यपाल पटेल संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश- राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। विश्व के प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत भाषा के माध्यम से ही संभव हो सकता है। हमारी भारतीय संस्कृति के खजाने में छुपे ज्ञान और विज्ञान को अपनी प्रतिभा से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प समस्त उपाधी प्राप्तकर्ता विद्यार्थी लें। विद्यार्थी प्रयास करें कि वे अपने ज्ञान से वंचित लोगों का उद्धार करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि समाज और राष्ट्र की शिक्षा जगत पर बहुत सारी आशाएं टिकी हैं। आने वाले समय में भारत को विकसित बनाने में सभी विद्यार्थी अपना योगदान दें। राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन के पंडित सूर्य नारायण व्यास संकुल सभागृह में महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। वैदिक ज्ञान के महत्व को विस्तारित करने के करें प्रयास राज्यपाल पटेल ने आह्वान किया कि वैदिक ज्ञान के उपयोग, महत्व और संभावनाओं विस्तारित करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कभी यह न सोचें कि आप अकेले हैं, आप सभी संसार में ज्ञान के बल पर परिवर्तन ला सकते हैं। आज की पीढ़ी को संस्कृत और परंपराओं के ज्ञान की आवश्यकता है। अच्छे संस्कारों के अंकुरण से ही संस्कृति का रक्षण संभव है। संस्कृत शास्त्रों में करुणा संवेदना और संस्कृति का समावेश है। समय और शिक्षा का सही उपयोग व्यक्ति को जीवन में बनाता है सफल राज्यपाल पटेल ने कहा कि कहा कि समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को जीवन में सफल बनाता है। राज्यपाल पटेल ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने पर अपने माता-पिता, शिक्षकों, समाज को न भूलें। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय से प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने योग, आयुर्वेद, संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में विगत 35 वर्षों से अनवरत सेवारत तथा अविस्मरणीय योगदान देने के लिये महर्षि पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति आचार्य बालकृष्ण और नृत्य, नाट्यशास्त्र, संस्कृत एवं भारतीय जान परंपरा के क्षेत्र में अनवरत साधनारत, अध्यक्ष केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली डॉ. संध्या पुरेचा को महामहोपाध्याय (डी.लिट.) की मानद उपाधि से विभूषित किया। राज्यपाल पटेल ने महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिलने की शुभकामनाएं दीं। भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में दें योगदान- मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। भारतीय संस्कृति और मान्यताओं को पूरे विश्व-पटल पर लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए निरंतर परिश्रम करें। मंत्री परमार ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में वार्तालाप में अधिक से अधिक संस्कृत भाषा का उपयोग किया जाए। भारतीय संस्कृति की सभी भाषाओं का सम्मान करें और उन पर गर्व करें। शीघ्र ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भारत के अन्य राज्यों की भाषाओं का भी अध्यापन करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरु नाम से संबोधित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी कभी भी विद्या अर्जन के कार्य से मुक्त न हों। राष्ट्र निर्माण के लिए विद्या अर्जन करना,अध्ययन और अध्यापन करना अत्यंत जरूरी है। डॉ. संध्या पुरेचा ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा है। यह एक सोच है, विचार है, भाव है। इसमें हमारी भारतीय संस्कृति का मूल तत्व निहित है। हमेशा इस पर गर्व करें। कुलगुरु आचार्य विजय कुमार सीजी नेबताया कि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय को हाल ही में नेक से ए ग्रेड मिला है। यहां विद्यार्थियों के लिए ई लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। साथ ही कंप्यूटर प्रयोगशाला भी शुरू की गई है। विश्वविद्यालय में तीन नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। साथ ही एक करोड रुपए की लागत से अलग-अलग प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय में चल रहे हैं। विश्वविद्यालय में एनसीसी भी शुरू किया गया है और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को दो पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, कुल सचिव दिलीप सोनी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ‘सदाकाल गुजरात’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति में समरसता का अद्भुत भाव है। गुजरातियों में मेलजोल और आपसी भाईचारे का व्यवहार होता है। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय गुजराती समाज के कार्यक्रम ‘सदाकाल गुजरात’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि “जहां बसे गुजराती, वहां बसे सदाकाल गुजरात” कहावत को गुजरातियों ने हमेशा चरितार्थ किया है। मध्यप्रदेश की संस्कृति में भी गुजराती समाज रच, बस गया है। गुजराती समाज का मध्यप्रदेश के विकास में विशेष योगदान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत को बनाने में मध्यप्रदेश की जनता के साथ गुजराती समाज लगातार सहयोग और सहभागिता कर रहा है। राज्यपाल पटेल ने केंद्र और राज्य सरकार के सामाजिक सहभागिता पर आधारित कार्यक्रमों को सफल बनाने में अखिल भारतीय गुजराती समाज संस्था के सहयोग और सक्रियता की सराहना की। गुजरात देश का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति गर्व का प्रतीक है। आजादी के आन्दोलन में देश को गुजरात ने ही महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के रूप में मजबूत नेतृत्व दिया है। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित और विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने गुजरात राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदल कर गुजरात को देश का ग्रोथ इंजन बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की कार्यकुशलता, नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की सराहना की। मुख्यमंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश के गुजराती समाज को प्रदेश के विकास में हमेशा योगदान देने और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” निर्माण में बढ़-चढकर भाग लेने का आव्हान किया। गुजरात पर ईश्वर की विशेष कृपा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि गुजरात राज्य पर ईश्वर की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। आजादी से लेकर देश के विकास और अर्थव्यवस्था में आज गुजरात का अहम योगदान है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात-मध्यप्रदेश की रीति-नीति-संस्कृति एक जैसी: गृह राज्य मंत्री संघवी गुजरात राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने गुजराती में कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल और संस्कृति एक समान है। दोनों राज्य के लोगों का व्यवहार, रीति-नीति और संस्कृति एक जैसी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रहने वाला प्रत्येक गुजराती, गुजरात की संस्कृति का ब्रांड एम्बेसडर है। संघवी ने कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को गुजरात दर्शन जरूर कराए। कोरोना काल में गुजराती समाज ने की मानवता की सराहनीय सेवा : सांसद शर्मा खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के गुजराती समाज ने पीड़ित मानवता की सराहनीय सेवा की है। अनेक अवसरों पर भी गुजराती समाज द्वारा मानव सेवा के उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में गुजराती समाज की सक्रिय भागीदारी कर रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर, कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उनका गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में गुजरात के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष संजय पटेल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एन.आर.जी. विभाग गुजरात के चेयरमेन हरीश शुक्ला, प्रदेश और अन्य राज्यों के गुजराती समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।        

नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी, कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रेल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। MP में 4.21 लाख करोड़ के बजट को मिली हरीझंडी मध्यप्रदेश में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रैल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। अधोसंरचना पर ज्यादा नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। जबकि कृषि क्षेत्र में 39207 करोड़ रुपए, सामाजिक स्वास्थ्य एवं महिला विकास विकास के लिए 50333 करोड़ रुपए की व्यवस्था सरकार ने की है। नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए यह राशि 51074 करोड़ रुपए है। कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़ कर्ज का बोझ कम करने के लिए भी सरकार ने व्यवस्था की है। इस बजट में कर्ज चुकान और ब्याज भुगतान के लिए 58 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसमें ब्याज भुगतान के लिए 28636 करोड़ रुपए एवं कर्ज भुगतान के लिए 29980 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यही नहीं पेंशन भुगतान के लिए 28961 करोड़ रुपए की व्यवस्था इस बजट में है।

राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास प्रयासों के बारे में बताया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आयुर्वेद में सिकल सेल उपचार अनुसंधान प्रयासों में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट से सहयोग की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल द्वारा पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के दीक्षांत समारोह में चर्चा के दौरान इस विषय पर विचार विमर्श किया गया। राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय  सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास  प्रयासों के बारे में भी बताया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव बालकृष्ण को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे

भोपाल राजभवन में “कर्मयोगी बनें” विषय पर 28 मार्च 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यशाला में शामिल होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व-विधाओं के साथ संयोजित कर उपयोग करने का प्रशिक्षण देना है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में कर्मयोग के सिद्धांतों के समावेश, विकास और सेवा का वातावरण बना कर सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव, पी.एम. एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेज के प्राचार्य सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक शामिल होंगे। तकनीकी सत्र “शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा में कर्मयोग” विषय पर दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक होगा। इस सत्र के मुख्य वक्ता मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग और केन्द्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के सदस्य प्रो. बालासुब्रमण्यम, ग्लोबल कन्वर्टर यूनाइटेड कॉन्शसनेस के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आई.आई.टी. कानपुर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. के. राधाकृष्णन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की कुलपति प्रो. शांतिधुलीपुडी पंडित होंगे। “एक कर्मयोगी शिक्षाविद्-चुनौतियां और उसके समाधान” विषय पर चर्चा एवं संवाद सत्र का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों अन्नदाता किसानों युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 19 हजार 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रेष्ठ स्टार शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण सड़कों का विस्तार हर घर जल का लक्ष्य रोजगार के अवसर और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 4 हजार 400 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वैकल्पिक सकारात्मक उपयोग की ओर हम आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए 4 हजार 50 करोड रुपए का बजट का प्रावधान है, पी.एम.जन-मन आवास योजना जिसमें कि हम देश में नंबर वन है और उनके लिए 1100 करोड़ और पीएम जन-मन सड़क योजना के लिए 1 हजार 56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अति पिछड़ी जनजाति समूह बैग भारिया, और सहरिया के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है और उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह बजट सहायक होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री पोषण निर्माण के लिए 960 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड़ और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी तथा जमीन के अंदर जल भराव की योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 274 करोड रुपए इस बजट में आवंटित किए गए हैं। मंत्री पटेल ने पशुपालन मछली पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को लेकर कहा कि हम उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन दूसरे चरण में जो औद्योगिककरण है, प्रोसेसिंग करके हम वैल्यू एडिशन के आधार पर दूसरे आयाम भी हासिल करेंगे, जो हमारे अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा और रोजगार का सृजन भी करेगा। इसके लिए भी 100 करोड रुपए का प्रावधान सराहनीय है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए सुव्यवस्थित ई पंचायत के लायक व्यवस्थित भवन दे सके, संसाधन दे सकें उसकी तरफ हम अग्रसर हैं। अटल ग्राम सेवा सदन के माध्यम से, अटल सामुदायिक भवनों के माध्यम से गतिविधियों का वो केंद्र बने और प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करेगा, जिसके लिए 6 हजार 7 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करता हूं। हमने स्टांप ड्यूटी का सदुपयोग किया है इस क्रम में पंचायत का वित्तीय सामर्थ बढ़ाने की दृष्टि से ग्राम स्वराज अभियान में कुल 238 करोड़ तथा अतिरिक्त स्तंभ शुल्क वसूली अनुदान में 2 हजार 41 करोड़ का प्रावधान सरकार के दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह राशि बढ़ोतरी हमें काम करने में और सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री पटेल ने कहा कि संबल गरीब आदमी के लिए आपदा में सबसे बड़ा सहारा है और हमारी सरकार इस लक्ष्य के लिए समर्पित है इसलिए संबल योजना के अंतर्गत 700 करोड रुपए की यह राशि उन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है।  

राज्यपाल पटेल ने छात्र छात्राओं को प्रदान किए उपाधियाँ और स्वर्ण पदक

जबलपुर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पशु संपदा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान देते है। पशुपालन के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भरता की ओर पहुंचा जा सकता है। उन्‍होंने पंचगव्‍य के उपयोग और महत्‍ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मूक प्राणी और पशुओं की सेवा पुण्य का कार्य है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल की अध्यक्षता में आज नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी नानाजी की जीवन यात्रा से प्रेरणा ले और समाज सेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने संस्कारधानी में नानाजी के आदर्शों पर संचालित प्रदेश के एकमात्र पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यो की सराहना की। विश्वविद्यालय में हो रहे वन्य जीवन संरक्षण तथा रोग निदान अनुसंधान कार्य को अनुकरणीय बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखें। शपथ का समाज और राष्ट्र सेवा में पालन करें। उन्होंने सभी दीक्षित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कन्या छात्रावास का किया निरीक्षण राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रांगण स्थित नर्मदा कन्या छात्रावास का भ्रमण कर साफ़ सफाई, पानी, रसोई घर आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा भी की। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पटेल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने आज उपाधि प्राप्‍त कर समाज और राष्‍ट्र की प्रगति की शपथ ग्रहण की हैं उनके जीवन का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्‍होंने कहा कि मूक पशुओं का इलाज कर उनके तकलीफों को समझकर दूर करने का प्रयास करते रहे। कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। दीक्षांत समारोह में जनप्रतिनिधी, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलगुरु, छात्र छात्राएं व अभिभावकगण उपस्थित रहे।  

नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में सातवां दीक्षा समारोह आयोजित, राज्यपाल ने 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की

जबलपुर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षा समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। विवि के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल की गरिमामय उपस्थिति में 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की। साथ ही 12 छात्र स्वर्ण पदक से नवाजे गए। समारोह में पशुपालन मंत्री लखन पटेल विशिष्ट अतिथि रहे। दीक्षा भाषण कुलगुरु डॉ बीएन त्रिपाठी शेरे कश्मीर एग्रीकल्चर साइंस व टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मनदीप शर्मा भी मंचासीन थे। तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल सुबह 11:00 बजे आरंभ सातवें दीक्षा समारोह में शैक्षणिक सत्र 21-22, 22-23 तथा 23-24 के छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। जिसमें बीवीएससी के 678, एमबीएससी के 229, पीएचडी 34, बीएफसी के 76, एमएफएससी के 12, 12 स्वर्ण पदक, तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही आरवीसी में चयनित पूर्व छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ एसएस तोमर, उपकुलसचिव डॉ रामकिंकर मिश्रा सहित अन्य मंचासीन थे।

राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मप्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजनों से बैगा आर्ट के संबंध में की चर्चा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सभी को कार्य ऐसा करना चाहिए, जिससे हमेशा ही सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिलें, सभी ऐसा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यकाल के दौरान एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जिन कार्यों को लोग एवं समाज हमेशा याद रखें। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय पेंटिंग एवं कलाकृतियों को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, इसके लिए भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि विशेष प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा में विवेकाधीन अनुदान मद से लगभग 5 लाख रुपए लागत से निर्मित आदिवासी कला संकुल भवन (आर्ट सेंटर) का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मतथा नारी शक्ति सम्मान प्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजन श्रीमती रिंकू भाई बैगा, दुखिया बाई बैगा एवं अमर बैगा से बैगा पेंटिंग आर्ट एवं बैगा कलाकृतियों के संबंध में चर्चाएं कीं। उन्होंने कहा कि यह हुनर दूसरे जनजातीय व्यक्तियों को भी अवश्य सिखाएं। इस दौरान राज्यपाल ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा प्रशासन द्वारा किए गए सहयोग की प्रशंसा भी की। इस दौरान राज्यपाल को प्रशासन द्वारा बैगा पेंटिंग स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई। राज्यपाल पटेल का स्वागत बैगा जनजातीय के लोगों द्वारा पारंपरिक सैला नृत्य एवं कलश यात्रा निकालकर किया गया। राज्यपाल ने कक्षा आठवीं की छात्रा अल्का बैगा एवं शालिनी बैगा से भी चर्चा की तथा उनके शैक्षणिक गतिविधि एवं भविष्य में वह क्या बनना चाहती हैं, के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जहाँ शस्त्र और शास्त्र के समन्वय की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। अद्वितीय वास्तुकला, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत की नगरी खजुराहो, भारतीय संस्कृति और कला का अद्वितीय गौरव है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह ने भारतीय कला और संस्कृति की विविधता में एकता को देश-विदेशों में मजबूत किया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्धता को प्रदर्शित करने और विस्तारित करने में समारोह का उल्लेखनीय योगदान है। राज्यपाल पटेल खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के आयोजन में 139 नृत्य कलाकारों ने 24 घंटे, 9 मिनट, 26 सेकंड तक लगातार नृत्य कर, जो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। इससे हमारी संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये आयोजकों को बधाई दी है। समारोह मे सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य के अधिपति भगवान शिव की स्तुति की। अगली प्रस्तुति पद्मभूषण राधा—राजा रेड्डी के कुचिपुड़ी नृत्य की हुई। इसके बाद ‘जतीस्वरम’ की राग मांडारी और ताल आदि में निबद्ध प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति बिना किसी गीत और शब्द के विशुद्ध नृत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी गई। कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद कलावार्ता में मंदिर स्थापत्य और नृत्य कला का दार्शनिक और आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद हुआ। कलावार्ता का प्रवर्तन दिल्ली से आये कलाविद आनंदवर्धन ने किया। बाल नृत्य महोत्सव में युवा कलाकारों को भी मिला मंच     युवा कलाकारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिये पहली बार आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन मंच प्रदान किया गया। इसमें युवा कलाकारों ने कथक और भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुतियां दीं।  

राज्यपाल पटेल पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। पालकों का संघर्ष, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में योगदान की स्मृतियां सदैव बनी रहनी चाहिए। याद रहे कि आपकी शिक्षा-दीक्षा में इन सभी का प्रत्यक्ष और परोक्ष त्याग और सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत शपथ सामाजिक दायित्वों का दस्तावेज है। भावी जीवन में इसे संभाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। अपने आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अतीत की साधना भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यहां से भावी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने होंगे। जरूरी है कि अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें। तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साहस और धैर्य के साथ प्रयासों से सपने साकार होते हैं। अनुभवों से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़े और अपनी अपार क्षमताओं को पहचानें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ मानसिकता के लिए स्वस्थ शरीर का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वस्थ तन-मन के लिए नियमित व्यायाम, मिलेट्स/श्रीअन्न खाने, अधिक पानी पीने और भरपूर नींद लेने के चार मंत्र बताए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह सहित अन्य विभिन्न महानायकों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया के फैलाव को देखते हुए विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने तथा रोग की स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को बौद्धिकता, ज्ञान, विज्ञान और संस्कारों के के साथ समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी मिलना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में पं. शंभुनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान 45 छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधि प्रदान की। राज्यपाल पहुंचे धुरवार के नन भईया बैगा के घर राज्यपाल मंगुभाई पटेल शहडोल जिले के प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के नन भईया बैगा के घर ग्राम धुरवार पहुंचे। राज्यपाल की गांव पहुंचने पर नन भईया बैगा एवं ग्रामीणों ने कलश से अगुवाई की। जनजातीय संस्कृति के अनुसार टिमकी तथा नगरिया से लैस नृत्य दल ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीणों से जन-मन योजना से उनके जीवन में हुए बदलाव के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल को नन भईया बैगा ने घर आगमन पर पारंपरिक भोजन कराया। बैगा परिवार द्वारा फंसई का चावल, इंदरहर की कढ़ी, लहसुन और टमाटर की सिल-बट्टे पर बनी चटनी, कुटकी की खीर, सेमी का साग, पापड़, सलाद, गेंहू रोटी के साथ प्रस्तुत किया गया। परिवार के सह-भोज में सरपंच श्रीमती मीरा बाई बैगा और जन मन योजना के हितग्राही भी शामिल हुए।  

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता

गांवों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से की मुलाकात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत भवन विहीन 1153 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने जर्जर पंचायत भवनों के संबंध में निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी पंचायत चुनाव तक कोई भी ग्राम पंचायत भवन विहीन न रहे। मंत्री पटेल ने गुरुवार को प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से निवास पर मुलाकात की।    मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्राथमिकताओं को चिन्हित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट हो और साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जाए। मंत्री पटेल ने पौध-रोपण के दौरान सावधानी और सतर्कता बरतने और नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों में कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा। मंत्री पटेल ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष प्रयास करें, इससे पंचायतों को भूमि को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के कार्यक्षेत्र में रेत संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कपिलधारा और सामुदायिक पेयजल परियोजनाओं की लागत को बराबर करने की दिशा में विचार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुगमता से लाभ मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत सचिवों और जीआरएस के लिए एमआईएस पोर्टल को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कार्य अनुमोदन में पारदर्शिता लाने पर बल दिया। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतें मजबूत होंगी, तो प्रदेश सशक्त बनेगा। इस अवसर पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों को मंत्री पटेल के समक्ष रखा।  

राज्यपाल अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों का सम्मान हमारी महान संस्कृति की धरोहर है। उनके प्रति आदर और संस्कार घर से ही विकसित होते है। उन्होंने रामायण में उल्लेखित माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान पर आधारित प्रसंगों का जिक्र भी किया। राज्यपाल पटेल अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अकादमी में आयोजित कार्यकम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग की विषय पर आधारित “वरिष्ठ नागरिकों की देख-भाल, सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, कानूनी सुरक्षा और मानव अधिकार” ‘स्मारिका’ का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों को अपने खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखना होता है। परिजन बुजुर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशीलता और कृतज्ञता का भाव रखे। उन्होंने मानव अधिकारों के संरक्षण के प्रति जनजागरण के प्रयासों के लिए आयोग को साधुवाद दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव अधिकार नैसर्गिक अधिकार है। ये अधिकार व्यक्ति का स्वाभिमान, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करते है। इन अधिकारों तक समाज के अंतिम कड़ी के व्यक्ति की सुलभ पहुँच हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भी है। उन्होंने कहा कि राज्य मानव अधिकार आयोग की भूमिका, मानवाधिकारों के रक्षक और संरक्षक के रूप में है। आयोग वंचित और गरीब वर्ग की आशा और विश्वास के केन्द्र में है। सरकार और समाज का मार्गदर्शक भी है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान, हमारे संस्कारों और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। वरिष्ठ नागरिक, हमारे परिवार और समाज के लिए धरोहर होते है, अनुभव का खजाना होते है। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बुजुर्ग चलते-फिरते इनसाइक्लोपीडिया होते हैं। उनके पास जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुभव है। बुजुर्ग शारीरिक रूप से कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनका अनुभव अमूल्य है। युवाओं को चाहिए कि वे बुजुर्गों के सान्निध्य में रहें, उनके अनुभव का लाभ लें और उन्हें सम्मान दें। वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति न केवल परिवार की ताकत है, बल्कि समाज की भी अमूल्य धरोहर है। उनकी सेवा और सम्मान ही हमारी संस्कृति का आधार है। यदि हम अपने मूल्यों और परंपराओं का सम्मान करेंगे, तो निश्चित रूप से विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होंगे। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कृतज्ञता और आदर की भावना ही समाज की खुशहाली की सच्ची राह है। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर ममतानी ने कहा कि भारतीय परिवेश में वृद्धजनों के आर्थिक, सामाजिक और वैधानिक संरक्षण किये जाने की आवश्कता है। उन्होंने कहा कि आयु एक सतत् अपरिर्वतनीय, सार्वभौमिक प्रक्रिया है। जो गर्भाधान से शुरू होकर व्यक्ति की मृत्यु तक होती है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन की महत्वपूर्ण समस्याओं में प्रमुख रूप से शारीरिक दूर्बलता, मानसिक रोग, अकेलेपन की समस्या, आर्थिक असुरक्षा, संयुक्त परिवार का अभाव, मनोंरजन की समस्याओं से बुजुर्गों को बाहर निकालने के लिए समाज को आगे आना होगा। ममतानी ने कहा कि सरकार के साथ-साथ हम लोगों को भी वरिष्ठजनों के सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के लिये कार्य करना होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने कहा कि मानव अधिकार आयोग वरिष्ठजनों संरक्षण के लिये संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार आयोग के संज्ञान में 1343 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। आयोग द्वारा राज्य सरकार के माध्यम से 1228 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहाकि आयोग द्वारा नवाचार के रूप में प्रदेश के 24 जिलों में शिविरों का आयोजन कर मानव अधिकार से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। ममतानी ने आयोग के उद्देश्यों, कार्यों और योजनाओं पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयोग के सदस्य राजीव कुमार टंडन ने स्वागत उद्बोधन दिया। विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन की श्रीमती सोनाली पोक्षे वायंगणकर ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक राजेश गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ केन्द्र और राज्य सरकार की संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशासनिक अकादमी में अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत विशेष शिविर लगाया गया। जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाये गये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष कैम्प का अवलोकन किया और सहजता से सेवा प्रदाय करने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार) डी.सी. सागर ने भगवान श्रीराम के पावन ग्रंथ रामचरित मानस के लंका काण्ड में विजय रथ के श्लोक सुनायें। उन्होंने “सौरज धीरज तेहि रथ चाका, सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका, बल विवेक दम परहित घोरे, छमा कृपा समता रजू जोरे” का उदाहरण दिया इस दोहे में बहादुरी, धैर्य, सत्य, शालीनता, द्दढ़ संकल्प, शिक्त, बुद्धिमत्ता, आत्म-नियंत्रण, परोपकार, क्षमा, कृतज्ञता और समानता के 12 गुण निहित हैं जो आदर्श व्यक्ति में होते है। सागर ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस विभाग द्वारा बनाए गए सिटीजन ऐप की कार्य प्रणाली बताई। राज्यपाल पटेल का राज्य मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मानव अधिकार आयोग के पुलिस महानिरीक्षक अशोक गोयल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी के महा निदेशक जे.एन. कंसोटिया, न्यायाधीशगण, वरिष्ठजन और आयोग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल को ध्वज लगाया, राजभवन में सशस्त्र झंडा दिवस मना

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल को राजभवन में सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर ध्वज लगाया गया। राज्यपाल पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के अतिरिक्त संचालक, सेवानिवृत्त कर्नल संजय प्रधान ने ध्वज लगाया। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि प्रदान की। राज्यपाल पटेल ने नागरिकों से अपील की है कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर अपनी क्षमता से बढ़कर अशंदान के भाव और भावनाओं के साथ अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता के प्रदार्शन में सहभागी बनें।  

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल गौ माता के लिए भोजन और पानी, सुरक्षा का प्रबंध करना है प्राथमिकता गौ अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का किया निरीक्षण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के ग्राम पाण्डरी में गौ-अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-अभ्यारण्य के लिए भूमि पर्याप्त और सुन्दर है। सुरक्षा की दृष्टि से इसमें तार फेंसिंग की जरूरत है, जिससे गौ-वंश खेतों में न जा सके। गौ-माता के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास होना चाहिए कि सड़क पर कोई गौ-माता नहीं रहे। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-शाला के लिए दो रास्ते एवं दो द्वार बनाए जाएं। उन्होंने गौ-अभ्यारण्य की तार फेंसिंग में लगने वाले समय, पानी की व्यवस्था की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, विधायक भिण्ड नरेन्द्र सिंह कुशवाह, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

प्रदेश में सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा: : मंत्री प्रहलाद पटेल

भोपाल मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल भिंड ज‍िले के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पहले द‍िन  उन्होंने जिला योजना समिति की बैठक को संबोध‍ित किया. इस दौरान मंत्री ने कहा कि आज की बैठक एक अच्छे वातावरण में संपन्न हुई. कार्य पिछले ढाई साल से पंचायतों में लंब‍ित हैं, उनकी जांच करने के ल‍िए जिला पंचायत के सीईओ को न‍िर्देश द‍िया गया है. सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा. वहीं जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए अपने क्षेत्र में एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. सिंध रतनगढ़ और कनेरा परियोजना को सुचारू रूप से करने के लिए भी निर्देशित किया. इस मौके पर नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, 52 हजार प्रकरण सौर ऊर्जा के लिए चिन्हित किए गए हैं, इसमें 90 प्रत‍िशत की सब्सिडी के साथ किसान आवेदन कर सकेंगे और एक माह में समिति समस्त बिलों का भुगतान कर मुझे सूचित करेगी. मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाए वहीं प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो भूमिहीन मुक्तिधाम है, उनके लिए अलग से जगह देकर मुक्तिधाम बनवााए जाएंगे और जहां पर नदी के किनारे शवों को जलाने की प्रथा है, वहां भी मुक्तिधाम बनवाए जाएंगे. प्रभारी मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा क‍ि जहां पर मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है, उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. साथ ही अभियान चलाकर जिन मंदिरों की जमीनों पर कहीं अतिक्रमण है, तो उनको तुरंत खाली कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भिंड जिले की जिन पंचायतों में मुक्तिधाम के लिए जमीन नहीं है, उनको जमीन उपलब्ध कराकर मुक्ति धाम का निर्माण किया जाएगा. उमरी टोल प्लाजा को लेकर मंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा पर निकासी में परेशानी आ रही है. मेरी अगली मीटिंग तक उमरी प्लाजा पर टोल का कार्य शुरू हो जाएगा. इस मौके पर मंत्री पटेल के अलावा, कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह, लहार विधायक अंबरीष शर्मा गुड्डू, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह मौजूद रहे.

राज्यपाल ने मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सम्मानित प्रतिभाएं उत्कृष्ट कार्यों की ध्वज वाहक होती है। उनके उत्कृष्ट कार्य समाज को चुनौतियों का सामना करने का विश्वास और विज़न प्रदान करते है। भावी पीढ़ियां उनके पथ का अनुसरण कर समाज को गतिशील और जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करना वास्तव में समाज को गौरवान्वित करने, स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है। भावी प्रतिभाओं के पथ प्रदर्शन की नैतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से समाज की जिम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल, प्रेस क्लब भोपाल द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल पटेल का प्रेस क्लब मध्यप्रदेश के अध्यक्ष नवीन आनंद जोशी ने श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सब देख समझ रहें है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी लोकतांत्रिक संस्था, आर्थिक शक्ति, वैज्ञानिक कौशल, संस्कृति और विविधता का दुनिया ने लोहा माना है, लेकिन मजबूत राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में आज भी हमारे समक्ष आतंकवाद, विघटनकारी शक्तियों की चुनौतियां है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उच्च मानकों के साथ समाज के वंचित वर्गों के लिए न्याय के प्रयासों और विकास के अवसरों को और अधिक विस्तारित करना भी जरूरी है। उन्होंने अपेक्षा की है कि समावेशी विकास के लिए तुलनात्मक रूप से वंचित और पिछड़े क्षेत्रों के समुदायों का हाथ पकड़ कर समाज के मुख्य धारा में शामिल कराने के प्रयासों का दिशा दर्शन सम्मानित विशिष्ट प्रतिभाएं करें। समारोह समाज में सकारात्मकता को बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्यों के लिए समाज विशेषकर युवाओं को प्रेरित प्रोत्साहित करने में सफल होने की मंगल कामना की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता से वह बहुत अधिक प्रसन्न है, जिन प्रतिभाओं के कार्यों से वे अभिभूत है। उन्हें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित करने का अवसर मिला है। वह स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे है। उन्होंने सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यूरोप की यात्रा का उल्लेख करते हुए प्रदेश में बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश आने की जानकारी के संदर्भ में कार्यक्रम के दौरान देश भर के विद्वान और विचारकों की मध्यप्रदेश के विकास के संबंध में बौद्धिक और वैचारिक विचारों को साझा किए जाने को प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के प्रयासों की गति को और अधिक बढ़ाने में सहयोगी होने की पहल बताया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल विमल वर्मा, पद्मनृत्य गुरु डॉ. पुरू दाधीच, प्रसिद्ध टीवी एंकर सुमित अवस्थी, वस्त्र उद्योग उद्यमी गौतम कोठारी, फिल्म और नाटक के अभिनेता शरद सक्सेना, शिक्षाविद् डॉ. एस.पी. गौतम, एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही श्रीमती ज्योति रात्रे, रंगमंच कलाकार वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा और प्रसिद्ध साहित्यकार लेखक डॉ. रमेश निर्मल को मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड प्रदान किए। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश प्रतिभा अवॉर्ड से भारतीय सेना के मेजर अनिकेत चतुर्वेदी, महर्षि विश्वविद्यालय के प्रमुख ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा, ब्यूरो चीफ ए.एन.आई. न्यूज एजेंसी संदीप कुमार सिंह, समाज सेवी शिक्षाविद् जय नारायण चौकसे, कार्यकारी वाइस चेयरमैन आईसेक्ट समूह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, उद्योगपति रोहित गोविंद सोमानी, समाज सेवी शिक्षाविद् डॉ. डेविश जैन, सीनियर कॉरेस्पोंडेंट दैनिक समाचार पत्र, पत्रिका दीपेश अवस्थी, युवा प्रतिभावान लेखक दिव्यांश व्यास और सुमेघा दीक्षित को सम्मानित किया। आभार प्रदर्शन प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने किया।  

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।  

मंत्री पटेल ने भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव को सेवानिवृत्ति पर विदाई एवं स्वस्थ जीवन के लिये शुभकामनाएं दी। मंत्री पटेल शुक्रवार को एसीएस श्रीवास्तव की सेवानिवृत्ति के अवसर पर विकास भवन ऑडिटोरियम ने आयोजित विदाई समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि श्रीवास्तव द्वारा सेवाकाल में की गई कड़ी मेहनत और समयबद्धता सराहनीय है। उन्होंने श्रीवास्तव के कार्यकाल की विशिष्ट उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने अपने कार्य अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हर विषय का गहन अध्ययन कर कार्य को प्रधानता देते हुए अपने शासकीय सेवा का निर्वहन किया। सभी से सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक रवैया रखा। उन्होंने इस अवसर पर समस्त स्टॉफ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्रीवास्तव के शासकीय जीवन की यात्रा पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया और अतिरिक्त संचालक पीसी शर्मा द्वारा लिखित और राजू राव द्वारा गाये गीत “मलय सर आप बहुत याद आओगे” को सुनाया गया। विभिन्न अधिकारियों ने श्रीवास्तव के साथ अपने कार्य अनुभव सांझा किए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद, डायरेक्टर वाल्मी श्रीमती सरिता बाला, उपसचिव राकेश कुशरे सहित विभागीय अधिकारी/कर्मचारी और अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव के परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम उपरांत संयुक्त आयुक्त अनिल कोचर ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम आयोजन में उपायुक्त राजीव खरे, नरेश रावत और चंद्रभान राही का विशेष सहयोग रहा।  

मंत्री लखन पटेल ने कहा विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए, जिससे पशुओं की नस्ल में सुधार हो और दुग्ध उत्पादन बढ़े। केंद्र और राज्य सरकार पशुपालन के क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने और छात्राओं की स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की बात कही। मंत्री पटेल ने आज जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप सिंह, कुलसचिव डॉ. श्रीकांत जोशी, वित्त नियंत्रक महेश कोरी, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. तोमर, संचालक अनुसंधान डॉ. जी.पी. लखानी उपस्थित थे। मंत्री पटेल द्वारा विश्वविद्यालय स्थित कुक्कुट विभाग, पंचगव्य उत्पादन इकाई, मिनरल मिक्सचर यूनिट तथा डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने मुर्गी की कड़कनाथ नस्ल को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे इस नस्ल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिले और ग्रामीणों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पंचगव्य के विपणन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक ऐसा स्थान चयन किया जाए, जहां पर पंचगव्य से निर्मित उत्पादों की बिक्री हो और वे आसानी से जनता को मिल सकें। मंत्री पटेल ने बताया कि हीफर गाय को किसानों को वितरित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। निराश्रित गायों को गौशाला में भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की डेयरी में एंब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी के उपयोग से देशी गायों के नस्ल सुधार कार्य पर प्रसन्नता व्यक्ति की तथा आधुनिक तकनीकी से नस्ल सुधार पर जोर दिया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहापीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है। फिजियोथैरेपी से जुड़े विद्यार्थी और सेवार्थी आरोग्य भारती के सेवा भावी कार्यों से प्रेरणा ले। गरीब, वंचित और पीड़ितों की सेवा के लिए हमेशा सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने फिजियोथैरेपी से जुड़े विशेषज्ञ और चिकित्सकों से कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उपचार और शोध में फिजियोथैरेपी के उपयोग और संभावना पर मंथन करे। उन्होंने कहा कि शरीर और मन की तंदुरूस्ती के लिए युवा स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। पौष्टिक खान-पान, नियमित योग, व्यायाम, भरपूर पानी और नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सभी खराब खान-पान और अनियमित जीवनशैली से स्वास्थ्य में गिरावट, परेशानी और कष्ट का अनुभव करते हैं। ऐसे समय में फिजियोथैरेपी के माध्यम से बिना किसी दवा, मरहम और सर्जरी के संपूर्ण स्वास्थ्य को समग्र रूप से ठीक किया जाना सम्भव है। उन्होंने कहा कि फिजिकल थैरेपी, व्यक्ति की जीवन चर्या, खान-पान और शरीर की प्रभावी देखभाल से चमत्कारी परिणाम दे सकती है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य को प्राप्त करने में फिजियोथैरेपी का प्रसार महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि फिजियोथैरेपी पद्धति का प्रभावी अभिलेखन हो। शोध और अनुसंधान के प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी चिकित्सा प्रणाली तक वंचित और गरीब जन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में आरोग्य भारती जैसी संस्थाऐं समाज का नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रचार और सहयोग प्रयासों के लिए संस्था की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धनवन्तरी और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पटेल का आरोग्य भारती संस्था भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष ने श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अभिजीत देशमुख ने दिया। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने संस्था के कार्यों और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह और चिरायु मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका ने अपने विचार रखे। आभार डॉ. पी.आर. सुरेश ने माना। कार्यक्रम में फिजियोथैरेपी से जुड़े चिकित्सक, विशेषज्ञ, विद्यार्थी उपस्थित थे।  

“हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- अनुराग जैन

राज्यपाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा राज्य-स्तरीय “संविधान दिवस” कार्यक्रम समस्त शासकीय, सार्वजनिक, स्वशासी उपक्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में भी होंगे “संविधान दिवस” कार्यक्रम- राज्यपाल पटेल “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- राज्यपाल पटेल मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई “संविधान दिवस” आयोजन सम्बंधी बैठक भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में “संविधान दिवस” आयोजन सम्बंधी बैठक हुई। बैठक में अवगत कराया गया कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में 26 नवम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागृह में प्रात: 11 बजे राज्य-स्तरीय “संविधान दिवस” कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध विभूतियों का स्मरण किया जाएगा। इसमें संविधान निर्माण सम्बंधी प्रदर्शनी लगाई जाएगी और संविधान संबंधी लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। मुख्य सचिव जैन ने संबंधित विभागों के साथ कार्यक्रम तैयारियों को लेकर समीक्षा की। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, संविधान को अंगीकृत करने के 75 वर्ष पूर्ण होने के महत्व को देखते हुए वर्ष भर चलने वाले उत्सव को “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत चलाया जाएगा। “संविधान दिवस” को सम्पूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थाओं, स्वशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों में 26 नवम्बर को “संविधान दिवस” के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी होगा, इसमें अधिकाधिक संख्या में शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहभागी, सामूहिक वाचन की तस्वीर (सेल्फी अथवा अन्य फोटो) पोर्टल www.constitution75.com पर अपलोड कर सकते हैं। तस्वीर अपलोड करने के उपरांत वेबसाइट पर एक प्रमाण-पत्र तैयार हो जाएगा, इसे डाउनलोड कर सोशल मीडिया में साझा किया जा सकता है। ज्ञातव्य है कि भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था और संविधान को अपनाने के इस दिन को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव संसदीय कार्य के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

भोपाल डॉ. हरिसिंह गौर की 155वी. जन्म जयंती पर सागर जिला “गौर उत्सव” मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि आप पीढ़ियों तक अपना यश चाहते हैं तो शिक्षा का मंदिर तैयार करें और इसे एक संकल्प के रूप में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि एक बार किए गए संकल्प में फिर विकल्प का स्थान नहीं रहता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संकल्प की ताकत को समझे, विचार के प्रति समर्पण की ताकत को समझे। हम जो संकल्प जीवन में लें उसके प्रति विकल्प कभी स्वीकार न करें। डॉक्टर सर हरि सिंह गौर का जीवन भी की बड़े संकल्पों की प्रतिमूर्ति है। हम सभी को उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। डॉ. हरिसिंह गौर जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व हमारे जीवन में न केवल प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करते हैं बल्कि सामाजिक सरोकार और समाज के प्रति अपने दायित्व, अपनी जिम्मेदारी की ओर भी इंगित करते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. गौर साहब अधिवक्ता, लेखक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, दानी और ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो आगे आने वाली परिस्थितियों को देख सकते थे। आजादी के 75 साल बाद भी हम महसूस कर सकते हैं कि जो पाठ्यक्रम, सुविधाएं सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय में है, वह देश के अन्य बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में भी नहीं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा प्राप्त होने की बात को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में इस बात को समझ नहीं पाए कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने पर डॉ. हरिसिंह गौर की मूल मंशा प्रभावित होगी। डॉ. गौर की मंशा थी कि बुंदेलखंड के गरीब, अनपढ़ व्यक्ति को संसाधन प्राप्त हों। परंतु जब मध्यप्रदेश के सागर में राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के फैसले ने डॉ. गौर की मूल भावना को पुनः जीवित कर दिया। रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय सागर सहित संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने गुरु की सीख याद करते हुए कहा कि युग परिवर्तन का अकाट्य सिद्धांत है, मूल सुधार तथा भूल सुधार। जिसे उन्होंने अपने जीवन में अपनाया और कई कठिन परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं मौजूद थे।  

राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष योजनाओं की समीक्षा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि व्यक्तिगत और सामुदायिक योजना के परिणामों का मूल्यांकन मैदानी स्तर पर किया जाए। वंचित और छूट रहें व्यक्तियों और क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं की पहुँच को सफलता का पैमाना माना जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना को पहुँचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। मॉनिटरिंग का भी यही लक्ष्य होना चाहिए। राज्यपाल पटेल आज जनजातीय प्रकोष्ठ के द्वारा संयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन दो सत्रों में किया गया था। प्रथम सत्र में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आयुष विभाग की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार मौजूद थे। द्वितीय सत्र में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं पर चर्चा की गई। जेनेटिक कार्ड वितरण में युवाओं को दें प्राथमिकता- राज्यपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग के दौरान सिकल सेल प्रभावितों की अधिक संख्या वाले चिन्हित क्षेत्रों और 20 से 30 वर्ष की आयु समूह की स्क्रीनिंग के कार्य को व्यापकता प्रदान की जाए। जांच का कार्य तेज गति से किया जाए। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व और प्रसव के 72 घन्टों के भीतर जांच हो। इस संबंध में विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की जाना चाहिए। चिन्हित वाहक और रोगियों को प्राथमिकता के साथ जेनेटिक कार्ड उपलब्ध हो। रोगी और वाहक को तत्काल उचित औषधि उपलब्ध हो। वाहक और रोगी नियमित रूप से औषधि लें। इसकी मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। मॉनिटरिंग के लिए सामुदायिक जन जागृति के प्रयास आवश्यक हैं। जरूरी है कि घर-घर जाकर इस संबंध में सीधा संपर्क और संवाद कायम किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले का संवेदीकरण कर, उनके माध्यम से जन जागरण के प्रयासों के लिए निर्देश दिए है। सिकल सेल उन्मूलन में आयुष की विभिन्न पद्धतियों का तुलनात्मक परीक्षण हो राज्यपाल पटेल ने आयुष विभाग की चर्चा के दौरान कहा कि सिकल सेल रोग प्रबंधन और उपचार में होम्योपैथी, आयुर्वेद और योग की भूमिका के संबंध में विभाग द्वारा किए जा रहे अनुसंधान का तुलनात्मक परीक्षण भी कराया जाए। पॉयलट जिलों की सभी तहसील के वाहक और रोगी अध्ययन में सम्मलित हो। इसकी सुनिश्चितता की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को व्यापकता प्रदान करने में आयुर्वेद की संभावनाएं बहुत प्रबल हैं। इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।  प्रसव पूर्व जाँच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाए- उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज इंदौर के ट्रांसफ्यूज़न विभाग को केन्द्र सरकार द्वारा सेंटर ऑफ कॉम्पीटेंस घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल प्रभावितों को जेनेटिक कार्ड प्रदान करने के साथ ही प्रसव पूर्व जांच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाएगी। सिकल सेल के संबंध में महाविद्यालयों में चिकित्सक देगें जानकारी- आयुष मंत्री आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर सिकल सेल जन जागृति के प्रयासों को विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि समस्त महाविद्यालयों में सिकल सेल के संबंध में चिकित्सकों के द्वारा जानकारी दिए जाने के लिए पीरियड निर्धारित कर विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता प्रसार के प्रयास किए जाएंगे। विकास का मूलाधार सबका साथ और विकास- राज्यपाल बैठक के दूसरे सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित भारत का मूलाधार सबका साथ और सबका विकास है। इसी के लिए सरकार की योजनाओं का निर्माण किया गया है। योजना की मंशा की सफलता क्रियान्वयन की दृष्टि और दिशा पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी अमला सरकार के चालक है। अमला जितना सजग और सक्रिय होगा। सरकार भी उतनी ही गतिशील होगी। इसलिए आवश्यक है कि शीर्ष से लेकर जमीनी स्तर तक का अमला योजना की मंशा के प्रति संवेदनशील हो। मॉनीटरिंग की प्रणाली धरातल पर छूट गए व्यक्तियों, क्षेत्रों को चिह्नित करने पर फोकस हो। प्रयास, ऐसे क्षेत्रों, समुदाय और व्यक्तियों को लाभान्वित करने के लिए आवश्यक प्रावधान, संशोधन और नवाचार पर केन्द्रित होने चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) और विभागीय योजनाओं पर चर्चा में कहा कि विभाग द्वारा पी.वी.टी.जी जिलों में नए जिले शामिल किये जाने चाहिए। पेसा ग्राम सभाओं के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र राज्य के प्रावधानों का अध्ययन कर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। जनजातीय हितग्राहियों के लिए पीएचडी छात्रवृत्ति और विषय के कोटे को भी समाप्त किया जाना चाहिए। बैठकों में अध्यक्ष जनजातीय प्रकोष्ठ दीपक खाण्डेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द गुप्ता, प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रथम सत्र में प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, आयुष आयुक्त श्रीमती उमा महेश्वरी, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। द्वितीय सत्र में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय श्रीमन शुक्ला एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने प्रो. त्रिपाठी को राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा का कुलगुरू नियुक्त किया

भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने राजा शंकर शाह  विश्वविद्यालय,  छिन्दवाड़ा   के  कुलगुरू के पद पर प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को नियुक्त किया है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, जिला सतना (म.प्र.) के विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता प्रो. त्रिपाठी है। प्रो. त्रिपाठी का कार्यकाल, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 4 वर्ष की कालावधि  अथवा  70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए रहेगा।  

मंत्री पटेल ग्राम पंचायत उमरिया, तिंदनी एवं नयाखेड़ा में कार्यक्रमों में हुए शामिल

नरसिंहपुर पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत उमरिया, तिंदनी एवं नयाखेड़ा में विभिन्न लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के कार्यक्रमों में शामिल हुए। जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत उमरिया में आवास पखवाड़ा कार्यक्रम में मंत्री पटेल ने हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया। उन्होंने यहां 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र और 3 लाख 30 हजार रुपये लागत की सीसी रोड का भूमिपूजन किया। इसके अलावा मंत्री पटेल ने नाली निर्माण कार्य का उदघाटन भी किया। मंत्री पटेल ने कार्यक्रम में ग्रामीणों से कहा कि उप स्वास्थ्य केन्द्र का भूमिपूजन आज किया जा रहा है। शीघ्र ही यह निर्मित होकर संचालित होने लगेगा। इसके लिए आप सभी को बधाई। निर्माण बाद इस स्वास्थ्य केन्द्र के संचालन की जिम्मेदारी आपकी है। यहां बच्चों एवं महिलाओं की विभिन्न जांचे, टीकाकरण, नि:शुल्क दवाईयों की उपलब्धता होगी, जिससे आपको अन्यत्र इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। भवन की सार्थकता तभी होती है, जब उसका ठीक से सदुपयोग किया जाये। उन्होंने कहा कि सीसी रोड का भी भूमिपूजन हुआ है। इसके बन जाने से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। मंत्री पटेल ने कहा कि आवास पखवाड़ा एवं स्वच्छता संवाद के कार्यक्रम आज आयोजित हुए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है। हमारी यह जिम्मेदारी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए कचरा प्रबंधन भली-भांति हो। जल संरक्षण, वॉटर हार्वेस्टिंग, पौध-रोपण एवं कचरे के प्रबंधन को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्ति मिली है। गांव में केवल शौचालयों का बन जाना ही काफी नहीं होता है, हमें यह भी देखना जरूरी होता है कि इसका गंदा पानी कहां मिल रहा है। गंदे पानी के प्रबंधन के लिए समाज को एकजुट होना होगा। गांव सुंदर और स्वच्छ तभी बनते हैं, जब वहां जल एवं मल की निकासी की बेहतर व्यवस्था हो। मां नर्मदा के तट पर बसे गांवों से गंदा जल नदी में न मिले, इसके लिए हमें विचार करना होगा। गंदे पानी का भी उपयोग हो सकता है, यह बात हमें लोगों के सामने रखनी होगी। ग्रामीण इलाकों में घरों से निकले गंदे पानी को रिसाईकिल कर उसका उपयोग किया जा सकता है, जिससे गांव में जल जनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सकेगा। गांव के विकास की संकल्पना गांव का व्यक्ति ही कर सकता है। इसके लिए वर्ष भर में किये जाने वाले कार्यों का वार्षिक एक्शन प्लान गांव के लोगों द्वारा तैयार किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि मुझे यह कहने में खुशी है कि हमारे पूर्वज स्वच्छता के प्रति ज्यादा गंभीर थे। हमारे घरों के शौचालयों एवं रसोई घर का पानी कभी एक साथ- एक स्थान पर नहीं मिला है और ना ही रसोई घर के पानी को हमने सड़कों पर फेंका है। कुछ दशकों पूर्व गांवों में घूरे (कूड़ेदान) हुआ करते थे, जहां हम अपने घरों से निकलने वाले कचरे को संग्रहीत करते थे। इसका उपयोग बाद में खाद के रूप में किया जाता था। यहां ग्रामीणों ने गौ-अभयारण्य बनाने की बात मंत्री पटेल से की, जिस पर उन्होंने कहा कि गौ अभ्यारण के लिए जगह चिन्हित की जाये। गौ-अभयारण्य बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि वहां गौ-वंशों को रखना, उनकी सुरक्षा एवं उनके चारे- पानी की व्यवस्था भी करनी होती है। उन्होंने बताया कि दमोह जिले में जरारु गौ-अभयारण्य का संचालन बेहतर तरीके से किया जा रहा है, जो सबके लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। ग्राम पंचायत नयाखेड़ा में मंत्री पटेल ने 21 लाख रुपये की लागत से बनाये गये नयाखेड़ा से टपरिया टोला पहुंच मार्ग का भी लोकार्पण किया। इसके अलावा तिंदनी में शेढ़ नदी पर निर्मित नरसिंहपुर- सिमरिया-तिंदनी मार्ग उच्च स्तरीय पुल का भी लोकार्पण किया। इसकी लम्बाई 150 मीटर है। साथ ही नयाखेड़ा- इमलिया- गरगटा- गरारू मार्ग पर उच्चस्तरीय पुल का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि पुल बन जाने से लोगों को अब काफी राहत मिलेगी। नरसिंहपुर जिला मुख्यालय का फासला कम हुआ है। अब बगैर किसी परेशानी के लोग आसानी से आवागमन कर सकते हैं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।  

राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के स्टॉल्स का अवलोकन और कारीगरों से किया संवाद

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्रामीण विकास उत्सव, देश भर के कारीगरों और प्रसिद्ध उत्पादों के प्रोत्साहन का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। राज्यपाल पटेल नाबार्ड द्वारा भोपाल हॉट बाजार में आयोजित ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 19 से 27 नवम्बर तक आयोजित हो रहे ग्रामीण विकास उत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल ने विगत 6 वर्षों से देशभर के कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए उत्सव का आयोजन करने पर नाबार्ड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ऐसे आयोजनों का व्यापक और सघन स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। राज्यपाल पटेल ने स्थानीय मीडिया से भी अपील की कि देश के कारीगरों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भरपूर सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाबार्ड, सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम, आजीविका एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम और गैर कृषि उत्पादक संगठन बनवाने जैसे विकास के महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। कृषि, कुटीर, ग्रामीण एवं लघु उद्योगों हस्तशिल्प के विकास परक कार्यों के द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और समृद्धि में प्रभावी योगदान दे रहा है। नाबार्ड द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं, हस्तशिल्पियों और कृषक उत्पादक संघों के सदस्यों के लिए कौशल विकास की कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है। जब आत्मा मजबूत होगी तभी पूरा शरीर यानि हमारा देश मजबूत, सक्षम और आत्म-निर्भर होगा। उन्होंने नाबार्ड के ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन के द्वारा सम्मानजनक आजीविका पाने के प्रयास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में सार्थक कदम बताया। राज्यपाल पटेल ने योजनाओं में प्रशिक्षित ग्रामीण किसानों, महिलाओं के समूहों और कृषक उत्पादक संघो के उत्पादों की बिक्री के लिए रूरल मार्ट, रूरल हाट और रूरल मार्ट ऑन व्हील्स जैसी पहल के लिए नाबार्ड की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के दौर में ग्रामीण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्व-सहायता समूहों की भूमिका को विस्तारित किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर देश के प्रसिद्ध उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के कारीगरों से संवाद करते हुए उनके उत्पादों के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने कारीगरों का उत्साह वर्धन कर शुभकामनाएं और बधाई भी दी। राज्यपाल पटेल का नाबार्ड के महाप्रबंधक कमर जावेद ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। स्वागत उद्बोधन नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने दिया। कार्यक्रम को आर.बी.आई. की क्षेत्रीय निदेशक सुरेखा चंदना बेदी, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सीएस शर्मा और एसएलबीसी के संयोजक नरसीम सिंह जीरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आर.सी. बेहरा और मध्यान्चल ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष प्रवीण अवस्थी उपस्थित थे।      

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती है। संवेदनशील अधिकारी, समाज और राष्ट्र के सच्चें सेवक होते है। वे अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को बहुत कुछ दे सकते है। इसीलिए अपने कार्य व्यवहार में अधिकारियों को संवेदनशीलता के भाव को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्रीमती सोनाली मिश्रा मौजूद थी। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि इस पद तक पहुँचाने में आपके माता-पिता और गुरुजनों की विशेष भूमिका है। समाज के हर व्यक्ति का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान है। उन सबके प्रति कृतज्ञता के भाव को जीवन में हमेशा याद रखे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सभी युवा अधिकारी, विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। विकसित भारत के लिए ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की पहल करे, जिसमें जनता कानून लागू करने वालों से नहीं डरे, बल्कि कानून का सम्मान करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आम आदमी आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून व्यवस्था के संरक्षक और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी मानते है। उनके विश्वास पर खरा उतरना ही आपके कार्य की सफलता की कसौटी होगी। अपनी शक्तियों का उपयोग, समाज के अंतिम पंक्ति और कमजोर व्यक्ति को सशक्त बनाने में करे। साइबर क्राइम के बदलते स्वरूपों के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील और पेशेवर पहचान बनाने में आपकी मेधा और ज्ञान महत्वपूर्ण है। बिना भय, विलम्ब और पक्षपात के कार्य कर स्वयं के उदाहरण से पुलिस बल को प्रेरित करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौती, साइबर क्राईम और इसके बदलते स्वरूपों के प्रति जागरूकता और नवाचार बहुत जरुरी है। आमजनों और विशेष कर वंचित वर्गों को नवीनतम साईबर खतरों जैसे- डिजिटल अरेस्ट आदि विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाचारों के साथ प्रयास करे। राज्यपाल पटेल का स्वागत, प्रशिक्षु अधिकारी सुउर्वशी ने किया। राज्यपाल पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक, श्रीमती मिश्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2022 और 2023 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के कुल 11 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल है। आभार प्रदर्शन अकादमी के उपनिदेशक मलय जैन ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अन्य अधिकारी और संबंधित उपस्थित थे।  

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया भोपाल प्रदेश स्थापना दिवस सहित 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस 1 नवंबर पर आज राजभवन में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु राज्यों और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और पुडुचेरी केंद्र शासित क्षेत्रों का स्थापना दिवस, समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक वैभव को दिखाने वाली लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर राजभवन मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस समारोह “अखंडता का उत्सव” का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में राज भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के रहवासी छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा,दिल्ली कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मूल निवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उनके राज्यों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव का विवरण दिया। राज्यपाल के प्रति राज्यों के स्थापना दिवस आयोजन के लिए आभार ज्ञापित किया। पारस्परिक रूप से राज्यों के स्थापना दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने विभिन्न राज्यों के मूल निवासियों का स्वागत करते हुए सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्नताओं में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता है। प्रत्येक देशवासी की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए हम सब देशवासी एकमत और एकजुट होकर कार्य करें। यही आयोजन की मंशा है। उन्होंने राज्यपाल की ओर से अन्य राज्यों के कार्यक्रम में सम्मिलित मूल निवासियों को मध्यप्रदेश की जनजातीय कला के चित्र स्मृति प्रतीक के रूप में भेंट किये। कार्यक्रम के अंत में  सहभोज का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया। आभार प्रदर्शन लाइब्रेरियन अमित दीक्षित ने किया।  

राज्यपाल पटेल को रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में किया आमंत्रित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल इस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज जो मध्यप्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है, इस वर्ष अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती समारोह मना रहा है। 1964 में स्थापित, रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज ने विंध्य क्षेत्र के तकनीकी शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कॉलेज के पूर्व छात्र आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें रक्षा क्षेत्र (सेना, वायुसेना, नौसेना और डीआरडीओ), तेल और गैस क्षेत्र (ओएनजीसी, आईओसी आदि), परमाणु ऊर्जा (बार्क, एनपीसीआईएल), विद्युत क्षेत्र (एनटीपीसी, एनएचपीसी), निर्माण क्षेत्र (भेल, सेल), और शासकीय सेवाओं (आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईईएस) सहित निजी क्षेत्रों के प्रतिष्ठान शामिल हैं। हीरक जयंती समारोह का मुख्य कार्यक्रम 8 से 10 नवंबर 2024 तक आयोजित होगा। यह समारोह कॉलेज के 60 वर्षों की समृद्ध यात्रा और उपलब्धियों का उत्सव होगा, जिसमें अनेक पूर्व छात्र और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।  

राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत

आयुर्वेद को आगे बढ़ाना, भारतीय संस्कृति का प्रचार : राज्यपाल पटेल  हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। । प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया

श्रमिकों के सम्पूर्ण कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध- श्रम मंत्री पटेल प्रदेश में श्रम विभाग ने प्राप्त की विशेष उपलब्धियाँ – श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रम विभाग की उलब्धियों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल द्वारा प्रदेश में उज्जैन, पीथमपुर, भोपाल, जबलपुर एवं सतना में 05 आदर्श श्रम केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया गया है। श्रमोदय आदर्श आई टी आई-मुगालिया छाप में संचालित ट्रेड सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट, टैकनीशियन मैकाट्रोनिक्स, एडवांस सीएनसी मशीनिंग टेक्नीशियन केवल प्रदेश में श्रमोदय आईटीआई में ही संचालित है, यह विशेष उपलब्धि है। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रम मण्डल की “अंतिम संस्कार सहायता योजना” का लाभ केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही मण्डल की “अनुग्रह सहायता योजना” (अध्यक्ष का विवेकाधीन कोटा) का लाभ पहले केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है, इस वर्ष 50 श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय किये जायेगें। मंत्री पटेल ने बताया कि मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नियोजक का अभिदाय 30 रु. के स्थान पर 50 रु. प्रति छः माह एवं नियोजक का न्यनतम् अभिदाय 1500 के स्थान पर 2500 रु. प्रति छः माह वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। मण्डल दुद्वारा वर्तमान में संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इन्दौर की प्रतियोगिता 08 अक्टूबर को संपन्न हो चुकी है एवं 18 अक्टूबर को उज्जैन में प्रतियोगिता संपन्न हो रही है। शेष संभागों में भी निर्धारित तिथि पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेंगी। मंत्री पटेल ने कहा कि मण्डल की योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से करना होते है। अब लोक सेवा केन्द्र के साथ मण्डल द्वारा संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों पर भी श्रमिक अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकेगें। मण्डल को 95% अभिदाय ऑनलाईन प्राप्त हो रहा है। मण्डल में भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन अभिदाय का भुगतान प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियोजकों को अभियोजन की कार्यवाही से निजात दिलाने हेतु प्रशमन का प्रावधान किया गया है, जिससे नियोजकों को अभियोजन प्रक्रिया से राहत मिली है। हितग्राहियों को हितलाभ का भुगतान उनके आधार बेस, बैंक अकाउंट में ही किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की उपलब्धियों के बारे में मंत्री पटेल ने जानकारी देते हुए बताया किमध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों की संतानों हेतु स्कूल छात्रवृत्ति योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत कक्षा 01 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को 2300 रूपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति का लाभ प्रदाय किया जायेगा।उन्होंने कहाई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर क्रय करने पर 40,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “दिव्यांग सहायता अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा दिव्यांगजन हेतु उपकरण क्रय करने पर 35,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। मंत्री पटेल ने बताया कि श्रमिक ग्रामीण आवास हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिन्हें “प्रधानमंत्री आवास योजना” (ग्रामीण) अंतर्गत आवास आवंटित होगा, उन्हें मंडल की ओर से 50,000 रूपये की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “औजार/उपकरण खरीदी हेतु अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा औजार/उपकरण की खरीदी करने पर मंडल की ओर से 10,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जायेगा। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के समस्त 16 नगर निगमों में पी.आई.यू. के माध्यम से 100 बिस्तर के श्रमिक विश्राम गृह का निर्माण किया जा रहा है। प्रति श्रमिक विश्राम गृह की लागत 6.10 करोड़ रूपये होगी। इनमें निःशुल्क ठहरने एवं रियायती दरों पर भोजन की व्यवस्था होगी। इनका संचालन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति द्वारा किया जायेगा। प्रदेश में 05 नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय सागर, रीवा, उज्जैन, शहडोल एवं बालाघाट में शुरू किये जावेगें। इन 05 नवीन श्रमोदय विद्यालयों की कुल निर्माण लागत 310 करोड़ रूपये एवं प्रति वर्ष कुल संचालन व्यय 50 करोड़ रूपये होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में अनुग्रह सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित किये गये हितग्राहियों का सोशल ऑडिट करवाया जा रहा है। मंडल की सभी योजनाओं में आधार आधारित भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें हितग्राही को उसके आधार से लिंक बैंक खातें में राशि डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त होती है।  

राज्यपाल पटेल केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्पर्धा के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रतियोगिता में भाग लेने से नया जोश और मनोबल तो मिलता ही है, साथ ही अपने और दूसरों के प्रदर्शन के अनुभव से कौशल का नया स्तर प्राप्त होता है। प्रतियोगिता में ज्ञान और कौशल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हार-जीत से कही अधिक महत्वपूर्ण हमारी संस्कृति, सुसंस्कृत जीवनशैली की गरिमा और गौरव का सम्मान है। राज्यपाल पटेल आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्पर्धा, युवा महोत्सव 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विशिष्ट ग्रंथों, “सर्वसमावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानन्द सरस्वती” और “भारतीय ज्ञान परम्परा शिक्षक शिक्षा” का लोकार्पण किया। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, युव संसद जयपुर के संस्थापक आशुतोष जोशी मंचासीन थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आधुनिक मानव जीवन से जुड़े क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी जीवन आदि कई विषयों में संस्कृत ज्ञान निधि की प्रासंगिकता आज बढ़ रही है।दुनिया में संस्कृत भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रमुख ज़रिया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिसमें संस्कृत के ज्ञान को आधुनिक और शोध परक दृष्टि से देखा जाए और ज्ञान के नए स्वरूप को प्रकाशित किए जाए। समय की आवश्यकता है कि हमारे पास ऐसे युवा हो, जिनमें संस्कृत के साथ कम्प्यूटर कोडिंग की तकनीक और अनुसंधान का सामर्थ्य हो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण प्रयासों के लिए जड़ों से जुड़ें वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम युवाओं का निर्माण समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा की भारतीय ज्ञान परम्परा को भविष्य की दृष्टि से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय से भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी लेना होगी। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र, सर्वांगीण विकास में ऐसे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल स्पर्धाओं के आयोजन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होते है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से प्रारम्भ होकर 55वीं वर्ष गांठ के अवसर तक विश्व में संस्कृत का पर्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मल्टी डिसिप्लिनरी, बहुपरिसरीय विश्वविद्यालय है, जिसमें 12 परिसर, 28 महाविद्यालय और 105 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय विधिशात्र, नाट्य शास्त्र के पाठ्यक्रम के साथ ही बी.ए. ऑनर्स, संस्कृत, सिविल सर्विसेज, शुरू किया गया है, जिसमें संस्कृत एवं सिविल सर्विसेज के पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के 5 में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर की एक वर्षीय उपाधि भी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को नेक द्वारा A++ की ग्रेडिंग प्राप्त है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विगत 2 वर्षों से सफलता पूर्वक क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश के 12 प्रांतों में प्रस्तारित है। आयोजित, प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय स्पर्धा के विजेता शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए विषय विशेषज्ञ विद्वान शामिल है। धन्यवाद ज्ञापन भोपाल परिसर के सहायक निदेशक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन कर पूजन किया। परिसर के छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं नाट्य अनुसंधान विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, शंख और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।  

मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं

श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों के हित साझा हैं : श्रम मंत्री पटेल  तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं : श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं संबल बोर्ड, श्रम कल्याण और भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक सम्पन्न भोपाल श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में श्रम विभाग के तीनों मंडलों के संचालक मंडल की बैठक ली। बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों के हित साझा हैं। उन्होंने कहा कि तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने ऐसी नीतियाँ बनाई हैं जिससे गरीब मजदूरों को आर्थिक मदद एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिजन विकास की मुख्य धारा से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में सहभागी बनते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि तीनों मण्डल इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई श्रमिक परिवार सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। श्रम कल्याण मंडल की बैठक में संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये संचालित अंतिम संस्कार सहायता एवं अनुग्रह सहायता योजना का लाभ पात्र श्रमिक के परिवारजनों को भी दिये जाने का निर्णय लिया गया। परिवार के सदस्यों में पति-पत्नी और बच्चों के अलावा माता-पिता को भी शामिल करने का मण्डल के सभी सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत आने वाले दिव्यांग श्रमिकों को ई-ट्राईसाइकिल दिये जाने जाने का निर्णय लिया गया। देय श्रमिकों के अभिदाय दरों में वृद्धि पर मण्डल सदस्यों ने सहमति दी। संबल बोर्ड की बैठक में मंत्री पटेल द्वारा अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत हितलाभ वितरण को परिवार का संबल बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार की मंशा है कि श्रमिक परिवार को सरकार की सभी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिले। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में उद्योगपति और श्रमिक दोनों के बीच बेहतर समन्वय है। जो प्रदेश के आर्थिक विकास की नींव है। बैठक में संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों एवं निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिये कई नई योजनाओं के संचालन का निर्णय लिया। बैठक में 5 नये स्थानों सागर, रीवा, शहडोल, उज्जैन और बालाघाट में श्रमोदय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। माइग्रेंट श्रमिकों के निवास के लिये 16 नगर निगम में सर्वसुविधायुक्त श्रमिक विश्राम गृह खोलने के निर्णय पर भी सहमति हुई। निर्माण श्रमिकों का अब निशुल्क पंजीयन होगा। साथ ही श्रमिक पोर्टल के माध्यम से पंजीयन का नवीनीकरण ऑनलाइन करा सकेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव श्रम उमाकांत उमराव, श्रम आयुक्त धनराजू एस एवं तीनों मंडलों के सचिव रत्नाकर झा सहित बोर्ड मेंबर उपस्थित थे।  

राज्यपाल से राजभवन में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकसेवा पात्र, जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा करने का सुअवसर है। उन्होंने डिप्टी कलेक्टरों से कहा कि “लोकसेवा” शब्द का अर्थ गहराई से समझें। जनता की सेवा के भाव को अपने मन में सदैव सबसे ऊपर रखें।  सेवाकाल में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने में ही जीवन की सार्थकता है। राज्यपाल पटेल नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय एकेडमी भोपाल में प्रशिक्षणाधीन राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के ग़रीब कल्याण कार्यक्रमों को सफल बनाना लोक सेवकों की ज़िम्मेदारी है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनका मूल कर्तव्य है। अपने सेवाकाल में हमेशा बड़े-बुजुर्गों, दिव्यांगों और वंचितों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राज्य की सेवा करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का अंग बनने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण से जुड़ी बातें, नियमों और अधिनियमों को बारीकी से सीखें। प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक, चुनौतियों के अनुरूप समाधान का दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने प्रशासनिक अकादमी भोपाल द्वारा अधिकारियों को स्वच्छ और संवेदनशील लोक-सेवक बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई भी दी। जनजाति समुदाय के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनजाति वर्ग का विकास बहुत जरूरी है। प्रशिक्षु अधिकारी जनजाति समुदाय के प्रति हमेशा सरल, संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उनके साथ आत्मीय, सीधा और जीवंत सम्पर्क बनाए। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में अपना  योगदान दें। महानिदेशक नरोन्हा एकेडमी, भोपाल जे.एन. कंसोटिया ने स्वागत उद्बोधन में राज्यपाल पटेल को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल पटेल का संचालक प्रशासनिक अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रशिक्षु अधिकारी सुप्रियंका भलावी और आशुतोष महादेवसिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। विधि भारद्वाज ने आभार माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।  

नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व -राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भगवान राम दानवों का वध कर विजयादशमी पर आए थे। उसी तरह नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि गुजराती समाज खूब प्रगति करे क्योंकि समाज की उन्नति से प्रदेश की और प्रदेश की उन्नति से देश की प्रगति होती है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को गुजराती समाज भोपाल के द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत छोटे बच्चों को पौधे वितरित किए। सरदार पटेल भवन के भूतल हॉल का उद्घाटन किया। माँ अम्बे के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले गरबे का अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजराती समाज के सदस्य और नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने इंदौर के गरबा उत्सव में शामिल होने और वहां पर 1100 गरबा आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल में भी माँ अम्बे की झाकियां, गरबे देखे है। पटेल ने कहा कि पिछले 3 साल से वह गुजराती समाज के गरबा महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजराती समुदाय को नवरात्रि के प्रथम दिवस पर राजभवन में गरबे के लिए आमंत्रित करते है। समुदाय के अष्टमी के आयोजन में आकर शामिल होते है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के बच्चों और युवाओं को माँ अम्बे की आराधना और जीवन के नैतिक मूल्यों के संस्कारों से संस्कारित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय पहल है। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल ने माँ अम्बे की आरती की गुजराती समाज भोपाल के अध्यक्ष संजय पटेल सहित समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत अभिनंदन किया।                   

राज्यपाल ने गांधी जयंती पर स्वच्छता सेवियों का किया सम्मान

राज्यपाल मंगुभाई पटेल भजन संध्या संत वाणी कार्यक्रम में हुए शामिल बंदिश, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे भजनों की राजभवन में हुई प्रस्तुति राज्यपाल ने गांधी जयंती पर स्वच्छता सेवियों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल गांधी जयंती पर आयोजित भजन संध्या संत वाणी में शामिल हुए। राजभवन के उत्कृष्ट सफाई मित्रों और भोपाल के स्वच्छता सेवियों को सम्मानित किया। राजभवन के सांदीपनि सभागार आयोजित भजन संध्या में गायन की बंदिश, भाषा के बंधन और भौगोलिक सीमाओं से परे भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर संस्कृति राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेद्र सिंह लोधी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द गुप्ता, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या मे भक्त श्रोतागण उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन की हेड जमादार श्रीमती रूमा बाई, सफाई कर्मचारी मूलचंद बसोड़ और एजेन्सी सफाई कर्मचारी महेश बिछौले को पदक, प्रमाण पत्र और स्वच्छता किट प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर भोपाल नगर के स्वच्छता सहयोगी अशासकीय संस्थाओं के संस्थापकों को भी सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में स्वच्छता किटी ग्रुप भोपाल की को-फाउंडर सुरूचिका सचदेव और सकारात्मक सोच स्वच्छ भारत संगठन की को-फाउंडर सुअनिता शर्मा शामिल हैं। संत वाणी कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मुख्य गायक कलाकार राजीव सिंह ने अमन मलक एवं रोहित कुमार वानखेड़े के साथ अपनी उत्सव प्रधान गायकी की विशिष्ट शैली में भजनों का गायन किया। संत साहित्य से आई हुई संगीत की पारंपरिक विधा के निर्गुण भजन, सूफी कलाम और कृष्ण भक्ति के भजनों और गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने सबसे पहले राजस्थानी शैली में इंग्लिश नरेशन के साथ “वंदे मातरम्” गीत की अनूठी प्रस्तुति दी। उत्सवी उल्लास के साथ कृष्ण भजन “सांसों की माला तोहरे नाम” से श्रोताओं को भक्ति के उल्लास में तरंगित कर दिया। संत कबीर के भजन “कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर, ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर” को जोशीले अंदाज में प्रस्तुत किया। पद्मविभूषण सम्मानित भूपेन हजारिका के गीत “गंगा बहती क्यों हो” के द्वारा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सभागार में दक्षिण भारत के कृष्ण भक्त नवाब सादिक की रचना “कन्हैया याद है, कुछ भी हमारी” की सुरीली स्वर लहरी से भक्ति की बयार बहा दी। प्रसिद्ध शायर नज़ीर अकबराबादी की नज्म आदमीनामा के चुनिंदा शेरों को अपनी विशिष्ट गायन शैली में प्रस्तुत किया। अमृतसर के कृष्ण भक्त अथोनी के पंजाबी भजन “कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नही नाचदा, धरती चन सितारे नाच्दे, सारे भगत प्यारे नाच्दे” के द्वारा भजन संध्या के श्रोताओं को कृष्ण भक्ति में मगन कर दिया। संत वाणी की अंतिम प्रस्तुति में राजीव सिंह ने अमीर खुसरो के कलाम “काहे को ब्याहे बिदेस, अरे, लखिय बाबुल मोरे” की सुमधुर प्रस्तुति से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। भजन संध्या संत वाणी के प्रथम सत्र में रूपाली चटर्जी, तलत हसन, शिखा यादव, शिखा बामने, मौसमी साहा, गीतिका लाहोट और अंजना भाटिया महिला समूह द्वारा भजनों का गायन किया गया। भजन संध्या का आरंभ महिला समूह की प्रस्तुति “वैष्णव जन तेने कहिए” भजन से हुआ। इसके बाद फिल्म जागृति के गीत “दे दी हमें आज़ादी हमें बिना खड़ग बिना ढाल साबर मति के संत तूने कर दिया कमाल” का सामूहिक गायन किया। समूह की तीसरी और अंतिम प्रस्तुति संत कबीर के प्रसिद्ध भजन “चदरिया झीनी-झीनी” सहित गीतों की प्रस्तुतियों ने संत वाणी कार्यक्रम को भक्ति भावों में भिगो दिया। भजन संध्या में गायक कलाकारों का वाद्ययंत्रों से संगत करने वालों में हनीफ हुसैन सारंगी, आरिफ खाँ बैंजो, आमिर खाँ तबले, प्रशांत श्रीवास्तव ढोलक, इकबाल खाँ ऑक्टोपैड और सुआरती ढोलक पर शामिल थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति विभाग एन.पी. नामदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।  

सामूहिक स्वच्छता कार्यक्रम राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में हुआ आयोजित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित सामूहिक स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में झाड़ू लगाकर कचरा साफ किया। परिसर के रहवासियों को स्वच्छता को अपने व्यवहार में आत्मसात करने के लिये प्रेरित किया। सफाई कर्मचारियों के साथ चर्चा की। राज्यपाल पटेल , गांधी जयंती के अवसर पर आज प्रात: राजभवन कर्मचारी आवास परिसर में आयोजित सफाई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मिलकर राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

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